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कांकेर News


आदिवासी दिवस

   विश्व आदिवासी दिवस पर बस्तर से रायपुर तक सत्तारूढ़ भाजपा और विरोधी कांग्रेस वोट बैंक साधते नजर आए। दोनों दलों के बीच बस्तर की 12 विधानसभा सीटों पर जोर-आजमाइश दिखी, जहां आदिवासी आबादी अधिक है। राजधानी में सूबे के मुखिया डॉ.रमन सिंह ने आदिवासियों के कल्याण की सभी योजनाओं का बखान किया। समाज के प्रतिभावान छात्रों, खिलाड़ियों और समाजसेवियों को सम्मानित किया। प्रधानमंत्री के 'मन की बात' सुनने वाले अति संरक्षित जनजाति के बुजुर्गों को कंबल, छतरी और रेडियो बांटे। आदिवासी लेखकों की कृतियों का विमोचन किया। उधर, बस्तर में कांग्रेसियों ने सम्मेलन के बहाने राज्य सरकार की रीति-नीति पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने तो यहां तक कहा कि भाजपा आदिवासियों से छलावा करती है। उसका मकसद केवल वोट लेना है। समाज के आशीर्वाद से 14 साल से मुख्यमंत्री हूं: रमन सिंह राजधानी के इंडोर स्टेडियम में डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश भर से जुटे समाज के प्रतिनिधियों से कहा कि यह समाज के लोगों का आशीर्वाद है कि मैं 14 साल से मुख्यमंत्री हूं। 14 अगस्त को 5 हजार दिन पूरे हो जाएंगे। कोई पूछता है कि आपकी सबसे महत्वपूर्ण योजना क्या है? मैं कहता हूं-पीढ़ियों के निर्माण की। प्रयास विद्यालयों में नक्सल प्रभावित इलाकों के बच्चों को 2 साल की ट्रेनिंग देनी शुरू की गई, नतीजा सामने है। इसी साल 9 बच्चों का मेडिकल में चयन हुआ है। इसे 90 तक ले जाना है। प्रयास में अभी 15 सौ सीटें हैं। इन्हें 3 हजार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की लड़ाई में शहीद वीरनारायण सिंह और गुंडाधूर जैसे शूरवीरों ने खून बहाया है। इस आजादी को हमें और मजबूत करना है। जगदलपुर में गुंडाधूर और रायपुर में शहीद वीरनारायण सिंह के नाम से संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। आदिवासियों को मिटाने का प्रयास कर रही सरकार : सिंहदेव कांकेर में चारामा ब्लॉक के जैसाकर्रा में बुधवार को आदिवासी सम्मेलन में सिंहदेव ने प्रदेश सरकार पर जमकर शब्दों के तीर छोड़े। कहा कि भाजपा सरकार आदिवासियों का शोषण कर रही है। उन्हें मिटाने का घटिया प्रयास किया जा रहा। आदिवासी संस्कृति हमारे समाज और देश की धरोहर है। समाज ने देश की एकता और अखंडता के लिए बलिदान दिया है। इसे भूलना नहीं चाहिए। प्रदेश सरकार को गरीब और किसानों के हित से कोई सरोकार नहीं है। विधायक मनोज मंडावी ने कहा कि आदिवासियों को नक्सली बताकर फर्जी मुठभेड़ में मारा जा रहा है। उन्हें आज भी अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। समाज के लोगों ने बस्तर के आदिवासी की समस्याएं, क्षेत्रों में छठवीं अनुसूची लागू करने, राज्य में पेशा एक्ट लागू करने सहित 18 सूत्रीय ज्ञापन सिंहदेव को सौंपा। सिंहदेव ने उसे सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।  

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 MadhyaBharat  15 August 2017

कांकेर cg

    कांकेर जिले के पखांजुर इलाके में सांप के काटने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक यह घटना पखांजुर इलाके के बेटिया पंचायत के अंतर्गत हुई। रात को जब मां बेटी सोई हुई थी तो सांप ने डंस लिया। सांप के डंसने के तत्काल बाद ही दोनों मां-बेटी की हालत बिगड़ने लगी तो उन्हें तत्काल एंबुलेंस के जरिए पखांजुर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। गौरतलब है कि बारिश के मौसम यहां सांप काटने की घटनाएं बढ़ जाती है। पुलिस ने दोनों की मौत के मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है।

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 MadhyaBharat  3 August 2017

kanker soniya gandhi

  कांकेर में सोशल मीडिया पर कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर की गई अभद्र टिप्पणी से नाराज कांग्रेसियों ने दो युवकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। कांकेर पुलिस ने आईटी एक्ट 67 व 294, 501 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। वहीं रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद एक आरोपी ने महात्मा गांधी पर भी असंसदीय टिप्पणी की। इस मामले में पुलिस ने चारामा के गंगूराम सोनकर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। कांकेर जिला के पूर्व युकां अध्यक्ष गौतम लुक्कड़ ने रिपोर्ट में कहा है कि चारामा के गंगूराम सोनकर और बिलासपुर के सुरेंद्र खैरवार ने सोशल साइट के छत्तीसगढ़ मीडिया ग्रुप पर पहले सोनिया गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके बाद दोनों युवकों ने राहुल गांधी पर भी अभद्र टिप्पणी की। कांकेर पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत दोनों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। लुक्कड़ ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आरोपियों को बचाने का प्रयास किया गया तो कांग्रेसी सड़क पर आंदोलन करेंगे। गौतम लुक्कड़ का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद आरोपियों ने उन्हें धमकियां दी। बिलासपुर के सुरेंद्र खैरवार ने महात्मा गांधी पर भी असंसदीय टिप्पणी की।  

