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ग्वालियर News


भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा

  भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा ने सरकार से अल्पवर्षा के कारण उत्पन्न् स्थिति से निपटने के लिए तत्काल किसानों को राहत देने की मांग की है। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने प्रदेश के सूखाग्रस्त जिलों में किसानों के हालात पर चिंता व्यक्त की और कहा कि मोर्चा किसानों को तत्काल राहत दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला और तहसील मुख्यालयों पर अधिकारियों को सौंपेगा। रावत ने कहा कि 19 सितंबर को वे स्वयं भोपाल जिला किसान मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौपेंगे। किसान मोर्चा ने बर्बाद फसलों का सर्वेक्षण कराने, वसूली स्थगित करने, रोजगार मुहैया कराने और किसानों को जरूरी सहायता दिए जाने की मांग की है। रावत ने चर्चा में बताया कि किसानों ने खरीफ की फसल बोई थी, लेकिन समय पर बारिश न होने के कारण किसान का निवेश व्यर्थ चला गया है। वर्षाकाल का समय लगभग बीत चुका है। अल्पवर्षा के कारण किसानों के सामने कृषि को लेकर भीषण संकट उत्पन्ना हो गया है, इसलिए किसान को तत्काल राहत देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों चित्रकूट में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में सूखे के हालात पर चर्चा करते हुए कहा था कि किसानों को संकट की घड़ी में हर संभव मदद की जाएगी।  

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 MadhyaBharat  20 September 2017

खालिस्तानी ग्वालियर

  खालिस्तान की मांग कर रहे आतंकवादियों की मदद करने वाले तीन आरोपियों को ग्वालियर के थाटीपुर और डबरा से गिरफ्तार किया गया है। संयुक्त कार्रवाई एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) पंजाब और थाटीपुर थाने की पुलिस ने की है। थाटीपुर थाने के प्रभारी यशवंत गोयल के अनुसार गिरफ्तार लोगों में डबरा से बलबिंदर गिल, चीनौर से बलकार सिंह व शहर के थाटीपुर थानाक्षेत्र से दुल्लपुर में ठिकाना बनाकर रह रहे सतेन्द्र उर्फ छोटू रावत निवासी डबरा शामिल है। तीनों की गिरफ्तारी डालकर पंजाब पुलिस अपने साथ ले गई है। बताया जाता है कि पकड़े गये आरोपी दो साल से खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स (केएलएफ) के संपर्क में थे। साथ ही इन पर हथियार सप्लाई का भी संदेह है। पकड़े गए तीनों युवकों पर पंजाब के चंड़ीगढ़ में यूएपी एक्ट (आतंकवाद गतिविधियों में मदद करने पर लगने वाली धारा) की धारा 17, 18, 19 व 20 के तहत मामले दर्ज हैं। दो दिन से पंजाब चड़ीगढ़ पुलिस ग्वालियर में डेरा जमाए बैठी थी। बुधवार शाम एटीएम, पंजाब पुलिस को इन युवकों को पकड़ने में कामयाबी मिली है। भारत के पंजाब प्रांत में खालिस्तान की मांग कर रहे खलिस्तान लिब्रेशन फोर्स को प्रतिबंधित किया गया है। देश की सुरक्षा एजेंसी भी इन पर नजर रखे हुए हैं। कुछ समय पहले चंडीगढ़ में मामला दर्ज करने के बाद केएलएफ के एक सदस्य के पकड़े जाने के बाद ग्वालियर के तीन युवकों जिनमें दो सिख हैं उनसे मदद मिलने की बात सामने आई थी। जिसके बाद बलबिंदर, बलकार सिंह व सतेन्द्र की तलाश शुरू हुई। यह दो साल से आतंकवादियो के सम्पर्क में हैं ऐसा पता लगा है।

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 MadhyaBharat  15 August 2017

दलहनी फसलों की खरीदी

उत्पादकों को खरीदी के विरूद्ध अब तक 620 करोड़ से ज्यादा का भुगतान   मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर 2 लाख 97 हजार 132 मीट्रिक टन मूंग, उड़द, अरहर और मसूर की खरीदी की गई है। कुल 1528 करोड़ 65 लाख मूल्य की इन दलहनी फसलों की खरीदी के विरूद्ध 620 करोड़ 58 लाख रूपये का भुगतान भी उत्पादकों को किया जा चुका है। इस मात्रा में से 918 करोड़ रूपये मूल्य की 1 लाख 72 हजार 21 मीट्रिक टन मूंग की खरीदी की गई है। खरीदी के विरूद्ध उत्पादकों को 349 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। कुल 89 करोड़ रूपये मूल्य की 17 हजार 521 मीट्रिक टन उड़द की खरीदी के विरूद्ध उत्पादकों को 20 करोड़ 15 लाख रूपये का भुगतान अब तक किया जा चुका है। कुल 443 करोड़ 44 लाख रूपये मूल्य की 87 हजार 810 मीट्रिक टन अरहर की खरीदी के विरूद्ध अब तक 191 करोड़ का भुगतान उत्पादकों को किया गया है। इसी तरह 78 करोड़ 21 लाख रूपये मूल्य की 19 हजार 780 मीट्रिक टन मसूर की खरीदी के विरूद्ध उत्पादकों को 60 करोड़ 43 लाख रूपये का भुगतान किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मूंग की रूपये 5,225, उड़द की रूपये 5000, अरहर की रूपये 5050 और मसूर की रूपये 3950 प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य खरीदी की गई है। खरीफ फसलों की बोवाई प्रदेश में आज तक की स्थिति में खरीफ फसलों की बोवाई संतोषजनक है और फसल बोवाई का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा। आज की स्थिति में 93 लाख 86 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बोवाई हो चुकी है। पिछले वर्ष आज की स्थिति में यह क्षेत्रफल 96 लाख 28 हजार हेक्टेयर था। प्रदेश में खरीफ की बोवनी के लिये 130 लाख 48 हजार हेक्टेयर का अनुमानित लक्ष्य निर्धारित है। आज की स्थिति में सोयाबीन की बोवाई पिछले वर्ष के 49 लाख 70 हजार हेक्टेयर की तुलना में 40 लाख 12 हजार हेक्टेयर में हो चुकी है। उड़द की बोवाई पिछले वर्ष के 7 लाख 95 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की तुलना में 13 लाख 67 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में की जा चुकी है। इस वर्ष धान पिछले वर्ष के 9 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की तुलना में 9 लाख 58 हजार हेक्टेयर में क्षेत्र में बोई जा चुकी है। मक्का की बोवाई पिछले वर्ष के 11 लाख 92 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल की तुलना में 11 लाख 61 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में हो चुकी है। इसके अलावा कपास की बोवाई पिछले वर्ष के 5 लाख 24 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की तुलना में 5 लाख 57 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में हो चुकी है।    

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 MadhyaBharat  21 July 2017

नियाज मुहम्मद खान राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष

 मध्यप्रदेश शासन द्वारा  नियाज मुहम्मद खान को म.प्र. राज्य अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इंदौर के श्री कमाल भाई, बालाघाट के डॉ. टी.डी. वैद्य और जबलपुर के श्री आनंद बर्नाड को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है। अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 3 वर्ष होगा।

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 MadhyaBharat  19 July 2017

मिल बांचे मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बच्चों में पुस्तकें पढ़ने के प्रति रूझान पैदा करने के लिये समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। इसके लिये मिल बांचे कार्यक्रम को जन-अभियान का स्वरूप दिया जायेगा। मुख्यमंत्री आज मिल बांचे कार्यक्रम की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों को साइकिल वितरण की तैयारी का भी जायजा लिया और अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मिल बांचे कार्यक्रम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में भी समाज का सहयोग लिया जाये। इसके लिये प्रदेश में 26 अगस्त को शाला प्रबंधन समिति की विशेष बैठकें होगी। श्री चौहान ने विद्यार्थियों को साइकिल वितरण की तैयारियों का जायजा लेते हुये वितरण कार्यवाही शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि प्रणाम पाठशाला कार्यक्रम के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति शाला के लिये आवश्यक सामग्री उपहार स्वरूप भेंटकर सकता है। मिल बांचे कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित होगा। एक स्कूल चले हम कार्यक्रम के साथ और दूसरा शिक्षा सत्र के बीच में। इसमें कोई भी व्यक्ति सहभागी बन सकता है। इसके लिये वालिंटियर के रूप में पंजीयन कराना होगा। इस दौरान बताया गया इस वर्ष सात लाख से ज्यादा साइकिलें विद्यार्थियों को वितरित की जायेंगी। इनकी खरीदी के टेंडर की प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री विजय शाह, शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, सचिव शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी, सचिव मुख्यमंत्री श्री हरिरंजन राव आदि अधिकारीगण उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  5 July 2017

दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना

मुख्यमंत्री चौहान द्वारा ग्वालियर में “दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना” का शुभारंभ  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महान चिंतक पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश सरकार गरीब कल्याण एजेण्डा बनाकर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को सम्मान से जीने का हक दिलवाने के लिये कृत- संकल्पित है। इसी कड़ी में प्रदेश में गरीब-मजदूरों को पाँच रूपए में भरपेट भोजन देने की महत्वाकांक्षी “दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना” का शुभारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री आज ग्वालियर में योजना का शुभारंभ कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया, राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, स्वास्थ्य मंत्री श्री रूस्तम सिंह, महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। श्री चौहान ने कहा कि सरकार ने प्रत्येक गरीब को रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है। इसी भावना से सभी जिलों में एक साथ दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना का शुभारंभ सामाजिक सहभागिता से किया जा रहा है। योजना में ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले गरीब मजदूरों को पाँच रूपए में भरपेट भोजन उपलब्ध करवाया जायेगा। गाँव में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को आवासीय पट्टा और शहरों में रहने वाले बेघर लोगों को आवास बनाकर देने का काम सरकार बहुत तेजी से कर रही है। श्री चौहान ने शिक्षा के क्षेत्र में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि अब सरकार ऐसे सभी छात्र जो 12वीं कक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करेंगे और जो मेडिकल, इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक, लॉ आदि की शिक्षा प्राप्त करेंगे, उनकी फीस भरने का काम सरकार करेगी। इसके लिये बजट में एक हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिसे प्रति वर्ष बढ़ाया जायेगा। अगले पाँच वर्ष में इस मद में पाँच हजार करोड़ रूपए तक का प्रावधान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जो बेटा-बेटी विदेश में शिक्षा के लिये जायेंगे, उनकी फीस देने की व्यवस्था भी सरकार करेगी। श्री चौहान ने गरीबों के लिये स्वास्थ्य, रोजगार सहित अन्य क्षेत्र में चलाई जा रहीं जन-हितकारी योजनाओं की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर में योजना का संचालन करने वाली वैश्य महासभा को बधाई देते हुए योजना में सहभागी बनने के लिये राज्य सरकार की ओर से आभार व्यक्त किया। केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जन-कल्याण के अनेक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें अब दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना भी जुड़ गयी है। श्रीमती माया सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की कर्मठता और काम के प्रति लगन का ही परिणाम है कि मध्यप्रदेश बीमारू राज्यों की श्रेणी से निकलकर विकसित राज्यों की श्रेणी में अपना स्थान बना सका है। उन्होंने प्रदेश में हो रहे नवाचारों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि एक अप्रैल से सभी नगरीय निकायों को ई-नगर पालिका से जोड़ दिया गया है। श्रीमती सिंह ने योजना के शुभारंभ के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि प्रदेश के सभी स्थान पर योजना जन-अकांक्षाओं पर खरी उतरे। मुख्यमंत्री ने परोसा भोजन मुख्यमंत्री ने योजना का शुभारंभ करने के बाद रसोई घर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने भोजन कर रहे लोगों को अपने हाथों से भोजन परोसा। वॉटर एटीएम का शुभारंभ श्री चौहान ने नगर निगम द्वारा लगाए गए वॉटर एटीएम का फीता काटकर शुभारंभ किया। एटीएम से आम-जन एक रूपए में एक लीटर शुद्ध ठण्डा पेयजल प्राप्त कर सकेंगे। इस तरह के एटीएम अन्य 10 स्थान पर भी लगाए जायेंगे। लैण्डफिल साइट के लिये कंपनी ने दिया सहमति पत्र राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन योजना में नगरीय निकायों के 26 क्लस्टर बनाए गए हैं। ग्वालियर व मुरैना नगर निगम को शामिल करते हुए 14 नगरीय निकाय का एकजाई रीजनल लैण्डफिल साइट विकसित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री के समक्ष ईको ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड गुरूग्राम के सीईओ श्री अंकित अग्रवाल और आयुक्त नगर निगम के मध्य सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। साइट के निर्माण पर 254 करोड़ रूपए व्यय होंगे तथा 10 मेगावाट विद्युत का उत्पादन हो सकेगा। आनंद एप का लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आनन्द विभाग द्वारा तैयार किए गए मोबाइल एप और फ़ोल्डर का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री भारत सिंह कुशवाह, घनश्याम पिरोनिया, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अभय चौधरी, साडा अध्यक्ष श्री राकेश जादौन, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री देवेश शर्मा, नगर निगम के सभापति श्री राकेश माहौर, प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री मलय श्रीवास्तव, आयुक्त नगरीय विकास श्री विवेक अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम जन उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  8 April 2017

गजरा राजा चिकित्सा महाविद्यालय

भोपाल में एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य में रेलवे नेटवर्क को दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्र तक पहुँचाने के लिए रेलवे मंत्रालय के साथ ज्वाइंट वेंचर कंपनी गठित करने के अनुबंध का अनुमोदन दिया गया। अनुबंध करने के लिए परिवहन विभाग को अधिकृत किया गया। कंपनी में 51 प्रतिशत भागीदारी मध्यप्रदेश शासन और 49 प्रतिशत भागीदारी रेल मंत्रालय की होगी। राज्य की अर्थ-व्यवस्था के विकास को देखते हुए जो भी नई रेल लाइन चिन्हित की जायेगी उनके संबंध में सर्वे, डीपीआर तैयार करवाने, वित्तीय प्रबंधन एवं कियान्वयन करवाने की कार्यवाही कंपनी के माध्यम से की जा सकेगी। मंत्रि-परिषद ने एमपी ऑन लाइन पोर्टल का परिचालन टीसीएस के माध्यम से नवीनीकृत करने की अनुमति दी। एम पी ऑन लाइन परियोजना की समयावधि पोर्टल प्रारंभ होने की दिनांक से 10 वर्ष निर्धारित की गयी थी। पोर्टल अप्रैल 2007 से प्रारंभ हुआ और यह अवधि 31 मार्च 2017 को समाप्त होगी । पोर्टल पर वर्तमान में 139 विभाग /संस्थान की 904 शासकीय एवं 51 व्यवसायिक , कुल 955 सेवाएँ दी जा रही हैं । वर्तमान में 16 हजार 290 शहरी और 10 हजार 871 ग्रामीण क्षेत्रों में, इस तरह कुल 27 हजार 161 कियोस्क कार्यरत हैं । मंत्रि-परिषद ने गजरा राजा चिकित्सा महाविद्यालय ग्वालियर की एमबीबीएस की सीट 150 से 250 करने (100 सीट की वृद्धि) , निर्माण, उपकरण, फर्नीचर और वाहन के लिए कुल 112 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी। आउट सोर्स के 122 पद सहित (कुल 588 पद) सृजन एवं पूर्ति करने को भी स्वीकृति दी गयी। मंत्री-परिषद ने केंद्रीय जेल भोपाल के विचाराधीन आठ बंदियों के भागने की घटना की न्यायिक जाँच के लिए गठित जाँच आयोग के कार्यकाल में 7 फरवरी 2017 से छह माह की वृद्धि करने का अनुसमर्थन किया। मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री की घोषणा पर शहडोल में जयसिंहनगर के अभिभाषक संघ के पुस्तकालय में पुस्तक क्रय करने के लिए रुपए पाँच लाख की अनुदान राशि स्वीकृत करने की मंजूरी दी। मंत्रि-परिषद ने रीवा जिले की गुढ़ तहसील में विश्व की सबसे 750 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजना स्थापित करने की निविदा 8 फरवरी को खोले जाने एवं 9 फरवरी 2017 को नीलामी की कार्यवाही संपादित करने को मंजूरी दी।  

