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बिलासपुर News


5 ट्रेनें

शालीमार, मुंबई व कामाख्या से शनिवार को छूटने वाली 5 ट्रेनें रद्द रहीं। ये ट्रेनें दूसरे दिन रविवार को बिलासपुर नहीं पहुंची । अब परिचालन रैक नहीं मिलने व ट्रेनों के विलंब से चलने के कारण बाधित हो रहा है। माना जा रहा है कि दो से तीन और परेशानी होगी। इसके बाद ही ट्रेनें तय समय पर चलेंगी। पांच दिन पहले नागपुर- मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस पटरी से उतरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसी दिन भारी बारिश भी हुई। इसके चलते मुंबई में पानी भर गया। रेल लाइन पर घुटने तक पानी भरा हुआ था। इसे देखते हुए रेल प्रशासन ने कुछ ट्रेनें रद्द करने की घोषणा कर दी। वहीं कई ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया। लगातार तीन से चार दिन परिचालन प्रभावित होने के कारण मुंबई-हावड़ा मेन लाइन की ट्रेनें अपने पुराने समय पर नहीं लौटी है। अब दिक्कत रैक को लेकर आ रही है। इसी के चलते 2 सितंबर को छूटने वाली 12860 हावड़ा-छत्रपति शिवाजी टर्मिनल गीतांजलि एक्सप्रेस, 18030 शालीमार- लोकमान्य तिलक टर्मिनल शालीमार एक्सप्रेस, 12152 हावड़ा- लोकमान्य तिलक टर्मिनल समरसता एक्सप्रेस को रद्द कर दी गई। 3 सितंबर को भी कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी। जिनमें 18030 शालीमार- लोकमान्य तिलक टर्मिनल शालीमार एक्सप्रेस, 22886 टाटानगर - लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस रद्द रहेंगी। 4 सितंबर 12811 लोकमान्य तिलक टर्मिनल - हटिया एक्सप्रेस, 6 सितंबर को 22512 लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस- कामाख्या एक्सप्रेस व 7 सितंबर को पेयरिंग रैक उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में 82505 पुणे- कामाख्या एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 3 से 5 घंटे विलंब से छूटी ट्रेनें कुछ ट्रेनों को पुन: निर्धारित कर चलाया जा रहा है। इनमें 15231 बरौनी- गोंदिया एक्सप्रेस 4 घंटे से भी अधिक विलंब से चलने के कारण शनिवार को गोंदिया से तय समय रात 9 बजे रवाना नहीं हो सकी। यह ट्रेन 3 घंटे 30 मिनट देर से रात 12.30 बजे रवाना हुई। इसी तरह गोंदिया से 14.50 बजे छूटने वाली 121.6 गोंदिया- छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल एक्सप्रेस 4 घंटे विलंब से शाम 18.30 बजे छूटी।शनिवार को ही छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल से 19.10 बजे छूटने वाली 12105 गोंदिया एक्सप्रेस 5 घंटे 20 मिनट देर से रात 12.30 बजे रवाना हुई।  

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 MadhyaBharat  3 September 2017

महानदी  बैराज

  नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के फैसले से आडिशा सरकार को झटका लगा है। उसने महानदी पर छत्तीसगढ़ सरकार की परियोजनाओं का संचालन शुरू नहीं करने की याचिका लगाई थी। एनजीटी ने उसे खारिज कर दिया है। उसने यह साफ कर दिया कि महानदी पर निर्माणाधीन परियोजनाओं में पहले से कोई स्थगन नहीं था। इस कारण नए बैराजों के निर्माण का रास्ता खुल गया है। गुरुवार को कोलकाता के एनजीटी की पूर्वी बेंच ने इस प्रकरण की सुनवाई की। छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से महाधिवक्ता जुगल किशोर गिल्डा ने पक्ष रखा। उनके साथ जल संसाधन विभाग बिलासपुर के मुख्य अभियंता और प्रकरण के प्रभारी अधिकारी एसके अवधिया और कार्यपालन अभियंता आरएस नायडू भी उपस्थित थे। दोनों अधिकारी शाम को कोलकाता से रायपुर लौट आए। नायडू ने बताया कि महानदी पर राज्य सरकार पांच बैराज बसंतपुर, मिरौनी, साराडीह, कलमा और समोदा में बैराज का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है, जबकि शिवरीनारायण बैराज निर्माणाधीन है। एनजीटी ने छत्तीसगढ़ सरकार का पक्ष सुनने के बाद कहा कि महानदी पर ऐसे बैराज, जिनका निर्माण शुरू नहीं हुआ, उन्हें भी अब प्रारंभ कर सकते हैं। गौरतलब है कि पूर्वी क्षेत्रीय बेंच ने 26 जुलाई 2017 को अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद राज्य सरकार से यह अपेक्षा की थी, कि जिन बैराजों निर्माण शुरू नहीं हुआ है, उनमें फिलहाल आगामी सुनवाई होने तक कार्य प्रारंभ नहीं किया जाए।

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 MadhyaBharat  1 September 2017

अमित जोगी जाति

  अमित जोगी जाति मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने केंद्रीय गृहसचिव एलसी गोयल और छत्तीसगढ़ हाईपावर कमेटी की अध्यक्ष रीना बाबा कंगाले को तलब किया है। इन दोनों अधिकारियों को 13 सितंबर को पेश होना है। गौरतलब है कि अमित जोगी को विदेशी नागरिक बताते हुए समीरा पैकरा ने उनका जाति प्रमाण जारी करने वाले छह अधिकारियों को कोर्ट में बुलाने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। इस मामले के बाद अमित जोगी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इससे पहले अमित जोगी के पिता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के जाति प्रमाण पत्र को हाई पॉवर कमेटी द्वारा बीते दिनों खारिज कर दिया गया था। अब इसके बाद अमित जोगी के निर्वाचन को भी रद्द करने की मांग की जा रही है।  

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 MadhyaBharat  16 August 2017

amit jogi

  मरवाही विधायक अमित जोगी का जन्म अलग-अलग दस्तावेज में अमेरिका, इंदौर व जोगीसार सारबहरा में बताए जाने और फर्जी जाति प्रमाण पत्र को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य शासन व राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग समेत अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष समीरा पैकरा समेत मरवाही क्षेत्र के 200 आदिवासियों ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी व मरवाही विधायक अमित जोगी की जाति की सीबीआई जांच कराने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि अजीत जोगी ने 1967 में पेंड्रा तहसीलदार कार्यालय से कंवर आदिवासी होने का प्रमाण पत्र बनवाया था। जबकि उस समय पेंड्रा में तहसीलदार, नायब तहसीलदार का कार्यालय ही नहीं था। इसी प्रकार अमित जोगी ने तीन अलग-अलग स्थान में जन्म होने का प्रमाण पत्र दिया है। भारतीय नागरिकता लेने अमेरिका, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए इंदौर और जाति प्रमाण पत्र के लिए पेंड्रा क्षेत्र के जोगीसार सारबहरा में जन्म बताया गया। सभी में जन्म तिथि भी अलग-अलग है। इसी प्रकार अमित जोगी ने अपनी चचेरी बहन नेहा जोगी का वंशावली के आधार पर पेंड्रा एसडीएम कार्यालय से जाति प्रमाण पत्र बनवाया है। नेहा जोगी ने 2008 में एसडीएम कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया था। एसडीएम ने उसके आवेदन को खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने 2012 में फिर से आवेदन दिया। इस बार उनको कंवर आदिवासी का प्रमाण पत्र दिया गया। इसके बाद अमित जोगी ने नेहा कंवर को बहन बताते हुए जाति प्रमाण पत्र बनाने आवेदन दिया। इसी आधार पर उनका भी जाति प्रमाण पत्र बनाया गया। याचिका में पूरे मामले की सीबीआई या उच्च स्तरीय जांच समिति से जांच कराने की मांग की गई है। याचिका में मंगलवार को जस्टिस आरसीएस सामंत के कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार, राज्य शासन, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग, अमित जोगी, अजीत जोगी, पेंड्रा थाना, कलेक्टर बिलासपुर, एसडीएम पेंड्रा सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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 MadhyaBharat  26 July 2017

