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देश के सबसे गंदे 10 शहरों में 8 बंगाल के
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स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत हाल ही में संपन्न स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले दस में से आठ शहर पश्चिम बंगाल के रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया है। इस सर्वेक्षण में एक लाख से ज्यादा आबादी वाले 485 शहरों की सूची जारी की गई है, जिसमें आखिरी स्थान पर राज्य का भद्रेश्वर शहर है। हुगली जिले का यह शहर कुल 4,000 अंकों में से महज 448.3 अंक ही हासिल कर पाया। जबकि पहले स्थान पर रहे मध्य प्रदेश के इंदौर शहर को 3,707.01 अंक मिले।

इस सूची में अंतिम दस में पश्चिम बंगाल से बाहर के दो शहर हैं, जिसमें बिहार का सिमरी बख्तियारपुर 550.07 अंक के साथ 482वें और चांदबाली (586.71 अंक) 479वें स्थान पर रहा। बांकुरा 484वें, नॉर्थ बैरकपुर 483वें, चंपदानी 481वें, बंसबेरिया 480वें, खर्दाह, बैधबती तथा पानीहाटी क्रमशः 478वें, 477वें और 476वें स्थान पर है।

दूसरी ओर, दस टॉप शहरों में इंदौर के अलावा भोपाल (3688.94 अंक), चंडीगढ़ (3649.38), नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) (3597.19),

विजयवाड़ा (3580.2), तिरुपति (3575.8), ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (3546.5), मैसुर (3539.5), नवी मुंबई (3536.2) तथा पुणे (3471.34) का शुमार है।

राज्यों की सूची में झारखंड पहला, महाराष्ट्र दूसरा तथा छत्तीसगढ़ ने तीसरा स्थान हासिल किया। यह सर्वेक्षण इस साल चार जनवरी से 10 मार्च के बीच कराया गया था। स्वच्छता की यह स्पर्धा 4,203 शहरी निकायों के बीच थी, जिसके तहत करीब 40 करोड़ नागरिक हैं।

 

MadhyaBharat 25 June 2018

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