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कर्नाटक में कम हुए डीजल-पेट्रोल के दाम.   रामदेव को इजाजत मिले तो बेच सकते हैं 40 रूपये लीटर पेट्रोल .   मध्यप्रदेश में 17 से 25 सितम्बर तक होंगे सेवा कार्य : मुख्यमंत्री चौहान.   केसीआर की टिप्पणी पर भड़की कांग्रेस,तेलंगाना विधानसभा भंग .   रेत माफिया द्वारा ट्रैक्टर से कुचलकर डिप्टी रेंजर की हत्या.   मिग क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट.   मध्यप्रदेश में 17 से 25 सितम्बर तक होंगे सेवा कार्य : मुख्यमंत्री चौहान.   मध्यप्रदेश में 17 से 25 सितम्बर तक होंगे सेवा कार्य : मुख्यमंत्री चौहान.   मुख्यमंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी को दी जन्मदिन की बधाई.   देश के इंजीनियरों ने विश्व में बनाई अलग पहचान - पटेल.   आम आदमी की खुशहाली पहली प्राथमिकता.   दिग्विजय के कटआउट गायब.   100 करोड़ का लिया लोन, और नहीं चुकाया एक पैसा भी .   प्रेशर बम की चपेट में आने से दो ग्रामीणों की मौत.   आय से अधिक संपत्ति के मामले में अजय चंद्राकर के खिलाफ याचिका.   159 दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी हैं बस्तर में .   बस और ट्रक की टक्कर में चार की मौत.   दिल्लीवाला डेंगू वाइरस दुर्ग में ले रहा है जान .  

देश की खबरें

बैंगलुर से अच्छी खबर।  पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने राज्य में तेल की कीमतें दो रुपए कम कर दी हैं। सूबे के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इसका ऐलान किया है। इससे पहले तेलंगाना ने भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में दो रुपए की कटौती की थी। इससे पहले राजस्थान की भाजपा सरकार ने भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की थी। वसुंधरा सरकार ने राज्य में पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट में चार फीसद की कटौती की थी। इस बीच पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। सोमवार को पेट्रोल 15 पैसे और डीजल 6 पैसे महंगा हुआ। दिल्ली में पेट्रोल के दाम 82.06 रुपए/लीटर और डीजल के दाम 73.78 रुपए/लीटर रहे। वहीं मुंबई में पेट्रोल रिकॉर्ड 89.44 रुपए/लीटर पर रहा। देश की आर्थिक राजधानी में डीजल के दाम 78.33 रुपए/लीटर रहे।

Madhya Bharat Madhya Bharat 17 September 2018

देश की खबरें

तेलंगाना सरकार ने विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सदन भंग करने की सिफारिश करने का फैसला लिया गया। इसके तुरंत बाद राव राजभवन गए और प्रस्ताव राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन को सौंप दिया। राज्यपाल ने सिफारिश मंजूर कर ली और केसीआर को कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा। इस बीच राज्य में सियासी उबाल आ गया है और सभी दल अचानक चुनावी रंग में नजर आने लगे हैं। केसीआर के इस्तीफे के साथ ही बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। खुद चंद्रशेखर राव ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है। केसीआर के इस बयान का कांग्रेस ने विरोध करते हुए उन्हें भाजपा के हाथों की कठपुतली तक करार दे दिया। खबरों के अनुसार केसीआर ने गुरुवार को अपने एक बयान में कहा कि राहुल गांधी देश के \"सबसे बड़े मसखरे\" हैं, वह जितना तेलंगाना आएंगे टीआरएस उतनी ज्यादा सीटें जीतेगी। उन्होंने कहा, \"सब जानते हैं कि राहुल गांधी क्या हैं। वह देश के सबसे बड़े मसखरे हैं। पूरे देश ने देखा कि वह कैसे नरेंद्र मोदी के पास गए और उन्हें गले लगाया और किस तरह वह आंख मार रहे थे। वह जितना तेलंगाना आएंगे हम उतनी ज्यादा सीटें जीतेंगे।\" कांग्रेस ने टीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव को भाजपा के हाथों की कठपुतली कहा है। पार्टी ने उनपर तेलंगाना के हितों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है। राज्य विधानसभा भंग करने की सिफारिश के बाद कांगे्रस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राव ने यह कदम उठाकर जनादेश का अपमान किया है। भाजपा ने कहा कि तेलंगाना विधानसभा चुनाव में टीआरएस की सबसे बड़ी चुनौती वही होगी। इसका कारण यह है कि कांगे्रस विभाजित पार्टी है। केवल भाजपा के पास ही सकारात्मक एजेंडा है। यही पार्टी विजेता बनेगी।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 7 September 2018

