Since: 23-09-2009

Latest News :
कर्नाटक में कम हुए डीजल-पेट्रोल के दाम.   रामदेव को इजाजत मिले तो बेच सकते हैं 40 रूपये लीटर पेट्रोल .   मध्यप्रदेश में 17 से 25 सितम्बर तक होंगे सेवा कार्य : मुख्यमंत्री चौहान.   केसीआर की टिप्पणी पर भड़की कांग्रेस,तेलंगाना विधानसभा भंग .   रेत माफिया द्वारा ट्रैक्टर से कुचलकर डिप्टी रेंजर की हत्या.   मिग क्रैश, बाल-बाल बचा पायलट.   मध्यप्रदेश में 17 से 25 सितम्बर तक होंगे सेवा कार्य : मुख्यमंत्री चौहान.   मध्यप्रदेश में 17 से 25 सितम्बर तक होंगे सेवा कार्य : मुख्यमंत्री चौहान.   मुख्यमंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी को दी जन्मदिन की बधाई.   देश के इंजीनियरों ने विश्व में बनाई अलग पहचान - पटेल.   आम आदमी की खुशहाली पहली प्राथमिकता.   दिग्विजय के कटआउट गायब.   100 करोड़ का लिया लोन, और नहीं चुकाया एक पैसा भी .   प्रेशर बम की चपेट में आने से दो ग्रामीणों की मौत.   आय से अधिक संपत्ति के मामले में अजय चंद्राकर के खिलाफ याचिका.   159 दुर्लभ प्रजातियों के पक्षी हैं बस्तर में .   बस और ट्रक की टक्कर में चार की मौत.   दिल्लीवाला डेंगू वाइरस दुर्ग में ले रहा है जान .  

भोपाल News


shivraj singh

मुख्यमंत्री द्वारा रक्तदान शिविर का शुभारंभ और यातायात उद्यान में पौध-रोपण  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संपूर्ण प्रदेश में 17 से 25 सितम्बर तक सेवा कार्य होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज शासकीय मोतीलाल नेहरू महाविद्यालय मेंरक्तदान शिविर और यातायात उद्यान में पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने महाविद्यालय में रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया और यातायात उद्यान में पौध-रोपण किया। इस अवसर पर सांसद श्री आलोक संजर, महापौर श्री आलोक शर्मा, अध्यक्ष नगर निगम श्री सुरजीत सिंह चौहान और विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह उपस्थित थे। रक्तदान-जीवनदान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रक्तदान जीवनदान है। उन्होंने रक्तदाताओं को दूसरों को जीवन देने के लिये बधाई दी। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की ओर से जन्म दिवस की बधाई दी। उन्होंने बताया कि श्री मोदी के जन्म दिवस से पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती तक संपूर्ण प्रदेश में सामाजिक सहयोग से निरंतर सेवा के कार्य निरंतर किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी नया भारत बनाने में जुटे हैं। मध्यप्रदेश की जनता उनके साथ खड़ी है। रक्तदान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रक्तदाता छात्र-छात्राएं मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी भी खिंचवाई। वृक्ष है, तो मानव जीवन है मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वृक्ष है, तो मानव जीवन है। उन्होंने बताया कि लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिवस प्रदेश में सेवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। श्री चौहान ने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा उपहार है। संपूर्ण प्रदेश में नागरिक सेवा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का मान-सम्मान बढ़ा है। देश लगातार हर क्षेत्र में नई ऊँचाईयों को छू रहा है। हमारी अर्थ-व्यवस्था दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने यातायात पार्क में आम का पौधा लगाया।        

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  17 September 2018

shivraj singh

मुख्यमंत्री द्वारा रक्तदान शिविर का शुभारंभ और यातायात उद्यान में पौध-रोपण  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संपूर्ण प्रदेश में 17 से 25 सितम्बर तक सेवा कार्य होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज शासकीय मोतीलाल नेहरू महाविद्यालय मेंरक्तदान शिविर और यातायात उद्यान में पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने महाविद्यालय में रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया और यातायात उद्यान में पौध-रोपण किया। इस अवसर पर सांसद श्री आलोक संजर, महापौर श्री आलोक शर्मा, अध्यक्ष नगर निगम श्री सुरजीत सिंह चौहान और विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह उपस्थित थे। रक्तदान-जीवनदान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रक्तदान जीवनदान है। उन्होंने रक्तदाताओं को दूसरों को जीवन देने के लिये बधाई दी। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की ओर से जन्म दिवस की बधाई दी। उन्होंने बताया कि श्री मोदी के जन्म दिवस से पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती तक संपूर्ण प्रदेश में सामाजिक सहयोग से निरंतर सेवा के कार्य निरंतर किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी नया भारत बनाने में जुटे हैं। मध्यप्रदेश की जनता उनके साथ खड़ी है। रक्तदान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रक्तदाता छात्र-छात्राएं मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी भी खिंचवाई। वृक्ष है, तो मानव जीवन है मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वृक्ष है, तो मानव जीवन है। उन्होंने बताया कि लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिवस प्रदेश में सेवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। श्री चौहान ने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा उपहार है। संपूर्ण प्रदेश में नागरिक सेवा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का मान-सम्मान बढ़ा है। देश लगातार हर क्षेत्र में नई ऊँचाईयों को छू रहा है। हमारी अर्थ-व्यवस्था दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने यातायात पार्क में आम का पौधा लगाया।        

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  17 September 2018

shivraj singh

मुख्यमंत्री द्वारा रक्तदान शिविर का शुभारंभ और यातायात उद्यान में पौध-रोपण  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संपूर्ण प्रदेश में 17 से 25 सितम्बर तक सेवा कार्य होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज शासकीय मोतीलाल नेहरू महाविद्यालय मेंरक्तदान शिविर और यातायात उद्यान में पौधरोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने महाविद्यालय में रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया और यातायात उद्यान में पौध-रोपण किया। इस अवसर पर सांसद श्री आलोक संजर, महापौर श्री आलोक शर्मा, अध्यक्ष नगर निगम श्री सुरजीत सिंह चौहान और विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह उपस्थित थे। रक्तदान-जीवनदान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रक्तदान जीवनदान है। उन्होंने रक्तदाताओं को दूसरों को जीवन देने के लिये बधाई दी। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की ओर से जन्म दिवस की बधाई दी। उन्होंने बताया कि श्री मोदी के जन्म दिवस से पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती तक संपूर्ण प्रदेश में सामाजिक सहयोग से निरंतर सेवा के कार्य निरंतर किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी नया भारत बनाने में जुटे हैं। मध्यप्रदेश की जनता उनके साथ खड़ी है। रक्तदान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रक्तदाता छात्र-छात्राएं मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी भी खिंचवाई। वृक्ष है, तो मानव जीवन है मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वृक्ष है, तो मानव जीवन है। उन्होंने बताया कि लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जन्म दिवस प्रदेश में सेवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। श्री चौहान ने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ा उपहार है। संपूर्ण प्रदेश में नागरिक सेवा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का मान-सम्मान बढ़ा है। देश लगातार हर क्षेत्र में नई ऊँचाईयों को छू रहा है। हमारी अर्थ-व्यवस्था दुनिया में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने यातायात पार्क में आम का पौधा लगाया।        

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  17 September 2018

narendr modi

  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई और शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री मोदी के रूप में देश को एक सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व मिला है। श्री मोदी के नेतृत्व में आज पूरे विश्व में  भारत का गौरव बढ़ा है। उन्होंने श्री मोदी के सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की ईश्वर से  कामना की है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  17 September 2018

anandi ben patel

इंजीनियर दिवस पर उत्कृष्ट इंजीनियर हुए सम्मानित एमपी की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि भारत की भूमि इंजीनियरिंग की प्रयोगशाला रही है। भारत में कई ऐसे इंजीनियर हुए, जिन्होंने अकल्पनीय को कल्पनीय बनाया और इंजीनियरिंग के दुनिया में चमत्कार कहे जाने वाले उदाहरण प्रस्तुत किये। देश के इंजीनियर पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। राज्यपाल ने यह बात यहां इंजीनियर दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले इंजीनियरों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिंह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह का आयोजन मध्यप्रदेश यांत्रिकी सेवा संघ द्वारा किया गया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि देश के विकास और नागरिकों की समृद्धि में इंजीनियरों की भूमिका संरक्षक की तरह है। देश को ईमानदार, कर्मठ और समय के प्रति वचनबद्ध इंजीनियरों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा किइंजीनियर आधुनिक तकनीक का उपयोग कर निर्माण को गुणवत्तापूर्ण बनाने का प्रयास करें।युवा इंजीनियर देश के निर्माण में ईमानदारी और समय के प्रति वचनबद्ध होकर कार्य करें।राज्यपाल ने कहा किहमारे देश में सदियों पहले बनी कई इमारतें उत्कृष्ट इंजीनियरिंग कौशलता का प्रमाण है। लालकिला, ताजमहल, कई राजाओं के महल, नदियों पर बने घाट आज भी मौजूद है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि भारत में उत्कृष्ट नौकरी के अवसर देने में इंजीनियरिंग का क्षेत्र बहुत विकसित है। जब बात इंजीनियरिंग की सर्वश्रेष्ठ शाखाअथवा सबसे अधिक वेतन वाली शाखाओं के चयन की आती है, तो छात्र अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। वर्तमान में इंजीनियरिंग की सही शाखा का चुनाव करना बहुत मुश्किल है। इंजीनियरिंग के क्षेत्रों में कम्प्यूटर साइंस/आईटी इंजीनियरिंग पिछले दशक में भारतीय अर्थ-व्यवस्था की मुख्य आधार के रूप में उभरी है। श्रीमती पटेल ने कहा कि आधुनिकता और इंजीनियरिंग के बढ़ते प्रभाव से हमें मानवता को नहीं भूलना चाहिए। पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए इंजीनियरों को स्वयं विचार करना चाहिए। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से विकसित राज्य बनाने में इंजीनियरों का महत्वपूर्ण योगदान है। समाज और देश के विकास में इंजीनियरों की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता है। मध्यप्रदेश यांत्रिकी सेवा संघ के अध्यक्ष श्री अखिलेष उपाध्याय ने अतिथियों का स्वागत किया।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  17 September 2018

digvijay singh

  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के भोपाल दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर उजागर हुई है। यहां भेल दशहरा मैदान पर प्रदेश के लगभग सभी बड़े नेताओं के पोस्टर और कटआउट लगाए गए हैं, लेकिन इनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पोस्टर और कटआउट गायब हैं। इससे दिग्विजय समर्थक नाराज हो गए हैं। इधर SC/ST एक्ट को लेकर करणी सेना द्वारा राहुल गांधी के विरोध की घोषणा के बाद करणी सेना के नेता सुरेंद्र सिंह को नजरबंद कर लिया है। राहुल गांधी के भोपाल पहुंचने से पहले कांग्रेस की अंदरुनी सियासत में बवाल आ गया है। मामला सभा स्थल पर दिग्विजय सिंह के कटआउट नहीं लगने का है। दरअसल भेल दशहरा मैदान पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कमलनाथ, ज्योतिरादित्या सिंधिया, सुरेश पचौरी, अजय सिंह सहित सभी बड़े नेताओं के कटआउट लगे हैं। यहां तक की विवेक तन्खा, शोभा ओझा, कांतिलाल भूरिया और अरुण यादव के भी बड़े-बड़े कटआउट सभा स्थल पर लगे हैं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कटआउट नहीं लगाए गए हैं। इससे दिग्गी समर्थकों ने नाराजगी जताई है। कांग्रेस विरोधी जहां इसे पार्टी की गुटबाजी से जोड़कर देख रहे हैं वहीं पार्टी के भीतर भी इसे लेकर बवाल मच गया है। कांग्रेसी नेता इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। इधर इस बारे में जब दिग्विजय सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद अपना कटआउट हटाने को कहा था। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे रोज अपना चेहरा देख लेते हैं, इसलिए उन्हें अपना चेहरा दिखाने के लिए कटउट की जरुरत नहीं है। वहीं पूरे मामले को लेकर भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस में हर कोई मुख्यमंत्री बनना चाहता है। वहां कमलनाथ और सिंधिया के अलावा दूसरे नेता भी मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। इसलिए खुद को दिखाने के लिए दिग्विजय का कटआउट नहीं लगवाया। लालघाटी से दोपहर करीब 1 बजे राहुल गांधी का रोड शो शुरू हुआ । रोड़ शो लालघाटी से वीआईपी गेस्ट हाउस, इमामी गेट, सदर मंजिल, कमला पार्क, पॉलिटेक्निक चौराहा, बाण गंगा, रोशनपुरा चौराहा, अपेक्स बैंक, पीसीसी, ज्योति टॉकीज, चेतक ब्रिज, कस्तूरबा नगर तिराहे से अन्ना नगर होता हुआ दशहरा भेल मैदान पहुंचा।   

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  17 September 2018

shivraj singh

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भगवान श्रीकृष्ण से कृपा की वर्षा करने की प्रार्थना की है। उन्होंने कहा है कि प्रगति और विकास पथ पर प्रदेश-देश लगातार उन्नति करे। सबके जीवन में सुख-समृद्धि, रिद्धी-सिद्धी आये। श्री चौहान ने यह प्रार्थना कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम में की। सर्वधर्म समभाव की परंपरा को आगे बढाते हुए मुख्यमंत्री निवास में श्री कृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव से आज मनाया गया। इस अवसर पर श्री चौहान की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह भी मौजूद थीं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भगवान श्री कृष्ण के श्रीचरणों में नमन करते हुये कृपा और आनंद की वर्षा करने की प्रार्थना की। उन्होंने भक्तगणों का आव्हान किया कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन हो जायें। उन्होंने सभी को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। सब सुखी, सब निरोगी हों। श्री चौहान ने बताया कि भोपाल सेंट्रल जेल के कार्यक्रम में बंदियों के भक्ति रंग को देख, वे अत्यंत प्रभावित हुये। उन्हें कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिये आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में एक अच्छा इंसान जिंदा रहता है। कई बार विपरीत परिस्थितियों वश जेल जाना पड़ता है। आपातकाल के दौरान उन्हें भी भोपाल जेल में रहना पड़ा था। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी कारागार में हुआ था। जन्मोत्सव में सेंट्रल जेल भोपाल के बंदियों द्वारा भक्ति संगीत की ऐसी धारा प्रवाहित की गई जिसमें सारा परिवेश भक्तिरस में सराबोर हो गया। भगवान श्रीकृष्ण के भजनों से वातावरण कृष्णमय होकर, पूरी तरह आध्यात्मिक बन गया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने सभी धर्मों के विशिष्ट त्यौहारों और अवसरों पर मुख्यमंत्री निवास में उत्सवों के आयोजन की परंपरा स्थापित की है। इसे गरिमा के साथ आगे बढ़ाते जा रहे हैं। इसी श्रंखला मे आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार पूरी पारंपरिक गरिमा एवं अनुष्ठान से मनाया गया। बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। उत्सव में विधिवत कृष्ण जन्म, मटकी फोड़, पूजन-अर्चन आदि के कार्यक्रम भक्तिपूर्ण उल्लासमय गरिमा के साथ मनाये गये। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। श्री चौहान ने शुभकामना संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद् भगवद् गीता के माध्यम से कर्मयोग की शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन, भक्ति-ज्ञान और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक उत्कर्ष उनके दार्शनिक तत्व हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलने का आव्हान करते हुए कहा कि भक्ति, कर्म और ज्ञान मार्ग से ही समाज और प्रदेश के नव-निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। राज्यपाल ने जन्माष्टमी पर प्रदेशवासियों को दी बधाई राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने जन्माष्टमी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्रीमती पटेल ने शुभकामना संदेश में कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण ने दुनिया को सत्य के मार्ग पर चलते हुए कठिनाईयों का सामने करने की सीख दी है। भगवद गीता के उपदेश जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते हैं। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया गीता का ज्ञान विश्व में आज भी प्रासांगिक है। श्रीमती पटेल ने जन्माष्टमी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों की सुख- समृद्धि की कामना की है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  4 September 2018

एट्रोसिटी एक्ट

  देशभर में एट्रोसिटी एक्ट को लेकर हंगामा मचा हुआ है। राजनेताओं का घेराव किया जा रहा है। इस एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग का एक ताजा मामला शहर में सामने आया है। जहां पीड़ित ने आरोपितों पर एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ाने के लिए फर्जी जाति प्रमाण कोर्ट के सामने प्रस्तुत कर दिया। जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद कोर्ट के निर्देश पर एमपीनगर पुलिस ने फरियादी को अब आरोपित बनाते हुए उसके खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। अर्चना गैस एजेंसी के पास शक्ति नगर छोला निवासी 20 वर्षीय सोनू अहिरवार ने जून 2017 को छोला पुलिस में अशोक उर्फ नक्का, सोनू सिंह भदौरिया व अजय अहिरवार के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था कि इन्हों उसपर जानलेवा हमला किया है। इस दौरान सोनू ने अपने को अनुसूचित जाति का बताया। पुलिस ने उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली थी। छोला पुलिस सोनू से उसका जाति प्रमाण पत्र जांच के दौरान काफी दिनों तक मांगती रही थी, लेकिन वह प्रस्तुत नहीं कर सका। शंका होने पर छोला पुलिस ने मामले में एससी-एसटी की धाराएं एसपी नार्थ से विचार विमर्श के बाद हटा लीं । पुलिस ने कोर्ट में इस मामले का चालान पेश किया तो कोर्ट ने एससीएसटी का प्रमाण पत्र मांगा, जिस पर पीड़ित सोनू अहिरवार ने जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर दिया था। कोर्ट ने यह प्रमाण पत्र छोला पुलिस को देकर इस जांच करवाई। छोला पुलिस ने संबंधित एसडीएम से इस प्रमाण पत्र की जानकारी मांगी तो वह फर्जी पाया गया। इसकी जानकारी पुलिस ने कोर्ट को दी।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  4 September 2018

shivraj singh

सुरखी में मुख्यमंत्री द्वारा 300 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का शिलान्यास  सुरखी को नगर पंचायत बनाने एवं आईटीआई खोलने की घोषणा एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीबी हटाने के हमने केवल नारे नहीं दिये, बल्कि गरीबों की जिन्दगी में खुशहाली लाने के ठोस इन्तजाम किये हैं। विकास के साथ जनता की जिन्दगी बदलने का अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान बुधवार को सागर जिले के सुरखी में जेरा मध्यम सिंचाई परियोजना सहित 300 करोड़ रूपये के विकास कार्यों के भूमि-पूजन अवसर पर बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने सुरखी को नगर पंचायत बनाने एवं सुरखी में आईटीआई खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमें डेढ़ दशक पहले बदहाल एवं बर्बाद प्रदेश मिला था, जिसमें न सड़कें थी, न सिंचाई के साधन थे, न बिजली थी, शिक्षा व्यवस्था चौपट थी, बच्चों का भविष्य अंधकार में था और लोगों की जिन्दगी में अंधेरा छाया हुआ था। हमने बदहाल प्रदेश को खुशहाल बनाया है। उन्होंने प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों से आग्रह किया कि योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने बताया कि समाज के कमजोर वर्ग को मूलभूत सुविधाऐं उपलब्ध कराने के लिये संबल योजना आंरभ की गयी है। गरीब परिवारों के भारी भरकम बिजली के बिल माफ कर उन्हे मात्र दो सौ रूपये प्रतिमाह के मान से बिजली देने का निर्णय लिया गया है। श्री चौहान ने इस मौके पर प्रदेश की तरक्की के लिये अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान श्री चौहान ने कहा कि किसानों को जितना पैसा इस सरकार ने दिया है उतना उन्हें कभी नहीं मिला। हमने किसानों को उनके पसीने की पूरी कीमत देने की व्यवस्था की है। इन सिंचाई परियोजनाओं से बुंदेलखण्ड की खेती-किसानी की तस्वीर बदल जायेगी। उन्होंने 171 करोड़ रूपये के जेरा मध्यम सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन किया इससे लगभग 50 हजार एकड़ भूमि की सिंचाई होगी। साथ ही उन्होंने 13.86 करोड़ रूपये की कालीपठार सिंचाई परियोजना एवं 12.75 करोड़ रूपये की पड़रियाकलॉ बांध का भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्रीमती पारूल साहू ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री गौरीशंकर शेजवार, गृह एवं परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, राज्यसभा सांसद श्री प्रभात झा, सागर सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, दमोह सांसद श्री प्रहलाद पटेल, बण्डा विधायक श्री हरवंश सिंह राठौर, श्री नारायण प्रसाद कबीरपंथी, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती लता वानखेड़े सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।    

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  30 August 2018

shivraj singh

सुरखी में मुख्यमंत्री द्वारा 300 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का शिलान्यास  सुरखी को नगर पंचायत बनाने एवं आईटीआई खोलने की घोषणा एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीबी हटाने के हमने केवल नारे नहीं दिये, बल्कि गरीबों की जिन्दगी में खुशहाली लाने के ठोस इन्तजाम किये हैं। विकास के साथ जनता की जिन्दगी बदलने का अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान बुधवार को सागर जिले के सुरखी में जेरा मध्यम सिंचाई परियोजना सहित 300 करोड़ रूपये के विकास कार्यों के भूमि-पूजन अवसर पर बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने सुरखी को नगर पंचायत बनाने एवं सुरखी में आईटीआई खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमें डेढ़ दशक पहले बदहाल एवं बर्बाद प्रदेश मिला था, जिसमें न सड़कें थी, न सिंचाई के साधन थे, न बिजली थी, शिक्षा व्यवस्था चौपट थी, बच्चों का भविष्य अंधकार में था और लोगों की जिन्दगी में अंधेरा छाया हुआ था। हमने बदहाल प्रदेश को खुशहाल बनाया है। उन्होंने प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों से आग्रह किया कि योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। उन्होंने बताया कि समाज के कमजोर वर्ग को मूलभूत सुविधाऐं उपलब्ध कराने के लिये संबल योजना आंरभ की गयी है। गरीब परिवारों के भारी भरकम बिजली के बिल माफ कर उन्हे मात्र दो सौ रूपये प्रतिमाह के मान से बिजली देने का निर्णय लिया गया है। श्री चौहान ने इस मौके पर प्रदेश की तरक्की के लिये अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान श्री चौहान ने कहा कि किसानों को जितना पैसा इस सरकार ने दिया है उतना उन्हें कभी नहीं मिला। हमने किसानों को उनके पसीने की पूरी कीमत देने की व्यवस्था की है। इन सिंचाई परियोजनाओं से बुंदेलखण्ड की खेती-किसानी की तस्वीर बदल जायेगी। उन्होंने 171 करोड़ रूपये के जेरा मध्यम सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन किया इससे लगभग 50 हजार एकड़ भूमि की सिंचाई होगी। साथ ही उन्होंने 13.86 करोड़ रूपये की कालीपठार सिंचाई परियोजना एवं 12.75 करोड़ रूपये की पड़रियाकलॉ बांध का भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्रीमती पारूल साहू ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री गौरीशंकर शेजवार, गृह एवं परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, राज्यसभा सांसद श्री प्रभात झा, सागर सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, दमोह सांसद श्री प्रहलाद पटेल, बण्डा विधायक श्री हरवंश सिंह राठौर, श्री नारायण प्रसाद कबीरपंथी, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती लता वानखेड़े सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।    

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  30 August 2018

anupm rajan

मध्यप्रदेश संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित दुर्लभ अभिलेखों एवं छायाचित्रों की प्रदर्शनी 'स्वाधीनता आन्दोलन 1857-1947' का उद्घाटन श्री अनुपम राजन, आयुक्त, पुरातत्व अभिलेखागार द्वारा राज्य संग्रहालय, श्यामला हिल्स, भोपाल में किया गया। उप संचालक, पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय डॉ. गीता सभरवाल द्वारा प्रदर्शित ऐतिहासिक अभिलेखों के संबंध में बताया कि स्वाधीनता आन्दोलन 1857-1947 विषय पर केन्द्रित इस प्रदर्शनी का आयोजन राज्य संग्रहालय, भोपाल में 29 अगस्त से 11 सितम्बर तक किया जा रहा है। प्रदर्शनी आम जनता के लिये प्रतिदिन प्रात: 10.30 बजे से सांयकाल 5.30 तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी में प्रवेश नि:शुल्क है। उन्होंने बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आम जनता, छात्रों एवं शोधार्थियों को स्वतंत्रता आन्दोलन से संबंधित गतिविधियों की जानकारी देना है। इस प्रदर्शनी में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता आन्दोलन, असहयोग आन्दोलन (1920) सविनय अवज्ञा आन्दोलन (1930) एवं भारत छोड़ो आंदोलन (1942) से संबंधित महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अभिलेख एवं छायाचित्र प्रदर्शित किये गये हैं

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  30 August 2018

misrod

मिसरोद इलाके में तीन दिन पहले एक ड्राइवर पर उसकी कथित पत्नी के पति ने खोलता पानी फेंककर तवे से सीना और पीठ जला जला दिया था। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई है। महिला को साथ रखने को लेकर ड्राइवर का आरोपित से विवाद था। पुलिस अफसरों का कहना है कि इसमें हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। मिसरोद पुलिस के अनुसार ग्राम छान में रहने वाला 35 वर्षीय सतीश सोनी प्राइवेट ड्राइवर था। वह कथित पत्नी के साथ कौशल नगर में किराए से रहता था। 26- 27 अगस्त की दरमियानी रात तीन बजे कथित पत्नी के पूर्व पति जितेंद्र मेहरा ने घर में घुसकर सतीश पर हमला किया। उस पर खौलता पानी फेंक दिया और गर्म तवे से उसकी पीठ और सीने को जला दिया था। इसकी जानकारी लगने के बाद मिसरोद थाने के एसआई ट्विंकल यादव जेपी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जहां से उसको हमीदिया रेफर किया गया था। मृतक के भाई संतोष सोनी ने बताया कि सतीश 20 फीसदी झुलसा था लेकिन उसे हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर ने भर्ती करने से मना किया था। दोबारा लेकर गए तो उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। ग्राम छान की एक महिला को लेकर सतीश और आरोपित जितेंद्र में विवाद था। मृतक के भाई के संतोष सोनी का कहना है कि महिला जितेंद्र मेहरा की पत्नी थी। उससे उसके दो बच्चे भी थे। वह काफी समय से बिना शादी के सतीश के साथ रह रही थी।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  30 August 2018

 शिवराज सिंह चौहान

राष्ट्रपति जीवनरक्षक पदक के लिये जांबाजों की होगी अनुशंसा एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जांबाज नागरिकों और सिपाहियों को राष्ट्रपति जीवनरक्षक पदक दिलवाने की अनुशंसा की जायेगी। दूसरों के लिये अपनी जान जोखिम में डालने वाले जांबाज ही समाज के असली हीरो होते हैं। श्री चौहान मुख्यमंत्री निवास पर शिवपुरी में अतिवर्षा से सुल्तानगढ़ स्थल पर फँसे नागरिकों को बचाने वाले जांबाज नागरिकों और सिपाहियों को सम्मानित कर रहे थे। उन्होंने चार नागरिकों को पाँच-पाँच लाख रूपये की सम्मान निधि भेंट की। जिला पुलिस बल के चार और राज्य अनुक्रिया बल ग्वालियर के तीन सदस्यों को पृथक से सम्मानित किये जाने के निर्देश दिये। पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, महानिदेशक नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन श्री महान भारत सागर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अच्छे काम करने वालों की सराहना की जाना चाहिये। उन्होंने कहा विगत दिवस शिवपुरी जिले के मोहना के निकट सुल्तानगढ़ में फँसे नागरिकों को बचाने के कार्य में नागरिकों, राज्य आपदा अनुक्रिया बल, पुलिस और प्रशासन ने प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर वे रातभर जागकर स्थिति की जानकारी लेते रहे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री, गृह मंत्री से चर्चा की। बचाव के लिये भारतीय वायु सेना का हेलीकाप्टर आया, उसने पाँच लोगों को बचाया। किन्तु मौसम खराब हो जाने से उसे वापस जाना पड़ा। ऐसे समय में जांबाज ग्रामीण साथी देवदूत बनकर सामने आये और पानी कम होने पर वे साहसपूर्वक तैरकर रस्से से पार ले गये। उनके साहस और सामाजिक कर्त्तव्य-बोध को देख कर ही उनको सम्मानित करने का निर्णय उन्होंने किया। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया भी घटना-स्थल पहुँची थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नागरिक श्री रामदास पुत्र सभाराम, श्री भागीरथ पुत्र जलमा, श्री निजाम शाह पुत्र शंभू शाह और श्री कल्लन बाथम पुत्र रामजीलाल को पाँच-पाँच लाख रूपये की सम्मान निधि से सम्मानित किया। साथ ही राज्य अनुक्रिया बल ग्वालियर के उप निरीक्षक श्री प्रदीप कुमार, प्रधान आरक्षक श्री राजेश कुमार यादव, श्री गजेन्द्र सिंह कौरव को तथा जिला पुलिस बल के उप निरीक्षक श्री गोपाल चौबे, उपनिरीक्षक श्री सुरेन्द्र सिंह यादव, उप निरीक्षक श्री अमित शर्मा और आरक्षक श्री मुकेश यादव को सम्मानित करते हुए कहा कि उन्हें भी पृथक से सम्मान निधि दी जायेगी।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  24 August 2018

 शिवराज सिंह चौहान

राष्ट्रपति जीवनरक्षक पदक के लिये जांबाजों की होगी अनुशंसा एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जांबाज नागरिकों और सिपाहियों को राष्ट्रपति जीवनरक्षक पदक दिलवाने की अनुशंसा की जायेगी। दूसरों के लिये अपनी जान जोखिम में डालने वाले जांबाज ही समाज के असली हीरो होते हैं। श्री चौहान मुख्यमंत्री निवास पर शिवपुरी में अतिवर्षा से सुल्तानगढ़ स्थल पर फँसे नागरिकों को बचाने वाले जांबाज नागरिकों और सिपाहियों को सम्मानित कर रहे थे। उन्होंने चार नागरिकों को पाँच-पाँच लाख रूपये की सम्मान निधि भेंट की। जिला पुलिस बल के चार और राज्य अनुक्रिया बल ग्वालियर के तीन सदस्यों को पृथक से सम्मानित किये जाने के निर्देश दिये। पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, महानिदेशक नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन श्री महान भारत सागर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अच्छे काम करने वालों की सराहना की जाना चाहिये। उन्होंने कहा विगत दिवस शिवपुरी जिले के मोहना के निकट सुल्तानगढ़ में फँसे नागरिकों को बचाने के कार्य में नागरिकों, राज्य आपदा अनुक्रिया बल, पुलिस और प्रशासन ने प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर वे रातभर जागकर स्थिति की जानकारी लेते रहे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री, गृह मंत्री से चर्चा की। बचाव के लिये भारतीय वायु सेना का हेलीकाप्टर आया, उसने पाँच लोगों को बचाया। किन्तु मौसम खराब हो जाने से उसे वापस जाना पड़ा। ऐसे समय में जांबाज ग्रामीण साथी देवदूत बनकर सामने आये और पानी कम होने पर वे साहसपूर्वक तैरकर रस्से से पार ले गये। उनके साहस और सामाजिक कर्त्तव्य-बोध को देख कर ही उनको सम्मानित करने का निर्णय उन्होंने किया। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया भी घटना-स्थल पहुँची थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नागरिक श्री रामदास पुत्र सभाराम, श्री भागीरथ पुत्र जलमा, श्री निजाम शाह पुत्र शंभू शाह और श्री कल्लन बाथम पुत्र रामजीलाल को पाँच-पाँच लाख रूपये की सम्मान निधि से सम्मानित किया। साथ ही राज्य अनुक्रिया बल ग्वालियर के उप निरीक्षक श्री प्रदीप कुमार, प्रधान आरक्षक श्री राजेश कुमार यादव, श्री गजेन्द्र सिंह कौरव को तथा जिला पुलिस बल के उप निरीक्षक श्री गोपाल चौबे, उपनिरीक्षक श्री सुरेन्द्र सिंह यादव, उप निरीक्षक श्री अमित शर्मा और आरक्षक श्री मुकेश यादव को सम्मानित करते हुए कहा कि उन्हें भी पृथक से सम्मान निधि दी जायेगी।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  24 August 2018

वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर

  जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने वरिष्ठ पत्रकार श्री कुलदीप नैयर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि श्री नैयर एक लोकप्रिय स्तंभ लेखक थे। ज्वलंत राष्ट्रीय मुददों पर उनकी लेखनी पाठकों को बहुत प्रभावित करती थी। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि स्व. नैयर दशकों तक सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले कलमकार बने रहे। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने स्व. नैयर की दिवगंत आत्मा की शांति और उनके शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से विनती की है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  24 August 2018

atal bihari vajpeyi

  प्रदेश की सात स्मार्ट सिटी में अटल जी के नाम पर बनेंगी विश्वस्तरीय लाइब्रेरी -  चौहान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये राज्य सरकार ने कई निर्णय लिये हैं। भोपाल और ग्वालियर में स्वर्गीय अटल जी की स्मृति में भव्य स्मारक बनाये जायेंगे। ग्वालियर के गोरखी के जिस विद्यालय में स्वर्गीय वाजपेयी कक्षा 6 से 8 तक पढ़े थे उसे उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। इसमें स्मार्ट क्लास, प्लेनेटोरियम और म्यूजियम बनाया जायेगा, साथ ही स्वर्गीय अटल जी की प्रतिमा स्थापित की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास में कहा कि स्वर्गीय अटल जी की स्मृति में भोपाल और ग्वालियर में स्मृति वन स्थापित किये जायेंगे। जिनमें अटल जी की प्रतिमा के साथ उनके कार्यों को बेहतर ढ़ंग से प्रस्तुत किया जायेगा ताकि भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके। भोपाल में 600 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे ग्लोबल स्किल पार्क का नाम स्वर्गीय अटल जी के नाम पर रखा जायेगा। प्रदेश के स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किये जा रहे सात शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना में स्वर्गीय अटल जी के नाम पर विश्वस्तरीय लाइब्रेरी स्थापित की जायेगी। इन लाइब्रेरियों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में युवाओं के लिये कोचिंग, शोध और सामाजिक चिंतन के केन्द्र के रूप में विकसित किया जायेगा। इसी तरह सात स्मार्ट सिटी में बन रहे इनक्यूबेशन सेंटर्स का नाम स्वर्गीय अटल जी के नाम पर रखा जायेगा। इन सेंटरों पर मध्यप्रदेश के युवाओं को स्टार्टअप स्थापित करने की सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी। स्वर्गीय अटल जी की जीवनी स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में होगी मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्वर्गीय अटल जी की जीवनी अगले वर्ष से स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल की जायेगी। स्वर्गीय अटल जी के नाम से तीन राष्ट्रीय पुरस्कार स्थापित किये जायेंगे। पाँच-पाँच लाख रूपये के यह पुरस्कार कविता, पत्रकारिता और सुशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को दिये जायेंगे। प्रदेश में श्रमिकों के बच्चों के लिये बनाये जा रहे चार श्रमोदय विद्यालयों के नाम भी स्वर्गीय अटल जी के नाम पर रखे जायेंगे। विदिशा में शुरू हो रहे मेडिकल कॉलेज का नाम भी स्वर्गीय अटल जी के नाम पर रखा जायेगा। भोपाल के अत्याधुनिक हबीबगंज रेल्वे स्टेशन का नाम स्वर्गीय अटल जी के नाम पर करने के लिये केन्द्रीय रेलमंत्री से आग्रह किया जायेगा। 21 अगस्त को भोपाल में श्रद्धांजलि सभा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आगामी 21 अगस्त को भोपाल में समाज का हर वर्ग स्वर्गीय अटल जी को श्रद्धांजलि दें इसके लिये रविन्द्र भवन के मुक्ताकाश में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जायेगी। आगामी 22 से 25 अगस्त बीच सभी जिला मुख्यालय में तथा आगामी 25 से 30 अगस्त के बीच सभी विकासखण्ड और ग्राम पंचायतों में भी श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जायेगी। स्वर्गीय अटल जी के अस्थियों को नर्मदा सहित प्रदेश की सभी प्रमुख नदियों में प्रवाहित किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि केरल के बाढ़ प्रभावितों के लिये राज्य सरकार द्वारा दस करोड़ रूपये की सहायता राशि भेजी जायेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि संकट की इस घड़ी में अपने सामर्थ्य के अनुसार केरल के बाढ़ प्रभावितों को सहयोग करें। इसके लिये मुख्यमंत्री सहायता कोष में केरल सहायता के नाम से खाता क्रमांक 37885301406 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बल्लभ भवन शाखा में राशि जमा करा सकते हैं।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  18 August 2018

shivraj singh

मध्यप्रदेश में गरीब तबकों के दिव्यांगों को राज्य शासन की ओर से व्हील चेयर, हियरिंग मशीन, ट्रॉयसिकल आदि का नि:शुल्क वितरण किया जा रहा है। इससे दिव्यांगों की परिजनों पर निर्भरता कम हुई है। साथ ही, दिव्यांग व्यक्ति का मनोबल भी बढ़ रहा है।  उस्मान को मिली व्हील चेयर : नीमच में कलेक्टर श्री राकेश श्रीवास्तव ने जन- सुनवाई के दौरान गैंगरिन में एक पाँव गँवा चुके उस्माल अली को व्हील चेयर दिलवाई। व्हील चेयर मिलने के बाद उस्मान और उसकी पत्नी शमीम बानो के चेहरे की खुशी देखने लायक है। कलेक्टर ने जन-सुनवाई में 197 दिव्यांगों की समस्याएँ सुनी और निराकरण भी किया।  अब सुनता है राममनोहर : सीधी में जन-सुनवाई के दौरान कलेक्टर ने कोठार गाँव के 65 वर्षीय रामनोहर सिंह को कान की मशीन दिलवाई। राममनोहर ने बताया था कि सुनने में दिक्कत होने के कारण जिन्दगी कठिनाईयों से भर गई है। मशीन खरीदने की क्षमता है नहीं। मौके पर ही राममनोहर की समस्या का निदान होने से वह भी शासन की तरीफ के पुल बांध रहे है। अब अच्छे से सुनता है सबकी बात।  रवि को मिली ट्रायसिकल : दिव्यांग रवि केवट दोनों पैर खराब होने से कहीं आना-जाना नहीं कर पाता है। अगर ट्रायसिकल मिल जाये तो वह खुद आना-जाना कर सकेगा और अपने कामों को करने में किसी की सहायता नहीं लेनी पड़ेंगी। रवि की परेशानी को जिला प्रशासन ने समझा। जिला कलेक्टर ने उसे नि:शुल्क ट्रायसिकल दी है। अब रवि किसी का मोहताज नहीं है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  18 August 2018

atal ji-shivraj singh

  पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्वास्थ्य खराब होने के बाद एम्स में इलाज चल रहा है। इस दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार की अपनी जनआशीर्वाद यात्रा को स्थगित कर दिया। मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि अटलजी की उपस्थिति मात्र से हमको हौसला मिलता है। वो हमारे बीच बने रहें यही हमारी प्रार्थना है। अटलजी की कविताओं से सभी को प्रेरणा मिलती है। स्वतंत्रता दिवस पर उनकी कविता का उल्लेख किया था। सीएम शिवराज ने कहा कि विदिशा से चुनाव लड़ने के दौरान मैं उनके करीब आया था। जब भी उनसे मिलता था तो वे मुझे विदिशापति कहते थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  16 August 2018

 मेधावी विद्यार्थी योजना

  प्रदेश पुलिस की उपलब्धियां अनंत:चौहान मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ‘मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना’ में वार्षिक आय सीमा को 6 से बढ़ाकर 8 लाख रुपये वार्षिक किया गया है। इससे पुलिस परिवार के प्रतिभावान बच्चों को भी उच्च शिक्षा में सुविधा होगी। बच्चों की शिक्षा के लिये और भी जो करना होगा, अवश्य किया जायेगा। पुलिस परिवारों की शिक्षा स्वास्थ्य और आवास सुविधाओं को बेहतर करने के कार्य निरंतर हो रहे हैं। बुनियादी सुधार के प्रयासों को भी विस्तारित किया जायेगा। श्री चौहान आज प्रदेश पुलिस के पदक विजेता अधिकारियों-कर्मचारियों और उनके परिजनों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पुलिस विपरीत परिस्थितियों में कार्य करती है उनके परिवार का जीवन भी कठिनाई में रहता है इसी लिये पुलिस परिवार के प्रति उनका विशेष स्नेह और लगाव है। उनके लिये बेहतर से बेहतर कैसे किया जाये। इसके प्रयास निरंतर कर रहे हैं। पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा निरंतर आधुनिक सुविधा संपन्न मकान बनाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिये कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए वीरगति को प्राप्त करने वाले पुलिस के जवान को भी शहीद का सम्मान दिया है। उन्हें भी सेना के वंदनीय शहीदों के समान ही शासन से मान-सम्मान मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था आंतकवादी गतिविधियों आदि को नियंत्रित करने में पुलिस की उपलब्धियां अनंत और गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी कटनी में बलात्कार के अपराधी को मात्र पांच दिन में सजा के मामले की जानकारी को प्रसारित करने के लिये कहा है। उन्होंने पुलिस को बधाई देते हुये कहा कि प्रकरण में पुलिस द्वारा की गयी त्वरित कार्रवाई, अनुसंधान और चालान प्रस्तुत करने के कार्य तत्परता और उत्कृष्टता के साथ किये इसी से अपराधी को शीघ्र दंड मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के आधुनिकीकरण के प्रयास निरंतर जारी हैं। प्रदेश में पल-पल की खबर रखने के लिये देश में संभवत: सर्वाधिक 11 हजार सी.सी.टी.व्ही. कैमरे लगाये हैं। आज सेफ सिटी मॉनीटरिंग एवं रिस्पॉस सेन्टर का भी लोकार्पण हुआ है। डॉयल-100 के मोबाईल एप, डॉयल-100 सेवा में जोड़े जा रहे। डॉयल-100 में मोटर साइकिल को भी शामिल किया गया है। ताकि जनता को आवश्यकतानुसार गलियों में भी पुलिस की सेवाएं प्राप्त हो सकें। कार्यक्रम के प्रारंभ में पुलिस महानिदेशक श्री ऋषिकुमार शुक्ला ने स्वागत उद्बोधन दिया पुलिस आधुनिकीकरण की स्थिति और आवश्यकताओं की जानकारी दी। आभार प्रदर्शन अतिरिक्त महानिदेशक विशेष सशस्त्र बल श्री विजय यादव ने किया।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  16 August 2018

आनंदीबेन पटेल

राष्ट्रपति पदक प्राप्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से भेंट  एमपी की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज मध्यप्रदेश पुलिस के राष्ट्रपति पदक प्राप्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भेंट की। राज्यपाल ने बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है, जहां नाबालिगों से दुष्कर्म के मामलों में फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है। बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही एवं न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुतीकरण के कारण दोषियों को कम से कम समय में दण्डित किया जा रहा है। पुलिस की ही निरंतर और प्रभावी कोशिशों के चलते  मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था संतोषजनक है पुलिस को अपनी जन-हितैषी छवि को और पुख्ता बनाने की आवश्यकता है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि  उन्नत तकनीकी,  इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के कारण साइबर अपराधों में वृद्धि हो रही है। अपराधों की रोकथाम तथा कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर बनाये रखने के लिए पुलिस आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।  साहसी,  कर्मठ और बहादुर पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को पदक से सम्मानित किया जाना समूचे प्रदेश के लिये गौरव और अभिमान का प्रसंग है। राज्यपाल ने कहा कि महिला अपराधों के प्रति जागरुकता तथा बच्चियों एवं महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए सशक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा कई नवाचार किए जा रहे हैं। प्रदेश के 12 जिलों के 180 थानों में URJA डेस्क (अरजेन्ट रिलीफ एण्ड जस्ट एक्शन डेस्क) स्थापित की जा रही हैं। पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, ने पुलिस की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेश को सुरक्षित बनाये रखने के प्रति कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न और बलात्कार की घटनाओं को पुलिस ने चुनौति के रूप में लिया है। त्वरित कार्यवाही करते हुए बच्चियों से बलात्कार के 10 मामलों में दोषियों को फांसी की सजा दिलाई है। इस अवसर पर म.प्र. पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन, श्री विजय कुमार सिंह, विशेष महानिदेशक, पुलिस सुधार श्री मैथिलीशरण गुप्त, राज्यपाल के सचिव श्री डी.डी.अग्रवाल तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और पदक प्राप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक,विसबल श्री विजय यादव ने आभार व्यक्त किया।      