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 MadhyaBharat  14 June 2017

श्रद्धालु मौत की मौत

  कांकेर के पखांजूर में बंग समुदाय के धार्मिक आयोजन खजूर भांगा में भीड़ के सामने धार्मिक स्टंट करते एक युवक की खजूर पेड़ से गिरने से मौत हो गई। लगभग 50 फीट ऊंचे खजूर के पेड़ में चढ़ने के बाद श्रद्धालु विनोद ढाली का हाथ छूट गया जिससे विनोद नीचे गिर पड़ा। और अस्पताल ले जाने के पहले युवक की मौत हो गई। मृतक विनोद पीव्ही 21 दुर्गापुर का निवासी बताया जा रहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। दरअसल चैत मांग में एक माह उपवास रहने के बाद खजूर पेड़ में प्रतिवर्ष शिव पूजन और नील पूजन का आयोजन होते आया है। इस दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। इस कला में पारंगत युवक बिना किसी सहारे 50 फीट नीचे खजूर के पेड़ में चढ़ते हैं । ऐसी मान्यता है कि खजूर के कांटे नहीं चुभते, पेड़ में चढ़ने के बाद श्रद्धालु पहले तो नृत्य करते हैं और उपर से खजूर तोड़ तोड़कर नीचे फेंकते हैं। जिसे नीचे बैठी भीड़ प्रसाद मानकर अपने-अपने घर ले जाती है मगर आज खजूर भांगा में श्रद्धालु विनोद को इतनी ऊंचाई से गिरने की उम्मीद नहीं थी, भीड़ के सामने तड़पते विनोद को अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज होने से पहले ही विनोद दम तोड़ दिया।  

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 MadhyaBharat  14 April 2017

income tax

छत्तीसगढ़ में काला धन जमा करने वाले कारोबारियों पर आयकर विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। आयकर विभाग ने प्रदेश के नौ शहरों में 15 अलग-अलग कारोबारियों के ठिकानों पर बुधवार को एक साथ सर्वे की कार्रवाई शुरू की। मुख्य आयकर आयुक्त केसी घुमरिया ने नईदुनिया को बताया कि नोटबंदी के दौरान खातों में लाखों रुपए जमा करने वालों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत रायपुर सहित बिलासपुर, राजनांदगांव, भिलाई, महासमुंद, कांकेर, जगदलपुर, बेमेतरा और भाटापारा में कार्रवाई की गई है। आयकर विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि बस्तर के कारोबारियों पर पहली बार कार्रवाई हो रही है। आदिवासी बहुल कांकेर और जगदलपुर के रियल एस्टेट और सराफा कारोबारी कार्रवाई जद में आए हैं। नोटबंदी के दौरान मनमाने पैसा जमा करने पर देशभर के 12 लाख कारोबारियों से जवाब मांगा गया था। लेकिन अधिकांश कारोबारियों ने जवाब नहीं दिया। इनमें सबसे ज्यादा सराफा और रियल एस्टेट कारोबारी हैं। कई कारोबारियों ने बोगस कंपनियां बनाकर करोड़ों स्र्पए जमा किए हैं। बोगस कंपनी संचालकों की ओर से कोई जवाब नहीं आया। अब ऐसी कंपनियों की भी जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि कई बोगस कंपनियों के पते की जांच की गई। राजधानी सहित राजनांदगांव और बिलासपुर में बोगस कंपनियों के पते पर टीम पहुंची तो कंपनी मिली ही नहीं। आसपास के लोगों ने ऐसी कोई कंपनी नहीं होना बताया। ये सभी जांच की जद में हैं। नोटबंदी के बाद आयकर की टीम ने आठ सर्वे किए, जिनमें कारोबारियों ने 15 करोड़ की अघोषित आय सरेंडर की है। रायपुर, राजनांदगांव और तिल्दा में जांच पूरी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि राजनांदगांव के बरड़िया ज्वेलर्स में 1 करोड़ 70 लाख स्र्पए सरेंडर किए हैं। आयकर इन्वेस्टिगेशन विंग ने मार्च में चार सर्वे किए, जिनमें कारोबारियों ने छह करोड़ स्र्पए सरेंडर किए हैं। सीसीआईटी केसी घुमरिया ने बताया कि इस वर्ष 4200 करोड़ के राजस्व वसूली का टारगेट है, जिसमें से अब तक 2800 करोड़ की वसूली हो गई है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक सर्वे की कार्रवाई में तेजी रहेगी।  

