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सिवनी News


MAHUA KA PED

महुआ पेड़ के दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालु   आधुनिकता की ओर बढ़ते देश में अभी भी अंधविश्वास ने अपने पैर पसार रखे |  ऐसा ही एक अन्धविश्वास का किस्सा लखनादौन से सामने आया हैं  | जहाँ महुआ का पेड़ में अचानक लोगो की आस्था जग गई हैं  | मगर यह आस्था अब अंधविश्वास में बदल जाने से मुसीबत बन गई है  |  बड़ी संख्या में श्रद्धालु महुआ के पेड़ के दर्शन करने लखनादौन पहुंच रहे है | आस्था के नाम पर पेड़ के आस पास लोगों ने अपना व्यापार शुरू कर दिया है  |    सिवनी के  लखनादौन विकासखंड के  ग्राम पंचायत  मोहगांव में  एक महुआ का पेड़ विगत 2 दिनों से आस्था या यूँ कहे की अन्धविश्वास का केंद्र बना हुआ है  | इस अंधविश्वास के चलते यहाँ दिन रात लोग भरी संख्या में पहुँच रहे हैं  |  गौरतलब है की  होशंगाबाद में भी पिछले दिनों कुछ शरारती तत्वों ने अफवाह उड़ाई थी की |  की  महुआ के पेड़ को छूने से सभी बीमारियां दूर हो जाती है   |   जिसके बाद वहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु महुआ के पेड़ को छूने पहुंचने लगे थे  | और प्रशासन को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था | लखनादौन में  अंधविश्वास के चलते  महुआ के पेड़ के आसपास  हजारों की तादाद में  | भोले भाले आदिवासी किसान अपनी तकलीफ लेकर पेड़ के दर्शन करने पहुँच रहे है  |  बताया जा रहा है  कि बढ़ती भीड़ के कारण | ग्राम पंचायत मोहगांव  द्वारा  जो लग पहुँच रहे हैं उन्हें परेशानी ना हो इसके लिए  पेयजल हेतु टैंकर की व्यवस्था कर दी गई है  | और वहां दुकाने भी शुरू हो गयी हैं  जिसमे  |  भक्तों के लिए पूजन प्रसाद के लिए नारियल के साथ ही  | चाय नाश्ते के लिए कैंटीन भी शामिल हैं   |  आस्था के नाम पर व्यापार किया जा रहा है |  हैरानी वाली बात यह है की इस बारे में पुलिस प्रशासन को कोई जानकारी नहीं है   इस बारे में सयकोलॉजिस्ट डॉक्टर मीनल दुबे का कहना है की |  लोगों की आस्था के कारण लोग वहा जा रहे है |  जब कभी एक व्यक्ति अपने बिलीव के कारण ठीक हो जाता है  |  तो उसके कारण बहोत से लोग उनसे जुड़ जाते है |   

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 MadhyaBharat  10 December 2019

