राजनांदगंव में कांग्रेस नहीं उतरेगी बड़ा चेहरा
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी

 

राजनांदगांव में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के सामने कांग्रेस कोई बड़ा चेहरा नहीं उतारेगी। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने यह साफ कर दिया है। पुनिया ने फिर से यह बात दोहराई है कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री का कोई चेहरा नहीं होगा।

कांग्रेस सत्ता में आती है तो पार्टी का विधायक दल अपना नेता चुनेंगे। गुरुवार को पुनिया राजनांदगांव पहुंचे थे। सर्किट हाउस में बैठक के पहले उन्होंने यह साफ किया कि राजनांदगांव विधानसभा से कांग्रेस स्थानीय नेता को प्रत्याशी बनाएगी, वह कोई बड़ा चेहरा नहीं होगा।

पुनिया ने यह भी कहा कि यह निर्देश पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मिला है। इसके पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल भी यह बयान दे चुके हैं कि राजनांदगांव से स्थानीय युवा नेता का नाम हाईकमान के सामने रखा जाएगा।

राजनांदगांव शहर कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के पूर्व राष्ट्रीय सचिव निखिल द्विवेदी में से किसी एक को मैदान में उतारने की चर्चा है। इससे यह साफ हो गया है कि राजनांदगांव में कांग्रेस की रणनीति क्या रहेगी?

अगर, डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव से ही चुनाव लड़ेंगे तो वे और जोगी यहीं उलझकर रह जाएंगे। कांग्रेस प्रदेश के दूसरे विधानसभा क्षेत्रों को फोकस करेगी। कांग्रेस में परंपरा रही है कि बहुमत में आने के बाद पार्टी के विधायक तय करते हैं, उनका नेता कौन होगा? नाम तय करके हाईकमान को भेजा जाता है।

उस पर मुहर लग जाती है। कांग्रेस में पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेता-प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, पूर्व नेता-प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे, पूर्व मंत्री डॉ. चरणदास महंत, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष धनेंद्र साहू, विधायक सत्यनारायण शर्मा का नाम सीएम के दावेदारों में शामिल है।