बिलासपुर हाईकोर्ट अमित जोगी

  बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने अमित जोगी के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया। उन्होंने इसे किसी अन्य बेंच को देने को कहा है। अमित जोगी के खिलाफ जाति मामले में कार्रवाई करने की याचिका नंद कुमार साय लगाई थी। इसी मामले में मंगलवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन जस्टिस ने सुनवाई से इंकार कर दिया। माना जा रहा है कि संजय अग्रवाल एक समय अजीत जोगी के वकील रह चुके हैं। इसी आधार पर उन्होंने सुनाई से इनकार कर दिया है अब इस मामले की सुनवाई नई बेंच करेगी।  

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 MadhyaBharat  25 July 2017

सिम्स  घोटाले को लेकर पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट

बिलासपुर सिम्स में 2013-14 की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत को पीएमओ ने गंभीरता से लेकर मुख्य सचिव से 15 दिनों में जांच रिपोर्ट मांगी है। साल 2013-14 में सिम्स में कर्मचारियों की नियमित भर्ती की गई थी। 14-15 सालों से कार्यरत 56 संविदा व ठेका कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया। इन कर्मियों ने कलेक्टर से शिकायत की, तो जांच के लिए तत्कालिक अपर कलेक्टर नीलकंठ टेकाम के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम बनी। तीन साल बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई, तो पीड़ित कर्मी किशनलाल निर्मलकर ने सीएम समेत विभागीय अफसरों को ज्ञापन सौंप। यहां भी निराशा हाथ लगी।  

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 MadhyaBharat  22 July 2017

kiranmayi nayak

  कांग्रेस प्रत्याशी किरणमयी नायक को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बृजमोहन अग्रवाल के खिलाफ गलत तरीके से चुनाव जीतने के मामले में लगाई गई याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। शुक्रवार सुबह इस मामले में फैसला आया, जिसमें किरणमयी नायक की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी। दरअसल रायपुर दक्षिण से विधायक व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल पर चुनाव प्रचार के दौरान तय राशि से ज्यादा खर्च करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रत्याशी ने साल 2014 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।  

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 MadhyaBharat  21 July 2017

पूर्व सांसद महाबल मिश्रा

खबर बिलासपुर से । कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ अभद्रता करने वाले कांग्रेस के पूर्व सांसद महाबल मिश्रा का इंटक यूथ ने विरोध किया। जोनल स्टेशन में उन्हें व उनके सहयोगी केके तिवारी को उत्कल एक्सप्रेस से उतारकर उनके ऊपर काली स्याही उंड़ेल दी गई। इसके अलावा जमकर नारेबाजी भी की गई। पश्चिम दिल्ली के पूर्व सांसद श्री मिश्रा व श्री तिवारी दिल्ली से हरिद्वार-पुरी उत्कल एक्सप्रेस से चांपा के लिए सफर कर रहे थे। उनका रिजर्वेशन ए-1 कोच में था। उनके बिलासपुर से गुजरने की सूचना पर इंटर यूथ सक्रिय हो गया और ट्रेन के पहुंचने से पहले प्रदेश अध्यक्ष सुशील अग्रवाल साथियों के साथ स्टेशन पहुंच गए। ट्रेन 11 बजे प्लेटफार्म एक पर आई। इसके बाद श्री अग्रवाल व साथी कोच में चढ़े और स्वागत की बात कहते हुए दोनों को नीचे उतारवाया। उन्हें समर्थक मानकर दोनों उत्साह के साथ नीचे उतरे। इसके बाद उन पर काली स्याही उंड़ेल दी गई। इससे दोनों के चेहरे काली स्याही से रंग गए। प्रदेश अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने बताया कि महाबल मिश्रा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके बाद इंटक यूथ में उनके खिलाफ बेहद आक्रोश है। इतना ही नहीं वे खुद को इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केके तिवारी महामंत्री बताते हैं। जबकि वर्तमान में राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी डॉ. जी संजीवन रेड्डी के पास है। इसके बावजूद दोनों गलत ढंग से पद पर काबिज होने की बात कहते हैं। इसके अलावा सभा व कार्यक्रम आयोजित कर माहौल का बिगाड़ने की साजिश करते हैं। कोरबा भी इसी सिलसिले में जा रहे थे। जोनल स्टेशन में हुई इस घटना की भनक आरपीएफ और जीआरपी नहीं लगी। इस संबंध में उनका कहना था कि हमारे पास किसी ने इस तरह की शिकायत नहीं आई है।

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 MadhyaBharat  10 July 2017

dayaldas baghel

बिलासपुर में छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि किसानों को बोनस नहीं देंगे। प्रदेश के किसान साधन संपन्न हैं। वैसे भी राज्य सरकार कई ऐसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को सीधा फायदा पहुंच रही है। जब उनको फायदा पहुंचाया जा रहा है तो बोनस की जरूरत ही कहां है। सहकारिता मंत्री श्री बघेल  छत्तीसगढ़ भवन में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। वे लोक सुराज अभियान में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में समीक्षा बैठक लेने आए थे। यह पूछे जाने पर कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के माध्यम से किसानों ने धान बेच दिया है पर राज्य शासन द्वारा बोनस नहीं दिया है। किसान अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। सहकारिता मंत्री ने दोटूक कहा कि हम किसानों को बोनस नहीं दे रहे हैं। इसकी जरूरत भी नहीं है। मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि राज्य शासन द्वारा किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए उनके हित से जुड़ी कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। योजना से जुड़कर किसान फायदा भी ले रहे हैं। जब किसानों को शासन सीधे फायदा पहुंचा रहा है तो बोनस की जरूरत ही कहां है। मंत्री ने सीधे कहा कि किसानों को बोनस फिलहाल नहीं दे रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के साथ फ्रांस दौरे का अनुभव बताते हुए कहा कि वहां अंगूर से शराब बनाई जाती है। हम लोगों ने भी यह कला सीखी है। प्रदेश में अंगूर की फसल की अपार संभावनाएं हैं। अंगूर की खेती के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा व राज्य सरकार शराब भी बनाएगी। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में करोड़ों के घोटाले के संबंध में मंत्री ने कहा कि जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा । सुराज अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों के संबंध में मंत्री श्री बघेल ने कहा कि सुराज के दौरान कुछ ऐसे भी आवेदन आए हैं जिसका प्रकरण कोर्ट में चल रहा है। ऐसे मामलों को लंबित रखा गया है। कोर्ट के फैसले के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी । जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में पीओएस मशीन वितरण के संबंध में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि इसकी जानकारी नहीं है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ अभिषेक तिवारी ने मंत्री को बताया कि कृषि विभाग की योजना के तहत बैंक में पीओएस बांटा जा रहा है।  

