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धार News


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किसान हड़ताल का असर ,दूध-सब्जी की सप्लाई रुकी  मध्यप्रदेश में किसानों की हड़ताल के तीसरे दिन शनिवार को एक बार फिर आम लोगों को दूध और सब्जी की किल्लत का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में पुलिस की सुरक्षा में दूध और सब्जी की दुकानें खुलीं, लेकिन इन्हें बहुत ज्यादा कीमत पर बेचा गया। उधर कई जगह आंदोलन कर रहे किसानों ने दूध और सब्जी की सप्लाई रोकने के लिए निजी वाहनों और बसों में भी चेकिंग शुरू कर दी है। भारतीय किसान संघ भी अब इस हड़ताल में शामिल होगा। किसान के आंदोलन पर सरकार हरकत में आ गई है। शनिवार दोपहर मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग के अधिकारियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। इस दौरान तीनों संभागों के आईजी, कलेक्टर, एसपी और दुग्ध संघ के अधिकारी भी उपस्थित थे। देवास के पास कन्नौद में खेत से 2 लीटर दूध लेकर घर आ रहे किसान को आंदोलनकारियों ने सुबह 8.15 बजे सरकारी अस्पताल के सामने रोक लिया, उन्होंने पहले दूध बहाया इसके बाद किसान के साथ मारपीट की। मामले में रिपोर्ट लिखाई गई। राजोदा में कैलोद चौराहे पर निजी वाहनों को रोक कर किसानों ने चेकिंग की, सुबह से खुली दूध डेयरियां भी बंद करवा दी गईं। खंडवा में बसों की चेकिंग में मिली सब्जी किसानों ने सड़क पर फेंकी। महाराष्ट्र से आया दूध का वाहन भी रोका, जिसके बाद ड्राइवर वाहन को थाने ले गया। वहां पुलिस के संरक्षण में दूध ज्यादा कीमत में बिका। शाजापुर में सांची दूध की सप्लाई होने से स्थिति कुछ सामान्य हुई, लेकिन खुला दूध अब भी नहीं मिला। यहां सब्जी की सप्लाई बंद रही। शाजापुर में करीब बड़ी संख्या में किसान सड़क पर उतर आए और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। मंदसौर में 300 लीटर दूध एक कार से जब्त हुआ, जिसके बाद जिला अस्पताल में इसे बांट दिया गया। कई जगह किसानों का विरोध जारी रहा उन्होंने रोक-रोकर वाहनों की चेकिंग की। दूध और सब्जी की किल्लत के चलते कई जगह आम लोगों ने किसानों का विरोध किया। लोगों का कहना है कि यह तरीका बिल्कुल गलत है। झाबुआ और आलीराजपुर में हड़ताल का कोई असर नहीं दिखा, यहां सामान्य रूप से मंडी खुली और दूध की सप्लाई भी सामान्य रही। हालांकि मंड़ि‍यों में सब्जी की आवक पहले की अपेक्षा कम रही। खरगोन सब्जी मंडी में हालत सामान्य रहे लेकिन सब्जियों के भाव आसमान पर रहे। इंदौर और धार में किसानों आंदोलन के चलते व्यापारी खरगोन नहीं पहुंचे। यहां दूध की सप्लाई भी सामान्य रही। रविवार को सब्जी मंडी बंद रह सकती है। जिले के भीकनगांव में सब्जी का व्यापार जारी। यहां सांची के दूध की सप्लाई भी हुई, गड़बड़ी की आशंका के चलते अमूल का दूध नहीं मंगवाया गया। जानकारी के मुता‍बिक सांची का 10 हजार लीटर दूध यहां सप्लाई हुआ। बड़वानी में किसान आंदोलन का असर नहीं रहा।  

