Since: 23-09-2009

Latest News :
दिल्ली में हेलिकॉप्टर से पानी के छिड़काव की तैयारी.   अचार, मुरब्बा बनाने की तकनीक दुनिया को करती है उत्साहितः मोदी.   गुजरात में चुनाव दिसम्बर में होने के संकेत.   मीडिया की गति और नियति.   PM मोदी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की मौजूदगी में रावण दहन .   राज ठाकरे की चुनौती, पहले सुधारो मुुंबई लोकल फिर बुलेट ट्रेन की बात.   कबीर की शिक्षा समाज के लिये संजीवनी : कबीर महोत्सव में राष्ट्रपति श्री कोविंद.   चित्रकूट में एक हजार से अधिक लायसेंसी हथियार जमा.   भावांतर भुगतान योजना में एक लाख 12 हजार से अधिक किसानों द्वारा 32 लाख क्विंटल उपज का विक्रय .   उद्योग संवर्द्धन नीति-2014 में संशोधन की मंजूरी.   मुख्यमंत्री शिवराज के निवास पर दशहरा पूजा.   मानव जीवन के लिए नदी बचाना जरूरी : चौहान.   मूणत CD कांड - फॉरेंसिंक रिपोर्ट आते ही शुरू होगी CBI जांच.   मूणत की CD का सच सीबीआई को सौंपने दिल्ली पहुंची एसआईटी.   पुलिस लाइन रायगढ़ के प्रशासनिक भवन में आग.   बीमार पत्नी से झगड़ा पति, हत्या कर फांसी पर झूला.   बस्तर दशहरा के लिए माई जी को न्यौता.   बस्तर को अलग राज्य बनाने की मांग.  

दुर्ग News


शगुन गोशाला

दुर्ग के धमधा ब्लॉक के राजपुर स्थित शगुन गोशाला में गायों की मौत के मामले को लेकर नया खुलासा हुआ है। संचालक भाजपा नेता और जामुल नगर पालिका उपाध्यक्ष हरीश वर्मा मृत गायों की खाल उतारकर उसका उपयोग मछलियों के चारे के रूप में करता था। जांच के बाद गायों की मौत का कारण कुपोषण व भुखमरी को बताया गया है। गोसेवा आयोग के सचिव की रिपोर्ट पर धमधा पुलिस ने हरीश के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।  शगुन गोशाला में बुधवार को पहली बार 15 गायों की मौत का मामला सामने आया था। संचालक द्वारा मृत गायों को दफनाने के लिए गड्ढा खोदे जाने के बाद ग्रामीणों को इसकी जानकारी लगी। गुरुवार को गोसेवा आयोग अध्यक्ष बिसेसर पटेल ने धमधा एसडीएम राजेश पात्रे और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को जांच के लिए मौके पर भेजा। गुरुवार को भी गोशाला में 12 गायों की मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि भुखमरी व देखरेख के अभाव में गायें बीमार पड़ रही हैं और असमय मौत हो रही है। शुक्रवार को बिसेसर पटेल स्वयं राजपुर पहुंचे। इस दौरान पता चला कि तीन और गायों की मौत हो गई है। उन्होंने तुरंत गोशाला की 569 गायों को अन्य गोशाला में भेजने का आदेश दिया। इसके लिए कई गोशाला संचालकों से बात की जा रही है। गोसेवा आयोग अध्यक्ष पटेल आयोग के सचिव के साथ स्वयं धमधा थाने पहुंच मामले की शिकायत की। आयोग के सचिव पाणिग्रही की शिकायत पर पुलिस ने हरीश वर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिक्षण अधिनियम, पशु के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम तथा धारा 409 के तहत अपराध दर्ज किया है। शिकायत में उल्लेख है कि शगुन गोशाला की गायों के पोषण व रखरखाव के लिए वर्ष 2010 से लेकर अब तक 93 लाख 63 हजार रुपए अनुदान दिया गया है। गोशाला संचालक ने उक्त राशि का दुर्विनियोग किया, जिससेगोशाला में भुखमरी व कुपोषण की स्थिति निर्मित हो गई। इससे दो दिन में 30 गायों की मौत हो गई। छत्तीसगढ़ छात्र संगठन जोगी के अहिवारा विधानसभा अध्यक्ष संजय कुमार, जिला अध्यक्ष ईश्वर उपाध्याय सहित अन्य लोगों ने मामले में आरोपी के खिलाफ रासुका लगाए जाने की मांग की है। शुक्रवार को कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में संचालक पर गायों की तस्करी करने, गाय की हड्डियों को टेलकम कंपनी (पाउडर) को बेचने का आरोप लगाया है। कुछ भाजपा नेताओं ने भी ग्रामीणों के हवाले से आरोप लगाया है कि हरीश मृत गायों की खाल उतारकर मछलियों के चारा के रूप में इस्तेमाल करने बेच देता था। गांव के निकट एक तालाब के किनारे मृत गायों को फेंक देता था। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन ज्ञानेश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह यह कहते हुए राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां तो बटोर लेते हैं कि छत्तीसगढ़ में गौ हत्यारों को फांसी पर लटका देंगे, लेकिन जब कार्रवाई करने की बारी आती है तो मुख्यमंत्री महज जांच की बात करते हैं। शर्मा ने कहा कि धमधा में करीब 250 गायों की मौत हुई है। इससे पहले जुलाई में रायगढ़ स्थित चक्रधर गौशाला में 15 गायों की मौत, दुर्गुकोंदल के कर्रामाड़ में स्थित गौशाला में अगस्त 2016 में करीब 150 गायों की मौत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। शर्मा ने आरोप लगाया कि गौशाला का संचालक भाजपा से जुड़ा हुआ है, इसलिए शासन-प्रशासन उसे बचाने का प्रयास कर रहे हैं। राज्य के अधिकांश गौशाला संचालक किसी न किसी मंत्री के करीबी हैं, इसलिए उन पर सीधे कार्रवाई करने के निर्देश नहीं दिए जाते हैं। राज्य गोसेवा आयोग के अध्यक्ष बिसेसर पटेल ने कहा कि शगुन गोशाला के संचालक हरीश वर्मा के खिलाफ पुलिस में शिकायत की गई है। आरोपी के खिलाफ मृत गायों की खाल को उतारकर मछली चारा का उपयोग के लिए इस्तेमाल करने सहित अन्य शिकायतें मिली हैं। सभी शिकायतों की जांच कराई जाएगी।      

