Since: 23-09-2009

Latest News :
शाह ने कहा- दंगों के वक्त मेरे साथ विधानसभा में थी माया.   प्रद्युम्न की हत्या के बाद खुला रेयान स्कूल.   आतंकवाद से साथ मिलकर लड़ेंगे भारत-जापान:शिंजो आबे.   प्रद्युम्न मामले में जुवेनाइल एक्ट के तहत होगी कार्रवाई.   साक्षरता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया.   छत्तीसगढ़ को मिले चार राष्ट्रीय पुरस्कार.   मध्यप्रदेश के सभी गाँव और शहर खुले में शौच से मुक्त किये जाएंगे.   शिवराज ने ग्राम रतनपुर में किया श्रमदान.   डेंगू लार्वा मिलने पर होगा 500 रुपये का जुर्माना.   पदयात्रा में जनहित विकास कार्यों की शुरुआत.   लोगों से रू-ब-रू हुए मुख्यमंत्री चौहान.   फैलोज व्यवहारिक और सैद्धांतिक अनुभवों पर आधारित सुझाव दें.   मजदूरों को छत्तीसगढ़ में पांच रूपए में मिलेगा टिफिन.   अम्बुजा सीमेंट में पिस गए दो मजदूर.   एम्बुलेंस ये ले जाती है नदी पार .   भालू के हमले से दो की मौत.   जोगी की जाति के मामले में सुनवाई फिर टली.   5 ट्रेनें रद्द, दो-तीन दिन बनी रहेगी परेशानी.  

हरदा News


 वैदिक विद्यापीठम्

  मुख्यमंत्री द्वारा हरदा जिले में वैदिक विद्यापीठम् का शिलान्यास    विश्व का कल्याण और प्राणियों में सदभावना की कामना समूचे विश्व को वेदों की देन है। ऐसे वेदों की शिक्षा और उस पर शोध कार्य के लिए वैदिक विद्यापीठम् का निर्माण मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात  हरदा जिले के चिचोटकुटी में बनने वाले वैदिक विद्यापीठम् निर्माण के प्रथम चरण के शिलान्यास अवसर पर कही। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वैदिक विद्यापीठम् का निर्माण बड़े सौभाग्य की बात है। नई पीढी को धर्म, वेदों का ज्ञान होगा, जो हमारे ऋषि-मुनियों एवं संतों ने सालों के तप से प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यहाँ घाट निर्माण के लिए 12 करोड़ 74 लाख रूपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने एनएचडीसी से कारपोरेट-सोशल रिफार्म के तहत 5 करोड़ रूपए दिलवाये जाने की बात कही। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बालिका गायक-दल को 25 हजार और गायक श्री चंपालाल को 10 हजार रुपए देने की घोषणा की। कार्यक्रम में स्वामी जयंतानंद महाराज नांदवा कुटी, स्वामी मोक्षप्रदानंद महाराज मणिनागेश्वर गुजरात, श्री रोशनलाल सक्सेना मार्गदर्शक विद्याभारती मध्य क्षेत्र भोपाल उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सुरेश शा़स्त्री भागवत कथावाचक ग्वालियर ने की। मुख्य वक्ता पं. श्यामस्वरूप मनावत श्रीराम कथावाचक उज्जैन रहे। कार्यक्रम में सीएमडी एनएचडीसी श्री के एम सिंह और श्रीमती साधना सिंह भी मौजूद थीं। इस मौके पर संस्कृत संगीत बैंड द्वारा प्रस्तुति दी गई। स्वागत भाषण में श्री सुजीत शर्मा ने बताया कि संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार, संरक्षण-संवर्धन और वैदिक ज्ञान को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए ग्रंथों का अध्ययन आदि उद्देश्य की पूर्ति के लिए वैदिक विद्यापीठ के निर्माण के पहले चरण में 11 करोड़ रुपए खर्च किए जायेंगे। इसमें 2 करोड़ रुपए खर्च कर 32 कक्ष का निर्माण करवाया जाएगा। साथ ही 20 आचार्य आवास, 16 कक्ष, सभागृह, नर्मदा घाट और वैदिक प्रदर्शनी का निर्माण होगा। योग एवं ध्यान केंद्र, यज्ञशाला, देवालय, गौशाला आदि की व्यवस्था भी होगी।   