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  16 August 2018

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  चौहान का स्वतंत्रता दिवस पर संदेश  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नागरिकों के सक्रिय सहयोग और भागीदारी से समृद्ध मध्यप्रदेश का निर्माण होगा। उन्होंने नागरिकों से समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के लिये सुझाव माँगे। श्री चौहान ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में हर गाँव में जनजातीय अधिकार सभा बनाई जायेगी। इस सभा को स्थानीय विकास और संसाधनों के उपयोग के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश करने वाली जो औद्योगिक इकाई रोजगार उपलब्ध करायेगी, उसे शासकीय रियायतों में प्राथमिकता दी जायेगी। श्री चौहान आज स्थानीय लाल परेड ग्राउंड पर राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने समारोह में परेड की सलामी ली। श्री चौहान ने उन सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी, जिनके बलिदान से भारत को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि अपना कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए जवानों के परिवारों को एक करोड़ रूपये की सम्मान निधि दी जायेगी। इसमें से 40 प्रतिशत राशि शहीदों के माता पिता के खातों में डाली जायेगी और बाकी शहीद के उत्तराधिकारी को दी जायेगी। माता-पिता को आजीवन पाँच हजार रूपये की पेंशन भी दी जायेगी। यदि शहीदों के बच्चे शहरों में पढ़ने आते हैं, तो उन्हें फ्लैट की सुविधा दी जायेगी। हर साल 14 अगस्त को प्रदेश में शहीद सम्मान दिवस मनाया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण हो रहा है। नये भारत का निर्माण करने के लिये नये मध्यप्रदेश का निर्माण करना जरूरी है। हम बीमारू राज्य से प्रगतिशील और अब विकसित राज्य की ओर बढ रहे हैं। अब समद्ध मध्यप्रदेश बनाना है। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में आगे है। भरपूर बिजली है। भरपूर सिंचाई हो रही है। नर्मदा को गंभीर नदी से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद पार्वती और कालीसिंध नदियों से जोड़ा जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि किसानों की समृद्धि राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। किसानों को कई राहतें दी गई हैं। उन्हें उनकी उपज का पूरा दाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सहायता देने पर भी विचार किया जाना चाहिये। प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है, लेकिन इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है। गरीबों को पक्का मकान बनाने के लिये पट्टे दिये जा रहे हैं। कोई गरीब बिना मकान और जमीन के नहीं रहेगा। बिजली बिल माफ किये जा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई का खर्चा सरकार उठायेगी। इस साल के आखिर तक सभी घरों में बिजली होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा कर्मी बनाने की संस्कृति को समाप्त कर अध्यापक का सम्मानजनक पद बनाया गया है। बैतूल जिले से 'एक परिसर-एक स्कूल' का प्रयोग शुरू किया जा रहा है, जिसमें एक ही स्कूल परिसर में पढ़ाई के सभी आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे। आगामी 17 अगस्त को 'मिल-बाँचे मध्यप्रदेश'' का शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने सभी सक्षम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी पसंद के स्कूल में जायें और बच्चों को पढायें, शिक्षाप्रद कहानियाँ सुनायें और किताबें दान में दें। श्री चौहान ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से छोटे तालाबों के निर्माण के लिये ग्राम सरोवर अभिकरण बनाया जायेगा। यह  अभिकरण पाँच वर्षों में पाँच हजार तालाब निर्मित करेगा। उद्योगों के जरिए रोजगार में वृद्धि के लिये अब उद्योगों को टैक्स में छूट देने के बजाय निवेश में सीधे सहायता देने के लिये औद्योगिक नीति में बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार बेहतर बनी हुई है। हमारी विकास दर पिछले कई वर्षों में लगातार डबल डिजिट में रही है। यह  महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गरीब परिवारों को सभी मूलभूत सुविधाएँ  जुटाने और गरीब परिवारों की आय बढ़ाने का काम किया जायेगा। गरीबों की चिंता दूर करेगी संबल योजना मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना 'संबल' की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि यह योजना प्रदेश की लगभग आधी आबादी की रोटी, कपड़ा, मकान, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, रोजगार जैसी मूलभूत चिंताओं को दूर करने का काम करेगी। एक जनवरी 2018 से ग्रामीण क्षेत्र में भू-खण्ड अधिकार अभियान में नौ लाख से अधिक परिवारों को भू-खण्ड अधिकार-पत्र दिए गए हैं। पहले वितरित भू-खण्ड अधिकार पत्रों को शामिल कर 35 लाख से अधिक परिवार को आवासीय भू-खण्ड मिल चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 7 लाख से ज्यादा आवास बन गये हैं। सवा लाख आवासों का निर्माण पूरा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र के 94 प्रतिशत घरों में शौचालय सुविधा के साथ प्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। पंजीकृत श्रमिकों और संन्निर्माण कर्मकारों को अधिकतम 200 रूपये प्रति माह की दर से जुलाई माह से बिजली बिल देना प्रारंभ किया गया है। बिजली के क्षेत्र में आत्म-निर्भर होने के बाद अब लक्ष्य यह है कि हर नागरिक का घर बिजली से रोशन हो। सौभाग्य योजना के तहत 31 जिलों में सभी पात्र हितग्राहियों के घरों तक बिजली पहुँचाई जा चुकी है। अक्टूबर माह तक प्रदेश के हर घर में बिजली का प्रकाश लाने का हमारा लक्ष्य है। किसानों के खातों में जमा कराये 35 हजार करोड़ मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती की आय को पाँच वर्षों में दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये सिंचाई का रकबा बढाया जा रहा है। अभी 40 लाख हेक्टेयर है। इसे बढाकर 80 लाख हेक्टेयर कर दिया जायेगा। इस वर्ष फसल बीमा, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि, भावांतर भुगतान, प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति और अन्य विभिन्न योजनाओं से किसानों के खातों में सीधे 35 हजार करोड़ रूपये की राशि पहुँचायी गयी है। कृषि के सहयोगी क्षेत्रों को भी भरपूर बढ़ावा दिया जा रहा है। नियमों में संशोधन करते हुए राहत राशि को 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। इस वर्ष केला फसल क्षति राहत 27 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति हेक्टेयर और अधिकतम 3 लाख रुपये प्रति कृषक की गई है, जिससे बुरहानपुर के केला उत्पादक किसानों को आपदा की घड़ी में सरकार का संबल मिला। श्री चौहान ने कहा कि भूमि-स्वामी और बटाईदार के हितों का संरक्षण करने के लिए कानून बनाने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। अब भूमि-स्वामी निश्चिंत होकर अपनी भूमि पाँच वर्ष तक बटाई पर दे सकेगा। स्मार्ट सिटी परियोजना में निवेश होगा 20 हजार करोड़ श्री चौहान ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में सात शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सतना और सागर शामिल है। इन शहरों में पुनर्घनत्त्वीकरण और पुनर्निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। इस परियोजना में 20 हजार करोड़ रूपये निवेश की योजना है। स्वच्छता सर्वेक्षण में पूरे देश में नगर निगम इंदौर प्रथम और नगर निगम भोपाल द्वितीय स्थान पर लगातार दूसरे वर्ष भी रहे हैं। अगले 3 वर्षों में प्रदेश का कोई भी नगरीय निकाय ऐसा नहीं होगा, जहाँ पेयजल परियोजना अधूरी हो अथवा पेयजल का संकट हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़कों के विकास में विशेष रूप से निवेश किया है। निरंतर विकास की प्रक्रिया आगे भी जारी है। सरकार 6,600 कि.मी. की सड़कों का निर्माण/उन्नयन और 3,200 कि.मी. सड़कों के नवीनीकरण का कार्य कर रही है। सभी संभागीय मुख्यालयों को फोर-लेन तथा सभी जिला मुख्यालयों को टू-लेन से जोड़ने का कार्य आने वाले समय में प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त चंबल एक्सप्रेस-वे जैसी महत्त्वपूर्ण सड़क निर्माण परियोजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाले समय में एक भी गाँव ऐसा नहीं बचेगा, जो बारहमासी सड़कों से जुड़ा ना हो। आयुष्मान भारत योजना से लाभान्वित होंगे एक करोड़ 15 लाख परिवार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गरीबों के स्वास्थ्य के लिए शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि इस योजना के तहत प्रत्येक गरीब परिवार को पाँच लाख रुपये तक के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था  की गई है। योजना में राज्य के लगभग 75 लाख परिवारों को शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने एक कदम आगे जाकर  22 अन्य श्रेणी के परिवारों को भी इस योजना में शामिल कर लिया है। इस कदम से आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्रदेश के लगभग एक करोड़ 15 लाख परिवार ले सकेंगे। श्री चौहान ने कहा कि इस शिक्षा सत्र से दतिया, विदिशा, खण्डवा, रतलाम में नये मेडिकल कॉलेज शुरू कर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में 500 सीट की वृद्धि की गई है। सिवनी और छतरपुर में नए मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस प्रकार, आने वाले समय में शहडोल, शिवपुरी, सतना तथा छिंदवाड़ा सहित 6 नए मेडिकल कॉलेज प्रदेश में और कार्य करना प्रारंभ कर देंगे। 'एक परिसर-एक शाला'' मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता के सुधार के लिए “एक परिसर-एक शाला” की अवधारणा प्रारंभ की जा रही है। इसके तहत एक परिसर में चलने वाली सभी तरह की शालाओं का एकीकरण कर उन्हें एक ही विद्यालय के रूप में चलाया जाएगा। इससे शिक्षकों के साथ-साथ अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग हो पाएगा। उन्होंने बताया कि स्कूलों में शिक्षा कर्मी व्यवस्था को समाप्त करते हुए अध्यापक संवर्ग और संविदा शिक्षकों का शिक्षा एवं जनजातीय कल्याण विभाग में संविलियन किया गया है। महाविद्यालयों में काफी समय बाद नियमित प्राध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है। इस वर्ष से मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना में पंजीकृत श्रमिकों के पुत्र-पुत्रियों को भी इसी योजना का लाभ मिलेगा।  हर साल साढ़े सात लाख युवाओं का कौशल संवर्धन श्री चौहान ने कहा कि युवा सशक्तिकरण मिशन के तहत राज्य सरकार ने प्रति वर्ष साढ़े सात लाख युवाओं के कौशल संवर्धन का लक्ष्य रखा है। भोपाल में सिंगापुर के सहयोग से 645 करोड़ का विश्व-स्तरीय ग्लोबल स्किल पार्क स्थापित किया जा रहा है। युवाओं को रोजगार देने के लिए राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर जिला मुख्यालयों पर रोजगार मेले लगाए गए, जिनमें लगभग सवा लाख युवाओं को नौकरियाँ प्रदान की गईं। राज्य शासन की स्व-रोजगार से जुड़ी योजनाओं के तहत लगभग एक लाख युवाओं को इसी महीने विशेष शिविर आयोजित कर पूरे प्रदेश में ऋण स्वीकृति-पत्र प्रदान किए गए हैं। एमएसएमई विकास नीति 2017 में विभिन्न अनुदान का एकीकरण कर इसे मध्यम, लघु तथा सूक्ष्म इकाईयों के लिए और आकर्षक बनाया गया है। प्रदेश में पिछले वर्ष दो लाख से अधिक एमएसएमई पंजीकृत हुईं हैं, जिसमें 1,400 करोड़ के निवेश के साथ 5 लाख लोगों को रोजगार मिला है। जनजातीय कल्याण पर खर्च होंगे दो लाख करोड़ मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले 5 वर्षों में प्रदेश में जनजातीय कल्याण पर दो लाख करोड़ रुपए के कार्य किए जाएंगे, जिससे समस्त जनजातियों का सर्वांगीण विकास होगा। इस वर्ष 9 अगस्त को जनजातीय कल्याण की दिशा में एक नया कदम उठाते हुए अंर्तराष्ट्रीय आदिवासी दिवस को समारोह पूर्वक मनाया। अनुसूचित विकासखंडों के प्रत्येक ग्राम में जनजातीय अधिकार सभा का गठन होगा। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों में कुपोषण की समस्या को देखते हुए प्रत्येक परिवार के बैंक खाते में एक हजार रुपये प्रति माह का पोषण अनुदान जमा किया जा रहा है। अनुसूचित जातियों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता में है। प्रति वर्ष साढ़े 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों को हम 732 करोड़ रूपये से अधिक राशि की छात्रवृति एवं शिष्यवृति दे रहे हैं। साथ ही इन वर्गों के आर्थिक विकास के लिये पिछले वर्ष मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना, युवा उद्यमी योजना एवं आर्थिक कल्याण योजना के तहत 11 हजार हितग्राहियों को लगभग 362 करोड़ की आर्थिक सहायता दी गई है। महिलाओं की सुरक्षा श्री चौहान ने कहा कि बालिकाओं से दुष्कर्म या सामूहिक बलात्कार के अपराध को मृत्यु-दण्ड से दण्डनीय बनाने वाला कानून विधानसभा से पास करवाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। ऐसे अपराधों के निराकरण के लिए 50 विशेष न्यायालय कार्यरत हैं। पिछले छ: माह में बालिकाओं से दुष्कर्म के आठ प्रकरणों में अपराधियों को मृत्यु-दण्ड की सजा दी गई है। श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष भी नर्मदा तथा अन्य नदियों के केचमेंट सहित पूरे प्रदेश में उच्च गुणवत्ता के 7 करोड़ पौधे लगाये जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। नर्मदा नदी के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा 'नर्मदा सेवा मिशन' गठित किया गया है। नर्मदा तट के 19 नगरीय निकाय में 1300 करोड़ की सीवरेज योजनाएँ प्रगति पर हैं। वनोपज संग्राहकों के कल्याण के लिए इस वर्ष राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को 2000 रूपये प्रति मानक बोरा राशि दी जा रही है, जो पिछले वर्ष से 60 प्रतिशत अधिक है। पहली बार 22 लाख 35 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूता-चप्पल, पानी की बोतल तथा महिला संग्राहकों को साड़ी प्रदाय की गई है। गठित होगा लोक कलाकार मण्डल राज्य सरकार कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिये राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओंकारेश्वर में आदिगुरू शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास गठित किया गया है। कला एवं संस्कृति को सहेजने के लिये लोक कलाकार मण्डल गठित किया जा रहा है। पाँच नये हिन्दी सेवा सम्मान शुरू किये गये हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना का लाभ हजारों वरिष्ठ नागरिकों ने लिया है। प्रदेश की 'स्पोर्टस हब' के रूप में पहचान बन रही है। बीते डेढ़ दशक में खेल अधोसंरचनाओं का उल्लेखनीय विकास हुआ है। राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी खिलाड़ी पदक जीत रहे हैं। राज्य शासन ने कर्मचारियों के कल्याण का पूरा ध्यान रखा है। कर्मचारियों और पेंशन-धारकों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि सुशासन के लिये समाधान एक दिन-तत्काल सेवा प्रदाय व्यवस्था में 34 सेवाओं को एक दिन में प्रदाय किया जा रहा है। सीएम हेल्प लाइन नागरिक केन्द्रित सेवा प्रदाय की पहल है। इसमें अब तक प्राप्त 95 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण हो चुका है। प्रभावी अपराध नियंत्रण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बेहतर रखने में सरकार सफल रही है। साम्प्रदायिक सौहार्द की दृष्टि से प्रदेश देश में मिसाल बना है। पिछले वर्षों में 161 नये पुलिस थाने तथा 111 नई पुलिस चौकियाँ स्थापित की गईं और 42 हजार 336 पदों पर भर्ती की गईं। महिलाओं के लिये 676 थानों में पृथक कक्ष के निर्माण की परियोजना में इस वर्ष 40 करोड़ का प्रावधान है। डॉयल-100 योजना से 50 लाख से भी अधिक पीड़ितों और जरूरतमंदों को मौके पर पुलिस सहायता मिली है। प्रदेश भर में संवेदनशील स्थानों पर 10 हजार सी.सी.टी.व्ही. कैमरे लगाकर अपराधों पर नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था करने वाला वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  16 August 2018

shivraj singh

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को रोडमैप तैयार करने के दिये निर्देश  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से विकासशील और फिर विकसित राज्य बनाने के बाद अब समृद्ध राज्य बनाएंगे। उन्होंने आज यहां मंत्रालय में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समृद्ध मध्यप्रदेश का विज़न साझा किया। श्री चौहान ने विकास के सभी प्रमुख क्षेत्रों में समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, सड़क और अधोसंरचना निर्माण जैसे बुनियादी क्षेत्रों का रोडमेप पहले ही तैयार है और इन क्षेत्रों में अच्छी प्रगति हुई है। कृषि क्षेत्र में अब उत्पादन की चुनौती लगभग खत्म हो गई है। अब उत्पादन की गुणवत्ता, खाद्य प्र-संस्करण,  निर्यात, और दोगुना आय बढ़ाने जैसे विषयों पर ध्यान देना होगा। अब दूसरे देशों को भी कृषि उपज निर्यात करने पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि किसानों को ज्यादा फायदा हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोज़गार सृजन एक बड़ा और चुनौतीपूर्ण काम है। जितनी संख्या में युवा शिक्षित हो रहे हैं उसी अनुपात में ज्यादा से ज्यादा संख्या में उन्हें रोज़गार के अवसर मिलना चाहिए। रोज़गार अवसरों के सृजन के लिए रचनात्मक तरीके से सोचना होगा। संबल योजना के संबंध में अपना विजन बताते करते हुए श्री चौहान ने कहा कि संसाधनों पर गरीबों का अधिकार है और उन्हें मिलना चाहिये। यह सबकी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा देकर गरीबी पर नियंत्रण किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि अब तक मध्यप्रदेश के निर्माण में जो हुआ है वह अभूतपूर्व है और इसके अच्छे परिणाम सामने हैं। अब एक कदम आगे बढ़ाते हुए समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने का सपना साकार करना है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपनी प्रतिभा और अनुभव का उपयोग करते हुए समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने का रोडमैप बनाये। सिर्फ अपने विभाग की योजनाओं तक सीमित न रहें। एक सम्पूर्ण सोच प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय बजट पर निर्भर रहकर काम करने की पारंपरिक सोच को छोड़कर रचनात्मक प्रयासों से आय के अतिरिक्त स्त्रोत और संसाधन निर्मित कर आगे बढ़ें। बजट से ज्यादा रचनात्मक दृष्टि और प्रतिबद्धता काम करती है। बैठक में वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, मुख्य सचिव श्री बी. पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव और सभी विभागों के प्रमुख सचिव उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  8 August 2018

umashankar gupta

  मैनिट चौराहा में 15 लाख की लागत से हाकर्स कार्नर बनया जायेगा। राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री  उमाशंकर गुप्ता ने हाकर्स कार्नर का भूमि-पूजन किया। श्री गुप्ता ने कहा कि हाकर्स कार्नर में उन्हीं को दुकान दें, जो दुकान चलायें। एक भी दुकान बद नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि टॉयलेट भी बनवायें। श्री गुप्ता ने कहा कि इमानदारी से दुकान चलायेंगे तो ग्राहकी अच्छी चलेगी। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  8 August 2018

pankaj singh

कमला नगर इलाके में यूपी की महिला अफसर से ज्यादती करने वाले डिप्टी कमिश्नर को मंगलवार शाम को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसको जेल भेज दिया गया। एएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार यूपी के वाणिज्य विभाग के डिप्टी कमिश्नर पंकज सिंह को कमला नगर पुलिस ने मंगलवार को मेडिकल कराया और उसके बाद केार्ट में पेश किया । जहां से कोर्ट ने उनको जेल भेज दिया। उनके परिजनों ने घटना के बाद भोपाल पुलिस से संपर्क किया है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  8 August 2018

थ्री स्टार होटल जैसा ओल्ड एज होम

समाज में कई बार बुजुर्गों को वह सम्मान नहीं मिल पाता जिसके वे हकदार हैं। आर्थिक रूप से संपन्न होने के बाद भी कई बार बुजुर्ग अकेलापन महसूस करते हैं। प्रदेश के ऐसे बुजुर्ग जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं या किसी कारणवश अपने परिवार के साथ नहीं रहते या फिर बच्चे विदेश चले गए हैं। ऐसे बुजुर्गों के लिए ओल्ड एज होम बनेगा। यहां उनकी देखरेख के लिए तमाम संसाधन उपलब्ध रहेंगे। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय अशोक शाह ने कलेक्टर सुदाम पी खाडे को दोबारा पत्र लिखकर ओल्ड एज होम के लिए इनायतपुर कोलार की 4 एकड़ जमीन जल्द आवंटित करने के लिए कहा है। शाह ने पत्र में उल्लेख किया है कि आचार संहिता लागू होने से पहले जमीन का शिलान्यास किया जा सके इसलिए त्वरित कार्रवाई करें। जिला प्रशासन ने इससे पहले बड़बई जेल की पहाड़ियों में जमीन आवंटित कर दी थी। जो बुजुर्गों के हिसाब से अनुपयुक्त पाई गई। यहां पहाड़ी में जमीन होने के कारण बुजुर्गों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता। इसलिए कलेक्टर को दोबारा पत्र लिखकर कोलार के इनायतपुर की जमीन आवंटित करने के लिए कहा गया है। ओल्ड एज होम में रहने के लिए पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर रूम आवंटित होगा। इसके लिए यहां रहने वालों को हर साल फीस अदा करना होगी। इसमें एसी और नॉन एसी दोनों तरह के कमरे उपलब्ध रहेंगे। एसी कमरों के लिए अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ेगा। कमरे भी सिंगल और डबल बेड के रहेंगे। इसे बनाने में करीब 15 करोड़ रुपए खर्च आएगा। ओल्ड एज होम में बुजुर्गों के मनोरंजन का पूरा ध्यान रखा जाएगा। यहां लाइब्रेरी, पार्क, पूजा व ध्यान कक्ष, विभिन्न खेल, वाई-फाई, योगा, वॉकिंग ट्रैक, ग्रॉसरी शॉप, स्टेशनरी, मैस, डॉक्टर सहित अन्य तमाम सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। लांड्री और दवाखाना आदि की व्यवस्था भी रहेगी। ओल्ड एज होम में शुरुआत में 100 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था रहेगी। ये बुजुर्ग उच्चाधिकारी के साथ, डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, व्यवसायी या किसी अन्य क्षेत्र से जुड़े हो सकते हैं। साहित्य में रुचि रखने वालों के लिए यहां गोष्ठी कक्ष भी बनाया जाना प्रस्तावित है। कलेक्टर सुदाम पी खाडे ने बताया ओल्ड एज होम बनाने के लिए इनायतपुर कोलार में 4 एकड़ जमीन दी आवंटित की जा रही है। फिलहाल यह जमीन आरक्षित कर दी है। प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही जमीन आवंटित कर दी जाएगी।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  8 August 2018

pcb mp

  छोटे तालाब में मछलियां मरने का मामला सामने आने के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने पीसीबी से जांच के लिए कहा है। जांच होने के बाद पता चल पाएगा कि आखिर किस कारण मछलियां मर रही हैं। बता दें कि गत सोमवार को छोटे तालाब में खटलापुरा घाट के पास बड़ी संख्या में मछलियां मरी थीं। इससे पहले 2 जुलाई को सैकड़ों की संख्या में मरी हुई मछलियां मिलीं थीं।   

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  8 August 2018

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

   मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से आज यहाँ बोहरा समाज, इंदौर का प्रतिनिधि मंडल आमिल शब्बीर भाई नोमानी के साथ मिला। इस मौके पर श्री ताहिर भाई सेठजीवाला, खुजेमा भाई, श्री अम्मार फहीम, श्री मजहर भाई सेठजीवाला और श्री फिरोज भाई साईकिलवाला मौजूद थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  4 August 2018

किशोर कुमार

भारतीय सिनेमा जगत के सुप्रसिद्ध कलाकार, संगीतकार और गायक श्री किशोर कुमार बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। खंडवा जिले में जन्मे श्री किशोर कुमार ने पूरे देश में मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया। एमपी के जनसम्पर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज स्वर्गीय किशोर कुमार की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए यह विचार व्यक्त किये। मंत्री डॉ. मिश्र ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि स्वर्गीय किशोर दा हरदिल अजीज और खुशमिजाज इंसान थे। उनकी यादें देशवासियों के दिलों में हमेशा कायम रहेंगी। डॉ. मिश्र ने कहा कि उन्होंने गायन, निर्देशन, अभिनय सहित विभिन्न विधाओं में अपनी पहचान बनाई थी।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  4 August 2018

shivraj singh

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आज नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने मध्यप्रदेश को नगरीय विकास में नवाचारों के लिये मिले राष्ट्रीय पुरस्कार सौंपे। ये पुरस्कार विगत 27-28 जुलाई को लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय नगरीय विकास कार्यशाला में मध्यप्रदेश को भारत सरकार द्वारा प्रदान किये गये हैं। इस अवसर पर महापौर  आलोक शर्मा, मुख्य सचिव  बसंत प्रताप सिंह,प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास  विवेक अग्रवाल, भोपाल निगमायुक्त  अविनाश लवानिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्मार्ट सिटी  संजय कुमार भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि विगत 28 जुलाई को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भोपाल स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में इन्टीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेन्टर के लिये भोपाल के महापौर श्री आलोक शर्मा और अमृत योजना में बाँड जारी करने के नवाचार के लिये इंदौर महापौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मण गौड़ को राष्ट्रीय पुरस्कारों से अलंकृत किया था। इसके पूर्व 27 जुलाई को कार्यशाला में केन्द्रीय शहरी विकास, आवासीय एवं शहरी गरीबी उन्मूलन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हरदीप सिंह पुरी ने मध्यप्रदेश को नगरीय विकास के क्षेत्र में नवाचारों के लिये चार राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया था। ये पुरस्कार भोपाल के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पब्लिक बाइक शेयरिंग, बी-नेस्ट इंक्यूबेशन सेंटर और जबलपुर स्मार्ट सिटी के एनडीएमसी के स्मार्ट क्लॉस-रूम एवं वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिये प्रदान किये गये।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  31 July 2018

shivraj singh

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की पारगमन उन्मुख विकास नीति-2018 (टीओडी नीति) का अनुमोदन किया गया। प्रदेश के शहर, शहरीकरण के बढ़ते दबाव और यातायात एवं परिवहन संबंधी समस्याओं से निपटने के लिये एक राज्य-स्तरीय टीओडी नीति बनाये जाने का निर्णय लिया गया। नीति में नगरीय क्षेत्रों में स्मार्ट विकास को बढ़ावा देने के लिये नगरीय तथा परिवहन से संबंधित हो रही समस्याओं को इस नीति के माध्यम से हल किया जायेगा। टीओडी नीति नागरिकों के निवास-स्थल एवं कार्य-स्थल के मध्य संबंध सुधारने के लिये सार्वजनिक परिवहन की दक्षता और स्थिरता में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  31 July 2018

स्मार्ट सिटी परियोजना

मंत्री ने दिए प्रोजेक्ट समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश स्मार्ट सिटी परियोजना में चयनित प्रदेश के 7 शहर में 1610 करोड़ की लागत के 60 प्रोजेक्ट पूर्ण किए जा चुके हैं। वर्तमान में 2498 करोड़ के 139 प्रोजेक्ट प्रगति पर है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने सभी प्रोजेक्ट निर्धारित गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि देश के चुनिंदा शहरों में क्षेत्र आधारित विकास और पेन सिटी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश के सात शहर इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना का चयन तीन चरण में स्मार्ट सिटी के रूप में किया गया है। इन शहरों में 5 वर्षों में लगभग 20 हजार करोड़ के कार्य करवाया जाना प्रस्तावित है, जिन पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने बताया कि प्रथम चरण-2015 में तीन शहर भोपाल, इंदौर और जबलपुर का चयन किया गया। इन शहरों में इंदौर में 96.91 करोड़ की लागत के 28 प्रोजेक्ट पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 455.43 करोड़ रूपये के 46 प्रोजेक्ट प्रगति पर है। भोपाल स्मार्ट सिटी में 1207 करोड़ रूपये के 16 प्रोजेक्ट पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 478 करोड़ के 22 प्रोजेक्ट प्रगति पर है। स्मार्ट सिटी जबलपुर में 287 करोड़ लागत के 11 प्रोजेक्ट पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 377 करोड़ रूपये लागत के 30 प्रोजेक्ट प्रगति पर है। द्वितीय चरण-2016 में उज्जैन और ग्वालियर का चयन किया गया है। इनमें उज्जैन स्मार्ट सिटी में 19 करोड़ रूपये के 5 प्रोजेक्ट पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 155 करोड़ की लागत के 17 प्रोजेक्ट प्रगति पर है। स्मार्ट सिटी ग्वालियर में 530 करोड़ की लागत के 21 प्रोजेक्ट प्रगति पर है, जो समय-सीमा में पूर्ण कर लिये जायेंगे। तृत्तीय चरण-2017 में सागर और सतना शहर का चयन किया गया है। स्मार्ट सिटी सागर में 1735 करोड़ के 27 प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं, इनमें 46 करोड़ के 2 कार्य प्रगति पर है। इसी क्रम में स्मार्ट सिटी सतना में 1438 करोड़ की लागत के 27 प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। इनमें 51 लाख रूपये की लागत के एक प्रोजेक्ट पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। शेष कार्य शीध्र प्रारंभ किए जायेंगे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  26 July 2018

umashankar gupta

सरोजिनी नायडू कन्या महाविद्यालय के सामने बने महिला हॉकर्स कॉर्नर का नाम राजमाता विजयाराजे सिंधिया महिला हॉकर्स कॉर्नर होगा। राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता और महापौर श्री आलोक शर्मा ने हॉकर्स कॉर्नर का निरीक्षण किया। उन्होंने जल्द इसे शुरू करवाने के निर्देश दिये। श्री गुप्ता ने नेहरू नगर स्थित बापू नगर की झुग्गियों के सुनियोजित व्यवस्थापन की कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने हाट-बाजार के लिये स्थल निरीक्षण भी किया। इस मौके पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  26 July 2018

आयकर दिवस

आयकर दिवस पर वृद्ध आयकरदाताओं और अधिकारियों का सम्मान  मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि नागरिकों का नैतिक कर्तव्य है कि कमजोर वर्गों के कल्याण और देश के विकास में आयकर देकर अपना अधिक से अधिक योगदान दें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के करदाताओं की सख्या में वृद्धि पूरे देश में करदाताओं की वृद्धि के औसत से अधिक है। इस विशाल कर संग्रहण का श्रेय कर प्रशासन के साथ-साथ देश के ईमानदार करदाताओं को भी जाता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इनकम टैक्स की प्रक्रिया को और सरल बना रही है, जिससे आम लोगों तथा सरकार को फायदा होगा। राज्यपाल ने यह बात आज आयकर दिवस के अवसर आयोजित समारोह में कही। उन्होंने इस अवसर पर वृद्ध आयकरदाताओं और आयकर इन्वेस्टिगेशन तथा वसूली में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि हमारा देश विश्व में अर्थ-व्यवस्था के हिसाब से ब्रिटेन को पछाड़कर छठवें स्थान पर आ गया है। हाल ही में फोर्ब्स पत्रिका के मुताबिक पहली बार भारत सकल घरेलू उत्पाद के मामले में ब्रिटेन से आगे निकला है और अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी तथा फ्रांस के साथ प्रतिस्पर्धा में है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई और जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद देश में रिकार्ड संख्या में लोग टैक्स देने के लिए आगे आ रहे हैं । ये बदले हुए वातावरण का प्रमाण है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि जब से बेनामी संपत्ति का कानून सदन में पारित हुआ है, तब से अब तक चार से साढ़े चार हजार करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली गई है। इसलिए आयकर विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में केन्द्र सरकार का आयकर का कुल संग्रहण दस लाख करोड़ रूपये से अधिक था, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। राज्यपाल ने इस अवसर पर आयकर विभाग की सालाना पुस्तक और आयकर प्रतिविंब पत्रिका का विमोचन किया तथा आयकर से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया। प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर आयकर श्री प्रसन्न कुमार दाश ने आयकर विभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि करदाताओं में अपने कर्तव्य और दायित्व के प्रति जागरूकता आ रही है। उन्होंने कहा कि करदाता होना गर्व की बात है। आयकर से ही देश शक्तिशाली बनेगा। सरकार सभी से थोड़ा-थोड़ा लेकर विभिन्न निर्माण कार्यों पर खर्च करती है। इस अवसर पर मुख्य आयकर आयुक्त इंदौर श्री अजय चौहान ने आभार व्यक्त किया।       विदिशा में अगस्त माह से शुरू होगा मेडिकल कॉलेज: मुख्यमंत्री श्री चौहान किसानों के खातों में पहुँचे 33 हजार करोड़ : गरीबों के 44 करोड़ बिजली बिल हुए माफ  मुख्यमंत्री द्वारा विदिशा जिले में 170 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण   एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा में हुए किसान सम्मेलन में घोषणा की कि आगामी अगस्त माह से विदिशा में मेडिकल कॉलेज शुरू किया जायेगा। इससे विदिशा तथा आसपास की जनता को गंभीर बीमारियों के लिये भी समुचित उपचार आसानी से मिल सकेगा। श्री चौहान ने एक लाख 33 हजार किसानों के बैंक खातों में फसल बीमा योजना की 445 करोड़ की बीमा राशि ऑनलाईन ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने विदिशा जिले में 170 करोड़ रूपये लागत के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष किसानों से गेहूँ की खरीदी समर्थन मूल्य को जोड़कर 2 हजार रूपये क्विंटल के मान से की जा रही है। इसके अलावा चना, उड़द और मूंग आदि फसलों की खरीदी भी राज्य सरकार कर रही है, ताकि किसान को उसकी कृषि उपज का लाभकारी मूल्य आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि खेती को हर हाल में लाभकारी व्यवसाय बनाया जाये। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसानों के बैंक खातों में गत एक साल के दौरान 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न योजनाओं में जमा करवाई गई है। श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश का सोयाबीन चीन को निर्यात करने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिये उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल योजना समाज के हर गरीब व्यक्ति के जीवन को खुशहाल बनाने के लिये क्रियान्वित की जा रही है। योजना में पंजीकृत असंगठित श्रमिकों तथा अन्य पात्र जरूरतमंद के 44 करोड़ से भी अधिक राशि के बकाया बिजली बिल माफ कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि योजना में जो असंगठित श्रमिक और अन्य पात्र लोग अभी तक पंजीयन नहीं करा पाये हैं, उनके पंजीयन के लिये व्यवस्था की जा रही है। सम्मेलन में सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, उद्यानिकी राज्य मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक श्री कल्याण सिंह ठाकुर और श्री वीर सिंह पंवार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोरण सिंह दांगी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री मुकेश टंडन, को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर शर्मा, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विदिशा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। स्थानीय दुर्गा नगर चौराहे पर नगर पालिका द्वारा यह प्रतिमा स्थापित की गई है। अनावरण कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह और सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव भी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  25 July 2018

आयकर दिवस

आयकर दिवस पर वृद्ध आयकरदाताओं और अधिकारियों का सम्मान  मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि नागरिकों का नैतिक कर्तव्य है कि कमजोर वर्गों के कल्याण और देश के विकास में आयकर देकर अपना अधिक से अधिक योगदान दें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के करदाताओं की सख्या में वृद्धि पूरे देश में करदाताओं की वृद्धि के औसत से अधिक है। इस विशाल कर संग्रहण का श्रेय कर प्रशासन के साथ-साथ देश के ईमानदार करदाताओं को भी जाता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इनकम टैक्स की प्रक्रिया को और सरल बना रही है, जिससे आम लोगों तथा सरकार को फायदा होगा। राज्यपाल ने यह बात आज आयकर दिवस के अवसर आयोजित समारोह में कही। उन्होंने इस अवसर पर वृद्ध आयकरदाताओं और आयकर इन्वेस्टिगेशन तथा वसूली में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि हमारा देश विश्व में अर्थ-व्यवस्था के हिसाब से ब्रिटेन को पछाड़कर छठवें स्थान पर आ गया है। हाल ही में फोर्ब्स पत्रिका के मुताबिक पहली बार भारत सकल घरेलू उत्पाद के मामले में ब्रिटेन से आगे निकला है और अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी तथा फ्रांस के साथ प्रतिस्पर्धा में है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई और जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद देश में रिकार्ड संख्या में लोग टैक्स देने के लिए आगे आ रहे हैं । ये बदले हुए वातावरण का प्रमाण है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि जब से बेनामी संपत्ति का कानून सदन में पारित हुआ है, तब से अब तक चार से साढ़े चार हजार करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली गई है। इसलिए आयकर विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में केन्द्र सरकार का आयकर का कुल संग्रहण दस लाख करोड़ रूपये से अधिक था, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। राज्यपाल ने इस अवसर पर आयकर विभाग की सालाना पुस्तक और आयकर प्रतिविंब पत्रिका का विमोचन किया तथा आयकर से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया। प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर आयकर श्री प्रसन्न कुमार दाश ने आयकर विभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि करदाताओं में अपने कर्तव्य और दायित्व के प्रति जागरूकता आ रही है। उन्होंने कहा कि करदाता होना गर्व की बात है। आयकर से ही देश शक्तिशाली बनेगा। सरकार सभी से थोड़ा-थोड़ा लेकर विभिन्न निर्माण कार्यों पर खर्च करती है। इस अवसर पर मुख्य आयकर आयुक्त इंदौर श्री अजय चौहान ने आभार व्यक्त किया।       विदिशा में अगस्त माह से शुरू होगा मेडिकल कॉलेज: मुख्यमंत्री श्री चौहान किसानों के खातों में पहुँचे 33 हजार करोड़ : गरीबों के 44 करोड़ बिजली बिल हुए माफ  मुख्यमंत्री द्वारा विदिशा जिले में 170 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण   एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा में हुए किसान सम्मेलन में घोषणा की कि आगामी अगस्त माह से विदिशा में मेडिकल कॉलेज शुरू किया जायेगा। इससे विदिशा तथा आसपास की जनता को गंभीर बीमारियों के लिये भी समुचित उपचार आसानी से मिल सकेगा। श्री चौहान ने एक लाख 33 हजार किसानों के बैंक खातों में फसल बीमा योजना की 445 करोड़ की बीमा राशि ऑनलाईन ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने विदिशा जिले में 170 करोड़ रूपये लागत के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष किसानों से गेहूँ की खरीदी समर्थन मूल्य को जोड़कर 2 हजार रूपये क्विंटल के मान से की जा रही है। इसके अलावा चना, उड़द और मूंग आदि फसलों की खरीदी भी राज्य सरकार कर रही है, ताकि किसान को उसकी कृषि उपज का लाभकारी मूल्य आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि खेती को हर हाल में लाभकारी व्यवसाय बनाया जाये। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसानों के बैंक खातों में गत एक साल के दौरान 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न योजनाओं में जमा करवाई गई है। श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश का सोयाबीन चीन को निर्यात करने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिये उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल योजना समाज के हर गरीब व्यक्ति के जीवन को खुशहाल बनाने के लिये क्रियान्वित की जा रही है। योजना में पंजीकृत असंगठित श्रमिकों तथा अन्य पात्र जरूरतमंद के 44 करोड़ से भी अधिक राशि के बकाया बिजली बिल माफ कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि योजना में जो असंगठित श्रमिक और अन्य पात्र लोग अभी तक पंजीयन नहीं करा पाये हैं, उनके पंजीयन के लिये व्यवस्था की जा रही है। सम्मेलन में सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, उद्यानिकी राज्य मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक श्री कल्याण सिंह ठाकुर और श्री वीर सिंह पंवार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोरण सिंह दांगी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री मुकेश टंडन, को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर शर्मा, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विदिशा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। स्थानीय दुर्गा नगर चौराहे पर नगर पालिका द्वारा यह प्रतिमा स्थापित की गई है। अनावरण कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह और सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव भी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  25 July 2018

आयकर दिवस

आयकर दिवस पर वृद्ध आयकरदाताओं और अधिकारियों का सम्मान  मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि नागरिकों का नैतिक कर्तव्य है कि कमजोर वर्गों के कल्याण और देश के विकास में आयकर देकर अपना अधिक से अधिक योगदान दें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के करदाताओं की सख्या में वृद्धि पूरे देश में करदाताओं की वृद्धि के औसत से अधिक है। इस विशाल कर संग्रहण का श्रेय कर प्रशासन के साथ-साथ देश के ईमानदार करदाताओं को भी जाता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इनकम टैक्स की प्रक्रिया को और सरल बना रही है, जिससे आम लोगों तथा सरकार को फायदा होगा। राज्यपाल ने यह बात आज आयकर दिवस के अवसर आयोजित समारोह में कही। उन्होंने इस अवसर पर वृद्ध आयकरदाताओं और आयकर इन्वेस्टिगेशन तथा वसूली में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि हमारा देश विश्व में अर्थ-व्यवस्था के हिसाब से ब्रिटेन को पछाड़कर छठवें स्थान पर आ गया है। हाल ही में फोर्ब्स पत्रिका के मुताबिक पहली बार भारत सकल घरेलू उत्पाद के मामले में ब्रिटेन से आगे निकला है और अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी तथा फ्रांस के साथ प्रतिस्पर्धा में है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई और जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद देश में रिकार्ड संख्या में लोग टैक्स देने के लिए आगे आ रहे हैं । ये बदले हुए वातावरण का प्रमाण है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि जब से बेनामी संपत्ति का कानून सदन में पारित हुआ है, तब से अब तक चार से साढ़े चार हजार करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली गई है। इसलिए आयकर विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में केन्द्र सरकार का आयकर का कुल संग्रहण दस लाख करोड़ रूपये से अधिक था, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। राज्यपाल ने इस अवसर पर आयकर विभाग की सालाना पुस्तक और आयकर प्रतिविंब पत्रिका का विमोचन किया तथा आयकर से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया। प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर आयकर श्री प्रसन्न कुमार दाश ने आयकर विभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि करदाताओं में अपने कर्तव्य और दायित्व के प्रति जागरूकता आ रही है। उन्होंने कहा कि करदाता होना गर्व की बात है। आयकर से ही देश शक्तिशाली बनेगा। सरकार सभी से थोड़ा-थोड़ा लेकर विभिन्न निर्माण कार्यों पर खर्च करती है। इस अवसर पर मुख्य आयकर आयुक्त इंदौर श्री अजय चौहान ने आभार व्यक्त किया।       विदिशा में अगस्त माह से शुरू होगा मेडिकल कॉलेज: मुख्यमंत्री श्री चौहान किसानों के खातों में पहुँचे 33 हजार करोड़ : गरीबों के 44 करोड़ बिजली बिल हुए माफ  मुख्यमंत्री द्वारा विदिशा जिले में 170 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण   एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा में हुए किसान सम्मेलन में घोषणा की कि आगामी अगस्त माह से विदिशा में मेडिकल कॉलेज शुरू किया जायेगा। इससे विदिशा तथा आसपास की जनता को गंभीर बीमारियों के लिये भी समुचित उपचार आसानी से मिल सकेगा। श्री चौहान ने एक लाख 33 हजार किसानों के बैंक खातों में फसल बीमा योजना की 445 करोड़ की बीमा राशि ऑनलाईन ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने विदिशा जिले में 170 करोड़ रूपये लागत के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष किसानों से गेहूँ की खरीदी समर्थन मूल्य को जोड़कर 2 हजार रूपये क्विंटल के मान से की जा रही है। इसके अलावा चना, उड़द और मूंग आदि फसलों की खरीदी भी राज्य सरकार कर रही है, ताकि किसान को उसकी कृषि उपज का लाभकारी मूल्य आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि खेती को हर हाल में लाभकारी व्यवसाय बनाया जाये। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसानों के बैंक खातों में गत एक साल के दौरान 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न योजनाओं में जमा करवाई गई है। श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश का सोयाबीन चीन को निर्यात करने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिये उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल योजना समाज के हर गरीब व्यक्ति के जीवन को खुशहाल बनाने के लिये क्रियान्वित की जा रही है। योजना में पंजीकृत असंगठित श्रमिकों तथा अन्य पात्र जरूरतमंद के 44 करोड़ से भी अधिक राशि के बकाया बिजली बिल माफ कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि योजना में जो असंगठित श्रमिक और अन्य पात्र लोग अभी तक पंजीयन नहीं करा पाये हैं, उनके पंजीयन के लिये व्यवस्था की जा रही है। सम्मेलन में सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, उद्यानिकी राज्य मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक श्री कल्याण सिंह ठाकुर और श्री वीर सिंह पंवार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोरण सिंह दांगी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री मुकेश टंडन, को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर शर्मा, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विदिशा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। स्थानीय दुर्गा नगर चौराहे पर नगर पालिका द्वारा यह प्रतिमा स्थापित की गई है। अनावरण कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह और सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव भी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  25 July 2018

आयकर दिवस

आयकर दिवस पर वृद्ध आयकरदाताओं और अधिकारियों का सम्मान  मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि नागरिकों का नैतिक कर्तव्य है कि कमजोर वर्गों के कल्याण और देश के विकास में आयकर देकर अपना अधिक से अधिक योगदान दें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के करदाताओं की सख्या में वृद्धि पूरे देश में करदाताओं की वृद्धि के औसत से अधिक है। इस विशाल कर संग्रहण का श्रेय कर प्रशासन के साथ-साथ देश के ईमानदार करदाताओं को भी जाता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इनकम टैक्स की प्रक्रिया को और सरल बना रही है, जिससे आम लोगों तथा सरकार को फायदा होगा। राज्यपाल ने यह बात आज आयकर दिवस के अवसर आयोजित समारोह में कही। उन्होंने इस अवसर पर वृद्ध आयकरदाताओं और आयकर इन्वेस्टिगेशन तथा वसूली में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि हमारा देश विश्व में अर्थ-व्यवस्था के हिसाब से ब्रिटेन को पछाड़कर छठवें स्थान पर आ गया है। हाल ही में फोर्ब्स पत्रिका के मुताबिक पहली बार भारत सकल घरेलू उत्पाद के मामले में ब्रिटेन से आगे निकला है और अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी तथा फ्रांस के साथ प्रतिस्पर्धा में है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई और जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद देश में रिकार्ड संख्या में लोग टैक्स देने के लिए आगे आ रहे हैं । ये बदले हुए वातावरण का प्रमाण है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि जब से बेनामी संपत्ति का कानून सदन में पारित हुआ है, तब से अब तक चार से साढ़े चार हजार करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली गई है। इसलिए आयकर विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में केन्द्र सरकार का आयकर का कुल संग्रहण दस लाख करोड़ रूपये से अधिक था, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। राज्यपाल ने इस अवसर पर आयकर विभाग की सालाना पुस्तक और आयकर प्रतिविंब पत्रिका का विमोचन किया तथा आयकर से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया। प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर आयकर श्री प्रसन्न कुमार दाश ने आयकर विभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि करदाताओं में अपने कर्तव्य और दायित्व के प्रति जागरूकता आ रही है। उन्होंने कहा कि करदाता होना गर्व की बात है। आयकर से ही देश शक्तिशाली बनेगा। सरकार सभी से थोड़ा-थोड़ा लेकर विभिन्न निर्माण कार्यों पर खर्च करती है। इस अवसर पर मुख्य आयकर आयुक्त इंदौर श्री अजय चौहान ने आभार व्यक्त किया।       विदिशा में अगस्त माह से शुरू होगा मेडिकल कॉलेज: मुख्यमंत्री श्री चौहान किसानों के खातों में पहुँचे 33 हजार करोड़ : गरीबों के 44 करोड़ बिजली बिल हुए माफ  मुख्यमंत्री द्वारा विदिशा जिले में 170 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण   एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा में हुए किसान सम्मेलन में घोषणा की कि आगामी अगस्त माह से विदिशा में मेडिकल कॉलेज शुरू किया जायेगा। इससे विदिशा तथा आसपास की जनता को गंभीर बीमारियों के लिये भी समुचित उपचार आसानी से मिल सकेगा। श्री चौहान ने एक लाख 33 हजार किसानों के बैंक खातों में फसल बीमा योजना की 445 करोड़ की बीमा राशि ऑनलाईन ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने विदिशा जिले में 170 करोड़ रूपये लागत के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष किसानों से गेहूँ की खरीदी समर्थन मूल्य को जोड़कर 2 हजार रूपये क्विंटल के मान से की जा रही है। इसके अलावा चना, उड़द और मूंग आदि फसलों की खरीदी भी राज्य सरकार कर रही है, ताकि किसान को उसकी कृषि उपज का लाभकारी मूल्य आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि खेती को हर हाल में लाभकारी व्यवसाय बनाया जाये। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसानों के बैंक खातों में गत एक साल के दौरान 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न योजनाओं में जमा करवाई गई है। श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश का सोयाबीन चीन को निर्यात करने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिये उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल योजना समाज के हर गरीब व्यक्ति के जीवन को खुशहाल बनाने के लिये क्रियान्वित की जा रही है। योजना में पंजीकृत असंगठित श्रमिकों तथा अन्य पात्र जरूरतमंद के 44 करोड़ से भी अधिक राशि के बकाया बिजली बिल माफ कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि योजना में जो असंगठित श्रमिक और अन्य पात्र लोग अभी तक पंजीयन नहीं करा पाये हैं, उनके पंजीयन के लिये व्यवस्था की जा रही है। सम्मेलन में सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, उद्यानिकी राज्य मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक श्री कल्याण सिंह ठाकुर और श्री वीर सिंह पंवार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोरण सिंह दांगी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री मुकेश टंडन, को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर शर्मा, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विदिशा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। स्थानीय दुर्गा नगर चौराहे पर नगर पालिका द्वारा यह प्रतिमा स्थापित की गई है। अनावरण कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह और सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव भी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  25 July 2018

आयकर दिवस

आयकर दिवस पर वृद्ध आयकरदाताओं और अधिकारियों का सम्मान  मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि नागरिकों का नैतिक कर्तव्य है कि कमजोर वर्गों के कल्याण और देश के विकास में आयकर देकर अपना अधिक से अधिक योगदान दें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के करदाताओं की सख्या में वृद्धि पूरे देश में करदाताओं की वृद्धि के औसत से अधिक है। इस विशाल कर संग्रहण का श्रेय कर प्रशासन के साथ-साथ देश के ईमानदार करदाताओं को भी जाता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इनकम टैक्स की प्रक्रिया को और सरल बना रही है, जिससे आम लोगों तथा सरकार को फायदा होगा। राज्यपाल ने यह बात आज आयकर दिवस के अवसर आयोजित समारोह में कही। उन्होंने इस अवसर पर वृद्ध आयकरदाताओं और आयकर इन्वेस्टिगेशन तथा वसूली में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि हमारा देश विश्व में अर्थ-व्यवस्था के हिसाब से ब्रिटेन को पछाड़कर छठवें स्थान पर आ गया है। हाल ही में फोर्ब्स पत्रिका के मुताबिक पहली बार भारत सकल घरेलू उत्पाद के मामले में ब्रिटेन से आगे निकला है और अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी तथा फ्रांस के साथ प्रतिस्पर्धा में है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई और जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद देश में रिकार्ड संख्या में लोग टैक्स देने के लिए आगे आ रहे हैं । ये बदले हुए वातावरण का प्रमाण है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि जब से बेनामी संपत्ति का कानून सदन में पारित हुआ है, तब से अब तक चार से साढ़े चार हजार करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली गई है। इसलिए आयकर विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में केन्द्र सरकार का आयकर का कुल संग्रहण दस लाख करोड़ रूपये से अधिक था, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। राज्यपाल ने इस अवसर पर आयकर विभाग की सालाना पुस्तक और आयकर प्रतिविंब पत्रिका का विमोचन किया तथा आयकर से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया। प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर आयकर श्री प्रसन्न कुमार दाश ने आयकर विभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि करदाताओं में अपने कर्तव्य और दायित्व के प्रति जागरूकता आ रही है। उन्होंने कहा कि करदाता होना गर्व की बात है। आयकर से ही देश शक्तिशाली बनेगा। सरकार सभी से थोड़ा-थोड़ा लेकर विभिन्न निर्माण कार्यों पर खर्च करती है। इस अवसर पर मुख्य आयकर आयुक्त इंदौर श्री अजय चौहान ने आभार व्यक्त किया।       विदिशा में अगस्त माह से शुरू होगा मेडिकल कॉलेज: मुख्यमंत्री श्री चौहान किसानों के खातों में पहुँचे 33 हजार करोड़ : गरीबों के 44 करोड़ बिजली बिल हुए माफ  मुख्यमंत्री द्वारा विदिशा जिले में 170 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण   एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा में हुए किसान सम्मेलन में घोषणा की कि आगामी अगस्त माह से विदिशा में मेडिकल कॉलेज शुरू किया जायेगा। इससे विदिशा तथा आसपास की जनता को गंभीर बीमारियों के लिये भी समुचित उपचार आसानी से मिल सकेगा। श्री चौहान ने एक लाख 33 हजार किसानों के बैंक खातों में फसल बीमा योजना की 445 करोड़ की बीमा राशि ऑनलाईन ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने विदिशा जिले में 170 करोड़ रूपये लागत के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष किसानों से गेहूँ की खरीदी समर्थन मूल्य को जोड़कर 2 हजार रूपये क्विंटल के मान से की जा रही है। इसके अलावा चना, उड़द और मूंग आदि फसलों की खरीदी भी राज्य सरकार कर रही है, ताकि किसान को उसकी कृषि उपज का लाभकारी मूल्य आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि खेती को हर हाल में लाभकारी व्यवसाय बनाया जाये। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसानों के बैंक खातों में गत एक साल के दौरान 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न योजनाओं में जमा करवाई गई है। श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश का सोयाबीन चीन को निर्यात करने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिये उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल योजना समाज के हर गरीब व्यक्ति के जीवन को खुशहाल बनाने के लिये क्रियान्वित की जा रही है। योजना में पंजीकृत असंगठित श्रमिकों तथा अन्य पात्र जरूरतमंद के 44 करोड़ से भी अधिक राशि के बकाया बिजली बिल माफ कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि योजना में जो असंगठित श्रमिक और अन्य पात्र लोग अभी तक पंजीयन नहीं करा पाये हैं, उनके पंजीयन के लिये व्यवस्था की जा रही है। सम्मेलन में सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, उद्यानिकी राज्य मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक श्री कल्याण सिंह ठाकुर और श्री वीर सिंह पंवार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोरण सिंह दांगी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री मुकेश टंडन, को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर शर्मा, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विदिशा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। स्थानीय दुर्गा नगर चौराहे पर नगर पालिका द्वारा यह प्रतिमा स्थापित की गई है। अनावरण कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह और सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव भी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  25 July 2018

जूनियर डॉक्टर

राज्य शासन ने जूनियर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की सेवा को अत्यावश्यक सेवा घोषित कर दिया है।इसके साथ ही शासन ने इन सभी के अवकाश पर 3 महीने तक अवकाश लेने पर रोक लगा दी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी किया है। जानकारी के मुताबिक चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी नोटिफिकेशन में कहा कि विभाग के अंतर्गत शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की स्वशासी समितियों के तहत कार्यरत समस्त संवर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों के काम नहीं करने और सामूहिक अवकाश लिए जाने पर रोक लगा दी गई है। शासन ने जूनियर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ से जुड़ी सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 की उपधारा 01 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए इन सेवाओं को अत्यावश्यक की श्रेणी में रखा है। साथ ही निर्देश दिए कि अब इस संवर्ग में आने वाले अधिकारी-कर्मचारी ना तो काम करने से इंकार कर सकते हैं और ना ही सामूहिक अवकाश पर जा सकते हैं। शासन ने आगामी 3 महीनों के लिए ये व्यवस्था लागू की है। गौरतलब है कि विभिन्न मांगोंं को लेकर जूडा और पैरामेडिकल स्टाफ संवर्ग ने प्रदेश में बेमियादी हड़ताल शुरू की है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  23 July 2018

उमाशंकर गुप्ता

  अनूसूचित बालक छात्रावास में हुआ प्रवेशोत्सव राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने विद्यार्थियों से कहा है कि आप सिर्फ परिश्रम करें, संसाधन जुटाने का कार्य सरकार करेगी। श्री गुप्ता ने शासकीय महाविद्यालयीन अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास भदभदा रोड़ के प्रवेश उत्सव में यह बात कही। ज्ञातव्य है कि पूरे प्रदेश में आज छात्रावास प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। श्री गुप्ता ने देवास में गरीब परिवार के छात्र के एम्‍स में एम.बी.बी.एस. में चयन का उदाहरण देते हुए कहा कि ज्ञान पर किसी वर्ग विशेष का अधिकार नहीं होता। पूरे मन से सही दिशा में परिश्रम करें, सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने बताया कि हॉस्टल में जगह नहीं मिले, तो किराये का मकान लें। किराया सरकार भरेगी। अच्छी नौकरी के लिये कोचिंग भी करवायी जायेगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि छात्रावास में कौशल विकास की कक्षाएँ भी लगायी जायें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इच्छानुसार खाली समय में उन्हें कौशल विकास की ट्रेनिंग दिलवायें। श्री गुप्ता ने कहा कि मात्र मार्कशीट के आधार पर नौकरी मिलना मुश्किल है। हुनरमंद बनेंगे, तो रोजगार की समस्या नहीं होगी। श्री गुप्ता ने कहा कि छात्रावास में वर्ष में एक दिन मेरी तरफ से भोजन करवाया जाये। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कोई समस्या हो, तो मुझे बता सकते हैं। श्री गुप्ता ने छात्रावास परिसर में आम और अमरूद के पौधें लगाये। इस मौके पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। राजस्व मंत्री द्वारा चन्द्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री  उमाशंकर गुप्ता ने अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की जयंती पर न्यू-मार्केट और गीतांजलि चौराहा में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि इन शहीदों के कारण ही हमें स्वतंत्रता मिली है। राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने खेल मैदान कोटरा में पौध-रोपण किया। उन्होंने स्थानीय रहवासियों से कहा कि पौधों के वृक्ष बनने तक उनकी सुरक्षा करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  23 July 2018

