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डिंडौरी News


narmda yatra

  नर्मदा सेवा यात्रा दो मई को डिण्डोरी के बालपुर, पलकी, चुरिया होते हुए धर्मपुरा पहुँची। तेज गर्मी में भी निरंतर आगे बढ़ रही इस यात्रा में आज ग्राम पलकी के शासकीय हाई स्कूल परिसर में जन-संवाद आयोजित किया गया। साध्वी प्रज्ञा भारती, म.प्र. जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पांडे, म.प्र. रोजगार संवर्धन मंडल के अध्यक्ष श्री हेमंत देशमुख ने उपस्थित ग्रामीणों से जल-संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण, नशामुक्ति तथा बेटी बचाओ अभियान पर बातचीत की। आगामी दो जुलाई को होने वाले वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम की जानकारी भी दी गयी। डिण्डौरी जिले में 97 गाँव नर्मदा नदी के दक्षिणी तट पर तथा लगभग एक सौ गाँव उत्तरी तट पर हैं। यात्रा में ग्रामीणों को जैविक खेती अपनाने, नशामुक्ति, बच्चों को स्कूल भेजने और निर्मल रहने का संकल्प दिलवाया जा रहा है। इस जुड़ाव और प्रतिबद्धता के परिणाम-स्वरूप यह यात्रा ग्रामीणों को शिक्षित करने, जानकारी देने और बेहतर जीवन के लिये संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम बन गयी है। धर्म, संस्कृति और संस्कार को साथ लेकर चलती यह यात्रा सुदूरवर्ती ग्रामीणों को विकास और उन्नति के लिये भी प्रेरित कर रही है। आज यात्रा पथ पर ग्राम चुरिया में क्षेत्र की महिलाएँ सिर पर कलश रखकर यात्रा के स्वागत में खड़ी थीं। नर्मदा नदी के संरक्षण-संवर्धन के संकल्प और संवाद के साथ यात्रा ग्राम पंचायत मुढ़िया कला की ओर आगे बढ़ी। इस पंचायत के धर्मपुरा टोला में जन-संवाद में प्रदूषण पर केन्द्रित ब्रह्मा, विष्णु, महेश शीर्षक सांगीतिक नाट्य प्रस्तुति हुई। साध्वी प्रज्ञा भारती ने उपस्थित जन-समुदाय से नर्मदा नदी को स्वच्छ रखने के लिये किये जाने वाले उपायों पर चर्चा की। सुश्री भारती ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की भावना के अनुरूप नर्मदा के संरक्षण-संवर्धन के लिये कार्य करने और दो जुलाई को होने वाले वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेने के लिये भी ग्रामीणों को प्रेरित किया।

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 MadhyaBharat  3 May 2017

अभिनेता गोविंदा

डिंडौरी के शाहपुर में मुख्यमंत्री के साथ फिल्म अभिनेता गोविंदा भी शामिल हुए जनसंवाद में    मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान डिंडौरी जिले के शाहपुर में नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल हुए। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्त्रबुद्धे, महामंत्री श्री रामलाल, प्रदेश के खाद्य-नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, पत्रिका समाचार-पत्र के समूह सम्पादक श्री गुलाब कोठारी, दीनदयाल शोध संस्थान के अध्यक्ष श्री अजय महाजन, पूर्व सांसद तथा फिल्म अभिनेता श्री गोविन्दा, जर्मन मूल की टी.वी. कलाकार सुश्री सुजैन बर्नर्ट भी आज यात्रा और जन-संवाद में शामिल हुए। जन-संवाद में मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री का दायित्व वर्तमान शासन संचालन तक सीमित नहीं है। भविष्य की पीढ़ियों के हित संरक्षण का विचार और तदनुसार कार्य भी हमारी जिम्मेदारी है। इस दायित्व बोध से ही नर्मदा सेवा यात्रा आरंभ की गई है। यात्रा के अंतर्गत वृक्षारोपण, नदी को स्वच्छ और पवित्र रखने के प्रयास और जन-जागरूकता से नर्मदा नदी को हम अगली पीढ़ियों के लिये भी जीवन दायिनी स्वरूप में सौंप पायेंगे। श्री चौहान ने कहा कि डिंडौरी जैसे सुदूर इलाके में राष्ट्रीय नेतृत्व, ख्यात अभिनेताओं और प्रतिष्ठित समाचार-पत्र के समूह संपादक का आना क्षेत्र में रहने वाले लोगों की नर्मदा माँ के प्रति आस्था और प्रतिबद्धता का सम्मान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा के अंतर्गत शासन और समाज, समान उत्तरदायित्व के भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जन-समुदाय को नदी जल की स्वच्छता बनाये रखने, वृक्षारोपण में भाग लेने और नशामुक्ति के लिये संकल्पित होने के लिये प्रेरित किया। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि नवाचारों के लिये प्रसिद्ध मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नदी संरक्षण के लिए शिव-धनुष हाथ में लिया है। यह लोकोन्मुखी अभियान, अकाल प्रभावित राज्यों के लिये अनुकरणीय है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री रामलाल ने कहा कि यह यात्रा गरीब किसान के हित, शहरों-गाँवों के स्वास्थ्य और धर्म संस्कृति के संवर्धन के लिए है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दलीय राजनीति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर इस यात्रा का आयोजन किया है। श्री रामलाल ने 2 जुलाई को हो रहे वृक्षारोपण की संख्या को दस करोड़ तक ले जाने का आव्हान किया। यात्रा और जन संवाद में शामिल हुए पूर्व सांसद तथा 140 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके ख्यात अभिनेता श्री गोविंदा ने कहा कि माँ नर्मदा के प्रति राज्य शासन की संवेदनशीलता प्रशंसनीय है। श्री गोविंदा ने बताया कि उनकी बेटी का नाम नर्मदा है। बेटी का यह नामकरण उनके लिये भाग्यशाली और आनंददायी रहा। पत्रिका समाचार -पत्र के समूह संपादक श्री गुलाब गोठारी ने कहा कि नर्मदा नदी के तटों पर सधन वृक्षारोपण से नदी की स्थिति के अलावा आस-पास के किसानों की आर्थिक समृद्धि में भी सुधार आयेगा। परिणामस्वरूप बीस-तीस साल बाद आने वाली पीढ़ी भी नर्मदा को माँ के स्वरूप में पायेगी। श्री कोठारी ने कहा कि बीज की नियति है कि वह दूसरों के भरण-पोषण के लिये ही होता है। इसके लिये इसे त्याग और समर्पण का पथ अपनाना पड़ता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान भी इस पथ पर अग्रसर होकर न केवल प्रदेश की जनता अपितु प्रकृति और पर्यावरण के कल्याण के लिये भी लगातार नि:स्वार्थ कार्यरत है। जन-संवाद में साध्वी प्रज्ञा भारती, श्री अनुराग कृष्ण शास्त्री, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नागेश ठाकुर और भारतीय मजदूर संघ के श्री सुरेंद्रन ने भी जन-समुदाय को संबोधित किया।  

