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दमोह News


mp  वित्त मंत्री  जयंत मलैया

वित्त मंत्री  जयंत मलैया ने जिले में जल-स्रोतों, विशेषकर तालाबों को गहरा करने और सफाई कार्य के लिये विशेष अभियान चलाये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में नागरिकों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। वित्त मंत्री आज दमोह में पेयजल व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री शिवचरण पटेल भी मौजूद थे। वित्त मंत्री ने कहा कि विकासखण्डवार हेण्ड-पम्प संधारण के लिये टेलीफोन नम्बर सार्वजनिक किये जायें। बताया गया कि दमोह क्षेत्र में 270 करोड़ की सतधारु परियोजना स्वीकृत हो गयी है। योजना से दमोह जनपद के 47 गाँव में सिंचाई होगी और दमोह शहर में अतिरिक्त पेयजल की व्यवस्था भी होगी। वित्त मंत्री ने जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति और 12 अप्रैल को लगने वाले अंत्योदय मेले की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में हर हाल में वर्ष 2022 तक सभी पात्र हितग्राही को आवास बनाकर दिये जायेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि योजना में गड़बड़ी करने वालों से सख्ती से निपटा जायेगा। जिले में इस योजना में हितग्राहियों को 160 रुपये प्रति बोरी की दर पर सीमेंट प्राप्त हो रही है। वित्त मंत्री ने जिले में लगने वाले कृषि विकास मेले की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि विकासखण्डवार पॉली-हाउस तैयार कर किसानों को लाभान्वित किया जाये। वित्त मंत्री ने दमोह नगर के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। बताया गया कि दमोह का रेलवे ओव्हर-ब्रिज का कार्य इस वर्ष अगस्त तक हो जायेगा। श्री मलैया ने ओडीएफ (ओपन डेफेकेशन फ्री) के सभी कार्य नियत समय में करने के लिये कहा। जानकारी दी गयी कि दमोह शहर के 21 वार्ड ओडीएफ हो गये हैं। इस वर्ष 15 मई तक दमोह शहर ओडीएफ हो जायेगा। बैठक में जिला अस्पताल की साफ-सफाई, बिजली की उपलब्धता और नगरपालिका के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गयी।  

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 MadhyaBharat  26 March 2017

जयंत मलैया

 वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कहा है कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने के लिये धन की कमी को आड़े नहीं आने देगी। प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च संस्थान में प्रवेश दिलवाने के लिये राज्य सरकार ने 1000 करोड़ का विशेष कोष तैयार किया है। इस कोष के माध्यम से उच्च संस्थानों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति की जायेगी। वित्त मंत्री श्री मलैया  दमोह जिले के बटियागढ़ और पथरिया कॉलेज में छात्र-छात्राओं को स्मार्ट फोन का वितरण कर रहे थे। इस मौके पर विधायक श्री लखन पटेल भी मौजूद थे। वित्त मंत्री ने पथरिया कॉलेज में 269 और बटियागढ़ में 156 छात्र-छात्राओं को स्मार्ट फोन वितरित किये। वित्त मंत्री श्री मलैया ने कहा कि विद्यार्थी स्मार्ट फोन का उपयोग पढ़ाई में करेंगे। उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से 520 हाई स्कूल और 240 हायर सेकेण्डरी स्कूल का अपग्रेडेशन किया जायेगा। बांदकपुर में आवासहीनों को पट्टे वितरित वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया ने बांदकपुर में लोक कल्याण शिविर में 45 गाँव के 1800 आवासहीनों को आवासीय पट्टे वितरित किये। वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 तक प्रदेश में प्रत्येक आवासहीन का खुद का आवास होगा। इसके लिये राज्य सरकार ने महत्वाकांक्षी योजना पर कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि बांदकपुर में 33 लाख की लागत से आयुष अस्पताल का भवन तैयार करवाया जा रहा है और डेढ़ करोड़ की लागत से स्कूल भवन तैयार करवाया जा रहा है। वित्त मंत्री ने शिविर में 50 से अधिक नि:शक्तजन को ट्रायसिकल, व्हील-चेयर एवं अन्य उपकरण वितरित किये। शिविर में नागरिकों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।  

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 MadhyaBharat  14 March 2017

