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भोपाल News


उद्योग संवर्द्धन नीति

मंत्रि-परिषद के निर्णय  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को  हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद उद्योग संवर्द्धन नीति 2014 में संशोधन की मंजूरी दी गई। प्रदेश में वृहद निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने के लिए कर आधारित सुविधाओं के स्थान पर पूँजी निवेश, रोजगार सृजन एवं निर्यात संवर्द्धन को आधार बनाकर लागत पूँजी अनुदान की योजना 'निवेश प्रोत्साहन सहायता' के नाम से लाई गई है। इस सुविधा अंतर्गत 10 से 40 प्रतिशत तक लागत पूँजी अनुदान दिया जायेगा, जो छोटे निवेशकों को अधिकतम 40 प्रतिशत होगा। जबकि बड़े निवेशकों को 10 प्रतिशत के स्लेब में रखा गया है। वृहद रोजगार सृजन करने वाले एवं निर्यातोन्मुखी उद्योगों को निवेश प्रोत्साहन सहायता अंतर्गत अतिरिक्त सुविधा दी जायेगी। लोक निर्माण विभाग के 4633 अस्थाई पद स्थायी मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग के 4633 अस्थाई पदों को विभाग की आवश्यकता और निरंतरता को देखते हुए स्थायी करने का निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने कुण्डालिया वृहद सिंचाई परियोजना के विस्थापितों को विशेष पुर्नवास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। परियोजना राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील में निर्माणाधीन है। इस विशेष पैकेज से 81 करोड 9 लाख का अतिरिक्त लाभ 5994 विस्थापित परिवारों को प्राप्त होगा। राज्य विधि आयोग का पुनर्गठन मंत्रि-परिषद ने राज्य विधि आयोग को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। राज्य में विधि आयोग का पुनर्गठन कर उसके सुचारु संचालन के लिए 30 पद के सृजन की मंजूरी दी गई। मंत्रि-परिषद ने राज्य आनंद संस्थान की पद संरचना तथा कार्यपालन समिति की संरचना में परिवर्तन तथा संशोधन की मंजूरी दी। संस्थान के लिए अतिरिक्त 8 पद के सृजन की अनुमति दी गई। संस्थान की सामान्य सभा को कार्यपालन समिति की संरचना में बदलाव का अधिकार भी दिया गया। संस्था की उपविधियों में सभी आवश्यक संशोधन करने के लिए आवश्यक अधिकार सामान्य सभा को देने का निर्णय भी किया गया। मंत्रि-परिषद ने महाप्रबंधक परियोजना एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन का प्रस्ताव 2x660 मेगावाट की विद्युत परियोजना के लिए रेलवे पथ निर्माण के लिए तहसील सनावद जिला खरगोन के 21 ग्रामों की कुल 23.180 हेक्टेयर शासकीय भूमि वर्ष 2017-18 की कलेक्टर गाइड लाइन अनुसार प्रीमियम तथा उस पर 7.5 प्रतिशत भू -भाटक लेकर आवंटित करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने उच्च शिक्षा विभाग की प्रचलित योजना 'पुरस्कार एवं प्रोत्साहन योजना' को तीन वर्ष में अनुमानित व्यय भार 875 लाख की स्वीकृति एवं योजना को निरंतर रखने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने विमुक्त, घुमक्कड़ एव अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति के उत्थान के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज सेवक को पुरस्कार योजना नियम 2014 का नामकरण 'संत श्री सेवालाल महाराज' करने की मंजूरी दी।    

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 MadhyaBharat  11 October 2017

मुख्यमंत्री शिवराज  दशहरा पूजा

मुख्यमंत्री चौहान ने दी सबको शुभकामनाएं  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आज निवास पर दशहरा की पूजा अर्चना की। श्री चौहान एवं उनकी धर्म पत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान ने वाहनों की पूजा की। उन्होंने सभी को विजयादशमी की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्री चौहान ने कहा कि यह पर्व आसुरी शक्तियों का विनाश करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेश की समृद्धि और नागरिकों की खुशहाली की मंगल कामना की। इस अवसर पर समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं सुरक्षा कर्मी उपस्थित थे। म.प्र. को भ्रष्टाचार मुक्त, गरीबी मुक्त, गंदगी मुक्त प्रदेश बनाने का आव्हान  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी नागरिक बंधुओं और श्रद्धालुओं को विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि विजयादशमी समृद्धशाली भारतीय संस्कृति का प्रतीक पर्व है। जनमानस के आराध्य भगवान श्रीराम ने अहंकार के प्रतीक रावण का वध कर लंका विजय की थी। यह अपने अंदर की बुराईयों का दहन करने का अवसर है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विजयादशमी के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश को गंदगी मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, आतंकवाद मुक्त और गरीबी मुक्त प्रदेश बनाने का आव्हान किया है। श्री चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश का कायाकल्प शक्तिशाली, समृद्धशाली और पूर्ण रूप से विकसित प्रदेश के रूप में हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहे, नागरिकों का जीवन समृद्धि और खुशहाली से भरपूर रहे, यही ईश्वर से प्रार्थना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी को दीपोत्सव की भी अग्रिम बधाईयाँ दी।  

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 MadhyaBharat  30 September 2017

मुख्यमंत्री चौहान

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव की नदी अभियान रैली के भोपाल पहुंचने पर आज यहां बैरागढ में सीहोर नाके के पास यात्रा का स्वागत किया। सदगुरू स्वयं रैली का नेतृत्व कर रह थे। सदगुरू रैली फार रिवर में स्वयं गाड़ी चलाते हुए बैरागढ से मुख्यमंत्री निवास तक आये। मुख्यमंत्री श्री चौहान और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान सदगुरू के साथ रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास पर श्री चौहान ने सदगुरू का स्वागत किया। सदगुरू के आग्रह पर श्री चौहान ने उन्हें गौशाला का भ्रमण कराया। सदगुरू ने मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की। श्रीमती साधना सिंह  चौहान ने गौशाला प्रबंधन के बारे में जानकारी दी और स्थापना का इतिहास बताया।

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 MadhyaBharat  23 September 2017

तरुण सागर की कड़वे वचन का विमोचन

भोपाल  में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां अपने निवास पर मुनि श्री तरूण सागर महाराज की पुस्तक 'कड़वे वचन भाग -9' का विमोचन किया।  इस अवसर पर जैन समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  23 September 2017

cm house

  केरवा कोलार के बीच के बाघ भ्रमण क्षेत्र (जंगल) में पार्टी करना युवकों को महंगा पड़ गया है। भोपाल कंजरवेटर फॉरेस्ट ने उक्त युवकों में से अभय चौहान नामक युवक को सोमवार नोटिस भेज दिया है। जिसमें पूछा है कि क्यों न बाघ भ्रमण वाले क्षेत्र में पार्टी करने, अमले के मना करने के बावजूद नहीं हटने और सीएम हाउस से होने का कहकर धमकाने के मामले में कार्रवाई की जाए। बता दें कि रविवार शाम 7 बजे समरधा रेंज में मौत के कुएं के पास जंगल में एक दर्जन युवक पार्टी कर रहे थे। वन अमले ने युवकों को समझाइश दी थी कि बाघ भ्रमण वाले क्षेत्र में पार्टी करना सख्त मना है। बाघ हमला कर सकता है। जिस पर युवक नहीं माने और मारपीट पर उतारू हो गए। अभय चौहान नामक एक युवक ने खुद को सीएम हाउस से होने का बताकर अमले को धमकाया भी था। बाद में पुलिस बल और के्रक टीम मौके पर पहुंची और युवकों को जंगल से बाहर खदेड़ा गया। सोमवार को मामले में कंजरवेटर फॉरेस्ट डॉ. एसपी तिवारी ने अभय चौहान को नोटिस भेजा है।  

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 MadhyaBharat  20 September 2017

डेंगू लार्वा मिलने  जुर्माना

स्वास्थ्य विभाग और नगर-निगम ने बनायी कार्य-योजना   डेंगू के नियंत्रण और प्रभावी रोकथाम के लिये स्वास्थ्य विभाग ने भोपाल नगर निगम के सहयोग से कार्य-योजना बनाई है। दोनों ने संयुक्त रूप से 19 टीम बनाई हैं, जो वार्डों में जाकर पार्षदों के समन्वय से लार्वा सर्वे और विनिष्टिकरण का काम करेंगी। जिन घरों में लगातार मच्छर का लार्वा पाया जायेगा, उन भवन स्वामियों पर 500 रुपये का जुर्माना होगा। यह जानकारी आज स्वास्थ्य विभाग की दैनिक समीक्षा में दी गई। डेंगू, चिकनगुनिया और मौसमी बीमारियों के नियंत्रण के लिये भोपाल के फायर ब्रिगेड फतेहगढ़ में अतिरिक्त कंट्रोल-रूम स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष क्रमांक 0755-2542222 है। लोगों से अपील की गई है कि लार्वा या डेंगू का मरीज मिलने पर कंट्रोल-रूम में तुरंत सूचना दें। इससे समय रहते कार्यवाही की जा सकेगी। डेंगू नियंत्रण के लिये भोपाल में 10 नये माउंटेड फॉगिंग मशीन वाहनों द्वारा फॉगिंग की जायेगी। जमा पानी स्रोतों पर टीमोफॉस का छिड़काव होगा। डेंगू से बचने के लिये घरों में साफ पानी से भरे बर्तन सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें। पानी भरने से पूर्व बर्तन अच्छी तरह साफ कर लें। कूलर में लगी हुई पुरानी खस को निकाल कर जला दें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। शरीर ढँकने वाले कपड़े पहने। प्रदेश में एक जुलाई से अब तक स्वाइन फ्लू के 329 मरीज मिल चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल के 60 मरीज हैं। जबलपुर जिले में 48, इंदौर में 25, उज्जैन में 20, ग्वालियर में 14, दमोह में 12 और सतना जिले में 10 प्रकरण शामिल हैं। वर्तमान में शासकीय अस्पताल में 56 और निजी अस्पताल में 53 एच-1 एन-1 मरीज उपचाररत हैं। शासन द्वारा सभी जिला चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू चिकित्सा के लिये पर्याप्त इंतजाम करने के साथ प्रदेश के 66 निजी अस्पतालों को भी इलाज के लिये चिन्हित किया गया है। लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि वे स्वाइन फ्लू के लक्षणों के प्रति सतर्क रहें। सर्दी, जुकाम, खाँसी, बुखार, तेज सिर दर्द, श्वांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। सार्वजनिक स्थलों से लौटने के बाद साबुन से हाथ धोएँ। चेहरे का स्पर्श न करें। नमस्ते से अभिवादन करें, हाथ न मिलायें। एच-1 एन-1 पीड़ित व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाये रखें और मास्क का प्रयोग करें।

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 MadhyaBharat  14 September 2017

विश्वास सारंग

राज्य मंत्री श्री सारंग को यात्रा के चौथे दिन मिले 207 आवेदन  सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग के  जनता से रू-ब-रू होने के अभियान जन-संवाद पदयात्रा में जन-शिकायतों का तत्काल समाधान हो रहा है। लोग पदयात्रा से जुड़ कर अपनी शिकायतें तथा सुझाव श्री सारंग की मैदानी टीम को दर्ज करा रहे हैं।   यह पदयात्रा वार्ड 77 में हाउसिंग बोर्ड ज़ोन कार्यालय से शुरू होकर बारह दुकान, जैन कॉलोनी, आवास विकास एकता कॉलोनी, कमलनगर, छः घरा पहुँची। शाम को वार्ड 69 में पदयात्रा की गई। राज्य मंत्री श्री सारंग पदयात्रा में अशोका गार्डन स्थित दुर्गाधाम मंदिर से प्रारंभ होकर अशोक विहार, बैंक नगर, मयूर विहार, भगतसिंह पार्क, आजादनगर, प्रभात चौराहे से आनंदम पर पहुँचे।  श्री सारंग ने आम जनता की समस्याएँ गंभीरता से सुनी तथा अधिकारियों के दल को तुरंत समाधान निकालने के निर्देश दिए। प्राप्त आवेदनों को विश्वास एप के जरिये अपने कार्यालय को भेजा। जन-संवाद पदयात्रा में आज 207 आवेदन प्राप्त हुए। सड़क, नाली, सीवेज और बिजली की कई शिकायतों का समाधान स्थल पर ही हो गया।  

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 MadhyaBharat  14 September 2017

सी.एम. फैलोज

मुख्यमंत्री  चौहान सी.एम. फैलोज उन्मुखीकरण कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सी.एम. फैलोज की अवधारणा आऊट ऑफ बॉक्स थिंकिंग का परिणाम है। प्रयास है कि योजनाओं और सुशासन के प्रयास की निगरानी और निरीक्षण की संस्थागत व्यवस्था के बाहर से भी मूल्यांकित हो। श्री चौहान आज अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान में सी.एम. फैलोज के उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। फैलोज प्रदेश के सभी जिलों में शासन की योजनाओं का अध्ययन कर मुख्यमंत्री सचिवालय को प्रतिवेदन देंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने फैलोज का आव्हान किया कि गरीबी, गंदगी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जातिवाद, सम्प्रदायवाद मुक्त भारत के निर्माण के लिये आगे आयें। नवाचारी सुझाव भी दें। श्री चौहान ने कहा कि फैलोज जिले में व्यापक भ्रमण और संपर्क करें। समन्वय बनाकर योजनाओं का फीडबैक एकत्रित करें। व्यक्तिगत प्रतिभा का उपयोग करते हुए, बदलाव के लिये व्यवहारिक और सैद्धांतिक दोनों आधार पर नये सुझाव और विचार बे-झिझक दें। उन्होंने खुलेमन से विचारशील हों, कार्य करने के लिये कहा। जनता की सेवा का अभूतपूर्व अवसर है, जो फैलोज के भविष्य की अमूल्य निधि बनेगा। व्यवस्थागत सुधारों पर उनके व्यवहारिक विचारों को पूरी गंभीरता से लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने पौराणिक आख्यानों, कथाओं और प्रचलित मान्यताओं के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से सकारात्मक सोच, अहंकार से मुक्त, सबको अपना मानते हुए, धैर्य और उत्साह के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। कहा कि सहज व्यवहार मधुर वाणी और संवेदनात्मक दिल के साथ लोगों के बीच जायें। इस राज्य की जनता की बेहतरी में योगदान के इस ऐतिहासिक अवसर का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार संवेदनशील सरकार है। जिसमें सारी जनता को परिवार मानते हुए, योजना कार्यक्रमों का संचालन हो रहा है। सामाजिक सुरक्षा और सुशासन के लिये अनेक नवाचारी पहल हुई हैं। जिनका अन्य राज्यों ने भी अनुसरण किया है। प्रत्येक व्यक्ति को रहने लायक भूमि के मालिकाना हक और समय-सीमा में सेवा की गारंटी के कानून, मेधावी विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिये फीस भरवाने, ऑनलाइन सेवाएँ, सी.एम. हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन, जन-सुनवाई, लाड़ली लक्ष्मी, स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण आदि योजनाएँ सभी वर्गों की पंचायतें आयोजित कर जन-भागीदारी से करने का नवाचार है। निश्चित रोड मैप पर चलते हुए, यह सब हुआ है। बिजली पानी और सड़क की आधारभूत सुविधाएँ, कृषि आय में वृद्धि, महिला सशक्तीकरण, गरीबों का कल्याण सबको रोटी-कपड़ा-मकान, पढ़ाई-लिखाई इलाज के लक्ष्यों पर कार्य किया गया है, जिनके परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश की इस वर्ष अनुमानित कृषि वृद्धि दर 29.08 प्रतिशत है। सिंचित क्षेत्र करीब 40 लाख हेक्टेयर हो गया है। लखपति लाड़ली लक्ष्मियाँ साढ़े चौबीस लाख है। इस अवसर पर फैलोज के साथ प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समय प्रबंधन, प्राथमिकताओं का नियोजन, व्यायाम और व्यक्तिगत सोच को आंतरिक ऊर्जा का आधार बताया। जीवन अपने लिये नहीं औरों के लिये है। इस सोच के साथ कार्य करने वाला व्यक्ति सदैव ऊर्जा से भरा रहता है। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक सी.एम. फैलोज से व्यक्तिगत परिचय भी प्राप्त किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। संस्थान के संचालक श्री अखिलेश अर्गल ने बताया कि 18 सितम्बर को प्रत्येक जिले में सी.एम. फैलोज पहुंच जायेंगें। राज्य स्तर पर 15 दिवसीय उन्मुखीकरण का कार्य किया जा रहा है। अगला 10 दिवसीय जिला स्तर पर होगा। आभार प्रदर्शन में संस्थान के प्रधान सलाहकार श्री एम.एम. उपाध्याय ने कहा कि एक व्यक्ति की सोच कितना बड़ा बदलाव ला सकती है, इसका जीवंत उदाहरण प्रदेश की कृषि विकास दर है।  

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 MadhyaBharat  11 September 2017

असमा जेहरा

शरीयत को लेकर मुस्लिम ख्वातिनों का जलसा सोमवार को इकबाल मैदान पर हुआ। इस जलसे में मुस्लिम महिलाओं को शरियत से जुड़े मामले समझाए गए। जलसे में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सदस्य असमा जेहरा मौजूद रहीं। शहर काजी मौलाना सैयद मुश्ताक अली नदवी ने कहा कि शरीयत मामले में कोई समझौता नहीं होगा। मुस्लिम महिलाएं शरीयत पर कायम रहेंगी। शहर काजी ने कहा कि निकाह इस्लामी तरीके से होना चाहिए। 5 मरहले पूरे नहीं होने पर तलाक नहीं दिया जा सकता। जलसे में शरीअत में महिलाओं का दर्जा बताया गया। मुस्लिम महिलाओं ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया है, जिसमें महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरुक किया जाएगा। इसके पहले रविवार को तीन तलाक मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुई मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की पहली बैठक में देशभर से आए सदस्यों ने हिस्सा लिया। खानूगांव स्थित इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज में रविवार को दिनभर चली बैठक के बाद बाहर निकले सदस्यों से जब उनकी राय जाननी चाही गई तो नवदुनिया से चर्चा के दौरान कुछ सदस्यों ने खुलकर अपनी बात रखी। सभी सदस्य तीन तलाक के गलत उपयोग को लेकर एक मत नजर आए। उनका कहना था कि शरिअत में तीन तलाक वाजिब है, लेकिन उसके तरीका है। जिसे अपनाए बगैर तीन तलाक दिया जाना गलत है। लेकिन, समाज में फैली इस प्रवृत्ति को किसी कानून से नहीं रोका जा सकता। इसके लिए लोगों को समझाइश के माध्यम से जागरूक करना होगा। बोर्ड का जोर भी इसी मसले पर है। लोगों को समाइश देने के लि देशभर में अभियान चलाया जाएगा।  

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 MadhyaBharat  11 September 2017

niveshak mp

मुख्यमंत्री  चौहान ने की निवेशकों से भेंट मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने मंत्रालय में आज भेंट की। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और सांसद श्री चिंतामन मालवीय भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों की आवश्यकताएँ और सुविधाओं का भरपूर ख्याल रखा जाये। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कुशल श्रम की आपूर्ति करने के लिए प्रयासरत है। सिंगापुर के सहयोग से ग्लोबल स्किल पार्क बन रहा है। उन्होंने वाणिज्य-उद्योग एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योगों से उनकी प्रशिक्षित श्रम आवश्यकताओं की जानकारी लें। उसी अनुरूप मानव संसाधन की उपलब्धता के लिए तकनीकी शिक्षण संस्थाओं के साथ समन्वय करवायें। श्री चौहान को एल्टिस इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड, पीथमपुर के प्रवर्तक श्री मनोज कटारिया और श्री अनिल खासगीवाल ने बताया कि प्रदेश का औद्योगिक वातावरण निवेशकों के लिये उत्कृष्ट है। उद्योग स्थापना संबंधी व्यवस्थाएँ उत्कृष्ट कोटि की हैं। उन्होंने अपने औद्योगिक प्रस्ताव के अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में उन्हें औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए बिना किसी भाग दौड़ के जितनी शीघ्रता से भूमि की उपलब्धता हुई है, वह उनके लिए अभूतपूर्व अनुभव है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए टेस्टिंग लैब और कुशल मानव संसाधन के लिए तकनीकी शिक्षा के पाठ्यक्रमों में आवश्यक संशोधन के सुझाव भी दिए। फेयर डील एक्सपोर्ट्स को-ऑपरेटिव सोसाइटी के अध्यक्ष श्री प्रदीप केड़िया, उपाध्यक्ष श्री राजेश जैन और श्री भगवान दास वैष्णव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बताया कि समिति के 166 सदस्यों द्वारा बुरहानपुर में 57 एकड़ में टेक्सटाइल औद्योगिक पार्क विकसित करवाया जा रहा है। बैठक में पार्क के लिये पहुँच मार्ग के लिये भूमि की उनकी आवश्यकता के परिप्रेक्ष्य में विनिमय द्वारा भूमि की उपलब्धता करवाने के सैद्धांतिक प्रस्ताव पर सहमति दी गई। मेसर्स व्ही.एस.एल. लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री व्ही.जी. कृष्ण प्रसाद ने बताया कि उनकी इकाई स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। उनके द्वारा औद्योगिक क्षेत्र बांदका जिला उज्जैन में स्टील प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। इकाई की जल संबंधी आवश्यकताओं में सहयोग की अपेक्षा करने पर मुख्यमंत्री ने उनकी परियोजना के लिये जल की उपलब्धता में अपेक्षित सहयोग के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। इस अवसर पर मेसर्स अम्बा शक्ति उद्योग लिमिटेड के चेयरमेन श्री कमल गोयल और डायरेक्टर श्री हेमंत गुप्ता ने भी भेंट की। बताया कि औद्योगिक क्षेत्र बानमोर, मुरैना में स्थापित इकाई की क्षमताओं को 50 प्रतिशत बढ़ा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैस, प्रमुख सचिव उद्योग एवं वाणिज्य श्री मो. सुलेमान, प्रमुख सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग श्री व्ही.एल कांताराव, प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरुण पाण्डे, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल और श्री एस.के. मिश्रा भी मौजूद थे।  

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 MadhyaBharat  11 September 2017

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना

यूथ समिट में मुख्यमंत्री चौहान का आव्हान,ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का लाभ इस वर्ष चिन्हित शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश लेने वाले वे विद्यार्थी भी ले सकेंगे, जिन्होंने 12वीं परीक्षा पूर्व के वर्षों में 75 प्रतिशत से अधिक अंकों से उत्तीर्ण की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल में  बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के ज्ञान-विज्ञान भवन में आयोजित यूथ समिट को संबोधित कर रहे थे। इंडिया माइंड रॉक यूथ समिट का आयोजन इंडिया टुडे द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में सहकारिता राज्य मंत्री  विश्वास सारंग, विधायक जयवर्धन सिंह, सरपंच  भक्ति शर्मा एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने युवाओं का आव्हान किया कि असाधारण, सफल और सार्थक जीवन को लक्ष्य बनाएँ। रोडमैप तैयार करें। कठोर परिश्रम करें। ऊँचा सोचें। व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है। युवा ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं है। जरूरत क्षमता के स्वाभाविक प्रगटीकरण की है। अंधानुकरण उचित नहीं है। प्रदेश में युवाओं के लिये अनंत संभावनाएँ है। नये निवेश से रोजगार के नये अवसर सृजित हो रहे हैं। स्व-रोजगार के भी भरपूर अवसर है। खाद्य प्र-संस्करण इकाईयाँ पंचायतवार लगाई जा सकती है। सरकार की गारंटी पर पाँच वर्ष के लिये 5 प्रतिशत ब्याज और 15 प्रतिशत ऋण सब्सिडी के साथ वित्तीय सहायता की योजनाएँ संचालित है। महिलाओं के लिये ब्याज सब्सिडी 6 प्रतिशत का प्रावधान है। सरकार ने इस वर्ष 7.5 लाख युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार में स्थापित करवाने का लक्ष्य रखा है। प्रयास है कि युवा रोजगार देने वाले बने। राज्य की धरती से युवा बड़े उद्योगपति बनकर निकलें। युवाओं के सपने अभावों में मरे नहीं सरकार का यह प्रयास है। नि:शुल्क शिक्षा, गणवेश, विद्यालय जाने के लिए साईकिल, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्य, अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ ही सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों को भी छात्रवृत्ति मिलती है। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का न्यू इंडिया युवा बनाएंगे। उनके नवाचारों, उद्यमिता प्रयासों को सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। युवाओं का आव्हान किया कि रचनात्मक कार्यों से जुड़े। पौधरोपण, नदी जल संरक्षण, पर्यावरण चेतना, शिक्षा की गुणवत्ता आदि का कोई भी एक कार्य अवश्य करें। उन्होंने स्वयं 15 दिवस में एक बार शिक्षण कार्य करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश-देश के विकास का इंजन बन रहा है, जिसकी इस वर्ष अनुमानित कृषि विकास दर 29% है। विकास दर 8 वर्षों से दो अंकों में है। स्वच्छता अभियान के स्वच्छ 100 शहरों में 22 राज्य के है। प्रथम इन्दौर और द्वितीय भोपाल है। मुख्यमंत्री प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में पूछे गये विभिन्न प्रश्नों के उत्तर में बताया कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। समाज की यह सोच पूर्णत: अनुचित है कि बड़े पद पर बैठे व्यक्ति की संतानें भी बड़े काम करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं की उद्यमिता बढ़ाने के प्रयास तेजी से हो रहे हैं। युवा उद्यमियों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाती है। उनके अनुभव जाने जाते हैं। प्रसन्नता की बात है कि 90 से 95 प्रतिशत उद्यमी सफल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियर की आवश्यकता से अधिक आपूर्ति के कारण कॉलेजों में सीटें खाली रह रही है। वैकल्पिक व्यवसाय और स्व-रोजगार के नये अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की कमी की समस्या समाधान के लिये अगले वर्ष 7 नये शासकीय मेडिकल कॉलेज खुलवाये जा रहे हैं। चिकित्सकों पर व्यावसायिक प्रतिबंधों को कम करने और सेवा शर्तों को सुधारा जा रहा है। चिकित्सकों का मुख्यालय नगर बनाकर, उन्हें पैरामेडिकल स्टॉफ के साथ ग्रामीण अंचल में भेजने की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के लाभान्वित डॉक्टरों पर तीन वर्ष राज्य के ग्रामीण अंचल में सेवा की बाध्यता रखी गई है। उन्होंने बताया कि दिल से कार्यक्रम राज्य के विभिन्न वर्गों के साथ दिल की बात सीधे दिल से करने का प्रयास है। दिल की बात दिल और दिमाग पर सीधा असर डालती है। इंडिया टुडे के ग्रुप एडीटोरियल एडीटर श्री राज चेंगप्पा ने आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि देश में तेजी प्रगति करने वाला मध्यप्रदेश राज्य है। उन्होंने युवाओं के साथ प्रश्नोत्तरी के रूप में संवाद करते हुए मुख्यमंत्री के राजनैतिक जीवन की प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया। वेल्लोर इंस्टीटूयट ऑफ टेक्नोलॉजी के चांसलर श्री विश्वनाथन ने मध्यप्रदेश को उत्तरी भारत में सर्वश्रेष्ठ शहर, राज्य और मुख्यमंत्री वाला प्रदेश बताया।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। चयनित युवा प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित टी शर्ट प्रदान की गई है।  

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 MadhyaBharat  8 September 2017

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भ्रष्ट अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाई की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि सरकार लोगों के हित में काम करने वाली सरकार है। लोक सेवाओं के प्रदाय और शासन की योजनाओं के लाभ से लोगों को वंचित रखने वाले लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। श्री चौहान आज मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन में शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के बाद कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सीसीएफ स्तर के अधिकारी की वेतनवृद्धि रोकने, तहसीलदार, पटवारी, ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारी और कई कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने झाबुआ जिले के मातासुला ग्राम पंचायत गांव की सरपंच श्रीमती कपना सडिया वसुनिया को अपनी पंचायत की पेयजल समस्या के लिये समाधान ऑन लाइन में आने की सराहना की। किसी एक विकास कार्य के लिये एक लाख रूपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की और बताया कि नल–जल प्रदाय योजना स्वीकृत कर दी गई है और इसी गर्मी से घरों में नल से पानी मिलने लगेगा। रतलाम के मथुरी गांव के किसान श्री बद्रीलाल पाटीदार ने मुख्यमंत्री को बताया कि सोयाबीन की फसल नुकसान की शिकायत के बावजूद बीमा कंपनी सर्वे के लिये नहीं पहुँची। कई किसान बीमा दावा राशि मिलने से वंचित रह गये। मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनी को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि ऐसे प्रकरणों में किसानों की शिकायत पर तत्काल कार्यवाई करें। उन्होंने सभी कलेक्टरों की निर्देश दिये कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रीमियम राशि जमा करने और बीमा संबंधी अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाये। फसल हानि के आंकलन के लिये फसल कटाई प्रयोग भी समय पर पूरा करें। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्यवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस साल सूखे के संकट से फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसलिये किसानों का फसल बीमा अवश्य करवा लें। पानी रोकने का काम प्राथमिकता से करें और इस संबंध में किसानों का भी सहयोग लें। कटनी के खितौली गांव के शेख अजमेर की शिकायत थी कि उन्हें बलराम तालाब बनाने की पहली किश्त मिली दूसरी नहीं मिली। मुख्यमंत्री की इसी गंभीरता से लेते हुए सहायक भू-संरक्षण अधिकारी को निलंबित कर दिया। उन्होंने सभी प्रकरणों में तालाब निर्माण की राशि का भुगतान का करने के निर्देश दिये। रीवा के दुबडा गांव के एक प्रकरण में श्री सुमधनधर शर्मा ने बताया कि उसकी भूमि गैर कानूनी तरीके से हडप कर बेच दी गई। भूमि की गैर कानूनी रूप से अदला बदली करने और दस्तावेज में हेराफेरी करने के मामले में लापरवाही बरतने पर उन्होंने तत्कालीन तहसीलदार, वर्तमान तहसीलदार, तत्कालीन एवं वर्तमान पटवारी को निलम्बित करने का निर्देश दिये। साथ ही आपराधिक कार्य कर जमीन खरीदने और उस पर लोन लेने वालों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने को कहा। उन्होंने इस पेचीदा मामले में सूक्ष्म छानबीन करने के लिये रीवा कलेक्टर को बधाई दी। खरगोन के अजनगांव में मिट्टी की खदान धसकने में तीन परिवारों के एक-एक सदस्य की मृत्यु हो गई थी। मुख्ममंत्री ने पीडि़त परिवार के प्रत्येक सदस्य को एक-एक लाख रूपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से दी। खंडवा के रोहणी गांव के नानक राम ने बताया कि उसकी छह बकरियों को रीझ खा गया था। सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत करने के बाद उसे मुआवजा की राशि मिल गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि इतनी देर क्यों लगी। असंतोषजनक जबाब मिलने पर उन्होंने सीसीएफ की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये। इस प्रकरण को संतोषजनक कार्यवाही किये बिना बंद नहीं करने पर रेंजर के विरूद्ध विभागीय जांच कर सेवा से निकालने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मंडला के उमरिया गांव के श्री केशलाल ने शिकायत की कि पावर ग्रिड कारपोशन से संबंधित कंपनी ने ट्रांसमिशन लाइन लगाते समय पेड़ काट लिये और उन्हें मुआवजा भी शासन के निर्धारित मापदण्डों के अनुसार नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुये कहा कि इस संबंध में ऊर्जा मंत्रालय को अवगत कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिनके पेड़ कटे हैं उन्हें पर्याप्त मुआवजा दिलाया जायेगा। उन्होंने कलेक्टर से ऐसे सभी प्रकरणों पर निगरानी रखने और राज्य शासन के ध्यान में लाने के निर्देश दिये। छिंदवाडा के एक प्रकरण में शिकायतकर्ता श्री शैलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 में शिक्षकों के शाला नहीं आने की शिकायत की थी। इसके बाद बीआरसीसी परासिया ने शिक्षकों को समझाइश देकर प्रकरण बंद कर दिया। मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लेते हुये कहा कि वे संबंधित अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिये। जबलपुर के श्री सुरेन्द्र काछी ने बताया कि उन्हें जननी सुरक्षा योजना की प्रसूति सहायता राशि 16 अगस्त को मिल गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि दो साल बाद भुगतान क्यों हुआ। इस पर असंतोषजनक जबाव मिलने पर संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये। शहडोल की नदियाटोल गांव की सरस्वती महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती ममता बहन ने बताया कि उन्हें 18 महीनों का रूका हुआ पैसा का भुगतान हो गया है। मुख्यमंत्री ने भुगतान में विलम्ब के लिये संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये। स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया से लड़ने की तैयारी रखें मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे स्वाइन फ्लू के फैलने के खतरे को देखते हुये अपने-अपने जिलों में पूरी तैयारी रखें। सभी विभाग मिलकर समन्वय के साथ युद्ध-स्तर पर काम करें। पड़ोसी राज्यों से स्वाइन फ्लू का संक्रमण प्रदेश में आने का खतरा है। अस्पतालों में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसलिये पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने निजी अस्पतालों का भी सहयोग लेने और निजी अस्पतालों के चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ को भी लगातार जागरूक रखने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे सभी जिलों में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिये टास्क फोर्स का सहयोग लें। यह सबकी साझा जिम्मेदारी है। इससे निपटने के लिये युद्ध-स्तर पर तैयारी रखें। हर दिन संभावित प्रकरणों पर निगरानी रखें। दवाईयों की कोई कमी नहीं है। आपात स्थिति में गरीब मरीजों के लिये मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से प्रकरण स्वीकृत किये जा सकते हैं। आम लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण के प्रति जागरूक बनाने के लिये जिला-स्तरीय अभियान चलायें। आइसोलेशन बार्ड स्थापित करें और प्रायवेट अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का भी उपयोग करें। उन्होंने डेंगू और मलेरिया के प्रकरणों पर निगरानी रखने के निर्देश दिये। सूखे के संकट से निपटने की रणनीति बनायें मुख्यमंत्री ने इस साल कम वर्षा से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये सभी जिलों में आपात योजनायें बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने पानी रोकने के हर संभव प्रयास करने के निर्देश देते हुये कहा कि किसानों को समान जल-वितरण करने की कार्ययोजना तैयार रखें। पेय जल की संभावित समस्या को देखते हुये अभी से रणनीति तैयार रखें। प्रधानमंत्री का जन्मदिन स्वच्छता दिवस के रूप में मनेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिले प्रधानमंत्री के ‘’संकल्प से सिद्धी’’ अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिवस को स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जायेगा। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टर को 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन स्वच्छता दिवस पर कार्यक्रमों की श्रंखला बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन से पूरे देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आई है। मुख्यमंत्री ने राजस्व के नामांतरण एवं बटवारे एवं अन्य प्रकरणों में अभियान चलाकर कार्यवाही करने के मुख्य सचिव की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण चुनौती के रूप में स्वीकार करें। यह सभी कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिये कि वे ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की सूची बनायें जिन्होंने पचास साल की आयु और बीस साल की सेवा पूरी कर ली है। ऐसे अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया जायेगा। 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक किसान सम्मेलन श्री चौहान ने कहा कि 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक किसानों के सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। इसमें किसानों की आय दोगुनी करने की रणनीति करने पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी कृषि की विकास दर प्राथमिक रूप से 29.8 प्रतिशत रही है। इसके लिये किसान और जमीनी अमले को बधाई। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से ज्यादा से ज्यादा किसानों को कवर करने के निर्देश दिये। उन्होंन नर्मदा सेवा मिशन के अंतर्गत कार्य-योजनाओं को पूरी तरह से जमीन पर उतारने के लिये जिला-स्तरीय रणनीति बनाने के निर्देश देते हुये कहा कि नर्मदा के किनारे जितने भी पौधे लगाये गये हैं उनकी सुरक्षा के पूरे इंतजाम करें। मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्प लाइन 181 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि लोक सेवा प्रदाय गारंटी नियम के अंतर्गत 371 सेवाओं को शामिल किया गया है। जिनमें से 121 सेवायें ऑनलाइन हैं। उन्होंने कहा कि लोकसेवाओं के प्रदाय अधिनियम के क्रियान्वयन की जिलेवार समीक्षा की जायेगी।

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 MadhyaBharat  8 September 2017

 एक समान शिक्षा नीति

  शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयासों की केन्द्रीय मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने की सराहना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पूरे देश के लिये एक समान शिक्षा नीति होना चाहिये। इसके लिये मध्यप्रदेश पूरा सहयोग करेगा। उन्होने कहा कि प्रयोग के तौर पर माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा के लिये बैतूल जिले में पठन-पाठन की सारी सुविधाओं और अधोसंरचनात्मक व्यवस्थाओं से सम्पन्न एक विद्यालय खोला जाएगा जिसमें आसपास के गांवों से विद्यार्थियों को लाया जाएगा और वापस छोड़ा जाएगा। इस प्रयोग के सफल होने पर इसका विस्तार करने पर विचार किया जाएगा। श्री चौहान आज यहां ज़ी न्यूज चैनल द्वारा राज्य शिक्षा समिट कार्यक्रम में सवालों के जवाब दे रहे थे। उन्होने शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थाओं को सम्मानित किया। मप्र को शिक्षा में केन्द्र से मिलेगा पूरा सहयोग केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक सवाल के जवाब में मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता बढ़ाने, स्वायत्तता बढ़ाने और नये शैक्षणिक संस्थानों को प्रोत्साहित करने के मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करने के बाद अब प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। किसी समय बीमारू राज्य कहलाने वाला मध्यप्रदेश अब प्रथम श्रेणी के राज्यों में शामिल हो गया है। श्री जावड़ेकर ने कहा कि मध्यप्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में हर प्रकार से सहयोग दिया जाएगा। श्री जावड़ेकर ने कहा कि विशेषज्ञों का एक पैनल पूरे देश में बीस उत्कृष्ट विश्वविद्यालयों का चयन करेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश का भी इसमें स्थान होगा। श्रमोदय विद्यालय खुलेंगे श्री चौहान ने राज्य में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिये किये गये प्रयासों की चर्चा करते हुये कहा कि उत्कृष्ट विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, ज्ञानोदय विद्यालय खोले गये हैं । चार श्रमोदय विद्यालय भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में खोले जा रहे हैं। इन विद्यालयों में विशेष रूप से शिक्षित और प्रशिक्षित शिक्षकों की भर्ती की गई है। इनकी सेवा शर्ते भी भिन्न हैं। श्री चौहान ने कहा कि समाज की ओर से भी शिक्षकों को मान-सम्मान मिलना चाहिये। इस प्रवृत्ति में कमी आई है। उन्होंने कहा कि वेतन और सुविधाओं के अलावा शिक्षक मान-सम्मान चाहता है। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने चलेगा अभियान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एक दशक पहले तक प्राथमिक शिक्षा बुरी स्थिति में थी। शुरू से ही कठिन प्रयास करने पड़े । उच्च शिक्षा का प्रतिशत 13-14 था जो अब 20 हो गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को जब भी आवश्यकता पड़ी केन्द्र ने पूरी मदद की। अब उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये अभियान चलाया जाएगा। नये कॉलेज खुल रहे हैं, जो कम्प्यूटर लैब, लाइब्रेरी और आई.टी. आधारित अन्य पठन-पाठन टूल्स से सज्जित हैं। श्री चौहान ने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना की चर्चा करते हुये कहा कि अब प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च शिक्षा के लिये पैसों की कमी नहीं आएगी। उनकी फीस सरकार भरेगी। प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारी जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की सेवा-शर्तें और वेतन में सुधार किया गया है। अब उन्हें सम्मानजनक 25 से 30 हजार रूपये प्रति माह वेतन मिल रहा है। उनका प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा। कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति का प्रतिशत भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों के माता पिता नहीं हैं, वे रेल्वे स्टेशनों, सड़कों पर भटकते रहते हैं, उनके लिये भी शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टरों से कहा गया है कि वे किराये का आवास लें और उन्हें स्कूल भेजें। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को साइकिल, गणवेश, लैपटॉप, स्मार्टफोन देने जैसी पहल की गई है। निजी क्षेत्र में कई विश्वविद्यालय स्थापित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के तीन आयाम गिनाते हुये कहा कि शिक्षा का उददेश्य ज्ञान देना, कौशल देना और नागरिक संस्कार देना है। विश्वस्तरीय आई.टी.आई की स्थापना भोपाल में की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ी है इस साल के 12वी कक्षा के जो उत्कृष्ट परिणाम आये, उनमें सबसे ज्यादा बच्चे शासकीय स्कूलों के थे।  

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 MadhyaBharat  3 September 2017

भावान्तर भुगतान योजना mp

अंतर के भुगतान की राशि किसानों के खाते में सीधे पहुँचेगी   मध्यप्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने ने के लिये पायलेट आधार पर खरीफ-2017 के लिये किसान-कल्याण एवं कृषि विभाग ने भावान्तर भुगतान योजना लागू की है। इस योजना में किसान द्वारा अधिसूचित कृषि उपज मण्डी प्रांगण में चिन्हित फसल उपज का विक्रय किये जाने पर राज्य शासन ने घोषित मॉडल विक्रय कर एवं भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों को भुगतान करने का निर्णय लिया है। खरीफ-2017 में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द एवं तुअर की फसलें ली गयी हैं। इन फसलों के लिये किसानों का योजना में एक सितम्बर-2017 से 30 सितम्बर-2017 तक भावान्तर भुगतान योजना के पोर्टल में पंजीयन किया जायेगा। भावान्तर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों की फसलों के मण्डी में विक्रय अवधि तुअर के लिये एक फरवरी-2018 से 30 अप्रैल-2018 तक तथा सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग और उड़द के लिये 16 अक्टूबर-2017 से 15 दिसम्बर-2017 तक मॉडल विक्रय दर की गणना मध्यप्रदेश तथा दो अन्य राज्यों की मॉडल विक्रय दर का औसत होगा। योजना का लाभ पंजीकृत किसानों द्वारा मध्यप्रदेश में उत्पादित कृषि उत्पाद का विक्रय अधिसूचित मण्डी परिसर में किये जाने पर मिल सकेगा। योजना का लाभ जिले में विगत वर्षों की फसल कटाई प्रयोगों पर आधारित औसत उत्पादकता के आधार पर उत्पाद की सीमा तक ही देय होगा। प्रदेश के किसानों को देय राशि की गणना में प्रावधान किया गया है कि यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम किन्तु राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से अधिक हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से कम हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि ही किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। भावान्तर भुगतान योजना में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ/मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन द्वारा पात्र किसानों को भुगतान किया जायेगा। भावान्तर भुगतान योजना में निर्धारित विक्रय अवधि के बाद विक्रय अवसर प्रदान करने के लिये भावान्तर भुगतान योजना में निर्धारित विक्रय अवधि के बाद तुअर के लिये एक मई-2018 से 30 अगस्त-2018 और सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द एक जनवरी-2018 से 30 अप्रैल-2018 तक किसान द्वारा लायसेंसयुक्त गोदाम में अपने कृषि उत्पाद रखे जाने के लिये गोदाम क्रय राशि किसानों को दिये जाने का भी निर्णय लिया गया है। यह राशि निर्धारित भण्डारण अवधि में मॉडल विक्रय दर, न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रहने की स्थिति में 7 रुपये प्रति क्विंटल प्रति माह अथवा जो वास्तविक भुगतान किया गया है, दोनों में से जो भी कम हो, की दर से ऐसे किसानों के बैंक खाते में राशि जमा करवायी जायेगी। भावान्तर भुगतान योजना के संबंध में नीतिगत निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कृषि केबिनेट द्वारा लिये जायेंगे। क्रियान्वयन प्रगति एवं समीक्षा के लिये राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन समिति तथा जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति द्वारा दिये जाने का निर्णय लिया गया है।  

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 MadhyaBharat  1 September 2017

अभिषेक पटेल

  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज सागर जिले के हेड कांस्टेबल अभिषेक पटेल को 400 बच्चों की  जान बचाने के लिये पचास हजार रूपये का पुरस्कार प्रदान किया। उन्होने श्री पटेल के साहस की सराहना की और शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास पर श्री पटेल को 50 हजार रूपये का चेक भेंट किया। उन्होंने श्री पटेल को पुष्प भेंट कर उनकी कर्तव्यनिष्ठा और साहस की प्रशंसा की। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री आर के शुक्ला, अपर पुलिस महानिदेशक श्री राजीव टंडन एवं श्री आदर्श कटियार भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि श्री पटेल ने सागर के चितोरा गांव के माध्यमिक स्कूल के पास पड़े तोप के गोले को अपने कंधे पर उठाकर एक किलोमीटर दूर जाकर फेंका ताकि वहां मौजूद 400 बच्चों की जान बच सके। इस तरह श्री पटेल ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया।      

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 MadhyaBharat  29 August 2017

 महिला स्व-सहायता समूह

  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूह सामाजिक परिवर्तन के नेतृत्व का आंदोलन बनें। महिला स्व-सहायता समूहों को महिला सशक्तिकरण का आंदोलन बनाया जायेगा। इन समूहों की महिला सदस्यों को रोजगार से जोड़कर गरीबी को दूर किया जायेगा। प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूह सामाजिक परिवर्तन के अगुवा बन गये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास पर महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों ने भाग लिया। सम्मेलन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में आजीविका मिशन के तहत काम कर रहे एक लाख 69 हजार स्व-सहायता समूह प्रदेश से गरीबी के कलंक को मिटाने के संकल्प से काम करें। मध्यप्रदेश के महिला स्व-सहायता समूहों का आंदोलन पूरी दुनिया में उदाहरण बनेगा। आजीविका मिशन में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने नेतृत्व की क्षमता विकसित की है। प्रदेश की सभी गरीब महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जायेगा। स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाये गये उत्पादों के वितरण और उनके प्रचार की रणनीति बनाई जायेगी। इन स्व-सहायता समूहों को स्कूल गणवेश निर्माण का कार्य देने पर विचार किया जायेगा। सरकारी खरीदी में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की खरीदी की व्यवस्था की जायेगी। बड़े शॉपिंग मॉलो में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के लिये स्थान तय किया जायेगा। स्व-सहायता समूहों को माइक्रो फाईनेंस कम्पनियों और बैंकों से ऋण लेने में होने वाली दिक्कतों को दूर किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने महिला सदस्यों से आग्रह किया कि अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। राज्य सरकार ने बारहवीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस भरने के लिये मेधावी विद्यार्थी योजना लागू की है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे। स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों ने खुलकर अपनी बात रखी कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने अनौपचारिक बातचीत में खुलकर अपनी बात रखी, महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियाँ और कठिनाईयाँ बताई तथा सुझाव भी दिये। महिला सदस्यों ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की बैठक के लिये ग्रामों में भवन निर्माण किया जाये। बैंकों में एक दिन स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के लिये राशि निकालने के लिये तय हो। सभी बैंकों में बैंक सखियाँ नियुक्त की जायें। बाजार में आजीविका मिशन के उत्पाद विशिष्ट नाम से जाने जायें। भूमि अधिकार में बेटियों का नाम भी जोड़ा जाये। स्व-सहायता समूहों के लिये कम्प्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाये। शॉपिंग मॉल में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के लिये विक्रय की व्यवस्था हो। स्व-सहायता समूहों की ओवरड्राफ्ट लिमिट बढ़ाई जाये। गाँवों में बीज भण्डारण केन्द्र प्रस्तावित किये जायें। महिलाओं के प्रस्ताव पर ग्राम पंचायतों में कार्रवाई कर ग्राम सभा में बताया जाये। शासकीय छात्रावासों में बेडशीट प्रदाय करने का काम स्व-सहायता समूहों को दिया जाये। उचित मूल्य की दुकानों के संचालन का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को मिले। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर.एस. जुलानिया, राज्य आजीविका मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एल.एम बेलवाल सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आयी महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य उपस्थित थीं।  

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 MadhyaBharat  29 August 2017

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकास और जनकल्याण के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की गति और तेज की जाये। इसके लिये विभाग समयबद्ध कार्य योजना बनाये। वे आज यहाँ मंत्रालय में मंत्रिपरिषद के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिये उपज की खरीदी के बजाय बिक्री मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि उनके खातों में जमा करने की कार्य योजना बनायें। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न वितरण के स्थान पर हितग्राहियों के खाते में नगद राशि जमा कराने की प्रक्रिया किसी एक जिले में पायलट के रूप में शुरू करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों में खरीदी के नियमों आवश्यक बदलाव किया जाये। जेम के माध्यम से सामग्री खरीदी की जाये। सभी योजनाओं के क्रियान्वयन को आधार से लिंक किया जाये। उन्होंने पर्यटन, स्वच्छता एवं वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने का अभियान चलाने तथा कृषि आय को दोगुना करने, फसल बीमा राशि का वितरण करने एवं स्वरोजगार सम्मेलन और महिला स्वसहायता सम्मेलनों की तिथियाँ निर्धारित करते हुये आयोजन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा है कि सरकार की प्राथमिकताओं का दृष्टिपत्र तैयार है। क्रियान्वयन का रोड मैप बना हुआ है। जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक बेहतर करने के लिये नवाचारों और तकनीक के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिये हैं ताकि योजनाओं का जमीनी अमल और अधिक बेहतर हो सके, जिससे पारदर्शिता आये। इससे नया मध्यप्रदेश आदर्श डिजिटल प्रदेश बने। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर होना चाहिए। निश्चित समय-सीमा और निर्धारित नीति के साथ कार्य किये जायें। व्यवस्था में संशोधन और परिवर्धन के प्रति आगे बढ़कर प्रयास करें। उन्होंने विभिन्न विभागों को वित्तीय प्रबंधन पर विशेष बल दिया। कहा कि विभाग अंतर्गत अतिशेष राशियों का आंकलन करें। उनके सुविचारित व्यय के उपाय किये जाएं। उन्होंने अपर मुख्य सचिव वित्त को विभिन्न विभागों में उपलब्ध अनुपयोगी राशियों की जानकारी संकलित कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। जिससे इस राशि का जन कल्याण की योजनाओं में बेहतर उपयोग किया जा सके। उन्होंने तकनीक का उपयोग कर कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी अमल को और अधिक प्रभावी बनाने। इस मंशा से नवाचार करने के लिये अधिकारियों को प्रेरित किया। उन्होंने योजनाओं का क्रियान्वयन आधार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसर्फर व्यवस्थाओं पर आधारित किये जाने की जरूरत बतायी। कहा कि तकनीक के प्रयोग से गड़बड़ियां रूकती है। ऐसी गड़बड़ियों पर पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई करें। गड़बड़ी पकड़ने का श्रेय मिलेगा। यह भी सुनिश्चित करे कि क्रियान्वयन व्यवहारिक दिक्कतें नहीं हो। इनका व्यवहारिक सीमाओं में क्रियान्वयन का परीक्षण करें। नवाचारों के पायलट प्रोजेक्ट बनाकर प्रयास करें। उन्होंने शासकीय खरीदी कार्य को गर्वमेंट ई-मार्केट (जेम) के माध्यम से करवाने की व्यवस्था करने एवं खरीदी के नियमों में आवश्यक संशोधन कराने के निर्देश दिये। साथ ही राज्य के लघु उद्योगों और हस्तशिल्प उद्योगों को जेम के पोर्टल पर पंजीयन करवाने में सहयोग के निर्देश दिये। पोर्टल के माध्यम से खरीदी पारदर्शिता को बढ़ावा देगी। विभागों को डिजिटल गर्वेनेंस पर बल देने और उसे विस्तारित करने के लिये नवाचार के लिये कहा है। भीम एप की उपयोगिता के दृष्टिगत वित्त एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को संयुक्त रूप से आमजन एवं व्यापारियों को उसके उपयोग के लिये प्रेरित प्रशिक्षित करने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान ने योजनाओं की निरंतर समीक्षा करने की जरूरत बताते हुए कहा कि स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, एल.ई.डी. वितरण की निरंतर समीक्षा हो। कार्य की गति में धीमी नहीं होने पाये मिशन मोड में कार्य चलता रहे। उन्होंने प्रगति में आंचलिक अंसतुलन पर चर्चा करते हुये पिछड़े अंचलों के लिये प्रोग्रेस के पैरामीटर निर्धारित कर कार्यों पर फोकस करने की जरूरत बतायी ताकि प्रगति का असंतुलन खत्म हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मृदा कार्डों का खेती-किसानी में उपयोग हो, इसकी सतत् मॉनीटरिंग के लिये कृषि विभाग को निर्देशित किया। किसानों को इसके उपयोग के लिये प्रेरित किया जाये। किसानों की आय को दोगुना करने के लिये 15 से 30 सितम्बर के दौरान हर विकासखंड में किसान सम्मेलन करने एवं उनमें प्रभारी मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि और कृषि वैज्ञानिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। कृषि एवं सम्बद्ध विभागों को आय को दोगुना करने की कार्य योजना की समीक्षा के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम की संकल्पना नवविचारों पर मंथन की पहल है, इस परिप्रेक्ष्य में मंथन करने और पोर्टल के माध्यम से नागरिकों के सुझावों विचारों को प्राप्त करने की जरूरत है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं, जनधन खातों और मुद्रा योजना एवं वित्तीय समावेशन के प्रयासों की गतिशीलता को निर्बाध बनाने के प्रयासों पर विशेष ध्यान दिये जाने के लिये कहा। जिलास्तर पर प्रभारी मंत्री को कलेक्टर और बैंकर्स के मध्यम समन्वय कर कार्य करवाने के लिये निर्देश दिये ताकि आमजन को सही अर्थों में योजना का लाभ मिले। बीमा की किश्तें नियमित रूप से जमा हों। उन्होंने पर्यटन को मिशन मोड में लिये जाने की जरूरत बतायी। पर्यटन गंतव्यों पर फोकस करने के लिये आगामी 6 से 25 अक्टूबर के बीच अभियान चलाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंत्री द्वारा एक पर्यटन गंतव्य का भ्रमण किया जाये। उन्होंने शिक्षा, कौशल उन्नयन और स्वरोजगार केंद्रित दृष्टि के साथ प्रयास की जरूरत बतायी। प्रदेश में आगामी 11 से 30 नवम्बर के मध्य युवा सम्मेलनों के आयोजन के निर्देश दिये। साथ ही आगामी 1 दिसम्बर से 15 दिसम्बर के दौरान महिला स्वसहायता समूहों के सम्मेलन आयोजित करने के लिये कहा। बैठक में हबीबगंज रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने के प्रयासों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा सेवा मिशन की अगले सप्ताह समीक्षा करेंगे। उन्होंने किसानों को प्रेरित करने और आदर्श ई-मंडी विकसित करने की भी जरूरत बतायी। इस दौरान मुख्य सचिव श्री बी.पी. तथा विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवगण उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  23 August 2017