 MATR SHAKTI SANGTHAN

पुलिस की कार्यवाही का मातृशक्ति संगठन ने किया समर्थन    हैदराबाद पुलिस द्वारा बलात्कार व हत्या के चारों आरोपियों को एनकाउंटर करने की कार्यवाही का   | मातृशक्ति संगठन , यूथ विंग समर्पण युवा संगठन  ने खुलकर समर्थन किया हैं  |  देश की बेटी के साथ घटित हैवानियत का गम तो भूलने लायक नहीं है पर हैवानों को दी गई सजा ने इस दुख को थोड़ा सा हल्का किया है  |  मातृशक्ति संगठन यूथ विंग समर्पण युवा संगठन सिवनी मध्यप्रदेश ने   |  कहा की हैदराबाद पुलिस की इस कार्यवाही का हम खुलकर समर्थन करते है  | और हैदराबाद पुलिस को लाखों सलाम करते है  | जब जब इस दुनिया मे अत्याचार बढ़ें हैं तब तब उनका अंत करने किसी न किसी हुतात्मा को अवतरण लेना पड़ा है  | महिला डॉ के साथ हुई हैवानियत से पूरी दुनिया भी रोइ और आंसू पोंछने का पहला कदम उठाया हैदराबाद पुलिस ने  |  देश के कोने कोने में महिला डॉ को श्रद्धांजलियां दी गई  | लेकिन सच्ची श्रद्धांजलि महिला डॉ के गुनाहगारों को उनकी करनी की सजा हैदराबाद पुलिस द्वारा एनकाउंटर करके दी गई |   इस कार्यवाही से पीड़िता के परिवार सहित सारा देश  खुश है |  देश की बेटी के साथ घटित हैवानियत का गम तो भूलने लायक नहीं है |  पर हैवानों को दी गई सजा ने इस दुख को थोड़ा सा हल्का किया है |  देश भर में हैदराबाद पुलिस की जीत को बधाइयां मिल रही हैं सारा देश खुशी के आंसू लिए देश की बेटी प्रिंयका को याद कर रहा है  |  इस दौरान सिवनी के मातृशक्ति संगठन यूथ विंग समर्पण युवा संगठन द्वारा नगर के प्रमुख मार्ग कचहरी चौक में एकत्रित होकर आतिशबाजी की ओर मिठाईया बाटी एवं मार्ग पर तैनात पुलिस बल को भी मिठाई भेंट कर पुलिस प्रशासन जिंदाबाद के नारों के साथ |  संगठन ने मौजूदा सरकार से यह पुनः मांग  कि  | की फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट का सही अर्थ यही है ताकि इस तरह की हैवानियत हमारे देश मे दोहराई न जाये जल्द ही सरकार बलात्कार जैसी घटानाओं पर कड़ा रुख अपनाएं |     

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 MadhyaBharat  7 December 2019

 ATIKRAMAN

सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करने वालों पर कार्यवाई   सिवनी में कलेक्टर के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने  अतिक्रमण हटाने की  ताबड़ तोड़ कार्यवाई की  |  प्रशासन ने सभी स्थाई और अस्थाई अतिक्रम को हटा दिया  |  कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए कहा की अगर कोई शासन की जमीन पर अतिक्रमण करेगा  |  तो  उस पर कानूनी  कार्यवाई की जाएगी  |  सिवनी में गांधी भवन इलाके से शुरुआत कर बस स्टैंड, दुर्गा चौक, शुक्रवारी,नेहरू रोड की सड़क  से  अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई  |  जिले के कलेक्टर प्रवीण सिंह अढ़ायच ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को इस  इसके लिए  निर्देश दिए जारी किये थे  |  जिसके बाद  खुद कलेक्टर की देख रेख में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रारम्भ की गई  |  प्रशासन द्वारा रास्ते मे किये गए सभी स्थायी अस्थायी अतिक्रमण को हटा दिया गया  | अतिक्रमण हटाओ मुहिम के दौरान भारी मात्रा में पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे  |  अतिक्रमणकारियों ने प्रशासन की इस कार्यवाई पर आपत्ति जाहिर  करते हए कहा की  |  प्रशासन ने बिना कोई नोटिस दिए कार्यवाई की है  |  जो की सही नहीं है  | वो अतिक्रमण हटाने की  कार्यवाही का समर्थन तो करते है लेकिन  प्रशासन को उन्हें दुकानें हटाने का उचित अवसर देना था  |  इस पूरे मांमले में कलेक्टर ने बताया की  |  कार्यवाई  निष्पक्ष तौर पर की जा रही है  | और शासकीय जगह पर जिन्होंने अतिक्रमण किया है  | उनको ही हटाया जा रहा है  | नगर पालिका द्वारा पहले भी नोटिस दिया गया था  | लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया  | अतिक्रमण हटाने की कार्यवाई   प्राशसन द्वारा  लगातार जारी रहेगी  |  और पुनः शासकीय जमीन पर अतिक्रमण करते पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी  |         

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 MadhyaBharat  30 November 2019

