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मान का केजरीवाल पर हमला.   पुलिया टूटने से 13 की मौत, 65 लापता.   सुकमा में शहीद जवानों की कुर्बानी बेकार नहीं जाएगी : पीएम.   सुकमा में नक्सली हमला, 26 जवान शहीद.   किसानों की आय दोगुनी करने के रोडमेप का नई दिल्ली में दिया प्रेजेंटेशन.   गिरिराज ने फिर दिया विवादित बयान.   प्रायवेट स्कूलों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क प्रवेश.   बग्घी एवं घोड़ों पर बैठकर आयेगी बारात.   उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये रोजगार सहायकों का वेतन दो हजार रूपये प्रतिमाह बढाने की घोषणा.   पंचायत राज व्यवस्था के सशक्तीकरण में अंतरिक्ष विज्ञान की अहम भूमिका.   178 देशों में पहुँच रही है नर्मदा यात्रा की अनुगूँज.   ग्रामीण बसाहटों को मुख्यमंत्री ग्राम नल-जल योजना से जोड़े.   40 साल में नहीं बन पाई 56 किलोमीटर सड़क .   रमन सिंह बोले-जवान पीछे नहीं हटेंगे.   रमन सिंह के एजेंडे में भूख से मुक्ति.   रमन बोले- एक साल के लिए कमीशन छोड़ दो .   आईएसआई नेटवर्क तक ATM से पहुंचाई जाती थी रकम.   रमन सिंह का फरमान लालबत्‍ती निकालें .  

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मध्यप्रदेश की खबरें

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देश की खबरें

आम आदमी पार्टी के स्टार प्रचारक और पंजाब में संगरूर से सांसद भगवंत मान ने खुलकर केजरीवाल के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं। मान ने कहा कि ईवीएम पर सवाल उठाने से अच्छा है कि पहले अपने अंदर झांकना चाहिए। एमसीडी चुनावों के नतीजों पर मान ने बिना किसी नेता का नाम लिए कहा, 'पार्टी नेतृत्व एक मोहल्ला क्रिकेट टीम की तरह व्यवहार कर रही है। आप ने पंजाब ने एक ऐतिहासिक भूल की है। मान ने ईवीएम में गड़बड़ी का बचाव करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आलोचना भी की। एक अंग्रेजी अखबार के साथ बातचीत में मान ने कहा कि ईवीएम में गलती ढूंढने का कोई मतलब नहीं जब पार्टी नेतृत्व ने चुनावों की पूरी रणनीति को लेकर ऐतिहासिक भूल की हो। हार के कारणों की जांच के लिए पार्टी को सबसे पहले अपने अंदर की कमियां को देखना चाहिए।

Madhya Bharat Madhya Bharat 26 April 2017

देश की खबरें

छत्‍तीसगढ़ के  सुकमा जिले में चिंतागुफा के पास बुर्कापाल में नक्सलियों ने सीआरपीएफ की रोड ओपनिंग पार्टी पर घात लगाकर हमला किया। हमले में 26 जवान शहीद हो गए और 6 लापता हैं। दो जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना सोमवार दोपहर डेढ़ बजे की है। एएसपी जितेंद्र शुक्ला के अनुसार, सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन रोड ओपनिंग के लिए निकली थी। गौरतलब है कि इसी इलाके में अगस्त 2010 में भी 76 जवान शहीद हुए थे। घटना के बाद राज्‍य के मुख्‍यमंत्री रमन  सिंह ने अपना दिल्ली दौरा रद्द कर दिया है और वापस रायपुर लौट रहे हैं। सभी घायल जवानों को रायपुर लाया गया है।   घायलों के नाम   इंस्‍पेक्‍टर रघुवीर सिंह   हेमब्रम   राम मेहर   स्‍वरुप कुमार   मोहिंदर सिंह   जीतेंद्र कुमार   शेर मोहम्‍मद   लाटू ओरोन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नक्‍सली पहले से ही घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही जवान वहां पहुंचे उन पर फायरिंग शुरू कर दी गई। जवानों की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई। हमले की सूचना मिलते ही घायल जवानों की मदद के लिए सुकमा से सीआरपीएफ की एक बैकअप टीम घटनास्‍थल के लिए रवाना हो गई। पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा इलाके में अंडर सर्च ऑपरेशन जारी है।    