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 MadhyaBharat  16 March 2017

 मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को गोली लगी

छत्तीसगढ़ की सीमा पर छोटेबेठिया थानांतर्गत टेकामेटा व कोड़ोनार के जंगल में देर शाम हुई मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को गोली लगने का दावा पुलिस ने किया है। पुलिस अधीक्षक एमएल कोटवानी ने बताया कि जिला मुख्यालय ने करीब 170 किमी दूर परतापुर, छोटेबेठिया व बांदे इलाके में पुलिस पार्टियां सर्चिंग पर निकली थीं। टेकामेटा के जंगल में घात लगाए नक्सलियों ने पहले ब्लास्ट किया, जिसमें जवान बाल-बाल बचे। इसके बाद नक्सली फायरिंग करने लगे। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। आधे घंटे बाद नक्सली भाग गए। मौके की सर्चिंग पर दो-तीन नक्सलियों के गोली लगने का अनुमान है। इसी प्रकार कोड़ोनार के जंगल में भी मुठभेड़ हुई, जहां नक्सलियों को भागना पड़ा। छोटेबेठिया थाना प्रभारी जनक साहू ने बताया कि मौके से 5 बंदूकें, मेडिकल किट व नक्सल सामग्री बरामद की गई है।  

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 MadhyaBharat  10 March 2017

प्रो. जेएन सांई बाबा

कांकेर के गढ़चिरौली सेशन कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रो. जेएन सांई बाबा समेत 6 लोगों को उम्रकैद की सजा दी है। बाकी दोषियों में हेम मिश्रा, प्रशांत राही, विजय तिर्की, पांडू नरोटे व महेश तिर्की शामिल हैं। इन पर नक्सलियों की मदद का आरोप साबित हुआ है।कड़ी सुरक्षा के बीच प्रो. सांई बाबा समेत सभी आरोपियों को गढ़चिरौली कोर्ट लाया गया। 3:10 बजे कोर्ट ने सजा सुनाई। यह पहला मौका है, जब नक्सल मामले में एक साथ 6 लोगों को उम्रकैद की सजा हुई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी के प्रो. सांई बाबा (51) को 9 मई 2014 को गिरफ्तार किया गया था। इन पर नक्सलियों के बड़े नेताओं से संपर्क में रहने व उनके बीच मध्यस्थ का काम करने का आरोप था। माओवादी संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने में इनकी प्रमुख भूमिका बताई गई है। पुलिस आरोप पत्र के अनुसार नक्सली संगठन में सांई बाबा 'प्रकाश और चेतन' के नाम से जाने जाते थे। विदेशी दौरों के खतरनाक उद्देश्य : प्रो. सांई बाबा खतरनाक उद्देश्य के लिए हॉलैंड, लंदन, जर्मनी, ब्राजील, अमेरिका, हांगकांग के साथ- साथ जर्मनी का दौरा भी कर चुके हैं। इन यात्राओं का लक्ष्य तमाम आतंकवादी संगठन खासकर माओवाद से प्रभावित उग्रवादियों को संगठित करना व नेटवर्क को मजबूत बनाना था। प्रो. सांई बाबा आंध्रप्रदेश के उ. गोदावरी जिले के अमलापुरम के रहने वाले हैं। शारीरिक दिक्कतों के चलते ट्राइसिकल से आवाजाही करते हैं।  

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 MadhyaBharat  8 March 2017

 हाहालद्दी माइंस

  कांकेर में  नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में बैनर-पोस्टर फेंककर हालालद्दी माइंस को बंद करने की धमकी दी है। माइंस में काम करने वाले कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी गई है। नक्सलियों ने मंगलवार अल सुबह हाहालद्दी मंदिर के पास पर्चे फेंके थे। इसके पहले भी नक्स‍ली यहां हमला कर आगजनी कर चुके हैं। सूचना मिलते ही दुर्गुकोंदल थाना क्षेत्र पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जान से मारने की धमकी के बाद माइंस के कर्मचारी दहशत में हैं। नक्सलियों को धमकी को पुलिस ने गंभीरता से लिया है और वो कर्मचारियों को सुरक्षा देने की बात कही है।  

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 MadhyaBharat  7 March 2017

छत्तीसगढ़ में चक्रवात

आने वाले सप्ताह में राज्य के कई हिस्से में बारिश होने की संभवना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी छत्तीसगढ़ में चक्रवात बनने के कारण 7 से 11 मार्च तक बदली छाने, बारिश होने की संभावना रहेगी। इस बीच उत्तरी और दक्षिणी भाग में दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है। रात का तापमान बढ़कर अभी 21 डिग्री के पार पहुंच गया है। बारिश होने पर ही चौबीस घंटे में तापमान में गिरावट आएगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य के केंद्र में दक्षिणी और उत्तरी हवाओं के मिलने से कर्नाटक तक चक्रवात की स्थिति बन रही है। वहीं दक्षिणी छत्तीसगढ़ से तमिलनाडु तक समुद्री सतह पर द्रोणिका का निर्माण हो रहा है। इसके कारण तापमान में लगातार बदलाव हो रहा है। वैज्ञानिकों ने इस प्रभाव के 11 मार्च को खत्म होने के बाद राज्य में गर्मी बढ़ने की आशंका व्यक्त की है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान एक दिन पहले की अपेक्षा 1.5 डिग्री कम 34 डिग्री दर्ज किया गया। लेकिन रात के तापमान में पिछले तीन दिनों में साढ़े 3 डिग्री से ज्यादा बढ़त दर्ज की गई है। बीते सप्ताह राजधानी का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से बढ़कर शनिवार रात को 21.7 डिग्री तक पहुंच गया था।  

