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बच्चों को सोशल स्टेटस ना बनाएं माता-पिता.   कावेरी से तमिलनाडु को मिलने वाले पानी में कटौती.   राज्यपाल आनंदीबेन पटेल दिल्ली में सांसदों से मिलीं.   अब पार्टी के साथ राहुल मेरे भी बॉस : सोनिया गांधी.   एडवांटेज असम सिर्फ स्टेमेंट नहीं बल्कि एक विजन:मोदी .   शिव मंत्रि-परिषद् में तीन नये मंत्री .   फसल नुकसान का आकलन पूरी पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश.   तीन करोड़ से ज्यादा मोबाइल का आधार नहीं .   40 प्रतिशत तक बढ़ेगा यात्री बसों का किराया.   बेटियाँ आगे बढ़ेंगी तभी प्रदेश आगे बढ़ेगा.   55 लाख जरूरतमंदों को 513 करोड़ रुपये की मदद.   बाधाओं की चिंता छोड दें, सरकार उठायेगी शिक्षा का खर्च - मुख्यमंत्री.   राजनांदगंव में कांग्रेस नहीं उतरेगी बड़ा चेहरा .   नक्सलियों को कुचलने की तैयारी.   सड़क निर्माण के विरोध में नक्सलियों ने 10 वाहनों को फूंका.   अब बस्तर में विकास बनेगा हथियार.   बच्ची को नोंचकर मार डाला कुत्तों ने .   तुमला में हाथी का उत्पात .  