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 MadhyaBharat  7 February 2017

sindhiya

मध्यप्रदेश की उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के बेटे अक्षय राजे आज कर्नाटक के संदुर राजघराने के दामाद बनने जा रहे हैं। उनकी रॉयल वैडिंग संदुर की राजकुमारी कृतिका घोरपड़े से हो रही है। यह शाही शादी बेंगलुरु के ताज होटल में रखी गई है। लंदन में पढ़ी कृतिका की मां बड़ोदरा राजघराने से जुड़ी हुई हैं। ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार की बेटी यशोधरा राजे के बड़े बेटे अक्षय राजे की शादी संदुर राजघराने की प्रिसेंज कृतिका से हो रही है। बेंगलरू के होटल ताज में होने वाली इस रॉयल वैडिंग का न्यौता शहर के चुनिंदा लोगों को ही है।  कृतिका के पिता कार्तिकेय घोरपड़े संदूर के राजा  हैं और उनकी पत्नी अंबिका राजे बड़ोदरा के गायकवाड़ राजवंश से जुड़ी हुई हैं। पूरी तरह अरेंज मैरिज और परिजनों ने की है तय गौरतलब है कि बड़ोदरा के महाराज संग्राम सिंह की बेटी श्रीमती प्रियदर्शिनी सिंधिया अक्षय के ममेरे भाई और पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पत्नी हैं। अक्षय अपनी नानी राजमाता विजयाराजे सिंधिया की पुण्यतिथि पर श्रृद्धांजलि देने ग्वालियर भी आए थे। सिंधिया राजवंश से जुड़े लोगों का कहना है कि अक्षय और कृतिका की यह मैरिज पूरी तरह अरेंज है और दोनों के परिजनों ने तय की है। लंदन के रॉयल कॉलेज से ग्रेजुएट हैं कृतिका 28 साल की कृतिका प्रिंस कार्तिकेय की बड़ी बेटी हैं और लंदन के रॉयल होलोवे कॉलेज की ग्रेजुएट हैं। वहीं अक्षय एमटीवी न्यूयार्क में प्रोड्यूसर हैं। अमेरिका के लुसियाना में रहते हैं अक्षय राजे गौरतलब है कि यशोधरा राजे ने राजपरिवार के बाहर कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. सिद्धार्थ भंसाली से शादी की थी। उनके तीन संतानें, अक्षय राजे, अभिषेक राजे और त्रिशला राजे हैं। यह तीनों ही अमेरिका के लुसियाना में रहते हैं। इस रिश्ते के बाद बहनें बनीं देवरानी-जेठानी इस शाही शादी के बाद मामा-बुआ के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया और अक्षय राजे अब साढू भी बन जाएंगे। वहीं ममेरी-फुफेरी बहनें श्रीमती प्रियदर्शिनी राजे और कृतिका घोरपड़े अब देवरानी और जेठानी के रिश्ते से भी जुड़ जाएंगी।

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 MadhyaBharat  5 February 2017

tansen samadhi

  ग्वालियर में तानसेन की समाधि पर शुक्रवार सुबह शहनाई वादन और ढोली बुआ महाराज की हरिकथा के साथ तानसेन समारोह की पारंपरिक शुरुआत हुई। सच्चिदानंद नाथ ढोलीबुआ महाराज की हरिकथा के बाद मौलाना इकबाल लश्कर ने मौलूद शरीफ का गायन किया। इसके बाद तानसेन और उनके आध्यात्मिक गुरु मोहम्मद गौस की मजार पर चादरपोशी हुई। तानसेन की समाधि पर सर्वधर्म सद्धाव की सरिता को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। तानसेन अलंकरण से आज विभूषित होंगे एलके पंडित और डालचंद शर्मा तानसेन समारोह में शाम 7 बजे ग्वालियर घराने के मूर्धन्य गायक एलके पंडित को वर्ष 2015-16 व नाथद्वारा घराने के पखावज वादक डालचंद शर्मा को वर्ष 2016-17 के तानसेन अलंकरण से विभूषित किया जाएगा। अलंकरण समारोह में अतिथियों के रूप में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माया सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया, संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री सुरेन्द्र पटवा व महापौर विवेक नारायण शेजवलकर मौजूद रहेंगे।  

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 MadhyaBharat  16 December 2016

maya singh

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  माया सिंह ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को कार्यकाल के सफल 11 वर्ष पूरे करने पर बधाई देते हुए कहा है कि उनके नेतृत्व में प्रदेश ने चहुँमुखी विकास किया है। इस अरसे में प्रदेश का आम आदमी खास बना है। मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान की कार्य-शैली और कार्यवाहियों का व्यापक लाभ प्रदेश को मिला है और उसका तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने मात्र 11 वर्ष में प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर लाने में दिन-रात जो अथक प्रयास किये हैं, वह एक मिसाल हैं। प्रदेश का कोई भी समाज या वर्ग ऐसा नहीं है, जिससे मुख्यमंत्री श्री चौहान का सीधा संवाद न हुआ हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ध्येय वाक्य 'सबका साथ-सबका विकास'' सही मायने में अगर कहीं साकार हुआ है, तो वह मध्यप्रदेश है। मंत्री श्रीमती सिंह ने कहा कि प्रदेश का आम आदमी जो पहले अपने-आप को उपेक्षित महसूस करता था, वह आज खास बन गया है। मुख्यमंत्री के 11 वर्षीय कार्यकाल में बदलाव की एक ऐसी बयार आयी है, जिसने प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा किया है। उनके काम-काज की न सिर्फ प्रदेश में, देश में बल्कि विदेशों में भी सराहना हुई है। श्रीमती माया सिंह ने 11 वर्ष का सफल कार्यकाल पूरा होने पर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया है।  

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 MadhyaBharat  29 November 2016

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उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने आज राष्ट्रीय सेवा योजना के सर्वोच्च सम्मान इंदिरा गांधी एन. एस. एस. पुरस्कार से सम्मानित प्रदेश के स्वयं सेवकों से सौजन्य भेंट कर उनको बधाई दी एवं 11-11 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा। राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदेश के दो स्वयं सेवकों सुश्री अनुश्री हेराल्ड व श्री रीतेश अहिरवार को देश के सर्वोच्च इंदिरा गांधी एन.एस.एस. पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उच्च शिक्षा मंत्री ने दोनों पुरस्कार प्राप्त स्वयं सेवकों को अपने शासकीय आवास पर आमंत्रित कर उनकी सेवाओं एवं प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना शिक्षा के साथ ही देश की स्वेच्छिक सेवा का सशक्त माध्यम है और इसमें कार्य करने वाले युवा के व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास होता है। उन्होंने कहा कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के इन दोनों छात्रों के कारण प्रदेश का गौरव बढा है । उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय से चर्चा कर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की सहमति से राष्ट्रीय सेवा योजना को सभी महाविद्यालयों में प्रथम व द्वितीय वर्ष के लिए अनिवार्य करने का आग्रह करेंगे। क्योंकि उनकी मान्यता है कि हमारे युवा शिक्षित होकर राष्ट्र सेवा और सामाजिक सरोकार की दृष्टि लेकर भारत को मजबूत करने का कार्य करें। उच्च शिक्षा मंत्री  जयभान सिंह पवैया ने छात्रों से कहा कि डिजिटल बैंकिंग के लिए एस. बी. आई. के सहयोग से पूरे प्रदेश में प्रधान मंत्री  नरेन्द्र मोदी  के डिजिटल इंडिया और प्लास्टिक मुद्रा के संकल्प को पूरा करने में प्राणपण से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों सहित गाँव गाँव जाकर इस अभियान को सफल बनायें ।

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 MadhyaBharat  27 November 2016

malkhan singh

नोटबंदी ने बड़ों बड़ों को लाइन में लगा दिया। 1980 क्र दशक में चम्बल के बीहड़ों को अपनी गोलियों से गरजाने वाले आत्मसमर्पित डकैत मलखान सिंह भी ग्वालियर के महाराज बाड़ा ब्रांच में अपने खर्चे के लिए नोट बदलवाने आये और लोगों से जमकर बतियाये।  1983 तक डाकू  मलखान सिंह पर 185 हत्या 1112 डकैती के केस दर्ज थे। 1983 में भिंड मध्यप्रदेश में आत्म समर्पण के बाद सामान्य जीवन जी रहे हैं समर्पण से पूर्व भरतपुर संभाग में भी इसके आतंक का खौफ होता था। आज रुपए बदलवाने हेतु ग्वालियर की SBI बैंक में लाईन में खड़े हो कर अपनी बारी का इंतजार किया।  

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 MadhyaBharat  15 November 2016

bijali

मध्यप्रदेश की पूर्व, मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र विद्युत कंपनी में बकाया राशि समाधान योजना में अब तक एक लाख 46 हजार 680 उपभोक्ता ने लाभ लिया है। इन उपभोक्ताओं में एक लाख 18 हजार 128 गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले (बीपीएल) एवं 3213 शहरी क्षेत्र में अधिसूचित झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में निवास करने वाले निम्न-दाब घरेलू उपभोक्ता शामिल हैं। दूसरी श्रेणी में शामिल अन्य सामान्य निम्न-दाब घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 25 हजार 339 है। योजना में शामिल उपभोक्ताओं से अब तक कुल 45 करोड़ 66 लाख 28 हजार रूपए की राशि प्राप्त हुई है। उपभोक्ताओं को 28 करोड़ 18 लाख 22 हजार हजार रूपए की छूट प्रदान की गई। साथ ही 9 करोड़ 25 लाख 75 हजार रूपए की सरचार्ज राशि भी माफ की गई। योजना 30 नवंबर 2016 तक लागू रहेगी। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के जबलपुर, सागर और रीवा क्षेत्र में अभी तक 82 हजार 136 उपभोक्ता द्वारा योजना का लाभ लिया गया है। मध्य क्षेत्र कंपनी के भोपाल एवं ग्वालियर क्षेत्र में योजना का 16 हजार 537 उपभोक्ता द्वारा लाभ लिया गया है। पश्चिम क्षेत्र कंपनी के इंदौर एवं उज्जैन क्षेत्र में योजना का 48 हजार 007 उपभोक्ताओं ने लाभ लिया है।

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 MadhyaBharat  12 November 2016

तामोट और बिलौआ में प्लास्टिक पार्क

प्लास्टिक पार्क में 187 करोड़ के अधोसंरचना कार्य   प्रदेश में भारत सरकार की प्लास्टिक पार्क योजना में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा रायसेन जिले के तामोट और ग्वालियर जिले के ग्राम बिलौआ में प्लास्टिक पार्क विकसित किये जा रहे हैं। इन प्लास्टिक पार्क के विकास पर 187 करोड़ रुपये के अधोसंरचना कार्य करवाये जा रहे हैं। रायसेन जिले के तामोट में 50 हेक्टेयर भूमि पर प्लास्टिक पार्क विकसित किया जा रहा है। यहाँ बिजली, सड़क, पानी समेत अन्य अधोसंरचना कार्य पर 105 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं। रायसेन जिले का तामोट नेशनल हाइवे-12 ओबेदुल्लागंज से 8 किलोमीटर दूर है। यहाँ 14 किलोमीटर की वॉटर सप्लाई लाइन बिछाई जा रही है। पाइप लाइन के माध्यम से 1.8 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा सकेगी। क्षेत्र में 132 के.व्ही. का सब-स्टेशन भी लगाया जा रहा है। स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के लिये अंडरग्राउण्ड केबलिंग की जा रही है। प्लास्टिक पार्क में 0.14 एमएलडी क्षमता का 4.7 किलोमीटर का सीवेज सिस्टम तैयार किया जा रहा है। ग्वालियर जिले के बिलौआ में 33 हेक्टेयर भूमि पर 82 करोड़ के अधोसंरचना कार्य करवाये जा रहे हैं। प्लास्टिक पार्क बिलौआ नेशनल हाईवे क्रमांक-75 से 4 किलोमीटर दूर है। पार्क में 13 एकड़ भूमि में पर्यावरण की दृष्टि से पेड़-पौधे लगाये जायेंगे। क्षेत्र में 2.5 एमएलडी क्षमता का वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जा रहा है। प्लास्टिक पार्क बिलौआ नेशनल केपिटल रीजन की परिधि में आता है। इन दोनो प्लास्टिक पार्क में संचार, बैंकिंग और अग्निशमन सेवा भी विकसित की जा रही है।

