छिंदगढ़ में करोड़ों के घटिया निर्माण कर शासकीय राशि का किया गया बंदरबांट : दीपिका
sukma, Government funds, Chhindgarh , Deepika

सुकमा। भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष व अधिवक्ता दीपिका शोरी ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि जिले के भूसंरक्षण विभाग में पिछले कई वर्षों से लगातार बड़े पैमाने पर की जा रही अनियमितताओं के लिए विभाग के सहायक संचालक कैलाश मरकाम की विशेष भूमिका का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से सुकमा जिले का भूसंरक्षण विभाग में भ्रष्टाचार अपने चरम में पहुंच गया है।

विभाग में सक्रिय दलाल अपने तरीके से कार्य कर किसानों के हित में होने वाले कार्यों में अधिकारियों के साथ संलिप्त होकर शासकीय राशि का बंदरबांट कर रहे हैं। जिसकी जानकारी होते हुए भी विभागीय अधिकारी आंख बंद कर बैठे हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि इस विभाग में दलालों को सत्तापक्ष का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं सारे कार्यों का अवलोकन कर किसानों से इस विषय में चर्चा किया है। जिससे पता चला कि करोड़ों के निर्माण तो हो गया पर धरातल पर लाभ शून्य है।

दीपिका शोरी ने सहायक संचालक कैलाश मरकाम पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के हित में चलाई जा रही राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी तथा आदर्श कही जाने वाली योजना नरवा, गरुवा, घुरवा, बाड़ी योजना को लेकर कांग्रेस की भूपेश सरकार अपनी पीठ थपथपा रहा है। लेकिन कैलास मरकाम के द्वारा शासन द्वारा स्वीकृत इन विभागीय कार्यों को दलालों एवं रसूखदार लोगों के साथ मिलकर गुणवत्ताहीन निर्माण कर शासन को करोड़ों का चूना लगा चुके हैं। दीपिका ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन एवं ग्रामीण विकास विभाग रायपुर के द्वारा मनरेगा योजना के तहत 2018 में छिंदगढ़ विकासखण्ड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में एक करोड़ 65 लाख 97 हजार की लागत से चिपुरपाल के पोंदुम नाला में पांच, मुर्रेपाल में एक व मेंखावाया में एक कुल 07 स्थानों पर स्टॉपडेम व चेकडेम निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए परन्तु इस विभाग के अधिकारियों एवं दलालों के कारण सभी कार्यों का निर्माण गुणवत्ताहीन होने के कारण किसानों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। कार्यों में बड़े स्तर पर तकनीकी त्रुटियां भी की गई हैं।

 

दीपिका ने बताया कि लगातार अनियमितता की शिकायत मिलने पर मैंने इस विषय मे सूचना के अधिकार के तहत जनवरी 2021 में जानकारी मांगी थी, समय पर जानकारी नही देने पर मैंने पुन: आवेदन दिया था। जब मैंने जानकारी हेतु बार-बार आवेदन लगाया तो इन्ही के चाहने वाले दलालों में से एक ने जानकारी के एवज में सेटिंग कराने का भी ऑफर दिया। परन्तु जब मैंने स्पष्ट तौर पर मना कर दिया व कहा कि दोबारा ऐसी बात करोगे तो कोर्ट में नजर आओगे तो दलाल ने काल करना बंद कर दिया।