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मध्यप्रदेश की खबरें

छत्तीसगढ़ की खबरें

मध्यप्रदेश की खबरें

मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को स्मार्ट सिटी बनाने के लिये जो नागरिक सुविधाएँ और अधोसंरचना विकसित होगी उसमें निवेश के लिये निवेशकों को बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की 100 शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा को लेकर देशभर में अपार उत्साह का वातावरण है, निवेशकों को इसका लाभ उठाना चाहिए। यह जानकारी प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास  एस.एन. मिश्रा ने  दी।   एस.एन. मिश्रा ने बताया कि शहरों में बढ़ती आबादी से स्मार्ट सिटी की अवधारणा को महत्व मिल रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी ऐसी हो जिसकी अधोसंरचना मजबूत और वहाँ सभी नागरिक सुविधाएँ बेहतर हों। उस क्षेत्र की विद्युत, जल, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन आदि बुनियादी सुविधाओं का प्रबंधन भी अच्छा हो। स्मार्ट शहर की कनेक्टिविटी अन्य क्षेत्र से सुलभ हो, जिससे आम आदमी एक स्थान से दूसरे स्थान सुगमता से पहुँच सके। श्री मिश्रा ने बताया कि अभी इंदौर और भोपाल में लाईट मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना शुरू की गई है। सेमीनार में दोनों शहर की मेट्रो परियोजना को फिल्म के जरिये दिखाया गया। गृह निर्माण मण्डल के आयुक्त  नीतेश व्यास ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप स्मार्ट सिटी की प्रभावी पहल में मध्यप्रदेश सरकार पूरा सहयोग करेगी। सेमीनार में भोपाल के नार्थ टी.टी. नगर की पुनर्घत्वीकरण योजना का प्रस्तुतिकरण भी हुआ।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 26 September 2016

मध्यप्रदेश की खबरें

स्मार्ट सिटी प्रबंधन विशेषज्ञों और संभावित निवेशकों से चर्चा करेंगे  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान 26 और 27 सितम्बर को युनाइटेड किंगडम के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। वे युनाइटेड किंगडम की सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इंटरनेशनल डेव्हलेपमेंट  प्रीति पटेल के आमंत्रण पर स्मार्ट सिटी की अवधारणा और प्रबंधन के तरीकों और स्किल डेव्हलपमेन्ट कार्यों का अवलोकन करने जा रहे हैं। श्री चौहान स्मार्ट सिटी प्रबंधन के विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री लंदन प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश में निवेश में रूचि रखने वाली निवेशक कंपनियों के प्रमुखों से भी मुलाकात करेंगे। श्री चौहान 25 सितम्बर, रविवार को लंदन पहुँचेंगे। वे 26 सितम्बर, सोमवार को श्रीमती प्रीति पटेल से मुलाकात करेंगे और लंदन के शहर प्रबंधक विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे। इसी दिन दोपहर में वे विभिन्न निवेश कंपनियों के प्रमुखों से भेंट करेंगे। श्री चौहान प्यूरीको ग्रुप के संस्थापक श्री नाथूराम पुरी से मुलाकात कर मध्यप्रदेश में निवेश संबंधी अवसरों पर चर्चा करेंगे। प्यूरीको समूह पेपर, पॉलीमर और प्लास्टिक निर्माण से जुड़ा है। यह समूह स्वागत और रियल स्टेट व्यवसाय में भी सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री डी ला रू पिक ग्रुप के प्रमुख से मुलाकात करेंगे। यह समूह करेंसी रखरखाव के उपकरण और सुरक्षा उत्पादों के प्रदाय से जुड़ा है। श्री चौहान रोल्स रॉयस के उपाध्यक्ष श्री मघिन तमिलारासन से भी मुलाकात करेंगे। वे प्रदेश में रक्षा क्षेत्र के लिये आवश्यक उपकरण निर्माण की इकाइयों की स्थापना की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि रोल्स रॉयस इंटीग्रेटेड पॉवर और प्रोपल्सन सॉल्यूशन के क्षेत्र में सक्रिय है। यह उच्च तकनीकी से समृद्ध कारों का भी निर्माण करती है। श्री चौहान हारग्रिव्स इंडस्ट्रियल सर्विसेज के व्यापार विकास संचालक श्री केविन साबिन से भेंट करेंगे। यह कंपनी पॉवर, पोर्ट, स्टील और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को मटेरियल प्रबंधन सुविधा उपलब्ध करवाती है। मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान स्कॉच व्हिस्की एसोसियेशन के संचालक श्री मार्टिन हेटफुल भी उनसे मुलाकात करेंगे और प्रदेश में बेवरेज इकाई लगाने की संभावना पर चर्चा करेंगे। यह एसोसियेशन स्कॉटलैंड और पूरी दुनिया में व्हिस्की इंडस्ट्री के हितों का संरक्षण करता है। श्री चौहान अन्य निवेशकों से भी चर्चा करेंगे जिनमें जेसीबी के श्री फिलिप बाउवेरट शामिल हैं। यह कंपनी बहुराष्ट्रीय कार्पोरेशन हैं जो निर्माण उपकरण बनाती है। श्री चौहान हिन्दूजा समूह के सह अध्यक्ष  गोपीचंद हिन्दूजा के भोज में शामिल होंगे और उनसे ऑटोमोबाइल, एग्री बिजनेस, खाद्य प्र-संस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट सिटी प्रबंधन और एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान 27 सितम्बर, मंगलवार को भारत- यू.के. स्वास्थ्य संस्थान के चेयरमेन प्रोफेसर माइक पार्कर और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार विभाग यू.के.के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता और माइक निथाक्रियांकिस से मुलाकात करेंगे। श्री चौहान लंदन के डिप्टी मेयर श्री राजेश अग्रवाल से मुलाकात करेंगे और भारतीय उद्योग परिसंघ एवं यू.के.-इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा आयोजित सेमीनार – 'मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाएँ' को संबोधित करेंगे। श्री चौहान 28 सितम्बर, बुधवार को नई दिल्ली वापस आयेंगे।