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 MadhyaBharat  11 November 2016

pawan jain

पवन जैन आजकल मध्यप्रदेश की जेल में प्रहरी की जघन्य हत्या कर  फरार हुए 8 अपराधियों की पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने पर तमाम मीडिया, जनवादी संगठनों, राजनेताआें, राष्ट्रवादी और  मौका परस्तों द्वारा घटना के तथ्यों की मनचाही विवेचना कर निष्कर्ष पर पहुंचने की होड़ मची हुई है।निन्दा, आलोचना, दोषारोपण, तोहमत और  कालिख लगाने के लिये पुलिस से बेहतर लक्ष्य कोई दूसरा नहीं हो सकता है।यूं तो पानी, बिजली, सड़क, भ्रष्टाचार,मंहगाई, बेरोजगारी, तमाम समस्याएं हैं, जुलूस, धरने,आंदोलन और प्रदर्शन के लिये, पुलिस न तो इन समस्याआें के कारण में है और न समाधान में, इतना जरूर है कि जब भी इन प्रदर्शनों में जमा भीड़ बेकाबू होती है और हिंसा, तोड़-फोड़ तथा आगजनी पर उतारू हो जाती है तो कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये पुलिस को कमान संभालनी पड़ती है।  हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिये पुलिस को कभी लाठी, कभी अश्रु गैस और कभी गोलीबारी का सहारा लेना पड़ता है। मूल समस्याएं तो उतर जाती हैं लोगों के दिमाग से और पुलिस की ज्यादती जांच का मुद्दा बन जाती है। समस्याआें से ध्यान हटाने का और पुलिस के सिर कालिख पोतने का यह नुस्खा, जो अग्रेजों ने हिन्दुस्तान में आजमाया था, कमोवेश आज भी जारी है।चूक किसी की भी हो, खामियाज़ा पुलिस को ही भुगतना पड़ता है। भोपाल में भी जेल प्रहरी की निर्मम हत्या कर केन्द्रीय जेल की ऊंची दीवारें फलांग कर फरार हुए इन दुर्दांत अतातायियों  को पकड़ने की जिम्मेदारी भी दीपावली की उस रात  थकी-हारी पुलिस की ही थी। जघन्य अपराध के आदी इन क्रूर हत्यारों को पकड़ने में पुलिस ने कोई कोताही नहीं बरती और कुछ घण्टों में ही  उन्हें धराशायी भी कर दिया। अब सवाल यह है कि अपराधी असली थे और पुलिस भी असली तो फिर मुठभेड़ फर्जी कैसे हो सकती है?जहां जान का आसान्न खतरा हो, वहां क्या पुलिस समुचित बल का प्रयोग भी नहीं कर सकती? जब इस  देश में एक  कानून का तंत्र, लोकतांत्रिक  व्यवस्थाएं, मानव अधिकार के संगठन और स्वतंत्र न्यायपालिका है तो हर कोई अपना निर्णय क्यों सुना रहा है? पुलिस हमारी आन्तरिक सुरक्षा की पहली दीवार है। आतंकवाद हो या नक्सलवाद, कानून व्यवस्था की चुनौती हो या आपदा की कोई तीज त्यौहार हो या साम्प्रदायिक तनाव, ऐसी तमाम विषम परिस्थितियों की पहली  मार पुलिस ही झेलती है। पिछले 60 सालों में 35000 से ज्यादा  पुलिस के जवानों ने मादरे-वतन  की राह में कर्तव्य की बलवेदी पर   बलिदान किया है - कवि नीरज जी के शब्दों में-   ’’जली हैं आग में जब जब भी शहर की सड़कें,        मेरे ही पांव के छालों ने तब नमी की है।’’ पुलिस मुठभेड़ की राष्ट्रव्यापी बहस के तमाम कानूनी पहलू भी हैं। एक संत से सवाल किया गया कि समाज में ऋषि, मुनियों और संतों की जरूरत कब तक है? तो उन्होंने जवाब दिया कि जब तक दुर्जन और पापी लोग समाज में हैं।  निश्चित रूप से वह एक आदर्श समाज होगा, जहां पुलिस न हो, अपराध न हो, समस्याएं न हों, लेकिन जब तक समाज में अपराधी हैं, तब तक पुलिस की जरूरत भी रहेगी।  मुठभेड़ पर जैसे चाहे, अनचाहे, मनचाहे सवाल कीजिए,  पर आन्तरिक सुरक्षा की पहली दीवार को ध्वस्त करने की कोशिश मत कीजिये। [लेखक मप्र के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं मप्र आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। ]

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 MadhyaBharat  5 November 2016

प्रभात झा  स्वास्थ्य

नरोत्तम ने ली प्रभात झा के स्वास्थ्य की जानकारी    मध्यप्रदेश के जनसंपर्क, जल संसाधन तथा संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने  नई दिल्ली में उपचार के लिए दाखिल राज्यसभा सांसद  प्रभात झा के स्वास्थ्य की जानकारी ली। मंत्री डॉ. मिश्रा ने श्री झा का उपचार कर रहे डॉक्टरों और विशेषज्ञों से भी चर्चा की। श्री झा का स्वास्थ्य पूर्व से बेहतर है। मंत्री डॉ. मिश्रा ने श्री झा के जल्द ही पूर्ण स्वस्थ होने की कामना भी की।  

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 MadhyaBharat  21 October 2016

satydev katare nidhan

  मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कोंग्रेस के जुझारू नेता सत्यदेव कटारे का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को निधन हो गया। कटारे का मुंबई के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।कटारे के निधन से कोंग्रेस को बड़ा नुक्सान हुआ है।  भिंड जिले की अटेर विधानसभा सीट से विधायक सत्यदेव कटारे बीमारी के लिए इलाज के लिए न्यूयॉर्क भी गए थे।  इसके बाद उनकी सेहत में कुछ सुधार आया था।  पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद मुंबई के हीरानंदनी अस्पताल में उन्हें भर्ती किया गया था ,जहाँ उनका निधन हो गया।    -सत्‍यदेव कटारे का जन्‍म 15 फरवरी 1955 हुआ था. -विधि में स्‍नातकोत्‍तर कटारे भिंड जिले के मनेपुरा (अटेर) से संबंध रखते थे। -अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कटारे ने युवा कांग्रेस के साथ की थी। -1985 से 1990 तक वे मध्‍यप्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव रहे। -मोतीलाल वोरा के कार्यकाल में 1989 से 1990 तक वे परिवहन और जेल के सहायक मंत्री रहे थे। -दिग्विजय सिंह शासनकाल में 1993 से 1995 तक वे मध्‍यप्रदेश के गृह राज्‍यमंत्री रहे। -1995 से 1998 के दौरान वे मध्‍यप्रदेश के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रहे। -2003 से 2008 तक वे भिंड के अटेर क्षेत्र के विधायक रहे. 2008 विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद वह पिछले विधानसभा चुनाव में फिर अटेर से विधायक चुने गए थे।   सत्यदेव कटारे के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ,जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ,विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा ,मध्यप्रदेश कोंग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव सहित तमाम नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।  गुना सांसद एवं एवं लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के मुख्य सचेतक जयोरिादित्य सिंधिया ने नेता प्रतिपक्ष श्री सत्यदेव कटारे के निधन पर गहरा दुख व्यक्तकरते हुए कहा कि अत्यंत दुख का विषय है कि मप्र विधानसभा में नेता विपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता  सत्यदेव कटारे जी हमारे बीच नहीं रहे। श्री कटारे के निधन से कांग्रेस की तो अपूर्णीय क्षति है ही, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर मैंने अपना अभिन्न सहयोगी एवं सलाहकार खो दिया है। मुझे जब भी किसी विषय पर सलाह की आवष्यकता होती थी, मुझे कटारे जी का ध्यान आता था। श्री कटारे ने दशकों तक मेरे पूज्य पिता जी के साथ नजदीकी से काम किया। सुख एवं दुख हर समय वे हमारे परिवार के साथ खड़े रहे। कटारे के निधन से केवल ग्वालियर-चंबल ने ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश  ने एक प्रबुद्ध वक्ता, विधिवेत्ता एवं संसदीय मामलों के जानकार तथा जननेता को खो दिया है। श्री कटारे अपने तेजस्वी व्यक्तित्व एवं कृतित्व के आधार पर मध्य प्रदेश  की राजनीति में एक नया आयाम स्थापित किए। 1977 में लोकतंत्र की प्रथम पाठषाला ग्राम पंचायत कोषण जिला भिंड से पंच के रूप में अपनी राजनीति यात्रा प्रारंभ करने वाले श्री कटारे 1985 में पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद 1993, 2003, 2013 में मध्य प्रदेष विधानसभा के सदस्य चुने गए। मध्य प्रदेष के गृह राज्य मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को लोग आज भी याद करते हैं। 2013 में जब कांग्रेस को विपक्ष में बैठना पड़ा तब मुद्दों पर गहरी पकड़ रखने वाले श्री सत्यदेव कटारे जी को कांग्रेस हाईकमान ने ये महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। श्री कटारे ने पूरे मनोयोग से एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए सरकार को जनहित के मुद्दों पर कठघरे में खड़ा किया। दुर्भाग्य से पिछल कुछ माह से उनका स्वास्थ्य खराब था, मैं अपने भोपाल प्रवास के दरम्यान उनने मिलने गया था, उस समय उनकी जीवटता अनुकरणीय थी, उम्मीद थी कि वह जल्दी ही स्वस्थ होकर हमारे बीच आएंगे और पूरी दबंगता से कांग्रेस पार्टी  एवं जनता की सेवा जो उन्होंने पूरे जीवन में अनवरत रूप से जारी रखा, उसको आगे बढ़ाएंगे।  आज कांग्रेस के प्रत्येक कार्यकर्ता को संकल्प लेना चाहिए कि श्री कटारे के जन संघर्ष एवं उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए पूरे मनोयोग से जुट जाएं।  श्री सत्यदेव कटारे जी का पार्थिव शरीर आज  21अक्टूबर को  ग्वालियर विमानतल पहुंच । वहां से श्री कटारे की पार्थिव देह को  भिंड निवास एवम अंतिम संस्कार के लिए पैतृक ग्राम मनेपुरा ले जाया जाएगा। जहाँ  22 अक्टूबर शनिवार को सुबह 10 बजे उनका अंतिम संस्कार होगा।

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 MadhyaBharat  21 October 2016

lokayukt chapa gwalior

बिजली विभाग के डीजीएम के ठिकानों पर छापेमारी  ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने मुरैना में पदस्थ बिजली विभाग के डीजीएम(विजिलेंस) सत्येंद्र सिंह चौहान के ठिकानों पर छापा मारा। बुधवार अल सुबह 5:30 बजे लोकायुक्त पुलिस की अलग-अलग टीमों ने उनके चौहान के ग्वालियर सहित विभिन्न ठिकानों पर एक साथ दबिश दी और काली कमाई के कुबेर का खुलासा किया।  जांच के दौरान डीजीएम के पास करोड़ों रुपए की संपत्ति मिली है। उनके खिलाफ लोकायुक्त को आय से अधिक संपत्ति रखने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद लोकायुक्त एसपी अमित सिंह और उनके टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। छापे की कार्रवाई जारी है, डीजीएम के घर से जेवरात और कुछ नगदी भी बरामद हुई है। करोड़ों रुपए की काली कमाई ,भगवान कॉलोनी मुरान में तीन मंजिला मकान ,द्वारकाधीश कॉलोनी में 2600 वर्गफटी में पानी का प्लांट ,अनुपम नगर में 1500 वर्गफीट का प्लाट ,सौसा में प्लाट, साढे़ चार बीघा जमीन,तीन टाटा लोडिंग गाड़ी और कृषि भूमि के कागजात बरामद। 

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 MadhyaBharat  19 October 2016

gwalior राष्ट्रपति ने  हितग्राहियों को सौंपी आवास की चाबियां

  राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सोमवार को वायुसेना के विशेष विमान से दोपहर ग्वालियर  पहुंचे। एयरबेस पर उनकी आगवानी राज्यपाल ओपी कोहली, राज्य सरकार के मंत्री, महापौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारियों ने की। राष्ट्रपति शाम को जीवाजी विश्वविद्यालय के जिम्नेजियम हॉल में नगर निगम के आईएचएसडीपी योजना के तहत 1088 आवासों के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने चुनिंदा हितग्राहियों को आवास की चाबियां भी सौंपी ।

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 MadhyaBharat  3 October 2016

बिजली गिरने से  18 लोगों की मौत

  मध्यप्रदेश में अनेक स्थानों पर छिटपुट वर्षा हुई लेकिन इस दौरान बिजली गिरने की घटनाओं में 18 लोगों की मौत हो गई। ये मौतें उज्जैन, मंदसौर, आगर, राजगढ़ और गुना जिलों में हुई। मालवा अंचल में बदले मौसम के बीच शनिवार को बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत हुई है। उज्जैन के ग्राम करोंदिया में रेशमबाई , ग्राम धुलेटिया में मंजू और केशरपुर (थाना घट्टिया) में सोयाबीन काटने आए बजरंगगढ़ (रतलाम) निवासी सैतान भील की मौत हो गई। मंदसौर जिले में पांच स्थानों पर बिजली गिरी। इसमें दो लोगों की मौत हो और 8 लोग घायल हो गए। आगर के ग्राम ताखला में बिजली गिरने से विनोद विश्वकर्मा की मौत हुई। पांच गांवों में गिरी बिजली राजगढ़ जिले के पांच गांवों में शनिवार को बिजली गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई और 16 लोग झुलस गए। खुजनेर ब्लॉक के पाटनकलां गांव में खेत में उस वक्त बिजली गिरी जब मजदूर सोयाबीन काट रहे थे। यहां 2 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और 15 झुलस गए। प्रभुलाल तंवर , सुनीताबाई की मौत हो गई और 7 मजदूर झुलस गए। उधर कल्पोनी गांव में रतनबाई सौंधिया, पटाड़ियाधाकड़ में संतोषबाई और भादाहेड़ी गांव में चौथमल दांगी , उसकी पत्नी कौशल्या की मौत हो गई। खिलचीपुर ब्लॉक के भादाहेड़ी में एक दंपती और पचोर ब्लॉक के पटाड़िधाकड़ व कल्पोनी में दो महिलाओं की जान चली गई। ब्यावरा कलां गांव में युवक झुलस गया। भाई-बहन सहित छह की मौत गुना में कैंट थाना क्षेत्र के गोपालपुरा में शनिवार दोपहर घर की सर्विस लाइन पर बिजली गिर गई। इससे लाइन में फाल्ट हो गया और बिजली के तार टूटकर लोहे के गेट पर गिर गए। घर में करंट फैल गया जिससे राहुल और उसकी बहन संगीता की मौत हो गई। चांचौड़ा ब्लॉक के कीताखेड़ी और तेलीगांव रोड के पास खेत पर सोयाबीन की फसल काट रहे मजदूरों पर भी बिजली गिर गई। इससे रमेश कुशवाह व रोडीबाई की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि सावित्रीबाई की हालत गंभीर है। बीनागंज के नजदीक बीजनीपुरा में बिजली गिरने से जानकी मोगिया की मौत हो गई। गायत्री मोगिया गंभीर रूप से घायल हुई है। कुंभराज तहसील के सांकाकला गांव में श्यामलाल की मौत हो गई और उसकी पत्नी प्रेमबाई घायल हो गई। मंदिर का शिखर क्षतिग्रस्त चांचौड़ा ब्लॉक के कीताखेड़ी गांव में शनिवार दोपहर राधाकृष्ण मंदिर के शिखर पर बिजली गिरने से वह क्षतिग्रस्त हो गया। दो भैंसों की मौत राघौगढ़ नपा क्षेत्र के तहत वार्ड क्रमांक 12 के बरखेड़ी मेवाती गांव में दो भैंसों की मौत हो गई।  

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 MadhyaBharat  2 October 2016

gwalior मध्यप्रदेश बीजेपी प्रदेश कार्यसमति

  मध्यप्रदेश बीजेपी प्रदेश कार्यसमति की बैठक  ग्वालियर में प्रदेश कार्यसमिति की शुरुआत से पहले ही सरकार ने बालाघाट में संघ प्रचारक पिटाईकांड के आरोपी एएसपी को सस्पेंड करके सख्त संदेश दिया है कि ब्यूरोक्रेसी को जनप्रतिनिधियों पर हावी नहीं होने दिया जाएगा। भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू होने से पहले ही बालाघाट में हुई संघ प्रचारक सुरेश यादव की पिटाई का मामला गर्मा गया। कार्यसमिति में जमा हुए पार्टी के मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने मीडिया से बातचीत में एक स्वर से इस घटना की निंदा की। पार्टी नेताओं के सुरों को देखते हुए गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने बैठक के पहले एडीशनल एसपी को सस्पेंड करने का ऐलान करते हुए कहा कि इस मामले में सरकार गंभीर है। आज प्रदेश भाजपा की कार्यसमिति की बैठक शुरू होने के पहले ही संघ प्रचारक की पिटाई को लेकर भाजपा नेताओं ने इसे बेहद निंदनीय बताया।  मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने ग्वालियर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस मामले में किसी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। उन्हें गिरफ्तार कर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों के गैरजिम्मेदाराना कृत्य को लेकर पूरी नौकरशाही पर सवाल नहीं खड़े किए जा सकते।        प्रदेश कार्यसमिति का शुभारंभ  केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान,  उपाध्यक्ष प्रभात झा, महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने किया । इनके अलावा उद्घाटन सत्र के मौके पर केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत, फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रदेश की नगरीय विकास मंत्री श्रीमती मायासिंह, उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत भी मौजूद थे।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज रात लंदन से स्वदेश लैटेंगे। वे कल कार्यसमिति में हिस्सा लेंगे। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा, बैठक में मिशन 2018 पर चर्चा होगी। हम विकास को लेकर एक बार फिर जनता के बीच जाएंगे और प्रदेश में चौथी बार भी भाजपा की ही सरकार बनेगी। प्रदेश संगठन प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि भाजपा ही ऐसी पार्टी है जहां आचार संहिता की बात होती है। जनसंघ के जमाने से हम अपनी आचार संहिता पर चलते रहे हैं और इसे आगे भी कायम रखना है। प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि अब चुनाव में बेहद कम समय बचा है। लिहाजा सभी नेता और कार्यकर्ता पार्टी को पूरा समय दें। मुख्यमंत्री जिस तरह संगठन और सरकार को लेकर मेहनत करते हैं, हमें उसी तरह मेहनत करने की जरूरत है।