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  19 August 2017

दुर्ग का पानी सबसे गन्दा

छत्तीसगढ़ के 13 शहरों में से सबसे ज्यादा दूषित पानी दुर्ग निगम क्षेत्र का है। यहां 17 स्थानों पर पेयजल स्रोतों में बैक्टिरिया का प्रतिशत औसतन 31 प्रतिशत है। भिलाई निगम में भी 17 स्थानों का एवं भिलाई चरोदा निगम क्षेत्र में तीन जल स्रोतों का पानी दूषित मिला। इसका खुलासा राज्य स्वास्थ्य संसाधन केन्द्र द्वारा मितानिनों के माध्यम से चार माह पहले कराई गई जांच की रिपोर्ट में हुआ है। प्रदेश में कुल 890 पेयजल स्रोतोें की जांच एचटूएस किट से की गई। इसमें 159 सैम्पल दूषित मिले। इन स्रोतों के दूषित पानी का ट्रीटमेंट एवं दुष्प्रभाव को रोकने के लिए ठोस पहल करने निकायों को संचालनालय नगरीय प्रशासन विभाग ने चिठ्ठी भेजी है। जानकारी के अुनसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा मार्च 2017 में प्रदेश के 13 प्रमुख शहरों में जल स्रोत से आने वाले पानी की जांच संबंधित क्षेत्र के मितानीन के माध्यम से कराई थी। मितानीन ने यह जांच एचटूएस पेपर स्ट्रीप से की थी। इस जांच की पूरी रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग ने एकत्र कराया। इस जांच में दुर्ग जिले के तीन प्रमुख शहर दुर्ग निगम क्षेत्र के सभी 60 वार्ड, भिलाई निगम क्षेत्र के सभी 70 वार्ड एवं भिलाई चरोदा निगम क्षेत्र के सभी 40 वार्ड को भी शामिल किया गया। इन तीनों ही निकाय क्षेत्रों से कुल 178 जल स्रोतों का सैम्पल लिया गया था। इसमें से कुल 37 सैंपल दूषित पानी के निकले हैं। इन स्रोतों का पानी फिलहाल आम लोग प्रतिदिन उपयोग कर रहे हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों को भ्ोजी चिठ्ठी में रिपोर्ट का हवाला देते हुए दूषित जल स्रोतों जैसे बोर व हैंडपंप में ब्लीचिंग पावडर का घोल या लीक्विड सोडियम हाईपोक्लोराईट डालकर बैक्टिरिया रहित करने कहा है। बारिश के मौसम को देखते हुए हिदायत दी है कि नमूना लेकर इसे प्रयोगशाला भी भेजें। निगम के सभी ओवरहेड टैंक में भी ब्लीचिंग पावडर डालने के निर्देश दिए गए हैं। सभी निगमों को उनके यहां के दूषित जल स्रोत की फिर से जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वतर्मान स्थिति स्पष्ट हो। नल से पेयजल सप्लाई वाली स्थिति में अंतिम छोर के नल के पानी का सैंपल लेने कहा है। इसके अलावा 15 दिनों के भीतर इस संबंध में उठाए गए कदम की जानकारी भी नगरीय प्रशासन विभाग ने मांगी है। यही नहीं जांच की संबंधित रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अध्ािकारी, सिविल सर्जन को भी देने के निर्देश दिए गए हैं |  रिपोर्ट के मुताबिक दुर्ग एवं चरोदा में निगम के वाटर सप्लाई का ही पानी सबसे अध्ािक दूषित मिला है। दुर्ग में 13 स्थानों पर लगे निगम के नल का पानी दूषित है। दो बोर एवं 1 हैंडपंप का पानी दूषित है। चरोदा में दो स्थानों पर सार्वजनिक नल एवं एक स्थान पर हैंडपंप का पानी दूषित है। इसके अलावा भिलाई में पांच स्थानों पर नल, आठ स्थानों पर बोर एवं चार स्थानों पर हैंडपंप का पानी दूषित बताया गया। प्रदेशभर में जितने शहरों के पानी की जांच की गई है, उसमें सबसे अधिक दूषित पानी दुर्ग में मिला है। यहां 17 स्थानों पर पानी दूषित है। इसमें बैक्टिरिया का प्रतिशत सबसे अधिक 31 प्रतिशत है। वहीं इसके बाद 27 प्रतिशत बैक्टिरिया रायपुर एवं अम्बिकापुर के दूषित पानी में मिला है। भिलाई निगम क्षेत्र में बैक्टिरिया का प्रतिशत 17 एवं चरोदा में यह आंकड़ा 12 प्रतिशत है। जिन शहरों में पानी की जांच की गई, उसमें रायपुर, दुर्ग, भिलाई, भिलाई चरोदा, अम्बिकापुर, बिलासपुर, बीरगांव, चिरमिरी, धमतरी,जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ़ शामिल है। दूषित पानी वाली बस्ती 1.भिलाई निगम- लक्ष्मी नगर (वार्ड-5), हनुमान मंदिर सुपेला एवं उड़िया पारा (12), साहू पारा(13), मशानगंज पारा एवं गोड़ पारा कुरूद(16), उड़िया पारा (19),तालाब के पास (23), इंडियन स्कूल कैंप-2 एवं गणेश चौक संतोषी पारा (24), सोनिया गांध्ाी नगर (37), शिव मंदिर पारा (39), शिवपारा, बजरंग पारा, मिनिमाता नगर, एचएससीएल कॉलोनी एवं बीआरपी कॉलोनी (वार्ड 43) है। 2.दुर्ग निगम- सतनामी पारा (वार्ड-1), शंकर नगर (9), रामनगर (14), पुरानी बस्ती (19), ग्रीन चौक (25), सोनकर पारा (31), शिव पारा (33), कंडरा पारा (35), कब्र पारा (38), केलाबाड़ी बस्ती बीरबल बाड़ा (41) राव कॉटेज के पीछे (42), बल्ला डेयरी (43), सतनाम भवन (44), जोगी नगर (49), शिवपारा, माली बस्ती (51), क्रांति चौक (53) है। आयुक्त, भिलाई-चरोदा निगम लोकेश्वर साहू का कहना है शितला पारा (वार्ड-8), बाजार चौक (वार्ड-11) एवं शिवाजी चौक (वार्ड 21) है। भिलाई चरोदा में जिस प्वाइंट पर पानी के दूषित होने की रिपोर्ट आई है उसकी जांच कराएंगे। इसके अलावा एहतियातन कदम भी उठाएंगे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  23 July 2017

