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मंडला News


narmda yatra

नर्मदा नदी के पाँच किलोमीटर के दायरे में आने वाली सभी शराब की दुकानों को बंद करने के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान के निर्णय की हर गाँव में प्रशंसा हो रही है। नर्मदा यात्रा के किनारे वाले गाँव में उत्सव जैसा माहौल रहता है। ग्राम चिरई डोंगरी निवासी श्रीमती लक्ष्मी झारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नर्मदा किनारे की शराब की दुकानें हटाने के फैसले के लिए मेरे पास शब्द नहीं है। हमारे गाँव की महिलाएँ उनके इस निर्णय से इतनी खुश हैं कि वे बार-बार उन्हें आशीर्वाद दे रही हैं। यह बहुत बड़ा कदम है। इसी गाँव के श्री लाल जैन ने कहा कि अब हमारे गाँव का माहौल बहुत बढ़िया रहता है। आस-पास के आदिवासी ग्राम हनिमंता गाडर, सहजनी, बिजे गाँव और गुर्जर सारी से आये हुए नवयुवकों ने भी मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा ‍िक समाज में फैली नशे की बुराई को जल्द से जल्द खत्म करना होगा। नवयुवकों ने कहा कि आदिवासी वर्ग अब शिक्षित किया जा रहा है जिससे उनमें भी जागरूकता आई है। ग्वारी गाँव के अजमेर सिंह मेरावी ने भी शराब बंदी का समर्थन किया। साथ में स्वच्छता अभियान पर भी अपनी राय व्यक्त की और कहा कि हमारे गाँव में अब हर घर में शौचालय है और उसका उपयोग भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री चौहान की नर्मदा किनारे फलदार वृक्ष लगाने की योजना से भी उत्साह का माहौल बना हुआ है। अविस्मरणीय, अकल्पनीय है नर्मदा संरक्षण यात्रा  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जन-भागीदारी से परिपूर्णं 'नमामि देवि नर्मदे''-सेवा यात्रा अविस्मरणीय एवं अकल्पनीय है। यात्रा जन-मानस के जीवन में एक अमिट छाप छोड़ रही है। यात्रा के आज सवा सौ दिन पूरे हो चुके हैं। मण्डला जिले में यात्रा के प्रति जन-मानस का जुड़ाव आज भी ऐसा है जैसा कि यात्रा के पहले दिन था। श्रद्धालुओं की भाव-विभोरता को देखते हुए ऐसा लगता है मानो यात्रा का आज पहला दिन है। हर गाँव में यात्रा के प्रति यह प्रमाण देखने को मिल रहा है। यात्रा से ग्रामवासी नर्मदा नदी के प्रति अपने कर्त्तव्यों के प्रति जागरूक हुए हैं। नर्मदा सेवा यात्रा के माध्यम से हर गाँव में हुए विकास की झलक भी देखने को मिल रही है। अब जगह-जगह शौचालय बने हुए हैं और उनका उपयोग भी किया जा रहा है। गाँव प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या मुख्यमंत्री सड़क योजना द्वारा मुख्य मार्गों से जुड़ गये हैं। मण्डला जिला विंध्याचल पहाड़ियों के बीच में बसा हुआ है माँ नर्मदा पहाड़ों के बीच ऐसी प्रतीत होती हैं मानो माँ नर्मदा इस जिले को अपनी गोद में समाये हुए है। नागरिकों के जहन में यह बात पैठ रही है कि नर्मदा मईया को पूर्ण रूप से प्रदूषण मुक्त करवाना है और इसके लिये उन्हें नर्मदा एवं पर्यावरण का संरक्षण करना होगा। नर्मदा यात्रा ग्रामवासियों को अपनी जिम्मेदारी का ऐहसास करा रही है। यात्रा को समाज के सभी वर्गों का समर्थन और सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिस उद्देश्य को लेकर जन-भागीदारी से नर्मदा यात्रा शुरू की थी, उससे भी कहीं बड़ा संदेश प्रदेश हित में दिया जा रहा है।  

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 MadhyaBharat  23 April 2017

महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद

मंडला के कालपी में जनसंवाद में स्वामी अखिलेश्वरानंद   'नमामि देवि नर्मदे''-सेवा यात्रा स्वर्णिम मध्यप्रदेश के निर्माण में आधार-शिला साबित होगी। यात्रा वैचारिक और रचनात्मक जन-आंदोलन है। आज मण्डला जिले के कालपी में सेवा यात्रा के जन-संवाद में महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद ने यह विचार व्यक्त किया। स्वामी अखिलेश्वरानंद ने कहा कि समय के साथ समूचे विश्व में जल-संकट गहराता जा रहा है। प्रदेश सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए सेवा यात्रा का आयोजन किया है, जिसे व्यापक जन-समर्थन मिल रहा है। यात्रा के माध्यम से जल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ रही है। यह भविष्य के लिये बेहतर संकेत माना जा सकता है। उन्होंने यात्रा में बेटी बचाओ अभियान के साथ सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से नशाबंदी, गौ-पालन, जैविक कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल-संरक्षण के उपायों पर चर्चा करते हुए पर्यावरण की रक्षा के साथ उन्नत जीवन- शैली अपनाने का आव्हान किया। जन-संवाद में नर्मदा सेवा समिति के नामों की घोषणा की गयी। पाठ्य-पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष श्री अवधेश नायक ने कहा कि सेवा यात्रा के माध्यम से जन-सामान्य जल-संरक्षण के महत्व को समझ रहा है। उन्होंने जल-संरचनाओं के निर्माण, वृक्षारोपण और जैविक कृषि को बढ़ावा देने का आव्हान किया। विधायक श्री रामप्यारे कुलस्ते ने कहा कि नर्मदा नदी प्रदेश की जीवन-रेखा है। यात्रा के माध्यम से नर्मदा के संरक्षण और संवर्धन के सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। यात्रा सामाजिक सरोकार से जुड़ा एक जन-अभियान है। इसमें लाखों जन अपनी सहभागिता कर मुख्यमंत्री के आदर्श संकल्प को समर्पित भाव से पूरा करने में जुटे हैं। कालपी में जन-संवाद से पूर्व कन्या आश्रम बीजाडाण्डी में वृक्षारोपण किया गया। यात्रा धनवाही, लाबर मुडिया और चरगाँव कला से होते हुए कालपी पहुँची। यात्रा का जगह-जगह जन-समुदाय द्वारा स्वागत किया गया। महिलाएँ और बालिकाएँ यात्रा में कलश लेकर साथ चल रही थी। पुष्प-वर्षा कर नागरिकों ने यात्रा का स्वागत किया। जन-संवाद में मौजूद जन-समुदाय को नर्मदा संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष जनपद पंचायत बीजादाण्डी श्रीमती अलका गोठरिया, उपाध्यक्ष श्रीमती हेमलता यादव, सदस्य श्री संदीप नामदेव और श्री मिश्री यादव मौजूद थे। हर हाथ से हो सेवा, स्वच्छ रहे हमारी रेवा मण्डला जिले के नारायणगंज में 'नमामि देवि नर्मदे'-सेवा यात्रा के 124 दिन के जन-संवाद को क्षेत्रीय विधायक श्री रामप्यारे कुलस्ते ने संबोधित किया। श्री कुलस्ते ने कहा कि हर हाथ से हो सेवा, स्वच्छ रहे हमारी रेवा। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को नर्मदा के संरक्षण, जल संरक्षण और पर्यावरण को बचाने के लिये नदी के तट पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में 2 जुलाई को करोड़ों वृक्ष लगाना है। इसमें हम सबको सहभागी बनना है। गौ-संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद ने जन-संवाद में कहा कि नर्मदा यात्रा में जल-संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति जैसे संकल्पों को हमें पूरा करना है। उन्होंने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा के इस अभियान में लिये गये संकल्पों हम सभी लोगों को मिलकर मूर्तरूप देना है। जन-संवाद को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती संपतिया उईके ने कहा कि जल संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण, प्रदूषण से मुक्ति और नशामुक्ति लिये हमें कार्य करना है। जैविक खेती को प्रोत्साहन देने और फलदार एवं छायादार वृक्षों को लगाने का हम संकल्प लें और इसे पूरा भी करें। जन-संवाद के बाद नर्मदा जी की महाआरती की गई।  