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 MadhyaBharat  28 September 2016

ग्वालियर शहर स्मार्ट सिटी

      पिछली बार में स्मार्ट सिटी योजना में शामिल होने से रह गए ग्वालियर शहर को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल कराने के लिए केन्द्रीय ग्रामीण विकास, पेयजल, स्वच्छता एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के प्रयास रंग लाए हैं। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री एम.वेंकैया नायडू द्वारा  को जारी गई स्मार्ट सिटी के लिए चयनित नए शहरों की सूची में ग्वालियर को शामिल किया गया है। 12 शहरों के कुल 63 शहरों में से चयनित 27 शहरों की इस नई सूची में म.प्र. के उज्जैन शहर को भी शामिल किया गया है।   उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व केन्द्र सरकार की ओर से 33 शहरों को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल किया गया था, जिसमें ग्वालियर शामिल होने से रह गया था। ग्वालियर के स्मार्ट सिटी में शामिल नहीं हो पाने के कारणों को समझने के बाद केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने उन सभी कारणों पर विशेष जोर देते हुए उन कमियों को पूरा कराने के लिए ग्वालियर में अभियान चलाया। इन कमियों को पूरा करने के बाद निगमायुक्त ने महापौर विवेक शेजवलकर की उपस्थिति में स्मार्टसिटी शहरों के चयन समिति के सामने एक बार फिर से प्रजेन्टेशन दिया। इस प्रजेन्टेशन और शहर में सुधरी हुई स्थतियों से चयन समिति संतुष्ट हुई। उधर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री तोमर ने महापौर विवेक शेजवलकर को साथ लेकर केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री एम.वेंकैया नायडू से भेंट कर ग्वालियर को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल करने का अनुरोध  किया, साथ ही उन्हें आश्वस्त किया कि ग्वालियर शहर में उन सभी कमियों को पूरा कर लिया गया है, जिन कमियों के कारणों से ग्वालियर स्मार्ट सिटी योजना में शामिल होने से वंचित रह गया था। इस तरह श्री तोमर के सरकार और जमीनी स्तर पर किए गए समग्र प्रयास रंग लाए और ग्वालियर स्मार्ट सिटी योजना में शामिल हो गया।  अब ग्वालियर शहर का विकास स्मार्ट सिटी योजना के तहत किया जाएगा। इसमें पानी ओर बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली, प्रभावी शहरी आवागमन और सार्वजनिक परिवहन, आईटी कनेक्टिवटी और ई-शासन समेत अन्य सुविधाएं होंगी। मोदी सरकार का वर्ष 2019-20 तक लगभग 100 शहरों का कायाकल्प करने का लक्ष्य है। केन्द्र सरकार स्मार्ट सिटी योजना में शामिल शहरों को पंाच वर्षों में विकास के लिए 48 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।    

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 MadhyaBharat  21 September 2016

स्‍मार्ट सिटी  में उज्जैन और ग्‍वालियर

देश में स्‍मार्ट सिटी के लिए तीसरी लिस्‍ट मंगलवार को दिल्ली में जारी हो गई। केंद्रीय मंत्री वैकेंया नायडू ने  मीडिया के सामने उन शहरों के नाम घोषित किए जिन्‍हें स्‍मार्ट सिटी बनाया जाएगा। इस लिस्‍ट में मध्‍य प्रदेश के दो शहर उज्‍जैन और ग्‍वालियर को शामिल किया गया है। पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वित्‍त वर्ष में 27 बची हुई स्‍मार्ट सिटी की जगहों को भरने के लिए कुल 63 नाम आए थे जिनमें से 27 का चयन कर लिया गया है। यह 27 शहर देश के 12 राज्‍यों से चुने गए हैं। तीसरी लिस्‍ट में सबसे ज्‍यादा 5 शहर महाराष्ट्र के हैं वहीं 4-4 शहर तमिलनाडु और कर्नाटक के हैं, 3 शहर यूपी के जबकि 2-2 शहर मध्‍य प्रदेश और राजस्‍थान के हैं। इनके अलावा आंध्र प्रदेश, गुजरात, उड़ीसा, नागालैंड और सिक्‍कीम के एक-एक शहर को शामिल किया गया है।नायडू ने आगे बताया कि इस घोषणा के साथ ही 60 शहरों को स्‍मार्ट सिटी बनाने के लिए 1,44,742 कराेड़ रुपए का प्रावधान भी कर दिया गया है। यह हैं 27 श्‍हारों के नाम आगरा ,अजमेर,अमृतसर, औरंगाबाद,ग्‍वालियर, हुबली-धरवाड, जलंधर,कल्‍याण-डोंबिवली ,कानपुर,कोहिमा,कोटा,मदुरै,मैंगलुरु,नागपुर ,नामची, नासिक, राउरकेला, सलेम,शिवमोगा ,ठाणे ,तंजावुर,तिरुपती,तुमकुर,उज्जैन,वड़ोदरा,वाराणसी,वैल्‍लोर।   

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 MadhyaBharat  20 September 2016

सांसद सिंधिया कुपोषण पर चिंतित

मेनका गाँधी और शिवाराज सिंह चौहान को लिखा पत्र  कांग्रेस सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह  चौहान एवं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री  मेनका गांधी को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश में कुपोषण के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है |  सिंधिया ने श्योपुर  जिले के कराहल एवं विजयपुर ब्लाॅक में कुपोषण के कारण हुई बच्चों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मध्य प्रदेश  के मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री  मेनका गांधी को पत्र लिखकर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराके इसके लिए जिम्मेदार दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में श्री सिंधिया ने उल्लेख किया है कि  श्योपुर  जिले के आदिवासी बाहुल्य ब्लाॅक कराहल एवं विजयपुर  पिछले दो महीने में कुपोषण के कारण 19 बच्चों की मृत्यु हो चुकी है, एवं 100 से ज्यादा बच्चे बीमार हैं और  लगभग 35-40 बच्चे अस्पतालों में भर्ती हैं।  इसी प्रकार की भयावह स्थिति मुरैना जिले के पहाड़गढ़ व कैलारस ब्लाॅको के आदिवासी क्षेत्रों में भी है। नई दुनिया टीम द्वारा श्योपुर जिले के 16 गावों  में जो सर्वे किया गया है उसके अनुसार तो श्योपुर  जिले में एक माह में 62 बच्चों की मौत कुपोषण के कारण हो चुकी है। मध्यप्रदेश सरकार का शासकीय अमला  इस गंभीर स्थिति को स्वीकार कर, उसका निदान करने के स्थान पर कुपोषण की इस सच्चाई को  दबाने में लगा हुआ है। विगत 3 सितंबर को विजयपुर ब्लाॅक के गोलीपुरा गांव में छह बच्चों की मौत का कारण, कुपोषण बताने पर ब्लाॅक मेडिकल आॅफिसर डाॅ प्रदीप कुमार का वहां से तत्काल तबादला कर दिया जाता है, और सीएमएचओ डॅा. आर.पी. सरल उनकी रिपोर्ट को बदल कर मौत का कारण कुछ और बताते हैं। हालांकि, बाद में स्वास्थमंत्री श्री रुस्तम सिंह जी ने इन मौतों का कारण कुपोषण होना होना स्वीकार किया है।प्रदेश  के महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव  जे. एन. कंसोटिया ने भी इन क्षेत्रों का दौरा करके कुपोषण से हुई इन मौतों को स्वीकार करने के बजाय इन पर पर्दा डालने की कोशिश  की है । श्री सिंधिया ने कहा  कि  जब राज्य सरकार प्रतिमाह करोड़ो रुपया कुपोषण  उन्मूलन पर खर्च कर रही है, तो फिर उसके बाद भी उपरोक्त परिस्थितियाॅं क्यों निर्मित हो रही है,| उन्होंने सरकार से इस सब की  जांच किसी स्वतंत्र निष्पक्ष एजेंसी से कराकर दोषियों के विरुद् सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है| सिंधिया ने सरकार से यह भी कहा कि  जो बच्चे हमारे इस देश - प्रदेश  का भविष्य हैं, उनके स्वास्थय  के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ ना हो सके इस हेतु स्वास्थ्य व महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देष भी दिए जाएँ |  

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 MadhyaBharat  15 September 2016

gwalior bjp

  दो दिनी चली समन्वय बैठक में संघ से मिले फीडबैक के बाद भाजपा ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। संगठन की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक अब अगले महीने ग्वालियर में होगी। इस बैठक में भाजपा विधिवत रूप से मिशन 2018 के लिए रण में उतरने का ऐलान करेगी। पिछली बार भी ग्वालियर से ही चुनावी समर में उतरने का औपचारिक ऐलान किया गया था। संगठन सूत्रों के मुताबिक प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 28 और 29 सितम्बर को ग्वालियर में आयोजित की जाएगी।    इस बैठक का शुभारंभ अध्यक्ष अमित शाह से कराने की तैयारी की जा रही है जबकि समापन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह करेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले 2012 में कैंसर पहाड़ी पर भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में भाजपा ने तीसरी बार सरकार बनाने का संकल्प लिया था। एक बार फिर ग्वालियर में ही भाजपा चौथी बार सरकार बनाने का संकल्प लेगी।   इस बार होने वाली कार्यसमिति की बैठक में अनुसूचित जाति और जनजाति की 82 सीटों पर खास मंथन होना है। हाल ही में हुई समन्वय बैठक में संघ से जो भाजपा को फीड बैक मिला है उसने संगठन की चिंता बढ़ा दी है। संघ ने भाजपा से कहा है कि इन वर्ग में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए भाजपा को अब और मेहनत करने की जरूरत है। इसके अलावा कार्यसमिति की बैठक में विधायकों के कामों की रिपोर्ट पर भी मंथन होना है। भाजपा ने विधायकों के कामों का अपने स्तर पर आंकलन शुरू कर दिया है।  

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 MadhyaBharat  29 August 2016

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डॉ. राममनोहर लोहिया की समाजवादी विचारधारा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने राजनैतिक धाराओं को दार्शनिक अवधारणा का रूप दिया। बीसवीं सदी में डॉ. लोहिया एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में उभरे, जिन्होंने राजनीति को भारत की राष्ट्रनीति के रूप में प्रस्तुत किया। यह बात केन्द्रीय गृह मंत्री  राजनाथ सिंह ने ग्वालियर में आईटीएम यूनिवर्सिटी में “डॉ. राममनोहर लोहिया स्मृति व्याख्यान-2016” में अपने व्याख्यान में कही।   कार्यक्रम में केन्द्रीय पंचायत, ग्रामीण विकास, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री  नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री  जयभान सिंह पवैया, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  माया सिंह, आईटीएम यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति  रमाशंकर सिंह व कुलपति प्रो. के.के. द्विवेदी उपस्थित थे।   श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि महात्मा गाँधी की तरह डॉ. राममनोहर लोहिया भी स्वच्छता के पक्षधर थे। वो कहा करते थे कि नदियाँ भारत की भाग्य रेखाएँ हैं। डॉ. लोहिया ने नदियों की स्वच्छता के लिये सामाजिक आंदोलन चलाया। इसी भावना के अनुरूप वर्तमान सरकार ने पवित्र गंगा नदी को स्वच्छ बनाने के लिये “नमामि गंगे” कार्यक्रम की शुरूआत की है। वर्ष 2022 तक गंगा को पूर्णत: स्वच्छ बनाने का लक्ष्य है। सरकार गंगा की भाँति अन्य नदियों को भी साफ-सुथरा बनाने का भी प्रयास पूरी शिद्दत के साथ करेगी। गृह मंत्री ने कहा कि डॉ. लोहिया की यह भी मान्यता थी कि मूल चिंतन का विकास स्वभाषा में ही हो सकता है। इसीलिये उन्होंने भारतीय भाषाओं के विकास की पुरजोर हिमायत की। डॉ. लोहिया कुरीतियों के खिलाफ बेबाकी से अपनी राय रखते थे और उस पर अमल भी करते थे।   केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि डॉ. लोहिया का ईश्वर की सत्ता में विश्वास नहीं था। इसके बावजूद उनकी विचारधारा उत्कृष्ट थीं। उन्होंने धार्मिक आस्थाओं का सदैव ध्यान रखा। डॉ. लोहिया ने भगवान राम, कृष्ण और शिव पर गहन चिंतन कर नई व्याख्या दी और समाज को बताया कि इन सभी ने देश की सांस्कृतिक एवं सामाजिक एकता के लिये काम किया। उन्होंने कहा कि भारत में धन-दौलत से नहीं त्याग करने वालों को बड़ा माना जाता है। इसके उलट विदेशों में साम्राज्य के विस्तार के आधार पर राजा बड़े माने जाते रहे हैं। पर भारत में भगवान राम और राजा हरिश्‍चंद्र को बड़ा माना गया है। इसी क्रम में उन्होंने सम्राट हर्षवर्धन, संत रविदास और कबीर के त्याग का जिक्र किया। साथ ही कहा कि डॉ. लोहिया की विचारधारा भी इसी अवधारणा का समर्थन करती है।   सांसद  जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि डॉ. लोहिया ने राजनीति और धर्म की अपने ही अंदाज में व्याख्या की थी। उनका मानना था कि धर्म दीर्घकालीन राजनीति और राजनीति अल्पकालीन धर्म है। वे कहा करते थे कि जो राजनीति समय की कसौटी पर खरी उतरती है, वह धर्म बन जाती है।  

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 MadhyaBharat  28 August 2016