m ravi ceo

काम करने का जज्बा हो और ईमानदारी से मेहनत की जाए तो किस्मत बदलते देर नहीं लगती। भिलाई स्टील प्लांट के सीईओ (चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर) एम रवि पर यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है। रवि को करीब बीस साल पहले जिस बंगले के गार्ड ने वहां प्रवेश की इजाजत तक नहीं दी थी, आज उसी बंगले में वे बतौर मुखिया रहते हैं। बीएसपी के सीईओ एम रवि ने खुद इसकी पुष्टि की। बीएसपी के सीईओ शनिवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। वहां पहले से बीएसपी के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। इसी दौरान चर्चा में बीएसपी के सीईओ बंगले की बात छिड़ी। एक अधिकारी ने कहा कि तालपुरी स्थित बीएसपी एमडी (अब सीईओ) बंगले की भव्यता की चर्चा सेल की दूसरी यूनिटों सहित शासन- प्रशासन के लोगों में होती है। इसपर सीईओ रवि ने कहा कि सन् 1997- 98 में जब वे बीएसपी के एसएमएस-1 में एजीएम थे तो उनके बेटे ने एमडी बंगला देखने की जिद्द की। इस पर रवि ने अपने स्कूटर पर बेटे को बिठकार एमडी बंगला दिखाने पहुंचे तो वहां के गार्ड ने उन्हें रोक दिया। रवि ने गार्ड से कहा कि उन्हें बंगला देखना है। इस पर गार्ड ने यह कहकर वापस कर दिया कि यह एमडी बंगला है, घूमने की जगह नहीं। इसके बाद बीएसपी का सीईओ बनने के बाद अगस्त 2016 से एम रवि उसी बंगले में मुखिया के तौर पर रह रहे हैं। सीईओ एम रवि ने बताया कि तालपुरी में एमडी (सीईओ) बंगला में शिफ्ट होने के कुछ समय बाद उनके बेटे ने सन् 1997-98 की उक्त घटना की याद दिलाई। पूर्व में उनके साथ घटित हुई घटना को वे भूल चुके थे। गौरतलब है कि भिलाई स्टील प्लांट के सीईओ व ईडी स्तर के अधिकारियों के लिए तालपुरी में सर्व सुविधायुक्त अलग-अलग बंगले बनाए गए हैं। इसमें बंगला-1 सबसे खास है। इसमें ही सीईओ रहते हैं।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  10 July 2017

ajit jogi

    जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के संस्थापक अध्यक्ष अजीत जोगी का कहना है कि उनका जाति प्रमाणपत्र निरस्त होगा, हाईपॉवर कमेटी का फैसला आने के बाद यह तो तय ही था। जोगी ने कहा कि इसके पहले छह बार उनका जाति प्रमाणपत्र निरस्त किया जा चुका है और कोर्ट से बहाल भी हुआ। अभी जोगी पत्नी डॉ. रेणु जोगी, बेटे अमित जोगी और बहू रिचा जोगी के साथ राजस्थान में हैं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप सिंह भूरिया ने सबसे पहले उनका जाति प्रमाणपत्र निरस्त किया था, जो कि हाईकोर्ट से बहाल हो गया था। जोगी ने कहा कि ऐसे पांच बार और जाति को चुनौती देकर प्रमाणपत्र निरस्त कराए गए। तीन बार हाईकोर्ट और दो बार सुप्रीम कोर्ट ने बहाल किया। जोगी ने कहा कि वे पहले ही कह चुके हैं, मुझे आदिवासी अमान्य करने का फैसला रमन पॉवर कमेटी का है। जोगी का कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है। इसलिए, याचिका लगाकर हाईपॉवर कमेटी के फैसले को चुनौती देंगे। जोगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से सलाह लेंगे, उसके बाद हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई जाएगी।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  4 July 2017

