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कोरबा News


राजेन्द्र जायसवाल

  राजेन्द्र जायसवाल राजनीति में नेताओं के अपने-अपने रंग हैं। कोई बल में मशगूल तो कोई हल में मशगूल है। तीखे बयानों के लिए मशहूर जमीन से जुड़े काका इन दिनों अपने गांव के खेत में साफा बांधकर धान का रोपा लगाते सुर्खियां बटोर रहे हैं तो कद्दावर नेता भी जमीन से ही जुड़े मामलों में रायपुर से दिल्ली तक सुर्खियों में हैं। काका ने अनदेखी करने पर परिणाम भुगतने के तीखे बोल का तीर छोड़कर खलबली मचा दी और शांत चित्त से खेती-किसानी, धर्म-कर्म में जुट गए हैं। अब इधर काका का हल और उधर कद्दावरों का बल प्रदेश की राजनीति में क्या रंग लाता है?* मुफ्त में बदनाम बेचारा चावल चाहे वह प्राईवेट हो या सरकारी इन दिनों अपनी हकीकत से परे प्लास्टिक की पहचान लिए घूम रहा है। उसे लोगों ने गेंद बनाकर फिर उछालकर तो कहीं जलाकर परखा। पेट दर्द भले किसी और वजह से हो पर जब से प्लास्टिक चावल का शिगूफा उड़ा है, बेचारे निर्दोष चावल के मुफ्त में बदनाम होने के कारण लोग उसकी ओर से नजरें फेरने लगे कि सरकारी जांच ने लाज बचा ली है। अब यह तो मोटे-पतले, टूटे-फूटे चावल के किस्मत की बात है कि कहीं हिकारत तो कहीं इज्जत की नजरों से देखा जा रहा है।*  दान की बछिया  पुरानी कहावत है कि दान की बछिया का दांत नहीं गिना जाता। पर एक नेता को लगता है यह कहावत नहीं मालूम! अब एमएलए ने घोषणा कर दी है तो सरकारी प्रक्रिया में देर-सबेर हो जाती है। टेबल से फाइल सरकना उसके वजन पर भी निर्भर करता है। अब लेने वाला सख्श एमएलए के पीछे ही पड़ गया है जबकि उसे तो अपनी सरकार होने का लाभ उठाकर अपना जुगाड़ पहले फिट करना चाहिए, पर जनाब इशारों की राजनीति में पुरानी कहावत भूल बैठे हैं। हाथी के दांत सरकारी तंत्र में योजनाओं का क्रियान्वयन हाथी के दांत की कहावत चरितार्थ कर रहे हैं। खाने का और-दिखाने का और की तरह फील्ड में काम कुछ नजर आता है तो रिकार्ड में उसे पूरा बताया जाता है। अब ठेका व कमीशन के फेर में सरकारी तंत्र को इतना भी गैर जिम्मेदार नहीं होना चाहिए कि जो दिख रहा है उसे भी अनदेखा कर दें। आखिर गरीबों व पीडितों की हाय भी देर-सबेर लग ही जाती है। अर्थी, घंटी और न जाने क्या-क्या विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों से क्षुब्ध छात्र नेताओं के विरोध के तरीके काफी अलग-थलग होते जा रहे हैं। कहीं अर्थी निकालकर विरोध तो कभी घंटी बजाकर नींद से जगाने का प्रदर्शन अपने आप में अनोखा तो कहा जा सकता है लेकिन विरोध की ऐसी संस्कृति और तरीका कितना जायज हो सकता है, यह तो छात्र नेताओं के लिए आत्ममंथन का विषय है। विरोध के तरीकों से अब तो विचार भी उठने लगे हैं कि ये पाश्चात्य तरीके से विरोध का अनुशरण करना न शुरू कर दें वरना अर्थी, घंटी के बाद और न जाने क्या-क्या तरीका देखने को मिलेगा? * अंत में निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों की मनमानी से परेशान पार्षदों की एकजुटता ने आखिरकार रंग ला ही दिया। विशेष सम्मिलन में सोमवार को साकेत का गलियारा चहल-पहल से भरा होगा तो बंद कमरे में विरोध के स्वर गूंजेंगे। वैसे भी जनप्रतिनिधियों को जनता की काफी खरी-खोटी सुननी पड़ रही है। अब अपनी भड़ास ये जनप्रतिनिधि कमरे में किस प्रकार निकालेंगे और इसका निचोड़ किस रूप में जनता और विकास कार्यों के लिए सामने आयेगा, यह वक्ती तौर पर देखने वाली बात होगी।  

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 MadhyaBharat  1 August 2017

कोरबा / चाय की चौपाल

राजेन्द्र जायसवाल कोरबा जिले की पुलिस आधी रात जगह-जगह चाय की चौपाल लगा रही है जिसमें रूक कर चाय पीने वालों को सुखद और खास अनुभूति होने लगी है। वैसे पुलिस के बारे में जुमला है कि इनकी चाय बड़ी महंगी पड़ती है पर अभी रात में जागकर पिलाई जा रही चाय वाहन चालकों के जीवन पर नींद की झपकी के कारण आने वाले संकट को टालने की वजह से काफी फायदेमंद हो रही है। अब आखिर पुलिस के द्वारा रात में चाय-पानी पिलाते समय कैसा नजारा रहता होगा, यह देखने के लिए ही कुछ लोग अपनी गाड़ी निकालकर रात में घूमने निकल पड़ते हैं। वैसे पुलिस कप्तान के इस अभिनव पहल को सराहना मिल रही है।  चार दिन की चांदनी गली-गली झाडू उठाकर साफ-सफाई को बढ़ावा देने वाला स्वच्छता अभियान चार दिन की चांदनी बनकर रह गया। शोर- शराबे, तामझाम, लाव लश्कर के साथ गली कूचों में निकलने वाले खास चेहरे भी अब अभियान से दूर हो चुके हैं। शुरूआती दौर में एक अलग समिति ही बना दी गई किन्तु कागजों में सिमटी समिति कागज से बाहर निकलकर धरातल पर नहीं पहुंच पाई है। बारिश में बजबजाती गंदगी इस बड़े अभियान और समिति के जिम्मेदारों को चिढ़ाती नजर आती है।  मखमल पर टाट का पैबंद नगर को संवारने एवं यहां आने वालों को मंत्रमुग्ध कर देने के लिए लाखों रूपये बहाकर सौंदर्यीकरण, चित्रकारी और अन्य जतन लगातार निगम क्षेत्र में कराये जा रहे हैं। दूसरी तरफ इन्हीं साज-सजावट के दूसरे पहलू के रूप में नगर की उबड़-खाबड़ और एक तरफा भागती सड़कें, बरसात के दौरान छोटे-बड़े तालाब, नहर का शक्ल लेती सड़कें सौंदर्यीकरण के मखमल पर टाट का पैबंद साबित हो रही हैं। अब जनता तो यहां तक कहती है कि सौंदर्यीकरण भले न करें पर पानी की निकासी और सड़कों और नालियों की व्यवस्था दुरूस्त कर दें तो यही उनके लिए सौंदर्यीकरण होगा।  अफसरों की नजर-ए-इनायत दिया तले अंधेरा की कहावत को साकार करने वाले ऊर्जानगरी के बिजली अफसरों की नजरें यहां की जनता पर इनायत नहीं हो पा रही है। वजह चाहे कुछ भी हो किन्तु मेंटनेंस में लापरवाही, उपकरणों की खरीदी में भ्रष्टाचार का नतीजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। बिजली जले या न जले भारी भरकम बिल अपने समय पर दस्तक दे जाता है। अब तो बारिश के मौसम में आंधी चलने, हल्की सी बारिश होने पर ही लाईट गुल करने का सुनहरा मौका भी इन्हें मिल जाता है। जनता इस सवाल का जवाब खोज रही है कि जब 24 में से बमुश्किल 5-6 घंटे ही बिजली नसीब हो पाती है तो बिल पूरा क्यों भरा जाए? गांव की जनता के लिए तो बिजली का बिल दूध-भात के समान होना चाहिए, क्योंकि यहां हफ्ते भर बिजली लौटने का नाम नहीं लेती। लोजपा नेता की अपनी धाक केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पार्टी के नेता को मंत्री महोदय ने खाद्य निगम आयोग का डायरेक्टर नियुक्त कर जिले का जिम्मा सौंपा है। लोजपा नेता की नई-नई चमचमाती वाहन के आगे-पीछे और नंबर प्लेट पर लगे पदनाम की चर्चा खूब है।  बैन हटे तो किस्मत चमके सरकारी कर्मचारियों के तबादला पर इस साल अभी तक प्रतिबंध नहीं हटने पर शासकीय सेवकों में तो मायूसी है ही, इससे कहीं ज्यादा मायूस और निराश वे छुटभइये नेता हैं जो मनपसंद जगह पर तबादला कराने के बहाने अपनी किस्मत चमकाने की फिराक में रहते हैं। वैसे अगले वर्ष विधानसभा चुनाव की डुगडुगी बज जाएगी और इससे पहले अपना हित साधने के प्रति चिंतित लोग ईश्वर से मनाने लगे हैं कि तबादले पर लगा प्रतिबंध जल्द हटाने की सद्बुद्धि सरकार को मिले।  अफवाह यह भी अब यह अफवाह कौन फैला रहा है कि कोरबा नगर निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण में तीसरा रेंक दिलाने व उनकी बेहतर कार्य प्रणाली से प्रभावित होकर प्रदेश के एक कद्दावर मंत्री निगम आयुक्त को अपने क्षेत्र में लाने प्रयासरत हैं।  एक सवाल आप से❓ सत्तापक्ष की महिला नेत्री से छेड़छाड़ करने के आरोपी युवा नेता को आखिर संगठन के किस नेता का वरदहस्त प्राप्त है कि उस पर एफआईआर के बाद भी न तो पुलिस और न संगठन कोई कार्यवाही कर रहा है?  

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 MadhyaBharat  5 July 2017

coal main

कोरबा में एसईसीएल की घाटे में चल रही भूमिगत खदानों को बंद करने के निर्णय पर अंतत: अंतिम मुहर लग गई। बांकीमोंगरा खदान को अगले माह जुलाई में ही बंद कर दिया जाएगा। अगस्त में मीरा व बलरामपुर को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। कुल 14 खदानों को चिंहाकित किया गया है। दो माह के अंदर छह खदान बंद कर दिए जाएंगे। काफी समय से कोल इंडिया देश में भर चल रही घाटे की 270 कोयला खदानों को बंद करने के फिराक में थी। श्रमिक संगठनों के विरोध को देखते हुए निर्णय नहीं लिया जा सका था, पर आर्थिक संकट से उबरने अंतत: खदानों को बंद करने व आउटसोर्सिंग में दिए जाने का आदेश शनिवार को जारी कर दिया गया। छह खदान हसदेव क्षेत्र की पालकीमारा, चिरमिरी की नार्थ चिरमिरी, जोहिला क्षेत्र की वीरसिंहपुर, कोरबा एरिया की बांकीमोंगरा 3-4 नंबर, जमुना कोतमा की मीरा व विश्रामपुर क्षेत्र की बलरामपुर माइंस को तत्काल प्रभाव से आने वाले दो माह के अंदर बंद किया जाना है। इन खदानों में काम करने वाले 1983 कर्मचारी प्रभावित होंगे। कोल इंडिया का कहना है कि पिछले दो साल से ये खदान लगातार घाटे में चल रही। यानि कोयला उत्पादन से जो लाभ हो रहा है, उससे कहीं अधिक उत्पादन में लागत आ रही। इसके लिए श्रमिक संगठन कोल इंडिया की नीति को ही जवाबदार मानते रहे हैं। यही वजह है कि अभी हाल ही में कोयला उद्योग में हड़ताल की घोषणा कर दी गई थी। समझौता वार्ता के दौरान कोल इंडिया व कोल मंत्रालय ने घाटे में चल रहे खदानों को श्रमिक संगठन के बाद ही बंद किए जाने का आश्वासन दिया था, पर बिना किसी बैठक व सहमति के ही आदेश जारी कर दिया गया। छह खदानों को बंद करने के अलावा तीन खदान बैकुंठपुर एरिया की कटकोना, झिलमिली व भटगांव क्षेत्र की शिवानी माइंस को आउटसोर्सिंग में दिए जाने का भी आदेश जारी कर दिया गया है। इसके अलावा हसदेव एरिया की वेस्ट झगराखंड व भटगांव क्षेत्र की कल्यानी भूमिगत खदान यदि आउटसोर्सिंग में चली गई तो ठीक, नहीं तो इन दोनों को भी हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। पहले से तीन खदान जमुना-कोतमा क्षेत्र की कोतमा वेस्ट, गोविंदा तथा चिरमिरी की अंजनहिल बंद हैं। इन्हें भी आगे प्रारंभ नहीं किए जाने का निर्णय ले लिया गया है। कोतमा वेस्ट में 19 मार्च 2011, अंजनहिल में 6 मई 2010 तथा गोविंदा में 1 मई 2013 से प्रोडक्शन बंद है। जेबीसीसीआई सदस्य नाथूलाल पांडेय ने बताया एसईसीएल प्रबंधन ने भूमिगत खदान को घाटे में बता बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। कुछ खदान में कोयला का भंडार खत्म हो चुका है, जबकि कई खदान में कोयला होने के बाद भी बंद किया जा रहा। इसका विरोध करेंगे। मंगलवार को प्रबंधन के साथ बैठक में सभी खदानों की पूरी रिपोर्ट ली जाएगी। 

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 MadhyaBharat  27 June 2017

कोरबा -बैकफुट पर कोल इंडिया

राजेन्द्र जायसवाल संगठन की शक्ति से हर बड़ी से बड़ी समस्या से जूझकर जीत तय हो सकती है, इस मूलमंत्र ने मजदूर एकता की ताकत को न सिर्फ बढ़ाया बल्कि बड़ी तेजी से श्रम विरोध नीतियों की ओर आगे बढ़ रहे कोल इंडिया व सरकार को बैकफुट पर वापस लौटना ही पड़ा। हालांकि मजदूर ताकत को तोडऩे की भरसक कोशिश और एक बड़े श्रम संगठन इंटक को बैठक से अलग कर कमजोर करने का प्रयास करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कहा गया है कि जहां चाह होती है वहां राह निकल ही जाती है और मजदूरों ने अपनी राह निकाल ही ली।  कोयला की कोठरी में सब काला कोयले की कोठरी में जाकर कोई बेदाग निकल जाये, ऐसा चमत्कार न हुआ है और न होगा। इस कोठरी में जाने वाला हर सफेदपोश काला होकर ही निकला है। एसईसीएल से जुड़े एक सख्श ने ऐसे सफेदपोश के नाम का खुलासा किया है जिस पर हाथ डालने में अच्छे-अच्छों की रूह कांप सकती है। छोटे मोहरे के राज भी उसने प्रधानमंत्री से लेकर कोयला मंत्री, मुख्यमंत्री, डीजीपी और सीएमडी को लिखे पत्र में खोले हैं। सारा नेटवर्क और कच्चा चिट्ठा खोलने के बाद गेंद शासन, पुलिस और सीबीआई के पाले में चली गई है। अब वक्त बताएगा कि सफेदपोश और उसके नेटवर्क को कब और कितना हद तक जाकर ध्वस्त किया जा सकेगा।  साहब... बगीचा तो दिलवा दो वर्षों पहले पूर्व महापौर के द्वारा शासकीय जमीन पर बनवाया गया बगीचा यहां के बसोड़ों के बच्चों के काम नहीं आ रहा। पहले बच्चों के खेलने के नाम पर मैदान में बड़ा बगीचा बनवाया और बाद में घुसने से मना किया जाने लगा। अब खेलकूद से महरूम बच्चों के लिए जिले के मुखिया से इस बगीचे को खोलकर मनोरंजन के साधन विकसित करने व जिम खाना खोलने की गुहार लगाई है। मैदान में बगीचा बनाने और फिर इसमें जाने से रोक लगाने का राज ये बसोड़ आज तक समझ नहीं पाये हैं। अब इस राज का पर्दाफाश हो या न हो लेकिन बगीचा तो खुलना चाहिए।  एक सवाल आप से वह कौन अधिकारी है जो जिले में कोयला और कबाड़ का परिवहन पकड़े जाने पर अपने और बड़े साहब के रूतबे से छुड़वाने की कोशिश करता है?  