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 MadhyaBharat  22 April 2017

शिवराज एकांतवास

बांधवगढ़ व अटेर विधानसभा चुनाव के लिए लगातार तीन दिनों तक प्रचार के उपरांत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एकांतवास पर चले गए हैं।  मुख्यमंत्री चौहान धर्मपत्नी साधना सिंह के साथ कान्हा नेशनल पार्क में रहेंगे। सीएम आज दोपहर कान्हा के लिए रवाना हुए। कल वे नरसिंहपुर जिले में नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल होंगे। इसके उपरांत पार्लियामेंट्री कमेटी की बैठक के लिए दिल्ली जाएंगे। यहां से 10 अप्रेल को भोपाल वापस लौटेंगे। मुख्यमंत्री चौहान के लौटने के बाद प्रशासनिक सर्जरी भी हो सकती है। प्रशासनिक सर्जरी में कलेक्टरों तथा अन्य आईएएस अधिकारियों समेत आईपीएस अधिकारियों के तबादले को भी हरी झंडी दी जा सकती है। इसके अलावा प्रदेश में तबादलों पर प्रतिबंध हटाने को लेकर भी आने वाले समय में फैसला हो सकता है। कैबिनेट की अगली बैठक 11 अप्रैल को है, जिसमें इन मुद्दों पर निर्णय आ सकता है।  

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 MadhyaBharat  8 April 2017

पक्षी सर्वेक्षण

कान्हा टाईगर रिजर्व में 17 से 20 मार्च के मध्य पक्षी सर्वेक्षण 2017 होगा। रिजर्व प्रबंधन द्वारा बर्ड काउंट इंडिया के सहयोग से होने वाले सर्वेक्षण में पक्षी प्रेमी भी भाग ले सकेंगे। प्रबंधन द्वारा आवेदन kanhabirdsurvey@gmail.com और fdkanha@rediffmail.com पर 28 फरवरी तक स्वीकार किये जायेंगे। चयनित स्वयंसेवकों को 5 मार्च तक सूचना दे दी जायेगी। मध्य भारत के कान्हा टाईगर रिजर्व में होने वाले पक्षी सर्वेक्षण में भाग लेना पक्षी प्रेमियों के लिये एक दुर्लभ अवसर है। सर्वेक्षण में निर्बाध और व्यवस्थित डाटा संग्रहण के लिये ई-बर्ड तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा। इससे भविष्य में होने वाले पक्षी अध्ययन के लिये मजबूत आधार मिलेगा। सर्वेक्षण के दौरान देश के प्रतिष्ठित पक्षी और प्रकृति विशेषज्ञ तथा कान्हा टाईगर रिजर्व के गाइड भी रहेंगे। यह पूर्णत: सर्वेक्षण होगा जिसमें पक्षी की फोटोग्राफी नहीं की जा सकेगी।  

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 MadhyaBharat  20 February 2017