 तीजन बाई को नहीं जानती पुलिस

पद्मश्री तीजन बाई को उस समय बहुत मानसिक पीड़ा हुई, जब एक ट्रैफिक सिपाही उन्हें पहचानने से इंकार कर दिया। फोन पर पूरा परिचय देने के बाद भी ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि आप जो कोई भी हो, मैं आपको नहीं जानता... गाड़ी का चालान कट चुका है, उसे थाने से छुड़वा लेना। पुलिस के मुंह से यह बात सुनने के बाद तीजन बाई ने काफी शर्मिंदगी महसूस की और कहा कि जब एक पुलिस वाला भी मुझे नहीं पहचानता तो क्या मतलब ऐसे पद्मश्री का... मन कर रहा है कि पद्मश्री को अभी लौटा दूं। दरअसल ग्राम गनियारी में छत्तीसगढ़ की मशहूर पंडवानी गायिका पद्मश्री तीजन बाई के घर का निर्माण चल रहा है। मंगलवार को वार्निश  खत्म हो जाने के कारण उनका पीए खेमलाल नेताम बाइक से वार्निश लेने के लिए भिलाई आ रहा था। सिरसा गेट चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने पीए खेमलाल को बिना हेलमेट के वाहन चलाते हुए पक़ डा और दस्तावेज आदि की भी जांच की। गाडी के दस्तावेज न होने पर पुलिस ने 800 रुपए का चालान बनाया। इसी दौरान खेमलाल ने तीजन से पुलिस की बात कराई तो पुलिस ने भी तीजन को पहचानने से इंकार कर दिया। लगातार बोलने के बाद भी पुलिस ने गाड़ी नहीं छोड़ी तो अंत में खेमलाल ने 300 रुपए का चालान पटाया और वापस घर गया। घटना के बाद तीजन बाई इतनी ज्यादा आहत थी कि उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि उन्हें एक पुलिस वाला नहीं जानता तो क्या मतलब ऐसे पद्मश्री सम्मान का। इससे बेहतर है कि सम्मान को वापस लौटा दूं। इस मामले में ट्रैफिक डीएसपी सतीश ठाकुर ने कहा कि हम पद्मश्री तीजन बाई का सम्मान करते हैं। उनके पीए खेमलाल नेताम के पास हेलमेट और गाड़ी का इंश्योरेंस नहीं था। चालान कटने के बाद खेमलाल ने पुलिस की बात कराई थी। पुलिस ने अपनी कार्रवाई की, लेकिन तीजन बाई को पुलिस के कारण जो भी मानसिक पीड़ा हुई। उस पर हमें खेद है।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  29 March 2017

cg शराबबंदी

छत्तीसगढ़  में जनता शराबबंदी के लिए संघर्ष कर रही है। गांव- शहरों में डेढ़ सौ से ज्यादा जगह महिलाएं, स्कूल-कॉलेज की छात्राएं, रहवासी और जनप्रतिनिधी सड़क पर आकर शराब दुकान बनाने और खोलने का विरोध कर रहे हैं। भिलाई के पास बानबरद में कड़ी आपत्ति के बाद भी शराब दुकान निर्माण नहीं रोकने पर हवालात से लौटे ग्रामीणों ने अंतत: राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर इच्छामृत्यु मांगी है। ग्रामीणों का कहना है कि बहू-बेटियों को शराबी छेड़ें और हम देखते रहें, इससे अच्छा मर जाना ही है। नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत शराब दुकानों का निर्माण नहीं कर सकते, क्योंकि अधिनियम ही इसकी इजाजत नहीं देता। फिर भी सरकार, जिला प्रशासन, आबकारी विभाग और नगरीय निकाय अफसर निर्माण कराने में लगे हैं। बड़ा सवाल ये भी है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे निकाय किस मद से निर्माण करवा रहे हैं। इसे भी सरकार ने अब तक गोपनीय रखा है। अधिनियम में भवन बनवा सकते हैं। प्रदेश के 27 में से 13 जिलों में शराबबंदी के लिए जनता संघर्ष कर रही है। सबसे ज्यादा दुर्ग जिले में 41 स्थानों पर प्रदर्शन चल रहा है। कुल 163 जगहों पर विरोध हो रहा है।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  5 March 2017

tijan bai

भिलाई में  नोटबंदी के दौरान न सिर्फ आम लोग बल्कि खास भी परेशान हुए। पंडवानी गायिका पद्मभूषण तीजन बाई को तो नगदी के लिए अपने जेवर तक गिरवी रखने पड़े। उन्हें बदले में रुपए तो मिल गए, लेकिन वे धोखाधड़ी की शिकार हो गईं। ऐसा सुनार ने नहीं बल्कि खुद उनके सचिव ने किया, जिसे भरोसे के साथ गहने गिरवी रखने भेजा था। तीजन बाई जब जेवर छुड़ाने ज्वेलरी दुकान पहुंचीं तब उन्हें पता चला कि सचिव ने गिरवी से मिले 67 हजार में से 17 हजार रुपए खुद रख लिए थे। इस पर उन्होंने भट्ठी थाने पहुंचकर मामले की शिकायत की। तीजन बाई का सचिव जामुल निवासी मनहरण सार्वा उनके यहां सालों से हिसाब-किताब देख रहा है। उन्होंने नोटबंदी के दौरान बैंक से रुपए मिलने की दिक्कत के चलते 19 नवंबर को मनहरण को अपनी ढाई तोले की सोने की चेन गिरवी रखकर 50 हजार रुपए लाने कहा था। मनहरण ने पावर हाउस की एक ज्वेलरी दुकान में चेन को 67 हजार रुपए में गिरवी रखा, लेकिन तीजन बाई को 50 हजार रुपए ही दिए। 4 दिन पहले तीजन चेन छुड़ाने पहुंचीं तब सच्चाई का पता चला। उन्होंने मनहरण से पूछा, लेकिन वह मुकर गया। टीआई सुरेन्द्र स्वर्णकार ने बताया कि शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। तीजन ने बयान दिया है कि पहले भी वह हेराफेरी कर चुका है, लेकिन कम राशि होने के कारण उन्होंने शिकायत नहीं की थी।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  14 January 2017