विदिशा, खंडवा और रतलाम मेडिकल कॉलेज को मान्यता

मध्यप्रदेश सरकार को आखिरकार इसी सत्र से तीन और मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र शुरू करने में कामयाबी मिल गई। विदिशा, खंडवा और रतलाम मेडिकल कॉलेज को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) से मान्यता मिल गई। इससे प्रदेश में एमबीबीएस की सीटों की संख्या 800 से बढ़कर 13 सौ हो जाएगी। इसी साल दतिया मेडिकल कॉलेज भी शुरू हुआ है। इसकी सूचना चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कैबिनेट को दी। केंद्र सरकार ने प्रदेश में सात मेडिकल कॉलेज बनाने को मंजूरी दी थी। एमसीआई ने छिंदवाड़ा, शिवपुरी और शहडोल को मान्यता देने के लिए दौरा ही नहीं किया। दतिया मेडिकल कॉलेज को न सिर्फ मान्यता मिल चुकी है, बल्कि इसके भवन का लोकार्पण भी हो गया है। वहीं, विदिशा, खंडवा और रतलाम मेडिकल कॉलेज का एमसीआई की टीम ने दो बार दौरा भी किया पर छुट-पुट खामियोें के चलते मान्यता नहीं दी। इसको लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने एमसीआई के सामने बार-बार प्रस्तुतिकरण दिया पर जब बात नहीं बनी तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के निर्देश पर एमसीआई की टीम फिर से दौरा करने पर सहमत हो गई और अंतत: प्रदेश के इन तीनों कॉलेजों को मान्यता देने की सिफारिश केंद्र सरकार से कर दी। जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री दिल्ली गए थे और प्रदेश के इन तीन मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने का विषय उठाया था। इन मेडिकल कॉलेजों में छात्रों को प्रवेश इसी सत्र से मिलेगा। नए मेडिकल कॉलेजों के खुलने से एमबीबीएस की सीटें 800 से बढ़कर 13 सौ हो जाएंगी।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  17 July 2018

bhopal aag

भोपाल शहर के एमपी नगर झोन 1 में स्थित बालाजी टॉवर की सबसे ऊपरी मंजिल में मंगलवार सुबह आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने कई दफ्तरों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने के बाद करीब एक दर्जन दमकल मौके पर पहुंच गई थी। आग को बुझाने की कोशिश चल रही है, लेकिन अभी उस पर काबू नहीं पाया जा सका। बारिश के बाद भी इमारत से आग की लपटे उठती रहीं। लोगों को डर है कि यह आग आस-पास न फैल जाए। सूचना मिलने के बाद इमारत में स्थित दफ्तरों के मालिक और कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए थे। इलाके में बिजली भी बंद कर दी गई है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  17 July 2018

आयुक्त दीपाली रस्तोगी

  मध्यप्रदेश में अपने विचारों और कार्यशैली की वजह से पिछले कुछ दिनों से चर्चा में आईं आदिवासी कार्य विभाग की आयुक्त दीपाली रस्तोगी ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को विकास यात्राओं और सम्मेलन में खर्च को लेकर एक और आदेश जारी किया है। रस्तोगी ने आदेश में कहा है कि प्रदेश में निकल रही विकास यात्राओं और अन्य सम्मेलन के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत आवंटित बजट में से पैसा खर्च न किया जाए। उन्होंने कहा कि इन विकास यात्राओं के लिए अलग से राशि जारी की गई है। यदि अन्य योजनाओं का पैसा इन सम्मेलन के आयोजन में लगाया जाता है तो इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना जाएगा और संबंधित अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। रस्तोगी ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित बजट का उपयोग विकास यात्राओं के लिए किसी भी परिस्थिति में न किया जाए। दीपाली रस्तोगी ने यह आदेश पिछले महीने 23 जून को सभी कलेक्टर्स को दिया था। गौरतलब है कि इससे पहले दीपाली रस्तोगी ने आदेश दिया था कि धार्मिक राजनीतिक आयोजनों में आदिवासी बच्चों को भीड़ बढ़ाने के लिए शामिल न कराया जाए। उनका यह आदेश भी सियासी हल्कों में काफी चर्चित रहा था।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  17 July 2018

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने गैर भाजपाई महागठबंधन की कवायद तेज हो गई है। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गैर भाजपाई महागठबंधन की कवायद तेज हो गई है। आगामी 2 अगस्त को आधा दर्जन छोटे दलों के भोपाल में होने वाले सम्मेलन में शिरकत को लेकर कांग्रेस और बसपा ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन गठबंधन के सूत्रधार पूर्व जदयू अध्यक्ष शरद यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती की कांग्रेस दिग्गजों से अलग-अलग मुलाकातें हो चुकी हैं। महागठबंधन की स्क्रिप्ट तैयार करने में जुटे समाजवादी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस कर्नाटक के अनुभव के बाद ज्यादा सतर्कता से कदम आगे बढ़ा रही है। उसकी चिंता है कि चुनाव बाद गठबंधन की स्थिरता पूरी विश्वसनीयता के साथ बनी रहे। मप्र के अलावा छत्तीसगढ़ और राजस्थान के लिए भी सैद्धांतिक चर्चा हुई है, लेकिन अभी सीटों की कोई बात नहीं हुई। मायावती की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी के अलावा अशोक गेहलोत से भी चर्चा हुई है। उधर, शरद यादव की भी कांग्रेस के दिग्गजों से मुलाकात में इसी मुद्दे पर लंबी चर्चा हो चुकी है। जदयू के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव गोविंद यादव का कहना है कि छग में कांग्रेस के साथ गोंगपा के हीरासिंह मरकाम मंच साझा कर चुके हैं। भोपाल सम्मेलन में मरकाम और फूलसिंह बरैया सहित राष्ट्रीय समानता दल को मिलाकर छह क्षेत्रीय दल शामिल होंगे। कांग्रेस और बसपा से अभी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई है। इस सम्मेलन के बहाने गैर आदिवासी, गैर दलित और गैर कांग्रेसी हिन्दू वोटों पर फोकस किया जा रहा है। गठबंधन से जुड़े नेताओं का कहना है कि भाजपा के जनाधार में बड़ी संख्या ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य वर्ग से है। इनमें से एक हिस्सा कांग्रेस के पास भी है। इनके अलावा गैर कांग्रेसी हिन्दू में ज्यादातर कम आबादी वाले समाज और गरीब-ओबीसी वर्ग के लोग शामिल हैं। इस वर्ग को रिझाने के बाद ही महागठबंधन का उद्देश्य पूरा होगा।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  17 July 2018

अनुराग को मैन ऑफ़ द मीडिया सम्मान

  मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल  ने भोपाल में चर्चित पत्रकार अनुराग उपाध्याय को मैन ऑफ़ मीडिया के रूप में सम्मानित किया। जनपरिषद के 29 वे स्थापना दिवस समारोह में 2017-18  में पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए अनुराग उपाध्याय को यह सम्मान दिया गया।  पत्रकार अनुराग उपाध्याय ने इस साल एक सर्जरी के 14 घंटे बाद अस्पताल के बेड से अपने पॉपुलर हेडलाइन शो को होस्ट कर एक इतिहास रच दिया। अनुराग से पहले किसी भी ऐंकर ने अस्पताल के पलंग से शो होस्ट नहीं किया। अस्पताल से पहले दिन लोकमत समाचार के वरिष्ठ पत्रकार लेखक शिवाअनुराग पटेरिया ,दूसरे दिन दैनिक भास्कर के राहुल शर्मा और तीसरे दिन दैनिक जागरण के स्थानीय सम्पादक मृगेंद्र सिंह लाइव शो में अनुराग के साथ रहे। हेडलाइन शो और बेबाक़ बात अनुराग के फेमस शो हैं एक मेजर एक्सीडेन्ट के बाद अनुराग का पैर जांघ के पास से टूट गया ,बड़ी सर्जरी के बाद अनुराग ठीक हुए और काम पर लौटे लेकिन पैर में लगी रॉड ,प्लेटें,और नट से होने वाली तकलीफ से निजात पाने के लिये उन्होंने 20 जून 2018 को फिर सर्जरी करवाई ,इससे पहले सुबह 10:30 बजे अपना प्रोग्राम हेडलाइन शो लाइव प्रजेंट किया...शाम को ऑपरेशन के बाद 21 जून 2018 की सुबह 10:30 बजे अनुराग टीवी स्क्रीन पर अस्पताल के icu से हेडलाइन शो प्रस्तुत करते नज़र आए। टीवी  पत्रकारिता की इतिहास में ऐसा इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ ,एक पत्रकार के हौसले के सामने हर चुनौती बहुत छोटी नजर आई। अनुराग के हौंसले को जनपरिषद ने मैन ऑफ़ मीडिया के रूप में सम्मानित किया।  जनपरिषद के समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि समाज में ऐसे ढेरों लोग हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, लेकिन संस्थाएं उनको पूछती तक नहीं हैं। राज्यपाल का कहना था कि प्रदेश के जिलों, कस्बों और गांवों में कई ऐसी महिलाएं और युवा हैं, जो पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन, महिला सशक्तिकरण आदि पर उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। संस्थाओं का कर्तव्य है कि वे ऐसी प्रतिभाओं का खोजें और उनका सम्मान कर उनके कार्य को भी प्रोत्साहित करें। राज्यपाल आनंदी बेन ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सबसे अधिक काम करने की जरूरत है। पूरी दुनिया ग्लोबल वर्मिंग की समस्या से जूझ रही है।  इस मौके पर मध्यप्रदेश के  पूर्व डीजीपी डीपी खन्ना की किताब 'इतिहास पुनःपुनः' का विमोचन राज्यपाल सहित अन्य अतिथियों ने किया। इसके पूर्व समारोह के प्रारंभ में जनपरिषद के अध्यक्ष और पूर्व पुलिस महानिदेशक एनके त्रिपाठी ने अतिथियों को स्वागत किया। प्रतिवेदन संस्था के उपाध्यक्ष और होमगार्ड के महानिदेशक महान भारत सागर और मेजर जनरल (पूर्व) पीएन त्रिपाठी ने प्रस्तुत किया। समारोह में पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला, ब्यूरो ऑफ आउट रीच कम्यूनिकेशन (भारत सरकार) के डीजी अनिल सक्सेना का भी सम्मान किया गया।   

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  15 July 2018

टीवी चैनल हिन्दी खबर के दफ्तर का शुभारंभ

   जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज शाम यहां ई-7 अरेरा कालोनी में टी.वी. न्यूज चैनल हिन्दी खबर के कार्यालय का फीता काटकर शुभारंभ किया। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि टी.वी. चैनल के माध्यम से जन-जन तक कल्याणकारी योजनाएँ पहुँच रही हैं। जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने उम्मीद व्यक्त की कि यह टी.वी. चैनल जन भावनाओं के अनुरूप कार्य करते हुए लोकप्रिय हो। इस अवसर पर टी.वी. चैनल के प्रधान संपादक अतुल अग्रवाल ने जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। मुख्य अतिथि डॉ. मिश्र को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। कार्यक्रम में सांसद श्री आलोक संजर, चैनल के न्यूज डायरेक्टर श्री मनोज दुबे, सीईओ श्री मनीष अग्रवाल, ब्यूरो हेड मप्र श्री अनूप सक्सेना, जनप्रतिनिधि, पत्रकार और नागरिक उपस्थित थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  14 July 2018

माइनिंग और मिनरल कॉनक्लेव

पिछले 4 सालों में खनिज उत्पादन में 6 और राजस्व में 23 प्रतिशत की वृद्धि - केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर  इंदौर में हुई चौथी राष्ट्रीय माइनिंग और मिनरल कॉनक्लेव : शामिल हुए 21 राज्यों के खनिज मंत्री मध्यप्रदेश खनिज उत्पादन में देश के 10 प्रमुख राज्य में से एक है। खदानों की नीलामी और दोहन को बढ़ावा देने से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा, लेकिन खदानों का दोहन करें, शोषण नहीं। खनिज का दोहन करते समय पर्यावरण और वन का विशेष ध्यान रखें। मध्यप्रदेश में खदानों के लिये सिंगल विण्डो प्रणाली लागू की गई है। खदान नीलामी में पारदर्शिता लाने के लिये ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में चतुर्थ राष्ट्रीय माइनिंग और मिनरल्स कॉन्क्लेव में कही। सम्मेलन में केन्द्रीय खनिज मंत्री सहित 21 राज्यों के खनिज मंत्री शामिल हुए। केन्द्रीय खनिज मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि देश के कुल क्षेत्रफल के एक चौथाई भाग में खनिज उपलब्ध हैं। खनिज दोहन से बहुसंख्य लोगों को रोजगार मिल सकता है। श्री तोमर ने बताया कि देश में पिछले 4 साल में 43 खनिज ब्लॉकों की नीलामी हुई है, जिससे भारत सरकार को आने वाले सालों में एक लाख 55 हजार करोड़ रुपये की आय होगी। श्री तोमर ने बताया कि खदानों के आसपास बसे ग्रामीणों और आदिवासियों के पुनर्वास के लिये 11 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। पिछले 4 साल में खनिज उत्पादन में 6 प्रतिशत और राजस्व में 23 प्रतिशत वृद्धि हुई है। लोहा, हीरा, सोना का दोहन बढ़ा है। केन्द्रीय खनिज राज्य मंत्री श्री हरिभाऊ चौधरी ने कहा कि पिछले 4 साल में नई नीतियों से खदानों की नीलामी में पारदर्शिता आयी है। उन्होंने कहा कि इंदौर कॉन्क्लेव में प्राप्त सुझावों को परीक्षण के बाद राष्ट्रीय-स्तर पर लागू किया जायेगा। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमिताभ कांत ने कहा कि खनिज उत्पादन मेक इन इण्डिया का अभिन्न अंग है। हमारे देश में इतना अधिक खनिज है, जो 600 साल तक खत्म नहीं होगा। केन्द्र सरकार खनिज के माध्यम से राष्ट्रीय आय में बढ़ोत्तरी की नीतियाँ बना रही है। अधिकांश उद्योग प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से खदानों पर निर्भर हैं। फेडरेशन ऑफ माइनिंग एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष श्री संजय पटनायक ने कहा कि खदान नीलामी में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। केन्द्रीय इस्पात सचिव डॉ. अरुणा शर्मा ने कहा कि आने वाले वर्षों में खनिज उत्पादन में 25 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना है। उन्होंने कहा कि मशीनीकरण से खनन उद्योग से प्रदूषण 90 प्रतिशत तक कम हुआ है। खनिज मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कॉन्क्लेव में शामिल विभिन्न राज्यों के खनिज मंत्रियों का आभार माना। प्रमुख सचिव खनिज श्री नीरज मण्डलोई ने कॉन्क्लेव की कार्यवाही का संचालन किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय खनिज मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने विशाल खनिज प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। खनिज पर आधारित कई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश खनिज निगम के अध्यक्ष श्री शिव चौबे, महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ सहित गणमान्य नागरिक और खनिज उत्पादन कम्पनियों के सीईओ और सीएमडी मौजूद थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  14 July 2018

आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल श्रीमती पटेल द्वारा सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र के नवीन भवन का लोकार्पण  एमपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज बैरसिया में सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र के नवीन भवन का लोकार्पण करते हुए कहा कि बीमारियों से बचने के प्रयास करना चाहिए। इसके लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। बाजार की बाहरी वस्तुओं का सेवन साफ-सफाई के पश्चात ही करें। उन्होंने कहा कि हम स्वच्छ रहें और आस-पास स्वच्छता बनायें रखें, तो निश्चित ही बीमारियों से बचा जा सकता है। सरकार का प्रयास गावों और पिछड़े क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि महिलाओं की जिम्मेदारी है कि वे साफ-सफाई परविशेष ध्यान दें। राज्यपाल ने कहा कि शौचालयों का न होना भी नई-नई बीमारियों के होने का सबसे बड़ा कारण है। श्रीमती पटेल ने कहा कि पानी बचाने के लिये हम सभी को संयुक्त प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए ड्रिप एरीगेशन बहुत आवश्यक है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं की तरह ही पानी बचाओ अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मैं राज्यपाल के रूप में नहीं, एक माता के रूप में सुझाव दे रही हूँ कि बेटियों की ओर ध्यान दीजिए, उन्हें पोषण आहार दीजिये, गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन करवाइये तथा समय पर टीकाकरण करवाइये। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ, पढ़ाई और पोषण आहार पर ध्यान देंगे, तो निश्चित ही हम स्वस्थ देश का निर्माण कर सकते हैं। सांसद श्री आलोक संजर ने कहा कि जन-प्रतिनिधियों का यह कर्तव्य है कि वे सेवाभाव से काम करें तभी हमको सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करें। स्थानीय विधायक श्री विष्णु खत्री ने कहा कि केन्द्र की आयुष्मान भारत योजना का लाभ सभी ग्रामीणों को मिल सके, इसके लिए निरंतर प्रयास किये जायेंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मनमोहन नागर, नगरपालिका अध्यक्ष श्री राजमल गुप्ता तथा ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।    

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  14 July 2018

नगरीय निकाय के चुनाव स्थगित, राज्य निर्वाचन आयोग का फैसला

 मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने 5 नगरीय निकाय के चुनाव को स्थगित कर दिया है। कलेक्टरों द्वारा वॉर्डों के आरक्षण में सही प्रक्रिया नहीं अपनाने और आरक्षित वॉर्डों की सूची राज्य शासन के गजट नोटिफिकेशन में प्रकाशित नहीं करने के चलते ये फैसला किया गया है। इस फैसले के बाद नगरपालिका परिषद अनूपपुर, नगर परिषद सांची (रायसेन), नगर परिषद भैंसदेही (बैतूल), नगर परिषद चुरहट (सीधी) और नगर परिषद नरवर (शिवपुरी) के चुनाव स्थगित हो गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के इस फैसले से सरकार को राहत मिली है। गौरतलब है कि सोमवार को ही आयोग ने इन 5 नगरीय निकायों के लिए निर्वाचन कार्यक्रम घोषित किया था। इसके तहत 3 अगस्त को मतदान और 7 अगस्त को मतगणना होना थी। लेकिन 9 जुलाई को नगरीय विकास व आवास विभाग ने शिवपुरी और रायसेन कलेक्टर को पत्र जारी कर उनके द्वारा किए गए आरक्षण में त्रुटियों की जानकारी दी। इसके अलावा नगरीय विकास विभाग ने आयोग को भी पत्र लिखकर जानकारी दी कि अनूपपुर, रायसेन, बैतूल, सीधी और शिवपुरी कलेक्टरों द्वारा किए गए वॉर्डों के आरक्षण की अधिसूचना का प्रकाशन राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित नहीं कराया गया। विभाग ने इस आधार पर निर्वाचन कार्यक्रम स्थगित करने का अनुरोध किया। मप्र नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 29 के तहत नगरीय निकायों के क्षेत्र विस्तार और वॉर्डों के आरक्षण का विषय शासन के अधिकार क्षेत्र का विषय है। आयोग ने नगरीय विकास विभाग के पत्र का परीक्षण किया और निष्कर्ष निकाला कि वॉर्डों का आरक्षण प्रक्रिया यदि सही तरीके से नहीं अपनाई गई तो निर्वाचन प्रक्रिया दूषित होने से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग ने मप्र नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 के नियम 23 और सहपठित नियम 11 (क) के अंतर्गत नगरपालिका परिषद अनूपपुर, नगर परिषद सांची (रायसेन), नगर परिषद भैंसदेही (बैतूल), नगर परिषद चुरहट (सीधी) और नगर परिषद नरवर (शिवपुरी) के चुनाव स्थगित करने का फैसला किया। इसके अलावा आयोग ने राज्य शासन को निर्देश दिए कि वॉर्डों के आरक्षण में सही प्रक्रिया अपनाकर उसकी अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित कर तत्काल आयोग को सूचित किया जाए जिससे इन स्थानों पर निर्वाचन की प्रक्रिया को नियमित किया जा सके।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  10 July 2018

कांग्रेस घोषणा पत्र समिति मुद्दों पर करेगी चर्चा

 विधानसभा चुनाव  2018 में मध्यप्रदेश कांग्रेस के घोषणा पत्र के लिए बनी समिति ने प्रदेशभर में दौरे कर लिए हैं। सोमवार को पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के साथ उनके निवास पर हुई बैठक में समिति के सामने आए मुद्दों पर चर्चा हुई। समिति की अगली बैठक 26 जुलाई को रखी गई है। बताया जाता है समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह और नरेंद्र नाहटा ने भोपाल-होशंगाबाद, मीनाक्षी नटराजन ने इंदौर, उज्जैन और महाकोशल में विवेक तन्खा ने दौरे कर अलग-अलग बैठकें कीं व लोगों से मुलाकात की है। इसमें दुष्कर्म, महिला सुरक्षा, किसान, कानून व्यवस्था, प्रदेश सरकार की आर्थिक स्थिति, सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों के आंदोलन, बेरोजगारी, उद्योगों की परेशानी आदि मुद्दे उभरकर सामने आए, जिन पर बैठक में चर्चा की गई। उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ बैठक : उधर, पीसीसी में कमलनाथ के साथ प्रदेश के उद्योगपतियों और व्यापारियों की बैठक भी हुई। इसमें फैसला लिया गया कि संभाग व जिलास्तर पर उद्योग-व्यापार प्रकोष्ठ बनाने के बाद संभागीय सम्मेलन होंगे। बैठक में बिजली की दरें, रियल एस्टेट, कलेक्टर गाइडलाइन, रजिस्ट्री शुल्क, दस्तावेज पंजीयन, भू-राजस्व संहिता उल्लंघन आदि समस्याओं को रखा गया।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  10 July 2018

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में एक साल में किसानों के खातों में विभिन्न योजनाओं में लगभग 35 हजार करोड़ रूपये की सहायता पहुँचाई गई है। राज्य सरकार ने नर्मदा के पानी को क्षिप्रा नदी में डालने के असंभव कार्य को संभव कर दिखाया है। आज नर्मदा मैया की कृपा से देवास को पीने का पानी सहजता से उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि देवास, उज्जैन, शाजापुर और आगर जिलों में सिंचाई के लिए नर्मदा-कालीसिंध पार्ट-1 व पार्ट-2 तथा नर्मदा मालवा-गंभीर पार्ट-01 और पार्ट-02 तथा नर्मदा मालवा-क्षिप्रा पार्ट-2 लिंक परियोजनाओं से सिंचाई की योजना तैयार की गई है। इसमें विभिन्न चरणों में लगभग 14 लाख 20 हजार एकड़ में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई की व्यवस्था होने से अगले पांच साल में इन जिलों में फसलों का पूरा पैटर्न ही बदल जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को देवास में ‘‘किसान महासम्मेलन’’ को संबोधित कर रहे थे। किसानों के 30 हजार बेटा-बेटियों के लिये ऋण की व्यवस्था श्री चौहान ने कहा कि किसानों को फसलों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए फसलों के निर्यात के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिये एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फुड प्रोसेसिंग इकाईयों की स्थापना को भी बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस साल किसानों के 30 हजार बेटा-बेटियों को इस योजना में ऋण दिलाने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री चौहान ने असंगठित श्रमिकों और गरीबों के लिए लागू की गई मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में मिलने वाले लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि अगले चार साल में हर गरीब के पास अपना पक्का मकान होगा। गरीबों, श्रमिकों के बेटा-बेटियों की उच्च शिक्षा की फीस सरकार भरेगी। उन्होंने बताया कि बिजली बिल माफी योजना में सभी गरीबों और श्रमिकों के बिजली बिल माफ करने के लिए कैम्प लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मासूम बेटी के साथ अगर कोई दुराचार करेगा तो उसे फांसी की सजा देने का प्रावधान किया गया है। सागर में एक बच्ची के साथ हुई दुराचार की घटना में आरोपी को फांसी की सजा हो गई है। श्री चौहान ने महा-सम्मेलन में जनसैलाब से बेटी बचाने, बेटियों का मान-सम्मान करने, पानी बचाने, नया मध्यप्रदेश बनाने और खेती को लाभ का धंधा बनाने का आह्वान किया। महा-सम्मेलन में तकनीकी कौशल विकास (स्वतंत्र प्रभार) स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, सांसद श्री मनोहर ऊंटवाल तथा विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पवार ने भी विचार रखे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 34 करोड़ 81 लाख लागत की 3 सड़कों का भूमि-पूजन किया। देवास जिले के लगभग एक लाख 6 हजार किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ-2017 के 552 करोड़ रुपए से अधिक की दावा राशि के भुगतान प्रमाण-पत्र वितरण कार्य की शुरूआत की। प्रतीक स्वरूप हितग्राहियों को बीमा दावा राशि के प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। महा-सम्मेलन में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में 2105 हितग्राहियों को 25 करोड़ 26 लाख के स्वीकृति पत्रों का वितरण किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री बिजली माफी योजना के पांच हितग्राहियों तथा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में दो महिलाओं को प्रतीक स्वरूप गैस कनेक्शन के प्रमाण-पत्र दिए गए। कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुरेंद्र पटवा, विधायक श्री आशीष शर्मा, श्री राजेंद्र वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह राजपूत, महापौर श्री सुभाष शर्मा, म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री रायसिंह सेंधव, मप्र खादी ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष श्री सुरेश आर्य सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  10 July 2018

बिजली बिल माफी योजना

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संबल योजना प्रदेश में गरीबों का संबल बन गयी है। यह जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। इस योजना के अंतर्गत गरीबों के लिये मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना और सरल बिजली बिल योजना वरदान सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 11 जुलाई को सभी जिलों में बिजली बिल माफी प्रमाण पत्र देने और नये हितग्राहियों का पंजीयन कराने के लिये जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। मुख्य कार्यक्रम रतलाम जिले के जावरा में आयोजित होगा। श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं जावरा से पूरे प्रदेश के हितग्राहियों को संबोधित करेंगे। उनका संबोधन दोपहर तीन बजे से सभी जिलों में सुना जा सकेगा। श्री चौहान आज अपने निवास से सभी संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 11 जुलाई के बाद बिजली बिल माफी और पंजीयन की प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद जहाँ-जहाँ ट्रांसफार्मर कटे हैं, वे सब एक साथ जोड़ दिये जायेंगे और एक दिन प्रकाश पर्व मनाया जायेगा। श्री चौहान ने जिला कलेक्टरों और जन-प्रतिनिधियों से कहा कि 11 जुलाई को जिलों में कार्यक्रमों का आयोजन करें और बिजली बिल माफ करने तथा पंजीयन कराने के संबंध में जो भी कठिनाईयां आती हैं, उनका तत्काल समाधान भी करें। श्री चौहान ने कहा कि 11 जुलाई को जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने के बाद स्थानीय जन-प्रतिनिधि सुविधानुसार विधानसभावार भी बिजली बिल माफी के कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। विद्युत सब स्टेशनों पर भी विद्युत अधोसंरचना और निर्माण से संबंधित कामों का लोकार्पण किया जायेगा। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि इस योजना को अपने-अपने जिलों में नेतृत्व प्रदान करें और प्रभावी तरीके से इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि गरीबों को योजना का ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके। स्थानीय कार्यक्रमों में सांसद, जन-प्रतिनिधि, नगरीय पंचायत के प्रतिनिधि शामिल हों और गरीब हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलवायें।इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ जन-प्रतिनिधियों का समन्वय आवश्यक है। इसके लिये पहले से प्लानिंग कर लें। बरसात को देखते हुए पर्याप्त इंतजाम रखें। श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना, बकाया बिजली बिल माफी योजना और सरल बिजली बिल योजना गरीबों के सिर से अनावश्यक आर्थिक बोझ उतारने वाली योजनायें हैं। ये गरीबी से लड़ने का सहारा देने वाली योजनाएं हैं। कोई भी पात्र गरीब परिवार इस योजना का लाभ लेने से वंचित नहीं रहना चाहिये। श्री चौहान ने कहा कि वे संबल योजना और बकाया बिजली बिल माफी योजना की निरंतर समीक्षा करेंगे और हर दिन कम से कम चार जिला कलेक्टरों से बात करेंगे। श्री चौहान ने बताया कि भवन संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीबद्ध श्रमिकों का भी स्वाभाविक रूप से संबल योजना में पंजीयन मान्य किया जायेगा। उन्होंने विद्युत वितरण कम्पनियों के फील्ड अमले की सराहना करते हुये कहा कि मैदानी अधिकारी पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, स्थानीय जन-प्रतिनिधि प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आई.सी.पी. केशरी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, श्री विवेक अग्रवाल एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  10 July 2018

आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल से मिले गुजरात राज्य से आये किसानों के दल  एमपी की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज राजभवन में गुजरात राज्य से आये किसानों के दल ने सौजन्य भेंट की और खेती के नये-नये तरीकों के बारे में अपने अनुभव साझा किये। श्रीमती पटेल ने किसानों को जैविक खेती के लिये प्रेरित करते हुए कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये यह सशक्त माध्यम है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिये महत्वपूर्ण योजनाएँ लागू की हैं। उन्होंने किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने का अनुरोध करते हुए कहा कि सरकार सहायता कर सकती है, मार्गदर्शन प्रदान कर सकती है, लेकिन योजनाओं का लाभ लेने के लिये किसानों को स्वयं आगे आना होगा। राज्यपाल ने मध्यप्रदेश में किसानों और सरकार के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि राज्य को विगत 5 वर्ष से निरंतर राष्ट्रीय स्तर पर कृषि कर्मण अवार्ड से विभूषित किया जा रहा है। राज्यपाल ने किसानों से कहा कि अपने बच्चों को खेती से जुड़े कुटीर उद्योग स्थापित करने के लिये प्रेरित करें। सरकार की मुद्रा बैंक योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस योजना में खेती से जुड़े कुटीर उद्योग स्थापित करने के लिये समुचित आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। श्रीमती पटेल ने किसानों को सलाह दी कि खेतों और बगीचों को जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिये आसपास बागड़ जरूर लगायें। श्रीमती पटेल ने कहा कि खेतों की उर्वरा शक्ति बनाये रखने के लिये जैविक खाद, पानी और अन्य आधुनिक संसाधनों का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने फलों की खेती को किसानों के लिये लाभदायक बताते हुए कहा कि सीताफल, अमरूद, चीकू जैसे फलों का उपयोग आइस्क्रीम तथा अन्य उत्पाद बनाने में किया जाता है। इसकी खेती से किसान एक निश्चित अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। राज्यपाल श्रीमती पटेल से मिलने आये किसान भोपाल स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। राज्यपाल से मुलाकात के समय आत्मा प्रोजेक्ट गाँधी नगर और राजभवन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  5 July 2018

umashankar gupta

राजस्व मंत्री  गुप्ता ने बाँटे संबल योजना के पंजीयन प्रमाण-पत्र  राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने वार्ड-32 में मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना (संबल) में असंगठित श्रमिकों को पंजीयन प्रमाण-पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि जल्‍द ही उन्हें स्मार्ट-कार्ड दिये जायेंगे। श्री गुप्ता ने कहा कि दलालों के चक्कर में नहीं पड़ें, सभी पात्र लोगों को संबल योजना के कार्ड दिये जायेंगे। श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार गरीबी हटाने के लिये कृत-संकल्पित है। प्रदेश में 6 करोड़ लोगों को एक रुपये किलो की दर से गेहूँ और चावल दिया जा रहा है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 28 लाख से अधिक कन्याओं को लाभान्वित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में कन्याओं के खाते में 25 हजार रुपये जमा करवाये जाते हैं। श्री गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2022 तक सभी आवासहीनों को मकान देने का लक्ष्य है। उज्जवला योजना में पूरे देश में अभी तक 4 करोड़ परिवारों को नि:शुल्क घरेलू गैस कनेक्शन दिये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि संबल योजना में पंजीकृत परिवार के बच्चों की पढ़ाई की पूरी फीस सरकार देगी। जैसे ही आप स्कूल में कार्ड दिखायेंगे, आपकी फीस माफ होगी और अस्पताल में कार्ड दिखायेंगे तो दवाइयाँ नि:शुल्क मिलेंगी। गर्भवती महिलाओं को 4000 रुपये और प्रसव के बाद 12 हजार रुपये दिये जायेंगे। इस मौके पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  5 July 2018

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री का हरियाली महोत्सव पर प्रदेशवासियों के नाम संदेश  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मनुष्य का जीवन पर्यावरण में संतुलन पर निर्भर है। जीवन की हरियाली को बचाने के लिये पौधों को लगाना और उनकी रक्षा कर पेड़ बनाना आज की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री चौहान ने यह बातें हरियाली महोत्सव के तहत प्रदेशवासियों के नाम जारी अपने संदेश में कही हैं। श्री चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार ने गत वर्ष नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान जन-सहयोग से व्यापक स्तर पर पौध-रोपण किया गया। इस वर्ष भी 15 जुलाई से नर्मदा सहित अन्य नदियों के कैचमेंट एरिया में पौध-रोपण किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया है कि वानिकी विकास योजनाओं से जहाँ एक ओर हरियाली का विस्तार होगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नये अवसर भी निर्मित होंगे। श्री चौहान ने प्रदेश के प्रत्येक नागरिक से एक पौधा लगाने का संकल्प लेने की अपील की है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि हरियाली महोत्सव पौध-रोपण के साथ पौधों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने में अवश्य सफल होगा। प्रदेश में जन-सामान्य में हरियाली के संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने के लिये हरियाली महोत्सव मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हरियाली महोत्सव की सफलता के लिये प्रदेश के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  4 July 2018

मंत्रालय पार्क में हुआ सामूहिक वंदे-मातरम गायन

  सामान्य प्रशासन एवं नर्मदा घाटी विकास राज्यमंत्री श्री लाल सिंह आर्य की उपस्थिति में  आज राष्ट्रगीत वंदे-मातरम का सामूहिक गायन मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पुलिस बैंड ने मधुर धुनें प्रस्तुत की। वंदे-मातरम गायन में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्री जे.एन. कसोंटिया, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग श्री एस.एन. मिश्रा, प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उदयम विभाग श्री बी.एल. कांताराव, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी तथा प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री हरिरंजन राव सहित  मंत्रालय, सतपुड़ा एवं  विंध्याचल भवन के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  2 July 2018

आयुष्मान भारत  योजना 15 अगस्त से होगी लाँच

प्रदेश के लगभग साढ़े 5 करोड़ से अधिक सदस्यों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन की 'आयुष्मान भारत' योजना 15 अगस्त 2018 से लागू की जाएगी। योजना में सामाजिक, आर्थिक और जातीय जनगणना (एस.ई.सी.सी.) के आधार पर वंचित श्रेणी के 84 लाख परिवारों को शामिल किया गया है। इस योजना का लाभ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के परिवारों और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के पात्रता पर्ची वाले सभी परिवारों को भी दिया जायेगा। योजना में शामिल परिवारों को प्रति परिवार 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध करवाया जायेगा। योजना का लाभ शासकीय और निजी चिकित्सालयों के माध्यम से कैशलेस रूप में दिया जायेगा। इससे शासकीय अस्पतालों को उन्नत किया जा सकेगा और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की उपलब्धता भी बढ़ेगी। योजना के लागू होने पर प्रदेश के नागरिकों पर उपचार के आउट ऑफ पॉकेट खर्च में भी कमी आयेगी। प्रदेश में असंगठित श्रेणी के मजदूरों के लगभग 20 लाख परिवार है। पात्रता पर्ची वाले ऐसे परिवार जो एस.ई.सी.सी. के आधार पर वंचित श्रेणी में शामिल नहीं है, उनकी संख्या लगभग 34 लाख है। इस प्रकार लगभग एक करोड़ 37 लाख परिवारों के लगभग साढ़े 5 करोड़ से अधिक सदस्यों को इस योजना में स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध होगा। प्रति परिवार 1200 रुपये की दर से कुल 1648 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान है। एस.ई.सी.सी. के 84 लाख परिवारों के लिये 600 करोड़ रुपये की ग्रांट-इन-एड भारत सरकार के केन्द्रांश के रूप में प्राप्त होगी और 400 करोड़ राज्यांश देना होगा। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के परिवारों और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम में पात्रता पर्ची वाले परिवारों को योजना का लाभ देने पर लगभग 648 करोड़ का अतिरिक्त व्यय होगा, जो राज्य शासन वहन करेगा। योजना के क्रियान्वयन के संबंध में नेशनल हेल्थ एजेन्सी भारत सरकार के साथ एक एमओयू सम्पादित किया गया है। प्रदेश में तेलंगाना और कर्नाटक राज्य के समान इस योजना को राज्य स्तर पर एक ट्रस्ट/ सोसायटी का गठन कर संचालित किया जायेगा। सोसायटी गठन के लिये रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसायटी को ऑनलाइन आवेदन कर दिया गया है। योजना के क्रियान्वयन में सहयोग के लिये सेवा प्रदाता एजेन्सी की सेवाएँ खुली निविदा के माध्यम से ली जायेगी। भारत सरकार द्वारा 1350 चिकित्सा प्रोसिजर्स के पैकेज उपलब्ध करवाये गये हैं। इन प्रोसिजर्स को चार श्रेणी - सेकेण्डरी प्रोसिजर्स, सेकेण्डरी काम्पलेक्स, टर्सरी प्रोसिजर्स और सुपर स्पेशियलिटी में विभाजित किया गया है। सेकेण्डरी प्रोसिजर्स जिला अस्पताल के स्तर के लिये तथा सेकेण्डरी काम्पलेक्स प्रोसिजर्स चिकित्सा महाविद्यालयों के लिये आरक्षित रहेगी। शेष सभी प्रोसिजर्स निजी और शासकीय चिकित्सालयों के लिये खुली रहेगी। निजी अस्पतालों को योजना में इम्पैनल करने के लिये मापदंड निर्धारण की कार्यवाही की जा रही है। वर्तमान में राज्य बीमारी सहायता योजना में मान्य अस्पतालों को इस योजना में मान्यता दी जायेगी। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एस.ई.सी.सी. के वंचित श्रेणी परिवारों की सूचियों का सत्यापन कार्य भी स्वास्थ्य विभाग ने पूरा करा लिया है। सर्वे के दौरान परिवारों के संबंध में मोबाइल और राशन कार्ड नम्बर (समग्र परिवार आईडी) की जानकारी तथा परिवार के नये सदस्यों के नाम एकत्रित किये गये हैं। इसकी डॉटाएन्ट्री का कार्य विकासखंड स्तर पर किया जा रहा है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  2 July 2018

बकाया बिजली बिल माफी स्कीम

सरल बिजली से 88 लाख और बकाया बिल माफी से 77 लाख हितग्राही लाभांन्वित होंगे  मध्यप्रदेश के लिये एक जुलाई 2018 ऐतिहासिक दिन साबित होने जा रहा है। इस दिन से मध्यप्रदेश सरकार लाखों पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिजली के मामले में बहुत बड़ी राहत देने जा रही है। कम आय वाले श्रमिक और बीपीएल उपभोक्ताओं को अब बिजली के बड़े बिल को लेकर चिंता नहीं करनी होगी। पंजीकृत श्रमिकों को प्रति माह बिजली बिल मात्र 200 रूपये का भुगतान करना होगा। इससे ज्यादा राशि का बिल आने पर उसकी पूर्ति राज्य शासन द्वारा सब्सिडी देकर की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल और मंशा के अनुरूप मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना-2018 में पंजीकृत श्रमिकों को बिजली बिलों में राहत देने के लिये एक जुलाई से व्यापक स्तर पर सरल बिजली बिल स्कीम एवं मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम को लागू किया जा रहा है। सरल बिजली बिल स्कीम का लाभ 88 लाख पंजीकृत श्रमिकों को मिलेगा। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम से 77 लाख पंजीकृत श्रमिक और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ता लाभांन्वित होंगे। सरल बिजली बिल स्कीम में शामिल होने के लिये कोई अंतिम तिथि नहीं होगी। वितरण केन्द्रों में हितग्राहियों को लाभ देने की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जहां मीटर स्थापित होंगे, वहां उनमें अंकित खपत के आधार पर बिल की राशि की गणना की जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों के अनमीटर्ड संयोजनों पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दरों से बिल की गणना की जायेगी। उपभोक्ता को केवल 200 रूपये प्रति माह देने होंगे, शेष राशि की सब्सिडी शासन द्वारा दी जायेगी। पात्रताधारी परिवारों को बिना कनेक्शन प्रभार लिये (नि:शुल्क) बिजली कनेक्शन की सुविधा दी जायेगी। राज्य शासन वार्षिक सब्सिडी के रूप में एक हजार करोड़ रूपये उपलब्ध करायेगा। हितग्राही के स्वयं उपभोक्ता होने पर स्कीम का लाभ मिलेगा। उपभोक्ता परिवार का सदस्य होने और साथ में निवास करने पर भी लाभ की पात्रता रहेगी। इसके लिये परिवार का सदस्य वही माना जायेगा, जो समग्र डाटाबेस में परिवार के रूप में दर्ज होगा। उपभोक्ता के चाहने पर 500 रूपये के स्टाम्प पर नामांतरण की सुविधा रहेगी। एयर कंडीशनर (ए.सी.), हीटर, एक हजार वॉट से अधिक के उपभोक्ता योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में स्कीम के तहत सुविधा केवल बल्ब, पंखा और टी.वी. चलाने पर ही मिलेगी। एक हजार वॉट में 4 बल्ब, 2 पंखे, एक टीवी और एक कूलर चल सकेंगे। हितग्राही को विद्युत वितरण कंपनी के केन्द्र या जोन या इसके लिये लगाये जा रहे केम्प में निर्धारित फार्म में आवेदन देना होगा। आवेदन में केवल श्रमिक पंजीयन नंबर ही देना होगा। स्कीम में शामिल होने के लिये कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। बिजली का बिल आवेदन का परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों का जुलाई का बिल जो अगस्त में आयेगा, उसमें अधिकतम 200 रूपये भुगतान करने का उल्लेख होगा। बिल में उपभोक्ता द्वारा दी जाने वाली राशि और शासन की सब्सिडी का भी उल्लेख होगा। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल उपभोक्ताओं को राहत पहुँचाने के लिये एक जुलाई से शुरू हो रही मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम में हितग्राहियों को लाभ दिलवाने की कार्रवाई भी वितरण केन्द्रों में लगातार जारी रहेगी। जून 2018 स्थिति में बिजली बिल की बकाया पूरी राशि माफ की जायेगी। इसमें मूल बकाया राशि एवं सरचार्ज भी शामिल रहेगा। शासन द्वारा इस योजना के लिये लगभग 1806 करोड़ रूपये की सब्सिडी दी जायेगी। योजना का लाभ 77 लाख पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल उपभोक्ताओं को मिलेगा। उपभोक्ता के पंजीकृत श्रमिक के सगे-सम्बधी होने और साथ में रहने पर ही लाभ मिलेगा। इस योजना में भी परिवार का सदस्य उन्हीं को माना जायेगा, जिनका नाम सम्रग डाटा बेस में परिवार के रूप में अंकित होगा। न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण तथा विद्युत अधिनियम की धारा 126, 135 एवं 138 में दर्ज प्रकरणों की स्थिति में भी लाभ दिया जायेगा। पिछली सामाधान योजना में लाभ ले चुके उपभोक्ता भी स्कीम का लाभ ले सकेंगे। हितग्राही को वितरण केन्द्र या जोन अथवा शिविरों में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन देना होगा। विद्युत कंपनियों द्वारा वितरण केन्द्रवार जुलाई में शिविर लगाये जायेगे। फार्म में उपभोक्ता को केवल श्रमिक पंजीयन अथवा बीपीएल कार्ड का नंबर देना होगा। आवेदन के परीक्षण के बाद हितग्राहियों को बिल माफी का प्रमाण-पत्र दिया जायेगा। 

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  30 June 2018

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गरीब को उसका जायज़ हक़ मिले। इसके लिये सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये हैं। योजनाओं का क्रियान्वयन इस तड़प के साथ किया जाये कि कोई भी पात्र व्यक्ति इनके लाभ से वंचित नहीं रहे। क्रियान्वयन पंचायत स्तर तक प्रशासनिक कसावट के साथ हो। इसकी नियमित मॉनीटरिंग की जाये। लापरवाही के प्रकरणों में कठोर कार्रवाई की जाये। श्री चौहान ने अवैध खनन के प्रकरणों में वाहन नीलामी की कार्रवाई करने और महिलाओं पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिये प्रभावी रणनीति बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आगामी पर्वों और मौसम को दृष्टिगत रखते हुए अग्रिम कार्य-योजना बनायें। श्री चौहान आज मंत्रालय में संभागायुक्तों और पुलिस महानिरीक्षकों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह और पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी प्रयास है। योजना का लाभ हर जरूरतमंद को मिले, इसकेलिये सजगता और सक्रियता के साथ योजना की मॉनीटरिंग की जाये। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन कार्य की वे स्वयं प्रतिदिन समीक्षा करेंगे। योजना का सीएम डैशबोर्ड बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब की आवश्यकताओं को पूरा करना ही गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी तरीका है। संबल योजना का क्रियान्वयन व्यापक स्तर पर करने के लिये जरूरी है कि आम आदमी योजना को भलीभांति समझें। इसके लिये व्यापक स्तर पर सभी प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जाये। इसमें कोई कोर-कसर बाकी नहीं रहनी चाहिये। मुख्यमंत्री ने फ्लेट रेट विद्युत और बकाया बिल समाधान योजना की समीक्षा की। उन्होंने विद्युत कनेक्शन के नामांतरण कार्य के लिये स्टाम्प शुल्क की बाध्यता को समाप्त करवाने केलिये कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल निगरानी समिति के सदस्यों को योजना के एम्बेसडर के रूप में स्थापित किया जाये। विद्युत बिल पंजीयन शिविरों में और मास्टर ट्रेनर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में समिति सदस्यों को शामिल किया जाये। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले द्वितीय और अंतिम वर्ष के अध्ययनरत छात्रों की फीस भी सरकार भरवा रही है। इस संबंध में व्यापक स्तर पर छात्र-छात्राओं को जानकारी दी जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहाकि प्रशासनिक व्यवस्थाएं इतनी चुस्त और दुरूस्त हों कि गरीब और अनूसूचित जनजाति के सदस्य के साथ कोई छल नहीं कर सके। उन्होंने सरकार के कल्याणकारी कार्यों के लाभ उन तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने के लिये निर्देशित किया। उन्होंने वनाधिकार पट्टे, कुपोषण, बँटवारे, जाति प्रमाण पत्र, वनोपज संग्रहण और विक्रय, निजी भूमि पर पेड़ काटने के अधिकार से संबंधित समस्याओं का परीक्षण करने और प्रभावी समाधान के लिये संभागायुक्तों को व्यक्तिगत उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने के लिये निर्देशित किया। कहा कि वनाधिकार दावों के पुन: परीक्षण के कार्य को और अधिक गति से संचालित करें ताकि अगस्त माह तक सभी पात्रों को वनाधिकार पट्टे मिल जायें। चरण पादुका योजना के अंतर्गत सभी पात्र व्यक्तियों को सामग्री मिलना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रहने लायक भूमि के टुकड़े का अधिकार पत्र 15 अगस्त से पूर्व सभी पात्र परिवारों को मिल जाये। नगरीय क्षेत्र की भूमि पर लम्बे समय से बसे परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिये विशेष दृष्टि के साथ प्रयास हो। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी राजस्व न्यायालय मॉनीटरिंग सिस्टम की समीक्षा समय-समय पर करेंगे। साथ ही बटाईदार कानून एवं भू-राजस्व संहिता में किये जा रहे क्रांतिकारी बदलाव का प्रचार-प्रसार करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अगर किसी किसान को गेहूँ, चना और मसूर का किसी कारणवश उपार्जन पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सका है, उन प्रकरणों का परीक्षण स्वयं संभागायुक्त करें। उनके प्रतिवेदन के आधार पर छूट गये किसानों को दर्ज करने के लिये पोर्टल खुलवाया जायेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिये कि व्यवस्था से केवल वास्तविक किसान ही लाभान्वित हों। साथ ही, गेहूँ खरीदी की राशि का शीघ्र भुगतान भी सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंदसौर की घटना के अपराधियों को जल्द से जल्द दण्ड दिलाने के लिये सजगता के साथ प्रयासों की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आगामी समय में पर्वों को दृष्टिगत रखते हुए संवदेनशील कार्य प्रणाली के साथ व्यवस्थाएं की जायें। हर हाल में साम्प्रदायिक सौहार्द्र को सुनिश्चित किया जाये। प्राकृतिक आपदाओं की आशंका के दृष्टिगत अग्रिम कार्य-योजना बनाई जाये, जिसमें राहत और बचाव के समुचित प्रबंध हों। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के प्रकरणों में वाहन जप्त कर नीलामी की कार्रवाई की जानी चाहिये। इसी तरह असामाजिक तत्वों के विरूद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाये। मुख्यमंत्री ने विगत दिनों प्रदेश में की गई कार्रवाई के सकारात्मक परिणामों का उल्लेख भी किया। उन्होंने सायबर क्राईम और सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी की जरूरत बताई। मादक पदार्थों के व्यापार को रोकने के लिये विशेष प्रयास करने के लिये कहा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 14 जुलाई से प्रदेश में जन-आशीर्वाद यात्रा का आयोजन किया जायेगा। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री आम जन के साथ सीधा संवाद करेंगे। गरीब बस्तियों में जाकर रहवासियों के साथ चर्चा करेंगे। शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत से परिचित होंगे। क्रियान्वयन कार्य की समीक्षा के लिये राजस्व न्यायालय, छात्रावास, चिकित्सालय, विद्यालय और निर्माण कार्यों का भी आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान बताया गया कि फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2017 के दावों की राशि का शीघ्र वितरण किया जायेगा। इससे प्रदेश के 17 लाख 77 हजार 300 किसानों को 5260 करोड़ रूपये की राशि मिलेगी। यह देश में किसानों को मिलने वाली अभी तक की सर्वाधिक राशि है। बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि श्री पी.सी. मीना, अपर मुख्य सचिव वन श्री के.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री इकबाल सिंह बैस, श्रम, कृषि, ऊर्जा, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, अनुसूचित जनजाति कल्याण, राजस्व, नगरीय प्रशासन आदि विभागों के प्रमुख सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  30 June 2018

सुरक्षित मातृत्व अभियान में मध्यप्रदेश को मिलेगा अवार्ड

स्वास्थ्य मंत्री  रुस्तम सिंह को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा ने लिखा पत्र मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मातृ मृत्यु दर कम करने पर पुरस्कृत किया जायेगा। इसके लिये केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रुस्तम सिंह को पत्र लिखकर 29 जून को होने वाली अवार्ड सेरेमनी के लिये आमंत्रित किया है। केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा ने मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंह को इसके लिये बधाई भी दी है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान देश में 3 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रसव के पहले देखभाल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये शुरू किया गया है। राज्य शासन द्वारा प्रदेश में मातृ मृत्यु दर को कम करने के प्रयास अब सार्थक परिणाम देने लगे हैं। भारत के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय द्वारा वर्ष 2014 से 2016 तक के विशेष बुलेटिन में मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु में 48 अंकों की अभूतपूर्व गिरावट दर्ज हुई है। प्रदेश में वर्ष 2011-13 में मातृ मृत्यु दर 221 थी, जो अब घटकर मात्र 173 रह गई है। प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में 22 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। संस्थागत प्रसव, ए.एन.एम., आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, दस्तक अभियान आदि निरंतर जारी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के परिणाम अब आने लगे हैं। आने वाले वर्षों में यह गिरावट और अधिक स्पष्ट होगी। स्वास्थ्य संस्था स्तर से लेकर समुदाय स्तर तक प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। लोगों को जागरूक किया गया है कि गर्भ का पता चलते ही शीघ्र स्वास्थ्य केन्द्र में गर्भधात्री महिला का पंजीयन करवायें। इससे प्रसव के पहले आवश्यक जाँचें, टीकाकरण, खून की कमी आदि का उपचार होने के साथ ही अन्य जटिलताओं पर काबू पाने में आसानी हुई है। मध्यप्रदेश में उच्च जोखिम प्रसव की संभावनाओं वाली महिलाओं का नियमित फॉलोअप करके उनका सुरक्षित प्रसव कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में खून की कमी वाली गर्भवती महिलाओं को आयरन टेबलेट्स और अत्यधिक खून की कमी होने पर आयरन के इंजेक्शन दिये जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को खून भी चढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित पर्यवेक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्य संस्थाओं में नर्सिंग सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से नर्सिंग मेंटर्स की तैनाती की गई है।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  28 June 2018