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 MadhyaBharat  2 May 2017

 शिवराज सिंह चौहान

माँ नर्मदा की कृपा से लगातार मिल रहा है कृषि कर्मण अवार्ड : मुख्यमंत्री श्री चौहान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में कृषि क्षेत्र की प्रगति का श्रेय नर्मदा से मिलने वाली सिंचाई और विद्युत आपूर्ति को दिया है। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश कृषि के क्षेत्र में लगातार उन्नति कर रहा है। देश के कई राज्यों को पीछे छोड़ते हुए निरन्तर कृषि कर्मण अवार्ड अर्जित करने में हम सफल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि डिण्डौरी जिले से ही मुझे नर्मदा सेवा-यात्रा का विचार आया। उन्होंने बताया कि मालपुर पुल के शिलान्यास के समय नदी की टूटती धार से उपजी चिंता के परिणाम स्वरूप माँ नर्मदा के संरक्षण और संवर्धन के लिए यह अभियान आरम्भ हुआ। मुख्यमंत्री श्री चौहान डिण्डोरी जिले के कनेरी ग्राम में 'नमामि देवि नर्मदे'-सेवा यात्रा के जन-संवाद को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि माँ नर्मदा के जल का स्त्रोत ग्लेशियर नहीं अपितु वृक्षों से मिलने वाला जल है। इसी के मद्देनजर 2 जुलाई को अमरकंटक से अलीराजपुर तक एक साथ 6 करोड़ पेड़ लगाकर नर्मदा माँ के जीवन स्त्रोत को संवर्धित किया जायेगा। फलदार वृक्षों के साथ-साथ पानी रोकने वाले पेड़ जैसे पीपल, नीम, महुआ आदि भी लगाये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि तेन्दूपत्ता तोड़ने वालों की सुविधा की दृष्टि से पहनने के लिए जूते और पानी की कुप्पी दी जायेगी। उन्होंने कहा कि वनोंपज का सही मूल्य मिले यह सुनिश्चित करने के लिए महुआ फूल और महुआ की गुल्ली का मूल्य 30 रू. प्रति किलो तथा अचार गुठली का मूल्य 100 रू. प्रति किलो निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन-संवाद में उपस्थित लोगों को माँ नर्मदा के संरक्षण, संवर्धन, वृक्षारोपण, स्वच्छता, प्रदूषण की रोकथाम, जैविक खेती को प्रोत्‍साहित करने, नशामुक्ति तथा निर्मलता बनाये रखने के लिए निरन्तर प्रयासरत रहने की शपथ दिलाई। जन-संवाद में केन्द्रीय जल-संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा कि लंबित सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने से प्रदेश के सिंचाई क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। यह वृद्धि ही प्रदेश की विकास दर में लम्बी छलांग का आधार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान की यह पहल देश के लिए रोल मॉडल है। इस पहल का अनुसरण करते हुए केन्द्र सरकार ने देश की लंबित 99 सिचांई परियोजनाओं को चिन्हित कर उन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने का अभियान आरम्भ किया है। इससे देश को एक करोड़ हेक्टेयर सिचिंत भूमि उपलब्ध होगी। सुश्री उमा भारती ने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए समाज के साथ मिलकर आरम्भ की गई नर्मदा सेवा-यात्रा मुख्यमंत्री श्री चौहान के ऋषि स्वरूप को प्रकट करती है। विकास की प्रक्रिया में हो रही नदियों की अनदेखी को रोकने और नर्मदा के स्वरूप को आगामी कई वर्षों तक अक्षुण्ण रखने में यह अभियान महत्वपूर्ण नदियों के लिए अनुकरणीय सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी का जल और गौ दुग्ध की धार ही मध्यप्रदेश की समृद्धि का आधार बनेंगे। सुश्री भारती ने जल-संरक्षण के प्रयासों में संत समाज के सहयोग के लिए उनका आभार माना। सुश्री भारती ने गंगा सफाई अभियान मे मुख्यमंत्री श्री चौहान को कार सेवा के लिए आमंत्रित किया। इसके पहले मुख्यमंत्री श्री चौहान तथा केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती ने आज कनेरी ग्राम में नर्मदा सेवा-यात्रा के दौरान कोसमघाट पर माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना की। कनेरी आगमन पर मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री की अगवानी में ग्रामीणों ने सैला, करमा और गुदुम लोकनृत्य प्रस्तुत किया। मयूर पंख की कलगी लगाकर अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, अध्यक्ष मध्यप्रदेश रोजगार निर्माण बोर्ड श्री हेमन्त विनय राव देशमुख, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्याति प्रकाश धुर्वे, जन अभियान परिषद के जिला संयोजक श्री जयसिंह मरावी, साध्वी प्रज्ञा भारती, डॉ. जितेन्द्र जामदार, डॉ. सुनील जैन सहित जन-प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में नर्मदा सेवा यात्री और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  1 May 2017

