Since: 23-09-2009

  Latest News :
बच्चों को सोशल स्टेटस ना बनाएं माता-पिता.   कावेरी से तमिलनाडु को मिलने वाले पानी में कटौती.   राज्यपाल आनंदीबेन पटेल दिल्ली में सांसदों से मिलीं.   अब पार्टी के साथ राहुल मेरे भी बॉस : सोनिया गांधी.   एडवांटेज असम सिर्फ स्टेमेंट नहीं बल्कि एक विजन:मोदी .   शिव मंत्रि-परिषद् में तीन नये मंत्री .   फसल नुकसान का आकलन पूरी पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश.   तीन करोड़ से ज्यादा मोबाइल का आधार नहीं .   40 प्रतिशत तक बढ़ेगा यात्री बसों का किराया.   बेटियाँ आगे बढ़ेंगी तभी प्रदेश आगे बढ़ेगा.   55 लाख जरूरतमंदों को 513 करोड़ रुपये की मदद.   बाधाओं की चिंता छोड दें, सरकार उठायेगी शिक्षा का खर्च - मुख्यमंत्री.   राजनांदगंव में कांग्रेस नहीं उतरेगी बड़ा चेहरा .   नक्सलियों को कुचलने की तैयारी.   सड़क निर्माण के विरोध में नक्सलियों ने 10 वाहनों को फूंका.   अब बस्तर में विकास बनेगा हथियार.   बच्ची को नोंचकर मार डाला कुत्तों ने .   तुमला में हाथी का उत्पात .  

देश की खबरें

मध्यप्रदेश की खबरें

छत्तीसगढ़ की खबरें

देशभर में ब्रॉडबैंड की स्पीड बढ़ाए दूरसंचार मंत्रालय: हाईकोर्ट
ब्रॉडबैंड  दूरसंचार मंत्रालय

बिलासपुर में इंटरनेट की स्पीड को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय को निर्देश जारी कर जल्द से जल्द देशभर में ब्राडबैंड की स्पीड बढ़ाने का फरमान जारी किया है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि नेट की स्पीड बढ़ने से सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) भी बढ़ेगा।

बिलासपुर निवासी 67 वर्षीय बुजुर्ग दिलीप भंडारी ने वकील पलाश तिवारी के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि देश में इंटरनेट की स्पीड काफी कम है। जबकि अन्य छोटे-छोटे देशों में काफी अधिक है।

याचिका के अनुसार इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा अधिक रेट लेने के बाद भी कम स्पीड दी जा रही है। याचिकाकर्ता ने यूएसए का हवाला देते हुए कहा कि इसी रेट पर वहां नेट की स्पीड कम से कम 25 एमबीपीएस मिलती है। भारत में यही स्पीड 512 केबीपीएस हो जाती है।

याचिका के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डिजिटल इंडिया को प्रोत्साहन देने लगातार युवा पीढ़ी से आह्वान किया जा रहा है। इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा इतनी कम स्पीड में नेट सेवा से काम चलने वाला नहीं है।

याचिका के अनुसार वर्ष 2012 में नेशनल टेलीकॉम पॉलिसी लागू करते हुए दूरसंचार विभाग ने 1 जनवरी 2015 को न्यूनतम दो एमबीपीएस स्पीड करने की घोषणा की थी। इंटरनेट प्रदाता कंपनियों के लिए ट्राई ने कड़ी शर्तें लागू करते हुए कहा था कि नियमों का उल्लंघन करने पर नेट प्रोवाइडर कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वर्ष 2008 में ट्राइ ने दूरसंचार मंत्रालय के अलावा अन्य कंपनियों को पत्र लिखा था। निर्देश पर अमल न करने के कारण दूरसंचार नियामक आयोग ने वर्ष 2016 में दोबारा पत्र लिखा। याचिकाकर्ता ने ट्राई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इंटरनेट व ब्राडबैंड की स्पीड बढ़ेगी तो देश में जीडीपी दर में भी इजाफा होगा। याचिका के अनुसार तकरीबन दो फीसदी सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोतरी होगी ।

याचिकाकर्ता ने कहा है कि इंटरनेट प्रदाता कंपनियों द्वारा स्पीड न बढ़ाए जाने के कारण देशभर में तकरीबन 200 मिलियन लोग प्रभावित हो रहे हैं। खासकर युवाओं को ज्यादा नुकसान हो रहा है। हाईस्पीड नेट सर्विस मिलने पर रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे। याचिकाकर्ता ने बताया कि इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों द्वाा एक हजार रुपए में दो जीबी हाईस्पीड नेट सुविधा देने के बाद शेर यूजर्स पॉलिसी लागू कर देती है व नेट की स्पीड को कम कर देती है।

विभाग का जवाब सुनकर हंसने लगे चीफ जस्टिस

डिवीजन बेंच के समक्ष जवाब देते हुए केंद्रीय दूरसंचार विभाग के अफसरों ने कहा कि स्पीड बढ़ाना एक दिन का काम नहीं है। इसके लिए कम से कम वर्ष 2025 तक का समय चाहिए। विभागीय अफसरों की जवाब सुनकर चीफ जस्टिस हंसने लगे। उन्होंने दो टूक कहा कि हर हाल में जल्द से जल्द इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने की व्यवस्था करें। दूरसंचार मंत्रालय को निर्देश जारी करने के साथ ही चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन व जस्टिस शरद गुप्ता की डिवीजन बेंच ने याचिका को निराकृत कर दिया है।

MadhyaBharat 5 August 2017

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 2842
  • Last 7 days : 18353
  • Last 30 days : 71082

Advertisement

Advertisement
Advertisement
Advertisement

All Rights Reserved ©2018 MadhyaBharat News.