बावरिया ने दी कांग्रेस नेताओं को नसीहत
ARIF MASOOD

मसूद बीच में बोले तो किसी ने नहीं दी तवज्जो

 

कांग्रेस महासचिव और प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया जब कोंग्रेसियों को अनुशासन का पाठ पढ़ा के नसीहतें दे रहे थे | तभी भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को उनकी कोई बात नागवार गुजरी और वे अनुशासन को ताक पर रखकर  बीच में बोलने लगे  | लेकिन किसी भी कोंग्रेसी ने आरिफ मसूद की बात को तवज्जो नहीं दी  | 

कमलनाथ सरकार के मंत्रियों को  कांग्रेस  महासचिव व प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने चेतावनी दी है कि वे व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंधों में भेद करने की समझ दिखाएं  |   जिन मंत्रियों को यह समझ नहीं है, वे मंत्री बनने लायक नहीं हैं  |  अगर किसी मंत्री ने भाजपा कार्यकर्ता को उपकृत किया तो वे उसे सोनिया गांधी के सामने खड़ा करा देंगे और मंत्रिमंडल विस्तार में उसका मंत्री पद छिन सकता है  | दीपक बाबरिया ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से कहा कि पद देते समय इस बात का ध्यान रखें कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा के लोगों को मौका मिले  |  ऐसा न हो कि भोपाल में रहने वाले कार्यकर्ता गणेश परिक्रमा के दम पर ज्यादा पद ले जाए   |  इस बात पर भोपाल मध्य के विधायक आरिफ मसूद ने एतराज जताया  | और बावरिया की भाषण के बीच में ही बोलना शुरू कर दिया  | उन्होंने बाबरिया के भाषण में बीच में दखल देते हुए कहा कि आप भोपाल का नाम गलत ले रहे हैं  | भोपाल के कार्यकर्ताओं ने 15 साल तक भाजपा सरकार के दौरान मुख्यमंत्री निवास से लगाकर सड़कों पर संघर्ष किया,लाठियां खायी है |  मसूद जोर जोर से अपनी बात रख रहे थे लेकिन मसूद की बातों पर किसी भी कोंग्रेसी ने ज्यादा गौर नहीं किया | 

बाबरिया ने अपने भाषण में अनुशासन की नसीहतें दीं तभी यह ममला हुआ इसलिए सब बावरिया के भाषण में मगन रहे  | किसी नेता ने भी विधायक आरिफ मसूद की बात को वजन नहीं दिया  | बाबरिया ने कहा कि पार्टी नेता अनुशासन में रहें  | उन्होंने कहा कि अनुशासन के मामले में बड़ा हो या छोटा नेता, कोई भी बख्शा नहीं जाएगा  |