उमाशंकर गुप्ता

भूमि के डायवर्सजन के लिये अब किसी को भी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के न्यायालय से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। अब भूमि स्वामी अपनी भूमि का विधि-सम्मत जैसा चाहे, डायवर्सन कर सकेगा। उसे केवल डायवर्सन के अनुसार भूमि उपयोग के लिये देय भू-राजस्व एवं प्रीमियम की राशि की स्वयं गणना कर राशि जमा करानी होगी और इसकी सूचना अनुविभागीय अधिकारी को देनी होगी। यह रसीद ही डायवर्सन का प्रमाण मानी जायेगी। अनुज्ञा लेने का प्रावधान अब समाप्त किया जा रहा है। एमपी के राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री  उमाशंकर गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि इस संबंध में विधानसभा में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक-2018 पारित किया जा चुका है। भू-राजस्व संहिता में अब तक हुए 58 संशोधन श्री गुप्ता ने बताया कि मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता-1959 में अब तक 58 संशोधन किये जा चुके हैं। इसके बाद भी जन-आकांक्षाओं की पूर्ति के लिये जरूरी संशोधनों के सुझाव के लिये भूमि सुधार आयोग गठित किया गया था। आयोग के सुझावों के आधार पर भू-राजस्व संहिता में संशोधन किये गये हैं। नामांतरण के बाद मिलेगी नि:शुल्क प्रति नामांतरण का आदेश होने के बाद अब सभी संबंधित पक्षों को आदेश और सभी भू-अभिलेखों में दर्ज हो जाने के बाद उसकी नि:शुल्क प्रति दी जायेगी। यह प्रावधान भी किया गया है कि भूमि स्वामी जितनी चाहे, उतनी भूमि स्वयं के लिये रखकर शेष भूमि बाँट सकेगा। निजी एजेंसी करेगी सीमांकन सीमांकन के मामले जल्दी निपटाने के लिये अब निजी प्राधिकृत एजेंसी की मदद ली जायेगी। प्रत्येक जिले के लिये एजेंसी पहले से तय की जायेगी। यदि तहसीलदार द्वारा सीमांकन आदेश के बाद पक्षकार संतुष्ट नहीं है, तो वह अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन कर सकेगा। अनुविभागीय अधिकारी द्वारा विशेषज्ञ कर्मचारियों की टीम से सीमांकन करवाया जायेगा। पहले यह मामले राजस्व मण्डल ग्वालियर में प्रस्तुत होते थे। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में राजस्व सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त से संबंधित रहे भू-राजस्व संहिता के अध्याय-7 एवं 8 को हटाकर एक अध्याय-7 भू-सर्वेक्षण के रूप में रखा जा रहा है। अब राजस्व सर्वेक्षण के स्थान पर भू-सर्वेक्षण की कार्यवाही कलेक्टर के नियंत्रण में करवाई जायेगी। अब पूरे जिले को भू-सर्वेक्षण के लिये अधिसूचित करने की जरूरत नहीं रहेगी। अब तहसील अथवा तहसील से भी छोटे क्षेत्र को भी अधिसूचित किया जा सकेगा। खसरे में छोटे-छोटे मकानों के प्लाट का भी इंद्राज हो सकेगा। पटवारी हल्के के स्थान पर होगा सेक्टर का नाम भू-अभिलेखों के संधारण तथा शहरी भूमि प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिये शहरी क्षेत्रों में अब पटवारी हल्के के स्थान पर सेक्टर का नाम दिया जायेगा। आयुक्त भू-अभिलेख को सेक्टर पुनर्गठन के अधिकार होंगे। भू-अभिलेख संधारण के मामलों में ऐसी भूमियाँ, जिनका कृषि भूमि में कृषि से भिन्न प्रयोजन के लिये डायवर्सन कर लिया जाता है, उन्हें नक्शों में ब्लाक के रूप में दर्शाया जायेगा। यदि अनेक भूखण्ड धारक हैं, तो उनके अलग-अलग भू-खण्ड दर्शाये जायेंगे। अतिक्रमण पर एक लाख का जुर्माना शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण के मामलों में अब अधिकतम एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। निजी भूमियों के मामले में 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान होगा। इसके साथ ही जिस भूमि पर अतिक्रमण होगा, उसे अतिक्रामक से 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष के मान से मुआवजा भी दिलाया जा सकेगा। अभी अतिक्रमित भूमि के मूल्य के 20 प्रतिशत तक अर्थदण्ड के प्रावधान थे। 

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  28 June 2018

डॉ. नरोत्तम मिश्र

   मध्यप्रदेश के जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र से आज एम.पी.वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। भेंट करने वालों में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष श्री राधावल्लभ शारदा, संगठन महासचिव श्री विकास बोन्द्रिया, रायसेन जिले के अध्यक्ष श्री जगदीश जोशी और अन्य सदस्य उपस्थित थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  28 June 2018

aapatkal

दूसरे प्रदेश भी लोकतंत्र सेनानी कानून बनायें : केन्द्रीय मंत्री श्री अनन्त कुमार  केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री  अनन्त कुमार ने कहा है कि मध्यप्रदेश की तरह दूसरे प्रदेशों में भी लोकतंत्र सेनानी कानून बनाया जाना चाहिए। पाठ्यक्रमों में स्वतंत्रता सेनानियों की तरह लोकतंत्र सेनानियों के बारे में भी अध्याय होना चाहिए। केन्द्रीय मंत्री श्री अनन्त कुमार भोपाल में  मुख्यमंत्री निवास में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन में कहा कि मध्यप्रदेश में आज विधानसभा में विधेयक पारित कर लोकतंत्र सेनानियों के लिये कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आपातकाल, लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है। केन्द्रीय मंत्री श्री अनन्त कुमार ने कहा कि लोकतंत्र का दमन करने वालों की जनता ने छुट्टी कर दी है। लोकतंत्र बचाने के लिये जो संघर्ष लोकतंत्र सेनानियों ने किया, उसे पूरे देश और दुनिया ने स्वीकारा है। लोकतंत्र सेनानी आजादी की दूसरी लड़ाई लड़े थे। स्वतंत्रता सेनानियों की तरह लोकतंत्र सेनानियों को भी सम्मान मिलना चाहिए। उनका संघर्ष प्रेरणा देने वाला है। मध्यप्रदेश ने लोकतंत्र सेनानियों के लिये काम कर पूरे देश के सामने मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिये सभी लोगों को हमेशा सचेत रहना होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आपातकाल में लोकतंत्र सेनानियों पर अमानुषिक अत्याचार हुए थे। कई परिवार तबाह हो गये थे। लोकतंत्र को कलंकित किया गया था। लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष के कारण लोकतंत्र पुनर्स्थापित हुआ था। लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान कर प्रदेश सरकार ने अपना कर्तव्य पूरा किया है। हमें संकल्प लेना चाहिए कि फिर लोकतंत्र को कलंकित नहीं होने देंगे। लोकतंत्र को जिनसे खतरा है, उनसे हमेशा सावधान रहेंगे। कार्यक्रम में सांसद श्री राकेश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा के लिये लोकतंत्र सेनानियों का योगदान हमेशा याद रहेगा। युवा पीढ़ी को यह हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। कार्यक्रम में स्वागत भाषण लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कैलाश सोनी ने दिया। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ की स्मारिका का विमोचन किया गया। साथ में महिला लोकतंत्र सेनानियों श्रीमती सविता वाजपेई, श्रीमती उमा शुक्ला, श्रीमती जयश्री बैनर्जी, श्रीमती कांता चोपड़ा और श्रीमती रामकली मिश्रा की पुत्री आरती इलैया का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में जनसम्पर्क एवं जल-संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, सांसद श्री आलोक संजर, श्री मेघराज जैन, श्री माखन सिंह, पूर्व मंत्री श्री सरताज सिंह सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी उपस्थित थे। सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक ने किया।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  28 June 2018

vidhansabha madhyprdesh

  मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत काफी हंंगामेदार रही। सरकार ने 11 हजार 190 करोड़ से ज्यादा का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त मानदेय देने के लिए 130 करोड़ का प्रावधान किया गया। हालांकि हंगामे और विपक्ष के विरोध के चलते सत्र समय से पहले ही स्थगित करना पड़ा। विधानसभा के 5 दिनी मानसून सत्र में सरकार ने अनुपूरक बजट पेश किया। साल के अंत में विधानसभा चुनाव के पहले ये विधानसभा का अंतिम सत्र है। अनुपूरक बजट में सरकार ने प्याज और लहसुन की फसल पर प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया। इसके लिए सरकार ने बजट में 448 करोड़ों रुपए का प्रावधान किया गया। इसके अलावा मनरेगा के लिए सरकार ने 500 करोड़ और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत सचिव व्यवस्था के लिए 360 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। सरकार ने ये भी घोषणा की कि असंगठित मजदूरों के बेटे-बेटियों को शैक्षणिक शुल्क में छूट मिलेगी। इसके लिए सरकार ने 9 करोड़ रुपए, अध्यापक संवर्ग को 7वां वेतनमान का लाभ देने 299 करोड़, जनजातीय कार्य विभाग के अध्यापकों को 7वां वेतनमान के लिए 204 करोड़, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम नई दिल्ली की देनदारियों का भुगतान करने के लिए किसानों को सूखा फसल क्षति सहायता के लिए 150 करोड़, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट के लिए वेयर हाउस बनाने के लिए 15 करोड़ रुपए सहित इस पहले अनुपूरक बजट में कई विभागों के लिए वित्तीय प्रावधान किए गए।    

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  25 June 2018

मध्यप्रदेश के जनसम्पर्क आयुक्त  पी. नरहरि

मध्यप्रदेश के जनसम्पर्क आयुक्त  पी. नरहरि से आज संचालनालय में महाराष्ट्र राज्य के जनसम्पर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। दल का नेतृत्व महाराष्ट्र के संचालक जनसम्पर्क शिवाजी मानकर ने किया। आयुक्त जनसम्पर्क श्री नरहरि ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि मध्यप्रदेश में हाल ही में लागू मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना विश्व की अनुकरणीय योजना साबित हुई है। इस योजना से राज्य सरकार, समाज के सभी वर्गों के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के जीवन स्तर में व्यापक स्तर पर बदलाव लाने में सफल हुई है। श्री नरहरि ने बताया कि इस योजना में करीब पौने दो करोड़ से अधिक लोगों ने अभी तक पंजीयन करवाया है। यह योजना पंजीबद्ध हितग्राहियों को जन्म से अंतिम समय तक मददगार साबित हो रही है। सौजन्य भेंट के दौरान महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में संचालित जनसम्पर्क विभाग संबंधी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं के बारे में आपसी तौर पर विचार-विमर्श भी किया।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  25 June 2018

उमाशंकर गुप्ता

राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने छत्रपति नगर चूना भट्टी में नाली निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  25 June 2018

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान से केंद्रीय राज्यमंत्री  हेगड़े ने की सौजन्य भेंट  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान से आज मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल उन्नयन और उद्यमिता श्री अनंत कुमार हेगड़े ने सौजन्य भेंट की। श्री चौहान ने केंद्रीय राज्य मंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री और केंद्रीय राज्य मंत्री ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  22 June 2018

बीपी सिंह बने रहेंगे MP के मुख्य सचिव

  केंद्र सरकार ने एमपी के मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह को छह माह की सेवावृद्धि दे दी। 1982 बैच के आईएएस अफसर सिंह अब 31 दिसंबर 2018 तक प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया बने रहेंगे। वे 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे थे। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने 1 जुलाई से छह माह की सेवावृद्धि देने के आदेश शुक्रवार को जारी कर दिए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीपी सिंह को प्रशासनिक मुखिया बनाए रखने के लिए 7 अप्रैल 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में सिंह को छह माह की सेवावृद्धि देने की बात कही गई थी। प्रधानमंत्री की सहमति मिलने के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें 31 दिसंबर तक सेवावृद्धि दे दी। मुख्य सचिव ने गुरुवार को ही परख वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टरों से कहा था कि मैं अगस्त में संभागों के दौरे करूंगा। हालांकि, कुछ देर बाद यह भी कहा था कि मैं से मतलब बसंत प्रताप सिंह नहीं बल्कि मुख्य सचिव से है। 24 घंटे के भीतर उनकी बात सही साबित हो गई। अब बतौर मुख्य सचिव वे ही दौरे करेंगे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  22 June 2018

मनोज श्रीवास्तव बने अपर मुख्य सचिव

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए अपर मुख्य सचिव दीपक खांडेकर के कार्यमुक्त होते ही गुरुवार को सरकार ने 1987 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज श्रीवास्तव को अपर मुख्य सचिव पद पर पदोन्नत कर दिया। उन्हें मौजूदा विभागों के साथ प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। असंवर्गीय पद होने की वजह से पीईबी अध्यक्ष पद को राजस्व मंडल के अध्यक्ष के समकक्ष घोषित किया गया है। श्रीवास्तव की पदोन्न्ति से 1987 बैच का रास्ता खुल गया है। वहीं, अगस्त में 1984 बैच के अफसर कंचन जैन और बीआर नायडू सेवानिवृत्त हो रहे हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से कोई अफसर नहीं लौटा तो प्रमुख सचिव शिखा दुबे और एम. मोहन राव अपर मुख्य सचिव बन जाएंगे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  21 June 2018

किसान आंदोलन

किसान आंदोलन का असर धीरे-धीरे छोटे-बड़े शहरों की मंडियों में दिखने लगा है। अपनी पूर्व घोषणा के मुताबिक किसानों ने कहा था कि वे अपनी उपज मंडियों में नहीं भेजेंगे, ऐसे में मंडियों में शुक्रवार को सामान्य से कम ही भीड़ नजर आई। कई मंडियों में किसान अपनी उपज लेकर नहीं पहुंचे और व्यापारियों ने पुराना स्टॉक किया माल ही बेचा। भोपाल की भी प्रमुख मंडियों में लोगों तक पुराना माल ही पहुंच रहा है। हालांकि लोगों ने एक दिन पहले से सब्जी और अन्य जरुरी सामानों का स्टॉक करना शुरू कर दिया था लेकिन आज भी कई लोग जब मंडियों में पहुंचे तो उन्हें ताजा माल नहीं मिला। किसान सब्जी, अनाज और अपनी उपज लेकर मंडियों में नहीं पहुंचे। पुराना माल होने के कारण भी बिक्री ज्यादा नहीं हुई। इधर होशंगाबाद ,पिपरिया में भी सब्जी मंडी में माल नहीं आया और 2 दिन पुरानी सब्जियां बिकीं। सब्जी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष आमीन राइन के मुताबिक बिक्री में 30 फीसदी गिरावट आई है और सब्जियां रोड़ पर ही बिक रही हैं। मंडियों में ज्यादा किसान नहीं पहुंचे हैं। दूध की सप्लाई पर फिलहाल असर नहीं है। बाजार के जानकारों के मुताबिक हड़ताल का असर 3 जून से नजर आएगा। इधर इटारसी मंडी में पुलिस ने किसानों से संवाद किया। एसपी मंडी क्षेत्र का जायजा ले रहे हैं। वहीं पिपरिया में कुछ लोगों को रोकने का प्रयास हुआ है। जगह-जगह पुलिस बल तैनात है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रात 3 बजे से लगाई गई है। वहीं विदिशा में किसानों के बंद आंदोलन का खासा असर दिखाई दे रहा है। विदिशा शहर के बाहरी इलाकों में बंद आंदोलन कर रहे किसान सुबह से ही जमा हो गए थे और शहर में आने वाले दूध बेचने वालों को वापस गांव लौटा रहे थे। इस दौरान किसानों और दूध बेचने वालों के बीच मामूली विवाद की स्थिति भी बनीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। हालांकि इस दौरान पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। बंद आंदोलन से विदिशा में दूध की सप्लाई प्रभावित हुई है और आज कई जगह दूध की सप्लाई नहीं हो पाई।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  1 June 2018

एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के रिजल्ट हुए जारी

  मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) द्वारा मप्र बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा 2018 के परिणाम सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जारी कर दिए। इसके बाद सीएम मेरिट में आए विद्यार्थियों को सम्मानित किया।हाईस्कूल का रिजल्ट 66.54 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल की तुलना में 16.68 प्रतिशत ज्यादा है। हायर सेकेंडरी का रिजल्ट 68.07 प्रतिशत रहा। 10वी में पहले स्थान पर दो विद्यार्थी रहे, शाजापुर के हर्षवर्धन परमार और विदिशा की अनामिका साध ने पहला स्थान प्राप्त किया। 10वीं के विद्यार्थी अपने नतीजे mp10.jagranjosh.com और 12वीं के विद्यार्थी mp12.jagranjosh.com पर देख सकते हैं। इसके अलावा छात्र-छात्राओं को www.mpbse.nic.in, www.mpresults.nic.in, mpbse.mponline.gov.in पर भी नतीजे देख सकते हैं। इस वर्ष करीब 20 लाख छात्र-छात्राओं ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं दी थीं। कक्षा 12वीं के 7, 69, 000 विद्यार्थी और 10वीं के 11, 48,00 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे। एमपी बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं 1 मार्च से 3 अप्रैल तक चली थीं। एमपी बोर्ड 10वीं की परीक्षाएं 5 मार्च से 31 मार्च तक हुई थीं।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  14 May 2018

koli samaj

  भोपाल में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कोली समाज का आव्हान किया है कि वह अपने बच्चों के लिये एक मार्गदर्शी टीम बनाये ताकि उन्हें उच्च शिक्षा के लिये परामर्श मिल सके। श्री चौहान ने कहा कि कोली समाज के सदस्यों में प्रतिभा, ऊर्जा और क्षमता की कमी नहीं है। उन्हें अवसर मिले, तो वे अभूतपूर्व कार्य कर सकते हैं। श्री चौहान ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा समाज के परामर्श और मार्गदर्शन के अनुसार लगायी जायेगी। मुख्यमंत्री आज यहाँ स्थानीय दशहरा मैदान में अखिल भारतीय कोली समाज के प्रांतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों को पहली कक्षा से लेकर पी.एच.डी. तक की शिक्षा में राज्य सरकार हर सम्भव सहयोग करेगी। विदेशी शैक्षणिक संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिये भी पूरी मदद दी जायेगी। श्री चौहान ने समाज के सदस्यों से कहा कि बेटियों की पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान दें, बेटियों का हमेशा सम्मान करें। इस अवसर पर अखिल भारतीय कोली समाज के अध्यक्ष श्री कुंवरजी भाई बावलिया, विधायक श्री कुंवर जी कोठार और बड़ी संख्या में कोली समाज के युवक-युवती उपस्थित थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  7 May 2018

शिवराज सिंह चौहान

खुशी के लिये नहीं, खुश होकर काम करने से मिलेगी खुशी - स्वामी सुखबोधानन्द भोपाल में वेद मर्मज्ञ एवं प्रखर आध्यात्मिक गुरू स्वामी सुखबोधानन्द ने कहा है कि खुशी के लिये काम करने से खुशी नहीं मिलेगी, बल्कि खुश होकर काम करने से खुशी मिलेगी। यंत्रवत जीवन और प्रतिक्रिया करने की प्रवृत्ति से मुक्ति पाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परेशानियों और समस्याओं को सकारात्मक दृष्टि से देखने पर वे भी गुरू बन जाती हैं। स्वामी सुखबोधानन्द ने आज यहां प्रशासन अकादमी में आनन्द विभाग के अंतर्गत राज्य आनन्द संस्थान द्वारा आयोजित 'आनन्द व्याख्यान' में यह विचार व्यक्त किये। मन की भीतर की स्थिति है आनन्द मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि सकारात्मक विचार ही सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार का दर्शन आनन्द को प्राप्त करने का मार्ग बताता है। साम्यवाद और पूंजीवाद ने भी आनन्द प्राप्ति का रास्ता दिखाया था, लेकिन कालांतर में सही साबित नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि आनन्द और सुख में भेद नहीं समझने के कारण ऐसा होता है। उन्होंने कहा कि आनन्द मन की भीतर की स्थिति है, जबकि सुख बाहरी परिस्थितियों से निर्मित होता है। श्री चौहान ने कहा कि केवल अधोसंरचनाएं खड़ी करने से आनन्द नहीं मिलता। अर्थपूर्ण जीवन जीना महत्वपूर्ण है। समृद्ध लोग भी दुखी रहते हैं और अभाव में रहने वाले भी खुश रहते हैं। इसलिये मनोदशा को सकारात्मक बनाने की कला सीखना होगा। प्रत्येक क्षण में है आनन्द स्वामी सुखबोधानंद ने आनन्द की चारित्रिक विशेषताओं और जीवन में उसकी उपस्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आनन्द को भविष्य में देखने की प्रवृत्ति और आदत बना लेने से निराशा और दुख ही हाथ आयेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान ही सब कुछ है, इसलिए आनन्द भी वर्तमान में ही उपस्थित है। यह मन के भीतर है। उन्होंने कहा कि जब सब दरवाजे बंद हो जाते हैं, तब ईश्वर नया द्वार खोल देता है। इसलिए प्रत्येक क्षण में आनन्द है। प्रत्येक पल में जीवन है। प्रत्येक पल ऊर्जावान है। वर्तमान में भूतकाल का हस्तक्षेप नहीं होने दें स्वामीजी ने कहा कि राग और द्वेष का रूपांतरण प्रेम में करने के लिए भक्ति की जरूरत पड़ती है। इसलिए भक्ति प्रमुख तत्व है। स्वामी ने कहा कि भविष्य माया है। सिर्फ वर्तमान ही सच है और वर्तमान में ही आनन्द व्याप्त है। उसकी अनुभूति करने की आवश्यकता है। आश्चर्य तत्व की प्रधानता होना चाहिए। उन्होने कहा कि वर्तमान में भूतकाल का हस्तक्षेप नहीं होने दें, इसके प्रति भी सचेत रहें। आनंद का दूसरा स्वरूप ऊर्जा है। आनन्द विभाग के मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान निरंतर नवाचार करने वाले मुख्यमंत्री हैं। आनन्द विभाग की स्थापना इसका उदाहरण है। उन्होंने बताया कि बहुत कम समय में आनन्द विभाग की गतिविधियों का प्रदेशव्यापी विस्तार हुआ है। पूरे देश में इसकी सराहना हो रही है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द विभाग श्री इकबाल सिंह बैंस और आनन्द क्लबों के सदस्य उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  3 May 2018

लाल सिंह आर्य

  राज्य मंत्री  लाल सिंह आर्य ने की अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा अनुसूचित-जाति कल्याण राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य ने कहा है कि छात्रावासों के विद्यार्थियों को सप्ताह में एक स्थान का भ्रमण अवश्य करवायें। उन्होंने कहा कि बच्चों को पास के औद्योगिक क्षेत्र, मेडिकल अथवा इंजीनियरिंग कॉलेज का भ्रमण अवश्य करवाया जाये। राज्य मंत्री श्री आर्य आज भोपाल में अनुसूचित-जाति कल्याण विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव श्री संजय बन्दोपाध्याय और आयुक्त श्री आनंद शर्मा उपस्थित थे। उत्कृष्ट काम करने वाले अधिकारी सम्मानित राज्य मंत्री श्री आर्य ने समग्र रूप से अच्छे काम करने वाले 5 विभागीय अधिकारियों को सम्मानित किया। उत्कृष्ट कार्य के लिये इंदौर की श्रीमती मोहिनी श्रीवास्तव, छिन्दवाड़ा की श्रीमती शिल्पा जैन, दमोह की सुश्री शिखा सोनी, सतना के श्री अभिषेक सिंह और सीहोर श्री हरजीत सिंह को प्रशस्ति-पत्र दिये। श्री आर्य ने कहा कि छात्रावासों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाये। पर्याप्त डस्टबिन का उपयोग किया जाये। पेयजल उपलब्धता की स्थिति से कलेक्टर, पीएचई अधिकारी अथवा विभाग प्रमुख को अवगत करायें। निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा स्वयं कर कलेक्टर को वस्तु-स्थिति से अवगत करवायें। जिन छात्रावासों में सी.सी. टी.व्ही. कैमरे लगे हैं, उन्हें चालू हालत में रखा जाये। सभी छात्रावासों में टी.व्ही. की उपलब्धता को जल्द पूरा किया जाये। उन्होंने संभागीय अधिकारियों को समय-समय पर जिला अधिकारियों की बैठक लेने को कहा। उन्होंने कहा कि बैठक के जरिये समस्या और सुझाव सामने आते हैं। राज्य मंत्री श्री आर्य ने निर्देश दिये कि छात्रावासों के लिये सामग्री का क्रय करने के बाद उसका उपयोग भी करें। बच्चों की संख्या और सामग्री की जानकारी मुख्यालय पर उपलब्ध रहे। आवश्यकता अनुसार गुणवत्तायुक्त सामग्री ली जाये और अग्रिम सामग्री का क्रय नहीं किया जाये। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह निर्माण एजेंसियों की बैठक की जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा कर विकास यात्रा के दौरान उनके शिलान्यास एवं लोकार्पण की तैयारी करें। साथ ही, निर्माण कार्यों की अद्यतन जानकारी 7 दिन के अंदर उपलब्ध करवायें। ज्ञानोदय के 23 विद्यार्थी जेईई में चयनित शासकीय ज्ञानोदय विद्यालयों में अध्ययनरत 58 में से 23 अनुसूचित-जाति के विद्यार्थियों का जेईई मेन्स में चयन हुआ है। इसमें भोपाल के 6, ग्वालियर, उज्जैन और शहडोल के 3-3, होशंगाबाद, सागर और मुरैना के 2-2 तथा इंदौर और जबलपुर से एक-एक विद्यार्थी का चयन हुआ है। श्री आर्य ने कहा कि सभी तरह के विभागीय टेण्डर मई माह में करवा लिये जायें। दी गई राशि को प्लान कर उपयोग करें। उपयोग नहीं होने पर राशि वापस दें, ताकि दूसरे जिले की आवश्यकता पूरी की जा सके और बजट लेप्स नहीं हो। उन्होंने छात्रावासों में प्रवेशोत्सव मनाने की तारीख तय करने के निर्देश भी दिये। साथ ही कहा कि इसके लिये प्रवेश समिति की बैठक कर ली जाये। पालकों को बुलवाकर मंत्रियों की उपस्थिति में प्रवेशोत्सव मनाया जायेगा। श्री आर्य ने कहा कि रिजल्ट के बाद दसवीं और बारहवीं कक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक से उत्तीर्ण अनुसूचित-जाति और अनुसूचित-जनजाति के छात्रों की सूची बनाकर भेजी जाये। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उनके लिये एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  3 May 2018

kirar samaj

बेटी का अपमान करने वाला समाज कभी तरक्की नहीं कर सकता - मुख्यमंत्री  किरार धाकड़ अ.भा. युवक-युवती परिचय सम्मेलन सम्पन्न लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि इन अपराधों पर कठोर नियंत्रण स्थापित नहीं किया गया, तो मनुष्य का मानवता पर से विश्वास उठ जायेगा। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिये जरूरी है कि कानून में कठोर दण्ड के प्रावधान के साथ ही सभी धर्म और समाज एकजुट होकर इस दिशा में ठोस प्रयास करें। लोकसभा अध्यक्ष आज किरार धाकड़ अखिल भारतीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन में बोल रही थीं। श्रीमती महाजन ने कहा कि समाज के उत्थान के लिये आवश्यक है कि स्त्री और पुरुष दोनों ही समान रूप से सशक्त हों। उन्होंने कहा कि समाज की कुरीतियों को समाज के द्वारा ही खत्म किया जा सकता है। सभी समाजों में एकता बहुत जरूरी है। बिखराव हमेशा असुरक्षा का भाव पैदा करता है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बेटी का अपमान करने वाला समाज कभी तरक्की नहीं कर सकता। किसी भी स्तर पर बेटी का अपमान सहन नहीं किया जायेगा। केन्द्र सरकार द्वारा दुराचारियों को मृत्यु दण्ड देने का अध्यादेश लागू करने के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति में प्रभावी सुधार अवश्य होगा। श्री चौहान ने कहा कि उनके जीवन का लक्ष्य ही मिशन महिला सशक्तिकरण है। इसलिये प्रदेश में राज्य सरकार ने बेटियों को घर और समाज के लिये वरदान के रूप में प्रतिष्ठापित करने का प्रयास किया है। श्री चौहान ने कहा कि कुरीतियों को समाप्त करने के लिये समाज को पूरी ताकत के साथ जन-जागृति के प्रयास करने होंगे। दहेज प्रथा समाप्त करने, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के लिये संकल्पित होकर काम करना होगा। दहेज नहीं लेने का संकल्प लें युवा : श्रीमती साधना सिंह अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती साधना सिंह ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि समाज संगठित रहने पर ही सशक्त हो सकता है। सम्मेलन के आयोजन की सराहना करते हुए उन्होंने समाज के युवाओं का आव्हान किया कि विवाह में दहेज नहीं लेने का संकल्प लें, सामूहिक विवाह की परम्परा को अपनायें, इससे समय और धन, दोनों की बचत होगी। श्रीमती साधना सिंह ने महासभा की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जायेगा। सिविल सर्विसेस के प्रतिभागियों की एक माह की कोचिंग की फीस की पूर्ति महासभा द्वारा की जायेगी। उन्होंने बताया कि महासभा द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन में 11 जोड़ों का नि:शुल्क विवाह करवाया जायेगा। किरार समाज की ओर से लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन का शॉल, श्रीफल और स्मृति-चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती साधना सिंह की पुस्तक 'हमारा समाज'' और श्री प्रदीप चौहान द्वारा सम्पादित परिचय स्मारिका और 'किरार दर्पण'' मासिक का विमोचन किया गया। प्रारंभ में कन्या-पूजन हुआ। सुश्री सुहासिनी जोशी ने मध्यप्रदेश गान की प्रस्तुति दी। शहीदों को मरणोपरांत सम्मान प्रदान किया गया। महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का अभिनंदन कर मेधावी विद्यार्थियों तथा अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। संचालन भोपाल नगर निगम के अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहान ने किया।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  23 April 2018

मुख्यमंत्री चौहान

     मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी समुदायों से अपील की है कि वे अपने-अपने समुदायों में युवाओं को कैरियर  और शिक्षा संबंधी परामर्श देने के लिये प्रकोष्ठ बनाएं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वरोजगार पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री आज यहां स्थानीय रवीन्द्र भवन में  मध्यप्रदेश साहू समाज द्वारा आयोजित राष्ट्रीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बेटियों के साथ दुराचार करने वालों को फांसी देने का कानून लागू करने के ऐतिहासिक फैसलों के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को साहू समाज की ओर से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। अगले कुछ सालों में देश का पूर्णत:  कायाकल्प हो जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि साहू समाज मिलकर नशामुक्ति और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान चलाए। समाज के सदस्य समाज कल्याण के किसी न किसी कार्य से जुड़ें।  साहू समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने साहू समाज की पत्रिका का विमोचन किया।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  23 April 2018

भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बने राकेश

  जबलपुर से 3 बार के सांसद राकेश सिंह भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं। इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा के चुनाव उनकी पहली बड़ी परीक्षा होगी। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने पत्र जारी कर राकेश सिंह की अधिकृत नियुक्ति की घोषणा की। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के ठीक पहले प्रदेश संगठन की कमान राकेश सिंह को सौंप दी है। राकेश सिंह नंदकुमार सिंह चौहान का स्थान लेंगे। हालांकि पार्टी ने नंदकुमार सिंह चौहान को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर राकेश सिंह पर प्रदेश सरकार के लिए बन रहे एंटी इनकम्बंसी फेक्टर को खत्म करने की अहम जिम्मेदारी है। संगठन और सत्ता के बीच तालमेल बनाना भी राकेश सिंह के सामने बड़ी चुनौती है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे पहले ही राकेश सिंह के नाम की पुष्टि कर चुके थे लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से पत्र जारी कर राकेश सिंह के नाम की अधिकृत घोषणा की गई। प्रदेश अध्यक्ष के लिए कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह और राजेंद्र शुक्ला के नामों चर्चाएं थी, इतना ही नहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम भी प्रमुखता से उठा था। लेकिन तमाम अटकलों को बुधवार सुबह विराम लग गया। बताया जा रहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामलाल ने राकेश सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा। जिस पर पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों और संगठन प्रमुखों में चर्चा हुई और फिर सहमति बनी। राकेश सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा की मंशा लोधी वोट बैंक को साधने की भी है। महाकौशल से आने वाले राकेश सिंह 2004 से जबलपुर से सांसद हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र भाजपा के प्रभारी भी हैं। बताया जा रहा है कि केंद्र के कई बड़े नेताओं से अच्छे संबंधों का भी उन्हें फायदा मिला है। आपको बता दें कि राकेश सिंह जबलपुर से 3 बार के सांसद हैं और उनकी पहचान जुझारु और प्रभावशाली नेता के रुप में है। पार्टी के लिए वे अच्छे कैंपेनर की भूमिका भी निभाते रहे हैं। जबलपुर सांइस कालेज में प्रहलाद पटेल के अगुवाई में राकेश सिंह की छात्र राजनीति शुरू हुई। वे 2004 से जबलपुर सीट से सांसद हैं। राकेश सिंह को मजबूत संगठनात्मक कौशल रखने वाले नेता के रूप में जाना जाता है। वे महाराष्ट्र भाजपा के प्रभारी भी हैं और संसदीय समिति के सदस्य भी हैं। राकेश सिंह सीएम शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं। राकेश सिंह जबलपुर से पिछले 3 बार से सांसद हैं ,पहली बार 2004 में कांग्रेस के विश्वनाथ दुबे को 97 हजार वोट से हराया ,2008 में रामेश्वर नीखरा को 1 ला 6 हजार वोट से हराया , 2014 में विवेक तन्खा को 2 लाख 8 हजार वोटों से परास्त किया ,घर में पत्नी माला सिंह के अलावा 2 बेटियां, माता और छोटा भाई ,मूलत: जबलपुर के रहने वाले हैं और खेती-किसानी के साथ टिम्बर का व्यवसाय है ,2001 से 2004 तक ग्रामीण जिला अध्यक्ष जबलपुर ,2010 में प्रदेश के महामंत्री।  इधर मंगलवार रात को इस्तीफे के बाद नंदकुमार सिंह चौहान के सरकारी बंगले के बाहर लगी नाम पट्टिका पर स्टीकर लगाकर प्रदेश अध्यक्ष पद को छिपा दिया गया है। सुबह बंगले पर तैनात कर्मचारी नाम पट्टिका पर स्टीकर लगाता दिखाई दिया। गौरतलब है कि नंदकुमार सिंह चौहान को बदले जाने को लेकर काफी दिनों से चर्चाएं थी। मंगलवार को भीकनगांव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात का खुलासा किया कि नंदकुमार सिंह चौहान अपने पद से हटना चाहते हैं क्योंकि वे अपने संसदीय क्षेत्र में समय देना चाहते हैं। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष की कवायद शुरू हो गई थी।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  18 April 2018

श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया

  एमपी की धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा की। श्रीमती सिंधिया ने मंदिरों के जीर्णोंद्धार के प्रस्तावों के प्राक्कलन तैयार करने की वर्तमान व्यवस्था, निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग एवं निर्माण स्थलों का भ्रमण, मंदिरों को शासन संधारित घोषित करने की नीति पर विस्तृत चर्चा की। इसके अतिरिक्त शासन संधारित मंदिरों की परिसम्पत्तियों (राज्य एवं राज्य के बाहर स्थित भूमि, भवन आदि) का डाटाबेस तैयार करने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री मनोज श्रीवास्तव तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  17 April 2018

 नंदकुमार का फैसला पार्टी करेगी

  बदलाव की चर्चा के बीच मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनके बारे में फैसला पार्टी करेगी। चौहान ने कहा कि उनके जीवन का फैसला वे खुद नहीं करते हैं, बल्कि पार्टी करती है, इसलिए संगठन जो फैसला करेगा, वे उसका पालन करेंगे। चौहान से पूछा गया था कि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष के बदलाव की लंबे समय से चर्चा चल रही है, क्या ये सही है। मीडिया के साथ बातचीत में चौहान ने बाबाओं को उपकृत किए जाने के सवाल पर कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। कांग्रेस के कार्यकाल में भी बाबाओं को मंत्री दर्जा देकर उपकृत किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि इन बाबाओं ने ही नर्मदा में पौधेे लगाने के दावे पर आरोप लगाए थे, इसलिए सरकार ने उन्हें ही जिम्मेदारी दे दी कि आप ही जांच करो और आप ही नर्मदा का संरक्षण करो। देवास सांसद मनोहर ऊंटवाल द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बारे में दिए गए आपत्तिजनक बयान पर चौहान ने कहा कि इस बारे में सांसद से बात की है। ऊंटवाल ने अपनी सफाई में कहा कि उनका आशय ये था कि दिग्विजय सिंह जादूगर टाइप के आदमी हैं। चुनाव से पहले वो कोई भी चौंकाने वाला फार्मूला ला सकते हैं। इसे उन्होंने आइटम कहा था। प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान दिनभर भोपाल में तो रहे, लेकिन पार्टी कार्यालय नहीं गए। उन्होंने आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में बोर्ड आफिस में प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, फिर अपने बंगले चले गए।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  16 April 2018

भिंड कलेक्टर

मध्यप्रदेश के अटेर विधानसभा उपचुनाव के समय वोटर वेरीफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) के प्रदर्शन में हुई लापरवाही के चलते प्रदेश सरकार ने भिंड कलेक्टर इलैया राजा टी. को आरोप पत्र थमा दिया है। दरअसल, वीवीपैट के प्रदर्शन के दौरान, जितनी भी वोटर स्लिप निकली थीं, उनमें से ज्यादातर भाजपा के पक्ष में जाती हुई दिखाई दी थीं।इस मामले को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लेते रिपोर्ट तलब की थी। इसके आधार पर सरकार को कार्रवाई करने कहा था। सरकार ने कलेक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया है। इसके मद्देनजर सामान्य प्रशासन विभाग ने आरोप पत्र जारी किया है। 31 मार्च 2017 को अटेर विस उपचुनाव में वीवीपैट का उपयोग होने और लोगों को इसकी जानकारी देने को मशीन का प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रदर्शन के दौरान जितनी भी मतदाता पर्ची निकलीं, उसमें अधिकांश मत भाजपा को जाते हुए नजर आए। इसको लेकर मीडिया ने सवाल खड़े कर दिए। जिसे देखते हुए आयोग ने रिपोर्ट तलब कर ली थी। रिपोर्ट में बताया गया कि मशीनें उत्तर प्रदेश से आई थीं और उसमें पहले से मत दर्ज थे। नियमानुसार मशीनों को खाली करना था, पर इसमें लापरवाही बरती गई।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  13 April 2018

राजीवगांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

राजीवगांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्टार्टअप लीडरशिप कार्यशाला शुरू  राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्टार्टअप भारत सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य देश में स्टार्टअप्स और नये विचारों के लिए एक मजबूत परिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, ताकि देश का आर्थिक विकास हो एवं बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हों। यह पहल युवाओं को उद्योगपति और उद्यमी बनाने का अवसर प्रदान करने के लिए की गई है। उन्होंने ये बात राजीवगांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्टार्टअप लीडरशिप पर आयोजित कार्यशाला के उदघाटन समारोह में कही। इस अवसर पर राज्यपाल ने स्टार्टअप पॉलिसी एवं विश्वविद्यालय के न्यूज लेटर का विमोचन किया। राज्यपाल ने कहा कि स्टार्टअप का अर्थ देश के युवाओं को बैंकों के माध्यम से वित्त सहायता प्रदान करना है, जिससे उनकी शुरूआत बेहतर मजबूती के साथ हो और वे भारत में आर्थिक रोजगार सृजन कर सकें। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। केवल सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर ही हम भरोसा करें, यह संभव नहीं है। इसके लिए उद्योग जगत तथा अन्य कारोबारी संस्थाओं को विश्वविद्यालय से सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत अपनी मांग और आवश्यकताओं से विश्वविद्यालयों को परिचित कराये, जिससे विश्वविद्यालय ऐसे कार्यक्रम और ऐसे प्रशिक्षण आयोजित कर सकें, जिससे युवा सीधे ही उद्योगों के काम आ सकें। छात्रों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ नवीन उत्पाद एवं अभिनव प्रयोग पर भी ध्यान दिया जाये। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ बातें नहीं करते हैं, उन्होंने देश को विश्व स्तर पर पहुंचाया है। उनके द्वारा युवाओं के लिए चलाये जा रहे स्टार्टअप कार्यक्रम की आज सबसे ज्यादा उपयोगिता है। इस कार्य के लिए फंड की कमी नहीं आने दी जायेगी। प्रारंभ में 10 करोड़ रूपये से ज्यादा राशि दी जायेगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा नई दिल्ली के सदस्य सचिव डॉ. ए.पी. मित्तल ने कहा कि इस योजना का सही अर्थ यही है कि हम जॉब के पीछे न भागें, बल्कि हम में दूसरे को जॉब देने की क्षमता हो। राजीवगांधी प्रौद्यागिकी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री सुनील कुमार ने बताया कि 100 छात्रों को स्टार्टअप के तहत एक लाख रूपये अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने राज्यपाल के निर्देशानुसार बिशन खेड़ी गावं को गोद लिया गया है। इस अवसर पर टाटा कन्सलटेन्सी के प्रमुख श्री अभिताप तिवारी और प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंधोपाध्याय भी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  13 April 2018

शिवराज सिंह चौहान

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार अनुभूति कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसमें विद्यार्थियों को गाँव ले जाया जायेगा। गाँव में आज भी मिलजुलकर जीने की कला और सहयोगी जीवन मिलता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास पर अनुभूति संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में गाँवों में रहकर आने वाले विद्यार्थियों ने अपने अनुभवों को साझा किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि गाँव का जीवन अद्भुत है। गाँव में सब एक परिवार के जैसे मिलकर रहते हैं। भारतीय परम्परा और संस्कृति आज भी गाँवों में मिलती है। गाँवों में आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाई जायें, पर गाँव के मूल प्राण सहज और सरल जीवन समाप्त नहीं होना चाहिये। बेटी के विवाह में आज भी पूरा गाँव व्यवस्थाओं में लग जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले दशक में प्रदेश के गाँवों में सड़क सुविधाएँ बढ़ाई गई हैं। आज प्रदेश के 95 प्रतिशत गाँव पक्की सड़कों से जुड़ गये हैं। दिसम्बर 2018 तक प्रदेश के सारे गाँव पक्की सड़कों से जुड़ जायेंगे। गाँव में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। नल-जल योजनाओं के माध्यम से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। गाँव में छोटे रोजगार बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत कार्यक्रम की मदद से गाँव में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। श्री चौहान ने इस मौके पर अनुभूति कार्यक्रम के फोल्डर का विमोचन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अनुभव पर आधारित डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया। श्री प्रफुल्ल अकांत ने कहा कि विद्यार्थी भविष्य के भारत की राष्ट्रशक्ति है। देश तेजी से प्रगति कर रहा है। इस बदलाव में विद्यार्थी मेधा भारतीय संस्कृति का अनुभव कर गाँवों के विकास एवं उन्नति में योगदान दे सकें, यह प्रयास अनुभूति प्रकल्प में किया गया है। विकासार्थ विद्यार्थी के राष्ट्रीय संयोजक श्री सचिन दवे ने अनुभूति प्रकल्प की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों ने 15 से 18 मार्च तक गाँव में प्रवास किया। गाँव के परिवेश से रू-ब-रू हुये। संस्कृति की संवेदनाओं से साक्षात्कार किया। निस्वार्थ, आत्मीय, सरल और संतोषी ग्रामीण जीवन दर्शन के अनुभवों को मुख्यमंत्री के साथ साझा करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में पत्रकारिता, इंजीनियरिंग, मेडिकल, पॉलीटेक्निक और मानविकी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने गाँव दर्शन के अनुभवों की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण संस्कृति की आत्मीय सामुदायिकता, परमार्थ और प्रदूषण मुक्त जीवनशैली के अनुभवों का ब्यौरा दिया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी श्री दीपक पालीवाल, डॉ. प्रज्ञेश अग्रवाल, श्री बंटी चौहान सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  13 April 2018

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

  मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंगनबाड़ी  कार्यकर्ताओं का मानदेय 10 हजार रूपये और सहायिकाओं का मानदेय 5 हजार रूपये महीने करने की घोषणा की है। साथ ही सेवानिवृत्ति की आयु भी शासकीय कर्मचारियों के समान 62 वर्ष की जाएगी। उन्हें यात्रा भत्ता भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका से आग्रह किया कि वे आंगनवाड़ी का उत्कृष्ट प्रबंधन करें और कुपोषण मुक्त मध्यप्रदेश बनाने में पूरी मेहनत से काम करें। श्री चौहान आज यहां निवास पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए  पोषण अभियान पर उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में प्रदेश भर से आई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का आव्हान किया कि मध्यप्रदेश से कुपोषण की चुनौती को हमेशा के लिए समाप्त करने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि किसी भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका को बिना जांच किए नहीं हटाया जाएगा।  यदि आंगनवाड़ी सहायिका द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में चयन के लिए आवेदन किया जाता है तो उन्हें वरीयता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने दीनदयाल पोषण पुरस्कार की भी घोषणा की। रिटायरमेंट के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को  एक लाख रुपए और आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 75000 रूपये दिए जाएंगे।  यदि आकस्मिक रूप से उनकी मृत्यु हो जाती है तो उनके परिवार को दो लाख  की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही उनकी बहन या बेटी को कार्यकर्ता/ सहायिका के चयन में 10 अंक की वरीयता दी जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिये प्रत्येक परियोजना में तीन-तीन पुरस्कार दिये जायेंगे। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रथम पुरस्कार 7100 रूपये, द्वितीय पुरस्कार 5100 रूपये और तृतीय पुरस्कार 2100 रूपये के दिये जायेंगे। इसी प्रकार सहायिकाओं के लिये प्रथम पुरस्कार 5100 रूपये का, द्वितीय पुरस्कार 2100 और तृतीय पुरस्कार 1100 रूपये का दिया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली मजदूर बहनों के लिये गर्भावस्था के दौरान चार हजार रूपये और प्रसव के बाद 12 हजार रूपये दिये जायेंगे। इन बहनों का पंजीयन कराने और उनके खातों में धनराशि पहुँचाने की जिम्मेदारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जायेगी। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सेवा और विकास के क्षेत्र में पूरे देश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बहनें निचले स्तर पर बड़ी जिम्मेदारियाँ पूरी करती हैं। उन्होंने एनीमिया की कमी से लड़ने का अभियान सफलता पूर्वक पूरा किया। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं अन्य शासकीय सेवाओं के प्रदाय की जिम्मेदारी भी लगन के साथ पूरी की। निचले स्तर पर प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर आयुक्त महिला सशक्तिकरण श्रीमती जयश्री कियावत, आयुक्त आईसीडीएस श्री संदीप यादव और बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएँ उपस्थित थीं।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  9 April 2018

 प्रजापति समाज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान में आज यहां प्रजापति समाज के राष्ट्रीय अधिवेशन में समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। समाज ने श्री चौहान का जनहितैषी योजनाओं के लिये पारंपरिक साफा पहनाकर अभिनंनदन किया। श्री चौहान ने कहा कि प्रजापति कुंभकार समाज परिश्रमी, ईमानदार और मददगार समाज है। कलाधर्मी प्रजापति समाज माटी को भी विभिन्न कलारूप देने की प्रतिभा रखता है। इसलिये इसमें प्रतिभाओं की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज ने बेटियों का सम्मान किया है और उन्हें आगे बढने में मदद की है। श्री चौहान ने कहा कि प्रतिभाओं की पढाई-लिखाई का पूरा खर्च सरकार उठायेगी। प्रजापति समाज के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष श्री मनोज प्रजापति द्वारा माँग-पत्र प्रस्तुत करने पर श्री चौहान ने कहा कि मांगों का परीक्षण कर समाज की बेहतरी के हर संभव कदम उठाये जायेंगे। इस अवसर पर सांसद श्री आलोक संजर, राज्य माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामदयाल प्रजापति और बड़ी संख्या में समाज के बन्धु उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  9 April 2018

विश्व स्वास्थ दिवस पर राज्यपाल द्वारा नवीन वैक्सीन का शुभारम्भ  एमपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्वास्थ विभाग द्वारा अस्पतालों में डाक्टरों द्वारा लिखी जाने वाली दवाईयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाये। डाक्टर गरीबों तथा ग्रामीणों को वही दवायें लिखें, जो अस्पतालों में उपलब्ध हों। सरपंचों तथा जनप्रतिनियों की जिम्मेदारी है कि टीकाकरण अभियान में पूरा सहयोग दें। उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ पर विशेष ध्यान देने पर जोर देते हुए कहा कि जांच के दौरान अगर हीमोग्लोबिन कम निकले, तो उसका पोषण बढ़ा कर इलाज करें। राज्यपाल ने आज विश्व स्वास्थ दिवस पर स्वास्थ विभाग द्वारा आयोजित बच्चों को निमोनिया तथा दिमागी बुखार जैसी जानलेवा बीमारी से सुरक्षा प्रदान करने वाली नवीन वैक्सीन पीसीबी के शुभारम्भ समारोह को सम्बोधित कर रही थीं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में नवीन वैक्सीन पीसीबी(टीका) नि:शुल्क टीकाकरण लिए उपलब्ध रहेगा। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि डाक्टर गांवों में जाकर सरपंचों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर स्वास्थ सुविधायें उपलब्ध करायें और विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने डाक्टरों से कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सरकार को सहयोग प्रदान करें। आंगनबाड़ी और प्राथमिक शालाओं में बच्चों को वितरित होने वाले भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता और पानी की शुद्धता की भी जांच करें। गांव,शहर, स्कूल, आंगनबाड़ी तथा सार्वजनिक स्थलों पर सफाई अभियान में सभी वर्ग सहयोग करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए शौचालय बहुत आवश्यक है। देश में शौचालय बनाने का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। आने वाले 2-3 साल में हमारे देश में शत-प्रतिशत शौचालय का निर्माण हो जायेगा। स्वास्थ मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने कहा कि डाक्टरों के साथ-साथ सभी में सेवाभाव होना चाहिए। मध्यप्रदेश को स्वस्थ प्रदेश बनाने के लिए सभी मिलजुलकर कार्य करें। इस बात पर ध्यान दें कि हम ग्रामीणों, गरीबों और पिछड़े लोगों तक बेहतर स्वास्थ सुविधायें कैसे पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ सेवाओं में निरंतर सुधार हो रहा है और अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ रही हैं। स्वास्थ विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती गौरी सिंह ने समारोह में अतिथियों का स्वागत किया। राज्यपाल ने कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं और सरपचों को भी पुरस्कृत किया। इस अवसर पर आयुक्त स्वास्थ श्रीमती पल्लवी जैन, राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन के संचालक श्री एस.विश्वनाथन, यूनिसेफ के प्रतिनिधि माईकल जूमा और विश्व स्वास्थ संगठन के प्रतिनिधि डॉ.बी.पी. सुब्रामणयम उपस्थित थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  7 April 2018

madhyprdesh

मुख्यमंत्री चौहान ने की अपील  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि शांति और सदभाव बनाये रखें। अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। समाज के सभी वर्गों की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार इस जिम्मेदारी को पूरी सजगता से निभायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपील में कहा है कि कुछ लोगों ने प्रदेश की सामाजिक समरसता को बिगाड़ने की कोशिश की है। इससे कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनायें घटित हुई हैं। उन्होंने कहा है कि अपराधियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जायेगा।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  3 April 2018