Madhya Bharat Madhya Bharat 24 April 2017

मध्यप्रदेश की खबरें

मध्यप्रदेश में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रायवेट स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश करवाये जाने के संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने जन-सामान्य के लिये दिशा-निर्देश जारी किये हैं। अधिनियम में किये गये प्रावधान के अनुसार गैर-अनुदान मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूल की कक्षा-1 में 25 प्रतिशत प्रवेश दिया जायेगा। यदि स्कूल में प्री-स्कूल शिक्षा दी जाती है तो उसकी प्रवेशित कक्षा नर्सरी/के.जी.-1/के.जी.-2 में प्रवेश दिया जायेगा। यदि प्रायवेट स्कूल में प्री-स्कूल की कक्षाओं और कक्षा-1 में सीधे प्रवेश होता है तो दोनों में प्रवेशित बच्चों की संख्या का न्यूनतम 25 प्रतिशत प्रवेश आरक्षित सीटों पर होगा। राज्य शासन ने प्रवेश के लिये बच्चों की उम्र 16 जून, 2017 की स्थिति में नर्सरी में 3 वर्ष और कक्षा-1 में न्यूनतम 6 वर्ष निर्धारित की है। कोई भी विद्यालय 3 वर्ष से कम आयु के बच्चे को नर्सरी, प्री-प्रायमरी कक्षा में और 7 वर्ष से अधिक आयु के बच्चे को कक्षा-1 में प्रवेश नहीं दे सकेगा। यदि कोई बच्चा 16 जून की स्थिति में 5 वर्ष पूर्ण कर चुका है, तो वह भी कक्षा-1 के लिये पात्र होगा। नि:शुल्क प्रवेश शिक्षा अधिनियम में जन्म प्रमाण-पत्र के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट की गयी है। जहाँ जन्म, मृत्यु तथा विवाह रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के अधीन जन्म प्रमाण-पत्र उपलब्ध न हो, वहाँ स्कूल में प्रवेश के लिये मान्य दस्तावेज निर्धारित किये गये हैं। इनमें अस्पताल तथा ए.एन.एम. का रजिस्टर रिकार्ड और आँगनवाड़ी का रिकार्ड मान्य होगा। पालक द्वारा आयु का स्व घोषणा-पत्र, मान्य होगा परन्तु जन्म-तिथि का प्रमाण-पत्र क्षेत्र के स्थानीय प्राधिकारी को 6 माह के अंदर प्रस्तुत करना होगा। वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को गैर-अनुदान प्राप्त प्रायवेट स्कूल में नि:शुल्क प्रवेश के लिये दस्तावेज सत्यापन के समय संबंधित वर्ग के होने का प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य किया गया है। आवेदक द्वारा ऑनलाइन आवेदन करते समय इन स्थानों के प्रायवेट स्कूल तथा उनमें आरटीआई के नि:शुल्क प्रवेश के लिये रिक्त सीटों की जानकारी देखी जा सकती है। किसी वार्ड या गाँव में नि:शुल्क प्रवेश के लिये प्रायवेट स्कूल में सीट रिक्त न होने की स्थिति में बच्चे पड़ौस अथवा विस्तारित पड़ौस की स्थिति में प्रवेश ले सकेंगे। पालकों से कहा गया है कि विद्यालय में च्वाइस फिलिंग करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि जिस कक्षा में बच्चा प्रवेश चाहता है, वह कक्षा उस विद्यालय की न्यूनतम कक्षा हो। नि:शुल्क शिक्षा अधिकार अधिनियम में प्रदेश में किसी भी पालक को परेशानी होती है तो वह विकासखण्ड के बीआरसी कार्यालय और जिला मुख्यालय पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुँचकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 26 April 2017