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  27 March 2017

harda

मुख्यमंत्री चौहान हरदा जिले के करनपुरा में यात्रा में हुए शामिल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बेटियों के साथ दुराचार करने वालों दुराचारियों को जीने का हक नहीं है। उनके लिये सख्त से सख्त सजा का प्रावधान किया जाना चाहिए। नर्मदा के बेक-वाटर से हरदा जिले के सभी खेतों को पूरी तरह सिंचित किया जाएगा। नशामुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान हरदा जिले के करनपुरा में 'नमामि देवि नर्मदा'-सेवा यात्रा के जन-संवाद को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि माँ नर्मदा ने मध्यप्रदेश को सब कुछ दिया है। नर्मदा के जल से प्रदेश के 30 प्रतिशत हिस्से में सिंचाई हो रही है। अमरकंटक, डिण्डोरी, जबलपुर, भोपाल, ओंकारेश्वर,हरदा और इंदौर सहित शहरों को पीने का पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। नर्मदा प्रदूषित न हो, इसके लिए ट्रीटमेंट प्लांट शीघ्र लगवाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा नदी के घाटों पर पूजन-कुण्ड, मुक्तिधाम और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि शौचालय विहीन परिवारों को शौचालय निर्माण के लिए राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा नदी के उत्तरी एवं दक्षिण तटों के पाँच किलो मीटर के दायरे में आने वाले ग्राम एवं कस्बों में शराब की दुकानें नहीं रहेंगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा किनारों की कृषि भूमि पर फलदार पौधे लगाने के लिए 20 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर तीन वर्ष तक अनुदान तथा वृक्षारोपण की लागत में 40 प्रतिशत तक की सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ नर्मदा में गंदगी रोकने के लिए सभी को यह प्रण करना होगा कि हम खुले में शौच न करें और न करने दें। प्रदेश की जो पंचायतें खुले में शौचमुक्त हो गई है उन्हें विकास के लिए अधिक राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने जनता का आव्हान किया कि नर्मदा नदी के शुद्धिकरण और पर्यावरण की रक्षा के लिए संकल्प लें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा नदी में शहरों के सीवेज का गंदा पानी नहीं जाने देंगे। इसके लिए जिलों में ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं। इस पानी का उपयोग खेतों की सिंचाई में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक की थेलियों को 01 मई से प्रतिबंधित कर दिया जायेगा। आदिवासी अनुसूचित, जाति के साथ ही अब सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं को भी स्कॉलरशिप दी जाएगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नर्मदा कलश ध्वज, कन्याओं का पूजन एवं संतों का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। करनपुरा से यात्रा सोनतलाई, पांचाकलाई, बाबर एवं बम्हन गाँव होते हुए धनवाड़ा पहुँचेगी और यहाँ से 31 जनवरी को खंडवा जिले में प्रवेश करेगी। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया, पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक, हरदा नगर पालिका के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र जैन एवं पूर्व विधायक कमल पटेल उपस्थित थे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  31 January 2017

 नर्मदा  संरक्षण

   'नमामि देवि नर्मदे''-सेवा यात्रा के दूसरे दिन हरदा जिले में टिमरनी ब्लाक के छीपानेर से सेवा यात्रा शुरू हुई। शुरूआत में छीपानेर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नर्मदा कलश की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने सिर पर कलश रख कर यात्रा में सहभागिता की। ग्रामीणों को नर्मदा नदी के संरक्षण और पानी को प्रदूषण से बचाने के लिए संकल्प दिलवाया गया। जन-संवाद में ग्रामीणों ने नर्मदा नदी के किनारों पर पक्के घाट निर्माण की माँग रखी। छीपानेर से नर्मदा सेवा यात्रा चिचोट और लछौरा होती हुई शमशाबाद पहुँची। शमशाबाद में ग्राम की महिलाओं ने सिर पर कलश रख कर सेवा यात्रा का स्वागत किया। ग्रामीणों ने नर्मदा नदी के किनारे फलदार पौधों का रोपण किया। यात्रा में साथ चल रहे स्थानीय जन-प्रतिनिधियों ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा एक जन-आंदोलन बन गई है। उन्होंने कहा कि हरदा जिला नर्मदा नदी के किनारे होने से खेती-किसानी के मामले में अग्रणी जिला माना जाता है। नर्मदा माँ की कृपा से यहाँ किसान समृद्ध है। हम सबका दायित्व है कि नर्मदा नदी में पानी अविरल बहता रहे इसके लिए हम सब ग्रामीण जन-भागीदारी के साथ बड़ी संख्या में फलदार वृक्ष लगाये। युगों-युगों से देखा है नर्मदा जीवन-रेखा है विधायक श्री संजय शाह ने ग्राम जालोदा के प्राचीन राम जानकी मंदिर में ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नर्मदा नदी युगों-युगों से हमारे जिले के कई ग्रामों से बहती हुई आगे निकल जाती है। हम सब की लापरवाही से दिन-प्रतिदिन नर्मदा नदी का पानी प्रदूषित होता जा रहा है। नर्मदा नदी के घाट पानी की कमी की वजह से सिकुड़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा सेवा यात्रा की शुरूआत कर एक ऐतिहासिक पहल की है। यात्रा का मकसद तभी पूरा होगा जब हम एकजुट होकर नदी के संरक्षण के प्रभावी प्रयास करेंगे। राज्य सरकार नर्मदा नदी के किनारे के गाँव में धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए विशेष कार्य-योजना बना रही है। विधायक ने रामजानकी मंदिर में ग्रामीणों को नदी संरक्षण का संकल्प दिलाया। दरगाह समिति ने किया यात्रा का अभिनंदन दरगाह समिति के पदाधिकारियों ने सेवा यात्रा का अभिनंदन किया और कहा कि नर्मदा को धर्म विशेष से जोड़कर देखना ठीक नहीं है। नर्मदा बगैर भेदभाव के सभी के खेतों पर पानी पहुँचाती है। उन्होंने भी नर्मदा नदी के संरक्षण का संकल्प दोहराया। जलौदा में सुबह से नर्मदा सेवा यात्रा का इंतजार कर रहे निःशक्त रामगोपाल केवट ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की यह अच्छी पहल है।    