पुलिस प्रशिक्षण अकादमी

  पुलिस प्रशिक्षण अकादमी के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में पुलिस बल की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही है। इस वर्ष भी पुलिस बल में आठ हजार नये आरक्षक शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज भोपाल  पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर दीक्षांत परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पुलिस बल में आज से शामिल हो रहे अधिकारी अपनी संपूर्ण क्षमता से कानून-व्यवस्था की स्थिति को और अधिक बेहतर बनायें। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी देश-भक्ति और जनसेवा का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर मध्यप्रदेश को देश-दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनायेंगे। मध्यप्रदेश पुलिस के गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री चौहान ने नव-नियुक्त अधिकारियों से कहा कि पूरी प्रमाणिकता से जनता की सेवा करें। जनता के मन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करें। सज्जनों के साथ फूल से ज्यादा कोमल और दुष्टों के साथ वज्र से ज्यादा कठोर व्यवहार करें। प्रदेश को शांति का टापू बनाये रखने में अहम भूमिका निभायें। मुख्यमंत्री ने समारोह में प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को पुरस्कृत किया और 'पुलिस हित मेन्यूअल-2017' का विमोचन किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक श्री सुशोभन बैनर्जी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अकादमी में 832 पुलिस अधिकारियों को एक वर्ष का गहन प्रशिक्षण दिया गया है। प्रदेश की पुलिस अकादमी का चयन राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद द्वारा क्षेत्रीय उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में किया गया है। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  3 April 2018

नारी शक्ति

"नारी शक्ति की ओर बढ़ाइये एक कदम'' वॉकथॉन में शामिल हुए मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार महिलाओं का अपमान सहन नहीं करेगी। समाज को भी महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं करना चाहिये। श्री चौहान ने सामाजिक संगठनों का आव्हान किया है कि महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिये राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिये 'जीरो टॉलरेंस'' सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री भोपाल के व्हीआईपी रोड पर जिला पुलिस बल द्वारा आयोजित वॉकथॉन फ्लेग ऑफ कार्यक्रम 'नारी शक्ति की ओर बढ़ाइये एक कदम'' को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान इस मौके पर 5 किलोमीटर की वॉकथॉन में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिये पुलिस के पास सर्वाधिकार सुरक्षित हैं। पुलिस को चाहिये कि गुंडों-बदमाशों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करे। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारों की अनदेखी करने वाले नर पिशाचों के कोई अधिकार नहीं होते। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने बलात्कारियों को मृत्यु-दण्ड दिये जाने का कानून बनाकर राष्ट्रपति को अनुमोदन के लिये भेजा है। श्री चौहान ने समाज के विभिन्न वर्गों से अपील की है कि बच्चों को बचपन से ही नारी का सम्मान करने के संस्कार दें। बच्चों में यह भाव पैदा करें कि महिलाओं का सम्मान ही पूरे समाज का सम्मान है। कैण्डल मार्च के प्रसंग और अमीर, शिक्षित तथा शहरी परिवारों में घटते लैंगिक अनुपात की जानकारी देते हुए उन्होंने समाज को इस दिशा में चिंतन करने और सार्थक पहल करने के लिये प्रेरित किया। श्री चौहान ने कहा कि सृष्टि चक्र के सुचारु संचालन के लिये बेटा और बेटी में भेदभाव को मिटाना नितांत आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नारी सम्मान सर्वोपरि है। राज्य सरकार ने बेटियों को आगे बढ़ाने के भरपूर प्रयास किये हैं। वन विभाग के अतिरिक्त अन्य शासकीय नौकरियों में 33 प्रतिशत और शिक्षक संवर्ग में 50 प्रतिशत आरक्षण भी दिया है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सम्मान को कायम रखने के लिये वॉकथॉन के आयोजन की सराहना की। जिला पुलिस बल द्वारा आयोजित वॉकथॉन फ्लेग ऑफ कार्यक्रम में 3, 5 और 7 किलोमीटर की श्रेणियों में हर उम्र और वर्ग के लगभग 15 हजार लोगों ने भाग लिया। पुलिस महानिरीक्षक श्री जयदीप प्रसाद ने इस कार्यक्रम के उद्देश्य से अवगत कराया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर, महापौर श्री आलोक शर्मा, सांसद श्री आलोक संजर, श्री बृजेश लूणावत, पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला, संभागायुक्त श्री अजातशत्रु, अपर पुलिस महानिदेशक श्रीमती अरूणा मोहन राव सहित शहर के गणमान्य लोग भी मौजूद थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  31 March 2018

डिफॉल्टर किसानों का 2600 करोड़ किया माफ

  मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि ऋण के डिफाल्टर किसानों का 2600 करोड़ रुपये ब्याज माफ करने का फैसला किया है। वहीं एक लाख की आबादी पर हर शहर में नई तहसील होगी। शिवराज कैबिनेट की आज हुई बैठक में ये अहम फैसले किए गए। कैबिनेट बैठक में हुए निर्णय की जानकारी देते हुए जनसम्पर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि एक लाख की आबादी पर अब शहर में तहसील बनेगी। तहसील के लिए 2 करोड़ की लागत का भवन और वाहन के लिए 5 लाख रुपए भी सरकार की तरफ दिए जाएंगे। कैबिनेट में किसान प्रोत्साहन सहायता योजना की जानकारी देने पहुंचे प्रमुख सचिव कृषि डॉक्टर राजेश राजोरा ने बताया कि सरकार ने सहकारी बैंकों के कृषि ऋण के डिफाल्टर किसानों का ब्याज माफ करने के लिए समाधान योजना को मंजूरी दी। इसके तहत डिफॉल्टर किसानों का ब्याज माफ किया जाएगा। सरकार के मुताबिक समाधान योजना के तहत किसाकों का करीब 2600 करोड़ रु. का ब्याज माफ होगा और 17 लाख 78 हजार किसानों को इस योजना का लाभा मिलेगा। वहीं किसान अब 2 किश्तों में मूलधन दे सकेंगे, हालांकि 15 जून तक उन्हें पहली किश्त चुकानी होगी। इतना ही नहीं सरकार ने हर किसान को न्यूनतम 5000 रु. का मुआवजा देने का भी फैसला किया है। सरकार ने चना, मसूर, सरसो पर 100 रुपये और गेंहू, धान पर 200 रुपये बोनस राशि देने का भी फैसला किया है। नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सरकार ने नायब तहसीलदार के 550 नए पदों को भी मंजूरी दी। इसके अलावा तृतीय श्रेणी के 191 और चतुर्थ श्रेणी के 191 पदों को भी कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई। सरकार ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक नायाब तहसीलदार और सभी जिलों में 11 नायब तहसीलदार के पद को भी मंजूरी दी। ये जिलों में अमला चुनाव संबंधी कार्य करेगा। सरकार ने राजस्व पुस्तक परिपत्र RBC 6 4 में भी संशोधन करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी। उन्होंने ये भी बताया कि सरकार ने तय किया है कि अब से विधवाओं के लिए कल्याणी शब्द का उपयोग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इतना ही नहीं विधवाओं के उत्थान के लिए सरकार ने उनके पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने का फैसला भी किया है। सरकार ने तय किया है कि विधवा महिला से शादी करने पर सरकार की तरफ से 2 लाख रूपये दिए जाएंगे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  27 March 2018

shivraj singh

कॉलोनी नियमितिकरण कार्य 7 अप्रैल से शुरू होगा  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश की कॉलोनियों को अवैध के कलंक से मुक्त किया जायेगा। कॉलोनियों के नियमितिकरण का कार्य 7 अप्रैल से शुरू होकर 15 अगस्त तक पूर्ण किया जायेगा। उन्होंने असंगठित मजदूर पंजीयन कार्य अभियान के रूप में करने के निर्देश भी दिये हैं। श्री चौहान आज आर.सी.व्ही.पी.नरोन्हा प्रशासन अकादमी में अवैध कॉलोनियों के नियमितिकरण संबंधी कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का आयोजन नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया गया था। गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण मुरारी मोघे मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आजीविका मिशन (शहरी) में प्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त होने का प्रमाण-पत्र मंत्री श्रीमती माया सिंह को सौंपा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था जनता के लिये है। नियम, कायदे और कानून सब जनहितकारी होने पर ही मान्य हैं। ऐसा नहीं होने पर, उन्हें बदला जायेगा। सरकार ने अवैध कॉलोनी के दर्द को समझ कर नियमित करने का कार्य किया है। विस्थापितों के पट्टे और मर्जर की समस्याओं का समाधान किया है। नियमितिकरण कार्य व्यवहारिक और रहवासियों के जीवन में खुशियों के रंग भरने के दृष्टिकोण के साथ उत्साह और उमंग से किया जाये। नियमितिकरण की प्रक्रिया में बाधा स्वीकार नहीं की जायेगी। जहाँ रास्ता नहीं होगा, वहाँ नियमों में परिवर्तन-परिवर्धन कर रास्ता निकाला जायेगा। उन्होंने नगरीय नियोजन में भविष्य में शहरों में आने वाली आबादी के लिये सुविधाजनक आवास की सुविधा की व्यवस्थाओं के प्रावधान रखने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास 'विकास का प्रकाश' हर गरीब तक पहुँचाने का है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनी नियमितिकरण की वे स्वयं नियमित मॉनीटरिंग करेंगे। अंसंगठित श्रमिक पंजीयन को अभियान का रूप दें: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री चौहान ने असंगठित मजदूरों के लिये बनायी गई, सबसे बड़ी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना सेवा का नया इतिहास रचने का अवसर है। योजना में पंजीयन का कार्य एक से 14 अप्रैल तक अभियान के रूप में किया जाये। सुनिश्चित किया जाये कि रहने के लिये भूमि का टुकड़ा अथवा आवास, नि:शुल्क उपचार, नि:शुल्क शिक्षा, पोषण आहार, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएँ मजदूरों को पंजीयन के साथ ही मिलें। असंगठित मजदूरों में किसान, जिनके पास एक हेक्टेयर से कम भूमि है, भी शामिल किए गए है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं पर गलत नजर रखने वालों के विरुद्ध ऐसी कड़ी कार्रवाई करें कि बदमाशों में भय का वातावरण व्याप्त हो जाये। उन्होंने कहा कि गुंडों, बदमाशों के अतिक्रमण सख्ती के साथ ध्वस्त किये जायें। यह भी ध्यान रखा जाये कि आम नागरिक सताये नहीं जायें। श्री चौहान ने स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर कार्य के लिये सभी नगरीय निकायों को बधाई दी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि नगर की सभी कॉलोनियों में विकास के कार्य समान रूप से हो सकें, इसलिये अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया बनायी गयी है। इससे करीब 4 हजार 500 अवैध कॉलोनियाँ नियमित हो जायेंगी। वैधानिक प्रक्रिया द्वारा अवैध कॉलोनियों को नियमित करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा। पूर्व में 31 दिसम्बर, 2012 की अवधि तक स्थापित अवैध कॉलोनियों का नियमितिकरण किया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2016 तक की कॉलोनियों के लिये कर दिया गया है। विकास व्यय में रहवासी अंशदान को घटाकर 20 प्रतिशत किया गया है। शेष राशि संबंधित निकाय द्वारा वहन की जायेगी। सांसद और विधायक निधि का भी उपयोग हो सकेगा। रहवासियों को बिजली, पानी, सीवेज जैसी जन सुविधाएँ सामान्य वैध कॉलोनियों की भांति सर्विस प्रभार पर मिलेंगी। मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह ने कहा कि अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का प्रभावी प्रयास किया गया है। अवैध कॉलोनियों के मूल कारणों को चिन्हित कर, उनके समाधान के प्रयास हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों की सफलता और सार्थकता तभी है जब समस्त अवैध कालोनियाँ वैध हो जायें और कोई नई अवैध कालोनी नहीं बने। प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री विवेक अग्रवाल ने बताया कि कार्यशाला अवैध कॉलोनियों को नगर की मुख्य-धारा में शामिल करने के लिये नियमितिकरण की प्रक्रिया और नियमों की जानकारी देने के लिये की गई है। आवश्यकता होने पर वैधानिक प्रावधानों को सरल भी बनाया जायेगा। कार्यशाला में नियमितिकरण प्रक्रिया से संबंधित सवाल-जवाब, सामूहिक चर्चा और सुझाव के सत्र होंगे। उन्होंने बताया कि पहले कॉलोनियों को वैध किया जायेगा, बाद में शेष औपचारिकताएँ होगी। नियमितिकरण से करीब 25 लाख शहरी आबादी लाभान्वित होगी। उन्होंने बताया कि शहरी विकास योजना के संचालन में प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  27 March 2018

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  चौहान का किसानों को संबोधन  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ प्रदेश के किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिये प्रतिबद्ध है। श्री चौहान ने कहा कि 10 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर चना, मसूर और सरसों की खरीदी 257 मंडियों में होगी। इन फसलों के किसानों का भावांतर भुगतान योजना में हुआ पंजीयन न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिये लागू होगा। पंजीयन से छूट गये किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। फसलों की खरीदी दस अप्रैल से 31 मई तक की जायेगी। किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चना, मसूर और सरसों पर कृषि समृद्धि योजना में 100 रूपया प्रति क्विंटल अलग से दिया जायेगा। किसानों को सही मूल्य देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि खरीदी की व्यवस्था में बाधा डालने वाले तत्वों से सावधान रहें। इसमें सरकार का सहयोग करें। किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत होने पर कॉल सेंटर के नम्बर 0755 2540500 पर शिकायत करें। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होगी। श्री चौहान ने कहा कि किसानों के उत्पाद को निर्यात करने की जरूरत है। उन्होंने कृषि उत्पादन के रिकार्ड बनाने पर किसानों को बधाई देते हुए कहा कि कृषि उत्पाद का निर्यात करने के लिये एक एजेंसी बनाई जायेगी। यह एजेंसी किसानों का मार्गदर्शन करेगी। यह एजेंसी भारत सरकार से तालमेल करके वे सभी जरूरी व्यवस्थाएँ करेगी, जिससे विदेशों में भी फसलों का निर्यात हो सके। श्री चौहान ने बताया कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ देने के लिये मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना बनाई गई है। इसमें किसानों को अतिरिक्त लाभ दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि गेहूँ 1735 रूपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीदा जायेगा और सरकार 265 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त देगी। समर्थन मूल्य के बाहर गेहूँ बेचने पर भी किसान को यह लाभ मिलेगा। यदि अच्छी क्वालिटी का गेहूँ दो या ढाई हजार रूपये प्रति क्विंटल बिकता है तब भी उन्हें 265 रूपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। अच्छी गुणवत्ता का गेहूँ नहीं होने पर भी यह लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल बेचे गये धान और गेहूँ पर भी किसानों को 200 रूपया प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इस साल 16 अप्रैल को पिछले साल के गेहूँ और धान के लिये किसानों के खाते में 200 रूपये क्विंटल की दर से राशि समारोहपूर्वक जमा करा दी जायेगी। प्रदेश के किसानों के लिये 16 अप्रैल आनंद का दिन होगा। इस दिन नया इतिहास बनेगा। उन्होंने कहा कि इस साल बेचे जाने वाली गेहूँ की फसल की प्रोत्साहन राशि 265 रूपया प्रति क्विंटल की दर से 10 जून को किसानों के खाते में आ जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पहले किसानों को अपनी फसल के लिये ऊँट के मुँह में जीरा बराबर राहत मिलती थी। अब 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान पर सिंचित जमीन पर राहत राशि को दोगुना करके 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर की राहत मिल रही है। फसल बीमा योजना का लाभ भी अलग से मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों को मिलाकर किसानों को जितना नुकसान होगा, उसकी भरपाई हो जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिये सात हजार रूपया फ्लैट रेट पर बिजली दी जा रही है जिसके लिये सरकार 36 हजार रूपये प्रति वर्ष देती है। किसानों को समय से पहले खाद का उठाव करने पर ब्याज की राशि भी दी जा रही है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण लौटाने की तारीख 28 मार्च से बढ़ाकर 27 अप्रैल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि 1600 करोड़ रूपये सूखा राहत में और इतनी ही राशि फसल बीमा में देने का फैसला किया़ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को लाभ देने के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था और भावांतर भुगतान योजना उपलब्ध है। इन दोनों योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गेहूँ के साथ चना, सरसों और मसूर को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खदीदा जायेगा। भावांतर भुगतान योजना में ये फसलें नहीं रहेंगी। इस योजना में लहसुन और प्याज की खरीदी की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि लहसुन का बंपर उत्पादन होने से भाव गिर गये हैं। लहसुन के लिये 3200 रूपये प्रति क्विंटल दर निर्धारित की गई है। यदि प्याज का भाव 800 रूपया प्रति क्विंटल से कम आता है, तो प्याज की खरीदी भी की जायेगी। पिछले साल भी प्याज खरीदी गई थी। डोडा चूरा खरीदा जायेगा मुख्यमंत्री ने बताया कि मंदसौर, नीमच और रतलाम के अफीम उत्पादक किसानों से पारदर्शी व्यवस्था बनाकर डोडा चूरा खरीदा जायेगा और सरकार उसे जलायेगी।  किसान का नुकसान नहीं होने देंगे। 30 हजार नौजवानों को मिलेगा लोन श्री चौहान ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना में 1900 करोड की राशि खरीफ की फसलों के लिये किसानों को दी गई है। किसानों को ठीक दाम देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा कृषक उद्यमी योजना की चर्चा करते हुए कहा कि 30 हजार नौजवानों को इस वित्तीय वर्ष में फूड प्रोसेसिंग से जुडे रोजगार के लिये लोन उपलब्ध करवाये जायेंगे। सरकार लोन की गारंटी लेगी और 15 प्रतिशत सबसिडी देगी। सात साल तक 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जायेगा। इन युवा उद्यमियों को मूल्य संवर्धन के लिये परामर्श और प्रशिक्षण दिया जायेगा। बासमती के जीआई रजिस्ट्रेशन के लिये केन्द्र से चर्चा श्री चौहान ने कहा कि बासमती चावल के जीआई रजिस्ट्रेशन के लिये केन्द्रीय मंत्री श्री सुरेश प्रभु से चर्चा हुई है। प्रदेश से बासमती चावल का तीन हजार करोड का एक्सपोर्ट होता है। उन्होंने कहा कि बासमती चावल उत्पादक किसानों की लड़ाई सरकार लड़ रही है और संबंधित एजेसिंयों के समक्ष सभी तथ्यों को रखा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूँ पर 265 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि देने से किसानों को 26 सौ करोड़ रूपये मिल रहे हैं। पिछले साल के 200 रूपये प्रति क्विंटल देने के फैसले से 1750 करोड़ रूपये किसानों को मिलेंगे। फसल बीमा योजना में 6000 करोड़ रूपये से ज्यादा के दावे हैं। सूखा राहत का पैसा भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रारंभ में किसानों को नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दी। उन्होंने प्रदेश को लगातार पाँचवीं बार कृषि कर्मण अवार्ड मिलने का श्रेय किसानों की अथक मेहनत को देते हुए उन्हें बधाई दी।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  25 March 2018

जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र

  पाल समाज ने किया जनसम्पर्क मंत्री का स्वागत  एमपी के जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया जिले के ग्राम दुर्गापुर के पास बसे मजरा टोला में पहुंचकर नागरिकों से बातचीत की और उनकी समस्यायें सुनीं। डॉ. मिश्र ने आमजन की समस्याओं की त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए। जनसम्पर्क मंत्री मजरों में पहुँचने पर स्थानीय नागरिकों ने का स्वागत किया। इस अवसर पर मजरा टोला में स्कूल खोलने, गरीबी रेखा के राशन कार्ड बनवाने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कोचिंग सेंटर का शुभारंभ: जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग सेंटर शुभारंभ किया। इस दौरान बताया गया कि इस कोचिंग सेंटर से स्थानीय युवाओं को बाहर नही जाना पडेगा। दतिया में ही विभिन्न परीक्षाओं की कोचिंग मिल सकेगी। शोक संवेदना व्यक्त : जनसम्पर्क ने ग्राम सिंधवारी पहुँचकर श्री रज्जन पटेल के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने श्री रज्जन के परिजन को ढांढस बंधाया। मंत्री डॉ. मिश्र ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  24 March 2018

 राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

  राज्यपाल ने जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की   एमपी के राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन में जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जनजातीय वर्ग के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सभी विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलायें। अभियान के दौरान सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित की जाये। उन्होंने कहा कि जब सभी विभाग इस अभियान से जुड़ेंगे, तभी हमारे प्रदेश से कुपोषण खत्म हो सकेगा। राज्यपाल ने कहा कि इसके लिए विशेष शिविर लगाये जायें, शिविरों में माता-पिता के सामने बच्चों-बच्चियों का स्वास्थ परिक्षण करवाया जाये और उन्हें बच्चों की कमजोरी दूर करने के उपाय तथा दवाओं के बारे में बताया जाये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि केन्द्र सरकार से प्राप्त राशि का सदुपयोग हो तथा उसका लाभ जनजातीय वर्ग के लोगों तक समय पर पहुंचे, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा तथा संस्कार दें और उन्हे रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इन वर्गों के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को औद्योगिक संस्थानों और कम्पनियों के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण दिलवाया जाये। इस वर्ग के छात्र-छात्राओं को अन्य विषयों के साथ विज्ञान विषय में भी रूचि लेने के लिये प्रेरित किया जाये। हर ब्लाक में कम से कम 20 प्रतिशत बच्चों को विज्ञान विषय में प्रवेश दिलाने के प्रयास किये जायें। छात्र-छात्राओं को विभिन्न ज्ञानवर्धक स्थलों का भ्रमण भी करवाया जाये । भ्रमण के बाद बच्चों से उनके अनुभव पर आधारित लेख लिखवाएं जाये। इससे बच्चों में आत्म-विश्वास बढ़ेगा। राज्यपाल ने ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा एक स्थान पर करवाई जाये। मेरिट के आधार पर शिक्षकों की पोस्टिंग करें। शिक्षकों को ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में रहने के लिए आवास भी उपलब्ध करवाये जायें। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग श्री एस. एन. मिश्रा ने राज्यपाल को विभाग की गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. एम मोहन राव और विभागायुक्त श्रीमती दीपाली रस्तोगी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  24 March 2018

cm shivraj

  जनजातियों के आस्था और श्रद्धा स्थलों के विकास की योजना बनायें  मुख्यमंत्री ने आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में दिये निर्देश  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि वनाधिकार के लंबित पट्टों के वितरण के लिये सभी जिलों में अभियान चलायें। इसके तहत आगामी एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक लंबित पट्टों का परीक्षण करें तथा आगामी एक मई से 30 मई तक वितरण करें। जनजातियों के आस्था और श्रद्धा के स्थलों के विकास की योजना बनायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह निर्देश आज यहाँ सम्पन्न आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में दिये। बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी जिलों में लंबित वनाधिकार पट्टों के परीक्षण के लिये जनप्रतिनिधियों को शामिल कर कार्रवाई की जाये। जिन हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टे मिले हैं, उन्हें नक्शे उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाये। मुख्यमंत्री ने वनाधिकार के पट्टेधारियों को सामान्य किसानों की तरह उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के लिये समिति बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस समिति में अनुसूचित जाति एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री लालसिंह आर्य; खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे; वन विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अपर मुख्य सचिव और अनुसूचित जनजाति विकास तथा राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव रहेंगे। श्री चौहान ने कहा कि एकीकृत आदिवासी विकास परियोजनाओं के माध्यम से कम लागत के छोटे कार्य कराये जायें। परियोजना सलाहकार मंडल स्थानीय स्तर पर विकास की आवश्यकताएं तय करेगा। रोजगार के लिये अपना जिला छोड़कर जाने वाले जनजाति के परिवारों के बच्चों के लिये आश्रम-छात्रावास खोले जायें। बैकलॉग के पदों की पूर्ति के लिये विशेष अभियान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये है कि अनुसूचित जनजाति के बैकलॉग के पदों की पूर्ति के लिये विशेष अभियान चलाया जाये। जनजाति के लोगों के विरूद्ध चल रहे छोटे प्रकरण अभियान चलाकर वापस लिये जायें। आदिवासी क्षेत्रों के किलों और गढ़ों के रखरखाव के कार्य करें। यह सुनिश्चित करें कि आदिवासी महिला छात्रावासों में छात्रावास अधीक्षक महिला ही रहें। आवश्यकता हो तो इसके लिये नयी भर्ती करें। पेसा एक्ट (पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 1996) और पांचवी अनुसूची की सही व्याख्या के लिये पाँच सदस्यीय कमेटी गठित की जायेगी। धारा 170 ख के प्रकरणों का तीन माह की समय सीमा में निराकरण के लिये विशेष अभियान चलायें। जनजाति क्षेत्रों में वृक्ष कटाई के नियमों में सरलीकरण करें। शहरी क्षेत्रों के आवारा पशुओं को आदिवासी क्षेत्रों में खेती के उपयोग के लिये देने के सुझाव को प्रयोग के तौर पर करें। बैठक में सदस्यों द्वारा कई सुझाव दिये गये। इन सुझावों में प्राकृतिक आपदा के दौरान वनाधिकार पट्टाधारियों को सामान्य किसानों की तरह मुआवजा दिये जाने, छोटे विकास कार्य आदिवासी परियोजना के माध्यम से कराने, जनपद स्तर पर आश्रम छात्रावास खोलने, आरक्षण के रोष्टर का पालन कराने, महुआ बोर्ड का गठन करने, एकलव्य विद्यालयों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति करने, आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने, आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण के विरूद्ध प्रभावी कार्यक्रम चलाना शामिल है। बैठक में अनुसूचित जाति- जनजाति कल्याण मंत्री श्री लालसिंह आर्य, पशुपालन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री अंतरसिंह आर्य, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, सांसद श्री फग्गन सिह कुलस्ते, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र मरावी सहित परिषद के सदस्य विधायकगण शामिल हुए। इस मौके पर मुख्य सचिव श्री बी.पी, सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  22 March 2018

एलएन मेडिकल कॉलेज

  व्यापमं पीएमटी परीक्षा घोटाले के मामले में एलएन मेडिकल कॉलेज के चेयरमेन जयनारायण चौकसे को बुधवार दोपहर सीबीआई ने उनके घर से गिरफ्तार किया। जिसके बाद दोपहर में ही जिला कोर्ट की सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। जहां से उनको 23 मार्च तक के लिए उनको न्यायिक हिरासत में भेजने के निर्देश दिए । जानकारी के अनुसार पीएमटी 2012 में सीबीआई द्वारा जयनारायण चौकसे को आरोपित बनाया गया। 6 मार्च को इस प्रकरण में उनकी अग्रिम जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दी थी। जिसके बाद से उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। एलएन मेडिकल कॉलेज के चेयरमेन पर आरोप है कि उन्होंने संचाकल चिकित्सा शिक्षा( डीएमई) को मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया की गलत जानकारी भेजी थी। जिसमें छात्रों को प्रवेश नहीं किया गया था। इस मामले में सीबीआई ने उनकेा आरोपित बनाया था। वह काफी समय से अग्रिम जमानत पर चल रहे थे। अग्रिम जमानत के निरस्त होने के बाद सीबीआई उनकी तलाश में थी। बुधवार को सीबीआई ने उनके घर से गिरफ्तार किया गया। जहां उनको स्पेशल सीबीआई जज एसके उपाध्याय क कोर्ट में पेश किया । जहां से उनको जेल भेजा गया।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  22 March 2018

भावांतर भुगतान योजना में लहसुन

  पंजीयन की कार्यवाही होगी 20 जिलों में  प्रति हेक्टेयर एवं प्रति क्विंटल लागत मूल्य की गणना के लिये समिति गठित    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना में लहसुन उत्पादकों के पंजीयन का कार्य 15 मार्च से शुरू हो रहा है। पंजीयन का कार्य 31 मार्च तक होगा। पंजीयन के संबंध में प्रदेश के 20 जिलों के कलेक्टरों को प्रमुख सचिव किसान-कल्याण तथा कृषि विभाग डॉ. राजेश राजौरा ने पत्र लिखकर आवश्यक निर्देश दिये हैं। लहसुन उत्पादक किसानों का पंजीयन एक हजार हेक्टेयर से अधिक लहसुन बोनी के 20 जिलों की प्राथमिक कृषि साख समितियों तथा मंडी समितियों में भावांतर भुगतान योजना पोर्टल पर किया जायेगा। जिन 20 जिलों में पंजीयन का कार्य होगा, उनमें नीमच, रतलाम, उज्जैन, मन्दसौर, इन्दौर, सागर, छिन्दवाड़ा, शिवपुरी, शाजापुर, राजगढ़, छतरपुर, आगर-मालवा, गुना, धार, देवास, सीहोर, रीवा, सतना, भोपाल और जबलपुर शामिल हैं। कृषि लागत की गणना के लिये समिति का गठन राज्य शासन ने प्रदेश में खरीफ एवं रबी फसलों की कृषि एवं उद्यानिकी फसलों के प्रति हेक्टेयर एवं प्रति क्विंटल लागत मूल्य की गणना के लिए समिति का गठन भी किया है। समिति की पहली बैठक 15 मार्च को होगी। समिति के अध्यक्ष कुलपति, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर होंगे। समिति के सदस्य सचिव संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास होंगे। समिति के अन्य सदस्य आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था हैं। प्रधान वैज्ञानिक कृषि अर्थशास्त्र राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति के अन्य सदस्यों में श्री ओम ठाकुर (सिवनी), श्री नारायण सिंह पटेल (नरसिंहपुर) और श्री अश्विनी सिंह चौहान (उज्जैन) को शामिल किया गया है। समिति खरीफ एवं रबी फसलों की राज्य शासन द्वारा विर्निदिष्ठ की गई कृषि एवं उद्यानिकी फसलों की प्रति हेक्टेयर एवं प्रति क्विंटल मध्यप्रदेश की औसत लागत मूल्य की गणना कर राज्य शासन को गणना पत्रक अनुसार जानकारी 7 दिवस में प्रस्तुत करेगी।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  15 March 2018

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल पटेल से गुजरात के किसान प्रतिनिधि मंडल की सौजन्य भेंट राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मध्यप्रदेश में क्रियान्वित आत्मा प्रोजेक्ट में भाग लेने आये मेहसाना (गुजरात) के 50 किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने आज राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल ने किसानों से कहा कि आत्मा प्रोजेक्ट से जो सीखा है, उसका स्वयं क्रियान्वयन करें और दूसरे किसान भाइयों को भी समझाएं। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि किसान अपनी आय बढ़ाने के लिये अब पशुपालन और अन्य कारोबार पर भी ध्यान केन्द्रित करें। कृषि पर आधारित उद्योगों को अपनायें। श्रीमती पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में पानी की कमी के बावजूद किसान खेती और इससे जुड़े कारोबार के जरिये अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। राज्यपाल ने किसानों से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री के 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' नारे पर अमल करें। प्रतिनिधि मंडल में शामिल किसान श्री जिगनेश चौधरी ने राज्यपाल को आत्मा प्रोजेक्ट के अध्ययन बारे में अपने अनुभव बताये। प्रतिनिधि मंडल ने जबलपुर, इंदौर और देवास का दौरा किया तथा वहां किसानों द्वारा खेती के साथ-साथ अन्य कारोबार अपनाकर आमदनी बढ़ाने के प्रयासों का अध्ययन किया।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  15 March 2018

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

सहकारिता आंदोलन से जुड़े हजारों कार्यकर्ताओं ने माना मुख्यमंत्री का आभार मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सहकारिता गरीबी दूर करने का माध्यम है। मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। सहकारिता आंदोलन को और तेज गति दी जायेगी। उन्होंने कहा कि विकास के नए क्षेत्रों में सहकारिता आंदोलन का हस्तक्षेप होगा। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश को बदल देंगे। सहकारी मार्केटिंग सोसायटी में भी अशासकीय प्रशासक नियुक्त करने पर विचार किया जायेगा। श्री चौहान आज यहाँ निवास प्रांगण में एकत्र हुए जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्षों और सहकारिता आंदोलन के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये ये कार्यकर्ता श्री रमाकांत भार्गव को अपेक्स बैंक का अध्यक्ष नियुक्त करने पर श्री चौहान का आभार व्यक्त करने और उनका अभिनंदन करने बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री निवास पहुँचे थे। श्री चौहान ने कहा कि किसानों से 2000 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर गेंहूँ की खरीदी की जायेगी। किसानों की सारी समस्याओं का समाधान किया जायेगा। उन्होंने किसानों से कहा कि वे चिंता नहीं करें। उनकी हर समस्या का समाधान होगा। निकट भविष्य में मध्यप्रदेश सहकारिता में प्रथम स्थान पर होगा। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश में सहकारिता आंदोलन ने नये क्षेत्रों में प्रवेश किया है। भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र राजपूत, पूर्व विधायक श्री रमेश सक्सेना, सहकारिता प्रकोष्ठ के संयोजक श्री नेमिचंद जैन, देपालपुर विधायक श्री मनोज पटेल और बड़ी संख्या में सहकारिता आंदोलन से जुड़े लोग उपस्थित थे।   भाजपा प्रदेश मंत्री श्री रघुनाथ भाटी ने आभार माना।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  15 March 2018

मातृ-भाषा का कोई विकल्प नहीं

  उच्च शिक्षा मंत्री  पवैया ने किया हिन्दी भाषा कार्यशाला का शुभारंभ  उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि माँ, मातृभूमि और मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं हो सकता। श्री पवैया 'हिन्दी भाषा में तकनीकी, चिकित्सा एवं वैज्ञानिक लेखन, अनुवाद एवं प्रकाशन' विषयक दो दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यशाला अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के तत्वाधान में हुई। श्री पवैया ने कहा कि हिन्दी छोटी भाषा नहीं है, इसमें बहुता समायी है। कार्यशाला से निकलने वाले निष्कर्षों को आगे ले जाना होगा। निरंतर हर तीन माह में पुन: विचार-मंथन कर इसे आगे बढ़ाना होगा। भाषा का व्यक्ति पर बहुत प्रभाव पढ़ता है। भाषा के जरिये विचारधारा को प्रवाहित किया जा सकता है। राज-भाषा या मातृ-भाषा के जरिये जनमानस में परिवर्तन आता है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया ने कहा कि चिंतनीय विषय है कि आज पश्चिमी संस्कृति के सहारे आम आदमी जन्मदिन और शादी की वर्षगांठ मना कर खुशियां ढूंढ रहा है। समाज को बदलने के लिये किसी कानून अथवा डंडे की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा कि शबरी के चार बेर खाकर भगवान श्री राम का पेट नहीं भरा; श्री राम ने सिर्फ समाज को बदलने और एक नई दिशा देने के लिये प्रतिकात्मक स्वरूप यह कार्य किया। श्री पवैया ने कहा कि दुनिया में सकल घरेलू अनुपात उन 20 देशों का ज्यादा है, जिन्होंने अपनी मातृभाषा को आजादी के बाद अपनाया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को विकल्प देने कि आवश्यकता है। साक्षात्कार में हिन्दी भाषा में जवाब देने वाले बच्चों का चयन भी होना चाहिए। उनको हिन्दी भाषी होने पर भी रोजगार के अवसर मिलना चाहिए। श्री पवैया ने कहा कि हिन्दी के लिए सकारात्मक पहल की जरूरत है। हिन्दी को हेय-दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। कार्यशाला में वैज्ञानिक तकनीकी शब्दावली आयोग नई दिल्ली के अध्यक्ष श्री अवनीश कुमार, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. नवीन चन्द्रा, हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज और कुलसचिव डॉ. एस.के. पारे उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  9 March 2018

कटारे दुष्कर्म

  कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे दुष्कर्म मामले की पीड़ित छात्रा के एसआईटी ने वाइस सैंपल लिए गए। दरअसल इस हाईप्रोफाइल मामले में जहां विधायक के खिलाफ दुष्कर्म और अपहरण,का केस दर्ज है। वहीं पीड़िता पर भी क्राइम ब्रांच में अड़ी बाजी का प्रकरण कायम है। इस दौरान दोनों पक्षों की तरफ से करीब एक दर्जन ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। उनकी सत्यता परखने के लिए पुलिस को वाइस सैंपल की जरूरत थी। एसआईटी प्रमुख एसपी(साउथ) राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि छात्रा के वाइस सैंपल गुरुवार को लिए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस दोनों तरफ से दर्ज प्रकरणों के साक्ष्य जुटा रही है।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  9 March 2018

 लेनिन

  त्रिपुरा में रूसी क्रांति के नायक लेनिन की प्रतिमा गिराए जाने को लेकर देशभर में हिंसा भड़क रही है। चेन्नई में प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई। उसके बाद कलकत्ता में श्यामाप्रसाद मुखर्जी की मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। इसका असर मप्र में न हो इसके लिए पुलिस ने थानास्तर पर महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा के निर्देश जारी किए हैं। जानकारी के अनुसार माकपा ने बुधवार को भाजपा के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। माकपा ने शाहजहांनी पार्क में पोस्टर लगाकर इस प्रकार की हिंसा का विरोध किया। इसकी जानकारी लगने के बाद भोपाल पुलिस के आला अफसर भी सक्रिय हो गए। डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी ने एसपी नार्थ और एसपी साउथ को अपने-अपने इलाके में महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा करने के निर्देश दिए। जिन चौक- चौराहों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगी हैं, उस थाना क्षेत्र के टीआई की सुरक्षा की जिम्मेदारी रहेगी।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  9 March 2018

सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग: चौहान

जनसंपर्क अधिकारियों की सोशल मीडिया प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्यमंत्री  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सोशल मीडिया का सकारात्मक  उपयोग व्यापक जनहित में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया अत्यधिक गतिशील मीडिया है। नकारात्मक घटनाओं और असत्य सूचनाओं के प्रसार को रोकने  के लिए सक्रिय, सचेत और सावधान रहकर तथ्यों को  तत्काल प्रकाश में लाना चाहिए। इससे समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिलेगी। श्री चौहान आज यहां जनसंपर्क अधिकारियों के लिये सोशल मीडिया पर प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि सोशल मीडिया में आम लोगों और सरकार के बीच संपर्क सेतु बनने की क्षमता है। लोगों को सरकार की प्रत्येक कल्याणकारी और विकास गतिविधियों की जानकारी होना जरूरी है। यह उनका अधिकार भी है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक गतिविधियों को लोगों तक पहुंचाना और उन्हें समाचारों की प्राथमिकता बनाना बड़ा काम है। इसे थोड़ी-सी विशेषज्ञता और प्रशिक्षण से आसान बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया का स्वभाव तेज गति से काम करने का है। इसलिये गलत सूचनाओं के प्रसार से भ्रम फैलता है। इससे निपटने के लिये समय पर सही तथ्यों को प्रस्तुत करना होगा। समाज के हित में जरूरी है कि समाज की सकारात्मक सोच बनाने वाले अच्छे और प्रेरणादायी समाचारों का तेजी से प्रसार हो। इसके लिये सक्रिय और सावधान रहते हुए दक्षता के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक कार्यों और सृजनात्मक विकास की रणनीतियों को मूल्य आधारित समाचार के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए। श्री चौहान ने अनूठी योजनाओं और नवाचारी प्रयासों की चर्चा करते हुये कहा कि इन्हें आम हितग्राहियों तक पहुंचाने और नागरिकों को सूचना सम्पन्न बनाने के लिये सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग करना समय की आवश्यकता है। सरकार की नवाचारी और परिणामोन्मुखी योजनाओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के सभी मंचों पर इनकी उपस्थिति होना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इनका लाभ मिले। साथ ही आम नागरिकों और संभावित हितग्राहियों के विचारों से भी सरकार अवगत हो सके, ताकि समय पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक सुधार किया जा सके। आयुक्त जनसंपर्क श्री पी.नरहरि ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि विभिन्न विभागों की गतिविधियों और नवाचारी योजनाओं की सोशल मीडिया में प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। जिन हितग्राहियों ने सरकार की योजनाओं से लाभ लेकर अपना जीवन बदल लिया है, उन्हें भी सोशल मीडिया में सक्रिय रहकर अन्य लोगों को प्रेरित करने का आग्रह किया गया है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री एस. के. मिश्रा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। अपर संचालक जनसंपर्क श्री सुरेश गुप्ता, अपर सचिव जनसंपर्क डॉ. एच.एल. चौधरी, कार्यकारी संचालक मध्यप्रदेश माध्यम श्री मंगला मिश्रा एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। संचालक जनसंपर्क श्री अनिल माथुर ने आभार व्यक्त किया।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  7 March 2018

एमपी में महिलाओं के विरुद्ध हिंसा रोकने शैफील्ड हैलम विश्वविद्यालय से हुआ एम.ओ.यू.

  भोपाल में महिलाओं के विरूद्ध हिंसा रोकने एवं सामुदायिक पुलिसिंग के क्षेत्र में कार्य योजना बनाने के लिये बुधवार को मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में मध्यप्रदेश पुलिस और शैफील्ड हैलम विश्वविदयालय (यूनाइटेड किंगडम) के साथ एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर हुए। शैफील्ड हैलम विश्वविदयालय का अध्ययन दल मध्यप्रदेश में महिलाओं के विरूद्ध हिंसा और अपराध रोकने के लिये वन स्टाप सेंटर स्थापित करने जैसे नवाचारी प्रयासों का अध्ययन करेगा और यूके के अनुभवों को साझा करेगा। यह अध्ययन दल मध्यप्रदेश पुलिस को प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि में और प्रभावी रूप से कार्य करने के लिये सुझाव देगा। इसके अलावा पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों का संरक्षण करने और उनकी सुरक्षा के लिये राज्य सरकार के प्रयासों का अध्ययन करेगा। साथ ही, नव-नियुक्त पुलिस अधिकारियों और फील्ड में पदस्थ पुलिस अधिकारियों के लिये प्रशिक्षण की रूपरेखा भी तैयार करेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में महिलाओं की पुलिस में भर्ती में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, ताकि वे स्वयं को सशक्त बनाने के साथ अपने अधिकारों की रक्षा भी कर सकें। अध्ययन दल ने विदिशा में स्थापित गुलमोहर महिला सुरक्षा केन्द्र की कार्य-प्रणाली के अध्ययन के साथ अनुसंधान काम की शुरूआत कर दी है। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, अपर मुख्य-सचिव गृह श्री के.के. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर. के. शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री आदर्श कटियार और चीफ सुपरिटेंडेंट (महिला सुरक्षा) यू.के. सुश्री कैरी स्मिथ उपस्थित थीं।    

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  7 March 2018

भाजपा नेता राजेंद्र नामदेव

  एसिड अटेक पीड़ित युवती से छेड़खानी मामले में आरोपी भाजपा के पूर्व नेता राजेंद्र नामदेव की अग्रिम जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश कुमुदनी पटेल ने शुक्रवार को आरोपी का अपराध गंभीर मानते हुए उसे जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया। पीड़ित युवती ने गुरुवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रकाश डामोर की अदालत में आवेदन देकर कहा था कि आरोपी उसे डरा धमकाकर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। गौरतलब है कि पीड़ित युवती पर वर्ष 2016 में अरेरा कॉलोनी क्षेत्र में उसके रिश्तेदार द्वारा एसिड अटैक किया गया था। उक्त घटना के बाद से ही पीड़ित युवती मध्यप्रदेश सिलाई कला बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष राजेन्द्र नामदेव के संपर्क में आई थी। गत रविवार को पीड़ित युवती ने आरोपी नामदेव के खिलाफ हबीबगंज थाने में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। आरोपी पर मामला दर्ज होने के बाद से ही उसे भाजपा की सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया गया। इन्डेक्स कॉलेज के दो डॉ. ने किया सरेंडर , कोर्ट ने भेजा जेल पीएमटी 2012 घोटाले मामले में आरोपी इन्डेक्स मेडिकल कॉलेज की एडमिशन कमेटी सदस्य डॉ. केके सक्सेना और डॉ. विपिन गोथवाल ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। व्यापमं मामलों के विशेष न्यायाधीश दिनेश प्रसाद मिश्रा ने आरोपी डॉक्टरों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  24 February 2018

भाजपा नेता राजेंद्र नामदेव

  एसिड अटेक पीड़ित युवती से छेड़खानी मामले में आरोपी भाजपा के पूर्व नेता राजेंद्र नामदेव की अग्रिम जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश कुमुदनी पटेल ने शुक्रवार को आरोपी का अपराध गंभीर मानते हुए उसे जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया। पीड़ित युवती ने गुरुवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रकाश डामोर की अदालत में आवेदन देकर कहा था कि आरोपी उसे डरा धमकाकर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। गौरतलब है कि पीड़ित युवती पर वर्ष 2016 में अरेरा कॉलोनी क्षेत्र में उसके रिश्तेदार द्वारा एसिड अटैक किया गया था। उक्त घटना के बाद से ही पीड़ित युवती मध्यप्रदेश सिलाई कला बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष राजेन्द्र नामदेव के संपर्क में आई थी। गत रविवार को पीड़ित युवती ने आरोपी नामदेव के खिलाफ हबीबगंज थाने में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। आरोपी पर मामला दर्ज होने के बाद से ही उसे भाजपा की सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया गया। इन्डेक्स कॉलेज के दो डॉ. ने किया सरेंडर , कोर्ट ने भेजा जेल पीएमटी 2012 घोटाले मामले में आरोपी इन्डेक्स मेडिकल कॉलेज की एडमिशन कमेटी सदस्य डॉ. केके सक्सेना और डॉ. विपिन गोथवाल ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। व्यापमं मामलों के विशेष न्यायाधीश दिनेश प्रसाद मिश्रा ने आरोपी डॉक्टरों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  24 February 2018

भाजपा नेता राजेंद्र नामदेव

  एसिड अटेक पीड़ित युवती से छेड़खानी मामले में आरोपी भाजपा के पूर्व नेता राजेंद्र नामदेव की अग्रिम जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश कुमुदनी पटेल ने शुक्रवार को आरोपी का अपराध गंभीर मानते हुए उसे जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया। पीड़ित युवती ने गुरुवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रकाश डामोर की अदालत में आवेदन देकर कहा था कि आरोपी उसे डरा धमकाकर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। गौरतलब है कि पीड़ित युवती पर वर्ष 2016 में अरेरा कॉलोनी क्षेत्र में उसके रिश्तेदार द्वारा एसिड अटैक किया गया था। उक्त घटना के बाद से ही पीड़ित युवती मध्यप्रदेश सिलाई कला बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष राजेन्द्र नामदेव के संपर्क में आई थी। गत रविवार को पीड़ित युवती ने आरोपी नामदेव के खिलाफ हबीबगंज थाने में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। आरोपी पर मामला दर्ज होने के बाद से ही उसे भाजपा की सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया गया। इन्डेक्स कॉलेज के दो डॉ. ने किया सरेंडर , कोर्ट ने भेजा जेल पीएमटी 2012 घोटाले मामले में आरोपी इन्डेक्स मेडिकल कॉलेज की एडमिशन कमेटी सदस्य डॉ. केके सक्सेना और डॉ. विपिन गोथवाल ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। व्यापमं मामलों के विशेष न्यायाधीश दिनेश प्रसाद मिश्रा ने आरोपी डॉक्टरों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  24 February 2018

mp-fasal nuksan

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां ओला-वृष्टि से फसल को हुए नुकसान की समीक्षा करते हुए नुकसान का आकलन पूरी पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान ने कहा है कि सर्वेक्षण दल में राजस्व के अलावा कृषि और पंचायत विभाग के मैदानी अमले, पंच-सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाये, ताकि आकलन में किसी भी किसान को कोई शिकायत नहीं रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि फसल के नुकसान का आकलन सार्वजनिक करने के लिये पंचायत भवनों की दीवारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सर्वेक्षण की रिपोर्ट चस्पा करवाई जाये। प्राप्त आपत्तियों का तत्काल निराकरण कर रिपोर्ट में सुधार किया जाये। श्री चौहान ने कहा है कि प्रभावित किसानों के नुकसान की भरपाई हर हालत में होना चाहिये। बैठक में बताया गया कि फसल को हुए नुकसान के प्रारंभिक आंकड़ों में बदलाव हुआ है। अब प्रभावित गांवों की संख्या 621 से बढ़कर 984 हो गई है। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव श्री बी. पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए पी श्रीवास्तव, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी सी मीना, प्रमुख सचिव कृषि श्री राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पांडे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस के मिश्रा, सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। ओलावृ‍ष्टि से फसल हानि का सर्वे सावधानीपूर्वक करें : मुख्य सचिव मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने आज परख वीडियो कांफ्रेंस में जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया कि प्रदेश में ओला वृष्टि की स्थिति और फसलों को हुई हानि का सर्वे सावधानीपूर्वक करें। सर्वे के लिये राजस्व, कृषि और पंचायत विभाग की टीम बनाई जाये जिसमें जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाये। प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पाण्डे ने कहा कि फसलों के नुकसान के सर्वे में पारदर्शिता रखी जाये। सर्वे की सूची ग्राम पंचायतों में भी चस्पा की जाये। उन्होने बताया कि लघु और सीमांत किसानों को अब 50 प्रतिशत से अधिक फसल हानि होने पर सिंचित फसल के लिये 30 हजार रूपये और असिंचित फसल के लिये 16 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत दी जाएगी। अन्य कृषक (2 हेक्टेयर से अधिक भूमि धारित वाले) को सिंचित के लिये 27 हजार और असिंचित के लिये 13 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि देने का प्रावधान किया गया है। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने परीक्षाओं के मददे्नजर परीक्षा केंद्र के आसपास धारा 144 लगाने , सेक्टर मजिस्ट्रेट की डयूटी लगाने एवं परीक्षा कंट्रोल रूम बनाने के लिए कलेक्टरों को निर्देश दिये। प्रमुख सचिव उर्जा श्री आई.सी.पी. केशरी ने बताया कि पेयजल और परीक्षा को ध्यान में रखते हुये बकाया वाले ट्रांसफार्मर समय सीमा में कार्यशील कर दिये जायेंगे। प्रदेश मे अक्टूबर 2018 तक शत-प्रतिशत विद्युत कनेक्शन देने के निर्देश भी वीडियो काफ्रेंस में दिये गये। बंद नल-जल प्रदाय योजनाओं के संधारण की समीक्षा के दौरान सागर, टीकमगढ और विदिशा जिलों में कार्य को गति देने के निर्देश दिये गये। भावांतर भुगतान योजना में रबी-2018 में पंजीयन के लिये की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान संचालक कृषि श्री मोहनलाल मीणा ने बताया कि पंजीयन 12 फरवरी से 12 मार्च तक होगा। मसूर, सरसों, प्याज और चना का पंजीयन किया जाना है । सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण, मृदा परीक्षण तथा ई-नाम (नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती और धात्री महिलाओं के पंजीयन के लिये जिला कलेक्टरों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये गये। सिंगरौली, टीकमगढ, बड़वानी, छतरपुर और शिवपुरी जिलों में विशेष प्रयास की आवश्यकता बताई गई। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती गौरी सिंह ने भिण्ड जिला अस्पताल की तर्ज पर जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों के विकास कार्य के लिए विभाग द्वारा विशेषज्ञों की सेवायें ली जायेंगी। वीडियो काफ्रेंस में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्री जे.एन कन्सोटिया, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री प्रमोद अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उप‍स्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  16 February 2018

