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अम्बुजा सीमेंट में पिस गए दो मजदूर
अम्बुजा सीमेंट

बलौदा बाजार जिला मुख्यालय से 7 किमी दूर अंबुजा सीमेंट संयंत्र रवान में रविवार दोपहर 3 बजे 2 मजदूर पत्थर पीसने वाली मशीन में फंस गए। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वहीं 3 मजदूर बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद प्रबंधन तत्काल मजदूरों के शवों को इलाज के नाम पर रायपुर लेकर रवाना हो गया।

हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण कंपनी के मुख्यद्वार पर इकट्ठे होकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। देर शाम विभिन्ना राजनीतिक दलों के नेताओं का जमावड़ा हो गया।

संयंत्र में महीनेभर से बंद पड़े रॉ मिल में गियर बॉक्स रिपेयरिंग का काम चल रहा था। सोमवार को टेस्टिंग थी। हादसे के समय 5 मजदूर वहां काम कर रहे थे। मोहरा निवासी दिलीप वर्मा व मिरगी निवासी धीरेन्द्र वर्मा रॉ मिल के अंदर थे।

वहीं 3 मजदूर ऊपर गियर बॉक्स में थे। तभी प्रबंधन ने वस्तुस्थिति का जायजा लिए बिना लापरवाहीपूर्वक रॉ मिल को चालू करवा दिया। इससे अंदर काम कर रहे धीरेन्द्र व दिलीप रॉ मटेरियल की तरह पिस गए और उनकी वहीं मौत हो गई। गियर बॉक्स पर बैठकर कार्य कर रहे कामगार झटके से दूर जा गिरे। उन्होंने नीचे गिरते समय वहीं से गुजरने वाले केबल को पकड़ लिया जिससे उनकी जान बच गई।

सीमेंट प्रबंधन ने मजदूरों को सेफ्टी लॉक नहीं दिया था। मशीनरी के सुधार में लगे मजदूरों को सुरक्षा के लिहाज से सेफ्टी लॉक दिया जाता है जिसे वे मशीन के ऑन ऑफ स्वीच बॉक्स में लगा देते हैं और चाबी अपने पास रखते हैं। काम खत्म होने के बाद ही सभी मजदूर अपने लगाए तालों को खोलते हैं तब जाकर मशीन चालू होती है। मगर घटना के दिन अति संवेदनशील एरिया में काम कर रहे मजदूरों को सेफ्टी लॉक दिया ही नहीं गया।

 

 

MadhyaBharat 18 September 2017

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