शिवराज सिंह चौहान

डिंडौरी के ग्राम-रैपुरा में किया रात्रिकालीन जन-संवाद  प्रदीप वाजपेयी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्राम-रैपुरा के बच्चों ने नुक्कड़ नाटक एवं गीत के माध्यम से कला का बेहतर प्रदर्शन किया है। इनके द्वारा प्रस्तुत किए गए गीत एवं नृत्य मन को मोह लेते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों ने 'नमामि देवी नर्मदे'' सेवा यात्रा, नशामुक्ति और बेटी बचाओ अभियान पर बेहद अच्छे नुक्कड़ नाटक एवं गीत प्रस्तुत किए हैं। इन बच्चों की जिज्ञासा बताती है कि आने वाले भविष्य के लिए नर्मदा नदी के जल का संरक्षण एवं संवर्धन करना बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान डिंडौरी जिले के ग्राम-रैपुरा में शुक्रवार की रात को 'नमामि देवी नर्मदे'' सेवा यात्रा में जन-संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बच्चों के द्वारा बेटी बचाओ अभियान की प्रस्तुति देने पर पाँच हजार रूपये का पुरस्कार देने को कहा। इसी प्रकार कु. कामना उईके एवं कु. कलाध्या यादव द्वारा 'नमामि देवी नर्मदे'' सेवा यात्रा पर आधारित गीत प्रस्तुत करने पर 1000 रूपये और नशामुक्ति अभियान में नाटक प्रस्तुत करने पर पाँच हजार रूपये का पुरस्कार देने को कहा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यात्रा को सफल बनाने में सभी जन-प्रतिनिधियों, साधु-संतों, युवक- युवतियों, महिलाओं-पुरूषों और सामाजिक संगठन तथा अधिकारी-कर्मचारी सहभागी हैं। उन्होंने कहा कि सेवा यात्रा को सभी दलों का भी समर्थन मिल रहा है। अब इस अभियान ने जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब के प्रयासों एवं संकल्पों से शीघ्र ही नर्मदा मैया का जल-प्रवाह बढ़ेगा और नर्मदा मैया में मिलने वाला मल-जल भी रोका जायेगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी में पूजन सामग्री एवं शवों का विर्सजन न करें। इससे नर्मदा नदी का जल प्रदूषित होता है। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए नर्मदा नदी के घाटों में हवन कुण्ड, मुक्ति धाम एवं चेंजिंग रूम बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वृक्षारोपण, नशामुक्ति, शिक्षा एवं स्वच्छता के बारे में भी लोगों को बताया। इस अवसर पर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, खाद्य- नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण और श्रम मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, विधायक श्री ओंमकार मरकाम और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योतिप्रकाश धुर्वे, जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  18 December 2016