मध्यप्रदेश में सामान्य वर्षा

  मध्यप्रदेश में इस वर्ष मानसून में एक जून से 23 अगस्त तक 2 जिलों में सामान्य से 20 प्रतिशत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश के 20 जिले ऐसे हैं जहाँ सामान्य वर्षा दर्ज हुई है। कम वर्षा वाले जिलों की संख्या 29 है। अभी तक सामान्य औसत वर्षा 524.7 मिमी दर्ज की गई है जबकि प्रदेश की सामान्य औसत वर्षा 682.2 मिमी है। सामान्य से अधिक वर्षा कटनी और झाबुआ में दर्ज की गई है। सामान्य वर्षा वाले जिले जबलपुर, पन्ना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, सतना, इंदौर, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खण्डवा, बुरहानपुर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, रतलाम, गुना, राजगढ़ और होशंगाबाद हैं। कम वर्षा वाले जिले बालाघाट, छिन्दवाड़ा, सिवनी, मण्डला, डिण्डोरी, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मुरैना, श्योपुर, भिण्ड, ग्वालियर, शिवपुरी, अशोकनगर, दतिया, भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, हरदा और बैतूल हैं।  

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 MadhyaBharat  23 August 2017

अमित शाह - पौधरोपण

प्रतिवर्ष पौधों का रोपण करें :  चौहान वन महोत्सव कार्यक्रम में हुआ 2 हजार पौधों का रोपण  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिवर्ष एक वृक्ष लगाने का लोगों से आव्हान किया है। श्री चौहान वन महोत्सव शुभारम्भ कार्यक्रम में पौधरोपण उपरांत उपस्थिजनों को संबोधित कर रहे थे। वन महोत्सव में राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा सांसद अमित शाह, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों एवं छात्र-छात्राओं ने पौधरोपण किया। मुख्यमंत्री  चौहान ने पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल होने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों को बधाई शुभकामनाएँ दी। उन्होंने उपस्थिजनों को वृक्षारोपण करते रहने के लिये प्रेरित किया। कार्यक्रम में बताया गया कि वन महोत्सव के दौरान कलियासोत तट पर करीब 2 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है। इसमें नीम के 400, करंज के 400, शीशम के 200, जामुन के 250, सिरस के 100, कचनार के 100, पेल्टाफार्म के 100, आंवला के 60, खैर के 60, बेल के 50, बरगद के 20, पीपल के 20, अमरूद के 60, चिरोल के 50, मॉतश्री के 05, सीताफल के 25, सप्तपर्णी के 20, कटहल के 10 और आम के 50 पौधे शामिल हैं।  

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 MadhyaBharat  19 August 2017

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना

  तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री श्री जोशी ने लिया तैयारियों का जायजा  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान और सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष श्री अमित शाह 20 अगस्त को मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में चयनित विद्यार्थियों को भोपाल में लाल परेड ग्राउण्ड में आयोजित समारोह में स्वीकृति-पत्र प्रदान करेंगे। समारोह दोपहर 12 बजे होगा। तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार), स्कूल शिक्षा एवं श्रम राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने आज लाल परेड ग्राउण्ड पहुँचकर समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। श्री जोशी ने कहा कि विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों के ठहरने और भोजन की बेहतर व्यवस्था करें। उन्होंने सभी तैयारियाँ समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिये। समारोह में विभिन्न जिलों के लगभग 15 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंदोपाध्याय ने विद्यार्थियों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था की जानकारी दी। इस दौरान सांसद श्री आलोक संजर भी उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  17 August 2017

राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण अकादमी

राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने की विभागीय समीक्षा   अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चों को अगले साल राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण अकादमी में भेजने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। बच्चों को एकल खेल जैसे तीरंदाजी, तैराकी आदि के लिये प्रशिक्षित किया जाये। एमपी के आदिम-जाति एवं अनुसूचित-जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने यह निर्देश विभागीय समीक्षा के दौरान दिये। बैठक में प्रमुख सचिव श्री एस.एन. मिश्रा, आयुक्त श्रीमती दीपाली रस्तोगी और आदिवासी वित्त विकास निगम की संचालक श्रीमती रेणु तिवारी उपस्थित थीं। सोशल मीडिया के जरिये भी प्रचार-प्रसार हो श्री आर्य ने निर्देश दिये कि विभाग की उपलब्धियों का व्यापक-स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाये। विज्ञापन एवं होर्डिंग के अलावा अब सोशल मीडिया के जरिये भी योजनाओं की जानकारी और विभाग की उपलब्धियों को बताने की जरूरत है। श्री आर्य ने बच्चों को टाइम मैनेजमेंट की कला सिखाने के लिये आवश्यक प्रशिक्षण देने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को अन्य आवश्यक विषयों में भी प्रशिक्षण दिया जाये। राज्य मंत्री ने कहा कि गरीब तबके से उबरे व्यक्ति, जो देश-विदेश में प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर रहे हैं या छोटे-बड़े उद्योग संचालित कर रहे हों, उनके बारे में बच्चों को बतायें, ताकि बच्चों का मनोबल बढ़े और उनकी प्रतिभा निखारने के नये-नये अवसर प्राप्त हो सकें। राज्य मंत्री श्री आर्य ने कहा कि महिला आदिवासी समूह को अलग-अलग जिले की विशेषता और निपूर्णता के अनुसार विभागीय योजना से जोड़ें। चतुर्थ श्रेणी के बेकलॉग पद पर बैगा, सहरिया, भारिया जाति के अभ्यर्थियों के जरिये पदपूर्ति की जाये। अनुदान प्राप्त संस्थाओं की एक माह के अंदर जाँच करवायें। इस दौरान संस्थाओं का रिजल्ट और क्वालिटी अवश्य देखें। लगभग ढाई लाख वनाधिकार पट्टों का वितरण बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वनाधिकार धारकों को 2 लाख 44 हजार 755 पट्टों का वितरण किया गया है। इसमें 2 लाख 17 हजार 245 व्यक्तिगत और 27 हजार 510 सामूहिक पट्टे शामिल हैं। आईआईएचएम संस्थान के जरिये 255 मास्टर-ट्रेनर तैयार कर जिले में जाकर प्रशिक्षण दिया गया।

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 MadhyaBharat  17 August 2017

अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग

राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने की विभागीय समीक्षा   अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चों को अगले साल राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण अकादमी में भेजने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। बच्चों को एकल खेल जैसे तीरंदाजी, तैराकी आदि के लिये प्रशिक्षित किया जाये। एमपी के आदिम-जाति एवं अनुसूचित-जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने यह निर्देश विभागीय समीक्षा के दौरान दिये। बैठक में प्रमुख सचिव श्री एस.एन. मिश्रा, आयुक्त श्रीमती दीपाली रस्तोगी और आदिवासी वित्त विकास निगम की संचालक श्रीमती रेणु तिवारी उपस्थित थीं। सोशल मीडिया के जरिये भी प्रचार-प्रसार हो श्री आर्य ने निर्देश दिये कि विभाग की उपलब्धियों का व्यापक-स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाये। विज्ञापन एवं होर्डिंग के अलावा अब सोशल मीडिया के जरिये भी योजनाओं की जानकारी और विभाग की उपलब्धियों को बताने की जरूरत है। श्री आर्य ने बच्चों को टाइम मैनेजमेंट की कला सिखाने के लिये आवश्यक प्रशिक्षण देने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को अन्य आवश्यक विषयों में भी प्रशिक्षण दिया जाये। राज्य मंत्री ने कहा कि गरीब तबके से उबरे व्यक्ति, जो देश-विदेश में प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर रहे हैं या छोटे-बड़े उद्योग संचालित कर रहे हों, उनके बारे में बच्चों को बतायें, ताकि बच्चों का मनोबल बढ़े और उनकी प्रतिभा निखारने के नये-नये अवसर प्राप्त हो सकें। राज्य मंत्री श्री आर्य ने कहा कि महिला आदिवासी समूह को अलग-अलग जिले की विशेषता और निपूर्णता के अनुसार विभागीय योजना से जोड़ें। चतुर्थ श्रेणी के बेकलॉग पद पर बैगा, सहरिया, भारिया जाति के अभ्यर्थियों के जरिये पदपूर्ति की जाये। अनुदान प्राप्त संस्थाओं की एक माह के अंदर जाँच करवायें। इस दौरान संस्थाओं का रिजल्ट और क्वालिटी अवश्य देखें। लगभग ढाई लाख वनाधिकार पट्टों का वितरण बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वनाधिकार धारकों को 2 लाख 44 हजार 755 पट्टों का वितरण किया गया है। इसमें 2 लाख 17 हजार 245 व्यक्तिगत और 27 हजार 510 सामूहिक पट्टे शामिल हैं। आईआईएचएम संस्थान के जरिये 255 मास्टर-ट्रेनर तैयार कर जिले में जाकर प्रशिक्षण दिया गया।

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 MadhyaBharat  17 August 2017

 मतगणना

  मध्यप्रदेश के 43 नगरीय निकायों में हुए चुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं। इसमें कुछ जगह भाजपा और कुछ जगह कांग्रेस ने जीत हासिल की है। बुधवार सुबह 9 बजे से नगरीय निकायों के मुख्यालयों पर मतगणना शुरू हुई थी। परिणाम आने के साथ ही जगह-जगह विजेताओं ने विजय जुलूस निकाले। अध्यक्ष पद के लिए जीते भाजपा 1- आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में भाजपा की निर्मला डावर जीतीं। 2- सतना के जैतवार में भाजपा के राम बहादुर धोहर जीते। 3- झाबुआ के राणापुर में भाजपा की सुनीता जीतीं। 4- झाबुआ के थांदला में भाजपा के बंटी सोहन नाना जीते। 5- शहडोल के बुढार में भाजपा के कैलाश विश्वानी जीते। 6- झाबुआ के पेटलावद में भाजपा के मनोहर भटेवरा जीते। 7- शहडोल में भाजपा की उर्मिला रानी जीतीं। 8- डिंडोरी में भाजपा के पंकज सिंह तोमर जीते। 9- बुरहानुपर के नेपानगर में भाजपा के राजेश चौहान जीते।10 - अनूपपुर के कोतमा में भाजपा की मोहनी धमेंद्र वर्मा जीतीं। 11- बैतूल के चिचोली में भाजपा के संतोष मालवीय जीते। 12- खंडवा के छनेरा में भाजपा की पुष्पाबाई रामनिवास पटेल जीतीं। 13- खरगोन के मंडलेश्वर में भाजपा की मनीषा मनोज शर्मा जीतीं। 14- शहडोल के जयसिंहनगर में भाजपा के अशोक भारतीय जीते।15- ग्वालियर के डबरा में भाजपा की आरती मौर्य विजयी।16- बैतूल के आठनेर में भाजपा के सूरज राठौर जीते।17- खरगोन के भीकनगांव में भाजपा के दीपकसिंह हीरासिंह ठाकुर जीते। कांग्रेस 1- छिंदवाडा़ के मोहगांव हवेली में कांग्रेस की सपना कलम्बे जीतीं। 2- खरगोन के सनावद में कांग्रेस की मंजुषा नरेंद्र शर्मा जीतीं। 3- खरगोन के महेश्वर में कांग्रेस की अमिता हेमंत जैन जीतीं।4- डिंडौरी के शहपुरा में कांग्रेस के राजेश गुप्ता जीते। 5- छिंदवाडा के सौंसर में कांग्रेस के लक्ष्मण चाके जीते। 6- छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव में कांग्रेस की पुष्पा साहू जीतीं।7- झाबुआ नगर पालिका परिष में कांग्रेस के मन्नू डोडिया जीते।8- छिंदवाड़ा के दमुआ में कांग्रेस के सुभाष गुलाबाके जीते। 9- बालाघाट के बैहर में कांग्रेस के गणेश मेरावी जीते। 10- रतलाम के सैलाना में कांग्रेस की नम्रता सिंह राठौर जीतीं। निर्दलीय 1- सिवनी के लखनादौन में निर्दलीय जितेंद्र राय जीते।2- छिंदवाड़ा के पांढुर्ना में निर्दलीय प्रवीण पालीवाल जीते।3- बैतूल के सारणी में निर्दलीय आशा भारती जीतीं। भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निकाय चुनाव में विभिन्न स्थानों पर हुई पार्टी की जीत पर प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया। कहां कौन जीता : बैहर नगर पंचायत अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस बालाघाट की बैहर नगर पंचायत चुनाव में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इस पद पर उम्मीदवार गणेश मेरावी ने भाजपा उम्मीदवार को गुड्डा मरकाम को पराजित किया है। जबकि निर्दलीय उम्मीदवार गुड्डू उईके तीसरे स्थान पर रहे। वहीं पार्षद निर्वाचन में 9 वार्डों में भाजपा, 5 वार्ड में कांग्रेस और 1 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे हैं। सीएम के क्षेत्र में लाडकुई में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी की जीत सीहोर जिले के नसरूल्लागंज में ग्राम पंचायत लाडकुई में कांग्रेस समर्थित पप्पू मालवीय 1275 से अधिक वोटों से जीते। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने विजयी जुलूस निकाला। उल्लेखनीय है कि यह इलाका मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह क्षेत्र है। खंडवा के छनेरा-हरसूद में भाजपा प्रत्याशी पुष्पा रामनिवास पटेल जीतीं छेनरा हरसूद से भाजपा की पुष्पा रामनिवास पटेल निकटतम प्रत्याशी तारा सोभाग सांड से 49 वोटों से जीत गईं। पुष्पा रामनिवास पटेल (भाजपा) को 4730 वोट, तारा सोभाग सांड (निर्दलीय बागी कांग्रेस) को 4681, किरण कमलकांत भारद्वाज (कांग्रेस) को 1428, अर्चना धर्मेंद्र तिवारी (निर्दलीय बागी भाजपा) को 475 और नोटा को 204 वोट मिले। कोतमा नपा अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा अनूपपुर की कोतमा नगर पालिका अध्यक्ष भाजपा पद पर मोहिनी धर्मेद्र वर्मा जीत गई। 15 वार्डों में 8 वार्डों में भाजपा, 5 वार्डों में कांग्रेस व 2 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी जीते वार्ड क्रमांक 1,5,6,8,9,10,11व14 में भाजपा के पार्षद हुए विजयी वहीं वार्ड क्रमांक 2,7,12,13 व 15 में कांग्रेस के पार्षद जीते, वार्ड क्रमांक 3,4 से निर्दलीय प्रत्याशी विजयी। शाजापुर के अरनिया कलां में दुर्गा प्रसाद सोनानिया जीतें अरनिया कलां सरपंच चुनाव में दुर्गा प्रसाद सोनानिया 1236 वोट से जीत गए। दुर्गाप्रसाद सोनानिया को 2442 वोट, विक्रम सोनानिया को 1206 वोट, शैलेंद्र पटेल को 310 वोट, श्याम सोनानिया को 228 को वोट और नोटा को 50 वोट मिले। झाबुआ कई जगह भाजपा की जीत राणापुर में 213 वोटों से भाजपा जीती, थादंला में 844 वोटों से भाजपा जीती। पेटलावद में 1917 वोटों से भाजपा, जोबट में 209 वोटों से भाजपा और आजादनगर में 390 से भाजपा ने जीत दर्ज की। डिंडोरी की शहपुरा नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर कांग्रेस जीती शहपुरा में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के राजेश गुप्ता ने जीत दर्ज की। वार्ड 1 में भाजपा के राजेश पाल, वार्ड 2 में भाजपा की सुनीता तिवारी, वार्ड 3 में भाजपा के अनूप गुप्ता, वार्ड 4 में भाजपा की दीपा साहू, वार्ड 5 भाजपा के हारून खान, वार्ड 6 में कांग्रेस के राजेश चौधरी, वार्ड 7 में निर्दलीय अनीता कछवाहा, वार्ड 8 में भाजपा के मधु बनवासी, वार्ड 9 में भाजपा के वंदना सोनी, वार्ड 10 में निर्दलीय गिरजा कारपेंटर, वार्ड 11 में कांग्रेस के अशोक पाठक, वार्ड 12 में कांग्रेस के फुक्कू ठाकुर, वार्ड 13 में निर्दलीय सावित्री यादव, वार्ड 14 में निर्दलीय रामजी गुप्ता, वार्ड 15 में कांग्रेस के अशोक बनवासी ने जीत दर्ज की। बुरहानपुर के नेपानगर में भाजपा प्रत्याशी की जीत नेपानगर नगर पालिका परिषद के चुनाव परिणाम में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के राजेश चौहान ने 243 मतों से जीत हासिल की। वहीं 24 वार्डों में से 12 पर कांग्रेस, 11 वार्डों पर भाजपा और एक पर निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मुरैना की कैलारस नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर भाजपा की अंजना बंसल कांग्रेस की ज्योति दुबे से 1405 मतों से जीतीं। रतलाम के सैलाना नगर परिषद अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा, कांग्रेस की नम्रता राठौर 75 वोटों से जीतीं। यहां 15 पार्षद पदों में से 8 पर भाजपा, 4 पर कांग्रेस और 3 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार ने कब्जा जमाया। खंडवा के मूंदी नगर परिषद वार्ड क्रमांक 4 उप चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार शमीना बी कांग्रेस उम्मीदवार रजाक मंसूरी से 68 वोट अधिक लेकर विजय घोषित हुईं। छिंदवाड़ा की जामई नगर पालिका में कांग्रेस प्रत्याशी 2200 वोट मिली विजय। छिंदवाड़ा में मोहगांव से कांग्रेस की सपना कलंबे 793 वोटों से जीत गईं। मंदसौर जिले के शामगढ़ में वार्ड 4, 9 के उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी जीते। मंदसौर में गरोठ नगर परिषद में वार्ड 13 के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार संगीता ललित चंदेल ने भाजपा प्रत्याक्षी विनोद ग्वाला लाला को 210 मतों से हराया। विदिशा की शमशमाबाद नगर परिषद में कांग्रेस की जीत। खरगोन के महेश्वर में कांग्रेस की अनीता जैन और सनावद से कांग्रेस की मंजूषा शर्मा विजयी हुईं।  

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 MadhyaBharat  16 August 2017

सीएम शिवराज सिंह ने किया झंडारोहण

  मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में झंडारोहण किया। इसके बाद उन्‍हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वो लोगों के बीच गए और उनका अभिवादन भी स्‍वीकार किया। समारोह में रंगविरंगे ड्रेस में बच्‍चों का उत्‍साह देखने लायक था। ध्‍वजारोहण के बाद सीएम शिवराज ने लोगों को संबोधित किया। वो बोले, जिस माता का अन्‍न हमने खाया, पानी पिया है और उसी का खून हमारी रगों में दौड़ रहा है। भारत माता को प्रणाम करते हुए उन्‍होंने कहा कि आप सभी बहिनों भाईयों ओर प्रदेशवासियों को स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। सीएम ने कहा कि यह आजादी हमें बड़ी मुश्किलों से मिली इसके लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। हमारे हजारों क्रांतीकारी हंसते-हंसते फांसी पर झूल गए मैं उन्‍हें नमन करता हूं। उन्‍होंने कहा कि मैं उन सभी माताओं को भी प्रणाम करता हूं जिन्‍हेांने अपने लालों को बॉर्डर पर देश की सुरक्षा के लिए भेजा है। इस दौरान उन्‍होंने शहीद बलराम तोमर को याद किया और कहा कि मैं उनको नमन करके यहां आया हूं। लाल परेड ग्राउंड लोगों से भरा हुआ था और इस दौरान सुरक्षा का विशेष ध्‍यान रखा गया है। देश आज अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है और इस मौके पर पूरे प्रदेश में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। बच्‍चे सड़कों पर तिरंगा लेकर दौड़ते और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं।  

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 MadhyaBharat  15 August 2017

स्वाईन फ्लू उपचार

  वीडियो कान्‍फ्रेंसिंग द्वारा होगी बचाव, उपचार की समीक्षा    मध्यप्रदेश में स्वाईन फ्लू (एच-1 एन-1) प्रकरणों को देखते हुए प्रदेश के शासकीय चिकित्सालय संक्रमण उपचार के लिए पूरी तैयारी रखें। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने यह निर्देश आज स्वाईन फ्लू, डेंगू और चिकनगुनिया रोगों की दैनिक समीक्षा करते हुए दिया। स्वाईन फ्लू पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिये 10 अगस्त को वीडियों कान्‍फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों की समीक्षा होगी। इसमें सिविल सर्जन-सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, मेडिकल विशेषज्ञ और ब्लाक मेडिकल आफिसर से गाँधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के विभागाध्यक्ष डॉ. लोकेन्द्र दवे और एम्स के माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट डॉ. देवाशीष विश्वास एच-1 एन-1 संक्रमण, बचाव, रोकथाम और उपचार पर चर्चा करेंगे। प्रदेश में एक जुलाई से 7 अगस्त तक 86 सं‍दिग्ध मरीजों के सेम्पल जाँच के लिये भेजे गये जिनमें से 80 की रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें 16 पॉजिटिव रिपोर्ट आईं और 6 सेम्पल की रिपोर्ट आना शेष है। वर्तमान में 4 शासकीय एवं 7 रोगी निजी अस्पताल में उपचार के लिये भर्ती हैं। इस अवधि में 14 जिलों में डेंगू के 40 मरीज पाये गये। फिलहाल एक डेंगू मरीज उपचाररत है। चिकिनगुनिया के इस दौरान 3 जिलों में 6 मरीज पाये गये। फिलहाल कोई मरीज उपचाररत नहीं है। इस अवधि में प्रदेश में स्वाईन फ्लू से एक मृत्यु हुई है। स्वाईन फ्लू से घबरायें नहीं,सतर्क रहें सर्दी, जुकाम, बुखार, गला खराब, खाँसी, तेज सिरदर्द, साँस लेने में परेशानी आदि गंभीर निमोनिया जैसे लक्षण नजर आयें तो इसे नजरअंदाज न करें। नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में परीक्षण करवायें। परीक्षण में फ्लू पाये जाने पर चिकित्सक की सलाहानुसार दवा का पूरा कोर्स लें और आराम करें। गर्म तरल पदार्थ का अधिकाधिक सेवन करें। नाक, मुँह या आँखों का स्पर्श करने से पहले तथा बाद में हाथों को साबुन से धोयें। उक्त लक्षण हों तो दूसरों के सम्पर्क में आने से बचें। खाँसते और छींकते समय मुँह एवं नाक पर कपड़ा रखें। इससे स्वाईन फ्लू होने और फैलने से बचाव होगा। डॉ.लोकेन्द्र दवे विभागाध्यक्ष, गाँधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल

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 MadhyaBharat  9 August 2017

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह

रेडियो कार्यक्रम दिल से के माध्यम से प्रतिमाह होंगे रू-ब-रू   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की जनता से सीधे जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री प्रतिमाह रेडियो कार्यक्रम ‘दिल से’ के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों से सीधा संवाद करेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से श्री चौहान लोगों से जुड़े विभिन्‍न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करेंगे और प्राथमिकतायें बतायेंगे। साथ ही शासन की नीतियों, कार्यक्रमों, योजनाओं और भविष्य की कार्य योजनाओं को आमजन से साझा करेंगे। पहला कार्यक्रम 13 अगस्त की शाम 6.00 बजे से प्रदेश के सभी आकाशवाणी केन्द्रों से रिले होगा।  मुख्यमंत्री श्री चौहान इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों सहित सभी वर्गों से जुड़ेंगे। यह कार्यक्रम श्री चौहान की उन भावनाओं की अभिव्यक्ति के रूप में होगा, जिसमें वे खुलकर जनता से बात करेंगे। उनके कल्याण के लिये अपनी आत्मीय भावनाओं और प्रतिबद्धता को प्रगट करेंगे।मुख्यमंत्री का रेडियो कार्यक्रम ‘दिल से’ मध्यप्रदेश के सभी आकाशवाणी केन्द्रों से एक साथ प्रतिमाह निश्चित तिथि और निर्धारित समय पर प्रसारित होगा।  

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 MadhyaBharat  5 August 2017

 स्वाइन फ्लू  mp

केमिस्ट को अलग से लायसेंस लेने की जरूरत नहीं  मध्यप्रदेश की सभी दवा की दुकानों में स्वाइन फ्लू में दी जाने वाली दवा टेमीफ्लू उपलब्ध रहेगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्वाइन फ्लू की दवाओं जैसे- ओसाल्टामिविर और जेनामिविर को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली-1945 के तहत शेड्यूल-एक्स से हटाकर शेड्यूल-एच-1 में शामिल किया है। पहले स्वाइन फ्लू दवा के शेड्यूल-एक्स में होने से इसके लिये अलग से लायसेंस दिया जाता था। यह दवा दूसरी दवाओं के साथ न रखते हुए लायसेंस प्राप्त अस्पतालों में तालाबंद रखी जाती थी। अब एच-1 में शामिल होने से फुटकर दवा विक्रेता भी इसे रख सकेंगे और आवश्यकता होने पर मरीज के परिजन डॉक्टर के पर्चे पर केमिस्ट से खरीद सकेंगे। दुकानदार के लिये अलग से लायसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। लायसेंस की बाध्यता समाप्त होने से स्टॉकिस्ट अब आसानी से होलसेल डीलर से दवा खरीद सकेंगे। भोपाल के गर्ग मेडिकल स्टोर के श्री सुमित अग्रवाल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्वाइन फ्लू मरीजों को त्वरित लाभ मिलेगा। छतरपुर के केमिस्ट श्री सुनील चौबे ने कहा कि स्वाइन फ्लू मरीज को बहुत तेजी से प्रभावित करता है। ऐसे में दवा की सहज उपलब्धता स्वाइन फ्लू जैसी खतरनाक बीमारी के मुकाबले के लिये वरदान सिद्ध होगी।

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 MadhyaBharat  5 August 2017

खिचड़ी सेवा

गुरूद्वारा श्री गुरूतेग बहादुर साहेब साकेत नगर द्वारा प्रतिदिन भोपाल एम्स में भर्ती मरीजों के परिजन को नि:शुल्क खिचड़ी वितरित की जायेगी।  तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) स्कूल शिक्षा एवं श्रम राज्य मंत्री  दीपक जोशी ने खिचड़ी सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने सिख समाज द्वारा संचालित लंगर व्यवस्था की भी सराहना की। श्री जोशी ने कहा कि मनुष्य का जीवन परमार्थ और सेवा के लिए है। सिख समुदाय इस अवधारणा से सेवा कार्यों में सदैव सबसे आगे रहा है। डायरेक्टर एम्स डॉ. मधुसूदन नागरकर ने कहा कि खिचड़ी-सेवा में संस्थान द्वारा पूरा सहयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संस्थान में गरीब हो या अमीर, सभी का इलाज और देखभाल समान रूप से की जाती है। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि और सिख समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  4 August 2017

मंत्री रूस्तम सिंह

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रूस्तम सिंह ने लोगों से अपील की है कि यदि निजी अस्पताल की जाँच में डेंगू पाया जाता है तो उसकी पुष्टि शासकीय चिकित्सालय में अलाइजा टेस्ट से अवश्य करवायें। श्री सिंह ने कहा ठंड लगकर तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर पर चकत्ते और उल्टी आये तो चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। सलाह अनुसार शासकीय अस्पताल में रक्त की जाँच करवायें। पानी जमा न रहने दें श्री सिंह ने कहा कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है और दिन में काटता है। अत: अपने घर में कूलर, टायर, पुराने मटके आदि में लम्बे समय तक पानी जमा न रहने दें। दिन में पूरी आस्तीन के कपड़े पहने। श्री सिंह ने कहा कि कूलर में एक चम्मच सरसों का तेल डाल दें इससे पानी के ऊपर तेल की परत जमने से लार्वा नहीं उत्पन्न होता है। अधिक तरल पदार्थ पियें बुखार आने पर अधिक से अधिक तरल पदार्थ जैसे पानी, दूध, मट्ठा, जूस आदि का अधिक से अधिक सेवन करे। बुखार के दौरान पूरे शरीर पर पानी की पट्टियाँ रखें। शरीर पर चकत्ते होने पर मरीज को तत्काल अस्पताल में भर्ती करवाकर इलाज करवायें। खून में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने पर भी न घबरायें। पैरासिटामोल को छोड़कर कोई भी अन्य दर्द निवारक दवा का सेवन न करें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज भी प्रदेश में स्वाईन फ्लू, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य, आयुष, गैस राहत त्रासदी और नगरीय प्रशासन विभाग की समन्वित टीमें लार्वा विनिष्टीकरण करने के साथ ही इन बीमारियों पर नजर रख रही हैं। 3 अगस्त को डेंगू के 9, चिकनगुनिया और स्वाईन फ्लू के एक-एक संदिग्ध मरीज का टेस्ट किया गया जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। प्रदेश में जनवरी से अब तक डेंगू के कुल 22 मामले सामने आये हैं जिनमें भोपाल जिले के 10, जबलपुर के 9, पन्ना, डिण्डोरी और दमोह का एक-एक मामला शामिल है। डेंगू से वर्ष 2017 में कोई मृत्यु नहीं हुई है।

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 MadhyaBharat  4 August 2017

मुस्कान अहिरवार

मुख्यमंत्री  ने मुस्कान के जूनून और जज्बे को किया सम्मानित हमें आगे बढने से कोई नहीं रोक सकता मामा जी हमारे साथ हैं - मुस्कान    भोपाल में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली मुस्कान अहिरवार का अपना पक्का पुस्तकालय होगा। अभी वो राजधानी की दुर्गानगर बस्ती में कच्चे मकान में पुस्तकालय चलाती हैं। बच्चों की शिक्षाप्रद 25 किताबों से उनका पुस्ताकलय 2016 में शुरू हुआ था। अब 1000 से ज्यादा किताबों से सज्जित हो गया है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां अपने निवास पर मुस्कान अहिरवार का सम्मान किया और उन्हें दो लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान की। साथ ही यह भी कहा कि जल्दी ही एक कमरे का पक्का पुस्तकालय बन जायेगा। मुख्यमंत्री के इस भावनात्मक उपहार से अभिभूत मुस्कान कहती हैं कि अब उन्हें और बस्ती के बच्चों को पढ़ने और आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। मामाजी हमारे साथ हैं। अब हमें अपना काम करना है। मामा जी की सरकार हमारे साथ है। मुस्कान ग्लोरियस हायर सेकेण्डरी स्कूल जहांगीराबाद में पढ़ती हैं। उनकी बड़ी बहन नेहा अहिरवार नवीं कक्षा में तात्या टोपे हायर सेकेण्डरी स्कूल में पढ़ती हैं। छोटा भाई विकास चौथी में मुस्कान के साथ ही स्कूल जाता है। आकाश पहली कक्षा में है। उनके चाचा राकेश कुमार घर में मदद करते हैं। उनका सेंटरिंग का काम है। मुस्कान के पिता मनोहर अहिरवार भी सेंटरिंग का काम करते थे। सात जुलाई को उनका निधन हो गया। मुस्कान बताती हैं कि पापा कहते थे कुछ करके दिखाओ । इसके लिये खूब पढ़ो। वो स्वयं डाक्टर बनना चाहती हैं। मुस्कान बताती हैं कि अभी रोज शाम पांच से सात बजे तक पुस्तकालय लगता है। करीब बीस पच्चीस बच्चे आते हैं। चटाई और दरी पर बैठना पड़ता है। कुछ बच्चे किताबें घर ले जाते हैं। फिर वापस कर देते हैं। मैं किताब के बारे में कुछ सवाल पूछ लेती हूँ जिससे यह पता चल जाता है कि बच्चे ने किताब पढ ली है। एक रजिस्टर है जिसमें सारा हिसाब रहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुस्कान जैसी बेटियों के काम को पूरा समाज आगे बढ़ाये तो स्थितियां बदलते देर नहीं लगेगी। सरकार की ओर से हर प्रकार की सहायता दी जायेगी।

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 MadhyaBharat  3 August 2017

सशक्त परिवार सशक्त देश

मुख्यमंत्री  चौहान ने किया संकल्प पत्र का विमोचन रक्षा बंधन पर बहनें अपने भाइयों से सभी प्रकार के नशे से दूर रहने का वचन मांगेगी। संचालनालय महिला सशक्तिकरण ने इसके लिये अनूठी पहल की है। “ सशक्त परिवार सशक्त देश ’’ पहल के अंतर्गत पूरे प्रदेश में सकल्प पत्र भेजे जा रहे है। सभी सांसदों, विधायकों, जिला पंचायत, जनपद पंचायत अध्यक्षों, महापौर, पार्षद, कालेज स्कूलों तक पहंचाये जा रहे है। सभी भाइयों तक यह संकल्प पत्र पहुंचेगा। इसे बहनों की पूजा की थाली में रखना होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिवस मंत्रालय में संकल्प पत्र का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने नवाचारी पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से बने उद्देश्य पूरे होते हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस इस अवसर उपस्थित थी।  

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 MadhyaBharat  3 August 2017

शिवराजसिंह मंत्रि-परिषद

महाधिवक्ता को पुनरीक्षित मानदेय स्वीकृत  मंत्रि-परिषद के निर्णय  मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में देवास में उद्योगों को जल प्रदाय करने के लिए स्विस चैलेंज प्रक्रिया में पुनर्संरचित योजना के तहत विकासकर्ता का चयन करने की अनुमति दी गयी। इस संबंध में सभी कार्यवाहियां एमपी एसआईडीसी लिमिटेड द्वारा की जायेगी। मंत्रि-परिषद ने महाधिवक्ता मध्यप्रदेश/अतिरिक्त महाअधिवक्ता/ उप महा अधिवक्ता/ शासकीय अधिवक्ता एवं उप शासकीय अधिवक्ता जबलपुर, इंदौर एवं ग्वालियर में पदस्थ विधि पदाधिकारियों, जिनकी नियुक्ति मध्यप्रदेश शासन की ओर से माननीय उच्च न्यायालय में शासन का पक्ष समर्थन के लिए की जाती है, को देय मानदेय में पुनरीक्षण की स्वीकृति दी। अब महाधिवक्ता को पुनरीक्षित निश्चित मासिक मानदेय 1 लाख 80 हजार, अतिरिक्त महाधिवक्ता को 1 लाख 75 हजार, उप महाधिवक्ता को 1 लाख 60 हजार, शासकीय अधिवक्ता को 1 लाख 25 हजार और उप शासकीय अधिवक्ता को 1 लाख रुपए मिलेगा। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग में प्रधान आरक्षक के चार पदों के सृजन की मंजूरी दी। इनका वेतनमान रुपए 5200-20200+2400 ग्रेड पे होगा। मंत्रि-परिषद ने मंत्रालय के आठ तकनीकी कर्मचारियों को मंत्रालय के सहायक ग्रेड-3 के समान एक अप्रैल 2006 से द्वितीय समयमान वेतनमान रुपए 5500-9000 स्वीकृत करने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश मंत्रालय में कार्यरत दफ्तरी को देय विशेष वेतन राशि 50 रुपए को पुनरीक्षित कर 250 रुपए प्रतिमाह करने की मंजूरी दी है। मंत्रि-परिषद ने किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अधीन भारत सरकार सहायतित नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन एंड टेक्नालॉजी के सबमिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन 'आत्मा' को वर्ष 2017-18 में योजना एवं स्वीकृत कुल 1358 पदों की निरंतरता की स्वीकृति देने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी तिलहन उत्पादक संघ के सेवायुक्तों के राज्य शासन के विभिन्न विभागों में संविलियन की योजना में वृद्धि करने का निर्णय लिया। यह वृद्धि संविलियन के लिए शेष 260 सेवायुक्तों के लिए 10 अगस्त 2017 से छ: माह बढ़ाकर 10 फरवरी 2018 की गयी है।  

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 MadhyaBharat  1 August 2017

लोक शिक्षण संचालनालय

  जिले में सीईओ जिला पंचायत की अध्यक्षता में समिति गठित  मध्यप्रदेश में वर्ष 2013-14 में सीधी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत सरकारी स्कलों में 42 हजार 88 संविदा शाला शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। नियुक्त किये गये। संविदा शाला शिक्षकों को कार्य करते हुए 3 वर्ष से अधिक की सेवा अवधि हो चुकी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने संविदा शाला शिक्षक को अध्यापक संवर्ग के पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने समस्त जिला कलेक्टर्स और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किये है। तीन वर्ष की संविदा नियुक्ति की कालावधि पूरी कर चुके संविदा शाला शिक्षकों को अध्यापक संवर्ग में नियुक्ति की पात्रता के संबंध में गठित छानबीन समिति निर्धारित मापदंडों की जाँच करेगी। छानबीन के बाद ही पात्र पाये जाने पर अध्यापक संवर्ग में नियुक्ति की जायेगी। संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-1 को वरिष्ठ अध्यापक, संविदा शाला शिक्षक-2 को अध्यापक और संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 को सहायक अध्यापक के रूप में अध्यापक संवर्ग के वेतनमान के न्यूनतम पर नियुक्त किया जायेगा। आगामी वेतन वृद्धि की तारीख एक वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद देय होगी। जिले में गठित छानबीन समिति के अध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी होंगे। समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, जिला शिक्षा अधिकारी अथवा सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण समिति के सदस्य सचिव होगे। समिति में अनुसूचित जाति अथवा जनजाति प्रवर्ग के एक अधिकारी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में संबंधित जिला कलेक्टर्स को नियत समय में आवश्यक कार्यवाही करने के लिये कहा है।  

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 MadhyaBharat  1 August 2017

मुख्यमंत्री चौहान

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान को एनएचडीसी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री एम.ए.जी अंसारी ने आज वर्ष 2016-17 का लाभांश चैक भोपाल मुख्यमंत्री निवास में सौंपा। इस अवसर पर बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन और एनएचपीसी लिमिटेड का संयुक्त‍उद्यम एनएचडीसी लिमिटेड है। आलोच्य अवधि में 374 करोड़ 46 लाख 24 हजार रूपये मध्यप्रदेश शासन का लाभांश है। उल्लेखनीय है कि एनएचडीसी लिमिटेड की वर्ष 2000 में स्थापना हुई थी। यह मध्यप्रदेश राज्य का सबसे बड़ा जल विद्युत उत्पादन निगम है। इसकी दो परियोजनाएँ संचालित हैं। इंदिरा सागर एक हजार मेगावॉट और ओंकारेश्वर 520 मेगावॉट की परियोजनाएँ है।  

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 MadhyaBharat  31 July 2017

कृष्ण जन्माष्टमी

    राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने तीन कार्यों का भूमि-पूजन किया। श्री गुप्ता ने वार्ड 27 में एलआईजी 173 के सामने कोटरा में सी.सी. रोड और वार्ड 26 में शासकीय विद्यालय 25वीं बटालियन की वाउण्ड्रीबाल का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कमला नगर थाने के पास मैदान में मटकी फोड़ प्रतियोगिता के लिए भी भूमि-पूजन किया। विजेता को मिलेगा 51 हजार रुपये राजस्व मंत्री श्री गुप्ता के कहा कि कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर 16 अगस्त को होने वाली मटकी फोड़ प्रतियोगिता में विजेता टीम को 51 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों को जोड़ते हैं। उन्होंने प्रतियोगिता स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  31 July 2017

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    भोपाल में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) के सम्मेलन में मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों सहित कई पर्यावरणविद शामिल हुए। इस दौरान स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में किए गए स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत देश में पहला स्थान प्राप्त करने व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर इंदौर महापौर मालिनी गौड़ और आयुक्त मनीष सिंह को पुरस्कृत किया गया। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देशभर में हरियाली और प्रदूषण रोनके लिए एनजीटी ने बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पर्यावरण को सुरक्षित रखाना है तो एनजीटी को और कड़े कदम उठाने होंगे। मध्यप्रदेश के लोग पर्यावरण प्रेमी है। सीएम ने कहा कि पेड़ों में तुलसी, आवंला, बरगद और पीपल की पूजा की जाती है। यह पर्यावरण बचाने का संदेश है। छत्तीसगढ़ के सीएम डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिए हम दूसरों से उम्मीद करते हैं कि वो नियम फॉलो करे, लेकिन खुद नहीं करते। उन्होंने कहा कि गंगा में डुबकी लगाकर हम खुदको पवित्र समझते हैं, लेकिन नदियों का जल कितना प्रदूषित हो गया है। वृक्षारोपरण क्या किया जाए इस पर भी ध्यान देना होगा।  

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 MadhyaBharat  29 July 2017

अर्चना चिटनिस

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा है कि प्रदेश में कुपोषण नियंत्रण के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ कृषि और इससे संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे। श्रीमती चिटनिस पोषण परिपूर्ण ग्राम की अवधारणा के क्रियान्वयन के लिए विशेषज्ञ समूह की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती चिटनिस ने कहा कि गाँव में कृषि एवं अनुषांगिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण आवश्यकताओं को स्‍थानीय उपज से पूरा कर कुपोषण से निजात दिलायी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। कृषि विज्ञान केन्द्रों के समन्वय से प्रत्येक परियोजना में एक ग्राम को पोषण परिपूर्ण ग्राम के रूप में विकसित करने की योजना है। इस अवसर पर जिलों से आए कृषि वैज्ञानिकों ने कार्य-योजना का प्रस्तुतिकरण किया। बैठक में प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास श्री जे.एन. कंसोटिया, आईसीडीएस प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुश्री निधि निवेदिता, कृषि विज्ञान केन्द्र जोन-7 अटारी के निदेशक कृषि वैज्ञानिक श्री अनुपम मिश्र, संचालक कृषि उद्यानिकी, पशुपालन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।  

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 MadhyaBharat  28 July 2017

दाल मिल

    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज यहां मुख्यमंत्री निवास में दाल मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री संजय पाठक भी उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  28 July 2017

 उमाशंकर गुप्ता

राजस्व मंत्री ने पूर्व राष्ट्रपतिकलाम के चित्र पर माल्यार्पण किया  राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री  उमाशंकर गुप्ता ने पूर्व राष्ट्रपति श्री ए.पी.जे अब्दुल कलाम की पुण्य तिथि पर कोटरा में उनके छाया-चित्र पर माल्यार्पण किया। श्री गुप्ता ने कहा कि श्री कलाम के कार्य अविस्मरणीय और प्रेरणादायक हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय है। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।  रामनगर में स्कूल बाउण्ड्रीवाल का भूमि-पूजन राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने वार्ड 25 स्थित रामनगर में स्कूल की बाउण्ड्रीवाल और शेड निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। श्री गुप्ता ने रहवासियों को शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  27 July 2017

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री द्वारा निर्माण कार्यों की ऑनलाइन समीक्षा  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्माण विभागों को निर्देशित किया है कि कार्यों की गुणवत्ता, निर्माण अवधि आदि के महत्वांकाक्षी लक्ष्य निर्धारित कर कार्य किये जायें। श्री चौहान आज मंत्रालय में प्रगति ऑनलाइन के दौरान निर्माण कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। ऑनलाइन समीक्षा में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रकाशन 'समझ झरोखा' का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, कार्य की पूर्णता और गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आदिम जाति कल्याण विभाग के निर्माणाधीन कन्या शिक्षा परिसरों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश के 28 जिलों में 65 परिसरों का निर्माण किया जाना है। कुल 52 स्थलों पर निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गये हैं। मुख्यमंत्री ने उपयुक्त भूमि की अनुपलब्धता की जानकारी मिलने पर संबंधित जिलों के कलेक्टरों और परियोजना क्रियान्वयन इकाई से सीधा संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह में उपयुक्त भूमि चयन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में सीधी जिले की ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना मझोली, उमरिया जिले की ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना मानपुर, कन्या शिक्षा परिसर, बैतूल-खंडारा-आमला-बोरदेहि-बांसखापा-नागदेव मंदिर रोड, खमरपानी-सावरनी-लोधीखेड़ा-रेमंड चौक रोड, निवारी-सेंद्री रोड, बेनजीर पैलेस का हेरिटेज होटल में रूपांतरण, पूर्व क्षेत्र में फीडर सेपरेशन, रीवा की अमृत योजना अंतर्गत सीवरेज परियोजना और जबलपुर स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कार्य को समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिये।  

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 MadhyaBharat  27 July 2017

टी.पी.एस.रावत

कारगिल विजय दिवस पर आज सैनिक विश्राम गृह में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के संबंध में जनसमुदाय चल चित्र के माध्यम से विस्तृत जानकारी को दी गई। मुख्य अतिथि मेजर जनरल टी.पी.एस.रावत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सेनाएँ देश की सीमाओं और देशवासियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। विपरीत पस्थितियों में सेना ने बड़े धैर्य और साहस से पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए कारगिल युद्ध में विजय हासिल की थी। यह युद्ध किसी अन्य देश की सेना द्वारा जीत पाना असंभव था। मेजर जनरल रावत ने बताया कि दुर्गम स्थल होते हुए भी हमारी सेना ने कारगिल युद्ध लड़कर दुश्मनों को परास्त किया। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक अपने जीवन का अधिकतम और स्वर्णिम समय देश की सेवा में सर्मपित करते हैं। हमें भी उनके प्रति सदैव अपनत्व और सहयोग की भावना रखना चाहिये। इस अवसर पर मेजर जनरल अशोक कुमार,कर्नल ओ.पी.मिश्रा,कर्नल वी.पी.त्रिपाठी,कर्नल प्रणव मिश्रा (से.नि.) ने 16500 फिट उंची बर्फीली पहाड़ी पर हुऐ कारगिल सहित अन्य युद्धों की परिस्थितियों,सेना की रणनीति आदि के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी। इस युद्ध में 8 जवान शहीद और 48 सैन्य कार्मिक घायल हुऐ थे। कारगिल में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि और राष्ट्रगान के उपरान्त कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन कर्नल गिरिजेश सक्सेना तथा आभार प्रदर्शन कर्नल यशवंत के.सिंह ने किया। इस अवसर पर संचालक सैनिक कल्याण ब्रिगे.आर.एस. नोटियाल, भोपाल एक्स सर्विसेस लीग के अध्यक्ष कार्नल एस कुमार सहित सेवारत/सेवानिवृत्त सैन्य कार्मिक,उनके परिवारजन,शासकीय सेवक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  26 July 2017

मानसून

  मध्यप्रदेश में इस वर्ष मानसून में एक जून से 25 जुलाई तक 10 जिलों में सामान्य से 20 प्रतिशत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश के 34 जिले ऐसे हैं जहाँ सामान्य वर्षा दर्ज हुई है। कम वर्षा वाले जिलों की संख्या 7 है। अभी तक सामान्य औसत वर्षा 378.6 मिमी दर्ज की गई है जबकि प्रदेश की सामान्य औसत वर्षा 366.0 मिमी है। सामान्य से अधिक वर्षा कटनी, रीवा, सतना, झाबुआ, खण्ड़वा, नीमच, रतलाम, दतिया, राजगढ़ और जबलपुर में दर्ज की गई है। सामान्य वर्षा वाले जिले छिंदवाड़ा, सिवनी, मण्डला, डिंडोरी, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़ छतरपुर, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, इंदौर, धार, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, उज्जैन, मंदसौर, देवास, शाजापुर, मुरैना, भिण्ड, गुना, अशोकनगर, भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, होशंगाबाद, हरदा और बैतूल हैं। कम वर्षा वाले जिले बालाघाट, शहडोल, अनूपपुर, आगर-मालवा, श्योपुर, ग्वालियर और शिवपुरी हैं।  

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 MadhyaBharat  26 July 2017

ईशर जज आहलूवालिया

मप्र ने की शहरी प्रबंधन, नियोजन में सराहनीय प्रगति :ईशर जज आहलूवालिया  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शहरीकरण की प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता लेकिन बेहतर प्रबंधन संभव है। बेहतर प्रबंधन से शहर स्वर्ग बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि गांव तेजी से शहर की ओर बढ़ रहे हैं। इससे शहरों के लिये चुनौतियाँ भी पैदा हो रही हैं। इसलिये बेहतर शहरी प्रबंधन और नियोजन पर ध्यान देना जरूरी हो गया है। श्री चौहान आज यहाँ प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ईशर जज आहलूवालिया की किताब ‘हमारे शहरों का रूपांतरण’ का विमोचन कर रहे थे। इस किताब का प्रकाशन मंजुल प्रकाशन द्वारा किया गया है। इस अवसर पर पूर्व में कार्यरत योजना आयोग के तत्कालीन उपाध्यक्ष श्री मोंटेक सिंह आहलुवालिया एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। श्री चौहान ने कहा कि हाल के सफाई सर्वेक्षण में सौ शहरों में 22 मध्यप्रदेश के हैं। इनमें भी इंदौर प्रथम और भोपाल दूसरे स्थान पर है। प्रदेश के सात शहर स्मार्ट शहर की सूची में शामिल हैं। श्री चौहान ने हिन्दी में इस किताब के प्रकाशन का महत्व बताते हुये कहा कि यह शहरी निकायों, प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं के लिये मार्गदर्शी साबित होगी। उन्होंने कहा कि सभी शहरी निकायों को यह किताब उपलब्ध करायी जायेगी। किताब की लेखिका ईशर जज आहलूवालिया ने शहरी प्रबंधन और नियोजन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश द्वारा की गई प्रगति की सराहना करते हुये कहा कि मध्यप्रदेश स्मार्ट सिटी के लिये उपलब्ध फण्ड का बेहतर उपयोग कर रहा है। उन्होंने इंदौर में निजी और सार्वजनिक भागीदारी से शहर बस सेवा की परियोजना पर चर्चा करते हुये कहा कि भोपाल और इंदौर में शहरी यातायात में अनूठा काम हुआ है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिबद्धता से शहरीकरण की चुनौतियों का सामना करते हुये बेहतर प्रक्रिया और व्यवस्थायें स्थापित की हैं उनकी प्रेरणादायी कहानियाँ किताब में शामिल की गई हैं।    

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 MadhyaBharat  26 July 2017

अपर मुख्य सचिव रजनीश वैश

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव रजनीश वैश ने कहा है कि नर्मदा नदी से मध्यप्रदेश में किसानों द्वारा खुद के साधनों से की जा रही सिंचाई पर रोक लगाने संबंधी कोई आदेश नहीं है। किसानों को नर्मदा नदी से पानी लेने का अधिकार पूर्व की तरह यथावत है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों की विद्युत लाईन डूब में आयेगी, उन्हे नये उद्वहन स्थान पर पम्प मोटर के लिये विद्युत कनेक्शन प्राप्त करने का अधिकार सुरक्षित है। ऐसे किसानों को नये उद्वहन स्थान पर पूर्व की तरह ही विद्युत कनेक्शन प्रदान किया जायेगा। श्री वैश ने किसानों से अपील की है भ्रामक प्रचार से विचलित नहीं हों। साथ ही, अपने साथी किसानों को भी वस्तुस्थिति से अवगत करायें।

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 MadhyaBharat  26 July 2017

 शिवराज और नंदकुमार सिंह का पुतला जलाया

  ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान द्वारा की गई टिप्पणी के विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन हुआ। भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कमेटी दफ्तर के सामने कार्यकार्ताओं ने सीएम शिवराजसिंह चौहान और नंदकुमार सिंह चौहान का पुतला जलाया। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात था। इंदौर में राजवाड़ा पर कांग्रेसियों ने सीएम और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दतिया में कांग्रेसियों ने किला चौक से पहले तांगा स्टैंड पर पुतलों में आग लगा दी। इस दौरान पुलिस ने पुतला छीनने की भी कोशिश की। जबलपुर में कांग्रेस के प्रदर्शन में एक युवक बंदूक लेकर पहुंचा था, पुलिस उसे पकड़कर ले गई।

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 MadhyaBharat  25 July 2017

दलित अपमान पर विधानसभा में  हंगामा

  विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को सदन में भाजपा ने दलित के अपमान पर लेकर हंगामा किया। भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी बातों के लिए माफी मांगने की मांग की। विधायक रामेश्वर शर्मा ने मांग रखी कि दलितों के अपमान के मामले में सिंधिया के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाए। इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोक हुई। सदन की प्रश्नोत्तरी में नरोत्तम मिश्रा का नाम आने पर भी हंगामा हुआ। विधायक सुंदरलाल तिवारी ने कहा कि पहले यह तक हो जाना चाहिए कि नरोत्तम मिश्रा विधायक हैं, या नहीं। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि उनका मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। सिंधिया ने नंदकुमार को भेजा मानहानी का नोटिस कांग्रेस नेता और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमारसिंह चौहान को मानहानी का कानूनी नोटिस भेजा है। नंदकुमार ने अशोकनगर ट्रामा सेंटर के उद्धाटन को लेकर उन पर दलित के अपमान का आरोप लगाया था।  

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 MadhyaBharat  24 July 2017

रूक जाना नहीं

इस वर्ष 20 दिन में घोषित किया गया परीक्षा परिणाम   मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड परीक्षा मार्च 2017 में कक्षा 10 और कक्षा 12वीं में अनुर्त्तीण रहे छात्रों के लिये राज्य ओपन शिक्षा परिषद द्वारा 'रूक जाना नहीं' योजना से करीब 22 हजार छात्रों को आगे की कक्षाओं में पढ़ने का अवसर मिलेगा। इन छात्रों के लिये राज्य ओपन स्कूल ने 19 जून से 3 जुलाई तक परीक्षा आयोजित की। राज्य ओपन स्कूल ने इस योजना में रिकार्ड समय 20 दिन के भीतर परीक्षा परिणाम घोषित किया है। उत्तीर्ण छात्रों को आगे की कक्षाओं में प्रवेश दिलाने में सहयोग दिया जायेगा। रूक जाना नहीं योजना में असफल रहे कक्षा 10 के 4,198 और कक्षा 12 के 17 हजार 740 छात्रों ने परीक्षा में सफलता हासिल की है। योजना में असफल रहे छात्रों के लिये एक और अवसर इस वर्ष नवम्बर और दिसम्बर माह में होने वाली परीक्षा में और दिया जायेगा। इसके लिये फार्म भरने की प्रकिया अगस्त माह के पहले सप्ताह से पुन: शुरू की जायेगी। रूक जाना नहीं योजना प्रदेश में वर्ष 2016 से स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रारंभ की थी। वर्ष 2016-17 में असफल रहे छात्रों के लिये 4 अलग-अलग चरणों में परीक्षा आयोजित की गई थी। इन परीक्षाओं में वर्ष 2016 की माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड की कक्षा 10 और कक्षा 12वीं के 86 हजार 23 छात्रों को बोर्ड परीक्षा पास करने में सफलता मिली थी। इस वर्ष के परीक्षा परिणाम मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद की वेबसाइट http://www.mpsos.nic.in/पर देखे जा सकते है।

