Since: 23-09-2009

  Latest News :
कर्नाटक विधानसभा उपचुनाव के नतीजे घोषित.   हैण्डलूम एक्सपोर्ट कार्पोरेशन ने भुगतान रोका.   यूपी में 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट को मंजूरी.   पीड़ित परिवार को मिले 25 लाख, बहन को नौकरी.   दुष्कर्मियों को तेलंगाना के मंत्री की चेतावनी.   एनकाउंटर से हुई पुलिस की कॉलर ऊंची.   धरने पर बैठे पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान.   नवविवाहिता को जलाकर मारने के आरोपी फरार .   प्रशासन ने तोड़ा विवादों में रहा पत्रकार भवन.   सजा देने में मध्यप्रदेश देश में आगे.   आरक्षण के खिलाफ सपाक्स ने किया बंद.   जीतू सोनी के एक और बंगले पर तोड़फोड़.   युवक ने किया सरेआम महिला पर हँसिये से हमला.   दुष्कर्मी को पीटने कोर्ट परिसर में दौड़ीं महिलाएं.   ITBP जवान ने साथी पर की फायरिंग 6 की मौत.   नक्सली DKMS अध्यक्ष सन्ना हेमला हुआ सरेंडर.   मनोज मंडावी विधानसभा उपाध्यक्ष निर्वाचित.   गांजे की तस्करी का अनोखा तरीका.  
सरकार के अध्यादेश से पार्षदों की बढ़ेगी खरीद फरोख्त

दल-बदल रोकने के लिए भी सरकार लाए अध्यादेश

 

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कमलनाथ सरकार को भयग्रस्त सरकार  बताते हुए कहा कि प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में बदलाव के लिए लाए गए अध्यादेश से  |  पार्षदों की ख़रीद-फरोख्त बढ़ेगी  |  ख़रीद-फरोख्त रोकने के लिए सरकार को नगरीय निकायों में भी दल बदल कानून लागू करना चाहिए  ...  इसके लिए  सरकार अध्यादेश लाए  | 

 नगरीय निकाय चुनाव में महापौर का प्रत्यक्ष चुनाव ना कराने का मामला गर्माता जा रहा है  | नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा की  | इस निर्णय से लोकप्रिय जनसेवक अपने अधिकारों से वंचित हो जायेंगे  | सरकार के इस अध्यादेश के  लागू होने से लोकप्रिय और आर्थिक रुप से कमजोर लोग  |  जो वर्षों से राजनीति के क्षेत्र में जनसेवा कर रहे है  |  वे अब सरकार के इस अध्यादेश से अपने अधिकार से वंचित हो जाएंगे  | भार्गव ने कहा कि मध्य प्रदेश ही  ऐसा राज्य है  |  जहां पर जनता से सीधे अध्यक्ष और महापौर चुनने की व्यवस्था है  और इसके साथ ही अगर चुना हुआ जनप्रतिनिधि भ्रष्ट, निकम्मा और अलोकप्रिय हो तो उसे वापिस बुलाने का अधिकार , राइट टू रिकॉल  भी  भाजपा शासन में लागू हुआ  |  इस अध्यादेश से जनप्रतिनिधियों में निरंकुशता बढ़ेगी, क्योंकि एक ओर चुने गए जनप्रतिनिधी मनमानी करेंगे  | 

भार्गव  कहा कि यह अध्यादेश एक अलोकप्रिय और जनाधार विहीन भयग्रस्त सरकार के द्वारा लाया अध्यादेश हैं   |  इससे प्रदेश के नगर अब विकास की दौड़ में पिछड़ जाएंगे  | सरकार धनबल, बाहुबल ओर सत्ताबल के आधार पर गिने-चुनें पार्षदों को प्रभावित करेगी  |  आम मतदाता की आवाज का कोई महत्व नही होगा  |  उन्होंने कहा कि इस अध्यादेश के लागू होने के बाद ही  तत्काल लोग अभी से पार्षदों को प्रभावित करने के हथकंडे अपनाने लगे है  | 

 

 

 

 

 

MadhyaBharat 9 October 2019

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 5754
  • Last 7 days : 42782
  • Last 30 days : 128061


All Rights Reserved ©2019 MadhyaBharat News.