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 MadhyaBharat  3 June 2017

 शिवराजसिंह चौहान

मुख्यमंत्री  शिवराजसिंह चौहान धार जिले के मोहनखेड़ा में ज्योतिष सम्राट और मुनिश्री ऋषभ चन्द्रविजय जी विद्यार्थी म.सा. के ''आचार्य पद पट्टाभिषेक महा-महोत्सव कार्यक्रम'' में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आचार्य श्री को काम्बली भेंट कर आशीर्वाद भी लिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आचार्य श्री से सदबुद्धि, सन्मार्ग पर चलने तथा जनता की सेवा के लिए सामर्थ्य प्रदान करने का आशीर्वाद माँगा। उन्होंने कहा कि मोहनखेड़ा तीर्थ में मानव सेवा के लिए अखण्ड व्रत चलता है। यहाँ शिक्षा, संस्कार, चिकित्सा, जल संरक्षण, गौ-सेवा, पीड़ित और शोषित वर्गों के लोगों के कल्याण के लिये विशेष प्रकल्प चलाए जाते हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ''नमामि देवि नर्मदे''-सेवा यात्रा के जरिये प्रदेश में नदियों के संरक्षण, पर्यावरण सुधार, जल-संरक्षण के प्रयासों के साथ ही बेटियों को बचाने का महा अभियान चलाया जा रहा है। बेटियों के बिना सृष्टि नहीं चल सकती है, बेटियाँ हैं, तो कल है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म ने ''जियो और जीने दो'' का मूल-मंत्र दिया है। जीवों के प्रति दया का भाव और अहिंसा का संदेश दिया है। हम सभी इसे आत्मसात करें और जीवों के प्रति दया का भाव रखें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की धरती पर कोई भी अवैध बूचड़खाना नहीं चलने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आचार्य श्री ऋषभचन्द्र विजय जी म.सा. को राजकीय अतिथि का दर्जा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने आचार्य श्री से अनुरोध किया कि वे सम्पूर्ण प्रदेश का भ्रमण कर पीड़ित मानवता की सेवा के लिए मोहनखेड़ा तीर्थ द्वारा चलाए जा रहे प्रकल्पों को जन-जन तक पहुँचाये। पट्टाभिषेक कार्यक्रम में गच्छाधिपति आचार्य श्री ऋषभचन्द्र विजय जी म.सा. ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को श्रेष्ठ मुख्यमंत्री बताते हुए अवैध बूचड़खाने बन्द किए जाने की घोषणा पर उन्हें साधुवाद दिया। उन्होंने बेटी बचाओ अभियान के प्रति भी अपना समर्थन व्यक्त किया। कार्यक्रम में मोहनखेड़ा तीर्थ से प्रकाशित मासिक पत्रिका ''ऋषभ चिंतन'' का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावरचन्द गेहलोत, प्रदेश की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, पूर्व मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री विक्रम वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और नागरिक मौजूद थे।  

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 MadhyaBharat  7 May 2017

मध्यप्रदेश भाजपा कार्यसमिति

  धार के मोहनखेड़ा में चल रही मध्यप्रदेश भाजपा के कार्यसमिति में स्पष्ट किया गया कि  सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के मेधावी छात्रों की भी फीस सरकार भरेगी। इसके लिए मेधावी विद्यार्थी योजना में अलग से प्रावधान किए जाएंगे। सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस की  जानकारी कार्यसमिति की बैठक में दी । अभी योजना के दायरे में सिर्फ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध स्कूलों के मेधावी छात्रों को ही शामिल किया गया है। प्रदेश भाजपा कार्यसमिति में मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों को बताया कि सरकार ने मध्यम वर्ग के होनहार बच्चों को उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए चयनित होने पर फीस का पूरा खर्चा उठाने की महत्वाकांक्षी योजना लागू की है। इसके दायरे में उन छात्रों को रखा गया है जो माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध स्कूलों में पढ़ते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से आईआईएम, आईआईटी, एनआईटी, एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पाते हैं। कई बार परिवार की आर्थिक परिस्थितियां बच्चों की पढ़ाई में आड़े आ जाती हैं।

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 MadhyaBharat  22 April 2017