 TENDUA KI MAUT

तेंदुए के लिए काल बनते जा रहे है हाइवे के ट्रक   लखनादौन - नरसिंहपुर के  बीच आमानाला के पास फोरलेन पर अज्ञात वाहन की टक्कर से तेंदुआ की मौत हो गई   |  इसके पूर्व भी इसी फोरलेन पर दो तेंदुआ की मौत हो चुकी है  |  वन अधिकारीयों ने बताया कि वाहन से टकराकर ही तेंदुए की मौत हुई है  |  सिवनी के पास फोरलेन सड़क पर फिर एक तेंदुआ मारा गया है   |  वन परिक्षेत्र अधिकारी दिनेश यादव ने घटना की पुष्टि  की और बताया वन अमला मौके पर पहुंचा और घटना का जायजा लिया   | . बीती रात  इस दुर्घटना के बाद सुबह पशु चिकित्सा दल की टीम घटना  पहुंची और मौका मुआयना किया   | और  तेंदुए की मौत का कारन किसी भारी वाहन से टकराने को बताया  | .इसी इलाके में ये इस तरह तेंदुए की मौत की तीसरी घटना है  |  वहीं दूसरी ओर लगातार वन्यजीवों की  मौत के विरुद्ध मंगवानी वन विभाग के डिपो के सामने समाजसेवियों के धरना प्रदर्शन किया  .| आंदोलनकारियों का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा में वन विभाग पूरी तरह से नाकाम है   | यह तीसरी घटना है जब सड़क दुर्घटना में तेंदुआ की मौत हुई है और वन विभाग इस दिशा में कोई कारगर पहल नहीं कर पा रहा है  |                                 

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 MadhyaBharat  23 October 2019

 MILAVAT KHORI

पेट्रोल पम्प पर हंगामा   मिलावट खोरो के खिलाफ सरकार सख्त होने की बात तो करती है पर सख्ती करती  कहीं  नज़र ही नही आती  |  सिवनी के एक पेट्रोल पम्प से गाड़ियों में पानी मिला पेट्रोल डाला गया  |  जब लोगों ने हंगामा किया तो पेट्रोल पम्प संचालक ने अपनी गलती मानी   |  लोगों के हंगामे के बाद प्रशासन ने इस पेट्रोल पम्प को सील किया   |  सड़क पर दौड़ती गाड़ियां अचानक बीच सड़कों पर बंद होना शुरू हुईं   | एक दो गाड़ियों से शुरू हुआ यह सिलसिला   30  -40 तक पहुँच गया मैकेनिकों ने सभी गाडी वालों को बताया कि गाडी में पेट्रोल की जगह पानी डाला गया है   | रात में गाड़िया बन्द होने से कई वाहन सवार  परेशान हो कर उस पेट्रोल पम्प पर पहुंचे जहाँ से पेट्रोल लिया था  | सभी वाहनों को चैक करने पर पेट्रोल टैंक से  पानी निकला  |  लखनादौन के इस पेट्रोल पम्प  पर जमकर हंगमा हुआ | शुरू में तो पम्प संचालक अपनी गलती मानने को तैयार नहीं था लेकिन जब उससे पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ी तो उसने अपनी गलती मानी और सब की गाड़ियां ठीक करवाने का आश्वासन देकर मामले को रफा दफा करने की कोशिश की  |  लोगों के हंगामे के बाद प्रशासन की नींद खुली और लखनादौन के   घँसौर नागपुर चौराहे पर  स्थित सुहाने पेट्रोल फिलिंग सेंटर को आधी रात को सील कर दिया गया  | देर रात को हंगामे के बीच कई बाइक संचालकों ने पेट्रोल लेने के बाद मौके पर ही बोतल में पेट्रोल भरकर दिखाया कि किस तरह से मिलावटी पेट्रोल ग्राहकों को थमाया जा रहा है  |  उपभोक्ताओं का आक्रोश इतना था कि वे उग्र हो गए  |    लोगों का कहना है ये  सीधे टेंक में पेट्रोल डलवाने के कारण यह पता नहीं लगता कि पेट्रोल कैसा है लेकिन जब बाइक को सर्विस सेंटर पर ले जाया जाता है तब मिस्त्री बताते हैं कि मिलावटी पेट्रोल के कारण इंजन में खराबी आई है  |     

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 MadhyaBharat  21 October 2019

