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राफेल डील हमारे लिए बूस्टर डोज : वायुसेना चीफ.   नरेंद्र सिंह तोमर की तबीतय बिगड़ी, एम्स में भर्ती.   राम और रोटी के सहारे कांग्रेस .   डीजल-पेट्रोल के दाम में फिर लगी आग.   अयोध्या केस की सुनवाई 29 अक्टूबर से रोज होगी.   कर्नाटक में कम हुए डीजल-पेट्रोल के दाम.   कुरीतियों को समाप्त करने में योगदान करें महिला स्व-सहायता समूह.   गरीबों के बकाया बिजली बिल के माफ हुए 5200 करोड़ :चौहान.   ग्रामीण महिलाओं से संवाद के प्रयास जरूरी : जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र.   ग्रामीण महिलाओं से संवाद के प्रयास जरूरी : जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र.   जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया विशेषांक का विमोचन.   भोपाल में सब रजिस्ट्रार अशोक को घूस लेते लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा .   सुकमा मुठभेड़ में तीन नक्सली मरे ,नारायणपुर में तीन का समर्पण .   पखांजूर में शुरू होगा नया कृषि महाविद्यालय.   रमन सरकार नक्सलियों को लेकर उदार हुई .   दिग्विजय सिंह बोले -अजीत जोगी के कारण मप्र में हारे थे.   100 करोड़ का लिया लोन, और नहीं चुकाया एक पैसा भी .   प्रेशर बम की चपेट में आने से दो ग्रामीणों की मौत.  

देश की खबरें

राफेल डील को लेकर कांग्रेस के विरोध और आरोपों के बीच एक बार फिर से वायुसेना ने इस डील का समर्थन किया है। जहां एक तरफ विपक्ष इस डील को लेकर हंगामा कर रहा है वहीं इस बार खुद वायुसेना प्रमुख ने बुधवार को इस डील का समर्थन किया है। उन्होंने दिल्ली में एक बयान में इसे बूस्टर डोज करार दिया है। खबरों के अनुसार वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने एक बयान में कहा कि राफेल एक अच्छा एयरक्राफ्ट है और जहां तक उपमहाद्वीप की बात है तो यह गेम चेंबर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस डील में हमें कई फायदे हैं। राफेल और एस400 एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम डील हमारे लिए एक बूस्टर डोज होगा।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 3 October 2018

देश की खबरें

  देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का दौर जारी है। शनिवार को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 22 पैसे और डीजल 21 पैसे महंगा हो गया। दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 83.40 रुपए रही, वहीं डीजल 74.63 लीटर पर बेचा जा रहा है। मुंबई में पेट्रोल 90.75 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। डीजल 79.23 प्रति लीटर है। मालूम हो, तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। गुरुवार को 13 पैसे की बढ़ोतरी के बाद शुक्रवार को फिर से तेल के दामों में बढ़ोतरी दर्ज हुई थी। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया के स्थिति के आधार पर ही सरकारी तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में संशोधन करती हैं। आईओसी, भारत पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (एचपीसीएल) देश की तीन प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियां हैं। गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरत के कच्चे तेल का 80 फीसद हिस्सा आयात करता है। भारत के आयात बिल में पेट्रोल और डीजल की एक बड़ी हिस्सेदारी होती है। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में आधा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर लगने वाले टैक्स का है। कंपनियों के मुताबिक रिफाइनरी पर पेट्रोल की लागत करीब 40.50 रुपये और डीजल की कीमत करीब 43 रुपये प्रति लीटर पड़ती है। केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर क्रमश: 19.48 रुपये और 15.33 रुपये उत्पाद शुल्क वसूलती है। इसके ऊपर राज्य सरकारें इन पर मूल्यवर्धित कर (वैट) लगाती हैं। वैट की दरें विभिन्न राज्यों में अलग-अलग हैं। अंडमान एवं निकोबार में दोनों ईंधनों पर सबसे कम छह फीसद की दर से टैक्स वसूला जाता है। वहीं पेट्रोल पर मुंबई में सर्वाधिक 39.12 फीसद और डीजल पर तेलंगाना में सर्वाधिक 26 फीसद वैट लगता है। दिल्ली में पेट्रोल-डीजल पर वैट की दरें क्रमश: 27 फीसद और 17.24 फीसद हैं।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 29 September 2018

मध्यप्रदेश की खबरें

नाबार्ड की राष्ट्र स्तरीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री मेले में शामिल हुईं राज्यपालएमपी की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि महिला स्व-सहायता समूह सामाजिक कुरीतियों और नशे जैसी बुराई को समाप्त करने में योगदान करें। श्रीमती पटेल मंगलवार को भोपाल में नाबार्ड द्वारा आयोजित स्व-सहायता समूहों, शिल्पकारों तथा कृषि उत्पादन संगठनों के उत्पादों की राष्ट्र-स्तरीय प्रदर्शनी- सह-बिक्री मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती पर अगर हम सब गांधी जी के जीवन से जुड़ी छोटी-छोटी बातों जैसे नशा न करना तथा सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लें, तो यह गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रीमती पटेल ने कहा कि विश्व के सभी देश अपने राष्ट्र को पुरूष के रूप में मानते हैं। केवल हमारा देश है जो भारत माता के रूप में पूजा जाता है। इसलिए हमारे देश में महिलाओं का सदियों से सम्मान किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने चरखा चला कर हमें आजादी दिलाई, हजारों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने बिना भेदभाव किये देश के लिए प्राण न्यौछावर कर दिये और आज हम जातीवाद की समस्या से ही जूझ रहे हैं। श्रीमती पटेल ने कहा कि आज हमें सोचना पड़ेगा कि हमें देश के लिए क्या करना है। जब देश हित, देश प्रेम, गरीबों की सहायता, सभी को शिक्षा और सभी के विकास में सब मिलकर सहयोग करेंगे, तभी प्रधानमंत्री की सबका साथ-सबका विकास की सोच साकार रूप ले सकेगी। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने देश के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की सोच को बढ़ावा दिया। प्रधानमंत्री जी ने गांधी जी की मंशानुसार योजनाएं बनाकर अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुँचाने का प्रयास किया है। मेले में कृषि उत्पादन आयुक्त, श्री पी सी मीणा, प्रमुख सचिव कृषि श्री राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के सी गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक श्री योगेंद्र सिंह, महाप्रबंधक यूनियन बैंक आफ इंडिया श्री जे एस चौहान, तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, कृषक और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 3 October 2018