श्री श्री रविशंकर

श्री श्री रविशंकर द्वारा आनंद मंत्रालय शुरू करने की सराहना  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नर्मदा सेवा यात्रा का एक और उद्देश्य यह भी है कि मालवांचल को रेगिस्तान बनने से रोका जाये। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी के पानी को मालवांचल के बड़े-बड़े शहरों में पहुँचाया गया है। धार जिले के साथ ही इस पूरे अंचल में खेतों के हरे-भरे होने का कारण माँ नर्मदा नदी ही हैं। श्री चौहान आज धार जिले के बाकानेर में जन-संवाद को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित ऑर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने प्रदेश में आनंद मंत्रालय बनाने की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा नदी प्रदेश की जीवन-रेखा है, इसके बगैर जीवन की कल्पना करना ही संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नर्मदा के जल को सहेजना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसे प्रदूषण से मुक्त करने में जन-सहयोग जरूरी है। उन्होंने लोगों का आव्हान किया कि वे नदी को स्वच्छ बनाने और हरियाली चुनरी ओढ़ाने में सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा का जल मालवा सहित पूरे प्रदेश में ले जाया जायेगा। इसके जल से प्रदेश की 30 प्रतिशत से अधिक जमीन को सिंचित किया जा सकेगा। आज प्रदेश की कृषि विकास दर पिछले 4 वर्ष से 20 प्रतिशत अधिक है, तो इसके पीछे भी नर्मदा मैया हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार की योजना है कि सभी शहरी क्षेत्र में पाइप लाइन के जरिये नर्मदा जल पहुँचाया जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा के दौरान वन और राजस्व की जमीन पर व्यापक पैमाने पर वृक्षारोपण किया जायेगा। उन्होंने किसानों को बताया कि अगर वे अपनी जमीन पर वृक्ष लगायेंगे, तो उन्हें 3 साल तक 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा और 40 प्रतिशत की सब्सिडी भी दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि नर्मदा के किनारे ट्रीटमेंट प्लांट लगाये जायेंगे, पूजन-सामग्री विसर्जन कुण्ड और दाह संस्कार के लिये मुक्तिधाम बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि स्नान-घाट पर महिलाओं के लिये चेंजिंग-रूम भी बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 31 मार्च से नर्मदा तट के उत्तर और दक्षिण, दोनों तरफ के 5 किलोमीटर क्षेत्रफल में आने वाली शराब की दुकानों को बंद कर दिया जायेगा। 'नमामि देवि नर्मदे''-सेवा यात्रा में विशेष रूप से शामिल होने आये सुप्रसिद्ध संत और ऑर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आनंद मंत्रालय शुरू कर एक अच्छी पहल की है। उन्होंने इसकी सराहना करते हुए कहा कि इसके जरिये मुख्यमंत्री ने वस्तु भोग ही नहीं, बल्कि मन की अवस्था को प्रसन्न रखने की भी पहल की है। श्री श्री रविशंकर महाराज ने कहा कि सनातन धर्म में जल और थल संरक्षण की महान परम्परा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नर्मदा के संरक्षण की यात्रा से इसी परम्परा को निभाया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिये प्रत्येक नागरिक पाँच पौधे लगाये। श्री श्री ने कहा कि सबके कल्याण की भावना से मध्यप्रदेश में हो रहा काम सराहनीय है। आचार्य पुण्डरीक गोस्वामी ने कहा कि मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना जी को कालिया नाग के जहर रूपी प्रदूषण से मुक्त करवाया था। इसी प्रकार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान नर्मदा जी को प्रदूषण से मुक्त करवाने का माध्यम बने है। सुप्रसिद्ध गांधीवादी विचारक श्री सुब्बाराव ने कहा कि स्वतंत्रता का आशय नागरिकों को ईमानदार और चरित्रवान होना चाहिये, यही हमारी सच्ची स्वतंत्रता है। आरएसएस के प्रांतीय प्रचारक श्री पराग अभ्यंकर ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर पशुपालन मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य, सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर, पूर्व मंत्री और विधायक श्रीमती रंजना बघेल, श्री भंवर सिंह शेखावत, श्री मथुरालाल और जिला पंचायत धार की अध्यक्ष श्रीमती मालती मोहन पटेल भी उपस्थित थीं। संचालन राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री शिव चौबे ने किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान धार जिले के बाकानेर में नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने यात्रा ध्वज का पुष्प अर्पित कर स्वागत किया तथा कलश की पूजा-अर्चना की। इसके बाद श्री चौहान स्वयं ध्वज लेकर यात्रा में चले। उनकी पत्नी श्रीमती साधना सिंह ने सिर पर कलश धारण किया। इस दौरान आदिवासी नृतक पारम्परिक नृत्य करते हुए यात्रा के आगे-आगे चल रहे थे। यात्रा का जगह-जगह पर पुष्प-वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।  

