Since: 23-09-2009

  Latest News :
राफेल डील हमारे लिए बूस्टर डोज : वायुसेना चीफ.   नरेंद्र सिंह तोमर की तबीतय बिगड़ी, एम्स में भर्ती.   राम और रोटी के सहारे कांग्रेस .   डीजल-पेट्रोल के दाम में फिर लगी आग.   अयोध्या केस की सुनवाई 29 अक्टूबर से रोज होगी.   कर्नाटक में कम हुए डीजल-पेट्रोल के दाम.   कुरीतियों को समाप्त करने में योगदान करें महिला स्व-सहायता समूह.   गरीबों के बकाया बिजली बिल के माफ हुए 5200 करोड़ :चौहान.   ग्रामीण महिलाओं से संवाद के प्रयास जरूरी : जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र.   ग्रामीण महिलाओं से संवाद के प्रयास जरूरी : जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र.   जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया विशेषांक का विमोचन.   भोपाल में सब रजिस्ट्रार अशोक को घूस लेते लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा .   सुकमा मुठभेड़ में तीन नक्सली मरे ,नारायणपुर में तीन का समर्पण .   पखांजूर में शुरू होगा नया कृषि महाविद्यालय.   रमन सरकार नक्सलियों को लेकर उदार हुई .   दिग्विजय सिंह बोले -अजीत जोगी के कारण मप्र में हारे थे.   100 करोड़ का लिया लोन, और नहीं चुकाया एक पैसा भी .   प्रेशर बम की चपेट में आने से दो ग्रामीणों की मौत.  
महाकौशल में नर्मदा से नई राजनीति का आरम्भ
महाकौशल में नर्मदा से नई राजनीति का आरम्भ

 

महाकौशल और 1600 किमी की नर्मदा अब भाजपा और कांग्रेस के लिए गढ़ बन गई है। चुनाव से पूर्व महाकोशल में संगठन के 'कौशल' का दांव लग चुका है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा यात्रा की शुरुआत की थी। उन्होंने तकरीबन 1500 किमी की परिक्रमा की और नर्मदा को बचाने के लिए 6 करोड़ पौधे नर्मदा किनारे रोपे।

इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 6 माह 11 दिन नर्मदा परिक्रमा की। उन्होंने 110 विधानसभा क्षेत्रों की यात्रा की। इसके बाद नर्मदा से जुड़े मुद्दे राजनीति के मुद्दे बन गए। कितने पौधे रोपे गए और उसमें से कितने पौधे जीवित बचे, इन पर राजनीति शुरू हो गई। भाजपा और कांग्रेस ने संगठन की जवाबदारी महाकोशल के दो बड़े नेताओं को सौंप दी है।

भाजपा ने महाकोशल क्षेत्र से राकेश सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है तो वहीं कांग्रेस ने भी एक सप्ताह के अंदर महाकोशल क्षेत्र के वरिष्ठ नेता कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। इससे अब पूरे प्रदेश की राजनीति महाकोशल और नर्मदा से जुड़े मुद्दों पर टिक गई है।

पिछले साल मंडला में एक कार्यक्रम में पहुंचे एक दर्जन विधायकों ने कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने आवाज उठाई थी। इसके बाद सालभर में करीब दस बार कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा चली, लेकिन कुछ नहीं हुआ। यहां तक कि विधायकों का एक प्रतिनिधि मंडल ने राहुल गांधी से मिलकर कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की मांग की, लेकिन उस वक्त राहुल गांधी ने कहा था कि अरुण यादव से मिलें। इससे सभी विधायक सकते में आ गए थे।

महाकोशल क्षेत्र-

जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, डिंडौरी।

कुल सीट - 38

भाजपा - 24

कांग्रेस - 13

निर्दलीय - 1

नर्मदा से जुड़े मुद्दे भाजपा और कांग्रेस के लिए राजनीति का केन्द्र बन गए हैं। दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा के दौरान कमलनाथ दो बार उनकी परिक्रमा में शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और सांसद कमलनाथ के बीच गठजोड़ वहीं से शुरू हो गया था। नर्मदा परिक्रमा के समापन दिवस पर भी कमलनाथ पहुंचे। इसके बाद वे दोबारा शंकराचार्य स्वरूपानंद जी का आशीर्वाद लेने झोंतेश्वर आए।

दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा के दौरान ही कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने दिग्विजय सिंह का समर्थन मिल गया था। नर्मदा से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करना है, इसके संकेत भी उन्हें मिल गए थे। विधिक विमर्श कार्यक्रम में कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह से मंच से ही पूछा था कि नर्मदा किनारे कितने पौधे आपको दिखाई दिए जोकि सीएम ने लगाए थे, दिग्जिवय सिंह ने कहा कि उन्हें कोई पौधा रोपा हुआ दिखाई नहीं दिया। वहीं मुख्यमंत्री ने नर्मदा घोटाला उजागर करने वालों को राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया।

महाकोशल में भाजपा की 24 सीटें हैं, लेकिन जो गुप्त रिपोर्ट भाजपा के पास पहुंची है उसके अनुसार भाजपा अधिकतर सीटें विधानसभा चुनाव में हार रही है। यह जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास भी पहुंची है। इससे भाजपा ने महाकोशल क्षेत्र के ही नेता को प्रदेशाध्यक्ष बनाकर कुछ हद तक इस क्षेत्र का जनाधार खिसकने से रोकने की कोशिश की। भाजपा में प्रदेशाध्यक्ष महाकोशल का बनते ही कांग्रेस ने भी महाकोशल क्षेत्र के नेता कहे जाने वाले कमलनाथ पर अपना दांव चल दिया। कांग्रेस की महाकोशल में केवल 13 सीटें हैं।

 

MadhyaBharat 27 April 2018

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 1517
  • Last 7 days : 10238
  • Last 30 days : 36982


All Rights Reserved ©2018 MadhyaBharat News.