Madhya Bharat Madhya Bharat 24 September 2016

छतीसगढ़ की खबरें

साल भर में मारे गए 94 नक्सली  छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में इस साल हुयी मुठभेड़ों में अब तक 94 नक्सली मारे जा चुके हैं। यह संख्या पूरे देश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मारे गये नक्सलियों की संख्या से कई गुना अधिक है। बस्तर जिले में भी इससे पहले कभी भी इतनी अधिक संख्या में नक्सलियों के मारे जाने का कोई आंकड़ा नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर भी बस्तर की इस सफलता ने पुराने तमाम रिकार्ड तोड़ते हुए अपना श्रेष्ठ स्थान बनाया है। वहीँ  जगदलपुर जिले में  पुलिस ने दो वर्दीधारी नक्सलियों को ढेर करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। मौके से मृत नक्सलियों के शव समेत भारी मात्रा में हथियार एवं विस्फोटक सामग्री बरामद की गयी है।  बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी एवं एसपी आनएन दाश ने कहा कि वर्ष 2016 अभी बाकी है और नक्सलियों को नेस्तानाबूत करने के अभियान में मिल रही सफलता में यह आंकड़ा औैर बढऩा निश्चित है। उन्होंने बताया की डीआरजी बल के जवान  विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर नक्सली उन्मूलन के लिए आ रहे हैं। जिनके नक्सलियों के सफाए के लिए उतरने से लक्ष्य को जल्द ही प्राप्त कर लिया जायेगा। अधिकारियों ने कहा कि बारिश का मौसम हो या कोई भी जटिल परिस्थिति, नक्सलियों के विरूद्ध लगातार अभियान जारी है। बारिश के बाद नदी-नालों में पानी कम होने से निश्चित तौर पर नक्सली अभियान में तेजी लायी जाएगी। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के विरूद्ध लगातार मिल रही सफलताओं से नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों का मनोबल बढ़ा है, जिससे आने वाले दिनों में और भी अधिक सार्थक परिणाम देखने को मिलेंगे। जिस तरह से अभियान आगे बढ़ रहा है, उससे यह तय है कि नक्सलियों का शीघ्र ही सफाया हो जायेगा। बस्तर जिले के बुरगुम मुठभेड़ में 2 नक्सलियों को मार गिराने में सफल हुए डीआरजी एवं सीएएफ के जांबाजों को आईजी बस्तर एसआरपी कल्लूरी एवं एसपी आरएन दाश ने एक लाख रूपए का नक़द पुरस्कार देकर हौसला अफजाई की। उन्होंने कहा कि पराक्रमी जवानों का मनोबल बढ़ाने आगे भी इस तरह के पुरस्कार एवं एवार्ड दिए जाते रहेंगे।  मुठभेड़ में दो वर्दीधारी नक्सली ढेर बस्तर एसपी आरएन दाश ने बताया कि सूचना मिली थी कि शीर्ष नक्सली लीडर को लेकर नक्सलियों का एक ग्रुप इंद्रावती नदी पार कर बास्तानार घाट की ओर कूच कर रहा है। फौरन बुरगुम थाने से डीआरजी, डीएफ व सीएएफ की संयुक्त टुकड़ी रवाना की गयी। ग्राम सांंगुएल के पास पहुंचते ही जंगल में घात लगाए नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस बल ने भी गोलियां दागीं। लगभग एक घंटे की मुठभेड़ बाद अंतत: नक्सलियों के हौसले पस्त हो गए और वे घने जंगल व पहाड़ी की आड़ लेेकर भाग गए।  घटनास्थल की सर्चिंग के दौरान दो पुरूष नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं, जिनकी शिनाख्त की जा रही है। मौके से एक 12 बोर बंदूक, 1 एसबीएमएल राइफल समेत भारी मात्रा में एक्सप्लोसिव, डेटोनेटर, पाइप बम, कोडेक्स वायर, पि_ू, मैग्जीन पाउच, बैटरी, बिजली के तार जब्त किए गए हैं।  श्री दाश ने बताया कि मारे गये नक्सली बारसूर एरिया कमेटी के सदस्य हो सकते हैं। इसी नक्सली गु्रप ने एक अक्टूबर 2015 को बुरगुम साप्ताहिक बाजार में पुलिस के सिपाही मनारु बेंजाम की हत्या की थी।उल्लेखनीय है कि आईजी एसआरपी कल्लूरी के निर्देशन में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस लगातार दबाव बनाए हुए है। रणनीति में बदलाव करते हुए इस बार नक्सल ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।   