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 MadhyaBharat  24 July 2017

2018 का चुनाव शिवराज सिंह चौहान

भोपाल में भाजपा कार्यसमिति की शनिवार को हुई बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और कार्यकार्ता इसमें शामिल हुए। कार्यसमिति ने राजनीतिक प्रस्ताव में जीएसटी लागू होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इसे लागू करने में सहयोग देने वाले दलों का आभार माना। राजनीतिक प्रस्ताव रामेश्वर शर्मा ने पेश किया, इसमें विधानसभा चुनाव के लिए 'अबकी बार-200 पार' का नारा दिया गया। इसके साथ ही प्रस्ताव में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का जिक्र किया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि पहले एक बजरंगी बोला अब दूसरे बजरंगी को बुलाया है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सदन का तापमान बढ़ गया है, मैंने पुराने रंग में भाषण दिया तो यहां आग लग जाएगी। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा कि कांग्रेस अब भारतीय राजनीति में अप्रासंगिक हो गई है। पार्टी के लिए हर चुनाव चुनौतीपूर्ण हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि मंदसौर में किसान क्रांति नहीं, दंगा हुआ था। जो मुठ्ठी भर लोगों ने किया था। आग लगाने के लिए कुछ लोग ही काफी हैं। मुट्ठी भर कांग्रेसियों ने किसान आंदोलन में आग लगाने की पूरी कोशिश कीः तोमर इस बैठक की खास बात यह रही कि यहां आने वाले नेताओं का स्वागत फूलों से नहीं बल्कि अंगोछा और पुस्तक देकर किया गया।। इसमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंदसौर में हुई हिंसा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया। बैठक में उन्होंने कहा कि, किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में जो कुछ भी हुआ वह कांग्रेस की देन है। वह किसानों का नहीं बल्कि कांग्रेस का आंदोलन था। मुट्ठी भर कांग्रेसियों ने किसान आंदोलन में आग लगाने की पूरी कोशिश की थी। प्रभारी और सांसद विनय सहस्रुद्धे ने बैठक का शुभारंभ किया। बैठक में सीएम शिवराज सिंह, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास कुमार भगत, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, थावरचंद गेहलोत,फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रभात झा सहित प्रदेश भर लगभग 5 सौ पार्टी नेता शामिल हुए हैं।    

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 MadhyaBharat  22 July 2017

mp नदियों का दोहन

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि खनन नीति का आधार पर्यावरण संरक्षण, सतत् विकास और मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिये। रेत से राजस्व अर्जित करना सरकार की मंशा कतई नहीं है। श्री चौहान ने आज एप्को सभागार में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि विकास के लिए रेत की सुलभ उपलब्धता हो। अवैध गतिविधियाँ बंद हों। नदियों का दोहन हो, शोषण नहीं। खनन दृष्टिकोण मानवीय हो। उन्होंने कहा कि इन्हीं उद्देश्यों पर आधारित खनन नीति निर्माण के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया है। श्री चौहान ने सरकार द्वारा खनन नीति निर्माण के विभिन्न स्वरूपों का चरणबद्ध उल्लेख किया और कार्यशाला में विचारणीय मुद्दों को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि प्रदेश की खनन नीति का स्वरूप कार्यशाला के मंथन से निकला अमृत निर्धारित करेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर कहा कि प्रकृति पर केवल मानवमात्र का अधिकार नहीं है। जीव-जंतुओं, चल-अचल सभी तत्वों का समान अधिकार है। अत: प्रकृति के साथ संतुलित व्यवहार जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर होने वाले आत्मघाती प्रभावों के संकेत पृथ्वी के तापमान में वृद्धि, अवर्षा, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं के रूप में सामने आने लगे हैं। अनेक जीव-जंतु धरती से विलुप्त होने लगे हैं। महाशीर मछली सहित अनेक जीव-जंतु विलुप्ती के कगार पर है, उनके संरक्षण के प्रयास हो रहे हैं। संसार में सर्वत्र चिंता हो रही है। प्रदेश के नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण के लिये नर्मदा सेवा यात्रा के संकल्प और 12 घंटों में 7 करोड़ 13 लाख पौधे रोपकर इस दिशा में अपना फर्ज निभाया है। श्री चौहान ने कहा कि यह जरूरी हो गया है कि हम भावी पीढ़ी के लिए स्वस्थ वातावरण छोड़ें जिसमें सभी के लिये जीवन के समान अवसर हों। श्री चौहान ने कहा कि हमें प्रकृति से उतना ही लेना चाहिये जिसकी प्रकृति स्वयं भरपाई कर सके। नदी से हम उतनी रेत लें जिसकी वह स्वयं भरपाई कर सकें। पर्यावरण और विकास में संतुलन हमारी नीति का आधार हो। एक पक्षीय प्रयास उचित नहीं हैं। नदी से रेत उत्खनन अगर पूर्णत: बंद हो जाता है तो नदी में कटाव की समस्या आ जाती है। किनारे की उपजाऊ भूमि रेत में बदलने लगती है। इसी तरह विकास के लिये रेत की सहज उपलब्धता अंधाधुंध लाभार्जन प्रतिस्पर्धा को बढ़ाकर नदी के अस्तित्व के लिये संकट खड़ाकर देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जरूरी है कि नीति ऐसी बने जो संतुलित और व्यवहारिक हो। खनन नीति से आर्थिक लाभ की प्रतिस्पर्धा उत्पन्न नहीं हो। अवैध गतिविधियां बंद हों। मानव हस्तक्षेप के अवसर नियंत्रित और न्यूनतम हों। प्रक्रियाएं पारदर्शी हों। दृष्टिकोण मानवीय हो। आम उपभोक्ता को रेत सस्ती दर पर सुलभ हो। रोजगार के नये अवसर सृजित हों। मुख्यमंत्री ने कार्यशाला के विशेषज्ञों का आव्हान किया कि खनन नीति पर समग्र और मानवीय परिप्रेक्ष्य में चिंतन करें। खनन की वैज्ञानिक प्रक्रिया हो, जो रोजगार के अवसर सृजित करने के साथ ही पारिस्थितिकी का संरक्षण करे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कार्यशाला का चिंतन प्रदेश की खनन नीति निर्माण में सहयोगी होने के साथ ही पूरे देश की खनन नीति निर्माण में दिग्दर्शन करेगा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायाधिपति श्री दिलीप सिंह ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन अत्यंत सराहनीय पहल है। गहन चिंतन से खनिकर्म से संबंधित विभिन्न पहलुओं में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। कार्यशाला के निष्कर्ष सस्टेनबल पॉलिसी निर्माण में सहयोगी होंगे। उन्होंने प्रतिभागियों का आव्हान किया कि वे विषय विशेषज्ञ हैं। जमीनी हकीकतों से सीधे जुड़े हैं। उनके विचार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सब खुलकर विचार, सुझाव और शंकायें प्रस्तुत करें ताकि नदी प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था हो। पर्यावरण, राजस्व और उपभोक्ता हितों का प्रभावी संरक्षण हो। उन्होंने कहा कि विकास के लिए खनिकर्म जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी भावी पीढ़ी के लिये स्वस्थ पर्यावरण छोड़ना है। पर्यावरण और विकास में संतुलन होना चाहिए। विकास के लिए रेत के विकल्पों को भी तलाशा जाये। अवैध उत्खनन को प्रतिबंधित करने के लिए सम्बद्ध विभागों का तंत्र सुदृढ़ हो। मानीटरिंग प्रक्रिया मजबूत हो। खनन वैज्ञानिक तरीके से हो। खनन की अनुमति खनिज की उपलब्धता के आधार पर मिले। पर्यावरण अनुमतियाँ मौका मुआयना के बाद ही प्रदान करने आदि की व्यवस्थायें होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि खनन कैसे हो, कहाँ हो, कितना हो, इसके स्पष्ट दिशा-निर्देश होने चाहिए। खनिज संसाधन मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन राज्य की खनन नीति का स्वरूप फूल-प्रूफ बनाने के मार्गदर्शी सिद्धांतों के निर्माण के लिए किया गया है। प्रयास है कि विकास कार्यों के लिए खनिज उपलब्ध हो। खनन का विपरीत प्रभाव नदी के स्वास्थ्य पर नहीं पड़े। जीव-जंतुओं के जीवन के लिए कोई खतरा पैदा नहीं हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रेत की उपलब्धता 7 करोड़ घनमीटर है। आवश्यकता 3 करोड़ घनमीटर की आँकलित की गई है। प्रयास है कि ऐसी नीति बने जो रेत हार्वेस्टिंग के अनुरूप हो। जितनी रेत बहकर आये, नदी से उतना ही उत्खनन हो। अवैध उत्खनन पूर्णत: प्रतिबंधित हो जाये। रेत के विपणन की व्यवस्था ऐसी हो जिससे आम उपभोक्ता को सस्ती दर पर रेत सुलभ करवाई जा सके । खनिज निगम अध्यक्ष श्री शिव चौबे ने कार्यशाला में आभार प्रदर्शन किया। संचालन श्री सुधीर कोचर ने किया। प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत रूद्राक्ष का पौधा और श्री अमृतलाल वेगड़ की पुस्तकों, सौंदर्य की नदी नर्मदा एवं अमृतस्थ नर्मदा भेंट कर किया गया। उद्घाटन सत्र में राज्य की खनन नीति पर तेलगांना संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म श्री सुशील कुमार ने और छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म श्री डी.महेशबाबू ने पावर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन दिया। बताया गया कि कार्यशाला के दौरान समानांतर रूप से तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया है। जिसमें विषयवार विशेषज्ञ चिंतन कर विचार प्रस्तुत करेंगे। चौथा समापन का निष्कर्ष सत्र होगा। कार्यशाला की अनुशंसाएं प्रस्तुत की जायेंगी। कार्यशाला का विषय नदियों की पारिस्थितिकी के अनुकूलन, रेत हार्वेस्टिंग एवं विपणन नीति निर्धारण था। आयोजन भौमिकी एवं खनिकर्म संचालनालय म.प्र. और राज्य खनिज निगम लिमिटेड के तत्वावधान में किया गया था। कार्यशाला में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, उपाध्यक्ष खनिज निगम श्री गिरिराज किशोर, देश के खनिकर्म से संबंधित विभिन्न संगठनों और विषयों के प्रख्यात विशेषज्ञ, विचारक और शोधार्थी उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  22 July 2017

 शिवराज सिंह चौहान

प्याज खरीदी और नीलामी में गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई अब तक 8 लाख 76 हजार मीट्रिक टन प्याज खरीदी, डेढ़ लाख से ज्यादा किसानों को हुआ लाभ मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब दूसरी कृषि क्रांति करेगा। इसके माध्यम से किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलेगा और उनकी समस्या का स्थायी समाधान होगा। देश को भी नई दिशा मिलेगी। आज यहाँ मंत्रालय में प्याज खरीदी की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्याज खरीदी और नीलामी की मानिटरिंग के लिये उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिये। श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी, बिक्री और नीलामी की प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वाले को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी और नीलामी की पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है। उच्च-स्तरीय निगरानी समिति अगले तीन महीने तक इस व्यवस्था के संचालन की निगरानी करेगी। उन्होंने कहा कि प्याज खरीदी की जाँच भी की जायेगी। इसके लिये जिन केन्द्रों से शिकायत मिलेगी, वहाँ विशेष जाँच दल भेजकर जाँच करायी जायेगी। बैठक में बताया गया कि अब तक 8 लाख 76 हजार मीट्रिक टन प्याज की खरीदी की जा चुकी है। इसमें से करीब 90 प्रतिशत प्याज की नीलामी की जा चुकी है। भारत सरकार ने प्याज की खरीदी की मात्रा को देखते हुए 20 प्रतिशत प्याज खराब होने के संभावना जतायी थी जबकि अभी केवल 5 प्रतिशत प्याज खराब हुआ है। राशन दुकानों से गरीबों को प्याज उपलब्ध करवाने की सुचारु व्यवस्था अत्याधिक सफल रही है। जल्दी ही प्याज के शेष स्टॉक का निराकरण किया जायेगा। प्याज खरीदी के माध्यम से 1 लाख 54 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि खरीदी और नीलामी की प्रक्रिया की जाँच करते समय किसानों को भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होना चाहिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्याज खरीदी और नीलामी से जुड़ा जो सरकारी अमला सरकार की मंशा और तय प्रक्रिया के अनुरूप कार्य कर रहा है, उसे पूरा संरक्षण दिया जायेगा। अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रावाई होगी। बैठक में बताया गया कि प्याज खरीदी की व्यवस्था से प्याज उत्पादक किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्हें अपनी उपज का लाभकारी मूल्य मिल गया है। पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित है। श्री चौहान ने कृषि लागत मूल्य निर्धारण आयोग की जल्दी स्थापना कर कार्य शुरू करने के निर्देश दिये। बैठक में कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  21 July 2017

आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय

  आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने स्कूल शिक्षा विभाग में इस समय चल रही युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को सही बताया है और उन्होंने इस संबंध में स्थिति भी स्पष्ट की है। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से करीब 20 हजार अतिशेष पदों की पूर्ति उन प्राथमिक शालाओं में हो सकेगी, जहाँ पर शिक्षक कम हैं अथवा पदस्थ नहीं है। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने बताया कि युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य ऐसे विद्यालयों में जहाँ शिक्षकों की संख्या छात्र संख्या के अनुपात में अधिक है, वहाँ से छात्रों के अनुपात में कम शिक्षकों के विद्यालयों में भेजना है। वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग की 4224 प्राथमिक शालाएँ ऐसी हैं जहाँ कोई भी शिक्षक पदस्थ नहीं है इन शालाओं में 9 हजार 500 से अधिक पद रिक्त हैं। इसके साथ ही 13 हजार 536 प्राथमिक शालाओं में 17 हजार से अधिक शिक्षकों की आवश्यकता है। प्रदेश में 17 हजार 273 प्राथमिक या माध्यमिक शालाएँ हैं, जहाँ छात्रों की निश्चित संख्या के मुकाबले अधिक शिक्षक पदस्थ हैं। पूर्व में शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण जिला स्तर पर होता रहा है लेकिन अधिकांश जिले ऐसे थे जहाँ युक्तियुक्तकरण का कार्य प्रभावी ढंग से नहीं हुआ। इसे देखते हुए विद्यालयों में इस प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया। ऑनलाइन प्रक्रिया से प्राप्त आँकड़ों से पता लगा कि प्रदेश में नामांकन के आधार पर प्राथमिक विद्यालयों में करीब 39 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। ग्रामीण प्राथमिक शालाओं में 1860 प्रधानाध्यापक और 15 हजार 186 शिक्षक अतिशेष हैं। नगरीय प्राथमिक शालाओं में 330 और 3063 शिक्षक अतिशेष हैं। प्रदेश की 2491 माध्यमिक शालाओं में 4051 शिक्षक अतिशेष चिन्हित किये गये हैं। युक्तियुक्तकरण से प्राथमिक शालाओं में 20 हजार अतिशेष शिक्षकों की पूर्ति हो सकेगी। आयुक्त लोक शिक्षण ने स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण का यह उचित समय है। सरकारी स्कूल में प्रवेश संबंधी कार्यवाही 14 जून से प्रारंभ होकर 12 अगस्त तक चलती है। इस अवधि में शालाओं में प्रवेश के अलावा शैक्षणिक कैलेण्डर तैयार करने और वर्षभर की गतिविधियाँ प्रमुख रूप से निर्धारित की जाती हैं। ऑनलाईन प्रक्रिया कार्यवाही के सभी चरण इस प्रकार निर्धारित किये गये जिससे पूरी पारदर्शिता हो। इस प्रक्रिया में ई-सेवा पुस्तिका को अद्यतन करने का विकल्प शिक्षकों को दिया गया। जिससे उन्होंने अपने से संबंधित जानकारी को अद्यतन किया। प्रोग्रामिंग द्वारा प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में छात्र संख्या एवं विषय मान के अनुसार अतिशेष की अंतरिम सूची जारी की गई। इसके साथ ही अंतरिम अतिशेष सूची पर संबंधित द्वारा ऑनलाईन आपत्ति करने और कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा आपत्ति की सुनवाई कर उसका निराकरण कर उसे पीडीएफ फाईल में अपलोड किया गया। इस प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची जारी करना एवं अतिशेष शिक्षकों की पद-स्थापना विकल्प के आधार पर शून्य शिक्षकीय अथवा एक शिक्षकीय पाठशाला में पद-स्थापना हेतु पोर्टल के माध्यम से आदेश जारी किया जाना है। इस सब प्रक्रिया में कहीं कोई त्रुटि होती है तो प्रभारी मंत्री के समक्ष अपील का प्रावधान भी है। प्रथम चरण में 89 आदिवासी विकासखंड और सतना जिले के शिक्षकों का डाटा अपडेट नहीं होने से अतिशेष शिक्षकों की सूची जारी नहीं की गई है। विभाग द्वारा 17 जुलाई को जारी सूची में 11 हजार 416 प्राथमिक शालाओं में 14 हजार 721 शिक्षक अतिशेष पाये गये हैं और 1634 माध्यमिक शालाओं में 3075 शिक्षक अतिशेष की श्रेणी में हैं। इन शिक्षकों को आपत्ति होने पर 19 जुलाई तक अपना पक्ष एजुकेशन पोर्टल पर प्रस्तुत करने का विकल्प दिया गया है। संविलियन युक्तियुक्तकरण के बाद क्यों ? वर्तमान में जो विद्यालय शिक्षक विहीन या एक शिक्षकीय हैं, उनमें सबसे पहले अध्यापकों की पद-स्थापना की जायेगी। युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों को ऐसे विद्यालयों, जहाँ उनकी संख्या छात्र संख्या के अनुपात में अधिक है, से उन विद्यालयों में भेजा जायेगा, जहाँ शिक्षक संख्या छात्र अनुपात में कम है। यह प्रक्रिया पूरे होने के बाद ही रिक्तियों की वास्तविक स्थिति पता चल सकेगी। संविलियन में स्थानीय निकाय से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने का भी प्रावधान है। संविलियन के लिये यदि कोई निकाय अनापत्ति समय पर नहीं देता है तो उपलब्ध डाटाबेस के आधार पर डीम्ड परमिशन माना जा सकेगा।

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 MadhyaBharat  19 July 2017

अगरबत्ती उत्पादन

आजीविका मिशन की सहायता से मिला प्रशिक्षण और मशीनें   आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिला सदस्यों द्वारा अगरबत्ती का उत्पादन किया जा रहा है। घर बैठे किये जाने वाला यह काम उनकी अतिरिक्त आय का जरिया बन गया है। आजीविका गतिविधियों से जुड़कर महिलायें आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा स्व-सहायता समूह सदस्यों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अन्य कार्यों के साथ-साथ अगरबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रदेश में 1896 महिलाओं द्वारा अगरबत्ती बनाने का कार्य किया जा रहा है। पैडल एवं ऑटोमेटिक मशीनों से प्रदेश में लगभग 90 क्विंटल प्रतिदिन अगरबत्ती का उत्पादन किया जा रहा है। प्रदेश के 24 जिलों के 154 ब्लॉक में 255 अगरबत्ती यूनिट संचालित है। प्रतिमाह लगभग 3880 क्विंटल अगरबत्ती का निर्माण हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के निर्धन परिवारों की महिलाओं द्वारा बनाई जा रही यह अगरबत्ती, पैकिंग, खुशबू के मामले में बहुर्राष्ट्रीय कंपनियों से पीछे नहीं है। आजीविका अगरबत्ती की बाजार में मांग बनी हुई है। बड़ी संख्या में महिलायें व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से इस कार्य से जुड़ी हुई है। प्रमुख रूप से शिवपुरी, रीवा, सागर, धार आदि जिलों की अगरबत्ती प्रदेश के साथ अन्य प्रदेशों के बाजारों में भी अपनी पहचान बनाती जा रही है। ''व्ही टू सी बाजार डॉट कॉम'' के माध्यम से आजीविका उत्पादों को डिजीटल प्लेटफॉर्म से वैश्विक बाजार से सीधा जोड़ा गया है।  

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 MadhyaBharat  19 July 2017

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  चौहान ने किया फसल गिरदावरी मोबाइल एप का शुभारंभ  किसानों के हित के लिये इस वर्ष से फसल गिरदावरी संबंधी जानकारी मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से संग्रहीत की जायेगी। इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से पटवारियों को उनके मोबाइल पर ही ग्राम के समस्त भूमि स्वामियों के सभी खसरों की जानकारी प्राप्त हो जायेगी। लगायी गयी फसल की जानकारी ग्राम से ही भरी जा सकेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समन्वय भवन में मोबाइल एप का शुभारंभ किया। श्री चौहान ने कहा कि राजस्व अमले की कमी पूरी करने के लिये जल्दी ही 10 हजार पटवारियों, 550 तलसीलदारों और 940 नायब तहसीलदारों की भर्ती की जायेगी। भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दे दिये गये हैं। उन्होंने राजस्व विभाग प्रमुख को पटवारियों की विभागीय पदोन्नति के संबंध में भी विचार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रशासन को प्रभावी बनाने के लिये युद्ध स्तर पर काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने पटवारियों को सूचना प्रोद्योगिकी का उपयोग करने के लिये टेब खरीदने के लिये उनके खाते में आवश्यक राशि देने की घोषणा की। श्री चौहान ने कहा कि सरकार पूरी तरह से लोगों के प्रति जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि बोनी के समय के आँकडों का शुद्ध रेकार्ड उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देने के लिये हर संभव कदम उठाये जा रहे हैं। किसानों को समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर के आधार पर आदर्श दर से भुगतान करने का नवाचारी प्रयोग भी किया जायेगा। मोबाइल एप से होने वाले लाभों की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि राजस्व विभाग का यह क्रांतिकारी कदम भविष्य में बदलाव लायेगा। पारंपरिक बस्ते से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने एप संचालन के लिये एनआईसी का उपयोग करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि लोगों को राजस्व विभाग और इसके अमले से बहुत अपेक्षाएँ हैं। क्या है फसल गिरदावरी फसल गिरदावरी प्रतिवर्ष की जाने वाली एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यह वर्ष में दो बार खरीफ और रबी सीजन की बुवाई के बाद की जाती है। इसे भू-अभिलेखों में दर्ज किया जाता है। यह कृषि सांख्यिकी एकत्रित करने की प्रक्रिया है। इसके आधार पर फसलों के क्षेत्रफल एवं उत्पादन संबंधी अनुमान की जानकारी तैयार की जाती है। कृषि वर्ष 1 जुलाई से प्रारंभ होकर 30 जून को समाप्त होता है। प्रथम खरीफ की फसलों तथा द्वितीय रबी की फसलों के आधार पर चालू वर्ष के खसरे में बोए गए क्षेत्रफल की फसल गिरदावरी के आधार पर दर्ज की जाती है। गिरदावरी जितनी सही और समय पर होगी, कृषि सांख्यिकी पूरी तरह से विश्वसनीय रहेगी। क्यों जरूरी है गिरदावरी फसल गिरदावरी के आधार पर ही खरीफ और रबी फसलों के बोए गए रकबे के आँकड़े प्राप्त होते हैं। उस आधार पर प्रमुख फसलों के उत्पादन व उत्पादकता अनुमान तथा राज्य एवं देश की कृषि दर निर्धारित की जाती है। फसल गिरदावरी कार्य से ही फसल पूर्वानुमान लगाया जाता है, जिससे फसल गिरदावरी को राजस्व खसरे के रकबे के आधार पर सांख्यिकी कार्य के लिये जानकारी शासन को प्रेषित की जाती है। यह जानकारी कई मामलों जैसे फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई, बैंक ऋण, योजनाओं के लाभ लेने आदि में महत्वपूर्ण होती है। मोबाईल एप्लीकेशन इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से पटवारियों को उनके मोबाइल पर ही ग्राम के समस्त भूमि स्वामियों के सभी खसरों की जानकारी प्राप्त हो जायेगी। जैसे ही भरी गयी जानकारी अपलोड की जायेगी, कृषक को उससे संबंधित खसरों में फसल गिरदावरी के अंतर्गत कौन सी जानकारी दर्ज की गयी है, यह सूचना एस.एम.एस. के माध्यम से भेजी जायेगी। इसमें एक पासकोड भी होगा। यदि कृषक, पटवारी द्वारा भरी गयी जानकारी से सहमत है, तो वह पासकोड पटवारी को बतायेगा। जब पटवारी द्वारा यह पासकोड एप्लीकेशन में डाला जायेगा तभी जानकारी को अंतिम माना जायेगा। यदि किसी कृषक के पास कोई मोबाइल नंबर नहीं है तो वह अपने पड़ोसी का नंबर भी एस.एम.एस. प्राप्त करने में उपयोग कर सकेगा। फसल की जानकारी के साथ ही अन्य पड़त भूमि, भूमि में लगे वृक्ष, मकान आदि की जानकारी भी एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज की जा सकेगी। प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पांडे ने मोबाइल एप के बारे में जानकरी दी। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी उपस्थित थे। आयुक्त भू-अभिलेख श्री एन. के. अग्रवाल ने आभार माना।  

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 MadhyaBharat  17 July 2017

आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग आर. परशुराम

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 9 अगस्त को प्रस्तावित 44 नगरीय निकायों के मतदान में 8 लाख 51 हजार 732 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे। इनमें 4 लाख 39 हजार 609 पुरुष, 4 लाख 12 हजार 61 महिला और 64 अन्य मतदाता हैं। आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग श्री आर. परशुराम ने जानकारी दी है कि 44 नगरीय निकायों में 18 नगरपालिका परिषद और 26 नगर परिषद् हैं। नगरपालिका परिषदों में 390 वार्ड में 734 मतदान केन्द्र बनाये गए हैं। नगर परिषदों में 390 वार्ड में 425 मतदान केन्द्र बनाये गए हैं। इस तरह से 780 वार्ड में 1159 मतदान केन्द्र बनाये गए हैं। औसत मतदाता प्रति मतदान केन्द्र 735 है। दावा आपत्ति के बाद मतदाता बढ़े मतदाता सूची के प्रकाशन के समय लिंगानुपात 929 था। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के समय लिंगानुपात 937 हो गया। इस तरह से महिला मतदाताओं की संख्या में प्रति हजार में 8 की वृद्धि हुई है।

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 MadhyaBharat  17 July 2017

नरोत्‍तम मिश्रा

मध्‍यप्रदेश के मंत्री नरोत्‍तम मिश्रा की अयोग्‍यता के केस की सुनवाई कर रही दिल्‍ली हाईकोर्ट की डबल बेंच ने साफ कर दिया है कि वह राष्‍ट्रपति चुनाव में वोट नहीं कर पाएंगे। दिल्‍ली हाईकोर्ट की डबल वैंच ने चुनाव आयोग के उस फैसले को बरकरार रखा है जिसमें उन्‍हें राष्‍ट्रपति चुनाव में वोटिंग के लिए अयोग्‍य करार दिया गया था। इसके साथ ही अब उनकी अपील पर सुनवाई रेगुलर बेंच द्वारा की जाएगी। कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया है और वह शाम चार बजे के आस-पास इस फैसले को सुनाएगी। गौरतलब है कि मिश्रा ने खुद को अयोग्‍य ठहराने के फैसले को डबल बेंच में चुनौती दी थी। इससे पहले शुक्रवार को नरोत्तम मिश्रा को बड़ा झटका देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। अयोग्यता के फैसले पर रोक लगाने की याचिका खारिज होने के साथ ही निश्‍चित हो गया था कि वो 17 जुलाई को होने वाली राष्ट्रपति चुनाव में अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाएंगे। इसी बीच यह भी जानकारी मिल रही है कि राष्‍ट्रपति चुनाव में वोट डालने वाले मतदाताओं की सूची तैयार हो चुकी है और इस सूची में नरोत्‍तम मिश्रा का नाम नहीं है। इससे पहले हाई कोर्ट को तय करना था कि 17 जुलाई को होने वाली राष्ट्रपति चुनाव के लिए वो वोटिंग में हिस्‍सा ले सकते है कि नहीं। नरोत्तम मिश्रा की अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया था, कोर्ट ने मामले को मध्य प्रदेश से दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया था। इसमें कहा गया था कि हाईकोर्ट 17 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग से पहले सुनवाई पूरी कर निपटारा करे। दरअसल मध्य प्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा को चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित कर दिया है। उन पर 2008 के चुनाव के दौरान पेड न्यूज के आरोप लगाए गए थे। चुनाव आयोग ने उनके तीन साल के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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 MadhyaBharat  16 July 2017

शिवराज सरकार

148 ध्यानाकर्षण में से आधे किसानों से जुड़े मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस बार किसानों को लेकर खासा हंगामाखेज रहने वाला है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए तगड़ी नाकेबंदी कर रही है। कांग्रेस की ओर से अब तक छह काम रोको प्रस्ताव की सूचना विधानसभा सचिवालय को दी गई है। ये सभी किसानों से जुड़े हैं। कांग्रेस इस विधानसभा में तत्काल चर्चा की मांग करेगी।  17 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में पहले दिन राष्टÑपति पद के चुनाव के लिए मतदान होना है। 18 जुलाई से विधानसभा की कार्यवाही विधिवत शुरू होगी। दस दिनी विधानसभा सत्र में सचिवालय को अब तक छह स्थगन की सूचनाएं मिल चुकी हैं। ये किसान आंदोलन और किसानों के ही अन्य दूसरे मुद्दों से जुड़ी हैं। विधानसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह समेत कई विधायकों ने ये स्थगन लगाए हैं। इसके अलावा किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक एमएलए भी ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से सदन में किसानों से जुड़े मसलों पर सरकार से चर्चा कराने की मांग करेंगे। गौरतलब है कि विधानसभ को इस सत्र के लिए 32 से अधिक प्रश्न मिले हैं। इन प्रश्नों में भी अधिकांश प्रश्न किसानों की समस्याओं से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा अब तक विधानसभा सचिवालय को 37 अशासकीय संकल्पों की भी सूचना मिली है। विपक्ष की मंशा को भांपते हुए सरकार भी इस मुद्दे पर पूरी तैयारी कर रही है। कल कैबिनेट बैठक के बाद विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर मंत्रियों के साथ हुई बैठक में सीएम ने मंत्रियों से साफ कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में ऐतिहासिक काम किए हैं। कांग्रेस के सवालों का ऐसा सटीक जबाव दें कि प्रश्न करने वाला ही घिरता नजर आए। सीएम ने कहा के किसानों के मुद्दे पर हम हर तरह की चर्चा को तैयार हैं और विपक्ष को तथ्यों के साथ जवाब दिया जाएगा।  

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 MadhyaBharat  16 July 2017

राष्ट्रपति निर्वाचन

मत-पत्र पर बैंगनी रंग की स्याही वाले विशेष पेन से चिन्हित होगा वोट  राष्ट्रपति पद के निर्वाचन के लिये 17 जुलाई को होने वाले मतदान के दौरान मतदाताओं (विधान सभा/संसद सदस्य) को मतदान-केन्द्रों के अंदर मोबाइल एवं कार्डलेस फोन और वायरलेस सेट इत्यादि ले जाने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव आयोग ने यह बात अभ्यर्थियों, उनके प्रतिनिधि और मतदाताओं के ध्यान में लाने के निर्देश दिये हैं। भोपाल में मध्यप्रदेश विधान सभा भवन स्थिति समिति कक्ष क्रमांक-2 में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। मतदान परिसर के समीप इस प्रकार की व्यवस्था की जायेगी कि मतदाता यदि सेल्युलर फोन अपने साथ लाता है, तो मतदान-स्थल पर प्रवेश करने से पहले वह उसे वहाँ जमा करवा सके। वोट डालने के बाद फोन को वह वापस ले सकेगा। इस आशय की सूचना मतदान-स्थल के बाहर सूचना-पटल पर भी लगाये जाने के निर्देश दिये गये हैं। आयोग ने यह भी निर्देश दिये हैं कि प्रेक्षक सहित किसी भी अधिकारी को मतदान-स्थल के अंदर सेलफोन के प्रयोग की अनुमति नहीं दी जायेगी। रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर एक पूर्ण व्यवस्थित टेलीफोन लाइन सहित कंट्रोल-रूम की व्यवस्था की जायेगी। जब भी आयोग के अधिकारियों को उनसे और प्रेक्षक से सम्पर्क करना होगा, तो उन्हें इसके माध्यम से सूचित किया जा सकेगा। रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर और प्रेक्षक को आयोग से सम्पर्क करने की आवश्यकता होने पर वे मतदान-स्थल से बाहर आकर कंट्रोल-रूम का उपयोग कर सकेंगे। राष्ट्रपतीय निर्वाचन में मतदान की गोपनीयता बनाये रखने और मतगणना के समय मतदाता की पहचान की संभावना को छुपाने के उद्देश्य से आयोग ने मत चिन्हित करने में एकरूपता बनाये रखने के उपाय की व्यवस्था की है। पीठासीन अधिकारी या उसके द्वारा सम्यक रूप से प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा जब किसी निर्वाचक (वोटर) को मत-पत्र दिया जायेगा, तो उसे मत-पत्र पर अपना अधिमान चिन्हित करने के लिये विशेष रूप से डिजाइन किया हुआ पेन दिया जायेगा। निर्वाचक को दिया गया पेन मत चिन्हित करने और उसे मत-पेटी में डालने के बाद दूसरे निर्वाचक को देने के लिये उससे वापस ले लिया जायेगा। इसके लिये आयोग ने अपेक्षित संख्या में बैंगनी (वायलेट) रंग की स्याही वाले पेन उपलब्ध करवाये हैं, ताकि सुनिश्चित हो सके कि अधिमान केवल बैंगनी स्याही में और उसी पेन से ही चिन्हित हों। किसी अन्य पेन, बॉल प्वाइंट पेन आदि से चिन्हित किसी भी मत-पत्र को राष्ट्रपतीय तथा उप राष्ट्रपतीय निर्वाचन नियम, 1974 के नियम-31 (एक) (घ) के अधीन निरस्त किया जा सकेगा।  

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 MadhyaBharat  15 July 2017

कृषि उत्पादन

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिये तात्कालिक और दीर्घकालिक दोनों तरह के उपाय किये जायेंगे। तात्कालिक उपाय में किसानों को राहत पहुँचाने का काम जारी रहेगा। दीर्घकालिक उपाय में भण्डारण क्षमता बढ़ाई जायेगी, अधिकतम प्रोसेसिंग इकाईयाँ लगायी जायेंगी, मूल्य संवर्धन किया जायेगा और ग्लोबल मार्केट का लाभ लिया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ मंत्रालय में एग्रीकल्चर टास्क फोर्स की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कृषि विशेषज्ञों के साथ किसानों को अधिक उत्पादन के बाद भी उचित मूल्य नहीं मिलने की चुनौती पर विचार विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कृषि उत्पादन वृद्धि में कीर्तिमान बना है। पर इसके साथ किसानों की उपज का मूल्य गिरने की समस्या सामने आई है। इसके समाधान की आदर्श व्यवस्था की जायेगी। इसके अंतर्गत ऐसी नीति बनाई जायेगी जिसमें कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और प्रोसेसिंग की व्यवस्था रहेगी। इसमें प्रोसेसिंग इकाईयों और भण्डारण क्षमता के लिये अधोसंरचना बनाने के लिये किसानों के युवा बच्चों को प्रोत्साहित किया जायेगा। प्रदेश में प्याज, आलू, फल-सब्जियों के लिये कोल्ड स्टोरेज श्रंखला बनायी जायेगी। इसके साथ ही मार्केटिंग पर ध्यान दिया जायेगा। प्रदेश के विशिष्ट उत्पादों जैसे मालवा के आलू, शरबती गेहूँ, नर्मदा किनारे के क्षेत्र में उत्पादित होने वाली तुअर दाल, नीमच के जीरन में पैदा होने वाली एक कली की लहसुन की मार्केटिंग की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में पिछले पाँच सालों में खाद्यान्न का उत्पादन दोगुना हो गया है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ा है। बीज प्रतिस्थापन की दर 30 प्रतिशत हो गयी है। खाद के अग्रिम भण्डारण की व्यवस्था की गई है। मिट्टी परीक्षण में प्रदेश देश में अग्रणी है। उत्पादन बढ़ाने के सभी पक्षों पर तेजी से काम किया गया है जिससे उत्पादन बढ़ा है। उत्पादन बढ़ने के बाद भी किसानों को उचित मूल्य नहीं मिलने की समस्या सामने आई है। इसके लिये तात्कालिक रूप से प्याज आठ रूपये प्रति किलो तथा तुअर, उड़द, मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी की गई है। इसके बाद भी समस्या के समाधान के लिये दीर्घकालिक उपाय आवश्यक है। बैठक में उपस्थित कृषि विशेषज्ञों और मंत्रियों ने किसानों को उपज का उचित मिले, इसके लिये सुझाव दिये। कृषि विशेषज्ञ डॉ. अशोक गुलाटी - कृषि उत्पादों के लिये भण्डारण क्षमता 5 से 10 गुना बढ़ायी जाये। इसके लिये निवेश किया जाये। कृषि उत्पादों की मार्केटिंग के लिये डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से लिंकेज किया जाये। गुजरात में दुग्ध उत्पादन के लिये चलाये गये ऑपरेशन फ्लड की तरह मध्यप्रदेश में सब्जी उत्पादन के लिये ऑपरेशन वेजीस चलाया जाये। कृषि विशेषज्ञ डॉ. पंजाब सिंह – मध्यप्रदेश की समस्या को चुनौती के रूप में लें। फूड प्रोसेसिंग और मूल्य संवर्धन में निवेश के माध्मय से ग्रामीण युवाओं को रोजगार दें। कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ उसकी सुरक्षा के उपायों पर ध्यान दें। कृषि क्षेत्र के इंटरप्रेन्योर श्री प्रशांत अग्रवाल - भण्डारण और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में युवाओं के प्रशिक्षण पर ध्यान दें। प्रशिक्षण की व्यवस्था जिला स्तर पर हो। ग्राम स्तर पर सब्जी मंडियों में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था हो। कृषि विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेन्द्र सिंह - कृषि यंत्रों के कस्टम हायरिंग के तरह भण्डारण और प्रोसेसिंग में भी व्यवस्था की जाये। ग्रामीण क्षेत्र में कृषि उत्पादों के प्रोसेसिंग और भण्डारण के लिये अधोसरंचना विकसित की जाये। कृषि विशेषज्ञ डॉ. आर.के. पाटिल - गाँव – गाँव में प्रोसेसिंग की छोटी इकाईयाँ स्थापित की जायें। प्रोसेस्ड फूड के लिये उत्पाद तैयार किये जायें। वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया – किसानों के लिये समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित की जाये। भण्डारण क्षमता बढ़ाई जाये। कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन – क्वालिटी फूड पर ध्यान देना चाहिये। जैविक उत्पादों के लिये बेहतर अवसर हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव – भण्डारण क्षमता के लिये राष्ट्रीय संस्थान व्यवस्था करे। किसान कृषि उत्पादों के मूल्यों के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं हों, ऐसी व्यवस्था की जाये। वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार – प्याज और टमाटर जैसे उत्पादों की प्रोसेसिंग इकाई जिलों में स्थापित हो। ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन – वैश्विक बाजार में निर्यात किये जाने योग्य उत्पाद तैयार करने के संयंत्र स्थापित किये जायें। सहकारिता राज्यमंत्री श्री विश्वास सारंग - सहकारिता के क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग इकाईयाँ लगायी जायें। भण्डारण के लिये मल्टीयूटीलिटी गोदाम बनाये जायें। बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, नर्मदा घाटी विकास राज्यमंत्री श्री लाल सिंह आर्य, पर्यटन राज्यमंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा, उद्यानिकी राज्यमंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  14 July 2017

gst वित्त मंत्री मलैया

जीएसटी जागरूकता कार्यशाला में वित्त मंत्री मलैया  एमपी के वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री  जयंत मलैया ने कहा है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने काश्मीर से कन्याकुमारी तक देश का आर्थिक रूप से एकीकरण किया है। जीएसटी देश की आजादी के बाद आर्थिक क्षेत्र का सबसे बड़ा बदलाव है। इससे देश की तरक्की की रफ्तार को काफी गति मिलेगी। वित्त मंत्री श्री मलैया आज भोपाल के समन्वय भवन में जीएसटी जागरूकता कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता और सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग भी मौजूद थे। वित्त मंत्री श्री मलैया ने कहा कि जीएसटी एक राष्ट्र, एक कर और एक बाजार के उद्देश्य से लागू किया गया है। प्रदेश में एक जुलाई से वाणिज्यिक कर विभाग की 29 चौकी समाप्त हो गयी हैं। उन्होंने कहा कि पहले करीब 18 प्रकार के कर हुआ करते थे। अब इन सबको समाप्त कर एक कर जीएसटी लागू किया गया है। श्री मलैया ने कहा कि मध्यप्रदेश में पूर्व में वेट विधान में व्यवसायियों को पंजीयन लेने की सीमा 10 लाख रुपये वार्षिक टर्न-ओव्हर थी। जीएसटी विधान में यह 20 लाख रुपये वार्षिक टर्न-ओव्हर कर दी गयी है। इसके साथ ही 75 लाख रुपये तक के व्यापारियों को कंपोजिशन की सुविधा भी दी गयी है। जीएसटी कानून में छोटे व्यवसायियों को सुविधा देने के अधिक से अधिक प्रयास किये गये हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि बेरियर खत्म होने से सड़कों पर चलने वाले ट्रकों की रफ्तार तेज होगी। देश में जब बेरियर थे, तो ट्रकों में लगने वाले ईंधन में प्रतिवर्ष एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये का अनावश्यक खर्च होता था। वित्त मंत्री ने कहा कि अमेरिका में मालवाहक ट्रक प्रतिदिन 800 किलोमीटर की दूरी तय करता है। जब बेरियर थे तब मालवाहक ट्रक देश में केवल 280 किलोमीटर प्रतिदिन की दूरी तय करते थे। अब मालवाहक ट्रकों की रफ्तार प्रतिदिन 350 से 400 किलोमीटर हो जायेगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आयेगी। जीएसटी के टैक्स स्लेब की चर्चा करते हुए श्री मलैया ने कहा कि जीएसटी में कर की 5 दरें 0, 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत हैं। केवल 19 प्रतिशत वस्तुएँ ऐसी हैं, जिन पर कर की दर उच्चतम अर्थात 28 प्रतिशत है। शेष 81 प्रतिशत वस्तुओं पर 18 प्रतिशत या उससे कम की दरें हैं। वित्त मंत्री श्री मलैया ने जीएसटी को देश के संघीय ढाँचे की बेहतर मिसाल बताया। राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि जीएसटी का निर्णय देश की तरक्की और आम जनता की भलाई के लिये लिया गया है। उन्होंने व्यापारियों से जीएसटी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की सलाह दी। सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि जीएसटी को लागू करने का निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का साहसिक कदम है। इसके अच्छे प्रभाव आने वाले वर्षों में देखने को मिलेंगे। प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि देश के संविधान को बनाने के लिये जितनी चर्चा नहीं हुई थी, उससे ज्यादा जीएसटी कानून को बनाने के लिये हुई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी कानून में लगातार चर्चा के बाद जनता के हितों को देखते हुए संशोधन किये जायेंगे। उन्होंने हाल ही में किसानों के हित में फर्टिलाइजर में जीएसटी की दर कम किये जाने का उल्लेख किया। कार्यशाला में वाणिज्यिक कर आयुक्त श्री राघवेन्द्र सिंह और सेंट्रल एक्साइज के चीफ कमिश्नर श्री हेमंत भट्ट ने जीएसटी के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला का संचालन वित्त मंत्री के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री नितिन नांदगांवकर ने किया। कर सलाहकार श्री आर.एस. महेश्वरी ने व्यापारियों की समस्याओं का समाधान किया।

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 MadhyaBharat  13 July 2017

राष्ट्रीय उद्यान-अभयारण

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की बैठक सम्पन्न   मध्यप्रदेश के कान्हा और सतपुड़ा टाईगर रिजर्व को तीसरी एशियन मिनिस्ट्रीयल कान्फ्रेंस दिल्ली में वन्यप्राणी प्रबंधन के लिये पुरस्कृत किया गया है। प्रदेश में पाँच नये वाइल्ड लाईफ रेस्क्यू स्क्वाड का गठन किया गया है। इन्हें मिलाकर अब प्रदेश में 15 वाइल्ड लाईफ रेस्क्यू स्क्वाड हो गये हैं। राजस्व क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले रोजड़ों को पकड़कर संरक्षित क्षेत्रों में छोड़ा गया है। यह जानकारी आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की बैठक में दी गयी। बैठक में प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों एवं अभयारण्यों के भीतर विकास कार्यों की अनुमति के प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, राज्य वन्यप्राणी बोर्ड के अशासकीय सदस्य, प्रधान मुख्य वनसंरक्षक श्री अनिमेष शुक्ला, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री जितेन्द्र अग्रवाल बैठक में उपस्थित थे। बैठक में मध्यप्रदेश के संरक्षित क्षेत्रों के अंतर्गत स्थित ग्रामों के ग्रामीणों के अधिकारों के विनिश्चयन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गयी। संरक्षित क्षेत्रों के ग्रामों के विस्थापन के बाद पुनर्वासित वन भूमि को राजस्व भूमि में परिवर्तन करने तथा संरक्षित क्षेत्रों से राजस्व ग्रामों के विस्थापन के बाद रिक्त राजस्व भूमि को वन भूमि में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गयी। बैठक में रातापानी अभयारण्य में बरखेड़ा से बुधनी तक प्रस्तावित तीसरी रेल लाईन निर्माण, सतपुड़ा टाईगर रिजर्व की सीमा के भीतर सोनतलाई-बागरातवा आंशिक दोहरीकरण बड़ी रेल लाईन परियोजना के लिये वन भूमि अर्जन, सोन घड़ियाल अभयारण्य में रीवा-सीधी-सिंगरौली नई रेल लाईन में सोन नदी पर भितरी-कुर्वाह पुल निर्माण, संजय टाईगर रिजर्व में कटनी-सिंगरौली रेलवे लाईन के दोहरीकरण और विद्युतीकरण की स्वीकृति दी गई। इसी तरह, संजय टाईगर रिजर्व में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विकास योजना में चार पहुँच मार्गों के निर्माण, खिवनी अभयारण्य में नंदाखेड़ा से ओंकारा मार्ग निर्माण, सोन चिड़िया अभयारण्य घाटी गाँव में ए.बी. रोड-बसोटा रोड से चराईडान मार्ग, सोन घड़ियाल अभयारण्य में बहर-कोरसर मार्ग में गोपद नदी पर उच्च-स्तरीय पुल, राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य में चंबल नदी पर सोने का गुरजा पर उच्च-स्तरीय पुल, सोन घड़ियाल अभयारण्य में सोन नदी पर नकझर से बमुरी सिंहावल मार्ग में उच्च-स्तरीय पुल, सतपुड़ा टाईगर रिजर्व में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में रामपुर से भतौड़ी मार्ग का उन्नयन, सतपुड़ा टाईगर रिजर्व में पिपरिया-पचमढ़ी से घाना मार्ग निर्माण और सोन चिड़िया अभयारण्य में ग्राम धुंआ से तकियापुरा बसौटा मार्ग पर मरम्मत और तीन पुलिया निर्माण की स्वीकृति के प्रस्ताव का बैठक में अनुमोदन किया गया। इसी तरह सोन घड़ियाल अभयारण्य में सोन नदी पर सीधी-सिंहावल 132 के.व्ही. विद्युत पारेषण लाईन, रीवा-सीधी 220 के.व्ही. पारेषण लाईन, सोन नदी एवं बनास नदी पर 765 के.व्ही. विद्युत लाईन की स्वीकृति का अनुमोदन किया गया। सतपुड़ा टाईगर रिजर्व में रक्षा बलों के लिये राज्य मार्ग 19 और 19ए के तरफ के किनारों में ऑप्टिकल फायबर केबल लाईन बिछाने तथा नरसिंहगढ़ अभयारण्य में रक्षा बलों के लिये राज्य मार्ग-12 के किनारे ऑप्टिकल फायबर केबल लाईन बिछाने की अनुमति का अनुमोदन किया गया। इसी तरह विभिन्न अभयारण्य में दस किलोमीटर की परिधि में उत्खनन के प्रस्तावों की अनुमति का अनुमोदन किया गया। माधव राष्ट्रीय उद्यान में मनीखेड़ा डेम से शिवपुरी तक पानी की पाइप लाइन सोन चिड़िया अभयारण्य में ग्राम धुंआ में खेल मैदान निर्माण, वन विहार राष्ट्रीय उद्यान की दस किलोमीटर की परिधि में ग्राम अकबरपुर कोलार दशहरा मैदान भोपाल में स्टेडियम निर्माण के प्रस्ताव की स्वीकृति का अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में वनरक्षकों के जीवन पर बनायी गयी दो फिल्मों की सी.डी. का विमोचन किया।  

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 MadhyaBharat  11 July 2017

राज्य प्रशासनिक सेवा

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य प्रशासनिक सेवा जनता की सेवा का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस सेवा में लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं और लोक सेवाओं के प्रदाय के प्रति सचेत और संवेदनशील बने रहना आवश्यक है। श्री चौहान आज मंत्रालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशासन के क्षेत्र में काम करने और सफल होने की समझाईश दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे जनता के लिये हमेशा उपलब्ध रहें और निर्विकार भाव से उनकी सेवा करें। उन्होंने कहा कि सेवा तभी हो सकती है जब सेवाभाव अंतर्मन से उपजे। बलपूर्वक सेवा नहीं की जा सकती। श्री चौहान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करते हुये यह अनुभव होगा कि लोक ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को सलाह दी कि जब लोकतंत्र में लोक सर्वोपरि है तो लोगों के प्रतिनिधियों को भी बराबर का सम्मान दें। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रशासनिक अंगों के बीच समन्वय और सहयोग स्थापित करना अच्छे प्रशासक की निशानी है। इससे प्रशासन के सभी अंग एक साथ, एक उददेश्य के लिये प्रभावी रूप से कार्य संपादित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों की बुनियाद मजबूत होना जरूरी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को समय प्रबंधन के प्रति सजग और सचेत रहने की सलाह देते हुये कहा कि प्रत्येक क्षण लोगों के कल्याण में बीते तो सुशासन की स्थापना करने में समय नहीं लगता। उन्होंने अधिकारियों का आव्हान किया कि पूरी प्रतिबद्धता, लगन और मेहनत के साथ प्रदेश को आगे बढ़ायें। अपनी सकारात्मक ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग करें। इस अवसर पर प्रशासनिक अकादमी की महानिदेशक श्रीमती कंचन जैन, सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  11 July 2017

गौ-धन

जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने किसानों को प्रेरित करें : चौहान  एमपी  में अब नई गौ-शालाओं का पंजीयन करने के लिये उनके पास कम से कम 100 गौ-धन, भूमि, भवन और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्य होगी। गौ-शाला समिति की कम से कम एक एकड़ की अपने स्वामित्व की भूमि होना चाहिये। इस आशय का निर्णय आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश पशुधन एवं गौ-संवर्धन बोर्ड की बैठक में लिया गया। बैठक में बोर्ड का नाम मध्यप्रदेश गौ-पालन एवं गौ-संवर्धन बोर्ड रखने का भी निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भारतीय गायों के महत्व पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला करने के निर्देश दिये। इसके जरिये भारतीय गायों के संबंध में विभिन्न देशों में हो रहे अनुसंधान की जानकारी सबको सर्वसुलभ हो सकेगी। उन्होंने गोबर-खाद और गौ-मूत्र से बने कीटनाशकों का अधिकाधिक उपयोग करने की जैविक खेती करने वाले किसानों को प्रेरित करने के लिये कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की गौ-शालाओं में 1.41 लाख गौ-वंश का पालन किया जा रहा है। बैठक में बोर्ड का बजट बढ़ाने, आय का स्रोत बढ़ाने, गौ-अभयारण्य अनुसंधान एवं उत्पादन केन्द्र सुसनेर के प्रबंधन संबंधी विषयों पर चर्चा हुई। इसके अलावा बोर्ड के कामों में विशेषज्ञों का सलाहकार मंडल बनाने, जैविक खाद की विपणन नीति तैयार करने, पशु चिकित्सक विज्ञान की स्नातकोत्तर की शिक्षा में देशी गौ-वंश पर अनुसंधान के लिये छात्रवृत्ति देने जैसे प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में पशुपालन मंत्री श्री अंतरसिंह आर्य, बोर्ड के उपाध्यक्ष स्वामी श्री अखिलेश्वरानंद महाराज, बोर्ड के सदस्य, ग्रामीण विकास के अपर मुख्य सचिव श्री राधेश्याम जुलानिया, अपर मुख्य सचिव गृह श्री के.के. सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीना, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री राकेश श्रीवास्तव एवं संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव उपस्थित थे।     राज्य प्रशासनिक सेवा जनता की सेवा का सशक्त माध्यम - मुख्यमंत्री श्री चौहान    मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य प्रशासनिक सेवा जनता की सेवा का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस सेवा में लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं और लोक सेवाओं के प्रदाय के प्रति सचेत और संवेदनशील बने रहना आवश्यक है। श्री चौहान आज मंत्रालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशासन के क्षेत्र में काम करने और सफल होने की समझाईश दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे जनता के लिये हमेशा उपलब्ध रहें और निर्विकार भाव से उनकी सेवा करें। उन्होंने कहा कि सेवा तभी हो सकती है जब सेवाभाव अंतर्मन से उपजे। बलपूर्वक सेवा नहीं की जा सकती। श्री चौहान ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करते हुये यह अनुभव होगा कि लोक ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को सलाह दी कि जब लोकतंत्र में लोक सर्वोपरि है तो लोगों के प्रतिनिधियों को भी बराबर का सम्मान दें। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रशासनिक अंगों के बीच समन्वय और सहयोग स्थापित करना अच्छे प्रशासक की निशानी है। इससे प्रशासन के सभी अंग एक साथ, एक उददेश्य के लिये प्रभावी रूप से कार्य संपादित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों की बुनियाद मजबूत होना जरूरी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को समय प्रबंधन के प्रति सजग और सचेत रहने की सलाह देते हुये कहा कि प्रत्येक क्षण लोगों के कल्याण में बीते तो सुशासन की स्थापना करने में समय नहीं लगता। उन्होंने अधिकारियों का आव्हान किया कि पूरी प्रतिबद्धता, लगन और मेहनत के साथ प्रदेश को आगे बढ़ायें। अपनी सकारात्मक ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग करें। इस अवसर पर प्रशासनिक अकादमी की महानिदेशक श्रीमती कंचन जैन, सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल एवं अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  11 July 2017

