Since: 23-09-2009

  Latest News :
कर्नाटक में कम हुए डीजल-पेट्रोल के दाम.   रामदेव को इजाजत मिले तो बेच सकते हैं 40 रूपये लीटर पेट्रोल .   मध्यप्रदेश में 17 से 25 सितम्बर तक होंगे सेवा कार्य : मुख्यमंत्री चौहान.   केसीआर की टिप्पणी पर भड़की कांग्रेस,तेलंगाना विधानसभा भंग .   रेत माफिया द्वारा ट्रैक्टर से कुचलकर डिप्टी रेंजर की हत्या.   मिग क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट.   मध्यप्रदेश में 17 से 25 सितम्बर तक होंगे सेवा कार्य : मुख्यमंत्री चौहान.   मध्यप्रदेश में 17 से 25 सितम्बर तक होंगे सेवा कार्य : मुख्यमंत्री चौहान.   मुख्यमंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी को दी जन्मदिन की बधाई.   देश के इंजीनियरों ने विश्व में बनाई अलग पहचान - पटेल.   आम आदमी की खुशहाली पहली प्राथमिकता.   दिग्विजय के कटआउट गायब.   100 करोड़ का लिया लोन, और नहीं चुकाया एक पैसा भी .   प्रेशर बम की चपेट में आने से दो ग्रामीणों की मौत.   आय से अधिक संपत्ति के मामले में अजय चंद्राकर के खिलाफ याचिका.   159 दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी हैं बस्तर में .   बस और ट्रक की टक्कर में चार की मौत.   दिल्लीवाला डेंगू वाइरस दुर्ग में ले रहा है जान .  
कावेरी से तमिलनाडु को मिलने वाले पानी में कटौती
kaveri

120 साल पुराने कावेरी जल विवाद पर बड़ा फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु को दिए जाने वाले पानी की मात्रा घटा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे घटाकर 177.27 क्यूसेक कर दिया है। इस फैसले के बाद अब कर्नाटक को मिलने वाली पानी की मात्रा बढ़ जाएगी और उसे अतिरिक्त 14 क्यूसेक पानी मिलेगा। इसके अलावा केरल और पुडुचेरी को मिलने वाले पानी की मात्रा तथावत रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पानी का यह बंटवारा कर्नाटक अपने बिलिगुंडलु डैम से तमिलनाडु के लिए 177.25 क्यूसेक पानी छोड़ेगा। कर्नाटक को अतिरिक्त 14.75 क्यूसेक पानी मिलेगा। कोर्ट ने कहा कि कर्नाटक को अतिरिक्त पानी देने का फैसला बेंगलुरु में रहने वाले लोगों की जरूरतों को देखते हुए लिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के चलते राज्यों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बेंगलुरु में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। कावेरी विवाद पर यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कुछ ही महीनों में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने हैं।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा, एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ ने पिछले साल 20 सितंबर को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। यह विवाद करीब 120 साल पुराना है।

कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण (सीडब्ल्यूडीटी) के 2007 में दिए गए आदेश को कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सीडब्ल्यूडीटी ने 2007 में इस विवाद पर सर्वसम्मति से फैसला दिया था। उसने तमिलनाडु में 192 टीएमसी (1000 मिलियन क्यूबिक) फीट पानी को कर्नाटक द्वारा मेटटूर बांध में छोड़ने के आदेश दिए थे, जबकि कर्नाटक को 270, केरल को 30 और केरल को सात टीएमसी फीट जल आवंटित किया था।

सुप्रीम कोर्ट के शुक्रवार को आने वाले फैसले को लेकर बेंगलुरु में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पत्रकार वार्ता में बेंगलुरु पुलिस आयुक्त टी सुनील कुमार ने बताया कि 15,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा कर्नाटक स्टेट रिजर्व पुलिस और अन्य बलों को भी तैनात किया जाएगा। आयुक्त ने कहा, "संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जाएगी, जहां इसे लेकर पहले दंगे हो चुके हैं।"

 

MadhyaBharat 16 February 2018

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 2456
  • Last 7 days : 16536
  • Last 30 days : 60933

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

All Rights Reserved ©2018 MadhyaBharat News.