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 MadhyaBharat  5 June 2017

बिलासपुर पारा 49 डिग्री

  छत्तीसगढ़ में गर्मी ने सोमवार को आज तक की गर्मी का रिकॉर्ड तोड़ दिया। बिलासपुर में पारा दोपहर ढाई बजे के बाद 49.3 डिग्री तक जा पहुंचा। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि ढाई बजे तक तापमान 46 डिग्री था। इसके बाद पारा अचानक ही चढ़ता गया। बिलासपुर मौसम केंद्र ने जब इसकी जानकारी रायपुर मुख्यालय को दी तो यहां हड़कंप मच गया। केंद्र्र के निदेशक प्रकाश खरे ने इसकी पुष्टि करने के लिए थर्मामीटर की वीडियो रिकॉर्डिंग मंगवाई। इसके बाद ही शाम को विभाग से जानकारी सार्वजनिक की गई। विज्ञानियों ने आने वाले दो दिनों में रायपुर का अधिकतम तापमान 47 डिग्री तक पहुंचने की आशंका जताई है। बचाव के साधनों के बिना लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। मौसम केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि हालांकि उनके पास सिर्फ 2007 से ही तापमान के आंकड़े मौजूद हैं, लेकिन राज्य में आज तक पारा 49 डिग्री तक पहुंचने की अधिकृत जानकारी नहीं है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक पहुंचा, न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री रहा।  मौसम केंद्र से मिली जानकारी के दर्ज जानकारी के अनुसार 1988 में रायपुर का अधिकतम तापमान 47.9 डिग्री तक पहंुचा था। इसे प्रदेश का अब तक दर्ज अधिकतम तापमान माना जा रहा था। 2013 में बिलासपुर का तापमान 47.4 डिग्री दर्ज किया। इसे अब तक का रिकार्ड माना जा रहा था।  

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 MadhyaBharat  22 May 2017

आईएसआई नेटवर्क

  आईएसआई नेटवर्क के मास्टर माइंड रज्जन तिवारी का सहयोगी मनींद्र के साथ ही उसके भाई धर्मेंद्र की भी मिलीभगत सामने आ रही है। बिलासपुर पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपने भाई के दिल्ली में रहने व एटीएम के जरिए रकम निकालकर आईएसआई तक पहुंचाने की बात कही है। मंगलवार को पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा की जांच की, जिसमें 5 लाख रुपए ट्रांजेक्शन का खुलासा हुआ है। शनिवार को पुलिस ने शहर के साथ ही जांजगीर-चांपा के अकलतरा में आईएसआई नेटवर्क का खुलासा किया था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपी मनींद्र यादव व संजय देवांगन को गिरफ्तार किया। उनके बैंक खातों से पिछले तीन साल में लाखों रुपए लेनदेन हुआ है। पाकिस्तानी जासूस सतविंदर से उसका कनेक्शन मिला है। दरअसल जम्मू-कश्मीर के आरएसपुरा थाने में सतविंदर के साथ ही आरोपी संजय के खिलाफ भी देशद्रोह का अपराध दर्ज है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच व खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर ही मध्यप्रदेश एटीएस ने सतविंदर से जुड़े आईएसआई नेटवर्क का खुलासा बीते फरवरी माह में भोपाल में किया था। सतविंदर का तार आईएसआई नेटवर्क के रूप  में सतना के आदतन अपराधी रज्जन उर्फ राजीव तिवारी से जुड़े थे। मध्यप्रदेश एटीएस ने इस मामले में आधा दर्जन से अधिक युवकों को गिरफ्तार किया। एटीएस की जांच में खुलासा हुआ कि रज्जन तिवारी आईएसआई नेटवर्क का मास्टर माइंड है। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा में उसके  मामा का घर है। लिहाजा तीन साल पहले 2014 में वह अकलतरा आया था। उसी समय अपने ममेरा भाई अवधेश दुबे, संजय देवांगन व मनींद्र को रकम का लालच देकर बैंक खाता खुलवाया था। रज्जन के कहने पर ही इनके द्वारा रकम को दूसरे खातों में जमा कराया जाता था। पुलिस ने आरोपी मनींद्र व संजय को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। आरोपी मनींद्र से पूछताछ में पता चला है कि उसका भाई धर्मेंद्र भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। वह ट्रेनिंग के सिलसिले में दिल्ली गया था। उस समय वह आईएसआई नेटवर्क के संपर्क में था। उसने एटीएम के जरिए रकम निकालकर आईएसआई नेटवर्क को उपलब्ध कराया था। पुलिस इस मामले में अब धर्मेंद्र की भी पतासाजी कर रही है। मंगलवार को पुलिस ने सुविधा काम्प्लेक्स स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा से नैला-जांजगीर शाखा के अकाउंट की जानकारी निकाली, जहां आरोपी मनींद्र व संजय का बैंक खाता है। उनके पीएनबी खाते में भी तीन साल के भीतर करीब 5 लाख रुपए ट्रांजेक्शन होने की जानकारी मिली है। सिविल लाइन टीआई नसर सिद्दिकी ने बताया कि आरोपियों से मिले बैंक अकाउंट की जानकारी खंगाली जा रही है। लेकिन प्रारंभिक जांच में बैंक प्रबंधन भी यह नहीं बता पा रहे हैं कि रकम किसने जमा कराया है। इसी तरह जिन खातों में रकम जमा की गई है उन खाताधारकों की पूरी जानकारी भी नहीं मिल पाई है। उन्होंने बताया कि बैंकों में कोड नंबर के आधार पर शाखाओं में काम होता है। लिहाजा पुलिस ने बैंक से संबंधित कोड नंबर के साथ ही खाताधारकों की विस्तृत जानकारी मांगी है। सिविल लाइन पुलिस ने दोनों आरोपी मनींद्र व संजय को गिरफ्तार करने के बाद रविवार को कोर्ट में पेश किया। इस दौरान उन्हें पूछताछ के लिए 4 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। इस बीच पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर जानकारी जुटाती रही।   

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 MadhyaBharat  21 April 2017

