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छत्तीसगढ़िया को ही मेडिकल/डेंटल पीजी सीट में दाखिले की पात्रता
rmc

 

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) से क्वालिफाई हुए ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस/बीडीएस की डिग्री हासिल की हो या छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हों, इस बार दोनों को पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) काउंसिलिंग 2018 में मौका मिलेगा। पिछले साल ऐसा नहीं था, सिर्फ छत्तीसगढ़ के मूल निवासी ही पात्र थे, जिसके चलते प्रकरण हाईकोर्ट पहुंचा था। बड़ी संख्या में सीटें लैप्स भी हुई थीं। लेकिन इस बार यह नियम राहत देने वाला है।

उधर ऑल इंडिया कोटा सीट पर काउंसिलिंग शुरू हो चुकी है, लेकिन राज्य कोटा सीट पर काउंसिलिंग की तिथि अब तक जारी नहीं हुई है। केंद्रीय गाइड-लाइन के मुताबिक 25 मार्च से 6 अप्रैल तक फर्स्ट राउंड खत्म करना है, लेकिन चिकित्सा शिक्षा संचालनालय की काउंसिलिंग समिति के सामने सबसे बड़ा रोड़ा आ खड़ा हुआ है संबद्धता का।

राज्य के दो मेडिकल कॉलेज और पांच डेंटल कॉलेज जिनमें पीजी की सीट को मान्यता है, लेकिन आयुष विश्वविद्यालय ने अब तक संबद्धता नहीं दी है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने स्पष्ट कर दिया है कि बगैर संबद्धता के सीटों का आवंटन नहीं करेंगे, सिर्फ रजिस्ट्रेशन करवाया जाएगा। संचालनालय ने सभी कॉलेजों को संबद्धता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने का नोटिस थमा दिया है।

- 2 मेडिकल कॉलेज जिनमें हैं पीजी की 124 सीट

- 5 निजी डेंटल कॉलेज जिनमें हैं पीजी की 111 सीट

चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने संबद्धता देने में बरती जा रही देरी को लेकर आयुष विश्वविद्यालय को मंगलवार को चौथा रिमाइंडर जारी किया। स्थिति यह है कि रिमाइंडर का जवाब तक नहीं दिया जा रहा है।

अब तक निरीक्षण ही नहीं करवाया आयुष विवि ने- कॉलेजों को पीजी सीट की संबद्धता के लिए आयुष विश्वविद्यालय ने भले ही निरीक्षण शुल्क ले लिया हो, लेकिन अब तक संबद्धता निरीक्षण के लिए टीमों का गठन तक नहीं किया गया है। यह एक साल नहीं, बल्कि हर साल की स्थिति है, जब संबद्धता देने में देरी की जाती है। सूत्रों के मुताबिक आनन-फानन में औपचारिकता निभाते हुए संबद्धता दी जाएगी, ताकि काउंसिलिंग में परेशानी न हो।

काउंसिलिंग प्रभारी एवं अतिरिक्त संचालक, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय डॉ. निर्मल वर्मा ने बताया सभी कॉलेजों को रिमांइडर जारी किया गया है कि वे संबद्धता दस्तावेज प्रस्तुत करें। अगर नहीं जमा करते हैं तो हम सीटों का आवंटन नहीं करेंगे। एमडीएस के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, एमडी एमएस के लिए भी जल्द करेंगे।

MadhyaBharat 22 March 2018

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