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 MadhyaBharat  22 June 2017

कोरबा में पॉवर प्लांट का राखड़ डेम फूटा

कोरबा डीएसपुएम पॉवर प्लांट का राखड़ डेम गुरुवार को फूट गया, जिससे काफी तादाद में राख बहकर किसानों के खेतों में जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक इस घटना का गुरुवार सुबह तब पता चला, जब कुछ किसान अपने खेतों में पहुंचे। इधर डीएसपुएम पॉवर प्लांट प्रबंधन ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक डेम फूटने के घटना रखरखाव में लापरवाही के कारण हुई है। इस कारण कई खेतों की जमीन बर्बाद हो गई है। खेत की जमीन खराब होने से किसानों में भी आक्रोश है।  

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 MadhyaBharat  1 June 2017

राजेंद्र जायसवाल

राजेंद्र जायसवाल कोसगई सेवा संस्थान के अध्यक्ष शंकर रजक किसी के न हुए और कोई उनका होता नजर नहीं आ रहा। कभी इसका तो कभी उसका दामन थामकर नजदीकी बढ़ाने वाले रजक ने पहाड़ पर ही सही, अतिक्रमण कर बनाये गये मंदिर व निर्माण को तोडऩे से कहीं ज्यादा गौशाला के तोड़े जाने का दुख और मलाल कर अपना इस्तीफा हाई कमान अजीत जोगी को भेज दिया। अब रजक के गौशाला रूपी जख्म पर कोई मरहम लगाये या न लगाये लेकिन सरकार की गौसेवा आयोग के अध्यक्ष ने मरहम लगाने की ठानी है। अब इनके मरहम से जख्म कब तक और किस हद तक भरेगा या नासूर बनेगा? यह तो वक्त बताएगा।  केबिनेट मंत्री दर्जा का राज जिले को एक केबिनेट मंत्री दर्जा वाला भारी भरकम दायित्व मिल ही गया। वैसे तो चुनाव के दौरान मिले दायित्व को निभाने की बात पर पंडित जी खरे उतरे तो वचन निभाने की दुहाई को पूरा कर उन्हें हस्तशिल्प बोर्ड का सदस्य बना दिया गया। सदस्य के रूप में अच्छा परफार्मेंस दिखा रहे पंडित जी अब केबिनेट मंत्री दर्जा के ऊंचे ओहदे पर पहुंच चुके हैं। जिले की जनता यह जानने को आतुर है कि उनके केबिनेट मंत्री बनाये जाने का आखिर राज क्या है? नाम बड़े और दर्शन छोटे कोयला लदान से आमदनी ने बिलासपुर जोन में शामिल कोरबा रेलवे ने खूब नाम तो कमाया लेकिन जहां से कमा रहे हैं, वहां के लोगों के प्रति कृतज्ञता का भाव जाहिर करने में कोताही दिखा रहे हैं। कोरबा की जनता को रेलवे क्रासिंग का जाल बिछाकर और बार-बार रेल फाटक बंद कर तकलीफों का दंश दे रहे रेलवे को यात्री सुविधाओं की भी चिंता नहीं है। अब रेलवे का नाम भले कोरबा के बलबूते देश में बड़ा है लेकिन उसके दर्शन तो छोटे हैं।  बालको को घुड़की और मान-मनौव्वल बालको वेदांता प्रबंधन को यूं तो जनप्रतिनिधि घुड़की देने और आलोचना करने से नहीं चूकते लेकिन प्रबंधन का अमला भी इनसे एक कदम आगे चलने से परहेज नहीं करता। घुड़की और आलोचना को निंदक नियरे राखिये की तर्ज पर मानकर प्रबंधन भी सभी को किसी न किसी बहाने से अपने पास बुलाकर प्रशंसा कराने और अखबारों में सुर्खियां बटोरने से नहीं चूकता।   एसईसीएल का सच सामुदायिक विकास मद से खदान प्रभावित क्षेत्रों में काम करने के एसईसीएल के दावों की पोल आखिरकार संसदीय सचिव ने खोलकर रख दी। प्रभावित लोगों की समस्याओं पर बीच-बीच में कोयला कंपनी को टारगेट में लेने वाले संसदीय सचिव ने वह राज खोल दिया जो बहुत कम लोग जानते हैं। पुनर्वास गांव विजयनगर में 30 साल पहले के विकास की रूपरेखा को अभी तक अधिकारियों के सामने एसईसीएल वाले दिखाते और भुनाते आ रहे हैं। संसदीय सचिव ने प्रशासन के साथ पुनर्वास गांवों की सूरत देखने की बात कही है, तब उजागर होने वाले सच की कल्पना से कंपनी के लोग सहमे-सहमे से हैं कि कब, कौन टारगेट में आ जाए। और अंत में❗ प्र्रदेश में कोचिया बंदी खत्म करने के लिए तत्पर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने ग्राम बिरदा के समाधान शिविर में जो घुड़की दी और घुट्टी पिलाई, उसका असर यहां भी दिखने लगा है। शराब के अवैध ठिकाने भले ही न मिलें हो पर दूसरे तरीके से नाक के नीचे से गुजर कर नशा परोसने वालों पर ताबड़तोड़ कार्यवाही से यह राज जरूर खुला है कि अपनी धनलिप्सा को बुझाने किस तरह युवा वर्ग को दलदल में धकेला जा रहा है। बच्चों में बढ़ते नशे की लत और यत्र-तत्र पीठ पर बोरियां लादकर कचरे में दो वक्त की रोटी तलाशने वाले बचपन को भी अभियान के रूप में सुरक्षित करने की जरूरत है। एक सवाल आप से ❓ आबकारी विभाग की सरपरस्ती में किन चुनिंदा कर्मचारियों ने भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों से हजारों रूपये वसूले हैं? एक ने तो अपने सगे रिश्तेदार को भी नहीं बख्शा।  

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 MadhyaBharat  10 April 2017

कोरबा विद्युत उत्पादन कंपनी

कोरबा विद्युत उत्पादन कंपनी के 500 मेगावाट के डीएसपीएम की एक नंबर इकाई से बिजली उत्पादन शुरू हो गया, तो पूर्व संयंत्र की 50 मेगावाट की एक इकाई तकनीकी खराबी आने से बंद हो गई। उधर मड़वा प्रोजेक्ट की 500 मेगावाट की दो नंबर इकाई तीन दिन बाद भी शुरू नहीं हो सकी। कंपनी की 9 इकाई बंद होने से 1590 मेगावाट बिजली का उत्पादन ही नहीं हो रहा। प्रदेश में बिजली की मांग 3553 मेगावाट बनी रही। उत्पादन कंपनी की डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (डीएसपीएम) की बंद एक नंबर इकाई की तकनीकी खराबी दूर कर सोमवार को चालू किया गया। 250 मेगावाट की इस इकाई से मात्र 184 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। उधर कोरबा पूर्व संयंत्र की चार नंबर तकनीकी खराबी आने की वजह से बंद पड़ गई। संयंत्र की छह में से तीन इकाई ही परिचालन में है। इनमें 50 मेगावाट की दो तथा 120 मेगावाट की छह नंबर शामिल है। 440 मेगावाट के इस संयंत्र से मात्र 143 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। जांजगीर-चांपा स्थित 1000 मेगावाट के मड़वा परियोजना की दोनों इकाई बंद पड़ी हुई है। उम्मीद जताई जा रही थी कि सुधार कार्य के बाद 500 मेगावाट की दो नंबर इकाई को चालू कर लिया जाएगा, पर सुधार कार्य पूरा नहीं हो सका। एक नंबर इकाई पहले में बाइब्रेशन आने से बंद हो चुकी है। इस इकाई को फिलहाल चालू करना संभव नजर नहीं आ रहा है। 3400 मेगावाट वाले उत्पादन कंपनी के संयंत्रों से मात्र 1370 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। आईपीपी व सीपीपी से बिजली लेकर उपलब्धता 1641 मेगावाट है। सेंट्रल सेक्टर से लगभग 1912 मेगावाट बिजली लेने पर कुल उपलब्धता 3639 मेगावाट रही। सोमवार को पीक अवर्स में बिजली की मांग 3553 मेगावाट रही। जानकारों का कहना है कि सेंट्रल सेक्टर से बिजली मिलने की वजह से संयंत्र से उत्पादन कम होने के बाद भी दिक्कत नहीं आई। गर्मी बढ़ने की वजह से बिजली की मांग में दिन में चार हजार मेगावाट के करीब पहुंच रही है।  

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 MadhyaBharat  4 April 2017

धर्मांतरण पर हंगामा

कोरबा में एक हिंदू के घर चल रहे चंगाई सभा को लेकर जमकर बवाल मचा। आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए मौके पर पहुंचकर विरोध किया। ईसाई मिशनरी के पास्टर ने इस आरोप को खारिज करते हुए बीमार लोगों के बुलावे पर केवल प्रार्थना करने की बात कही। मौके पर पहुंचे सीएसईबी चौकी प्रभारी ने दो कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता करते हुए उन्हें चौकी ले आई। इससे नाराज जिलेभर के हिंदुवादी संगठन के लोग भारी संख्या में चौकी पहुंचकर घेराव कर दिया। पंप हाउस के झोपड़ी पारा मोहल्ले में रहने वाले संतोष नामक व्यक्ति के घर मिशनरी के लोग एकत्रित हुए थे। हिंदुवादी कार्यकर्ता भोजराम देवांगन व दिनेश भात्रा नवरात्र के अवसर पर धर्म जागरण संस्था के बैनर तले होने वाले कार्यक्रम की तैयारी के सिलसिले में पंप हाउस पहुंचे थे। कुछ लोगों ने उन्हें संतोष के घर ईसाई मिशनरी द्वारा धर्मांतरण कराए जाने की जानकारी दी। इसके साथ ही दोनों ने अन्य कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी दी और कुछ लोगों के साथ संतोष के घर पहुंचे। यहां पंप हाउस में स्थित चर्च के पास्टर पीटर ऐसू समेत अन्य मिशनरी के लोग मौजूद थे। आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण कराने का आरोप लगाते हुए विरोध किया। इसके साथ ही दोनों कार्यकर्ता सीएसईबी पुलिस चौकी पहुंचकर धर्मांतरण रोकने की शिकायत की। चौकी प्रभारी ग्रहण सिंह राठौर कुछ पुलिसकर्मियों के साथ पंप हाउस पहुंचे और वस्तुस्थिति की जानकारी लेने का प्रयास किया। इस बीच ईसाई मिशनरी के लोगों ने बताया कि कुछ बीमार लोगों के स्वस्थ होने की कामना को लेकर प्रार्थना की जा रही है। धर्मांतरण नहीं कराया जा रहा। इसके बाद चौकी प्रभारी श्री राठौर बेवजह विवाद खड़ा करने की बात कहते हुए भोजराम व दिनेश को अपने साथ चौकी ले जाए। दोनों आरएसएस कार्यकर्ताओं का कहना है कि चौकी प्रभारी ने मौके पर ही सबके सामने उनके साथ उनका पक्ष सुनकर अभद्रता की। इसकी खबर थोड़ी ही देर में हिंदुवादी संगठनों तक पहुंच गई और रात करीब 10 बजे सैकड़ों कार्यकर्ता पुलिस चौकी के सामने जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। हिंदुवादी नारों के साथ पुलिस के खिलापᆬ भी प्रदर्शन किया गया। कोरबा सीएसपी एसएस पैकरा व टीआई विवेक शर्मा सिटी कोतवाली मौके पर पहुंचे और किसी तरह समझाइश दी । पुलिस चौकी में बात उस वक्त बिगड़ी जब चौकी प्रभारी ग्रहण सिंह राठौर ने आरएसएस के कार्यकर्ताओं को यह कहते हुए धमकाया कि पंप हाउस की महिलाएं यहां शिकायत लेकर पहुंची हैं। बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार कर लिए जाओगे। इसके बाद कार्यकर्ता और अधिक आक्रोशित हो गए। चौकी में आरएसएस के वरिष्ठ नेता जुड़ावन सिंह ठाकुर, भारत जागृति मंच के किशोर बुटोलिया, चंद्रकिशोर श्रीवास्तव, रणधीर पांडेय, विश्व हिंदू परिषद के कैलाश नाहक भी पहुंच गए। कोरबा चर्चेस वेल्फेयर एसोसिएशन के विधिक सलाहकार अनुराग मोहित नाथ का कहना है कि इन दिनों ईसाई धर्मावलंबियों पर अत्याचार किया जा रहा। इसके पहले चैतमा चर्च को तोड़वाने का प्रयास किया गया। कोर्ट ने बीते 15 मार्च को इस पर स्थगन आदेश दिया है। हम इंसाफ के लिए न्यायिक लड़ाई लड़ेंगे। इस घटना की भी शिकायत चौकी में की जाएगी। टीआई सिटी कोतवाली विवेक शर्मा ने बताया धर्मांतरण की शिकायत पर पुलिस की टीम पंप हाउस पहुंची थी। दोनों पक्ष से मिली शिकायत की जांच की जाएगी।   

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 MadhyaBharat  30 March 2017

राजेंद्र जायसवाल

राजेंद्र जायसवाल   नोटबंदी से जनता को हुई पीड़ा बताने कांग्रेसी वार्ड-वार्ड में जनवेदना पंचायत लगाकर प्रधानमंत्री मोदी का मुखौटा पहनाकर बिठा रहे हैं। पंचायत में कांग्रेस की वेदना तो जरूर सुनने को मिल रही है, लेकिन अपेक्षित जनता की वेदना गायब है। जनवेदना में सरकार को कई मुद्दों पर कांग्रेसी घेर रहे हैं और जनता सिर्फ उनकी वेदना सुनकर घर लौट रही है।  फिर आया सुराज गर्मी का मौसम शुरू होते ही मुख्यमंत्री के लोक सुराज की तस्वीर जेहन में उभर जाती है। इस बार भी लोक सुराज का मौसम तो आ गया लेकिन नजारा बदला-बदला रहेगा। सुराज से पहले समाधान शिविरों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के लोग शिकायतों का पुलिंदा डालकर पेटी को भरने जुटे हैं। पार्षद, पंच, सरपंच को दी और बताई जाने वाली समस्या अब सीधे मुख्यमंत्री, मंत्री और कलेक्टर को बता रहे हैं। इस सुराज में मंत्री, नेता आएंगे जरूर लेकिन लोकार्पण-शिलान्यास नहीं बल्कि समस्या का समाधान करने। अध्यक्ष के भतीजे का खौफ एक नगर पंचायत के अध्यक्ष के भतीजे के खौफ से महकमे के अधिकारी और कर्मचारी तक काफी खौफजदा हैं। आलम तो यह है कि इनकी मर्जी के बगैर पत्ता तक नहीं हिलता और नगर पंचायत के बड़े प्रशासनिक अधिकारी भी इनका कोपभाजन बनने से बचने इशारों पर काम करने की विवशता बताते हैं। पूरे पंचायत महकमे में इन महाशय की टूटी ऐसे बोल रही है कि कोई अपना मुंह खोलने को तैयार नहीं कि कब कौन सी गाज गिरवा दें? रामपुर में दिखी ताकत जिले में राजनीति के विकेन्द्रीकरण का गढ़ बने रामपुर में मुख्यमंत्री की सभा और इस बहाने हुआ पंचायत महासम्मेलन सफल रहा। इस सफलता पर सत्ता पक्ष और संगठन अपनी पीठ थपथपाते नहीं थक रहे लेकिन इस बात से सब वाकिफ जरूर है कि महासम्मेलन सह सभा में भीड़ कैसे और कहां-कहां से अधिकारियों ने बटोरी।  सिरदर्द बनी शराब जिंदगी से हताश और निराश लोगों का सिरदर्द दूर करने वाली शराब इन दिनों शासन-प्रशासन का सिरदर्द बनी हुई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए शराब ताजा मुद्दा है और जनता भी खूब हवा दे रही है। पहले खाकी अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए परेशान रहती थी, अब शराब के नये ठीहे बनवाने के लिए सुरक्षा में मगजमारी कर रही है। जगह-जगह आंदोलन के पीछे भी गजब की कहानी है। कुछ तो अपनी तरफ दुकान खुलवाने के लिए पुरानी जगह में हो रहे आंदोलन को हवा दे रहे हैं। वैसे इस चुनौती से निपटना भी एक चुनौती बन गई है।  एक सवाल आप से❓ जोगी कांग्रेस की वह कौन नेत्री है जिसने कांग्रेस का दामन तो एक साथ छोड़ा लेकिन उनकी पार्टी में वापसी के बाद जमकर अपनी भड़ास लौटने वाली नेत्री पर उतारी ? और अंत में ❗ आबकारी विभाग से दूसरे विभागों में जा-जाकर वनवास झेल रहे कर्मचारियों के चेहरे खिल उठे हैं। सरकार के फैसले के बाद अब ये अपने मूल विभाग में लौटने के लिए छटपटा रहे हैं। समाधान शिविर के जरिये भी अपनी मंशा लंबे-चौड़े आवेदन के साथ जताने की भी तैयार की है। अब तो इनका एक ही सपना है कि कैसे भी करके अपने विभाग में लौट आयें।  