narmda yatra

    मुख्यमंत्री ने डिण्डोरी जिले के गाड़ासरई में किया जन-संवाद  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 'नमामि देवी नर्मदे''-सेवा यात्रा को दुनिया का अद्भुत जन-आंदोलन बनायेंगे। नर्मदा नदी मध्यप्रदेश की जीवन-रेखा है। इसके पानी से हमारे जीवन का गहरा जुड़ाव है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज डिण्डोरी जिले की ग्राम पंचायत गाड़ासरई में विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नर्मदा नदी में कम जल-प्रवाह होने का कारण अंधाधुंध वनों की कटाई और शहरों के दूषित पानी का नदी में प्रवाहित होना बताया। इस मौके पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे और विधायक श्री ओमकार मरकाम भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा नदी के जल से हमारे खेतों में सिंचाई होती है। इस पानी से खेतों में फसलों की पैदावार होती है। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी में दूषित पानी न मिल सके, इसके लिये कार्य-योजना तैयार की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा नदी के दोनों तटों के एक किलोमीटर के दायरे में फलदार वृक्ष लगाये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्रामीणों को सेवा यात्रा के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 'नमामि देवी नर्मदे''-सेवा यात्रा में शामिल प्रत्येक कला-मण्डली को 5-5 हजार रुपये दिये जायेंगे। उन्होंने स्थानीय कलाकारों के लोक-नृत्य की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों से नर्मदा नदी के दोनों तटों में फलदार वृक्ष लगाये जाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर फलदार वृक्ष लगाये जाने पर 3 वर्ष तक मदद दी जायेगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी के तटों पर पूजन कुण्ड और मुक्तिधाम भी बनाये जायेंगे। घाटों पर वस्त्र बदलने के लिये चेंजिंग रूम भी बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्रामीणों को स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज बनाने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्रामीणों को 'नमामि देवी नर्मदे''-सेवा यात्रा के उद्देश्यों को पूरा करने का संकल्प भी दिलाया।  

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 MadhyaBharat  15 December 2016

clean narmada

  अरण्डी आश्रम में लगी मुख्यमंत्री  की चौपाल मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि माँ नर्मदा को प्रदूषण मुक्त करने के लिये उसमें गदंगी प्रवाहित करने की प्रवृत्ति छोड़ना होगा। उसमें जल समाधि नहीं दें और पूजन आदि सामग्री नहीं डाले। ऐसा नहीं करें कि ले मैया ले जा, इससे माँ नर्मदा प्रदूषित होती है। श्री चौहान नर्मदा सेवा यात्रा के पहले पड़ाव में लगी चौपाल में नागरिकों से संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अरण्डी आश्रम में जन-संवाद करते हुये कहा कि उन्हें इस यात्रा की प्रेरणा डिण्डौरी में माँ नर्मदा की घटती जलधारा को देख कर मिली। यात्रा के पवित्र उद्देश्यों को बताते हुए उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के दोनों तट पर एक हजार किलोमीटर तक वृक्षारोपण किया जायेगा। इससे पर्यावरण और जल-संरक्षण और किसानों के घर समृद्धि आयेगी। किसानों के सुझावों के अनुसार पौधे तैयार किये जायेंगे तथा बरसात में वृक्षारोपण किया जायेगा। इसके अलावा तट के गाँव के हर घर में शौचालय बनवाने के लिये 12-12 हजार रूपये स्वीकृत किये जायेंगे। नगरों का गंदा पानी शुद्ध करके ही माँ नर्मदा में प्रवाहित किया जायेगा। प्रत्येक गाँव में नर्मदा सेवा समिति गठित की जायेगी। इसके अलावा मुक्ति-धाम एवं महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिये चेंजिंग रूम बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि नशा नाश की जड़ है इसीलिये नशामुक्ति का संदेश दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने यात्रा में समाज के हर वर्ग को जुड़ने का आव्हान करते हुये कहा कि इसमें जन-जन की भागीदारी होना चाहिये। वे स्वयं भी हर सप्ताह शामिल होंगे। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि सबके सहयोग से यह यात्रा दुनिया की अनोखी और अदभुत यात्रा होगी। कार्यक्रम में स्वामी अखिलेश्वरानन्द, साध्वी प्रज्ञा भारती, सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस दौरान नागरिकों ने सुझाव भी दिये। चौपाल में गीत-संगीत का कार्यक्रम भी हुआ। इसके पूर्व श्री चौहान ने माँ नर्मदा की आरती की। यात्रा में भी भजन-मण्डलियाँ गीत-संगीत और नृत्य का कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुये उत्साह और उमंग भर रही थीं। इस अवसर पर वन मंत्री डॉ गौरीशंकर शेजवार, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक, विधायक सर्वश्री ओमकार सिंह मरकाम, रामलाल रौतेल, जन-प्रतिनिधि तथा ग्रामीणजन उपस्थित थे। यात्रा सोमवार को आगे के लिये प्रस्थान करेगी। इसमें मुख्यमंत्री करंजिया तक की यात्रा में शामिल हुए। 

