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आगर मालवा News


kisan hadtal

किसान हड़ताल का असर ,दूध-सब्जी की सप्लाई रुकी  मध्यप्रदेश में किसानों की हड़ताल के तीसरे दिन शनिवार को एक बार फिर आम लोगों को दूध और सब्जी की किल्लत का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में पुलिस की सुरक्षा में दूध और सब्जी की दुकानें खुलीं, लेकिन इन्हें बहुत ज्यादा कीमत पर बेचा गया। उधर कई जगह आंदोलन कर रहे किसानों ने दूध और सब्जी की सप्लाई रोकने के लिए निजी वाहनों और बसों में भी चेकिंग शुरू कर दी है। भारतीय किसान संघ भी अब इस हड़ताल में शामिल होगा। किसान के आंदोलन पर सरकार हरकत में आ गई है। शनिवार दोपहर मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग के अधिकारियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की। इस दौरान तीनों संभागों के आईजी, कलेक्टर, एसपी और दुग्ध संघ के अधिकारी भी उपस्थित थे। देवास के पास कन्नौद में खेत से 2 लीटर दूध लेकर घर आ रहे किसान को आंदोलनकारियों ने सुबह 8.15 बजे सरकारी अस्पताल के सामने रोक लिया, उन्होंने पहले दूध बहाया इसके बाद किसान के साथ मारपीट की। मामले में रिपोर्ट लिखाई गई। राजोदा में कैलोद चौराहे पर निजी वाहनों को रोक कर किसानों ने चेकिंग की, सुबह से खुली दूध डेयरियां भी बंद करवा दी गईं। खंडवा में बसों की चेकिंग में मिली सब्जी किसानों ने सड़क पर फेंकी। महाराष्ट्र से आया दूध का वाहन भी रोका, जिसके बाद ड्राइवर वाहन को थाने ले गया। वहां पुलिस के संरक्षण में दूध ज्यादा कीमत में बिका। शाजापुर में सांची दूध की सप्लाई होने से स्थिति कुछ सामान्य हुई, लेकिन खुला दूध अब भी नहीं मिला। यहां सब्जी की सप्लाई बंद रही। शाजापुर में करीब बड़ी संख्या में किसान सड़क पर उतर आए और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। मंदसौर में 300 लीटर दूध एक कार से जब्त हुआ, जिसके बाद जिला अस्पताल में इसे बांट दिया गया। कई जगह किसानों का विरोध जारी रहा उन्होंने रोक-रोकर वाहनों की चेकिंग की। दूध और सब्जी की किल्लत के चलते कई जगह आम लोगों ने किसानों का विरोध किया। लोगों का कहना है कि यह तरीका बिल्कुल गलत है। झाबुआ और आलीराजपुर में हड़ताल का कोई असर नहीं दिखा, यहां सामान्य रूप से मंडी खुली और दूध की सप्लाई भी सामान्य रही। हालांकि मंड़ि‍यों में सब्जी की आवक पहले की अपेक्षा कम रही। खरगोन सब्जी मंडी में हालत सामान्य रहे लेकिन सब्जियों के भाव आसमान पर रहे। इंदौर और धार में किसानों आंदोलन के चलते व्यापारी खरगोन नहीं पहुंचे। यहां दूध की सप्लाई भी सामान्य रही। रविवार को सब्जी मंडी बंद रह सकती है। जिले के भीकनगांव में सब्जी का व्यापार जारी। यहां सांची के दूध की सप्लाई भी हुई, गड़बड़ी की आशंका के चलते अमूल का दूध नहीं मंगवाया गया। जानकारी के मुता‍बिक सांची का 10 हजार लीटर दूध यहां सप्लाई हुआ। बड़वानी में किसान आंदोलन का असर नहीं रहा।  