सहकारी बैंक घोटाला

बिलासपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में खरीफ फसल के लिए विभिन्न् समितियों में खाद परिवहन के नाम पर 25 करोड़ स्र्पए का घोटाला सामने आया है। बैंक प्रबंधन ने परिवहन के लिए बगैर टेंडर जारी किए चहेतों को काम दे दिया। समितियों में खाद आपूर्ति के एवज में ट्रांसपोर्टरों द्वारा जारी मनमुताबिक बिल को विपणन अधिकारी ने पास भी कर दिया। स्पेशल ऑडिट टीम ने बीते पांच वर्ष के दौरान खाद परिवहन के नाम पर 25 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का खुलासा किया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अंतर्गत बिलासपुर,मुंगेली,जांजगीर-चांपा व कोरबा जिले को शामिल किया गया है। खरीफ फसल के दौरान बैंक की विभिन्न् समितियों में पंजीकृत किसानों को बैंक द्वारा खाद व बीज के लिए कर्ज दिया जाता है। खाद व बीज के अलावा किसानों को खेती किसानी के लिए नगद ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। कृषि विभाग के कैलेंडर के अनुसार प्रदेश में 15 जून से मानसून की शुरुआत हो जाती है। इसके पूर्व समितियों के गोदामों में खाद व बीज का भंडारण कर लिया जाता है। राज्य शासन की व्यवस्था पर नजर डालें तो सहकारी संस्थाओं के प्रदेशभर के गोदमों में खाद व बीज भंडारण के लिए टेंडर जारी करना अनिवार्य है। निविदा जारी कर परिवहनकर्ताओं को आमंत्रित किया जाना है। निविदा प्रपत्र में किस समिति के किस गोदाम में खाद व बीज का भंडारण करना है इसका स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। इसके अलावा जिला कार्यालय से दूरी का जिक्र करना भी जरूरी है। दूरी के अलावा शासन द्वारा प्रति किलोमीटर दर की घोषणा बैंक द्वारा करना होगा। इसी आधार पर परिवहनकर्ताओं से निविदा बुलाई जाएगी। इसके बाद टेंडर खोला जाएगा। सबसे कम रेट वाले परिवहनकर्ताओं को गोदामों में खाद व बीज भंडारण के लिए वर्कआर्डर जारी किया जाएगा। इसके बाद ही ट्रांसपोर्टर भंडारण का काम शुरू करेंगे। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में बीते पांच वर्षों से खाद व बीज भंडारण के लिए तय नियमों का पालन ही नहीं किया जा रहा है। चहेते ट्रांसपोर्टरों को काम देकर संबंधित अधिकारियों ने शासन को लाखों का चूना लगा दिया है। बिना टेंडर मुंहजुबानी गोदामों में खाद व बीज का भंडारण करा लिया। इसका खुलासा विशेष ऑडिट टीम की जांच में हुआ है। आश्चर्य की बात है कि वर्ष 2012 से 2016 के बीच बिना टेंडर बैंक के अंतर्गत आने वाले चारों जिलों की समितियों में खाद व बीज भंडारण के लिए ट्रांसपोर्टरों को बिना टेंडर काम दे दिया गया है। जांच दल में शामिल एक आला अधिकारी के अनुसार एक वर्ष में परिवहन के नाम पर चारों जिले में तकरीबन पांच करोड़ स्र्पए का घोटाला किया है। पांच वर्ष में 25 करोड़ का घोटाला सामने आया है। बगैर टेंडर जारी किए ट्रांसपोर्टरों को खाद व बीज भंडारण का काम देने के बाद ट्रांसपोर्टरों ने समितियों में भंडारण किया। उसके बाद बैंक के विपणन अधिकारी के समक्ष बिल पेश कर दिया। बगैर किसी मापदंड के बैंक के आला अफसराें के इशारे पर विपणन अधिकारी ने बिल पास कर दिया। ट्रांसपोर्टरों ने संबंधित ब्रांच में बिल जमा कर दिया। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के विपणन अधिकारी द्वारा पास बिल के एवज में ब्रांच मैनेजरों ने खाद व बीज भंडारण के एवज में ट्रांसपोर्टरों को बगैर पतासाजी किए बिल का भुगतान भी कर दिया । राज्य शासन द्वारा तय किए गए मापदंड के अनुसार समितियों में पंजीकृत किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार स्र्पए का कर्ज दिया जाता है। इसमें 6 हजार स्र्पए का खाद व बीज व 9 हजार स्र्पए कृषि कार्य के लिए नगद दिया जाता है। खाद के रूप में किसानों को यूरिया,डीएपी,सुपर फास्फेट व पोटाश का विकल्प दिया जाता है। लिमिट के अनुसार किसान अपने मनमुताबिक खाद ले सकते हैं। बीते पांच वर्ष के दौरान बैंक की विभिन्न् समितियों में खाद व बीज परिवहन के संबंध में परिवहनकर्ताओं को जारी किए गए बिल संबंधी फाइल गायब कर दी गई है। विशेष जांच दल द्वारा फाइलों के संबंध में बैंक प्रबंधन को लगातार नोटिस जारी किया है। इसके बाद भी फाइल जांच दल के हवाले नहीं की जा रही है। उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं केएल ढारगवे ने बताया राज्य शासन के निर्देश पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कामकाज को लेकर विशेष ऑडिट की जा रही है। इसके लिए अलग-अलग बिंदु तय किए गए हैं। जांच के दौरान बीते पांच वर्ष के दौरान खाद व बीज परिवहन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। जांच जारी है।  जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के सीईओ अभिषेक तिवारी का कहना है विशेष ऑडिट टीम द्वारा बैंक के कामकाज को लेकर जांच की जा रही है। खाद व बीज परिवहन के संबंध में फाइल मांगी है। तत्कालीन विपणन अधिकारी को फाइल उपलब्ध कराने नोटिस जारी किया गया है। प्रथमदृष्टया बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जानकारी मिली है।   

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 MadhyaBharat  18 April 2017

bilaspur

    बिलासपुर के पास  कोटा क्षेत्र के ग्राम गनियारी में गांजा तस्कर ने मवेशियों के कटिया व भूसे के साथ गांजा छिपाकर रखा था। प्रशिक्षु आईपीएस व उनकी टीम ने दबीश देकर गांजा तस्कर महिला को पकड़ लिया। हालांकि उसका पति भाग निकला। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने मकान से 1 क्विंटल 33 किलो गांजा जब्त किया है। प्रशिक्षु आईपीएस व कोटा एसडीओपी दिब्यांग पटेल को सूचना मिली थी कि ग्राम गनियारी व आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर गांजे की तस्करी होती है। गांजा तस्कर बेखौफ होकर अवैध कारोबार चला रहे हैं। खबर मिलते ही उन्होंने अपनी टीम को सक्रिय किया। उनके गनमैन केशव मार्को को मुखबिर से पता चला कि ग्राम गनियारी व चोरभठ्ठीखुर्द में ग्रामीण नशे का कारोबार कर रहे हैं। इस सूचना की तस्दीक करने के बाद उन्होंने अपनी टीम के साथ गुरुवार की देर शाम गनियारी में दबीश दी। इस दौरान एक महिला अपने पति के साथ मिलकर पुड़िया बनाकर गांजा बेच रही थी। पूछताछ करते हुए पुलिस आवासपारा पहुंच गई। इस बीच पुलिस को देखते ही महिला का पति चिंताराम वर्मा भाग निकला। पुलिस ने उसकी पत्नी अंजू वर्मा (35) को गांजा के साथ पकड़ लिया। इस दौरान पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली। गांजा तस्कर महिला मवेशी बांधने की जगह पर उनके लिए रखे चारा जैसे कटिया व भूसे के बीच बोरियों में भरकर गांजा को छिपाकर रखा था। पुलिस ने जांच के दौरान बड़ी मात्रा में गांजा जब्त किया। फिर महिला को पकड़कर थाने ले गई। वहीं उसका पति चिंताराम वर्मा की तलाश की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घर से 1 क्विंटल 33 किलो गांजा जब्त किया है। प्रशिक्षु आईपीएस पटेल के गनमैन केशव मार्को को गनियारी में अवैध शराब का भंडारण होने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस की टीम ने महिला के घर की तलाशी ली। जांच के दौरान पुलिस ने 2 कार्टून में रखी 82 पाव शराब जब्त की। खोजबीन के दौरान ही पुलिस को गांजे की गंध आई और गांजे का जखीरा मिल गया। कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम गनियारी में गांजा का अवैध कारोबार जिस तरीके से चल रहा था, इससे पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगा है। कहा जा रहा है कि गांजा तस्कर चिंताराम पुलिस की मिलीभगत से बेखौफ होकर कारोबार चला रहा था। गुरुवार की शाम पुलिस अफसर व उनकी टीम ने दबीश दी तब वह मौजूद था। वह स्थानीय पुलिस समझकर बेखौफ तरीके से बात कर रहा था। लेकिन, जैसे ही उसे आईपीएस के आने की भनक लगी वह मौका पाकर भाग निकला। पुलिसकर्मी उसे नहीं पहचानते थे इसलिए उसे भागने का मौका मिल गया। आईपीएस व उनकी टीम ने सकरी चौकी क्षेत्र के ग्राम चोरभठ्ठीखुर्द में भी दबीश दी। यहां भी पुलिस की मिलीभगत से अवैध कारोबार चल रहा था। पुलिस ने गांव के लक्ष्मीप्रसाद पांडेय पिता स्व. गंगाप्रसाद पांडेय (55) व उसके बेटे गिरीश पांडेय (22) को रंगे हाथ पकड़ लिया। दोनों पिता-पुत्र खुलेआम पुड़िया बनाकर बेच रहे थे। पुलिस ने उनके पास से 4 किलो गांजा जब्त किया है। उसी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने चिंताराम वर्मा के घर में दबिश दी। दोनों पिता-पुत्र के खिलाफ सकरी चौकी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।  