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 MadhyaBharat  12 December 2016

narmada yatra

  जीवन का अस्तित्व बचाने के लिये माँ नर्मदा का संरक्षण जरूरी  पर्यावरण और नदी संरक्षण के लिये दुनिया का सबसे बड़ा जनअभियान आज मध्यप्रदेश की धार्मिक और पौराणिक नगरी अमरकंटक से शुरू हुआ। नमामि देवी नर्मदे-नर्मदा सेवा यात्रा के रूप में इस महत्वाकांक्षी अभियान का माँ नर्मदा नदी के उद्गम स्थल से मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आचार्यों, महामण्डलेश्वरों, संत-महात्माओं, मंत्रीमण्डल के सदस्यों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति में पूजा-अर्चना कर माँ नर्मदा के जयघोष के साथ शुभारंभ किया गया। सभी संतों ने अभियान की सराहना करते हुए इसकी सफलता की कामना की। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि माँ नर्मदा आज संकट में है। जंगल कम होने से नदी की धार कम हो गई है। माँ नर्मदा ने हमें पानी, बिजली, फसलें, फल,फूल सब्जी आदि सबकुछ दिया है, लेकिन हमने उसे प्रदूषित कर विभिन्न बीमारियों का न्यौता दिया है जिससे जीवन का अस्तित्व खतरे में है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है सम्हलने की और इस अपराध का प्रायश्चित करने को। यह प्रायश्चित वृक्षारोपण करने, जैविक खेती करने, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से पूरा होगा। संतों-महात्माओं की गरिमामय उपस्थिति यात्रा के शुभारंभ समारोह में स्वामी अखिलेश्वरानन्द महाराज, परमपूज्य संत हरिहरानन्द, परमपूज्य संत प्रज्ञा भारती, परमपूज्य संत नर्मदानंद आदि संत-महात्मा, गुजरात के गृह मंत्री श्री प्रदीप सिंह जडेजा, सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री नंदकुमार सिंह चौहान, वन मंत्री एवं नर्मदा सेवा यात्रा के प्रभारी श्री गौरीशंकर शेजवार, उद्योग एवं खनिज मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ला, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा श्रम मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, नर्मदा घाटी और सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री लालसिंह आर्य, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डेय और श्री राघवेन्द्र गौतम, आदिवासी वित्त एवं विकास निगम अध्यक्ष श्री शिवराज शाह, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री शिव चौबे, राष्ट्रीय नेहरू युवा केन्द्र के उपाध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा, नर्मदा यात्रा संयोजक डॉ जितेन्द्र जामदार, सांसद श्री ज्ञान सिंह, श्री अजय प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में आयोगों के अध्यक्ष, विधायक एवं जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि धार्मिक नगरी अमरकंटक को सबसे सुंदर तीर्थ-स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा। नर्मदा नदी में गंदे पानी के प्रवाह को रोकने के लिये साढ़े पंद्रह करोड़ रूपये से सीवेज ट्रीटमेंट प्लान स्थापित किया जायेगा। नर्मदा नदी के तटों पर बसे गरीबों को पक्के मकान बनाकर दिये जायेंगे। साथ ही व्यवस्थित दुकानें बनाई जायेंगी और शहर को नये ढंग से व्यवस्थित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न उद्देश्य को लेकर शुरू की गई 3334 किलामीटर की यह यात्रा नर्मदा के दोनों तट से गुजरेगी जो 144 दिन में सम्पन्न होगी। यात्रा के दौरान दोनों तट पर एक-एक किलोमीटर तक फलदार, छायाछार पौधों का रोपण, स्वच्छता, जैविक खेती, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, के प्रति लोगों को जागरूक किया जायेगा। यह समाज और सरकार के सामूहिक संकल्प का प्रयास होगा। श्री चौहान ने इस संबंध में उपस्थितजन को संकल्प भी दिलाया। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा के तट पर स्थित गाँवों में स्वच्छ शौचालय निर्माण और नगरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था, घाटों पर पूजन कुण्ड, मुक्ति धाम और महिलाओं के लिये चेंजिंग रूम बनाने का कार्य करवाया जायेगा। यात्रा का समापन 11 मई 2017 को अमरकंटक में होगा। गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय रूपानी गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय रूपानी ने कहा कि माँ नर्मदा गुजरात की जीवनदायिनी है। उन्होंने गुजरात की जनता की ओर से यात्रा की सफलता की शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा की पवित्रता के संरक्षण का यह अभियान कामयाब होगा। इस कार्यक्रम से ऐसा ही प्रयास गुजरात में करने की प्रेरणा हमें मिली है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश माँ नर्मदा का एक छोर और गुजरात दूसरा छोर है। माँ नर्मदा के जल का उपयोग मानव विकास में हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अथक प्रयास कर माँ नर्मदा का जल गुजरात में देश की सीमा तक पहुँचा दिया है। श्री