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 MadhyaBharat  1 March 2017

माँ नर्मदा की आरती

    मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने धार जिले के सेमल्दा तट पर अपनी पत्नि श्रीमती साधनासिंह के साथ माँ नर्मदा की आरती की।  इस दौरान प्रसिद्ध संत और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर भी मौजूद थे। आरती के बाद मुख्यमंत्री ने उपस्थित श्रद्धालुओ के साथ माँ नर्मदा का जयघोष भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने माँ नर्मदा मंदिर में सपत्निक पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना भी की। साथ ही मंदिर परिसर में प्रतीकात्मक रूप से पौधों का रोपण भी किया। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री एवं विधायक श्रीमती रंजना बघेल, जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डेय, पूर्व सांसद श्री छतरसिंह दरबार सहित बड़ी संख्या में नर्मदा भक्त एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  28 February 2017

नर्मदा यात्रा

निसरपुर और कड़माल में जन-संवाद कार्यक्रम  'नमामि देवि नर्मदे'- नर्मदा सेवा यात्रा के 75वें दिन आज धार जिले के कोटेश्वर में डॉ. गौरीशंकर शेजवार सपत्नीक शामिल हुए। वन मंत्री ने नर्मदा जी की आरती कर वृक्षारोपण किया। इस अवसर पर बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष श्री राघवेन्द्र शर्मा, पूर्व विधायक श्री मुकामसिंह किराडे़ तथा बड़ी संख्या में भक्त और ग्रामवासी मौजूद थे। यात्रा के दौरान निसरपुर एवं कड़माल में जन-संवाद कार्यक्रम हुए। निसरपुर में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छता और नर्मदा नदी को प्रदूषण से बचाने के संबंध में लघु-नाटिका का मंचन किया गया। कड़माल में जैविक खेती पर जन-संवाद का कार्यक्रम हुआ। डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि जीवनदायिनी नर्मदा नदी के सरंक्षण एवं संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सेवा यात्रा शुरू की गयी है। गत 11 दिसम्बर को अमरकंटक से प्रारम्भ हुई यात्रा 11 मई को अमरकंटक में समाप्त होगी। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम नदी संरक्षण के लिहाज से पूरी दुनिया में एक मिसाल बन गया है। डॉ. शेजवार ने कहा कि माँ नर्मदा हमारे लिए जीवन का आधार है, जो खेती-किसानी के लिए पानी, बिजली, पीने के लिए पानी उपलब्ध करवाती है। हमारी आस्था और श्रद्धा भी इससे जुड़ी है। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा को प्रदूषण से बचाना एवं इसका संरक्षण करना हम सबका दायित्व और कर्त्तव्य है। उन्होंने कहा कि हम सभी बड़े सौभाग्यशाली है कि नर्मदा मैया की सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने नर्मदा की धारा को जल-मल से दूषित होने से बचाने के लिए बड़े शहरों और कस्बों में ट्रीटमेंट प्लान्ट स्थापित किए जाने, दोनों तट पर वृक्षारोपण की योजनाएँ, खुले में शौच न करने और घरों में शौचालय बनवाने, शवदाह के लिए मुक्तिधाम निर्माण, मूर्ति विसर्जन तथा पूजन-सामग्री के लिए अलग-अलग कुण्ड बनाने की योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि नर्मदा नदी के दोनों तट से 5.5 किलोमीटर क्षेत्र में कोई भी शराब की दुकान नहीं खोली जाऐंगी। उन्होंने नशामुक्ति एवं बेटी बचाओं का संकल्प भी दिलाया। जैविक खेती पर जन-संवाद कड़माल में जैविक खेती पर जन-संवाद में कृषि-विशेषज्ञों द्वारा रसायनिक खेती से होने वाले नुकसानों की विस्तार से जानकारी दी गई। किसानों को जैविक खेती करने की सलाह दी गई। श्री राघवेन्द्र शर्मा ने भी विचार रखे। श्री मुकामसिंह किराड़े ने स्थानीय भाषा में नर्मदा नदी के संरक्षण और संवर्धन से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर समझाइश दी। निसरपुर में सरदार वल्लभ भाई पटेल स्मृति वन में वृक्षारोपण किया गया। यात्रा का निसरपुर, कड़माल, चिखल्दा, खापरखेड़ा आदि स्थान पर गर्मजोशी से स्वागत कर कलश-यात्रा निकाली गई।  