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 MadhyaBharat  27 February 2017

कोरबा  राजेंद्र जायसवाल

राजेंद्र जायसवाल  चुनावी नाराजगी से कांग्रेस का दामन छोड़ उषा तिवारी व अखलाख खान ने पार्टी को महापौर चुनाव में उषा तिवारी ने कांग्रेस प्रत्याशी को टक्कर भी दी और चुनावी बोल ऐसे थे मानो अब कभी दोस्ती नहीं होगी। बढ़ती दूरियों से कयास भी कुछ ऐसा ही लगने लगा था। पतझड़ की तरह कांग्रेस की डाल से टूटे ये दोनों पत्ते एक बार फिर अपनी शाख से जुड़ बसंत में जुड़ गये। अब संगठन से लेकर नगरजन भी ये जानने को बेताब हुए जा रहे हैं कि आखिर यह बसंत बहार क्यों लौटी। कंबल दें तो, न दें तो मुसीबत लॉकअप में बंदी को कंबल देना और नहीं देना दोनों हालात में पुलिस के लिए मुसीबत है। ठंड और मच्छरों से बचाने इन्हें कंबल न मिले तो मानवाधिकार का झण्डा उठाने वाले डंडा तान लेते हैं और कंबल दे दो तो तरह-तरह के जतन कर खुदकुशी का जुगाड़ बंदी बना लेते हैं। अब खाकी मुसीबत में है कि आखिर इन्हें दें तो क्या दें? कप्तान के फरमान से पशोपेश में प्रभारी हवालात में मौतों ने कप्तान को इतना गंभीर कर दिया कि जिस नियम को जानकर भी थानेदार फालो नहीं करते थे उसकी याद दिला दी। अब हवालात में कोई भी बंदी रहा तो थाना-चौकी प्रभारी को वहीं बोरिया बिस्तर लगाना पड़ेगा। इस फरमान से थानेदार पसोपेश में पड़ गये हैं और अब तो ऐसा भी हो सकता है कि किसी आरोपी को थाना-चौकी लाकर पूछताछ के बाद रात से पहले तू भी घर जा और मैं भी घर जाऊं की तर्ज पर किसी भी रिस्क से बचा जाए।  काम न आई नेतागिरी समाज सेवक शंकर रजक आज तक वैसे तो स्पष्ट नहीं कर पाये कि वे किस पार्टी के हैं और उनका नेता कौन है। भले ही वर्तमान में अजीत जोगी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं और यह कहने से भी नहीं चूकते थे कि उनका घर द्वार उनके कहने से बचा है। अब जब बुलडोजर चल गया तो समझ नहीं पा रहे कि आखिर ऐसा कैसे हो गया? इस बात का मलाल गाहे बगाहे जरूर उभर जाता है कि उनके अपने ही चहेते भस्मासुर बन गये। छापा से दहशत कोयले की नगरी में अकूत अघोषित चल अचल संपत्ति बनाने वालों की नींद उड़ी हुई है कि कब उनके घर इन्कम टैक्स या एन्टी करप्शन ब्यूरो का छापा पड़ जाए। वैसे तो पिछले ही दिनों मुख्य आयकर अधिकारी केसी घुमारिया ने अच्छी खासी घुट्टी नगर के धनाढयों को पिलाई और अब एंटी करप्शन और इन्कम टैक्स के छापा दर छापा से ऐसे लोगों की हवा खराब हो रखी है। एक सवाल आप से ❓ वह कौन सा अधिकारी है जो ठेकेदारों से टेंडर का कमीशन ले लेने के बाद ठेका निरस्त कर देने के लिए प्रशासनिक और ठेका गलियारे में सुर्खियों में है।  और अंत में❗ कोरबा जिले को स्मोकलेश बनाने जिले के मुखिया गंभीरता से जुटे हुए हैं तो दूसरी ओर अधीनस्थ अधिकारी और महिकमों के मैदानी अमले के कारण इस निर्देश को धुएं की तरह उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। सघन बस्तियों में इस अभियान को तत्परता से लाना है पर यहां शाम के धुंधलके में धुआं ही धुआं अब भी तैरता है और सर्वे तो अभी तक दूर की कौड़ी बनी हुई है। उज्जवला में आवेदन जमा कर सिलेंडर का इंतजार करते लोगों को दल से आस है पर दल इनके बीच न पहुंचकर निराश किये हुए है।   

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 MadhyaBharat  20 February 2017

korba राजेंद्र जायसवाल

राजेंद्र जायसवाल पहली बार कोरबा की धरती पर उतरे प्रमुख आयकर आयुक्त ने अपने काम करने के अंदाज बयां कर जोर का झटका धीरे से दे दिया। इशारों ही इशारों में अपनी बात कहकर आय छुपाने वालों को घुड़की दे डाली और सहलाते हुए घुट्टी भी पिला दी कि अब भी बाज आ जाएं वरना उनसे बुरा कोई नहीं होगा। अब यह तो आयकर दाता पर निर्भर है कि वह घुड़की से डरकर सही रास्ते पर चलेगा या घुट्टी पीकर आदत से बाज आएगा।  एक थैली के चट्टे-बट्टे एक अनुविभाग के दो शीर्ष अधिकारी इन दिनों एक ही थैली के चट्टे-बट्टे बनकर मशहूर हुए हैं। इलाके में चर्चा का आलम तो यहां तक है कि नोटबंदी के बाद इन दोनों ने अपना वसूली वाला धन सफेद कराने बैंक में ही डेरा डाल दिया। एक ने तो बैंक अधिकारी को घर पर ही बुलाकर अपना काम कराया। दोनों की जुगल जोड़ी के किस्से इस कदर मशहूर हैं कि बात आला अधिकारियों से होते हुए राजधानी तक पहुंच गई है। वैसे भी इनकी कार्यशैली को लेकर हर दूसरे-तीसरे मुंह से चर्चा सुनने को मिल जाती है।  पार्टनर के चक्कर में बुरे फंसे रायपुर में एक बिल्डर के यहां पड़े छापे के बाद बिल्डर के कारोबार का दस्तावेज खंगालते हुए आयकर अधिकारियों को ऐसा सुराग लगा कि कोरबा पहुंच गये। अब उस बिल्डर के कोरबा निवासी पार्टनर और नेता कम व्यवसायी के लिए यह पार्टनरशिप महंगी पड़ गई और नेताजी पार्टनर के चक्कर में बुरे फंस गये और करोड़ों का आय मजबूरी में सरेंडर करना पड़ा। एक कदम आगे नोटबंदी का फैसला लेकर प्रधानमंत्री ने भले ही एकाएक धनकुबेरों और आपराधिक तत्वों के हौसले कमजोर किये लेकिन इनसे भी एक कदम आगे वो लोग चल निकले जो नोटों की फोटोकॉपी करने में माहिर थे। 2000 और 500 के नये नोट का  जाली इतनी जल्दी बाजार में आने की दूर-दूर तक संभावना नहीं थी, फिर भी ईमानदार सोच से एक कदम आगे चलने वाले बेईमान आखिरकार पलीता लगाने से बाज नहीं आते। समन्वय के रंग में भंग आला पदाधिकारियों के समन्वय सूत्र के रंग में आखिर भंग तब पड़ गया जब एक युवा नेता के जन्मदिन की पार्टी में पर्यटन स्थल पर जमकर गुत्थम गुत्था हुई। मिशन 2018 का लक्ष्य हासिल करने नेतागण आपसी तालमेल पर पसीना बहाने में दिन-रात एक किये हुए हैं, तो कुछ इस पसीने को अपने अहम की लड़ाई से सुखाकर नमक बनाने में कसर बाकी नहीं रख रहे।  सड़क और बाईपास पर तकरार नगर में स्थानीय मुद्दों से हटकर एक नया मुद़्दा सड़क और बाईपास पर चल रही तकरार का छिड़ गया है। सड़क पर काम होने के बाद कौन से वाहन चलेंगे और कौन से नहीं यह तो बाद की बात है पर इसी बहाने मुद्दे को भुनाने और अपनी-अपनी गुडविल बढ़ाने वाले भी शुभचिंतक बनकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। अब यह तो अपनी-अपनी समझ की बात है कि बरसाती मेंढक की तरह फुदककर क्यों बाहर आ रहे हैं? एक सवाल आप से ❓ वह कौन अधिकारी है जिसने नोट बंदी के बाद खपाने से बच गये पुराने नोटों की गड्डियां गुपचुप तरीके से आग के हवाले कर दी? और अंत में ❗ ऊर्जा और कोयले की नगरी में भूविस्थापित धरती पुत्रों से उनकी जमीन लेने के बाद नियम, कायदों का हवाला देकर वांछित लाभ से वंचित करने का सिलसिला और उपजता आक्रोश कोई आज का नहीं बल्कि वर्षों पुराना है। शायद एसईसीएल को यह अभास न रहा होगा कि उसकी उपेक्षा के कारण भड़क रही चिंगारी एक दिन ऐसा विस्फोटक रूप भी ले लेगी। किसी भी जख्म का नासूर बनने से पहले ईलाज जरूरी होता है लेकिन अपने टारगेट को पूरा करने में बेसुध अधिकारियों को न तो जख्म की परवाह है और न ही किसी के रोजी-रोटी की।   

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 MadhyaBharat  6 February 2017

korba

    कोरबा के दर्री साप्ताहिक बाजार के पास एक ट्रक, बस और मिनी बस में सोमवार सुबह आग लग गई।  रेलवे स्टेशन और जमनीपाली के बीच चलने वाली बस रात को यहां खड़ी की गई थी। तड़के यहां से गुजर रहे लोगों ने गाड़ि‍यों को जलते देखा और इसकी सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी। जिस तरीके से बस और ट्रक खड़ा है उससे इसके आपस में टकराने की अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं कुछ लोग इसमें शरारती तत्वों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और वाहनों में लगी आग को बुझाया, लेकिन तब तक वह जलकर खाक हो चुके थे। पुलिस ने इस मामले में जांच भी शुरू कर दी है।

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 MadhyaBharat  30 January 2017

korba news

राजेंद्र जायसवाल अहिंसा के पुजारी बापू को चरखा से हटाकर देशभर में खलबली मचाई है तो खादी ग्रामोद्योग खादी की बिक्री इसी बहाने बेतहाशा बढऩे की बात कह रहा है। देश में कैलेंडर और डायरी से बापू को किनारे किया तो कोरबा में भी मोदी रोड वाले नेता जी ने बापू के नाम घोषित मार्ग को अपने स्वनामधन्य कर रखा है। अब यहां तो इस तरह की कोई बात नहीं कि बापू का नाम हटाकर इन मोदीजी के कारण शहर को कोई फायदा हो रहा हो।  पिकनिक में पी तो हंगामा, स्कूल में ... थोड़ी से जो पी ली है, चोरी तो नहीं की... की तर्ज पर पिछले दिनों पिकनिक में शराब पीने वाले हेड मास्टर और शिक्षकों को लेकर गांव से मुख्यालय तक ऐसा बवाल मच गया कि कार्यवाही की तलवार लटक गई। अब ये साफगोई में कहते फिर रहे हैं कि हमारे पीने में हंगामा मच गया तो उनके लिए हंगामा क्यों नहीं मचाते जो आये दिन शराब पीकर स्कूल और सरकारी दफ्तरों में ड्यूटी बजाने पहुंचते हैं।  तस्वीर बदलने पोस्टर ब्वाय फेमस स्वच्छ सर्वेक्षण में कोरबा को टॉप 10 में शामिल किये जाने के बाद उत्साह से लबरेज निगम अमला अब नंबर 1 रैंकिंग हासिल करने पुरजोर कोशिश में जुटा है। तमाम अपीलों के बीच पोस्टर ब्वाय भी अपनी भूमिका निभाकर काफी सुर्खियां बटोर रहे हैं। अब मुख्य रास्तों के बदले गली कूचे में ये पोस्टर ब्वाय मेहनत करते तो अंदरूनी इलाकों में कुछ और ही असर होता। खैर, असर कहीं भी हो लेकिन निगम अमले के प्रयासों से स्वच्छ सर्वेक्षण को बेअसर नहीं होने देने में पोस्टर ब्वाय की भी आहूति नहीं चूकेगी।   हमें तो अपनों ने लूटा मौजूदा नगर पालिका कटघोरा में निर्वाचन के बाद से अपने ही अपनों में खींचतान का अंजाम इस हद तक पहुंच गया कि एक दूसरे को निपटाने में कोई कसर बाकी नहीं रही। पालिका उपाध्यक्ष और उनके सहयोगियों पर नीलगिरी के पेड़ काफी तेजी से गिरे। अब यह और बात है कि इनके हाथ भले ही होम करते जले हों, पर आग उनके ही दल के एक पूर्व मंडल अध्यक्ष ने कुछ ऐसी लगाई कि बचने का मौका तक नहीं मिला। इस आग में मौका ताक रहे लोगों ने भी थोड़ी-थोड़ी पेट्रोल अपनी तरफ से भी छिड़क दी।    आखिरकार नप गई गर्दन एसईसीएल की रेस्क्यू टीम के लिए सामानों की खरीदी में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों की गर्दन आखिरकार जांच के लंबे अंतराल के बाद नप ही गई। बाजार दर से अधिक दर पर खरीदी से कंपनी को चूना लगाने वाले अफसरों ने मौके पर जेब तो गरम की पर अब निलंबन की गाज गिरने के बाद दहशत का आलम है। इनके कारनामों की तरह कारगुजारियां कर रहे अधिकारियों व कर्मियों में भी भय की लहर चल पड़ी है कि देर सबेर कहीं वे भी चपेट में न आ जाएं।  हेलमेट के बाद अब बेल्ट  दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की समझाईश के बाद अब महानगरों की तर्ज पर चार पहिया वाहन चालकों को बेल्ट बांधने की समझाईश देते यातायात कर्मी दिख रहे हैं। आधुनिक तकनीकी के चार पहिया वाहनों में तो सीट के साथ बेल्ट लगी लगाई मिलती है पर वे बेचारे वाहन मालिक और चालक क्या करें जो पुराने जमाने की चारपहिया का साथ अब भी निभा रहे हैं।   और अंत में❗ खून से लाल होती सड़कों पर हादसे रोकने जिला पुलिस व यातायात महकमा  के सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतराल में ही हादसे दर हादसे हो रहे हैं। हर साल सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाने के बाद सारा कुछ उसी ढर्रे पर चल पड़ता है चाहे वह आम हो या वर्दीधारी। इस तरह की जागरूकता और निर्देश 365 दिन की जरूरत हैं जिन पर कठोरता से नियमों को लागू करना अनिवार्य होना चाहिए। यातायात विभाग, परिवहन अमला, वाहन मालिकों और चालकों मे गहरे आपसी समन्वय से हादसों में कमी मुमकिन हो सकेगा।  एक सवाल आप से ❓ विद्युत विभाग का वह कौन कार्यपालन यंत्री है जो रशियन के जंगल में रंगरलियां मनाते हुए पकड़ा गया था?  