 ACCIDENT

ड्राइवर की गलती से हो जाता बड़ा हादसा   सिवनी से मंडला जा रही बस ने एक बाइक को टक्कर मार दी  | जिसके बाद बस में आग लग गई  |  आनन-फानन में मुसाफिर बस से नीचे उतर गए वर्ना ड्राइवर की गलती से  बड़ी जनहानि हो सकती थी  |  सिवनी से मंडला जा रही यात्री बस में बरेलीपार गांव के पास एक हादसे के बाद आग लग गई  | आग लगते ही बस धू-धूकर जलने लगी  |   गनीमत रही कि हादसे के बाद सभी मुसाफिर वक्त रहते नीचे उतर गए  |  वरना बड़ी जनहानि भी हो सकती थी  | बस सिवनी से मंडला जा रही थी तभी बरेलीपार गांव के पास एक बाइक सवार को बस ने टक्कर मार दी  | इसके बाद ड्राइवर बस को लेकर भागने लगा  |  इसी दौरान बाइक बस के नीचे फंस गई और ड्राइवर 8 किलोमीटर तक ऐसे ही बस को  दौड़ाता रहा  | इसी दौरान बाइक से चिंगारी निकलने लगी  और  देखते ही देखते ही आग भड़क गई और बस के अगले हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया  | कुछ देर के भीतर ही बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई  | इस हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई  | हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचीं और हालात को काबू किया  |   

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 MadhyaBharat  10 September 2019

 RASHTRAPATI

विभाग के अधिकाकियों  कर्मचारियों से हैं प्रताड़ित    अपने ही विभाग के अधिकारीयों और कर्मचारियों की प्रताड़ना से तंग आकर  | एक महिला ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी हैं | अपने हक़ के लिए पिछले दो सालों से लड़ रही महिला को जब हर स्तर से असफलता मिली तो उसने थक कर प्राण त्यागने की बात कही हैं   | मुख्यमंत्री कमलनाथ को भी पीड़िता ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि  | प्रदेश के सिवनी जिले में निवासरत मैं भी आपकी आदिवासी बेटी हूं और दो सालों से न्याय के लिए तरस रही हूं। आपको बताते हैं की क्या है पूरा मामला    |  कामकाजी महिला कर्मचारियों के साथ हो रहे अत्याचार और उत्पीड़न को उजागर करने वाला यह शर्मनाक मामला आदिम जाति कल्याण विभाग सिवनी का है   "|  जिसमे एक पीड़िता ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है  |  राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु के लिए पत्र लिखने का मामला सामने आने के बाद आदिम जाति कल्याण विभाग में हड़कंप मचा हुआ है   | और मामले को दबने के प्रयास किए जा रहे हैं  |  पीड़ित महिला कर्मचारी ने ट्वीटर में भी इस मामले को सार्वजनिक किया है   | जो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है  | मामला सामने आने के बाद सहायक आयुक्त पर सवाल उठ रहे हैं  |  राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र के मुताबिक पीड़ित महिला कर्मचारी की अनुकंपा नियुक्ति सहायक ग्रेड तीन के पद पर हुई थी   |  9 सितम्बर 2017 को विभाग में ही पदस्थ सहायक ग्रेड तीन कर्मचारी सुधीर राजनेगी ने महिला कर्मचारी के शासकीय आवास में घुसकर महिला के साथ छेड़खानी, अभद्रता की और जान से मारने की धमकी दी  |  जिसके बाद पीड़ित महिला कर्मचारी ने कोतवाली में मामला दर्ज करवाया और सहायक आयुक्त सतेंद्र मरकाम से शिकायत कर कर्मचारी सुधीर राजनेगी के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की  |   लेकिन आज तक उक्त कर्मचारी पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। बल्कि, उल्टे उसकी पोस्टिंग भी महिला कर्मचारी के नजदीकी कार्यस्थल पर कर दी गई  |    पीड़ित महिला का आरोप हैं  कि सहायक आयुक्त अपनी पहुंच का उपयोग करते हुए इस मामले को दबा रहे हैं  | उन्होंने मामले को दबाने और साक्ष्य खत्म करने के लिए मेरा तबादला जानबूझकर घंसौर कर दिया है  | जो गलत है |  मैंने इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों, कलेक्टर सहित जिले के प्रभारी मंत्री से भी की, लेकिन आज तक मुझे न्याय नहीं मिला |   लिहाजा मुझे राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु मांगनी पड़ रही है  |  प्रदेश के |   

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 MadhyaBharat  4 September 2019