मध्यप्रदेश की खबरें

मुख्यमंत्री द्वारा रक्तदान शिविर का शुभारंभ और यातायात उद्यान में पौध-रोपण  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संपूर्ण प्रदेश में 17 से 25 सितम्बर तक सेवा कार्य होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज शासकीय मोतीलाल नेहरू महाविद्यालय मेंरक्तदान शिविर और यातायात उद्यान में पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने महाविद्यालय में रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया और यातायात उद्यान में पौध-रोपण किया। इस अवसर पर सांसद श्री आलोक संजर, महापौर श्री आलोक शर्मा, अध्यक्ष नगर निगम श्री सुरजीत सिंह चौहान और विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह उपस्थित थे। रक्तदान-जीवनदान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रक्तदान जीवनदान है। उन्होंने रक्तदाताओं को दूसरों को जीवन देने के लिये बधाई दी। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की ओर से जन्म दिवस की बधाई दी। उन्होंने बताया कि श्री मोदी के जन्म दिवस से पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती तक संपूर्ण प्रदेश में सामाजिक सहयोग से निरंतर सेवा के कार्य निरंतर किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी नया भारत बनाने में जुटे हैं। मध्यप्रदेश की जनता उनके साथ खड़ी है। रक्तदान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रक्तदाता छात्र-छात्राएं मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी भी खिंचवाई। वृक्ष है, तो मानव जीवन है मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वृक्ष है, तो मानव जीवन है। उन्होंने बताया कि लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिवस प्रदेश में सेवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। श्री चौहान ने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा उपहार है। संपूर्ण प्रदेश में नागरिक सेवा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का मान-सम्मान बढ़ा है। देश लगातार हर क्षेत्र में नई ऊँचाईयों को छू रहा है। हमारी अर्थ-व्यवस्था दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने यातायात पार्क में आम का पौधा लगाया।        

Madhya Bharat Madhya Bharat 17 September 2018

मध्यप्रदेश की खबरें

इंजीनियर दिवस पर उत्कृष्ट इंजीनियर हुए सम्मानित एमपी की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि भारत की भूमि इंजीनियरिंग की प्रयोगशाला रही है। भारत में कई ऐसे इंजीनियर हुए, जिन्होंने अकल्पनीय को कल्पनीय बनाया और इंजीनियरिंग के दुनिया में चमत्कार कहे जाने वाले उदाहरण प्रस्तुत किये। देश के इंजीनियर पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। राज्यपाल ने यह बात यहां इंजीनियर दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले इंजीनियरों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिंह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह का आयोजन मध्यप्रदेश यांत्रिकी सेवा संघ द्वारा किया गया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि देश के विकास और नागरिकों की समृद्धि में इंजीनियरों की भूमिका संरक्षक की तरह है। देश को ईमानदार, कर्मठ और समय के प्रति वचनबद्ध इंजीनियरों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा किइंजीनियर आधुनिक तकनीक का उपयोग कर निर्माण को गुणवत्तापूर्ण बनाने का प्रयास करें।युवा इंजीनियर देश के निर्माण में ईमानदारी और समय के प्रति वचनबद्ध होकर कार्य करें।राज्यपाल ने कहा किहमारे देश में सदियों पहले बनी कई इमारतें उत्कृष्ट इंजीनियरिंग कौशलता का प्रमाण है। लालकिला, ताजमहल, कई राजाओं के महल, नदियों पर बने घाट आज भी मौजूद है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि भारत में उत्कृष्ट नौकरी के अवसर देने में इंजीनियरिंग का क्षेत्र बहुत विकसित है। जब बात इंजीनियरिंग की सर्वश्रेष्ठ शाखाअथवा सबसे अधिक वेतन वाली शाखाओं के चयन की आती है, तो छात्र अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। वर्तमान में इंजीनियरिंग की सही शाखा का चुनाव करना बहुत मुश्किल है। इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में कम्प्यूटर साइंस/आईटी इंजीनियरिंग पिछले दशक में भारतीय अर्थ-व्यवस्था की मुख्य आधार के रूप में उभरी है। श्रीमती पटेल ने कहा कि आधुनिकता और इंजीनियरिंग के बढ़ते प्रभाव से हमें मानवता को नहीं भूलना चाहिए। पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए इंजीनियरों को स्वयं विचार करना चाहिए। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से विकसित राज्य बनाने में इंजीनियरों का महत्वपूर्ण योगदान है। समाज और देश के विकास में इंजीनियरों की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता है। मध्यप्रदेश यांत्रिकी सेवा संघ के अध्यक्ष श्री अखिलेष उपाध्याय ने अतिथियों का स्वागत किया।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 17 September 2018