Patrakar rajendra jaiswal

 rajendra jaiswal  18 January 2017

charandas mahant ji

    पीसीसी के निर्माणाधीन भवन में खर्च होगी राशि कोरबा में  पूर्व केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री डा. चरणदास महंत के 62वें जन्मदिन पर समर्थकों द्वारा 6200-6200 रूपये का चेक उन्हें भेंट किया गया। छ.ग. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्माणाधीन भवन हेतु यह राशि सहयोग   स्वरूप कोरबा प्रवास पर आये डा. महंत को उनके जन्मदिन के उपलक्ष्य में भेंट की गई।  इस मौके पर कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि क्षेत्र के लोकप्रिय नेता डा. महंत के जन्मदिन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीसीसी का भवन निर्माण में सहयोग का संकल्प लिया है, इसी कड़ी में डा. महंत को उनके जन्मदिन पर यह राशि दी गई है।  चेक भेंट करते समय विधायक जयसिंह अग्रवाल के अलावा जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष हरीश परसाई, शहर अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद, वरिष्ठ कांग्रेसी व अधिवक्ता अशोक तिवारी, बीएन सिंह, प्रवक्ता प्रशांत मिश्रा, मनोज चौहान ने भी उक्त राशि का पृथक-पृथक चेक अपनी ओर से भेंट किया। याद रहे पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल को यह राशि डा. महंत द्वारा सौंपी जाएगी जो बनने वाले भवन में खर्च होगी। पीसीसी भवन के लिए अन्य निष्ठावान कार्यकर्ताओं द्वारा भी डा. महंत के जन्मदिन के अवसर पर भेंट स्वरूप सहयोग राशि का चेक सौंपा जा रहा है।  

Patrakar rajendra jaiswal

 rajendra jaiswal  19 December 2016

new born girl

      कोरबा में  बांकी मोंगरा के एसईसीएल कॉलोनी के चटाइनार में एक नवजात बच्ची मिली लावारिस अवस्था में मिली। जानकारी के मुताबिक रामधीन साहू के घर के सामने कोई बच्ची को छोड़कर चला गया, बच्ची के रोने के आवाज सुनकर रामधनी के परिजन बाहर निकले तो भौचक्के रहे गए। बच्ची को कोई नुकसान न हो इसलिए उसे स्वेटर और गर्म कपड़ों से ढंककर छोड़ा गया था। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी और बच्ची को तुरंत नजदीक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची का जन्म 24 घंटे के अंदर ही हुआ है और वह स्वस्थ्य है।  

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 MadhyaBharat  17 December 2016

युवक पर किया भालू ने हमला

  कोरबा के लेमरू क्षेत्र में एक भालू ने युवक पर हमला कर दिया। इस हमले से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक को लेमरू के पीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। वन विभाग ने घायल युवक को 500 रुपए की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की है। लेमरू थानांतर्गत ग्राम हरदीमौहा निवासी रामजगन पिता जगन्नाथ (31) की सुबह करीब 5.30 बजे शौच के लिए गया हुआ था। इसी दौरान उसका सामना एक भालू से हो गया। भालू ने रामजगन पर हमला कर दिया। उसके चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर खेत में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों को देखकर भालू भाग खड़ा हुआ, लेकिन तब तक रामजगन बुरी तरह जख्मी हो चुका था। परिजनों ने उसे उपचार के लिए पीएचसी लेमरू में भर्ती कराया, जहां उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रामजगन की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।  

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 MadhyaBharat  30 November 2016

rajendr jaysval

राजेन्द्र जायसवाल  भगवाधारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा लांच किया गया 2000 का नया नोट इन दिनों कभी नोट के भीतर लगे चिप तो मोदी एप लोड करने के बाद दिख रही विडियों से खूब चर्चा बटोर रहा है। अब इस नोट के गुलाबी रंग को लेकर लोग चटकारे भरी बातें करने लगे हैं कि आखिर इस गुलाबी प्रेम के पीछे राज क्या है? 2000 का नोट लेने गये अब एक ग्रामीण ने कैशियर से पूछ डाला कि भईया इसमें दूसरे रंग का नोट मिलेगा क्या? नहले पर दहला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रेल बजट को वित्त बजट में समाहित कर अनावश्यक व्यय पर रोक लगाने का संदेश देने के बाद अब स्वयं 500 व 1000 के नोट बंद करने की घोषणा कर दी। प्रधानमंत्री के इस निर्णय के नहले पर कोरबा के जनप्रतिनिधि विनोद सिन्हा ने यह दहला मारा है कि जब रेल बजट नहीं तो रेल मंत्री का पद क्यों? और जब मोदी जी स्वयं वित्तमंत्री और आरबीआई गवर्नर को किनारे कर नोट बंद कर रहे हैं तो भारी भरकम केन्द्रीय मंत्रीमंडल को शून्य कर देश का अरबों रूपया व्यय होने से रोकें। कर्जा दे रहे हो क्या? नोट बंदी के बाद पुराने नोट बदलने के लिए कतार में लगे रहे लोगों से अलग-अलग आईडी और फार्म की फार्मेल्टी जिस तरह से कराई जा रही है उससे लोग अब बैंक वालों से यह सवाल करने लगे हैं कि भईया हमारा नोट बदल रहे हो या हमें कागजात लेकर कर्ज दे रहे हो? टपासियों का नदी-नालों में डेरा नोट बंद होने के बाद दूसरे प्रदेशों और जिलों में बोरा-बोरा नोट नदी में बहाने और कहीं-कहीं पर जलाने की घटना आम होने सेे जिले के टपासियानुमा और मुफ्तखोरों की बांछे खिल उठी। इन्हें इस बात कर इंतजार है कि देर-सवेर इस जिले में भी कोई बेइंतहां धनप्रेमी अपनी काली कमाई किसी नदी-नाला में बहाये तो वे उसे अपने कब्जे में कर लें। शुरूआती दौर में ऐसे लोगों ने अपने मुखबिर भी लगाये पर कुछ हाथ नहीं लगा। ऐसे टपासियों में अब भी 30 दिसंबर तक उम्मीद कायम है और प्रमुख नदी-नालों में डेरा जमाए बैठे हैं।  स्याही के फंडे से उड़े होश देश के पीएम के रातों-रात लिये निर्णय ने कई निठल्ले और बेरोजगार बैठे लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से दिहाड़ी पर रोजगार दिलाया और चतुर सुजान लोगों ने अपने घर में जमा रूपये बेफिक्र होकर चिल्लहर बटोरने का काम ऐसे लोगों के जरिये बखूबी किया। बिल्ली के भाग्य से झींका टूटने सी हालत बेरोजगारों की थी, पर शायद किस्मत को यह रास न आया और लंबी कतारों को देख मोदी जी ने एक्सचेंज वालों की उंगली पर स्याही के निशान का फंडा छोड़ दिया। इस फंडे ने मौका परस्तों के होश तो उड़ाये पर उन्हें राहत जरूर मिली जो लंबी कतारें देख मायूस होकर बैंक से लौट आया करते थे। और अंत में जिले में इन दिनों पुलिस महकमा काफी फीलगुड के आलम में है। आईजी का वार्षिक निरीक्षण ठीक-ठाक निपट गया और जाते-जाते वनांचल के थाने में शाबासी भी दे गये। अंडरप्रेशर में रहने वाले थाना व चौकी प्रभारियों व स्टाफ के मन में व्याप्त भय भी निकल चुका है। अब बच्चों के बीच पुलिस के अधिकारी व जवान समय व्यतीत कर उन्हें संगवारी के समान दोस्ताना व्यवहार कर अच्छे और बुरे का फर्क बताने में व्यस्त हंै। खाकी के बदलते रवैय्ये से समाज के लोगों में भी बेहतर फील हो रहा है।  अफवाह यह भी  अब यह अफवाह कौन फैला रहा है कि पुराने 100 और नये 2000 के नोट के बदले 20 से 25 प्रतिशत कमीशन मिल रहा है।  एक सवाल आप से  टीपी नगर के एक राष्ट्रीयकृत बैंक में गया चेम्बर का वह कौन पदाधिकारी है जो सीनियर सिटीजन बनकर रूपये बदलवा रहा था, लेकिन साथ ले गये आईडी में दर्ज उम्र देखकर उल्टे पांव लौट पड़ा। ❓  

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 MadhyaBharat  22 November 2016

korba news

कोरबा के  एसईसीएल गेवरा इलाके में अवैध खदान के धंसने से उसमें खुदाई कर रहे लोगों की मौत हो गई। हादसे में एक व्यक्ति घायल हो गया। मृतकों के नाम अभिषेक चौहान और रामकुंवर हैं। वहीं दीपक कंवर घायल हो गया, जिसे इलाके लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। सभी ग्राम भलपहरी के निवासी हैं। जानकारी के मुताबिक ये सभी पुरानी बंद हो चुकी खदान में अवैध खुदाई कर कोयला निकाल रहे थे, इसी दौरान मिट्टी धसक गई। सूचना मिलते ही आस-पास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अंदर दबे लोगों को बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने के बाद हरदी बाजार पुलिस भी मौके पर पहुंची।  

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 MadhyaBharat  18 November 2016

korba-राजेन्द्र जायसवाल

राजेन्द्र जायसवाल  दीपावली का त्यौहार मनाने के तुरंत बाद भाजपा और उसके संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रायपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम में शिरकत की। इसी बहाने भाजपाईयों ने सफारी में पहुंचकर जंगल के नजारे का सुखद आनंद उठाया और जानवरों से रूबरू हुए।  कांग्रेसी जेल गए  दीवाली के बाद कांग्रेसियों ने धान खरीदी, बोनस और तमाम मुद्दों पर सरकार का विरोध चारों विधानसभा क्षेत्र में पुरजोर तरीके से किया। कांग्रेसियों ने सरकार को कोसने के बाद जेल भरने में दम दिखाया और हजारों की संख्या में अस्थायी जेल को खचाखच भर दिया। बाद में सभी रिहा कर दिये गये। नेताओं की अगुवाई में जेल जाकर बाहर निकले कार्यकर्ताओं में संतुष्टी के भाव साफ झलक रहे थे।   पहला कदम जेल में, खान साहब खुश करीब 40 साल तक पुलिस में नौकरी करते कई लोगों को जेल भेजने वाले रिटायर्ड मकबूल खान ने राज्य स्थापना दिवस के दिन कांग्रेस के जेल भरो आंदोलन से अपने राजनीतिक जीवन की दूसरी पारी शुरू की। सपा छोड़कर कांग्रेस में आये खान साहब को पहला ही दिन जेल में कदम रखकर आगे बढ़ाना पड़ा। वैसे तो इस बात का उन्हें मलाल जरूर हुआ, लेकिन जब अनुभवी लोगों ने उन्हें समझाया कि राजनीति में आकर और पहले दिन ही जेल जाना बड़ा शुभ संकेत और बड़े राजनैतिज्ञ होने की ओर इशारा करता है, तो यह जानकारी खान साहब काफी खुश हुए कि चलो बोहनी अच्छी हो गई।  अगली दीवाली की भी बधाई तीज-त्यौहारों पर बधाई देने में नहीं चूकने वाले पक्ष-विपक्ष की नेताओं ने एक ही टिकट पर कई फिल्में देखने की तर्ज पर मल्टीपरपज बैनर-पोस्टर, फ्लैक्स छपवाकर अनेकानेक त्यौहारों की बधाई दे डाली। आलम यह है कि इन पोस्टरों की बदौलत ये नेतागण अगली दीवाली की भी बधाई दे डाले।  चायनीज पटाखे और लाइट भी  ऐन त्यौहार के मौके पर चाइना से ठनी रार की वजह से चायनीज लाईट और पटाखों की बिक्री पर दिल्ली से रोक लगाने के फरमान तो जारी हो गए और रायपुर होते निर्देश जिला पहुंचने पर अमल शुरू किया गया। दशहरा में तो चाइनीज हैलोजन तलाश लिये किन्तु दिपावली आते-आते यह ठंडा पड़ गया। त्यौहार की खुमारी और व्यस्तताओं में ऐसे उलझे कि मनाही के पहले से पटाखों का भंडारण कर चुके व्यवसायियों ने अपना नुकसान बचाने चकमा दे ही दिया। दीवाली और इसके पहले व बाद की रात में चाइनीज पटाखों का शोर गूंजता रहा।  चाईना सेल ने दिखाई दरियादिली चाईना निर्मित सामानों की बिक्री व स्वदेशी को प्रोत्साहित करने जिले के लोगों ने अपनी-अपनी तरह से काम किया। इससे भी एक कदम बढ़कर चाईना सेल के नाम से दुकानदारी चमका चुके स्थानीय प्रबंधक ने कुछ ऐसी दरियादिली दिखाई की सामान तो भले चायनीज बेचते रहे, लेकिन बाहर बोर्ड में चाईना महासेल की जगह इंडिया महासेल लिखवा दिया। अब भक्त चाईनीज खाने से करें बहिष्कार चाईना सामानों के बहिष्कार के मुद्दे पर हो-हल्ला मचाने, जगह-जगह प्रदर्शन और पुतला दहन कर ज्ञापन सौंपकर देशभक्ति का जब्जा तो खूब दिखाया गया। इनमें से ही ऐसे कई देशभक्त हैं तो खाने-पीने में चाईना का सामान काफी पसंद करते हैं। इन देशभक्तों को चाईना सामनों के साथ-साथ चाईना की देन रहे खान पान की वस्तुओं, चाइनीज फूड का भी बहिष्कार करना चाहिए। अंत में❗ अक्सर खाकी वर्दी धारक पुलिस के बारे में यही मानसिकता रहती है कि वे कभी किसी के नहीं होते, लेकिन ऐसी धारणाओं को बदलने का काम इन दिनों जिले में संगवारी पुलिस बखूबी करती दिख रही है। बालको में रहे तेज तर्रार टीआई विवेक शर्मा ने गरीब बच्चों के लिए बीपीएम से शिक्षा की रौशनी बिखेरी और कटघोरा में भी इसे प्रारंभ किया। अब एक और बालको टीआई यदुमणी सिदार पुलिस का कर्तव्य निभाने के साथ मानवता का धर्म भी निभाकर परिजनों से बिछड़ चुके विक्षिप्तों की सूरत बदलकर परिवार से मिला रहे हैं। इस दीवाली पहली बार गरीबों के बच्चों में पुलिस ने कपड़े, मिठाई, पटाखे और सामान बांटे। ऐसा ही चलता रहा तो संभवत: अपराधियों का ह्दय परिवर्तन कर पाने में भी संगवारी को सफलता मिल सकती है। अफवाह यह भी अब यह अफवाह कौन फैला रहा है कि छजकां नेता शंकर रजक जल्द ही सीएम से नजदीकियां बढ़ाकर भाजपा ज्वाईन करने वाले हैं।  एक सवाल आपसे ❓ बालको में वह कौन श्रमिक नेता है जिस पर प्रबंधन खासा मेहरबान है और दूसरे श्रम संगठन उसके खिलाफ लामबंदी करने एकजुट हो रहे हैं?  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  7 November 2016

कोरबा

राजेंद्र जायसवाल जिले के एक युवा नेता इन दिनों अपनी आक्रामक शैली के लिए खासतौर पर जाने जा रहे हैं। बड़े मियां का स्वभाव तो जग जाहिर है, अब छोटे मियां भी उसी तर्ज पर पार्टी के प्रति अपने समर्पण के बाद उसका प्रतिफल नहीं मिलने से आमंत्रित सदस्य पद से इस्तीफा देते हुए अपने ओहदे का एहसास कराकर वंचित के लिए दरियादिली दिखाई है। हालांकि पार्टी के प्रति निष्ठा का भरोसा भी दिलाया है।  इंटक हुई भाजपा की मुरीद दो दशक से भी अधिक समय से बालको में रामलीला व रावण दहन का आयोजन करती आ रही इंटक इस बार दशहरा उत्सव में भाजपा सांसद को अतिथि बनाकर उनसे नजदीकियां बढ़ाने जुट गया है। हालांकि भाजपा तो यह कहती आ रही है कि आने वाले दिनों में कांग्रेसमुक्त भारत के साथ-साथ इंटक मुक्त औद्योगिक घराने होंगे।  अध्यक्ष से नाराज गांधी जी छत्तीसगढ़ के गांधी कहे जाने वाले कटघोरा के पूर्व विधायक इन दिनों क्षेत्र में कांग्रेस अध्यक्ष की सक्रियता व दावेदारी से खासा नाराज दिख रहे हैं। बिना लाग लपेट और स्पष्टवादिता के लिए पहचाने जाने वाले गांधी जी शारीरिक तौर पर भी अध्यक्ष की दावेदारी पर झिड़की लगा चुके हैं।  डॉग से हॉट रहेगा सदन निगम क्षेत्र में और इन दिनों रविशंकर शुक्ल नगर में पागल कुत्तों के आंतक से कालोनीवासी व आमजन थर्राए हुए हैं। हालांकि पागल कुत्ते ने एक सब्जी विक्रेता को ही दौड़ा-दौड़ाकर क्यों काटा, इसकी चर्चा है। पूर्व में भी आवारा कुत्ते के काटने से एक युवक और बच्ची की मौत हो चुकी है। निगम क्षेत्र के आवारा श्वानों को काबू में करने की योजना भी फेल है। निगम के आगामी सामान्य सभा में कुत्तों का मुद्दा गरमाने की तैयारी विपक्ष ने कर ली है। रास नहीं आ रहे नेता प्रतिपक्ष सहज-सरल व डिप्लोमेटी में माहिर नेता प्रतिपक्ष अपनी भूमिका में मुखर हैं और मुद्दों पर विरोध करते हैं, लेकिन इनका विरोध करना इस पद के एक खासे दावेदार को रास नहीं आ रहा। गाहे-बगाहे और मौका मिलने पर नेता प्रतिपक्ष का विरोध करने से ये दावेदार नहीं चूकते। अब एक और पार्षद को अपने साथ मिलाकर विरोध करना प्रारंभ कर दिये हैंं। हालांकि निगम में विपक्ष की भूमिका में दो निर्दलीय पार्षद सब पर भारी पड़ते रहे हैं।  अफवाह यह भी अब यह अफवाह कौन फैला रहा है कि विधानसभा की तर्ज पर होने वाली निगम की सामान्य सभा में एक पार्षद को दो  प्रश्न पूछने के एवज में दीवाली का नजराना भेंट किया जा रहा है।  एक सवाल आप से ❓ खास तस्वीर में छाये शंकर रजक छजकां छोडऩे वाले हैं या मरावी का भाजपा से मोह भंग हो रहा है ? और अंत में❗ हाईटेक अपराध और इसे अंजाम देने वाले अपराधियों से पुलिस को निपटने के लिए हाईटेक तरीके एवं आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल करने व गंभीर मामलों की जांच पड़ताल वैज्ञानिक तरीके से किये जाने के पहलुओं पर दो दिन तक मंथन चला। बिलासपुर रेंज के पुलिस अधिकारियों, थानेदारों को प्रशिक्षण के बाद गुड फील होने लगा है कि अब इन तरीकों को आजमाकर बिलों में छिपे अपराधियों के छक्के छुड़ाये जाएंगे। यह भी तय है कि जिस तरह से खाकी तकनीकी रूप से भी मजबूत हो रही है, अपराधियों के माथे पर पसीना भी छूटने लगा है।   