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देश की खबरें

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ने बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा पर चर्चा की। परीक्षा पर चर्चा की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज यहां पीएम नहीं हूं बल्कि आप मुझे अपना दोस्त समझें। आज मुझे 10 करोड़ छात्रों और उनके अभिभावकों से चर्चा का मौका मिला है। यह मेरी परीक्षा है। यह कोई पीएम का कार्यक्रम नहीं बल्कि बच्चों का कार्यक्रम है। पीएम इस दौरान बच्चों को बोर्ड परीक्षा में होने वाले तनाव से बचने के टिप्स भी देंगे। इस चर्चा का विषय है मेकिंग एग्जाम फनः चैट विद पीएम मोदी। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है जिसमें देश के कई स्कूलों से छात्र और शिक्षक शामिल हुए हैं। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए होने वाली इस चर्चा में देश भर के लाखों छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। चर्चा की शुरुआत सवाल-जवाब के साथ हुई आप भी देखें छात्रों के सवाल और पीएम के जवाब छात्रों ने सवाल पूछा कि पूरी तैयरी और अच्छी मेहनत के बाद भी पेपर हाथ में आने पर ऐसा लगता है सब भूल गए, साथ ही परीक्षा होने के बाद भी नतीजे आने तक तनाव रहता है इससे कैसे बचें इसका जवाब देते हुए पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद की बात दोहराते हुए कहा कि अगर आत्मविश्वास नहीं है तो सफल नहीं होंगे। आप 33 करोड़ देवी-देवताओं की पूजा करों लेकिन आत्मविश्वास नहीं है तो भगवान भी कुछ नहीं करेंगे। आत्मविश्वास किसी के कहने या भाषण देने से नहीं आता। हमें अपने आप को कसौटी पर परखते रहना चाहिए। यह हर कदम पर कोशिश करने से बढ़ता है। इसलिए निरंतर कोशिश होनी चाहिए कि मैं जहां हूं वहां से आगे जाने के लिए जो करना होगा मैं करूंगा। पीएन ने विंटर ओलंपिक में मेडल जीतने वाले एक खिलाड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि वो 11 महीने पहले घायल हो गया था लेकिन इतने कम समय में उसने मेडल जीता। उसने मेडल के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि थैंक्यू जिंदगी। मतलब यह है कि आत्मविश्वास हमारे प्रयासों से आता है। स्कूल जाते वक्त इस बात को निकाल दो कि कोई आपकी परीक्षा लेगा और अंक देगा। यह तय करके परीक्षा दो कि मैं अपना भविष्य तय करूगा कोई और नहीं। नोएडा की छात्रा ने सवाल पूछा कि पढ़ाई करते वक्त ध्यान भटकता है वही बीएचयू के छात्र ने पूछा कि अपने लक्ष्य से भटकने लगें तो क्या करें इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि ध्यान लगाना कोई विधा है लेकिन यह सच नहीं। आप दिन में कोई ना कोई ऐसा काम करता है तब उसका ध्यान पूरी तरह उस काम में लगा होता है। कॉन्स्ट्रेशन के लिए कोई अलग से गतिविधियों की जरूरत नहीं है, इसकी बजाय आप पता करें कि किन कामों में आपका ध्यान ज्यादा लगता है और क्यों। अगर आपने वो पता लगा लिया तो इसकी मदद से आप दूसरे कामों में भी अपना ध्यान लगा सकेंगे। जीवन में कई बातें होती हैं कि हमें हमेशा याद रहती है। इसका मतलब जिन चीजों में सिर्फ दिमाग नहीं दिल भी जुड़ जाता है वो जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं। इसमें योग मदद करता है। दिल्ली, मध्यप्रदेश की छात्राओं ने पूछा की पीयर प्रेशर ज्यादा हो गया है, दोस्तों के