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 MadhyaBharat  3 June 2017

mp vidhansabha

  मंत्री भार्गव की टिप्पणी हुई विलोपित      विधानसभा में आज प्रश्नकाल काफी हंगामेदार रहा। प्रश्नकाल के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव की टिप्पणी से कांग्रेस खड़े हो गए और माफी की मांग करने लगे। दरअसल, कांग्रेस ने सिंहस्थ को लेकर विधानसभा में कई प्रश्न लगाए हैं, जिस पर मंत्री भार्गव ने कांग्रेसियों पर टिप्पणी कर दी। कांग्रेस विधायकों ने हंगामा करते हुए मंत्री से माफी की मांग की जिस पर मंत्री नरोत्तम ने कहा कि माफी नहीं मांगेंगे तो भार्गव ने भी इससे मना कर दिया। साथ ही कहा कि जहां भी शिकायत करना हो कर दो। इससे हंगामे की स्थिति बनने लगी तो अध्यक्ष ने भार्गव द्वारा की गई टिप्पणी को कार्यवाही से विलोपित करा दिया।   नरोत्तम और नायक के बीच तीखी नोकझोंक अवैध खनन के मामले में विपक्ष द्वारा मंत्री का जवाब मांगे जाने पर मुकेश नायक ने कहा कि बताया जाए। नरोत्तम ने कहा कि मुकेश भाई यहां पर वकालत न करें। इस पर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस बीच गौरीशंकर शेजवार ने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप सब लोग ठिकाने लग जाओगे, एक भी जीतकर नहीं आओगे। इसका विधायक गोविन्द सिंह ने कड़ा विरोध किया। बाद में अध्यक्ष ने शेजवार की टिप्पणी को विलोपित करा दिया। अध्यक्ष ने सीतासरन शर्मा ने व्यवस्था बताते हुए कहा कि प्रश्नकाल के दौरान अगर भोजन अवकाश या स्थगन की स्थिति बनती है और सदन फिर से समवेत होता है तो मंत्री जवाब नहीं देगा और उन्होंने प्रश्न अग्राह्य कर दिया। इसके बाद भी मंत्री द्वारा जवाब मांगा जाता रहा। मंत्री का जवाब न दिए जाने से नाराज कांग्रेस के तरुण भनोट समेत अन्य एमएलए के साथ गर्भगृह में आ गए और नारेबाजी करते रहे। इधर, बसपा विधायक सत्यप्रकाश सखवार ने ग्वालियर में शराबियों द्वारा महिलाओं से छेड़छाड़ का मामला उठाया। जिस अध्यक्ष ने कल शून्यकाल में चर्चा का आश्वासन दिया   कांग्रेस बोली, सदन के बाहर हो रही सौदेबाजी मंत्री से आश्वासन मिलने के बाद भाजपा विधायक आरडी प्रजापति को शांत हो गए, लेकिन कांग्रेस ने इस मुद्दे पर खासा हंगामा किया। कांग्रेस का कहना था कि सदन में उठाए गए मसले पर बाहर कैसे सौदेबाजी और समझौता हो सकता है। मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्वाइंट आॅफ आॅर्डर उठाते हुए कहा कि सदन में विवाद होने पर अध्यक्ष के कक्ष में उसे सुलझाने की परंपरा है और हमने यही किया है।   बटाईदार नहीं बन सकेंगे जमीन मालिक, पांच साल का होगा अनुबंध विधानसभा में हुई कैबिनेट बैठक प्रसं, भोपाल। राज्य सरकार खेती को बटाई पर देने की प्रथा को कानूनी जामा पहनाने जा रही है। अब जमीन पर कब्जे के आधार पर बटाईदार भूमिस्वामी नहीं बन सकेगा वहीं फसलों के नुकसान होंने पर बटाईदार को भी फसल बीमा का मुआवजा वैधानिक रुप से मिल सकेगा।  इसके लिए राज्य सरकार मध्यप्रदेश भूमिस्वामी एवं बटाईदार के हितों का संरक्षण विधेयक 2016 इसी विधानसभा सत्र में लाने जा रही है। आज कैबिनेट बैठक में इस विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी गई। सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि बटाईदार और किसान के बीच छह माह से पांच साल तक एग्रीमेंट होगा। कृषि के अलावा बटाईदार अन्य काम भी कर सकेंगे। विवाद की स्थिति में तहसीलदार के समक्ष अपील की जा सकेगी। अभी तक प्रदेश में बटाईदार प्रथा को कानूनन मान्यता नहीं है। इसके चलते जमीन बटाई पर देने वाले की जमीन पर बटाईदार भूस्वामी बनने के लिए कोर्ट पहुंच जाता है। वहीं इसका दूसरा पहलू यह भी है कि फसल का नुकसान होने पर भूस्वामी को ही उसका मुआवजा मिलता है और खेती बटाई पर लेने वाले किसानों को यह लाभ नहीं मिल पाता।   इन पर भी फैसला कैबिनेट में प्राकृतिक आपदा की स्थिति में अल्पकालीन ऋण को मध्यकालीन ऋण में परिवर्तित किए जाने  पर राज्य शासन के पंद्रह प्रतिशत अंशदान की राशि पर ब्याज दर के निर्धारण के प्रस्ताव को भी मंजूर कर दिया। 4 जून से 30 जून तक दस लाख चालीस हजार क्विंटल  प्याज खरीदी के लिए खर्च की गई राशि का अनुमोदन भी कैबिनेट में किया गया। इसमे 6 रुपए किलो प्याज खरीदने से लेकर उसके सम्पूर्ण खर्च 9.50 रुपए प्रति किलो का अनुसमर्थन किया गया।   कैबिनेट में रामचरण तिवारी विरुद्ध रीवा कलेक्टर राहुल जैन के मामले में अवमानना प्रकरण पर भी चर्चा हुई। मुरैना संभाग में लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन सहायक यंत्री एमएस पवैया के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। अलीराजपुर में पीएचई के सेवानिवृत्त सहायक यंत्री वीवी राजवाड़े को देय पेंशन की राशि में कटौती पर भी केबिनेट में विचार किया गया।