durg

      दुर्ग में  पुश्तैनी जमीन हासिल करने की मां की इच्छा पूरी करने बेटे ने 57 साल न्याय के लिए लड़ाई लड़ी। लोअर कोर्ट और हाईकोर्ट से खिलाफ में फैसला आने के बाद भी बेटे ने हौसला नहीं खोया और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिला। कोर्ट के आदेश पर सोमवार को पुलिस और प्रशासन ने कब्जा हटा दिया। बीच शहर में अग्र सेन चौक के पास जिस जमीन पर कब्जा किया गया था, आज उसकी कीमत करीब तीन करोड़ स्र्पए है। दुर्ग निवासी अनिल सब्बरवाल और उनके भाई विजय सब्बरवाल के नाम वर्तमान में यह जमीन है। अनिल सब्बरवाल ने बताया कि उनके नाम 5,610 वर्ग फीट जमीन है। इस जमीन पर जगदीश तिवारी के परिवार ने कब्जा कर मकान बना लिया और शेष हिस्से पर टिम्बर व्यवसाय शुरू कर दिया। अनिल सब्बरवाल ने बताया कि उनके पिता चमनलाल सब्बरवाल ने यह जमीन 1960 में एक गुजराती व्यक्ति से खरीदी थी। जमीन अनिल की माता शीला सब्बरवाल के नाम पर था। इस जमीन के लिए भी गिरिजा शंकर तिवारी और दयाशंकर तिवारी के पिता ने एडवांस पैसे दिए थे। उनके निधन के बाद गिरिजा शंकर व दयाशंकर ने यह कहकर जमीन कब्जा लिया कि इसके लिए पिता ने भी पैसे लगाए हैं। इस जमीन में गिरिजाशंकर तिवारी के बेटे जगदीश तिवारी का परिवार वर्तमान में रह रहा है। इस जमीन की कीमत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कोई टिप्पणी नहीं की है लेकिन बाजार भाव करीब पांच हजार रुपए वर्गफुट बताई जा रही है। इस हिसाब से वर्तमान में इसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए है। कब्जा हटाने के दौरान यहां निवासरत राकेश दुबे, अवध दुबे और उनके परिवार की महिलाएं अफसरों के समक्ष विरोध करती रहीं। मौजूद अधिकारी शहर पुलिस अधीक्षक एनपी उपाध्याय व तहसीलदार अरविंद शर्मा ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है इसलिए कुछ नहीं कर सकते। कब्जेदार जगदीश तिवारी के पिता गिरिजाशंकर तिवारी तहसीलदार के पास प्रमाणीकरण के लिए गए। तब तहसीलदार ने जमीन का खसरा मेल नहीं होने की वजह बताते हुए इसे खारिज कर दिया।1994 में आवेदक के बयान के आधार पर जमीन प्रमाणीकरण अनिल, विजय सब्बरवाल के नाम दर्ज किया।अनिल सब्बरवाल ने सिविल कोर्ट में सन 2005 में याचिका लगाई।अनिल ने वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। अनिल बोले में मां की इच्छा पूरी करने सुप्रीम कोर्ट तक गया। अनिल सब्बरवाल ने बताया कि मां और पिता ने यह जमीन अपनी मेहनत की कमाई से खरीदी थी। उनका सपना था कि यह जमीन परिवार के लिए फिर से वापस मिले। परिवार के लोग दुर्ग में नहीं रहते। अब जमीन मिल जाने के बाद दोनों भाई यहां शिफ्ट हो सकेंगे। इस जमीन के लिए उनके माता-पिता ने अजमेर में चादर चढाने और गुस्र्द्वारे में लंगर कराने की मन्न्त भी मांगी थी, जिसे वे पूरा करेंगे।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  27 December 2016

bhilai

      भिलाई के कैलाश नगर कुरुद स्थित प्रियदर्शिनी गृह निर्माण समिति की ईडब्ल्यूएस और ओपन लैंड की जमीन को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बेचने की शिकायत पर जांच के लिए पहुंची राजस्व विभाग की टीम के सामने ही गुंडों ने शिकायतकर्ता निगम के पूर्व सभापति राजेन्द्र सिंह अरोरा  की पिटाई कर दी । बदमाश एक कार से मौके पर पहुंचे और अरोरा को गाली देते हुए लात और घूसों से पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद सभी बदमाश मौके से भाग ख डे हुए। गंभीर घायल अरोरा को छावनी चौक स्थित एसएस अस्पताल लाया गया। जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए स्पर्श अस्पताल रेफर कर दिया गया है। वर्तमान में उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में शिकायत के बाद 12 दिसंबर को राजस्व विभाग द्वारा गठित टीम मौके पर जमीन की नपाई के लिए पहुंची थी, लेकिन एक भूखंड की मालकिन राधा मित्तल ने अपने भूखंड पर स्टे ऑर्डर दिखा दिया। इस पर टीम वापस लौट गई थी। इसके बाद उक्त टीम और निगम के भवन अनुज्ञा शाखा के अधिकारी गुरुवार को फिर से जमीन की नपाई करने के लिए पहुंचे थे। दोपहर करीब 1 बजे जांच टीम मौके पर पहुंची और नक्शे और राजस्व रिकॉर्ड का मिलान करने लगी। टीम जमीन का भौतिक सत्यापन शुरू करने ही वाली थी कि एक कार में चार व्यक्ति मौके पर पहुंचे। चारों ने मौके पर खड़े पूर्व सभापति राजेन्द्र सिंह अरोरा से गाली गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान अरोरा जमीन पर गिर पड़े तो चारों ने उन्हें लात और घूसों से पीटना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद एक हमलावर अरोरा को बालों से खींचता हुए दूसरी तरफ ले गया और फिर मारा। मारपीट के दौरान एमआईसी सदस्य डॉ. दिवाकर भारती और राजेन्द्र अरोरा के दोस्त राजा सैमुअल ने बीच बचाव की भी कोशिश की, लेकिन गुंडों ने एक न सुनी और अरोरा को पीटते रहे। मारपीट के बाद चारों गुंडे मौके से भाग गए। गुंडों ने जब राजेन्द्र अरोरा से मारपीट शुरू की तो उस समय टीम में शामिल राजस्व निरीक्षक कोहका देवकुमार कुर्रे, त्रिभुवन वर्मा, तुकाराम डहरे, पटवारी सुशील धार्मिक, दुलारू राम लहरे और देवचरण टंडन सहित निगम के भवन अनुज्ञा शाखा के अधिकारी भी मौके पर उपस्थित थे, लेकिन किसी ने भी मारपीट को रोकने की कोशिश नहीं की।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  23 December 2016