shivraj singh ramnagar

      मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मण्डला के रामनगर में यात्रा को किया सम्बोधित  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि माँ नर्मदा के किनारे बसे गाँवों में आगामी वर्षो से शराब का ठेका नीलाम नहीं होगा। नर्मदा के किनारे के गाँवों के लोगों को संकल्प दिलाकर नशामुक्त करने का प्रयास किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान मण्डला के रामनगर में 'नमामि देवि नर्मदे'' सेवा यात्रा को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के जरिये महिलाओं को सशक्त बनाया जायेगा। उन्होंने ग्रामीणों से बेटियों की शिक्षा पर पूरा ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह के साथ धर्मगुरूओं के नेतृत्व में मॉ नर्मदा की संध्या आरती एवं स्तुति भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमरकंटक के पहाड़ों पर खनन प्रतिबंधित कर दिया जायेगा। उन्होंने नर्मदा जल को स्वच्छ रखने का संदेश देते हुए नर्मदा तट के प्रत्येक गाँव के हर घर में शौचालय का निर्माण करने को कहा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिले की 44 ग्राम पंचायत को खुले में शौच से मुक्त घोषित किये जाने, जिला पंचायत को आई.एस.ओ. घोषित होने का प्रमाण-पत्र एवं प्रधानमंत्री जन-धन योजना की बीमा राशि के चेक भी संबंधितों को वितरित किये। श्री चौहान ने जैविक खेती अपनाने वाले किसानों को पंजीयन प्रमाण-पत्र भी दिये।वन मंत्री श्री गौरीशंकर शेजवार ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान साधु-संतों द्वारा दिये जा रहे पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के संदेश पर अमल प्रारंभ हो गया है। नर्मदा के मंत्र यात्रा के नारे बन चुके हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री फग्गनसिंह कुलस्ते ने कहा कि यात्रा के जरिये मुख्यमंत्री ने पर्यावरण एवं नदी संरक्षण का अभूतपूर्व कार्य किया है। जिला प्रभारी मंत्री श्री संजय-सत्येन्द्र पाठक ने प्रदेश में संचालित जन-कल्याण योजनाओं के बारे में बताया। साध्वी प्रज्ञा भारती ने कहा कि नर्मदा की जय बोलने के साथ ही इसके संरक्षण के लिए भी काम करना होगा। संत श्री भैया जी सरकार ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा देश एवं दुनिया को जल-संरक्षण का संदेश दे रही है। विभिन्न जाति एवं धर्म समुदाय में बँटा हुआ समाज आज नर्मदा के संरक्षण के लिए यात्रा कर रहा है। प्रारंभ में मुख्यमंत्री और उपस्थित जन-प्रतिनिधियों ने माँ नर्मदा का पूजन-अर्चन किया। उपस्थित धर्मगुरूओं एवं साधु-संतों का शाल-श्रीफल से सम्मान किया गया।  

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 MadhyaBharat  22 December 2016