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 MadhyaBharat  24 February 2017

प्रधानमंत्री आवास योजना

मुख्यमंत्री ने मनावर में  सौंपे आवास आवंटन स्वीकृति-पत्र  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत 181 के माध्यम से सी.एम. हेल्पलाइन पर की जा सकती है। उन्होंने कहा कि चयनित हितग्राहियों की सूची ग्राम पंचायत कार्यालयों में चस्पां की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज धार जिले के मनावर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आयोजित 4 जिलों के 31 हजार आवासहीन को आवास आवंटन स्वीकृति-पत्र वितरण समारोह में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि प्रदेश में अब किसी को भी आवासहीन नहीं रहने दिया जाएगा। मध्यप्रदेश में कानून बनाकर सभी आवासहीन को आवास के लिए जमीन उपलब्ध करवाने का अधिकार दिया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर आवासहीनों को जमीन का अधिकार देने के लिए निजी भूमि भी क्रय की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप वर्ष 2022 तक सबके लिए आवास की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। योजना का पारदर्शिता के साथ क्रियान्वयन किया जायेगा। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में गरीबों के उत्थान के लिए प्राथमिकता से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। देश में अगले तीन वर्ष में एक करोड़ आवास निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश में तीन वर्ष में 11 लाख 78 हजार आवास बनाए जायेंगे। कुल लक्ष्य में से नियमानुसार आवास अनुसूचित जाति-जनजाति के परिवारों को आवंटित किए जाएंगे। हितग्राहियों का चयन सामाजिक, आर्थिक एवं जाति जनगणना के आधार पर हो रहा है। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने बताया कि पूर्व के वर्षों में केन्द्र शासन से आवास निर्माण के लिए पर्याप्त सहायता राशि नहीं मिल रही थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लागू की गई इस योजना के माध्यम से अब पर्याप्त सहायता राशि मिल रही है। पूरे प्रदेश में आज एक ही दिन में योजना के तहत लगभग सवा तीन लाख आवासहीन को आवास आवंटन-पत्रों का वितरण प्रदेश में सभी जिलों में किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासहीनों को आवास निर्माण के लिए डेढ़ लाख रूपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस राशि से 12 हजार रुपये शौचालय निर्माण तथा 18 हजार रूपये की मदद मजदूरी के लिए दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वर्गीय श्री सुन्दरलाल पटवा तथा स्व. श्री दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि व्यक्त की। कार्यक्रम में दो मिनिट का मौन भी रखा गया। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती-मोहन पटेल, विधायक श्रीमती रंजना बघेल, श्रीमती नीना-विक्रम वर्मा, श्री भंवरसिंह शेखावत, श्री वेलसिंह भूरिया, श्री शांतिलाल बिलवाल, श्री कलसिंह भाबर, श्री माधवसिंह डावर, भाजपा जिलाध्यक्ष डा. राज बर्फा और श्री दौलतसिंह भावसा, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ममता जोशी और श्री राजकुमार जैन के अलावा अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्री राधेश्याम जुलानिया मौजूद थे।

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 MadhyaBharat  29 December 2016