Vikramaditya Dewangan

    Dedicated to our Police      Well let me start with the question tell me about an office which is open for 24 hours a day and 7 days a week it is the Police Station. paritranayam sadhunam well when many of you might have heard it somewhere it's the motto of Chhattisgarh police. whenever the news comes any Jawan of the Army is martyred the whole Nation mourns for him condolences are given from every corner of the country everyone be it the ruling party or opposition and even the common man show sympathy for the jawans family and the loss of an invaluable life is felt by everyone and this should be there but the question is why do we show discrimination against the police what happens to us when a policeman or state Armed force Jawan attains martyrdom in an encounter or some other battle why do we show discrimination in paying homage to them was the life not that important? When Army kills terrorist or militant the whole Nation applauds it and a sense of proud and nationalism runs in our blood on learning it. But when police or state armed force shoots down any target in an encounter do we celebrate the same way? The answer is a big No! Infact questions are asked on The authenticity of police and the encounter itself for violating the human rights. Just think about a police Jawan trapped in an naxal ambush who is being fired upon knowing that if he dies there not many will care but if retaliates and shoots any naxal then his job itself will be on stake. Some people say that public don't respect police because police is corrupt undertale few incidences where police's act was inappropriate well everything has flaws even I had a bitter experience with the police but that does not mean that due to these few incidences their 1000s of good deeds are overshadowed. They might be a small fraction of the police force which is corrupt but that doesnot mean that we will pull down the respect of the entire selfless Police Force which is working 24 hours a day and 7 days a week just for you to feel safe. During any violent protests communal violence it's only the police force which becomes the protector of the innocent people only afterwards Paramilitary Army steps in the scene. Well we all need to admit that whenever we come home late from tuitions or parties or roam freely without any sensation of fear then its credit goes to our unsung heroes police. After all every society gets a police force that it deserves as the man in the uniform is also a part of the society and a normal individual. Whenever the traffic police catches us for not wearing helmet or for wrong parking instead of paying the fine we feel better in arguing with the cop, ultimately its us who are stopping them from doing their duty honestly. Just think about them be it Diwali, Holi or any other festival they are also away from their family and that all only because of US. So it's our moral duty to respect our unsung Heroes. So I hope that I have ignited a little respect in your hearts for our unsung heroes often abbreviated as the police Force I would like to conclude it with famous chant of our honourable former prime minister shri Lal Bahadur Shastri ji Jai Jawan! Jai Kisan! Jai Hind!! Vikramaditya Dewangan  Student class 12th   DPS Bhilai

Patrakar Vikramaditya Dewangan

 Vikramaditya Dewangan  14 December 2016

bike thief

  भिलाई क्राइम ब्रांच ने इंजीनियरिंग के 5 छात्रों को चोरी की 15 बाइक के साथ गिरफ्तार किया है। एसईसीएल अफसर के इन लाड़लों को महंगी बाइक पर फर्राटे भरने का शौक है, जिसे पूरा करने ये चोरी के रास्ते चल पड़े। पकड़े न जाएं इसलिए जगह बदल-बदल कर ऋषभ सिटी दुर्ग, दीनदयाल कॉलोनी जुनवानी तो कभी स्मृति नगर में रहते थे। 3 साल बाद वे धरे गए। एसपी अमरेश मिश्रा ने बताया कि अग्रसेन पॉलीटेक्निक कॉलेज दुर्ग के छात्र चिरमिरी के प्रांशु गुप्ता, दीपका के तनिश कुमार गुप्ता, भटगांव के आशीष चंद्रा और अनूपपुर के प्रकाश कुमार यादव को चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने 3 साल में भिलाई और दुर्ग के भीड़ भरे मार्केट से बाइक चोरी करने की बात स्वीकार की। चारों एसईसीएल में कार्यरत अधिकारियों के बेटे हैं। उनके पास से 1 बुलेट, 11 पल्सर, 1 एफजेड, 1 आर-1-5 व 1 होण्डा सीबीआर बाइक बरामद की हैं। उन्होंने 4 गाड़ियां भटगांव के गोपेश कुमार देवांगन, जगदलपुर के विशाल कबीराज और अनूपपुर के मनोज कुमार यादव को बेची हैं। पुलिस उनका भी पता लगा रही है। छात्रों के खिलाफ धारा 379 के तहत कार्रवाई की गई है।     Attachments 

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  10 December 2016

bhilai

भिलाई में  यंगिस्तानी स्पोर्ट्स क्लब द्वारा 11 से 21 जनवरी तक आयोजित छत्तीसगढ़ क्रिकेट लीग (सीजीसीएल) के लिए टीमों का चयन हो गया है। इसमें तीन टीम के तीन खिलाड़ियों की बोली 1 लाख रुपए से ज्यादा लगी है। बाकी खिलाड़ियों की बोली भी 50 से 70 हजार रुपए तक लगी है। सेक्टर-7 क्रिकेट ग्राउंड में होने वाले मैच का सीधा प्रसारण नियो स्पोर्ट्स चैनल में होगा। यंगिस्तानी स्पोर्ट्स क्लब के संयोजक मनीष पांडेय ने पत्रकार वार्ता में बताया कि पिछले बार की अपेक्षा साल प्लेयर ऑक्शन में लोगों ने खिला़ि डयों की ब़ ढच़ ढ कर बोली लगाई। लीग में इस बार छह क्रि केट टीमें रॉयल पैंथर्स भिलाई (ओनर केडिया ग्र ुप), एटी सॉलिटर्स रायपुर (ओनर एटी ज्वेलर्स रायपुर), दिशा स्टार्स राजनांदगांव (ओनर सूर्या वायरस), सीवीआरयू लायंस बिलासपुर (ओनर सीवी रमन यूनिवर्सिटी), इम्पीरियल टाइगर्स दुर्ग (ओनर रायपुर पावर एंड स्टील) और स्वर्णभूमि चार्जर्स नया रायपुर (प्रमोटर्स रूही अग्र वाल, श्लोक बिरला और पियुष देशलहरा पायल ट्रेवल्स) हिस्सा ले रही है। इन टीमों के लिए कुल 96 खिला़ि डयों की बोली लगी। जिसमें ऑल राउंडर खिला़ डी जतिन सक्सेना को एटी सॉलिटेर्स ने सबसे ज्यादा कीमत 1 लाख 5 हजार रुपए में खरीदा। वहीं छत्तीसग़ ढ रणजी के स्टार बल्लेबाज अमनदीप खरे को दिशा स्टार्स और अभिमन्यु चौहान को स्वर्णभूमि ने 1-1 लाख रुपए में खरीदा। मनीष पांडेय ने बताया कि बीते साल सीपीएल-2016 के लिए एक मात्र छबि जलछत्री को सीवीआरयू लायंस से सबसे ज्यादा कीमत 70 हजार रुपए में खरीदा था।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  23 November 2016