shivraj singh

    मंडला जिले के ग्राम चाबी में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने किया जन-संवाद    मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नर्मदा के तटीय नगरों में जल-शुद्धिकरण के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाये जायेंगे। इन प्लांटों से गंदे पानी के जल-मल को अलग कर स्वच्छ पानी किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए उपयोग किया जायेगा। नर्मदा के घाटों पर पूजन सामग्री एवं प्रतिमा विसर्जन के लिए विसर्जन कुण्ड बनाये जायेंगे। इसी प्रकार तटों पर प्रदूषण रोकने के लिए मुक्तिधाम बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री  मण्डला जिले के ग्राम चाबी में 'नमामि देवि नर्मदे'' सेवा यात्रा के अवसर पर जन-संवाद कर रहे थे। इस अवसर पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री एवं मण्डला जिले के प्रभारी श्री संजय-सत्येन्द्र पाठक, विधायक श्री रामप्यारे कुलस्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती संपत्तिया उइके, जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पांडे और साध्वी प्रज्ञा भारती, साधु संत एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा जीवन-दायिनी है। नर्मदा तट के लोग इसकी गोद में पले-बढ़े हैं। प्रदेश के 30 प्रतिशत से अधिक लोग नर्मदा से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। नर्मदा ने जल, जीवन एवं अन्य प्राकृतिक भंडार फल-फूल-सब्जी के साथ म.प्र. को बिजली जैसे सब चीजें दी किन्तु हमने उसके तट के ही वृक्ष काट डाले, जंगल काट डाले। यह पेड़-पौधे जंगल के वृक्ष जो पानी सोखकर बूँद-बूँद कर जल नदियों में देते थे उन्हें ही नष्ट कर जल-स्तर कम कर नदियों का बहना बंद कर दिया। यदि यह नहीं रूका तो नर्मदा का प्रवाह बंद होने से मध्यप्रदेश भी सुरक्षित नहीं रहेगा। इसी उद्देश्य से नर्मदा संरक्षण एवं संवर्धन के लिए यात्रा आयोजित की जा रही है। नर्मदा के दोनों तटों पर सरकारी, वन भूमि एवं किसानों की निजी भूमि में पेड़ लगाये जायेंगे और वे पेड़ ऐसे होंगे जो तट के कटाव को रोकेंगे। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल वाले खेतों में नर्मदा के किनारे दोनों तट पर फलदार पौधे लगायें। किसानों को फलदार पौधे में फल आने तक प्रति वर्ष 20 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा दिये जाने का प्रावधान किया गया है। फल आने के बीच किसान अपनी जमीन पर अन्य फसल भी ले सकेंगे। किसानों को पेड़ लगाने की मजदूरी भी शासन देगा। नर्मदा के दोनों तट पर पौधे लगाना ही इस यात्रा का उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि अभी तक मण्डला जिले में 6,376 किसानों ने पेड़ लगाने का संकल्प ले लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा की जब योजना बनी तब ऐसा लग रहा था कि यह अभियान कौन चलाएगा? तब जन-अभियान परिषद एवं साधु-संतों ने इसकी शुरूआत का आश्वासन दिया और अब मात्र दस दिनों में लोगों के समूह के समूह यात्रा के साथ हैं। यात्रा का संयोजन तो सरकार ने किया किन्तु अब समाज ने इसे अपने हाथ में ले लिया है। मुख्यमंत्री ने बेटी बचाने के संदेश को देते हुए कहा कि आज भी माताएँ हेण्डपंप से पानी लाने बेटे को नहीं बेटियों को भेजती है। उन्होंने कहा कि नर्मदा के तटीय क्षेत्रों में सरकार पाइप लाइन डालकर जल प्रदाय करेगी। अब बेटी हेण्डपंप नहीं चलायेगी। उन्होंने नागरिकों को बेटी और बेटे में समानता का भाव रखने की सलाह देते हुए कहा कि यदि बेटी नही बचाओगे तो बहू कहाँ से लाओगे। इसका संतुलन जरूरी है यदि असंतुलन हुआ तो सृष्टि नहीं चलेगी। बेटियों के लिए शासन ने जन्म से उनके विवाह तक की सुविधाएँ दी हैं। अब पुलिस में भी 33 प्रतिशत पदों पर बेटियों की भरती होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को नशा नहीं करने की सलाह दी। इससे प्रेरित होकर लगभग 150 लोगों ने नशा नहीं करने का संकल्प लिया। जन-संवाद के दौरान ही उपस्थित जन-समूह को मुख्यमंत्री द्वारा नर्मदा के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प दिलाया गया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने नर्मदा सेवा यात्रा के ध्वज का पूजन कर माँ नर्मदा की आरती की। मंच पर मुख्यमंत्री द्वारा कन्या-पूजन एवं साधु-संतों का शाल-श्रीफल एवं फूल-मालाओं से स्वागत किया गया।  

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 MadhyaBharat  21 December 2016

path narmada

  नदियों को संवारने, प्रकृति को बचाने के लिये जागने का समय है     मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा सेवा यात्रा के दूसरे दिन माँ नर्मदा की आरती की और पाठ किया। उन्होंने यात्रियों के साथ नर्मदा नदी के तट पर यात्रा की। उन्होंने नर्मदा सेवा यात्रा जारी रखने वाले यात्रियों के समूह को यात्रा का ध्वज सौंपा। सुरम्य कबीर सरोवर के किनारे रात्रि विश्राम के बाद वे सुबह घाट पर स्थित संतों के आश्रम गये और पूजा की। श्री चौहान अरंडी आश्रम गये। वहाँ उन्होंने पौधरोपण किया और कबीर सरोवर पहुँचकर नाव से घाटों का भ्रमण किया। नर्मदा मैय्या का पाठ किया। वे चक्रतीर्थ आश्रम पहुँचे और संतो से भेंट की । श्री चौहान ने मीरा माई के आश्रम जाकर आशीर्वाद लिया। श्री चौहान ने कहा कि नदियाँ मानव समाज की जीवनदायिनी है, इसलिये नदियों की रक्षा के लिये समाज को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी को प्रदूषण से मुक्त रखने का अभियान सही अर्थों में प्रकृति और मनुष्य को बचाने का अभियान है। श्री चौहान ने नागरिकों से अपील की है कि वे नर्मदा नदी की सेवा का संकल्प लें और शुद्ध मन के साथ  नर्मदा सेवा यात्रा में भाग लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य ने अपने स्वार्थ के कारण प्रकृति का नुकसान किया है। आने वाली पीढ़ियों का जीवन खतरे में है। प्रदूषण के कारण मानव समाज संकट में है। लगातार विनाश की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब जागने का समय आ गया है। प्रकृति को हरियाली से संवारने का समय है। मुख्यमंत्री ने ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करने और उनकी रक्षा करने की अपील की। यात्रा में नर्मदा तटों के आस-पास के गाँवों के हजारों लोग शामिल हुए।