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 संघ के चिंतन में संगठन मंत्रियों की चिंता      राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की चार दिवसीय चिंतन बैठक 26 अगस्त से ग्वालियर में शुरू हो रही है। बैठक में देशभर से संघ के चार सौ से अधिक प्रचारक और केन्द्रीय व प्रांतीय पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। बैठक में संघ से भाजपा में आने वाले संगठन मंत्रियों की भूमिका पर नए सिरे से विचार किया जाएगा। इसके अलावा संघ से सेवा कार्यो और शाखाओं के विस्तार पर भी मंथन किया जाएगा।   राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से निकलकर भाजपा का काम देखने वाले संभागीय और विभागीय संगठन मंत्रियों का भविष्य क्या होगा, यह संघ की ग्वालियर में होने वाली चिंतन बैठक में तय किया जाएगा। 26 अगस्त से शुरू होने वाली इस चार दिनी चिंतन बैठक में संघ के सर कार्यवाह सुरेश भैया जी जोशी समेत अनेक  पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक में देशभर के चार सौ से अधिक प्रचारकों को बुलाया गया है। बैठक के अंतिम दिन संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत के भी मौजूद रहने की संभावनाा है।   भाजपा में सालभर पहले तक जिले, विभाग और संभाग में संगठन मंत्री हुआ करते थे, पर सालभर पहले संघ ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए जिलों और विभाग से संगठन मंत्रियों की छुट्टी कर दी थी। इतना ही नहीं पांच संभागों को छोड़कर शेष संभागों से भी संभागीय संगठन मंत्रियों को कार्यमुक्त कर दिया था। संघ के इस निर्णय से संघ के ही कुछ पदाधिकारी सहमत नहीं है। उनका तर्क है कि संगठन मंत्री की व्यवस्था खत्म से संघ की भाजपा पर पकड़ कमजोर हो रही है। ग्वालियर में होने वाली चिंतन बैठक में संगठन मंत्रियों के नए सिरे से दायित्वों पर विचार किया जाना है। फिलहाल संघ ने प्रांतस्तर पर संगठन मंत्रियों की तैनाती का प्लान तैयार किया है पर इस पर अब तक पूरी तरह अमल नहीं हो पाया है। अब फिर से संभागों में संगठन मंत्रियों की तैनाती पर विचार किया जा रहा है।   ग्वालियर के आईपीएस कालेज परिसर में होने वाली इस चार दिवसीय बैठक  में संघ और उसके अनुषांगिक संगठनों द्वारा चलाए जा रहे सेवा कार्यो की भी समीक्षा होनी है। संघ इस समय पूरे देश में विभिन्न प्रकार के एक लाख 52 हजार 388 सेवा कार्य चला रहा है। संघ ने पूरे देश को 54 हजार मंडलों में विभाजित किया है, जिसमें से तीन हजार मंडलों में उसके काम चल रहे हैं। बैठक में संघ की शाखाओं के विस्तार पर भी बात होगी। संघ की इस समय पूरे देश के 33 हजार 222 स्थानों पर 51 हजार 330 से अधिक शाखाएं संचालित हो रही है। मध्यप्रदेश में इस समय संघ की चार सौ से अधिक स्थानों पर 6 हजार 321 शाखाएं संचालित हो रही है।

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 MadhyaBharat  23 August 2016

415  शराबियों के  ड्रायविंग लाइसेंस निलंबित

     शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान    शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ  5 अगस्त से पूरे प्रदेश में पुलिस का अभियान जारी है। गृह मंत्री  भूपेन्द्र सिंह के निर्देश पर शुरू हुए इस अभियान में बड़ी संख्या में वाहन-चालकों की जाँच कर चालानी कार्रवाई के साथ ही वाहन-चालकों के ड्रायविंग लायसेंस निलंबित करने की अनुशंसा भी की जा रही है।   पूरे प्रदेश में अभियान के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने के  3286 प्रकरण पंजीबद्ध हुए हैं। इनमें 2864 दो-पहिया, 187 चार-पहिया, एक बस, 21 ट्रक और 84 अन्य वाहन के चालक शराब के नशे में पाये गये। मौके पर की गई चालानी कार्रवाई में वाहन-चालकों से 6 लाख 20 हजार 101 रुपये का जुर्माना वसूला गया, जबकि 415  वाहन-चालक के  ड्रायविंग लायसेंस निलंबित करने  की अनुशंसा की गयी।    जोनवार आंकड़ों के अनुसार भोपाल जोन में कुल 341, ग्वालियर जोन में 190, चम्बल जोन में 62, इंदौर जोन में 1010, उज्जैन जोन में 598, जबलपुर जोन में 309, बालाघाट जोन में 221, सागर जोन में 125, रीवा जोन में 93, शहडोल जोन में 16  और होशंगाबाद जोन में कुल 321 प्रकरण पंजीबद्ध हुए। गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह के निर्देश पर आगे भी पुलिस विभाग की यह कार्रवाई जारी रहेगी। गृहमंत्री  सिंह ने परिवहन विभाग को भी शराब पीकर वाहन चलाने वालों के ड्रायविंग लायसेंस तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिये हैं।

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 MadhyaBharat  11 August 2016

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    ग्वालियर के अवनीश भदौरिया उर्फ कुन्नू(12) का शव 37 घंटे के बाद नाले में बने सीवर टैंक से मिल गया। 29 जून की सुबह कोचिंग से लौटते वक्त उसका अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने इस मामले में चार अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया था, जिनकी निशानदेही पर उसका छात्र का शव बरामद किया गया। शव मिलते ही तनाव और हंगामे की स्थिति बन गई,‍ जिसे देखते हुए इलाके में पुलिस बल भी तैनात किया गया था।   इसके पहले छात्र की चप्पल और बैग आदित्यपुरम से बरामद किया गया। आरोपियों ने बताया था कि हत्या के बाद उन्होंने साइकिल सरला फार्म हाउस पर फेंक दी थी। पुलिस के अनुसार लावारिस हालत में साइकिल खड़ी देखकर कोई उसे उठा ले गया।   इसके पहले पुलिस और पीएचई का अमले ने डेढ़ किमी लंबी सीवर लाइन और 28 चेंबरों की छानबीन की थी, जिसमें छात्र का शव नहीं मिला था। पीएचई अमले ने लाल टिपारा स्थिति सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टैंक को भी खाली करवाकर देखा गया था।

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 MadhyaBharat  6 July 2016

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      ग्वालियर के घाटीगांव में एक बच्चे की लाश मिलने के मामले में गुरुवार को टीआई रमेश शाक्य और पुलिस टीम इलाके में जांच करने पहुंचे।  जानकारी के मुताबिक बच्चे की हत्या के आरोपी इसी गांव के हैं। आरोपियों के साथियों ने इस दौरान टीआई और पुलिस टीम पर गोलियां चला दी। एक गोली टीआई शाक्य के पैर में लगी, उन्हें गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर किया गया है। घटना के बाद से बड़ी संख्या में पुलिस बल इलाके में तैनात कर दिया गया है।

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 MadhyaBharat  30 June 2016

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  स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करेगी एमपी सरकार    मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिये राज्य सरकार पब्लिक सेक्टर के साथ-साथ निजी क्षेत्र को भी प्रोत्साहित करेगी। इसका सफल प्रयोग प्रदेश के अलीराजपुर जिले के जोबट ब्लॉक में किया जा चुका है। श्री चौहान  ग्वालियर में अपोलो एवं आरजेएन ग्रुप के आरजेएन अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल का शुभारंभ कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  जे.पी. नड्डा ने की। कार्यक्रम में केन्द्रीय इस्पात एवं खनन मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र उपस्थित थे।   मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति को मिल सके, इसके लिये राज्य सरकार सतत प्रयत्नशील है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ राज्य सरकार अपने संसाधनों और केन्द्र सरकार की मदद से संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1963 के बाद प्रदेश में केवल एकमात्र मेडिकल कॉलेज सागर में स्थापित किया गया था, लेकिन अब प्रदेश में 7 नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना पर सरकार द्वारा 189 करोड़ की राशि व्यय करेंगी।   श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के सुदूर अंचल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए निजी स्वास्थ्य संस्थाओं को आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने अपोलो संस्थान द्वारा इंदौर के बाद ग्वालियर में अपनी इकाई आरजेएन ग्रुप के साथ प्रारंभ करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। आशा की कि इस संस्थान से अंचल के लोगों को सस्ती और अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी।   केन्द्रीय मंत्री  नड्डा ने कहा कि ग्वालियर में अपोलो संस्थान की इकाई की स्थापना से स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएँ प्राप्त हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा पूरे देश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिये पीपीपी मॉडल तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिये केन्द्र सरकार द्वारा एक समिति का गठन किया गया है, जिसकी अनुशंसाएँ आने के बाद सरकार उनको लागू करने पर विचार करेगी। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा देश में 11 नये ऑल इंडिया मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एम्स) की स्थापना की जा रही है। देश के 17 मेडिकल कॉलेज और 70 जिला चिकित्सालय को अपग्रेड करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देश में नई सरकार के गठन के बाद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 40 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा योजना से जोड़ा गया है। सभी जिला चिकित्सालय में प्री-डायलेसिस की व्यवस्था भी लागू की गई है। उन्होंने मध्यप्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या को नियंत्रित करने और महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करने के लिये लागू की गई योजनाओं की भी प्रशंसा की।   इससे पूर्व अपोलो हॉस्पिटल एन्टरप्राइज लिमिटेड की ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर सुश्री रेड्डी ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत किए जा रहे प्रयासों और लाड़ली लक्ष्मी योजना की तारीफ करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने देश की महिलाओं का दिल जीत लिया है। उन्होंने अंचल के लोगों को अपोलो संस्थान द्वारा बेहतर गुणवत्ता के साथ स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करने का आश्वासन दिया।

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 MadhyaBharat  29 June 2016

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  राष्ट्रीय न्यास योजनाओं की कार्यशाला में  गेहलोत      दिव्यांगों के सर्वांगीण विकास के लिये आधुनिकतम उपकरण बनाये जायेंगे। इससे वे सामान्य व्यक्तियों की तरह अपना कार्य कर सकेंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता केन्द्रीय मंत्री  थावरचंद गेहलोत ने यह बात राष्ट्रीय न्यास योजनाओं की कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के लिये कृत्रिम अंग बनाने के लिये जर्मन और ब्रिटेन की कम्पनियों से भारत सरकार द्वारा एमओयू किया गया है। दोनों देश के बीच तकनीक का आदान-प्रदान किया जायेगा। उपकरण एक से डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जायेंगे। श्री गेहलोत ने कहा कि ग्वालियर में दिव्यांगों के लिये नेशनल स्पोर्ट सेंटर बनाया जायेगा।   केन्द्रीय मंत्री  गेहलोत ने कहा कि दिव्यांगों के जिला-स्तरीय पहचान-पत्र के स्थान पर अब राष्ट्रीय-स्तर पर पहचान-पत्र जारी किये जायेंगे। यह राष्ट्रीय पहचान-पत्र बहु-उद्देशीय होने से दिव्यांग किसी भी राज्य में इनके जरिये लाभ प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के लिये भारत सरकार ने प्री-मेट्रिक, पोस्ट-मेट्रिक, विशेष कोर्सेस और विदेशों में शिक्षा प्राप्त करने के लिये स्कॉलरशिप दिये जाने का प्रावधान किया है। पाँच साल से कम आयु के बोलने और सुनने में अक्षम बच्चे को केन्द्र सरकार द्वारा 6 लाख रुपये की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है। योजना में 355 अक्षम मूक-बधिर बच्चों की चिकित्सा करवायी गयी। इनमें से 300 मूक और बधिर बच्चे बोलने और सुनने लगे हैं। केन्द्रीय मंत्री श्री गेहलोत ने कार्यशाला में उपस्थित संस्थाओं के प्रतिनिधियों से कहा कि वह इस विषय पर चर्चा कर अपने सुझाव दे सकते हैं।   केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि तीन करोड़ दिव्यांग के सर्वांगीण विकास के लिये भारत सरकार द्वारा निरामय, घरौंदा, विकास, दिशा, समर्थ, सहयोगी, संभव, ज्ञानप्रभा, प्रेरणा और बढ़ते कदम योजना का क्रियान्वयन देशभर में किया जा रहा है। इसके लिये पूरे देश में विशेष अभियान राज्य सरकारों के सामाजिक न्याय विभाग के जरिये चलाया जा रहा है।   प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि राष्ट्रीय न्यास की योजनाओं को सफल बनाने के भरपूर प्रयास किये जायेंगे। योजनाओं का व्यापक-स्तर पर प्रचार-प्रसार कर वास्तविक हकदारों को लाभ दिलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा इन नवीन योजनाओं की एक बुकलेट तैयार कर वितरित की जायेगी। श्री भार्गव ने इस प्रकार की कार्यशाला को जिला-स्तर पर भी करने का सुझाव दिया। श्री भार्गव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्पर्श अभियान चलाकर अन्त्योदय मेले के माध्यम से 100 प्रतिशत दिव्यांग को लाभ पहुँचाया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शासकीय सेवा भर्ती में 6 प्रतिशत का आरक्षण दिव्यांगों को दिया जा रहा है। उन्होंने भारत सरकार का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तीन करोड़ दिव्यांग का सर्वांगीण विकास होने से देश एवं राज्य का भी विकास होगा।कार्यशाला में सांसद  आलोक संजर, सचिव सामाजिक न्याय डॉ. मनोहर अगनानी, संचालक  अजीत कुमार, दिव्यांग एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  25 June 2016

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    जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा सुनाये गये फैसला ‘पदोन्नति में आरक्षण’ के समर्थन में बुधवार की दोपहरी में मप्र कर्मचारी कांग्रेस   के प्रतिनिधि मण्डल ने ग्वालियर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन जिलाधीश कार्यालय में एसडीएम को सौंपा। इसके अलावा 21 सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिये पत्र सौंपा। मप्र कर्मचारी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रवीन्द्र त्रिपाठी ने अपने कर्मचारियों के साथ नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए जिलाधीश कार्यालय पहुंचे । सुप्रीम कोर्ट कैविएट दायर मप्र सामान्य जाति एवं पिछड़ा वर्ग अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अरूण द्विवेदी एवं प्रान्तीय प्रवक्ता लक्ष्मीनारायण शर्मा ने बताया कि मोर्चा से जुडे़ घटक संगठन सजाकस के सर्व श्री इंजीनियर आरबी राय, पीसी जैन, पीएचई      डॉ केएस तोमर पशु  िचकित्सा     विभाग ने    आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय में केविएट दायर कर दी है। विदित है कि माननीय मप्र हाईकोर्ट जबलपुर ने पदोन्नति में दिये गये आरक्षण को असंबेधानिक करार देते हुए मप्र सरकार द्वारा वर्ष 2002 में बनाये गये पदोन्निित नियमों को पारित करते हुए वर्ष 2002  से पदोन्नति में दिये गये आरक्षण को वापिस ले लिया जाये जिससे 15 हजार कर्मचारियों अधिकारियों को दी गयी पदोन्नति वापिस ले होगीं । जिला प्रशासन बगैर अनुमति के निकाली रैली अजाक्स के जिलाध्यक्ष मुकेश मौर्य ने सरकार से प्रमोशन में आरक्षण की नीति को सुधारने के लिये जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने के लिये रैली निकालने की अनुमति मांगी थी । एडीएम शिवराज वर्मा ने अजाक्स के आवेदन पर एसपी के पास अभिमत के लिये भेजा था, लेकिन पुलिस का कोई अभिमत नहीं आने के कारण रैली को अनुमति नहीं दी गयी । अजाक्स कार्यकर्ता इसके बावजूद रैली की शक्ल में ठाटीपुर से कलेक्ट्रेट तक गए। कानूनविद् एवं प्रशासनिक अफसर यह मानकर चल रहे हैं कि सरकार को ज्ञापन के बहाने यह रैली हाईकोर्ट के आदेश का विरोध है। रैली का आयोजन सीधे तौर पर हाईकोर्ट की अवमानना माना जरहा है।    मध्यप्रदेष सामान्य जाति एवं पिछडा वर्ग अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेष अध्यक्ष अरूण द्विवेदी एवं प्रांतीय प्रवक्ता लक्ष्मीनारायण शर्मा ने बताया कि मोर्चा से जुडे घटक संगठन सजाकस के सर्वश्री इंजीनियर आर. बी. राय, पी.सी. जैन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं डाॅ के.एस. तोमर पशु चिकित्सा विभाग ने आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय में केवीयेट दायर कर दी है ।    विदित है कि माननीय मध्यप्रदेष हाइर्कोट जबलपुर ने आज एक ऐतहासिक फैसला करते हुए पदोन्नति में दिये गये आरक्षण को असंवेैधानिक करार देते हुए मध्यप्रदेष सरकार द्वारा वर्ष 2002 में बनाये गये पदोन्नति नियमों को खारित करते हुए वर्ष 2002 से पदोन्नति में दिये गये आरक्षण को वापस ले लिया है जिससे 15 हजार कर्मचारी अधिकारियों को दी गई पदोन्नति वापस लेनी होगी । मुख्य न्यायाधीन अजय माणिकराव खानविलकर करी प्रिंसिपल बैंच ने केवल नियुक्ति में दिये जा रहे आरक्षण को बैध माना है । मध्यप्रदेष सरकार इस फैसले के विरूद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय में प्रकरण दायर करने की घोषणा कर चुके है इसी के दृष्टिगत उक्त केवियेट दायर की गई है ।