भैय्याजी जोशी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर सहकार्यवाह श्री भैय्याजी जोशी जी ने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति नदियों के तट पर विकसित हुई है। ऐसी पवित्र भूमि में हम सबको जन्म लेने का अवसर प्राप्त हुआ है जहाँ नदियों को माँ माना गया है। हमारी संस्कृति कहती है पंचभूतों को देवता मानकर उनकी पूजा करें क्योंकि पंचभूतों से ही शरीर का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा नदियाँ, वृक्ष, प्राकृतिक संसाधन हमारे लिये हैं इसलिये उनका संरक्षण करना हमारा परम कर्त्तव्य है। किसी भी कारखाने में वृक्ष और जल का निर्माण नहीं होता है। उन्होंने सबसे वृक्ष लगाने का आव्हान किया। विधानसभा अध्यक्ष श्री शर्मा मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री सीताशरण शर्मा ने यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि यह यात्रा जन-कल्याण और प्रदेश की प्रगति में बहुत उपयोगी होगी। वन मंत्री एवं यात्रा प्रभारी डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा कि यात्रा का धार्मिक, सामाजिक और वैज्ञानिक महत्व है। स्वामी अवधेशानंद गिरि महामण्डलेश्वर परमपूज्य श्री अवधेशानन्दगिरि महाराज ने कहा कि मानव का अस्तित्व जल से ही है। सारे संस्कार और संकल्प जल से ही सम्पन्न होते हैं। उन्होंने नदी और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि पीने योग्य पानी की मात्रा बहुत कम बची है। भविष्य में जल के लिये युद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा नदी की मूल उत्पत्ति वृक्षों से हैं। इसलिये इसे जीवंत और पवित्र रखने के लिये एकमात्र अनुष्ठान सघन वृक्षारोपण है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान वृक्षारोपण के लिये वे अनेक संतों के साथ शामिल होंगे। उन्होंने यात्रा की सफलता की कामना की। परमपूज्य संत महामण्डलेश्वर श्रीसुखदेवानन्द ने कहा कि गंगा माँ के जलपान, यमुना के स्नान और माँ नर्मदा के दर्शन से ही मनुष्य पवित्र हो जाता है। दुनिया की एकमात्र नदी माँ नर्मदा है जिसकी परिक्रमा की जाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री के यात्रारूपी प्रयास की सराहना की और संस्कृति के उत्थान, सबके कल्याण की कामना की। परमपूज्य संत महामण्डलेश्वर श्री कल्याणदास ने कहा कि माँ नर्मदा के पावन तट पर एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस यात्रा से माँ नर्मदा की कृपा से प्रदेश की सुख-समृद्धि बढ़ेगी। परमपूज्य संत महामण्डलेश्वर श्री चिदानन्द महाराज ने कहा कि जिस दिन शासक अपने को सेवक समझने लगता है उस दिन राज्य के कल्याण का मार्ग प्रशस्त हो जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री चौहान के व्यक्तित्व और कृतित्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज समय आया है नदियों के संरक्षण के लिये आगे आने का। नदियों ने ही सबसे पहले हमें मानव अधिकार का संदेश दिया। आज नदियों के अधिकार की बात होनी चाहिये। उन्होंने नदियों के तटों पर फलदार पौधे लगाने और जैविक खेती करने का आव्हान किया। परमपूज्य संत श्री विवेक ने एक कहानी के माध्यम से बताया कि नदियों की परिपूर्णता में संपूर्ण भारत के गौरव सत्य समाहित है। नदियों के किनारे ही सभ्यता और संस्कार के अंकुर विकसित हुए और समाज का निर्माण हुआ। यह भारत के गौरव के पुर्नउद्धभव की यात्रा है। नदियों के संरक्षण और संवर्धन का दायित्व जन-जन का है। इस यात्रा से इस संबंध में जनजागृति आयेगी। परमपूज्य संत श्री दद्दा जी ने भी यात्रा की सराहना करते हुए नर्मदा की शुद्धता और पर्यावरण के संरक्षण के लिये वृक्षों का महत्व बताया। उन्होंने सभी से वृक्षारोपण का आव्हान किया। रैमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता जलपुरूष श्री राजेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत के कुंभों में नदियों की पवित्रता, पर्यावरण स्वच्छता और सामाजिक समस्याओं पर विमर्श होता था। यात्रारूपी यह प्रयास भी आध्यात्म और समाज के बीच सेतु बनाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा के दोनों तट को हरा-भरा बनाना और नदी में गदंगी प्रवाहित न करना समाज का दायित्व है। संतों की भूमिका राज और समाज को जोड़ने की है। प्रारंभ में आचार्यों, महामण्डलेश्वरों और संतों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने माँ नर्मदा के उद्गम स्थल पर माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना की और चुनरी चढ़ाई। संत-महात्माओं और उपस्थित अतिथियों के उदबोधन के बाद संत समाज से मुख्यमंत्री ने यात्रा का ध्वज ग्रहण किया और नर्मदा सेवा यात्रा पर प्रस्थान किया। आभार प्रदर्शन सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग राज्य मंत्री श्री संजय-सत्येन्द्र पाठक ने किया। इस दौरान पूरा वातावरण आस्था और उमंग से परिपूर्ण था।     Attachments area          