दुर्ग में बनेगा सूर्य नमस्कार का वर्ल्ड रिकॉर्ड

दुर्ग जिले के एक लाख से अधिक लोग एक साथ सूर्य नमस्कार कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएंगे। इसके लिए 10 से 12 जनवरी 2017 को भिलाई के जयंती स्टेडियम में योग शिविर का आयोजन किया गया है। युवा भारत व पतंजलि योग समिति ने  तीन दिवसीय निःशुल्क योग शिविर के संबंध में पत्रकारवार्ता ली। समिति के सदस्यों ने बताया कि 10 से 12 जनवरी तक निःशुल्क योग शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर के अंतिम दिन 12 जनवरी को एक लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना है। सभी लोग एक साथ सूर्य नमस्कार कर रिकॉर्ड बनाएंगे। अब तक यह रिकॉर्ड फरीदाबाद समिति के नाम दर्ज है। यहां 55 हजार लोगों ने एक साथ सूर्य नमस्कार किया था। इसके अलावा कपाल भारती व अनुलोम -विलोम करने का भी रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। शिविर में स्कूली बच्चों, शिक्षकों व अन्य को भी बुलाया जाएगा।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  10 November 2016

सरोज पाण्डेय के खिलाफ लगी याचिका खारिज

दुर्ग में अतरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को उस परिवाद को खारिज कर दिया जिसमें भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री सरोज पाण्डेय के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग की गई थी। परिवाद विलसन डिसुजा, अमोल मालूसरे व श्रीनिवास खेडिया ने प्रस्तुत किया था। उन्होंने परिवाद में जानकारी दी थी कि सरोज पाण्डेय ने चुनाव आयोग को भ्रामक जानकारी दी है। न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि परिवाद निचली अदालत में निराकृत करने के बाद अपील के तहत प्रस्तुत किया गया है। निचली अदालत में प्रकरणके बारे में जो फैसला सुनाया गया है वह विधि सम्मत है। इसलिए निचली अदालत के फैसले को बहाल रखा जाता है। खास बात यह है कि इस प्रकरण में परिवादियों ने सबसे पहले न्याायाधीश पंकज शर्मा के न्यायाल में परिवाद प्रस्तुत किया था। परिवाद पत्र को आधार हीन बताते हुए न्यायाधीश ने खारिज कर दिया था। साथ ही कहा था कि चुनाव संबंधि शिकायत के लिए अलग से अधिनियम है। परिवादी को अधिनियम के तहत परिवाद प्रस्तुत करना चाहिए। न्यायाधीश के इस फैसले को चुनौती देते हुए परिवादियों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया था। परिवाद को सुनवाई के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में स्थानतरित कर दिया था। परिवाद पत्र नवंबर 2014 में न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद से इस मामले में लगातार गवाही सुनवाईचली। परिवादियों ने अपना पक्ष स्वयं न्यायालय में रखते थे। साथ ही बचाव पक्ष के तर्कप्रस्तुत करने के बाद परिवादी न्यायालय से समय लेकर लिखित में तर्कप्रस्तुत करते थे। परिवाद में जानकारी दी गईथी कि सरोज पाण्डेय ने दुर्गनगर पालिक निगम चुनाव के महापौर पद और वैशली नगर विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लडऩे भरे नामकंन पत्र में भ्रामक जानकारी दी है। निवास पता की जानकारी गलत दी गईहै।सरोज पाण्डेय के बैक एकाउंट व शैक्षणिक योग्यता के लिए भरे फार्ममें पता अलग अलग है। यह धारा 193 व धारा 198 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है।इस धारा के तहत तीन वर्षकारावास का प्रवधान है। परिवादी विलसन डिसूजा ने कहा कि हमारी न्याय पालिका पर आस्था है। इस प्रकरण को हम उच्च न्यायालय में लेकर जाएगें। अगर वहां भी परिवाद खारिज होता है तो आगे सुप्रीम कोर्टमें परिवाद प्रस्तुत करेंगे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  23 September 2016