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 MadhyaBharat  7 May 2016

फिर जिन्दा हुए बटेसर के मंदिर

विजय मनोहर तिवारी ग्वालियर से ४० किलोमीटर दूर सदियों से मलबे में दफ़न बटेसर के मंदिर अपने मूल स्वरूप में नज़र आने लगे हैं | अब तक कोई शिलालेख या सिक्के इस विशाल पुरातात्त्विक परिसर में नहीं मिले हैं | एक समाधि में कुछ अस्थियाँ और मिट्टी के बर्तनों के अवशेष जरुर पाए गए हैं | गुर्जर-प्रतिहार राजाओं के समय सातवीं से नौवी सदी के बीच मंदिरों का निर्माण हुआ | इनमे से ७० पुराने रूप में वापस आ चुके हैं | पुरातत्व विशेषज्ञों का आकलन हैं कि ये एक ही समय में बने हैं | कुछ साल पहले तक यह धरोहर पूरी तरह दूर तक फैले मलबे के ढेर में नज़र आती रही | लेकिन एएसआई के तत्कालीन पुरातत्व अधीक्षक के.के.मोहम्मद ने इन्हें फिर से जिवंत करने में खास दिलचस्पी ली | चंदेरी के ६० से ज्यादा कुशल कारीगरों को यहाँ लगाया गया, जिन्हें पुराने शिल्प और पत्थरों कि प्रकर्ति कि गहरी जानकारी हैं | पुरातत्वविद एस.एस.गुप्ता कहते हैं ये मंदिर इस इलाके के उजले अतीत के लाजवाब प्रमाण हैं | डेढ़ हजार साल पहले यह कला और संस्क्रती का लाजवाब केंद्र रहा होगा | यहाँ के मंदिर प्राकर्तिक कारणों से उजडे और धीरे-धीरे वीरानों में खो गए | यहां इतिहास को जिन्दा किया गया हैं | चप्पे-चप्पे पहले १९२० में प्रख्यात पुरातत्वशास्त्री एमबी गुर्दे कि नज़र में यह जगह आई थी ,लेकिन एएसआई ने वर्ष २००६ में यहां पूरी तैयारी से काम शुरू कराया, जो अब तक जारी हैं | अब मलबे में बिखरे मंदिर फिर से अपने पुराने दौर की याद ताजा करने लगे हैं | इतिहास के जानकारों का कहना हैं कि मंदिरों के इस विशाल संकुल से जाहिर हैं कि यह कोई प्रतिष्ठित मठ रहा होगा, जहां एक साथ सैकडों पुरोहित रहे होंगे | इनकी मौजूदगी में हजारों श्रद्धालुओं का आवागमन भी रहा होगा | लंबे अरसे तक डकैत गिरोहों के कारण कुख्यात रहे इस इलाके के चप्पे-चप्पे में ऐसे स्मारक बिखरे हुए हैं | इनमे प्राचीन पदमावती के अवशेष पवाया में पाए जाते हैं | सुहानिया,नरेसर, अटेर, और नरवर जैसे स्थान यहां की अलग ही कहानी बयान करते हैं | यह कहानी बीते हुए कल की हैं |(दैनिक भास्कर से साभार)

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ग्वालियर में भी चलेगी मेट्रो ट्रेन

ग्वालियर में भी देश के बड़े-बड़े महानगरों की तर्ज पर निकट भविष्य में मेट्रो ट्रेन चलेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब उन्हें बताया गया कि इंदौर और भोपाल में मेट्रो ट्रेन के लिए डीपीआर बनाने का काम किया जा रहा है तो उन्होंने निर्देश दिए कि सिर्फ इन्हीं दो शहरों की डीपीआर नहीं बल्कि ग्वालियर में मेट्रो ट्रेन के लिए डीपीआर तैयार करने का काम तेजी से किया जाए। शुक्रवार को यहां फूलबाग मैदान में केन्द्रीय इस्पात एवं खनन मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की मौजूदगी में आयोजित हुए विशाल सम्मेलन में मुख्यमंत्री चौहान ने कहा ग्वालियर शहर को अत्याधुनिक महानगर बनाने के लिए जितने भी फ़्लाईंओवर की जरूरत है, उन्हें पांच साल में धरातल पर लाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस मौके पर कहा कि आजादी के बाद न जाने कितने सीएम आए और गए पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास की जो इबारत लिखी वह इतिहास में अमर रहेगी। मुख्यमंत्री चौहान ने फूलबाग मैदान पर आयोजित सम्मेलन में घोषणा की कि ग्वालियर के सीवेज सिस्टम को ठीक करने के लिए जितनी भी धनराशि की जरूरत पड़ेगी, उसे राज्य सरकार मुहैया कराएगी। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर शहर में अधोसंरचनात्मक कार्यों के लिए दो करोड़ रूपए की धनराशि मुहैया कराने की घोषणा भी इस मौके पर की। साथ ही जिले के अन्य नगरीय निकायों आंतरी, डबरा, बिलौआ, भितरवार व पिछोर के विकास के लिये 50-50 लाख रूपए की धनराशि मुहैया कराने का ऐलान भी किया। सिटी सेंटर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग का भूमिपूजन करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेशभर में ऐसी योजना कहीं नहीं है। आज पार्किंग समस्या और सुव्यवस्थित यातायात एक बड़ी समस्या के रूप में उभरी है। इस तरह की मल्टी लेवल पार्किंग इन समस्याओं से निजात दिलाने का काम करेंगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की पार्किंग सिर्फ महानगरों में होती है इसलिए प्रदेश के अन्य जिले भी इससे सीख लेंगे और ऐसी योजनाओं का क्रियान्वयन करेंगे।फूलबाग मैदान पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि आपके जैसा सीएम मिलना मुश्किल है। आप नित नई विकास की इबारत लिखने का काम कर कर रहे हैं। इसलिए शहर की जनता आपका आत्मा से स्वागत करती है। पर शहर में अभी भी सीवर सिस्टम, ड्रेनेज सिस्टम ऐसी समस्या है जिनके निदान के लिए आपकी आवश्यकता है। हमें अभी आप से और बहुत कुछ चाहिए। केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर की बात सुन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आप तो काम करते जाओ शहर के लिए धन की कमी मैं आड़े नहीं आने दूंगा।भ्रष्टाचार उन्मूलन की कार्यवाही के तहत राजसात किए गए भवन में अब बहु नि:शक्त बच्चों के लिए सीडब्ल्यूएसएन संभागीय कन्या छात्रावास संचालित होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को रोड शो के दौरान नादरिया माता रोड गुढा में स्थित इस छात्रावास का लोकार्पण किया। लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय इस्पात एवं खनन मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने की। भ्रष्टाचार उन्मूलन की कार्यवाही के तहत राजसात किया गया ग्वालियर में यह पहला भवन है, जो शासकीय प्रयोजन के लिए दिया गया है। बता दें विशेष न्यायालय द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गत 9 नवम्बर 2012 को यह भवन राजसात किया गया था।ग्वालियर शहर में रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहर को विकास कार्यों की सौगातें देने का सिलसिला जारी रखा। इस दौरान उन्होंने 80 लाख रुपए की लागत से नगर निगम द्वारा बनाए जाने वाले व्यवसायिक परिसर (शॉपिंग काम्प्लेक्स) का भूमि पूजन किया। इस शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 80 दुकानें बनाई जाएंगी। गजराराजा कन्या उमा विद्यालय परिसर में आयोजित हुए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के भूमि पूजन कार्यक्रम में सीएम चौहान ने कहा कि शहर के विकास की राह और रफ़्तार को हम थमने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्वालियर के विकास में धन की कमी नहीं आने देगी।मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि ग्वालियर शहर में आज हुए अभूतपूर्व स्वागत से मैं अभीभूत हूं। मैं जनता का सेवक हूं और विश्वास दिलाता हूं कि आप सबके विश्वास को टूटने नहीं दूंगा। ग्वालियर में विकास की जो शृंखला चल रही है, इसे और तेज किया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार की देर शाम किलागेट क्षेत्र में भी लगभग 20 लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी के भूमिपूजन कार्यक्रम में कही। इस पेयजल टंकी के निर्माण से किलागेट क्षेत्र सहित अन्य समीपवर्ती बस्तियों में अधिक दबाव में पानी की आपूर्ति संभव हो सकेगी।

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अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में भारतीय बॉस्केट के कच्चे तेल की कीमत घटी

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत पेट्रोलियम नियोजन और विश्‍लेषण प्रकोष्‍ठ (पीपीएसी) द्वारा आज संगणित/प्रकाशित सूचना के अनुसार भारतीय बॉस्‍केट के लिए कच्‍चे तेल की अंतर्राष्‍ट्रीय कीमत 01.07.2014 को मामूली घटकर 109.55 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। यह पिछले कारोबारी दिवस 30.06.2014 की कीमत 109.75 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल से कम है। रुपये के संदर्भ में कच्‍चे तेल की कीमत 01.07.2014 को घटकर 6588.34 रुपये प्रति बैरल हो गई, जबकि 30.06.2014 को यह 6594.88 रुपये प्रति बैरल थी। रुपया 30.06.2014 के 60.09 रुपये प्रति अमरीकी डॉलर की तुलना में 01.07.2014 को कमजोर होकर 60.14 रुपये प्रति अमरीकी डॉलर पर बंद हुआ। भारत मर्राकेश समझौते को समर्थन देने वाला पहला देश बना नेत्रहीनों, दृष्टि बाधित व्यक्तियों के लिए प्रकाशित पुस्तकों/कार्यों तक पहुंच सुलभ कराने में मदद से जुड़े मर्राकेश समझौते को समर्थन देने वाला पहला देश बन गया है। अभी तक विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) के 79 सदस्य देशों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। 20 देशों द्वारा इस समझौते को समर्थन दिए जाने के बाद मर्राकेश समझौता लागू हो जाएगा। संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के स्थायी प्रतिनिधि श्री दिलीप सिन्हा ने डब्ल्यूआईपीओ के मुख्यालय में एससीसीआर (कॉपीराइट एवं संबंधित अधिकारों पर स्थायी समिति) के 28वें सत्र के दौरान आयोजित एक समारोह में डब्ल्यूआईपीओ के महानिदेशक श्री फ्रांसिस गुर्रे को समर्थन पत्र सुपुर्द किया। मार्क्‍समैनशिप प्रशिक्षण प्रणाली भारतीय सेना में शामिल सीएसआईआर- नेशनल ऐरो स्‍पेस लेबोरेट्रीज (सीएसआईआर-एनएएल), बेंगलुरू द्वारा गोली के प्रभाव की सटीक स्थिति का पता लगाने के लिए तथा वास्‍तविक समय फीडबैक देने के द़ृष्टिगत सुनिश्चित मार्क्‍समैनशिप दक्षता के लिए विकसित की गई ध्‍वनि (पहचान एवं अकाष्टिक एन-वेब पहचान) नामक स्‍टेट ऑफ दी आर्ट टार्गेट प्रशिक्षण प्रणाली को भारतीय सेना में शामिल किए जाने की वैधता एवं इसका अनुमोदन कर दिया गया है। बेंगलुरू, सिकंदराबाद तथा इन्‍फैंट्री स्कूल, महू में सेना की रेंजों में कड़े क्षेत्रीय परीक्षणों के उपरांत इस ध्‍वनि प्रणाली को भारतीय सेना को औपचारिक रूप से सौंप दिया गया है ।

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क्यों नहीं होती है पाप करने के बाद आत्मग्लानि ?

