Since: 23-09-2009

  Latest News :
पुनिया का आरोप -कांग्रेस नेताओं पर नक्सली हमले में था अजीत जोगी का हाथ .   ममता पर मोदी का कटाक्ष -बंगाल में सिंडिकेट सरकार.   पिछली सरकारों ने किसानों की नहीं की चिंता:मोदी .   उत्तर प्रदेश में पॉलीथिन पर प्रतिबंध.   चुनाव से पहले शुरू हो जाएगा अयोध्या में मंदिर निर्माणः शाह.   सीतारमण ने संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट को ख़ारिज किया .   जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया समाचार पत्र के संस्करण का शुभारंभ.   प्रशासन का दिल और अंतर्रात्मा हैं शासकीय कर्मचारी: मुख्यमंत्री .   प्रदर्शनकारियों ने इंदौर में रोकी ट्रेन.   अनुराग को मैन ऑफ़ द मीडिया सम्मान .   टीवी चैनल हिन्दी खबर के दफ्तर का शुभारंभ.   प्रदेश में खदानों के लिये लागू है सिंगल विण्डो प्रणाली :मुख्यमंत्री .   अगवा युवक की नक्सलियों ने की हत्या.   मुठभेड़ में दो बीएसएफ जवान शहीद, तीन घायल.   छत्तीसगढ़ में 47% OBC तय करते हैं चुनावी खेल.   दो साल से शिक्षक नहीं, गुस्साए ग्रामीणों ने जड़ा ताला.   अदालत ने पूछा- अफसर बताएं बिलासपुर में कब शुरू होगी हवाई सेवा.   छत्तीसगढ़ में अविश्वास प्रस्ताव ,अमित जोगी की अनुपस्थिति पर उठे सवाल.  
नौ फीसद विकास दर से मिट सकती है देश में गरीबी : रंगराजन
 रंगराजन

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने हैदराबाद में कहा है कि देश में गरीबी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुलझाने के लिए अगले दो दशकों तक आर्थिक विकास की रफ्तार आठ-नौ फीसद रहने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने इस पर जोर दिया कि विकास की इस यात्रा में समाज के गरीब तबके को जोड़ना और उनका खयाल रखना चाहिए।

यहां एक कार्यक्रम में रंगराजन ने दक्षिण कोरिया का उदाहरण देते हुए कहा कि तीन दशकों तक सात-आठ फीसद विकास दर रखकर उसने अपने यहां से गरीबी और दूसरी समस्याएं खत्म करने में सफलता हासिल की। अब वह बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं दे पाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि अपने देश में भी इन समस्याओं को जड़ से मिटाने के लिए दो दशकों तक आठ-नौ फीसद विकास दर रखनी होगी। हालांकि लगातार इतनी विकास दर बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। उनके अनुसार औद्योगिक देशों में पहले विकास हुआ। इसके बाद सामाजिक सुरक्षा के प्रावधान मजबूत हुए। जिससे गरीबी और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं दूर हो पाईं।

रंगराजन ने कहा कि 21वीं सदी में ऐसा संभव नहीं है। अब विकास के साथ ही दूसरे बिंदुओं पर ध्यान देने की जरूरत है। विकास की यात्रा में ही गरीब और पिछड़े वर्गों को शामिल करना होगा और उनका खयाल रखना होगा। उन्होंने इस पर जोर दिया कि तेज विकास दर के साथ सामाजिक सुरक्षा के लिए ज्यादा पैसा खर्च किया जाना चाहिए। तेज विकास के दौर में ही राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार स्कीम जैसी योजनाएं चालू की गईं।

 

MadhyaBharat 7 March 2018

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 2009
  • Last 7 days : 20090
  • Last 30 days : 72171

Advertisement
Advertisement
Advertisement

All Rights Reserved ©2018 MadhyaBharat News.