sinchai priyojana

    जल-संसाधन विभाग की योजनाओं से 29 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की गयी  प्रदेश में बाँधों का इतिहास एक हजार वर्ष से भी अधिक पुराना है। भोजपुर मंदिर के पास 'तालों में ताल भोपाल ताल'' के अवशेष एवं बुंदेलखण्ड में चंदेल राजवंश द्वारा निर्मित 1000 जलाशय, जो कि खजुराहो मंदिरों के समकालीन हैं। यह सब जल-संसाधन विकास के जीवंत प्रमाण हैं। मध्यप्रदेश में सभी शासकीय स्रोत से वर्ष 2018 तक 40 लाख हेक्टेयर और वर्ष 2025 तक सिंचाई क्षमता बढ़ाकर 60 लाख हेक्टेयर किये जाने की महत्वाकांक्षी कार्य-योजना तैयार की गयी है। सिंचाई के अलावा जल-संसाधन विभाग के बाँधों के माध्यम से आसपास के नगरों और गाँव में पेयजल के लिये भी पानी दिया जा रहा है। प्रदेश में अगले 3 वर्ष में सिंचाई परियोजनाओं में 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा। मध्यप्रदेश में वर्ष 2016-17 में 28 लाख 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जल-संसाधन विभाग की सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से खेतों में सिंचाई की गयी। इस वर्ष रबी सीजन में 26 लाख 39 हजार हेक्टेयर और खरीफ सीजन में 2 लाख 51 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की गयी। सिंचाई प्रबंधन में जन-भागीदारी कानून बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का दूसरा प्रदेश प्रदेश में आधुनिक तकनीकी के आधार पर बाँधों के निर्माण का इतिहास भी लगभग 100 वर्ष पुराना है। बालाघाट जिले की ढूटी-वियर, छतरपुर जिले की बरियारपुर पिक-अप वियर उसी अवधि में निर्मित की जाकर आज भी अपनी पूर्ण क्षमता से कार्यरत है। मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश के बाद दूसरा राज्य है, जहाँ सिंचाई प्रबंधन में किसानों की भागीदारी अधिनियम-1999 लागू किया गया है। अधिनियम में कृषक संगठनों को कार्य करने के लिये स्वतंत्र एवं वैधानिक रूप से अधिकृत किया गया है। मध्यप्रदेश जल-स्रोतों के मामले में सम्पन्न राज्य है। राज्य में नर्मदा, चम्बल, बेतवा, केन, सोन, ताप्ती, पेंच, बैनगंगा एवं माही नदियों का उद्गम-स्थल है। प्रदेश में नदियाँ सभी दिशाओं में प्रवाहित होती हैं। राज्य का औसत सतही जल-प्रवाह 75 प्रतिशत निर्भरता पर 81 हजार 500 घन मीटर है। इसमें से 56 हजार 800 मिलियन घन मीटर मध्यप्रदेश को आवंटित है। शेष 24 हजार 700 घन मीटर जल अंतर्राज्यीय समझौते के अंतर्गत पड़ोसी राज्यों को आवंटित है। प्रदेश में भू-गर्भीय जल की मात्रा 34 हजार 500 मिलियन घन मीटर आंकलित है। मध्यप्रदेश में लगभग 155 लाख 25 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। जल-संसाधन विभाग की कुल सिंचाई क्षमता वर्ष 2015-16 में 28 लाख 60 हजार हेक्टेयर थी। प्रदेश में विभाग की 15 वृहद, 85 मध्यम और 4,771 लघु, इस प्रकार 4,871 निर्मित सिंचाई योजनाएँ हैं। प्रदेश में प्रतिवर्ष डेढ़ लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित की जा रही है। प्रदेश को नाबार्ड, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और एशियन डेव्हलपमेंट बैंक से आर्थिक सहायता मिल रही है।  

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 MadhyaBharat  15 February 2017

वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया

वित्त मंत्री  मलैया ने दमोह के बटियागढ़ में मंगल भवन का किया लोकार्पण  वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों का विकास राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में है। इसको देखते हुए राज्य सरकार ने अजा वर्ग के विकास के लिये अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। वित्त मंत्री श्री मलैया दमोह जिले के बटियागढ़ में 42 लाख की लागत से बने मंगल भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर विधायक श्री लखन पटेल और श्री प्रदीप लारिया मौजूद थे। वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया ने कहा कि जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के लिये छात्रावास भवन बनाये जा रहे हैं। इसके साथ ही इन वर्गों के बच्चों की अच्छी पढ़ाई के लिये राज्य सरकार ने अच्छे इंतजाम किये हैं। दमोह के कचौरा में डबल स्टोरी मंगल भवन बनवाया जा रहा है। उन्होंने दमोह की गौरवशाली सामाजिक सदभाव परम्परा का भी उल्लेख किया। वित्त मंत्री ने बताया कि बटियागढ़ शासकीय महाविद्यालय भवन के निर्माण कार्यों के लिये 5 करोड़ 50 लाख की राशि मंजूर की जा चुकी है। वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया ने दमोह के बाँसा तारखेड़ा में लोक कल्याण शिविर में 30 गाँव के 764 हितग्राहियों को आवासीय पट्टे वितरित किये। उन्होंने ग्राम में सामुदायिक भवन के लिये 5 लाख रूपये देने की घोषणा की। श्री मलैया ने कहा कि प्रत्येक ग्राम में सामुदायिक भवन बनाये जायेंगे। यह भवन गाँव के लोगों के माँगलिक कार्यों के लिये उपयोगी साबित होंगे। शिविर में नि:शक्तजनों को ट्रायसायकिल का वितरण किया गया। वित्त मंत्री श्री मलैया ने नोहटा तीन दिवसीय नोहटा महोत्सव का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नोहटा महोत्सव में जिले की लोक संस्कृति का कलाकारों द्वारा आकर्षक तरीके से प्रदर्शन किया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में नोहटा महोत्सव को राज्य में विशिष्ट पहचान मिली है। उन्होंने पूर्व विधायक स्व. रत्नेश सॉलोमन का स्मरण किया। इस मौके पर विधायक श्री प्रताप सिंह और श्री लखन पटेल भी मौजूद थे।  