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  22 January 2017

मूल निवास और आय प्रमाणपत्र

मध्यप्रदेश में अब आप अपना आय और मूल निवासी प्रमाण पत्र घर बैठे भी बनवा सकते हैं। इसके लिए न तो लोक सेवा केंद्र जाकर आवेदन करने की जरूरत होगी न प्रमाणपत्र बन जाने पर उसे लेने लोक सेवा केंद्र जाना पड़ेगा। घर बैठे ही अब दोनों तरह के प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया जा सकेगा। 7 दिन में प्रमाण पत्र बनने के बाद उसे घर बैठे डाउनलोड कर सकेंगे। लोक सेवा प्रबंधन विभाग ने एमपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर पायलेट फेज में दो सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है। दोनों सेवाओं के लिए शुल्क भी ई-पेमेंट के जरिए जमा किया जा सकेगा। लेकिन इसके लिए आधार नंबर होना अनिवार्य है। बिना आधार नंबर वाले लोग इस सेवा का लाभ नहीं ले पाएंगे। एमपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर सिटीजन लॉगिन नाम से एक नया टैब शुरू किया गया है। इस पर क्लिक करते ही एक नई विंडो खुलेगी। इसमें लॉगिन आईडी के स्थान पर आवेदक को अपना आधार नंबर और पासवर्ड की जगह विंडो पर दर्शाया गया सिक्योरिटी कोड भरना होगा। इसके बाद यूआईडी सेंट्रल सर्वर से एक आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) भेजा जाएगा। इस पासवर्ड को दर्ज करने के बाद आवेदक के व्यक्तिगत विवरण का फॉर्म आधार की जानकारी से अपने आप भर जाएगा। ई-पोर्टल पर आवेदन शुल्क जमा करने पहली बार 5 ऑप्शन होंगे। पेमेंट गेटवे के माध्यम से इंटरनेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या ई-वॉलेट का इस्तेमाल शुल्क जमा करने के लिए किया जा सकेगा। आय प्रमाणपत्र के लिए स्वप्रमाणित आय का घोषणा पत्र जिसमें आय की जानकारी दर्ज हो और मूल निवासी प्रमाणपत्र के लिए स्वप्रमाणित स्थानीय निवासी होने का घोषणापत्र, यदि बीपीएल कार्डधारक है तो कार्ड की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी की जेपीजी फाइल आवेदन के साथ अटैच करनी होगी। यदि 7 दिन (तय समयसीमा) के अंदर प्रमाणपत्र बनकर तैयार नहीं होता है, या प्रमाणपत्र में गलती के कारण आवेदक सेवा से असंतुष्ट है तो वह 30 दिन के भीतर ईमेल आईडी पर अपनी शिकायत भेजकर प्रथम अपील कर सकता है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  30 November 2016

Video

Page Views

  • Last day : 2842
  • Last 7 days : 18353
  • Last 30 days : 71082
Advertisement
Advertisement
Advertisement
All Rights Reserved ©2017 MadhyaBharat News.