मध्यप्रदेश की खबरें

  अभिशासन और विकास में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की भूमिका पर अधिवेशन में इसरो चेयरमेन    मध्यप्रदेश का स्थान देश के उन कुछ राज्यों में है, जो अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने में अग्रणी हैं। अंतरिक्ष विभाग (इसरो) ने यहाँ अपना सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र स्थापित किया है। केन्द्र ने प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों की सूचना सम्पदा को जुटाने की दिशा में प्रशंसनीय काम किया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरमेन और अंतरिक्ष विज्ञान विभाग, भारत सरकार के सचिव डॉ. ए.एस. किरण कुमार ने यह बातें 'अभिशासन और विकास में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आधारित साधनों एवं अनुप्रयोगों का संवर्धन'' पर राज्य अधिवेशन में कही। डॉ. किरण कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश में पंचायत राज व्यवस्था के सशक्तीकरण के लिये जियोस्पेशियल टेक्नालॉजी, 'नाविक' उपग्रहों और जीपीएस तकनीक का उपयोग हो रहा है। पंचायत राज व्यवस्था के सशक्तीकरण में अंतरिक्ष आधारित साधनों की भूमिका दिखायी दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का पहला देश है, जिसने मंगल की कक्षा में पहले ही प्रयास में अपना यान सफलता से स्थापित कर दिया। 'इसरो' ने बीते वर्षों में अंतरिक्ष विज्ञान के विभिन्न उपयोगों का लाभ समाज तक पहुँचाने और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्म-निर्भर होने की दिशा में योगदान किया है। डॉ. किरण कुमार ने कहा कि सुदूर संवेदन और 'नाविक' उपग्रहों ने प्राकृतिक संसाधनों के मानचित्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंतरिक्ष विभाग के 'सिस-डिप' प्रोजेक्ट की चर्चा करते हुए कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान ने प्राकृतिक आपदाओं के नियंत्रण और देश के सामाजिक उत्थान में प्रशंसनीय योगदान किया है। उन्होंने म.प्र. में भुवन-पंचायत मोबाइल एप से परि-सम्पत्तियों के वर्गीकरण की भी चर्चा की। सुशासन और विकास में अंतरिक्ष विज्ञान उपयोगी सिद्ध हुआ मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने कहा कि अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आधारित साधनों एवं उपयोगों से परिचित करवाना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सुशासन और विकास में अंतरिक्ष विज्ञान की बड़ी भूमिका सामने आयी है। मुख्य सचिव ने कहा कि 'इसरो' ने देश में इस तरह के अधिवेशन के लिये प्रथम समूह में जिन राज्यों को चुना, उनमें मध्यप्रदेश भी है। मध्यप्रदेश के सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र (आरएसएसी) ने प्रदेश की विकासात्मक गतिविधियों की दृष्टि से बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र के वैज्ञानिकों ने चन्द्रयान-प्रथम से प्राप्त डाटा और चित्रों का विश्लेषण किया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत ने नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। उन्होंने कहा कि मेपकास्ट और इसरो के वैज्ञानिक मिलकर आने वाले दिनों में ऐसा शोध करेंगे, जिसका उपयोग राज्य में सुशासन और विकास की संकल्पना को साकार करने में सहायक होगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री चन्द्रकांत पाटिल ने कहा कि परिषद के सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र ने 'इसरो' की कई परियोजनाओं पर काम किया है। उन्होंने बताया कि परिषद ने विकेन्द्रीकृत नियोजन के लिये अंतरिक्ष आधारित सूचना समर्थन (सिस-डिप) परियोजना में योगदान किया है। 'इसरो' चेयरमेन डॉ. ए.एस. किरण कुमार और मुख्य सचिव ने प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 24 April 2017