 BARISH ANUSTHAN

मेंढक-मेंढकी की हुई  शादी धूमधाम से  निकाली मेंढक की बारात    एक तरफ तो देश के कई हिस्सों में  बारिश के चलते जान जीवन अस्त वयस्त हुआ है वही दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में अब  तक बारिश ने दस्तक नही दी है  तेज गर्मी से शहरी इलाकों  में बुरा हाल है तो वही दूसरी तरफ ग्रामीण अंचलों में बारिश के इंतज़ार में  किसान का बुरा  हाल हो चुका है  इस कारण कहीं अनुष्ठान किये जा रहे हैं तो कहीं मेंढक मेंढकी की शादी    बारिश के न होने के चलते मध्यप्रदेश के सिवनी नगर के ढीमर समाज ने मछली मार्किट बन्द कर बारिश के लिए सिवनी नगर में  बारात निकालकर मेंढक-मेंढकी की शादी कराई, साथ ही मठ मंदिर में अनुष्ठान भी किया  इस आयोजन के पीछे मान्यता है कि मेंढक-मेंढकी की शादी कराने से इंद्रदेव प्रसन्न हो जाते है जिससे अच्छी बारिश होती है   अच्छी बारिश की कामना के साथ  समाज के ही कुछ छोटे बच्चों को नग्न अवस्था में  घुमाया गया  इन बच्चों और  मेंढक के साथ पूरे क्षेत्र वासियो ने पहले पूजा-अर्चना की  और फिर  मेंढक की बारात निकाली गई   यह बारात  शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुची जिसके बाद वापस  मंदिर पहुचकर समाज के लोगो ने पूजा अर्चना कर अनुष्ठान किया  बारात से लेकर मंदिर पहुंचते तक लोग  मेंढक-मेंढकी को पानी भी पिलाते रहे  ताकि वे जिंदा रह सके और उनकी शादी हो सके  मेंढक को तरसा-तरसा कर पानी पिलाने के पीछे मान्यता है कि मेंढक जितना तड़पते हैं, भगवान इंद्र देव को उतना ही दर्द होता है   मेंढक की इस तड़पन को दूर करने के लिए भगवान इंद्रदेव बारिश करने लगते हैं   

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 MadhyaBharat  22 July 2019

सुलोचना

सिवनी जिले के ग्राम जमुनिया की 13 वर्षीय बालिका सुलोचना अक्सर बीमार रहती थी। कुछ नासमझी और कुछ आर्थिक स्थिति के कारण उसका कभी  ढंग का इलाज नहीं हुआ। सुलोचना की किस्मत कहिये कि एक दिन आरबीएसके की टीम गांव पहुँच गई। टीम ने जाँच में सुलोचना को गंभीर हृदय रोग से ग्रसित पाया। जिला प्रशासन की मदद से 24 जुलाई को नागपुर के श्रीकृष्णा हास्पिटल में उसकी हार्ट सर्जरी हुई। ऑपरेशन तो सफल रहा पर सुलोचना ठीक से अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही थी। उसका स्कूल जाना भी बंद हो गया। माता-पिता हैरान-परेशान थे। लगभग एक साल तक ऐसी ही स्थिति में रहने से सुलोचना का मनोबल गिरने लगा था। उपचार के दौरान होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. तारेन्द्र डेहरिया ने सुलोचना और उसके माता-पिता को ढांढस बंधाया कि होम्योपैथिक इलाज से वह ठीक हो सकती है। डॉ. डेहरिया ने 6 माह तक सुलोचना का नि:शुल्क उपचार किया। अब सुलोचना अपने पैरों पर खड़ी होने के साथ ही चलने भी लगी है। डॉक्टर का विश्वास है कि जल्दी ही सुलोचना दौड़ने और खेलने-कूदने लगेगी।

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 MadhyaBharat  18 August 2018

