नर्मदा सेवा यात्रा महाआरती से शुरू हुई
महाआरती

बड़वानी जिले के ग्राम दतवाड़ा में आज सुबह महाआरती में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल हुए। सेवा यात्रा के कलश एवं ध्वज पर रहवासियों ने पुष्प-वर्षा के साथ यात्रा शुरू की।

यात्रा में शामिल नागरिकों ने प्रदेश की सुख, समृद्धि, वैभव की कामना माँ नर्मदा से की। सेवा यात्रा में शामिल संतों ने नर्मदा को स्वच्छ बनाने के लिए पूजन सामग्री विसर्जित नहीं करने का आव्हान नागरिकों से किया।

गाँव के बुजुर्ग जहाँ नर्मदा के विशाल स्वरूप और हरे-भरे पेड़ों की जानकारी दे रहे थे, वहीं नवयुवा नर्मदा के किनारे होने वाले वृक्षारोपण से गाँव में आने वाली खुशहाली को लेकर उत्साहित दिख रहे थे।

ग्राम दतवाड़ा से शुरू यात्रा को जगह-जगह यात्रा पथ पर स्थानीय नागरिकों का भरपूर समर्थन मिला। स्थानीय नागरिक सेवा यात्रा में बढ़-चढ़कर शामिल होने के साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुति, रांगोली, वंदनवार एवं भजन-कीर्तन के साथ निरन्तर पुष्प-वर्षा के साथ स्वागत किया जा रहा है।

नर्मदा सेवा यात्रा आज 68 वें दिन दतवाड़ा से प्रारम्भ होकर गोलाटा, छोटा बड़दा, आंवली, सेगाँव होते हुए ग्राम पीपरी पहुँची जहाँ यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। दूर-दूर से आये साधु-संतों ने यहाँ माँ नर्मदा की उत्साह से महाआरती की। सेवा यात्रा अगले पड़ाव के लिए ग्राम पीपरी में रात्रि विश्राम करेगी।

 \'\'नमामि देवि नर्मदे\'\'-सेवा यात्रा अपने मूल उद्देश्यों में न केवल सफल हो रही, बल्कि यह यात्रा सर्वधर्म समभाव का प्रतीक बन गयी है। यात्रा शुरू होने के 68वें दिन आज बड़वानी जिले के ग्राम गोलाटा की 7 वर्षीय बालिका कुमारी नाजनीन खान ने अपने सिर पर कलश लेकर सेवा यात्रा के साथ चलने की इच्छा पूरी की। इससे सिद्ध होता है कि माँ नर्मदा की सेवा एवं उसे सदा निर्मल एवं गतिमान बनाये रखने का कार्य धर्म, वर्ग, जाति से उपर है।

बड़वानी जिले के ग्राम गोलाटा में \'\'नमामि देवी नर्मदे\'\'-सेवा यात्रा के साथ चल रहे श्रद्धालु उस वक्त आश्चर्य में पड़ गये जब उन्होंने अपने स्वागत एवं सत्कार के लिये ग्रामीणों द्वारा दिये गये फल एवं मिठाई को एक छोटी बच्ची को देकर चुप करवाने का प्रयास किया और बच्ची ने उसे लेने से इंकार कर दिया। कारण जानने पर ज्ञात हुआ कि बच्ची का नाम नाजनीन खान है और वह अपने घर से कलश लेकर श्रद्धालुओ के स्वागत के लिए आई थी। किसी अन्य बालिका ने उसका कलश लेकर अपने सिर पर रख लिया, जिसके कारण वह बिना कलश के हो गई।

यात्रा के साथ चल रहे क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता श्री सुखदेव यादव ने तत्काल एक कलश बुलाकर कुमारी नाजनीन खान को स-सम्मान दिया। नाजनीन खुशी-खुशी सेवा यात्रा में कलश लेकर शामिल हुईं।

यात्रा जब ग्राम गोलाटा पहुँची तो नवाचार देखने को मिला। साधारणतः अभी तक ग्रामों में नर्मदा जल कलश को ग्रामवासी अपने सिर पर धारण कर ले जाते थे। आज यात्रा ग्राम गोलाटा पहुँची तो नर्मदा जल कलश को पालकी में रखकर चारों तरफ से चार अलग-अलग ग्रामवासियों ने कलश को उठाकर प्रसन्नता और आनंद का अनुभव किया।

यात्रा जब जिले के ग्राम छोटा बड़दा पहुँची तो यात्रा का स्वागत महिलाओं-पुरूषों-बच्चों ने पूरे जोश और मन से किया। यात्रा के प्रारंभ में स्कूली बच्चों में भी जोश दिखाई दिया। ग्राम के स्कूली बच्चों ने एक जैसी यूनिफार्म पहनकर यात्रा की स्वागत रैली निकाली। यात्रा के दौरान जगह-जगह पेड़ों पर महिलाओं द्वारा सूखी लौकी को सजा कर लटकाया, जो दूर से देखने पर एक लालटेन की भांति दिख रही थी। यात्रा के स्वागत द्वार को केले और आम के पत्तों, सजी हुई सूखी लौकी एवं भुट्टों के डूंड को रंग कर तोरण बनाया गया था, जो देखने में काफी आकर्षक और पर्यावरण संरक्षित दिख रहा था। गाँव की महिलाओं ने घरों की दीवारों पर गुलाबी रंग से पुताई कर उस पर सफेद रंग से माण्डना बनाकर आकर्षक बनाया। इस दौरान ग्राम की आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने पूरक पोषण आहार से विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाकर स्वल्पाहार करवाया।

ग्राम छोटा बड़दा की छोटी-छोटी बालिकाओं ने बड़ा काम कर दिखाया, जब उन्होंने प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक और गीत-संगीत से कैशलेस, स्वच्छता, पर्यावरण सहेजने, खुले में शौच नहीं करने, नदियों को प्रदूषण मुक्त करने का संदेश दिया। बच्चियों की तुतलाहट भरी इस संदेश युक्त प्रस्तुति पर संवाद स्थल पर उपस्थित बड़े भी देर तक तालियाँ बजाते रहे। बालिकाओं ने प्रण लिया कि यात्रा के संदेश को बाद में भी मानेंगे एवं दूसरों को भी ऐसा करने के लिये प्रोत्साहित करेंगे।

यात्रा ग्राम दत्तवाड़ा से निकलकर जब ग्राम गोलाटा, छोटा बड़दा और आंवली पहुँची तो प्रदेश यात्रा प्रभारी श्री विष्णुदत्त शर्मा, सांसद श्री सुभाष पटेल, जिले के यात्रा प्रभारी श्री भूपेन्द्र आर्य ने ग्रामीणों से जन-संवाद कर उन्हें नर्मदा के संरक्षण, प्रदूषण-मुक्त करवाने तथा पौघ-रोपण का संकल्प दिलवाया।