तीन करोड़ से ज्यादा मोबाइल का आधार नहीं

  मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में तीन करोड़ से अधिक मोबाइल कनेक्शन अब तक आधार से लिंक नहीं हो पाए हैं। केन्द्र सरकार के निर्देश पर सभी मोबाइल कनेक्शन को आधार से जोड़ने की कवायद आठ महीने से चल रही है। दोनों राज्यों में बीएसएनएल सहित सभी निजी कंपनियों के लगभग 7 करोड़ 27 लाख ग्राहक हैं। इनमें से 35-40 फीसदी कनेक्शन अब तक 'बेआधार" हैं। 31 मार्च के बाद ऐसे कनेक्शन डीएक्टिवेट करने का अल्टीमेटम है। दोनों राज्यों में सरकारी और निजी दूरसंचारकंपनियों के तमाम प्रयासों के बावजूद तीन करोड़ से ज्यादा ग्राहक अब तक आधार से नहीं जुड़ पाए हैं। आधार से लिंक करने की मियांद पहले 6 फरवरी 2018 तक थी, जिसे बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया। साथ ही ग्राहकों को ईमेल और एसएमएस से भी मोबाइल कनेक्शन लिंक करने की सुविधा दे दी गई थी। अब तक कितने कनेक्शन ऑनलाइन लिंक हुए यह जानकारी सेंट्रल सर्वर से दूरसंचार महकमे के पास नहीं पहुंची है। बताया जाता है कि अब यह तारीख आगे बढ़ने की संभावना कम है। इसलिए जो कनेक्शन डीएक्टिवेट हो जाएंगे, उनके लिए क्या व्यवस्था रहेगी अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि यह सवाल अभी उठ रहा है कि दोनों राज्यों में आठ महीने में मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करने की यह स्थिति है तो डेढ़ महीने से भी कम समय में तीन करोड़ मोबाइल कनेक्शन कैसे जुड़ पाएंगे। दूरसंचार महकमे के आला अधिकारियों का कहना है कि अंतिम समय में ज्यादा लोग पहुंचते हैं इसलिए उम्मीद है कि मार्च में सवाधिक मोबाइलधारी आधार से जुड़ जाएंगे। सर्विस प्रोवाइडर के पास जाकर आधार से लिंक कराने की बाध्यता के बजाय ऑनलाइन सुविधा भी शुरू होने से ग्राहकों की परेशानी कम हो गई। दोनों राज्यों में नवंबर 2017 तक के आंकड़ों के अनुसार आइडिया के 2.58 करोड़ ग्राहक हैं। एयरटेल के 1.49 करोड़, जियो के 91लाख से अधिक, बीएसएनएल के 57.62 लाख, वोडाफोन के 64 लाख और टाटा डोकोमो के 33 लाख से अधिक ग्राहक बताए गए हैं। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था आसान है, लेकिन काफी उम्रदराज व अन्य ऐसे भी हैं जो नई तकनीक से दूर हैं। उन्हें मेनुअल ही आधार लिंक कराना पड़ रहा है। एसएमएस अथवा ईमेल के जरिए मोबाइल कनेक्शन को आधार से लिंक करने में खासतौर पर उन्हें ज्यादा दिक्कत होती है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  16 February 2018

mp परिवहन

भोपाल समेत प्रदेश जिलों में संचालित यात्री बसों का किराया 40 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। गुरूवार को मंत्रालय में प्रमुख सचिव परिवहन मलय श्रीवास्तव और मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन, प्राइम रूट बस ऑनर्स, इंदौर संभाग बस एसोसिएशन सहित अन्य निजी बस संचालकों के बीच बैठक हुई। बस संचालकों ने डीजल के दाम व बसों के पार्ट्स बढ़ने के साथ ही साल 2015 से किराया नहीं बढ़ाए जाने का हवाला देते हुए बसों का किराया बढ़ाने की मांग रखी। प्रमुख सचिव ने एक महीने में किराया बढ़ाने पर विचार करने को कहा। इसके बाद बस एसोसिएशन ने किराया वृद्धि को लेकर 17 फरवरी को बस हड़ताल स्थगित कर दी। प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा ने बताया कि बैठक में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, ग्वालियर सहित अन्य जिलों से करीब 35 बस ऑपरेटर शामिल हुए। दोपहर 3 बजे बैठक शुरू हुई, जो शाम 4:30 बजे तक चली। परिवहन प्रमुख सचिव ने बसों का किराया बढ़ाने का आश्वासन दिया है। अभी 92 पैसे प्रतिकिलोमीटर के हिसाब से यात्रियों से किराया लिया जाता है। हमारी मांग है कि 1.28 पैसे तक किराया बढ़ाया जाए। जिस पर प्रमुख सचिव परिवहन ने एक महीने में किराया बढ़ाने पर सहमति जताई है। प्रमुख सचिव परिवहन मलय श्रीवास्तव ने बताया कि बस एसोसिएशन के साथ बैठक हुई है। उन्होंने साल 2015 से किराया रिवाइज नहीं करने का हवाला दिया। बस एसोसिएशन से ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है, जो आकड़ेवार महंगाई बताएं। इसके बाद किराया निर्धारण समिति की बैठक में बसों का किराया बढ़ाने का निर्णय लिया जाएगा।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  16 February 2018

सरोजिनी नायडू कॉलेज

सरोजिनी नायडू कॉलेज के वार्षिकोत्सव में मुख्यमंत्री श्री चौहान  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जब बेटियाँ सशक्त होंगी, तभी प्रदेश सशक्त होगा और आगे बढ़ेगा। श्री चौहान ने बेटियों से कहा कि सरकार हमेशा उनकी रक्षा करने, उन्हें आगे बढ़ने में सहयोग देने के लिये तैयार है। बेटियों की तरक्की में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने बेटियों का आव्हान किया कि बड़ा लक्ष्य तय करें और आत्म-विश्वास के साथ कठिन परिश्रम करते हुए सफलता हासिल करें, सरकार हर कदम पर साथ देगी। उन्होंने कहा कि बेटियों के सहयोग से नये मध्यप्रदेश का निर्माण हो रहा है। श्री चौहान आज यहाँ स्थानीय सरोजिनी नायडू कन्या स्वशासी महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव 'अद्विता 2018' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बेटियों के हित में संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत स्थान आरक्षित हैं। पूरी प्रतिभा के साथ बेटियाँ शासन-प्रशासन चला रही हैं। उन्होंने बेटियों से कहा कि बड़ी सोच रखें, आत्म-विश्वास रखें, आगे बढ़ने का रोडमैप बनायें और पूरी एकाग्रता तथा दृढ़ निश्चय के साथ सफलता हासिल करें। देश का गौरव बढ़ायें और प्रदेश की शान बन जायें। उन्होंने कहा कि बेटियाँ कमजोर नहीं होतीं, इसलिए हमेशा सकारात्मक सोचें। नकारात्मक विचारों से दूर रहें। उन्होंने गीता के श्लोक के माध्यम से समझाया कि अहंकार से दूर रहें, उत्साह से भरपूर रहें। कठिन परिश्रम करें और हर परिस्थिति में निरपेक्ष रहें। शुभांगी का इलाज कराएगी सरकार मुख्यमंत्री श्री चौहान समारोह में हाथीपाँव की बीमारी से पीड़ित छात्रा शुभांगी जैन से मिले। शुभांगी से चलते नहीं बन रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुभांगी का पूरा इलाज सरकार द्वारा करवाया जायेगा। विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह ने कहा कि बेटियों की पढ़ाई के लिये राज्य सरकार ने अभूतपूर्व काम किये हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों में 70 प्रतिशत अंकों के साथ प्रवेश लेने पर शिक्षा का खर्च सरकार उठा रही है। प्राचार्या डॉ. मंजुला शर्मा ने प्रशासकीय प्रतिवेदन पढ़ा और महाविद्यालय की अकादमिक प्रगति की जानकारी दी। अतिथियों को स्मृति-चिन्ह भेंट किये गये। उच्च शिक्षा आयुक्त श्री नीरज मंडलोई भी में मौजूद थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  8 February 2018

सीसीटीवी कैमरे

  कोचिंग केन्द्रों के आस-पास लगेंगे सीसीटीवी कैमरे  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां स्थानीय माडल स्कूल में प्रेरणा संवाद के बाद विद्यार्थियों द्वारा पूछे गये सवालों के जवाब दिये और उनकी शंकाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने लक्ष्य तय करने, समय का प्रबंधन करने, पढ़ाई के लिये दिनचर्या तय करने, स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और अच्छे नंबर लाने का तनाव दूर करने के तरीकों से संबंधित सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने एक शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों के मामा के रूप में सहजता के साथ विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिये और उनकी शंकाओं का समाधान किया। सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 11वीं कक्षा के छात्र श्री अंकित पटेल ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री बनने के लिये कोई लक्ष्य तय किया था। इस पर मुख्यमंत्री ने अपने गाँव में बचपन में खेती और मजदूरों का मेहनताना बढ़ाने के लिये किये आंदोलन की चर्चा की। उन्होंने कहा कि अन्याय को किसी भी रूप में सहना सही नहीं है। उन्होने कहा कि किसी भी काम के प्रति लगन और प्रतिबद्धता जरूरी है, यही काम आती है। डी.ए.वी. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टी.टी.नगर की कॉमर्स संकाय की 12वीं कक्षा की छात्रा सुश्री दिपांशी पांडे ने स्कूलों में विद्यार्थियों की विशेष रूप से बेटियों की सुरक्षा के संबंध में सवाल किये। मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी सभी उपायों को सुदृढ़ किया गया है। छात्रावासों में प्रवेश द्वार पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाये जा रहे हैं। छात्रावास आने-जाने वाले रास्तों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बेटियों की गरिमा को धूमिल करने वाले दरिदों को फाँसी की सजा देने के लिये बनाये गये कानूनी प्रावधान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाज को भी नैतिक आंदोलन चलाने की आवश्यकता है। इससे सुरक्षा के लिये एक स्वस्थ वातावरण बनेगा। सिर्फ कर्म पर ध्यान दें सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के 11वीं के छात्र श्री आनंद लोधी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि एक दिन में बहुत सारे काम करने के बावजूद उन्हें तनाव क्यों नहीं होता। इस पर मुख्यमंत्री ने गीता का श्लोक पढ़ते हुये बताया कि सिर्फ कर्म करने पर हमारा अधिकार है, परिणाम पर नहीं। इसलिये परिणाम पर ध्यान केन्द्रित करने के बजाय अपने कर्म पर ध्यान दें और यही दृष्टि जीवन में अपनायें तो तनाव नहीं होगा। दसवीं कक्षा की छात्रा सुश्री पूजा कानस ने मुख्यमंत्री से कहा कि हर स्कूल में खेल सुविधा और खेल के मैदान होना चाहिये। इस पर सहमति व्यक्त करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी जरूरी है। शासकीय विद्यालयों में खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेंगी। मन को स्वस्थ रखने के लिये खेलों से जुड़े रहना जरूरी है। मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल के श्री ऋतिक विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि यदि अच्छे नंबर नहीं आ पाये तो माता-पिता की क्या प्रतिक्रिया होना चाहिये। इस पर मुख्यमंत्री ने सभी अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को किसी भी प्रकार का तनाव नहीं दें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि माता-पिता केवल लाड़-प्यार के कारण बच्चों को डाँटते है ताकि वे सजग और चैतन्य रहें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि केवल मेहनत और अच्छे से अच्छे प्रदर्शन की कोशिश करें, अच्छे नंबर अवश्य आयेंगे। विद्या विहार हायर सेकेण्डरी स्कूल की 11वीं की छात्रा सुश्री प्रियंका ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे इंजीनियरिंग की शिक्षा लें, इसके लिये आईआईटी में सीट बढ़ाई जानी चाहिये। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसदिशा में कोशिश की जायेगी। सुभाष उत्कृष्ट हायर सेकेण्डरी स्कूल के 11वीं के छात्र श्री शिवालाल मंडलोई ने मुख्यमंत्री से पूछा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यवहारिक शिक्षा को शामिल करने के लिये कौन से सुधार किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के तीन उद्देश्य है ज्ञान देना, कौशल देना और नागरिक संस्कार देना। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में हम ज्ञान दे रहें हैं। अब कौशल देने पर भी ध्यान केन्द्रित किया गया है। भोपाल में 600 करोड़ रूपये की लागत से ग्लोबल स्किल संस्थान जुलाई से काम करना शुरू कर देगा। इसके अलावा उत्कृष्ट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोले जा रहे हैं। शिक्षा पद्धति को मूल्य आधारित बनाने के लिये कोशिश की जा रही है। स्कूल-कॉलेजों में कॅरियर परामर्श की व्यवस्था भी की जा रही है। डी.ए.वी हायर सेकेण्डरी स्कूल की 12वीं की छात्रा सुश्री मोनिका यादव ने सवाल किया कि शालाओं में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिये सरकार ध्यान दे रही है, लेकिन कोचिंग संस्थाओं के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था के लिये कौन से उपाय किये जा रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन शहरों में कोचिंग केन्द्र हैं, उनके आने-जाने वाले रास्तों पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाने और वहाँ पर लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जायेगी। इसके अलावा डॉयल-100 वाहनों को भी विशेष निर्देश इस संबंध में दिये गये हैं। जरूरी है समय प्रबंधन मे-फ्लावर स्कूल के 9वीं कक्षा के छात्र श्री अंकित ने पूछा कि व्यवहारिक ज्ञान देने के लिये कौन-कौन से प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार करते हुए पढ़ाई के तरीकों में बदलाव लाने पर विचार किया जा रहा है। मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा सुश्री गुंजन बघेल ने मुख्यमंत्री से समय प्रबंधन के संबंध में सवाल करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री के नाते वे स्वयं अपना समय प्रबंधन कैसे करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने सुबह साढ़े पाँच बजे से लेकर रात साढ़े ग्यारह बजे तक की दिनचर्या और कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से बताया। इसमें सुबह सैर करना, योग एवं प्राणायाम करना, प्रशासनिक कार्यों की तैयारी-बैठकें करना और प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद करना, लोगों-प्रतिनिधि मंडलों और विभिन्न संगठनों से मिलना, मंत्रालय में शासकीय कार्य का संपादन करना जैसे कार्यों को विस्तार से बच्चों को बताया। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार जिलों के दौरों के समय आम लोगों से जिले में सुशासन के स्तर और नये विकास कार्यक्रमों एवं योजनाओं की आवश्यकता के संबंध में जानकारी मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि एक मुख्यमंत्री और अभिभावक के रूप में वे अपने परिवार के लिये कैसे समय निकालते हैं और किस प्रकार सार्वजनिक और निजी जीवन में संतुलन बनाये रखते हैं।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  3 February 2018

शिवराज सिंह

  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रेरणा संवाद में विद्यार्थियों को बताये सफलता के सूत्र  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ माडल हायर सेकेण्डरी स्कूल में प्रेरणा संवाद कार्यक्रम में शालेय विद्यार्थियों से प्रेरक संवाद करते हुए उन्हें परीक्षाओं में सफल होने तथा उज्जवल भविष्य के लिये शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। माडल स्कूल में अपने छात्र जीवन के अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं में शानदार सफलता के लिये उन्हें महत्वपूर्ण सूत्र बताये। इस कार्यक्रम को दूरदर्शन और आकाशवाणी के माध्यम से सभी जिलों के विद्यार्थियों ने सुना। मुख्यमंत्री ने सफलता के अमूल्य मंत्र बताते हुये कहा कि सबसे जरूरी है - आत्मविश्वास क्योंकि आत्मविश्वास से शक्ति मिलती है और अपनी क्षमता पहचानने का ज्ञान बढ़ता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुये कहा कि हर विद्यार्थी में भरपूर क्षमता और प्रतिभा है। सिर्फ इसे पहचानकर आगे लाने की आवश्यकता है। उन्होंने तुलसीदास द्वारा रामायण की रचना करने और महाकवि कालिदास का उदाहरण देते हुये कहा कि इन दो महान व्यक्तियों में भरपूर क्षमता और प्रतिभा थी। जिसे उन्होंने स्वयं पहचाना और आज पूरी दुनिया उनका साहित्य पढ़ती है। मुख्यमंत्री ने अपनी कक्षा ग्यारवीं-डी का स्मरण करते हुए कहा कि 11वीं की परीक्षा के समय वे आपातकाल का विरोध करते हुये जेल चले गये थे, लेकिन आत्मविश्वास के साथ पूरी मेहनत करके परीक्षा दी और भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र तथा जीव विज्ञान में अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण हुये। उसके बाद दर्शन शास्त्र में स्नातकोत्तर में भी अच्छे नंबरों से पास हुये। श्री चौहान ने विद्यार्थियों से कहा कि आत्मविश्वास के साथ सबसे जरूरी है लक्ष्य तय करना। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय किये बिना काम करने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते। लक्ष्य हमेशा ऊँचा होना चाहिये। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय करने के साथ ही उसे प्राप्त करने का एक रोडमैप बनाना भी जरूरी है। अपने बनाये रोडमैप पर बिना किसी भटकाव के चलना आवश्यक शर्त है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में कभी-कभी मन भटकना स्वाभाविक है। इसलिये सचेत रहते हुए मन की एकाग्रता जरूरी है। उन्होंने अपने पढ़ाई के दिनों को याद करते हुये बताया कि कैसे परीक्षा के समय मन के भटकाव पर उन्होंने दृढ़ निश्चय के साथ काबू किया। श्री चौहान ने कहा कि लक्ष्य पर एकाग्रता से सफलता मिलती है। उन्होंने गुरू द्रोणाचार्य और शिष्य अर्जुन की कथा सुनाते हुये कहा कि अपने लक्ष्य पर एकाग्र होने और अपनी पूरी ऊर्जा का उपयोग करने से सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे हमेशा सकारात्मक सोच और ऊर्जा से भरे रहें। किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचारों से दूर रहें। खूब पढ़ें, आगे बढ़ें और प्रसन्नता के साथ सार्थक जीवन जीने का मार्ग तय करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे सभी उपाय किये हैं जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने और आगे बढ़ने में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आये। उन्होंने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का संदर्भ देते हुये कहा कि 70 प्रतिशत अंकों के साथ राष्ट्रीय स्तर के उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश लेने पर उच्च शिक्षा की पढ़ाई का खर्च सरकार भरेगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे 85 प्रतिशत नंबर लायें और प्रोत्साहन के रूप में सरकार से लेपटॉप भी प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के बच्चों में इतनी क्षमता और प्रतिभा है कि वे बड़े से बड़े पदों पर पहुंच सकते हैं। विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के सपने को पूरा करने के लिये सरकार हर जरूरी कदम उठायेगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि अपने बुजुर्गों, माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करें। उन्होंने अपने शिक्षक श्री रतनचंद्र जैन का उल्लेख करते हुये बताया कि कैसे उन्होंने पढ़ना, भाषण देने की कला एवं रामायण की चौपाई का व्याख्यान करना सिखाया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उत्साहपूर्वक प्रसन्नता के साथ पढ़ाई करें। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मॉडल स्कूल में स्थापित स्मार्ट क्लास रूम और ई-लायब्रेरी का अवलोकन किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री कुँवर विजय शाह, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी, माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री एस.आर. मोहंती, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी उपस्थित थे। एक क्लिक में 50 लाख विद्यार्थियों को मिली 344 करोड़ की राशि प्रेरणा संवाद के पहले मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये बनाये गये सूचना प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों का शुभारंभ किया। उन्होंने मिशन वन-क्लिक योजना के अंतर्गत 50 लाख विद्यार्थियों को 344 करोड़ रुपये की राशि एक क्लिक में उनके खातों में ट्रांसफर की। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 से शिक्षा विभाग द्वारा विभागों की 30 प्रकार की छात्रवृत्तियों का वितरण शिक्षा पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। इससे पहले यह राशि कोषालय से बिल द्वारा विद्यार्थियों को दी जाती थी। अब इन सभी छात्रवृत्तियों का भुगतान मिशन वन-क्लिक के माध्यम से बैंको द्वारा सीधे छात्रों के खाते में किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में एक करोड़ 60 लाख विद्यार्थियों को एक हजार 42 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई हैं। शाला सिद्धि अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 'शाला सिद्धि अभियान'' कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसमें 46 मानकों पर शालाओं का मूल्यांकन होगा। इनके आधार पर शालाओं का अकादमिक उन्नयन किया जायेगा। अच्छा कार्य कर रही शालाओं का प्रोत्साहन किया जायेगा और उन्हें शाला-सिद्धि पुरस्कार दिया जायेगा। उन्होने एम.पी. कैरियर मोबाइल एप का भी शुभारंभ किया। दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को उनके कैरियर संबंधी मार्गदर्शन के लिये 'एम.पी. कैरियर मोबाइल एप' तैयार किया गया है। इसके माध्यम से सभी विद्यार्थियों का अभिरुचि परीक्षण करके नये सत्र में अप्रैल माह में विद्यार्थियों को रिपोर्ट दी जायेगी तथा रिपोर्ट के आधार पर पालकों एवं विद्यार्थियों की काउंसिलिंग भी की जायेगी। इसी प्रकार विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान 'विमर्श पोर्टल' के माध्यम से किया जायेगा। इस पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थी महत्वपूर्ण विषयों पर वीडियो देख पायेंगे और मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकायें, पुराने प्रश्नपत्र तथा मॉडल उत्तर आदि जान सकेंगे। इस पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षक एवं स्कूलों को भी अकादमिक दृष्टि से सुदृढ़ बनाया जायेगा। वर्ष में दो बार स्कूल अपना स्व-मूल्यांकन भी इसके माध्यम से कर सकेंगे। 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणामों के विश्लेषण के लिये सी.एम. डेशबोर्ड का शुभारंभ किया गया। इससे शैक्षणिक गुणवत्ता के लिये कदम उठाये जायेंगे। उन्होने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिये। विद्यार्थियों से संवाद के बाद उन्होंने छठवीं और नवीं के विद्यार्थियों को नि:शुल्क सायकिलें प्रदान की। लोक शिक्षण आयुक्त श्री नीरज दुबे ने आभार व्यक्त किया।    

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  3 February 2018

 विधायक हेमंतकटारे  रेप  मामला

    छात्रा की मां की शिकायत पर विधायक के खिलाफ अपहरण और अड़ीबाजी का मामला भी दर्ज अटेर से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे को ब्लैकमेल करने के आरोप में जेल में बंद छात्रा की शिकायत पर विधायक कटारे के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया गया है। छात्रा की मां की शिकायत पर भी विधायक के खिलाफ अपहरण और अड़ीबाजी का मामला रजिस्टर्ड हो गया है। जेल से शिकायत के बाद दुष्कर्म का केस दर्ज होने का संभवतः यह पहला मामला है। 24 जनवरी को क्राइम ब्रांच ने विधायक कटारे की शिकायत पर एक 21 वर्षीय छात्रा को ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसके पास से अड़ी डालकर वसूले गए 5 लाख रुपए भी बरामद किए गए थे। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने आरोपी छात्रा को 25 जनवरी को कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया था। भोपाल व दिल्ली में किया दुष्कर्म सेंट्रल जेल में बंद छात्रा ने जेल से हस्त लिखित शिकायत डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी को भेजी थी। उसे जांच के लिए एएसपी धर्मवीरसिंह को दिया था। जांच के बाद गुरुवार रात विधायक कटारे के खिलाफ महिला थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया गया। छात्रा ने आरोप लगाया गया है कि कटारे ने उससे कई बार बलात्कार किया और बाद में उसे एक झूठे मामले में फंसा दिया। युवती ने शिकायत में बताया है कि एक एनजीओ के कार्यक्रम में कटारे से उसकी मुलाकात हुई थी। उन्होंने उसका नंबर लिया था और पहली बार उनके अरेरा कॉलोनी स्थित जिम में उससे दुष्कर्म किया था। इस दौरान कटारे ने उसके कुछ फोटो ले लिए थे। उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर बाद में कई बार उससे दुष्कर्म किया। एक बार वह उसे जबरदस्ती दिल्ली भी ले गए थे। वहां एक होटल में भी उसके साथ रेप किया था। इस मामले में एसपी (साउथ) राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि कटारे के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया है। इस मामले में छात्रा के कोर्ट में बयान दर्ज कराएंगे। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। छात्रा की मां ने 31 जनवरी को डीआईजी भोपाल को एक लिखित शिकायत की थी। उसमें आरोप लगाया था कि 27 जनवरी को दिन में विधायक हेमंत कटारे अपने तीन साथियों के साथ उसके घर पहुंचे थे। वह डरा-धमकाकर उसे जबरन अपने साथ ले गए थे। इस दौरान उनसे कुछ कागजातों पर साइन भी कराए गए थे। साथ ही धमकी देते हुए उनके पक्ष में एक वीडियो तैयार किया था। इसके बाद वे लोग उसे छोड़कर चले गए थे। इस मामले में थाना स्टेशन बजरिया में विधायक कटारे के खिलाफ अपहरण और अड़ीबाजी का केस दर्ज कर लिया गया है। डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी ने बताया छात्रा द्वारा जेल से भेजी गई लिखित शिकायत और छात्रा की मां के द्वारा की गई शिकायत की जांच के बाद विधायक हेमंत कटारे के खिलाफ अलग-अलग थानों में दुष्कर्म और अपहरण,अड़ीबाजी का केस दर्ज किया गया है।    

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  3 February 2018

बजट नए भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला वाला:शिवराज

  केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए साल 2018-19 के आम बजट को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला बताया। इसके अलावा प्रदेश के जनसम्पर्क मंंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र और नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह ने भी बजट को बहुत लाभकारी बताया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ट्वीट करते करते हुए जेटली के बजट 2018 पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ट्वीट करते हुए उन्होंने बजट में महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों को लेकर किए गए प्रावधान को काफी अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में सभी वर्गों के लिए जो प्रावधान किए गए उनसे देश नए आर्थिक युग में प्रवेश करेगा।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  1 February 2018

अन्तर्राष्ट्रीय कछुआ तस्कर मुर्गेसन एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार

मध्यप्रदेश एसटीएफ की बड़ी कामयाबी  मध्यप्रदेश वन विभाग की एसटीएफ टीम ने अन्तर्राष्ट्रीय कछुआ तस्कर मनिवन्नम मुर्गेसन को कल चैन्नई से गिरफ्तार कर आज सागर के विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने एसटीएफ को मुर्गेसन 5 दिन की रिमाण्ड पर सौंपा है।  एसटीएफ, वाईल्ड लाईफ क्राईम कंट्रोल ब्यूरो, यू.पी. एसटीएफ पुलिस और इन्टरपोल को मनिवन्नम मुर्गेसन की लम्बे समय से तलाश थी। दुर्लभ प्रजाति के कछुए की तस्करी में मुर्गेसन का नाम दुनिया में तीसरे नम्बर पर है। यह भारत में अवैध बाजार का सरगना माना जाता है। मुर्गेसन का नाम सबसे पहले आगरा के अजय चौहान से रेडक्राउन रूटेड कछुए की तस्करी संबंधी पूछ-ताछ के दौरान सामने आया था। पिछले दिनों कोलकता से एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किये गये मोहम्मद इरफान से की गई पूछ-ताछ के दौरान भी मुर्गेसन के नाम का खुलासा हुआ था। सिंगापुर में रहने वाले व्यापारी मुर्गेसन का अवैध व्यापार सिंगापुर सहित थाइलैंड, मलेशिया, मकाऊ, हांगकांग, चीन और मेडागास्कर में फैला हुआ है। मुर्गेसन की गिरफ्तारी अन्तर्राष्ट्रीय वन्य प्राणी तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने में काफी महत्वपूर्ण होगी।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  1 February 2018

आईपीएस सर्विस मीट की रंगारंग सांस्कृतिक संध्या

मुख्यमंत्री  चौहान ने सांस्कृतिक संध्या के विजेताओं को किया सम्मानित  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान  आज यहां पुलिस ऑफिसर्स मेस के प्रांगण में आयोजित तीसरी आई.पी.एस. सर्विस मीट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में शामिल हुए। उन्होंने प्रतिभागियों के आग्रह पर ' नदिया चले चले रे धारा ' गीत गाया। मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस अधिकारियों में सांस्कृतिक प्रतिभा है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को प्रदेश पुलिस पर गर्व है। पुलिस महानिदेशक श्री आर.के.शुक्ला ने मुख्यमंत्री  और श्रीमती साधना सिंह चौहान का स्वागत किया। विभिन्न जोन से आये पुलिस अधिकारियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। विभिन्न अंचलों के लोकनृत्यों  की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र थी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जोन की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के विजेताओं को सम्मानित किया। इंदौर जोन प्रथम, भोपाल  दूसरे और  महाकौशल तीसरे स्थान पर रहा।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  20 January 2018

जनसेवा के लिये है पुलिस:शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पुलिस जनसेवा के लिये है। पुलिस की सेवा को नौकरी नहीं माना जा सकता। लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मिलना बहुत सौभाग्य की बात है। पुलिस का कर्तव्य किसी भी अन्य सेवा से अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि सामाजिक जटिलताओं का कुशलतापूर्वक सामना करते हुए आमजन का विश्वास जीतना होगा। अधिकारी धैर्य, उत्साह और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करें। मन, मस्तिष्क और शरीर को चुस्त-दुरूस्त रखने के लिये योग, व्यायाम और मनोरंजन की गतिविधियों में भी शामिल हों। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल में अवकाश की संकल्पना पर विचार करने की जरूरत बतायी। श्री चौहान आज विधानसभा सभागार में तृतीय आई.पी.एस. ऑफीसर्स मीट के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में आत्मीयता के भाव से सरकार चलाने का प्रयास किया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने अनेक ऐसे कार्य किये हैं, जिन पर गर्व किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समस्याएं आती रहती हैं, जरूरत उनके समाधान के निरंतर प्रयास की है। चुनौतियों का सामना विशेषज्ञता के साथ किया जाना चाहिये। पुलिस अधिकारियों के समूह बनाकर विषयवार होने वाले चिंतन के निष्कर्षों पर मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर रोडमैप का निर्माण करेंगे। पुलिस और जनता के मध्य दूरियों को कम करने के लिये सामुदायिक पुलिसिंग के प्रयोग किये गये हैं। इन्हें और अधिक विस्तारित करना होगा। श्री चौहान ने आईपीएस मीट के आयोजन की सराहना करते हुये कहा कि संगोष्ठी के विषय समसामयिक और सराहनीय हैं। आज पूरी दुनिया के सामने कट्टरवाद की चुनौती है। लोगों को अलग-अलग बाँटने की कोशिशें लोकतंत्र के लिये घातक हैं। इनका सामना करने के लिये जरूरी है कि उदारवादी दृष्टिकोण को प्रसारित किया जाये। भारतीय समाज और संस्कृति में एक ही चेतना की मान्यता है, जिसमें भेदभाव के लिये कोई स्थान नहीं है। सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिये ही एकात्म यात्रा का आयोजन किया गया है। संगोष्ठी का मंथन निश्चय ही इस दिशा में सार्थक पहल होगा। मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय पुलिस अधिकारी सेवा संघ के अध्यक्ष श्री संजय राणा को जन्मदिन की बधाई भी दी। विधानसभा अध्यक्ष श्री सीताशरण शर्मा ने कहा कि शासन का सबसे प्रमुख अंग सुरक्षा बल होते हैं। लोकतांत्रिक शासन प्रणाली जनहित की सबसे अच्छी प्रणाली है। उन्होंने मीट के आयोजन पहल की सराहना करते हुये कहा कि संगोष्ठी के विषयों पर विचार-विमर्श सुशासन के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इसके सकारात्मक परिणाम आयेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दुरूपयोग की समस्या पर भी विचार व्यक्त किये। पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला ने विषय प्रर्वतन किया। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा पुलिस का प्राथमिक दायित्व है। जन अपेक्षाओं को पूरा करने की चुनौती बहुत कठिन कार्य है। आर्थिक और तकनीकी परिवर्तन की चुनौतियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। जनता और पुलिस के मध्य दूरी को पाटने के प्रयास पुलिस द्वारा निरंतर किये जा रहे हैं। मीट के दौरान इन चुनौतियों का सामना करने के लिये कार्यशाला का आयोजन कर युवा और वरिष्ठ अधिकारियों के मध्य संवाद का प्रयास किया गया है। स्वागत उद्बोधन में आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय राणा ने बताया कि संगोष्ठी का आयोजन कट्टरवाद का उदारीकरण : चुनौतियां और सोशल मीडिया के नए आयाम कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौतियां विषयों पर किया गया है। आभार प्रदर्शन अपर महानिदेशक पुलिस श्री व्ही.के. महेश्वरी ने किया। कार्यक्रम संचालन श्री राजेश मिश्रा ने किया।इस अवसर पर भारतीय पुलिस सेवा के वर्तमान और सेवानिवृत्त अधिकारी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  20 January 2018

डॉ. नरोत्तम मिश्र

एमपी के जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र से आज निवास पर जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश, इंदौर शाखा के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। भेंट करने वालों में श्री ओमप्रकाश फरकिया, श्री चम्पालाल गुर्जर, श्री राजेन्द्र पुरोहित, श्री ओमप्रकाश जैन, श्री ओम बाबा, श्री संतोष वाजपेयी, श्री घनश्याम सोनी और श्री अशोक बड़गुजर आदि शामिल थे। डॉ. मिश्र से की सौजन्य भेंट  जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र से आज निवास पर मालवा श्रमजीवी पत्रकार संघ, रतलाम के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मालवा श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री लखन गेहलोत, जाट पत्रिका के संपादक श्री गजेन्द्र जाट, संस्कार टुडे के संपादक श्री गोपाल परमार आदि उपस्थित थे। डायरी, कैलेण्डर का विमोचन किया  डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज साप्ताहिक कृषक जगत भोपाल द्वारा प्रकाशित वर्ष 2018 की डायरी का विमोचन किया। इस अवसर पर समाचार पत्र के संपादक श्री सुनील गंगराड़े और संपादकीय सहयोगी श्री राजेश दुबे उपस्थित थे। जनसम्पर्क मंत्री ने निवास पर दैनिक लोकोत्तर, भोपाल द्वारा प्रकाशित वर्ष 2018 के टेबिल कैलेण्डर का भी विमोचन किया। विमोचन अवसर पर अखबार के संपादक श्री विवेक पटैरिया और प्रबंध संपादक श्री कैलाश वाजपेयी उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  16 January 2018

नई बाघिन बच्चों के साथ भोपाल पहुंची

दो शावकों के साथ एक बाघिन राजधानी भोपाल से सटे केरवा के जंगल तक पहुंच गई है। इसके चलते जंगल में पहले से घूम रहे बाघों के साथ उसकी भिड़ंत का खतरा बढ़ गया है। यह बाघिन नई है जो दिसंबर 2017 के आखिरी में कठौतिया के जंगल में देखी गई थी। जिसे रातापानी की तरफ से आना बताया जा रहा है। फिलहाल वन विभाग ई-सर्विलांस टॉवर की मदद से दोनों शावक और बाघिन पर नजर रखें हुए हैं। वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बाघिन को उसके शावकों के साथ केरवा-कलियासोत के जंगल में घूमते देखा गई है। उसके साथ घूम रहे दोनों शावकों की उम्र 2 से 6 महीने की बताई जा रही है। सूत्रों की माने तो यही बाघिन दिसंबर 2017 के आखिरी सप्ताह में कठौतिया के जंगल में शावकों के साथ देखी गई थी लेकिन कठौतिया के जंगल में पहले से बाघिन टी-21 अपने शावकों के साथ ढेरा डाल हुई थी। इसके कारण दो शावकों के साथ पहुंची बाघिन जंगल छोड़कर केरवा-कलियासोत के जंगल में पहुंच गई। बीते एक साल से केरवा-कलियासोत के जंगल में बाघिन टी-123 और बाघ टी-121 घूम रहे हैं। एक महीने पहले सबसे उम्रदराज बाघ टी-1 भी आ चुका है। ऐसे में नई बाघिन व उसके दोनों शावकों को पहले से घूम रहे बाघों से खतरा भी हो सकता है। वन्यप्राणी विशेषज्ञ आरके दीक्षित का कहना है जब भी बाघिन के साथ शावक होते हैं तो उसे दूसरे बाघों से खतरा हो सकता है। वन विभाग को इसकी कड़ी मॉनीटरिंग करनी चाहिए।   

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  15 January 2018

भोपाल कांग्रेस

भोपाल कांग्रेस ने अध्यापकों और दिव्यांगों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए सोमवार को अपने दो नेताओं अशोक गायकवाड़ और मुजाहिद सिद्दीकी का मुंडन करा दिया। साथ ही रोशनपुरा चौराहे से राजभवन तक पैदल मार्च भी किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की संख्या से ज्यादा मीडियाकर्मी व पुलिसकर्मियों की संख्या नजर आई। जिला कांग्रेस ने अध्यापकों व दिव्यांगों की मांगों के समर्थन में रोशनपुरा चौराहा से राजभवन तक पैदल मार्च किया। प्रदर्शन में जिला कांग्रेस के शहर अध्यक्ष पीसी शर्मा, कैलाश मिश्रा, विभा पटेल, आभा सिंह, योगेंद्र सिंह चौहान गुड्डू आदि मार्च करते हुए राजभवन पहुंचे। यहां निकास द्वार तक पहुंचने के लिए उन्हें पुलिस से धक्का-मुक्की करनी पड़ी। बाद में कार्यकर्ताओं ने प्रवेश द्वार की तरफ दौड़ लगा दी, इस पर पुलिसकर्मी के हाथ-पैर फूल गए। काफी जद्दोजहद के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रवेश द्वार के बाहर की धरना दिया। आखिर में उन्होंने अध्यापकों व दिव्यांगों की मांगों का समर्थन करते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें उनकी मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की गई।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  15 January 2018

सूर्य नमस्कार

स्वामी विवेकानंद के जन्म दिन पर पूरे प्रदेश में हुआ सामूहिक सूर्य नमस्कार   स्वामी विवेकानंद जयंती पर आज पूरे प्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया। सभी जिलों में उत्साहपूर्वक स्कूली बच्चों, गणमान्य नागरिकों और सभी सम्‍प्रदायों के लोगों ने सामूहिक सूर्य नमस्कार में भाग लेकर सूर्य की आराधना की। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी भोपाल में लाल परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में भाग लिया । यह सामूहिक सूर्य नमस्कार का ग्यारहवां आयोजन है। उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानन्द के जन्म दिन को प्रदेश में युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सभी शिक्षण संस्थाओं में स्वामी जी के व्यक्तित्व और उनके वेदांत दर्शन की व्याख्याओं पर आधारित शैक्षणिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती को पूरे प्रदेश में युवा उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होने कहा कि स्वामी विवेकानंद का साहित्य सकारात्मक कार्य करने की ऊर्जा और प्रेरणा देता है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का संदर्भ देते हुए श्री चौहान ने कहा कि स्वामीजी के विचार प्रेरणा के अनन्य स्त्रोत हैं। श्री चौहान ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है। समाज में अच्छे काम करने के लिये तन और मन का स्वस्थ होना जरूरी है। उन्होने कहा कि भारत के ऋषियों-मुनियों ने अपने वर्षों के संचित ज्ञान से योग का सबसे सरल व्यायाम सूर्य नमस्कार का आविष्कार कर हमें सौंपा है। उन्होने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे सूर्य नमस्कार को सिर्फ एक दिन नहीं बल्कि हर दिन करें। इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। उन्होने कहा कि विश्व के सभी देशों ने योग की शक्ति और महत्व को स्वीकार किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल से पूरे विश्व में 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। पिछले साल 172 देशों ने विश्व योग दिवस पर योग करने का संकल्प लिया। योग करें, स्वस्थ रहें, खूब पढ़े श्री चौहान ने विद्यार्थियों से कहा कि दसवीं, ग्यारहवीं, बारहवीं की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। खूब मन लगाकर पढ़ें और अच्छे नम्बर लाकर राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों में जायें। पढ़ाई का खर्चा सरकार उठायेगी। श्री चौहान ने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे खूब योग करें और खूब पढ़ाई करें, स्वस्थ रहें, अपने माता पिता का आदर करें, शिक्षकों का आदर करें। उन्होने योग विज्ञान के अनुसार स्वस्थ रहने के तरीकों को साझा करते हुए कहा कि जितना जरूरी और हितकारी हो, उतना भोजन करें। भूख से थोड़ा कम भोजन करें और मौसम के अनुसार फल, सब्जी को भोजन में शामिल करें। पिज्जा बर्गर से दूर रहें। मुख्यमंत्री ने देवी सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर फूल चढ़ाए। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी, सांसद श्री आलोक संजर, मेयर श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री सुरेन्द्र नाथ सिंह और गणमान्य नागरिकों ने सामूहिक सूर्य नमस्कार में भाग लिया।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  13 January 2018

पर्यटन विभाग में प्रचार-प्रसार के लिए 300 करोड़ स्वीकृत

  मंत्रि-परिषद के निर्णय  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री तेंदूपत्ता संग्राहक कल्याण दुर्घटना सहायता योजना का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक तीन वर्ष के लिए 12 करोड़ 45 लाख रूपये के व्यय को सैद्वांतिक सहमति दी। मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य के कर्मचारियों को मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान तथा पेंशन धन से प्रत्याहरण का लाभ प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।इसके अंतर्गत राज्य शासन के अधीन सिविल सेवा एवं सिविल पदों पर 1 जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त शासकीय सेवकों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 के नियम 44 के प्रावधानों के अधीन मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान स्वीकृत किया जा सकेगा।साथ ही भारत सरकार पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण की अधिसूचना 11 मई 2015 के प्रावधानों में वर्णित परिस्थितियों, शर्तो और सीमा में संचित पेंशन धन राशि से आहरण की सुविधा तथा सेवानिवृत्ति के 3 माह पूर्व अंशदान कटौत्रा बंद किया जायेगा। मंत्रि-परिषद ने बुरहानपुर, अनूपपुर, अशोकनगर, आगर-मालवा जिला मुख्यालयों में मलेरिया अधिकारी के नवीन कार्यालयों तथा उनमें 84 पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रि-परिषद ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन 41 जिला मुख्यालयों पर छात्रावास की स्थापना तथा उनमें विद्यार्थियों को नि:शुल्क भोजन और आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराने हेतु इस वर्ष 52 करोड़ 42 लाख रुपए तथा आगामी तीन वर्षों के लिए 384 करोड़ 64 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की। सर्व-शिक्षा अभियान के अंतर्गत अपूर्ण शाला भवनों को पूर्ण करने के लिए वर्ष 2017-18 से 2018-19 तक 9 करोड़ 72 लाख 97 हजार रूपये के व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई।   मंत्रि-परिषद ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित ''विद्यार्थी कल्याण सहायता योजना'' को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक संचालन की निरंतरता को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रि-परिषद ने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों को अम्ब्रेला स्कीम में शामिल करते हुए पर्यटन क्षेत्र में प्रचार-प्रसार के लिए आगामी तीन वर्षों हेतु 300 करोड़ रुपए निर्धारित किये।   मंत्रि-परिषद ने राज्य में स्थापित उद्यमों द्वारा उत्पादित उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए उम्मों के अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक 18 करोड 33 लाख रुपए के व्यय को अनुमोदन प्रदान किया।   मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा क्रियान्वित की जा रही समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्यों के ॠण के लिए राज्य की अंशपूंजी में निवेश की योजना को वर्तमान केंद्रीय वित्त आयोग के कार्यकाल 31 मार्च 2020 तक निरंतर रखने को अनुमोदन प्रदान किया।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम को वर्तमान केन्द्रीय वित्त आयोग के कार्यकाल दिनांक 31 मार्च 2020 तक निरंतर रखने को मंजूरी भी दी गई। इसी क्रम में मंत्रि-परिषद ने शहडोल जिले की 106 करोड़ 43 लाख रुपए लागत की सतही जल स्त्रोत (सोन नदी ) आधारित बाण सागर समूह जल प्रदाय योजना को प्रशासकीय अनुमोदन प्रदान किया।इससे विकासखंड ब्यौहारी के 61 ग्रामों में घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश की 9 समूह जल-प्रदाय योजनाओं क्रमश: सतना-बाणसागर (भदनपुर-परसमनिया), दमोह-पटेरा जिला दमोह, कुण्डलिया, मोहनपुरा, पहाड़गढ़ जिला राजगढ़, कंदेला जिला रीवा, पायली जिला जबलपुर, नरसिंहपुर एवं सिवनी, गढ़ाकोटा जिला सागर तथा पवई बांध जिला पन्ना के क्रियान्वयन के लिए नेशनल डेव्लपमेंट बैंक से वित्त पोषण प्राप्त करने के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया गया।इस परियोजना की कुल लागत 45 करोड़ 12 लाख रुपए है।इन योजनाओं को आगामी चार वर्षों में पूर्ण किया जाना है।इससे 3 हजार 467 ग्रामों में घर-घर नल कनेक्शन से पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। मंत्रि-परिषद ने मत्स्य बीज मांग की सतत पूर्ति के लिए संचालित योजना को वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक आगामी तीन वर्ष के लिए 36 करोड़ 44 लाख 80 हजार रुपए के वित्तीय प्रावधान को स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर पर नि:शुल्क पुस्तकों के लिए 1500 रुपए प्रति विद्यार्थी तथा नि:शुल्क स्टेश्नरी के लिए 500 रुपए प्रति विद्यार्थी की दर से प्रदाय करने के लिए तीन वर्ष में 76 करोड़ 93 लाख 55 हजार रुपए के व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद ने ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण को कन्वेंशन एंड एग्जिविशन सेंटर निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2019-20 के मध्य 4 करोड़ रुपए के अनुमानित व्यय को अनुमोदन प्रदान किया। साथ ही खेल और युवा कल्याण विभाग की खेल अकादमियों की अधोसंरचना के लिए वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक रुपए 236 करोड़ 56 लाख 92 हजार रुपए की अनुमति प्रदान की।साथ ही स्टेडियम एवं खेल अधोसंरचना के लिए आगामी तीन वर्ष में 163 करोड 1 लाख 75 हजार रुपए के व्यय की स्वीकृति भी प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत स्वशासी महाविद्यालयों में शैक्षणिक संवर्ग के लिए आदर्श सेवा नियम 2018 को अनुमोदित किया। बैठक में कपास पर दी जा रही एक प्रतिशत मंडी फीस में छूट को 8 जनवरी 2018 से आगामी एक वर्ष तक के लिए बढ़ाने का निर्णय भी लिया।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  10 January 2018

शिवराज सिंह चौहान

  शिवराज सिंह चौहान  वर्ष 2017 बीत गया। हमने कई नवाचारी प्रयासों और ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ 2017 को यादगार बना दिया। आज मध्य प्रदेश किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। प्रदेश के नागरिकों में अद्भुत क्षमता, प्रतिभा और प्रदेश के लिए कुछ कर गुजरने की दक्षता है। वर्ष 2017की उपलब्धियां इस बात को मुखरता से रेखांकित करती हैं कि प्रदेश के नागरिकों में भरपूर आत्मविश्वास और संकल्प शक्ति है। नागरिकों की रचनात्मक ऊर्जा और सकारात्मक सोच के साथ ही मध्यप्रदेश ने विकास के नए कीर्तिमान बनाए हैं और 2018 में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। सरकार के साथ-साथ नागरिकों की भी जिम्मेदारी थी कि वे विकास में पूरे मनोयोग से अपना योगदान दें। इस जिम्मेदारी को नागरिकों ने अच्छी तरह निभाया है। इसलिए मध्य प्रदेश का कायाकल्प करने का श्रेय सरकार की अपेक्षा नागरिकों को ज्यादा है। नागरिकों के सहयोग और समर्थन के बिना हर काम अधूरा रहता है। मैं नागरिकों को विशेषज्ञ मानता हूं और उनके विवेक का मैंने हमेशा सम्मान किया है। यह सर्वमान्य तथ्य है कि विकास निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। एक मुद्दा हल होता है तो दूसरे मुद्दे खड़े हो जाते हैं और फिर उनके समाधान के प्रयासों की श्रृंखला शुरू हो जाती है। सरकार के लिए बिना थके और बिना रुके काम करना अनिवार्य हो जाता है। ऐसे में सिर्फ लोगों के विश्वास की शक्ति ही संबल बढ़ाती है। हम सब नई ऊर्जा, नई आशाओं और अपेक्षाओं के साथ 2018 में प्रवेश कर रहे हैं। जहां एक ओर 2017 में ढेरों उपलब्धियां रही, वहीं कुछ नई चुनौतियां भी सामने आईं जो हमारे संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने टिक नहीं पाईं। हमारे प्रयासों में किसी प्रकार की कोताही नहीं रहना चाहिए। लोकशक्ति और लोक-विश्वास की अभिव्यक्ति हमने नर्मदा सेवा यात्रा में देखी। नर्मदा मैया जीवनदायी नदी है। हमारी आस्था में उन्हें मां का दर्जा मिला है। नर्मदा का जीवन ही हमारा जीवन है, इसका बोध होते ही लाखों लोग नर्मदा सेवा यात्रा से जुड़ गए और यह विश्व का सबसे बड़ा नदी बचाओ अभियान बन गया। आज हर तरफ चर्चा है कि जैसा मध्य प्रदेश के लोगों ने अपनी नर्मदा मैया के प्रति आस्था और समर्पण दिखाया, वैसा अन्यत्र संभव क्यों नहीं ? आज कई राज्यों के लिए यह प्रेरणा स्रोत बन गया है। सरकार और समाज के साथ- साथ मिलकर काम करने का यह सबसे अच्छा उदाहरण है। पिछले साल कई चुनौतीपूर्ण क्षण आए जो समुदाय के सहयोग से समाप्त हो गए हैं। कई चुनौतियों का स्थाई समाधान हो गया। भावांतर भुगतान योजना इसका अच्छा उदाहरण है। अब किसानों को फसलों के दाम गिरने पर भी नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। ऐसे ही हमारे प्रतिभाशाली बच्चों की चिंता हमेशा के लिए समाप्त हो गई है कि उच्च स्तर की पढ़ाई का खर्चा कौन उठाएगा? अब बच्चों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें सिर्फ पढ़ना है, अच्छे नंबर लाना है। बाकी चिंता करने के लिए सरकार है। परीक्षा को शुरू होने में अब कुछ ही समय रह गया है। मैं बच्चों से कहना चाहूंगा कि खूब पढ़े और अच्छे नम्बर लाकर अपने माता-पिता को 2018 का सर्वश्रेष्ठ उपहार दें। वर्ष 2017 में युवाओं की अपेक्षाएं पूरा करने के लिये युवा सशक्तिकरण मिशन की शुरुआत हुई थी। नये साल में इसके परिणाम मिलेंगे। इसी प्रकार महिलाओं के स्व-सहायता समूह के रूप में नारी शक्ति का उदय हुआ है। नये साल में यह एक सशक्त आर्थिक आंदोलन बन जायेगा। ऐसे ही लोक-विश्वास की अभिव्यक्ति देने वाली हमारी 'एकात्म यात्रा' उज्जैन से शुरू हुई और 22 जनवरी को ओंकारेश्वर में समाप्त होगी। एकात्म यात्रा से भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक एकात्मकता के ध्वजवाहक आदि शंकराचार्य की स्मृति जनमानस में ताजा हो रही है। ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा की स्थापना होगी। यह मध्य प्रदेश की आदरांजली है, ऐसे महाअवतारी पुरुष को जिसने भारत के अखंड स्वरूप को गढ़ा। यह सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने वाली यात्रा है। मैं समझता हूं कि विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक प्रगति भी जरूरी है। इससे शासन, प्रशासन के प्रति नजरिया बदलता है। भ्रष्टाचार के तौर तरीकों से ध्यान हटता है। ईमानदार प्रयासों और परिणामों के प्रति रुझान बढ़ता है और जनमानस में स्वस्थ मानसिकता का विकास होता है। इसलिए मैंने कुछ प्रयास जैसे तीर्थ दर्शन योजना, नर्मदा सेवा और एकात्म यात्रा इस दिशा में शुरु किए हैं जो विकास के दृष्टिकोण के साथ-साथ आध्यात्मिक पूंजी को समृद्ध करने वाले हैं। सरकार, समाज और अध्यात्म का एकीकरण भी सुशासन का जरूरी आयाम है। नए साल की शुरुआत में एक और बात का स्मरण कराना चाहूंगा। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का तेजी से कायाकल्प हो रहा है। नए संकल्पों के साथ नया भारत उभर रहा है। हम संकल्प लें कि मध्य प्रदेश के संवेदनशील नागरिक के रूप में हमारा भी सर्वश्रेष्ठ योगदान होगा। अपनी पूरी क्षमता और प्रतिभा के साथ नया भारत बनाने में सहयोग करें। नए भारत में नया मध्य प्रदेश बनाना हमारा मिशन है। सभी नागरिकों को नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं, सब सुखी हों, सबका मंगल हो, नए साल में सब स्वस्थ रहें, यही ईश्वर से प्रार्थना है।(लेखक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं)  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  4 January 2018