एन.के सिंहपुराने ज़माने में नैतिक धरातल पर प्रायश्चित की एक संस्था थी। गाहे-बगाहे अगर किसी से पाप हो गया तो वह सार्वजनिक रूप से इसे बताता था और फिर प्रायश्चित करके अपने को उस पाप की ग्लानि से मुक्त करता था। यह संस्था हिंदू धर्म में भी थी और इसाई तथा अन्य कई धर्मों में भी थी। समय बदला। कलमाड़ी ने एक पाप किया परन्तु प्रायश्चित तो दूर वह इस बात से अपने को बचाना चाहते हैं कि उन्हे भूलने की बीमारी हो गयी है। ए.राजा ने भी कुछ ऐसा ही किया और उनका तर्क है कि हमाम में हम अकेले नहीं थे। यानि दोनो के इस रवैये से स्पष्ट है कि आत्मग्लानि- जनित स्वशुद्धि की भावना कहीं दूर-दूर तक उन्हे छू भी ना सकी।ठीक इसके विपरीत ग्वालियर के जी.आर.पी थाने में उमराव उइके नामक एक हवलदार ने गत 21 जुलाई को हिरासत में हुयी एक हत्या से पैदा हुयी आत्मग्लानि की आंच को नहीं झेल पाया और स्वयं ही अपना आंशिक जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उस कैदी की लाश को किस तरह सरकारी गाड़ी में डाल कर उसका अफसर चंबल नदी में फेंक दिया। उसे यह मालूम है कि इस कबूलनामें के बाद उसे भी सजा हो सकती है। इस बयान के बाद से उसे जान से मारने की धमकियां मिल रहीं हैं और बड़े अफसर भी नाखुश हैं। अब एक ओर अगर हम कलमाड़ी और राजा को रखें और दूसरी ओर इस हवलदार उमराव उइके को तो दोनों में कौन बेहतर मानव माना जाएगा ? किसके आचरण से मूल्यों की सुरक्षा होगी ? और किसका आचरण मूल्यों को रसातल पहुंचाते हुए एक नयी अपसंस्कृति को पैदा करेगा ?शहर के किसी व्यस्त चौराहे पर जब लाल बत्ती पार करता हुआ एक लंपट किसी कानून का पालन करने वाली कार से भिड़ जाता है और उसके बाद उसके साथ के शराब पिए हुए दो गुंडे उस कार चालक को मारने लगते हैं क्योंकि वे किसी मंत्री के रिश्तेदार होते हैं तो उनमें और कलमाड़ी और राजा के बचाव में एक साम्य दिखायी देता है। एक अन्य घटना लीजिए। दिल्ली से सटे गा़जियाबाद में एक इंजीनियर अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल से जा रहा था। कुछ बदमाश पत्नी का चेन खींचकर भागे, इंजीनियर ने पीछा किया और एक को पकड़ लिया। दूसरे बदमाश ने भरी भीड़ में उसे गोली मार दी। कोई 100 से ज्यादा लोग इसे देख रहे थे लेकिन एक आदमी भी इंजीनियर को बचाने या बदमाशों को पकड़ने आगे नहीं आया। यह शहरी इलाका है। इसके 24 घंटे के अंदर 25 किलोमीटर दूर उसी ज़िले के ग्रामीण इलाके पिलखुआ में तीन लुटेरे एक घर में घुसे। लूट के दौरान उन्होनें गोली चलायी जिसकी आवाज़ सुनकर पड़ोस के युवक अपने घर से हॉकी लेकर दौड़े। आस-पास के अन्य लोग भी जुट गए और एक लुटेरे को मार गिराया जबकि अन्य दो भागने में सफल रहे। आज प्रश्न यह है कि हम जी.डी.पी बढ़ाने वाली शहरी संस्कृति को चुनें जिसमें हर क्षण बलात्कार या जान गवाने का भय रहता है या कि सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने वाली ग्रामीण संस्कृति को ?बीसवीं सदी में इमाइल दुर्खिम और इक्कीसवीं सदी में फुकुयामा ने इसी सामुदायिक भावना पर जोर दिया। रॉबर्ट पुटनम की सामाजिक पूंजी का सिद्धान्त भी इसी व्यक्ति-समुदाय के संबंधों की विश्वसनीयता पर आधारित है।गौर से देखने से पता चलेगा कि भारतीय समाज का बहिरंग अराजक दिखता है जबकि इसका अंतरंग बेहद शांतिप्रिय, सामुदायिक और परोपकारी है।कोशिश यह हो रही है कि इस अंतरंग चेतना को शहरीकरण के ज़रिए तथा शहरीकरण-जनित विकास के नाम पर धीरे-धीरे खत्म कर दिया जाए जिसमें प्रायश्चित का भाव ही पागलपन माना जाए और भूलने की बीमारी(डिमेंशिया) को तर्कसिद्ध। यानि कलमाड़ी और राजा सच साबित हों और हवलदार पागल। इस तथाकथित परिवर्तन के नायकों को यह नहीं मालूम कि मूल रूप से भारतीय समाज “संबंध” पर आधारित है व्यवस्था रही है जबकि यूरोपीय समाज (जैसा कि रूसो ने बताया) कॉन्ट्रैक्ट पर आधारित। इन्हे शायद यह भी समझ नहीं आएगा कि भारतीय समाज को जो बहिरंग है वह ना केवल अराजक है बल्कि छलावा भी और यही वजह है कि आज भारत का अंतरंग जागा है, अन्ना हज़ारे इसी का उद्भव हैं।अर्थशास्त्र में एक सिद्धान्त है जिसका नाम है इस्टरलिन पैराडॉक्स(विरोधाभास)। 1974 में रिचर्ड इस्टरलिन ने कहा कि आर्थिक विकास और आत्मतोष का कोई सीधा संबंध नहीं होता। अपनी बात की पुष्टि के लिए उन्होंने एक सर्वे का हवाला दिया जिसमें द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 1950 से लेकर 1970 के बीच जापान में हुए ज़बरदस्त आर्थिक विकास का जायज़ा लिया गया है। सर्वेक्षण में पाया गया कि उन लोगों का प्रतिशत काफी कम हुआ जो कि सम्पन्न तो हुए लेकिन उनके जीवन का संतोष कम हुआ।भारतीय समाज को अगर किसी ने ठीक से परखा तो कार्ल मार्क्स और गांधी ने। मार्क्स ने 25 जून 1853 को न्यूयार्क के डेली ट्रिब्यून में एक लेख लिखा जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा-“भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पूंजीवादी व्यवस्था से कम शोषण है”। मार्क्स ने आगे लिखा कि भारत में जितने भी गृहयुद्ध, आक्रमण, क्रान्ति, फतह या अकाल भले ही विनाशकारी दिखायी देते हों लेकिन ये सतह को ही छू पाते हैं। लेकिन ब्रितानी हुकूमत ने भारतीय समाज की मूल संरचना को जानबूझकर छिन्न-भिन्न कर दिया है। देशज सामूहिक इकाइयों को, कुटीर उद्योग को खत्म किया और जो भी मूल्य इस देश समाज में थे उनको नेस्तनाबूत करने की कोशिश की।अंग्रेजों के आने से पहले भारत का 40 प्रतिशत व्यक्ति कुटीर उद्योग में लगा था। लॉर्ड क्लाइव का कहना था कि मुर्शीदाबाद लंदन से ज्यादा समृद्ध है। दुनिया की जी.डी.पी में भारत का योगदान लगभग 31.5 प्रतिशत था जो कि आज केवल तीन प्रतिशत है। उन 100 सालों के अंदर करीब 30 प्रतिशत आबादी कुटीर उद्योग से बाहर होकर अपराध, भीख व अन्य गैरकानूनी धंधों में शामिल हो गयी।याद करें सदी के अंत में रॉबर्ट पुटनम द्वारा प्रतिपादित सामाजिक पूंजी का सिद्धान्त। पुटनम ने पहले इटली में और बाद में अमेरिका में, व्यापक और कई सालों तक किए गए एक सर्वेक्षण से सिद्ध किया कि अमेरिका में सामाजिक पूंजी बुरी तरह घट रही है। भारत में भी हाल के आंकड़ों से पता चला है कि यहां भी ऐसा ही सिलसिला शुरू हुआ है। आज से 20 साल पहले जहां हर व्यक्ति प्रतिदिन 30 मिनट सामाजिक रूप से जुड़ा रहता था वहीं आज यह समय घटकर 12 मिनट हो गया है।सामाजिक पूंजी से तात्पर्य होता है व्यक्ति का पारिवारिक, सामाजिक व औपचारिक संस्थाओं में विश्वास। व्यक्ति के इस विश्वास को कलमाड़ी, राजा, येदियुरप्पा या अन्य तमाम सत्ता में बैठे भ्रष्ट लोग लगातार कम करते जा रहे हैं। नतीजतन सामाजिक पूंजी लगातार घटती जा रही है। प्रश्न यह है कि जी.डी.पी बढ़ना कलमाड़ियों और राजाओं को जन्म देगा या और उमराव उइके पैदा होंगे। लेखक एन.के सिंह वरि वरिष्ट पत्रकार हैं

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पुराने भोपाल का चौक बाजार बनेगा हेरिटेज बाजार

बचपन की यादों में खो गये मुख्यमंत्री, सब्जी पूड़ी का स्वाद चखा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भोपाल शहर के पुराने चौक बाजार को हेरीटेज बाजार के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि चौक बाजार भोपाल की शान, पहचान और सुगंध है। उन्होंने चौक बाजार में पार्किंग की समस्या को देखते हुए मल्टी पार्किंग और उद्धवदास मेहता बगिया को उपवन के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि चौक बाजार को हेरीटेज बाजार बनाने के लिये परिकल्पना की गयी है। इसे सभी व्यापारियों के साथ साझा किया जायेगा और सबकी सहमति से अंतिम रूप दिया जायेगा। आज यहाँ चौक बाजार में आमसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चौक बाजार सबको साथ लेकर आगे बढ़ने की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने चौक क्षेत्र की बिगड़ी सड़कों के सुधार के लिये दस करोड़ रूपये और हेरीटेज बाजार बनाने के लिये पाँच करोड़ रूपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि काली माता के मंदिर से 6 नम्बर रेलवे प्लेटफार्म तक फ्लाई ओवर बनाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। इसके लिये उन्होंने चौक बाजार के व्यापारियों के सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चौक बाजार को इस तरह विकसित किया जायेगा कि रविवार के दिन राहगिरी डे का आयोजन हो, योग, व्यायाम हो। उन्होंने चौक बाजार के निवासियों से कहा कि वे एक भव्य विरासत के हकदार हैं। इसे छोड़कर कभी न जायें। अपने पुरखों की सम्पत्ति नहीं बेचें।मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने भोपाल के साथ न्याय नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब चौक बाजार संवरेगा, इसकी सुंदरता और निखरेगी। चौक बाजार में मुख्यमंत्री का चौक बाजार व्यापारी संगठनों ने भव्य स्वागत किया। हर दुकानदार स्वागत के लिये उत्सुक था। बैंड बाजों से स्वागत किया। चौक बाजार को दुल्हन की तरह सजाया गया था। लोगों ने उनका फूलों से स्वागत किया। मुख्यमंत्री भी बचपन की यादों में खो गये। उन्होंने अग्रवाल पूड़ी भण्डार, घंटे वाले की रबड़ी, रतलामी हॉटल के पोहे, जलेबी की याद करते हुए कहा कि चौक बाजार भोपाल की शान है। मुख्यमंत्री ने धर्मपत्नी साधना सिंह के साथ अग्रवाल पूड़ी भण्डार पर पूड़ी-सब्जी का स्वाद लिया। राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, सांसद आलोक संजर, विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह भी उनके साथ थे।श्री चौहान ने भोपाल और प्रदेश के लोगों की ओर से भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म-दिन पर उनके दीर्घायु होने की कामना की। सांसद आलोक संजर ने कहा कि पुराना भोपाल गंगा-जमुनी संस्कृति को जिन्दा रखे है।विधायक सुरेन्द्र नाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पूरे प्रदेश का विकास हो रहा है। भोपाल भाजपा अध्यक्ष श्री आलोक शर्मा ने चौक बाजार को हेरीटेज बाजार बनाने के लिये की गई घोषणा के लिये आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भोपाल को ग्लोबल, ग्रीन और स्मार्ट सिटी बनाना मुख्यमंत्री का सपना है। इसमें सबको सहयोग देना होगा।

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अब सुधरेंगे एमपी के नेशनल हाईवे

लम्बे अरसे से खस्ता हाल मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों की दशा सुधारने की दिशा में दिल्ली में केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, लोक निर्माण मंत्री सरताज सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव के साथ एक मैराथन बैठक में ठोस कदम उठाने संबंधी निर्णय लिये। केन्द्रीय श्रम मंत्री एवं ग्वालियर मध्यप्रदेश के सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर बैठक में विशेष रूप से मौजूद थे। इस लम्बी बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष सहित केन्द्र और राज्य के संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्यों में लगी निर्माण कम्पनियों के नुमाइन्दे भी उपस्थित थे।बैठक में मुख्यमंत्री चौहान ने एक-एक कर 9 महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इन सड़कों की मरम्मत पर अपनी तरफ से अब तक 290 करोड़ रुपये व्यय कर चुकी है। उन्होंने इसकी भरपाई केन्द्र से करने का आग्रह किया। बैठक में भोपाल-साँची, ग्वालियर-शिवपुरी, ओबेदुल्लागंज-बैतूल, इंदौर-देवास, खजुराहो-झाँसी, शिवपुरी-देवास, जबलपुर-लखनादौन, रीवा-कटनी-जबलपुर, सीधी-सिंगरौली, शहडोल-कटनी, जबलपुर-मण्डला-चिल्पी, रीवा-सीधी, (एन.एच.75) तथा इंदौर से मध्यप्रदेश को गुजरात से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के लंबित निर्माण कार्यों की सूक्ष्म समीक्षा की गई और निर्माण में आ रहे अवरोधों के निराकरण के व्यावहारिक हल भी सुझाये गये।केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री ने झाँसी-खजुराहो मार्ग को पर्यटन की दृष्टि से अंतर्राष्ट्रीय महत्व का निरूपित करते हुए इसे प्राथमिकता से पूरा करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों के काम को गति देने के साथ विदिशा बाईपास निर्माण की स्वीकृति का अनुरोध किया। श्री गडकरी ने उन्हें आश्वस्त किया कि बाईपास के लिए जैसे ही 90 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत कर ली जाएगी तभी वर्क आर्डर जारी किया जा सकेगा। फिलहाल उन्होंने बाईपास की डी.पी.आर. प्रस्तुत करने को कहा ताकि टेक्निकल स्वीकृति दी जा सके।मुख्यमंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में गाँवों का चयन 2012 की जनगणना के हिसाब से करने तथा 50 मीटर के अधिक के पुलों के लिए भी केन्द्र द्वारा लागत वहन किये जाने का अनुरोध किया। उन्होंने मनरेगा में पक्के एवं स्थायी ढाँचागत सुविधाओं के निर्माण को बढ़ावा देने तथा श्रम एवं सामग्री के अनुपात को 60 : 40 के स्थान पर 40 : 60 किये जाने का भी आग्रह किया।श्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री गडकरी को बताया कि राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी ग्रामीण परिवहन योजना बनाई है। योजना में ग्रामीण बेरोजगारों को गाँवों एवं कस्बों के बीच सार्वजनिक परिवहन सुविधा सुलभ करवाने के लिए 10,000 वाहन देने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर इस योजना को केन्द्र सरकार की सहायता मिले, तो बेहतर होगा।मुख्यमंत्री ने सामाजिक योजनाओं में विकलांग एवं विधवा पेंशन योजनाओं की शर्तों में सुधार करने की माँग की। उन्होंने कहा कि पेंशन की पात्रता के लिए विकलांगों एवं विधवाओं की उम्र की सीमा हटा ली जाय तथा विकलांगता की सीमा भी 80 फीसदी से घटाकर 40 प्रतिशत की जाये।

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सफल रहा आरएसएस का ‘नरेंद्र मोदी प्रयोग’