cg hadtal

ट्रेड यूनियनों की  हड़ताल केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रीव्यापी हड़ताल से छत्तीसगढ़  में कोयला खदानों और कारखानों में काम प्रभावित हो गया है। कोरबा की कोयला खदानों और एसईसीएल की मानिकपुर खदान में मजदूर हड़ताल पर चले गए हैं। कोरबा के करीब 40 हजार नियमित और ठेका कर्मचारी इसमें शामिल हैं। मजदूर नेता सुबह से ही हड़ताल सफल बनाने में जुटे हैं। बालको में भी हड़ताल की वजह से कामकाज प्रभावित हुआ है। रात में ड्यूटी पर गए कर्मचारियों को प्रबंधन ने रोक लिया है। इधर बाहर यूनियन नेताओं ने कर्मचारियों को प्लांट के अंदर नहीं जाने दिया। उधर भिलाई में हड़ताल का असर नहीं देखने को मिला। संयंत्र के खुर्सीपार पर थोड़ी देर कर्मचारियों को रोका गया। पुलिस आने के बाद कर्मचारियों को जाने अंदर जाने दिया गया। बोरि़या गेट पर कर्मचारियों का सामान्य दिनों की तरह ही आना जाना रहा। सीईओ एम रवि सुबह से हड़तालियों से मिलकर कहा कि इससे नुकसान ही होगा।  ट्रेड यूनियनों के शुक्रवार को बुलाई गई एकदिवसीय देशव्यापी हड़ताल से आम लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस हड़ताल की वजह से बैंकिंग, सार्वजनिक परिवहन और टेलीकॉम जैसी आवश्यक सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं। केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि वे तमाम सेवाएं पहुंचाने के लिए कारगर कदम उठाएं। हालांकि हड़ताल का कई राज्यों में असर देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले में एक में बस में तोड़फोड़ की गई। वहीं कई जगहों पर यात्री जहां-तहां फंसे हुए हैं। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में एहतियातन स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया है।यूनियनों के मुताबिक, उनकी मांगों के प्रति सरकार की उदासीनता और श्रम कानून में श्रमिक विरोधी एकतरफा बदलावों के विरोध में यह हड़ताल बुलाई गई । यूनियनों का दावा है कि इस हड़ताल में 18 करोड़ कर्मचारी शामिल  रहे हैं। जबकि पिछले साल करीब 14 करोड़ कर्मचारी इस हड़ताल का हिस्सा बने थे।  बैंक, सरकारी दफ्तर और फैक्ट्रियां बंद । कोल इंडिया, गेल, ओएनजीसी, एनटीपीसी और भेल जैसे केंद्रीय पीएसयू में कामकाज ठप्प । बिजली, परिवहन, खनन, रक्षा, टेलीकॉम और बीमा क्षेत्र  प्रभावित। दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में कई ऑटो रिक्शा यूनियनों के शामिल होने से गड़बड़ाईं  परिवहन सेवाएं -बंदरगाह व विमानन सेवाएं भी प्रभावित।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  2 September 2016

ajit jogi

  कवर्धा मामले पर जोगी के बोल        रायपुर में  छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस(जोगी) के सुप्रीमो पूर्व सीएम अजीत जोगी ने कहा- प्रदेश सरकार नागरिकों की सुरक्षा नहीं कर पा रही है और न ही देवता की। कवर्धा मामले को उठाते हुए उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। जोगी ने कहा कि उनकी पार्टी शराब नीति  की घोषणा करेगी।   छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के दीपक साहू के साथ भाजपा में प्रवेश करने वाले सभी सदस्य अजीत जोगी की पार्टी में शामिल हो गए। लेकिन दीपक साहू अब भी भाजपा के साथ ही हैं। लगभग 100 पदाधिकारीयों ने किया छग जनता कांग्रेस(जोगी) में प्रवेश किया। इसमें महेश देवांगन, रोहन भेड़िया, कुंजराम साहू, रीती देशलहरे, सौरभ तिवारी भी शामिल हैं। लीडरशिप नहीं होने की वजह से उन्होंने भाजपा में किया प्रवेश किया था। अब जोगी की लीडरशिप में नई पार्टी में शामिल हो गए। पूर्व भाजपा सांसद ताराचंद साहू ने स्वाभिमान मंच बनाया था।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  30 June 2016

BSP

      बगैर भारतीय नागरिकता भिलाई में रह रहे विदेशी नागरिकों के मामले में भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी), पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। भिलाई में रह रहे विदेशी नागरिकों की सूची में शामिल एक अफगानी नागरिक भिलाई इस्पात संयंत्र में नौकरी करता रहा।   चिंता की बात यह है कि पूरी नौकरी के दौरान उसे पकड़ा नहीं जा सका। इतना ही नहीं उक्त नागरिक ने संयंत्र में नौकरी के आधार पर बैंक से लोन लेकर अपना निजी मकान भी भिलाई में बना लिया है। जबकि नियमानुसार देश में किसी भी प्रकार की सरकारी नौकरी करने की पहली शर्त भारतीय नागरिक होना होता है।   विदेशी नागरिकों द्वारा अवैध तरीके से मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड सहित अन्य शासकीय दस्तावेज बनने की शिकायत की गई। जांच के बाद हाल ही में भिलाई नगर निगम क्षेत्र में रह रहे 34 विदेशी नागरिकों की सूची जारी की गई है। इसमें अफगानिस्तान की नागरिकता प्राप्त स्मृति नगर निवासी योगेंद्र छिब्बर बीएसपी का पूर्व कार्मिक है।   सूत्रों के मुताबिक 15 जून 1959 को बीएसपी के रेल मिल में टेक्निशियन के पद पर योगेंद्र की नियुक्ति हुई। इसके बाद नवंबर 1996 में रिटायर हो गया। तब से यह भिलाई के स्मृति नगर स्थित बी-487, क्रॉस स्ट्रीट-25 में रह रहा है। योगेंद्र का मूल पता एचएन-167 हिंदू गुजर शेर बाजार काबुल, अफगानिस्तान है। सूत्र बताते हैं कि योगेंद्र को अब भारत की नागरिकता नहीं मिली है और वे हर साल वीजा अवधि बढ़वाकर रह रहा है।   सूत्रों के मुताबिक पूर्व बीएसपी कर्मी योगेंद्र छिब्बर का जन्म अविभाजित भारत वर्तमान में पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था। वह अपने रिश्तेदार के साथ मध्य प्रदेश के ग्वालियर आया और यहीं से आईटीआई की पड़ाई की। इस पड़ाई की बदौलत भिलाई इस्पात संयंत्र में नौकरी लगी। यहीं उनका विवाह हुआ और वे अपने परिवार के साथ भिलाई में बस गए, लेकिन उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली।   कानूनी जानकारों की मानें तो बगैर नागरिकता दस्तावेज बनाने व सरकारी नौकरी करना देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से अतिसंवेदनशील है। भिलाई में सेल का स्टील प्लांट है। प्लांट की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे संवेदनशीन स्थान माना गया है।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  28 May 2016

Video

Page Views

  • Last day : 2842
  • Last 7 days : 18353
  • Last 30 days : 71082
Advertisement
Advertisement
Advertisement
All Rights Reserved ©2017 MadhyaBharat News.