छतीसगढ़ की खबरें

  करोड़ों की धोखाधड़ी के आधा दर्जन से अधिक मामलों में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद पूर्व शराब ठेकेदार सुभाष शर्मा ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दरअसल दो दिन पहले सिविल लाइन पुलिस ने अपने यहां दर्ज जमीन खरीदी के एवज में दिए गए पांच करोड़ के चेक बाउंस मामले में सुभाष को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। पूछताछ में सुभाष ने बताया कि शराब और अन्य कारोबार के लिए 40 फर्जी कंपनियों का निर्माण कर उसने अपने रिश्तेदारों और कर्मचारियों, नौकरों को कंपनियों का डायरेक्टर बना रखा था और उन्हीं के नाम पर बैंकों से सौ करोड़ का लोन ले रखा था। चौंकाने वाली बात यह है कि सुभाष ने किसी बैंक को लोन का भुगतान नहीं किया, फिर भी लोन देने में बैंक अधिकारियों ने दिल खोलकर उसकी मदद की। फर्जीवाड़े के कई केस में बैंक अफसर भी आरोपी बनाए गए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गुरुमुख विला वीआइपी रोड पुरैना निवासी हरवंश लाल (54) के साथ शराब ठेकेदार सुभाष शर्मा ने जमीन की खरीद- फरोख्त में धोखाधड़ी की थी। हरवंश लाल की ओर से कोर्ट में दायर परिवाद के आदेश के आधार पर ठेकेदार सुभाष शर्मा समेत उसके बेटे विदित शर्मा, आजाद सिंह, उम्मेद सिंह, निर्मलेश्वर प्रसाद शर्मा, दिनेश दायमा, प्रफुल्ल अग्रवाल तथा पंजाब नेशनल बैंक लाल गंगा सिटी मार्ट शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक निखिल चौधरी के खिलाफ पुलिस ने जुलाई महीने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। चूंकि धोखाधड़ी के दूसरे मामलों में सुभाष शर्मा के जेल में होने के कारण गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। लिहाजा पुलिस ने अपने यहां दर्ज प्रकरण में पूछताछ, साक्ष्य संकलन के लिए सुभाष शर्मा को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया। पीएनबी के एजीएम से मिलीभगत कर लिया 10 करोड़ का लोन पुरैना स्थित हरवंशलाल की बेशकीमती जमीन के आम मुख्तियार प्रकाश कलश से 4 मई, 2013 को जमीन खरीदने सुभाष ने सौदा किया और अपनी शर्मा विनट्रेड कंपनी के नाम पर जमीन खरीदने के एवज में 4 करोड़ 97 लाख 16 हजार रूपए का पोस्ट डेटेड चेक दिया, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया। इस बीच सुभाष ने कंपनी के फर्जी डायरेक्टरों के नाम पर पीएनबी के तत्कालीन एजीएम निखिल चौधरी से मिलीभगत कर जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे पीएनबी में बंधक रखवा 10 करोड़ का लोन हासिल कर लिया। जब लोन की किस्त का भुगतान नहीं हुआ तो बैंक ने हरवंश को नोटिस भेजा। तब हरवंश ने पतासाजी की तो फर्जीवाड़े का भांडा फूटा। जमीन फर्जीवाड़ा मामले में सुभाष शर्मा के साथ उसके बेटे विदित शर्मा, विनट्रेड कंपनी के डायरेक्टर उमेद सिंह और सागर, आजाद सिंह, निर्मलेशवर प्रसाद शर्मा, दिनेश दायमा, प्रफुल्ल अग्रवाल, बैंक मैनेजर निखिल चौधरी तथा दमन कुमार सारथी आरोपी बनाए गए हैं। सुभाष के बाद अब इन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी है। सुभाष शर्मा ने खुलासा किया कि वह शुरू में कई कंपनियों में खुद तथा बेटे विदित शर्मा को डायरेक्टर बनाता था, फिर फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए रिश्ते के भाई निर्मलेश्वर प्रसाद शर्मा, मौसेरे भाई दिनेश आयमा, कर्मचारी उमेद सिंह, आजाद सिंह समेत अन्य को कागजों में सुभाष और शर्मा विनट्रेड प्रालि का डायरेक्टर बताकर उनके हस्ताक्षर से जमीन खरीद बिक्री के साथ, शराब, होटल तथा अन्य कारोबार के लिए बैंकों से करोड़ों का लोन हासिल कर लेता था। गौरतलब है कि कुछ साल पहले बेटी की शादी में सुभाष ने दो सौ करोड़ रुपये खर्च किए थे। इसकी शिकायत होने पर इनकम टैक्स ने छापामार कार्रवाई की थी। तब से उसके खिलाफ लगातार फर्जीवाड़े के केस सामने आने लगे  