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 MadhyaBharat  7 April 2017

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती

बिलासपुर प्रवास पर पहुंचे शारदा पीठ और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने राम मंदिर निर्माण को लेकर चर्चा की। उन्‍होंने कहा कि अयोध्या में यह काम जल्द से जल्द होना चाहिए। यह हमारी आस्था व संस्कृति से जुड़ा मामला है। उन्होंने अब तक मंदिर नहीं बन पाने का कारण राजनीतिकरण को बताया। शंकराचार्य स्वरूपानंद ने कहा कि अयोध्या में विक्रमादित्य ने भी मंदिर का निर्माण कराया था। कारसेवकों ने जब अयोध्या में ढांचे को तोड़ा तो भी वहां मंदिर के अवशेष मिले थे। वहीं मस्जिद बनने या बाबर के वहां आने का कोई प्रमाण नहीं मिला। इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी सहमति देते हुए मंदिर के निर्माण की बात कही और उसके पक्ष में अपना निर्णय दिया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने 65 एकड़ जमीन सरकार के अधिकार में ली थी और कहा था कि इसे मंदिर निर्माण के समय संतों और राम भक्तों को दे दी जाएगी। इस संबंध में प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने भी चर्चा की, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई। भगवान राम की जन्मभूमि में मंदिर निर्माण को लेकर विशाल धर्मसभा हुई थी, जिसमें काशी और पुरी के शंकराचार्यों ने भी मंदिर के पक्ष में सहमति जताई थी। संतों और भक्तों की सहमति और कोर्ट के फैसले के बाद भी राजनीतिकरण की वजह से ही मंदिर निर्माण में देरी हो रही है।  स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि स्कंद पुराण में भगवान राम के अवतार और उनकी जन्मभूमि अयोध्या को पावन बताया गया है। भगवान के जन्म स्थान पर देवताओं का वास है और यह हमारी आस्था व संस्कृति से जुड़ा अहम हिस्सा है। इस स्थान पर मंदिर का जल्द ही निर्माण होगा। तभी देश में एक बार फिर राम राज्य की स्थापना होगी।  

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 MadhyaBharat  26 March 2017

अवैध शराब

  सरकार द्वारा शराब बेचने के खिलाफ पेश जनहित याचिका पर शासन की ओर से जवाब पेश किया गया। इसमें बताया गया कि संविधान में सरकार को शराब बिक्री का अधिकार मिला है। प्रदेश में अवैध शराब को रोकने के लिए निगम बनाने का निर्णय लिया गया है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने प्रतिउत्तर पेश करने याचिकाकर्ता को दो दिन का समय दिया है। राज्य शासन ने वर्ष 2017-2018 में शराब दुकान ठेके में देने के बजाय स्वयं चलाने का निर्णय लिया है। इसके खिलाफ रायपुर की सामाजिक कार्यकर्ता ममता शर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि सरकार का काम मादक पदार्थ पर नियंत्रण करना है न कि इसको बढ़ावा देना। प्रदेश सरकार की इस नीति को गलत बताते हुए प्रदेश में शराबबंदी की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने मामले में शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। मंगलवार को जस्टिस प्रीतिंकर दिवाकर के कोर्ट में सुनवाई के दौरान शासन की ओर से जवाब पेश किया गया। शासन ने कहा है कि संविधान में सरकार को शराब बेचने का अधिकार मिला है। प्रदेश में अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए सरकार निगम बनाकर शराब बेचेगी। याचिकाकर्ता की ओर से प्रतिउत्तर प्रस्तुत करने समय मांगा गया। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दो दिन का समय दिया है। मामले में 24 मार्च को सुनवाई होगी।  

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 MadhyaBharat  22 March 2017

income tax

छत्तीसगढ़ में काला धन जमा करने वाले कारोबारियों पर आयकर विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। आयकर विभाग ने प्रदेश के नौ शहरों में 15 अलग-अलग कारोबारियों के ठिकानों पर बुधवार को एक साथ सर्वे की कार्रवाई शुरू की। मुख्य आयकर आयुक्त केसी घुमरिया ने नईदुनिया को बताया कि नोटबंदी के दौरान खातों में लाखों रुपए जमा करने वालों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत रायपुर सहित बिलासपुर, राजनांदगांव, भिलाई, महासमुंद, कांकेर, जगदलपुर, बेमेतरा और भाटापारा में कार्रवाई की गई है। आयकर विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि बस्तर के कारोबारियों पर पहली बार कार्रवाई हो रही है। आदिवासी बहुल कांकेर और जगदलपुर के रियल एस्टेट और सराफा कारोबारी कार्रवाई जद में आए हैं। नोटबंदी के दौरान मनमाने पैसा जमा करने पर देशभर के 12 लाख कारोबारियों से जवाब मांगा गया था। लेकिन अधिकांश कारोबारियों ने जवाब नहीं दिया। इनमें सबसे ज्यादा सराफा और रियल एस्टेट कारोबारी हैं। कई कारोबारियों ने बोगस कंपनियां बनाकर करोड़ों स्र्पए जमा किए हैं। बोगस कंपनी संचालकों की ओर से कोई जवाब नहीं आया। अब ऐसी कंपनियों की भी जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि कई बोगस कंपनियों के पते की जांच की गई। राजधानी सहित राजनांदगांव और बिलासपुर में बोगस कंपनियों के पते पर टीम पहुंची तो कंपनी मिली ही नहीं। आसपास के लोगों ने ऐसी कोई कंपनी नहीं होना बताया। ये सभी जांच की जद में हैं। नोटबंदी के बाद आयकर की टीम ने आठ सर्वे किए, जिनमें कारोबारियों ने 15 करोड़ की अघोषित आय सरेंडर की है। रायपुर, राजनांदगांव और तिल्दा में जांच पूरी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि राजनांदगांव के बरड़िया ज्वेलर्स में 1 करोड़ 70 लाख स्र्पए सरेंडर किए हैं। आयकर इन्वेस्टिगेशन विंग ने मार्च में चार सर्वे किए, जिनमें कारोबारियों ने छह करोड़ स्र्पए सरेंडर किए हैं। सीसीआईटी केसी घुमरिया ने बताया कि इस वर्ष 4200 करोड़ के राजस्व वसूली का टारगेट है, जिसमें से अब तक 2800 करोड़ की वसूली हो गई है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक सर्वे की कार्रवाई में तेजी रहेगी।  