सेवा गाथा

सेवा के लिये संवेदनशील विचारधारा जरूरी :भैय्या जी जोशी  सेवा गाथा वेबसाइट का लोकार्पण सम्पन्न मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सबसे बड़ा धर्म जरूरतमंद की सेवा है। मदद के अच्छे कार्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिये। अच्छे कार्यों की जानकारियाँ लोगों को प्रोत्साहित करेंगी। इससे अच्छाई को मजबूती मिलेगी। समाज में सकारात्मक वातावरण बनेगा। श्री चौहान आज समन्वय भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेवा प्रभाग की वेबसाईट 'सेवा गाथा' का लोकार्पण कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारतीय चिंतन सारे विश्व को परिवार मानता है। एक ही चेतना सभी प्राणियों में देखता है। स्वयंसेवक संघ ऐसा ही विशाल हृदय वाला राष्ट्रवादी संगठन है। यह संगठन समाज के लिये जीने वाले नागरिकों का निर्माण करता है। सेवा के संकल्प में सर्वस्व अर्पित कर, समाज को रोशन करने का कार्य, इसके स्वयंसेवक करते हैं। उन्होंने मातृ छाया, आनंद धाम आदि सेवा कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ के रहवासियों का स्वावलंबी और समरस जीवन देख आत्मिक आनंद की प्राप्ति होती है। ऐसे कार्यों का व्यापक प्रचार–प्रसार किया जाना चाहिये। इससे नैराश्य का भाव दूर होता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वेबसाइट से समाज को अच्छे कार्यों की प्रेरणा और नई ऊर्जा मिलेगी। संघ के सरकार्यवाह श्री सदाशिव सुरेश जोशी भैय्या जी ने कहा कि भारतीय जीवन-शैली में सेवा का संस्कार रचा-बसा है। यहाँ मानव सेवा ईश्वर की सेवा मानकर की जाती है। उन्होंने कहा कि सेवा कार्य निश्चित धारणा के साथ नहीं हो सकता है। इसके लिये दृष्टि और संवेदनशील विचारधारा की जरूरत है। बंधु भाव के साथ जरूरतमंद की पीड़ा, वेदना और दुर्बलता को समझ सेवा कार्य किया जाना चाहिये। इस भावना के साथ किये गये कार्यों के परिणाम सदैव अच्छे होते हैं। उन्होंने कहा कि गलत सामाजिक मान्यताओं से पीड़ित, अस्थिर जीवन शैली और दूरस्थ अंचलों में रहने वालों का एक बहुत बड़ा ऐसा वर्ग है, जो अपने मौलिक सामाजिक अधिकारों से वंचित है। उनमें बेहतर जीवन का आत्म-विश्वास जगाने के लिये समाज को विचार करना होगा। सामाजिक प्रश्नों के हल समाज को ही खोजने होंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वेबसाइट की गाथाएँ, सेवा कार्य के लिये लोगों को आगे आने के लिये प्रेरित करेंगी। अतिथियों का स्वागत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संचालक मध्य भारत श्री सुरेश पिंपलीकर ने किया। आभार प्रदर्शन सह प्रांत संचालक मध्य भारत श्री अशोक पांडे ने किया। सेवा गाथा वेबसाइट की संपादक श्रीमती विजय लक्ष्मी ने गाथाओं के संकलन, वेबसाइट के स्वरूप और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। वेबसाइट सृजक श्री स्वप्निल पारखिया ने तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल फ्रेंडली होने के साथ ही फेसबुक और ट्वीटर पर शेयर भी की जा सकेगी।

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 MadhyaBharat  10 July 2017

राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता

राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने सुबह काटजू और जे.पी. हास्पिटल में मरीजों की समस्याएँ सुनीं। श्री गुप्ता ने काटजू हास्पिटल में मरीजों की लम्बी लाइन होने पर उनके बैठने की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। जे.पी. हास्पिटल में एक मरीज ने कहा कि दवाई लेने के लिए देर तक खड़े रहना पड़ता है, यहाँ बेंच रखवाने के साथ ही एक और विंडो में दवाई का वितरण करवाया जाये। श्री गुप्ता ने आवश्यकतानुसार सुविधा उपलब्ध करवाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हास्पिटल की समस्याओं के निराकरण के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा विभागीय अधिकारियों से भी चर्चा की है। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  10 July 2017

निर्वाचन आयुक्त  ओ.पी. रावत

"सहकारिता में निर्वाचन की विधि और प्रक्रिया" संगोष्ठी में चुनाव आयुक्त श्री ओ.पी. रावत  भारत के निर्वाचन आयुक्त  ओ.पी. रावत के अनुसार प्रजातांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। सहकारिता भी प्रजातांत्रिक व्यवस्था का ही एक अंग है। सहकारिता में निर्वाचन को पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाना समय की जरूरत है। श्री रावत आज अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में सहकारी विचार मंच एवं मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक्स के तत्वावधान में 'सहकारिता में निर्वाचन की विधि और प्रक्रिया' संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। श्री रावत ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहाँ 85 करोड़ मतदाताओं के लिये निर्वाचन की व्यवस्था की जाती है। भारत निर्वाचन आयोग का प्रयास रहता है कि देश में पारदर्शी, निष्पक्ष एंव समय पर निर्वाचन की व्यवस्था कर मतदाताओं का लोकतांत्रिक प्रणाली में विश्वास बनाये रखे। श्री रावत ने कहा कि निरन्तर नवीन प्रयासों से निर्वाचन व्यवस्था को श्रेष्ठ बनाने का कार्य आयोग करता है। श्री रावत ने उपस्थित श्रोताओं की निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधन भी किया। प्रदेश की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सलीना सिंह ने प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव के बारे में जानकारी दी। राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी श्री प्रभात पाराशर ने राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी के विधिक प्रावधानों एवं सहकारी संस्थाओं में निर्वाचन की प्रगति से अवगत करवाया। सहकारिता आयुक्त श्री कविन्द्र कियावत ने बताया कि प्रदेश में सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी की व्यवस्था लागू होने के बाद सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन समय पर करवाया जाना संभव हुआ है। सहकारिता विभाग पूरा सहयोग निर्वाचन प्राधिकारी को प्रदान करेगा। विगत 3-4 माह में लगभग 7000 संस्था के निर्वाचन प्रस्ताव तैयार करवाये गये हैं। भविष्य में यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। संगोष्ठी को लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री जव्वाद हसन और वरिष्ठ जन-कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री वी.जी. धर्माधिकारी ने भी संबोधित किया। प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री प्रदीप नीखरा ने आभार माना।  

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 MadhyaBharat  9 July 2017

शैलेन्द्र तिवारी

    जनसंपर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र को आज पत्रकार और लेखक श्री शैलेन्द्र तिवारी ने हाल ही में प्रकाशित अपनी पुस्तक 'रावण एक अपराजित योद्धा' पुस्तक भेंट की। मंत्री डॉ. मिश्र ने लेखक श्री तिवारी को रचनात्मक लेखन और पुस्तक प्रकाशन के लिए बधाई दी |

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 MadhyaBharat  9 July 2017

भोजपुर में ओमवैली

  मध्य प्रदेश के  ऐतिहासिक भोजपुर मंदिर के बारे में तो आपने सुना ही होगा, लेकिन अब ये मंदिर वैज्ञानिक महत्व के लिए भी जाना जाएगा। जी हां, भोजपुर और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के छिपे हुए प्राचीन रहस्य अब सामने आ रहे हैं। वैज्ञानिकों की मानें तो यहां हजारों साल पुरानी एक ओमवैली है। मॉनसून के समय ये ओमवैली पूरी तरह से सामने आ जाती है। मौसम विभाग के अनुसार एक या दो दिनों मॉनसून राजधानी भोपाल को तरबतर कर देगा। मॉनसून के पहुंचते ही इस ओम वैली का आकार पूरी तरह से निकल कर सामने आ जाता है। यहां पर मौजूद हरियाली के बढ़ने और जलाशय भरने के बाद ओमवैली की तस्वीरें पूरी तरह से साफ नजर आती हैं।  सैटेलाइट तस्वीरों में इस बात की पुष्टि भी होती है। इस ओम के मध्य में स्थित है प्राचीन भोजपुर मंदिर, और इसके सिरे पर बसा है भोपाल शहर। आपको ये भी बता दें कि भूगोल विज्ञानियों का ये मानना है कि भोपाल शहर स्वास्तिक के आकार में बसाया था।  मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक ठीक उसी वक्त ओम वैली का ग्राउंड डाटा लेते हैं, जिस वक्त सैटेलाइट रिसोर्स सेट - 2 भोपाल शहर के ऊपर से गुजरता है। इस दौरान भोपाल, भोजपुर और ओमवैली की संरचना से जुड़ा हुआ डाटा लिया जाता है। परिषद के मुताबिक हर 24 दिनों के अंतराल पर ये सेटेलाइट भोपाल शहर के ऊपर से गुजरता है। इस सैटेलाइट के जरिए गेहूं की खेती वाली जमीन की तस्वीरें ली जाती हैं।  सैटेलाइट तस्वीरों में दिखाई दे रहा ये बड़ा सा ओम दरअसल सदियों पुरानी ओम वैली है। आसमान से दिखाई देने वाली ॐ वैली के ठीक मध्य में 1000 वर्ष प्राचीन भोजपुर का शिवमंदिर स्थापित है। मध्यप्रदेश में ओमकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के पास भी ऐसी ही प्राकृतिक ओमवैली दूर आसमान से दिखाई देती है। वैज्ञानिकों की नजर में यह ओम वैली है। इसके सैटेलाइट डाटा केलिबरेशन और वैलिडेशन का काम मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद को मिला है। परिषद के वैज्ञानिक डॉ. जीडी बैरागी ने बताया, डाटा केलिबरेशन और वैलिडेशन के लिए हमें ठीक उस वक्त ओम वैली का ग्राउंड डाटा लेना होता है, जिस समय सैटेलाइट (रिसोर्स सेट-2) शहर के ऊपर से गुजरे। यह सैटेलाइट 24 दिनों के अंतराल पर भोपाल के ऊपर से गुजरता है। इससे गेहूं की खेती वाली जमीन की तस्वीरें ली जाती हैं। परिषद की ताजा सैटेलाइट इमेज से ‘ॐ’ वैली के आसपास पुराने भोपाल की बसाहट और एकदम केंद्र में भोजपुर के मंदिर की स्थिति स्पष्ट हुई है। पुरातत्वविदों के पास राजा भोज की विद्वता के तर्क हैं। उनके मुताबिक लगभग 1000 साल पहले ही भोपाल को एक स्मार्ट सिटी बनाने के लिए इसे ज्यामितीय तरीके से बसाया गया था, इसे बसाने में राजा भोज की विद्वता से ही सारी चीजें संभव हो पाईं थीं। स्वास्तिक के आकार में बसा है भोपाल इतिहासकारों का मानना है कि भोज एक राजा ही नहीं कई विषयों के विद्वान थे। भाषा, नाटक, वास्तु, व्याकरण समेत अनेक विषयों पर 60 से अधिक किताबें लिखी। वास्तु पर लिखी समरांगण सूत्रधार के आधार पर ही भोपाल शहर बसाया गया था। गूगल मैप से वह डिजाइन आज भी वैसा ही देखा जा सकता है। भोज के समय ग्राउंड मैपिंग कैसे हुई यह रिसर्च का विषय आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के आर्कियोलॉजिस्ट्स का मानना है कि ओम की संरचना और शिव मंदिर का रिश्ता पुराना है। देश में जहां कहीं भी शिव मंदिर बने हैं, उनके आसपास के ओम की संरचना जरूरी होती है। इसका सबसे नजदीकी उदाहरण है ओंकारेश्वर का शिव मंदिर। परमार राजा भोज के समय में ग्राउंड मैपिंग किस तरह से होती थी इसके अभी तक कोई लिखित साक्ष्य तो नहीं है, लेकिन यह रिसर्च का रोचक विषय जरूर है। सैटेलाइट इमेज से यह बहुत स्पष्ट है कि भोज ने जो शिव मंदिर बनवाया, वह इस ओम की आकृति के बीचोबीच स्थापित है।

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 MadhyaBharat  7 July 2017

खसरा-खतौनी

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणानुसार किसानों को खसरा-खतौनी की नकल नि:शुल्क दी जायेगी। इसकी शुरूआत 15 अगस्त से की जायेगी। आगामी 2 अक्टूबर तक सभी किसानों को खसरा-खतौनी की नकल उपलब्ध करवाने के निर्देश सीएम शिवराज सिंह ने कलेक्टर्स को दिये गए हैं। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने जानकारी दी है कि इस कार्य के लिए सभी जिलों को बजट आवंटित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिन जिलों में एन.आई.सी. का साफ्टवेयर लागू है, उनमें नकल तहसीलदार के हस्ताक्षर से जारी की जायेंगी। जिन जिलों में वेब बेस्ड जी.आई.एस. एप्लीकेशन लागू है, उनमें डिजिटल हस्ताक्षरित प्रतिलिपियाँ दी जायेंगी। कार्यवाही की माँनीटरिंग आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त द्वारा की जायेगी। नकल प्राप्ति की पावती भी किसान से ली जायेगी। संबधित ग्राम के सरपंच के भी पंजी पर हस्ताक्षर लिये जायेंगे।

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 MadhyaBharat  6 July 2017

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम

सड़क विकास निगम संचालक मंडल की 34वीं बैठक संपन्न  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की 34वीं बैठक आज मंत्रालय में संपन्न हुई। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निगम द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सड़कों के रख-रखाव की कार्ययोजना बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्षा ऋतु से पूर्व सभी सड़कों का निरीक्षण करवा लिया जाए। वर्षा ऋतु में जिन सड़कों के खराब होने की आशंका हो, उसका समय रहते मरम्मत कार्य पूर्ण करवाया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में बीओटी अंतर्गत निर्मित प्रथम सड़क इंदौर- इच्छापुर के रख-रखाव के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उनको बताया गया कि 201 किलोमीटर लंबाई की सड़क का डामरीकरण किया जाएगा। विभाग द्वारा मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया गया की सड़कों को चालू रखने संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। पेंच रिपेयर का कार्य निरंतर जारी रहेगा। सागर-जबलपुर मार्ग पूर्ण हो गया है। जबलपुर से सागर मात्र 2 घंटे की यात्रा हो गई है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2016-17 के दौरान 543 करोड़ रुपये व्यय कर 257 किलोमीटर लंबे राज्य राजमार्गों का निर्माण कार्य पूरा हुआ है। इसी तरह 983 करोड़ रुपए व्यय कर 460 किलोमीटर लंबे मुख्य जिला मार्गों का भी निर्माण पूर्ण हुआ है। वर्ष 2017-18 के दौरान 1613 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण पूर्ण होगा। इन कार्यों पर 3,757 करोड़ रुपए व्यय होंगे। एडीबी परियोजना-5 के अंतर्गत कुल 1456 किलोमीटर लंबाई की सड़कें निर्माणाधीन है। निर्माण पर 2,328 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। एनडीबी परियोजनाओं के अंतर्गत 1640 किलोमीटर लंबी सड़कें निर्माणाधीन हैं जिन पर कुल 3,093 करोड़ रुपए व्यय होंगे। एडीबी छठी परियोजना के अंतर्गत 2200 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। इस कार्य पर 4,657 करोड़ रुपए व्यय होंगे। इसी तरह एडीबी सातवीं परियोजना में 1663 करोड़ रुपए की 800 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण की योजना है। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वन श्री दीपक खांडेकर, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग श्री प्रमोद अग्रवाल, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम श्री मनीष रस्तोगी, सचिव खनिज विभाग श्री मनोहर दुबे भी उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  5 July 2017

ग्लोबल स्किल्स पार्क

ग्लोबल स्किल्स पार्क शिलान्यास कार्यक्रम सम्पन्न  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जहाँ एक ओर हमारे यहाँ बेरोजगारी की समस्या है वहीं दुनिया में हुनरमंद व्यक्तियों की कमी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दूरदृष्टि के साथ स्किल इंडिया द्वारा इस दिशा में सार्थक कोशिश की है। प्रधानमंत्री के प्रयासों में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिये प्रदेश संकल्पित है। ग्लोबल स्किल्स पार्क इस दिशा में प्रभावी पहल है। श्री चौहान आज आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में ग्लोबल स्किल्स पार्क के शिलान्यास और ग्लोबल कंसलटेशन ऑन स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में तकनीकी प्रशिक्षण का नया दौर शुरू हो गया है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं का कायाकल्प हो रहा है। उनमें आगामी 5 वर्षों में आधुनिकतम व्यवसायों की प्रशिक्षण व्यवस्था उपलब्ध हो जायेगी। उन्होंने युवाओं का आव्हान किया कि वे न्यू इंडिया निर्माण के लिये हुनरमंद बनें। विकास की अनंत संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी युवा शक्ति हमारे पास है। यदि इसे हुनरमंद कर दिया जाये तो वर्तमान समय की कमजोरी बड़ी आबादी, भविष्य में हमारी ताकत बन जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के लिये प्रभावी कार्य किए गए हैं। व्यवसायिक शिक्षा के प्रसार के साथ ही, उसकी गुणवत्ता को भी सुनिश्चित किया गया है। स्तरहीन प्रशिक्षण संस्थाओं को चिन्हित कर बंद करवाने के कार्य किये गये हैं। करीब 37 संस्थाओं को बंद कर दिया गया है और लगभग 70 संस्थाओं पर कार्रवाई की जा रही है। यह निर्णय इसलिये लिया गया ताकि छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सके। श्री चौहान ने कहा कि शिक्षा के प्रमुख तीन उद्देश्य होते हैं। ज्ञान, कौशल और संस्कार। शिक्षा प्रणाली में यह उद्देश्य संतुलित तरीके से प्राप्त नहीं हो सकने के कारण बेरोजगारों की ऐसी फौज खड़ी हो गई है, जो केवल किताबी ज्ञान संपन्न है। प्रदेश में प्रयास किया गया है कि जो शैक्षणिक शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें उसका पूरा अवसर मिले। वही व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त करने वालों को भी सरकार का भरपूर सहयोग मिले। राज्य में मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना लागू की गई है। योजना में मेधावी छात्रों को चाहे वे मेडिकल-इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थाओं में अथवा व्यवसायिक शिक्षा के शिक्षण केन्द्रों में प्रवेश लेते हैं उनकी फीस राज्य सरकार द्वारा भरवाने की व्यवस्था की गई है। प्रयास है कि प्रतिभा की उन्नति में धन की कमी बाधा नहीं बने। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गत दिवस करीब साढ़े छह करोड़ पौधों का रोपण करने के लिये प्रदेश की जनता के प्रति आभार ज्ञापित किया। पर्यावरण को बचाने और पृथ्वी के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के प्रयासों के प्रति जनता के कर्त्तव्य-पालन के लिये बधाई प्रेषित की। केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि मेक इन इंडिया को सफल बनाने के लिये मेकर्स ऑफ इंडिया की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्किल इंडिया द्वारा इस दिशा में विजनरी पहल की है। उनके प्रयासों को पूरा करने में मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका है। उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश में जिस तेजी और दूरदर्शिता के साथ विकास की कोशिशें हो रही हैं, उनसे यह आभास हो रहा है कि विकास के सफल प्रयासों को देखने के लिये दुनिया के दूसरे देश यहाँ आयेंगे। उन्होंने प्रदेश में स्किल इंडिया की दिशा में किये जा रहे कार्यों की व्यापक सराहना करते हुए कहा कि कौशल उन्नयन के प्रयासों में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। केन्द्र सरकार के कौशल उन्नयन के सभी कार्यक्रमों तथा योजनाओं को एक साथ करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। प्रदेश ने आईटीआई की ऑनलाइन परीक्षा संचालित कर अन्य राज्यों को इस दिशा में पहल के लिये प्रेरित किया है। विभिन्न व्यवसायिक प्रशिक्षणों की आधुनिक सुविधाओं का उल्लेख करते हुए श्री रूड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कौशल उन्नयन के विभिन्न कार्यक्रमों को एक मंत्रालय में समाहित कर विजनरी पहल की है। आई.टी.आई को कौशल उन्नयन विभाग में शामिल किया है। देश तेजी से गुणवत्तापूर्ण व्यवसायिक शिक्षा की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रचलित व्यवसायिक शिक्षा की प्रचलित प्रणाली में गुणवत्ता का पूर्णत: अभाव था। आई.टी.आई. के 13 हजार संस्थानों में 127 पाठ्यक्रम संचालित होते हैं, जिनमें से मात्र इलेक्ट्रिकल और फिटर ट्रेडों में 18 लाख, अन्य 9 ट्रेडों में मात्र एक लाख और शेष में एक लाख विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। जबकि वर्तमान समय में उद्योगों की आवश्यकता एक ही ट्रेड में अलग-अलग तरह के विशेषज्ञ प्रशिक्षण की है। उन्होंने कहा कि डिग्री आधारित बेरोजगारों की फौज खड़ी करने वाली शिक्षा प्रणाली पर विचार किया जाना चाहिये। केन्द्रीय मंत्री ने प्रदेश में पौध-रोपण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क एक ऐतहासिक कदम है। व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिये 650 करोड़ रुपये की विशाल धनराशि का निवेश सरकार की दूरदृष्टि का प्रमाण है। प्रदेश के तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री की पहल मेक इन इंडिया, डिजिटल इण्डिया और स्किल इंडिया को सफल बनाने के लिये प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। आई.टी.आई. को अग्रणी संस्थान बनाने के प्रयास हुए हैं। आई.टी.आई. चलें अभियान द्वारा प्रदेश में 5 लाख युवाओं को व्यवसायिक शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। इउनमें से 70 प्रतिशत का रोजगार स्थापित कराने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क युवाओं के जीवन में परिवर्तन का मील का पत्थर साबित होगा। विश्व प्रसिद्ध क्रिकेटर श्री के.श्रीकांत ने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क की पहल देश में कौशल उन्नयन के प्रयासों का मार्गदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि परियोजना का प्रारूप उसकी सुपर सक्सेस को बता रहा है। एशियन डेवलपमेंट बैंक की सुश्री सॉगवान ली ने कहा कि भारत की स्किल इंडिया पहल में बैंक द्वारा तकनीकी सहयोग किया जा रहा है। मध्यप्रदेश की परियोजना बैंक की देश में 5वीं परियोजना है। इससे देश में व्यावसायिक प्रशिक्षण की संस्थानात्मक व्यवस्था में मजबूती आयेगी। उन्होंने परियोजना में निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। आईटीईईएस सिंगापुर के श्री ब्रूस पो ने कहा कि स्किल्स पार्क प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक विकास प्रक्रिया को नई गति देगा। प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव ने परियोजना की जानकारी दी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ग्लोबल स्किल्स पार्क श्री संजीव सिंह ने आभार माना। कार्यक्रम में पार्क के आकल्पन पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। अतिथियों का बुक और पेन भेंट कर अभिनंदन किया गया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री रूड़ी के साथ अकादमी के प्रांगण में नीम वृक्ष के पौधों का रोपण किया।  

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 MadhyaBharat  4 July 2017

शिवराज सिंह चौहान मंत्रि-परिषद

अगले साल विधानसभा चुनाव हैं उससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने नाराज सरकारी कर्मचारियों को साधने के लिए अपनी रणनीति पर काम शुरू करते हुए  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य शासन के शासकीय सेवकों को एक जनवरी, 2016 से पुनरीक्षित वेतनमान स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। पुनरीक्षित वेतनमान में वेतन निर्धारण करने पर शासकीय सेवक की परिलब्धियों में लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि होगी। दिनांक एक जनवरी, 2016 से वेतन पुनरीक्षण के परिणामस्वरूप 30 जून 2017 तक की अवधि के बकाया स्वत्वों का समान तीन वार्षिक किश्तों में (प्रतिवर्ष मई माह में) वर्ष 2018-19 से भुगतान किया जायेगा। एक जनवरी 2016 से 30 जून 2017 के मध्य सेवानिवृत्त/मृत शासकीय सेवकों को एरियर्स की राशि का एकमुश्त भुगतान किया जायेगा। ऐसे शासकीय सेवक जिनकी सेवानिवृत्ति/मृत्यु 30 जून, 2017 के बाद होती है, तो शेष एरियर्स की किश्तों का एकमुश्त भुगतान किया जायेगा। एक जनवरी, 2016 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पुनरीक्षित वेतनमान में प्राप्त अंतिम वेतन के आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 में वर्णित प्रावधानों के अनुसार पेंशन निर्धारण किया जायेगा। उक्त दिनांक एवं इसके बाद सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को इस नियम के तहत देय मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान की अधिकतम सीमा 20 लाख रूपये रखी जायेगी। पेंशन सरांशिकरण, अवकाश नगदीकरण, परिवार पेंशन के वर्तमान प्रावधानों को यथावत रखा जायेगा। वृद्धों को प्राप्त अतिरिक्त पेंशन को छोड़कर न्यूनतम पेंशन एवं परिवार पेंशन की मासिक राशि 7750 रूपये रखी गयी है। पेंशन/परिवार पेंशन की अधिकतम सीमा पुनरीक्षित वेतनमान में प्राप्त अधिकतम वेतन का क्रमश: 50 एवं 30 प्रतिशत रखा जायेगा। सातवें वेतनमान में वेतन निर्धारण के परिणामस्वरूप एक जुलाई 2016 से 2 प्रतिशत एवं दिनांक एक जनवरी, 2017 से 2 प्रतिशत इस तरह कुल 4 प्रतिशत की दर से महँगाई भत्ता देय होगा। यात्रा भत्ता, गृह भाड़ा भत्ता, परियोजना भत्ता, अनुसूचित क्षेत्र, प्रतिनियुक्ति वेतन आदि भत्ते एवं सुविधाएँ जो मूल वेतन से जुड़ी हैं, पूर्व वेतनमानों में देय वेतन के आधार पर ही देय होगी। इनके पुनरीक्षण के लिये पृथक से निर्णय लिया जायेगा। वेतन निर्धारण करने पर लगभग 3828 करोड़ का वार्षिक व्यय भार संभावित है। वर्ष 2017-18 में सातवें वेतनमान से 2552 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार आयेगा। वेतन पुनरीक्षण के एरियर्स के भुगतान पर 5742 करोड़ का व्यय भार संभावित है। पीडब्ल्यूडी में नये मापदण्डों का अनुमोदन मंत्रि-परिषद ने वित्त विभाग द्वारा जारी पत्र 31 मार्च, 2017 की कंडिका 4(अ) अनुसार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कार्यालय भवन, रेस्ट हाऊस, सर्किट हाऊस एवं कर्मचारियों के लिये आवास गृहों के निर्माण के लिए मापदण्डों का अनुमोदन किया। इसी प्रकार वृहद पुलों के निर्माण की योजना, मुख्य जिला मार्गों के उन्नयन, केन्द्रीय सड़क निधि एवं अंतर्राज्यीय/आर्थिक महत्व की सड़कों के निर्माण, सड़क विकास निगम के माध्यम से नगद अनुबंध पद्धति पर आधारित नगद अनुबंध के आधार पर राज्य राजमार्गों, महत्वपूर्ण मुख्य जिला मार्गों का निर्माण और ग्रामीण सड़कों सहित न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम योजना के अंतर्गत राज्य की महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों के नव-निर्माण के लिये मापदण्डों का अनुमोदन किया गया। शिक्षा के विभिन्न निर्णय मंत्रि-परिषद ने नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत गैर अनुदान मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों की प्रथम प्रवेशित कक्षा में नि:शुल्क प्रवेश की प्रक्रिया में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में वंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिये वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिये फीस प्रतिपूर्ति की राशि के वर्षवार प्रस्तावित व्यय रूपये 1706.91 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति दी। मंत्रि-परिषद ने कक्षा 12वीं में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने माध्यमिक शिक्षा मण्डल की 12वीं की परीक्षा 85 प्रतिशत तथा अजा, अजजा, विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति के ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंकों से उत्तीर्ण की हो, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप लेपटॉप प्रदान किये जाने के संबंध में प्रचलित योजना को वर्ष 2017-18 से शुरू कर आगामी 3 वर्षों तक संचालित करने की सहमति दी। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लेपटॉप प्रदाय योजना के 3 वर्षों के संचालन एवं अनुमानित व्यय राशि 177 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक सहमति दी गयी। मंत्रि-परिषद ने सर्वशिक्षा अभियान योजना का उसकी उपलब्धि के चलते वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में संचालन तथा निरंतरता की सैद्धांतिक सहमति दी। मंत्रि-परिषद ने केन्द्र प्रवर्तित राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के क्रियान्वयन के लिये आगामी तीन वर्षों में 2047 करोड़ 47 लाख रूपये की अनुमति दी। लालबर्रा समूह जल प्रदाय योजना मंत्रि-परिषद ने बालाघाट जिले की लालबर्रा समूह जल प्रदाय योजना की 157 करोड़ 63 लाख की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी। इस योजना से लालबर्रा विकासखण्ड के 101 ग्राम में नल-जल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। सरदार सरोवर परियोजना मंत्रि-परिषद ने सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को डूब क्षेत्र 31 जुलाई, 2017 के पूर्व खाली करने के लिये सरदार सरोवर पैकेज का अनुसमर्थन किया।

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 MadhyaBharat  4 July 2017

काउंसलेट जनरल ऑफ द रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर

मुख्यमंत्री शिवराज से मिले सिंगापुर के काउंसलेट और आई.टी.ई.एस. के प्रतिनिधि  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान से काउंसलेट जनरल ऑफ द रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर श्री अजीत सिंह और आई.टी.ई.एस. सिंगापुर के श्री ब्रूस पो ने आज भेंट की। भेंट के दौरान ग्लोबल स्किल पार्क के संबंध में चर्चा हुई। बैठक का आयोजन आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में किया गया था। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क का निर्माण उनका सपना है। उनके दिल से जुड़ी परियोजना है। उन्होंने परियोजना को साकार रूप देने में आई.टी.ई.एस. सिंगापुर के सहयोग के लिये आभार ज्ञापित किया। विश्वास व्यक्त किया कि उनके सहयोग से पार्क सर्वश्रेष्ठ संस्था के रूप में विकसित होगा। उन्होंने सिंगापुर की दो यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंगापुर की हर यात्रा से उन्हें कुछ नया करने की प्रेरणा मिली है। प्रथम यात्रा के दौरान उन्हें सेंटोसा ने अत्यधिक प्रभावित किया था। उसी अनुरूप प्रदेश में हनुवंतिया टापू का पर्यटन केन्द्र के रूप में विकास किया है, क्योंकि पर्यटन से रोजगार के नये अवसर बनते हैं। दूसरी यात्रा के दौरान ग्लोबल स्किल सेंटर देखकर, उन्हें स्किल्स पार्क की प्रेरणा मिली। श्री चौहान ने कहा कि ग्लोबल स्किल्स पार्क अंतर्राष्ट्रीय जरूरतों के अनुसार बने जिसमें प्रशिक्षण की सभी विश्व-स्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान समय की जरूरतों के अनुसार तेजी से आगे बढ़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश की बड़ी आबादी को कुशल बनाकर देश-दुनिया में रोजगार के नये अवसर उपलब्ध करवाने का प्रयास है। इससे दुनिया में कुशल श्रम की आवश्यकता की पूर्ति होगी। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि स्किल्स पार्क से प्रशिक्षित युवाओं का हुनर अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार हो, इसके लिये विशेषज्ञ प्रशिक्षण सेवा प्रदाय कार्य में सभी संस्थाओं के लिये संस्थान के द्वार खुले रहेंगे। काउंसलेट जनरल श्री अजीत सिंह ने कहा कि विकास के प्रति मुख्यमंत्री के जज़्बे और जिद से वे अत्यंत प्रभावित हुए हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में स्किल्स पार्क दुनिया की सर्वश्रेष्ठ संस्था बनेगा। अन्य राज्यों के लिये गुणवत्तापूर्ण कार्य का बेंच मार्क स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से पार्क निर्माण का कार्य हो रहा है, उससे उन्हें आभास हो रहा है कि उसके उद्घाटन कार्यक्रम में शीघ्र ही शामिल होने के लिये आना होगा। आईटीईएस के श्री ब्रूस पो ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी को दूर करने की प्रभावी पहल की गई है। बेरोजगारी की समस्या के समाधान के लिये राज्य की कोशिशों को दुनिया देख रही है। उन्हें समस्या समाधान का नया मार्ग दिखा है। उन्होंने युवाओं के कौशल उन्नयन प्रयासों के लिये मुख्यमंत्री की अभिरूचि और प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्किल्स पार्क दुनिया में तकनीकी प्रशिक्षण का मॉडल बनेगा।  

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 MadhyaBharat  4 July 2017

shivraj singh ka lekh

  शिवराज सिंह चौहान समाज की सक्रिय सहभागिता से 'नर्मदा सेवा यात्रा' अभियान बहुत सफल रहा। इस अभियान में 148 दिनों में 3350 किलोमीटर की यात्रा तय की गई और 15 लाख से अधिक लोगों ने माँ नर्मदा को स्वच्छ, निर्मल और पवित्र बनाये रखने का संकल्प लिया। प्रदेशवासियों ने जिस उत्साह, उमंग और आत्मीयता के साथ इस अभियान में हिस्सा लिया, उससे पता ही नहीं चला कि मध्यप्रदेश सरकार का यह अभियान कैसे, धीरे-धीरे जन-जन के अभियान में परिवर्तित होता चला गया। इस अभियान में 500 से अधिक सभी धर्मों के गुरुओं, पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनैतिक दलों के प्रमुख व्यक्तियों, संयुक्त राष्ट्र संगठनों के पदाधिकारियों, फिल्म एवं खेल जगत की प्रमुख हस्तियों सहित कई मुख्यमंत्रियों और केन्द्रीय मंत्रियों की उपस्थिति ने इस अभियान को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। यह अभियान पूरी दुनिया में लोगों को नदियों के प्रति जागरूक करने और उनके संरक्षण के लिए प्रेरित करने का माध्यम बन गया। यह अभियान सामाजिक-समरसता और सौहार्द का भी बड़ा प्रतीक बन गया। नमामि देवि नर्मदे-नर्मदा सेवा यात्रा अभियान के दौरान लाखों प्रदेशवासियों ने यह प्रण लिया था कि 2 जुलाई को माँ नर्मदा के दोनों तटों सहित पूरे नर्मदा कछार में लाखों लोग मिलकर एक साथ 6 करोड़ पौधों का रोपण करके इतिहास बनायेंगे और माँ नर्मदा में जल की धार बढ़ाएंगे। नर्मदा सेवा यात्रा की पूर्णता के अवसर पर हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी लाखों लोगों की उपस्थिति में माँ नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में हम सभी को आने वाली पीढ़ी के प्रति अपनी जिम्मेदारी के लिए आगाह किया था। इस मौके पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से नर्मदा कछार में 2 जुलाई 2017 को बढ़-चढ़कर पौध-रोपण करने का आव्हान किया था। हम सभी ने अपने-अपने हाथ उठाकर पौध-रोपण के इस संकल्प को पूरा करने के लिए उत्साह के साथ सहमति व्यक्त की थी। मुझे आज इस बात की खुशी है कि जिस 2 जुलाई का हम सभी बड़ी ही बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वह दिन अब आ चुका है। यह दिन देश और प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पर्यावरण और नदी संरक्षण के क्षेत्र में एक इतिहास बनने जा रहा है। आपको और हम सबको इस बात पर गर्व होगा कि हम सभी इस ऐतिहासिक दिन के साक्षी बनेंगे। पूरी दुनिया में इससे पहले कभी भी पर्यावरण और नदी को समृद्ध करने के लिए इतने बड़े स्तर पर कोई सामूहिक प्रयास और सामाजिक सहभागिता देखने को नहीं मिलती है। इस दो जुलाई के दिन, प्रदेशवासियों, माँ नर्मदा, मध्यप्रदेश और हमारे भारत देश का नाम पूरी दुनिया में इस पुनीत कार्य के लिए इतिहास में दर्ज हो जायेगा। मध्यप्रदेश में इस पौध-रोपण कार्यक्रम के लिए नर्मदा तट और नर्मदा कछार के सभी 24 जिलों में पौध-रोपण के लिए जागरूकता और कार्यक्रम की सफलता के लिए तैयारियाँ काफी बड़े पैमाने पर की गई हैं। वन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विकास तथा किसान-कल्याण विभाग, उद्यानिकी विभाग और जन अभियान परिषद के सभी लोगों ने कार्यक्रम की तैयारियों में कोई कसर बाकी नहीं रखी है। जन-जागरूकता के लिए प्रदेश के सभी 51 जिलों में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के दिन से 'पेड़ लगाओ यात्राओं' का आयोजन किया गया। इस यात्रा में 'धरती पर कम न हों वन, ध्यान रखें हम मानव जन' जैसे नारे, लोगों के बीच में गाँव-गाँव तक बहुत लोकप्रिय हुए। गाँवों और कस्बों में छोटे-छोटे बच्चे तक बड़े प्यार और सुन्दर भावनाओं के साथ इन नारों को गा-गा कर लोगों को सुना रहे थे। यह सभी की जुबान पर चढ़ गये थे। सभी लोग माँ नर्मदा को हरियाली चुनरी ओढ़ाने के लिए बहुत ही भावुक थे। इस पौध-रोपण कार्यक्रम में हिस्सेदारी के लिए लोगों के उत्साह का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दो जुलाई के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए इस अभियान की वेबसाइट पर लगभग 6 लाख व्यक्तियों और सामाजिक या स्वयंसेवी संगठनों ने पंजीयन करवाया है। मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि इस अभियान से जुड़ने के लिए 5 लाख व्यक्तियों ने 'ऑफ लाइन' पंजीयन भी कराया है। वन विभाग तथा उद्यानिकी विभाग द्वारा पौधे तैयार करा लिये गये हैं। पौध-रोपण के लिए गढ्ढों की खुदाई हो चुकी है। पौधों को लाने-ले जाने के लिए परिवहन की समुचित व्यवस्था की गई है। पौधों को चुनते समय हमने इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि पौध-रोपण में फलदार और छायादार पौधों का रोपण अधिक किया जाये, जिससे कि आने वाले समय में यह पौधे आमजन के लिए अधिक से अधिक उपयोगी हो सकें। हमने इन पौधों में आम, आँवला, नीम, पीपल, बरगद, जामुन, बाँस, इमली, संतरा, नींबू, अमरूद, मुनगा और अनार जैसे फलों को प्राथमिकता दी है। इस ऐतिहासिक दिन के सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। बस, आप सभी का इंतजार है। आइये, हम सभी मिलकर नर्मदा कछार में 6 करोड़ पौधों को लगाकर माँ नर्मदा में जल की मात्रा बढ़ायें, माँ नर्मदा को स्वच्छ और निर्मल बनायें, नर्मदा कछार सहित पूरे प्रदेश के पर्यावरण को शुद्ध, हरा-भरा और प्रदूषण रहित बनायें, किसानों को स्वच्छ पेय और सिंचाई जल उपलब्ध करायें, प्रदेशवासियों को स्वस्थ जीवन दिलायें, अपनी आने वाली पीढ़ियों के जीवन को सुरक्षित बनायें और पूरी दुनिया को पर्यावरण और नदियों के संरक्षण का संदेश देकर एक इतिहास बनायें। माँ नर्मदा हम सभी का आव्हान कर रही हैं। आइये, माँ नर्मदा के सच्चे सपूत की तरह माँ नर्मदा की सेवा में कुछ समय लगायें। कल-कल, छल-छल बहे नर्मदा की कामना के साथ, आप सभी का अभिनन्दन है। [लेखक शिवराज सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं]  

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 MadhyaBharat  1 July 2017

पीथमपुर में स्टेराईड्स संयंत्र की स्थापना

मुख्यमंत्री चौहान से फार्मा तथा होटल उद्योग के प्रतिनिधि-मंडल की भेंट  मध्यप्रदेश में जल्द ही स्टेराईडस, स्टेरियम ओर हार्मोन से संबंधित दवाइयों के संयंत्र की स्थापना होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुंबई प्रवास के दौरान विभिन्न फार्मा तथा होटल उद्योग के प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर मध्यप्रदेश में इन क्षेत्रों में निवेश करने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिनिधि-मंडल को आश्वासन देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों की हरसंभव सहायता के लिये तत्पर है। प्रतिनिधि-मंडल में मेसर्स पी.एस.ए. केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स, मेसर्स बालाजी स्टेराईड्स एंड हार्मोन्स प्रा. लि., मेसर्स मायलान लेबोरेटरीज लि. तथा व्हाईट लोटस होटल प्रा.लि. के प्रतिनिधि शामिल थे। हांगकांग के मेसर्स बालाजी इंटरनेशनल हांगकांग लि. के प्रबंध संचालक श्री प्रेम अलदासानी ने बताया कि स्टेराईडस निर्माण के लिए पीथमपुर में विशेष आर्थिक क्षेत्र में 18 हजार मीट्रिक टन प्रतिवर्ष क्षमता की इकाई स्थापित करेंगे। इससे लगभग 350 लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि स्टेराईडस स्टेरियम और हार्मोन के लिए अलग-अलग संयंत्र स्थापित करने की योजना है। उनकी कंपनी द्वारा कुल 200 करोड़ का निवेश करने की योजना है। व्हाईट लोट्स होटल प्रा.लि. कंपनी के प्रतिनिधि श्री सुनील जोशी ने इंदौर में होटल हिल्टन की शाखा स्थापित करने के लिये स्थान तथा होटल की रूपरेखा के संबंध में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को अवगत कराया। उन्होंने इंदौर के आसपास मुंबई के एमेजिका ऐम्यूजमेंट पार्क के समान एक पार्क बनाने की इच्छा व्यक्त की। श्री जोशी ने इसके लिये राज्य शासन द्वारा भूमि आवंटित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें खंडवा जिले के हनुमंतिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में हमने यह वाटर पार्क बनाया है, जहाँ हर वर्ष जल-महोत्सव आयोजित किया जाता है, जिसमें लाखों की संख्या में सैलानी आते हैं। मेसर्स पी.एस.ए. केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स के प्रबंध संचालक श्री प्रमोद भराल ने जानकारी दी कि पीथमपुर एस.ई.जेड में टेबलेट, केप्सूल तथा ड्राय सीरप के उत्पादन की 21 हजार 500 वर्गमीटर भूमि पर स्थापित इकाई में 3800 लाख रुपये का पूँजी निवेश प्रस्तावित है। इससे लगभग 250-300 लोगों को रोजगार मिलेगा। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम तथा मध्यप्रदेश ट्रायफेक के प्रबंध संचालक श्री डी.पी.आहूजा के साथ अन्य शासकीय अधिकारी भी उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  1 July 2017

mp लॉजिस्टिक हब

मुख्यमंत्री चौहान से चीनी प्रतिनिधि-मंडल मिला  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चीनी प्रतिनिधि-मंडल ने आज निवास पर भेंट की। इस अवसर पर गुआंग्शी विकास और सुधार आयोग के महानिदेशक  फांगकांग हुआंग और प्रमुख सचिव उद्योग-वाणिज्य श्री मोहम्मद सुलेमान मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश में 'एक कराधान व्यवस्था' एक जुलाई से लागू हो जायेगी। नई व्यवस्था से देश की हृदय-स्थली मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक हब बनने की संभावनाएँ प्रबल हुई हैं। निवेश और व्यापार की और अधिक बेहतर संभावनाएँ निर्मित होगी। उन्होंने प्रतिनिधि-मंडल से इस परिप्रेक्ष्य में निवेश की संभावना को तलाशने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश निवेश का आदर्श स्थल है। यहाँ निवेश मित्र वातावरण और नीतियाँ हैं। आश्वस्त किया कि निवेश हेतु आवश्यक जानकारियाँ, सूचनाएँ उपलब्ध करवाने में, उन्हें पूरा सहयोग किया जायेगा। सरकार निवेशकों का सदैव सहयोग करती है, भविष्य में भी करेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रतिनिधि-मंडल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चीन यात्रा में उनके द्वारा दिए गए आमंत्रण पर, चीनी प्रतिनिधि-मंडल के आने से वे अत्यंत हर्षित हैं। आशा व्यक्त की कि इस यात्रा से दुनिया के दो प्राचीन महान राष्ट्रों के मध्य पारस्परिक व्यापारिक संभावना को विस्तार मिलेगा। उनके मध्य निकटता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पीथमपुर में चीनी कंपनी लिउगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड को सरकार का पूरा सहयोग मिला है। नये निवेशकों को भी उसी तरह पूरा सहयोग दिया जायेगा। प्रतिनिधि-मंडल द्वारा बताया गया कि प्रदेश में स्थापित औद्योगिक इकाई द्वारा स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। उत्पाद भारतीय बाजार के साथ ही अन्य देशों को निर्यात भी किये जा रहे हैं। प्रतिनिधि-मंडल में नैननिंग विकास और सुधार आयोग के निदेशक श्री वी डिंग, गुआंग्शी विकास और सुधार आयोग के हाईटेक उद्योग प्रभाग निदेशक यी झोंग, विदेशी पूँजी उपयोग और विदेशी निवेश प्रभाग निदेशक श्री तियानचेंग वू, औद्योगिक अर्थ-व्यवस्था प्रभाग निदेशक श्री यीचुआन ली, पश्चिमी क्षेत्र विकास प्रभाग उप निदेशक श्री सुयू तन, प्रबंध निदेशक लिउगोंग इंडिया श्री वू सांग और ट्रायफेक के अपर प्रबंध संचालक श्री वी. किरण गोपाल उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  30 June 2017

चीनी कम्पनियाँ मध्यप्रदेश

उद्योग मंत्री शुक्ल से चीनी प्रतिनिधि-मंडल ने की मुलाकात    उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने चीनी प्रतिनिधि-मंडल से आग्रह किया है कि विशाल उपभोक्ता बाजार को देखते हुए चीनी कम्पनियाँ मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन में स्मार्ट-सिटी के प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही सभी के लिये आवास योजना और मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में भी चीनी कम्पनियाँ निवेश कर सकती हैं। उद्योग मंत्री श्री शुक्ल आज चीनी प्रतिनिधि-मंडल से चर्चा कर रहे थे। चीन का प्रतिनिधि-मंडल, गुआंग्शी विकास और सुधार आयोग के महानिदेशक श्री फांगफांग हुआंग के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के दौरे पर आया है। उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि इंदौर के पास पीथमपुर में चीनी कम्पनियों के लिये 206 हेक्टेयर में एक टाउनशिप बनाई गयी है। प्रदेश में बिजली, पानी, सड़क, संचार और ट्रांसपोर्ट की कोई कमी अथवा समस्या नहीं है। प्रदेश में 19 हजार मेगावॉट की केपिसिटी के साथ बिजली के मामले में सरप्लस की स्थिति है। उन्होंने बताया कि व्यापार करने में आसानी के पैमाने पर मध्यप्रदेश देश के टॉप पाँच राज्य में शामिल है। गुआंग्शी विकास और सुधार आयोग और संबंधित संस्थाएँ प्रदेश में बुनियादी ढाँचे के निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और बिजली उद्योग के निवेश की संभावनाओं को ढूँढने के मकसद से प्रदेश के दौरे पर हैं।

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 MadhyaBharat  30 June 2017

प्याज खरीदी

मध्यप्रदेश शासन ने प्याज खरीदी से संबंधित विभिन्न मुद्दों के निराकरण तथा उपार्जित प्याज के परिवहन एवं विक्रय के संबंध में त्वरित निर्णय लेने के लिए कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में दो समिति का गठन किया है। प्याज खरीदी से संबंधित विभिन्न मुद्दों के निराकरण के लिए बनी समिति में किसान-कल्याण तथा कृषि विकास, सहकारिता, उद्यानिकी और खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव, सचिव वित्त, मंडी बोर्ड, सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन और स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के प्रबंध संचालक को सदस्य बनाया गया है। प्रबंध संचालक मार्कफेड इस समिति के सदस्य सचिव होंगे। उपार्जित प्याज के परिवहन एवं विक्रय से संबंधित मुद्दों के लिए बनी समिति में प्रमुख सचिव खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, सचिव वित्त, स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन और मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक को सदस्य बनाया गया है। सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के प्रबंध संचालक इस समिति के संयोजक होंगे। समिति मुख्य सचिव के निर्णय के लिये अनुशंसा करेंगी। समितियों द्वारा लिये गये निर्णयों को मुख्य सचिव द्वारा अनुमोदन किये जाने पर ही लागू किया जायेगा।

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 MadhyaBharat  29 June 2017

लोकतंत्र की पुनस्थापना

लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन में मुख्यमंत्री  चौहान मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सभी लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान स्वरूप ताम्रपत्र प्रदान किया जायेगा। एक माह से कम समय जेल में निरुद्ध रहने वाले लोकतंत्र सेनानियों को भी सम्मान निधि दी जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास में लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को जिले में ही चिकित्सा सुविधा की स्वीकृति दी जायेगी। गृह निर्माण मंडलों और विकास प्राधिकरणों द्वारा निर्मित आवासों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ लोकतंत्र सेनानियों को भी आरक्षण दिया जायेगा। लोकतंत्र सेनानी के निधन पर उसके पति या पत्नी को पेंशन की पात्रता होगी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह लोकतंत्र सेनानी को शासकीय कार्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों में सम्मान दिया जायेगा। लोकतंत्र सेनानियों से संबंधित घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिये विधानसभा में कानून बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने अपनी जीवटता और संघर्ष से लोकतंत्र की बहाली की। आजादी के बाद देश के लिये सबसे बड़ा दुर्भाग्य आपातकाल था। लोकतंत्र को पुनस्थापित करने का काम लोकतंत्र सेनानियों ने किया। राज्य सरकार मानवीय संवेदनाओं से भरी है और लोक-कल्याण की परंपरा पर चल रही है। हमारी सरकार गरीबों की चिंता करने वाली सरकार है। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कैलाश सोनी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने स्वतंत्रता की दूसरी लडा़ई लड़ी थी। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय महामंत्री श्री राजेन्द्र गहलोत ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आपातकाल विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। इसमें प्रथम पुरस्कार कु. ममता जैन, द्वितीय पुरस्कार कु. रजनी शर्मा और तृतीय पुरस्कार कु. पूर्णिमा तिवारी को मिला। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लोकतंत्र सेनानियों सर्वश्री शंकरलाल तिवारी, सूर्यकांत मिश्रा, कामताप्रसाद गौतम, अशोक श्रीवास्तव, राजेन्द्र ताम्रकार और यशपाल सिंह सिसोदिया को सम्मानित किया। आरंभ में स्वागत भाषण राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक ने दिया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी, सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, श्री मेघराज जैन, श्री कैलाश सारंग, श्री सरताज सिंह, श्री विभीषण सिंह, श्री गिरिराज सिंह, मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती साधना सिंह और श्री अजय विश्नोई सहित लोकतंत्र सेनानी अपने परिवारों सहित उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन श्री सुरेन्द्र द्विवेदी ने किया।

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 MadhyaBharat  29 June 2017

मध्यप्रदेश में पंचायती राज

राज्यों के पंचायती राज मंत्रियों का सम्मेलन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पंचायतों को सशक्त बनाकर सामाजिक परिवर्तन किया जा सकता है। मध्यप्रदेश ने इसका उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। मध्यप्रदेश में पंचायती राज की मूल अवधारणा को ग्राम स्तर तक पहुँचाया गया है। श्री चौहान आज यहाँ राज्यों के पंचायती राज मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को पूरा करने में मध्यप्रदेश अग्रणी है। आचार्य श्री विनोबा भावे ने कहा था कि देश स्वतंत्र हो गया पर गाँव स्वतंत्र नहीं हुए। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में अब देश स्वतंत्र है और गाँव भी स्वतंत्र हैं। ग्राम स्वराज की परिकल्पना को जमीन पर उतारा जा रहा है। मध्यप्रदेश में जनता से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण योजनाएँ पंचायतों के माध्यम से बनायी गई हैं। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित पंचायतों में संबंधित वर्ग के लोगों से संवाद के माध्यम से उनकी समस्यायों के निराकरण के लिये सुझाव लिये जाते हैं। इन्हीं पंचायतों के माध्यम से महिला कल्याण की लाड़ली लक्ष्मी योजना, बुजुर्गों के लिये मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना, किसानों के लिये शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, छात्रों के लिये मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना जैसी अनेक योजनाएँ बनाई गई हैं। प्रदेश में अब तक 40 पंचायतें आयोजित की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी है। देश में हुए स्वच्छता सर्वे में चयनित 100 में 22 शहर मध्यप्रदेश के हैं। ग्रामोदय से भारत उदय अभियान मध्यप्रदेश में डेढ़ माह चलाया गया। जिसमें ग्राम संसद, किसान संसद और महिला संसद आयोजित की गई। इसमें ग्रामों के दो साल के विकास की रूपरेखा बनाई गई। सबके लिये आवास की प्रधानमंत्री आवास योजना में मध्यप्रदेश में दो साल में साढ़े सात लाख आवास बनाये जा रहे हैं। किसान संसद में किसानों की आय को दोगुना करने के लिये हर गाँव का रोड मैप बनाया गया है जिस पर तेजी से अमल किया जायेगा। महिला संसद के माध्यम से गाँव की हर महिला का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार उनके इलाज की व्यवस्था की गई। पूरे अभियान के दौरान 25 लाख 70 हजार आवेदन प्राप्त हुए जिनमें 3 लाख 33 हजार सामुदायिक समस्या से जुड़े हैं। इन आवेदनों का निराकरण कर ग्रामों को समस्याओं से शून्य बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में पर्यावरण संरक्षण के लिये नर्मदा सेवा यात्रा आयोजित की गई। पंचायतों के सहयोग से पर्यावरण और नदी संरक्षण के लिये जागरूकता पैदा की गई। अब आगामी दो जुलाई को नर्मदा के कैचमेंट में एक दिन में 6 करोड़ पेड़ लगाये जायेंगे। पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण की पहल करें राज्य केन्द्रीय पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में पंचायतें और गाँव आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास की जिम्मेदारियाँ बढने के कारण पंचायतों की क्षमता का विकास करना जरूरी हो गया है। श्री तोमर ने कहा कि राज्यों और केन्द्र सरकार पर पंचायतों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देने की बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिये राज्यों के ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थानों को राज्य में ही स्थापित अच्छे संस्थानों के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण देने की पहल करना चाहिये। श्री तोमर ने राज्यों द्वारा ग्राम पंचायत विकास कार्यक्रम के आकल्पन और क्रियान्वयन में सहयोग देने और उसे आगे बढ़ाने के लिये आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों के प्रतिनिधियों की क्षमता को कमतर आँकना उचित नहीं है। विकास के प्रति उनकी सोच हमेशा सराहनीय होती है। उन्होंने कहा कि पंचायत राज प्रतिनिधियों को चुने जाने के प्रारंभिक वर्ष में ही प्रशिक्षण मिलना चाहिये, जिससे वे प्रशिक्षण और कौशल का उपयोग विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में कर सकें। सम्मेलन में यूनिसेफ द्वारा पंचायती राज मंत्रालय के सहयोग से प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण के लिये प्रकाशित पुस्तिका और सतत विकास एवं सहस्त्राब्दि लक्ष्य की प्रशिक्षण हैंडबुक का विमोचन किया गया। विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वाली 15 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन में केन्द्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री श्री पुरषोत्तम रूपाला, प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग एवं विभिन्न राज्य के पंचायत मंत्री उपस्थित थे। राज्यों के पंचायत राज मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों के अनुभव सुनाये और उत्कृष्ट कार्यों की चर्चा की।  