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 MadhyaBharat  6 March 2017

हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार

  8 लाख के इनामी कमांडर को भी पकड़ा  कांकेर जिला पुलिस व बीएसएफ की संयुक्त टीम ने गुरुवार को चार नक्सलियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। अंतागढ़ के हेटारकसा में बैजनाथ उर्फ प्रदीप कड़ियाम व नरसिंह को पकड़ा। बैजनाथ पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित है, जो नक्सलियों के लड़ाके दलम का प्लाटून नंबर-5 का कमांडर है। वहीं 2 लाख का इनामी नरसिंह एलओएस का कमांडर बताया जा रहा है। दोनों करीब 10 साल से नक्सलियों के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं। जवानों ने रावघाट इलाके में भी दो नक्सलियों सोमा बाई व ईशरू दुग्गा को गिरफ्तार किया है।

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 MadhyaBharat  23 February 2017

गढ़चिरौली

कांकेर जिला मुख्यालय से करीब 180 किमी दूर गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) के पेंड्री से लगे ग्राम चिचोड़ा में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की हत्या कर दी। दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजा हैं। गढ़चिरौली एसपी डॉ. अभिनव देशमुख ने बताया कि  रात लगभग 2 बजे हथियारबंद 10-12 नक्सली चिचोड़ा पहुंचे। ग्रामीण मनोहर आतला (55) व रमेश आतला (27) को उनके घर से अगवा कर पास के जंगल में ले गए। वहां पीट-पीटकर दोनों की हत्या कर दी। ग्रामीणों के मुताबिक पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाते हुए नक्सलियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। पेंड्री पुलिस ने पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।  

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 MadhyaBharat  13 January 2017

कांकेर news

कांकेर के पखांजूर थाना क्षेत्र के पीवी-18 गांव के पास खड़े किए गए इंगोले पाटिल कंस्ट्रक्शन कंपनी के 10 वाहनों को नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया। वाहन महाराष्ट्र के गढ़चिरौली सीमा पर चल रहे सड़क निर्माण में लगाए गए थे। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात करीब 12 बजे 20-25 हथियारबंद नक्सली मौके पर पहुंचे और एक-एक कर वाहनों को आग लगाना शुरू कर दिया। दहशत के चलते कोई भी कर्मचारी उनका विरोध न कर सका और भाग खड़े हुए। फूंके गए वाहनों में 6 ट्रैक्टर, 1 वाईब्रेटर पोकलैन मशीन, 1 रोड रोलर और 2 पानी टैंकर शामिल हैं। पखांजूर पुलिस मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।  

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 MadhyaBharat  8 January 2017

कांकेर-शौचालय से पहले अस्पताल

  कांकेर की कोयलीबेड़ा के कामतेड़ा पंचायत के ग्रामीणों  ने किया शौचालय निर्माण का विरोध ।  शासन द्वारा शौचालय  निर्माण के लिये दिए जा रहे ईंट एवं सामग्री से ग्रामीण गांव में अस्पताल और आस पास के आश्रित गांव में आंगनबाड़ी बनाने की कर रहे है मांग।  ग्रामीणों की इस मांग से स्थानीय अधिकारियों ने शासन को अवगत करवा दिया है। इस पिछड़े इलाके में सुविधायों का अभाव है ,यही कारण है कि ग्रामीण शौचालय से पहले आंगनबाड़ी और अस्पताल बनाना चाहते हैं।  इसी दौरान नक्सलियों के गांव में आने से भागे  4  ग्रामीण में से 3 लौट आये हैं  और एक अभी तक वापस नहीं आया है  । बड़गांव थाना क्षेत्र के कलारटोला गांव का मामला। 1 अक्टूबर की रात्रि हथियार बन्द नक्सली जब गांव पहुँचे तो ग्रमीण डर के भाग गए थे। 