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 MadhyaBharat  16 March 2017

cg शराबबंदी

छत्तीसगढ़  में जनता शराबबंदी के लिए संघर्ष कर रही है। गांव- शहरों में डेढ़ सौ से ज्यादा जगह महिलाएं, स्कूल-कॉलेज की छात्राएं, रहवासी और जनप्रतिनिधी सड़क पर आकर शराब दुकान बनाने और खोलने का विरोध कर रहे हैं। भिलाई के पास बानबरद में कड़ी आपत्ति के बाद भी शराब दुकान निर्माण नहीं रोकने पर हवालात से लौटे ग्रामीणों ने अंतत: राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर इच्छामृत्यु मांगी है। ग्रामीणों का कहना है कि बहू-बेटियों को शराबी छेड़ें और हम देखते रहें, इससे अच्छा मर जाना ही है। नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत शराब दुकानों का निर्माण नहीं कर सकते, क्योंकि अधिनियम ही इसकी इजाजत नहीं देता। फिर भी सरकार, जिला प्रशासन, आबकारी विभाग और नगरीय निकाय अफसर निर्माण कराने में लगे हैं। बड़ा सवाल ये भी है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे निकाय किस मद से निर्माण करवा रहे हैं। इसे भी सरकार ने अब तक गोपनीय रखा है। अधिनियम में भवन बनवा सकते हैं। प्रदेश के 27 में से 13 जिलों में शराबबंदी के लिए जनता संघर्ष कर रही है। सबसे ज्यादा दुर्ग जिले में 41 स्थानों पर प्रदर्शन चल रहा है। कुल 163 जगहों पर विरोध हो रहा है।

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 MadhyaBharat  5 March 2017

 शराब नीति में संविधान के अनुच्छेद 47

  शराब का मसला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। रायपुर की सामाजिक कार्यकर्ता ममता शर्मा व इंदरजीत छाबड़ा ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई शराब नीति में संविधान के अनुच्छेद 47 के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए जनहित याचिका लगाई। डीबी में जज प्रीतिंकर दिवाकर व संजय अग्रवाल ने याचिका को स्वीकार करते हुए सरकार को नोटिस देकर दो हफ्ते में जवाब देने कहा है। अगली सुनवाई 21 मार्च को होगी। ममता शर्मा ने सरकार के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाने की बात कही थी। इस पर कायम रहते हुए उन्होंने इसमें कहा है कि सरकार संविधान की व्यवस्था लागू में गंभीर नहीं है। सरकार ने शराब दुकानों का संचालन करने कॉर्पोरेशन बनाने का फैसला लेकर संविधान का मजाक उड़ाया है। समयावधि से पहले ही शराब दुकानों के निर्माण का टेंडर जारी कर दिया है। इसमें भी शर्तों का उल्लंघन कर समयावधि 21 दिन के बजाय नगरीय निकायों को निर्देशित कर 10 दिन कर दिया। निकायों का काम राजस्व को जन कल्याणकारी योजनाओं में लगाने का है, न कि नशे का कारोबार करना, दुकान बनाकर देना। ये हित में नहीं है। दुकान का निर्माण शासकीय कार्य कैसे...? : याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट को बताया कि अहिवारा में शराब दुकान निर्माण का विरोध करने वाले करीब 24 ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि शराब दुकान का निर्माण किस मापदंड के आधार पर शासकीय कार्य की श्रेणी में माना जा रहा है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- ऐसी गलती न करें : अशोक लेंका विरुद्ध ऋषि दीक्षित केस में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य शासन के निर्णय के खिलाफ तल्ख टिप्पणी की थी, याचिकाकर्ताओं ने उसकी भी कॉपी लगाई। वर्ष 2005 में ठेकेदारों ने लाइसेंस शुल्क नहीं पटाया और भाग गए। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लगता है कि राज्य सरकार को संविधान की कार्यप्रणाली के बारे में सही ढंग से ज्ञात नहीं है। संविधान प्रदत्त व्यवस्था को सरकार ने राजस्व बढ़ाने की प्रक्रिया समझ लिया है, जिसमें वे सफल भी रहे। हम उम्मीद करते हैं कि सरकार व मशीनरी अगली बार से ऐसी गलती नहीं करेंगे। जज ने फटकारा : याचिकाकर्ता ममता शर्मा ने बताया कि डिविजन बेंच के जस्टिस ने सरकारी वकील को दो हफ्ते में जवाब पेश करने का आदेश दिया। वकील ने ओआईसी नियुक्त नहीं होने का हवाला देते हुए छह हफ्ते का समय मांगा तो जज ने फटकार लगाते हुए कहा कि सरकारी अधिकारी दस्तावेज लेकर आएगा और न ही आप दस्तावेज लेनेजाएंगे। फिर इतना लंबा समय लेने की क्या जरूरत है? अनुच्छेद 47 में राज्य सरकार के कर्तव्य : संविधान के अनुच्छेद 47 में स्पष्ट प्रावधान है कि राज्य सरकार को अपने राज्य की जनता के हितों का ख्याल रखना है। जनता को पोषण आहार और शिक्षा देकर जीवन स्तर को ऊंचा करना है। सरकार की जिम्मेदारी नशे के प्रभाव की रोकथाम करना है।  

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 MadhyaBharat  1 March 2017

chattisgadh

छत्तीसगढ़ पुलिस ने बिलासपुर हाईकोर्ट को बताया कि प्रदेश में 14 हजार से अधिक आरोपी फरार हैं। इस पर कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को जिलेवार सूची सौंपने और जल्द गिरफ्तारी का आदेश दिया। साथ ही इनकी संपत्ति कुर्क करने का भी कहा। हाईकोर्ट के नोटिस पर पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। दरअसल कोर्ट ने फरार आरोपी के अग्रिम जमानत आवेदन को गंभीरता से लिया था। आवेदन खारिज करने के साथ रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय को फरार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर अलग से एमसीसी दर्ज कर हाईकोर्ट में रखने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने डीजीपी से यह भी पूछा था कि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए क्या कदम उठाए गए व कितने लोगों की संपत्ति कुर्क की गई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में संभागवार सूची पेश की गई है। इसमें बस्तर संभाग में फरार आरोपियों की संख्या सर्वाधिक है। 

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 MadhyaBharat  21 January 2017

छत्तीसगढ़ राज्य सेवा आयोग

  छत्तीसगढ़ राज्य सेवा आयोग का नया अध्यक्ष केआर पिस्दा को बनाया गया है। राज्य शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1996 बैच के अफसर पिस्दा की ऐच्छिक सेवानिवृत्ति को स्वीकार कर लिया गया है। पीएससी चेयरमैन आरएस विश्वकर्मा रिटायर हो चुके हैं।उधर राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रमुख सचिव रेणु पिल्ले को सौंपी गई है। यह प्रभार पिस्दा के पास था।  