narmda

  घंसौर में "नमामि देवी नर्मदे'' यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री    मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण के लिये 'नमामि देवी नर्मदे'' सेवा यात्रा देश का अब तक का सबसे बड़ा जन-अभियान है। श्री चौहान यात्रा के चौदहवें दिन सिवनी जिले के घंसौर में जन-संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह राजनीतिक नहीं, सामाजिक सरोकार से जुड़ी यात्रा है। उन्होंने कहा कि गर्मी में नर्मदा की जलधारा दुर्बल और पतली हो जाती है। चूँकि नर्मदा किसी ग्लेशियर से नहीं निकलती, बल्कि इसकी जलधारा विंध्याचल और सतपुड़ा के वृक्षों द्वारा अवशोषित जल से छोड़ी गयी बूँदों से बनती है। इसलिये यह जरूरी है कि नर्मदा के दोनों तट पर वृक्षारोपण किया जाये, ताकि नदी का जल-स्तर बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के दौरान वन और राजस्व की जमीन पर वृक्षारोपण किया जायेगा। साथ ही निजी भूमि पर किसानों द्वारा वृक्षारोपण करने पर उन्हें 3 साल तक 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा राशि दी जायेगी और मनरेगा के तहत मजदूरी भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि वृक्ष लगाने पर 40 प्रतिशत सबसिडी भी दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने लोगों का आव्हान किया कि वे नर्मदा नदी को शुद्ध और पवित्र बनायें। शौच क्रिया, शव-विसर्जन, केमिकल युक्त मूर्तियाँ विसर्जित न करें। जन-संवाद कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, परिवार कल्याण एवं लोक स्वास्थ्य राज्य मंत्री तथा सिवनी जिले के प्रभारी श्री शरद जैन, सांसद श्री बोधसिंह भगत, गौ-संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद तथा स्वामी प्रज्ञानंद उपस्थित थे।        

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 MadhyaBharat  25 December 2016

बाघ शिकारी गिरफ्तार

मध्यप्रदेश वन विभाग की एसटीएफ टीम ने 22 अक्टूबर को कान्हा टाइगर पार्क में मारे गये बाघ के शिकारियों को ढूँढ निकाला है।  टीम ने 6 शिकारी देवी सिंह, धीर सिंह, ज्ञान सिंह, सुंदरलाल, धर्म सिंह और छोटेलाल को मानेगाँव से गिरफ्तार कर धीर सिंह के घर से बाघ को मारने में उपयोग किये गये बिजली के तारों को भी बरामद किया। शिकारियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। शिकारियों ने क्षेत्र संचालक  पंकज शुक्ला को बताया कि उनका बाघ को मारने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने मानेगाँव के पास जंगली सुअर या चीतल को मारने के इरादे से बिजली के तार बिछाए थे, जिसमें दुर्भाग्य से बाघ फँस गया। बाघ के मरने से वे बहुत भयभीत हो गये और उसके शव को घसीटकर लेंटाना की झाड़ियों में छुपा दिया। इसके बाद देवी सिंह और छोटेलाल ने बाघ के चारों पंजे काटे, ताकि उन्हें बेचकर पैसा कमाया जा सके। इतने में एसटीएफ की टीम खोजी कुत्तों के साथ वहाँ पहुँच गयी। पकड़े जाने के डर से देवी सिंह ने चारों पंजे बंजर नदी के पास पहुँचकर एकांत में जला दिये, लेकिन खोजी कुत्तों और प्राप्त जानकारी के आधार पर टीम वहाँ भी पहुँच गयी और अपराधियों को धर पकड़ा। वन विभाग की टीम को देवी सिंह ने वह जगह भी दिखायी, जहाँ उसने कटे पंजों को जलाया था। पैरों के अधजले अंग भी टीम ने बरामद किये।

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 MadhyaBharat  26 October 2016

कान्हा में शुरू होगी नाइट सफारी

कान्हा नेशनल पार्क में दिन के समय पार्क भ्रमण का आनंद तो लोग लेते ही हैं लेकिन अब जल्द ही पार्क में नाइट सफारी का भी लुफ्त ले सकेंगे। इस सीजन से कुछ हटकर करने के लिए प्रबंधन ने नाइट सफारी का प्रस्ताव शासन को स्वीकृति के लिए भेजा है।  प्रबंधन ने उम्मीद जताई है कि यह प्रस्ताव स्वीकृत होते ही निश्चित रूप से पर्यटकों का रूझान कान्हा में जबर्दस्त बढ़ेगा और रात में जंगल भ्रमण का रोमांच अनोखा होगा। पर्यटक वन्यप्राणियों की चमकती हुई आंखें और उनका आना-जाना देखकर रोमांच होगा। हालांकि नाइट विजन गॉगल का भी उपयोग किया जाएगा। जिससे जंगल प्रकाश से भरपूर दिखाई पड़ेगा और रात के अंधेरे में भी जानवर स्पष्ट देखे जा सकेंगे। प्रथम चरण में पार्क प्रबंधन ने 03 वाहनों को नाइट सफारी के लिए अनुमति मांगी है। प्रतिदिन 18 पर्यटकों को नाइट सफारी पर जाने का मौका मिलेगा। कंजरवेशन  प्लान में भी नाइट सफारी का जिक्र हैं। कान्हा पार्क प्रबंधन का मानना है कि बफर जोन पर्यटकों के लिए खोले जाने व नाइट सफारी से पर्यटकों का रूझान बढ़ेगा। बफर जोन में पर्यटन बढ़ने से वाइल्ड लाइफ को भी फायदा मिलेगा। वन्यप्राणियों की संख्या भी बढ़ेगी। तीन माह पार्क बंद रहने से शिकारी सक्रिय हो जाते थे, लेकिन वर्षभर पर्यटन जारी रहने से लोगों की उपस्थित पार्क क्षेत्र में रहेगी। जिससे पार्क व रहने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा भी होगी। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता रहेगा।