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 MadhyaBharat  28 June 2017

शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में  जी.एस.टी. पर एबीपी न्यूज़ द्वारा आयोजित चर्चा में कहा कि जी.एस.टी. राज्य और देश के आर्थिक विकास के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। जी.एस.टी. से देश का फायदा होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नई सोच और पहल एवं वित्त मंत्री  अरुण जेटली के अथक प्रयास के कारण ही जीएसटी लागू होने से एक देश और एक कर व्यवस्था पूरे देश में आगामी एक जुलाई से लागू होगी। श्री चौहान ने कहा कि 30 जून को रात्रि 12 बजे पार्लियामेंट हाउस के प्रांगण में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नई कर व्यवस्था का शुभारम्भ करेंगे। यह एक ऐतिहासिक पल होगा जिसजी.एस.टी. राज्य और देश के आर्थिक विकास के लिए लाभदायक सिद्ध होगा से जनता को 16 करों और उपकरों से आजादी मिलेगी, 1150 चुंगियों से निजात मिलेगी, टैक्स पर टैक्स लगने से आजादी मिलेगी, टैक्स ऑफिस के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी और पूरे देश में अलग-अलग कीमतों से छुटकारा मिलेगा तथा कर की जटिलताओं से आजादी मिलेगी। श्री चौहान ने बताया कि जी.एस.टी. लागू होने से कारोबार करना और आसान हो जायेगा। नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि किसान सबसे बड़ा उपभोक्ता है वह भी इस नई कर प्रणाली से लाभ उठायेगा। आम आदमी के उपयोग की वस्तुओं के दाम घटेंगे और महँगाई कम होगी। वहीं दूसरी तरफ विलासिता वाली चीजों के दाम बढ़ेंगे। आम आदमी को राहत मिलेगी। नाके और चेक-पोस्ट खत्म होंगे। छोटे व्यापारियों को लाभ होगा। इंस्पेक्टर राज की समाप्ति होगी। उन्होंने बताया कि नयी कर प्रणाली से जुड़ी राज्यों की सभी आशंकाओं का निराकरण किया जा चुका है। इसके बाद भी जी.एस.टी. काउंसिल में राज्यों के वित्त मंत्रियों के माध्यम से शेष आशंकाओं को दूर किया जा सकेगा। श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश में वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा प्रत्येक स्तर पर जी.एस.टी. हेल्प डेस्क बनाई गई है। इस तरह की हेल्प डेस्क की संख्या 101 है। विभाग के अधिकारियों को जी.एस.टी. का प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा पूरे प्रदेश में लगभग 300 से अधिक कार्यशालाएँ आयोजित की गई हैं जिसमें नई कर प्रणाली जी.एस.टी. की बारीकियों को समझाया गया है। जी.एस.टी. के आने से राज्यों की आय में वृद्धि होगी और राज्य का विकास होगा।  

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 MadhyaBharat  28 June 2017

ओवरटेक shivraj

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफिले को ओवरटेक कर उसे रोकने की कोशिश में पुलिस ने एक युवक को पकड़ लिया। जानकारी के मुताबिक खानूगांव के पास सीएम जब एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे, इसी दौरान कार एमपी 04 सीपी 4717 में सवार युवक अमृताश तिवारी ने काफिले को ओवरटेक करने के बाद रास्ते में कार रोक दी। इस घटना से सुरक्षा में मौजूद पुलिस सकते में आ गई उन्होंने युवक को कार से निकलने को कहा। इस पर युवक सेंट्रल लाक लगाकर खुद को कार में ही कैद कर लिया। बार-बार प्रयास करने के बाद भी जब वो बाहर नहीं निकला तो क्रेन बुलाकर युवक सहित कार को कोहेफिला थाने ले जाया गया। कुछ देर बाद अमृताश के परिजन भी थाने पहुंचे गए। यहां उससे बाहर निकालकर पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि युवक नशे में तेज रफ्तार में कार चला रहा था और काफिले को ओवरटेक करने के बाद वो घबरा गया था, इसलिए उसने कार रोक दी। पुलिस ने इस बात को भी नकार दिया कि युवक ने सीएम के काफिले में सेंध लगाने की कोशिश की। वह भोपाल की प्रोफेसर कॉलोनी का रहने वाला है।

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 MadhyaBharat  27 June 2017

shivraj eid

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने मुस्लिम समाज को ईद की हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी हैं। श्री चौहान आमिल साहब शेख इसुबभाई भरुची के यहाँ पहुँचे। श्री चौहान ने आमिल साहब को ईद की मुबारकबाद दी। उन्हें पुष्प-गुच्छ भेंट कर ईद की शुभकामनाओं का पारस्परिक आदान-प्रदान किया।  

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 MadhyaBharat  26 June 2017

भोपाल  स्मार्ट सिटी

स्मार्ट सिटी प्लान द्वितीय वर्षगाँठ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि दुनिया में स्मार्ट सिटी का मापदंड भोपाल स्थापित करेगा। शहर में इसकी पूरी क्षमता और दक्षता मौजूद है। उन्होंने कहा कि नागरिकों ने क्लीन सिटी भोपाल बनाने का जो संकल्प लिया था, सफलतापूर्वक पूरा कर दिखाया है। आज भोपाल देश का दूसरा सबसे स्वच्छ नगर है। श्री चौहान आज स्मार्ट सिटी प्लान की दूसरी वर्षगाँठ पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मानवीय संवेदनाओं के साथ स्मार्ट सिटी की व्यवस्थाएँ हों। स्मार्ट व्यवस्थाओं से गरीब का जीवन और पर्यावरण बेहतर हो। झोपड़ी में रहने वाले आवास में रहें। ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि स्मार्ट सिटी के सभी प्रतीक चिन्ह हिन्दी में भी हों। स्थानीय प्रजातियों के पेड़ लगाये जायें ताकि पर्यावरण में ऑक्सीजन की उपलब्धता बेहतर हो। भावी-पीढ़ी को स्वच्छ पर्यावरण मिले। इसके सभी आवश्यक प्रयास किये जायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने साइकिल ट्रेक बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि साइकिलिंग से जहाँ एक ओर सेहत बनती है, वहीं पर्यावरण प्रदूषण में भी भारी कमी आती है। उन्होंने गाड़ियों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने की जरूरत बतायी। एक से अधिक गाड़ी रखने वालों पर वित्तीय भार बढ़ाने के विचार पर चिंतन का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भोपाल को क्लीन, ग्रीन, हेल्दी हाईटेक और ग्लोबल सिटी बनाने का जो संकल्प लिया गया था, उस दिशा में भोपाल नगर निगम तेजी से कार्य करके दिखा रहा है। स्मार्ट व्यवस्थाओं में गरीबों की बेहतरी के कार्यों के लिये नगर निगम के प्रयासों का अभिनंदन करते हुए निगम की टीम को बधाईयाँ दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में प्रगति और विकास कर रहा है। नगरीय विकास में प्रदेश देश में अव्वल है। देश की सौ स्मार्ट सिटी में 22 शहर राज्य के हैं। मध्यप्रदेश का कृषि उत्पादन देश में सर्वाधिक है। प्याज का उत्पादन 32 लाख मेट्रिक टन हुआ है। उन्होंने स्मार्ट सिटी प्लान के प्रारूप को अदभुत बताते हुए कार्य की तेज गति को बनाये रखने की जरूरत बतायी। प्रारंभ में स्मार्ट सिटी भोपाल के जी.आई.एस. पोर्टल, स्मार्ट पोल और स्मार्ट साइकिलिंग सुविधाओं का उन्होंने लोकार्पण किया। श्री चौहान ने कहा कि शीघ्र ही वे भी साइकिलिंग सुविधाओं का उपयोग करेंगे। नगर निगम आयुक्त श्रीमती छवि भारद्वाज ने बताया कि भोपाल स्मार्ट सिटी में तात्या टोपे नगर पुनर्विकास प्लान की दूसरी वर्षगाँठ मनाई जा रही है। उन्होंने स्मार्ट सिटी भोपाल के कुल 342 एकड़ क्षेत्रफल कार्यरूप के आकल्पन की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में लघु चल-चित्र का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, महापौर श्री आलोक शर्मा, सांसद श्री आलोक संजर, विधायक श्री सुरेंद्र नाथ सिंह, विधायक श्री विष्णु खत्री, निगम के अध्यक्ष  डॉक्टर सुरजीत सिंह चौहान, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष डॉक्टर हितेश वाजपेई, भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओम यादव, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष श्री विजेश लुणावत, भोपाल स्मार्ट सिटी डेव्लपमेंट कार्पोरेशन के चेयरमेन कलेक्टर श्री सुदामा खाड़े, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, नगर निगम के पदाधिकारी, अधिकारी उपस्थित थे।   

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 MadhyaBharat  26 June 2017

राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली

  विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल की 51वीं बैठक सम्पन्न   राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली ने आज कहा कि विश्वविद्यालय ग्रामीणों के जीवन स्तर को सुधारने, उनके उन्नयन और स्वरोजगार की ओर विशेष ध्यान दें। साथ ही कौशल विकास जैसी रोजगारपरक शैक्षणिक शैली के माध्यम से विद्यार्थियों के स्वावलम्बन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें। राज्यपाल ने आज राजभवन में महात्मा गांधी ग्रामोदय चित्रकूट विश्वविद्यालय, के प्रबंध मण्डल की 51 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश दिये। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. एम मोहनराव, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अशीष उपाध्याय, कुलपति प्रो.एन.सी गौतम, प्रबंध मंडल के सदस्य तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। राज्यपाल श्री कोहली ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य आदिवासी बाहुल्य चित्रकूट परिक्षेत्र के समग्र विकास के लिए तथा मानवीय चेतना को विकसित कर उन्हें राष्ट्र के‍विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट क्षेत्र उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश की सीमा से सटे होने के कारण इस विश्‍वविद्यालय का महत्व और दायित्व बहुत बढ जाता है। छात्र-छात्राओं को शिक्षा देने के साथ इस क्षेत्र की सभ्यता और संस्कृति को पूरे देश एवं विदेश में पहुँचाना हमारा कर्तव्य है। राज्यपाल श्री कोहली ने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में स्वच्छ वातावरण निर्मित करने का प्रयास करना चाहिए। बैठक में चित्रकूट विश्वविद्यालय के प्रबंध मंण्डल की 52 वीं बैठक चित्रकूट सतना में ही आयोजित करने का निर्णय लिया गया ।  

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 MadhyaBharat  25 June 2017

मुख्यमंत्री  चौहान

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री निवास पर राज्य प्रशासनिक सेवा से हाल ही में भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत हुये अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री चौहान से मिलने वालों में श्री मनीष सिंह, श्री उमेश सिंह, श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव, श्री आर.पी.एस. जादौन, श्री दिनेश श्रीवास्तव, श्री एस.बी.सिंह, श्री दीपक सक्सेना, श्री राकेश श्रीवास्तव, श्री जगदीश जटिया और श्री चन्द्रशेखर वालिम्बे शामिल थे।  

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 MadhyaBharat  25 June 2017

 रामनाथ कोविंद

एमपी के जनसंपर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र आज नई दिल्ली में देश के अगले राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए द्वारा मनोनीत उम्मीदवार श्री रामनाथ कोविंद से भेंट कर उन्हें हार्दिक बधाई दी। मंत्री डॉ. मिश्र ने श्री कोविंद को दतिया की माँ पीताम्बरा पीठ में आने का न्यौता भी दिया। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व ही श्री कोविंद दतिया पधारे थे और उन्होंने माँ पीताम्बरा पीठ में दर्शन किए थे।  

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 MadhyaBharat  22 June 2017

it park bhopal

  विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री  गुप्ता ने की समीक्षा   भोपाल आईटी पार्कस में निवेशकर्ताओं द्वारा निर्धारित अवधि में आवंटित भूमि पर संरचना निर्माण अथवा उत्पादन प्रारंभ नहीं करने पर उनके आवंटन रद्द करें। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री  उमाशंकर गुप्ता ने यह निर्देश समीक्षा के दौरान दिये। श्री गुप्ता ने कहा कि जिन निवेशकर्ताओं ने भू-विकास की राशि निर्धारित समय-सीमा जमा नहीं की है, उनके भी आवंटन रद्द किये जाये। श्री गुप्ता ने कहा कि सभी प्रकरण की वर्गीकृत सूची की हर महीने समीक्षा भी करें।

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 MadhyaBharat  22 June 2017

yoga shivraj

मुख्यमंत्री निवास में स्कूली बच्चों ने किया योगाभ्यास   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों का आव्हान किया है कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करें। उन्होंने कहा कि अच्छी पढ़ाई के लिये योग बहुत जरूरी है। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में स्कूली बच्चों को संबोधित कर रहे थे। बैरागढ़ क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री निवास में योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि व्यक्ति अनंत शक्तियों का भंडार है। अधिकांश लोग उसके छोटे से हिस्से का ही उपयोग कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि योग, प्राणायाम और ध्यान आदि यौगिक क्रियाएं व्यक्ति की आंतरिक शक्ति को पहचानने और प्रगटीकरण का कार्य करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करें, उनकी उच्च शिक्षा में कोई बाधा नहीं आयेगी। राज्य सरकार ने इन बाधाओं को दूर करने के लिए प्रभावी योजना लागू की है। इस योजना में बिना जाति, धर्म आदि के भेदभाव के गरीब, निम्न, मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा में मदद की जायेगी। उन्होंने कहा कि मेधावी छात्र योजना में ऐसे परिवार जिनकी आय 6 लाख रूपये वार्षिक से कम है, उनका प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश होने पर फीस का भुगतान राज्य सरकार करेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन को सफल और सार्थक बनाने के लिये नशा कभी नहीं करें, योग रोज करें और खूब पढ़ाई करें। बच्चों के योगाभ्यास कार्यक्रम में संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा श्री डी.एस.कुशवाह ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में राष्ट्रगान का गायन हुआ। बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों और शिक्षकों ने योगाभ्यास किया।  

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 MadhyaBharat  21 June 2017

shiv yoga

मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में शामिल हुए  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नागरिकों का आव्हान किया है कि योग रोज करें। योग तन को स्वस्थ, मन को प्रसन्न और बुद्धि को प्रखर करता है। श्री चौहान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन आज स्थानीय लाल परेड ग्राउन्ड में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ महापौर श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं नागरिकगण ने योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वर्तमान जीवन की आपा-धापी में जीवन तनावमय हो गया है। जीवन को तनाव मुक्त करने का प्रभावी माध्यम योग है। सफल, सार्थक मानव जीवन जीने के लिये योग को जीवन का हिस्सा बनायें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुये कहा कि व्यक्ति अनंत शक्तियों का भंडार है। वह ईश्वर का अंश है। मनुष्य अपनी क्षमताओं का बहुत कम ही उपयोग कर पाता है। व्यक्ति की इस अपार आंतरिक शक्ति को प्रखर बनाने का कार्य योग करता है। श्री चौहान ने कहा कि भारतीय ऋषि मुनियों ने हजारों वर्ष पूर्व योग विधा का आविष्कार किया था। विश्व के जन-जन के मन में योग को प्रस्फुटित करने के लिये उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को कोटिश: धन्यवाद दिया और नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएँ प्रेषित की। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुये कहा कि जीवन आनंद, उत्सव और प्रसन्नता के साथ जियें। देश और समाज के विकास में सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिये योग को जीवन का हिस्सा बनाएँ। नशा नहीं करने के लिए कृत-संकल्पित हों। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मेधावी छात्र योजना की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, शशकासन, उत्तानमंडूकासन, वक्रासन, मुकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्धहलासन, पवन मुक्तासन, शवासन, कपालभाति, प्रणायाम, नाड़ी शोधन, अनुलोम विलोम और शीतली और भ्रामरी प्राणायाम योग आसन किये। कार्यक्रम के प्रारंभ में मध्यप्रदेश गान का गायन हुआ और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के संदेश का प्रसारण हुआ।  

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 MadhyaBharat  21 June 2017

2 रुपए किलो  प्याज

सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में बिजली सबसिडी को मंजूरी मिल गई, जो 9541 करोड़ रुपए की रहेगी। इसी के साथ अब सरकार 18 साल तक के बाल ह्रदय रोगी बच्चे का मुफ्त इलाज कराएगी। बाल श्रवण योजना में भी आयु सीमा 6 साल से बढ़ाकर 8 साल कर दी गई है। कृषि कैबिनेट की बैठक में किसानों से खरीदा गया प्याज राशन की दुकानों पर 2 रुपए किलों में बेचने का निर्णय लिया गया है। बैठक में किसानों को खरीफ का कर्ज चुकाने के लिए मार्च तक का समय देने को मंजूरी दी गई। हाईकोर्ट के कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारी कर्मचारी को एक अग्रिम वेतन दिया जाएगा। प्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किसान आत्महत्यों के सवाल पर कहा कि सबके कारण अलग-अलग हैं, इन्हें कर्ज से जोड़ना गलत है। अचानक हुई कृषि कैबिनेट में छाया रहा प्याज कृषि कैबिनेट में खरीदी केंद्रों में किसानों को आ रही समस्याओं पर मंथन हुआ। इसमें किसानों की प्याज हर हाल में खरीदने के निर्देश दिए गए। बाहरी प्रदेशों से एमपी में आ रही प्याज को रोकने के लिए इंतजाम किया जाएगा। वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कहा कि सरकार पर कितना भी आर्थिक बोझ आए, वो वहन करेगी। उन्होंने कहा कि प्याज की भारी भरकम पैदावार का उन्हें अंदाजा नहीं था। मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि राशन की दुकानों से भी प्याज खरीदा जा सकेगा। जहां वो 2 रुपए प्रति किलों की दर से मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कितने खेत में प्याज लगाई और कितना उत्पादन हुआ, इसका भी हिसाब रखा जाएगा। जो किसान फर्जी तरीके से प्याज बेचेगा उस पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।  

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 MadhyaBharat  20 June 2017

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भोपाल में  मुख्यमंत्री निवास पर निवेशकों ने निवेश प्रस्तावों पर चर्चा की। इस दौरान कार्वी इलेक्ट्रानिक्स, बैंगलुरू और रूसान फार्मा, मुम्बई के प्रतिनिधियों ने निवेश प्रस्ताव दिये। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी पी सिंह, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव वाणिज्य एवं उद्योग श्री मोहम्मद सुलेमान और ट्रायफेक के अपर प्रबंध संचालक श्री वी.किरण गोपाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री  चौहान ने निवेशकों के प्रस्तावों का स्वागत किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निवेश प्रस्तावों को धरातल पर लाने में सक्रिय सहयोग करें। निवेशकों ने प्रदेश के निवेश संवर्धन वातावरण और नीतियों की सराहना की। रूसान फार्मा, मुम्बई द्वारा विशेष आर्थिक जोन पीथमपुर में फार्माक्यूटिकल संयंत्र की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया। परियोजना में 600 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश की जानकारी दी। इसी तरह कार्वी इलेक्ट्रानिक्स ने भी अपने प्रस्ताव की जानकारी दी।  

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 MadhyaBharat  20 June 2017

राजेन्द्र शुक्ल

  वाणिज्य-उद्योग, रोजगार तथा खनिज साधन मंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने राजधानी भोपाल में शौर्य स्मारक के निर्माण को देश की रक्षा में शहीद हुए और सीमा की रक्षा में तैनात सैनिकों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान का प्रतीक बताया है। श्री शुक्ल ने आज शौर्य स्मारक का अवलोकन करने के बाद आगंतुक पुस्तिका में यह विचार व्यक्त किए। उद्योग मंत्री ने शहीदों को श्रद्धा-सुमन भी अर्पित किये।  

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 MadhyaBharat  19 June 2017

yoga shivraj singh

सचिव स्कूल शिक्षा ने की समीक्षा  तृतीय अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम 21 जून को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में लाल परेड ग्राउण्‍ड भोपाल में होगा। सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। श्रीमती मुखर्जी ने कहा कि ग्राउण्ड में पार्किंग और अस्थायी टायलेट की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि बच्चे यूनीफार्म में आयें। श्रीमती मुखर्जी ने मैदान में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये। कार्यक्रम सुबह 6.30 बजे प्रारंभ होगा। पूरे प्रदेश में रेडियो के माध्यम से इसका प्रसारण होगा। बैठक में आयुक्त लोक शिक्षण श्री नीरज दुबे, कलेक्टर श्री निशांत वरवड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  18 June 2017

  नर्मदा वृक्षारोपण-2 जुलाई

गिनीज विश्व रिकार्ड तैयारियों का प्रशिक्षण 20 जून को मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान के संकल्प के अनुसार 2 जुलाई को नर्मदा बेसिन के 24 जिलों में 6 करोड़ पौधे रोपे जायेंगे। इनमें से 3 करोड़ पौधे वन विभाग और शेष 3 करोड़ पौधे ग्रामीण विकास, कृषि, उद्यानिकी, जन अभियान परिषद, नगरीय प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग आदि द्वारा रोपित किये जायेंगे। संबंधित जिलों में रोपण के लिये गढ्ढा खुदाई का कार्य प्रगति पर है। नर्मदा बेसिन के 24 जिले- अनूपपुर, डिण्डौरी, मंडला, जबलपुर, कटनी, इंदौर, धार, अलीराजपुर, देवास, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, सिवनी, नरसिंहपुर, दमोह, सागर, हरदा, होशंगाबाद, रायसेन, बैतूल, छिन्दवाड़ा, सीहोर और बालाघाट जिले में 2 जुलाई को फलदार एवं छायादार वृक्षों के पौधे लगाये जायेंगे। सघन वृक्षारोपण से नर्मदा को सतत जल आपूर्ति होने के साथ ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी। गिनीज विश्व रिकार्ड बनाने संबंधी तैयारियों के लिये 20 जून को आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण में प्रत्येक जिले से 2-2 रिसोर्स पर्सन्स को प्रशिक्षित किया जायेगा। प्रशिक्षित रिसोर्स पर्सन्स अपने-अपने जिले में गिनीज विश्व रिकार्ड बनाने की प्रक्रिया में नियुक्त होने वाले विटनेस एवं स्टूवर्ड को प्रशिक्षित करेंगें। गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के लिए विटनेस एवं स्टूवर्ड द्वारा विश्व रिकार्ड मापदण्डों के अनुसार प्रस्तुत किया गया अभिलेख अति-आवश्यक है। गिनीज विश्व रिकार्ड के मद्देनजर प्रत्येक रोपण स्थल में पौधों के सत्यापन के लिये 2-2 शासकीय अधिकारी-कर्मचारी की तैनाती के साथ रोपित पौधों की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की भी व्यवस्था की जा रही है। प्रत्येक रोपण स्थल की जीपीएस (लेटीट्यूड एवं लॉगीट्यूड) भी ली जा रही है। इससे रोपण स्थलों को पहचाना जा सकेगा। पौध-रोपण में अधिक से अधिक जन-भागीदारी के लिये शासन द्वारा ऑनलाइन पंजीयन व्यवस्था की गई है। www.namamidevinarmade.gov.inवेबसाइट पर अब तक लगभग डेढ़ लाख लोग 2 जुलाई 2017 को पौध-रोपण के लिये पंजीयन करा चुके हैं। वानिकी प्रजाति के आवश्यक पौधों की व्यवस्था वन विभाग एवं निजी रोपणियों द्वारा की गई हैं। फलदार प्रजाति के पौधों की व्यवस्था उद्यानिकी विभाग, शासकीय निजी रोपणियों और अन्य राज्यों से की जा रही है। विभिन्न विभाग अपने-अपने रोपण लक्ष्यों के अनुसार गढ्ढा खुदाई कर रहे हैं। कई जिलों में गढ्ढा खुदाई का काम पूरा होने को है।

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 MadhyaBharat  16 June 2017

digvijay singh

भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि बीजेपी के लोग घर-घर में यह प्रचार कर रहे हैं कि देखो यह चार बीवियां रखते हैं। दसियों बच्चे पैदा करते हैं। झूठे आंकड़े देते हैं कि 2050 में मुसलमान बहुसंख्यक हो जाएंगे। यह सरासर गलत और झूठ है। मैं इसको प्रमाणित कर चुका हूं और चुनौती देता हूं। किसी भी मंच पर संघ (आरएसएस) का कोई भी व्यक्ति आए, मैं प्रमाणित कर दूंगा मुसलमान कभी बहुसंख्यक नहीं हो सकते, उनकी जनसंख्या कभी भी 18 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती। दिग्विजय सिंह टीटी नगर दशहरा मैदान पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के बैनर तले सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में चल रहे सत्याग्रह में  प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं और किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरएसएस पर हमला करते हुए उसे देश के लिए खतरा बताया और कहा कि आज इनके गौरक्षक केवल वसूली का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कत्लखानों से बीजेपी को करोड़ों रुपए चंदा मिला, जबकि कांग्रेस को एक रुपया नहीं दिया। दिग्विजय ने किसानों के लिए उपवास करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व सत्याग्रह करने वाले सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की तुलना की। उन्होंने कहा कि एक भूतपूर्व महाराजा बिना कूलर, एयरकंडीशंड-पंखे के किसान के सामान खटिया पर सो रहा है और एक तथाकथित किसान का बेटा कूलर-एयरकंडीशंड, फाइव स्टार पंडाल में उपवास करता है। सिंह ने सिंधिया से मंच के माध्यम से कहा कि वे चाहते थे कि तीनों दिन रहूं, लेकिन व्यस्तता के कारण नहीं रह पाऊंगा। मैं दिल, आत्मा से आपके साथ हूं। दिग्विजय सिंह ने अपनी सरकार के खिलाफ नाराजगी को लेकर पीड़ा व्यक्त कि हमने मुफ्त बिजली दी, खाद-बीज सोसायटियों से दिलाया मगर न जाने क्या नाराजगी रही?

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 MadhyaBharat  16 June 2017

विधानसभा का मानसून सत्र 17 जुलाई से

  विधानसभा का मानसून सत्र 17 जुलाई से शुरू होगा। 12 दिन तक चलने वाले इस सत्र में 10 बैठकें होंगी। इस दौरान सरकार चालू वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक अनुमान (बजट) लाने के साथ आधा दर्जन से ज्यादा संशोधन विधेयक लाएगी। विधानसभा ने बुधवार को सत्र बुलाए जाने की अधिसूचना जारी कर दी है। सूत्रों के मुताबिक मानसून सत्र पहले 17 से 21 जून तक बुलाए जाने का प्रस्ताव था, लेकिन शासकीय कार्य अधिक होने से इसे 28 जुलाई तक रखने का फैसला किया गया।विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने बताया कि सत्र के दौरान अशासकीय विधेयकों की सूचना 28 जून तक ली जाएगी। स्थगन और ध्यानाकर्षण 11 जुलाई तक स्वीकार किए जाएंगे। सत्र की अधिसूचना जारी होने के साथ ही प्रश्न लगाने का सिलसिला गुरुवार से शुरू हो जाएगा। किसानों की मौत के मामले से गरमाएगा सदन सूत्रों का कहना है कि सत्र के दौरान विपक्ष मंदसौर में पुलिस की गोली से हुई किसानों की मौत और आत्महत्या के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाएगी। अवैध रेत उत्खनन और कानून व्यवस्था भी सरकार को घेरने के लिए प्रमुख मुद्दे रहेंगे।

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 MadhyaBharat  15 June 2017

sindhiya satyagrah

मध्यप्रदेश में किसानों के आंदोलन के बाद कांग्रेस को मिले माइलेज को हाईकमान किसी भी कीमत पर कम नहीं करना चाहती है। इसके चलते ही पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लम्बे अरसे बाद एक साथ 6 दिन का दौरा करवाया जा रहा है। वहीं उनके सत्याग्रह में कांग्रेस के दिग्गज नेता भी शामिल होंगे। वहीं सिंधिया समर्थक अभी से सत्याग्रह में भारी भीड़ जुटाने में जुट गए हैं। दरअसल समर्थकों को यह लग रहा है कि सत्याग्रह के बहाने सिंधिया को प्रभावी तरह से प्रदेश में लांच किए जाने की यह तैयारी है। सिंधिया समर्थकों ने 72 घंटे में भोपाल में 25 हजार लोगों को जुटाने का टारगेट तय किया है। सिंधिया के खास समर्थक वरिष्ठ विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा और तुलसी सिलावट मालवा क्षेत्र से उनके समर्थकों को भोपाल लाएंगे इसमें किसान भी शामिल होंगे। वहीं ग्वालियर, चम्बल संभाग से भी खासे समर्थक आएंगे। पूर्व विधायक गोविंद राजपूत बुंदेलखंड से सिंधिया समर्थकों को लेकर आएंगे। इसके अलावा पूरे प्रदेश भर से सिंधिया समर्थक 14 से 17 जून के बीच भोपाल में नजर आएंगे। सिंधिया ने भी सोशल मीडिया पर अपील की है कि किसानों को न्याय दिलाने के संघर्ष में सभी साथ आए। फेसबुक की उनकी पोस्ट को एक दिन में ही करीब 500 लोगों ने शेयर किया है। पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर आयोजित हो रहे इस सत्याग्रह में कांग्रेस के दिग्गज नेता भी दिखाई देंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ 16 जून को इसमें शामिल हो सकते हैं। कमलनाथ के समर्थक भी इस दिन भोपाल में भारी संख्या में आएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी भी इसमें शामिल होंगे। सिंधिया के सत्याग्रह को विफल करने में भाजपा जुट गई है। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने आज इंदौर में कहा कि कांग्रेस को किसान आंदोलन पर बोलने का हक नहीं है। कांग्रेस के शासन में दो घंटे बिजली मिलती थी तब कहां थे सिंधिया, उन्होंने केन्द्रीय मंत्री रहते प्रदेश के लिए क्या किया यह भी जनता को बताएं। प्रदेश सरकार से किसानों को कोई नाराजगी नहीं है। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा है कि सिंधिया को अगर किसानों की इतनी ही चिंता है तो वे शिवपुरी के उन किसानों जमीन वापस कर दें जिसे उन्होंने अपने ट्रस्ट की जमीन बताकर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता किस बात के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं यह उन्हें जनता को बताना चाहिए। सिंधिया का सत्याग्रह 14 जून को तीन बजे दशहरा मैदान पर शुरू हो रहा है।  

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 MadhyaBharat  13 June 2017

मुख्यमंत्री चौहान

मुख्यमंत्री चौहान ने समाज-सेवियों का किया सम्मान  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संत हिरदाराम सेवा का अवतार थे। वे दुनिया में सेवा के लिये आये थे। उनका पूरा जीवन सेवा साधक का था। श्री चौहान आज संत हिरदाराम ऑडिटोरियम में समाजसेवी और वरिष्ठजन सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम संस्कार प्रबुद्ध नागरिक मंच द्वारा किया गया था। श्री चौहान ने कहा कि कार्यक्रम का नियमित आयोजन किया जाना चाहिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश, समाज और दूसरों के लिये जीना ही सही अर्थों में जीवन जीना है। ऐसे व्यक्तियों का सम्मान होना चाहिये, जिनका जीवन समाज की सेवा में समर्पित है। उन्होंने कहा कि भारत का वैभवशाली इतिहास है। जब दुनिया के देशों में सभ्यता और संस्कृति के चिन्ह भी नहीं थे, तब भारत में ऋचाओं की रचना हुई, विश्वविद्यालय संचालित थे। उन्होंने कहा कि सिंधु के किनारे जो सभ्यता विकसित हुई, उसी ने ऐसे महान भारत का निर्माण किया है, जो विश्व के कल्याण की कामना और उसे परिवार मानने की चेतना का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि बुराई और अच्छाई का संघर्ष शाश्वत है। अच्छी सोच और अच्छे कार्य करने वाले निरंतर प्रयास करते रहे हैं और कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ प्रवृत्तियों ने शांत मध्यप्रदेश को हिंसा की आग में झोंकने का असफल प्रयास किया। ऐसे तत्वों का कठोरता से दमन किया जायेगा। साथ ही इंसानियत और मानवता को जगाने के प्रयास भी जारी रहेंगे। उनका उपवास ऐसा ही प्रयास था। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की कार्य-योजना तैयार है। इस कार्य-योजना में सभी की आवश्यकताएँ और विचार शामिल हो जाये, इसके लिये आगामी 15 से 25 जून के मध्य संभागायुक्त और कलेक्टर के समक्ष सुझाव दिये जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पट्टे देने का फार्मूला भी पूरे प्रदेश के लिये तैयार है। उस पर भी समाज विचार-विमर्श कर ले। उन्होंने रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण केन्द्र सरकार के सहयोग से करवाने की जरूरत बताई। श्री सिद्ध भाऊ जी ने सरकार द्वारा जन-कल्याण के लिये प्रखर सृजनात्मकता के साथ किये गये कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बालिकाओं से संबंधित प्रदेश की अनेक नवाचारी योजना का अन्य राज्यों ने भी अनुकरण किया है। उन्होंने कहा कि दया, धर्म का मूल है। जिसमें दया नहीं, वह कभी भी सुखी नहीं रह सकता। उन्होंने गाय के महत्व को बताते हुए, पंचगव्य चिकित्सा की सार्थकता बताई। उन्होंने सम्मान समारोह की सराहना की और कहा कि इस से भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। सांसद श्री आलोक संजर ने कहा कि प्रदेश में समस्याओं के समाधान के लिये जो प्रयास हुए हैं, वे अभूतपूर्व हैं। सरकार के प्रयासों की सर्वत्र सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि हिंसा की आग को उपवास के ठंडे जल से शांत करने के सफल प्रयास ने अन्य राज्यों के जन-प्रतिनिधियों को भी प्रभावित किया है। उनका दिग्दर्शन किया है। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि बैरागढ़ रेलवे स्टेशन को संत हिरदाराम के नाम पर किये जाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगरवासी उच्च विचारों को जीवित रखने के लिये समर्पित हैं। समारोह के प्रारंभ में अतिथियों ने भारत माता और संत हिरदाराम के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्जवलन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने समाज की पत्रिका का विमोचन किया और समाजसेवियों-वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया। प्रारंभ में बालिकाओं द्वारा स्वागत गीत और अंत में वंदे-मातरम का गायन हुआ। अतिथियों को स्मृति-चिन्ह भी दिये गये।    

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 MadhyaBharat  13 June 2017

kisan andolan

  भाजपा का माननाा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए बहुत सी योजनाओं चला रखीं है पर इन योजनाओं को लेकर भ्रांतियां है और सरकारी अफसर इन्हें दूर नहीं कर पा रहे हैं। संगठन अब खुद किसानों के बीच जाकर उनसे सीधी बात करेगा और योजनाओं से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करेगा। इस दौरान किसानों से मिले सुझावों को सीएम को सौंपा जाएगा। सीएम के उपवास आंदोलन समाप्त होने के बाद कल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान और प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत से संगठन नेताओं से चर्चा की। चर्चा में तय किया गया कि भाजपा अब मंडलस्तर तक किसानों की चौपाल आयोजित करेगी। इसमें किसानों से सरकारी योजनाओं के लाभ, बैंक से मिलने वाले ब्याज, खाद,बीज और बिजली की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर उनसे सीधी बात की जाएगी। किसानों की दिक्कतें सांसद और विधायकों के माध्यम से संबंधित विभाग के अफसरों तक पहुंचाई जाएंगी। इसके अलावा किसान जो नए सुझाव देंगे, उनकी सूची तैयार कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को सौंपी जाएगी।    

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 MadhyaBharat  13 June 2017

shivraj kisan

संभागायुक्तों, कलेक्टरों से की चर्चा, व्यवस्था पर सतत् निगरानी रखने को कहा  व्यापक किसान आंदोलन और छ किसानों की मौत के बाद मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में प्याज की बम्पर आवक को देखते हुए सभी कलेक्टरों को अपने जिलों की आवश्यकता अनुसार खरीदी केंद्र बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री आज मंत्रालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से संभागायुक्तों और कलेक्टरों से प्याज  एवं अन्य कृषि उपज की खरीदी के बारे में चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के विरूद्ध सख्ती से पेश आये। श्री चौहान ने कलेक्टरों से कहा कि प्याज की खरीदी और   वितरण तत्काल करें। उन्हें जरूरत पड़ने पर जिले की आवश्यकता  और सुविधानुसार  खरीदी केंद्र स्थापित करने के अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्याज के ट्रकों को खाली करवाये और उन्हें वापस भरकर दोबारा भेजें ताकि परिवहन की निरंतरता बनी रहे।   राशन  दुकानों के माध्यम से प्याज दो रूपये प्रति किलो की दर से गरीबो को बेची जायेगी। बताया गया कि प्याज खरीदी तेजी से हो रही है। मूंग खरीदी के लिए भारत सरकार की नाफेड संस्था द्वारा व्यवस्था की गई है। तुअर के लिए 80, मूंग के लिए 62 और उड़द के लिए 48 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं। ये खरीदी केन्द्र बढ़ाये जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने खरीदी की व्यवस्था पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। राज्य शासन नाफेड को पूरा सहयोग देगा। मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि प्याज या अन्य उपजों की खरीदी की कोई सीमा नहीं रखी गई है। किसान जितना लाये, सब ख़रीदे। कपास उत्पादक जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए कि बी टी काटन बीज की दर भारत सरकार दवारा निर्धारित दरों से ज्यादा कीमत में नहीं बिकना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कलेक्टरों को प्रभावी  जन-सुनवाई  करने के निर्देश दिए। ताकि जनता को समय पर सेवाएँ उपलब्ध हो जायें। मुख्यमंत्री ने 'स्कूल चलें हम' अभियान और नर्मदा के किनारे दो जुलाई को वृक्षारोपण की तैयारियों के सम्बन्ध में भी चर्चा की। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी. पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर. के. शुक्ला और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  12 June 2017

 उमाशंकर गुप्ता

राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री  उमाशंकर गुप्ता ने आज भोपाल के  शासकीय जय प्रकाश चिकित्सालय का निरीक्षण किया। मरीजों से मिले और उनकी समस्यायें भी सुनी। श्री गुप्ता ने चिकित्सालय प्रबंधन को निर्देश दिये कि चिकित्सालय में सभी मरीजों को टोकन दें और उनके बैठने के लिए बेंच की समुचित व्यवस्था करें ताकि मरीजों को लाइन में नहीं खड़ा होना पड़े। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लिए जरूरी राशि विधायक निधि से प्रदान की जाएगी। राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने काटजू अस्पताल और जे.पी. अस्पताल में आधा-आधा घण्टा बैठकर मरीजों की समस्याएँ सुनी और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। श्री गुप्ता जे.पी. अस्पताल में भर्ती श्रीमती मिथिलेश गुप्ता से मिले और उनके स्वास्थ की जानकारी ली। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  12 June 2017

उपवास पर बैठे शिवराज

  किसान आंदोलन की समाप्ति के आखिरी दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार सुबह भोपाल के भेल दशहरा मैदान में उपवास पर बैठ गए। मध्यप्रदेश में शांति के लिए उन्होंने अपना उपवास शुरू किया है और किसान आंदोलन खत्म होने के बाद ही वे उपवास खोलेंगे। उपवास शुरू करने के दौरान उनके साथ पत्नी साधना सिंह, भाजपा नेता प्रभात झा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान और पूरा मंत्रिमंडल भी मौजूद हैं। सीएम ने उनसे मिलने पहुंचे किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं जानी। भारतीय किसान मजदूर संघ के कार्यकार्ता सीएम से मिलने पहुंचे, इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जरूरी प्रशासनिक कामकाज भी होते रहेंगे। उपवास के दौरान सीएम केवल नींबू पानी पीएंगे। रात्रि विश्राम भी वे दशहरा मैदान पर ही करेंगे। इसके लिए मंच के पीछे एक कमरा बनाया गया है। उपवास पर बैठने से पहले उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की और कहा कि मैं उपवास पर बैठ रहा हूं। भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश जोशी ने तिलक लगाकर उन्हें मंच पर बैठाया। सीएम ने कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए प्रयास किए गए। मामूली ब्याज दर पर किसानों को कर्ज दिया गया। उन्होंने कहा हमारा प्रदेश आगे नहीं बढ़ सकता और यही हमारी पहली प्राथमिकता है। हम हमेशा किसानों के साथ है। इसके लिए सरकार ने उनके लिए कई योजनाएं भी चलाई हैं। सीएम ने उपवास से पहले ट्वीट कर कहा कि - 'मेरे किसान भाइयों, बापू के देश में हिंसा की आवश्‍यकता नहीं है। हम-आप शांतिपूर्ण ढंग से हर समस्‍या का समाधान ढूंढ़ लेंगे..'। मेरा यह उपवास किसानों की लड़ाई में उनके साथ खड़े होने का प्रतीक है। यह उपवास हिंसा के विरुद्ध है, हिंसा से कोई सृजन नहीं होता है। नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि मैं किसान के नाते नर्मदा मैया की कसम खाकर कहता हूं कि आपने जो किसानों के लिए किया है वो कभी नहीं भूल सकते हैं। एमपी का जब भी इतिहास लिखा जाएगा तो शिवराज ने किसानों के लिए जो किया वो लिखना होगा। पूर्व सरकार में किसान बिजली पानी के लिए तरसता था, लेकिन अब नहीं। जल और ऊर्जा क्रांति एमपी में हुई है। यहां पांच सौ नहीं पांच-पांच किसानों से बात होगी, हर संगठन पांच लोग तय करें, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग को समन्वय की जिम्मेदारी सौपी गई है। पूर्व सीएम बाबूलाल गौर भी मंच पर पहुंचे और कहा कि कुछ लोगों ने आंदोलन को हिंसा में झोंक दिया है। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को चर्चा के लिये खुला आमंत्रण दिया है।  उन्होंने किसानों से आंदोलन स्थगित करने की भावुक अपील करते हुए कहा कि शांति बहाली के लिये वे उपवास करेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंदोलन कर रहे किसानों से कहा कि उन्होंने शांति बहाली के लिये उपवास किया है।   मुख्यमंत्री दस जून की प्रात: 11 बजे से भोपाल स्थित भेल दशहरा मैदान में किसानों से चर्चा के लिए उपलब्ध रहे ।उन्होंने शांति बहाल करने के लिए अपील करते हुए कहा कि वे उपवास पर भी रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था सर्वोपरि है। जनता की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो परिस्थितियाँ निर्मित हुई हैं वह ठीक नहीं है। बच्चों के हाथ में जिन्होंने पत्थर थमा दिए हैं उन्होंने ठीक नहीं किया है। अराजक तत्वों के साथ सख्ती के साथ निपटा जायेगा।जनता की सुरक्षा के लिये सरकार राजधर्म का पालन करेगी। श्री चौहान ने कहा कि सरकार ने सिंचाई, बिजली की व्यवस्था, पहले जीरो प्रतिशत और बाद में दस प्रतिशत ऋणात्मक कर्ज पर किसानों को कर्ज देने आदि के कार्य किये हैं। सरकार की नीतियों से बम्पर उत्पादन हो रहा है। बम्पर उत्पादन के कारण फसलों की कीमतों में कमी आई है।पिछले दिनों जो परिस्थितयाँ निर्मित हुई हैं उनसे होने वाली किसानों की तकलीफ को सरकार ने समझा है। शिवराज ने कहा सरकार ने गेहूँ, धान को समर्थन मूल्य पर खरीदा है। प्याज 8 रूपये प्रति किलो के मूल्य पर खरीदा जा रहा है। तुअर 5050 रूपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदी जायेगी। ग्रीष्म मूंग को 10 जून से 5225 रूपये प्रति क्विंटल के दर पर खरीदा जायेगा। उड़द भी 10 जून से समर्थन मूल्य पर खरीदी जायेगी। भुगतान चेक से नहीं आरटीजीएस से किया जा रहा है। रबी और खरीफ फसलों के लिये अलग-अलग कर्ज देने की व्यवस्था को बदलने का फैसला कर दिया है। किसान एक साथ दोनों फसलों के लिये कर्ज ले सकते हैं। भविष्य में ऐसी स्थितियाँ निर्मित नहीं हों इसके लिये 1000 करोड़ का स्थिरीकरण कोष का गठन किया जायेगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसानों को उनकी फसल का ठीक दाम मिले।फसलों की उत्पादन लागत का निर्धारण अखिल भारतीय स्तर पर किया जाता है। इसे राज्य आधारित करने के लिये प्रदेश में कृषि लागत एवं विपणन आयोग का गठन किया जायेगा। इससे किसानों को लाभकारी मूल्य दिया जा सकेगा। खाद,बीज के लिये 100 रूपये के कर्ज की वापिसी 90 रूपये करने की व्यवस्था है। इस नेट में जो किसान छूट गये हैं उन्हें नेट में लाने के लिये सरकार 'समाधान योजना''लागू करेगी।पिछले साढ़े 11 साल में मुख्यमंत्री के नाते प्रदेश की जनता का विकास और किसानों का कल्याण फोकस में रहा है।किसानों के कल्याण के लिये अभूतपूर्व कदम उठाये गये हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की हर समस्या के समय सरकार उनके साथ रही है।जब भी किसानों पर संकट आया, मुख्यमंत्री किसानों के बीच पहुँचे और उनके कल्याण के लिये कार्य किये।मध्यप्रदेश में किसान-कल्याण के लिये, जो कहीं भी-कभी भी नहीं हुआ है, वह हुआ है।सोयाबीन की फसल जब खराब हुई थी तब 4 हजार 400 करोड़ रूपये की राहत और 4 हजार 800 करोड़ रूपये की बीमा राशि का भुगतान किसानों को किया गया था।

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 MadhyaBharat  10 June 2017

bhopal kisan andolan

गोलीकांड में घायल किसान की मौत, सांची में आत्महत्या किसानों का उग्र आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। नाराज किसानों ने आज भोपाल के फंदा में अपनी मांगों के समर्थन में जमकर प्रदर्शन किया। प्रशासन की तमाम कोशिशें विफल नजर आर्इं और किसान हिंसा पर उतारू हो गए। इसी बीच मंदसौर गोलीकांड में घायल एक अन्य किसान की मौत की खबर ने किसानों को और आंदोलित कर दिया। वहीं सांची में कर्ज में डूबे एक किसान ने आज आत्महत्या कर ली। पूरे देश में किसान आंदोलन बढ़ता जा रहा है।  मध्यप्रदेश में भड़का किसान आंदोलन देशव्यापी हो गया है। वहीं राज्य में भी इसका दायर बढ़ गया है। गुरुवार को आंदोलन की गूंज सागर, छिंदवाड़ा सहित बुंदेलखंड और महाकौशल के अन्य इलाकों में भी दिखाई दी। वहीं शुक्रवार को राजधानी भोपाल से सटे विकास खंड फंदा में किसानों ने कांग्रेस के साथ विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर बाद फंदा में किसान आंदोलन हिंसक हो गया। स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसूगैस छोड़ना पड़ी। फंदा में किसानों ने मंदसौर में किसानों की मौत और आंदोलन में शामिल कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे, इसी बीच मंदसौर गोलीकांड में घायल हुए किसान राधेश्याम धाकड़ की आज इंदौर के एमवाय अस्पताल में मौत हो गई। इसकी खबर मिलते ही प्रदर्शनकारी किसान और उग्र हो गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। वहीं, पुलिस ने आंदोलन करने वाले दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया। इससे पहले किसानों के भोपाल के फंदा, बैरसिया, बिलखिरिया रोड पर जमा होने की जानकारी के मद्देनजर प्रशासन ने रात भर किसान नेताओं को नजरबंद किया, और पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया। प्रदर्शन स्थल पर खासी संख्या में बैरिकेट्स लगाए गए। इसके अलावा पुलिस बल नीलबड़ और रातीबड़ में भी पुलिस बल तैनात किया गया साथ ही बैरसिया रोड, होशंगाबाद रोड, कोलार, रायसेन और नरसिंहगढ़ रोड पर भी पुलिस जांच अभियान चलाया गया, ताकि किसान ज्यादा संख्या में शहर में ना आ सकें। भारतीय किसान यूनियन के नेता अनिल यादव को तबीयत बिगड़ने के बाद आज प्रशासन ने रिहा कर दिया। उन्हें 2 जून को हिरासत में लिया गया था। गुरुवार को यूनियन की राष्ट्रीय  कार्यकारिणी ने उनकी रिहाई की मांग थी।   10 लाख के कर्ज में डूबा था किसान  इधर, आंदोलन के दौरान एक किसान की आत्महत्या की खबर है। रायसेन जिले के देगांव थाना क्षेत्र में रहने वाले किसान किशन मीणा ने कल रात में सल्फास खा ली थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई है। रायसेन एसपी जेएस राजपूत के अनुसार कल रात जहर खाने के उपरांत उसे पहले रायसेन और बाद में भोपाल के हमीदिया अस्पताल के लिए रेफर किया गया था जहां उसकी मौत हो गई है। परिजनों ने पुलिस से कहा है कि मृत पांच साल से मानसिक रूप से विक्षिप्त था। इधर सूत्रों का कहना है कि मीणा पर एचडीएफसी बैंक का दस लाख रुपए का कर्ज था जिसके चलते उसने आत्महत्या की है। एसपी राजपूत ने इस जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा है तो जांच के बाद ही पता चलेगा।   मंदसौर, शाजापुर और उज्जैन में किसानों की बैठक किसानों की समस्याओं  और मंदसौर में पुलिस फायरिंग में हुई किसानों की मौत को लेकर कल से पूरे प्रदेश में किसान जेल भरो आंदोलन चलाएंगे। भारतीय किसान यूनियन और भारतीय किसान मजदूर संघ के आव्हान पर आयोजित जेल भरो आंदोलन को लेकर आज किसानों की मंदसौर, शाजापुर, उज्जैन में बैठकें हो रही है। वहीं किसानों की फायरिंग को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने मंदसौर में 11 जून को बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया है। इसमें देशभर के किसानों को बुलाया गया है।  गुजरात में पाटीदार समाज के नेता हार्दिक पटेल सोमवार 12 जून को मंदसौर आ रहे हैं। यह जानकारी उन्होंने ट्वीट करके दी है।   शिवराज सिंह दमन का रास्ता छोड़े: कमलनाथ पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा की एमपी में किसान हड़ताल का आज 9वां दिन, स्थिति बेकाबू, शिवराज अहंकार-दमन का रास्ता छोड़, अन्नदाता की मांगे माने और उन्हें उनका हक प्रदान करें। वहीं एक अन्य ट्वीट में लिखा, शिवराज का किसानों पर दमनचक्र जारी है। पहले लाठियां, फिर गोलियां और अब फर्जी मुकदमे लाद जेलों में ठूंसने की बारी है।   छत्तीसगढ़ में कल से किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी तमिलनाडु  के किसानों ने फिर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसान नेताओं की मांग है कि 60 साल से ऊपर के किसानों को पेंशन मिलनी चाहिए। राज्य के किसान इससे पहले दिल्ली के जंतर मंतर पर करीब एक महीने तक बिना कपड़ों के प्रदर्शन भी कर चुके हैं।  हरियाणा और उत्तर प्रदेश  में भी किसान आंदोलन शुरू होचुका है वहीं, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के बैनर तले विरोध प्रदर्शन हुआ। यूपी के साथ हरियाणा में भी किसानों के विरोध की आवाज सुनाई दी।   महाराष्ट्र  में आशंका जताई गई है कि किसान 13 जून से रेल पटरियों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। वहीं 12 जून को कलेक्टर और तहसीलदारों के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा और 13 जून से रेलें रोकी जाएंगी।   पंजाब  में भी किसानों ने कर्ज माफी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने को लेकर राज्यभर में 12 जून को प्रदर्शन करने का फैसला किया है। किसानों के सात संगठन 12 जून को राज्य के सभी जिला मुख्यालय पर धरना देंगे। हालांकि सरकार ने कहा है कि वह किसानों से चर्चा करेगी।

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 MadhyaBharat  9 June 2017

अंटोनी डिसा

 रेरा अध्यक्ष अंटोनी डिसा ने बताया है कि मध्‍यप्रदेश, देश में प्रथम राज्‍य हो गया है, जहॉ भू-संपदा एक्‍ट का विस्‍तार प्रदेश के सभी क्षेत्रों में किया गया है। पूर्व में यह एक्‍ट केवल 153 प्‍लानिंग क्षेत्रों में ही लागू था तथा वहां के आवा‍सीय एवं व्‍यावसायिक प्रोजेक्‍ट में ही रेरा प्राधिकरण के समक्ष पंजीयन आवश्‍यक था। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर अब राज्‍य के सभी प्रोजेक्‍ट एक्‍ट के दायरे में लाते हुए पंजीयन संबंधी आवश्‍यकता को गैर-प्‍लानिंग क्षेत्र के लिये भी जरुरी कर दिया हैं। उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में प्लानिंग-एरिया के बाहर के क्षेत्रों में भी आवासीय तथा व्यावसायिक कॉम्प्लेक्सों का निर्माण हो रहा था परन्तु वहां के आवंटियों/ हितग्राहियों को वर्तमान में भू-सम्पदा अधिनियम के संरक्षण का लाभ इस आधार पर नहीं मिल पा रहा था कि वे प्लानिंग-एरिया के बाहर स्थित है। रेरा के अध्‍यक्ष श्री डि‍सा ने बताया कि प्रदेश के किसी भी नागरिक को केवल इस आधार पर अधिनियम के संरक्षण से वंचित रखना कि वह प्‍लानिग क्षेत्र में नहीं रहता अथवा उनके द्वारा क्रय किये जाने जाने वाली सम्‍पत्ति प्‍लानिंग क्षेत्र के बाहर स्थित है, न्‍यायोचित प्रतीत नहीं है। अत: प्राधिकरण ने यह विनिश्‍चय किया है कि भू-सम्पदा अधिनियम का विस्तार मध्‍यप्रदेश के सम्‍पूर्ण क्षेत्र में किया जाकर, नॉन प्‍लानिंग क्षेत्र के प्रोजेक्‍ट को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। अतएव प्रदेश के सभी क्षेत्रों की अपूर्ण तथा नयी परि‍योजनाओं को अधिनियम के अंतर्गत पंजीयन कराना अनिवार्य होगा तथा ऐसे क्षेत्रों के आवंटियों को भी अधिनियम का संरक्षण प्राप्त होगा।

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 MadhyaBharat  9 June 2017

kisan andolan

 मुख्यमंत्री चौहान ने किसानों से की शांति बनाये रखने की अपील  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से शांति बनाये रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की सरकार है, जनता की सरकार है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे हमेशा जनता और किसानों के लिये काम करते रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिये गये हैं। प्याज 8 रूपये किलो खरीदा जा रहा है। समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द और तुअर की खरीदी 10 जून से प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान और बातचीत के लिये वे हमेशा तैयार हैं। चर्चा करके ही समस्याओं का समाधान हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ अराजक तत्व प्रदेश को हिंसा की आग में झोंकना चाहते हैं, उनसे हम सख्ती से निपटेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों से आग्रह किया है कि अराजक तत्वों के मनसूबे कभी कामयाब नहीं होने दें, शांति बहाली में सहयोग दें। उन्होंने किसानों से अपील की कि मिलजुल कर प्रदेश को विकास के पथ पर आगे बढ़ायें।  