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 MadhyaBharat  17 January 2017

hatua pandari

  पंडरी में सोमवार देर रात बीच सड़क किराना व्यापारी सन्मुख दासवानी से 3 बदमाशों ने 14 हजार रुपए और मोबाइल छीन लिए। विरोध पर हॉकी और बेसबॉल स्टिक से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। आते-जाते लोग तमाशबीन बने रहे। पता चलने पर परिजन पीड़ित को लेकर थाने पहुंचे तो एएसआई अशोक मांझी ने आरोपियों के नाम-पते लिखे और उनको फोन कर थाने आने कहा। आरोपियों सलमान उर्फ रैम्बो, सागर राठौर, चंदू मिश्रा( सभी पंडरी निवासी) ने इसे मौका समझा और फरार हो गए। इधर परिजन अंबेडकर अस्पताल पहुंचे, जहां पीड़ित के मुलाहिजे में सामान्य चोट बताकर भेज दिया। घर आने पर तबीयत फिर बिगड़ी और दम तोड़ दिया। परिजनों के आरोप के बाद एसपी डॉ. संजीव शुक्ला ने मांझी को लाइन अटैच कर दिया है। दूसरी ओर तीनों फरार आरोपियों को शाम को गिरफ्तार कर लिया गया। देर रात परिजन, मोहल्लेवालों ने थाने पहुंचे और हंगामा किया। उनका कहना था कि वारदात में 3 लोग और शामिल थे उनकी भी गिरफ्तारी हो। पंडरी के कारोबारी पर सनमुख दासवानी पर सरेआम हमला किया गया, आरोपियों ने दौड़ा- दौड़ा कर बुरी तरह पीटा। यह दृश्य आते- जाते कई लोगों ने देखा, मगर किसी ने रुक कर बचाने की कोशिश नहीं की। और न ही किसी ने फोन कर पुलिस को खबर की। तीन हमलावर सीसीटीवी कैमरे में हुए थे। फुटेज के आधार पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या के पीछे लेन-देन का विवाद सामने आया है। सिटी स्टेशन पंडरी के सिंधी मोहल्ला, गली नंबर-3 निवासी सनमुख दासवानी (43) पिता होलाराम की गोलबाजार में गुलाब किराना स्टोर नाम से दुकान है। सोमवार की रात 11 बजे रिंग रोड स्थित ढाबे से सनमुख खाना खाकर स्कूटी से घर लौट रहे थे। मरीन ड्राइव के पास पहुंचने पर बैरागीपारा के चंदू मिश्रा (19) ने फोन किया। उसने शराब पीने की इच्छा जताते हुए शराब की बोतल लाने को कहा। सनमुख घर पहुंचने के बाद शराब की बोतल लेकर पंडरी मेन रोड पर रेमंड शो रूम के सामने जैसे ही पहुंचे, वहां पर खड़े ईरानी डेरा के सलमान उर्फ रेम्बो और पंडरीतराई सिंधी कॉलोनी के सागर राठौर ने उन्हें रोका और स्कूटी की चाबी निकाल ली। फिर उनकी जेब से पैसे-मोबाइल निकाल लिए। सनमुख ने विरोध जताया तो उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले से बचने के लिए सनमुख भागे तो बदमाश उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटते रहे। सनमुख अधमरा होकर बीच सड़क पर गिर गए तब बाइक पर सवार होकर बदमाश भाग निकले। रात सवा बारह बजे घायल सनमुख परिजनों के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचे और हमलावरों के खिलाफ नामजद शिकायत की। पुलिस ने मारपीट व लूट का अपराध दर्ज कर सागर राठौर, सलमान उर्फ रेम्बो तथा चंदू मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी सिटी विजय अग्रवाल ने बताया कि घायल सनमुख रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद घर चले गए थे। डॉक्टरी मुलाहिजा कराने से भी इंकार कर दिया था। रात 3.30 बजे तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए। वहां से अंबेडकर अस्पताल रेफर किया गया, जहां सुबह 5.30 बजे उनकी मौत हो गई। हमले में उनके हाथ-पैर सहित अन्य हिस्सों में अंदरूनी चोटें आई थीं। शार्ट पीएम में सिर के पीछे गंभीर चोट आने के कारण मौत होना पाया गया है।    

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 MadhyaBharat  12 January 2017

naxli

    झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा से पहले सुकमा जिले में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना के बावजूद सर्चिंग नहीं की गई। नक्सली सुकमा जिला होते हुए झीरम घाटी आए और वारदात के बाद इसी रास्ते से वापस गए। इसकी जानकारी के बावजूद पुलिस ने घेराबंदी नहीं की। यह बात विशेष न्यायिक आयोग में सुकमा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के प्रतिपरीक्षण में सामने आई। बिलासपुर में आयोग के अध्यक्ष जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा के समक्ष सुकमा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अभिषेक शांडिल्य का प्रतिपरीक्षण मंगलवार को भी हुआ। इस दौरान कांग्रेस के वकील सुदीप श्रीवास्तव ने श्री शांडिल्य से सवाल किया कि क्षेत्र में नक्सली उपस्थिति गोपनीय सूचना पर क्या कार्रवाई की गई। 18 मई 2013 को नक्सली कमांडर देवा के तोंगपाल थाना क्षेत्र के कुकवाड़ा में होने की सूचना मिली थी। इस सूचना के बावजूद पुलिस ने वहां सर्चिंग नहीं की। इस पर एसपी ने मुख्यालय से बाहर होने के कारण जानकारी नहीं होने की बात कही। आयोग में प्रस्तुत दस्तावेज के अनुसार 24 मई 2013 को पुलिस को दक्षिण बस्तर में नक्सलियों के भ्रमण करने, बड़ी बैठक या वारदात को अंजाम देने की सूचना मिली थी। इस सूचना की भी जांच नहीं की गई। इसके अलावा क्षेत्र में सेंट्रल कमेटी के सदस्यों की उपस्थिति की भी जांच नहीं की गई। 25 मई को वारदात को अंजाम देने के बाद 250-300 की संख्या में नक्सली झीरम घाटी से सुकमा जिले के करकुंडम होते हुए भागे। इस सूचना के बावजूद पुलिस ने घेराबंदी नहीं की। दो युवक ग्राम जूनापानी से नक्सलियों के लिए राशन लेकर बेंगापाल गए थे। इसकी भी पुलिस को सूचना दी गई। क्षेत्र में नक्सलियों के सक्रिय होने की सूचना होने के बावजूद सुकमा जिले में 28, 29 व 30 मई को कोई भी सर्चिंग ऑपरेशन नहीं चलाया गया। पुलिस ने नक्सलियों को भागने का अवसर दिया। 28 मई को भी 40-50 सशस्त्र नक्सली तोंगपाल के दुड़मा वाटरफॉल के पास थे। पुलिस ने किसी भी सूचना की तस्दीक नहीं की। आयोग ने सुकमा के तत्कालीन एसपी का प्रतिपरीक्षण पूरा होने के बाद बस्तर के तत्कालीन आईजी हिमांशु का बयान पंजीबद्घ करने मामले को 14 जनवरी 2017 को रखने का आदेश दिया है।  