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 MadhyaBharat  12 December 2016

 नमामि देवि नर्मदे यात्रा

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश देने वाली दुनिया की अनूठी यात्रा ‘नमामि देवि नर्मदे’ 11 दिसम्बर 2016 को अमरकंटक से शुरू होगी। यात्रा का समापन 5 मई 2017 को होगा, जिसमें प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया गया है। श्री चौहान ने इस महत्वाकांक्षी यात्रा की रूप-रेखा एवं तैयारियों के संबंध में मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। साथ ही आवश्यक व्यवस्थाओं के लिये व्यापक दिशा-निर्देश दिये। श्री चौहान ने कहा है कि इस यात्रा में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पर्यावरणविद, विशेषज्ञ, संत-महात्मा, स्वयंसेवी संगठन और आम जनता शामिल होगी। नर्मदा सेवा यात्रा पूरी तरह जन-अभियान होगी। इसमें सरकार और जन-अभियान परिषद सहयोगी के रूप में होंगे। उन्होंने कहा कि सभी मंत्री अपने-अपने प्रभार के जिलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष होंगे। वे जिलों में यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करेंगे और आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करेंगे। यात्रा में आम जनता के साथ विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारी तथा प्रत्येक दिन कम से कम एक मंत्री शामिल होंगे। साथ ही हर सप्ताह कम से कम एक दिन स्वयं मुख्यमंत्री भी इस यात्रा में शामिल होंगे। जो जिले नर्मदा के तट पर नहीं आते हैं उनसे यात्राएँ चलकर इस महती यात्रा में शामिल हो सकेंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि यात्रा को विराट स्वरूप देने तथा इसे फलदायी और आनंदमयी बनाने के हरसंभव प्रयास किये जायेंगे। इसमें आमजन एवं विभिन्न संगठनों का सहयोग लिया जायेगा। श्री चौहान ने यात्रा के प्रचार-प्रसार और सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये। मुख्यमंत्री द्वारा 25 नवम्बर को यात्रा के संबंध में वीडियो कांफ्रेंसिंग की जायेगी तथा एक दिसम्बर को व्यवस्थाओं से जुड़े लोगों की बैठक भी ली जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि यात्रा के दौरान नर्मदा किनारे के गाँवों में वृक्षारोपण, हर घर में शौचालय, घाटों की साफ-सफाई, महिलाओं के लिये चेंजिंग रूम तथा किनारे के शहरों में सीवेज की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जायेगी। साथ ही तट के प्रत्येक गाँव की नर्मदा सेवा समिति भी गठित की जायेगी। बैठक में बताया गया कि यह यात्रा लगभग 3344 किलो मीटर लम्बी होगी, जो 138 दिन तक चलेगी। यात्रा में पड़ने वाले 1909 किलो मीटर आबादी क्षेत्र में पैदल यात्रा तथा शेष निर्जन क्षेत्र में वाहन यात्रा होगी। यह यात्रा माँ नर्मदा के दोनों तट पर सम्पन्न होगी। दक्षिणी तट पर 1113 किलोमीटर और उत्तरीय तट की 796 किलोमीटर यात्रा शामिल हैं। यात्रा का शुभारंभ प्रतिदिन माँ नर्मदा की आरती के साथ किया जायेगा। इस दौरान योग प्रदर्शन तथा गीत-संगीत के कार्यक्रम भी होंगे। प्रतिदिन शाम को स्थानीय कला-मंडलियों के गीत-संगीत की प्रतियोगिताएँ भी आयोजित कर उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा। इस दौरान बीच-बीच में जन-संवाद कार्यक्रम भी किये जायेंगे जिनके माध्यम से आम जनता को पर्यावरण-संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जायेगा और संकल्प भी दिलाया जायेगा। बैठक में बताया गया कि प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जा चुकी है। इस मौके पर मंत्रि-परिषद के सदस्य, मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह और विभिन्न विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  23 November 2016

डिण्डौरी में ‘‘मोरे डुबुलिया’’