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 MadhyaBharat  8 June 2017

दाल की कीमत

पीडीएस की दुकानों में गरीब उपभोक्ताओं को दो रूपये प्रति किलो मिलेगी प्याज प्याज, तुअर, मूंग, उड़द खरीदी व्यवस्थाओं की समीक्षा    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां मंत्रालय में कृषि विभाग की भविष्य की कार्य-योजनाओं और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने प्याज खरीदी की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों से प्याज आठ रुपये प्रति किलो खरीदा जाएगा और पीडीएस की दुकानों में गरीब उपभोक्ताओं के लिये दो रूपये प्रतिकिलो की दर से उपलब्ध होगा। उपभोक्ताओं के लिये खरीदी की सीमा भी तय की जाएगी। उल्लेखनीय है कि एक सार्वजनिक वितरण दुकान में करीब चार सौ उपभोक्ता कवर होते हैं। तुअर खरीदने के संबंध में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि प्रत्येक जिले में तुअर की उपलब्धता का आकलन करें। तुअर, मूंग और उड़द की खरीदी एक ही केंद्र से की जाएगी। अभी तक 80 खरीदी केंद्र बनाये जा चुके हैं। बैठक में बताया गया कि अनुमान के अनुसार 30 जून तक एक से डेढ लाख मीट्रिक टन तुअर खरीदी की जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि दाल का आयात नहीं होगा। इससे घरेलू बाजार में दाल की कीमत गिर जाएगी और किसानों को दाम नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर दाल की कीमत गिरने नहीं दी जाएगी ताकि किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम मिल सके। दाल में किसी प्रकार की कोई छूट नहीं दी जायेगी। श्री चौहान ने मूल्य स्थिरीकरण कोष तत्काल प्रभाव से स्थापित करने निर्देश दिये। उन्होने कृषि लागत एवं विपणन आयोग का संगठनात्मक ढांचा तैयार कर उसमें अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां करने के भी निर्देश दिये। श्री चौहान ने कहा कि खरीफ की फसलों के लिये खरीद केन्द्रों का चयन और स्थान निर्धारण पहले से कर लें ताकि समर्थन मूल्य पर खरीदी में थोड़ा भी विलम्ब न हो। मुख्यमंत्री ने किसानों के लिये मोबाइल आधारित एसएमएस या परामर्श देने की योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रत्येक फसल के संबंध में जानकारी होना चाहिये कि कितने क्षेत्र और कितनी मात्रा में फसल बोना चाहिये ताकि बंपर आवक के बावजूद किसानों को उनकी उपज का दाम मिले। ज्यादा उत्पादन के कारण मूल्य की कमी  से किसान प्रभावित नहीं हो पाये। इसके लिये उन्होंने किसानों के डाटा बेस पर आधारित एक एप बनाने के निर्देश दिये ताकि किसान स्वयं अपना विवरण आसानी से दर्ज कर सकें। उन्होंने फसलों के संभावित खरीददारों को भी इस एप से जोड़ने पर विचार करने के लिये कहा। श्री चौहान ने इस विषय से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं पर विचार-विमर्श करने और रणनीति बनाने के लिये एक समिति बनाने के भी निर्देश दिये। डिफाल्टर किसानों के लिये घोषित एक मुश्त सेटलमेंट योजना के संबंध में श्री चौहान ने आगामी सोमवार तक पूरी योजना का प्रारूप प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि डिफाल्टर किसानों को क्रेडिट योजना का लाभ फिर से मिलने लगे। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी पी सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी. सी. मीणा, सहकारिता, मंडी बोर्ड, मार्कफेड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  8 June 2017

अवार्ड्स फॉर एक्सीलेंस इन ई गवर्नेंस

मध्यप्रदेश  शासन ने प्रदेश के 26 आईएएस, आईपीएस समेत आधा सैकड़ा अधिकारियों को अवार्ड्स फॉर एक्सीलेंस इन ई गवर्नेंस इनिशिएटिव फार 2014-15 से सम्मानित किया है। प्रशासन अकादमी में आज इन अधिकारियों को प्रदेश के राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री उमाशंकर गुप्ता सम्मानित किया। पुरस्कार पाने वाले अफसरों में एसीएस एसआर मोहंती, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक बर्णवाल, एडीजी रेल रह चुके मैथिली शरण गुप्ता, तकनीकी शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव कल्पना श्रीवास्तव, कलेक्टर उज्जैन संकेत भोंडवे, सीएलआर एमके अग्रवाल, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के सीएमडी आकाश त्रिपाठी, सहकारिता आयुक्त कवीन्द्र कियावत समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। प्रशासन अकादमी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 10 श्रेणियों में 23 पुरस्कार दिए गए। बेस्ट ई गवर्नेंस डिस्ट्रिक्ट पुरस्कार के लिए मंडला जिला प्रशासन को पहला पुरस्कार मिला है। तब कलेक्टर रहे लोकेश जाटव और उनकी टीम को सम्मान मिला है। दूसरा पुरस्कार उज्जैन कलेक्टर रहे कवीन्द्र कियावत, सीईओ रुचिका चौहान तथा डिंडोरी कलेक्टर रह चुकीं छवि भारद्वाज और उनकी टीम को दिया गया है। साफ्टवेयर डेवलपमेंट: साफ्टवेयर डेवलपमेंट कैटेगरी में पहला पुरस्कार राज्य निर्वाचन आयोग को मिला है। इसके प्रोजेक्ट लीडर एसएएस दीपक सक्सेना और गिरीश शर्मा की टीम को सम्मान मिला है। इसी श्रेणी में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के एमडी आकाश त्रिपाठी और उनकी टीम को दूसरा पुरस्कार दिया गया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने इस दौरान कहा कि ये पुरस्कार दो साल पुराने हैं। ऐसे में पुरस्कार पाने और देने का मजा किरकिरा हो जाता है। विभाग यह कोशिश करे कि बाकी के दो साल के पुरस्कार एक माह के अंदर दिए जाएं। उन्होंने ई गवर्नेंस को सुशासन के लिए पारदर्शी बताते हुए इसके अधिक से अधिक उपयोग पर जोर दिया। किसान आंदोलन के बाद बने हालातों का जिक्र भी मंत्री गुप्ता ने कार्यक्रम में किया और कहा कि आज की परिस्थिति में वे यहां आना नहीं चाहते थे। प्रमुख सचिव मो. सुलेमान पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि उनके वारंट के चलते कार्यक्रम में आना पड़ा है।

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 MadhyaBharat  7 June 2017

kisan andolan

    मध्यप्रदेश में किसानो के आंदोलन के उग्र रूप लेने से शिवराज सिंह को सियासी दांव खेलना पड़ रहे हैं। पहले जहाँ शिवराज सरकार के पास किसानों की समस्याएं सुनने का वक्त नहीं था अब वही सरकार  22 जिलों में  समर्थन मूल्य पर प्याज की खरीदी करेगी। इसके लिए सरकार ने राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) को जिम्मा सौंपा है। वहीं, गर्मी की मूंग खरीदने के लिए कृषि विभाग ने केंद्र को प्रस्ताव भेज दिया है। खरीदी नेशनल एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (नाफेड) या भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) कर सकता है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को बैंक से कर्ज लेने वाले वाले किसानों के लिए ऐच्छिक बनाने केंद्र से सहमति लेनी पड़ सकती है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में मूंग समर्थन मूल्य पर खरीदने को लेकर बात हुई। अधिकारियों ने कहा कि गर्मी की मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य केंद्र घोषित नहीं करता है। इसे खरीफ की मूंग के लिए तय 5 हजार 225 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदना होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अपने स्तर से तैयारी कर ली जाए। प्याज की खरीदी के साथ इसके भंडारण का इंतजाम किया जाए। दरअसल, पिछले साल भी सरकार ने छह रुपए किलोग्राम के हिसाब से 10 लाख क्विंटल प्याज खरीदी थी। भंडारण का पुख्ता इंतजाम न होने से अधिकांश सड़ गई थी, जिसे फेंकना पड़ा था। सहकारी बैंकों के अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केंद्र की है, इसलिए इसमें बदलाव करने से पहले उसकी सहमति लेनी पड़ सकती है। योजना में अभी बैंक से फसल के लिए कर्ज लेने वाले किसानों का बीमा करना अनिवार्य है। इसके पीछे मंशा कर्ज को सुरक्षित करना है। यही वजह है कि जब भी फसल बीमा की राशि किसानों को मिलती है तो सबसे पहले बैंक इससे अपना कर्ज वसूल करता है। ऐच्छिक करने पर बैंक के पास कर्ज की वापसी का एक विकल्प छिन जाएगा। प्याज की खरीदी भोपाल सहित 22 जिलों में की जाएगी। इनमें सीहोर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, सागर, शिवपुरी, झाबुआ और टीकमगढ़ शामिल हैं।  

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 MadhyaBharat  6 June 2017

अन्नदाता शिवराज

  किसान आंदोलन को लेकर सियासत गरमाई हुई है। सोमवार दोपहर सीएम हाउस में आपातकालीन बैठक हुई । इस बैठक के निर्णयों से अवगत कराने कुछ देर बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता है। कुछ लोगों ने किसानों के आंदोलन को बदनाम करने का कोशिश की है। उधर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि, किसान संघ 7 जून को सीएम का सम्मान करेगा। उन्होंने किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा कक्का पर निशान साधा कि, कक्काजी और जच्चाजी को जो करना है कर लें।  सीएम ने कहा कि, किसानों से शांतिपूर्ण चर्चा का रास्ता हमेशा खुला है और खुला रहेगा। मैं जानता हूं किसान कभी हिंसा नहीं कर सकते, कुछ लोगों ने किसानों को भड़काने की कोशिश की है। सरकार किसानों के लिए ही है। सीएम ने कहा कि किसानों को फसल लगाने से पहले सरकार सलाह देगी। सरकार का दावा है कि, किसानों का हड़ताल समाप्त हो गई है, लेकिन पांचवें दिन भी किसान हड़ताल पर रहे। दरअसल, मप्र में किसान आंदोलन दो गुटों में बंट गया। संघ व भाजपा से जुड़े भारतीय किसान संघ ने रविवार को आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया था, इसके बाद भी विरोध-प्रदर्शन जारी है। किसान मजदूर संघ का दावा है कि यह आंदोलन उनका था, इससे किसी का लेना-देना नहीं। इस बीच भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव को पुलिस ने धारा 151 के तहत हिरासत में ले लिया है। किसान नेता रहे महेंद्र सिंह टिकैत की भारतीय किसान यूनियन का भी कहना है कि आंदोलन जारी रहेगा। इधर, देवास समेत कई जिलों में भारतीय किसान संघ के पुतले फूंकने की खबरें हैं।सीहोर में रविवार को हुए उपद्रव के बाद सोमवार को स्थिति थोड़ी सामान्य रही। हालांकि, किसानों ने हाईवे से गुजर रहे ट्रकों और अन्य छोटे वाहनों को रोका और इनमें भरे प्याज, सब्जियों और फलों को सड़क पर फेंक दिया। मुख्यमंत्री ने मांगें मान ली हैं। इसलिए किसान संघ ने आंदोलन स्थगित कर दिया। हमें किसी दूसरे किसान संगठनों से कोई लेना-देना नहीं है। - शिवकांत दीक्षित, क्षेत्रीय संगठन मंत्री, भारतीय किसान संघ भारतीय किसान संघ का इस आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। जब तक ऋणमुक्ति व उपज का पूरा दाम नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। -शिवकुमार शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान मजदूर संघ  

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 MadhyaBharat  5 June 2017

युवा मतदाता

बीएलओ डोर-टू-डोर करेंगे सम्पर्क  भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मध्यप्रदेश में 18 से 19 आयु वर्ग के युवा मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए आगामी एक जुलाई से विशेष अभियान चलाया जायेगा। विशेष अभियान 31 जुलाई तक चलेगा। यह जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सलीना सिंह ने आज यहाँ दी। श्रीमती सलीना सिंह ने बताया कि पहली बार वोटर बनने जा रहे युवाओं के नाम शामिल करने के लिए सभी कॉलेज में फार्म-6 उपलब्ध करवाया जा रहा हैं। ऐसे विद्यार्थी जो प्रवेश के लिए कॉलेज पहुँचेंगे, उनसे फार्म की पूर्ति करवाकर उन्हें वोटर बनाया जायेगा। सभी 1480 केम्पस एम्बेसडर के माध्यम से विशेष केम्प भी लगाये जायेंगे। छात्रावासों में रह रहे विद्यार्थियों से सम्पर्क किया जायेगा। स्कूल एवं कॉलेज के शिक्षकों को नोडल ऑफिसर बनाया जायेगा। छूटे हुए युवाओं के नाम जोड़ने के लिए एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केन्द्र और अन्य संगठन को भी सक्रिय किया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि युवा एवं पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) डोर-टू-डोर सम्पर्क करेंगें और फार्म-6 भरवायेंगे। इस कार्य के लिए चालू माह में बीएलओ और बूथ अवेयरनेस ग्रुप को प्रशिक्षण दिया जायेगा। मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों की जिला स्तर पर बैठक कर अभियान की जानकारी दी जायेगी। प्रशिक्षण में बीएलओ से फीडबेक प्राप्त कर ईआरओ रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को देंगे। रिपोर्ट के आधार पर लक्ष्य पूर्ति के लिए कलेक्टर कार्य-योजना बनाकर अमल करेंगे। जिलों में कॉल सेंटर 1950 स्थापित कर मतदाताओं को जानकारी दी जायेगी। बीएलओ 8 एवं 23 जुलाई को बूथ स्तर पर विशेष शिविर लगायेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि आशा और आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नवयुवतियों और नव-विवाहितों के नाम जोड़ने के कार्य में लगाया जायेगा। दिव्यांगों के नाम बीएलओ को देकर वोटर लिस्ट में जोड़ा जायेगा। मृत मतदाताओं के नाम हटवाने के लिए उनके परिजन से फार्म-7 की पूर्ति करवाई जायेगी। जिलों में छूटे हुए मतदाताओं की संख्या का प्रचार-प्रसार करवाया जायेगा। अभियान में राज्य शासन के विभिन्न विभाग, नगरीय निकाय, रेलवे, बीएसएनएल, शैक्षणिक संस्थान, परिवहन, इंडियल ऑयल कार्पोरेशन, बैंक, निजी मोबाइल सेवा प्रदाता, टीवी और एफएम चैनल, सिनेमा हॉल, शापिंग मॉल, कलाकार तथा आईकॉन को भागीदार बनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 64 हजार 5 मतदान केन्द्र है। प्रदेश की अनुमानित जनसंख्या लगभग 8 करोड़ एक लाख है, जिसमें मई 2017 की स्थिति में 5 करोड़ एक लाख मतदाता है। इनमें पुरूष 2 करोड़ 63 लाख तथा महिलाएँ 2 करोड़ 38 लाख है। थर्ड जेंडर की संख्या 1169 है। ईपी रेशो 61.78 तथा जेंडर रेशो 908 है। वर्ष 2016 में कुल 13 लाख 15 हजार मतदाता के नाम जोड़े गये। इस साल मई तक 3 लाख 16 हजार नाम जोड़े तथा एक लाख 68 हजार नाम हटाये गये। मतदाता सूची के अनुसार मई माह तक दर्ज 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या एक लाख 18 हजार 765 है जबकि जनगणना-2017 के अनुसार इस आयु वर्ग के युवाओं की संख्या 9 लाख 3 हजार 227 है। इस प्रकार इसमें अंतर 7 लाख 84 हजार 462 है। अभियान द्वारा अंतर की पूर्ति के लिए पुरजोर प्रयास किये जायेंगे।

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 MadhyaBharat  2 June 2017

भोपाल की आजादी

भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बोरासघाट शहीदों के स्मारक स्थल को भव्य स्वरूप दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल नगर के विभिन्न स्थानों का नाम शहीदों, सैनानियों, क्रांतिकारियों, समाज सुधारकों के नाम पर रखा जाये। उन्होंने इसके लिये टीम गठित कर नामों का चयन करने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान बोट क्लब में भोपाल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन नगर निगम द्वारा भोपाल की आजादी की 68वीं वर्षगांठ पर किया गया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विलीनीकरण आंदोलन में शामिल हुये सेनानी श्री कुबेर सिंह सकलेचा और श्री मानकचंद चौबे का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। भोपाल गान की सीडी का विमोचन किया। श्री चौहान ने भोपालवासियों का आव्हान किया कि वो टीटी नगर को तात्या टोपे नगर के नाम से ही संबोधित करें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कहा कि जहाँ भी टीटी नगर लिखा है वहाँ तात्या टोपे नगर लिखवाने के लिये नागरिकों से अपील करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जो देश अपने शहीदों का स्मरण नहीं करता, वह अधिक दिन तक बना नहीं रह सकता। उन्होंने बताया कि भोपाल को आजादी देश की आजादी के दो साल बाद मिली। नबाव के दुराग्रह के कारण नबाव से आजादी के लिये भोपाल के लोगों को घनघोर संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने विलीनीकरण के सेनानियों बोरास के शहीदों का उल्लेख करते हुये कहा कि शहीदों की पूजा की जानी चाहिये। शहीदों का निरंतर स्मरण किया जाना चाहिये। भोपाल की वर्षगांठ मनाने के लिये उन्होंने नगर निगम को बधाई दी। नागरिको का आव्हान किया कि वे भारत माता की आजादी को बनाये रखने के लिये अपना सर्वस्व अर्पित करने तैयार रहें। भोपाल सहित प्रदेश और देश को आगे बढ़ाने के लिये नागरिक कर्तव्यों का जिम्मेदारी के साथ पालन करें। उन्होंने नमामि देवी नर्मदे अभियान का उल्लेख करते हुये कहा कि आगामी दो जुलाई को वृक्षारोपण का वृहद कार्यक्रम होगा। भोपालवासी भी पौधे लगाने में सहयोग करें। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में प्रदेश के बच्चों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिये सरकार प्रयासरत है। ग्लोबल स्किल समिट का आयोजन किया गया है। इसमें तय किया गया है कि एक वर्ष में एक लाख नया रोजगार सृजित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के शिक्षा के मार्ग में कोई बाधा नहीं आने दी जायेगी। बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश मिलता है। उनके माता-पिता फीस देने में सक्षम नहीं है, तो राज्य सरकार उनकी फीस भरवायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नागरिकों से अपील की कि वे जाति, मजहब आदि के भेदभाव के बिना भोपाल, प्रदेश, देश को आगे बढ़ाने, भोपाल की विशिष्टता बनाये रखने और शहर की शांति में खलल पैदा करने वालों को अलग-थलग कर देने के लिये संकल्पित हो। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नदिया चले रे चले धारा का गायन भी किया। महापौर श्री आलोक शर्मा कहा कि भोपाल की आजादी की वर्षगांठ प्रति वर्ष मनाई जायेगी। उन्होंने बताया कि भोपाल की आजादी की 68वीं वर्षगांठ के अवसर पर भोपाल दिवस मनाया गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के जननायकों, शहीदों की यादों को अमर बनाये रखने के लिये उनका निंरतर स्मरण किया जाता रहेगा। उन्होंने भोपाल की गंगा जमनी तहजीब का जिक्र करते हुये भोपाल की आजादी के संघर्ष में योगदान देने वाले जननायकों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में नेहरू युवा केन्द्र भोपाल के द्वारा गणेश वंदना और राष्ट्रीय गीतों पर आधारित नृत्य की प्रस्तुतियाँ दी। पार्श्व गायिका मधुश्री भट्टाचार्य ने भी गीतों की प्रस्तुतियाँ दीं। इस अवसर पर भव्य आतिशबाजी भी हुई। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष भाजपा, सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान, राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपालसिंह, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार सहकारिता श्री विश्वास सारंग, सांसद श्री आलोक संजर, विधायक श्री सुरेन्द्र नाथ सिंह, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओम यादव, वरिष्ठ पत्रकार श्री महेश श्रीवास्तव, श्री विजयदत्त श्रीधर, विलीनीकरण आंदोलन के जननायकों के परिजन और नगर निगम परिषद के सदस्यगण और बड़ी संख्या में भोपाल के नागरिक उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  2 June 2017

ग्लोबल स्किल एण्ड एम्प्लॉयमेंट समिट

‘ग्लोबल स्किल एण्ड एम्प्लॉयमेंट समिट’ में आज ‘पर्यटन क्षेत्र में कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर’ पर महत्वपूर्ण और सार्थक विमर्श हुआ। सत्र की विशेषता यह रही कि मुख्‍यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान अचानक इस सत्र में पहुँचे और आम प्रतिभागी की तरह उन्‍होंने अपनी सहभागिता की। सत्र में राज्‍य पर्यटन विकास निगम के अध्‍यक्ष श्री तपन भौमिक, मुख्‍य सचिव श्री बसंत प्रताप सिंह एवं पर्यटन सचिव तथा पर्यटन निगम के एम.डी. श्री हरि रंजन राव सहित आमंत्रित विषय-विशेषज्ञ और प्रतिभागी मौजूद थे। राज्‍य पर्यटन विकास निगम के अध्‍यक्ष श्री तपन भौमिक ने सत्र में कहा कि मध्‍यप्रदेश में पर्यटन के जरिये रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में सतत् प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में व्‍यापक संभावनाएँ हैं। इसी को देखते हुए जल-पर्यटन, होटल प्रबंधन, रेलवे कुली, ऑटो चालक, पर्यटन पुलिस और होम-स्‍टे योजना में विभिन्‍न प्रशिक्षण की व्‍यवस्‍था की गई है। प्रदेश में 23 हजार 700 लोगों को पर्यटन में रोजगार संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से तकरीबन 68 फीसदी लोगों को पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और शेष को प्रायवेट सेक्‍टर में रोजगार मिला है। प्रदेश में निवेश-मित्र पर्यटन नीति लागू की गई है। जल-पर्यटन के क्षेत्र में नई शुरुआत की गई है। हनुवंतिया में इस साल जल-महोत्‍सव 80 दिन का होगा। श्री भौमिक ने आशा व्‍यक्‍त की कि इस सत्र के उपयोगी विमर्श से पर्यटन क्षेत्र को विस्‍तार मिलेगा। निगम की अपर प्रबंध संचालक सुश्री तन्‍वी सुन्द्रियाल ने 'मध्‍यप्रदेश में पर्यटन परिदृश्‍य'' पर प्रेजेंटेशन में बताया कि पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार में 13 प्रतिशत ग्रोथ की संभावनाएँ हैं। वर्तमान में पर्यटकों और लोगों का ऑनलाइन बुकिंग के प्रति रुचि और रुझान बढ़ा है। प्रदेश में पर्यटन में निवेश की अच्‍छी संभावनाएँ हैं। उन्‍होंने प्रेजेंटेशन में होटल, हॉस्पिटेलिटी, रेस्‍टॉरेंट, टूर एण्‍ड ट्रेवल और विजन 2020 के लक्ष्‍य और उन्‍हें हासिल करने की रणनीति को रेखांकित किया। उन्‍होंने बताया कि प्रदेश में खुलने वाले नए नेशनल इंस्‍टीट्यूट में पर्यटन विषय पर एमबीए का पाठ्यक्रम भी होगा।   महिन्द्रा हॉलिडे एण्ड रिसॉर्ट इंडिया के अध्यक्ष श्री अरुण के. नन्दा ने बताया कि घरेलू पर्यटक प्राय: नजदीकी स्‍थान पर भ्रमण के लिये जाने के इच्‍छुक रहते हैं। इसके लिये मध्‍यप्रदेश के पर्यटन स्‍थल सर्वाधिक उपयुक्‍त हैं। उन्‍होंने कहा कि पर्यटन में रोजगार की काफी गुंजाइश है। अंतर्राष्‍ट्रीय पर्यटन को लेकर भी अच्‍छी खबरें मिल रही हैं। मध्‍यप्रदेश की ‘अतिथि देवो भव:’ की प्राचीन भारतीय परम्‍परा और यहाँ की तहजीब पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये पर्याप्‍त है। श्री नन्‍दा ने आर.पी.एल. के जरिये प्रशिक्षण कार्यक्रम में समन्‍वय स्‍थापित करने की जरूरत बताई। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर के उपाध्यक्ष श्री राजीव मेहरा ने कहा कि देश की अर्थ-व्‍यवस्‍था में पर्यटन की अहम भूमिका है। पर्यटन के जरिये रोजगार में लगभग 10 फीसदी का योगदान है। उन्‍होंने कहा कि ट्रेवल टूरिज्‍म में भी अच्‍छी संभावनाएँ हैं। श्री मेहरा ने पर्यटन को कठिन परिश्रम वाला क्षेत्र बताते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार के लिये आगे आना चाहिए। होटल एण्ड रेस्टॉरेंट एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया के अध्यक्ष श्री सुमित सूरी ने कहा कि मध्‍यप्रदेश में निवेश के क्षेत्र में अनुकूल वातावरण होने से अच्‍छे निवेशक यहाँ जरूर आएँगे। राज्‍य शासन द्वारा रोजगार के क्षेत्र में अच्‍छी संभावनाएँ और अवसर विकसित कर दिये गये हैं। जरूरत इस बात की है कि इन अवसरों का सही ढंग से लाभ उठाया जाये। श्री सूरी ने कहा कि अच्‍छे मेनपॉवर की जरूरत सभी को रहती है और वे ‘ऑन जॉब ट्रेनिंग’ में हर संभव सहयोग को तत्‍पर हैं। उन्‍होंने कहा कि होटल इंडस्‍ट्री एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें अपेक्षाकृत कम पढ़े-लिखे लोगों के लिये भी रोजगार के अवसर हैं। फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन इन इंडिया टूरिज्म एण्ड हॉस्पिटेलिटी के कंसल्‍टेंट सी.ई.ओ. श्री आशीष गुप्‍ता ने अपने प्रेजेंटेशन में मध्‍यप्रदेश में पर्यटन की विशिष्‍ट स्थिति और खूबियों को और अधिक प्रचारित किये जाने की जरूरत बताई। उन्‍होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में मल्‍टी स्किल प्रतिभाओं की भी आवश्‍यकता है। श्री गुप्‍ता ने पे-टीएम, गूगल ट्रेवल, फेसबुक, एक्‍सपीडिया आदि साधनों की चर्चा करते हुए इनके उपयोग पर जोर दिया। पर्यटन सचिव एवं निगम के एमडी श्री हरि रंजन राव ने प्रदेश की पर्यटन की खूबियों की चर्चा करते हुए कहा कि जल-पर्यटन, होम-स्‍टे और Way Side Amenities आदि क्षेत्रों में नए अवसर उपलब्‍ध करवाए गए हैं। श्री राव ने कहा कि प्रदेश के बघेलखण्‍ड विशेषकर सतना के कुक पूरे देश में जाने जाते हैं। वहाँ के कुक देश भर में काम भी कर रहे हैं। प्रारंभ में श्री राव ने विषय प्रवर्तन किया। निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. पी.पी.सिंह एवं श्री ओ.वी.चौधरी ने अतिथियों का स्‍वागत किया और उन्‍हें टूरिज्‍म सिग्‍नेचर स्‍टॉल भेंट किये। प्रश्‍नोत्‍तर सत्र में प्रतिभागियों के प्रश्‍नों के समाधानकारी उत्‍तर दिये गये।  

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 MadhyaBharat  1 June 2017

भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 'रेरा' से नगरों का विकास सुनियोजित होगा। उपभोक्ता हितों का संरक्षण होगा। शिकायतों के समाधान की उपयुक्त व्यवस्था होगी। देश में यह व्यवस्था करने में प्रदेश अग्रणी है। श्री चौहान आज भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्य उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष श्री राकेश सक्सेना, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, रेरा के सदस्य श्री अनिरुद्ध कपाले, क्रेडाई के प्रतिनिधि, अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अपना घर हर व्यक्ति की जिन्दगी का सपना होता है। वह अपने जीवन भर की कमाई उसमें लगा देता है। कई मामलों में उसे समस्याओं का सामना करना पड़ता है। रेरा के गठन से ऐसी सभी समस्याओं का समाधान हो जायेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि रेरा उपभोक्ता हितों का संरक्षण करेगा। नगर नियोजन की परेशानियाँ खत्म होगी। उन्होंने रियल स्टेट की वास्तविक समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन दिया। बताया कि बिल्डरों के साथ भी चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में देश के प्रथम दो नगर मध्यप्रदेश के है। देश के पहले 100 स्वच्छ नगरों में प्रदेश के 22 नगर है। उन्होंने कहा कि प्रक्रियाएँ पारदर्शी हो। नगर स्वच्छ रहे। उनमें शांति रहें। यह सबकी जिम्मेदारी है। स्वच्छ, नियोजित, शांतिपूर्ण शहर, सबको स्नेह और आत्मीयता सरकार की प्राथमिकता है। लेकिन लोगों की जिन्दगी में खलल डालने वाले बर्दाश्त नहीं होंगे। सज्जनों के साथ फूल से कोमल और दुष्टों के साथ वज्र सा कठोर व्यवहार सरकार की नीति रहेगी। शहर की फिजाँ किसी ने खराब़ करने की कोशिश की तो उसे बख्शा नहीं जायेगा। महापौर श्री आलोक शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है जिसने विनियामक अधिनियम को लागू किया है। अब नागरिकों की परिसंपत्ति संबंधी समस्याओं का प्रभावी समाधान होगा। अपने घर का जीवन भर का उनका सपना आसानी से साकार होगा। रेरा के अध्यक्ष श्री डिसा ने अधिनियम क्रियान्वयन में प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बताया। उन्होंने कहा कि संस्था प्रतीक चिन्ह बनाने में भी प्रदेश अव्वल है। कहा कि प्रतीक में रोमन और देवनागरी दोनों लिपियों में नाम शामिल है। प्रतीक, संस्था के प्रमुख तीन उद्देश्य को भी संरक्षित करता है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही अधिनियम के स्टेक होल्डरों की कान्फ्रेंस भी की जायेगी। आभार प्रदर्शन रेरा सदस्य श्री दिनेश नायक ने किया।  

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 MadhyaBharat  1 June 2017

ऋषि पंचमी

आदिगुरु शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा के लिए धातु संग्रहण अभियान का शुभारंभ 26 अगस्त ऋषि पंचमी के दिन होगा। आदिगुरु के मध्यप्रदेश स्थित स्मृति स्थलों से संग्रहण यात्राएँ प्रारंभ होगी। सभी यात्राएँ ओंकारेश्वर में मिलेगी। सर्वसम्मत से यह निर्णय आज मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में संतों की विमर्श-सभा में लिया गया। विमर्श-सभा जनजातीय संग्रहालय के सभागार में की गयी। इस अवसर पर चिन्मयानंद मिशन के स्वामी प्रबोधानन्द सरस्वती, स्वामी विष्णुदत्त जी बौरासी, स्वामी राघवेन्द्रदत्त जी महाराज, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह और संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार आदिगुरु शंकराचार्य का दर्शन जन-जन तक पहुँचाने और उनकी विशाल प्रतिमा स्थापना द्वारा सन्‍मार्ग पर चलने के लिये प्रेरित करने का प्रयास कर रही है। भारत को सांस्कृतिक रूप से एक करने का काम आदिगुरु शंकराचार्य ने किया है। आदिगुरु ने देश की चारों दिशाओं को ऐसे तार से जोड़ा, जिससे देश बिखर नहीं पाये। टूट नहीं सके। उन्होंने कहा कि आज भारत का जो स्वरूप है उसके लिये, देश आदिगुरु का ऋणी है। उन्होंने कहा कि भौतिकता की अग्नि में दग्ध मानवता को शांति का दिग्दर्शन आदिगुरु शंकराचार्य का दर्शन कराएगा। आदिगुरु ने मनुष्य को पूर्णता का आभास करवाया। सब में एक ही चेतना है, इसका अहसास हो जाये तो सारे राग, द्वेष खत्म हो जाएंगे। सारा द्वंद और उथल-पुथल समाप्त हो जायेगा और सारी दुनिया एक परिवार बन जायेगी। मुख्यमंत्री ने उनके अनुरोध पर आचार्य सभा द्वारा अभियान का दायित्व स्वीकारने के लिये संतों का आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि संत समाज की अगुआई में अभियान ऐसा अदभुत प्रसंग बनेगा, जो प्रदेश के वातावरण को रचनात्मक आध्यात्मिकता से भर देगा। उन्होंने संतों को आगामी दो जुलाई को 6 करोड़ पौधे रोपित करने की जानकारी दी और उन्हें आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि विकास, निर्माण कार्यों के साथ ही पर्यावरण रक्षा भी सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार इसी भाव से काम कर रही है। राज्य में रेत के लिये नदियों का उपयोग नहीं होने दिया जाएगा। पर्याप्त चिंतन के बाद वैज्ञानिक उत्खनन की व्यवस्था की जायेगी। वर्तमान बोली लगाकर उत्खनन के मॉडल को बदला जायेगा। उत्खनन महिलाओं युवाओं के स्व-सहायता समूह मानव श्रम से करेंगे। रेत की बिक्री पर सरकार का नियंत्रण होगा। रेत के व्यापार से होने वाला मुनाफा गरीब की झोपड़ी में जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के क्रियान्वयन में प्रदेश अग्रणी है। स्वच्छता अभियान में देश के पहले दो स्वच्छ नगर राज्य के हैं। देश के कुल 100 में से 22 स्वच्छ नगर मध्यप्रदेश के हैं। नगरीय विकास योजनाओं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भी अग्रणी है। देश के अन्न भंडारों को भरने में भी राज्य पंजाब, हरियाणा से आगे निकल रहा है। ग्रामीण विकास में भी बेहतर काम हो रहा है। विमर्श सभा में महामंडलेश्वर जगदगुरु स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि आदिगुरु ने देहधर्म की नहीं आत्मा की बात की है। मध्यप्रदेश की धरती ने ही बालक शंकर को आदिगुरु शंकराचार्य बनाया है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर वैदिक विद्या का केन्द्र बने। यहाँ पर कार्यशालाएँ व्याख्यान मालाएँ आयोजित हो। उन्होंने कहा कि नीर से ही नारायण है। नदी संरक्षण का कई सौ सालों से नर्मदा सेवा यात्रा जैसा कोई अभियान और उपक्रम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पहल का अन्य प्रदेशों में भी अनुसरण, अनुगमन हो। राज्य की आध्यात्मिक तरंगें, ओज, ऊर्जा पूरे देश के लिये कल्याणकारी हो। आचार्य सभा के संयोजक स्वामी परमानन्द सरस्वती ने कहा कि आदिगुरु ने धर्म-संस्कृति और आध्यात्मिकता को उजागर करने का कार्य किया। उसी अनुरूप ओंकारेश्वर को नई पहचान दी जाये। वह अनुसंधानात्मक ज्ञान का केन्द्र बने जो हिन्दू धर्म की भ्रांतियों को दूर करने के अनुरूप हो। धर्म की रक्षा करें। आचार्य सभा संगठित हिन्दू चेतना को विकसित करने के लिये तत्पर है। स्वामी हरिहरानंद ने कहा कि वे भारतीय संस्कृति के पुनरुद्धार के राज्य सरकार के प्रयासों से अभिभूत है। नर्मदा सेवा यात्रा सत्य-कर्त्तव्य निर्वहन का अनुकरणीय प्रयास है। स्वामी अखिलेश्वरानन्द ने अभियान संचालन के लिये संगठनात्मक स्वरूप को जिला, संभाग और राज्य स्तर पर संयोजित किये जाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर एक मार्गदर्शक मंडल बनाया जाये। प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव ने परियोजना की जानकारी दी। अभियान सांस्कृतिक एकता का जन-आंदोलन है। उन्होंने बताया कि आदिगुरु शंकराचार्य की जन-सहयोग से प्रतिमा निर्माण दुनिया में अपनी तरह का पहला कार्य होगा। दुनिया में किसी भी दार्शनिक की प्रतिमा जन-सहयोग से निर्मित नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश से आदिगुरू शंकराचार्य की स्मृतियां जुड़ी हैं। अभियान में जन-जागृति यात्राएँ इन्हीं स्थानों से शुरू की जायेगी। विमर्श के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान एवं अतिथियों ने अभियान गीत की सी.डी. और चतुर्मठ खेल का लोकार्पण किया। डॉ. संजय द्विवेदी ने आदिगुरु की रचना गुरुपादष्टम का गायन किया। श्री महेश श्रीवास्तव रचित अभियान गीत का समूह गायन भी हुआ।

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 MadhyaBharat  26 May 2017

नर्मदा सेवा मिशन

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नर्मदा सेवा मिशन की कार्ययोजना के क्रियान्वयन की समीक्षा हर माह करें। साथ ही इसकी प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री डेस्क बोर्ड पर डालें। नर्मदा सेवा मिशन के तहत एक साल में जितने काम होंगे उनका रिपोर्ट कार्ड जनता को 15 मई 2018 को प्रस्तुत किया जायेगा। प्रदेश में विश्व पर्यावरण दिवस आगामी 5 से 15 जून तक पेड़ लगाओ यात्राएं निकाली जायेंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ मंत्रालय में नर्मदा सेवा मिशन की बैठक ले रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संबंधित विभाग के मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों को नर्मदा सेवा मिशन की कार्ययोजना की प्रतियाँ सौंपी। बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अमरकंटक में नर्मदा सेवा मिशन की कार्ययोजना नर्मदा प्रवाह का विमोचन किया था। इसके बाद से वे नर्मदा सेवा यात्रा को जनआंदोलन से बदलाव के रूप में सब जगह उल्लेख कर रहे हैं। अब इस कार्ययोजना को क्रियान्वित करने की चुनौती हम सबकी है। नर्मदा सेवा मिशन नदी के संरक्षण और पर्यावरण को बचाने का दुनिया में उदाहरण बनेगा। सभी मंत्री अपने-अपने विभाग में नर्मदा सेवा मिशन के तहत हर माह क्रियान्वित कार्यों की समीक्षा करें। नर्मदा के तटों पर पेड़ लगाने के लिए पंजीयन की वेबसाईट आगामी 24 मई को लाँच होगी। मिशन के तहत नर्मदा के दोनों तटों पर छह करोड़ पौधे लगाये जायेंगे। इसके लिये तैयारियों की कार्ययोजना वन, ग्रामीण विकास और नगरीय प्रशासन विभाग ने तैयार की है। आगामी 31 मई को भोपाल में होने वाली कार्यशाला में सभी जिलों के कलेक्टर अपने-अपने जिले में होने वाले वृक्षारोपण के नक्शा के साथ आयेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पौधे लगाने के लिए गड्ढ़े खोदने का काम और पौधों की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाये। पेड़ लगाने के लिये जन-जागरण करने के लिये सभी जिलों में पेड़ लगाओं यात्राएँ निकाली जायेंगी। इनमें आमजन पेड़ लगाने के लिये संकल्प पत्र भरेंगे। आगामी 20 जून तक तय हो जायेगा कि कौन व्यक्ति कहाँ पर पेड़ लगायेगा। पेड़ लगाने के बाद पेड़ों की रक्षा के पौधरक्षक नियुक्त किये जायेंगे और आवश्यक सुविधाएँ दी जायेंगी। उन्होंने कहा कि आगामी एक जुलाई को सेटेलाईट इमेजिंग से देखा जायेगा कि नर्मदा के तटों पर वृक्षारोपण की क्या तैयारियाँ हैं। आगामी दो जुलाई को वृक्षारोपण किया जायेगा तथा फिर तीन जुलाई को नर्मदा तटों की सेटेलाईट इमेजिंग से देखा जायेगा कि कितने पेड़ लगायें। एक साल बाद फिर से पूरे क्षेत्र की सेटेलाईट इमेजिंग की जायेगी। वृक्षों का अधिक से अधिक सरवाईवल रेट रखने की कोशिश की जायेगी। उन्होंने कहा कि पौधे की आपूर्ति की बेहतर योजना बनाई जाये। इस अभियान में दो जुलाई को आमजनों, विद्यार्थियों, विभिन्न संगठनों के साथ शासकीय अधिकारी-कर्मचारी भी वृक्षारोपण करें। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वन विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग और नगरीय प्रशासन एवं विकास‍विभाग द्वारा वृक्षारोपण की तैयारियों की जानकारी दी गई। बताया गया कि प्रदेश के प्रत्येक ग्राम में कम से कम 400 वृक्ष लगाने की योजना बनाई गई है। प्रत्येक 200 पौधों पर एक पौधरक्षक नियुक्त किया जायेगा, जो पौधों की देखभाल और सुरक्षा करेगा। पौधरक्षकों को वन विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा। वन विभाग पौधों की आपूर्ति करेगा। किस संभाग में किस तरह के पौधों की आवश्यकता है इसका ध्यान रखा जायेगा। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों के खेतों में 40 लाख पौधे लगाये जायेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नर्मदा तटों के 43 शहरों में वृक्षारोपण जनभागीदारी से कराया जायेगा। कृषि विभाग द्वारा किसानों के खेतों की मेढ़ों पर एक करोड़ पौधे लगाये जायेंगे। बैठक में बताया गया कि भोपाल में आगामी एक जून को ग्लोबल स्किल समिट आयोजित की जायेगी। इसमें अलग-अलग मुद्दों पर छह सेमिनार होंगे। इसमें इंटेशन टू इम्पलॉय तथा इंटेंशन टू स्किल के लिये अगले तीन सालों में ढ़ाई-ढ़ाई लाख का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह रोजगार सृजन की महत्वपूर्ण योजना है। आदि शंकराचार्य प्रतिमा के लिये धातु संग्रहण अभियान बताया गया‍कि प्रदेश में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊँची प्रतिमा के निर्माण के लिये धातु संग्रहण का अभियान आगामी 15 जून से 15 जुलाई तक चलेगा। यह प्रतिमा ओंकारेश्वर में स्थापित होगी। इसके पहले भोपाल में 25 मई को संत सभा का आयोजन किया जायेगा। प्रदेश में आदि शंकराचार्य से जुड़े पाँच स्थान ओंकारेश्वर, मंडलेश्वर, पंचमठा, उज्जैन और अमरकंटक से पाँच यात्राएँ निकाली जायेंगी। यात्रा के प्रत्येक दिन संवाद सभाएं आयोजित होंगी। इसके अलावा विकासखण्ड स्तर पर उपयात्राएँ भी निकाली जायेंगी। संवाद सभाओं में आदि शंकराचार्य के जीवन दर्शन और प्रतिमा स्थापना के बारे में जानकारी दी जायेगी तथा धातु संग्रह किया जायेगा। प्रत्येक जिले में धातु भंडारण केन्द्र भी बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी मंत्री प्रत्येक सोमवार और मंगलवार को भोपाल में रहें। हर सोमवार को वे अपने-अपने विभाग की समीक्षा करें तथा लक्ष्य पूर्ति करायें। साथ ही अपने विभाग की प्रगति की जानकारी मुख्यमंत्री डेस्क बोर्ड पर उपलब्ध करायें।

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 MadhyaBharat  24 May 2017

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भोपाल में सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में प्रदेश में तीन नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई। मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में तीन नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसी के साथ आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य मंत्रालय रखा गया है। कैबिनेट ने जबलपुर उच्च न्यायालय के लिए 6 प‍दों को मंजूरी दी गई है। शासकीय कर्मियों का डीए 7 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत किया गया है। नक्सली ऑपरेशन में शहीद परिवारों को पेंशन दी जाएगी। शहीदों के परिजनों को समय-समय पर बढ़ने वाला डीएम मिलेगा। अतिरिक्त प्रभार वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त भत्ता मिलेगा। प्रदेश में तीन निजी विश्वविद्यालय खुलेंगे। तीन सिंचाई परियोजनाएं जिन्हें कैबिनेट में स्वीकृति मिली -बीना संयुक्त सिंचाई तथा बहुउद्देशीय परियोजना। आंवलिया मध्यम सिंचाई परियोजना, इस परियोजना से खंडवा जिले के 31 गांव को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। हिरवार सूक्ष्म सिंचाई नहर परियोजना।  

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 MadhyaBharat  23 May 2017

लालसिंह आर्य

    भोपाल में राज्यमंत्री लालसिंह आर्य के इस्तीफे की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सीएम हाउस के बाहर धरना देने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता मौजूद थे जो विधायक की हत्या के आरोपी मंत्री आर्य के इस्तीफे की मां कर रहे थे। कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सीएम हाउस के सामने बैठने के बाद अजय सिंह ने कहा कि जब कोर्ट ने लालसिंह आर्य को आरोपी बताया है तो उसके बाद वे कैसे मंत्री पद पर रह सकते हैं। सीएम को तुरंत उन्हें मंत्रीपद से हटाना चाहिए।इसके बाद पुलिस ने अजय सिंह, आरिफ अकील और डॉ गोविंद सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गोहद से कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव की 13 अप्रैल 2009 को छरेंटा गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के वक्त विधायक जाटव तब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. भागीरथ प्रसाद की चुनावी सभा के बाद आकर अपनी बोलेरो में बैठे थे। इसी दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब हत्या के बाद ही डॉ. प्रसाद ने पुलिस को दिए बयान में लाल सिंह आर्य और अशोक अर्गल पर हत्याकांड के लिए फंडिंग करने का शक जाहिर कर आरोप लगाया था। साथ ही यह भी कहा था कि माखनलाल की हत्या से भाजपा और लाल सिंह आर्य को फायदा हो सकता है।

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 MadhyaBharat  23 May 2017

ई-गवर्नेंस

मुख्यमंत्री  चौहान द्वारा दस बड़ी निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'प्रगति' ऑनलाइन कार्यक्रम में वीडियों कान्फ्रेंस के माध्यम से प्रगतिरत 10 बड़ी परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण, जल संसाधन, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और राजस्व विभाग के कार्यों की परियोजनावार जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि परियोजनाएँ समय-सीमा में पूरी हों। उनकी नियमित मॉनीटरिंग की जाये। विलंब करने वाली एजेंसियों के खिलाफ दण्ड के प्रावधान किये जायें। निर्माण से संबद्ध काम भी समानांतर किये जायें। उन्होंने जल प्रदाय योजनाओं के निर्माण से प्रभावित सड़कों को वर्षा ऋतु से पहले अनिवार्यत: दुरूस्त करवाने के निर्देश दिये। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की 230 करोड़ रूपये से अधिक लागत की मरदानपुर ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना जिला सीहोर, 155 करोड़ रूपये से अधिक की उदयपुरा ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना जिला रायसेन की समीक्षा की। तकनीकी शिक्षा विभाग के नौगाँव छतरपुर में 20 करोड़ रूपये से अधिक लागत के निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कॉलेज निर्माण की जानकारी ली। चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत 175 करोड़ रूपये से अधिक लागत की चिकित्सा महाविद्यालय खण्डवा की अद्यतन प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्ष 2018 जनवरी तक परियोजना का काम पूरा हो जायेगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा छतरपुर में 32 करोड़ रूपये से अधिक लागत के 300 बिस्तर वाले अस्पताल निर्माण प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि निर्माण कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जायेगा। नगरीय विकास तथा आवास विभाग द्वारा बताया गया कि पुनर्घत्वीकरण योजना में रीवा में 18 करोड़ रूपये से अधिक लागत के ऑडिटोरियम एवं उपकुलपति निवास निर्माण का काम समय-सीमा में पूरा हो जायेगा। मुख्यमंत्री को समीक्षा के दौरान जल संसाधन की वृहद परियोजना बानसुजारा के बारे में बताया गया कि 1768 करोड़ रूपये से अधिक लागत की योजना से 186 गाँवों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। राजस्व विभाग की ई-भूलेख योजना की समीक्षा में बताया गया कि 32 जिलों की 210 तहसीलों में योजना लागू हो गई है। एप्लीकेशन से प्रतिलिपियों का वितरण किया जा रहा है। कुल 10 करोड़ 41 लाख रूपये का राजस्व अर्जित हुआ है। कुल 17 में से 9 मॉड्यूल पूरे हो गये है, शेष का जून अंत तक पूरा हो जाना अनुमानित है। प्रगति ऑनलाइन में वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग द्वारा विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड नरवर, उज्जैन में 442 हेक्टेयर क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे के विकास का काम किया जा रहा है। वर्ष 2018 के अंत तक इसका पूरा हो जाना अनुमानित है। इसमें ऑटो कंपोनेंट, आई.टी., इंजीनियरिंग सर्विसेज एनर्जी हब, मेडिकल हब, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग हब विकसित करने का लक्ष्य है। बताया गया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा चंबल एक्सप्रेस-वे का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 552 पर पाली के समीप से शुरू होगा। परियोजना के लिये लगभग 2500 हेक्टेयर भूमि में से 80 प्रतिशत से अधिक शासकीय भूमि उपलब्ध है  

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 MadhyaBharat  23 May 2017

रेत खनन पर प्रतिबंध

  भोपाल में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार सुबह नर्मदा सेवा मिशन की कार्ययोजना को लेकर बुलाई गई पत्रकारवार्ता में नर्मदा में रेत खनन करने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। यह आज से ही लागू किया गया है। किसी भी मशीन से नर्मदा में खुदाई नहीं की जाएगी। सीएम ने कहा कि खनिज मंत्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है। आईआईटी खड़गपुर की रिपोर्ट आने तक खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। बाकी नदियों में नियमानुसार रेत खनन किया जा सकेगा। इसी के साथ पत्थर से रेत बनाने वालों पर तीन साल तक रायल्टी नहीं लगेगी। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य के मामले में पार्टी ने अपना रुख साफ कर दिया है। मंत्री ज्ञान सिंह आर्य का इस्तीफा हो रहा है। सीएम ने कहा कि पांच जून को विश्व पयार्वरण दिवस के लिए अभियान चलेगा। नर्मदा के केचमेंट एरिया में 6 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। नदियों से रेत उत्खनन में मशीनों के उपयोग पर प्रतिबंध राज्य शासन ने नदियो से रेत उत्खनन में मशीनों के उपयोग को प्रतिबंधित किया है। खनिज साधन विभाग द्वारा आज इस संबंध में आदेश जारी किया गया। जिसमें लेख है कि भारत सरकार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की व्यवस्था अनुसार रेत खदान संचालन के लिये स्टेट एनवायरमेंट इम्पेक्ट असैसमेंट अथारिटी (सिया) अथवा डिस्ट्र‍क्टि एनवायरमेंट इम्पेक्ट असैसमेंट अथारिटी (डिया) द्वारा पर्यावरणीय अनुमति प्रदान की जाती है। पर्यावरणीय अनुमति में शर्त होती है कि रेत खनन मानव श्रम से किया जाये, जिसमें मशीनों से रेत उत्खनन पर पूर्णत: प्रतिबंध है। राज्य शासन ने समस्त जिला कलेक्टर को निर्णय का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।  

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 MadhyaBharat  22 May 2017

 शिवराज निकालेंगे आदिवासी अधिकार यात्रा

तीन हजार किलोमीटर से अधिक लंबी और 148 दिन चली ऐतिहासिक नर्मदा यात्रा के पूर्ण जाने के बाद अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह आदिवासी अधिकार यात्रा पर निकलने की तैयारी में हैं। इस यात्रा का रोड मैप तैयार हो रहा है। इस यात्रा के दौरान आदिवासी सीएम 47 आदिवासी विधानसभा सीटों में तो जाएंगे ही, वे उन क्षेत्रों में भी जाएंगे जो आदिवासी भले ही न हो पर जहां आदिवासी मतदाता निर्णायक स्थिति रखते हैं। भाजपा के चरैवेती के मूलमंत्र पर चलने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह लगातार प्रदेश में सक्रिय रहते हैं। पांच महीने की नर्मदा यात्रा के बाद अब उन्होंने संगठन नेताओं से चर्चा के बाद आदिवासी अधिकार यात्रा पर निकलने का प्लान तैयार किया है। यह यात्रा जुलाई माह में शुरू हो सकती है। एक महीने तक चलने वाली इस यात्रा में सीएम आदिवासियों से सीधे रूबरू होंगे और उनसे चर्चा कर यह जानेंगे कि उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा इस वर्ग के लिए चलाई जा रही योजनाओं का कितना लाभ मिल रहा है। सूत्रों की माने तो समाधान आनलाइन के बाद सीएम ने अफसरों को निर्देश भी दिए थे कि आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के लाभ की वे समीक्षा करें। उन्होंने यह भी कहा था कि जिन क्षेत्रों में आदिवासियों को वन अधिकार के पट्टे नहीं मिले हैं, उन्हें चिन्हित कर जल्द ही उन्हें पट्टे दिए जाएं।  नर्मदा यात्रा में कवर हुई 100 विधानसभा सीटें इधर चुनावी तैयारियों में लगे संगठन ने नर्मदा सेवा यात्रा के राजनीतिक फायदे का आंकलन शुरू कर दिया है।  संगठन महामंत्री रामलाल को संगठन नेताओं ने नर्मदा यात्रा के दौरान मिले अपार जनसमर्थन के बारे में बताते हुए कहा कि सीएम की इस यात्रा के दौरान सौ विधानसभा सीटें कवर हो चुकी है। यहां माहौल पार्टी के लिए बेहद सकारात्मक है। 

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 MadhyaBharat  22 May 2017

parul sahu

  सुरखी की युवा विधायक पारुल साहू ने अगला विधानसभा चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल समेत अन्य भाजपा नेताओं को भी अवगत करा दिया है।  रामलाल इन दिनों प्रदेश के दौरे पर  हैं। वे कल सागर पहुंचे थे। सूत्रों की मानें तो आज सुबह आठ बजे कटनी के लिए रवाना होने से पहले रामलाल सागर के भाजपा कार्यालय ‘धर्मश्री’ में  प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत और सागर संभाग के प्रभारी और प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद गोटिया समेत कुछ नेताओं से चर्चा कर रहे थे। इसी बीच सुरखी विधायक पारुल साहू रामलाल से मिलने पहुंचीं। उन्होंने संगठन नेताओं से एकांत में अपनी बात रखने की बात ही।  रामलाल, विनोद गोटिया और सुहास भगत के साथ हुई चर्चा में पारुल साहू ने 2018 का विधानसभा चुनाव लड़ने में असमर्थता जताते हुए कहा कि स्थानीय भाजपा में जो गुटबाजी चल रही है उसके कारण वे अगला चुनाव नहीं लड़ सकतीं। पार्टी अभी से किसी दूसरे नाम पर विचार करना शुरू कर दे। सूत्रों की मानें तो संगठन के नेता उनकी बात सुनकर अवाक रह गए। उन्होंने पारुल साहू को समझाया भी पर पारुल साहू ने कहा कि फिलहाल जो हालात हैं, वे उनके चुनाव लड़ने के लायक नहीं हैं।  भाजपा सूत्रों की मानें तो पारुल साहू ने संगठन नेताओं से मुलाकात के दौरान भाजपा के जिलाध्यक्ष राजा दुबे की शिकायत की और कहा कि वे संगठन के मामलों में पक्षपात कर रहे हैं। उन्होंने जिलाध्यक्ष की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल भी संगठन नेताओं के सामने उठाए और कहा कि ऐसे लोगों के साथ काम करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने संगठन नेताओं से यह भी कहा कि दस साल से यह सीट कांग्रेस के पास थी। उन्होंने बड़ी मेहनत से चुनाव जीता था पर अब विरोधियों को प्रश्रय दिया जा रहा है।   विधायक पारुल साहू ने कहा मैंने राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, सुहास भगत और विनोद गोटिया से मुलाकात कर 2018 का चुनाव न लड़ने की बात कही है।   