Patrakar rajendra jaiswal

 rajendra jaiswal  28 October 2016

कोरबा /दीपावली के लिफाफे पर निगाह

  राजेंद्र जायसवाल  आने वाले त्यौहार दीपावली पर भेंट स्वरूप और शिष्टाचार के तौर पर दिये जाने वाले लिफाफों पर इस बार सरकार की सीधी नजर रहने और खुफिया एजेंसियों की पैनी निगाह की खबर जब से आम हुई, लिफाफा देने और लेने वालों के चेहरे पर शिकन उभरने लगी है। कहा तो जा रहा है कि देने वालों की सूची तैयार की गई है तो लेने वालों के भी होश फाख्ता होने लगे हैं कि कहीं कोई पकड़ में आ गया तो उसका नाम न उजागर हो जाए। इस लिहाज से लिफाफा का वैकल्पिक रास्ता तैयार किया जा रहा है। चाइनीज सामानों से मुसीबत सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बदले हालातों और चाईना की पाकिस्तान को मदद ने त्यौहार के ऐन वक्त व्यापारियों की मुसीबत बढ़ाई है। रावण जलने से पहले चाइनीज सामानों का दहन तो किया गया अब चाईना के लाईटों की शामत आई है। एक आदेश पर सक्रिय हुए अमले ने पंडालों और दुकानों में जिस तरह से दबिश देना शुरू कर दिया है अब दुकानदार और पूजा समितियों के लोग इसे अपने लिए सर्जिकल स्ट्राइक बताकर चटखारे ले रहे हैं। डांडिया के आगे फीका उत्सव दुर्गा पूजा पंडालों में मच रहे गरबा-डांडिया की धूम के आगे दुर्गाउत्सव एक तरह से फीका-फीका है। माता के सामने कुछ मिनट की अर्जी और फरियाद करने के बाद घंटों तक डांडिया स्थल के इर्द-गिर्द घूम-घूमकर मेला का आनंद लेने वाले भक्तों की तादाद ज्यादा रहती है।  बुराई पर अच्छाई की जीत कब प्रतिवर्ष बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार मनाने और रावण दहन के लिए जिस तरह से चंदा की उगाही कर कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं और कई लोग अपवाद स्वरूप सहयोग राशि का स्व मनोरंजन में उपयोग भी कर लेते हैं, उससे जिले के साथ-साथ सरकारी महकमे में भी चर्चा व्याप्त है कि क्या इस प्रकार की बुराई पर भी कभी अच्छाई की जीत होगी? ताकि सहयोग की आड़ में बुराई हरदम के लिए खत्म हो जाये। 13 का अंक शुभ या असुभ् ? कटघोरा में विगत दो वर्षों में 12 स्थायी एवं प्रभारी नगर पालिका अधिकारियों की पदस्थापना के बाद पुन: एकबार राज्य शासन द्वारा 13वें सीएमओ के रूप में पदस्थापना की गई है। नये साहब 20 दिन बाद भी पदभार ग्रहण करने दफ्तर नहीं पहुंचे हैं जिसके कारण लोगों के जेहन में विचार आने लगा है कि क्या 13 का अंक नगर पालिका के लिए शुभ होगा या अशुभ ?  रावण के नाम झूठ ही झूठ  प्रकांड विद्वान रावण के नाम पर झूठ ही झूठ फैलाकर भीड़ बटोरने का काम किया जा रहा है, लाल मैदान सहित अनेक स्थानों पर विशालकाय रावण दहाड़ेगा, आग उगलेगा, तहलार चलाएगा, आंख दिखाएगा, दायें-बांये घूमेगा कहकर इतना प्रचार करते हैं कि लोग यहां अद्भुत रावण पुतले को देखने उमड़ जाते हैं। उन्हें मायूसी हाथ लगती है और ऐलान करने वालों को कोसते फिरते हैं, कि रावण के नाम पर झूठ क्यों बोला? अफवाह यह भी अब यह अफवाह कौन फैला रहा है कि हुंकरा के शंकर रजक क्षेत्र के नवरात्रि व दशहरा आयोजनों में 200 से अधिक जगहों पर अतिथि बनाने का रिकार्ड बनाने में जुटे हैं और इसका शुल्क देकर अतिथि बनने से कोई वास्ता नहीं है, ऐसा समर्थक दावा कर रहे हैं।  एक सवाल आप से ❓ बालको में वह कौन श्रमिक नेता है जिसको प्रबंधन अपने लिए एक खलनायक की भूमिका में देख रहा है और उसे दूसरे संगठनों व कर्मचारियों ने दूर-दूर रखने की तमाम कोशिशें करने पर तत्पर है?  अंत में❗ बालको में पुराने प्लांट का अस्तित्व और नियमित कर्मचारियों की रोजी-रोटी बचाने का संघर्ष जोर-शोर से करने की बात तो कही जाती है, लेकिन धरातल पर फटाका फुस्स हो रहा है। चर्चा सरगर्म है कि वर्षों पहले जिन पर कर्मचारियों के हितों का दारोमदार था, उन्होंने तरह-तरह के समझौते में प्रबंधन की चलने दी और अपने पर खुद ही कतरवा डाले। अब इन्हीं परों के सहारे बालको मनमानी की उड़ान भर रहा है, लेकिन अब पछताने से क्या होगा। जो पहले बबूल बो दिया तो आम की उम्मीद करना बेमानी है। 

Patrakar rajendra jaiswal

 rajendra jaiswal  11 October 2016

korba-डांडिया और मनचले

  राजेंद्र जायसवाल ऊर्जाधानी कोरबा  इन दिनों पूरी श्रद्धा के साथ माता की भक्ति में डूबी हुई है और अनेक पूजा पंडालों में शाम के बाद गरबा-डांडिया नृत्य कर महिलायें, युवतियां और बच्चे अपनी भक्ति प्रदर्शित करने लगी हैं। डांडिया स्थलों पर मनचलों का भी जमघट लगने लगा है जो तरह-तरह की फब्तियां कसने से बाज नहीं आते। ऐसे मनचलों के कारण शांतिपूर्ण भक्तिमय वातावरण में खलल पैदा होने से पहले वर्दीधारियों को इन पर निगरानी करने की जरूरत है। डॉ. महंत को बनवारी का साथ हाल ही में एक बयान पर भाजपा के निशाने में आये डॉ. चरणदास महंत को भाजपा नेता बनवारी लाल का साथ मिला है। हालांकि यह साथ कोरबा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल खोले जाने को लेकर की जा रही मांग में वैचारिक समानता के कारण मिली है। डॉ. महंत की मांग पर बनवारी लाल ने पृथक से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी बात कही है और कोरबा में अस्पताल खोलने पर जोर दिया है। नवाज की कीमत कोरबा में 1 लाख पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भले ही आतंकवादी हमलों और अन्य घटनाओं के कारण पूरे विश्व में सुर्खियां बटोर रहे हों, किन्तु नवाज शरीफ की कोरबा जिले में कीमत महज 1 लाख रूपये आंकी गई है। कोरबा से गठित भारतीय जनता सेक्यूलर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील विश्वकर्मा ने नवाज की यह कीमत लगाकर सुर्खियां बटोरी है। डगमगाते खेवैय्या, कमजोर पतवार बालको कर्मचारियों के वेज रिविजन, बोनस और अन्य मुद्दों की नाव बालको रूपी नदी में तैर तो रही है, लेकिन इसके डगमतागते खेवनहार और कमजोर पतवार के कारण नैय्या पार लगने पर संशय बरकरार है। कभी तत्कालिक लाभ के लिए प्रबंधन के आगे-पीछे होने और अभी जी हुजूरी कर अपनी ठेकेदारी चलाने वालों की भरमार ने आंतरिक कलह को इतना बढ़ा दिया है कि प्रबंधन भी तेल और तेल की धार देखकर हवा भी नाव की विपरीत दिशा में बहाने से नहीं चूक रही।  पुलिस से महंगा पड़ा पंगा कटघोरा क्षेत्र में भाजपा के एक नव उदित युवा नेता को पिछले दिनों पुलिस वह भी एसडीओपी से पंगा लेना महंगा पड़ गया। दरअसल युवा नेता अपने स्पोर्ट्स बाईक को बिना नंबर और हेलमेट लगाये बिना चला रहा था जिस पर एसडीओपी के समझाइश देने पर अभद्रता पर उतारू हो गया। पुलिस ने चालान कर गाड़ी जब्त कर नेताजी की हवा निकाल दी। अब इन्हें कौन समझाये कि नेतागिरी भी कानून के दायरे में रहकर करनी चाहिए। एक सवाल आप से ❓ सीआईएसएफ का वह कौन अधिकारी है जो जवान के सामूहिक सुसाईड में फंसता नजर आ रहा है व अपनी गर्दन बचाने एड़ी-चोटी का जोर लगाता फिर रहा है? अंत में ❗ स्वच्छता और अंहिसा के प्रेरक बाबू को उनकी जयंती पर इससे अच्छी और सच्ची श्रद्धांजलि क्या होगी, जब जिला प्रशासन ने अथक प्रयासों व जनसहयोग से पूरे कटघोरा विकासखंड को खुले में शौचमुक्त घोषित किया हो। प्रशासन ने अपना काम तो कर दिया, अब ग्रामीण जनता का दायित्व है कि वह ओडीएफ घोषित विकासखंड की उपलब्धि को कायम रखें।           

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  5 October 2016

cg hadtal

ट्रेड यूनियनों की  हड़ताल केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रीव्यापी हड़ताल से छत्तीसगढ़  में कोयला खदानों और कारखानों में काम प्रभावित हो गया है। कोरबा की कोयला खदानों और एसईसीएल की मानिकपुर खदान में मजदूर हड़ताल पर चले गए हैं। कोरबा के करीब 40 हजार नियमित और ठेका कर्मचारी इसमें शामिल हैं। मजदूर नेता सुबह से ही हड़ताल सफल बनाने में जुटे हैं। बालको में भी हड़ताल की वजह से कामकाज प्रभावित हुआ है। रात में ड्यूटी पर गए कर्मचारियों को प्रबंधन ने रोक लिया है। इधर बाहर यूनियन नेताओं ने कर्मचारियों को प्लांट के अंदर नहीं जाने दिया। उधर भिलाई में हड़ताल का असर नहीं देखने को मिला। संयंत्र के खुर्सीपार पर थोड़ी देर कर्मचारियों को रोका गया। पुलिस आने के बाद कर्मचारियों को जाने अंदर जाने दिया गया। बोरि़या गेट पर कर्मचारियों का सामान्य दिनों की तरह ही आना जाना रहा। सीईओ एम रवि सुबह से हड़तालियों से मिलकर कहा कि इससे नुकसान ही होगा।  ट्रेड यूनियनों के शुक्रवार को बुलाई गई एकदिवसीय देशव्यापी हड़ताल से आम लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस हड़ताल की वजह से बैंकिंग, सार्वजनिक परिवहन और टेलीकॉम जैसी आवश्यक सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि वे तमाम सेवाएं पहुंचाने के लिए कारगर कदम उठाएं। हालांकि हड़ताल का कई राज्यों में असर देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले में एक में बस में तोड़फोड़ की गई। वहीं कई जगहों पर यात्री जहां-तहां फंसे हुए हैं। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में एहतियातन स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया है।यूनियनों के मुताबिक, उनकी मांगों के प्रति सरकार की उदासीनता और श्रम कानून में श्रमिक विरोधी एकतरफा बदलावों के विरोध में यह हड़ताल बुलाई गई । यूनियनों का दावा है कि इस हड़ताल में 18 करोड़ कर्मचारी शामिल  रहे हैं। जबकि पिछले साल करीब 14 करोड़ कर्मचारी इस हड़ताल का हिस्सा बने थे।  बैंक, सरकारी दफ्तर और फैक्ट्रियां बंद । कोल इंडिया, गेल, ओएनजीसी, एनटीपीसी और भेल जैसे केंद्रीय पीएसयू में कामकाज ठप्प । बिजली, परिवहन, खनन, रक्षा, टेलीकॉम और बीमा क्षेत्र  प्रभावित। दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में कई ऑटो रिक्शा यूनियनों के शामिल होने से गड़बड़ाईं  परिवहन सेवाएं -बंदरगाह व विमानन सेवाएं भी प्रभावित।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  2 September 2016

korba khabar

    राजेन्द्र जायसवाल  अग्रवाल बंधु फिर आमने-सामने :संभाग के दो बड़े अग्रवाल नेता अमर अग्रवाल व जयसिंह अग्रवाल किसी भी मौके पर आमने-सामने हुए तो एक-दूसरे पर गहरा कटाक्ष किए बगैर रह नहीं सकें हैं। चाहे विधानसभा में अमर अग्रवाल को कोरबा से चुनाव लडऩे की चुनौती देने की बात हो या जब कभी भी कोरबा प्रवास पर अमर अग्रवाल पहुंचे हों तो वे जयसिंह अग्रवाल के लिए कोई कटाक्ष किए बिना नहीं रहे। एक बार फिर अमर अग्रवाल ने जयसिंह अग्रवाल पर विधानसभा में दी गई चुनौती का जवाब देते हुए यह तक कह डाला कि वे निगम एक्ट का पालन नहीं कर सकते तो पद छोड़ दें।   नेता-अफसर क्लास में, गुरुजी पस्त इन दिनों शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत नेता और अफसर किसी भी स्कूल में औच्चक दस्तक दे रहे हैं। जहां नेता और अधिकारियों को संतोषजनक मिला, वहां से जाने के बाद गुरुजी राहत की सांस लेते नजर आते हैं। पुलिस अधिकारी भी ग्रेडिंग के लिए स्कूलों में पहुंच रहे हैं। ऐसे में उन स्कूलों के गुरूजियों की हालत पस्त है जहां अभी तक न तो नेता पहुंचे हैं और न अधिकारी। ऐसे भी गुरुजी की हालत खराब है जो अक्सर या तो नेतागिरी या फिर कोई न कोई बहानेबाजी कर स्कूल से गायब रहते हैं। अब इन बेचारों को डर में ही सही, स्कूल में ड्यूटी बजाने की मजबूरी उठानी पड़ रही है।    अभाविप की हालत बेहाल छात्र संघ चुनाव ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेताओं की हालत खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कभी तनकर तो कभी ऐंठकर चलने वाले नेता को सालभर उसके द्वारा की गई नाटक-नौटंकी और तरह-तरह के प्रयासों से विद्यार्थियों का दिल जीतने की कोशिशों का परिणाम अंतत: छात्रों ने दिखा ही दिया। पाली के मान्यता रद्द कॉलेज व मात्र 16 छात्रों के एक कालेज में निर्विरोध और दूसरे में सिर्फ 2 पद से ही संतोष करना पड़ा है। यह पिछले क्रम से मिली उपलब्धि अभाविप और इससे जुड़े शीर्ष नेताओं को सोंचने पर तो विवश करती है और यह भी इंगित करती है कि नेतृत्व कोई खेल-खिलौने जैसे खेलने की चीज नहीं होती।    एनएसयूआई ने बचाई लाज महाविद्यालयों के छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई ने ले देकर अपनी लाज बचा ही ली। एक वो दौर था जब इसके टक्कर में प्रत्याशी कम उतरा करते थे और अब यह दौर है कि थोड़े बहुत में संतोष करने में ही भलाई समझी जा रही है। यह तो जिले में एनएसयूआई की थोड़ी बहुत सक्रियता का अंजाम है कि उसे आईटी व पालिटेक्नीक कॉलेज में कुछ अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी मिल गए वरना स्थिति तो यह थी कि एनएसयूआई कहीं से भी अपने प्रत्याशी उतारने की मंशा से खुद को कोसों दूर रख रही थी। चुनाव में भाग न लेना भी एक तरह की कायरता का परिचायक होती, इसलिए मैदान में उतरकर हारने में भलाई समझी गई।    छात्र एकता पैनल की जोर आजमाइश छात्रों के संगठन चुनाव में छात्र एकता पैनल की जोर आजमाइश पूरे चुनाव का केन्द्र बिन्दु इसलिए रही कि पीजी कालेज में जिस तरह के हालात एक-दूसरे छात्र संगठन के कारण बनते रहे और यहां नवउदित दल ने भी अपने दांव खेले थे। कन्याओं के कालेज में भी एकता पैनल ने एबीवीपी का किला नेस्तनाबूद करने का दम दिखाया। पूर्व छात्र नेता की अगुवाई में निवृत्तमान होने वाले पदाधिकारियों और प्रत्याशियों के दम ने इस आजमाईश को सफल बनाया।    जोगी कांग्रेस ने दिखाई ताकत  पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के नेतृत्व में बनी पार्टी के द्वारा समर्थित छत्तीसगढ़ पैनल ने चुनाव में अपना जादू फिर से न सिर्फ कायम रखा बल्कि दुगने उत्साहपूर्ण सफलता का रास्ता भी तलाशा। जोगी फैक्टर इस चुनाव में काम कर गया व जोगी की लहर में दूसरे पैनल व संगठन के प्रत्याशी बह गए। जोगी कांग्रेस की ताकत ने एक बार फिर भविष्य की राजनीति को लेकर चिंता की लकीर जरूर खींच दी है, किन्तु चुनावों में अक्सर युवा तुर्क की लहर परिणाम बदलने के लिए काफी होती है।  जंगल में मोर नाच रहे, अमला सो रहा पूरे जंगल की रक्षा करने वालों का दावा उस समय खोखला हो गया जब आधी रात अमले के बड़े अफसर के बंगले में घुसकर चंदन के पेड़ बड़े इत्मिनान से काट लिए गए। आंख से काजल चुराने की तर्ज पर डीएफओ बंगला से चंदन के पेड़ की चोरी से अमला सकते में है। जंगल में मोर नाचा किसने देखा जैसा जुमला अक्सर सुनाने वाले विभाग के अधिकारियों के साथ ठीक विपरीत बात हो गई कि जंगल में मोर नाच रहे हैं और अमला सो रहा है।  अफवाह यह भी  अब यह अफवाह कौन फैला रहा है कि चुनाव में खराब प्रदर्शन वाले अभाविप के छात्र नेताओं को उनका संगठन जल्द ही बाहर का रास्ता दिखाने वाला है।  एक सवाल आप से ? बीयू अध्यक्ष के लिए नोटों की गड्डी लेकर कौन युवा नेता छात्र संघ पैनल तक पहुंच रहा है?