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 MadhyaBharat  7 October 2016

chattisgadh sukha

    छत्तीसगढ़ में खंड व अल्पवर्षा से 50 से अधिक तहसीलों में सूखे का खतरा मंडरा रहा है। कुछ तहसीलों में अतिवृष्टि से खरीफ फसल चौपट हो रही है। एक ही जिले में कहीं पर कम तो कहीं पर बारिश रिकॉर्ड की है। कृषि विभाग के अधिकारियों और कृषि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कमवर्षा या अतिवृष्टि दोनों ही स्थिति में खरीफ फसलों को बचाना एक चुनौती है। कम बारिश वाले इलाकों में सिंचाई बांधों से नहरों में पानी छोड़ने की जरूरत महसूस की जा रही है।   आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के एक दर्जन जिले ऐसे हैं, जहां की आधी तहसीलों में औसत से अधिक बारिश हुई है, वहीं आधी तहसीलों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। सूरजपुर जिले की प्रतापपुर तहसील में अब तक 249 फीसदी औसत से अधिक बारिश हुई है, जबकि इसी जिले की रामानुजगंज व प्रेमनगर में 70 फीसद से भी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।   इसी तरह जशपुर जिले की बगीचा तहसील में इस मानसून सीजन में अब तक 225 फीसदी औसत वर्षा हुई है, जबकि इसी जिले की जशपुर में 69 व दुलदुला में 81 फीसदी बारिश ही हो पाई है। रायगढ़ जिले में भी यही स्थिति है, जहां की धरमजयगढ़ तहसील में अब तक 254 प्रतिशत, वहीं सारंगढ़ में 79 व बरमकेला में 81 प्रतिशत बारिश हुई है। कोंडागांव जिले की फरसगांव तहसील में जहां 152 फीसदी बारिश हो चुकी है, वहीं केशकाल में केवल 58 फीसदी बारिश हो सकी है। बीजापुर जिले की उसूर तहसील में औसत 213 फीसदी, जबकि बीजापुर में सिर्फ 83 फीसदी बारिश रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश में अन्य जिलों में ही यही हालात हैं।   कम वर्षा वाले इलाकों में फसलों को चूहों से नुकसान का खतरा है। कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों ने विशेष कृषि बुलेटिन में फसलों को चूहों से बचाने के लिए विशेष निगरानी करने की सलाह दी है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया है कि फसलों को चूहों के प्रकोप से बचाव के लिए खेतों की मेड़ों को साफ रखना जरूरी है। फिर भी चूहों का प्रकोप अधिक दिखाई दे तो वहां सबसे पहले बिलों को तत्काल बंद कर दें। उसके बाद लगातार सुबह बिलों को खोलकर कनकी, सरसों तेल मिलाकर डालना चाहिए और जिंक फास्फाईड, सरसों तेल व कनकी को मिलाकर छोटे-छोटे लड्डू बनाकर चूहों के बिलों में डालने का सुझाव दिया गया है।   कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि कम बारिश वाले क्षेत्रों में धान फसल में कटुआ कीट की संभावना बढ़ गई है। धान के सूखे खेतों में कटुआ इल्ली दिखाई देने पर तत्काल दवा छिड़कना जरूरी है। जिन खेतों में पानी भरा है और वहां कटुआ इल्ली का प्रकोप दिख रहा है, तो वहां एक एकड़ रकबे में एक लीटर मिट्टी तेल खेत के पानी में डालें। इसके बाद धान के पौधों के ऊपर रस्सी चलाएं, ताकि इल्लियां मिट्टी तेलयुक्त पानी में गिरकर नष्ट हो जाएं।   कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक ऐसे क्षेत्रों जहां पानी कम गिरा है और खरीफ फसलों की बोआई नहीं हो पाई है, वहां रामतिल व कुल्थी बोना फायदेमंद होगा। सोयाबीन में पत्ती खाने वाले कीड़े दिखने लगे हैं। इन पर ट्राईजोफास और फ्लूबेंडामाईड का घोल का छिड़काव करना चाहिए। कृषि वैज्ञानिकों ने उमस भरे इस मौसम में रोपा धान की भी सतत्‌ निगरानी की सलाह किसानों को दी है।   कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में खरीफ फसलों के लिए निर्धारित लक्ष्य के विरूद्घ 93 प्रतिशत रकबे में बोनी पूरी हो चुकी है। इस साल 48 लाख 10 हजार हेक्टेयर में अनाज, दलहनी, तिलहनी और साग-सब्जी बोने का कार्यक्रम है। अब तक 44 लाख 61 हजार हेक्टेयर में विभिन्न फसलों की बोआई पूरी हो चुकी है। 35 लाख 66 हजार हेक्टेयर में धान बोई जा चुकी है, जबकि 36 लाख 36 हजार हेक्टेयर में धान बोने का लक्ष्य है।   कृषि वैज्ञानिक प्रो जे एल चौधरी ने कहा प्रदेश में हर साल कहीं कम तो कहीं पर अधिक वर्षा हो रही है। यह चिंता का विषय है। राजनांदगांव व कबीरधाम जिले में वृष्टि छाया के कारण कम बारिश होती है। खंडवर्षा या अतिवृष्टि होने पर खरीफ फसलों को बचाना चुनौतीपूर्ण है।   कृषि संचालक एमएस केरकेट्टा ने बताया प्रदेश में फिलहाल औसत बारिश हुई है। कुछ तहसीलों में कम तो कुछ तहसीलों में अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। महासमुंद जिले सहित अन्य क्षेत्रों में जहां कम बारिश हुई है, वहां खरीफ फसल को बचाने के लिए सिंचाई बांधों से पानी छोड़ने की जरूरत महसूस की जा रही है। किसानों को भी स्वयं के साधन से सिंचाई व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।   