बीच प्रतियोगिता के चलते तनाव बढ़ जाता है इससे आत्मविश्वास कम होता है, क्या करें? खुद को ना जानना कई बार इस समस्या का कारण होता है। दूसरी बात जब आप प्रतिस्पर्धा में उतरते हैं तो तनाव का सामना करना पड़ता है। उसे देखकर आप अपनी तैयारी करते हैं, इसकी बजाय आप खुद को देखकर अपनी तैयारी करो। अपनी ताकत पहचानों की आपकी क्षमता तय करो। दूसरों की होड़ में ना रहें बल्कि खुद से प्रतियोगिता करें। खुद को पहले से बेहतर करने की कोशिश करें। जब आप अपने पहले प्रदर्शन से बेहतर करने लगेंगे तो खुद के अंदर ऐसी उर्जा पैदा होगी जो आपको और आगे ले जाएगी। पीएम ने यूक्रेन के खिलाड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि उसने 36 बार अपने रिकॉर्ड तोड़े, अगर वो दूसरों से प्रतियोगिता करता तो पीछे रह जाता। दिल्ली, लेह की छात्राओं ने सवाल किया कि माता पिता बच्चों पर ज्यादा से ज्यादा अंक लाने के लिए दबाव बनाते हैं। वो 90 प्रतिशत अंक लाने पर भी खुश नहीं होते। वो भूल जाते हैं कि हर किसी की अलग क्षमता है। साथ ही एक छात्र ने पूछा की सामाजिक दबाव को कैसे सहन करें। पीएम ने इसके जवाब में कहा कि मुझसे माता-पिता ने भी आप लोगों को समझाने के लिए कहा है। पहली बात यह कि माता-पिता अपने बच्चों के लिए अपनी जिंदगी खपा देते हैं। उनकी जिंदगी का सपना होता है अपने बच्चों को कुछ बनते देखने का। उनकी बातों पर शक नहीं करना चाहिए। पहले उन पर भरोसा पैदा करें कि वो हमारे लिए कुछ गलत नहीं सोचते। वहीं माता-पिता भी कभी-कभी अपने अधूरे सपनों का बोझ बच्चों पर डालते हैं। कई बार इच्छाओं के भूत होते हैं जो आपको जकड़ लेते हैं। इसके लिए अपने माता-पिता से बात करें। भारत के बच्चे जानते हैं कि अपना काम कैसे निकालना है। पीएम ने माता-पिता से कहा कि बच्चों को सोशल स्टेटस मत बनाइए। बच्चों पर अनावश्यक दबाव ना डालें। पीएन ने पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का उदाहरण देकर कहा कि वो पायलट नहीं बन सके तो वैज्ञानिक बने। परिवार में खुला वातावरण रहे। छात्रों ने पूछा कि परीक्षा के दौरान खेलना चाहता हूं लेकिन ध्यान भटकने का डर रहता है पीएन ने इसके जवाब में कहा कि फोकस बनाने के लिए पहले डिफोकस होने सीखें। फोन का उपयोग कम कैसे करें। आपके दिमाग में पढ़ाई, एग्जाम और स्कूल ही हैं, इनसे बाहर निकलना जरूरी है। इसके लिए खेलना जरूरी है। पीएम ने पंच महाभूतों का जिक्र करते हुए कहा कि जब इंसान इनके संपर्क में आता है तो फ्रैश हो जाता है। आप फोकस करने के लिए डिफोकस करिए और वो करें जो आपका मन फ्रैश कर दे। दोस्तों से मिलो, गेम खेलो जो अच्छा लगता है वो करो। छात्रों ने परीक्षा के दौरान खुद को फिट और फ्रैश रखने के लिए योग की मदद पर सवाल किया। छात्रों ने पूछा कि योग हमें कैसे मदद करता है। कुछ आसन बताएं। आईक्यू और ईक्यू को कैसे बैलेंस करें पीएम ने इसके जवाब में कहा कि इमोशन प्रेरणा का सबसे बड़ा स्त्रोत है। जितनी संवेदना से जुड़ी चीजों से जुड़ते हैं उनका ईक्यू तेजी से बढ़ता है। इंसान का आईक्यू बचपन से उसमें होता लेकिन बड़े होने के साथ वो सामने आता है। पीएम ने योग टिप्स देते हुए कहा ताड़ासन से शरीर और मन जुड़ता है। कई देशों में हाइट बढ़ाने के लिए ताड़ासन जरूरी कर दिया गया है। इसके अलावा शवासन और योग निंद्रा आसन कर सकते हैं। नींद जरूरी लेकिन क्वांटिटि नहीं बल्कि क्वालिटि की नींद लें।