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  29 August 2016

kapu naksli

      कोरबा के कापू क्षेत्र में नक्सली धमक की आशंका निर्मूल साबित हुई, सरपंच ग्राम पंचायत कंचीरा के घर हमला करने वाले सशस्त्र  युवकों की पहचान कर पुलिस ने चार आरोपियों को धर दबोचा है ,आरोपियों के पास से हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं।     जिला एवं संभागीय मुख्यालय पर यह अफवाह तेजी से फैली कि जिले के सुदूरवर्ती थाना कापू क्षेत्र के ग्राम कंचीरा के सरपंच पियर साय पिता देवारसाय लकडा को दिनांक 17 अगस्त  की देर रात्रि अज्ञात हथियारबंद युवकों के द्वारा उसके घर से बंधक बनाकर अपने साथ ले जाया गया है, इसे क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा की गई वारदात माना जा रहा था  । उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 से 2009 तक ग्राम कंचीरा एवं आसपास के वन क्षेत्रों में यदा कदा नक्सलवादियों की उपस्थिति रही थी ।    पुलिस अधीक्षक बी.एन. मीणा को जैसे ही इस घटना की जानकारी हुई गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी कापू को अपने सूत्रों से सत्यापन कराने की समझाईश देते हुए उपलब्ध अधिकतम बल कों लेकर संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर कथितरूप से बंधक बनाये गये सरपंच कंचीरा की पतासाजी के निर्देश दिये गये । साथ ही रक्षित केन्द्र से अतिरिक्त बल के साथ उन क्षेत्रों में कार्यरत तथा क्षेत्रिय जानकारी रखने वाले कर्मचारियों के 03 अलग अलग दस्त भेजे गये । अभियान की निगरानी करने के लिये स्वयं पुलिस अधीक्षक कापू प्रस्थित होने वाले ही थे कि उसी समय थाना प्रभारी कापू निरीक्षक हेरमन केरकेट्टा से सूचना प्राप्त  हुई कि सरपंच कंचीरा श्री पियरसाय लकडा सुरक्षित अपने निवास में मिल गया है जिसके द्वारा घटना का जो स्वंरूप बताया गया जिससे आशंका होने लगी कि घटना के पीछे आपसी रंजीश या अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्तियों की संलिप्तता हो सकती है । पीडित पियर साय की रिपोर्ट पर थाना कापू में अप.क्र. 74/16 धारा 458,386,34 भादंवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।     थाना कापू क्षेत्र में लूट पाट करने वाले सशस्त्रय आरोपियों की कोई जानकारी नहीं थी जिससे मामला उलझता प्रतीत हुआ, लेकिन जैसे ही पुलिस ने सरहदी थानों/जिलों के सश्त्र  वारदात करने वाले बदमाशों को रिकार्ड/चर्चा के आधार पर खंगालना शुरू किया तो दिनांक 21/08/16 की रात्रि सूत्रों से सूचना मिली कि जिला कोरबा के करतला एवं श्यांग थानों के कुछ बदमाश दुस्साहसी प्रवृत्ति के हैं तथा परस्पर  संगठित होकर इस वारदात को उनके द्वारा किया जा सकता है । यह भी  जानकारी मिली कि ग्राम कंचीरा निवासी धनसिंह अगरिया के घर में ग्राम भेडीडांड थाना स्यांग जिला कोरबा निवासी उसका भांजा नंदलाल अगरिया और उसका दोस्त राजेश दास महंत कई दिनों से आकर रह चुके थे, जिनकी गतिविधियां संदिग्धऔ प्रतीत हो रही थी । अलग अलग सूत्रों से प्राप्त  दोनों सूचनाओं में एकरूपता प्रतीत हुई जिसपर आनन फानन में 04 अलग अलग टुकडियां इन संदेहियों की पतासाजी के लिए रवाना की गई और 22/08/16 को अंतत: 02 संदेही क्रमश: नंदलाल पिता रामसिंह अघरिया 25 वर्ष सा0 घुईडांड थाना श्यांतग जिला कोरबा एवं राजेश दास पिता नारायण दास 28 वर्ष सा0 परसरखेत थाना करतला जिला कोरबा मिले जिन्होंने पूछताछ पर अपराध स्वी कारते हुए घटना में अपने 03 अन्य सहयोगियों का शामिल होना बताया जिसके आधार पर विष्णुव सिंह राठिया पिता मोहन सिंह राठिया 24 वर्ष सा0 कोलगा थाना करतला कोरबा, फीरसिंह राठिया पिता रामधन राठिया 25 वर्ष सा0 कोलगा थाना करतला जिला कोरबा एवं आसन सिंह राठिया पिता धनसाय राठिया 25 वर्ष सा0 कोलगा थाना करतला जिला कोरबा का भी घटना में शामिल होना बताया । आरोपियों के कब्जे  से घटना में प्रयुक्त 05 कट्टे, पूर्व में चले एवं जीवित कारतूस बरामद किया गया है । घटना में 05 व्यक्तियों के शामिल होकर डकैती डालने के तथ्य5 उजागर होने पर प्रकरण में धारा 395, 397 भादवि विस्तारित की गई है । आरोपियों से पूछताछ जारी है जिनसे अपहृत संपतित बरामद किया जाना शेष है ।

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 MadhyaBharat  25 August 2016

शिशु के पैदा होने के साथ ही दिखने लगे दांत

     शिशु के दांत उसके पैदा होने के सात से आठ माह बाद आना शुरू होता है लेकिन  करतला विकासखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोथारी में पचपेड़ी निवासी राजेंद्र चंदन की पत्नी श्रीमती रत्ना चंदन ने ऐसी बालिका को जन्म दिया है, जिसके पैदाइशी दांत है।   बच्ची के जन्म को परिजन शुभ मान रहे हैं। पूर्ण रूप से स्वस्थ बालिका के जन्म को लेकर मातापिता प्रसन्न हैं। बीएमओ डॉ. वीरेद्र सिंह का कहना है कि मैंने ऐसा मामला पहली बार देखा है किंतु इसमें चिंता की कोई बात नहीं। बच्ची सामान्य व स्वस्थ है।

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 MadhyaBharat  24 August 2016

babul supriyo

  राजेन्द्र जायसवाल    मोदी सरकार में केन्द्रीय मंत्री और बांग्ला फिल्म के अभिनेता बाबुल सुप्रीयो का उनकी प्रेमिका एयर होस्टेस रचना की शादी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर तमाम केन्द्रीय मंत्री, दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की। कोरबा के डा. मनीष पाठक भी इस शादी समारोह में काफी सक्रियता से शरीक हुए। अब कोरबा के लोग यह जानने को बेताब हैं कि आखिर पाठक का करीबी रिश्ता उनके साथ क्या कहलाता है?   नगर पालिका के अधिकारी सकते में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की आपसी लड़ाई में बंटाधार हो चुके नगर पालिका की प्रशासनिक व्यवस्था के मध्य जिलाधीश सोमवार को यहां जनदर्शन लगाने जा रहे हैं। आपसी लड़ाई में नगर की परेशान जनता को तो जैसे अपनी बात प्रमुखता से मुखिया के सामने रखने का मौका मिल गया है तो दूसरी ओर पालिका के अधिकारी सकते में हैं। इन्हें इस बात का भी डर है कि कब और किस बात पर उन्हें फटकार खानी न पड़ जाए।    सुस्त पड़ी निगम की समन्वय समिति भाजपा जिलाध्यक्ष ने निगम में अपने दल के पार्षदों की समन्वय समिति बनाई, ताकि सत्ता-संगठन और प्रशासन के मध्य बेहतर तालमेल से काम हो। लेकिन कागजों में समिति का गठन के बाद किसी भी तरह की गतिविधियां देखने को नहीं मिल रही है। माना जा रहा है कि अन्य कमेटियों की तरह यह कमेटी भी कागजों तक ही सिमटकर रह गई है। यही हाल जिला स्वच्छता अभियान समिति का भी बना हुआ है।    कटघोरा में मचा है घमासान जोगी कांग्रेस का जिले में बड़ा केन्द्र बिन्दु कटघोरा विधानसभा क्षेत्र बना नजर आ रहा है। यहां की सीट पर जोगी खेमें की खास निगाह बनी है तो खेमें में महराज का एक बड़ा गुट बनकर उभरा है जो कोर कमेटी के सदस्य से अलग चलकर समानांतर रूप से खेमें में अपनी मजबूत दावेदारी बनाए रखने निरंतर जुटा है।    कहां गए सहगल, सक्रिय हुए सोनी लोकसभा चुनाव के बाद सहगल और सोनी की जुगल जोड़ी कांग्रेस के कार्यक्रमों में नजर नहीं आ रही। सहगल कहां गए? यह तो अभी भी यज्ञ प्रश्न बना हुआ है, लेकिन पिछड़ा वर्ग के प्रदेश महामंत्री बनने के बाद सोनी की सक्रियता व ओजस्वी भाषण कांग्रेस के कार्यक्रमों में देखने और सुनने को मिल रहा है। लेकिन इन्हीं कार्यक्रमों में व्यंग्य बाण के लिए मशहूर सहगल नजर नहीं आ रहे।    ... और अंत में नगर में पकड़ाए बहुचर्चित सैक्स रेकेट में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ में हाथ-पांव मार रही पुलिस को चकमा देकर एक रसूखदार आरोपी के विदेश भाग जाने के बाद अब उसे किस तरह पकड़ा जाएगा और कब तक पुलिस से बचता फिरेगा?  जिसकी चर्चा खूब है।    अफवाह यह भी अब यह अफवाह कौन फैला रहा है कि स्नेक मैन के नाम से मशहूर अविनाश को संविदा में रखने की तैयारी की जा रही है। एक सवाल आप से? जिला पंचायत का एक पूर्व उपाध्यक्ष कौन है जो आने वाले दिनों में पार्टी को अलविदा कहकर दूसरे पार्टी की ओर रूख करने की तैयारी कर रहा है?  

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 MadhyaBharat  22 August 2016

korba

    राजेन्द्र जायसवाल    प्रदेश के मुखिया के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस के द्वारा जारी पोस्टर को रात में चुपके से चस्पा कर रहे कांग्रेसियों को पार्टी के लोगों ने दौड़ाया तब उन्हें पोस्टर छोड़कर दुबककर भागना पड़ा। इन कांग्रेसियों को कौन समझाए कि पार्टी का काम रात को चोरी चुपके से करोगे तो आखिर हल्ला बोलने पर दुबककर भागना ही पड़ेगा।    पट्टा तो आखिर सबको चाहिए छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे और वरिष्ठ भाजपा नेता की तर्ज पर फिर एक बार झुग्गी झोपड़ी वासियों को पट्टा दिलाने का बिगुल माटी मंच ने फूंक दिया है। पट्टा के लिए आवेदन भरने को लेकर किए जा रहे शिविर जिस तरह झुग्गी झोपड़ीवासियों का रैला उत्साह दिखा रहा है उससे दोनों दलों के लोगों की नींद हराम हो गई है। झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को पट्टे की सख्त दरकार है। इसके लिए अगुवाई चाहे कोई भी करे।    चूक गए राजेश यादव भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला कार्यकारिणी में महामंत्री का दायित्व संभाल रहे राजेश यादव को जिलाध्यक्ष की घोषणा के चंद घंटे पहले जमकर झटका लगा जब उन्हें यह पता चला कि उनका नाम जिलाध्यक्ष की सूची से हटाकर मनोज मिश्रा को शामिल किया गया है। संसदीय सचिव के अनुसंशा पर जिलाध्यक्ष की कुर्सी के करीब पहुंचने वाले राजेश यादव को अंतत: प्रदेश मंत्री जैसे प्रमुख पद का दायित्व अमित टमकोरिया के नाम को विलोपित कर सौंपा गया जिसकी भी चर्चा खूब रही।    मुफ्त में मिलेगी बिजली बीपीएल परिवारों को मिल रहे चावल, शक्कर, तेल, चना और गैस सिलेंडर के बाद मुफ्त में बिजली दिलाने का नया शिगुफा जोगी कांग्रेस के नेताओं ने फूंक दिया है। बकायदा प्रेस कांफ्रेस लेकर घोषणा की गई है। बीपीएल परिवार भी मुफ्त में मिलने वाले हर सुविधा और नेताओं की घोषणाओं को टकटकी निगाह से देख रहा है।    बारिश ने खोली स्वच्छता की पोल   निगम क्षेत्र में जोर शोर से प्रारंभ हुए स्वच्छता अभियान की पोल पहली ही बारिश ने खोलकर रख दी है। समय से पहले नाली व बड़े नालों की सफाई के अभाव में बारिश का पानी दुकानों और गली मोहल्लों में घुसकर निगम के जोर शोर से प्रारंभ हुए स्वच्छता अभियान की पोल खोलकर रख दी है। हालांकि बड़े-बड़े कार्यशाला और विभिन्न आयोजनों के माध्यम से स्वच्छता अभियान को बनाए रखने का हर संभव प्रयास जारी है।    कहां गए कांग्रेस के 6 सदस्य जिला वनोपज के चुनाव से पहले बहुमत में होने का दावा कांग्रेसी करते रहे और चुनाव के ठीक पहले जिला ग्रामीण अध्यक्ष के कार्यालय में भी बहुमत के आंकड़े से अधिक 6 सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज कराकर कांग्रेस का साथ देने का रस्म भी निभाया। लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की तर्ज पर जिला वनोपज के चुनाव में भाजपा ने बाजी मार ली। अब यह चर्चा खूब रही कि कांग्रेस के 6 सदस्य आखिर किससे हुई सेटिंग के बाद बदले गए।    और अंत में  छात्र संघ चुनाव के चुनावी वादों और पोस्टरों पर नजर डालें तो छात्र-छात्राओं का माथा घूम जाएगा कि वे जिसे चुनने जा रहे हैं वह महज एक कालेज कैम्पस का अध्यक्ष होगा या कहीं वे कन्हैया तो नहीं चुनने जा रहे।    एक सवाल आप से ? जिले का वह कौन सा अस्पताल है जहां पर एक मरीज की उम्र महज घंटा-आधा घंटा बताया गया उसके बाद परिजनों ने तो बकायदा उसके दाह संस्कार तक की पूरी तैयारी कर ली थी?  