मोदी की फ्लेगशिप स्कीम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में आम नागरिकों के व्यापक हित से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश में बेहतर काम हुए हैं। कई योजनाओं में प्रदेश किसी में अव्वल तो किसी में प्रथम दस में है। हाल ही में अमृत योजना के अमल में बेहतर परफार्मेंस पर अवार्ड भी मिला है। यह जानकारी नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने दी। स्वच्छ भारत मिशन, जो प्रधानमंत्री की फ्लेगशिप स्कीम में शामिल है, में पूर्ण व्यक्तिगत शौचालयों की स्वीकृति में प्रदेश देश में पहला है। पूर्ण कार्यों की जानकारी फोटो सहित अपलोड करने में देश में तीसरे नम्बर पर है। इस मिशन में प्रदेश को वर्ष 2019 तक 7 लाख 31 हजार शौचालय बनाना है। इसमें से 4 लाख 60 हजार शौचालय की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इसमें से लगभग ढाई लाख बन चुके हैं। लक्ष्य है कि दिसम्बर 2016 तक 68 नगरीय निकाय को ओ.डी.एफ. मुक्त घोषित कर दिया जाए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के मामले में 378 नगरीय निकायों में घरों से कचरा इकटठा करने से वैज्ञानिक तरीके से उसके निपटान के 26 समूह की कार्य योजना तैयार कर ली गई है। इसमें 25 नगरीय निकाय के तीन समूह में पी.पी.पी. के आधार पर काम भी शुरू हो चुका है। इसमें एक समूह में बिजली उत्पादन और 2 समूह में जैविक खाद का उत्पादन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 23 समूह में मार्च 2016-17 में कार्य शुरू होगा। इसमें 4 समूह में बिजली उत्पादन और 19 समूह में जैविक खाद का उत्पादन किया जायेगा। अमृत योजना अमृत योजना में एक लाख से अधिक आबादी के 34 शहर का अधोसंरचना विकास किया जायेगा। इसके लिए भारत सरकार ने नवम्बर 2015 में 8,279 करोड़ से अधिक की समग्र योजना स्वीकृत की है। योजना में मध्यप्रदेश कार्य स्वीकृति और संपादन में पूरे देश में पहले स्थान पर है। योजना के प्रथम चरण में 2243 करोड़ 30 लाख रुपये लागत की 31 योजना स्वीकृत हैं। इसमें 20 योजना, जिनकी लागत 1435 करोड़ 82 लाख है, में काम शुरू हो चुका है। ग्यारह योजना में निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जिनकी लागत 1425 करोड़ 15 लाख है। इस योजना में 2 घटक है पहला घटक जल आवर्धन का है। इसमें 818 करोड़ की 17 योजना है जिसमें से 560 करोड़ 24 लाख की 14 योजना में काम शुरू हो चुका है। दूसरा घटक सीवेज प्रबंधन का है। इसमें 1421 करोड़ 88 लाख की 13 योजना शामिल है। छै योजना, जो 875 करोड़ 58 हजार की है, पर काम शुरू हो चुका है। योजना में मध्यप्रदेश को भारत सरकार ने 33 करोड़ 45 लाख का प्रोत्साहन अनुदान अवार्ड दिया है। जिसे 30 सितम्बर को नई दिल्ली में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री वेंकैया नायडू से ग्रहण किया। प्रधानमंत्री आवास योजना वर्ष 2015 में सबको आवास उपलब्ध करवाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई। इसमें प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 5 लाख आवास बनाए जाने का लक्ष्य है। भारत सरकार ने प्रथम चरण में 60 हजार आवास बनाने की योजना स्वीकृत कर दी है। इसके साथ ही वर्ष 2022 तक 53 शहर में 8 लाख 80 हजार आवास निर्माण की कार्य-योजना को और स्वीकृत किया गया है। योजना स्वीकृति में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा है। योजना में 22 शहर की 24 परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। निविदा प्रक्रिया में 17 शहर की 8 परियोजना हैं। योजना में मध्यप्रदेश देश में केन्द्रांश प्राप्त करने वाला पाँचवां राज्य है। स्मार्ट सिटी जून 2015 में स्मार्ट सिटी योजना भारत सरकार ने लागू की। इस योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के 3 शहर भोपाल, इंदौर और जबलपुर का चयन किया गया, जो देश में सर्वाधिक थे। इसी तरह बाद में दो और शहर ग्वालियर और उज्जैन को भी इसमें शामिल किया गया। सात शहर के प्रस्ताव में से पाँच को भारत सरकार से स्वीकृति मिली है। शेष सागर और सतना को स्वीकृति प्राप्त होने की प्रक्रिया जारी है। प्रथम चरण में शामिल स्मार्ट शहर में योजना के क्रियान्वयन के लिए एस.