Madhya Bharat Madhya Bharat 16 February 2018

देश की खबरें

  राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने के इतने दिनों बाद अब सोनिया गांधी का बयान आया है। उन्होंने कांग्रेस की संसदीय समिति की बैठक में ना सिर्फ केंद्र सरकार पर निशाना साधा बल्कि गुजरात और राजस्थान की तर्ज पर कर्नाटक में भी जीत की उम्मीद जताई। उन्होंने इस दौरान यह भी साफ किया कि राहुल गांधी पार्टी के साथ अब उनके भी बॉस हैं।

Madhya Bharat Madhya Bharat 8 February 2018

मध्यप्रदेश की खबरें

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां ओला-वृष्टि से फसल को हुए नुकसान की समीक्षा करते हुए नुकसान का आकलन पूरी पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान ने कहा है कि सर्वेक्षण दल में राजस्व के अलावा कृषि और पंचायत विभाग के मैदानी अमले, पंच-सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाये, ताकि आकलन में किसी भी किसान को कोई शिकायत नहीं रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि फसल के नुकसान का आकलन सार्वजनिक करने के लिये पंचायत भवनों की दीवारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सर्वेक्षण की रिपोर्ट चस्पा करवाई जाये। प्राप्त आपत्तियों का तत्काल निराकरण कर रिपोर्ट में सुधार किया जाये। श्री चौहान ने कहा है कि प्रभावित किसानों के नुकसान की भरपाई हर हालत में होना चाहिये। बैठक में बताया गया कि फसल को हुए नुकसान के प्रारंभिक आंकड़ों में बदलाव हुआ है। अब प्रभावित गांवों की संख्या 621 से बढ़कर 984 हो गई है। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव श्री बी. पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए पी श्रीवास्तव, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी सी मीना, प्रमुख सचिव कृषि श्री राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पांडे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस के मिश्रा, सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। ओलावृ‍ष्टि से फसल हानि का सर्वे सावधानीपूर्वक करें : मुख्य सचिव मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने आज परख वीडियो कांफ्रेंस में जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया कि प्रदेश में ओला वृष्टि की स्थिति और फसलों को हुई हानि का सर्वे सावधानीपूर्वक करें। सर्वे के लिये राजस्व, कृषि और पंचायत विभाग की टीम बनाई जाये जिसमें जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाये। प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पाण्डे ने कहा कि फसलों के नुकसान के सर्वे में पारदर्शिता रखी जाये। सर्वे की सूची ग्राम पंचायतों में भी चस्पा की जाये। उन्होने बताया कि लघु और सीमांत किसानों को अब 50 प्रतिशत से अधिक फसल हानि होने पर सिंचित फसल के लिये 30 हजार रूपये और असिंचित फसल के लिये 16 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत दी जाएगी। अन्य कृषक (2 हेक्टेयर से अधिक भूमि धारित वाले) को सिंचित के लिये 27 हजार और असिंचित के लिये 13 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि देने का प्रावधान किया गया है। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने परीक्षाओं के मददे्नजर परीक्षा केंद्र के आसपास धारा 144 लगाने , सेक्टर मजिस्ट्रेट की डयूटी लगाने एवं परीक्षा कंट्रोल रूम बनाने के लिए कलेक्टरों को निर्देश दिये। प्रमुख सचिव उर्जा श्री आई.सी.पी. केशरी ने बताया कि पेयजल और परीक्षा को ध्यान में रखते हुये बकाया वाले ट्रांसफार्मर समय सीमा में कार्यशील कर दिये जायेंगे। प्रदेश मे अक्टूबर 2018 तक शत-प्रतिशत विद्युत कनेक्शन देने के निर्देश भी वीडियो काफ्रेंस में दिये गये। बंद नल-जल प्रदाय योजनाओं के संधारण की समीक्षा के दौरान सागर, टीकमगढ और विदिशा जिलों में कार्य को गति देने के निर्देश दिये गये। भावांतर भुगतान योजना में रबी-2018 में पंजीयन के लिये की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान संचालक कृषि श्री मोहनलाल मीणा ने बताया कि पंजीयन 12 फरवरी से 12 मार्च तक होगा। मसूर, सरसों, प्याज और चना का पंजीयन किया जाना है । सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण, मृदा परीक्षण तथा ई-नाम (नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती और धात्री महिलाओं के पंजीयन के लिये जिला कलेक्टरों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये गये। सिंगरौली, टीकमगढ, बड़वानी, छतरपुर और शिवपुरी जिलों में विशेष प्रयास की आवश्यकता बताई गई। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती गौरी सिंह ने भिण्ड जिला अस्पताल की तर्ज पर जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों के विकास कार्य के लिए विभाग द्वारा विशेषज्ञों की सेवायें ली जायेंगी। वीडियो काफ्रेंस में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्री जे.एन कन्सोटिया, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री प्रमोद अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उप‍स्थित थे।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 16 February 2018