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 MadhyaBharat  12 December 2016

naxli

    मध्यप्रदेश में नक्सलियों की एक नई दलम तीन जिलों में अपनी पैठ जमाने की कोशिश में है। 26 अक्टूबर को आईजी-एसपी कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को देने के बाद इंटेलिजेंस ने इस मामले में नई जानकारियां हासिल की है। बताया जा रहा है कि यह दलम ओड़िशा और तेलंगाना की है और इसके दो प्लाटून समूह पिछले छह महीनों से डिंडौरी, मंडला और अनुपपूर में सक्रिय है। दोनों प्लाटून में 20-20 सदस्य हैं। हालांकि इनकी पहचान अभी होना बाकी है जिसकी वजह है ये अपनी गतिविधियां बेहद गुपचुप तरीके से अंजाम देते है। ओड़िशा और तेलंगाना के विस्तार दलम की जानकारी मिलते ही मप्र इंटेलिजेंस अलर्ट हो गई है। अधिकारियों की मानें तो अभी इनके सदस्यों ने जिलों की रैकी करना शुरू की है, वहीं यह अभी उन संभावनाओं को तलाश रहे हैं जिसकी मदद से यह आगे जड़े जमा सकें। वे देख रहे हैं कि इन जिलों में किस वर्ग के लोगों को वे अपने प्रभाव में आसानी से ला सकती है। इंटेलिजेंस इन प्लाटून के सदस्यों का पता लगाने के साथ-साथ जिलों के युवाओं पर खासतौर से नजर रख रही है। इनमें भी नाबालिगों से बीच-बीच में बातचीत के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नक्सलवाद से जुड़ने के लिए उन्हें कोई बहका तो नहीं। मालूम हो कि कॉन्फ्रेंस के दौरान भी इंटेलिजेंस ने इन नई दलम के द्वारा नाबालिगों और युवाओं को भर्ती करने का अंदेशा जताया था और मुख्यमंत्री से इन जिलों में बेरोजगार युवकों को रोजगार मुहैय्या करवाने की बात की थी। आईजी इंटेलिजेंस व लॉ एंड ऑर्डर मकरंद देउस्कर ओड़िशा और तेलंगाना के नक्सली समूह के 40 सदस्यों की डिंडौरी, मंडला और अनुपपूर में होने का पता चला है। वे अपनी जमीन तलाशने मप्र की ओर बढ़ रहे हैं। फिलहाल इनके किसी तरह के पर्चे बांटने या कोई सार्वजनिक तौर पर की गई कोई गतिविधि सामने नहीं आई है, लेकिन हम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। 

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 MadhyaBharat  3 December 2016

 कान्हा नेशनल पार्क

मंडला जिले में स्थित मप्र के सबसे लोकप्रिय कान्हा नेशनल पार्क पर अब लगता है तस्करों का कब्जा हो गया है। चंदरोज पहले ही एक टाइगर की अंगभंग लाश मिली थी। आज फिर एक और मौत कीखबर आ गई।  पिछले एक  साल में कान्हा में नौ  टाइगर मारे जा चुके हैं। वनविभाग के अधिकारी केवल खानापूर्ति वाली कार्रवाई करते दिखाई देते हैं। ताजा मामला मुक्की रेंज में बिशनपुर से आ रहा है। यहां एक वयस्क बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। पार्क प्रबंधन के अधिकारी एक बार फिर गंभीरता पूर्वक जांच की बातें कर रहे हैं।  पार्क संचालक संजय शुक्ल का कहना है कि आपसी संघर्ष के दोरान बाघ की मौत हो गई है। बता दें कि एक साल में मप्र में बाघों की मौत का यह 31वां और कान्हा में 9वां मामला हैं। पूरा एक सप्ताह भी नहीं गुजरा कि कान्हा से अंगभंग हुई टाइगर की लाश मिली थी। मामले में जब तस्करों का कनेक्शन खुलकर सामने आ गया तो वनविभाग ने भी 5 लोगों को शिकार बताकर मीडिया के सामने पेश कर दिया परंतु आज फिर मिली लाश ने संदेह की सुई एक बार फिर  पार्क संचालक की ओर मोड़ दी है।