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 MadhyaBharat  25 August 2016

sohan potai

    शैफाली गुप्ता  पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बाद बीजेपी नेता सोहन पोटाई भी अपनी अलग पार्टी बनाने के बारे में विचार कर रहे हैं। पोटाई की पार्टी बनती हैं तो वह क्या गुल खिलाएगी यह समय ही बताएगा लेकिन रमन सरकार के जासूस पोटाई की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं।    भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद रहे व लंबे समय से केन्द्र की राजनीति करने वाले आदिवासी नेता सोहन पोटाई पार्टी से बाहर निकाले जाने के बाद जिस प्रकार से पूरे छत्तीसगढ़  मे दौरा कर आदिवासी समाज को एक करने की मुहिम में लगे हैं , उसे लेकर रमन सिंह सरकार काफी चिंतित नज़र आ रही है।    सरकार ने जहाँ कल ही कोर कमेटी से जिन दो सांसद को बाहर का रास्ता दिखाया है उसे लेकर भी दोनों सांसदों ने दिल्ली जाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर शिकायत की बात कही है ! नाराज़ सांसदों को लेकर सोहन पोटाई कोई बड़ी रणनीति बनाने मे जुट जाते है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। पोटाई आदिवासियों में बड़े जनाधार वाले नेता हैं। वह अपने लिए भले ही कुछ नहीं कर पाएं लेकिन कई जगह बीजेपी का खेल बिगाड़ने की पर्याप्त ताकत उनके पास है।    लगातार सरकार व संगठन से नाराज़ चलते रहे बस्तर संभाग के वरिष्ठ आदिवासी सांसद ' नेता ' जिस प्रकार से एक - दो महीने मे अपनी पार्टी का गठन कर जहां पूरे प्रदेश मे भूचाल ला सकते है !छत्तीसगढ़ के तमाम दिग्गज आदिवासी समाज व नेताओं की नजर दो महीनों बाद सोहन पोटाई की पार्टी की घोषणा पर टीकी है  !    

Patrakar Shafali Gupta

 Shafali Gupta  21 August 2016

गौशाला में  गायों की मौत

  कहा दोषियों पर करेंगे कठोर कार्रवाई     कर्रामाड़ की गौशाला में चार और गायों की मौत के बाद छत्तीसगढ़ के कृषि और पशुधन विकास मंत्री ने  बृजमोहन अग्रवाल ने कांकेर जिले के ग्राम कर्रामाड़ की गौ-शाला में पशुओं की मौत के मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संचालक पशु चिकित्सा सेवायें, कलेक्टर कांकेर तथा सचिव एवं पंजीयक राज्य गौ सेवा आयोग तथा जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों से चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने राजधानी रायपुर से संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं एवं सचिव गौ सेवा आयोग के साथ अन्य अधिकारियों की एक टीम भेजकर वस्तुस्थिति की जानकारी ली तथा मामले की जांच प्रतिवेदन तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।   श्री अग्रवाल ने कहा है कि गौशाला में पशुधन की मौत के मामले में लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने कांकेर जिले के दुर्गकोन्दल विकासखण्ड के कामधेनु गौ सेवा संस्थान (गौशाला) कर्रामाड़ में पशुओं की मौत के संबंध में वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए बताया है कि एक अगस्त से 10 अगस्त के बीच इस गौशाला के 15 पशुओं की मौत हुई है।        उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें जिला कांकेर से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार उन्होंने 11 अगस्त को जिला प्रशासन कांकेर के अधिकारियों के साथ गौशाला का निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान वहां पर 119 गाय, 157 बैल तथा 6 भैंस इस तरह कुल 282 पशुधन पाए गए। प्रतिवेदन के अनुसार गौशाला में 1 अगस्त से 10 अगस्त 2016 के बीच कुल 15 पशुओं की मौत हुई है। निरीक्षण में 2 पशुओं के गंभीर रूप से बीमार होने की जानकारी मिली है।       पशु चिकित्सा विभाग द्वारा गौशाला में समय-समय पर टीकाकरण का कार्य किया गया। 6 जनवरी 2016 को गौशाला के पशुओं को एफएमडी टीके लगाये गए । इसी प्रकार 7 जुलाई 2016 को कैम्प लगाकर गौशाला के पशुओं को एचएस एवं बीक्यू के टीके लगाये गए। उक्त गौशाला का दुर्ग कोन्दल के पशु चिकित्सा प्रभारी और तहसीलदार द्वारा निरीक्षण कर प्रतिवेदन भेजा गया है। पशुपालन मंत्री के निर्देश पर उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें कांकेर द्वारा कल 12 अगस्त को ही गौशाला के प्रबंधक एवं अध्यक्ष को नोटिस जारी कर 2 दिन में जवाब देने कहा गया है।           श्री अग्रवाल ने इसी संबंध में पशुपालन विभाग के अधिकारियों को छत्तीसगढ़ की सभी गौशालाओं का हर 7 दिन में निरीक्षण करने तथा गौशालाओं में चारे और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के पशु चिकित्सको को हर 7 दिन में गौशालाओं के पशुधन के स्वास्थ्य की नियमित जांच करने तथा जरूरी इलाज की सुविधायें मुहैय्या कराने के निर्देश भी दिए हैं। श्री अग्रवाल के निर्देश पर 13 अगस्त की देर रात तक संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं, सचिव गौ सेवा आयोग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के दल ने कामधेनू गौ सेवा संस्थान (गौशाला) कर्रामाड़ में रहकर निरीक्षण किया।