मध्यप्रदेश की खबरें

सरोजिनी नायडू कॉलेज के वार्षिकोत्सव में मुख्यमंत्री श्री चौहान  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जब बेटियाँ सशक्त होंगी, तभी प्रदेश सशक्त होगा और आगे बढ़ेगा। श्री चौहान ने बेटियों से कहा कि सरकार हमेशा उनकी रक्षा करने, उन्हें आगे बढ़ने में सहयोग देने के लिये तैयार है। बेटियों की तरक्की में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने बेटियों का आव्हान किया कि बड़ा लक्ष्य तय करें और आत्म-विश्वास के साथ कठिन परिश्रम करते हुए सफलता हासिल करें, सरकार हर कदम पर साथ देगी। उन्होंने कहा कि बेटियों के सहयोग से नये मध्यप्रदेश का निर्माण हो रहा है। श्री चौहान आज यहाँ स्थानीय सरोजिनी नायडू कन्या स्वशासी महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव 'अद्विता 2018' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बेटियों के हित में संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत स्थान आरक्षित हैं। पूरी प्रतिभा के साथ बेटियाँ शासन-प्रशासन चला रही हैं। उन्होंने बेटियों से कहा कि बड़ी सोच रखें, आत्म-विश्वास रखें, आगे बढ़ने का रोडमैप बनायें और पूरी एकाग्रता तथा दृढ़ निश्चय के साथ सफलता हासिल करें। देश का गौरव बढ़ायें और प्रदेश की शान बन जायें। उन्होंने कहा कि बेटियाँ कमजोर नहीं होतीं, इसलिए हमेशा सकारात्मक सोचें। नकारात्मक विचारों से दूर रहें। उन्होंने गीता के श्लोक के माध्यम से समझाया कि अहंकार से दूर रहें, उत्साह से भरपूर रहें। कठिन परिश्रम करें और हर परिस्थिति में निरपेक्ष रहें। शुभांगी का इलाज कराएगी सरकार मुख्यमंत्री श्री चौहान समारोह में हाथीपाँव की बीमारी से पीड़ित छात्रा शुभांगी जैन से मिले। शुभांगी से चलते नहीं बन रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुभांगी का पूरा इलाज सरकार द्वारा करवाया जायेगा। विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह ने कहा कि बेटियों की पढ़ाई के लिये राज्य सरकार ने अभूतपूर्व काम किये हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों में 70 प्रतिशत अंकों के साथ प्रवेश लेने पर शिक्षा का खर्च सरकार उठा रही है। प्राचार्या डॉ. मंजुला शर्मा ने प्रशासकीय प्रतिवेदन पढ़ा और महाविद्यालय की अकादमिक प्रगति की जानकारी दी। अतिथियों को स्मृति-चिन्ह भेंट किये गये। उच्च शिक्षा आयुक्त श्री नीरज मंडलोई भी में मौजूद थे।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 8 February 2018

छतीसगढ़ की खबरें

  राजनांदगांव में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के सामने कांग्रेस कोई बड़ा चेहरा नहीं उतारेगी। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने यह साफ कर दिया है। पुनिया ने फिर से यह बात दोहराई है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री का कोई चेहरा नहीं होगा। कांग्रेस सत्ता में आती है तो पार्टी का विधायक दल अपना नेता चुनेंगे। गुरुवार को पुनिया राजनांदगांव पहुंचे थे। सर्किट हाउस में बैठक के पहले उन्होंने यह साफ किया कि राजनांदगांव विधानसभा से कांग्रेस स्थानीय नेता को प्रत्याशी बनाएगी, वह कोई बड़ा चेहरा नहीं होगा। पुनिया ने यह भी कहा कि यह निर्देश पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिला है। इसके पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल भी यह बयान दे चुके हैं कि राजनांदगांव से स्थानीय युवा नेता का नाम हाईकमान के सामने रखा जाएगा। राजनांदगांव शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के पूर्व राष्ट्रीय सचिव निखिल द्विवेदी में से किसी एक को मैदान में उतारने की चर्चा है। इससे यह साफ हो गया है कि राजनांदगांव में कांग्रेस की रणनीति क्या रहेगी? अगर, डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव से ही चुनाव लड़ेंगे तो वे और जोगी यहीं उलझकर रह जाएंगे। कांग्रेस प्रदेश के दूसरे विधानसभा क्षेत्रों को फोकस करेगी। कांग्रेस में परंपरा रही है कि बहुमत में आने के बाद पार्टी के विधायक तय करते हैं, उनका नेता कौन होगा? नाम तय करके हाईकमान को भेजा जाता है। उस पर मुहर लग जाती है। कांग्रेस में पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता-प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, पूर्व नेता-प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे, पूर्व मंत्री डॉ. चरणदास महंत, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष धनेंद्र साहू, विधायक सत्यनारायण शर्मा का नाम सीएम के दावेदारों में शामिल है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 16 February 2018