संजय द्विवेद इस बात पर बहस हो सकती है कि भारतीय जनता पार्टी की इस ऐतिहासिक विजय का सूत्रधार कौन है। टीवी चैनलों की अनंत और निष्कर्षहीन बहसें भी इस सत्य को पूरा उजागर नहीं कर सकतीं। किंतु राजनीति के पंडितों को नरेंद्र मोदी ने 16 मई के अपने बडोदरा और अहमदाबाद के भाषणों में विश्लेषण के अनेक सूत्र दिए। जिसमें सबसे प्रमुख यह कि कांग्रेस पार्टी छोड़कर यह पहली ऐसी सरकार है, जिसमें किसी दल ने अकेले दम पर बहुमत पाया है। वे याद दिलाते हैं कि 1977 की जनता पार्टी की सरकार भी अनेक कांग्रेस विरोधी दलों का गठबंधन ही थी। किंतु परदे के पीछे के नायकों को देखें तो इस जीत ने उन्हें भी मुस्कराने का अवसर दिया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए शायद यह क्षण सबसे अधिक प्रसन्नता का है, जब वह दूसरी बार किसी स्वयंसेवक को भारत जैसे विशाल राष्ट्र का नेतृत्व करता हुआ देख रहा है। किंतु संघ परिवार की खुशी का सबसे बड़ा कारण यह है कि उसके विचार परिवार से जुड़े एक दल ने अपने दम पहली बार बहुमत पाया है। संघ एक ऐसा संगठन है जो राजनीतिक क्रियाकलापों पर मर्यादा में रहते हुए ही अपनी सक्रियता का प्रदर्शन करता है। आप ध्यान दें कि इस चुनाव में अपनी अतिसक्रियता के बावजूद आरएसएस के सरसंघचालक को एक बार कहना पड़ा कि “हमारा काम नमो- नमो करना नहीं हैं।” यह साधारण वक्तव्य नहीं था और यह ध्यान दिलाने के लिए था कि उसके स्वयंसेवक अपनी सीमाएं और मर्यादाएं न भूलें। बावजूद इसके यह मानना पड़ेगा कि इस चुनाव में जैसी सक्रियता संघ और उसके सहयोगी संगठनों ने दिखाई वह अभूतपूर्व थी। इसका श्रेय लेने से वे बचने की कोशिश भी करेंगें और टीवी पर दिखने वाले उनके प्रवक्ताओं में एक वीतरागी विचार भी दिखेगा। किंतु यह तय मानिए कि यह चुनाव दरअसल संघ का खुद का रचा हुआ प्रयोग था जिसमें वह सफल हुआ। भारतीय जनता पार्टी 2004 और 2009 की पराजय से निष्प्राण होकर पड़ी थी। संघ अपनी सीमित राजनीतिक आकांक्षाओं के बावजूद अपने सम्मान और शुचिता को लेकर बेहद सजग संगठन है। कांग्रेस के वाचाल नेताओं द्वारा उस पर किए जा रहे हमले और ‘हिंदू आतंकवाद’ जैसे गढ़े गए नए शब्दों से वह निरंतर आहत हो रहा था। कांग्रेस की इस संघ विरोधी फौज को लगता था कि इससे कांग्रेस अध्यक्षा प्रसन्न होंगीं। जबकि इतिहास की ओर नजर डालें तो जवाहरलाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक संघ नेतृत्व का संवाद कांग्रेस से कभी इतना कड़वाहट भरा नहीं था। संघ परिवार ने कभी सीधे तौर पर नेहरू-गांधी परिवार पर हमले नहीं बोले। जबकि कांग्रेस के ‘सोनिया समय’ में यह सारा कुछ बिगड़ता दिखा।पस्तहाल भाजपा कांग्रेस की ‘बी टीम’ सरीखा व्यवहार कर रही थी। भाजपा नेतृत्व एक गहरी दिशाहीनता का शिकार था और सत्ता जाने की व्याकुलता उसमें साफ दिखती थी। लालकृष्ण आडवानी जैसे शीर्ष नेता उसके कांग्रेसीकरण पर चिंताएं तो जता रहे थे पर बिखर रहे परिवार को लामबंद कर पुनः खड़ा करने के आत्मविश्वास से वे खाली थे। ऐसे में संघ प्रमुख मोहन भागवत का एक वक्तव्य आता है कि भाजपा का अगला अध्यक्ष दिल्ली से नहीं होगा जिसे उन्होंने डी-4 नाम दिया था। यह दरअसल संघ के मैदान में उतरकर खड़े होने और देश को सरकारविहीनता और अराजकता से मुक्त कराकर एक समर्थ नेतृत्व एवं सरकार देने की दिशा में एक शुरूआत थी। इसके पूर्व 1975 के आपातकाल विरोधी आंदोलन में अपनी सक्रियता से संघ ने 1977 में जनता पार्टी सरकार बनाने में योगदान दिया था। लंबे समय बाद उसकी सक्रियता राममंदिर आंदोलन में नजर आई जब अटलजी को सरकार बनाने का अवसर मिला। किंतु राजग ने उसके सपनों पर पानी फेर दिया। वाजपेयी की सरकार से संघ के मतभेद आर्थिक नीतियों सहित अनेक मामलों पर सामने दिखने लगे थे। ऐसे में संघ ने अपने को अपनी गतिविधियों तक सीमित कर लिया और राजनीतिक विमर्शों से एक मर्यादित दूरी दिखाने लगा। एक अराजनैतिक और सांस्कृतिक संगठन होने के नाते उसकी गतिविधियों का समाज जीवन पर व्यापक प्रभाव है। इसे देखते हुए कमजोर भाजपा के बजाए कांग्रेस के कुछ नेता संघ को ही निशाने पर लेने लगे। इसी दौर में ‘हिंदू आतंकवाद’ शब्द को प्रायोजित किया गया और संघ को एक ऐसे खतरे की तरह प्रस्तुत किया जाने लगा कि जिसके बढ़ते प्रभाव से देश टूट जाएगा। संघ की ओर से मुस्लिम संपर्क का काम देखने वाले इंद्रेश कुमार जैसे प्रचारकों पर आरोप लगाने के प्रयास हुए और बम धमाकों में अनेक निर्दोष स्वयंसेवकों को फंसाने की कोशिशें हुयीं। यह सारा कुछ इतने सधे हुए अंदाज में हो रहा था कि लगने लगा कि गृह मंत्रालय एक गलत विषय को जनता के बीच स्थापित कर ले जाएगा। राजनीति के इस घिनौने स्वरूप के खिलाफ संघ की चिंताएं सामने आ रही थीं किंतु उसका स्वयं का पोषित संगठन भाजपा पस्तहाल था। काडर निराश था और ऐसे समय में दिल्ली में नितिन गडकरी की ताजपोशी के माध्यम से संघ ने एक नया मार्ग पकड़ने के लिए भाजपा को प्रेरित किया। बाद में नितिन गडकरी को कुछ आरोपों के चलते दूसरा कार्यकाल न मिल सका और राजनाथ सिंह को यह काम सौंपा गया। आप देखें तो भाजपा में यह करना साधारण नहीं था। दिल्ली की राजनीति में अरसे काबिज राजनेता नए नेतृत्व को स्वीकारने को तैयार नहीं थे। कांग्रेस पर हमला करने और स्वयं को वास्तविक प्रतिपक्ष साबित करने में भाजपा विफल हो चुकी थी। भाजपा संगठन में बदलाव के बाद एक ऐसे चेहरे की तलाश थी जो संघ के प्रयोग को अंजाम तक ले जा सके। तमाम असहमतियों के बावजूद संघ ने साहस दिखाकर नरेंद्र मोदी को भाजपा के केंद्र में स्थापित कर दिया। भाजपा के भीतर रूठने-मनाने और पत्र लेखन के सिलसिले के बावजूद संघ ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की सलाह भाजपा को दी। समय ने साबित किया संघ ने जो निर्णय लिया था वह कितना सकारात्मक और भाजपा के लिए वरदान साबित हुआ। इस बीच दिल्ली में हुए बाबा रामदेव, अन्ना हजारे के आंदोलनों ने एक नई उर्जा का संचार किया और देश में व्यापक असंतोष का सृजन हुआ। कांग्रेस की सरकार की विफलताएं, मंत्रियों के बड़बोलेपन और अहंकारजन्य प्रस्तुति ने इस असंतोष को बढ़ाने का ही काम किया। नरेंद्र मोदी का नेतृत्व पाकर भाजपा का सोया हुआ काडर जाग उठा। उसमें उम्मीदें हिलोरें लेने लगीं। संघ ने अपने रणनीतिकारों भैया जी जोशी, सुरेश सोनी, दत्तात्रेय होसबाले, डा.कृष्णगोपाल, मनमोहन वैद्य,राम माधव की क्षमताओं का पूरा उपयोग करते हुए विविध क्षेत्रों की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी। संघ के क्षेत्र प्रचारकों ने अपने-अपने राज्यों में तगड़ी व्यूह रचना की और माइक्रो मानिटरिंग से एक अभूतपूर्व वातावरण का सृजन किया। चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने और शत प्रतिशत मतदान के लिए संपर्क का तानाबाना रचा गया। जिसका परिणाम है कि सूदूर कन्याकुमारी से लेकर लद्दाख से भी भाजपा के सांसद चुनकर संसद में पहुंचे हैं। संघ के काडर की सक्रियता ने देश में जहां मत प्रतिशत बढ़ाने में मदद की, वहीं नरेंद्र मोदी के समझौताविहीन और आक्रामक तेवरों ने सामान्य मतदाताओं के भीतर भरोसा जगाया। नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व को गढ़नेवाला संघ ही उन्हें अब एक नायक के रूप में पेश कर रहा था, जिसके पास आधुनिक भारत की चुनौतियों और समस्याओं का समाधान था। 2002 से हमले झेल रहे नरेंद्र मोदी का चयन वास्तव में संघ के लिए एक बहुत बड़ा जुआ था, जिसमें हारने पर भाजपा के लिए एक बड़ा संकट खड़ा होता और कम सीटें आने से भाजपा फिर उसी दौर में पहुंच जाती जहां समझौते, समर्पण और चयनित दृष्टिकोण से राजनीति की जाती है। बिहार से आए नीतिश कुमार जैसे नेताओं के विरोध को दरकिनार कर संघ ने एक नई सामाजिक अभियांत्रिकी का पूरा ताना-बाना बुना जिसमें उप्र और बिहार को अपनी राजनीति का केंद्र बनाया। यह तथ्य सामने उजागर नहीं हैं कि किसने नरेंद्र मोदी को बनारस से लड़ाने का फैसला किया किंतु इस एक घटना ने भाजपा को चुनाव-युद्ध के केंद्र में ला दिया। संघ परिवार ने जहां अपने खांटी स्वयंसेवक और पूर्व प्रचारक को मैदान में उतारा वहीं भाजपा के विरोधियों के पास मोदी विरोध के किस्से तो थे किंतु विकल्प नदारद था। नरेंद्र मोदी ने भी कांग्रेस और गांधी परिवार के प्रति रियायत न बरतते हुए अपने राजनीतिक विरोधियों की हर गलत बात पर सवाल खड़े किए। वे चुनाव अभियान के ऐसे नायक बने जिसे सुनने को लोग उमड़ रहे थे। अपने भाषणों से वे जनता को राजनीतिक तौर पर प्रशिक्षित कर रहे थे। यूं लगा कि समय का चक्र काफी पीछे घूम गया है, जब अपने नेताओं के सुनने-देखने के लिए लोग दूर-दूर जाया करते थे। मोदी को लेकर पैदा हुयी दीवानगी अकारण नहीं थी। यह संघ की कार्यशाला में पके हुए एक ऐसे व्यक्ति के प्रति जनविश्वास का प्रगटीकरण था जिसके मित्र और शत्रु प्रकट थे, जो अपने विचारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को छिपाता नहीं था, जो परंपरा और आधुनिकता को एक साथ साधते हुए 21वीं सदी के भारत का नायक बनने की क्षमता से लैस था। वह एक ऐसा नायक था जो अपनी विरासत और परंपरा को हिकारत से नहीं देख रहा था। जो मां के चरण छू-कर हर काम की शुरूआत तो करता था, किंतु परिवार के मोह से मुक्त था। जिसने उसे मिले हुए हर काम को पूरी तनदेही से पूरा किया और आगे की मंजिल पर निगाह रखी। युगों में ऐसे करिश्मे घटित होते हैं। भारतीय राजनीति में करिश्माई व्यक्तित्व के रूप में पं. नेहरू, इंदिरा गांधी, अटलबिहारी वाजपेयी और उसके बाद कौन तो आपको नरेंद्र मोदी ही याद आएंगें। नरेंद्र मोदी ने यह सब करते हुए भी अपने विचार के प्रति आग्रहों को कभी छुपाया नहीं। वे अपने विचारों के प्रति ईमानदार,कार्य के प्रति समर्पित और एक बेहद मेहनती इंसान हैं। इसलिए जब उन्होंने खुद को एक मजदूर नंबर-1 बताया तो किसी को आश्चर्य नहीं हुआ। अपने साधारण जीवन, अप्रतिम वकृत्व कला, विचारधारा के प्रति समर्पण और टीम भावना ने उन्हें यहां तक पहुंचाया है। याद कीजिए पस्तहाल भाजपा के बारे में कभी संघ प्रमुख ने कहा था कि "भारतीय जनता पार्टी में जो कुछ हो रहा है वह ठीक नहीं है। ...भाजपा का पतन नहीं हो सकता, उसमें राख से उठ खड़े होने का माद्दा है।” आज इतिहास की इस घड़ी में जब नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री चुने जा चुके हैं तो राजनीतिक पंडितों को संघ के इस ‘नरेंद्र मोदी प्रयोग’ को ठीक से समझने और व्याख्यायित करने की आवश्यकता है।

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आपदा प्रभावित किसानों की राहत राशि में वृद्धि

मध्यप्रदेश में प्राकृतिक आपदा में हुई फसलों की क्षति तथा पालतू पशु पक्षियों की मृत्यु पर राहत राशि बढ़ायी गयी है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे ओला प्रभावित किसानों को बढ़ी हुई राहत राशि तत्काल उपलब्ध करायें। वे भोपाल मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कमिश्नर, कलेक्टर से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने आज पाँच जिलों में ओला प्रभावित गाँवों का दौरा किया और किसानों से चर्चा की। ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, मुख्य सचिव आर.परशुराम और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि हाल ही में ओलावृष्टि से 31 जिलों के 2 लाख 48 हजार किसानों कि फसलों को नुकसान हुआ है। फसल नुकसान का प्रारंभिक आंकलन 893 करोड़ रूपये है।मुख्यमंत्री ने पशुओं की क्षति होने पर 16 हजार 500 रूपये राहत राशि देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्याज आलू मसाले और ईसबगोल के नुकसान पर भी 25 हजार प्रति हेक्टेयर राशि दी जायेगी।पहले इसबगोल राजस्व पुस्तक परिपत्र में शामिल नहीं थी। बढ़ी राहत राशि फरवरी 2013 से प्रभावी मानी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों की पूरी फसलें खराब हो गई हैं यदि वे चाहे तो उन्हें अगले चार माह के लिये बीपीएल दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जायेगा। मुख्यमंत्री ने संभागायुक्तों और कलेक्टरों को इसके लिये व्यवस्थाएँ करने के निर्देश दिये हैं।मुख्यमंत्री ने गेहूँ, चना आदि फसलों के 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान होने पर 15 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से राहत देने के निर्देश दिये हैं। ऐसे किसानों को राहत के लिये उनका अल्प कालीन ऋण मध्यकालीन ऋण में बदला जायेगा।मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों और कमिश्नरों को राहत वितरण के लिये समय बद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश देते हुये कहा कि फसल नुकसान का सर्वेक्षण जल्दी पूरा करें और प्रकरण बनाये। उन्होंने बताया कि ओला प्रभावित क्षेत्रों के किसानों के बिजली बिल माफ कर दिये गये हैं। राहत राशि वितरण में तेजी लाने के लिये तहसीलदारों के माध्यम से वितरण की व्यवस्था की जा रही है। अब तक प्रभावित जिलों को 169 करोड़ रूपये की राहत राशि जारी की जा चुकी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सब्जियों को हुये नुकसान का आंकलन कर राहत राशि जारी की जाये। पान की फसल के नुकसान में 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि देने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने गर्मी के मौसम में ली जाने वाले सफलों के तैयारी के संबंध में और पर्याप्त बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। श्री चौहान ने कहा कि प्रभावित किसानों को तीसरी फसल के लिये मानसिक रूप से संबल और सहयोग देने की आवश्यकता है। फसल नुकसान एक संवेदनशील विषय है। राज्य सरकार किसानों साथ खड़ी है।मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रभावित किसानों को ज्यादा से ज्यादा राहत दिलाने के लिये कृषि बीमा योजना का पूरा लाभ दिलायें और उनके बीमा प्रकरण बनाने का काम पूरी प्रशासनिक दक्षता के साथ करे। उन्होंने हरदा जिले का उदाहरण देते हुये कहा कि प्राथमिक दक्षता और सतर्कता के कारण किसानों को 130 करोड़ रूपये की कृषि बीमा राशि उपलब्ध हुई। यह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि फसल कटाई प्रयोग की प्रतीक्षा न करते हुये प्रभावित खेतों का फोटो ग्राफी और वीडियोग्राफी करें ताकि कृषि बीमा की लेने का दावा मजबूत हो। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिता के साथ पूरा करने के निर्देश दिये।

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