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 MadhyaBharat  26 July 2016

khet

    पहाड़ियों और पठारों की बहुलता वाले आगर मालवा जिले के ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर देने के लिए कलेक्टर दुर्ग विजय सिंह ने एक नया फार्मूला तय किया है। इस व्यवस्था में किसान को अपने ही खेत से पत्थर खोद कर उसे मेढ़ पर रखना होगा, इसके बदले किसान को मनरेगा के तहत दी जाने वाली मजदूरी की राशि का भुगतान किया जाएगा।  ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के दौरान यह व्यवस्था शुरू करने के पीछे कलेक्टर की मंशा है कि किसानों के खेत उपजाऊ बनें। इसके अलावा जिले में जल संरक्षण के लिए छोटे व निस्तारित तालाबों व कुंडों को जनभागीदारी से काम कराया जा रहा है। जेसीबी व ट्रेक्टर से ग्रामीण जल संरक्षण के काम में जुटे हैं। ग्राम संसद में ग्रामीण खुद इसकी मांग कर रहे हैं। कलेक्टर सिंह के अनुसार जिले की 227 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से हर पंचायत में तीन काम 25 मई से शुरू किए जा रहे हैं। इसके लिए स्टीमेट तैयार कर उसके अनुमोदन की कार्यवाही की जा रही है।   कलेक्टर सिंह के मुताबिक नए जिले आगर मालवा में मैन पावर की दिक्कत है। इसके साथ ही सिंहस्थ में भी अमला लगा है। इस कारण ग्राम उदय के कामों की फीडिंग में दिक्कतों का सामना प्रशासन को करना पड़ रहा है।   अभियान के दौरान दिव्यांगों के परीक्षण कर उन्हें शिविर लगाकर उपकरण बांटने का काम भी शुरू है। वहीं महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए भी ब्लाक और जिला स्तर पर शिविर लगाकर उनकी जांच कराई जा रही है।     Attachments area          

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 MadhyaBharat  28 May 2016

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