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मध्यप्रदेश की खबरे

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    स्वतंत्रता दिवस पर मेडल से होंगे सम्मानित       सिंहस्थ में पुलिस जवानों ने नींव के पत्थर की भूमिका निभाई। उनकी कर्त्तव्य परायणता से ही सिंहस्थ निर्विघ्न सम्पन्न हुआ। यह बात बुधवार को सपत्नीक उज्जैन पहुँचे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने डीआरपी लाइन पुलिस ग्राउण्ड में पुलिस सहभोज में कही। उन्होंने सिंहस्थ में आत्मीयता और अनुपम व्यवहार के साथ सेवा देने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जवानों के हौसले बुलन्द थे। कइयों ने तो श्रवण कुमार की भूमिका भी निभाई। पुलिस के व्यवहार की चहुँओर सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस फोर्स पर गर्व है। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री पारस जैन, सिंहस्थ केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष श्री माखनसिंह और पुलिस महानिदेशक श्री सुरेंद्रसिंह भी उपस्थित थे।   मुख्यमंत्री ने कहा कि सफल सिंहस्थ में सराहनीय सेवा देने वाले पुलिस के जवानों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मेडल और प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जायेगा। उनके खाते में पाँच हजार की धनराशि पहुँचेगी। इसे मेहनताना न मानें, यह सम्मान-निधि है।   इसके बाद मुख्यमंत्री श्री चौहान 32वी बटालियन के परिसर में पहुँचे। वहाँ वे सीआरपीएफ, बीएसएफ, पैरामिलेट्री फोर्स और होमगार्ड के सहभोज कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष  प्रदीप पाण्डेय, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, संभागायुक्त डॉ.रवीन्द्र पसतोर, एडीजी  व्ही.मधुकुमार, डीआईजी  राकेश गुप्ता, कलेक्टर  कवीन्द्र कियावत, एसपी  एम.एस.वर्मा उपस्थित थे।   

  

छतीसगढ़ की खबरे

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  कवर्धा में  लोक सुराज अभियान के तहत मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह का हेलिकॉप्टर पंडरिया विकासखंड के वनांचल ग्राम देवसरा में उतरा। यहां उन्होंने पीपल पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी और शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को बताया। मुख्यमंत्री जब चौपाल में आकर बैठे तभी गांव के 85 वर्षीय फत्तेसिंह मंच पर चढ़ने लगे।हालांकि जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं रुके। मुख्यमंत्री ने भी जवानों से कहा उन्हें आने दो। मंच पर पहुंचते ही फत्ते सिंह ने सीएम से पूछ लिया कि मुझे पहचानते हो, मैं आपके साथ खूब घूमा हूं।  फत्ते सिंह यहीं नहीं रुके और बोले आपके साथ प्रदर्शन में भोपाल तक गया हूं और साथ सोया भी हूं। फत्तेसिंह की ये बात सुनकर सीएम सहित सांसद, मुख्य सचिव और अन्य भी ठहाके लगाकर हंसने लगे। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको कैसे नहीं पहचानूंगा। चौपाल में राहत राशि नहीं मिलने की समस्या लेकर पहुंचे फत्तेसिंह की समस्या को जल्द से जल्द हल करने का निर्देश सीएम ने कलेक्टर को दिया। देवसरा में आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव विवेक ढांड और सीएम के संयुक्त सचिव रजत कुमार भी पहुंचे। साथ ही सांसद अभिषेक सिंह, संसदीय सचिव मोतीराम चंद्रवंशी, भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा और जिलाध्यक्ष रामकुमार भट्ट मुख्य रूप से मौजूद थे। चौपाल में मौजूद सीएस विवेक ढांड ने कहा कि पूरे प्रदेश के गांव में रहने वाले ग्रामीणों को अब नई पहचान मिलेगी। शहरी लोगों के पास तो कई प्रकार के पहचान पत्र होते हैं, लेकिन ग्रामीणों क्षेत्रों के रहवासियों के पास नहीं। ऐसे में ग्रामीणों को उनकी पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री आबादी पट्टा स्कीम की शुरूआत की जा रही है। प्रदेश में लगभग 46 लाख परिवार गांव में निवासरत है और शहर में 11 लाख परिवार। इन ग्रामीण परिवार को उनकी पहचान दिलाने के लिए इस योजना की शुरुआत की जा रही है। वर्ष 2016 में सभी ग्रामीणों को मुख्यमंत्री आबादी पट्टा दिया जाएगा। सीएस ने मंच से ही कलेक्टर को अगले 3 महीने में सभी को पट्टा दिलाने निर्देशित किया। इसके पहले सीएस ने विभिन्न विभागीय अधिकारियों को मंच पर बुलाकर शासकीय योजनाओं के संचालन की समीक्षा की। चौपाल में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से पूछा कि देवसरा के सरपंच का कामकाज कैसा है। इतने में सभी ने एक साथ कहा एक नंबर। यह सुनते ही मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्सकोले जी तो एक नंबर हे। उन्होंने कहा कि सुराज अभियान के तहत चौपाल लगाने का मुख्य कारण ये है कि गांव-गांव तक शासन की योजनाएं पहुंच रही है या नहीं। ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन सहित संचालित अन्य योजनाएं उन तक पहुंच रही है या नहीं इसका आंकलन ही लोक सुराज है। सीएम ने कहा कि जल्द ही उज्वला योजना के तहत सरकार 21 लाख परिवार को 200 रुपए के रजिस्ट्रेशन में गैस कनेक्शन देगी। इसमें 350 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होगी। आना मेरे गांव तुम्हें मैं दूंगी फूल कनेर के... जैसे गीत सुनते ही चौपाल में तालियां बजने लगी। स्कूल में संचालित प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाई सहित अन्य विषयों के बारे में जानकारी लेने के लिए सीएम ने स्कूली बच्चों को मंच पर बुलाया। बच्चों ने सीएम को कविता और पाहड़ा भी सुनाया। सीएम ने चौपाल में मौजूद शिक्षकों से कहा कि वे समय पर स्कूल पहुंचे और बच्चों को बेहतर शिक्षा दें। वहीं गांव में 12वीं तक की पढ़ाई के लिए स्कूल खोलने की मांग पर सीएम ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा।     Attachments area          

  

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