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 MadhyaBharat  11 February 2017

damoh ring road

    वित्त मंत्री श्री मलैया ने किया स्थल निरीक्षण    दमोह में जल्द ही रिंग-रोड का निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा। रिंग-रोड बनने से दमोह नगर का यातायात सुरक्षित और सुव्यवस्थित हो जायेगा। यह बात वित्त मंत्री श्री मलैया ने गत दिवस रिंग-रोड स्थल के निरीक्षण के दौरान कही। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिये एक बस-स्टेण्ड सागर नाका और एक बस-स्टेण्ड हटा नाका पर प्रस्तावित है। दमोह शहर में यातायात को सुगम बनाने के लिये सागर मार्ग से जबलपुर-कटनी बायपास का निर्माण करवाया गया है। सागर नाका से छतरपुर के लिये बायपास का निर्माण कार्य जारी है। रेलवे ओव्हर-ब्रिज का निर्माण कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने क्रियान्वयन एजेंसियों से निर्माण कार्य को तय समय में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिये।  

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 MadhyaBharat  20 December 2016

मनरेगा में इलेक्ट्रानिक फण्ड मैनेजमेंट सिस्टम

नई प्रक्रिया से होगा काम आसान मनरेगा में इलेक्ट्रानिक फण्ड मैनेजमेंट सिस्टम e-FMS का क्रियान्वयन किया जा रहा है। बैंकों द्वारा अपने-अपने कोर बैंकिंग साफ्टवेयर को मनरेगा साफ्टवेयर के साथ जोड़ने के कदम उठाए जा रहे हैं। अभी तक इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया एवं सेन्ट्रल बैंक आफ इंडिया द्वारा तैयारी पूरी कर ली गई है। अन्य बैंक भी इस दिशा में कार्यरत है।ई-एफ.एम.एस. का मुख्य उद्देश्य योजना में विभिन्न क्रियान्वयन एजेंसी, ग्राम-जनपद और जिला पंचायत में राशि की अवरूद्धता को समाप्त करना है। इससे जिला-स्तर पर योजना में राशि का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। इससे बैंकिंग सिस्टम में होने वाले विलंब को समाप्त कर मजदूरी, सामग्री एवं प्रशासनिक व्यय को इलेक्ट्रानिक माध्यम से सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुँचेगा। ई-एफ.एम.एस. के माध्यम से जिले के नोड्ल खाते से राशि मजदूरों के खातों में सभी ग्राम पंचायत तथा मनरेगा से संबंधित विभाग इलेक्ट्रानिक फण्ड ट्रांसफर कोर बैंकिंग सिस्टम में संधारित खातों में हस्तांतरित कर सकेंगे। ग्राम पंचायत तथा लाईन विभाग के पास अलग से खाता संधारित करने की आवश्यकता नहीं है। इस व्यवस्था से अभिलेख में होने वाली त्रुटियों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। साथ ही ऑडिट करवाने में भी सुविधा होगी। विभिन्न स्तर पर अवरूद्ध होने के कारण योजना की राशि के अनुपयोगी रहने की समस्या और राशि व्यय न करने वाली एजेंसियों से राशि वापिस लेने की प्रक्रिया समाप्त होगी। इसी के साथ एजेंसियों के खातों में न्यूनतम ''रिवाल्विंग फण्ड'' में एजेंसियों को राशि की मांग से ''टॉप अप'' करने की प्रक्रिया से भी मुक्ति मिलेगी।पूरे प्रदेश में मनरेगा के कार्यों से संबंधित भुगतान के बारे मंे एक अप्रैल, 2013 से ई-एफ.एम.एस. सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश की सभी बैंकांे को इस प्रणाली में कार्य करने के लिए मनरेगा सॉफ्टवेयर के साथ अपने-अपने कोर बैंकिंग सिस्टम को समाहित करने को कहा गया है।ई-एफ.एम.एस. प्रणाली में होने वाले कार्य, उनकी माप आदि इलेक्ट्रानिक माध्यम से मनरेगा साफ्ट के जरिये फीड की जाएगी। इसके आधार पर विभाग द्वारा प्राधिकृत अधिकारी के डिजिटल सिगनेचर के माध्यम से धन स्थानांतरण आदेश ;एफ.टी.ओ.द्ध जारी किया जायेगा, जो मनरेगा के जरिए संबंधित बैंक के कोर बैंक तक पहँुचेगा। संबंधित बैंक द्वारा प्राधिकृत अधिकारी के डिजिटल सिगनेचर से मिलान करने के बाद राशि हितग्राहियों के खातों में अन्तरित हो जायेगी। राशि अन्तरण के बाद एस.एम.एस. के जरिए संबंधित हितग्राही को उसके खाते में राशि जमा होने की सूचना पहुँचेगी। यही व्यवस्था मनरेगा में संबंधित विभाग द्वारा करवाये जा रहे कार्यों के भुगतान के लिए अपनाई जाएगी।

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