मध्यप्रदेश की खबरें

    शहरी महिलाओं के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं से सतत संवाद और उनके बौद्धिक स्तर में वृद्धि के प्रयास करना जरूरी है। यह कार्य शासकीय और अशासकीय संस्थाओं को मिलकर करना होगा। जनसम्पर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने वूमन प्रेस क्लब द्वारा आयोजित जन-संवाद कार्यक्रम में यह बात कही। इस अवसर पर महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस भी उपस्थित थीं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने महिला कल्याण, सार्वजनिक क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका आदि मुद्दों पर सवाल पूछे, जिनके उन्हें समाधान कारक जवाब मिले। डॉ. मिश्र विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं और प्रश्नों के सटीक उत्तर दिये। कार्यक्रम में पत्रकारिता के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस अवसर पर कुलपति  जगदीश उपासने भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी से संबंधित प्रीति त्रिपाठी निर्देशित फ़िल्म के अंश भी दिखाये गये।

Madhya Bharat Madhya Bharat 3 October 2018

छतीसगढ़ की खबरें

  छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में मंगलवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर हो गए। मिली जानकारी के मुताबिक सुकमा जिले के मर्कागुड़ा और मुलेर के जंगल में डीआरजी और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की सूचना मिली है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस मुठभेड़ में तीन नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है। हालांकि उनके शव बरामद नहीं हुए हैं। इसके अलावा कई नक्सलियों के घायल होने की भी सूचना है। पुलिस ने एक नक्सली को जिंदा गिरफ्तार कर लिया है। फूल बगड़ी थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में पुलिस को घटना स्थल से एक 315 बोर पिस्टल, 4 भरमार, एक पाइप बम और दैनिक उपयोगी सामग्री बरामद हुई है। 5 लाख की इनामी महिला नक्सली ने किया समर्पण पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा बस्तर में चलाए जा रहे प्रभावी अभियान और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर बस्तर क्षेत्र में लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को बस्तर रेंज के आईजी विवेकानंद सिन्हा के समक्ष 3 नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया। आत्मसर्पण करने वाले नक्सलियों में एक 10 लाख का इनामी कमाण्डर सहित एक 5 लाख की इनामी महिला नक्सली शामिल है। आत्मसर्पण करने वाले नक्सलियों का बस्तर आईजी विवेकानंद सिन्हा ने समाज की मुख्यधारा में स्वागत किया है साथ ही उन्हें सहयोग और पुनर्वास का आश्वासन दिया गया है। जानकारी के मुताबिक आत्मसर्पण करने वाला 10 लाख का इनामी सोभी उर्फ नागू कतलाम नारायणपुर जिले के अंतर्गत अमदईघाट में एरिया कमाण्डर के रूप में पिछले कई वर्षों से काम कर रहा था। साल 2004 में सोभी को बाल नक्सली के रूप में संगठन में बलपूर्वक शामिल किया गया था। सोभी पर नारायणपुर जिले में कई बड़ी वारदातों में शामिल होने का आरोप है। वहीं आत्मसर्पण करने वाली महिला नक्सली सुमित्रा साहू पर भी पांच लाख का इनाम घोषित है। सुमित्रा अपने पति सोभी के साथ अमदईघाट क्षेत्र में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में कार्यरत थी। उसके खिलाफ भी कई गंभीर अपराधिक मामले दर्ज हैं। इनके साथ ही एक अन्य नक्सली बुधसन उर्फ भारत पदामि ने भी आत्मसमर्पण किया है। बुधसन इरकानार डीलएकेएमएस का सदस्य था।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 3 October 2018

छतीसगढ़ की खबरें

  मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 15 साल बाद कांग्रेस की हार की वजह बताई। उन्होंने कहा कि 2003 में राज्य में कांग्रेस की हार के लिए छत्तीसगढ़ की तत्कालीन जोगी सरकार जिम्मेदार है। यदि जोगी सरकार बिजली दे देती उनकी पार्टी की हार नहीं होती। गौरतलब है कि 2003 में दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे और उस विस चुनाव में उनका जबर्दस्त विरोध हुआ था। बालाघाट प्रवास के दौरान दिग्विजय सिंह के बयान में 15 साल बाद हार का दर्द छलका। दिग्विजय सिंह ने कहा कि बंटवारे के दौरान सारे पावर प्लांट छत्तीसगढ़ के पास चले गए और उपभोक्ता मध्यप्रदेश में रह गए। इस दौरान उन्होंने भी छग से बिजली की मांग की थी, पर भले ही छग में कांग्रेस की सरकार रही हो, तब अजीत जोगी ने मध्यप्रदेश को बिजली न देते हुए गुजरात में भाजपा की मोदी सरकार को सस्ती बिजली दे दी थी। इसके चलते मध्यप्रदेश की जनता को बिजली का संकट झेलना पड़ा था। इससे कांग्रेस की यहां हार हो गई?

Madhya Bharat Madhya Bharat 27 September 2018

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