शिवराज ने कहा -सबका साथ - सबका विकास

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीं नव-वर्ष की शुभकामनाएँ  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों को नव-वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी हैं। श्री चौहान ने कामना की है कि नया वर्ष सबके जीवन में सुख-समृद्धि, रिद्धि-सिद्धि लाये। सबके घर-आँगन खुशियों से भर जायें।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सन्देश में कहा है कि मध्यप्रदेश और  देश के विकास में सभी वर्ग अपनी सक्रिय भागदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने नागरिकों का आव्हान किया है कि नव-वर्ष में अपनी नागरिकता के कर्तव्यों के पालन का संकल्प लें। संकल्पित हों कि नये वर्ष में  केवल अपने लिये नहीं, बल्कि अपने देश, प्रदेश और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ दायित्वों का निर्वहन करेंगे। श्री चौहान ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि 'सबका साथ - सबका विकास' के मूल-मंत्र के साथ , नई ऊर्जा और उत्साह के साथ निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे। 

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  31 December 2017

रानी कमलापति

मुख्यमंत्री द्वारा बीसवीं राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ    मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि रानी कमलापति की विशाल प्रतिमा भोपाल में स्थापित की जाएगी। आजादी के आंदोलन में वनवासियों के संघर्ष और बलिदान का स्मरण करते हुये कहा कि आजादी की लड़ाई में वनवासी समाज ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शहीदों की स्मृति से प्रेरणा लेने के लिए प्रदेश सरकार ने वनवासी वीरों के स्मारकों का निर्माण करवाया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज कमला देवी पब्लिक स्कूल भोपाल में आयोजित बीसवीं राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने इस अवसर पर बिरसा भगवान, वीर टंट्या भील, भीमा नायक, रघुनाथ शाह, शंकर शाह, रानी दुर्गावती और कमलापति के संघर्ष और बलिदान का स्मरण किया। उन्होंने वनवासी कल्याण परिषद के संस्थापकों का स्मरण करते हुए देश में 3 हजार से अधिक खेल केंद्रों के संचालन, शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में परिषद की भूमिका की सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रारंभ में ध्वजारोहण कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया और स्मारिका अरण्याजंली का विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खिलाड़ियों का आव्हान किया कि खेल भावना के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। साथ ही आश व्यक्त की कि ओलंपिक खेलों में तीरंदाजी का स्वर्ण पदक भारत के खिलाड़ियों को शीघ्र ही मिलेगा। श्री चौहान ने कहा कि तीरंदाजी के प्रशिक्षण की उत्कृष्टतम सुविधा उपलब्ध कराने और महाकौशल के जनजातीय तीरंदाजों को प्रतिभा निखारने का अवसर देने के लिए जबलपुर में तीरंदाजी एकेडमी की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रतियोगिता में आए सभी खिलाड़ी राज्य के मेहमान हैं। इन खिलाड़ियों को समय की उपलब्धतानुसार भोपाल और आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण करवाया जाये। खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन की मध्यप्रदेश तीरंदाजी एकेडमी के कोच समीक्षा करेंगे। प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का एकेडमी में चयन किया जाएगा। उन्होंने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की अपेक्षा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश की तीरंदाजी एकेडमी उत्कृष्टतम है। एकेडमी में मध्यप्रदेश के 80 प्रतिशत और देश के अन्य क्षेत्रों के 20 प्रतिशत खिलाड़ियों को तीरंदाजी प्रशिक्षण की सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने प्रतियोगिता के आयोजन के लिए वनवासी कल्याण परिषद को बधाई देते हुए कहा कि खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसमें परिषद के सहयोग की भी अपेक्षा है। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री कृपा प्रसाद सिंह ने कहा कि नए भारत के निर्माण में वनवासी समुदाय का योगदान प्रमुख है। नवीन भारत के निर्माण में जिस तरह मध्यप्रदेश की सरकार प्रयास कर रही है, उसी तरह का कार्य वनवासी अंचल में परिषद द्वारा खेल के क्षेत्र में किया जा रहा है। नवीन भारत का जो सपना स्वामी विवेकानंद ने देखा था, उसे ही साकार करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतियोगिता के शुभारंभ की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में तीरंदाजी का महत्वपूर्ण स्थान है, इसलिये तीरंदाज तेल में देखकर मछली की आँख भेदने को ही अपना लक्ष्य बनाएं। तीरंदाजी के ओलंपियन खिलाड़ी  श्री मंगल सिंह ने अपने अनुभवों से खिलाड़ियों को  निरंतर प्रयास के लिए  प्रेरित किया।  खिलाड़ी को हार कर बैठना नहीं चाहिए।  गलतियों से सबक लेकर  निरंतर मेहनत करनी चाहिए।  उन्होंने बताया कि  मात्र  8 महीने के प्रशिक्षण में वर्ष 1998 की  एशियन गेम्स प्रतियोगिता में उनका चयन हो गया था। उस समय वह प्रतियोगिता के सबसे युवा खिलाड़ी थे किन्तु अगले 7 वर्षों तक उनका भारतीय टीम में  चयन भी नहीं हो सका। लेकिन निरंतर  प्रयास करते रहे। उन्होंने बताया कि आज  दुनिया की विभिन्न प्रतियोगिताओं के पदक उनके पास हैं। तीरंदाजी के विश्व कीर्तिमान की बराबरी करने के साथ ही  विश्व कप प्रतियोगिता के 4 स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि भी उनके खाते में है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अतुल जोग ने बताया की 33 टीमें प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं। इनमें आधुनिक खो-खो के 223 और तीरंदाजी के 316 खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें 89 महिला खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि  भोपाल शहर में  300 से अधिक तीरंदाजों की उपस्थिति का  नया कीर्तिमान  बना है  जिसे गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कर लिया गया है ।स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री संजय शाह ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि वनवासी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। प्रारंभ में खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में शामिल होने की शपथ दिलाई गई। खिलाड़ियों द्वारा मार्च पास्ट का आयोजन किया गया। सुश्री अनमोल सक्सेना ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और खिलाड़ी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता का आयोजन 28 से 31 दिसंबर तक भोपाल में किया जा रहा है। प्रतियोगिता का आयोजन वनवासी कल्याण परिषद मध्यप्रदेश द्वारा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के तत्वाधान में किया गया है। इस प्रतियोगिता में अंडमान निकोबार, आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, आसाम, बिहार, छत्तीसगढ़, दादर नागर हवेली, दक्षिण बंगाल, दक्षिण आसाम, देवगिरी, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जशपुर नगर, झारखंड, कर्नाटक, कोंकण, महाकौशल, मणिपुर, उड़ीसा, पश्चिम महाराष्ट्र, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर बंगाल, उत्तरप्रदेश, विदर्भ और मध्य भारत की टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता का आयोजन कमला देवी पब्लिक स्कूल, करोंद, भोपाल में किया गया है।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  28 December 2017

भावांतर भुगतान योजना

रमेशचन्द्र ने भावांतर भुगतान योजना की सराहना की  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से आज नीति आयोग के सदस्य श्री रमेशचंद्र ने भेंट की। इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश शासन की भावांतर भुगतान योजना की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नीति आयोग के सदस्य से प्रदेश में चल रही अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी चर्चा की। साथ ही, किसान हितैषी भावांतर भुगतान योजना की जानकारी दी। इस मौके पर श्री रमेशचंद्र ने योजना की सराहना करते हुये कहा कि संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर वे इसका समग्र अध्ययन करेंगे। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीना, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  28 December 2017

 अटल बिहारी वाजपेयी को दी जन्म-दिन की बधाई

मुख्यमंत्री  ने क्रिसमस पर दी बधाई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्रिसमस के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामना दी हैं। मुख्यमंत्री ने संदेश में कहा है कि‍आधुनिक समाज में नैतिक मूल्यों, विश्व शांति और मानव जीवन की गरिमा की स्थापना के लिये प्रभु ईसा मसीह के पवित्र वचनों की सार्वभौमिक प्रासंगिकता है।  मुख्यमंत्री ने कहा है कि क्रिसमस का त्यौहार भाईचारे की भावना और खुशि‍यों को बांटने का उत्सव है। यीशु मसीह के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला यह त्‍यौहार उनके बलि‍दान, सेवा,त्‍याग, प्रेम और करूणा जैसे आदर्शो का अनुसरण करने का संदेश देता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने क्रिसमस के अवसर पर प्रदेशवासियों की खुशहाली और प्रदेश की तरक्की की कामना की है।   मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनके जन्म-दिन 25 दिसम्बर पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने श्री वाजपेयी के सुदीर्घ जीवन की मंगल-कामना की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि श्री वाजपेयी देश के एक आदर्श राजनेता हैं। वे सुशासन के प्रतीक हैं। उनके जन्म-दिन को मध्यप्रदेश में सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य शासन जिम्मेदार और प्रभावी सुशासन देने के लिए संकल्पबद्ध है।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  24 December 2017

भोपाल गैंगरेप : चारों आरोपियों को मरते दम तक कैद

    भोपाल में  31 अक्टूबर को हुए छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म  के चारों दोषियों को शनिवार की दोपहर मरते दम तक कैद और 80 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। विशेष न्यायाीश फास्ट ट्रैक कोर्ट सविता दुबे ने यह फैसला सुनाया। मामले की गंभीरता और आरोपियों पर लगाई गई धाराओं को देखते हुए सरकारी वकील रीना वर्मा और पीएन सिंह ने कोर्ट से आरोपियों को कड़ी सजा देने की अपील की थी। इस मामले में करीब 28 गवाहों के बयान दर्ज हुए। चार्जशीट दाखिल होने के 38 दिन में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। सजा के एलान के करीब दस मिनट पहले शक्तिकांड के दोषी गोलू उर्फ बिहारी (25), अमर उर्फ घुंटू (25), राजेश उर्फ चेतराम (50) और रमेश उर्फ राजू को कोर्ट में लाया गया। जहां सरकारी वकील और बचाव पक्ष की वकील इंदु अवस्थी मौजूद थीं। जज ने आरोपियों को मरते दम तक कैद और 80 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इसमें से 60 हजार स्र्पए शक्ति को प्रतिकार राशि के रूप में दिए जाएंगे। बाकी 20 हजार सरकारी खजाने में जमा होंगे। इससे पहले शक्ति को शासन की ओर से तीन लाख स्र्पए की प्रतिकार राशि अदा की जा चुकी है। कोर्ट ने कमेंट किया कि शक्तिकांड में शक्ति ने साहस पूर्वक समस्त परिस्थितियों का सामना किया है। शुरुआत से ही शक्ति को पुलिस द्वारा रिपोर्ट तक दर्ज करने का सहयोग नहीं था। पुलिस के उदासीन रवैये के कारण शक्ति और उसके माता-पिता ने साहस दिखाया और आरोपियों के खिलाफ पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए विवश किया। कोर्ट ने पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए तल्ख लहजे में कहा कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं। जहां महिलाएं पीड़ित होती है वहां कुल का नाश होता है। बचाव पक्ष के वकीलों ने आरोपियों के लिए उदारता पूर्वक रवैया अपनाकर सजा सुनाए जाने का निवेदन किया था। जिस पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस प्रकार के घटनाक्रम से कई बार लोग सामने आकर भी उल्लेख नहीं कर पाते। कम उम्र में यौन हादसों से बच्चियां जीवनभर किसी पर भरोसा नहीं करतीं। दुष्कर्म कोई साधारण अपराध नहीं। पीड़िता की मां ने आरोपियों को सुनाई गई सजा पर संतोष जताते हुए कहा कि उनकी बेटी ने अपने आप को संभाल कर आगे बढ़ना शुरू किया है। उस रात जो हुआ उसे वह भुलाने की कोशिश कर रही है। हम उसे समझा रहे हैं कि वह इस घटनाक्रम को एक हादसा मानकर भूल जाए और आगे बढ़े। वह अब इस मामले की कभी बात भी नहीं करती है। फैसले में भी उसकी कोई दिलचस्पी नहीं थी। घटना के बाद वह अपने रूटीन की तरफ लौट रही है। उसने पढ़ना-लिखना शुरू कर दिया है। घटना ने उसे तोड़कर रख दिया था। फैक्ट फाइल -31 अक्टूबर को शक्तिकांड हुआ -1 नवबंर को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई -15 नवबंर को जीआरपी हबीबगंज पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया -16 नवबंर को मामला जिला न्यायाीश शैलेंद्र शुक्ला के पास पहुंचा -16 नवबंर को ही न्यायाीश सविता दुबे की कोर्ट में मामले को भेजा गया। -20 दिसंबर को मामला ट्रायल प्रोग्राम में पेश किया गया। -21 दिसंबर से लगातार सुनवाई शुरू हुई। -28 गवाहों के बयान दर्ज हुए। -200 पेज का चालान पेश हुआ, 60 कागजी दस्तावेज को रिकॉर्ड में मिलाया गया।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  24 December 2017

सुदाम पी खाडे

कोलार गेस्ट हाउस में  राजस्व अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें एसडीएम ने मुद्दा उठाया कि अब भी कुछ पटवारी ऐसे है जिन्होंने पुराने नक्शे की सीट जमा नहीं कराई है। इससे राजस्व रिकार्ड अपडेट नहीं हो रहा। इस पर कलेक्टर सुदाम पी खाडे ने नाराजगी जाहिर करते हुए ऐसे पटवारियों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे दिए। बैठक में सभी सर्किलों के एसडीएम और तहसीलदार मौजूद थे। कलेक्टर ने पांच घंटे तक राजस्व अधिकारियों की क्लास ली। कलेक्टर ने कहा राजस्व प्रकरणों को तब तक समाप्त नहीं किया जाए जब तक अपडेट खसरे का प्रिंटआउट प्रकरण की फाइल में न लगाया जाए। उन्होंने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट से नामांतरण और बंटवारा के जो आदेश हो रहे हैं, वह आरसीएमएस साफ्टवेयर में तो दर्ज हो जाता है लेकिन, इस आदेश के आधार पर राजस्व रिकार्ड (खसरा) अपडेट नहीं किया जाता। आए दिन इस तरह की शिकायतें लोग करते रहते हैं। वहीं राजस्व कोर्ट की जांच में भी ऐसे ढेरों मामले सामने आए हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। आदेश को आरसीएमएस में दर्ज करने साथ-साथ खसरे में परिवर्तन हुआ है या नहीं एसडीएम और तहसीलदार इसकी भी जांच करें। जैसे ही खसरा नंबर बदलेगा उसका प्रिंटआउट निकालकर आदेश के साथ चस्पा करना होगा। इसके बाद इसे भी आरसीएमस में ऑनलाइन करना होगा। कलेक्टर ने डायवर्सन वसूली की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी तहसील और सर्किलों में डायवर्सन और वसूली के लक्ष्य दोबारा तय किए। सभी को नए टारगेट देते हुए कहा कि 31 मार्च तक यह लक्ष्य पूरा करें। हुजूर तहसील और गोविंदपुरा सर्किल को जहां 47-47 करोड़ का वहीं टीटी नगर 45 करोड़, एमपी नगर को 33 करोड़, बैरागढ़ सर्किल को 8 करोड़ और बैरसिया को 2 करोड़ का डायवर्सन वसूली का नया लक्ष्य दिया गया। आवासहीनों को जल्द से जल्द दें पट्टे, तय समय सीमा में बांटे कोई देरी न करें कलेक्टर सुदाम पी खाडे ने बैठक में आवासहीनों को तय समयसीमा में पट्टे वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएस भी इस संबंध में नाराजगी जाहिर कर चुके हैं इसलिए कोई भी देरी न करें। बैठक में हुजूर तहसील के पटवारी रमेश शर्मा व एक अन्य महिला पटवारी भारती महावर को लक्ष्य से ज्यादा वसूली करने पर कलेक्टर ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। रमेश शर्मा को 60 लाख रुपए का टारगेट दिया गया था जबकि उन्होंने एक करोड़ 20 लाख रुपए की वसूली कर ली है।    

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  24 December 2017

केरवा पेयजल योजना

  केरवा पेयजल योजना का काम दिन-रात चला। कोलार में बंजारी दशहरा मैदान और पैलेस आर्चार्ड की 20-20 लाख लीटर क्षमता की टंकियों को जोड़ने वाली पाइप लाइन में वॉल्व फिटिंग का काम पूरा हो गया। शनिवार दोपहर 3 बजे तक बंजारी दशहरा मैदान की टंकी से पानी सप्लाई शुरू करने के लिए तीन वॉल्व लगा दिए गए। वहीं पैलेस आर्चार्ड की टंकी से कॉलोनियों में पानी वितरण करने के लिए वॉल्व फिट करने का काम पूरा हो गया। इधर, केरवा डेम पर नगर निगम के 5 अफसरों की टीम समेत निर्माणाधीन एजेंसी नीति इंफ्रा के कर्मचारी व ठेकेदार काम पूरा कराने में जुटे रहे। शाम 6 बजे तक इंटकवेल से केरवा पहाड़ी पर बने वाटर फिल्टर प्लांट तक पानी चढ़ाने के लिए जरूरी वोल्टेज के हिसाब से बिजली सप्लाई करने के लिए 750 केवीए की डीपी रखी गई। इसका विधायक व ननि कमिश्नर ने लोकार्पण किया। इसके बाद पूरी रात केरवा डेम पर अधूरे कार्यों को पूरा करने का काम चलता रहा। रविवार को बिजली की सप्लाई समेत अन्य छोटे-छोटे अधूरे कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। केरवा डेम पर बनाए गए इंटकवेल में जमा पानी को दो पंपों से केरवा पहाड़ी पर बिछाई गई 150 मीटर लंबी ग्रेवटी लाइन के माध्यम से फिल्टर प्लांट तक पानी जाएगा। यहां पर पानी फिल्टर होगा। इसके बाद प्लांट के पीछे से केरवा नहर के किनारे-किनारे मप्र हाउसिंग बोर्ड के गौरव नगर के प्रोजेक्ट होते हुए बैरागढ़ चीचली के रास्ते कुल 7 किमी पानी की मेन लाइन तक पानी आएगा। फिर कोलार मेन रोड पर बिछाई गई पाइप लाइन तक पानी पहुंचेगा। मेन लाइन से बंजारी दशहरा मैदान पर बनी टंकी भरी जाएगी। ऐसे ही पैलेसे आर्चार्ड टंकी तक पानी आएगा। दोनों टंकियों से कॉलोनियों में बिछाई गई लाइन के माध्यम और फिर बल्क कनेक्शन से 25 दिसंबर तक वार्ड-80 और 82 के 500 से ज्यादा घरों तक पानी सप्लाई होने लगेगा। केरवा पेयजल योजना का काम पूरा कराने शनिवार को क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा और नगर निगम कमिश्नर ने केरवा डेम पर डेरा डाल लिया। दोपहर 4 बजे केरवा पहुंचकर इंटकवेल से लेकर वाटर फिल्टर प्लांट के अधूरे कार्यों को रविवार तक पूरा कराने के लिए ननि अधिकारियों को निर्देश दिए। विधायक-कमिश्नर चार घंटे से ज्यादा समय रुके और दो पंप तक बिजली सप्लाई शुरू कराने काम खड़े होकर कराया। 25 दिसंबर सोमवार को क्षेत्रीय विधायक बंजारी दशहरा मैदान पर पैलेस आर्चार्ड की टंकी से पानी की सप्लाई शुरू कर केरवा पेयजल योजना का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद लगातार तीन दिन तक टेस्टिंग के रूप में पानी सप्लाई किया जाएगा। लोकार्पण से पहले कोई टेस्टिंग नहीं होगी। नगर निगम प्रशासन तीन दिन तक पानी का इस्तेमाल नहीं करने की अपील करेगा। तीन दिन के बाद लोग पानी का उपयोग कर सकेंगे।    

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  24 December 2017

अनुसूचित जनजाति को दस रूपये किलो मूल्य पर दालें

  कुपोषण दूर करने कराहल एवं खालवा विकासखण्ड से शुरू होगी योजना    मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिये जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के लोगों को दलहनों का वितरण किया जायेगा। यह कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में श्योपुर जिले के कराहल एवं खण्डवा जिले के खालवा विकासखण्ड से शुरू किया जाएगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को एक किलो दाल मात्र दस रूपये में उपलब्ध करायी जायेगी। इस अभिनव कार्यक्रम से दोनों विकासखण्ड के लगभग 75 हजार परिवारों के साढ़े तीन लाख लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दलहन वितरण का यह महत्वाकांक्षी निर्णय आज यहाँ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया। उन्होंने अधिकारियों को दलहन वितरण की व्यवस्था करने और जनजातीय वर्ग के लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि जनसमुदाय की राय से ही तय किया जायेगा कि उन्हें दाल या खड़ी दाल के रूप में दलहनें उपलब्ध करायी जाये। श्री चौहान ने कहा कि जनजातीय लोगों को दलहन उपलब्ध कराने से उनके भोजन में दाल शामिल होगी जिससे उन्हें प्रोटीन की समुचित मात्रा मिलेगी। इससे कुपोषण दूर करने में मदद मिलेगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, एपीसी श्री पी.सी. मीणा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव और प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता उपस्थित थे।    

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  21 December 2017

नर्मदा-पार्वती लिंक

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में भोपाल में सम्पन्न नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक में 7 हजार 546 करोड़ रूपये लागत की नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना को स्वीकृति दी गई। मालवा अंचल के लिये नर्मदा-क्षिप्रा लिंक परियोजना, नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना और नर्मदा-कालीसिंध परियोजना के बाद यह चौथी महत्वाकांक्षी परियोजना है। इससे 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि सिंचाई परियोजनाओं के कार्य समय-सीमा में पूरे किये जायें। बैठक में बताया गयाकि नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना निर्मित हो चुकी है। इससे देवास और उज्जैन की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हुआ है। पचास हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की नर्मदा गंभीर लिंक परियोजना का निर्माण कार्य जारी है। नर्मदा पार्वती लिंक परियोजना का निर्माण चार चरणों में पूरा होगा। प्रत्येक चरण में पचास हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। इस परियोजना से सीहोर और शाजापुर जिले के 369 गांवों के किसान लाभान्वित होंगे। इस परियोजना के लिये इंदिरा सागर जलाशय से 1.08 मिलियन एकड़ फीट जल का उदवहन किया जायेगा। परियोजना में सिंचाई जल का वितरण भूमिगत पाइप लाइनों के माध्यम से किया जायेगा। प्रत्येक किसान को ढाई हेक्टेयर चक तक 20 मीटर दबाव से जल उपलब्ध होगा। इस प्रणाली से पानी मिलने पर किसान को खेत समतल करने की आवश्यकता नहीं होगी। दबावयुक्त जल से किसान स्प्रिंकलर तथा ड्रिप प्रणाली से कम जल से अधिक सिंचाई कर सकेगा। परियोजना के लिये केवल 8 हेक्टेयर भूमि का अर्जन किया जायेगा। बैठक में जल संसाधन एवं जनसंपर्क मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा, कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री राकेश साहनी और मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह भी उपस्थित थे। नर्मदा परिक्रमा पथ पर बनेंगे 92 यात्री निवास बैठक में नर्मदा परिक्रमा पथ के 16 जिलों में आने वाले 1100 किलोमीटर लम्बे मार्ग पर 92 नर्मदा यात्री निवास निर्माण का अनुमोदन किया गया। इन पर 41 करोड़ 40 लाख रूपये व्यय होंगे। बैठक में समूह उदवहन माइक्रो सिंचाई परियोजना अम्बा रोडिया, बलकवाड़ा, चौड़ी जामनिया और सिमरोल अम्बाचंदन को स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं की कुल लागत 312 करोड़ 24 लाख रूपये है। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी.श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी विकास श्री रजनीश वैश्य, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन श्री आर.एस.जुलानिया, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एस.के.मिश्रा सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  14 December 2017

मध्यप्रदेश के 28 खिलाड़ी शिखर सम्मान से अलंकृत

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एकलव्य पुरस्कार विजेताओं को शासकीय नौकरी देने, अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को बिना परीक्षा के पुलिस में उपनिरीक्षक, आरक्षक के पद पर नियुक्ति देने और अन्य शासकीय विभागों में भी ऐसी व्यवस्था करने की घोषणा की है। श्री चौहान आज भोपाल में मध्यप्रदेश शिखर खेल अलंकरण समारोह 2017 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह, विधायक, गणमान्य नागरिक, खेल प्रेमी और खिलाड़ी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिन्दगी खेल के बिना अधूरी है। राजनीति में खेल आ जाये तो चमत्कार होता है, लेकिन खेलों में राजनीति नहीं आनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जिस विजन के साथ राष्ट्र निर्माण का कार्य हो रहा है, उसमें 2020 के ओलंपिक में भारत पदकों का रिकार्ड बनायेगा। खेलों में देश में नया इतिहास रचा जा रहा है। मध्यप्रदेश भी इसमें अग्रणी रहेगा। मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन में यह दिख रहा है। भारत की महिला हॉकी टीम में आधे खिलाड़ी मध्यप्रदेश की हॉकी अकादमियों के हैं। अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के 80 खिलाड़ियों ने प्रतिभागिता की, जिनमें से 46 ने पदक प्राप्त किये। उन्होंने पालकों से कहा कि बच्चों को खेलने-कूदने और मस्ती करने का अवसर भी दें। जो बच्चे पढ़ना चाहते हैं और जो खेलना चाहते हैं, दोनों के साथ प्रदेश की सरकार है। मेधावी बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस राज्य सरकार द्वारा भरवाये जाने की योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि खेलने वाले बच्चों को भी पीछे नहीं रहने दिया जायेगा। बच्चे राज्य का भविष्य हैं, उनकी हर आवश्यकता को पूरा किया जाएगा। केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि कानून बनाकर केन्द्रीय सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिये निर्धारित पदों के आरक्षण की व्यवस्था की जायेगी। खिलाड़ियों के लिये आरक्षित पद पर उम्मीदवार नहीं मिलने पर रिक्त पद अगले वर्ष की रिक्तियों में जोड़ दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि खेलों से संबंधित मोबाइल एप्लीकेशन भी तैयार किया जा रहा है जिसमें खेल मैदानों, अन्य सुविधाओं और प्रशिक्षकों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। श्री राठौर ने कहा कि भारत सरकार खेलों इंडिया के विजन पर कार्य कर रही है। देश में पहली बार अंडर-17 की खेल प्रतियोगिताओं का विशाल टूर्नामेंट 31 जनवरी से 8 फरवरी 2018 तक आयोजित किया जायेगा। इस टूर्नामेंट में विभिन्न विद्यालयों, फेडरेशनों और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीमें भाग लेंगी। खिलाड़ियों को समर्थन और संसाधन उपलब्ध कराने के लिये प्रथम चरण की स्पांसरशिप भी केन्द्र सरकार द्वारा दी जायेगी। हर वर्ष देश भर से एक हजार खिलाड़ियों को पांच लाख रुपये प्रति वर्ष के मान से आठ वर्ष की स्पांसरशिप दी जायेगी। विद्यालयों में आगामी ग्रीष्मावकाश से पूर्व आठ से चौदह वर्ष की उम्र की खेल प्रतिभाओं की खोज का कार्य भी किया जायेगा। उनकी शारीरिक क्षमताओं और दक्षताओं के आधार पर उनको उपयुक्त खेल का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसी तरह खेल प्रतिभाओं को खोजने वाले प्रशिक्षकों को भी उचित प्रोत्साहन और सम्मान दिये जाने की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि पदक विजेता खिलाड़ी के प्रशिक्षक के लिये निर्धारित प्रोत्साहन राशि का बीस प्रतिशत हिस्सा प्रारंभिक कोच को मिले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया अभियान में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के प्रयास किये जा रहे है। अच्छा इंजीनियर, अच्छा डॉक्टर और अच्छा नागरिक बनाने के लिये खेल आवश्यक हैं। टीम के लिये खेलने, गिर कर उठने और हार कर जीतने की शिक्षा खेल मैदान में ही मिलती है। ऐसे गुरुओं के सम्मान और गुरु-शिष्य की संस्कृति को पुनर्स्थापित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। श्री राठौड़ ने मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश राज्य में ही उनकी विद्यालयीन और सैनिक शिक्षा संपन्न हुई है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि दिल और दिमाग में जीत हासिल करने का जज्बा ही जीत को पक्का करता है। पैरा ओलम्पियन खिलाड़ियों के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने चुनौतियों का सामना संकल्प और कठोर परिश्रम से किया और सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने आज दो सौ करोड़ का बजट खेलों को उपलब्ध कराया है। इस अवसर पर रियो पैरा ओलम्पिक के पदक विजेताओं सुश्री दीपा मलिक को चालीस लाख रुपये, श्री देवेन्द्र झांझरिया को पचास लाख रुपये, मरियप्पन थंगावेलू को पचास लाख रुपये और वरुण सिंह भाटी को पच्चीस लाख रुपये तथा रियो ओलम्पिक-2016 में महिला कुश्ती में कांस्य पदक विजेता सुश्री साक्षी मलिक को पच्चीस लाख रुपये की सम्मान निधि से सम्मानित किया गया। भारतीय महिला हॉकी दल में मध्यप्रदेश राज्य महिला हॉकी अकादमी की सुश्री अनुराधा देवी, पी. सुशीला चानू, रेणुका यादव तथा एल. फैली को 5-5 लाख रुपये की सम्मान निधि दी गई। वर्ष 2017 के लिये एकलव्य, विक्रम एवं विभिन्न खेल पुरस्कारों के लिए प्रदेश के कुल 28 खिलाड़ियों को शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  5 December 2017

भावांतर योजना

भावांतर योजना में  पाँच कृषि उपज की नवीन दरें घोषित अधिसूचित मंडियों में पंजीकृत किसानों द्वारा अधिसूचित फसलों के विक्रय पर नवीन दरों से मिलेगी राशि  भावांतर भुगतान योजना अन्तर्गत मध्यप्रदेश शासन ने किसान हितैषी निर्णय लेते हुए एक नवम्बर से 30 नवम्बर के दौरान बेची गई अधिसूचित फसलों के लिए नवीन औसत मॉडल दरें घोषित की है। शासन ने सभी कलेक्टरों को नवीन दरों के अनुसार पंजीकृत किसानों से अधिसूचित मंडियों में खरीदी गई अधिसूचित फसलों के लिए भावांतर राशि के भुगतान के निर्देश दिये हैं। निर्देशानुसार सोयाबीन, उड़द, मक्का, मूंग एवं मूंगफली की नवीन औसत मॉडल दरें घोषित की गई है। रामतिल एवं तिल की औसत मॉडल दरें पूर्वानुसार यथावत रखी गई हैं। प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा ने बताया है कि इस अवधि के लिए योजना की नियत प्रक्रिया एवं प्रावधानों के अनुसार गठित की गई उप समिति की अनुशंसा के क्रम में एक से 30 नवम्बर 2017 के लिये सोयाबीन की औसत मॉडल दर 2640 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द की 3070 रुपये प्रति क्विंटल, मक्का की 1110 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग की 4120 रुपये प्रति क्विंटल और मूंगफली की 3570 रुपये प्रति क्विंटल रहेगी। नवीन दरों के अनुरूप भावांतर की राशि का भुगतान किये जाने के निर्देश दिये गये है। रामतिल एवं तिल की औसत मॉडल दरें न्यूनतम समर्थन मूल्य से उक्त अवधि में अधिक रहने के कारण इन दोनों कृषि उपज पर भावांतर उक्त अवधि में देय नहीं होगा। मध्यप्रदेश शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा आज जारी आदेशानुसार भावांतर भुगतान योजना में ऐसे समस्त पंजीकृत किसान जिनके द्वारा अधिसूचित फसलों (सोयाबीन, उड़द, मक्का, मूंग एवं मूंगफली) का विक्रय अधिसूचित मंडियों में एक से 30 नवम्बर 2017 की अवधि में किया गया है, उन्हें योजना के प्रावधानों एवं पात्रता के अनुसार भावांतर राशि का भुगतान किये जाने के लिये सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है। जिला स्तरीय समिति परीक्षण के बाद कृषकों को एसएमएस भेजेगी नवीन औसत मॉडल दरों के अनुसार कृषकों को भावांतर राशि कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण के बाद पात्रतानुसार पंजीकृत किसानों के खातों में जमा करवाई जायेगी। अधिसूचित मंडी प्रांगण में कृषि उपज का विक्रय करने वाले पंजीकृत किसानों को प्रावधानों के अनुसार गणना कर उन्हें दी जाने वाली भावांतर राशि की जानकारी उनके मोबाइल पर एसएमएस द्वारा भेजी जाएगी।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  5 December 2017

kuposhan

भोपाल गैंगरेप सहित प्रदेश के अन्य स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ हो रही लगातार घटनाओं के मामले उठाते हुए विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आज विधानसभा में कांग्रेस के रामनिवास रावत, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित कई विधायकों ने भोपाल के शक्ति कांड का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर एक बार फिर अपनी ही सरकार के लिए परेशानी लेकर आए। गौर ने कुपोषण के मुद्दे पर सरकार पर सवाल उठाए। महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को लेकर विपक्ष ने स्थगन भी लगाया। कांग्रेस विधायकों ने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा ने आश्वस्त किया कि वे विषय का परीक्षण कर अपना फैसला सुनाएंगे। विपक्ष के हमले पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि सरकार दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध करने वालों के लिए फांसी की सजा का कानून ला रही है। इसके अलावा जबलपुर से विधायक तरुण भनोत सहित कई विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से अफसरशाही की शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि अधिकारी उनके पत्रों का जवाब नहीं देते। प्रश्न काल में उठे इस विषय पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने भी विधायकों का पक्ष लेते हुए मंत्रियों को ताकीद किया कि वे इस बात को सुनिश्चित करें कि विधायकों द्वारा लिखे जाने वाले पत्रों के जवाब समय पर दिए जाएं और जो लोग इन दिशा निर्देशों का पालन नहीं करते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इधर कुपोषण के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने विपक्ष के सुर में सुर मिलाते हुए अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए। गौर ने कहा प्रदेश में कुपोषण क्यों नहीं रुक रहा है और इसके लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। इसके जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि कुपोषण के स्तर में कमी आई है लेकिन कोई भी यह पूरी तरह दावे से नहीं कह सकता है कि समस्या से निजात पा लिया गया है।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  28 November 2017

संत कबीर

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि संत कबीर ने अन्याय और आडम्बर से मुक्त समानता पर आधारित समाज का ताना-बाना बुना था। उनकी शिक्षा समाज के लिये संजीवनी है। वे गहरे अर्थों में निर्बल लोगों के पक्षधर थे। वे संत से बड़े समाज सुधारक थे। राष्ट्रपति श्री कोविंद आज यहाँ लाल परेड मैदान पर सदगुरू कबीर महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कहा है कि संत कबीर ने अंधविश्वास और पाखण्ड पर कठोर प्रहार किया था। संविधान में न्याय, समानता और बंधुत्व के आदर्श कबीर से प्रेरित है। संत कबीर मानव प्रेम के पक्षधर थे। संत कबीर की वाणी का उल्लेख गुरू नानक ने गुरू ग्रंथ साहिब में किया है। संत कबीर की शिक्षा समानता और समरसता की है। साहस के साथ अंध विश्वास को समाप्त करना ही निर्भीकता है। कबीर ने अपने जीवन में इसका उदाहरण प्रस्तुत किया था। उन्होंने आव्हान किया कि मानवता से प्रेम करने के आदर्श पर चलकर देहदान करें। मानव अंगों के दान से कई लोगों को जीवन मिल सकता है। समावेशी और संवेदनशील सोच पर आधारित विकास राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कहा कि संत कबीर के जीवन का मुख्य संदेश सबको समानता के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में राज्य सरकार इसी दिशा में समावेशी विकास के लिये कार्य कर रही है। आर्थिक विकास में सफलतम प्रदेश मध्यप्रदेश में सबको विकास के अवसर उपलब्ध कराये गये हैं। प्रदेश की जीडीपी एक लाख करोड़ रूपये से बढ़ कर पाँच लाख करोड़ रूपये तक पहुँच गयी है। यह विकास समावेशी और संवेदनशील सोच पर आधारित है। इसी सोच से लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजना बनी है। कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास को ध्यान में रखकर योजनाएँ क्रियान्वित की जा रही हैं। संत कबीर का मध्यप्रदेश से गहरा नाता रहा है। प्रदेश के बाँधवगढ़ में उन्होंने लम्बा प्रवास किया था। वहाँ पर कबीर गुफा तीर्थ-स्थल है। मध्यप्रदेश की हर हिस्से की अपनी गौरव गाथा है। यहाँ साँची में बौद्ध स्तूप तथा अमरकंटक में प्रथम जैन तीर्थंकर श्री ऋषभदेव का मंदिर है। उज्जैन और ओंकारेश्वर में ज्योर्तिलिंग हैं। उज्जैन का सिंहस्थ कुंभ प्रसिद्ध है। मध्यप्रदेश की धरती ने संगीत सम्राट तानसेन, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकरदयाल शर्मा, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी, नानाजी देशमुख, सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर और बाबा साहेब अंबेडकर जैसे अनगिनत रत्न पैदा किये है। कबीर एक निर्भीक संत थे राज्यपाल श्री ओ.पी. कोहली ने कहा है कि भारत धर्म प्रधान देश है। जिसमें साधु-संतों को समाज में आदर मिलता है। कबीर एक निर्भीक संत थे, जिन्होंने किताबी ज्ञान से परे हटकर अनुभवों के आधार पर सत्य का दर्शन करवाया। उन्होंने पाखण्डों का घोर विरोध किया और आँखिन देखी पर बल दिया। कबीर की वाणी कल्याणकारी और जीवन अनुभवों को सुदृढ़ करने वाली है। संत कबीर लोक कवि थे, जिन्होंने लोक जागरण किया। पुरानी रूढ़ियों को तोड़कर प्रगति के पथ पर बढ़ाने वाली विचारधारा के संत थे। उन्होंने समाज में समानता की भावना को बढ़ाने का काम किया। सामाजिक समरसता का संदेश मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संत कबीर का दर्शन आज भी प्रासंगिक है। उनका यह दर्शन पूरे जीवन को बदल सकता है। साथ ही भौतिकता के अग्नि में दग्ध विश्व को शाश्वत शांति का दिग्दर्शन कराने में सक्षम हैं। संत कबीर ने समानता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया है। संत कबीर ने जाँत-पाँत को महत्व न देते हुए ज्ञान और प्रेम को महत्व दिया है। उन्होंने रूढ़ियों और पाखण्डों का विरोध किया। श्री चौहान ने संत कबीर के दोहे और साखियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान उसी तरह हर घट में रहते हैं जिस तरह मेहंदी के पत्तों में लाल रंग छिपा रहता है। यदि कहीं भगवान हैं तो गरीबों में हैं। गरीब की सेवा ही भगवान की पूजा है। उसी के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार गरीबों के कल्याण का कार्य कर रही है। श्री चौहान ने कहा है कि गरीबों के रोटी-कपड़ा और मकान तथा उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और दवाई के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। मध्यप्रदेश एक मात्र राज्य है जहाँ हर आवासहीन को भूखण्ड प्रदाय का कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सभी गरीबों को चार वर्ष में पक्के मकान मुहैया करवाये जायेंगे। अनुसूचित जाति, जनजाति सहित सभी गरीबों को एक रूपये किलो गेहूँ और चावल मुहैया करवाया जा रहा है। पैसों के अभाव में कोई विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रहे इसके लिये मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी सहायता योजना शुरू की गई है। शहरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रहने के कमरे का किराया तथा विदेश अध्ययन के लिये छात्रवृत्ति भी उपलब्ध करवायी जा रही है। हर वर्ष डेढ़ लाख युवाओं को स्व-रोजगार के लिये मदद मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानोदय, श्रमोदय, एकलव्य, विद्यालयों का जाल बिछाया जायेगा। मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति-जनजाति के ड़ेढ़ लाख युवाओं को हर वर्ष रोजगार के लिये ऋण-अनुदान सहायता तथा पाँच वर्ष तक पाँच प्रतिशत ब्याज अनुदान मुहैया करवाया जायेगा। एक लाख बच्चों को स्व-रोजगार के लिये मदद दी जायेगी। तीन वर्षों में तीन लाख युवाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जायेगा। संत कबीर के दर्शन पर शोध के लिये दो विश्वविद्यालय में कबीर सृजन पीठ की स्थापना की जायेगी। आत्मा का गान करने वाली कबीर भजन मंडलियों को एकतारा के लिये सहायता दी जायेगी। प्रदेश में स्थित कबीर चौराहों, मठों का पुनउद्धार किया जायेगा। हर वर्ष कबीर महाकुंभ का आयोजन किया जायेगा तथा कबीर के विचारों को आगे बढ़ाने वाले स्वैच्छिक संगठनों को सहायता दी जायेगी। कबीर की जन्म-स्थली को मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में शामिल किया जायेगा। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सामाजिक समरसता का संदेश देने का काम राज्य सरकार ने किया है। प्रदेश में गरीब, शोषित और पीड़ितों के कल्याण के लिये कई योजनाएँ बनाई गईं हैं। संत श्री असंगनाथ जी ने कहा कि कबीर ने कहा था कि अपने मन को निर्मल बना लो तो भगवान आपको ढूँढेगा। विचार करना आ जाये तो हर दु:ख दूर हो जायेगा। जो लोगों को जोड़ता है वहीं जीतता है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान की गई व्यवस्थाओं की पूरे देश में सराहना हुई है। स्वागत भाषण मध्यप्रदेश हस्तशिल्प विकास निगम के अध्यक्ष श्री नारायण प्रसाद कबीरपंथी ने दिया। कबीर सम्मान कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कबीर सम्मान से तीन शब्द-शिल्पियों सर्वश्री रेवाप्रसाद द्विवेदी (बनारस), सुश्री प्रतिभा सत्पथी (भुवनेश्वर) और श्री के. शिवा रेड्डी (हैदराबाद) को सम्मानित किया। इन्हें पुरस्कारस्वरूप तीन लाख रूपये और सम्मान-पट्टिका भेंट की गयी। उन्होंने 'मध्यप्रदेश में कबीर' ग्रंथ का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द को गोंड चित्रकला की कृति भेंट की। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह ने देश की प्रथम महिला श्रीमती सविता कोविन्द को मध्यप्रदेश की मशहूर चंदेरी साड़ी भेंट की। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक श्री प्रहलाद टिपाणिया और साथियों ने भजन प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री नंदकुमार सिंह चौहान, संस्कृति राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा, सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग, सांसद सर्वश्री सत्यनारायण जटिया और चिंतामन मालवीय, श्री नारायण केशरी सहित बड़ी संख्या में कबीर पंथ के संत और अनुयायी तथा जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  11 November 2017

भावांतर योजना

निगरानी के लिये 25 जिलों में वरिष्ठ अधिकारी तैनात  मध्यप्रदेश में भावांतर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों को खरीफ-2017 के लिये चिन्हित 8 जिन्सों को बेचने के लिये अगर खेत से 15 किलोमीटर या इससे अधिक दूरी पर स्थित कृषि उपज मण्‍डी/उप मण्‍डी तक फसल ले जाना पड़ेगा तो उसे प्रति किलोमीटर के आधार पर परिवहन व्यय मिलेगा। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा आज इस आशय के विस्तृत निर्देश जारी कर दिये गये हैं। परिवहन दर का निर्धारण जिला कलेक्टर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी तथा जिला स्तर की मण्‍डी के सचिव की समिति करेगी। परिवहन व्यय की राशि का भुगतान मण्‍डी निधि से किया जायेगा। परिवहन व्यय के लिये चयनित जिन्सों में सोयाबीन, मक्का, तिल, रामतिल, मूंगफली, मूंग, उड़द और तुअर शामिल हैं। परिवहन व्यय भुगतान की शर्तें और प्रावधान भी तय कर दिये गये हैं। शर्तों और प्रावधानों में प्रदेश के अधिसूचित आदिवासी क्षेत्र के जिलों में जिला प्रशासन एग्रीकेटर के तौर पर ट्रेक्टर-ट्राली/वाहन को अधिकृत करेंगे। अधिसूचित आदिवासी जिलों की सूची सभी संबंधितों को भेजी गई है। गैर आदिवासी क्षेत्रों के जिलों में कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा खुलवाये गये कस्टम हायरिंग सेन्टर के उपलब्ध ट्रेक्टर-ट्राली/वाहन से परिवहन का भुगतान किया जायेगा। कस्टम हायरिंग सेंटर की जिलेवार जानकारी कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय की वेबसाइट www.mpdag.org पर उपलब्ध है। परिवहन की गई फसल के मण्‍डी के दस्तावेजों के आधार पर विक्रय का सत्यापन करने के बाद संबंधित जिला कलेक्टर की समिति द्वारा निर्धारित की गई प्रति किलोमीटर परिवहन दर से निकटतम मंडी प्रांगण की दूरी का जहाँ फसल बेची गई है, परिवहनकर्ता को व्यय का भुगतान किया जायेगा। योजना की शर्तों में जिले की अन्य निकटवर्ती मण्‍डी में विक्रय किये जाने पर जिले की समिति द्वारा तय दर पर भुगतान किया जायेगा। एक बार में एक से अधिक किसानों के उत्पाद का एक ट्रेक्टर-ट्राली में सम्मिलित रूप से परिवहन किये जाने की स्थिति में परिवहनकर्ता को अधिसूचित क्षेत्र और गैर-धिसूचित क्षेत्र के जिलों के लिये लागू शर्तों के तहत परिवहन व्यय का भुगतान होगा। परिवहन व्यय का भुगतान मण्‍डी समिति द्वारा परिवहनकर्ता के खाते में डिजिटल पेमेंट के माध्यम से जमा कराया जायेगा।दो नवंबर तक प्रदेश के एक लाख 12 हजार से अधिक किसानों ने अपनी 32 लाख क्विंटल उपज का विक्रय अधिसूचित मंडियों में किया है। मुख्य सचिव ने ली बैठक भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 25 जिलों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की डयूटी लगाई गई है। ये अधिकारी उक्त जिलों का भ्रमण कर वहाँ की मंडियों की व्यवस्था तथा योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। ये अधिकारी समीक्षा में पाई गई कमियों को जिला प्रशासन के माध्यम से दूर करवायेंगे। संबंधित अधिकारियों की बैठक मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह द्वारा आज ली गई। बैठक में नामांकित अधिकारियों को योजना के बारे में और निरीक्षण प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  3 November 2017

उद्योग संवर्द्धन नीति

मंत्रि-परिषद के निर्णय  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को  हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद उद्योग संवर्द्धन नीति 2014 में संशोधन की मंजूरी दी गई। प्रदेश में वृहद निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने के लिए कर आधारित सुविधाओं के स्थान पर पूँजी निवेश, रोजगार सृजन एवं निर्यात संवर्द्धन को आधार बनाकर लागत पूँजी अनुदान की योजना 'निवेश प्रोत्साहन सहायता' के नाम से लाई गई है। इस सुविधा अंतर्गत 10 से 40 प्रतिशत तक लागत पूँजी अनुदान दिया जायेगा, जो छोटे निवेशकों को अधिकतम 40 प्रतिशत होगा। जबकि बड़े निवेशकों को 10 प्रतिशत के स्लेब में रखा गया है। वृहद रोजगार सृजन करने वाले एवं निर्यातोन्मुखी उद्योगों को निवेश प्रोत्साहन सहायता अंतर्गत अतिरिक्त सुविधा दी जायेगी। लोक निर्माण विभाग के 4633 अस्थाई पद स्थायी मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग के 4633 अस्थाई पदों को विभाग की आवश्यकता और निरंतरता को देखते हुए स्थायी करने का निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने कुण्डालिया वृहद सिंचाई परियोजना के विस्थापितों को विशेष पुर्नवास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। परियोजना राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील में निर्माणाधीन है। इस विशेष पैकेज से 81 करोड 9 लाख का अतिरिक्त लाभ 5994 विस्थापित परिवारों को प्राप्त होगा। राज्य विधि आयोग का पुनर्गठन मंत्रि-परिषद ने राज्य विधि आयोग को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। राज्य में विधि आयोग का पुनर्गठन कर उसके सुचारु संचालन के लिए 30 पद के सृजन की मंजूरी दी गई। मंत्रि-परिषद ने राज्य आनंद संस्थान की पद संरचना तथा कार्यपालन समिति की संरचना में परिवर्तन तथा संशोधन की मंजूरी दी। संस्थान के लिए अतिरिक्त 8 पद के सृजन की अनुमति दी गई। संस्थान की सामान्य सभा को कार्यपालन समिति की संरचना में बदलाव का अधिकार भी दिया गया। संस्था की उपविधियों में सभी आवश्यक संशोधन करने के लिए आवश्यक अधिकार सामान्य सभा को देने का निर्णय भी किया गया। मंत्रि-परिषद ने महाप्रबंधक परियोजना एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन का प्रस्ताव 2x660 मेगावाट की विद्युत परियोजना के लिए रेलवे पथ निर्माण के लिए तहसील सनावद जिला खरगोन के 21 ग्रामों की कुल 23.180 हेक्टेयर शासकीय भूमि वर्ष 2017-18 की कलेक्टर गाइड लाइन अनुसार प्रीमियम तथा उस पर 7.5 प्रतिशत भू -भाटक लेकर आवंटित करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने उच्च शिक्षा विभाग की प्रचलित योजना 'पुरस्कार एवं प्रोत्साहन योजना' को तीन वर्ष में अनुमानित व्यय भार 875 लाख की स्वीकृति एवं योजना को निरंतर रखने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने विमुक्त, घुमक्कड़ एव अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति के उत्थान के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज सेवक को पुरस्कार योजना नियम 2014 का नामकरण 'संत श्री सेवालाल महाराज' करने की मंजूरी दी।    