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 MadhyaBharat  19 May 2017

अनिल माधव दवे

  केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी समेत कई राजनेताओं ने दुख जताया है। प्रधानमत्री ने दवे के निधन पर दुख जताते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट किए और कहा कि अनिल माधव दवे जी को एक प्रतिबद्ध जनसेवक के तौर पर जाना जाता रहेगा, वह पर्यावरण को बचाने के लिए काम करते रहे। वहीं कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी शोक जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने एक श्रेष्ठ नेता को खो दिया है। वही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दवे जी की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता है। व्यक्तिगत और पार्टी के लिए ये एक बहुत बड़ी क्षति है। मप्र सरकार ने अनिल माधव दवे के निधन पर दो दिन के लिए राजकीय शोक घोषित किया है। वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह कि मैं दवे जी के निधन से स्तब्ध हूं। वहीं भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी अनिल माधव दवे को बेहतरीन रणनीतिकार बताते हुए कहा कि उनके जाने से पार्टी को जो क्षति हुई है, उनकी भरपाई कभी भी नहीं की जा सकेगी। दवे ने वसीयत में लिखा, मेरा स्मारक मत बनवाना राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे की लंबी बीमारी से निधन होन के बाद उनकी वसीयत भी अब सामने आ गई है। आमतौर पर सादा जीवन जीने वाले अनिल माधव दवे ने अपनी वसीयत में लिखा है कि संभव हो सके तो मेरा अंतिम संस्कार होशंगाबाद जिले के बांद्राभान में नदी महोत्सव वाले स्थान पर कराना। इसके अलावा दवे ने अपनी वसीयत में लिखा कि अंतिम संस्कार की सभी उत्तर क्रिया वैदिक कर्म के साथ ही संपन्न कराई जाए, जिसमें किसी भी प्रकार का आडंबर या दिखावा नहीं किया जाए। उन्होंने अपनी वसीयत में मुख्य रूप से इस बात का उल्लेख किया है कि मेरी मौत के बाद मेरी स्मृति में कोई स्मारक, प्रतियोगिता, पुरस्कार, प्रतिमा आदि न स्थापित की जाए।  

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 MadhyaBharat  18 May 2017

अनिल माधव दवे

अनिल माधव दवे यानी  ‘जावली’  का वो रणनीतिकार जिसने मध्यप्रदेश में एक नहीं छह चुनाव में अपनी दूरदर्शिता और प्रबंधन क्षमता का लोहा मनवाया, जिसका आगाज उन्होेंने दिग्विजय सिंह की सरकार को उखाड़ फेंकने के साथ किया था। सियासत के मोर्चे पर मध्यप्रदेश में स्थापित कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करना और सत्ता में रहते हुए बीजेपी को वापस सत्ता में लाना, वो भी एक नहीं दो बार उनकी विलक्षण, सियासी सकारात्मक सोच एवं कुशल प्रबंधन की कार्यक्षमता के मोर्चे पर उनकी उपलब्धियों को बयां करता है। प्रदेश संगठन का नेतृत्व बदलता रहा, वह भी तब जब चुनाव की कमान उमाभारती के बाद शिवराज के पास जाकर बदलती रही, जिनके विरोधाभासी व्यक्तित्व के बावजूद अपनी योग्यता के दम पर दवे दोनों के साथ चुनाव में समन्वय बनाने में सफल रहे। ‘जावली’ से निकला चुनावी नारा आज भी लोगों के जेहन पर छाया रहा, जब 2003 में मिस्टर ‘बंटाधार’ का जुमला कांग्रेस के लिए परेशानी का सबक बना। आखिर शीर्ष नेतृत्व खासतौर से मोदी ने उनकी सुध ली और विलक्षणता को पहचाना। प्रधानमंत्री ने उन्हें अपनी कैबिनेट में शामिल कर वो सम्मान दिया जिसके वो हकदार थे और सूबे की राजनीति में उन्हें दूसरों से अलग रखता था।हाल ही में राज्यसभा के लिए एक बार फिर नवाजे गए दवे का दबदबा अब दिल्ली की राजनीति में देखने को मिला। जिनके खाते में उपलब्धियों के नाम पर बहुत कुछ है, लेकिन संघ के इस निष्ठावान और समर्पित स्वयंसेवक ने जो धमाका किया है उसका असर मध्यप्रदेश की राजनीति में देखने का इंतजार रहेगा। ऐसे में सवाल खड़ा होना लाजमी है कि सांसद रहते मध्यप्रदेश की राजनीति में अभी तक उपेक्षा के शिकार हुए अनिल माधव दवे की यह नई पारी बीजेपी की अंदरूनी राजनीति खासतौर से सूबे की सियासत में क्या गुल खिलाती है, जहां से पहले से ही सुमित्रा महाजन, सुषमा स्वराज, उमाभारती, नरेन्द्र तोमर, थावरचंद गेहलोत जैसे दिग्गज दिल्ली में अपना दबदबा बनाए हुए हैं। प्रकाश जावड़ेकर पहले ही मंत्री बनकर राज्यसभा में मध्यप्रदेश से भेजे जा चुके हैं। दूसरी ओर दिल्ली में संगठन की राजनीति में कैलाश विजयवर्गीय सबसे पॉवरफुल महामंत्री के तौर पर अमित शाह की टीम का हिस्सा बने हैं तो प्रभात झा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। दवे की गिनती ऐसे चिन्तक और विचारक के तौर पर होती है जिन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन माइक्रो मैनेजमेंट के दम पर कईयों को चुनाव जिताकर विधायक, सांसद बनवाने में बड़ी भूमिका निभाई। मोदी सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार में शामिल अनिल माधव दवे को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। वो पहलेभी दो बार उच्च सदन में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। मध्यप्रदेश की राजनीति में उनका नाम सुर्खियमें तब आया जब दिग्विजय सिंह की 10 साल की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ‘जावली’ को अस्तित्व में लाया गया, जिसकी कमान अनिल दवे के हाथों में थी, जिसका मकसद विधानसभा 2003 में उमाभारती की अगुवाई में बीजेपी की सरकार बनाना था, जिसमें बंद कमरे की रणनीति से लेकर चुनाव प्रबंधन के मोर्चे पर पार्टी को अपनी क्षमता का आंकलन करने पर मजबूर किया। इससे पहले विभाग प्रचारक रहते हुए 1999 में वे परदे के पीछे तक सीमित रहे, जब उमाभारती ने भोपाल से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। इस बीच समय के साथ बीजेपी की अंदरूनी राजनीति में समीकरण बदलते गए, लेकिन जब चुनाव आते खासतौर से लोकसभा और विधानसभा तो यह चेहरा पार्टी की जरूरत बनकर सामने आता रहा और सरकार बनने के बाद गुमनामी में खो जाता। हाल ही में एमजे अकबर के साथ अनिल दवे को मध्यप्रदेश से राज्यसभा में भेजकर पार्टी ने उनकी योग्यता को जरूर सलाम किया। इससे पहले प्रतिष्ठा से आगे जब पद और सम्मान की बात होती तो यह शख्स पीछे रह जाता। बावजूद इसके विधानसभा और लोकसभा के तीन-तीन चुनाव से आगे बढ़कर अनिल दवे ने ‘नर्मदा समग्र’ से जोड़कर जिस मिशन से खुद को आगे बढ़ाया उसने उन्हें नई चुनौती से जुड़े कुछ अलग कर दिखाने का मौका भी दिया चाहे वो ग्लोबल वॉर्मिंग से जुड़ी शोध हो या फिर विश्व हिन्दी सम्मेलन और सिंहस्थ की सुर्खियां बना वैचारिक महाकुम्भ तो दवे ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ही नहीं बल्कि संघ के चिन्तकों को भी यह सोचने को मजबूर कर दिया, क्या अनिल दवे का पार्टी और देशहित में और बेहतर उपयोग किया जा सकता है। सिंहस्थ जिसे नई पहचान देने की आवश्यकता प्रधानमंत्री मोदी ने वैचारिक महाकुम्भ के जिस मंच से जताई मेजबान के तौर पर उसके हीरो शिवराज सिंह चौहान जरूर रहे, लेकिन दवे ने जिस तरह इस इवेन्ट में संघ को साधा उसका नतीजा आज सामने है। अनिल माधव दावे जिन्हें हाल ही में राज्यसभा में भेज गया है वो पहले भी दो बार उच्च सदन में मध्यप्रदेश प्रतिनिधित्व कर चुके हैं । मध्यप्रदेश की राजनीति में उनका नाम सुर्ख़ियों में तब आया जब दिग्विजय सिंह की १० साल की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जावली को अस्तित्व में लाया गया, जिसका कमान अनिल दवे के हांथो में थी । जब किसी और ने नहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कैबिनेट के विस्तार के दौरान मध्यप्रदेश के दिल्ली में कई दिग्गजों के दबदबे को नजरअंदाज करके उन्हें मंत्री बनाने का फैसला लिया। मोदी-शाह के युग में अनिल दवे की क्षमताआें का आंकलन भले ही देर से किया गया, लेकिन आडवाणी के युग में जब नितिन गडकरी की ताजपोशी में इन्दौर में राष्ट्रीय परिषद् की बैठक बुलाई गई थी तब दिग्गजों के बीच जिसमें मोदी मुख्यमंत्री के रूप में शामिल थे तब अनिल दवे का प्रजेन्टेशन खासा सुर्खियों में था, जिन्होंने राजनीति में रहते हुए सामाजिक सरोकार से जुड़े दायित्व को अपनी प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखा, जिसे संघ के एजेंडे से जोड़कर देखा जाता है और अब बीजेपी भी अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों की गाइड लाइन बना चुकी है। समाज कल्याण से जुड़े विषयों पर अपनी पकड़ को साबित कर नर्मदा किनारे बान्द्राभान में नदियों को नदियों से जोड़कर उसके अस्तित्व की पैरवी की, जिसे अटलबिहारी वाजपेयी की सोच से जोड़कर देखा गया और अब मोदी सरकार में गंगा मंत्रालय के तौर पर इस लाइन पर आगे बढ़ाया गया। अनिल माधव दवे का केन्द्र में भाजपा की मोदी-सरकार में राज्यमंत्री बनना कोई अनहोनी राजनीतिक-घटना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक जीवन में उस नायक के आकार लेने की प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसकी कल्पना उन्होंने ने खुद अपनी पुस्तक- ‘शिवाजी और सुराज’ की इब्तिदा करते हुए की थी। अनिल ने पुस्तक में प्रतिमा निर्माण की मनोदशाओं के शाब्दिक-रूपान्तरण ‘मनोगत‘ में खुद को व्यक्त करते हुए लिखा है कि– ‘धार्मिक, राजनीतिक, सामाजिक, व्यवसायिक समाज में किसी भी क्षेत्र में नेतृत्व करने वाले हर उस नायक की एक प्रतिमा होती है, जो उस व्यक्ति के विचार, व्यवहार, आचरण, निर्णयों तथा उसके प्रति समाज के मन में उपजी अवधारणाओं के कारण बनती है।

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 MadhyaBharat  18 May 2017

नर्मदा सेवा मिशन

नर्मदा नदी मध्यप्रदेश की जीवन-रेखा है। यह भारतीय उप महाद्वीप की पाँचवीं सबसे बड़ी नदी होने के साथ ही भारत की सात पवित्र नदियों में से एक है। मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी 16 जिले और 51 विकासखण्ड से होती हुई 1077 किलोमीटर का मार्ग तय करती है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के निर्देशन में प्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा नदी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिये 'नर्मदा सेवा मिशन' गठित किया है। उद्देश्य-मिशन वृक्षारोपण के जरिये नदी तटीय क्षेत्र का संरक्षण, उन्नत स्वच्छता, तरल एवं ठोस अपशिष्ट और सामुदायिक एवं व्यक्तिगत स्वच्छता प्रबंधन, जल-संरक्षण एवं नदी कछार क्षेत्र विकास, प्रदूषण नियंत्रण एवं प्रबंधन, जैविक खेती और गुड एग्रीकल्चर प्रेक्टिस को प्रोत्साहन, संवेदनशील एवं स्वच्छ कृषि का विकास, नर्मदा नदी के संरक्षण एवं संवर्धन को आजीविका से जोड़ना, नदी संसाधनों का यथोचित उपयोग, नदी क्षेत्र में स्वस्थ पारिस्थितिकीय तंत्र का विकास, नर्मदा नदी के संरक्षण- संवर्धन के लिये समाज का क्षमता वर्धन एवं सहभागिता सुनिश्चित करना और नर्मदा तटीय क्षेत्र में नशामुक्त समाज के निर्माण जैसे कार्य करेगा। राज्य क्रियान्वयन समिति-नर्मदा सेवा मिशन के संचालक अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी होंगे। संचालक की अध्यक्षता में स्तरीय क्रियान्वयन समिति मिशन कार्य की सतत मॉनिटरिंग करेगी। मिशन समन्वयक प्रमुख सलाहकार अथवा सलाहकार, राज्य योजना आयोग होंगे। समिति के सदस्यों में वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नर्मदा घाटी विकास और ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास, जल संसाधन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण, पर्यावरण, पर्यटन, नगरीय विकास तथा आवास, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य-विकास, पशुपालन, ग्रामोद्योग, राजस्व, खनिज, संस्कृति, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार और सूक्ष्म, लघु, मध्यम एवं उद्यम विभाग के प्रमुख सचिव, कार्यपालक निदेशक जन अभियान परिषद, मुख्यमंत्री द्वारा नामांकित पाँच विषय-विशेषज्ञ एवं नर्मदा नदी के संरक्षण एवं संवर्धन में कार्यरत स्वयंसेवी/ समाज सेवी संगठनों के पाँच प्रतिनिधि इस समिति के सदस्य होंगे। 21 विभाग के जरिये होगी उद्देश्य की पूर्ति-मिशन इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिये नर्मदा नदी के संरक्षण हेतु नर्मदा तटीय क्षेत्र में 20 विभागों द्वारा संचालित कार्यों का मूल्यांकन एवं समन्वय करने के कार्य करेगा। मिशन नर्मदा तटीय क्षेत्र में वानस्पतिक आच्छादन एवं वन क्षेत्र बढ़ाने के लिये निजी एवं शासकीय भूमि में वृक्षारोपण, नर्मदा तटीय क्षेत्र में मनुष्य की स्वच्छ जीवन शैली जैसे - खुले में शौच से मुक्ति आदि की दिशा में, कृषि की आधुनिक पद्धतियों से नदी एवं पर्यावरण के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन कर वैकल्पिक कृषि जैसे जैविक खेती को प्रोत्साहन आदि पर कार्य करेगा। साथ ही प्रदूषण के कारकों की पहचान कर उनके निवारण, नर्मदा के संरक्षण एवं संवर्धन में आजीविका सुनिश्चित करते हुए समाज की सहभागिता बढ़ाने की दिशा में, संरक्षण एवं संवर्धन हेतु नवीनतम तकनीकों का विकास, अनुसंधान एवं अंगीकरण, 'नमामि देवि नर्मदे' - सेवा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा की गई घोषणाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का कार्य भी मिशन करेगा। मिशन नर्मदा नदी के अस्तित्व की चुनौतियों को कम करने की दिशा में सतत् प्रयास, नदी के संरक्षण, वानस्पतिक एवं जल-संरक्षण की प्राचीन पारम्परिक पद्धति का संकलन एवं दस्तावेजीकरण, नर्मदा कछार में जैव विविधता के संरक्षण के लिये शासनाधीन संस्थानों द्वारा किये जा रहे कार्यों को गति देने, प्रदेश में वर्तमान में नर्मदा सेवा के लिये कार्यरत स्वैच्छिक एवं सामाजिक संगठनों की शासन के साथ सहभागिता सुनिश्चित करना, समाज के समस्त वर्गों को नदी के संरक्षण के प्रति साक्षर करने के लिये नर्मदा सेवा केन्द्रों अथवा ज्ञान केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों को नर्मदा संरक्षण के कार्यों से जोड़ने का कार्य करेगा। मिशन द्वारा नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्र में धार्मिक परिवेश की पवित्रता अक्षुण्ण बनी रहने, नर्मदा के संरक्षण में शासन के साथ समाज की सहभागिता सुनिश्चित करने, नदी के संरक्षण के लिये अनुदान राशि स्वीकार करने एवं नर्मदा संरक्षण के लिये वर्तमान तक पंजीकृत महोत्सवों जैसे वन एवं नदी महोत्सव आदि के आयोजन के लिये संबंधित विभागों एवं संस्थाओं से समन्वय, नर्मदा तटीय क्षेत्र में स्वच्छ पारिस्थितिकीय तंत्र विकसित करने और ऐसे सभी कार्य अथवा ऐसे कृत्य जो मिशन के लक्ष्य एवं उद्देश्य की प्राप्ति के लिये आवश्यक हों, किये जायेंगे। विभागीय गतिविधियों का कियान्वयन एवं समन्वय वन विभाग को गर्मियों में जंगल में सूखे पत्तों के कारण आग लगने की घटनाओं पर नियंत्रण के लिये कार्य योजना तैयार कर क्रियान्वयन करना, वन क्षेत्र में जल संग्रहण हेतु उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन कर लघु एवं बड़ी संरचनाओं और वन क्षेत्र में उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन कर वनों के विकास एवं वन्य-प्राणियों हेतु लघु एवं बड़ी संरचनाओं के निर्माण का दायित्व रहेगा। वन उपयोग हेतु अनुसंधान एवं विस्तार वृत्त इंदौर में एक टिश्यू कल्चर लैब का योजनाबद्ध तरीके से विस्तार भी विभाग करेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग- इस विभाग के दायित्वों में नर्मदा के किनारे स्थित ग्रामों को खुले में शौच जाने से मुक्त करवाना, मनरेगा में वृक्षारोपण, ग्राम पंचायतों में Biodegradable and non- biodegradable कचरा प्रबंधन यूनिट की स्थापना, नर्मदा एवं नर्मदा की सहायक नदियों के संरक्षण के लिये ग्राम पंचायतों की भूमिका का निर्धारण करवाना शामिल किया गया है। साथ ही सभी धर्मों के त्यौहारों पर मूर्तियों एवं ताजिये आदि के विसर्जन के लिये पृथक से कुण्ड एवं स्थान तैयार करवाना, नर्मदा में मिलने वाले नाले एवं कचरों के बिन्दुओं की पहचान कर, उन्हें रोकने का कार्य, नर्मदा तटीय स्थलों पर शवों का जलदाग के स्थान पर अग्निदाग के लिये मुक्तिधाम की स्थापना और नर्मदा तट पर निर्मित घाटों पर महिलाओं के लिये वस्त्र बदलने हेतु पृथक चेंजिंग रूम के साथ सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाना भी विभाग के कार्यों में शामिल किया गया है जिला क्रियान्वयन समिति -नर्मदा सेवा मिशन के क्रियान्वयन के लिये जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति भी गठित की गई है। समिति में जिला कलेक्टर जिला मिशन अध्यक्ष होंगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जिला वन मण्डलाधिकारी, उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास, उप/सहायक संचालक उद्यानिकी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र, उप संचालक पशुपालन, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन, उप/सहायक संचालक मत्स्य विभाग, जिला खनिज अधिकारी, जिले की समस्त स्थानीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डिवीजनल इंजीनियर ऊर्जा विभाग, उप संचालक कुटीर एवं ग्रामोद्योग, जिला समन्वयक जन अभियान परिषद, जिला योजना अधिकारी आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग और जिला कलेक्टर द्वारा नर्मदा नदी के संरक्षण एवं संवर्धन में कार्यरत स्वयंसेवी/समाजसेवी संगठनों के पाँच प्रतिनिधि सदस्य होंगे। कृषि विकास तथा किसान कल्याण विभाग- विभाग के कार्यों में जैविक कृषि के प्रमाणीकरण के लिये कृषकों का पंजीयन करवाना (प्रतिवर्ष प्रत्येक ग्राम पंचायत में 50 एकड़ भूमि), कृषि से निकलने वाले कचरे से खाद बनाने की तकनीकी जानकारी देना एवं प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक यूनिट स्थापित करवाना, नरवाई न जलाने के लिये जन-जागरूकता एवं प्रतिबंध, किसानों को कृषि वानिकी में प्रशिक्षित करवाना तथा कृषि वानिकी की दृष्टि से उपयोगी पौधे वन विभाग से प्राप्त कर इच्छुक कृषकों को उपलब्ध करवाना शामिल किया गया है। इसी तरह जल एवं मृदा प्रबंधन की तकनीकी जानकारी का कृषकों के मध्य प्रचार-प्रसार, विविध खेती को प्रोत्साहित करने के लिये किसानों को प्रशिक्षित करना तथा विविध खेती के सफल मॉडल प्रदेश में प्रत्येक ब्लॉक में स्थापित करना, खाना बनाने के लिये लकड़ी का उपयोग करने के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत में 200 गोबर गैस एवं बायोगैस संयंत्रों की स्थापना, नर्मदा केचमेंट एरिया से संबंधित समस्त खेतों में मेढ़ बंधान, जैविक कृषिगत उत्पादों के विक्रय के लिये संबंधित क्षेत्रों की मंडियों में पृथक से विपणन व्यवस्था और मृदा प्रबंधन संबंधी कार्य भी विभाग करेगा। मछुआ कल्याण तथा मत्स्य-विकास विभाग -विभाग के कार्यों में मछली पालन नीति 2008 के अनुसार नदियों में विष, डायनामाईट, विद्युत प्रभाव से मत्स्याखेट के विरूद्ध दण्ड का प्रावधान, मध्यप्रदेश मत्स्य उद्योग पुनरीक्षित अधिनियम 1981 में निहित प्रावधानों का कड़ाई से पालन, मैदानी अधिकारियों को मत्स्य-पालन एवं मत्स्याखेट करने वालों को इस अधिनियम के पालन के लिये निर्देशित करवाना, मछुआरों को भी नदी एवं जल संरक्षण के संबंध में प्रशिक्षित कर उन्हें इस संबंध में जिम्मेदारी दी जाना और मत्स्य-पालन नीति अनुसार नदियों में प्राकृतिक मत्सिकी के संरक्षण एवं अभिवृद्धि के लिये सुझाव दिये जाना शामिल किया गया है। नर्मदा घाटी विकास विभाग -इस विभाग के नर्मदा तटों पर बड़े घाटों का निर्माण एवं मरम्मत करवाना, नर्मदा केचमेंट एरिया में सघन सर्वे के बाद बड़े स्तर पर तालाबों का निर्माण, निर्माणाधीन बाँधों के कारण नदी का पारिस्थितिकीय बहाव बाधित न हो, यह सुनिश्चित करना इस विभाग का मुख्य कार्य होगा। नर्मदा केचमेंट एरिया में सघन सर्वे केचमेंट एवं नदी जोड़ों क्षेत्र में तालाबों और नर्मदा किनारे रैन बसेरों का निर्माण भी विभाग को सौंपा गया है। नगरीय विकास विभाग -इस विभाग के कार्यों में नगरीय क्षेत्रों में नर्मदा के घाटों पर कचरा पेटी की स्थापना, मृत पशुओं के वैज्ञानिक निष्पादन हेतु इकाइयों की स्थापना, घाटों पर कपड़े, वाहन, पशुओं के नहलाने एवं स्नान में साबुन डिटर्जेंट के उपयोग को प्रतिबंधित कर मॉनिटरिंग की व्यवस्था, Solid waste इकाइयों और घाटों पर सार्वजनिक शौचालयों की स्थापना करवाना शामिल है। इसी तरह नर्मदा घाटों का सौंदर्यीकरण, सभी धर्मों के त्यौहारों पर मूर्तियों एवं ताजिये आदि के विसर्जन के लिये पृथक से कुण्ड एव स्थान तैयार करवाना, नर्मदा में गंदे नालों को मिलने से रोकना, नर्मदा तटीय स्थलों पर शव को नर्मदा में जलदाग के स्थान पर अग्निदाग कर सकें इसके लिये मुक्तिधाम स्थापित करवाना और शहरी/ नगरीय क्षेत्र के लिये नर्मदा तट पर महिलाओं एवं पुरुषों के लिये पृथक-पृथक वस्त्र बदलने के लिये चेंजिंग रूम के साथ सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाना भी विभाग का दायित्व होगा। पशुपालन विभाग -यह विभाग पशुओं को जंगल में चरने के लिये खुला छोड़ने की प्रथा रोकने के लिये कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन करवायेगा। चारे की खेती के लिये कृषकों को प्रशिक्षित कर प्रोत्साहित करना, प्रत्येक विकासखण्ड में एक-एक पशु चारे की नर्सरी स्थापित कर नर्मदा क्षेत्र में चारा उपलब्ध करवाना और शुष्क पशुओं की ड्राय डेयरी यूनिट्स की स्थापना कर लोगों को यह संदेश भी विभाग देगा कि दुधारू पशुओं के समान ही शुष्क पशु भी उपयोगी हैं। ग्रामोद्योग विभाग -विभाग को पेड़ों के पत्तों से दोने एवं पत्तलें बनाने की इकाइयों और मिट्टी से कुल्हड़ एवं प्लेट बनाने की आधुनिक छोटी-छोटी इकाइयों की स्थापना, मिट्टी से मूर्तियाँ बनाने का प्रशिक्षण करवाना और रेशम कीट पालन से कृषकों को जोड़ने का, कार्य दिया गया है। राजस्व विभाग -इस विभाग को नर्मदा एवं सहायक नदियों की सीमाओं का सीमांकन करवाकर अतिक्रमण हटाने और ग्रामीण / शहरी / नगरीय नर्मदा के घाटों की साफ-सफाई करवाने का दायित्व दिया गया है। खनिज विभाग -विभाग नदी जल की शुद्धता एवं नदी के संरक्षण के लिये रेत के महत्व के संबंध में इस व्यवसाय में लगे लोगों को जागरूक करने और अवैध उत्खनन को पूरी तरह नियंत्रित करने का कार्य करेगा। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग -विभाग उद्यानिकी अपनाने के लिये लोगों से वचन-पत्र भरवाना, एम.पी. एग्रो के जरिये गोबर एवं बायोगैस संयंत्र निर्माण का अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षण देने एवं गोबर तथा बायोगैस प्लांट्स के निर्माण का कार्य करेगा।  फलों, फूलों एवं सब्जियों की खेती के लिये लोगों को प्रशिक्षित कर उनके प्र-संस्करण की इकाइयों की स्थापना के लिये वातावरण निर्माण, नर्मदा नदी के दोनों तटों से एक किलोमीटर की दूरी में आगामी तीन वर्षों में 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फल पौधों का रोपण, फल-फूल-सब्जी-औषधीय एवं सुगंधित फसलों के बीज एवं पौधे कृषकों को उपलब्ध करवाने के लिये  ब्लॉक स्तर पर एक नर्सरी की स्थापना और कृषि फसल की प्रतिस्थापना के एवज में कृषकों को तीन वर्षों तक आर्थिक सहायता देने का कार्य भी विभाग करेगा। विभाग मनरेगा से राशि उपलब्ध करवाने और रख-रखाव सहित पाँच वर्षों तक फल-पौध रोपण योजना भी  संचालित करेगा। पर्यावरण विभाग -राज्य सरकार ने पॉलिथिन एवं स्टाईरो फोम को प्रतिबंधित किया है। अत: यह विभाग पोलिथीन उपयोग के संबंध में अधिनियमों/ नियमों का नर्मदा तटीय क्षेत्रों में पालन, उद्योगों से निकलने वाले अवशिष्टों का अनिवार्यत: उपचार एवं सुरक्षित निपटारा, जल, नदी एवं वन्य-प्राणियों के संरक्षण अधिनियमों के संबंध में आमजनों को प्रशिक्षित, उद्योगों/ कारखानों का बहाव एवं नालों के माध्यम से ग्रामों एवं शहरों के कचरे के नदी में मिलने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के संबंध में जागरूकता एवं स्थायी प्रचार-प्रसार की व्यवस्था करेगा। नर्मदा तथा सहायक नदी क्षेत्रों में संचालित उद्योगों से निकलने वाले औद्योगिक अवशिष्ट/ कचरे का उपचार के बाद सुरक्षित निष्पादन भी विभाग करेगा। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग -सोलर एनर्जी के उपयोग के लिये जागरूकता फैलाना, नर्मदा नदी के किनारे सिंचाई के उद्देश्य से सोलर पम्प की और  शहर, कस्बों एवं गाँवों में सौर ऊर्जा की रूफटॉफ परियोजनाओं की स्थापना, किनारे स्थित धर्मशालाओं आदि में सौर गर्म जल संयंत्रों, नदी के किनारे ऊर्जा दक्ष एल.ई.डी. बल्ब एवं अन्य ऊर्जा दक्ष संयंत्रों, बायोमॉस ऊर्जा संयंत्रों और नर्मदा तट स्थित शहरों में शहरी अपशिष्ट इत्यादि पर आधारित ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना करवाने का कार्य यह विभाग करेगा। पर्यटन विभाग -नर्मदा किनारे विभाग के होटल्स से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक निष्पादन, पर्यटन हेतु सौर ऊर्जा नावों के उपयोग और नर्मदा किनारे कुछ ग्रामों/घाटों को चिन्हित कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करवाने का कार्य करेगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग -इस विभाग का दायित्व सभी तरह के गचरे के निष्पादन हेतु छोटी-छोटी वैज्ञानिक तकनीकी को उपलब्ध कराने, नदी विज्ञान की नवीन विधा का विकास कर अनुसंधान, नव ज्ञान, सृजन, नव साहित्य सृजन और नदी स्वास्थ्य संकेतक प्रारूप विकसित कर दीर्घ काल में नदी स्वास्थ्य सुनिश्चित करवाना होगा। सामाजिक न्याय विभाग नर्मदा तटीय क्षेत्रों में समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में कार्य करेगा। संस्कृति विभाग -संत और समाज के बीच समन्वय एवं संवाद की स्थापना, सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन, नर्मदा घाटी सभ्यता एवं संस्कृति के पुरातात्विक पहलुओं का अन्वेषण, नर्मदा के किनारे प्रागैतिहासिक गुफाओं का उन्नयन और नर्मदा के किनारे वाले मेलों को सहायता देने का कार्य विभाग करेगा। उद्योग विभाग -विभाग नर्मदा तथा सहायक नदी क्षेत्रों में संचालित उद्योगों से निकलने वाले औद्योगिक अवशिष्ट/कचरे का उपचार के बाद सुरक्षित निष्पादन सुनिश्चित करेगा। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग -चौपालों आदि का आयोजन कर जन्म एवं मृत्य प्रमाण-पत्र बाँट कर स्मृति में वृक्षारोपण हों इस दिशा में स्थानीय निकायों को प्रशिक्षित एवं निर्देशित करेगा। नर्मदा किनारे स्थित ग्राम पंचायतों की निर्माणाधीन विकेन्द्रीकृत योजना में ग्राम पंचायतों की भागीदारी, मिशन के अंतर्गत विभिन्न विभागों की गतिविधियों का आम जन के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार, नर्मदा संरक्षण एवं संवर्धन में कार्यरत स्वयंसेवी संगठनों को मिशन से जोड़ने एवं प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक नर्मदा सेवा समिति के गठन की दिशा में भी विभाग कार्य करेगा। नर्मदा नदी के संरक्षण के प्रति आमजन को साक्षर बनाने के लिये विकासखण्ड स्तर पर नर्मदा साक्षरता अथवा नर्मदा ज्ञान केन्द्रों की स्थापना भी यह विभाग करेगा। जल संसाधन विभाग-विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि नर्मदा पर स्थित एवं निर्माणाधीन बाँधों से नदी का पारिस्थितिकीय बहाव (Ecological Flow) बाधित न हो। ऊर्जा विभाग-इस विभाग का दायित्व नर्मदा तटीय स्थानों पर विद्युत प्रदाय के लिये आवश्यकतानुसार अधोसंरचना विद्युत नियामक आयोग के प्रावधानों के अंतर्गत विकसित करना होगा।  

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 MadhyaBharat  16 May 2017

नर्मदा सेवा मिशन

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है नर्मदा सेवा यात्रा अब एक सामाजिक आंदोलन बन चुकी है। नर्मदा सेवा जीवन का मिशन है। यह राजनैतिक कर्मकांड नहीं है। उन्होंने कहा कि नदियों, पर्यावरण और जल को बचाना सरकार और हर नागरिक का कर्तव्य है। इस काम में सरकार और समाज दोनों को साथ-साथ चलना होगा। श्री चौहान ने कहा कि अगले साल से सभी नदियों को बचाने का अभियान चलेगा। यदि समाज नदियों के संरक्षण में जुट गया तो उत्कृष्ट परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि अब सोने का नहीं जागने का समय है। यदि नदियों को बचाने की आत्म प्रेरणा उत्पन्न हो जाये तो लक्ष्य पूरा होने में समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि जो देश पर्यावरण को हानि पहुंचा रहे हैं उनकी आलोचना करने के बजाए अपना नागरिक धर्म निभाने पर ध्यान देना ज्यादा उपयुक्त है। वे आज यहां प्रशासनिक अकादमी में नदी, जल और पर्यावरण संरक्षण मंथन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस मंथन का आयोजन पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन और जनअभियान परिषद द्वारा आयोजित किया गया था। इस मंथन में जल संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में वन मंत्री डॉ गौरीशंकर शेजवार, अपर मुख्य सचिव वन श्री दीपक खांडेकर, नर्मदा मर्मज्ञ श्री अमृतलाल बेगड़ एवं नदी संरक्षण विशेषज्ञ उपस्थित थे। नर्मदा सेवा मिशन के अंतर्गत भविष्य की कार्य योजना की रूपरेखा बताते हुये श्री चौहान ने कहा कि अमरकंटक में 15 मई को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के हाथों इसका विमोचन होगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा मैया शाश्वत है। उन्हें नुकसान पहुंचाने वालों को दंड मिलेगा। नर्मदा जी को जीवंत अस्तित्व माना गया है। नर्मदा माँ के जीवन के लिये हरियाली बढ़ाने, प्रदूषण रोकने के सभी कार्य किये जायेंगे। दो जुलाई को दोनों तटों पर वृहद वृक्षारोपण होगा। नर्मदा की क्षीण होती धारा को समृद्ध किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अब समाज ने स्वीकार कर लिया है कि जीवन देने वाली नारी का जीवन बचाना जरूरी है। प्राकृतिक संसाधनों का अन्यायपूर्वक दोहन ठीक नहीं है। राज और समाज दोनों को साथ-साथ काम करना पड़ेगा। हर छोटी नदी को जीवंत बनाने का अभियान चले केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री अनिल माधव दवे ने कहा कि मध्यप्रदेश  पूरे देश में नदी एवं जल संरक्षण का उदाहरण प्रस्तुत करेगा। उन्होंने कहा कि यदि पहाड़ों, जंगल, पर्यावरण को नहीं बचायेंगे तो नर्मदा नदी  क्रिकेट  का मैदान बन जायेगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा के अलावा जीवन में कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि हर छोटी नदी को जीवंत बनाने का अभियान चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो नदी प्यास बुझाती है वही गंगा है। गांवों के समीप बहने वाली नदियों, गांवों के तालाबों, पोखरो को बचाने की जरूरत है। नर्मदा नदी के कछार क्षेत्र को समृद्ध बनाने की जरूरत है। समाज बिना सरकारी सहयोग के भी यह काम आत्मप्रेरणा से कर सकता है। करीब एक लाख किलोमीटर कैचमेंट एरिया में जल स्त्रोतों को जीवन देने का काम आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि नदियों और जल स्त्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिये प्राकृतिक खेती पर भी ध्यान देना होगा। यदि स्वास्थ्य बचाना है तो रसायन मुक्त खेती जरूरी है। नीर, नारी और नदी का सम्मान किया मुख्यमंत्री ने जल पुरुष और मैगासेसे आवार्ड सम्मानित श्री राजेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नदियों को बचाने के काम से राज, समाज और संतों जोड़कर उल्लेखनीय काम किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने नदी और पर्यावरण संरक्षण के वे सब काम अपने हाथ में ले लिये हैं जो संतों द्वारा किये जाते हैं। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान और उनके मंत्रीमंडलीय सहयोगियों और अधिकारियों को बधाई दी। श्री राजेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नर्मदा सेवा यात्रा के माध्यम से न सिर्फ नर्मदा बल्कि अन्य नदियों के संरक्षण  के प्रति भी समाज को जागृत किया है। उन्होंने कहा कि जब नीर, नारी और नदी का सम्मान होगा तभी नदियो का भी सम्मान होगा। उन्होंने कहा कि नदियों ने राजनीति को दिशा दी। पहले नदियां मैला साफ करने वाली थीं आज मैला ढ़ोने वाली मालगाड़ी बन गई। नदियों को आजादी चाहिए। उन्हें स्वतंत्र विचरण चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने नीर-नदी और नारी के सम्मान को समाज में पुन: स्थापित किया है। इस काम से पूरे समाज को जोड़ा है। उन्होंने नर्मदा को पूरी तरह से आत्मसात कर लिया है। श्री राजेन्द्र सिंह ने कहा कि नर्मदा के साथ-साथ सहायक नदियों को भी संरक्षण की भी जरूरत है। सभी सहायक नदियों को  जीवन देने की आवश्यकता है और इस काम में हृदय से जुड़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने व्यवहार से सभी को नर्मदा भक्त बना दिया है। सिने अभिनेता जैकी श्राफ सिने अभिनेता जैकी श्राफ ने कहा कि भविष्य की पीढ़ी को देखते हुये अभी से जल चिंता करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भूमि जल का स्तर लगातार नीचे गिर रहा है। मिट्टी को नुकसान हो रहा है। सबको यह सोचने की आवश्यकता है  कि हम भविष्य के लिये कैसा पर्यावरण छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को विशेष अवसरों पर पौधा रोपण आवश्यक करना चाहिए और यही संस्कार बच्चों को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शालाओं और महाविद्यालयों में भी यही शिक्षा देनी चाहिए और पर्यावरण चेतना संपन्न नहीं पीढ़ी का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नदियों का बचाना है यह कहने की नहीं समझने की बात है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री चौहान की पहल की सराहना की। मुख्य सचिव ने नर्मदा सेवा यात्रा और नर्मदा सेवा मिशन की पृष्ठ भूमि रुपरेखा पर प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि अब अन्य जिलों में बहने वाली नदियों को बचाने के लिये भी स्थानीय स्तर पर अभियान चलने लगे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 78 हजार नर्मदा सेवकों का पंजीयन हो चुका है। 148 दिन की नर्मदा सेवा यात्रा में 1846 उप यात्राएं शामिल हुई । उन्होंने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिये टेण्डर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विश्व बैंक से इस काम के लिये लोन लेने की भी तैयारी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने् नर्मदा एवं सहायक नदियों का संरक्षण की चुनौतियां एवं समाधान, नर्मदा सेवा मिशन की कार्य योजना, नर्मदा पर निर्भर अर्थतंत्र और नर्मदा सेवा मिशन के संस्थागत स्वरूप पर विभिन्न समूहों की चर्चा में भाग लिया।  

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 MadhyaBharat  8 May 2017

digvijay singh

कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह सोशल मीडिया पर अक्सर ट्रॉल्स के शिकार बन जाते हैं। इस बार दिग्विजय उस समय ट्रोलिंग का शिकार हो गए जब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने पोते की तस्वीर शेयर करते हुए पूछा कि क्या वो भविष्य के नेता हैं? दिग्विजय ने लिखा था कि उनका पोता खड़ा होना सीख गया है। दिग्विजय ने एक तस्वीर शेयर की थी जिसमें उनका पोता दिग्गी राजा और अपने पिता जयवर्धन सिंह की तस्वीर के सामने खड़ा है। दिग्विजय सिंह ने पोते की तस्वीर के साथ ट्वीट किया ‘सहस्रजय मेरा पोता, हमारे लिए एसआरजे अपने से खड़ा होना सीख गया है। भावी राजनेता’।  तस्वीर शेयर किए जाते सोशल मीडिया यूजर्स दिग्विजय सिंह पर तंज कसने लगे। बहुत से यूजर्स ने लिखा कि पोते के अच्छे भविष्य के लिए उसे दिग्गी राजा की शिक्षाओं से दूर रखना होगा। आलोचना के साथ शुभकामनाएं भीं वहीं कुछ यूजर्स ने बच्चे को शुभकामना देते हुए दिग्विजय सिंह से अपील की है कि वो बच्चे को अपना मनपसंद करियर चुनने दें। वहीं उनके कई प्रशंसकों ने बच्चे को शुभाशीष दिया है। दिग्विजय सिंह के ट्विटर पर छह लाख 49 हजार से ज्यादा फॉलोवर्स हैं। दिग्विजय के बेटे जयवर्धन सिंह मध्य प्रदेश की राघोगढ़ विधान सभा से विधायक हैं।   एक यूजर नरेंद्र कुभट का ट्वीट था कि ‘इसने अपने आप खड़ा होना सीख लिया लेकिन आपको आज भी गांधी परिवार की बैसाखी की जरूरत पड़ती है’।  गगनदीप हिंदुस्तानी नामक यूजर ने लिखा ‘लेकिन जब तक ये बाबू बड़ा होगा तब तक तो कांग्रेस लुप्त हो चुकी होगी’।अनिकेत वैश्य नामक यूजर ने लिखा ‘समझदार होगा तो कांग्रेस ज्वाइन ही नहीं करेगा’।  वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा ‘ईश्वर इसे आपकी बुरी शिक्षाओं से बचाए’ खैर ये बहुत क्यूट है।    

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 MadhyaBharat  8 May 2017

शिवराज विधायकों से नाराज

  पार्टी की बैठकों में अनुपस्थिति पर मंत्रियों के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधायकों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले और संभागों में पार्टी की बैठकों में विधायक लगातार अनुपस्थित हो रहे हैं। इन बैठकों को गंभीरता से लें। मुख्यमंत्री बुधवार शाम को मुख्यमंत्री निवास में विधायक दल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायकों को अपने क्षेत्र का आखिरी पोलिंग बूथ भी नहीं पता है। सभी एमएलए 15 दिन पोलिंग बूथों पर दें। 21 से 28 मई को पार्टी के विस्तारक अलग-अलग क्षेत्र में जाएंगे, उनके साथ पूरा सहयोग कर अपना समय भी दें। इसके अलावा 17, 18 और 19 मई को विस्तारकों का प्रशिक्षण भी होगा। इसके अलावा बैठक में ज्यादातर ग्रामोदय अभियान और प्रधानमंत्री की अमरकंटक यात्रा को लेकर चर्चा चली। विधायकों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने 52 नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के लिए क्षेत्र के विधायकों और प्रभारी मंत्रियों के साथ अलग से बैठक की। भाजपा ने विधायकों की सोशल मीडिया पर सक्रियता को लेकर भी एक रिपोर्ट तैयार करवाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्यादातर विधायक सोशल मीडिया का उपयोग ही नहीं कर रहे हैं। सभी लोग टि्वटर और फेसबुक पर अपडेट रहें और अपने कार्यक्रम के साथ-साथ सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने विधायकों से पूछा कि कितने विधायकों के खुद के कार्यालय हैं, इस पर ज्यादातर विधायकों ने हामी भरी। फिर सीएम ने कहा कि जिन्होंने कार्यालय नहीं खोले हैं, वे तत्काल कार्यालय खोलें। सीएम ने कहा कि मैंने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ टिफिन पार्टी की। आप भी अपने क्षेत्रों में लोगों के साथ टिफिन पार्टी कर उन्हें पार्टी से जोड़ें। कुछ विधायकों ने पीएम आवास योजना में चल रही गड़बड़ी का भी जिक्र किया। विधायकों ने मांग रखी कि जिन लोगों को योजना के तहत पहली किस्त मिल गई है, उन्हें योजना से बाहर न किया जाए। इस पर सीएम ने कहा कि नई गाइडलाइन का पालन करना ही पड़ेगा। फिर भी कोई रास्ता निकाला जाएगा।

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 MadhyaBharat  4 May 2017

सीएम हेल्पलाइन

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर अपने स्तर से कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों पर लोकसेवा गारंटी अधिनियम की तरह जुर्माने का प्रावधान किया जायेगा। सभी संभागायुक्त ग्रामोदय अभियान की निरंतर मानिटरिंग करें। यह ग्रामीण जनता के कल्याण का महत्वपूर्ण अभियान है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ समाधान ऑनलाइन कार्यक्रम में ये निर्देश दिये। इस दौरान मंत्रीमंडल के सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्रामोदय अभियान में सभी पंचायतों में आगामी 31 मई को पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के कार्यक्रम आयोजित किये जायें। आगामी 14 जून से शुरू हो रहे 'स्कूल चले हम' अभियान की व्यवस्थित तैयारियाँ करें। जिलों में इस अभियान के लिये प्रेरकों का पंजीयन करें। आगामी 2 जुलाई को नर्मदा के दोनों तटों पर 6 करोड़ पौधों के रोपण की तैयारियाँ करें। प्रभारी मंत्री जिलों में विकास और जन-कल्याण के कार्यक्रमों का नेतृत्व करें। पॉलीथिन पर लगाये गये प्रतिबंध का प्रभावी क्रियान्वयन करें। जिलों में महुआ खरीदी का काम ठीक से हो। वृद्धावस्था पेंशन और मनरेगा की मजदूरी के भुगतान में दिक्कत नहीं हो, यह सुनिश्चित किया जाये। सीएम हेल्पलाइन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा बताया गया कि सीएम. हेल्पलाइन का एम.पी. समाधान पोर्टल के साथ एकीकरण कर दिया गया है। अब नागरिकों को सीएम हेल्पलाइन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा दी गई है। केन्द्र सरकार द्वारा देश में किये गये 500 शहर के स्वच्छता सर्वे में 20 शहरों को पुरस्कार के लिये चुना गया है, जिसमें मध्यप्रदेश के आठ शहर इन्दौर, रीवा, खरगोन, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और पीथमपुर शामिल हैं। ग्रामोदय अभियान में प्रदेश में 22 हजार 220 ग्राम संसद, 11 हजार 800 महिला संसद और 21 हजार 142 कृषि संसद आयोजित की गई हैं। विद्यालय उपहार योजना में प्रदेश के 25 हजार स्कूलों में सुधार कार्य कराये जायेंगे। राजगढ़ जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान के लिये किये गये नवाचार 'बैंक सखी मॉडल' और शहडोल जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान के लिये की गई व्यवस्था की जानकारी दी गई। अच्छे कार्य पर मिली बधाई मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सीएम हेल्पलाइन में अधिकतम संतुष्टि प्रतिशत के साथ शिकायत निपटाने वाले 10 अधिकारियों को बधाई दी। इन अधिकारियों में ऊर्जा विभाग के कनिष्ठ यंत्री श्री विनोद भाना, परिवहन विभाग के अतिरिक्त आरटीओ श्री सुनील गौड़, नगरीय प्रशासन विभाग के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी श्री राकेश शर्मा, खाद्य विभाग के सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री मुकुल त्यागी, पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक डॉ. एच. चक्रवर्ती, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री एस.के. अग्रवाल, स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन डॉ. ए. सिन्हा, कृषि विभाग के मंडी सचिव श्री संजीव श्रीवास्तव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक यंत्री श्री एम. पाटीदार और सहकारिता विभाग की उपायुक्त श्रीमती शकुंतला ठाकुर शामिल हैं। पीसीसीएफ सहित अन्य अधिकारी निलम्बित समाधान ऑनलाइन में आज दस हितग्राहियों की शिकायतों का निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिये। धार जिले की ग्राम पंचायत बाग के श्री फिरोज खान द्वारा वन विभाग को की गई रेत सप्लाई का भुगतान समय से नहीं मिलने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने इस शिकायत का फोर्स्ड क्लोजर करने वाले वन विभाग के पीसीसीएफ श्री एल.के. चौधरी, जनपद पंचायत सरदारपुर के कार्यपालन अधिकारी के विरुद्ध निलम्बन की कार्रवाई करने के निर्देश दिये। शिवपुरी जिले के ग्राम रेडी के श्री पूरनलाल द्वारा एक विद्युत कनेक्शन के अलावा दो अतिरिक्त विद्युत देयक प्राप्त होने की शिकायत पर विद्युत विभाग के सहायक महाप्रबंधक श्री जी.के. श्रीवास्तव और सहायक ग्रेड-3 श्री भगवानदास शर्मा को निलम्बित करने की जानकारी दी गई। उमरिया जिले के ग्राम निपानिया के श्री कृष्णपाल बैगा की भूमि पर लगे महुआ के पेड़ काटने पर पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत पर बताया गया कि मुआवजा राशि आवेदक को भेजी गई है। इसी तरह उमरिया जिले के ग्राम मझगवां के श्री गौरा कौल ने बताया कि उनकी नातिन को लाड़ली लक्ष्मी योजना में मिले बचत पत्र जमा कराने के बाद भी प्रमाण-पत्र नहीं मिले हैं। मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण में महिला-बाल विकास विभाग के संबंधित अधिकारी श्री सोनी को निलम्बित करने और प्रकरण की जाँच करने के निर्देश दिये। मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ के श्री दशरथ पाटीदार की मुंजाखेड़ी तालाब के लिये जमीन अधिग्रहण का मुआवजा नये अधिनियम में नहीं मिलने की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने तुरंत भुगतान के निर्देश दिये। छिंदवाड़ा जिले के ग्राम सेजा के श्री विनोद अहिरवार द्वारा मातृत्व सहायता योजना के तहत सहायता का भुगतान नहीं होना बताया गया। इस प्रकरण में सीएम हेल्पलाइन के द्वितीय स्तर पर प्रकरण बन्द करने पर महिला-बाल विकास विभाग की संयुक्त संचालक सुश्री सीमा शर्मा को निलम्बित करने के निर्देश दिये। बताया गया कि इस प्रकरण में हितग्राही को गत 27 अप्रैल को भुगतान कर दिया गया है। पन्ना जिले के ग्राम कल्याणपुर के श्री रविन्द्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में पूर्ण होने के बाद भी ग्राम पंचायत ने नल-जल योजना आज तक शुरू नहीं की है। बताया गया कि अब यह नल-जल योजना शुरू कर दी गई है। इस प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एक मुख्य अभियंता और 11 कार्यपालन यंत्री के विरुद्ध विभागीय जाँच की जा रही है। रतलाम जिले के ग्राम धतुरिया के श्री मांगीलाल कीर की इंदिरा आवास योजना की द्वितीय किस्त का भुगतान नहीं होने की शिकायत पर बताया गया कि उक्त किस्त का भुगतान कर दिया गया है। प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले जनपद पंचायत पिपलौदा के प्रभारी अधिकारी को निलम्बित कर दिया गया है। सीहोर जिले के ग्राम टीकामोड़ के श्री लक्ष्मण चौहान ने बताया कि सड़क के लिये ली गई भूमि का मुआवजा मिल गया है। इसी तरह रीवा के ग्राम जवा के श्री दिवाकर सिंह ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा उनके पिता श्री चिंतामणि सिंह को स्वीकृत हुआ था पर भुगतान दूसरे व्यक्ति श्री रामनिवास कुशवाह के खाते में कर दिया गया। बताया गया कि गलत प्रविष्टि के लिये पटवारी श्री मनधीर रावत को निलम्बित कर नायब तहसीलदार श्री कमलभान सिंह और नायब नाजिर श्री देवेन्द्र पाण्डे को सूचना पत्र जारी किया गया है। बड़वानी जिले के ग्राम जामला के श्री विश्राम की अंतरजातीय विवाह की प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं मिलने की शिकायत पर भुगतान की कार्रवाई के निर्देश दिये। जानकारी दी गई कि नीमच जिले के ग्राम केलूखेड़ा की रितु सोलंकी की अंक सूची में गलत फोटो लगने की शिकायत का निराकरण कर दिया गया है।  

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 MadhyaBharat  3 May 2017

आदि शंकराचार्य

अद्वैत वेदांत दर्शन के प्रवर्तक, सनातन धर्म के पुनरूद्धारक और सांस्कृतिक एकता के देवदूत आदि शंकराचार्य का प्रकटोत्सव आज पूरे प्रदेश में मनाया गया। सभी जिलों में आदि शंकराचार्य के जीवन और दर्शन पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखला आयोजित की गई। राजधानी भोपाल में विधानसभा के मानसरोवर सभागार में जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती, कांची कामकोटि पीठ की उपस्थिति में आदि शंकराचार्य का पुण्य-स्मरण किया गया। आदि शंकराचार्य के अवदान पर अपने विचार रखते हुए जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती ने कहा कि आदि शंकराचार्य के अनुसार शांत स्वरूप धारण करने से ही कल्याण होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आदि शंकराचार्य की जीवनी और सनातन धर्म के उद्धार में उनके योगदान पर आधारित पाठ्यक्रम स्कूल शिक्षा में शामिल किया जायेगा। उन्होंने आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास की स्थापना करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आदि शंकराचार्य के दर्शन एवं वेदांत शिक्षा के प्रसार की गतिविधियाँ संचालित होंगी। संत समाज मार्गदर्शन करेगा जबकि सरकार सहयोगी की भूमिका में होगी। श्री चौहान ने कहा कि विकास करने के अलावा संतों के मार्गदर्शन में नई पीढ़ी को सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक संस्कारों से शिक्षित और दीक्षित करना भी सरकार का काम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की पवित्र गुफा का जीर्णोद्धार होगा जहाँ उन्होंने अपने गुरू के मार्गदर्शन में तपस्या की थी। श्री चौहान ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने शिक्षा दी है कि सभी जीवों में एक ही चेतना का स्पंदन है। उन्होंने कहा कि वेदांत दर्शन विश्व की सभी प्रकार की वैमनस्यता और द्वंदों को दूर करने में सक्षम है। श्री चौहान ने बताया कि ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा निर्माण के लिये अष्ट धातु संग्रहण अभियान एक जून से 30 जून तक चलेगा। उन्होंने कहा कि यदि आदि शंकराचार्य नहीं होते तो भारत का सांस्कृतिक अखंडता का वर्तमान स्वरूप भी नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब विश्व समाज विकसित और सभ्य बनने की प्रक्रिया में था इससे पहले ही भारत में वेदों की रचना हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि वेदांत दर्शन में संपूर्ण ब्रह्माण्ड के कल्याण की सोच है। भारत एक अद्भुत देश है और इसकी दर्शन परंपराएँ अनूठी हैं। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य ने भारत की सांस्कृतिक एकता में आने वाली सारी बाधाएँ दूर कर दीं हैं। चार पीठों की स्थापना कर उन्होंने भारत को एक सूत्र में बाँध दिया। उन्होंने सांस्कृतिक अखंडता की नींव मजबूत की। अब भारत को कोई नहीं तोड़ सकता। आदि शंकराचार्य ने भारत को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत मजबूत बना दिया है। आदि शंकराचार्य के योगदान का स्मरण करते हुए पूरे प्रदेश में प्रकटोत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है। चिन्मय मिशन के स्वामी श्री सुबोधानंद ने कहा कि आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव को जनपर्व के रूप में मनाया जाना चाहिये। स्वामी गोविन्द देव गिरि ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिये आज ऐतिहासिक दिवस है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने आदि शंकराचार्य को ज्ञान का प्रकाश दिया। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा भी इसी भूमि पर सांदीपनि आश्रम में हुई। इसी भूमि से मुख्यमंत्री श्री चौहान को नर्मदा सेवा की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान को राज्य के मुखिया के नाते अपनी जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाने के लिये कई पीढ़ियों तक याद किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक नवोत्थान हो रहा है। भविष्य में भारत आने वाला हर आध्यात्मिक यात्री चारों धामों की यात्रा करने के साथ ही मध्यप्रदेश की भी यात्रा अवश्य करेगा। उन्होंने बताया कि आदि शंकराचार्य ने वेदांत दर्शन के माध्यम से सभी प्रकार के संशयों और भ्रांतियों को दूर कर दिया है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति को वेदांत ज्ञान प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य द्वारा लिखे गये भाष्य दुनिया के अद्भुत काव्य हैं जिनमें जीवन-दर्शन है। युवा पीढ़ी को इस दार्शनिक विरासत से परिचित कराने के लिये हर प्रकार का प्रयत्न किया जाना चाहिए। हरिद्वार के स्वामी श्री परमानंद गिरि ने कहा कि आदि शंकराचार्य के दर्शन को जीने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जीव है तो ब्रह्म है और ब्रह्म होगा तो जीव होगा। आदि शंकराचार्य की वेदांत शिक्षाओं का समाज में विस्तार करना होगा। इससे सभी प्रकार के संघर्षों का समाधान मिलेगा। आध्यात्मिक विषयों पर लेखन करने वाले विद्वान श्री विट्ठल सी. नाडकर्णी ने कहा कि मुख्यमंत्री नर्मदा सेवा यात्रा और आदि शंकराचार्य का प्रकटोत्सव मनाकर सांस्कृतिक पहचान को पुन: स्थापित किया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव श्री राम माधव ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने उद्घोष किया था कि सब मनुष्य बराबर हैं। कोई भी मनुष्य चाहे वह किसी भी वर्ण या जाति में जन्मा हो अपने पुरुषार्थ से पांडित्य और वेदांत ज्ञान प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य अप्रतिम दार्शनिक और समाज सुधारक थे। उन्होंने आदि शंकराचार्य सांस्कृतिक एकता न्यास स्थापित करने के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान की भूरि-भूरि सराहना करते हुए कहा कि यह आदि शंकराचार्य के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। भाजपा के संगठन मंत्री श्री रामलाल ने कहा कि आदि शंकराचार्य का प्रकटोत्सव मनाना अपने-आप में सराहनीय कार्य है। इसके लिये उन्होंने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक उत्थान के लिये भी उतने ही प्रयत्नशील है कि जितने मध्यप्रदेश के विकास के लिये। उन्होंने कहा कि भारत को सांस्कृतिक रूप से शक्तिशाली बनने की आवश्यकता है क्योंकि भविष्य में भारत को ही वेदांत दर्शन की विश्व में स्थापना करना है। इस अवसर पर आदि शंकराचार्य के जीवन-दर्शन पर केन्द्रित वृत्त चित्र का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने ‍क्रिस्प संस्था द्वारा निर्मित वेबसाइट www.statueofculturalunity.in का लोकार्पण किया। आदि शंकराचार्य के जीवन पर केन्द्रित पुस्तिका का भी लोकार्पण किया गया। समारोह की शुरुआत ध्रुपद गायक अभिजीत सुखदाणे और साथियों द्वारा आदि शंकराचार्य रचित स्रोतों के गायन से हुई। इस अवसर पर संस्कृति राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्रबुद्धे और बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया।  