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 MadhyaBharat  1 November 2016

बाघ शिकारी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश वन विभाग की एसटीएफ टीम ने 22 अक्टूबर को कान्हा टाइगर पार्क में मारे गये बाघ के शिकारियों को ढूँढ निकाला है।  टीम ने 6 शिकारी देवी सिंह, धीर सिंह, ज्ञान सिंह, सुंदरलाल, धर्म सिंह और छोटेलाल को मानेगाँव से गिरफ्तार कर धीर सिंह के घर से बाघ को मारने में उपयोग किये गये बिजली के तारों को भी बरामद किया। शिकारियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। शिकारियों ने क्षेत्र संचालक  पंकज शुक्ला को बताया कि उनका बाघ को मारने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने मानेगाँव के पास जंगली सुअर या चीतल को मारने के इरादे से बिजली के तार बिछाए थे, जिसमें दुर्भाग्य से बाघ फँस गया। बाघ के मरने से वे बहुत भयभीत हो गये और उसके शव को घसीटकर लेंटाना की झाड़ियों में छुपा दिया। इसके बाद देवी सिंह और छोटेलाल ने बाघ के चारों पंजे काटे, ताकि उन्हें बेचकर पैसा कमाया जा सके। इतने में एसटीएफ की टीम खोजी कुत्तों के साथ वहाँ पहुँच गयी। पकड़े जाने के डर से देवी सिंह ने चारों पंजे बंजर नदी के पास पहुँचकर एकांत में जला दिये, लेकिन खोजी कुत्तों और प्राप्त जानकारी के आधार पर टीम वहाँ भी पहुँच गयी और अपराधियों को धर पकड़ा। वन विभाग की टीम को देवी सिंह ने वह जगह भी दिखायी, जहाँ उसने कटे पंजों को जलाया था। पैरों के अधजले अंग भी टीम ने बरामद किये।

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 MadhyaBharat  26 October 2016

13 बाघों की मौत

मध्य प्रदेश के दो राष्ट्रीय उद्यानों में पिछले एक साल में विषाक्तता, बिजली का झटका लगने और दूसरे कई कारणों से कम से कम 13 बाघ मर चुके हैं। राज्य वन विभाग ने एक RTI का जवाब देते हुए बताया कि पेंच राष्ट्रीय उद्यान में नौ बाघों की मौत हो गयी जबकि बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में चार बाघ मारे गए। पेंच उद्यान को मोगली के घर के तौर पर जाना जाता है जो अंग्रेज लेखक रुडयार्ड किपलिंग के फिक्शन उपन्यास 'जंगल बुक' का मुख्य किरदार है। राज्य के राष्ट्रीय उद्यानों में बाघों के शिकार के मामलों की जांच की मांग को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करने वाले वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने सूचना का अधिकार आवेदन देकर पिछले एक साल में मारे गए बाघों के ब्यौरे मांगे थे। वन विभाग ने विषाक्तता, बिजली का झटका लगना, बीमारी, दूसरे बाघों से लड़ाई और कुएं में डूबने को बाघों के मारे जाने की वजह बताया है। मध्य प्रदेश में छह बाघ अभयारण्य हैं जिनमें कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना, बोरी-सतपुडा , संजय-दुबरी और पेंच शामिल हैं। इन अभयारण्यों में करीब 257 बाघ हैं। 2010 में देश में बाघों की आबादी 1,706 थी और 2014 में यह बढ़कर 2,226 हो गयी। बाघों की आबादी के लिहाज से कर्नाटक और उत्तराखंड के बाद मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर आता है। भारतीय वन्यजीव संरक्षण सोसायटी के आंकड़ों के मुताबिक साल 2016 में करीब 100 बाघों की मौत हो चुकी है। जिनमें से 36 बाघों को शिकार करने के लिए मारा गया है।

