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गुना News


नर्मदा सेवा यात्रा

  नर्मदा सेवा यात्रा में अकेले नर्मदा नदी के किनारे बसे शहर ही नहीं बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों से आई उप यात्राएँ भी मुख्य यात्रा में शामिल हो रही हैं । अन्य जिलों से आये व्यक्तियों से बातचीत करने पर पता लगा कि वे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नर्मदा संरक्षण हेतु उठाये गये दूरगामी कदम को अपने जिलों में बहने वाली नदियों के संरक्षण के लिये भी लागू करने की सामूहिक कोशिश करेंगे । बुधनी में भोपाल, मुरैना, दतिया, ग्वालियर और भिण्ड से आई उप यात्राएँ आज शामिल हुईं। 25 मार्च को बांद्राभान में सागर और भोपाल जिले से, 27 मार्च को पन्ना, छतरपुर और सागर जिले से उप यात्राएँ मुख्य यात्रा में शामिल होंगी । इसी प्रकार रायसेन जिले की मुख्य यात्रा में भारकच्छ में 29 मार्च को, घाटपिपरिया में विदिशा जिले की उप यात्रा 31 मार्च को और गुना जिले की उप यात्रा 3 अप्रैल को बौरास मुख्य यात्रा में शामिल होगी ।

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 MadhyaBharat  24 March 2017

 एलईडी बल्ब

एक करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब का वितरण मध्यप्रदेश में उजाला योजना के बेहतर क्रियान्वयन के फलस्वरूप अब तक एक करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब का वितरण हो चुका है। प्रदेश में उजाला योजना गत वर्ष 30 अप्रैल को शुरू हुई थी। राज्य में प्रतिमाह औसतन 12 लाख 50 हजार 320 एलईडी बल्ब वितरित किये रहे हैं। इस प्रकार मध्यप्रदेश की स्थिति पूरे देश में दूसरे स्थान पर है। ट्यूबलाइट और पंखों का भी वितरण एक करोड़ एलईडी बल्ब के वितरण से सालाना 1825 मिलियन यूनिट बिजली की बचत होगी। साथ ही उपभोक्ताओं के बिजली बिल में सालाना 1095 करोड़ रुपये की कमी आयेगी। प्रदेश में तीन माह पूर्व 20 वॉट की एलईडी ट्यूबलाइट और 5 स्टार रेकिंग पंखों का वितरण प्रारंभ किया गया था। पंखे की कीमत 1150 रुपये है, जो बाजार दर से आधी कीमत पर है। अब तक 55 हजार ट्यूब-लाइट तथा 6500 पंखे वितरित किये गये हैं। एलईडी बल्ब, ट्यूब-लाइट और ऊर्जा दक्ष 5 स्टार रेटिंग पंखे पोस्ट ऑफिस ऊर्जा भवन भोपाल, ऊर्जा विकास निगम के जिला कार्यालय, ऊर्जा शॉप, हाट-बाजार, विद्युत वितरण केन्द्र आदि के माध्यम से प्रदाय किये जा रहे हैं। गत वर्ष नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा की 1497.33 मेगावॉट की परियोजनाएँ स्थापित की गयी, जिनसे प्रदेश को लगभग 10 हजार करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ था। यह उपलब्धि साल 2014-15 में स्थापित 661.5 मेगावॉट की तुलना में 2.26 गुना अधिक है। साल 2015-16 के दौरान स्थापित क्षमता की दृष्टि से प्रदेश देश का प्रथम राज्य रहा है। इस साल देश की लगभग 24 प्रतिशत क्षमता प्रदेश में स्थापित हुई। इस प्रकार प्रदेश की कुल नवकरणीय ऊर्जा की स्थापित क्षमता 3018.89 मेगावॉट हो गयी है, जो साल 2012 की स्थापित क्षमता 438 मेगावॉट से 7 गुना अधिक है। पवन ऊर्जा परियोजनाओं में देश में अव्वल पवन ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना में भी बेहतर कार्य कर मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा। पूरे साल 1261.4 मेगावॉट क्षमता स्थापित हुई, जो देश में किसी भी राज्य द्वारा अब तक एक साल में स्थापित क्षमता में सबसे अधिक है। देश में 3200 मेगावॉट क्षमता की पवन ऊर्जा परियोजनाएँ स्थापित हुई। इनमें प्रदेश की 40 प्रतिशत भागीदारी रही। गुढ़ (रीवा) में विश्व की सबसे बड़ी सोलर परियोजना विश्व की सबसे बड़ी 750 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजना रीवा‍जिले में क्रियान्वित की जा रही है। परियोजना पर 4500 करोड़ का निवेश होगा। इससे उत्पादित होने वाली ऊर्जा राज्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के अलावा दिल्ली मेट्रो को भी बिजली प्रदाय करेगी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2016 गत अक्टूबर में इंदौर में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा की 5 परियोजनाओं के निवेश प्राप्त हुए। इन परियोजनाओं की कुल क्षमता 2700 मेगावॉट है, जिस पर लगभग 16 हजार 200 करोड़ रुपये का निवेश संभावित है।  