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  11 October 2017

मुख्यमंत्री शिवराज  दशहरा पूजा

मुख्यमंत्री चौहान ने दी सबको शुभकामनाएं  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आज निवास पर दशहरा की पूजा अर्चना की। श्री चौहान एवं उनकी धर्म पत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान ने वाहनों की पूजा की। उन्होंने सभी को विजयादशमी की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्री चौहान ने कहा कि यह पर्व आसुरी शक्तियों का विनाश करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेश की समृद्धि और नागरिकों की खुशहाली की मंगल कामना की। इस अवसर पर समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं सुरक्षा कर्मी उपस्थित थे। म.प्र. को भ्रष्टाचार मुक्त, गरीबी मुक्त, गंदगी मुक्त प्रदेश बनाने का आव्हान  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी नागरिक बंधुओं और श्रद्धालुओं को विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि विजयादशमी समृद्धशाली भारतीय संस्कृति का प्रतीक पर्व है। जनमानस के आराध्य भगवान श्रीराम ने अहंकार के प्रतीक रावण का वध कर लंका विजय की थी। यह अपने अंदर की बुराईयों का दहन करने का अवसर है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विजयादशमी के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश को गंदगी मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, आतंकवाद मुक्त और गरीबी मुक्त प्रदेश बनाने का आव्हान किया है। श्री चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश का कायाकल्प शक्तिशाली, समृद्धशाली और पूर्ण रूप से विकसित प्रदेश के रूप में हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहे, नागरिकों का जीवन समृद्धि और खुशहाली से भरपूर रहे, यही ईश्वर से प्रार्थना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी को दीपोत्सव की भी अग्रिम बधाईयाँ दी।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  30 September 2017

मुख्यमंत्री चौहान

  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव की नदी अभियान रैली के भोपाल पहुंचने पर आज यहां बैरागढ में सीहोर नाके के पास यात्रा का स्वागत किया। सदगुरू स्वयं रैली का नेतृत्व कर रह थे। सदगुरू रैली फार रिवर में स्वयं गाड़ी चलाते हुए बैरागढ से मुख्यमंत्री निवास तक आये। मुख्यमंत्री श्री चौहान और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान सदगुरू के साथ रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री निवास पर श्री चौहान ने सदगुरू का स्वागत किया। सदगुरू के आग्रह पर श्री चौहान ने उन्हें गौशाला का भ्रमण कराया। सदगुरू ने मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की। श्रीमती साधना सिंह  चौहान ने गौशाला प्रबंधन के बारे में जानकारी दी और स्थापना का इतिहास बताया।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  23 September 2017

तरुण सागर की कड़वे वचन का विमोचन

भोपाल  में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां अपने निवास पर मुनि श्री तरूण सागर महाराज की पुस्तक 'कड़वे वचन भाग -9' का विमोचन किया।  इस अवसर पर जैन समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  23 September 2017

cm house

  केरवा कोलार के बीच के बाघ भ्रमण क्षेत्र (जंगल) में पार्टी करना युवकों को महंगा पड़ गया है। भोपाल कंजरवेटर फॉरेस्ट ने उक्त युवकों में से अभय चौहान नामक युवक को सोमवार नोटिस भेज दिया है। जिसमें पूछा है कि क्यों न बाघ भ्रमण वाले क्षेत्र में पार्टी करने, अमले के मना करने के बावजूद नहीं हटने और सीएम हाउस से होने का कहकर धमकाने के मामले में कार्रवाई की जाए। बता दें कि रविवार शाम 7 बजे समरधा रेंज में मौत के कुएं के पास जंगल में एक दर्जन युवक पार्टी कर रहे थे। वन अमले ने युवकों को समझाइश दी थी कि बाघ भ्रमण वाले क्षेत्र में पार्टी करना सख्त मना है। बाघ हमला कर सकता है। जिस पर युवक नहीं माने और मारपीट पर उतारू हो गए। अभय चौहान नामक एक युवक ने खुद को सीएम हाउस से होने का बताकर अमले को धमकाया भी था। बाद में पुलिस बल और के्रक टीम मौके पर पहुंची और युवकों को जंगल से बाहर खदेड़ा गया। सोमवार को मामले में कंजरवेटर फॉरेस्ट डॉ. एसपी तिवारी ने अभय चौहान को नोटिस भेजा है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  20 September 2017

डेंगू लार्वा मिलने  जुर्माना

स्वास्थ्य विभाग और नगर-निगम ने बनायी कार्य-योजना   डेंगू के नियंत्रण और प्रभावी रोकथाम के लिये स्वास्थ्य विभाग ने भोपाल नगर निगम के सहयोग से कार्य-योजना बनाई है। दोनों ने संयुक्त रूप से 19 टीम बनाई हैं, जो वार्डों में जाकर पार्षदों के समन्वय से लार्वा सर्वे और विनिष्टिकरण का काम करेंगी। जिन घरों में लगातार मच्छर का लार्वा पाया जायेगा, उन भवन स्वामियों पर 500 रुपये का जुर्माना होगा। यह जानकारी आज स्वास्थ्य विभाग की दैनिक समीक्षा में दी गई। डेंगू, चिकनगुनिया और मौसमी बीमारियों के नियंत्रण के लिये भोपाल के फायर ब्रिगेड फतेहगढ़ में अतिरिक्त कंट्रोल-रूम स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष क्रमांक 0755-2542222 है। लोगों से अपील की गई है कि लार्वा या डेंगू का मरीज मिलने पर कंट्रोल-रूम में तुरंत सूचना दें। इससे समय रहते कार्यवाही की जा सकेगी। डेंगू नियंत्रण के लिये भोपाल में 10 नये माउंटेड फॉगिंग मशीन वाहनों द्वारा फॉगिंग की जायेगी। जमा पानी स्रोतों पर टीमोफॉस का छिड़काव होगा। डेंगू से बचने के लिये घरों में साफ पानी से भरे बर्तन सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें। पानी भरने से पूर्व बर्तन अच्छी तरह साफ कर लें। कूलर में लगी हुई पुरानी खस को निकाल कर जला दें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। शरीर ढँकने वाले कपड़े पहने। प्रदेश में एक जुलाई से अब तक स्वाइन फ्लू के 329 मरीज मिल चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल के 60 मरीज हैं। जबलपुर जिले में 48, इंदौर में 25, उज्जैन में 20, ग्वालियर में 14, दमोह में 12 और सतना जिले में 10 प्रकरण शामिल हैं। वर्तमान में शासकीय अस्पताल में 56 और निजी अस्पताल में 53 एच-1 एन-1 मरीज उपचाररत हैं। शासन द्वारा सभी जिला चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू चिकित्सा के लिये पर्याप्त इंतजाम करने के साथ प्रदेश के 66 निजी अस्पतालों को भी इलाज के लिये चिन्हित किया गया है। लोगों से लगातार अपील की जा रही है कि वे स्वाइन फ्लू के लक्षणों के प्रति सतर्क रहें। सर्दी, जुकाम, खाँसी, बुखार, तेज सिर दर्द, श्वांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। सार्वजनिक स्थलों से लौटने के बाद साबुन से हाथ धोएँ। चेहरे का स्पर्श न करें। नमस्ते से अभिवादन करें, हाथ न मिलायें। एच-1 एन-1 पीड़ित व्यक्ति से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाये रखें और मास्क का प्रयोग करें।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  14 September 2017

विश्वास सारंग

राज्य मंत्री श्री सारंग को यात्रा के चौथे दिन मिले 207 आवेदन  सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग के  जनता से रू-ब-रू होने के अभियान जन-संवाद पदयात्रा में जन-शिकायतों का तत्काल समाधान हो रहा है। लोग पदयात्रा से जुड़ कर अपनी शिकायतें तथा सुझाव श्री सारंग की मैदानी टीम को दर्ज करा रहे हैं।   यह पदयात्रा वार्ड 77 में हाउसिंग बोर्ड ज़ोन कार्यालय से शुरू होकर बारह दुकान, जैन कॉलोनी, आवास विकास एकता कॉलोनी, कमलनगर, छः घरा पहुँची। शाम को वार्ड 69 में पदयात्रा की गई। राज्य मंत्री श्री सारंग पदयात्रा में अशोका गार्डन स्थित दुर्गाधाम मंदिर से प्रारंभ होकर अशोक विहार, बैंक नगर, मयूर विहार, भगतसिंह पार्क, आजादनगर, प्रभात चौराहे से आनंदम पर पहुँचे।  श्री सारंग ने आम जनता की समस्याएँ गंभीरता से सुनी तथा अधिकारियों के दल को तुरंत समाधान निकालने के निर्देश दिए। प्राप्त आवेदनों को विश्वास एप के जरिये अपने कार्यालय को भेजा। जन-संवाद पदयात्रा में आज 207 आवेदन प्राप्त हुए। सड़क, नाली, सीवेज और बिजली की कई शिकायतों का समाधान स्थल पर ही हो गया।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  14 September 2017

सी.एम. फैलोज

मुख्यमंत्री  चौहान सी.एम. फैलोज उन्मुखीकरण कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सी.एम. फैलोज की अवधारणा आऊट ऑफ बॉक्स थिंकिंग का परिणाम है। प्रयास है कि योजनाओं और सुशासन के प्रयास की निगरानी और निरीक्षण की संस्थागत व्यवस्था के बाहर से भी मूल्यांकित हो। श्री चौहान आज अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान में सी.एम. फैलोज के उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। फैलोज प्रदेश के सभी जिलों में शासन की योजनाओं का अध्ययन कर मुख्यमंत्री सचिवालय को प्रतिवेदन देंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने फैलोज का आव्हान किया कि गरीबी, गंदगी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जातिवाद, सम्प्रदायवाद मुक्त भारत के निर्माण के लिये आगे आयें। नवाचारी सुझाव भी दें। श्री चौहान ने कहा कि फैलोज जिले में व्यापक भ्रमण और संपर्क करें। समन्वय बनाकर योजनाओं का फीडबैक एकत्रित करें। व्यक्तिगत प्रतिभा का उपयोग करते हुए, बदलाव के लिये व्यवहारिक और सैद्धांतिक दोनों आधार पर नये सुझाव और विचार बे-झिझक दें। उन्होंने खुलेमन से विचारशील हों, कार्य करने के लिये कहा। जनता की सेवा का अभूतपूर्व अवसर है, जो फैलोज के भविष्य की अमूल्य निधि बनेगा। व्यवस्थागत सुधारों पर उनके व्यवहारिक विचारों को पूरी गंभीरता से लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने पौराणिक आख्यानों, कथाओं और प्रचलित मान्यताओं के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से सकारात्मक सोच, अहंकार से मुक्त, सबको अपना मानते हुए, धैर्य और उत्साह के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। कहा कि सहज व्यवहार मधुर वाणी और संवेदनात्मक दिल के साथ लोगों के बीच जायें। इस राज्य की जनता की बेहतरी में योगदान के इस ऐतिहासिक अवसर का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार संवेदनशील सरकार है। जिसमें सारी जनता को परिवार मानते हुए, योजना कार्यक्रमों का संचालन हो रहा है। सामाजिक सुरक्षा और सुशासन के लिये अनेक नवाचारी पहल हुई हैं। जिनका अन्य राज्यों ने भी अनुसरण किया है। प्रत्येक व्यक्ति को रहने लायक भूमि के मालिकाना हक और समय-सीमा में सेवा की गारंटी के कानून, मेधावी विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिये फीस भरवाने, ऑनलाइन सेवाएँ, सी.एम. हेल्पलाइन, समाधान ऑनलाइन, जन-सुनवाई, लाड़ली लक्ष्मी, स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण आदि योजनाएँ सभी वर्गों की पंचायतें आयोजित कर जन-भागीदारी से करने का नवाचार है। निश्चित रोड मैप पर चलते हुए, यह सब हुआ है। बिजली पानी और सड़क की आधारभूत सुविधाएँ, कृषि आय में वृद्धि, महिला सशक्तीकरण, गरीबों का कल्याण सबको रोटी-कपड़ा-मकान, पढ़ाई-लिखाई इलाज के लक्ष्यों पर कार्य किया गया है, जिनके परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश की इस वर्ष अनुमानित कृषि वृद्धि दर 29.08 प्रतिशत है। सिंचित क्षेत्र करीब 40 लाख हेक्टेयर हो गया है। लखपति लाड़ली लक्ष्मियाँ साढ़े चौबीस लाख है। इस अवसर पर फैलोज के साथ प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समय प्रबंधन, प्राथमिकताओं का नियोजन, व्यायाम और व्यक्तिगत सोच को आंतरिक ऊर्जा का आधार बताया। जीवन अपने लिये नहीं औरों के लिये है। इस सोच के साथ कार्य करने वाला व्यक्ति सदैव ऊर्जा से भरा रहता है। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक सी.एम. फैलोज से व्यक्तिगत परिचय भी प्राप्त किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। संस्थान के संचालक श्री अखिलेश अर्गल ने बताया कि 18 सितम्बर को प्रत्येक जिले में सी.एम. फैलोज पहुंच जायेंगें। राज्य स्तर पर 15 दिवसीय उन्मुखीकरण का कार्य किया जा रहा है। अगला 10 दिवसीय जिला स्तर पर होगा। आभार प्रदर्शन में संस्थान के प्रधान सलाहकार श्री एम.एम. उपाध्याय ने कहा कि एक व्यक्ति की सोच कितना बड़ा बदलाव ला सकती है, इसका जीवंत उदाहरण प्रदेश की कृषि विकास दर है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  11 September 2017

असमा जेहरा

शरीयत को लेकर मुस्लिम ख्वातिनों का जलसा सोमवार को इकबाल मैदान पर हुआ। इस जलसे में मुस्लिम महिलाओं को शरियत से जुड़े मामले समझाए गए। जलसे में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सदस्य असमा जेहरा मौजूद रहीं। शहर काजी मौलाना सैयद मुश्ताक अली नदवी ने कहा कि शरीयत मामले में कोई समझौता नहीं होगा। मुस्लिम महिलाएं शरीयत पर कायम रहेंगी। शहर काजी ने कहा कि निकाह इस्लामी तरीके से होना चाहिए। 5 मरहले पूरे नहीं होने पर तलाक नहीं दिया जा सकता। जलसे में शरीअत में महिलाओं का दर्जा बताया गया। मुस्लिम महिलाओं ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया है, जिसमें महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरुक किया जाएगा। इसके पहले रविवार को तीन तलाक मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हुई मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की पहली बैठक में देशभर से आए सदस्यों ने हिस्सा लिया। खानूगांव स्थित इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज में रविवार को दिनभर चली बैठक के बाद बाहर निकले सदस्यों से जब उनकी राय जाननी चाही गई तो नवदुनिया से चर्चा के दौरान कुछ सदस्यों ने खुलकर अपनी बात रखी। सभी सदस्य तीन तलाक के गलत उपयोग को लेकर एक मत नजर आए। उनका कहना था कि शरिअत में तीन तलाक वाजिब है, लेकिन उसके तरीका है। जिसे अपनाए बगैर तीन तलाक दिया जाना गलत है। लेकिन, समाज में फैली इस प्रवृत्ति को किसी कानून से नहीं रोका जा सकता। इसके लिए लोगों को समझाइश के माध्यम से जागरूक करना होगा। बोर्ड का जोर भी इसी मसले पर है। लोगों को समाइश देने के लि देशभर में अभियान चलाया जाएगा।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  11 September 2017

niveshak mp

मुख्यमंत्री  चौहान ने की निवेशकों से भेंट मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने मंत्रालय में आज भेंट की। इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और सांसद श्री चिंतामन मालवीय भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों की आवश्यकताएँ और सुविधाओं का भरपूर ख्याल रखा जाये। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कुशल श्रम की आपूर्ति करने के लिए प्रयासरत है। सिंगापुर के सहयोग से ग्लोबल स्किल पार्क बन रहा है। उन्होंने वाणिज्य-उद्योग एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योगों से उनकी प्रशिक्षित श्रम आवश्यकताओं की जानकारी लें। उसी अनुरूप मानव संसाधन की उपलब्धता के लिए तकनीकी शिक्षण संस्थाओं के साथ समन्वय करवायें। श्री चौहान को एल्टिस इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड, पीथमपुर के प्रवर्तक श्री मनोज कटारिया और श्री अनिल खासगीवाल ने बताया कि प्रदेश का औद्योगिक वातावरण निवेशकों के लिये उत्कृष्ट है। उद्योग स्थापना संबंधी व्यवस्थाएँ उत्कृष्ट कोटि की हैं। उन्होंने अपने औद्योगिक प्रस्ताव के अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में उन्हें औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए बिना किसी भाग दौड़ के जितनी शीघ्रता से भूमि की उपलब्धता हुई है, वह उनके लिए अभूतपूर्व अनुभव है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए टेस्टिंग लैब और कुशल मानव संसाधन के लिए तकनीकी शिक्षा के पाठ्यक्रमों में आवश्यक संशोधन के सुझाव भी दिए। फेयर डील एक्सपोर्ट्स को-ऑपरेटिव सोसाइटी के अध्यक्ष श्री प्रदीप केड़िया, उपाध्यक्ष श्री राजेश जैन और श्री भगवान दास वैष्णव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बताया कि समिति के 166 सदस्यों द्वारा बुरहानपुर में 57 एकड़ में टेक्सटाइल औद्योगिक पार्क विकसित करवाया जा रहा है। बैठक में पार्क के लिये पहुँच मार्ग के लिये भूमि की उनकी आवश्यकता के परिप्रेक्ष्य में विनिमय द्वारा भूमि की उपलब्धता करवाने के सैद्धांतिक प्रस्ताव पर सहमति दी गई। मेसर्स व्ही.एस.एल. लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री व्ही.जी. कृष्ण प्रसाद ने बताया कि उनकी इकाई स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। उनके द्वारा औद्योगिक क्षेत्र बांदका जिला उज्जैन में स्टील प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। इकाई की जल संबंधी आवश्यकताओं में सहयोग की अपेक्षा करने पर मुख्यमंत्री ने उनकी परियोजना के लिये जल की उपलब्धता में अपेक्षित सहयोग के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। इस अवसर पर मेसर्स अम्बा शक्ति उद्योग लिमिटेड के चेयरमेन श्री कमल गोयल और डायरेक्टर श्री हेमंत गुप्ता ने भी भेंट की। बताया कि औद्योगिक क्षेत्र बानमोर, मुरैना में स्थापित इकाई की क्षमताओं को 50 प्रतिशत बढ़ा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैस, प्रमुख सचिव उद्योग एवं वाणिज्य श्री मो. सुलेमान, प्रमुख सचिव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग श्री व्ही.एल कांताराव, प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरुण पाण्डे, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल और श्री एस.के. मिश्रा भी मौजूद थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  11 September 2017

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना

यूथ समिट में मुख्यमंत्री चौहान का आव्हान,ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का लाभ इस वर्ष चिन्हित शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश लेने वाले वे विद्यार्थी भी ले सकेंगे, जिन्होंने 12वीं परीक्षा पूर्व के वर्षों में 75 प्रतिशत से अधिक अंकों से उत्तीर्ण की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल में  बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के ज्ञान-विज्ञान भवन में आयोजित यूथ समिट को संबोधित कर रहे थे। इंडिया माइंड रॉक यूथ समिट का आयोजन इंडिया टुडे द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में सहकारिता राज्य मंत्री  विश्वास सारंग, विधायक जयवर्धन सिंह, सरपंच  भक्ति शर्मा एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने युवाओं का आव्हान किया कि असाधारण, सफल और सार्थक जीवन को लक्ष्य बनाएँ। रोडमैप तैयार करें। कठोर परिश्रम करें। ऊँचा सोचें। व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है। युवा ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं है। जरूरत क्षमता के स्वाभाविक प्रगटीकरण की है। अंधानुकरण उचित नहीं है। प्रदेश में युवाओं के लिये अनंत संभावनाएँ है। नये निवेश से रोजगार के नये अवसर सृजित हो रहे हैं। स्व-रोजगार के भी भरपूर अवसर है। खाद्य प्र-संस्करण इकाईयाँ पंचायतवार लगाई जा सकती है। सरकार की गारंटी पर पाँच वर्ष के लिये 5 प्रतिशत ब्याज और 15 प्रतिशत ऋण सब्सिडी के साथ वित्तीय सहायता की योजनाएँ संचालित है। महिलाओं के लिये ब्याज सब्सिडी 6 प्रतिशत का प्रावधान है। सरकार ने इस वर्ष 7.5 लाख युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार में स्थापित करवाने का लक्ष्य रखा है। प्रयास है कि युवा रोजगार देने वाले बने। राज्य की धरती से युवा बड़े उद्योगपति बनकर निकलें। युवाओं के सपने अभावों में मरे नहीं सरकार का यह प्रयास है। नि:शुल्क शिक्षा, गणवेश, विद्यालय जाने के लिए साईकिल, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्य, अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ ही सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों को भी छात्रवृत्ति मिलती है। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का न्यू इंडिया युवा बनाएंगे। उनके नवाचारों, उद्यमिता प्रयासों को सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। युवाओं का आव्हान किया कि रचनात्मक कार्यों से जुड़े। पौधरोपण, नदी जल संरक्षण, पर्यावरण चेतना, शिक्षा की गुणवत्ता आदि का कोई भी एक कार्य अवश्य करें। उन्होंने स्वयं 15 दिवस में एक बार शिक्षण कार्य करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश-देश के विकास का इंजन बन रहा है, जिसकी इस वर्ष अनुमानित कृषि विकास दर 29% है। विकास दर 8 वर्षों से दो अंकों में है। स्वच्छता अभियान के स्वच्छ 100 शहरों में 22 राज्य के है। प्रथम इन्दौर और द्वितीय भोपाल है। मुख्यमंत्री प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में पूछे गये विभिन्न प्रश्नों के उत्तर में बताया कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है। समाज की यह सोच पूर्णत: अनुचित है कि बड़े पद पर बैठे व्यक्ति की संतानें भी बड़े काम करें। उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवाओं की उद्यमिता बढ़ाने के प्रयास तेजी से हो रहे हैं। युवा उद्यमियों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाती है। उनके अनुभव जाने जाते हैं। प्रसन्नता की बात है कि 90 से 95 प्रतिशत उद्यमी सफल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियर की आवश्यकता से अधिक आपूर्ति के कारण कॉलेजों में सीटें खाली रह रही है। वैकल्पिक व्यवसाय और स्व-रोजगार के नये अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की कमी की समस्या समाधान के लिये अगले वर्ष 7 नये शासकीय मेडिकल कॉलेज खुलवाये जा रहे हैं। चिकित्सकों पर व्यावसायिक प्रतिबंधों को कम करने और सेवा शर्तों को सुधारा जा रहा है। चिकित्सकों का मुख्यालय नगर बनाकर, उन्हें पैरामेडिकल स्टॉफ के साथ ग्रामीण अंचल में भेजने की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के लाभान्वित डॉक्टरों पर तीन वर्ष राज्य के ग्रामीण अंचल में सेवा की बाध्यता रखी गई है। उन्होंने बताया कि दिल से कार्यक्रम राज्य के विभिन्न वर्गों के साथ दिल की बात सीधे दिल से करने का प्रयास है। दिल की बात दिल और दिमाग पर सीधा असर डालती है। इंडिया टुडे के ग्रुप एडीटोरियल एडीटर श्री राज चेंगप्पा ने आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि देश में तेजी प्रगति करने वाला मध्यप्रदेश राज्य है। उन्होंने युवाओं के साथ प्रश्नोत्तरी के रूप में संवाद करते हुए मुख्यमंत्री के राजनैतिक जीवन की प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया। वेल्लोर इंस्टीटूयट ऑफ टेक्नोलॉजी के चांसलर श्री विश्वनाथन ने मध्यप्रदेश को उत्तरी भारत में सर्वश्रेष्ठ शहर, राज्य और मुख्यमंत्री वाला प्रदेश बताया।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। चयनित युवा प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित टी शर्ट प्रदान की गई है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  8 September 2017

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भ्रष्ट अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाई की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि सरकार लोगों के हित में काम करने वाली सरकार है। लोक सेवाओं के प्रदाय और शासन की योजनाओं के लाभ से लोगों को वंचित रखने वाले लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। श्री चौहान आज मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन में शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के बाद कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सीसीएफ स्तर के अधिकारी की वेतनवृद्धि रोकने, तहसीलदार, पटवारी, ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारी और कई कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने झाबुआ जिले के मातासुला ग्राम पंचायत गांव की सरपंच श्रीमती कपना सडिया वसुनिया को अपनी पंचायत की पेयजल समस्या के लिये समाधान ऑन लाइन में आने की सराहना की। किसी एक विकास कार्य के लिये एक लाख रूपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की और बताया कि नल–जल प्रदाय योजना स्वीकृत कर दी गई है और इसी गर्मी से घरों में नल से पानी मिलने लगेगा। रतलाम के मथुरी गांव के किसान श्री बद्रीलाल पाटीदार ने मुख्यमंत्री को बताया कि सोयाबीन की फसल नुकसान की शिकायत के बावजूद बीमा कंपनी सर्वे के लिये नहीं पहुँची। कई किसान बीमा दावा राशि मिलने से वंचित रह गये। मुख्यमंत्री ने बीमा कंपनी को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि ऐसे प्रकरणों में किसानों की शिकायत पर तत्काल कार्यवाई करें। उन्होंने सभी कलेक्टरों की निर्देश दिये कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रीमियम राशि जमा करने और बीमा संबंधी अन्य औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाये। फसल हानि के आंकलन के लिये फसल कटाई प्रयोग भी समय पर पूरा करें। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्यवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस साल सूखे के संकट से फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसलिये किसानों का फसल बीमा अवश्य करवा लें। पानी रोकने का काम प्राथमिकता से करें और इस संबंध में किसानों का भी सहयोग लें। कटनी के खितौली गांव के शेख अजमेर की शिकायत थी कि उन्हें बलराम तालाब बनाने की पहली किश्त मिली दूसरी नहीं मिली। मुख्यमंत्री की इसी गंभीरता से लेते हुए सहायक भू-संरक्षण अधिकारी को निलंबित कर दिया। उन्होंने सभी प्रकरणों में तालाब निर्माण की राशि का भुगतान का करने के निर्देश दिये। रीवा के दुबडा गांव के एक प्रकरण में श्री सुमधनधर शर्मा ने बताया कि उसकी भूमि गैर कानूनी तरीके से हडप कर बेच दी गई। भूमि की गैर कानूनी रूप से अदला बदली करने और दस्तावेज में हेराफेरी करने के मामले में लापरवाही बरतने पर उन्होंने तत्कालीन तहसीलदार, वर्तमान तहसीलदार, तत्कालीन एवं वर्तमान पटवारी को निलम्बित करने का निर्देश दिये। साथ ही आपराधिक कार्य कर जमीन खरीदने और उस पर लोन लेने वालों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने को कहा। उन्होंने इस पेचीदा मामले में सूक्ष्म छानबीन करने के लिये रीवा कलेक्टर को बधाई दी। खरगोन के अजनगांव में मिट्टी की खदान धसकने में तीन परिवारों के एक-एक सदस्य की मृत्यु हो गई थी। मुख्ममंत्री ने पीडि़त परिवार के प्रत्येक सदस्य को एक-एक लाख रूपये की सहायता राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से दी। खंडवा के रोहणी गांव के नानक राम ने बताया कि उसकी छह बकरियों को रीझ खा गया था। सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत करने के बाद उसे मुआवजा की राशि मिल गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि इतनी देर क्यों लगी। असंतोषजनक जबाब मिलने पर उन्होंने सीसीएफ की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये। इस प्रकरण को संतोषजनक कार्यवाही किये बिना बंद नहीं करने पर रेंजर के विरूद्ध विभागीय जांच कर सेवा से निकालने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मंडला के उमरिया गांव के श्री केशलाल ने शिकायत की कि पावर ग्रिड कारपोशन से संबंधित कंपनी ने ट्रांसमिशन लाइन लगाते समय पेड़ काट लिये और उन्हें मुआवजा भी शासन के निर्धारित मापदण्डों के अनुसार नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुये कहा कि इस संबंध में ऊर्जा मंत्रालय को अवगत कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिनके पेड़ कटे हैं उन्हें पर्याप्त मुआवजा दिलाया जायेगा। उन्होंने कलेक्टर से ऐसे सभी प्रकरणों पर निगरानी रखने और राज्य शासन के ध्यान में लाने के निर्देश दिये। छिंदवाडा के एक प्रकरण में शिकायतकर्ता श्री शैलेश श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 में शिक्षकों के शाला नहीं आने की शिकायत की थी। इसके बाद बीआरसीसी परासिया ने शिक्षकों को समझाइश देकर प्रकरण बंद कर दिया। मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लेते हुये कहा कि वे संबंधित अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिये। जबलपुर के श्री सुरेन्द्र काछी ने बताया कि उन्हें जननी सुरक्षा योजना की प्रसूति सहायता राशि 16 अगस्त को मिल गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि दो साल बाद भुगतान क्यों हुआ। इस पर असंतोषजनक जबाव मिलने पर संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये। शहडोल की नदियाटोल गांव की सरस्वती महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती ममता बहन ने बताया कि उन्हें 18 महीनों का रूका हुआ पैसा का भुगतान हो गया है। मुख्यमंत्री ने भुगतान में विलम्ब के लिये संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये। स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया से लड़ने की तैयारी रखें मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे स्वाइन फ्लू के फैलने के खतरे को देखते हुये अपने-अपने जिलों में पूरी तैयारी रखें। सभी विभाग मिलकर समन्वय के साथ युद्ध-स्तर पर काम करें। पड़ोसी राज्यों से स्वाइन फ्लू का संक्रमण प्रदेश में आने का खतरा है। अस्पतालों में भी स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसलिये पूरी तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने निजी अस्पतालों का भी सहयोग लेने और निजी अस्पतालों के चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ को भी लगातार जागरूक रखने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे सभी जिलों में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिये टास्क फोर्स का सहयोग लें। यह सबकी साझा जिम्मेदारी है। इससे निपटने के लिये युद्ध-स्तर पर तैयारी रखें। हर दिन संभावित प्रकरणों पर निगरानी रखें। दवाईयों की कोई कमी नहीं है। आपात स्थिति में गरीब मरीजों के लिये मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से प्रकरण स्वीकृत किये जा सकते हैं। आम लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण के प्रति जागरूक बनाने के लिये जिला-स्तरीय अभियान चलायें। आइसोलेशन बार्ड स्थापित करें और प्रायवेट अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का भी उपयोग करें। उन्होंने डेंगू और मलेरिया के प्रकरणों पर निगरानी रखने के निर्देश दिये। सूखे के संकट से निपटने की रणनीति बनायें मुख्यमंत्री ने इस साल कम वर्षा से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिये सभी जिलों में आपात योजनायें बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने पानी रोकने के हर संभव प्रयास करने के निर्देश देते हुये कहा कि किसानों को समान जल-वितरण करने की कार्ययोजना तैयार रखें। पेय जल की संभावित समस्या को देखते हुये अभी से रणनीति तैयार रखें। प्रधानमंत्री का जन्मदिन स्वच्छता दिवस के रूप में मनेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिले प्रधानमंत्री के ‘’संकल्प से सिद्धी’’ अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म-दिवस को स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया जायेगा। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टर को 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन स्वच्छता दिवस पर कार्यक्रमों की श्रंखला बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन से पूरे देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आई है। मुख्यमंत्री ने राजस्व के नामांतरण एवं बटवारे एवं अन्य प्रकरणों में अभियान चलाकर कार्यवाही करने के मुख्य सचिव की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण चुनौती के रूप में स्वीकार करें। यह सभी कलेक्टरों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिये कि वे ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की सूची बनायें जिन्होंने पचास साल की आयु और बीस साल की सेवा पूरी कर ली है। ऐसे अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया जायेगा। 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक किसान सम्मेलन श्री चौहान ने कहा कि 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक किसानों के सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। इसमें किसानों की आय दोगुनी करने की रणनीति करने पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी कृषि की विकास दर प्राथमिक रूप से 29.8 प्रतिशत रही है। इसके लिये किसान और जमीनी अमले को बधाई। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से ज्यादा से ज्यादा किसानों को कवर करने के निर्देश दिये। उन्होंन नर्मदा सेवा मिशन के अंतर्गत कार्य-योजनाओं को पूरी तरह से जमीन पर उतारने के लिये जिला-स्तरीय रणनीति बनाने के निर्देश देते हुये कहा कि नर्मदा के किनारे जितने भी पौधे लगाये गये हैं उनकी सुरक्षा के पूरे इंतजाम करें। मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्प लाइन 181 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि लोक सेवा प्रदाय गारंटी नियम के अंतर्गत 371 सेवाओं को शामिल किया गया है। जिनमें से 121 सेवायें ऑनलाइन हैं। उन्होंने कहा कि लोकसेवाओं के प्रदाय अधिनियम के क्रियान्वयन की जिलेवार समीक्षा की जायेगी।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  8 September 2017

 एक समान शिक्षा नीति

  शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रयासों की केन्द्रीय मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने की सराहना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पूरे देश के लिये एक समान शिक्षा नीति होना चाहिये। इसके लिये मध्यप्रदेश पूरा सहयोग करेगा। उन्होने कहा कि प्रयोग के तौर पर माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा के लिये बैतूल जिले में पठन-पाठन की सारी सुविधाओं और अधोसंरचनात्मक व्यवस्थाओं से सम्पन्न एक विद्यालय खोला जाएगा जिसमें आसपास के गांवों से विद्यार्थियों को लाया जाएगा और वापस छोड़ा जाएगा। इस प्रयोग के सफल होने पर इसका विस्तार करने पर विचार किया जाएगा। श्री चौहान आज यहां ज़ी न्यूज चैनल द्वारा राज्य शिक्षा समिट कार्यक्रम में सवालों के जवाब दे रहे थे। उन्होने शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थाओं को सम्मानित किया। मप्र को शिक्षा में केन्द्र से मिलेगा पूरा सहयोग केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक सवाल के जवाब में मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता बढ़ाने, स्वायत्तता बढ़ाने और नये शैक्षणिक संस्थानों को प्रोत्साहित करने के मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करने के बाद अब प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। किसी समय बीमारू राज्य कहलाने वाला मध्यप्रदेश अब प्रथम श्रेणी के राज्यों में शामिल हो गया है। श्री जावड़ेकर ने कहा कि मध्यप्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में हर प्रकार से सहयोग दिया जाएगा। श्री जावड़ेकर ने कहा कि विशेषज्ञों का एक पैनल पूरे देश में बीस उत्कृष्ट विश्वविद्यालयों का चयन करेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश का भी इसमें स्थान होगा। श्रमोदय विद्यालय खुलेंगे श्री चौहान ने राज्य में प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिये किये गये प्रयासों की चर्चा करते हुये कहा कि उत्कृष्ट विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, ज्ञानोदय विद्यालय खोले गये हैं । चार श्रमोदय विद्यालय भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में खोले जा रहे हैं। इन विद्यालयों में विशेष रूप से शिक्षित और प्रशिक्षित शिक्षकों की भर्ती की गई है। इनकी सेवा शर्ते भी भिन्न हैं। श्री चौहान ने कहा कि समाज की ओर से भी शिक्षकों को मान-सम्मान मिलना चाहिये। इस प्रवृत्ति में कमी आई है। उन्होंने कहा कि वेतन और सुविधाओं के अलावा शिक्षक मान-सम्मान चाहता है। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने चलेगा अभियान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एक दशक पहले तक प्राथमिक शिक्षा बुरी स्थिति में थी। शुरू से ही कठिन प्रयास करने पड़े । उच्च शिक्षा का प्रतिशत 13-14 था जो अब 20 हो गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को जब भी आवश्यकता पड़ी केन्द्र ने पूरी मदद की। अब उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये अभियान चलाया जाएगा। नये कॉलेज खुल रहे हैं, जो कम्प्यूटर लैब, लाइब्रेरी और आई.टी. आधारित अन्य पठन-पाठन टूल्स से सज्जित हैं। श्री चौहान ने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना की चर्चा करते हुये कहा कि अब प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च शिक्षा के लिये पैसों की कमी नहीं आएगी। उनकी फीस सरकार भरेगी। प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारी जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की सेवा-शर्तें और वेतन में सुधार किया गया है। अब उन्हें सम्मानजनक 25 से 30 हजार रूपये प्रति माह वेतन मिल रहा है। उनका प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा। कक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति का प्रतिशत भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों के माता पिता नहीं हैं, वे रेल्वे स्टेशनों, सड़कों पर भटकते रहते हैं, उनके लिये भी शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टरों से कहा गया है कि वे किराये का आवास लें और उन्हें स्कूल भेजें। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को साइकिल, गणवेश, लैपटॉप, स्मार्टफोन देने जैसी पहल की गई है। निजी क्षेत्र में कई विश्वविद्यालय स्थापित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के तीन आयाम गिनाते हुये कहा कि शिक्षा का उददेश्य ज्ञान देना, कौशल देना और नागरिक संस्कार देना है। विश्वस्तरीय आई.टी.आई की स्थापना भोपाल में की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ी है इस साल के 12वी कक्षा के जो उत्कृष्ट परिणाम आये, उनमें सबसे ज्यादा बच्चे शासकीय स्कूलों के थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  3 September 2017

भावान्तर भुगतान योजना mp

अंतर के भुगतान की राशि किसानों के खाते में सीधे पहुँचेगी   मध्यप्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने ने के लिये पायलेट आधार पर खरीफ-2017 के लिये किसान-कल्याण एवं कृषि विभाग ने भावान्तर भुगतान योजना लागू की है। इस योजना में किसान द्वारा अधिसूचित कृषि उपज मण्डी प्रांगण में चिन्हित फसल उपज का विक्रय किये जाने पर राज्य शासन ने घोषित मॉडल विक्रय कर एवं भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों को भुगतान करने का निर्णय लिया है। खरीफ-2017 में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द एवं तुअर की फसलें ली गयी हैं। इन फसलों के लिये किसानों का योजना में एक सितम्बर-2017 से 30 सितम्बर-2017 तक भावान्तर भुगतान योजना के पोर्टल में पंजीयन किया जायेगा। भावान्तर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों की फसलों के मण्डी में विक्रय अवधि तुअर के लिये एक फरवरी-2018 से 30 अप्रैल-2018 तक तथा सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग और उड़द के लिये 16 अक्टूबर-2017 से 15 दिसम्बर-2017 तक मॉडल विक्रय दर की गणना मध्यप्रदेश तथा दो अन्य राज्यों की मॉडल विक्रय दर का औसत होगा। योजना का लाभ पंजीकृत किसानों द्वारा मध्यप्रदेश में उत्पादित कृषि उत्पाद का विक्रय अधिसूचित मण्डी परिसर में किये जाने पर मिल सकेगा। योजना का लाभ जिले में विगत वर्षों की फसल कटाई प्रयोगों पर आधारित औसत उत्पादकता के आधार पर उत्पाद की सीमा तक ही देय होगा। प्रदेश के किसानों को देय राशि की गणना में प्रावधान किया गया है कि यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम किन्तु राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से अधिक हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से कम हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि ही किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। भावान्तर भुगतान योजना में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ/मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन द्वारा पात्र किसानों को भुगतान किया जायेगा। भावान्तर भुगतान योजना में निर्धारित विक्रय अवधि के बाद विक्रय अवसर प्रदान करने के लिये भावान्तर भुगतान योजना में निर्धारित विक्रय अवधि के बाद तुअर के लिये एक मई-2018 से 30 अगस्त-2018 और सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द एक जनवरी-2018 से 30 अप्रैल-2018 तक किसान द्वारा लायसेंसयुक्त गोदाम में अपने कृषि उत्पाद रखे जाने के लिये गोदाम क्रय राशि किसानों को दिये जाने का भी निर्णय लिया गया है। यह राशि निर्धारित भण्डारण अवधि में मॉडल विक्रय दर, न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रहने की स्थिति में 7 रुपये प्रति क्विंटल प्रति माह अथवा जो वास्तविक भुगतान किया गया है, दोनों में से जो भी कम हो, की दर से ऐसे किसानों के बैंक खाते में राशि जमा करवायी जायेगी। भावान्तर भुगतान योजना के संबंध में नीतिगत निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कृषि केबिनेट द्वारा लिये जायेंगे। क्रियान्वयन प्रगति एवं समीक्षा के लिये राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन समिति तथा जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति द्वारा दिये जाने का निर्णय लिया गया है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  1 September 2017

अभिषेक पटेल

  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज सागर जिले के हेड कांस्टेबल अभिषेक पटेल को 400 बच्चों की  जान बचाने के लिये पचास हजार रूपये का पुरस्कार प्रदान किया। उन्होने श्री पटेल के साहस की सराहना की और शुभकामनायें दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास पर श्री पटेल को 50 हजार रूपये का चेक भेंट किया। उन्होंने श्री पटेल को पुष्प भेंट कर उनकी कर्तव्यनिष्ठा और साहस की प्रशंसा की। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री आर के शुक्ला, अपर पुलिस महानिदेशक श्री राजीव टंडन एवं श्री आदर्श कटियार भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि श्री पटेल ने सागर के चितोरा गांव के माध्यमिक स्कूल के पास पड़े तोप के गोले को अपने कंधे पर उठाकर एक किलोमीटर दूर जाकर फेंका ताकि वहां मौजूद 400 बच्चों की जान बच सके। इस तरह श्री पटेल ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया।      

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  29 August 2017

 महिला स्व-सहायता समूह

  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूह सामाजिक परिवर्तन के नेतृत्व का आंदोलन बनें। महिला स्व-सहायता समूहों को महिला सशक्तिकरण का आंदोलन बनाया जायेगा। इन समूहों की महिला सदस्यों को रोजगार से जोड़कर गरीबी को दूर किया जायेगा। प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूह सामाजिक परिवर्तन के अगुवा बन गये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास पर महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों ने भाग लिया। सम्मेलन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में आजीविका मिशन के तहत काम कर रहे एक लाख 69 हजार स्व-सहायता समूह प्रदेश से गरीबी के कलंक को मिटाने के संकल्प से काम करें। मध्यप्रदेश के महिला स्व-सहायता समूहों का आंदोलन पूरी दुनिया में उदाहरण बनेगा। आजीविका मिशन में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने नेतृत्व की क्षमता विकसित की है। प्रदेश की सभी गरीब महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जायेगा। स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाये गये उत्पादों के वितरण और उनके प्रचार की रणनीति बनाई जायेगी। इन स्व-सहायता समूहों को स्कूल गणवेश निर्माण का कार्य देने पर विचार किया जायेगा। सरकारी खरीदी में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की खरीदी की व्यवस्था की जायेगी। बड़े शॉपिंग मॉलो में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के लिये स्थान तय किया जायेगा। स्व-सहायता समूहों को माइक्रो फाईनेंस कम्पनियों और बैंकों से ऋण लेने में होने वाली दिक्कतों को दूर किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने महिला सदस्यों से आग्रह किया कि अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। राज्य सरकार ने बारहवीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस भरने के लिये मेधावी विद्यार्थी योजना लागू की है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे। स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों ने खुलकर अपनी बात रखी कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने अनौपचारिक बातचीत में खुलकर अपनी बात रखी, महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियाँ और कठिनाईयाँ बताई तथा सुझाव भी दिये। महिला सदस्यों ने कहा कि स्व-सहायता समूहों की बैठक के लिये ग्रामों में भवन निर्माण किया जाये। बैंकों में एक दिन स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के लिये राशि निकालने के लिये तय हो। सभी बैंकों में बैंक सखियाँ नियुक्त की जायें। बाजार में आजीविका मिशन के उत्पाद विशिष्ट नाम से जाने जायें। भूमि अधिकार में बेटियों का नाम भी जोड़ा जाये। स्व-सहायता समूहों के लिये कम्प्यूटर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाये। शॉपिंग मॉल में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों के लिये विक्रय की व्यवस्था हो। स्व-सहायता समूहों की ओवरड्राफ्ट लिमिट बढ़ाई जाये। गाँवों में बीज भण्डारण केन्द्र प्रस्तावित किये जायें। महिलाओं के प्रस्ताव पर ग्राम पंचायतों में कार्रवाई कर ग्राम सभा में बताया जाये। शासकीय छात्रावासों में बेडशीट प्रदाय करने का काम स्व-सहायता समूहों को दिया जाये। उचित मूल्य की दुकानों के संचालन का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को मिले। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री आर.एस. जुलानिया, राज्य आजीविका मिशन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एल.एम बेलवाल सहित बड़ी संख्या में प्रदेशभर से आयी महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य उपस्थित थीं।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  29 August 2017

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकास और जनकल्याण के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की गति और तेज की जाये। इसके लिये विभाग समयबद्ध कार्य योजना बनाये। वे आज यहाँ मंत्रालय में मंत्रिपरिषद के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिये उपज की खरीदी के बजाय बिक्री मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि उनके खातों में जमा करने की कार्य योजना बनायें। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खाद्यान्न वितरण के स्थान पर हितग्राहियों के खाते में नगद राशि जमा कराने की प्रक्रिया किसी एक जिले में पायलट के रूप में शुरू करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों में खरीदी के नियमों आवश्यक बदलाव किया जाये। जेम के माध्यम से सामग्री खरीदी की जाये। सभी योजनाओं के क्रियान्वयन को आधार से लिंक किया जाये। उन्होंने पर्यटन, स्वच्छता एवं वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने का अभियान चलाने तथा कृषि आय को दोगुना करने, फसल बीमा राशि का वितरण करने एवं स्वरोजगार सम्मेलन और महिला स्वसहायता सम्मेलनों की तिथियाँ निर्धारित करते हुये आयोजन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा है कि सरकार की प्राथमिकताओं का दृष्टिपत्र तैयार है। क्रियान्वयन का रोड मैप बना हुआ है। जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक बेहतर करने के लिये नवाचारों और तकनीक के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिये हैं ताकि योजनाओं का जमीनी अमल और अधिक बेहतर हो सके, जिससे पारदर्शिता आये। इससे नया मध्यप्रदेश आदर्श डिजिटल प्रदेश बने। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर होना चाहिए। निश्चित समय-सीमा और निर्धारित नीति के साथ कार्य किये जायें। व्यवस्था में संशोधन और परिवर्धन के प्रति आगे बढ़कर प्रयास करें। उन्होंने विभिन्न विभागों को वित्तीय प्रबंधन पर विशेष बल दिया। कहा कि विभाग अंतर्गत अतिशेष राशियों का आंकलन करें। उनके सुविचारित व्यय के उपाय किये जाएं। उन्होंने अपर मुख्य सचिव वित्त को विभिन्न विभागों में उपलब्ध अनुपयोगी राशियों की जानकारी संकलित कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। जिससे इस राशि का जन कल्याण की योजनाओं में बेहतर उपयोग किया जा सके। उन्होंने तकनीक का उपयोग कर कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी अमल को और अधिक प्रभावी बनाने। इस मंशा से नवाचार करने के लिये अधिकारियों को प्रेरित किया। उन्होंने योजनाओं का क्रियान्वयन आधार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसर्फर व्यवस्थाओं पर आधारित किये जाने की जरूरत बतायी। कहा कि तकनीक के प्रयोग से गड़बड़ियां रूकती है। ऐसी गड़बड़ियों पर पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई करें। गड़बड़ी पकड़ने का श्रेय मिलेगा। यह भी सुनिश्चित करे कि क्रियान्वयन व्यवहारिक दिक्कतें नहीं हो। इनका व्यवहारिक सीमाओं में क्रियान्वयन का परीक्षण करें। नवाचारों के पायलट प्रोजेक्ट बनाकर प्रयास करें। उन्होंने शासकीय खरीदी कार्य को गर्वमेंट ई-मार्केट (जेम) के माध्यम से करवाने की व्यवस्था करने एवं खरीदी के नियमों में आवश्यक संशोधन कराने के निर्देश दिये। साथ ही राज्य के लघु उद्योगों और हस्तशिल्प उद्योगों को जेम के पोर्टल पर पंजीयन करवाने में सहयोग के निर्देश दिये। पोर्टल के माध्यम से खरीदी पारदर्शिता को बढ़ावा देगी। विभागों को डिजिटल गर्वेनेंस पर बल देने और उसे विस्तारित करने के लिये नवाचार के लिये कहा है। भीम एप की उपयोगिता के दृष्टिगत वित्त एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को संयुक्त रूप से आमजन एवं व्यापारियों को उसके उपयोग के लिये प्रेरित प्रशिक्षित करने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान ने योजनाओं की निरंतर समीक्षा करने की जरूरत बताते हुए कहा कि स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना, एल.ई.डी. वितरण की निरंतर समीक्षा हो। कार्य की गति में धीमी नहीं होने पाये मिशन मोड में कार्य चलता रहे। उन्होंने प्रगति में आंचलिक अंसतुलन पर चर्चा करते हुये पिछड़े अंचलों के लिये प्रोग्रेस के पैरामीटर निर्धारित कर कार्यों पर फोकस करने की जरूरत बतायी ताकि प्रगति का असंतुलन खत्म हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मृदा कार्डों का खेती-किसानी में उपयोग हो, इसकी सतत् मॉनीटरिंग के लिये कृषि विभाग को निर्देशित किया। किसानों को इसके उपयोग के लिये प्रेरित किया जाये। किसानों की आय को दोगुना करने के लिये 15 से 30 सितम्बर के दौरान हर विकासखंड में किसान सम्मेलन करने एवं उनमें प्रभारी मंत्री, स्थानीय जनप्रतिनिधि और कृषि वैज्ञानिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। कृषि एवं सम्बद्ध विभागों को आय को दोगुना करने की कार्य योजना की समीक्षा के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम की संकल्पना नवविचारों पर मंथन की पहल है, इस परिप्रेक्ष्य में मंथन करने और पोर्टल के माध्यम से नागरिकों के सुझावों विचारों को प्राप्त करने की जरूरत है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं, जनधन खातों और मुद्रा योजना एवं वित्तीय समावेशन के प्रयासों की गतिशीलता को निर्बाध बनाने के प्रयासों पर विशेष ध्यान दिये जाने के लिये कहा। जिलास्तर पर प्रभारी मंत्री को कलेक्टर और बैंकर्स क