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 MadhyaBharat  17 October 2016

कान्हा में शुरू होगी नाइट सफारी

कान्हा नेशनल पार्क में दिन के समय पार्क भ्रमण का आनंद तो लोग लेते ही हैं लेकिन अब जल्द ही पार्क में नाइट सफारी का भी लुफ्त ले सकेंगे। इस सीजन से कुछ हटकर करने के लिए प्रबंधन ने नाइट सफारी का प्रस्ताव शासन को स्वीकृति के लिए भेजा है।  प्रबंधन ने उम्मीद जताई है कि यह प्रस्ताव स्वीकृत होते ही निश्चित रूप से पर्यटकों का रूझान कान्हा में जबर्दस्त बढ़ेगा और रात में जंगल भ्रमण का रोमांच अनोखा होगा। पर्यटक वन्यप्राणियों की चमकती हुई आंखें और उनका आना-जाना देखकर रोमांच होगा। हालांकि नाइट विजन गॉगल का भी उपयोग किया जाएगा। जिससे जंगल प्रकाश से भरपूर दिखाई पड़ेगा और रात के अंधेरे में भी जानवर स्पष्ट देखे जा सकेंगे। प्रथम चरण में पार्क प्रबंधन ने 03 वाहनों को नाइट सफारी के लिए अनुमति मांगी है। प्रतिदिन 18 पर्यटकों को नाइट सफारी पर जाने का मौका मिलेगा। कंजरवेशन  प्लान में भी नाइट सफारी का जिक्र हैं। कान्हा पार्क प्रबंधन का मानना है कि बफर जोन पर्यटकों के लिए खोले जाने व नाइट सफारी से पर्यटकों का रूझान बढ़ेगा। बफर जोन में पर्यटन बढ़ने से वाइल्ड लाइफ को भी फायदा मिलेगा। वन्यप्राणियों की संख्या भी बढ़ेगी। तीन माह पार्क बंद रहने से शिकारी सक्रिय हो जाते थे, लेकिन वर्षभर पर्यटन जारी रहने से लोगों की उपस्थित पार्क क्षेत्र में रहेगी। जिससे पार्क व रहने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा भी होगी। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता रहेगा।

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 MadhyaBharat  30 September 2016

आपदा प्रबंध तालों में कैद

मध्यप्रदेश में किसी भी प्राकृतिक आपदा (बाढ़,भूस्खलन,तूफान,भूकंप आदि) के दौरान जन-धन की हानि को कम करने और हालात को काबू में करने वाले राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को खुद अपनी मुक्ति का इंतजार है। केंद्र के एक्ट के बाद राज्य ने 2011 में अधिनियम पारित कर प्रदेश में भी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थापित तो कर दिया, लेकिन स्टाफ न होने से प्राधिकरण तालों में कैद होकर रह गया है।राज्य ने इस कार्यालय के लिए 42 पद स्वीकृत किए हैं, लेकिन अब तक इन पदों में से एक पर भी नियुक्ति नहीं हो पाई है। प्राधिकरण का प्रभार संभालने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में गृह सचिव डीपी गुप्ता खुद भी इस कार्यालय में नहीं आते। हालांकि आपदा प्राधिकरण ने इस साल स्टेट डिजास्टर इमर्जेंसी रिस्पांस फोर्स (एसडीईआरएफ) के लिए होमगार्ड के तकरीबन 450 जवानों को प्रशिक्षण के लिए देश के विभिन्न शहरों में भेजा, लेकिन उत्तराखंड जैसी किसी आपदा में इन प्रशिक्षति जवानों का आंकड़ा तो ऊंट के मुह में जीरे के समान है।इस मामले में गृह विभाग के अधीन आने वाले इस संस्था की वेबसाइट ही गलत जानकारी दे रही है।

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