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 MadhyaBharat  9 August 2016

raman singh cm

    राजेन्द्र जायसवाल मुख्यमंत्री रमन सिंह की मानें तो बारनवापारा में चिंतन व चम्पारण में प्रशिक्षण के बाद कार्यकर्तागण एनएसजी कमांडो की तर्ज पर पार्टी व जनहित में काम करेंगे। एनएसजी कमांडो बनने का सौभाग्य जिले से 8-10 लोगों को ही मिला है। जिन्हें यह मौका नहीं मिल पाया, अब वे इसी जुगत में हैं कि उन्हें कम से कम कमांडो बनने का ही मौका दे दिया जाए।    ताबड़तोड़ कार्यवाही से सकते में कोरबा जिले में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही से अपराधी सकते में आ गए हैं। जो दबोच लिये जा रहे हैं उन्हें सरकारी ससुराल भेजा जा रहा है और जो दड़बे में दुबक कर बैठे हैं वो पुलिस की नजरे बचाकर दांए-बांए होने की जुगत और फिराक तलाश रहे हैं। पुलिस की भी चौकस निगाहें मुखबिर तंत्र को सजग कर ऐसे लोगों को बिल से निकलते ही दबोचने के लिए घात लगाए बैठी है जो देर-सबेर दबोचे जाएंगे, ऐसा जान पड़ता है।    कटघोरा में हाई वोल्टेज ड्रामा सेक्स रैकेट पकड़ाने की सुगबुगाहट अल सुबह होने के साथ कटघोरा में हाई वोल्टेज ड्रामा भी शुरू हो गया। सोशल मीडिया में सुर्खियां बने इस मुद्दे को लेकर दो दल विशेष के युवाओं में खासी तकरार के बीच मामला थाना पहुंच गया। एक-दूसरे के शिकवा-शिकायत का मामला आत्मदाह तक जा पहुंचा। अंतत: दिन ढलते-ढलते मामला भी धुंधला होता गया और शिकायतों को लेकर समझाईश दी गई। इस पूरे घटनाक्रम से कटघोरा और कोरबा में खासी सनसनी मची रही।    अस्पतालों में नो रूम मौसम की बेरूखी ने अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को दरवाजे से लौटने पर मजबूर कर दिया है। डायरिया, उल्टी, दस्त, बुखार, मलेरिया और तमाम मौसमी तकलीफों से जकड़े मरीज अस्पतालों की चौखट से मायूस होकर लौटते हैं। मरीजों की भरमार ने अस्पतालों में एक तरह एंट्री से रोक लगा दी है। अब मरीज और उसके परिजन घर से निकलने से पहले यह दुआ जरूर करते हैं कि एकाध बिस्तर खाली मिल जाए तो एडजेस्ट कर काम चला लेंगे।    अब सांपों की आई शामत अपनी मौजूदगी और कल्पना मात्र से होश उड़ा देने वाले विषधरों की शामत आने लगी है। एक नहीं दो मामले दर पेश आए जब किसी विषधर ने डंसा और उसे फौरन गिरफ्त में ले लिया गया। कभी इंसानों में भय का कारण बने सर्पों को अब अपने जान के लिए डरना पड़ रहा है। पुलिस भी ऐसे मामलों में फरियादी और धारा की तलाश कर रही है कि ऐसे मामलों पर आखिर विराम कैसे लगाया जाए?   जेल जाएंगे जोगी समर्थक आत्मदाह मामले में नगर बंद करा रहे जोगी समर्थकों के मंसूबे पुलिस-प्रशासन ने नाकाम कर उन्हें अस्थायी जेल में भेजा था। अब जोगी समर्थकों ने स्वयं से जेल जाने की ठानी है। सर्व सुलभ मुद्दा महंगाई और भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग को प्रभावी तरीके से दर्शाने की तैयारी में जुटे समर्थकों ने ऐलान किया है कि सिर्फ जिला जेल नहीं बल्कि उप जेल को भी भरने का बीड़ा उन्होंने उठाया है।    पीछे छूटती कांग्रेस मुद्दों पर त्वरित निर्णय और प्रदर्शन के मामले में जोगी समर्थक कांग्रेस से मुद्दों को छीन कर आगे बढ़ निकले हैं। विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस जिस तरह पहले मुद्दों को लपक लिया करती थी और त्वरित टिप्पणी भी नजर आती थी, वह काम इन दिनों जोगी समर्थक बड़ी सक्रियता से कर रहे हैं। ऐसा जान पड़ता है कि मुद्दों के मामले में कांग्रेस पीछे छूटती जा रही है और सत्तापक्ष के लोग भी चुटकियों का मजा ले रहे हैं।    सर्वमंगला के दरबार में विश्व की चिंता सबकी चिंता हरने वाली मां सर्वमंगला के दरबार में विश्व के चिंतकों ने कोयला और बिजली के कारण बढ़ रहे संकट पर चिंतन-मनन किया। सरकार के दरबार में हाजिरी लगाते-लगाते सुनवाई नहीं हुई तो मां सर्वमंगला की छत्रछाया में तीन दिनो से वैश्विक संकट से रक्षा की गुहार लगाई गई। 14 प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने गहन-मनन कर सरकार को भी भावी खतरों से सजग किया है।    और अंत में  नगर में काफी गोपनीय व सधे हुए तरीके से पुलिस ने नाबालिग लड़की से देह व्यापार का मामला उजागर किया। हाई प्रोफाईल इस मामले में जिस्म फरोशी करने वालों से जिनकी निकटता है, उनके होश फाख्ता हो गए। सारा दिन यही पता करने में जुटे रहे कि कहीं उनका तो नाम नहीं लिया गया। जो लोग इस दायरे में आने से बच गए, वे ईश्वर का धन्यवाद करते दिखे।    एक सवाल आप से ? रैकेट से जब्त मोबाईल में किन 4 फरार लोगों का नंबर है जिनकी पुलिस तलाश कर रही है? 

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 MadhyaBharat  1 August 2016

korba honey bear

    कोरबा के  कटघोरा वनमानदल क्षेत्र में दुलर्भ हनी बीयर का बच्चा मिला है। कुछ ग्रामीणों को जंगल के अंदर यह बच्चा मिला था, वह उसे अपने साथ घर ले आए और उसकी देखभाल की। गांव में हनी बीयर का बच्चा होने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग का दल वहां पहुंचा। स्थानीय लोग इसे देधा बैली कहते हैं। वन विभाग इसे उचित देखभाल के लिए बिलासपुर के कानन पेंडारी जू भेजने की तैयारी कर रहा है।   जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत मल्दा अंतर्गत जंगल में पहाड़ी के नीचे मशरूम (पुटु) निकालने के लिए कुछ ग्रामीण गए हुए थे। तभी वहां ये दुर्लभ जानवर दिखा जोकि 3 से 4 कुत्तों से घिरा हुआ था। ग्रामीणों ने उसे कुत्तों से बचाया और उसकी मां की तलाश की। काफी देर तक जब उसकी मां को खोज नहीं पाए तब उन्होंने फैसला किया कि इसे घर ले जाएंगे।   इसकी सूचना उन्होंने वन विभाग को भी दे दी, एक घंटे के अंदर में ही वन विभाग से वन रक्षक उमेंद राम मराठा और उनकी टीम ग्राम मल्दा पहुंची और इसे तत्काल पशु चिकित्सक आर सी साहू के पास कोरबा ले आए उन्होंने इसका इलाज किया और बताया की यह मात्र 5 दिन का है। इसे अंग्रेजी में हनी बीयर कहते हैं जोकि नेवले के प्रजाति का है।   इलाज कराने के बाद इसे लेकर पुनः उसी जगह पहुंचे जहां से इसे उठाया गया था मगर उसकी मां का पता नहीं लग पाया। अब हनी बीयर के बच्चे को उचित देखभाल के लिए बिलासपुर के कानन पेंडारी जू भेजने की तैयारी की जा रही है।     Attachments area          

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 MadhyaBharat  25 July 2016

snake

  भालू को चढ़ाई ग्लूकोज की बोतलें      कोरबा में  लहरीराम को डसने की गुस्ताखी करने वाले जहरीले सांप को उसने बाँध कर रख लिया । सांप को काटने की सजा उसे बंधक बनने वाले ने  पहले तो रस्सी से बांधकर रखा था, लेकिन अब उसे हंडे में कैद कर दिया है। सांप को बंधक बनाकर रखने के पीछे उसकी क्या मंशा है, ये किसी को समझ नहीं आ रहा है।वहीँ एक  बेहोश भालू को स्वस्थ करने के लिए जंगल में ही बकायदा पेड़ की टहनी में ग्लूकोज की बोतल बांध क्र स्लाइन चढ़ा कर भालू की जान बचाई गई ।    खोडरी गांव में रहने वाले लहरीराम को डसना सांप को इतना महंगा पड़ेगा ये किसी ने नहीं सोचा था। घटना शुक्रवार की दोपहर के वक्त की है। खेत में काम करते वक्त जहरीले सांप ने उसे डस लिया था, लेकिन सांप की यह हिमाकत लहरीराम को इतनी नागवार गुजरी कि उसे पकड़कर घर ले आया और बरामदे के खूंटे में बांध कर रख दिया। इस मसले को 24 घंटे से भी अधिक हो गए मगर उसने सांप को आजाद नहीं किया, बल्कि उसकी सजा और बढ़ा दी गई है। पहले तो सांप को खूंटे में बांधकर रखा गया था, लेकिन अब उसे एक हंडे में कैद कर लिया है।    लहरीराम ने कहा कि वह सांप को तब तक बंधक बनाकर रखेगा, जब तक वह पूरी तरह स्वस्थ्य नहीं हो जाता। उसने बताया कि अगर उसने सांप को छोड़ दिया तो उसके पूरे शरीर में जहर फैल जाएगा और उसकी मौत हो जाएगी। अपनी जान बचाने के लिए लहरीराम ने सांप को कैद कर रखा है। खास बात यह है कि सर्पदंश के बाद उपचार के लिए अस्पताल ले जाने 108 संजीवनी एक्सप्रेस घर पहुंची तो जड़ी-बूटी से ठीक हो जाने का दावा करते हुए लहरीराम ने एंबुलेंस को लौटा दिया था। आखिर कितने दिन बाद सांप को आजादी मिलती है यह देखना दिलचस्प होगा।   मेडिकल साइंस के लिए भी लहरीराम चुनौती है। डॉक्टरों के मुताबित सर्पदंश के लिए एंटी स्नैक वेनम ही कारगर होता है, लेकिन लहरीराम अब तक जड़ी-बूटी खाकर जिंदा है। वहीं हैरानी वाली बात ये है जिस सांप ने उसे काटा है, वह गहुंआ है। बेहद ही जहरीला यह सांप ब्लैक कोबरा की प्रजाति का होता है। इसके काटने के कुछ देर बाद ही इंसान की मौत हो जाती है। बहरहाल मसला जो भी हो, लहरीराम अपने इस हैरतंगेज कारनामे की वजह से पूरे जिले में चर्चित हो गया है।   भालू का इलाज  खुंखार भालू के हमले की खबर आपने जरूर सुनी होगी, लेकिन इंसानों की तरह भालू का इलाज करते शायद ही सुना होगा। एतमानगर वनपरिक्षेत्र में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक बेहोश भालू को स्वस्थ करने के लिए जंगल में ही बकायदा पेड़ की टहनी में ग्लूकोज की बोतल बांध स्लाइन चढ़ाई । उपचार के करीब 5 घंटे बाद भालू को होश आ गया और वह जंगल की ओर वापस चला गया।   कोरबा और कटघोरा वनमंडल क्षेत्र के जंगलों में काफी बड़ी तादात में भालू विचरण करते हैं। यही वजह है कि जंगली क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों का भालुओं से आए दिन सामना होता रहता है। भालू के हमले से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। मगर इंसानों पर हमला करने वाले एक खतरनाक भालू को बचाने के लिए ग्रामीणों और वनकर्मियों ने शनिवार को पूरी ताकत झोंक दी। मामला कटघोरा वन मंडल के एतमानगर का है।   सुबह के वक्त कुछ ग्रामीण अपने खेत जा रहे थे। इसी दौरान नदी किनारे एक भालू पर उनकी नजर पड़ी। विशाल भालू को एकाएक सामने देखकर ग्रामीणों के पहले तो हाथ-पांव फूल गए। भालू के शरीर में कोई हरकत नहीं हाने परे कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए उसके पास जाकर देखा तो पता चला भालू बेहोशी की हालत में है। यह खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन अमले को दी।   सूचना मिलते ही परिक्षेत्र के रेंजर सहित वन अमला मौके पर पहुंचा। पोड़ी के पशु चिकित्सक को भी बुलाया गया। उसके बाद जिस तरह से उसका उपचार किया गया, वह नजारा चौंकाने वाला था। चिकित्सक ने भालू का स्वास्थ्य परीक्षण किया तो पता चला कि भूख के चलते वह मूर्छित हो गया है। फिर क्या था उसे स्वस्थ करने के लिए चिकित्सक ने ग्लुकोज की बोतल मंगाई और पास में ही स्थित पेड़ की टहनी पर बोतल लटका कर भालू को निडिल के माध्यम से स्लाइन चढ़ाई ।   इस दौरान चार लोग बांस की लकड़ी से उसे दबाकर रखे थे, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो जाए। एक के बाद एक 6 बोतल ग्लूकोज चढ़ाये जाने के बाद   बीमार भालू के शरीर में जान आई। करीब 5 घंटे के उपचार के बाद वह न केवल उठ खड़ा हुआ, बल्कि जंगल की ओर कूच कर गया। यह पहला मामला है जब किसी खुंखार जंगली जानवर को जंगल में ही इंसानों की तरह इलाज किया गया। यही वजह है कि ये मामला क्षेत्र के लिए कौतूहल का विषय बना रहा है। पूरे दिन ग्रामीणों का मजमा लगा रहा। वहीं भालू स्वस्थ्य होने के बाद वन अमले ने भी राहत की सांस ली।