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 MadhyaBharat  2 May 2017

डॉ. नरोत्तम मिश्र

जनसंपर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र आज भोपाल जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा ''समाचार-पत्रों में पाठकों का स्थान'' पर परिचर्चा में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा लिए गए पत्रकार कल्याण के फैसलों के लिए जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र का एसोसिएशन की ओर से अभिनंदन किया गया। परिचर्चा के मुख्य अतिथि जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने पत्रकार कल्याण के निर्णय लेकर पत्रकारों को उनका हक ही दिया है। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि भोपाल जर्नलिस्ट एसोसिएशन की ओर से आयोजित यह परिचर्चा प्रासांगिक है क्योंकि आज पाठकों के मनोनुकूल अनेक स्तंभ सीमित हो गए हैं। नए संचार साधनों के उपयोग के बाद भी पत्र-पत्रिकाओं के स्तंभों और उन्हें लिखने वालों का महत्व बना रहेगा। इसलिए पाठक की भूमिका भी कम नहीं होगी। डॉ. मिश्र ने कहा कि संगठन की ओर से दिए गए सुझाव पर विचारोपरांत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वरिष्ठ पत्रकार और मध्यप्रदेश राष्ट्रीय एकता समिति के उपाध्यक्ष श्री महेश श्रीवास्तव ने कहा कि आज पत्रकारिता की स्थिति ऐसी है कि ''जान निकली है, मगर साँस अभी बाकी है।'' कहने का आशय पत्रकारिता का प्राण तत्व कम जरूर हुआ है लेकिन अभी कायम है। समय के साथ परिवर्तन हुए हैं। पाठक अखबार की रीढ़ है। वरिष्ठ पत्रकार श्री उमेश त्रिवेदी ने कहा कि अखबारों में पाठक का महत्वपूर्ण स्थान है। प्रख्यात संपादक श्री राजेन्द्र माथुर ने अखबार में पाठकों के विचारों के लिए अधिक स्थान सुरक्षित रखा था। श्री उमेश त्रिवेदी ने जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र को सुदर्शन व्यक्तित्व का धनी बताया। परिचर्चा को श्री अलीम बज़मी ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सतीश सक्सेना ने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं को हल करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने सक्रिय भूमिका निभाई है। संचालन श्री पंकज शुक्ला ने किया। एसोसिएशन के महासचिव श्री संजय सक्सेना के अलावा श्री प्रेमनारायण प्रेमी, श्री आनंद सक्सेना, श्री राधेश्याम सोमानी आदि उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  2 May 2017

आदि शंकराचार्य

शिवराज सिंह चौहान  उदया तिथि के अनुसार 1 मई 2017 को आदि शंकराचार्य की 'प्राकटय पंचमी' को हम पूरे प्रदेश में 'आचार्य शंकर प्रकटोत्सव' के रूप में मना रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव को 'राष्ट्रीय दर्शन दिवस' के रूप में घोषित किया है। अद्वैत वेदांत दर्शन के प्रवर्तक, सनातन धर्म के पुर्नरूद्धारक एवं सांस्कृतिक एकता के देवदूत आदि शंकराचार्य का पावन स्मरण हम सांस्कृतिक एकता स्वरूप कर रहे हैं। इस अवसर पर पूरे प्रदेश में सभी संभाग, जिला, विकासखण्ड और ग्राम पंचायत स्तर पर विभिन्न विभागों के समन्वय से संगोष्ठियाँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। आज से लगभग 1200 वर्ष पूर्व यानि 792 ईस्वी में आदि शंकराचार्य मध्यप्रदेश में नर्मदा तट पर ज्ञान प्राप्ति के लिए आये थे। उन्होंने ओंकारेश्वर के पास गोविन्द पादाचार्य से ज्ञान प्राप्त किया। इस घटना से बहुत कम लोग परिचित हैं। हम इसको एक चमत्कार के रूप में देखते हैं। मध्यप्रदेश को इस पर गर्व है कि आदि शंकराचार्य मध्यप्रदेश की धरती पर 1200 वर्ष पहले एक चमत्कार के रूप में प्रकट हुए। उन्होंने ही 'नर्मदाष्टक' लिखकर माँ नर्मदा के महत्व को स्थापित किया। एक बार जब माँ नर्मदा की भीषण बाढ़ से लोग आतंकित हो गए तो उन्होंने नर्मदाष्टक लिखकर माँ नर्मदा से प्रार्थना की और वह शांत हो गई। मध्यप्रदेश से ही उन्होंने 'अद्वैत-सिद्धांत' का प्रतिपादन किया। मध्यप्रदेश में ही शिक्षित होकर उन्होंने अपने सिद्धांतों के प्रतिपादन के लिए सम्पूर्ण भारत वर्ष का भ्रमण किया था और पूरे राष्ट्र को आलोकित किया। उन्होंने देश के भ्रमित समाज को दिशा प्रदान की। उनके कारण ही वेदों एवं उपनिषदों की वाणी पूरे भारत में पुन: गूँजी। समाज में नये जीवन का संचार हुआ तथा मध्यप्रदेश में एक अभिनव युग का सूत्रपात हुआ। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक उनकी सांस्कृतिक एकता यात्रा का मध्य-बिन्दु स्वाभाविक रूप से मध्यप्रदेश रहा है और संभवत: यह उन्हीं के संस्कारों का परिणाम है कि आज भी मध्यप्रदेश में अतिवादी आग्रह नहीं है, न धर्म का, न जाति और न ही संप्रदाय का। आदि शंकराचार्य मात्र 32 वर्ष की आयु में ऐसा कार्य कर गये, जिनके लिए हमारी कई पीढ़ियाँ आभारी रहेगी। त्रेता युग में भगवान राम ने उत्तर-दक्षिण, द्वापर युग में भगवान कृष्ण ने पूर्व-पश्चिम को जोड़ा था। कलयुग में यह जिम्मेदारी आचार्य शंकर के ऊपर आ गई। आदि गुरू शंकराचार्य महाराज ने पूरे देश को सांस्कृतिक रूप से जोड़ा। उन्होंने भारत में चारों दिशाओं में चार मठ ही नहीं बनाये, बल्कि देशभर में बहुत से मठ स्थापित किये। राष्ट्र को एकसूत्र में बाँधने का कार्य शंकराचार्य जी ने किया। आज हम रामेश्वर में जल भरकर जाते हैं और बद्रीनाथ में चढ़ाते हैं, फिर बद्रीनाथ में पूजा करके दक्षिण में ब्राह्मण पूजा करते हैं। चारों पीठ में इनकी पूजा का विधान है। इसके पीछे यही सोच है कि भारत एक मजबूत राष्ट्र बने। भारत माता एक बनी रहे। आचार्य शंकर ने हमारे देश में सांस्कृतिक एकता की जो मजबूत नींव रखी थी, उसी के कारण आज हम यह कह पाते हैं कि 'हस्ती मिटती नहीं हमारी'। आज दुनिया में शांति भंग हो रही है। लोग भाषा, जाति, धर्म, रंग, देश आदि कई आधारों पर बँट रहे हैं। मेरे विचार से सारी दुनिया को जोड़ने का काम 'वेद दर्शन' ही कर सकता है। सभी का देवता एक ही है, वही सबके मन में निवास करता है। सृष्टि के कण-कण में भगवान बसते हैं। हर एक आत्मा में परमात्मा का अंश है, वह हर जगह समाया हुआ है। दूसरे का अस्तित्व कहाँ है? यही सांस्कृतिक पृष्ठभूमि है, जिसके कारण भारतवासी हजारों साल से यह मानते आए हैं कि 'अयं निज: परो वेत्ति गणनां लघु चेतसां, उदार चरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्।' हम कहते हैं कि धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सदभावना हो, विश्व का कल्याण हो। कोई छोटा, कोई बड़ा या कोई ऊँच-नीच न हो, ऐसा हम सभी सोचते हैं। सारी दुनिया एक है, जो एक परिवार के रूप में है। प्राणी मात्र में एक चेतना है। यह धरती किसी एक की सम्पत्ति नहीं है। यह धरती इंसानों के लिए, पशुओं के लिए, कीट पतंगों, सबके लिए हैं। धरती पर किसी एक का हक नहीं है। आचार्य शंकराचार्य के दर्शन ने भारतीय समाज में इन्हीं जड़ों को मजबूत किया। शंकराचार्य के दर्शन में सगुण ब्रह्म तथा निर्गुण ब्रह्म दोनों का दर्शन हम कर सकते हैं। निर्गुण ब्रह्म उनका निराकार ईश्वर है तथा सगुण ब्रह्म साकार ईश्वर है। तत्वमसि तुम ही ब्रह्म हो; अहं ब्रह्मास्मि मैं ही ब्रह्म हूँ, 'अयामात्मा ब्रह्म' यह आत्मा ही ब्रह्म है। इन वाक्यों के द्वारा इस जीवात्मा को निराकार ब्रह्म से अभिन्न स्थापित करने का प्रयत्न शंकराचार्य जी ने किया। हमने निर्णय लिया है कि मध्यप्रदेश में आदि शंकराचार्य के पाठ शिक्षा की पुस्तकों में जोड़े जायेंगे, उनका प्रकटोत्सव मनाया जायेगा। ओंकारेश्वर में शंकर संग्रहालय, वेदांत प्रतिष्ठान और शंकराचार्य की बहुधातु मूर्ति स्थापित की जायेगी। मूर्ति के लिए प्रदेशभर से धातु संग्रह अभियान चलाकर प्रदेशवासियों को इससे जोड़ा जायेगा। आइये हम सभी संकल्प लें कि हम आदि शंकराचार्य के प्रति मध्यप्रदेश की ओर से अपनी कृतज्ञता की अभिव्यक्ति करेंगे।(ब्लॉगर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं)  

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 MadhyaBharat  1 May 2017

अमरकंटक

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नर्मदा नदी के संरक्षण और संवर्धन का कार्य अनवरत जारी रहेगा। इसके लिये नर्मदा सेवा मिशन गठित किया गया है। इस मिशन का शुभारंभ 15 मई को विशाल कार्यक्रम में अमरकटंक से किया जायेगा। इसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा साधु-संत और पर्यावरण विशेषज्ञ शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने आज इस कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम के संबंध में व्यापक दिशा निर्देश देते हुए कहा कि नर्मदा सेवकों एवं जनता को किसी भी तरह की असुविधा नहीं हो। उन्होंने कहा कि आठ मई को आयोजित होने वाले जल सम्मेलन में पर्यावरण विशेषज्ञों से सुझाव लिये जायेंगे। इसके बाद पर्यावरण और नदी संरक्षण की कार्य-योजना बनायी जायेगी। उन्होंने दो जुलाई को होने वाले वृहद वृक्षारोपण की तैयारियों और पौधों आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिये। बताया गया कि नर्मदा सेवा यात्रा में आम जनता की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। यात्रा को अपार जन-समर्थन मिल रहा है। यात्रा 148 दिनों में 3350 किलोमीटर की दूरी 15 मई को अमरकंटक में पूर्ण करेगी। यात्रा के दौरान 16 जिलों के 51 विकासखंड के नर्मदा तट पर बसे 650 से ज्यादा नगरों एवं गाँवों में जन-संवाद आयोजित कर जनता को नदी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाया गया है। प्रदेश में 700 से ज्यादा नर्मदा सेवा समितियाँ गठित की जा चुकी हैं। साथ ही 74 हजार से ज्यादा नर्मदा सेवकों का पंजीयन किया गया है। बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री आर.के शुक्ल, अपर मुख्य सचिव गृह श्री के.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर.एस. जुलानिया, अपर मुख्य सचिव वन श्री दीपक खांडेकर, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल एवं श्री एस.के. मिश्रा आदि उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  30 April 2017

पाल महासभा

पाल महासभा के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल  स्टेडियम में अखिल भारतीय पाल महासभा द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए और वर-वधुओं को आशीर्वाद दिया।   उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में बेटियो को स्मार्ट फ़ोन दिया जाएगा ताकि वे भी डिजिटल रूप से सशक्त बने। उन्हें तीन-तीन हजार का चेक स्मार्ट फोन के लिए दिया जाएगा। पाल समाज मेहनती समाज है। पाल समाज के विकास के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। श्री चौहान ने पाल समाज के अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को जरूर पढ़ाये। सरकार पूरा खर्च उठाएगी। कार्यक्रम में पाल समाज के अध्यक्ष शैतानसिंह पाल एवं वर-वधुओं के रिश्तेदार उपस्थित थे। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विवाह संपन्न हुए।

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 MadhyaBharat  30 April 2017

शिक्षा के अधिकार

मध्यप्रदेश में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रायवेट स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश करवाये जाने के संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने जन-सामान्य के लिये दिशा-निर्देश जारी किये हैं। अधिनियम में किये गये प्रावधान के अनुसार गैर-अनुदान मान्यता प्राप्त प्रायवेट स्कूल की कक्षा-1 में 25 प्रतिशत प्रवेश दिया जायेगा। यदि स्कूल में प्री-स्कूल शिक्षा दी जाती है तो उसकी प्रवेशित कक्षा नर्सरी/के.जी.-1/के.जी.-2 में प्रवेश दिया जायेगा। यदि प्रायवेट स्कूल में प्री-स्कूल की कक्षाओं और कक्षा-1 में सीधे प्रवेश होता है तो दोनों में प्रवेशित बच्चों की संख्या का न्यूनतम 25 प्रतिशत प्रवेश आरक्षित सीटों पर होगा। राज्य शासन ने प्रवेश के लिये बच्चों की उम्र 16 जून, 2017 की स्थिति में नर्सरी में 3 वर्ष और कक्षा-1 में न्यूनतम 6 वर्ष निर्धारित की है। कोई भी विद्यालय 3 वर्ष से कम आयु के बच्चे को नर्सरी, प्री-प्रायमरी कक्षा में और 7 वर्ष से अधिक आयु के बच्चे को कक्षा-1 में प्रवेश नहीं दे सकेगा। यदि कोई बच्चा 16 जून की स्थिति में 5 वर्ष पूर्ण कर चुका है, तो वह भी कक्षा-1 के लिये पात्र होगा। नि:शुल्क प्रवेश शिक्षा अधिनियम में जन्म प्रमाण-पत्र के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट की गयी है। जहाँ जन्म, मृत्यु तथा विवाह रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के अधीन जन्म प्रमाण-पत्र उपलब्ध न हो, वहाँ स्कूल में प्रवेश के लिये मान्य दस्तावेज निर्धारित किये गये हैं। इनमें अस्पताल तथा ए.एन.एम. का रजिस्टर रिकार्ड और आँगनवाड़ी का रिकार्ड मान्य होगा। पालक द्वारा आयु का स्व घोषणा-पत्र, मान्य होगा परन्तु जन्म-तिथि का प्रमाण-पत्र क्षेत्र के स्थानीय प्राधिकारी को 6 माह के अंदर प्रस्तुत करना होगा। वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को गैर-अनुदान प्राप्त प्रायवेट स्कूल में नि:शुल्क प्रवेश के लिये दस्तावेज सत्यापन के समय संबंधित वर्ग के होने का प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य किया गया है। आवेदक द्वारा ऑनलाइन आवेदन करते समय इन स्थानों के प्रायवेट स्कूल तथा उनमें आरटीआई के नि:शुल्क प्रवेश के लिये रिक्त सीटों की जानकारी देखी जा सकती है। किसी वार्ड या गाँव में नि:शुल्क प्रवेश के लिये प्रायवेट स्कूल में सीट रिक्त न होने की स्थिति में बच्चे पड़ौस अथवा विस्तारित पड़ौस की स्थिति में प्रवेश ले सकेंगे। पालकों से कहा गया है कि विद्यालय में च्वाइस फिलिंग करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि जिस कक्षा में बच्चा प्रवेश चाहता है, वह कक्षा उस विद्यालय की न्यूनतम कक्षा हो। नि:शुल्क शिक्षा अधिकार अधिनियम में प्रदेश में किसी भी पालक को परेशानी होती है तो वह विकासखण्ड के बीआरसी कार्यालय और जिला मुख्यालय पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुँचकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।  

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 MadhyaBharat  26 April 2017

उमाशंकर गुप्ता

दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में पलाश होटल के सामने 29 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ पर्व पर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 61 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्मेलन होगा। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि इस सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 61 जोड़ों में से 56 जोड़ों का विवाह एवं 5 जोड़ों का निकाह किया जाएगा। सम्मेलन में 2 विकलांग जोड़ों का भी विवाह होगा। श्री गुप्ता ने बताया कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में कन्याओं की हल्दी, तेल, मेहंदी एवं महिला संगीत एक दिन पहले 28 अप्रैल 2017 को विवाह स्थल पर शाम 5 बजे से किया जाएगा। बारात 29 अप्रैल को सुबह 10 बजे भारत माता चौराहे से चलेगी। बारात में सभी दूल्हों को बग्घी एवं घोड़ों पर बैठाकर बैंड बाजे के साथ विवाह स्थल पर लाया जाएगा। मंत्री श्री गुप्ता द्वारा स्वागत एवं द्वारचार की रस्म निबाही जायेगी। विद्वान पंडितों द्वारा विवाह एवं फेरों की रस्में पूरी की जाएंगी। तत्पश्चात भोजन एवं विदाई का कार्यक्रम किया जाएगा। श्री गुप्ता ने बताया कि समाजसेवियों के माध्यम से नव दम्पत्तियों को योजना में मिलने वाली सामग्री के अतिरिक्त उपयोगी उपहार दिलवाने के प्रयास भी किये जा रहे हैं।

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 MadhyaBharat  26 April 2017

 ग्रामोदय से भारत उदय

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में चल रहे ग्रामोदय से भारत उदय के संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर रोजगार सहायकों का मासिक वेतन 7 हजार से बढ़ाकर 9 हजार करने की घोषणा की। श्री चौहान भोपाल मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टरों के साथ 'ग्रामोदय से भारत उदय'' अभियान की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों के कल्याण में हमेशा आगे बढकर उनका साथ दिया है। कर्मचारी शासन-प्रशासन का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि जन-कल्याण के काम में अवरोध पैदा करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जायेगी। जनविरोधी कर्मचारियों को सेवा से निकालने की सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने कर्मचारियों के हित में हमेशा उदारतापूर्वक निर्णय लिया है लेकिन लोकहित के मुददों पर हठधर्मिता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कर्मचारी कल्याण समिति की बैठक प्रत्येक तीन महीने में एक बार आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी सरकार के महत्वपूर्ण जन-कल्याण के अभियान को जान-बूझकर असफल बनाने का प्रयत्न करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। 'ग्रामोदय से भारत उदय'' अभियान की जिलेवार समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे प्रत्येक ग्राम पंचायत में जल-संरचनाओं का जीर्णोद्धार या नई जल-संरचनाओं के निर्माण का कार्य जल्द शुरू कर 30 जून तक पूरा करें। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों से कृषि ग्राम संसद, विकास ग्राम संसद और महिला ग्राम संसद में उपस्थिति की जानकारी ली। जिन जिलों में लोगों की भागीदारी कम रही वहाँ दोबारा ग्राम संसद आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने लघु वनोपजों की खरीदी के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार ने महत्वपूर्ण वनोपजों की खरीदी दर निश्चित कर दी है। वनोपज संग्राहकों को शोषण से बचाना और उनकी मेहनत का बाजिब दाम दिलवाना प्राथमिकता का काम है। सक्षम व्यक्ति गरीबी रेखा की सूची से अपना नाम स्वयं हटा लें श्री चौहान ने जिला कलेक्टरों को गरीबी रेखा की सूची के संबंध में ऐसी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये जिसमें सक्षम व्यक्ति स्वयं अपना नाम गरीबी रेखा की सूची से हटवा लें अन्यथा सरकार उनके नाम काट देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोटे तौर पर ऐसे सक्षम लोगों में वो लोग शामिल हैं जिनके पास चार पहिया वाहन हैं। ऐसे उद्यमी और कारोबारी हैं जिनके लिये सरकार ने लायसेंस दिया है। जो लोग आयकर भरते हैं। जिनके परिवार के लोग शासकीय सेवा में हैं। जिनके पास पाँच एकड़ से ज्यादा सिंचित जमीन है। श्री चौहान ने कहा कि गरीबी रेखा से नीचे जीने वालों को मिलने वाला लाभ सक्षम लोग नहीं ले सकते । वे स्वयं अपने नाम कटवा लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसी भी आवासहीन को बिना आवास के नहीं रहने देंगे। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि वे प्रधानमंत्री आवास और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर लें ताकि उन्हें लाभ दिया जा सके। उन्होंने कहा कि दिव्यांग लोगों को किसी भी कल्याणकारी योजना की राशि लेने के लिये बैंक तक नहीं जाना पड़ेगा। जल्द ही बैंकों के सहयोग से ऐसी व्यवस्था की जायेगी कि उन्हें घर पर ही राशि उपलब्ध हो। श्री चौहान ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे इस संबंध में संबंधित बैंकों से चर्चा कर समन्वय स्थापित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि सभी जिलों के प्रभारी मंत्री ग्रामोदय अभियान में गाँवों में जायेंगे और प्रगति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे प्रभारी मंत्रियों को मिलने वाले आवेदनों के निराकरण की व्यवस्था जिले में ही करें और उन्हें निराकरण की रिपोर्ट भी दें ताकि यह अभियान सफल और अर्थपूर्ण हो सके। उन्होंने कहा कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले जिलों को पुरस्कृत किया जायेगा और उनकी गोपनीय चरित्रावली में भी उल्लेख किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि कृषि महोत्सव अब 2 जून के बजाय 21 जून तक चलेगा। नर्मदा सेवा यात्रा मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि नर्मदा सेवा मिशन का शुभारंभ 15 मई को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में अमरकंटक से होगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा को अब पूरा विश्व समाज देख रहा है। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे नर्मदा सेवा के इच्छुक भक्तों, अशासकीय संगठनों, सामाजिक संगठनों, स्व-सहायता समूहों और आम लोगों को नर्मदा सेवा से जोड़ें। उन्होंने अमरकंटक में अस्थायी शौचालय बनाने, भण्डारों की व्यवस्था करने और नर्मदा सेवा यात्रियों का पंजीयन करवाने जैसे कार्य प्राथमिकता के साथ करें। श्री चौहान ने नर्मदा के तटों पर 2 जुलाई को होने वाले वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम की जानकारी भी दी। आदि शंकराचार्य की प्राकट्य पंचमी पूरे प्रदेश में मनाई जायेगी आदि शंकराचार्य की प्राकट्य पंचमी एक मई को पूरे प्रदेश में मनाई जायेगी। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य न होते तो भारत का वह अखंड स्वरूप नहीं होता जो आज है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की अष्टधातु प्रतिमा का निर्माण और स्थापना करने के लिये धातु संग्रहण का काम एक जून से 30 जून तक चलेगा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, रीवा, सागर और ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य के जीवन दर्शन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम किये जायेंगे। उन्होंने इन जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक तैयारियाँ करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि दर्शन के विद्वानों को जिलों में व्याख्यान के लिये आमंत्रित किया जायेगा। विशेष ग्राम सभाओं में इस संबंध में लोगों को जानकारी भी दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगारोन्मुखरी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये 'चलो आई.टी.आई अभियान'' अब 11 मई को होगा। उन्होंने बताया कि जीएसटी बिल पारित करने के लिये 3 मई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जायेगा। इसी विशेष सत्र में नर्मदा जी को जीवंत अस्तित्व मानते हुये उनके संरक्षण का संकल्प भी पारित किया जायेगा। चौहान ने कहा कि गेहूँ उपार्जन शुरू हो गया है। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे यह सुनिश्चित करें कि किसानों का भुगतान समय पर हो जाये। उन्होंने किसानों को आने वाली समस्याओं की सूची बनाने के भी निर्देश दिये ताकि तत्काल उनका समाधान हो जाये। श्री चौहान ने कहा कि ग्रामोदय अभियान के अंतिम चरण 22 से 30 मई में लोगों के आवेदनों का निराकरण होगा। सभी प्रभारी मंत्री समीक्षा करेंगे। वे जिला योजना समिति की बैठक में भाग लेंगे और अभियान के दौरान लोगों द्वारा सुझाये गये विकास कार्यों की स्वीकृति भी देंगे।वीडियो कांफ्रेंसिंग में सभी मंत्रीगण, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  26 April 2017

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  अभिशासन और विकास में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की भूमिका पर अधिवेशन में इसरो चेयरमेन    मध्यप्रदेश का स्थान देश के उन कुछ राज्यों में है, जो अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने में अग्रणी हैं। अंतरिक्ष विभाग (इसरो) ने यहाँ अपना सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र स्थापित किया है। केन्द्र ने प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों की सूचना सम्पदा को जुटाने की दिशा में प्रशंसनीय काम किया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरमेन और अंतरिक्ष विज्ञान विभाग, भारत सरकार के सचिव डॉ. ए.एस. किरण कुमार ने यह बातें 'अभिशासन और विकास में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आधारित साधनों एवं अनुप्रयोगों का संवर्धन'' पर राज्य अधिवेशन में कही। डॉ. किरण कुमार ने कहा कि मध्यप्रदेश में पंचायत राज व्यवस्था के सशक्तीकरण के लिये जियोस्पेशियल टेक्नालॉजी, 'नाविक' उपग्रहों और जीपीएस तकनीक का उपयोग हो रहा है। पंचायत राज व्यवस्था के सशक्तीकरण में अंतरिक्ष आधारित साधनों की भूमिका दिखायी दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का पहला देश है, जिसने मंगल की कक्षा में पहले ही प्रयास में अपना यान सफलता से स्थापित कर दिया। 'इसरो' ने बीते वर्षों में अंतरिक्ष विज्ञान के विभिन्न उपयोगों का लाभ समाज तक पहुँचाने और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्म-निर्भर होने की दिशा में योगदान किया है। डॉ. किरण कुमार ने कहा कि सुदूर संवेदन और 'नाविक' उपग्रहों ने प्राकृतिक संसाधनों के मानचित्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंतरिक्ष विभाग के 'सिस-डिप' प्रोजेक्ट की चर्चा करते हुए कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान ने प्राकृतिक आपदाओं के नियंत्रण और देश के सामाजिक उत्थान में प्रशंसनीय योगदान किया है। उन्होंने म.प्र. में भुवन-पंचायत मोबाइल एप से परि-सम्पत्तियों के वर्गीकरण की भी चर्चा की। सुशासन और विकास में अंतरिक्ष विज्ञान उपयोगी सिद्ध हुआ मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने कहा कि अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी आधारित साधनों एवं उपयोगों से परिचित करवाना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सुशासन और विकास में अंतरिक्ष विज्ञान की बड़ी भूमिका सामने आयी है। मुख्य सचिव ने कहा कि 'इसरो' ने देश में इस तरह के अधिवेशन के लिये प्रथम समूह में जिन राज्यों को चुना, उनमें मध्यप्रदेश भी है। मध्यप्रदेश के सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र (आरएसएसी) ने प्रदेश की विकासात्मक गतिविधियों की दृष्टि से बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र के वैज्ञानिकों ने चन्द्रयान-प्रथम से प्राप्त डाटा और चित्रों का विश्लेषण किया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत ने नये कीर्तिमान स्थापित किये हैं। उन्होंने कहा कि मेपकास्ट और इसरो के वैज्ञानिक मिलकर आने वाले दिनों में ऐसा शोध करेंगे, जिसका उपयोग राज्य में सुशासन और विकास की संकल्पना को साकार करने में सहायक होगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री चन्द्रकांत पाटिल ने कहा कि परिषद के सुदूर संवेदन उपयोग केन्द्र ने 'इसरो' की कई परियोजनाओं पर काम किया है। उन्होंने बताया कि परिषद ने विकेन्द्रीकृत नियोजन के लिये अंतरिक्ष आधारित सूचना समर्थन (सिस-डिप) परियोजना में योगदान किया है। 'इसरो' चेयरमेन डॉ. ए.एस. किरण कुमार और मुख्य सचिव ने प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।  

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 MadhyaBharat  24 April 2017

 नर्मदा यात्रा की अनुगूँज

'नमामि देवि नर्मदे''-सेवा यात्रा की अनुगूँज देश के कोन-कोने के साथ ही 178 देशों में भी पहुँच रही है। विश्व के पर्यावरण, जीव-जन्तु, गौ-वंश, मृदा, कृषि, जल वैज्ञानिक नर्मदा यात्रा को सतत समर्थन दे रहे हैं। साधु-संत, समाज, शासन की त्रिवेणी का अनुपम संगम यात्रा, नर्मदा तट पर पौध-रोपण, शुचिता, स्वच्छता, नशा मुक्ति, बेटी-बचाओ, नदी-गौ संरक्षण, कन्या भ्रूण हत्या, जैविक खेती आदि उद्देश्यों के साथ प्रभावी छाप छोड़ती चल रही है। यह बात राज्य गौ-पालन एवं पशु-संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष और राज्य नर्मदा सेवा समिति के सदस्य महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी ने मण्डला जिले के ग्राम तिंदनी में सेवा यात्रा पहुँचने पर हुए जन-संवाद में कही। ग्वारी गाँव से तिंदनी पहुँचने पर श्रीमती ग्यारसी देवी ने कलश और जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शैलेष मिश्रा ने ध्वज ग्रहण कर बहुसंख्य कलश-धारक महिलाओं और कन्याओं के साथ स्वागत किया। विगत 11 दिसम्बर,2016 से शुरू यात्रा का आज 127वाँ दिन है। मनुष्य ही नहीं नदियों की भी जीवनदायिनी है माँ नर्मदा स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी ने कहा कि बिजली, अन्न-जल देने के साथ माँ नर्मदा आज नदियों को पुनर्जीवित भी कर रही हैं। गुजरात एवं मध्यप्रदेश में करोड़ों लोगों को पेयजल, किसानों को सिंचाई और उद्योगों को बिजली देने वाली नर्मदा आज क्षिप्रा, गंभीर, पार्वती, खान, साबरमती आदि नदियों को पुनर्जीवित कर रही हैं। नर्मदा पुराण में महर्षि वेद व्यास ने लिखा है कि कलयुग में कई नदियाँ अपना अस्तित्व खो देंगी जिन्हें नर्मदा जीवन दान देगी। गंगा से प्राचीन है नर्मदा स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी ने कहा कि गंगा का अवतरण त्रेता युग ओर नर्मदा का अविर्भाव सतयुग में हुआ। नारायण के वरदान के अनुसार गंगा सहित सभी तीर्थ पापियों के स्नान से हुए कलुष को धोने नर्मदा में आते हैं। इसलिए नर्मदा परिक्रमा में सभी तीर्थों का फल प्राप्त होता है। साल में एक बार गंगा स्वयं नर्मदा में स्नान करने आती है और धवल होकर लौटती है। गंगा की भाँति नर्मदा का जल भी औषधीय गुणों से भरपूर है। ग्राम तिंदनी में पहुँचने पर स्कूली बच्चों के आकर्षक लोक-नृत्य ने लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामवासी, महिलाओं, बच्चों और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने 'नर्मदे हर'' जयघोष के साथ नर्मदा नदी और तट को संरक्षित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री शिव चौबे, रोजगार निर्माण मण्डल के अध्यक्ष श्री हेमंत देशमुख, पाठ्य-पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष श्री अवधेश नायक, साध्वी योगमाया, साध्वी प्रज्ञा भारती भी मौजूद थे।  

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 MadhyaBharat  24 April 2017

मुख्यमंत्री ग्राम नल-जल योजना

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने एक हजार की ग्रामीण जनसंख्या से अधिक और 500 की जनसंख्या से अधिक वाली अनुसूचित जाति, जनजाति बहुल बसाहटों को प्राथमिकता से मुख्यमंत्री ग्राम नल-जल योजना से जोड़ने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री ग्राम नल-जल योजना में घर-घर नल से जल की समीक्षा कर रहे थे। इस योजना में प्रत्येक व्यक्ति को घरेलू नल कनेक्शन से 70 लीटर प्रतिदिन पेयजल मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के सभी घरों में पाइप से पानी मिलेगा। जल शुद्ध करने के पूरे उपाय किये जायेंगे। बताया गया कि मुख्यमंत्री ग्राम नल-जल योजना में शामिल होने वाली बसाहटों का प्राथमिक चिन्हांकन इस माह के अंत तक कर लिया जायेगा। इन बसाहटों की विकासखंड वार सूची तैयार की जायेगी। मुख्यमंत्री ने हर विकासखंड के बड़े गाँवों को प्राथमिकता से योजना में शामिल करने के निर्देश दिये। अगले पाँच वर्ष तक योजना का संचालन और संधारण निर्धारित क्रियान्वयन ऐजेंसी करेगी। बाद में पेयजल उप समिति या ग्राम पंचायत संचालन करेगी। मुख्यमंत्री ग्राम नल-जल योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये दस परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों का गठन किया जायेगा। इन इकाइयों का मुख्यालय भोपाल, इंदौर, खरगोन, उज्जैन, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल होगा। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुश्री कुसुम महदेले, मुख्य सचिव श्री बी पी सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए पी श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्री राधेश्याम जुलानिया, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री मनोज गोविल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  24 April 2017

मनरेगा की मजदूरी

मुख्यमंत्री  चौहान के निर्देश बैंकर्स की बैठक में   मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये है कि बैंकों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मनरेगा की मजदूरी और किसानों को समर्थन मूल्य का उपार्जन के भुगतान की सुचारु व्यवस्था बनायें। इन्हें भुगतान के लिये बार-बार बैंकों में नहीं जाना पड़े यह सुनिश्चित करें। किसान और हितग्राही के खाते में सीधे जमा होने वाली राशि की सूचना एसएमएस से उन्हें तुरंत मिले, ऐसी व्यवस्था करें। इसके लिये मिशन मोड पर काम करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ बैंकर्स की बैठक ले रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सपना न्यू इंडिया के निर्माण का है। जिसमें सीधे खातों में भुगतान और केशलेस व्यवस्था प्राथमिकता में है। मध्यप्रदेश इस दिशा में लगातार कार्रवाई कर रहा है। गरीब मजदूरों को मनरेगा की मजदूरी का समय-सीमा में भुगतान बैंकों की प्राथमिकता में हो। इसी तरह सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों को उनके गाँव में ही पेंशन उपलब्ध करवायें। किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूँ के उपार्जन का भुगतान समय-सीमा में हो। किसानों को अपने खाते से राशि निकालने में किसी तरह की दिक्कत नहीं हो। इसके लिये सहकारी बैंकों में नगदी की आवक बनाये रखें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की बैंकों में नगदी की आवक का प्रतिशत बढ़ाकर 70 प्रतिशत किया जाये। इस संबंध में रिजर्व बैंक के स्तर पर कार्रवाई की जाये। किसानों के चेक क्लियरिंग में अधिक समय नहीं लगे। उन्होंने स्थिति की नियमित समीक्षा के लिये राज्य शासन की ओर से तीन वरिष्ठ अधिकारियों अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर.एस. जुलानिया और मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल की समिति गठित करने के निर्देश दिये। बैंक बिजनेस प्रतिनिधि की व्यवस्था को मजबूत बनाये, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भुगतान की व्यवस्था बेहतर हो। बिजनेस प्रतिनिधि के लिये निर्धारित केश लिमिट बढ़ाने की कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री आवास मिशन के प्रकरणों के लिये मापदंडों में सुधार करें ताकि इसका लाभ पात्र हितग्राहियों को मिले। मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में ऐसे बेरोजगार युवाओं को लाभ दिलायें, जो खुद का उद्योग स्थापित करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में हितग्राहियों को आसानी से ऋण उपलब्ध करवायें। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से लाभान्वित हितग्राहियों का थर्ड पार्टी असेसमेंट करायें। बैठक में बताया गया कि हितग्राहियों को भुगतान के लिये ग्राम पंचायत स्तर पर बैंकों द्वारा कैंप लगाये जायेंगे। मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में हाल ही में संपन्न वित्तीय वर्ष में 1 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध 1 लाख 7 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में 5 लाख के लक्ष्य के विरुद्ध 5 लाख 44 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता दुकानों को केशलेस सुविधा से युक्त किया जायेगा। अब तक इस तरह की 1 हजार 700 दुकानों में यह सुविधा उपलब्ध करवायी गई है। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर.एस. जुलानिया, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा सहित बैंकर्स तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे    

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 MadhyaBharat  24 April 2017

शिवराज -रोहित गृह निर्माण सोसायटी

  प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लगाए गए आरोपों पर आज कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए मांग की है कि भोपाल की रोहित गृह निर्माण सहकारी समिति में हुए 500 करोड़ रुपए के भूखंड घोटाले की भी जांच करवाए। गौरतलब है कि यह मामला पहले नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी उठाया था। जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री के परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए थे।  प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने आज जारी किए बयान में कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया  को लेकर मुख्यमंत्री ने अशोभनीय भाषा का उपयोग कर उन पर जमीनों के कब्जे करने के राजनीतिक आरोप लगाए है। मिश्रा ने कहा कि विधानसभा चुनाव पास आते ही सिंधिया पर राजनीतिक हमले किए जा रहे हैं। यह मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के प्रतिकूल आचरण है। मिश्रा ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री में नैतिकता है तो सिंधिया के साथ भोपाल की रोहित गृह निर्माण सहकारी संस्था में हुए 500 करोड़ रुपए के भूखंड घोटाले की भी जांच के आदेश जारी करे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि जो ट्रस्ट लोक कल्याण के लिए होते हैं, उनकी जमीनें ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बेच दी। शिवपुरी जैसे जिले में जहां गरीब बसते थे, ऐसी 700 एकड़ जमीन पर कब्जा कर आउंड्रीवाल बना ली। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को स्वार्थी भी बताया। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद यह तय माना जा रहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ से कांग्रेस पटलवार करेगी। हालांकि इस मामले में सिंधिया ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।

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 MadhyaBharat  23 April 2017

pm modi

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने  नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर 15 मई को नर्मदा सेवा यात्रा के समापन में शामिल होने का आमंत्रण दिया। लगभग एक घंटा चली मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में चल रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं सहित नर्मदा सेवा यात्रा और 'ग्रामोदय से भारत उदय'' अभियान के क्रियान्वयन की योजना से अवगत कराया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री का आमंत्रण स्वीकार कर 15 मई को यात्रा के समापन अवसर पर आने की सहमति दी। अमरकंटक से 11 दिसम्बर 2016 को शुरू की गयी नर्मदा सेवा यात्रा 15 मई 2017 को अमरकंटक पर ही समाप्त होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह यात्रा मध्यप्रदेश में पर्यावरण को बचाने और नदी संरक्षण के लिए शुरू की गयी थी। यात्रा में जनता प्रमुखता से आगे आकर भाग ले रही है और सरकार पीछे से समर्थन दे रही है। यात्रा में हजारों विशिष्ट लोगों के साथ समाज के हर वर्ग जैसे साधु-संत, जल विशेषज्ञ, कलाकार, संगीतज्ञ, धर्मगुरू आदि ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अमरकंटक में ही यात्रा 15 मई, 2017 को समाप्त होगी। यात्रा समापन अवसर पर प्रधानमंत्री को भविष्य की कार्य-योजना बनाकर सौंपी जायेगी। कार्य-योजना में नदी संरक्षण की आगे की राह पर प्रकाश डाला जायेगा। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का शिलान्यास भी किया जायेगा। नर्मदा नदी के मार्ग में पड़ने वाले 18 शहरों के तट पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की शुरूआत की जायेगी। इससे दूषित पानी को साफ कर पुनः खेती के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि आय को दोगुना करने की योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि योजना के सकारात्मक परिणाम आये हैं। इस वर्ष कृषि उत्पादन में 33 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

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 MadhyaBharat  21 April 2017

तीन महिलाओं की ट्रेन से कटकर मौत

  राजधानी भोपाल में एक ही परिवार की तीन महिलाओं के ट्रेन से कटने का मामला सामने आया है। घटना सुबह की बताई जा रही है। हादसा अहमदपुर बावडिया कला रेलवे क्रासिंग का है।जानकारी के मुताबिक महिलाओं का घर ट्रैक से कुछ दूरी पर है। हादसे का शिकार तीनों मां-बेटी हुई हैं। मरने वालों में सरजू बाई (48) सपना (18) और सुषमा (16) है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस तीनों की मौत को संदिग्ध मानते हुए परिजनों से पूछताछ कर रही है।  

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 MadhyaBharat  19 April 2017

हिन्दी के प्रति कुंठित मानसिकता बदलें

अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने हिन्दी के प्रति कुंठित मानसिकता को बदलने की जरूरत बताई है। उन्होंने आव्हान किया है कि अंग्रेजी का ज्ञान श्रेष्ठता का प्रतीक है, इस गुलाम मानसिकता को समाप्त किया जाये। हिन्दी में काम करने पर गर्व की अनुभूति हो, ऐसा वातावरण बनायें। श्री चौहान अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। दीक्षांत समारोह में 126 विद्यार्थियों को विद्या निधि स्नातकोत्तर एवं स्नातक प्रतिष्ठा की उपाधि प्रदान की गई। इसके साथ ही 156 विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र, पत्रोपाधि एवं स्नातकोत्तर पत्रोपाधि दी गईं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि निज भाषा सब उन्नतियों का मूल है। हिन्दी के उदभट विद्वान के नाम पर देश का प्रथम हिन्दी विश्वविद्यालय प्रदेश की धरती पर है। यह गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की सभी जरूरत को पूरा किया जायेगा। हिन्दी विश्वविद्यालय से चिकित्सा, अभियांत्रिकी आदि विश्वविद्यालयों को सम्बद्ध करवाने के प्रयास भी किये जायेंगे। उन्होंने देश-प्रदेश के विद्वानों से हिन्दी विश्वविद्यालय को सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय की श्रेणी में खड़ा करने के लिए मार्गदर्शन और सहयोग का अनुरोध किया।‍ श्री चौहान ने कहा कि भारतीय ज्ञान, परम्परा, विज्ञान अदभुत है। जब विश्व के आधुनिक राष्ट्रों में सभ्यता के सूर्य का उदय नहीं हुआ था। उनके निवासी पत्तों-पेड़ों की छाल से तन ढँकते थे, तब-भारत के ऋषि-मुनि वेदों की ऋचाओं की रचना कर रहे थे। नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय थे, जहाँ सारी दुनिया के मनीषी अध्ययन के लिये आते थे। उन्होंने कहा कि भौतिकता की अग्नि से पीड़ित समाज को शांति का पथ प्रदर्शन भारतीय ज्ञानदर्शन से ही होगा, जो प्राणियों में सदभावना और देश के नहीं विश्व के कल्याण की कामना करता है। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी प्रतिभा की उन्नति में बाधक नहीं हो,इसके लिए मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना लागू की है। इस योजना में चिकित्सा, अभियांत्रिकी, विज्ञान, कला, विधि आदि संकायों की उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों की फीस राज्य सरकार द्वारा भरे जाने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि योजना में बिना जात-पांत, धर्म-सम्प्रदाय के भेदभाव के सभी बच्चों को लाभान्वित किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि ' सर्वे भवन्तु सुखिन:' का उदघोष सिर्फ भारत में हैं। मुख्यमंत्री ने 2014-15 एवं 2015-16 की सभी परीक्षाओं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली कु. स्वेच्छा मिश्रा को 'अटल स्वर्ण पदक' प्रदान किया। उन्होंने श्री नित्यानंद तिवारी को 'स्व. श्री मोतीलाल गंगादेवी छीपा स्वर्ण पदक' दिया। मुख्यमंत्री ने स्मारिका दीक्षा, अटल संवाद, भारतीय ज्ञान परम्परा पुस्तक, सिंहस्थ-2016 का सर्वेक्षण, भारतीय ब्रह्म विज्ञान और विश्वविद्यालय के विकास कार्यों की सीडी का विमोचन किया। भारतीय ज्ञान परम्परा में योगदान के लिए स्वामी गोविंद देव गिरि को विश्वविद्यालय की प्रथम उपाधि से विभूषित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय के माध्यम से संस्कृति को पुर्नस्थापित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि हिन्दी खत्म होगी तो संस्कृति खत्म होगी। संस्कृति खत्म होगी तो देश नहीं बचेगा। उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने दीक्षांत भाषण दिया। श्री पवैया ने कहा कि आगामी सत्र से सभी विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह भारतीय परिधान में होंगे। उन्होंने आज का समारोह भारतीय परिधान में करवाने पर कुलपति की सराहना की। श्री पवैया ने कहा कि नैतिक शिक्षा को पाठ्यक्रम में जोड़ा जायेगा। उन्होंने शिक्षा और विद्या में फर्क बताया। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि बगैर आत्म-विश्वास के आगे नहीं बढ़ सकते। विद्यार्थी सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े। उन्होंने बताया कि सांसद के रूप में चिली में मैंने हिन्दी में भाषण दिया था। विश्वविद्यालय के कुलपति श्री मोहनलाल छीपा ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा को छोड़कर सभी पाठ्यक्रम हिन्दी में पढ़ाये जा रहे हैं। पाठ्यक्रम स्व-रोजगार आधारित हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को दीक्षा दिलायी। स्वामी गोविन्द देव गिरि ‍ने कहा कि विश्व को ज्ञान का प्रकाश भारत ने दिया है। उन्होंने कहा कि देश को राजनैतिक स्वतंत्रता तो मिली लेकिन दिमागी स्वतंत्रता नहीं मिली। श्री गिरि ने कहा कि इस क्षेत्र में पहला प्रयास मध्यप्रदेश में किया गया है। इस दौरान शिक्षाविद्, शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  19 April 2017

नर्मदा सेवा कार्य

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 15 मई को अमरकंटक में नर्मदा सेवा यात्रा के पूर्ण होने और सेवा कार्य के शुभारंभ का भव्य कार्यक्रम किया जायेगा। इसमें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं साधु-संत शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक यात्रा की स्मृतियों को सहेजने के लिये एक शिलालेख लगाया जायेगा और परिक्रमा गैलरी भी बनायी जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान भोपाल में यहाँ नर्मदा सेवा कार्य के शुभारंभ की तैयारियों के संबंध में बैठक ले रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में नर्मदा सेवा समितियों और नर्मदा तट के जिले और गाँवों की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। संतों के आशीर्वाद से नर्मदा सेवा कार्य शुरू किया जायेगा। नर्मदा सेवा यात्रा की स्मृतियों को संजोने के लिये अमरकंटक में शिलालेख लगाया जायेगा। साथ ही यात्रा की विभिन्न जानकारियों की एक गैलरी भी बनायी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो जुलाई को नर्मदा किनारे वृहद वृक्षारोपण किया जायेगा। इसमें सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये एक बेवसाइट बनायी जायेगी, जिसमें लोग पंजीयन करायेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों में फलदार पौध-रोपण के लिये उद्यानिकी विभाग तथा वन भूमि में वृक्षारोपण के लिये वन विभाग नोडल विभाग होंगे। बैठक में वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार तथा विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष और पदाधिकारी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल और श्री एस.के.मिश्रा उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  19 April 2017

कौशल्या योजना

ग्रामोदय अभियान ओर ग्राम संसद में भी हिस्सा लेंगे मंत्रिगण  मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृत मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना और कौशल्या योजना प्रदेश में आगामी तीन मई को विधिवत प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री  शिवराजसिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना और कौशल्या योजना का शुभारंभ समारोहपूर्वक शुरू किया जाए। मंत्रीगण अपने प्रभार और गृह जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में उपस्थित रहेंगे। मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी मंत्रीगण से अपेक्षा की कि वे ग्रामोदय अभियान में 31 मई तक अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मंत्रीगण ग्राम संसद में दो से तीन बार शामिल होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। इसके साथ ही अपने जिलों में ग्राम संसद के आयोजन की समीक्षा भी करें। मुख्यमंत्री कन्या विवाह / निकाह योजना में मिलेगा स्मार्ट फोन  कुष्ठ आश्रम में निवासरत परिवारों के लिए संस्था को 5000 रू. प्रति परिवार प्रति माह मंत्रि-परिषद के निर्णय   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में महिलाओं के कौशल संवर्धन के लिए 'कौशल्या योजना' की मंजूरी दी गई। इस नई योजना में 2 लाख महिलाओं को प्रतिवर्ष अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण दिया जायेगा। योजना के लिए इस वित्तीय वर्ष में 254 करोड़ 78 लाख और अगले वित्तीय वर्ष में 274 करोड़ 34 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद ने युवाओं के कौशल संवर्द्धन के लिए मुख्यमंत्री कौशल संवर्द्धन योजना द्वारा एक लाख 10 हजार प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षित करने की मंजूरी दी। योजना क्रियान्वयन के लिए इस वर्ष 121 करोड़ 50 लाख रुपए और अगले वित्तीय वर्ष में 132 करोड़ 25 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद ने कन्याओं को संचार तथा नगद एवं अन्य संव्यवहार मोबाईल एप्लीकेशन से करने की सुविधा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में कन्याओं को अतिरिक्त रुप से स्मार्ट फोन देने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने 3 कुष्ठ आश्रम में निवासरत 108 परिवारों के लिए संस्था को 5000 रुपए प्रति परिवार प्रति माह देने का निर्णय लिया। सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित महात्मा गांधी कुष्ठ आश्रम भोपाल, कुष्ठ सेवा आश्रम नंदा नगर इंदौर और करुणा सदन कुष्ठ निवारण संस्था राणापुर, झाबुआ में अतिरिक्त राशि संस्था परिवार के रहवास, पुनर्वास और बच्चों की शिक्षा एवं रोजगार पर व्यय की जायेगी। मंत्रि-परिषद ने राज्य वित्त आयोग के कार्य के सुचारु संपादन के लिए आयोग की कार्यकाल अवधि के लिए 23 अस्थायी पद के सृजन की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2017-18 से आगामी 3 वर्ष के लिए रासायनिक खादों की व्यवस्था के लिए राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) को राज्य की नोडल ऐजेंसी घोषित किया। मार्कफेड को रासायनिक उर्वरकों की व्यवस्था के लिए राज्य शासन द्वारा 850 करोड़ की शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध करवायी गई है। मंत्रि-परिषद ने डिंडौरी मध्यम सिंचाई परियोजना की 9920 हेक्टेयर रबी सिंचाई क्षमता के लिए 384 करोड़ 8 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी। परियोजना से जिला डिंडौरी के करंजिया और बजाग विकासखंड के 42 ग्राम सिंचाई से लाभान्वित होंगे। इससे ग्रामीण समूह पेयजल योजना के लिए भी जल उपलब्ध रहेगा । मंत्रि-परिषद ने टीकमगढ़ जिले में बानसुजारा वृहद सिंचाई परियोजना के स्वीकृत विशेष पुनर्वास पैकेज में अतिरिक्त लाभ देने का निर्णय लिया। निर्णय अनुसार 'सहमति से मकान क्रय के प्रकरणों में मकान का कलेक्टर द्वारा निर्धारित बाजार मूल्य देने के साथ बाजार मूल्य की 50 प्रतिशत राशि के समतुल्य अतिरिक्त पुनर्वास अनुदान देय होगा।' इस निर्णय के फलस्वरूप 2465 विस्थापित परिवारों को 16 करोड़ 75 लाख रुपए का अतिरिक्त पुनर्वास अनुदान प्राप्त होगा। मंत्रि-परिषद ने मंत्रियों की निजी स्थापना में पदस्थ विशेष सहायक/ निज सचिव/ निज सहायकों एवं मंत्रालय के अधिकारियों के विशेष वेतन में 30 जुलाई 2013 से वृद्धि करने का निर्णय लिया।

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 MadhyaBharat  19 April 2017

सबसे सस्ती बिजली

रीवा जिले में स्थापित होने वाले सोलर प्लांट में मध्य प्रदेश को सबसे सस्ती बिजली मिलेगी। इसके लिए तीन निजी कंपनियों के साथ मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा सोमवार को पॉवर परचेस एग्रीमेंट किया गया।  तीन निजी कंपनियों में महिंद्रा रिन्यूएवल्स प्रा.लि. मुंबई, एक्मे सोलर होल्डिंग्स प्रा.लि. गुड़गांव और सोलेनर्जी पॉवर प्रा.लि. पोर्ट लुईस मॉरिशस के साथ पॉवर परचेस शामिल है। प्लांट से अक्टूबर 2018 तक बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा। प्लांट से 76 फीसदी बिजली मप्र को और 24 फीसदी दिल्ली मेट्रो को दी जाएगी।  सीएम शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू और पीयूष गोयल ने एमओयू साइन किया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सोलर प्लांट से सबसे कम दाम में मिलेगी बिजली। इतना ही नहीं साल 2017 के अंत तक बिजली उत्पादन 12 हजार 290 मेगावाट से बढ़कर 20 हजार मेगावाट कर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 2022 तक देश में एक लाख मेगावाट बिजली सोलर से मिलेगी। रीवा