Madhya Bharat Madhya Bharat 17 September 2018

छतीसगढ़ की खबरें

गिद्ध प्रकृति की एक सुंदर रचना है, मानव का मित्र और पर्यावरण का सबसे बड़ा हितैषी। साथ ही कुदरती सफाई कर्मी भी है। परंतु आज इन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं और अगर हालात इसी तरह से रहे तो आने वाले समय में गिद्ध विलुप्त हो जाएंगे। यह बात बर्ड काउंट इंडिया के परियोजना सहयोगी रवि नायडू ने अंतरराष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस के मौके पर कही। बीजापुर में यह पहला अवसर था, जब गिद्ध जागरूकता पर इस तरह की कार्यशाला आयोजित की गई थी। इस दौरान सामान्य वन मंडल एवं आईटीआर के रेंज स्तर अधिकारियों से लेकर अमले के सभी कर्मचारी उपस्थित थे। रवि नायडू ने बताया कि भारत में व्हाइट, बैक्ड, ग्रिफ, यूरेशियन और स्लैंडर प्रजाति के गिद्ध पाए जाते हैं। इनके संरक्षण के लिए विश्वभर में सितम्बर माह के प्रथम शनिवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंतरराष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरूआत वर्ष 2009 से अफ्रीकन देशों से हुई जिसका मुख्य उद्देशय विलुप्त होते गिद्धों का संरक्षण करना है। कार्यशाला के दौरान उन्होंने यूरेशियन गिद्ध से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिमालय की तराई में पाया जाने वाला यूरेशियन गिद्ध जिसे ग्रिफॉन वल्चर के नाम से भी जाना जाता है। सर्दियों के मौसम में बस्तर संभाग का बीजापुर जिला इसकी शरणस्थली बन जाती है। ये दुर्लभ प्रजाति का गिद्ध है, जो हिमालय की तराई में पाए जाते हैं। रवि नायडू के मुताबिक सर्दियों की शुरूआत के साथ हिम आच्छादित इलाकों में जब तापमान में गिरावट आने के साथ इनका पलायन भी शुरू हो जाता है। मौसम के अनुकूल प्रवास के उद्देश्य से ये गिद्ध देश के कुछ हिस्सों की तरफ रूख करते हैं। जिनमें बीजापुर भी शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे भारतवर्ष में पाई जाने वाली पक्षियों की विभिन्न् प्रजातियों में अकेले बस्तर में पक्षियों की 315 प्रजातियां मौजूद है। इनमें से 159 प्रजातियों का बीजापुर के सघन वन क्षेत्र में नैसर्गिक रहवास भी है। रवि नायडू के मुताबिक छत्तसीगढ़ का बस्तर पक्षियों के रहवास के लिए आदर्श स्थल है। भौगोलिक रूप में पश्चिम और पूर्वी घाट के मध्य बस्तर एक कॉरिडोर की तरह है, जिसके चलते यहां पक्षियों की 315 प्रजातियां यह पाई जाती है और इसमें दिलचस्प बात यह है कि लगभग 150 प्रजातियां यहां रहवासी है। इस तरह भारत में पश्चिम बंगाल के बाद छत्तीसगढ़ का बस्तर पक्षियों के रहवास के लिहाज से आदर्श स्थल का सूचक है। हालांकि बस्तर में पाई जाने वाली पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों पर, जो दुर्लभ प्राय है उन पर गहन शोध की आवश्यकता है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 4 September 2018

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