छतीसगढ़ की खबरें

  छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने 2022 का टार्गेट तय किया है। नक्सलवाद के नासूर को खत्म करने के लिए सरकार ने तीन स्तर पर काम शुरू किया है और करोड़ों स्र्पए का फंड भी दिया है। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद सरकार का विशेष फोकस बस्तर में रोड कनेक्टिविटी से लेकर है। इसके लिए सरकार ने विशेष रूप से फंड की व्यवस्था की है। सरकार विकास, कनेक्टिविटी और आपरेशन की मदद से बस्तर में शांति लाने के लिए प्रयास कर रही है। सरकार के कदम को पूरा करने के लिए हर विभाग अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहा है। नक्सल मामलों के जानकारों की मानें तो इस बजट में विकास की राशि को बढ़ाने की जरूरत है। केंद्र और राज्य के बजट से सड़क, मोबाइल कनेक्टिविटी, जवानों पर होने वाले खर्च को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने की आस लगाई जा रही है। सरकार को उम्मीद है कि बस्तर में मोबाइल नेटवर्क खड़ा होने के बाद इंटेलिजेंस को नक्सलियों के मूवमेंट के बारे में जानकारी मिलनी तेज हो जाएगी। इस बजट में मोबाइल टावर को पूरा करने के लिए राशि की आवश्यकता महसूस की जा रही है। पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों की मानें तो बस्तर के अंदस्र्नी इलाकों में अब भी सड़क का नेटवर्क नहीं है। मुख्य मार्ग तो बन गए हैं, लेकिन अंदस्र्नी इलाकों में सड़क नहीं होने के कारण स्थानीय आदिवासी पुलिस की मदद पूरी तरह नहीं कर पा रहे हैं। सड़क के अभाव में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचनाएं पुलिस कैंप तक तीन से पांच दिन में पहुंच रही हैं। जब तक पुलिस उन नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन प्लान करती है, तब तक वे दूसरे गांव में ठिकाना बना लेते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अंदस्र्नी इलाकों में सड़क, पुल और पुलिया के लिए विशेष प्रावधान करने की जरूरत है। पिछले बजट में सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कैंप स्थापित करने के लिए विशेष प्रावधान किया गया था। इसमें 2110 बैरक, 3985 शौचालय, 2837 बाथरूम की स्वीकृति दी गई है। 800 करोड़ की लागत से 6168 आवासीय भवनों का निर्माण शुरू भी हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बस्तर के हर जिले में हेलिकाप्टर को रात में उतारने के लिए नाइट लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध हो। अब तक सात जिलों में 15 हैलिपैड को नाइट लैंडिंग की सुविधा से लैस किया गया है। फोर्टिफाइड थानों की संख्या को बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। राज्य निर्माण के समय छत्तीसगढ़ में 202 हल्के, 63 मध्यम और 372 भारी वाहन, 854 मोटरसाइकिल उपलब्ध थी। जो अब बढ़कर 1994 हल्के, 521 मध्यम, 335 भारी वाहन और 2096 मोटरसाइकिल तक पहुंच गई है। सरकार ने पहली बार नक्सल क्षेत्रों में पदस्थ जवानों की सुरक्षा के लिए 42 माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल104 हल्के वाहन और 15 मध्यम वाहन की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा ने कहा कि बजट में सरकार ने सड़क, बिजली और मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए विशेष प्रावधान किया है। नए वित्तीय वर्ष के लिए भी इसके लिए अलग से राशि का प्रावधान का प्रस्ताव दिया गया है। पैकरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने बस्तर के लिए विशेष पैकेज दिया है। अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी नक्सल मोर्चे पर तैनात किया गया है। प्रदेश की रमन सरकार ने सुरक्षा के लिए कभी भी बजट से समझौता नहीं किया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में स्थानीय आदिवासियों की भर्ती सहित स्थानीय लोगों को रोजगार का इंतजाम किया गया है। पैकरा ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी सरकार की ओर से सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें जिले के कलेक्टर और एसपी को अधिकार दिया गया है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 1 February 2018

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