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 MadhyaBharat  19 February 2017

ज्योतिरादित्य सिंधिया का  रैंपवॉक

  अपने संसदीय क्षेत्र की मशहूर चंदेरी साड़ी को प्रमोट करने के लिए सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने फैशन वीक में रैंप वॉक किया। दिल्ली में आयोजित एफडीसीआई के फैशन वीक के शुरुआत शो 'रोड टू चंदेरी' में अन्य मॉडल्स के साथ रैंप पर उतरे। फैशन शो में देश के 16 जाने-माने डिजाइन परंपरागत कपड़ों में अपनी क्रिएटिविटी दिखा रहे हैं। शो के दौरान सामंत चौहान द्वारा बनाई डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वाइस ओवर दिया है। सिंधिया जब रैंप पर चल रहे थे तो उनका अंदाज किसी प्रोफेशन मॉडल से कम नहीं था।

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 MadhyaBharat  15 October 2016

madhyprdesh barish

रीवा, गुना सहित कई जिलों में फिर भारी बारिश का अलर्ट   दो दिन के ब्रेक के बाद मंगलवार को राजधानी भोपाल फिर हल्की बारिश से तरबतर हो गई। दोपहर 12 बजे के बाद शहर में कई जगह हल्की बारिश हुई। मौसम केंद्र ने प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश होने की संभावना जताई है।   यहां अलर्ट भोपाल में मंगलवार सुबह 8.30 बजे तक 1.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस सीजन में यहां अब तक 1241 मिमी से ज्यादा पानी बरस चुका है। जबलपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, उज्जैन, देवास में भी बारिश हुई। गुना, राजगढ़, आगर, सतना, रीवा, शहडोल समेत कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम केंद्र ने इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।    भोपाल, इंदौर, मंडला, हरदा, होशंगाबाद, नरसिंहपुर, जबलपुर जिलों में आज गरज- चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम केंद्र ने बताया कि बांग्लादेश के पास बना लो प्रेशर सिस्टम झारखंड, बिहार, छतीसगढ़ होता हुआ पूर्वी मप्र से दस्तक दे सकता है। इस वजह से फिर तेज बारिश होने का अनुमान है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 33 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है। पूर्वी मप्र में 30 और पश्चिमी मप्र में 36 फीसदी ज्यादा पानी बरस चुका है।   30 जिले में सामान्य से 20 प्रतिशत ज्यादा, 19 में सामान्य और 2 जिले में कम वर्षा दर्ज मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 01 जून से 22 अगस्त तक हुई वर्षा के आधार पर 30 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा, 19 जिले में सामान्य तथा 2 जिले में कम वर्षा दर्ज की गई है।   सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिले- जिन जिलों में 20 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई है। इनमें जबलपुर, कटनी, मण्डला, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, रीवा, सीधी, सिंगरौली, सतना, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, होशंगाबाद और बैतूल है।   सामान्य वर्षा वाले जिलों में छिन्दवाड़ा, सिवनी, डिण्डोरी, टीकमगढ़, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, धार, खरगोन, बुरहानपुर, देवास, मुरैना, श्योपुरकला, भिण्ड, ग्वालियर, दतिया, हरदा, खण्डवा और आगर शामिल हैं। कम वर्षा वाले जिले बड़वानी और बालाघाट हैं।   बाढ़ से 3.80 लाख आबादी प्रभावित प्रदेश में बाढ़ और अति वर्षा से 3 लाख 83 हजार 459 आबादी प्रभावित हुई। कुल 103 जनहानि दर्ज की गई है। इक्कीस लोग घायल हुए हैं और 7 लोग लापता है। वर्षा से 2760 मकान पूरी तरह और 44 हजार 200 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। बाढ़ के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में समय-समय पर संचालित राहत शिविरों की संख्या 162 रही है। इन शिविरों का उपयोग 22 हजार 387 लोग ने किया। मानसून मौसम में सबसे ज्यादा सतना में 40 और रीवा में 29 शिविर वर्तमान में संचालित किये जा रहे हैं।   इसके अलावा मानसून मौसम में प्रदेश के 26 जिलों में 398 पशुहानि हुई। पन्ना जिले में 2 बांध फूटे और छतरपुर जिले में 2 पुलिया क्षतिग्रस्त हुई।

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 MadhyaBharat  23 August 2016

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