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 MadhyaBharat  30 September 2016

hindi granth akadami

  उच्च शिक्षा मंत्री पवैया ने दिये निर्देश    उच्च शिक्षा मंत्री  जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि भारत के प्रख्यात साहित्यकारों के नामचीन काव्य, ग्रंथ और अन्य साहित्यिक कृतियों से समृद्ध पुस्तकालय हिन्दी ग्रंथ अकादमी में बनाया जाये। इससे शोधार्थी छात्र को दुर्लभ पुस्तक आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। श्री पवैया ने आज मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी और व्यक्तित्व विकास प्रकोष्ठ की गतिविधियों की समीक्षा की।   मंत्री  पवैया ने निर्देश दिये कि व्यक्तित्व विकास प्रकोष्ठ व्यापक और असरकारी बनाया जाये। इसकी गतिविधियों का प्रभाव महाविद्यालय परिसर में छात्रों के मन-मानस पर दिखाई दे। छात्रों पर इसका प्रकाश नैतिक मूल्यों और देश-भक्ति के रूप में परिलक्षित हो।   श्री पवैया ने कहा कि मध्यप्रदेश में हिन्दी भाषा की जितनी भी बोलियाँ हैं, उनका संकलन करने की योजना बनाई जाये। इसी तरह विभिन्न अंचल की जन्म से विवाह तक की परम्पराओं की लोक-रीतियों का संकलन किया जाये। त्यौहार और विवाह इत्यादि में गाये जाने वाले लोक-गीत, जो केवल पुरानी पीढ़ी के पास सुरक्षित है, उन्हें पुस्तक का रूप दिया जाये, जिससे यह धरोहर लुप्त नहीं हो।   श्री पवैया ने कहा कि अकादमी के जरिये अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पुस्तक वितरण में दिव्यांग बच्चों को भी शामिल किया जाये। यह देश में पहली बार होगा। उन्होंने कहा कि शब्दकोश का भी प्रकाशन किया जाये। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी और भारतरत्न पं. मदनमोहन मालवीय पर केन्द्रित पुस्तकों का प्रकाशन भी हो।   श्री पवैया ने कहा कि अकादमी द्वारा विश्वविद्यालय और जिला-स्तर पर चेतन प्रवाह विमर्श गोष्ठियाँ कर छात्रों को प्रोत्साहित किया जाये। गोष्ठियों में मुख्यालय के प्राचार्यों को भी शामिल किया जाये। श्री पवैया ने इस मौके पर व्यक्तित्व विकास प्रकोष्ठ के ब्रोशर का विमोचन किया। उन्होंने अकादमी का निरीक्षण भी किया। प्रमुख सचिव श्री आशीष उपाध्याय और अकादमी संचालक प्रो. सुरेन्द्र बिहारी गोस्वामी उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  18 August 2016