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 MadhyaBharat  14 August 2016

gaay mrityu

    अजीत जोगी का वार -रमन सिंह गौ मृत्यु की जिम्मेदारी लें    पूव मुख्य मंत्री अजीत जोगी ने सरकार पर उठाये सवाल । इतनी बड़ी घटना है गाय  को माता मानने वालो को डॉ रमन सिंह सरकार ने शर्मसार कर दिया है  गौ रक्षक का दम्भ भरने वालो के राज्य में गाय की ये स्थिति ।रमन सिंह को नैतिक रूप से अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करना चाहिए ।बीजेपी शासित राज्यो में ऐसी घटना हो रही है अब इनको धर्म निष्ट कहलाने का अधिकार नही है । गौ रक्षा के नाम मारपीट और हत्या कर देते है गाय की तस्करी हो रही है कोई रोकने वाला नही है यंहा 150 -150 गाय मर रही है ।  घटना की उच्च स्तरीय जाँच हो और सम्बंधित लोगो को दण्डित किया जाए । राजस्थान कीछजकां द्वारा गठित छः सदस्यीय जांच दल ने अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष अजीत जोगी को सौंपी। जांच दल को मिले पुख्ता साक्ष्य। 200 से ज्यादा गायों के हत्या के दोषी गौसेवा केंद्र को सरकार ने अनुदान के रूप में दी 50 लाख की भारी रकम।  छजकां का दावा। तीन दिन पूर्व गौसेवा आयोग क्रियान्वयन समिति की समीखा बैठक में मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को मामले की जानकारी होते हुए भी उन्होंने इससे मुंह मोड़ा ।     साक्ष्यों के आधार पर कांकेर की घटना को गौवध करार देते हुए छजकां ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम एवं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत पशुपालन मंत्री, दोषी विभागीय अधिकारियों सहित गौसेवा आयोग के सदस्यों एवं कामधेनु गौसेवा केंद्र के प्रबंधक के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध करने की मांग की।    "गौशालाओं" की आड़ में सरकार, भाजपा और संघ के पदाधिकारियों तथा उनके परिवार के सदस्यों को दे रही करोड़ों रुपये। गौसेवा के नाम पर करोड़ों के शासकीय अनुदान को डकारने का बड़ा खेल। छजकां ने गौसेवा केंद्र की गायों पर जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाने की मांग की ताकि उन्हें तस्करी और हत्या से बचाया जा सके। जोगी ने सरकार में आते ही इस सम्बंध में त्वरित निर्णय लेने का वादा किया।     13 अगस्त, 2016: कांकेर जिले के दुर्गुकोंदुल क्षेत्र के अंतर्गत कर्रामाड़ के कामधेनु गौसेवा केंद्र में 150 से ज्यादा गायों के भूख़-प्यास से मरने की घटना की जांच करने छजकां अध्यक्ष श्री अजीत जोगी द्वारा कल बनाये गए छः सदस्यीय जांच दल ने आज अपनी रिपोर्ट सौंपी।   कांकेर के कर्रामाड़ गए  जांच दल के सदस्यों संजीव अग्रवाल, सूर्यकांत तिवारी, बलदाऊ मिश्रा, सुनील कुकरेजा, अमर गिडवानी एवं शंकर चक्रवर्ती ने देर रात लौटकर आज एक प्रेस वार्ता कर जांच के दौरान सामने आये अहम् तथ्यों को उजागर किया।    छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग को छत्तीसगढ़ गौमेवा आयोग करार देते हुए छजकां अध्यक्ष  अजीत जोगी ने कहा कि गायों की सेवा करने की जगह उनकी सेवा के नाम पर पैसे खाने का धंधा चल रहा है आयोग में।  छजकां अध्यक्ष श्री जोगी ने कहा कि कांकेर के कर्रामाड़ की दर्दनाक घटना ने छत्तीसगढ़ ही नहीं अपितु समस्त देशवासियों को शर्मसार किया है। कामधेनु गौसेवा केंद्र में हुई 200 से अधिक गायों की मौत सीधे सीधे गौहत्या है।   जांच करने गए छजकां के दल ने बैंक पासबुक की प्रति दिखाते हुए बताया कि कर्रामाड़ स्थित कामधेनु गौसेवा केंद्र को विगत दो वर्षों में सरकार ने लगभग 50 लाख की भारी रकम शासकीय अनुदान के रूप में दी है । लेकिन गौवंशी पशुओं के चारे एवं उनकी देखभाल के लिए मिले करोड़ों के इस अनुदान का गौसेवा केंद्र के भाजपा और संघ संरक्षित संचालकों एवं प्रबंधकों ने निजी उपयोग किया। अनुदान की सारी राशि स्वयं डकार गए और गायों को भूखे मरने के लिए छोड़ दिया। ग्रामीणों से बातचीत का वीडियो दिखाते हुए छजकां के जांच दल ने बताया कि स्थानीय लोग कई महीनों से गौसेवा केंद्र के संचालकों की शिकायत प्रशासन से कर रहे थे लेकिन प्रशासन ने शासन के दबाव में कोई कार्यवाही नहीं की और गौसेवा केंद्र के विरुद्ध शिकायतों को अनसुना कर दिया।   ग्रामीणों ने छजकां के जांच दल को बताया कि कामधेनु गौसेवा केंद्र के संचालक, गायों को चारा देने के बजाय उन्हें जंगल में ही छोड़ देते थे। लेकिन भारी वर्षा और बाढ़ के कारण पशु पिछले कई दिनों से जंगल नहीं जा पाए और भूख़ से तड़प तड़प कर मारे गए। इसके अलावा जांच दल को जांच के दौरान भारी अनियमताएं मिली। विगत तीन वर्षों से गौसेवा केंद्र का नियमानुसार ऑडिट नहीं हुआ है। इस वर्ष अप्रैल से अब तक मरने वाले किसी भी पशु का पोस्टमॉर्टम नहीं किया गया है।   रिकॉर्ड के मुताबिक़ इस वर्ष अप्रैल में 356 गौवंशी पशु होने का दावा गौसेवा केंद्र ने किया जबकि छजकां के जांच दल को कल मौके पर केवल 137 गौवंशी पशु ही मिले। यानि पिछले तीन महीने में 219 से ज्यादा गायें मारी गयी। जो गायें बची हैं उसमे अधिकाँश बीमार हैं।      तरह की घटना है सनातन हिन्दू धर्म ,गाय को मानने वाले हम सब शर्म सार है गौ रक्षा का केवल नारा लगाते है लेकिन गाय की कोई परवाह नही है। 

