जेटली के बजट में सिर्फ किसान का ध्यान
जेटली के बजट में सिर्फ किसान का ध्यान

 

 वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को संसद में बजट पेश कर दिया। यह केंद्र सरकार का अंतिम पूर्ण बजट था। अपने पिटारे से वित्त मंत्री ने जहां गांव, गरीब, किसान और महिलाओं को फायदे पहुंचाए वहीं नौकरीपेशा और आम आदमी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वित्त मंत्री ने बजट में स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा और कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्वास्थ्य क्षेत्र में दो बड़ी घोषणाएं की है। उन्होंने नेशनल हेल्थ स्कीम के अलावा स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्रों की घोषणा की। नेशनल हेल्थ स्कीम के तहत देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को अस्पतालों में इलाज के लिए 5 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे देश के 50 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे। वहीं यह विश्व का सबसे बड़ा सरकारी वित्त पोषित कार्यक्रम होगा। वहीं 1200 करोड़ रुपए से स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्र विकसित करने की कोशिश की गई है।

वित्त मंत्री ने आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया जिससे नौकरीपेशा वर्ग को मायूसी हुई है। हालांकि, उन्होंने स्टैंडर्ड डिडक्शन को फिर से पेश किया गया है और इसके तहत लोगों को मेडिकल खर्चों पर 40 हजार रुपए तक का फायदा हो सकेगा।

किसानों को समर्थन मूल्य का तोहफा देते हुए वित्त मंत्री ने खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1.5 गुना कर दिया है। साथ ही 2000 करोड़ रुपए की लागत से कृषि बाजार बनाने का भी प्रावधान भी किया है। कृषि प्रोसेसिंग सेक्टर को 1400 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसके अलावा 500 करोड़ की लागत से ऑपरेशन ग्रीन शुरू किया जाएगा। किसानों को कर्ज के लिए बजट में 11 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी किया गया है।

युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इस साल देश में 70 लाख नए रोजगार पैदा करेगी।

महिलाओं के लिए घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने आठ करोड़ गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा ईपीएफ में महिलाओं का योगदान 12 से 8 प्रतिशत किया गया है।

गांवों पर मेहरबान होते हुए वित्त मंत्री ने आधारभूत ढांचे को विकसित करने के लिए 2018-19 के बजट में सरकार ने 14 लाख करोड़ से ज्यादा का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में 2 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा है वहीं सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा 2022 तक हर गरीब को घर देने की योजना भी है।

रेलवे को 1.48 लाख करोड़ देने का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पूरे देश की रेल लाइनें ब्रॉडगेज करने के अलावा 2018-19 में 36000 किलोमीटर ट्रैक बदला जाएगा। सभी ट्रेनों में सीसीटीवी और वाईफआई लगेंगे। मुंबई लोकल पर 1100 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे और 90 किलोमीटर पटरी का विस्तार होगा। 25000 से ज्यादा मुसाफिर वाले स्टेशनों पर एस्केलेटर लगेंगे। बेंगलुरू रेलवे नेटवर्क को 17 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

शिक्षा को लेकर घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश में 24 नए मेडिकल खोले जाएंगे वहीं आदिवासियों के लिए एकलव्य स्कूल खोले जाएंगे। प्री-नर्सरी से 12 वीं तक के लिए एक नीति बनेगी। अब तक प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए अलग-अलग नीति होती थी लेकिन अब इसे समग्र रूप से देखना चाहते हैं। केंद्र सरकार स्कूली टीचरों के लिए एकीकृत बीएड कार्यक्रम शुरू करेगी। 18 आईआईटी और एनआईआईटी की घोषणा की गई।

कस्टम मंत्री ने बजट में कस्टम ड्यूटी बढ़ाने की घोषणा कर दी है। उन्होंने इसे 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया है जिसके चलते टीवी, मोबाइल के अलावा कई चीजें महंगी हो जाएंगी। साथ ही उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य पर लगने वाला सेस भी 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है।

लॉन्ग टर्म कैपिटल टैक्स की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि एक लाख रुपए से अधिक दीर्घकालिक पूंजी लाभों पर किसी सूचकांक के बिना 10 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाने का प्रस्ताव करता हूं।

लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने 3974 करोड़ का प्रावधान किया है। उन्होंने कॉर्पोर्ट टैक्स को कम करते हुए 250 करोड़ के सालाना टर्नओवर वाले उद्योगों को 25 प्रतिशत के टैक्स के दायरे में रखा है।

वरिष्ठ नागरिकों को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने बजट में बैंकों तथा डाकघरों में जमा राशि पर ब्याज में छूट की सीमा को 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया है। साथ ही 80 डी के तहत स्वास्थ्य बीमा या चिकित्सा व्यय के लिए कटौती की सीमा 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है।

वित्त मंत्री ने बजट में राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख रुपए, उपराष्ट्रपति का 4.5 लाख रुपए और राज्यपाल का वेतन 3.5 लाक रुपए किए जाने की घोषणा की।

सड़क और हवाई यातायात को लेकर घोषणा करते हुए कहा कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत 35 हजार किमी सड़कों के निर्माण को मंजूरी देने की बात कही। साथ ही हवाई अड्डों की क्षमता 5 गुना करने की बात भी कही।