घूंघट से रोजगार तक आदिवासी महिलायें

जे.सी. धोलपुरिया गरीबी से जूझ रही छोटे-से गांव मझौली की बेरोजगार आदिवासी महिलाओं के जीवन की खोई चमक को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम कुछ हद तक लौटाने में कामयाब रही है। सदा घूंघट में सिमटी-सुकड़ी रहने वाली महिलाओं की जीवन शैली में काफी बदलाव आया है। स्वसहायता समूह बनाकर इन महिलाओं का घूंघट से चेहरा बाहर निकालने और बेरोजगार से आत्मनिर्भर होने तक का सफर महिलाओं के सामाजिक और आथिर्क सशक्तीकरण का एक प्रेरक प्रसंग है।इन महिलाओं के पति दिहाड़ी मजदूर हैं और परिवार का जीवन स्तर सुधारने के लिए ये स्वयं भी कुछ करना चाहती थीं। इसलिए इन महिलाओं ने दुर्गा स्वसहायता समूह और विकास स्वसहायता समूह के नाम से 12-12 महिलाओं के दो समूह बना लिए और प्रत्येक महिला हर माह तीस-तीस रूपये जमा करने लगीं। ये महिलाएं रोजी-रोटी के लिए समूह के रूप में कोई काम करना चाहती थीं, पर घूंघट की ओट में रहने और अपने संकोची स्वभाव के कारण ये अपने मकसद में आगे नहीं बढ़ पा रही थीं और मार्गदर्शन के अभाव में कोई ऐसा कार्य महिलाओं के इन स्वसहायता समूहों के हाथ नहीं लगा, जो उनके जीवन यापन का जरिया बनता। साल भर पहले विश्वास समाज सेवी संगठन ने पहल की। इन महिलाओं को प्रेरित किया और उपर्युक्त दोनों योजनाओं से जोड़ने में मदद की। आज ये महिलाएं पुरूषों के बराबर बैठकर बगैर घूंघट के विचार मंथन करती हैं। महिलाओं के ये दोनों स्वसहायता समूह आज बहुत-सी सामुदायिक गतिविधियां चलाते हैं और ये बस उतना ही कमा पाती हैं, जितने में परिवार चल सकें। खास बात यह है कि इन महिलाओं ने नशामुक्ति के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी और बगैर किसी जोर जबरदस्ती के कई पुरूष शराब पीना छोड़ चुके हैं।स्वसहायता समूह की महिलाएं गांव के सभी रास्ते और घर साफ सुथरे रखने और घरों में शौचालय बनाने के लिए ग्रामवासियों को प्रेरित करती हैं। मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम इन दोनों स्वसहायता समूह की महिलाओं के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हुआ है। क्षेत्र के स्कूलों और आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों को दिया जाने वाले मध्यान्ह भोजन की भोजन पकाने से लेकर सारी व्यवस्थाएं यही स्वसहायता समूह करते हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ने भी वृक्षारोपण एवं रोपे गये पौधों की सिंचाई के काम के जरिए उनके जीवनयापन की गारंटी दी है। इन योजनाओं से पिछड़े इलाके की इन गरीब महिलाओं की कई समस्याओं का खात्मा हुआ है।दोनों योजनाओं में रोजगार पाने के साथ ही इलाके की व अपनी तरक्की की आशा संजोए ये महिलाएं पूरे समर्पण के साथ काम कर रही हैं। दुर्गा स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती शांति बाई बताती हैं कि जब दोनांे स्वसहायता समूहों की शुरूआत हुई, तो उस समय स्वरोजगार और गरीबी उन्मूलन इनके लक्ष्य थे। तब से ये महिलाओं की समाज में भागीदारी बढ़ाने में सफल रहे हैं। इसी समूह की सचिव श्रीमती गोमती बाई बताती हैं कि वृक्षारोपण के लिए ट्रीगार्ड बनाने हेतु अब समूह ईंटों का निर्माण भी करेगा। गोमती बाइ का कहना है कि समूहों ने उन्हें उनके परिवारों में धन नियंत्रक और धन प्रबंधक बनाया है।समूहों की सक्रिता से पहलीबार समूहों की महिलाओं व परिवारजनों के रहन-सहन और जीवनशैली में परिवर्तन आया है। कई महिला सदस्यों ने मोबाइल फोन खरीद लिये हैं। श्रीमती गोमती बाई को छोड़कर शेष सभी महिलाएं गैर पढ़ी लिखी हैंं, लेकिन वे अपने बच्चों को पढ़ने स्कूल भेजती हैं। पैसे आने की वजह से उनके परिवार का जीवन स्तर सुधर रहा है। लेकिन उनके लिए इतनी कमाई काफी नहीं है। इससे ज्यादा पैसे कमाने के लिए वे अभी और काम करना चाहती हैं। अपनी राह खुद बनाने वाली इन महिलाओं के लिए नये संघर्ष की शुरूआत तो अब हुई है।

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