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 MadhyaBharat  13 August 2016

kanker paani

    कांकेर में  विगत वर्षों में आई बाढ़ की तबाही से लोग उभर भी नहीं सके थे कि इस बार फिर बाढ़ आने से लोगों के मन में एक बार फिर खौफ और दहशत है। दूध नदी व पहाड़ी नालों में आई बाढ़ ने शहर के दुकानों और लोगों के घरों को अपनी जद में ले लिया है। सरकार व प्रशासन की तरफ से बाढ़ पीड़ितों के लिए किए गये वादे हवा हवाई साबित हुए। मौसम विभाग द्वारा एक से चार अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी की बाद भी बाढ़ ने प्रशासन के दावों की हवा निकाल कर रख दी है।   दूध नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। नदी के तटवर्ती इलाकें बाढ़ की जद में है। इन जिन्दगियों का क्या जिनकी छत, गृहस्थी, सपने सब बाढ़ बहा ले जाती है। इस बार फिर बाढ़ ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिये है। बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले कांकेर जिले में इस बार भी बाढ़ से निपटने को कोई कार्य योजना धरातल पर नहीं दिखी। दूध नदी और एक दर्जन पहाड़ी नाले बाढ़ की तबाही लेकर आते हैं।   कई गांवों का संपर्क टूटा जिलें में तीन सौ से अधिक गांवों का संपर्क मुख्यालय से टूट गया है। बाढ़ से हजारों एकड़ खेत में लगी धान की फसल क्षति हुई है, लेकिन बाढ़ से आने वाली भयावह त्रासदी को रोकने के लिए कोई ठोस कदम अभी तक नहीं उठाये गये है। जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।   कांकेर जिलाधीश ने कहा है कि बाढ़ पीड़ितों को सरकारी मदद दी जा रही है। बाढ़ राहत के प्रशासन के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। शहर की सड़कों और गली मोहल्लों से बारिश का मलबा नहीं हटाया गया है। ऐसे में दूर दराज इलाकों में क्या सरकारी मदद बाढ़ पीड़ितों को मिल रही होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

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 MadhyaBharat  3 August 2016

kanker-road

    कांकेर से 9 किमी दूर आतुरगांव में बारातियों से भरी एक जीप पेड़ सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में चार महिलाओं की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और 5 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को इलाज के लिए कांकेर के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सभी सरोना के रहवासी बताए गए है।   जानकारी के मुताबिक ड्राइवर जीप से अचानक ही अपना संतुलन खो बैठा और वह तेजी से किनारे लगे पेड़ से टकरा गई। टक्कर के बाद जीप का ऊपरी हिस्सा पूरी तहर से अलग हो गया और उसमें बैठे बाराती बाहर गिर गए। हादसे के बाद आस-पास के ग्रामीण तुरंत घायलों की सहायत करने दौड़े और पुलिस-एंबुलेंस को इसकी सूचना दी।  

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 MadhyaBharat  25 May 2016

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