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 MadhyaBharat  10 July 2016

rajendra jaiswal

    राजेन्द्र जायसवाल    कोरबा शहर के एक बड़े चावल व्यापारी रूढ़मल अग्रवाल के पुत्र के खिलाफ अंतत: एफआईआर दर्ज हो ही गई। मामले को सलटाने की तमाम कोशिशें की गई, लेकिन कोई मैनेजमेेंट न इधर से काम आया न उधर से। इधर व्यवसायी के एक पुत्र पर अनाचार तो दूसरे पर धमकाने का मुकद्मा दर्ज हुआ तो प्रार्थियां पर भी भयादोहन करने का केस रजिस्टर करा लिया गया। प्रार्थियां की तरफ से भी मैनेजमेंट का खेल कुछ सफेदपोश लोगों द्वारा जमकर खेला जा रहा था लेकिन सारा कुछ उनके मंसूबे के विपरीत हुआ। अब नगरजन तेल और तेल की धार के साथ मामले का परिणाम जानने को उत्सुक हैं।   मूरित पर आफत की मार किसी जमाने में छात्र नेता से समाजवादी और फिर श्रमिक नेता बने मूरित राम साहू ने कांग्रेस के बाद भाजपा का दामन थामा। नेता से व्यापारी की राह पर चल निकले मूरित राम पर आफत की मार चारों तरफ से पड़ रही है।  उनको लेकर एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे नगरवासियों को भी चकित किए हुए हैं। पहले बहू फिर जिन्न की तरह प्रकट हुई पत्नी और अब देबू की जमीन का विवाद सामने आ रहा है। अब देखना है कि मुसीबत मूरित राम का पीछा कहां जाकर छोड़ती है।   मंत्री के कायल हुए भाजपायी सांसद डा. बंशीलाल महतो के प्रयासों से कोरबा के पहले प्रवास पर पहुंचे केन्द्रीय कोयला एवं ऊर्जा राज्यमंत्री पीयूष गोयल के कायल जिले के भाजपायी हो गए हैं। केन्द्रीय मंत्री की कार्यशैली, वाक्पटूता, भाजपा कार्यकर्ताओं से खुलकर संवाद और प्रत्येक कार्यकर्ता से रूबरू होकर मुलाकात ने काफी प्रभावित किया। केन्द्रीय स्तर के मंत्री और नेता का स्वागत करने वालों की भी लंबी कतार थी और जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी ने जिस तरीके से केन्द्रीय मंत्री के कार्यक्रम को सफल बनाया, उसकी भी तारीफ के पुल बांधने से कार्यकर्ता नहीं चूकते।    किस दम पर पाएंगे चारों सीट गत दिनों भारतीय जतना पार्टी का मंथन शिविर कटघोरा में हुआ। व्याख्यान में वक्ताओं ने चार में से मात्र 1 विधानसभा पर ही कब्जा होने को लेकर चिंतन-मनन किया और भविष्य में चारों सीट जीतने के बड़े-बड़े दावे किए हैं। अब इस मंथन में शामिल हुए कार्यकर्ताओं में से कुछ को यह समझ नहीं आ रहा कि इस तरह के मंथन शिविर में आखिर ऐसा कौन सा मंत्र और अमृत निकला है कि चंद कार्यकर्ताओं को मंत्र फूंक देने या अमृत पिला देने से चारों सीट झोली में टपक जाएगी।   दिल के अरमां आंसुओं में बह गए नगर पालिका कटघोरा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के मध्य खींचतान नगर के साथ भाजपा जिला संगठन में गृहयुद्ध का सबब बना हुआ है। इस अंतरकलह के दौरान पालिका अध्यक्ष ने गत दिनों पीआईसी से उपाध्यक्ष को हटाने की अनुसंशा के साथ पत्र नगरीय निकाय विभाग को भेज दिया। वहां से जवाब लौटा कि निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पीआईसी के स्थायी सदस्य होते हैं अत: इन्हें हटाना संभव नहीं है। अब पालिका अध्यक्ष के दिल के अरमां आंसुओं में बहकर रह गए हैं।    सहायक अभियंताओं की बेचैनी कोरबा सहित प्रदेश के नगर निगमों में पिछले दिनों अभियंताओं का तबादला से जहां प्रभावित हुए अभियंताओं की बेचैनी बढ़ी रही, अब सहायक अभियंताओं के इधर उधर होने की चर्चा जोरों पर है। यह चर्चा आम होने के साथ ही सहायक अभियंताओं की बेचैनी इस बात को लेकर बढऩे लगी है कि आखिर उन्हें कौन सा जोन या इलाका थमाया जाएगा। कुछ लोगों की बेचैनी इतनी ज्यादा है कि वे अभी से भविष्य की सूची पर नजर रखने की कोशिश अपने तरीके से करने लगे हैं।

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 MadhyaBharat  5 July 2016

korba

      राजेन्द्र जायसवाल   भू-विस्थापितों के साथ दीपका में अजीबो-गरीब स्थिति निर्मित हो गई। जिन्होंने भू-विस्थापितों की अगुवाई की, वे ही पीठ दिखा गायब हो गए। अब यह तो लाजिमी है कि जिनकी नाव में पहले से छेद हों तो उसमें सवारी करने वाले का डूबना तय  है। यहां भी जो अगुवा बने, वे एसईसीएल प्रबंधन व प्रशासन की नजर में पहले ही चढ़े हैं कि अतिक्रमण कर उसका भी मुआवजा लेने तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। इनकी रायशुमारी भू-विस्थापितों को भारी पड़ गई और इशारे पर इन्होंने भी रातों-रात कब्जा कर डाला। अब तो इनके लिए यह जुमला सही बैठ रहा कि हम तो डूबेंगे सनम, तुमको भी ले डूबेंगे। एक अनार सौ बीमार  काले हीरे की धरती पर पहली बार आ रहे ऊर्जा और कोयला मंत्री की हालत उस अनार की तरह हो गई है जिसकी चाह में बीमारों की संख्या बढ़ती जा रही है। खदान प्रभावित के साथ एसईसीएल में ठेके पर सफाई करने वाले भी उनसे मिलने को उतावले हैं तो कोयला क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक संगठन भी भीतर ही भीतर कुछ अधिकारियों के जड़ में मट्ठा डालने केन्द्रीय राज्यमंत्री से अकेले में मिलने की जुगत लगा रहे हैं। कांग्रेस ने भी विरोध और काले झण्डे का ऐलान कर दिया है। अब मंत्री की आवभगत में जुटे प्रबंधन की नींद इस बात को लेकर उड़ गई है कि ऐन वक्त पर कोई बखेड़ा न खड़ा हो जाये। निगम में कचरा घोटाला... देश-प्रदेश में 2जी, 3जी, कोयला, नान भर्ती, धान घोटालों की लंबी फेहरिस्त की कड़ी में अब कोरबा निगम में जल्द ही कचरा घोटाला सामने आने वाला है। शिकायतकर्ता ने लिखा है कि आखिर क्या कारण है कि बरबसपुर में डम्प होने वाले कचरे में एकाएक दोगुनी-चौगुनी वृद्धि हो गई है और वहां के पैसे का एडजस्टमेंट कहां पर किया जा रहा है, इसकी चर्चा निगम के गलियारे में जोरों पर है।  बालको की हवा खराब बालको में इन दिनों हवा काफी खराब और प्रबंधन के विपरीत बह रही है। तबादला के मुद्दे इस तरह हावी हैं कि चादर से लंबे पैर हो गए हैं। वेज रिवीजन पर प्रबंधन की खरी-खरी और कार्रवाई में भेदभाव की नीति अंदर ही अंदर चिंगारी भड़का रही है। जैसे-तैसे इन मुद्दों से निपट रहे प्रबंधन को अब बाहरी तत्वों से झटका लगा है। बालको मुख्य गेट में तोडफ़ोड़ और धमकी से शांति भंग हुई तो प्रबंधन के लिए भी खासी मुसीबत इस बात को लेकर है कि उससे अंदरूनी कलह तो सुलझ नहीं रही, अब बाहर से भी न जाने कौन हमला कर जा रहा है।  अब तक गिरे दो ही विकेट जोगी के रंग में रंग कर कांग्रेस का दामन छोडऩे वालों की बाढ़ दीगर जिलों में तो आ गई है किन्तु कोरबा में अब तक 2 ही विकेट कांग्रेस की ओर से गिरे हैं। पहले नितिन यादव ने जोगी भक्ति दिखाई और उनके बाद महिला कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष गीता नेताम ने आला कमान को ईस्तीफा भेजा। जिले में जोगी के कट्टर समर्थकों की फेहरिस्त लंबी है फिर भी वे अभी तक कांग्रेस में बने हैं जिसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। वैसे एक और समर्थक हाल में या तो ईस्तीफा देकर जोगी के पाले में जाने वाला है या संगठन से निकाले जाने के बाद अपनी आस्था प्रदर्शित करेगा। तब प्याज, अब दाल-टमाटर  सरकार किसी की भी हो, महंगाई जनता को हलाल करना नहीं छोड़ती। एक समय था जब कांग्रेस शासनकाल में प्याज ने सबको रुलाया और चुनाव के वक्त प्याज की ताकत ने तख्ता पलट कर दिया। अब एक ऐसा दौर चल रहा है जब मासूम सी सूरत वाले टमाटर और लोकप्रिय दाल की उछाल से लोग लाल-पीले हो रहे हैं। गरीबों की कटोरी से दाल और सिलबट्टे से टमाटर की चटनी गायब होने लगी है। महंगाई से प्रताडित लोगों को राहत का इंतजार है कि कब उनके अच्छे दिन आएंगे, अब तो लोग जुमला देने लगे हैं कि देश नहीं तेजी से रेट बदल रहे हैं और अच्छे दिन लद रहे हैं।  एक सवाल आपसे पालिका का वह कौन पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान उपाध्यक्ष है जिसकी भू-विस्थापितों के मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता ने जमकर खबर ली है? अफवाह यह भी  अब यह अफवाह कौन फैला रहा है कि जिले के एक कांग्रेस विधायक जोगी से दूरियां बना लिये हैं या उन्हें दूर रहकर काम करने के लिए कहा गया है।   

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 MadhyaBharat  21 June 2016

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

  रमन  ने सुना पहाड़ा, 9 एकम 9 और 9 दूनी दस   कोरबा  के लामपहाड़ में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्राइमरी स्कूल के बच्चों की क्लास ली। दो बच्चों को बुलाया व गिनती सुनाने कहा। एक बच्चा नौ एकम नौ और नौ दूनी दस का पहाड़ा बोलकर चुप हो गया और दूसरे ने 17 तक गिनती पूरी कर रमन से कहा कि एकर आगू नई जानव । शिक्षा गुणवत्ता अभियान के कदम यहां नहीं पड़े।   हकीकत जानने पड़ताल कर नईदुनिया ने 6 फरवरी के अंक में 'क ख ग घ...अऊ आगू नई जानव सर' शीर्षक से एक खबर प्रकाशित की थी। लामपहाड़ समेत कई स्कूल के बच्चों, शिक्षकों की स्थिति पर प्रकाश डाला। साढ़े तीन माह बाद भी कोई बदलाव नहीं और सीएम के सामने भी वही स्थिति उजागर हुई।   कोरबा विकासखंड में सुदूर पहाड़ी पर बसा लामपहाड़ ग्राम पंचायत बड़गांव का आश्रित ग्राम है। यह कोरवा आदिवासियों समेत करीब 150 की आबादी वाला गांव है। सीएम के साथ आए राज्य के मुख्य सचिव विवेक ढांड ने लोक सुराज की चौपाल में शिक्षा की गुणवत्ता का पता लगाने लामपहाड़ प्राइमरी स्कूल में अध्ययनरत पांचवी के दो बच्चों को बुलवाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को एक-एक कर माइक थमा दिया।   पहले बच्चे फागू यादव से कहा 9 का पहाड़ा बताओ। फागू ने जवाब देते हुए पहाड़ा शुरू किया। वह 9 एकम नौ और नौ दूनी दस बोलकर चुप हो गया। इसके बाद उन्होंने दूसरे बच्चे मनीष को गिनती सुनाने कहा। मनीष कोरवा आदिवासी बालक है, जिसने एक से लेकर 17 तक की गिनती सही बोली।   इसके बाद की गिनती नहीं जानने के कारण उसने सीएम डॉ. रमन सिंह से कहा कि आगू नई जानव गा। इतना सुनते ही सीएम हंस दिए और उनके साथ अधिकारी भी ठहाके लगाने से खुद को रोक नहीं सके। लामपहाड़ प्राइमरी स्कूल काफी पुराना व जर्जर हो चुका है, जिसके लिए नए भवन की जरूरत भी मुख्यमंत्री से बताई गई। ग्रामीणों की मांग पूरी करते हुए नए भवन के निर्माण को स्वीकृति डॉ. सिंह ने प्रदान की।   शिक्षा की ऐसी दशा का कारण जानने मुख्य सचिव विवेक ढांड ने प्राइमरी स्कूल लामपहाड़ के शिक्षक को बुलकर पोयम सुनाने कहा। इस पर शिक्षक ने भी महज दो लाइन बोलकर हंसने लगे। शिक्षक राजेश कुमार मिंज को हिंदी या अंग्रेजी कोई भी पोयम गाकर सुनाने कहा गया था। शिक्षक ने पोयम सुनाना शुरू किया और कहा-जॉनी जॉनी यस पापा, ईटिंग शुगर हाहाहा कहकर खुद ही हंसने लगे। उनसे ऐसा पोयम सुनकर सीएम, मुख्य सचिव व संयुक्त सचिव रजत कुमार समेत सभी खुद को ठहाके लगाने से रोक नहीं सके।   इसी स्कूल में पढ़ने वाली पहली कक्षा की एक बालिका दिपिका को भी मुख्यमंत्री ने गिनती बोलने कहा। इस पर दिपिका ने 20 तक की गिनती बिना रुके सुना दी। इस सीएम ने खुश होकर उसे एक सफेद कैप उपहार में पहनाया। लामपहाड़ के बच्चे 12 किलोमीटर दूर कुटुरवां मिडिल स्कूल जाते हैं। सीएम ने बड़गांव में स्कूल बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने शिक्षक से कहा कि यहां की स्थिति ऐसी है कि बच्चे और शिक्षक एक दूसरे से सीखें। एक दूसरे को किताब पढ़ाएं और पढ़कर ज्ञान बढ़ाएं।

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 MadhyaBharat  19 May 2016

 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह

  रमन  ने सुना पहाड़ा, 9 एकम 9 और 9 दूनी दस   कोरबा  के लामपहाड़ में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्राइमरी स्कूल के बच्चों की क्लास ली। दो बच्चों को बुलाया व गिनती सुनाने कहा। एक बच्चा नौ एकम नौ और नौ दूनी दस का पहाड़ा बोलकर चुप हो गया और दूसरे ने 17 तक गिनती पूरी कर रमन से कहा कि एकर आगू नई जानव । शिक्षा गुणवत्ता अभियान के कदम यहां नहीं पड़े।   हकीकत जानने पड़ताल कर नईदुनिया ने 6 फरवरी के अंक में 'क ख ग घ...अऊ आगू नई जानव सर' शीर्षक से एक खबर प्रकाशित की थी। लामपहाड़ समेत कई स्कूल के बच्चों, शिक्षकों की स्थिति पर प्रकाश डाला। साढ़े तीन माह बाद भी कोई बदलाव नहीं और सीएम के सामने भी वही स्थिति उजागर हुई।   कोरबा विकासखंड में सुदूर पहाड़ी पर बसा लामपहाड़ ग्राम पंचायत बड़गांव का आश्रित ग्राम है। यह कोरवा आदिवासियों समेत करीब 150 की आबादी वाला गांव है। सीएम के साथ आए राज्य के मुख्य सचिव विवेक ढांड ने लोक सुराज की चौपाल में शिक्षा की गुणवत्ता का पता लगाने लामपहाड़ प्राइमरी स्कूल में अध्ययनरत पांचवी के दो बच्चों को बुलवाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को एक-एक कर माइक थमा दिया।   पहले बच्चे फागू यादव से कहा 9 का पहाड़ा बताओ। फागू ने जवाब देते हुए पहाड़ा शुरू किया। वह 9 एकम नौ और नौ दूनी दस बोलकर चुप हो गया। इसके बाद उन्होंने दूसरे बच्चे मनीष को गिनती सुनाने कहा। मनीष कोरवा आदिवासी बालक है, जिसने एक से लेकर 17 तक की गिनती सही बोली।   इसके बाद की गिनती नहीं जानने के कारण उसने सीएम डॉ. रमन सिंह से कहा कि आगू नई जानव गा। इतना सुनते ही सीएम हंस दिए और उनके साथ अधिकारी भी ठहाके लगाने से खुद को रोक नहीं सके। लामपहाड़ प्राइमरी स्कूल काफी पुराना व जर्जर हो चुका है, जिसके लिए नए भवन की जरूरत भी मुख्यमंत्री से बताई गई। ग्रामीणों की मांग पूरी करते हुए नए भवन के निर्माण को स्वीकृति डॉ. सिंह ने प्रदान की।   शिक्षा की ऐसी दशा का कारण जानने मुख्य सचिव विवेक ढांड ने प्राइमरी स्कूल लामपहाड़ के शिक्षक को बुलकर पोयम सुनाने कहा। इस पर शिक्षक ने भी महज दो लाइन बोलकर हंसने लगे। शिक्षक राजेश कुमार मिंज को हिंदी या अंग्रेजी कोई भी पोयम गाकर सुनाने कहा गया था। शिक्षक ने पोयम सुनाना शुरू किया और कहा-जॉनी जॉनी यस पापा, ईटिंग शुगर हाहाहा कहकर खुद ही हंसने लगे। उनसे ऐसा पोयम सुनकर सीएम, मुख्य सचिव व संयुक्त सचिव रजत कुमार समेत सभी खुद को ठहाके लगाने से रोक नहीं सके।   इसी स्कूल में पढ़ने वाली पहली कक्षा की एक बालिका दिपिका को भी मुख्यमंत्री ने गिनती बोलने कहा। इस पर दिपिका ने 20 तक की गिनती बिना रुके सुना दी। इस सीएम ने खुश होकर उसे एक सफेद कैप उपहार में पहनाया। लामपहाड़ के बच्चे 12 किलोमीटर दूर कुटुरवां मिडिल स्कूल जाते हैं। सीएम ने बड़गांव में स्कूल बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने शिक्षक से कहा कि यहां की स्थिति ऐसी है कि बच्चे और शिक्षक एक दूसरे से सीखें। एक दूसरे को किताब पढ़ाएं और पढ़कर ज्ञान बढ़ाएं।

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 MadhyaBharat  19 May 2016

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