Since: 23-09-2009

  Latest News :
भारत-USA के बीच 3 अरब डॉलर की डिफेंस डील.   CAA विरोध का उपद्रव हिंसा में सात लोगों की मौत.   मोटेरा में दिखी ट्रंप-मोदी की दोस्ती.   वर्चस्व के लिए कांग्रेस के नेता आपस में भिड़े.   बरेली को आखिर मिल गया अपना झुमका.   शाहहिं बाग़ पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक .   जर्जर भवन में गढ़ता कल का भविष्य.   कर्ज में डूब रहा है कमलनाथ का मध्यप्रदेश.   शिक्षकों को अपमानित करने वाला फरमान.   दिग्विजय सिंह:शिवराज सिंह चौहान गर्त में है .   मौसम में 29 फरवरी से होगा बड़ा बदलाव.   जमकर थिरके गुना सांसद केपी यादव.   पखांजूर में धान खरीदी नहीं होने से घुस्साये किसान.   अस्पताल से छह दिन का बच्चा चोरी.   जवानों ने बरामद किया प्रेशर आईईडी बम.   अस्तित्व में आया गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला.   CM भूपेश ने बच्चों से कहा डर छोड़कर साहसी बनें.   अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन का किया गया आयोजन.  
अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के बुरे हाल

कई कई दिनों तक पढ़ाई व्यवस्था रहती है चौपट

 

रीवा का अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय कई  कमियों का दंश झेल रहा है, लेकिन सरकार में इसकी खबर लेने वाला कोई नहीं है  | उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी भी यदा कदा रीवा आते हैं  | फीते काटते हैं उद्घाटन करते और चले जाते हैं | और अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं  | 

उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी कभी कभार रीवा दौरे पर आते हैं |  नए भवनों का लोकार्पण करते हैं  | शिक्षा  विभाग के  जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अच्छी सुखमय व्यवस्था पाकर  ख़ुशी ख़ुशी वापस  भोपाल लौट जाते हैं  | इस दौरान वह भूल जाते हैं कि जिन कार्यों के लिए कमलनाथ सरकार ने उन्हें चुना है उसका भी निर्वहन करना है  | अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा इन्ही कमियों का दंश झेल रहा है  | कोई इसकी खबर लेने वाला नहीं है , बच्चे और अभिभावक  शिकायत लेकर लाइन में खड़े रहते हैं मगर मंत्री जी को  समस्याएं सुनने की फुर्सत थी कहां मिलती हैं  |  पिछले   एक बार फिर   विश्वविद्यालय की  पढ़ाई व्यवस्था और प्रशासनिक कार्य व्यवस्था  ठप पड़ गई  | 

आये दिन कर्मचारी 2016 ,2017 के सातवें वेतनमान के एरियर्स भुगतान की मांग कर रहे हैं जिसकी स्वीकृत ही प्रशासन ने अवधेश प्रताप विश्वविद्यालय को नहीं दी है | कई बार कर्मचारी हड़ताल कर चुके हैं  | लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं हैं  |  यहां बच्चे महँगी फीस दे कर के प्रवेश लेते हैं   ताकि  उनको निमित रूप से पठन पाठन की व्यवस्था उपलब्ध होगी  | यहाँ कई कई दिनों तह  बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था भी बंद रहती है | 

अतिथि विद्वान जिनकी संख्या विश्वविद्यालय में सबसे ज्यादा है  | जिनका हड़ताल में भी योगदान नहीं है, वह भी मौका उठाकर के कक्षाओं में पढ़ाने नहीं  जाते हैं  |  प्रशासन के द्वारा आज तक कोई कठोर कार्यवाही नही किए जाने के कारण अतिथि विद्वानों के भी हौसलें बुलंद  हो गए हैं और विश्वविद्यालय की कुलपति पीयूष रंजन अग्रवाल, मीटिंग करने के अलावा समस्याओं का कोई निष्कर्ष नहीं निकाल पा रहे हैं  और हर बात पर राज्य सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं,| 

 

MadhyaBharat 28 January 2020

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 4462
  • Last 7 days : 35666
  • Last 30 days : 147194


All Rights Reserved ©2020 MadhyaBharat News.