Madhya Bharat Madhya Bharat 26 September 2016

छतीसगढ़ की खबरें

अमित जोगी ने कहा दिग्विजय बस्तर के प्रभावित लोगों से माफ़ी मांगें  मरवाही विधायक अमित जोगी ने अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के  हैदराबाद में दिए गए उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने पोलावरम बांध निर्माण का समर्थन किया है। इस बयान में दिग्विजय सिंह ने कहा है कि आंध्र पुनर्गठन अधिनियम एक्ट 2014 के तहत केंद्र सरकार पोलावरम बांध निर्माण के लिए बाध्य है इसलिए इसके निर्माण की जिम्मेदारी भी उसे ही लेनी चाहिए और जल्द से जल्द बाँध का निर्माण पूरा किया जाना चाहिए। छत्तीसगढ़-ओडिशा की सीमा मलकानगिरी में कल यानि 20 सितम्बर को हुए छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) और बीजू जनता दल के संयुक्त विरोध प्रदर्शन के बाद हैदराबाद में दिग्विजय सिंह ने पोलावरम के समर्थन में उपरोक्त बयान दिया। श्री अमित जोगी ने कहा कि बस्तर के 45 हज़ार लोगों पर डूबने का खतरा मंडरा रहा है, प्रभावित लोगों की नींदें उडी हुई हैं और दिग्विजय सिंह असंवेदनशीलता बयानबाजी कर रहे हैं। यह उनकी छत्तीसगढ़ विरोधी मानसिकता का परिचायक है। श्री अमित जोगी ने कहा कि दिग्विजय सिंह की मानसिकता सदैव से छत्तीसगढ़ विरोधी रही है। कन्हेर बांध का निर्माण का शिलान्यास भले ही 1976 में हुआ हो लेकिन इसके लिए एक सहमति अविभाजित मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 17 मार्च 1999 को दी गई थी, तब दिग्विजय सिंह ही मुख्यमंत्री थे। 1999 के इस पत्र का उल्लेख मई 2015 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उत्तर प्रदेश शासन को भेजे गए पत्र में किया गया है। तब कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार ने यह जानते बूझते हुए कि इस बांध से  छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का 30 फीसदी हिस्सा डूबान में आएगा, फिर भी बिना कोई विरोध के, बिना छत्तीसगढ़ का हित देखे, परियोजना को सहमति दे दी थी। इसके बाद यही गलती 2010 में रमन सरकार ने सहमति देकर की। यह इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी और उनके नेता छत्तीसगढ़ की उपेक्षा करते हुए चलते हैं, यहां के लोग, यहां की भूमि, यहां के वन रहें या न रहें उन्हें इससे कोई सरोकार नहीं है । उन्हें तो बस दिल्ली में बैठे अपने आकाओं के आदेशों का पालन करने और अपनी खुर्सी बचाए रखने से मतलब है। श्री अमित जोगी ने आज दिग्विजय सिंह से ट्वीट कर कहा कि वो अपने असंवेदनशील ब्यान के लिए बस्तर के लोगों से माफ़ी मांगें। श्री जोगी ने अपने ट्वीट में यह भी लिखा है कि छजकां के पोलावरम आन्दोलन के बाद आपका (दिग्विजय) पोलावरम के समर्थन में बयान देना दरअसल छजकां के जनांदोलनों को मिल रहे भारी जनसमर्थन के प्रति बौखलाहट है।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 23 September 2016

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