पी.व्ही. गठित की जा चुकी है। भोपाल शहर के लिए 3437 करोड़ की परियोजना बनाई गई। इसमें 10 हजार462 करोड़ की 11 परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। इंदौर शहर के लिए 5099 करोड़ की परियोजना बनाई गई, जिसमें से 115 करोड़ की 10 परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। जबलपुर शहर के लिए 3,998 करोड़ की परियोजना में से 3 परियोजना, जिनकी लागत 13 करोड़ 20 लाख है, पर काम शुरू हो चुका है। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन शहरी क्षेत्रों में गरीबी समाप्त करने के लिए आजीविका के लिए कौशल प्रशिक्षण देने के लिए प्रदेश के 55 शहर में यह मिशन शुरू किया गया है। इसमें प्रशिक्षण देने के बाद स्व-रोजगार स्थापित करने में सरकार मदद करेगी। योजना में पिछले वित्त वर्ष में कौशल प्रशिक्षण के जरिये 40 हजार के लक्ष्य से ज्यादा 42 हजार 597 हितग्राही प्रशिक्षित किये गये। इस वर्ष 40 हजार के लक्ष्य विरुद्ध अभी तक 36 हजार 444 हितग्राही प्रशिक्षित हो चुके हैं। मध्यप्रदेश इस मामले में देश में पहले स्थान पर है। मिशन में पिछले वित्त वर्ष में 13 हजार के लक्ष्य के विरूद्ध 14 हजार 327 हितग्राही लाभान्वित हुए है। इसके अलावा प्रदेश का भारत सरकार की अन्य योजनाओं में भी बेहतर परफार्मेंस रहा है। सामाजिक एकजुटता एवं संस्थागत विकास में पिछले वित्त वर्ष में 3050 के लक्ष्य के विरुद्ध 3870 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। इस वर्ष अब तक 981 हितग्राही लाभ पा चुके हैं। योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। शहरी आवासहीनों की आश्रय योजना के क्रियान्वयन में भी प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। शहरी पथ विक्रेताओं की सहायता योजना में प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। योजना में अब तक 68 हजार 777 के लक्ष्य के विरुद्ध 63 हजार 683 हितग्राही व्यवस्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में देश में आम नागरिकों के व्यापक हित से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश में बेहतर काम हुए हैं। कई योजनाओं में प्रदेश किसी में अव्वल तो किसी में प्रथम दस में है। हाल ही में अमृत योजना के अमल में बेहतर परफार्मेंस पर अवार्ड भी मिला है। यह जानकारी नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने दी। स्वच्छ भारत मिशन, जो प्रधानमंत्री की फ्लेगशिप स्कीम में शामिल है, में पूर्ण व्यक्तिगत शौचालयों की स्वीकृति में प्रदेश देश में पहला है। पूर्ण कार्यों की जानकारी फोटो सहित अपलोड करने में देश में तीसरे नम्बर पर है। इस मिशन में प्रदेश को वर्ष 2019 तक 7 लाख 31 हजार शौचालय बनाना है। इसमें से 4 लाख 60 हजार शौचालय की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इसमें से लगभग ढाई लाख बन चुके हैं। लक्ष्य है कि दिसम्बर 2016 तक 68 नगरीय निकाय को ओ.डी.एफ. मुक्त घोषित कर दिया जाए। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के मामले में 378 नगरीय निकायों में घरों से कचरा इकटठा करने से वैज्ञानिक तरीके से उसके निपटान के 26 समूह की कार्य योजना तैयार कर ली गई है। इसमें 25 नगरीय निकाय के तीन समूह में पी.पी.पी. के आधार पर काम भी शुरू हो चुका है। इसमें एक समूह में बिजली उत्पादन और 2 समूह में जैविक खाद का उत्पादन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 23 समूह में मार्च 2016-17 में कार्य शुरू होगा। इसमें 4 समूह में बिजली उत्पादन और 19 समूह में जैविक खाद का उत्पादन किया जायेगा। अमृत योजना अमृत योजना में एक लाख से अधिक आबादी के 34 शहर का अधोसंरचना विकास किया जायेगा। इसके लिए भारत सरकार ने नवम्बर 2015 में 8,279 करोड़ से अधिक की समग्र योजना स्वीकृत की है। योजना में मध्यप्रदेश कार्य स्वीकृति और संपादन में पूरे देश में पहले स्थान पर है। योजना के प्रथम चरण में 2243 करोड़ 30 लाख रुपये लागत की 31 योजना स्वीकृत हैं। इसमें 20 योजना, जिनकी लागत 1435 करोड़ 82 लाख है, में काम शुरू हो चुका है। ग्यारह योजना में निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जिनकी लागत 1425 करोड़ 15 लाख है। इस योजना में 2 घटक है पहला घटक जल आवर्धन का है। इसमें 818 करोड़ की 17 योजना है जिसमें से 560 करोड़ 24 लाख की 14 योजना में काम शुरू हो चुका है। दूसरा घटक सीवेज प्रबंधन का है। इसमें 1421 करोड़ 88 लाख की 13 योजना शामिल है। छै योजना, जो 875 करोड़ 58 हजार की है, पर काम शुरू हो चुका है। योजना में मध्यप्रदेश को भारत सरकार ने 33 करोड़ 45 लाख का प्रोत्साहन अनुदान अवार्ड दिया है। जिसे 30 सितम्बर को नई दिल्ली में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री वेंकैया नायडू से ग्रहण किया। प्रधानमंत्री आवास योजना वर्ष 2015 में सबको आवास उपलब्ध करवाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई। इसमें प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 5 लाख आवास बनाए जाने का लक्ष्य है। भारत सरकार ने प्रथम चरण में 60 हजार आवास बनाने की योजना स्वीकृत कर दी है। इसके साथ ही वर्ष 2022 तक 53 शहर में 8 लाख 80 हजार आवास निर्माण की कार्य-योजना को और स्वीकृत किया गया है। योजना स्वीकृति में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा है। योजना में 22 शहर की 24 परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। निविदा प्रक्रिया में 17 शहर की 8 परियोजना हैं। योजना में मध्यप्रदेश देश में केन्द्रांश प्राप्त करने वाला पाँचवां राज्य है। स्मार्ट सिटी जून 2015 में स्मार्ट सिटी योजना भारत सरकार ने लागू की। इस योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के 3 शहर भोपाल, इंदौर और जबलपुर का चयन किया गया, जो देश में सर्वाधिक थे। इसी तरह बाद में दो और शहर ग्वालियर और उज्जैन को भी इसमें शामिल किया गया। सात शहर के प्रस्ताव में से पाँच को भारत सरकार से स्वीकृति मिली है। शेष सागर और सतना को स्वीकृति प्राप्त होने की प्रक्रिया जारी है। प्रथम चरण में शामिल स्मार्ट शहर में योजना के क्रियान्वयन के लिए एस.पी.व्ही. गठित की जा चुकी है। भोपाल शहर के लिए 3437 करोड़ की परियोजना बनाई गई। इसमें 10 हजार462 करोड़ की 11 परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। इंदौर शहर के लिए 5099 करोड़ की परियोजना बनाई गई, जिसमें से 115 करोड़ की 10 परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। जबलपुर शहर के लिए 3,998 करोड़ की परियोजना में से 3 परियोजना, जिनकी लागत 13 करोड़ 20 लाख है, पर काम शुरू हो चुका है। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन शहरी क्षेत्रों में गरीबी समाप्त करने के लिए आजीविका के लिए कौशल प्रशिक्षण देने के लिए प्रदेश के 55 शहर में यह मिशन शुरू किया गया है। इसमें प्रशिक्षण देने के बाद स्व-रोजगार स्थापित करने में सरकार मदद करेगी। योजना में पिछले वित्त वर्ष में कौशल प्रशिक्षण के जरिये 40 हजार के लक्ष्य से ज्यादा 42 हजार 597 हितग्राही प्रशिक्षित किये गये। इस वर्ष 40 हजार के लक्ष्य विरुद्ध अभी तक 36 हजार 444 हितग्राही प्रशिक्षित हो चुके हैं। मध्यप्रदेश इस मामले में देश में पहले स्थान पर है। मिशन में पिछले वित्त वर्ष में 13 हजार के लक्ष्य के विरूद्ध 14 हजार 327 हितग्राही लाभान्वित हुए है। इसके अलावा प्रदेश का भारत सरकार की अन्य योजनाओं में भी बेहतर परफार्मेंस रहा है। सामाजिक एकजुटता एवं संस्थागत विकास में पिछले वित्त वर्ष में 3050 के लक्ष्य के विरुद्ध 3870 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। इस वर्ष अब तक 981 हितग्राही लाभ पा चुके हैं। योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। शहरी आवासहीनों की आश्रय योजना के क्रियान्वयन में भी प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। शहरी पथ विक्रेताओं की सहायता योजना में प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। योजना में अब तक 68 हजार 777 के लक्ष्य के विरुद्ध 63 हजार 683 हितग्राही व्यवस्थापित किए गए हैं।  

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 MadhyaBharat  13 October 2016

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