मध्यप्रदेश सरकार के बेटी बचाओ अभियान के तहत आज गांधी जयंती के अवसर पर डिण्डौरी में महिलाओं को बहुउद्देश्यीय कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रोजेक्ट ‘‘मोरे डुबुलिया’’ का शुभारंभ हुआ। ’’मोरे डुबुलिया’’ के शुभारंभ के अवसर पर जिले की 37 गर्भवती महिलाओं की गोद-भराई के साथ जिले का विभिन्न क्षेत्रों में नाम रोशन करने वाली 37 बेटियों को प्रमाण-पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के पूर्व महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं की एक विशाल रैली परियोजना कार्यालय से निकाली गई जो नगर के मुख्य मार्ग से होती हुई समारोह स्थल कलेक्टर कार्यालय पहुँची। समारोह में जन-प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा कन्या पूजन कर रैली का समापन किया गया।जिला कलेक्टर मदन कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य, महिला-बाल विकास, ग्रामीण विकास एवं अन्य विभागों के बहुत से ऐसे कार्यक्रम है जो महिलाओं के लिए बहुत उपयोगी है। ’’मोरे डुबुलिया’’ कार्यक्रम बहुत सारे बहुउद्देश्यीय कार्यक्रमों को जोड़ने वाली प्रक्रिया है। इन प्रयासों का क्रियान्वयन स्वयं हितग्राहियों को ही करना है इसमें प्रशासन सिर्फ सेतु का काम करेगा। उन्होंने बताया कि डुबुलिया में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुरक्षित पुस्तिका, जच्चा-बच्चा सुरक्षा कार्ड, रक्ताल्पता से बचाव के लिए आयरन की गोली, प्राथमिक उपचार की दवाइयों का विवरण सहित पाउच, दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना का कार्ड और जननी सुरक्षा वाहन, जिम्मेदार अधिकारियों एवं क्षेत्रीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के नाम, मोबाइल नंबर सहित सूची रखी गयी है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सखी सहेली कार्ड, लाड़ली लक्ष्मी योजना के आवेदन प्रपत्र, डाइट एवं टी.एच.आर. कार्ड, टी.एच.आर.पाक प्रक्रिया, सरोकार पुस्तिका और स्तनपान प्रोत्साहन पुस्तिका दी गई है। जिला पंचायत द्वारा बैंक खाता खोलने का फार्म, के.बाय.सी. करने के दस्तावेज, जीरो बैलेन्स में खाता खोलने के आदेष, स्व-सहायता समूह से जोड़ने की जानकारी और मर्यादा अभियान से जुड़ने एवं स्वच्छता के संबंध में जानकारी रखी गई है।इसी प्रकार मलेरिया से बचाव की जानकारी, सब्जी बीज किट, जन्म प्रमाण-पत्र के आवेदन-पत्र, पशुपालन योजना की जानकारी एवं आवेदन प्रपत्र और जनसंपर्क विभाग द्वारा आगे आयें लाभ उठायें व लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम की जानकारी के फोल्डर्स दिये गये हैं। राजस्व विभाग द्वारा महिलाओं को मिलने वाली विधिक सहायता की जानकारी उपलब्ध करवाई गई है।

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वीरांगनाएँ तैयार हो रही हैं मध्यप्रदेश में

खेल विभाग की योजना, 20 हजार से ज्यादा युवतियाँ प्रशिक्षित मध्यप्रदेश में पिछले 10 वर्ष में महिलाओं के सशक्तीकरण और उनकी बेहतरी के प्रयासों को राज्य सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। महिलाओं के लिये जन्म से लेकर, शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह और संतान के जन्म तक की योजनाएँ सफलता से लागू करने से प्रदेश कन्या जन्म को अभिशाप मानने की मानसिकता से लगभग उबर गया है। राजनैतिक और सामाजिक सशक्तीकारण के साथ मध्यप्रदेश पहला ऐसा प्रदेश है जिसने निर्भया प्रकरण के बाद प्रदेश की युवतियों को शारीरिक रूप से सशक्त बनाने की वीरांगना योजना सफलता से लागू की।योजना के माध्यम से प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध हो रहे दुर्व्यवहार-अत्याचार के प्रति संवदेनशील मध्यप्रदेश का पूरी तरह सचेत एवं सक्रिय रूप सामने आया। प्रदेश का खेल एवं युवा कल्याण विभाग यह योजना संचालित कर रहा है। योजना के माध्यम से प्रदेश की युवतियों और महिलाओं को आत्म-रक्षा का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।युवतियों/महिलाओं को आत्म-रक्षा के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक जिले का लक्ष्य 500 युवतियों/महिलाओं को प्रशिक्षित करने का है। वीरांगना योजना में मार्च 2014 तक 42 जिलों में कुल 19 हजार 890 युवतियों/महिलाओं को आत्म-रक्षा का प्रशिक्षण दिया गया।उल्लेखनीय है कि योजना में युवतियों/महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण द्वारा शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक रूप से सशक्त बनाया जाता है। इसमें 10 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की युवतियों, महिलाओं को कार्य-स्थल, शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक-स्थलों आदि पर किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए उच्च प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया जाता है।वीरांगना योजना के शारीरिक प्रशिक्षण का प्रारूप मार्शल आर्ट, जूडो-कराते, ताइक्वॉडों, कुश्ती आदि खेलों में उपयोग की जाने वाली तकनीक को समाहित करते हुए तैयार किया गया है। इसके अतिरिक्त मानसिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों द्वारा सेमीनार आयोजित कर ऐसी सच्ची घटनाओं की वीडियो क्लीपिंग दिखाई जाती है जिसमें किसी महिला ने विषम परिस्थितियों में साहस का परिचय देते हुए अपनी आत्म-रक्षा की हो।

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