Since: 23-09-2009

  Latest News :
रोशन होंगे अब देशभर के सभी सरकारी स्कूल.   मशहूर एक्ट्रेस रीता भादुड़ी का निधन.   गुजरात के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात .   पुनिया का आरोप -कांग्रेस नेताओं पर नक्सली हमले में था अजीत जोगी का हाथ .   ममता पर मोदी का कटाक्ष -बंगाल में सिंडिकेट सरकार.   पिछली सरकारों ने किसानों की नहीं की चिंता:मोदी .   विदिशा, खंडवा और रतलाम मेडिकल कॉलेज को मान्यता.   भोपाल के एमपी नगर में इमारत में लगी भीषण आग.   विकास यात्रा में योजना का पैसा खर्च करना वित्तीय अनियमितता .   सपा, बसपा और कांग्रेस नेताओं में मध्यप्रदेश को लेकर मंथन.   जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया समाचार पत्र के संस्करण का शुभारंभ.   प्रशासन का दिल और अंतर्रात्मा हैं शासकीय कर्मचारी: मुख्यमंत्री .   रायपुर परियोजना से जुड़ेंगे नौ शहर, दुर्ग तक बनेगा नया एक्सप्रेस वे.   अगवा युवक की नक्सलियों ने की हत्या.   मुठभेड़ में दो बीएसएफ जवान शहीद, तीन घायल.   छत्तीसगढ़ में 47% OBC तय करते हैं चुनावी खेल.   दो साल से शिक्षक नहीं, गुस्साए ग्रामीणों ने जड़ा ताला.   अदालत ने पूछा- अफसर बताएं बिलासपुर में कब शुरू होगी हवाई सेवा.  
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना-किसानों को दी जायेगी प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना

मध्यप्रदेश में गेहूँ, चना, मसूर और सरसों की उत्पादकता को बढ़वा देने के लिये राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के क्रियान्वयन से फसल उत्पादकता में बढ़ोत्तरी होगी और 5 वर्ष में किसानों की आय दोगुनी किये जाने की दिशा में एक ठोस प्रयास होगा। प्रदेश में फसलों की उत्पादकता को बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय तिलहन मिशन के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों को क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों के बीच नवीन किस्मों के बीजों का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से किसानों को फेयर एवरेज क्वालिटी (एफएक्यू) गुणवत्ता के उत्पादन को प्रोत्साहित करना भी है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं।

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में रबी 2017-18 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जित करने वाले किसानों को 265 रुपये प्रति क्विंटल की राशि पात्र किसानों के बैंक खातों में जमा की जायेगी। किसानों द्वारा 15 मार्च से 26 मई तक कृषि उपज मण्डी में गेहूँ बेचे जाने पर 265 रुपये प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। कृषि उत्पाद मण्डी में न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे अथवा न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर गेहूँ बेचा गया हो, दोनों ही स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का लाभ पंजीकृत किसान को दिया जायेगा।

योजना में रबी 2017-18 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों उपार्जित कराने वाले किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि उनके बैंक खाते में जमा करवाई जायेगी। पंजीकृत किसानों द्वारा बोनी एवं उत्पादकता के आधार पर उत्पादन की पात्रता की सीमा तक 10 अप्रैल से लेकर 31 मई तक कृषि उपज मण्डी में विक्रय पर 100 रुपये प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। प्रदेश में गेहूँ का पंजीयन 'ई-उपार्जन'' पोर्टल पर तथा चना, मसूर एवं सरसों का पंजीयन भावांतर भुगतान योजना के पोर्टल पर किया गया है।

जिलों में योजना के क्रियान्वयन के लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी में उप संचालक कृषि विकास एवं किसान कल्याण, सीईओ जिला पंचायत, अतिरिक्त कलेक्टर राजस्व, उप पंजीयक सहकारी संस्था, जिला खाद्य अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी केन्द्रीय सहकारी बैंक, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, मार्कफेड और जिला लीड बैंक अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह समिति लाभान्वित किसानों के बैंक खातों एवं योजना के क्रियान्वयन की निरंतर समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के संबंध में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा प्रदेश के जिला कलेक्टर्स को लगातार निर्देश दिये जा रहे हैं। जिला मुख्यालय पर 16 अप्रैल को जिला-स्तरीय किसान सम्मेलन और शाजापुर में राज्य-स्तरीय किसान महा-सम्मेलन होगा। इनकी व्यवस्थाओं के संबंध में भी कलेक्टर्स को निर्देश दिये गये हैं।

 

MadhyaBharat 9 April 2018

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 2052
  • Last 7 days : 18434
  • Last 30 days : 74097

Advertisement
Advertisement
Advertisement

All Rights Reserved ©2018 MadhyaBharat News.