छतीसगढ़ की खबरें

दोरनापाल से जगरगुंडा तक 56 किलोमीटर की सड़क पिछले चार दशक से सरकार के लिए चुनौती बनी हुई है। इसका निर्माण चल रहा है। कभी वनोपज का केंद्र और उप तहसील मुख्यालय रहे जगरगुंडा में अब कंटीले तारों से घिरा एक सलवा जुडूम कैंप है। तारों के पार मौत का सामान लेकर नक्सली खड़े रहते हैं। जगरगुंडा को दुनिया से जोड़ने के तीन रास्ते हैं, जिनमें से दो पर बम बिछे हैं और तीसरे पर जब चाहे तब नक्सली एंबुश लगाकर जवानों को शहीद कर देते हैं। यानी नक्सलवाद ने इसे टापू बना दिया है। इसी रास्ते पर 2010 में अब तक की सबसे बड़ी नक्सल वारदात हुई थी, जिसमें सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हुए थे। जगरगुंडा सड़क निर्माण को सुरक्षा दे रहे सीआरपीएफ के 25 जवानों की सोमवार को शहादत के बाद एक बार फिर यह सड़क सुर्खियों में है। इससे पहले बासागुड़ा की तरफ सड़क निर्माण सुरक्षा में लगे 24 जवान अलग- अलग हमलों में शहीद हुए हैं। जगरगुंडा से बीजापुर के बासागुड़ा तक, दंतेवाड़ा के अरनपुर तक और सुकमा के दोरनापाल तक तीन रास्ते हैं। दोरनापाल-जगरगुंडा 56 किमी सड़क पर कई घटनाएं हो चुकी हैं। 2008 में मुकरम के पास नक्सलियों ने सड़क काट दी थी। जगरगुंडा से एक पार्टी थानेदार हेमंत मंडावी के नेतृत्व में गड्ढा पाटने निकली और नक्सलियों के एंबुश में फंस गई। इसमें 12 जवानों ने शहादत दी। सड़क के लिए कई बार टेंडर निकाला गया, लेकिन कोई ठेकेदार सामने नहीं आया। डीजी नक्सल ऑपरेशन तथा पुलिस हाउसिंग बोर्ड के एमडी डीएम अवस्थी ने बताया कि अब पुलिस खुद सड़क बना रही है। बासागुड़ा और अरनपुर की ओर से आवा-जाही चार दशक से बंद है। दोरनापाल से एकमात्र रास्ता है जो जगरगुंडा तक जाता है। 2007 में जगरगुंडा में सलवा जुडूम कैंप खुलने के बाद नक्सलियों ने चिंतलनार के आगे 12 किमी मार्ग पर सभी पुल उड़ा दिए। बासागुड़ा और दोरनापाल दोनों ओर से जगरगुंडा सड़क बन रही है। बस्तर में कोंटा के मरईगुड़ा से भेज्जी, चिंतागुफा, जगरगुंडा, किरंदुल, दंतेवाड़ा, बारसूर, नारायणपुर, अंतागढ़ होते हुए राजनांदगांव में एनएच तक करीब 4 सौ किमी सड़क ऐसी है, जिसका अधिकांश हिस्सा नक्सलियों के कब्जे में है। भेज्जी में इसी सड़क पर बन रहे पुल की सुरक्षा में लगे जवानों पर 11 मार्च को हमला किया गया था, जिसमें 12 जवान शहीद हुए थे। बस्तर में सरकार एक हजार किमी लंबाई की 27 सड़कें बना रही है। बीजापुर से बासागुड़ा तक 52 किमी सड़क बन चुकी है। बीजापुर-गंगालूर 22 किमी सीसी सड़क बनाई गई है। इस साल केंद्रीय बजट में बस्तर के नक्सल इलाकों में 556 किमी सड़कों के लिए अलग से राशि मिली है। इससे नक्सली बेचैन हैं। नक्सली कहते हैं कि हमारे इलाके में किसी के पास साइकिल तक नहीं है। यहां सड़क की क्या जरूरत। सरकार सड़क इसलिए बना रही है ताकि यहां बड़ी कंपनियां आ पाएं और बस्तर के संसाधनों को लूट सकें। बीजापुर जिले में आवापल्ली-जगरगुंडा सड़क पर सीआरपीएफ के 24 जवानों ने शहादत दी है। दंतेवाड़ा जिले में अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर सुरक्षा में तैनात एक जवान का पैर नक्सलियों के बिछाए प्रेशर बम की चपेट में आ गया। इसमें जवान की जान चली गई। बीजापुर जिले में भैरमगढ़ से बीजापुर तक एनएच 63 के निर्माण के दौरान नक्सलियों ने 13 बार ब्लॉस्ट किया। इन घटनाओं में 2 जवान शहीद हुए। बीजापुर में ही बासागुड़ा से तर्रेम तक 12 किमी सड़क निर्माण के दौरान कई बार आईईडी ब्लॉस्ट किया गया। दो जवान शहीद और कई घायल हुए।  गीदम से भैरमगढ़ के बीच सड़क निर्माण के दौरान पुंडरी के पास ब्लॉस्ट हुआ। इसमें सीएएफ का एक जवान शहीद हुआ। बीजापुर के मिरतुर मार्ग के निर्माण में सीएएफ के एक सहायक कमांडेंट शहीद हुए।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 26 April 2017

छतीसगढ़ की खबरें

  भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में सीएम डॉ. रमन सिंह ने 'बैक टू बूथ' का नारा दिया। बैठक के दूसरे दिन उन्होंने कहा कि चौथी पारी के लिए कार्यकर्ताओं को दौड़ना होगा। पहली 3 रेस मेरे नाम पर जीत ली गई, लेकिन अब 400 मीटर दौड़ जीतना चुनौती है। इसे कार्यकर्ता ही लांघ सकते हैं। कम से कम एक साल के लिए कमीशन छोड़ दो, 30 साल तक बीजेपी सरकार को कोई हिला नहीं पाएगा। यदि करोड़ों खर्च कर पुल बनाते हैं और वह गिर जाए तो ये गुड गवर्नेंस नहीं कहलाएगा। सरकारी योजनाओं से नहीं सुशासन से वोट बैंक बढ़ेगा। डॉ. सिंह ने बताया कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष में विशेष लोगों वाले लेटरहेड छपवाए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल सांसद से लेकर जनपद तक होगा। सौदान सिंह ने कहा कि भाग्य के भरोसे बार-बार जीत नहीं मिलती। इस बार जीतना है तो मेहनत करनी होगी। लोकसुराज की तर्ज पर कार्यकर्ताओं के लिए अभियान चलाना होगा। संगठन पदाधिकारी गांव-गांव जाकर उनकी समस्याएं सुलझाएं और नाराजगी दूर करें।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 22 April 2017

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