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 MadhyaBharat  21 December 2016

bilaspur high court

कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक मोहम्मद अकबर ने बिलासपुर हाईकोर्ट में बुधवार को जनहित याचिका दायर कर संसदीय सचिवों की नियुक्ति को चुनौती दी। डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। कोर्ट ने पहले से दायर राकेश चौबे की याचिका के साथ अकबर की याचिका भी मर्ज करने का आदेश दिया है। दरअसल अकबर ने याचिका में राज्य शासन के 11 संसदीय सचिवों की ताजपोशी को असंवैधानिक और लाभ का पद बता रद्द करने की मांग की है। इस मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी। गौरतलब है कि हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा है कि क्यों न संसदीय सचिवों की नियुक्ति रद्द कर दी जाए। डिवीजन बेंच ने राज्य शासन के साथ ही सभी 11 संसदीय सचिवों को भी नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। रायपुर के आरटीआई कार्यकर्ता राकेश चौबे ने अपने वकील के जरिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर सत्ताधारी दल द्वारा 11 विधायकों को संसदीय सचिव के पद पर नियुक्ति को गलत ठहराया है। संसदीय सचिव नियुक्त करने के साथ ही राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया है व एक-एक कैबिनेट मंत्री के सहयोगी के रूप में विभाग देखने की जिम्मेदारी भी दे दी है। याचिकाकर्ता ने कहा कि सत्ताधारी दल जो कि राज्य की सत्ता पर काबिज है अपने विधायकों को उपकृत करने के उद्देश्य से नियम विरुद्घ संसदीय सचिव के पद पर नियुक्ति दे दी है। ऐसा कर राज्य सरकार ने संवैधानिक प्रावधानों का खुले तौर पर उल्लंघन किया है।     Attachments area

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 MadhyaBharat  15 December 2016

bilaspur high court

      बिलासपुर हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति आवेदन पर 13 साल बाद भी निर्णय नहीं लेने पर रायपुर नगर निगम आयुक्त को फटकार लगाई। साथ ही आयुक्त को याचिकाकर्ता के मामले में 7 सप्ताह के अंदर नियमानुसार निर्णय लेने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता धोबले सादिक के पिता रायपुर नगर निगम में लाइनमैन थे। सेवाकाल के दौरान 22 जनवरी 2003 को उनकी मौत हो गई। पिता के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए याचिकाकर्ता ने निगम आयुक्त को आवेदन दिया। आवेदन पर निर्णय नहीं होने पर उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति आवेदन में 13 वर्ष बाद भी निर्णय नहीं लिए जाने को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम रायपुर के आयुक्त को जवाब पेश करने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था। निगम आयुक्त शुक्रवार को जस्टिस संजय के. अग्रवाल के कोर्ट में उपस्थित हुए। कोर्ट ने विलंब के लिए अधिकारी को फटकार लगाते हुए याचिकाकर्ता के मामले में 7 सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया है।  

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 MadhyaBharat  10 December 2016

कोंग्रेस अध्यक्ष बघेल

    बिलासपुर में सीएमडी कॉलेज के छात्र संघ शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल के सामने सचिव आकाश यादव के समर्थकों ने मंत्री अमर अग्रवाल जिंदाबाद के नारे लगाए। इससे नाराज एनएसयूआई समर्थकों ने उसकी पिटाई कर दी। पुलिस ने विवाद करने वाले छात्रों को बाहर खदेड़ा।  सीएमडी कॉलेज में नव निर्वाचित छात्र संघ पदाधिकारियों का शपथग्रहण समारोह शुरू हुआ। सचिव पद पर जीत दर्ज करने वाले आकाश यादव की इस समारोह में पूछपरख नहीं की गई। इसके चलते आकाश यादव गुट के छात्र काफी नाराज थे। दोपहर पौने दो बजे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल के मंच पर पहुंचते ही आकाश यादव गुट के 10-15 छात्र अमर अग्रवाल जिंदाबाद, आकाश यादव जिंदाबाद का नारा लगाने लगे। इससे एनएसयूआई के पदाधिकारी और समर्थक भड़क गए। उन्होंने नारा लगाने वाले छात्रों की पिटाई कर दी। माहौल गरमाता देख पुलिस के जवानों ने झड़प करने वाले छात्रों को कॉलेज परिसर से बाहर खदेड़ दिया। इसके बाद समारोह हुआ। सीएमडी कॉलेज में छात्र राजनीति बहुत ज्यादा हावी है। यही वजह है कि सभी कार्यक्रम में विवाद की स्थिति बनती है। पूर्व में हुए समारोह में भी छात्र नेता आपस में भिड़ते रहे हैं। लगभग हर बार मामला पुलिस के पास पहुंच कर शांत होता है।  पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने छात्र संघ पदाधिकारियों को शपथ दिलाते हुए कहा कि सीएमडी कॉलेज में अतिथि के रूप में उपस्थित होना सौभाग्य की बात है। छात्र ही देश की वास्तविक शक्ति हैं। भारत को यदि महाशक्ति बनना है तो शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष ध्यान देना होगा। आज जिन छात्रों ने छात्र संघ चुनाव के माध्यम से राजनीति में प्रवेश किया है वे ही आगे चलकर देश के विकास की नींव बनेंगे। उन्होंने छात्र संघ चुनाव को राजनीति में प्रवेश करने की पहली सीढ़ी बताया। श्री बघेल राज्य में प्राध्यापकों और शिक्षकों की भारी कमी पर चिंता जाहिर की। साथ ही कहा कि इसे दूर करने के लिए हमें सार्थक कदम उठाने होंगे, तभी छात्र आगे बढ़ पाएंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नेता प्रतिपक्ष विधानसभा टीएस सिंहदेव ने कहा कि मैं दशकों से सीएमडी कॉलेज का नाम सुनते आ रहा हूं। आज यहां आने का सौभाग्य मिला है। महाविद्यालयों में छात्रों का व्यक्तित्व और भविष्य आकार लेता है। यहां से छात्र अच्छा नागरिक बनकर निकलता है और अपने समाज व देश की सेवा करता है। कार्यक्रम की अध्यक्ष करते हुए सीएमडी कॉलेज के शासी निकाय अध्यक्ष संजय दुबे ने कहा कि सीएमडी कॉलेज को संभाग का सबसे बड़ा कॉलेज होने का गौरव प्राप्त है। कॉलेज साल दर साल नई ऊचाइंयों को छू रहा है। छात्रहित में कार्य करना हमारी प्राथमिकता है। शपथ लेने के बाद छात्र संघ अध्यक्ष पूनम तिवारी, उपाध्यक्ष सोहराब खान, सह-सचिव पूजा देवांगन ने कहा कि कॉलेज में मिली शिक्षा और ज्ञान से ही उनके भविष्य का निर्धारण होगा। इसलिए हमें छात्रहित पर ध्यान देना होगा। समारोह में डॉ. कमलेश जैन, डॉ. विभा सिंह, डॉ. एमएल चंद्राकर, डॉ. वीके गुप्ता, डॉ. एसके वाजपेई, डॉ. वीके तिवारी, डॉ. एचएल अग्रवाल, डॉ. बिंदा शर्मा, डॉ. विनीत नायर, डॉ. पीएस चौधरी के साथ अन्य उपस्थित थे।  

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 MadhyaBharat  26 November 2016

vani rao

जोगी की पार्टी में होंगी शामिल अखिल भारतीय महिला कांग्रेस कमेटी की महासचिव वाणी राव ने शनिवार को कांग्रेस से दिया इस्तीफा दे दिया। अब वे पूर्व सीएम अजीत जोगी की पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस में शामिल होंगी। वाणी राव बिलासपुर नगर निगम में मेयर भी रह चुकी हैं। कांग्रेस के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अजीत जोगी साइंस कॉलेज मैदान में संविधान दिवस के अवसर पर एक आमसभा को संबोधित करने वाले हैं, माना जा रहा है कि इसी दौरान वे वाणी राव के अपनी पार्टी में शामिल होने की घोषणा करेंगे। गौरतलब है कि अजीत जोगी द्वारा नई पार्टी बनाए जाने के बाद कई बड़े कांग्रेस नेता उनकी पार्टी में शामिल हो चुके हैं।

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 MadhyaBharat  26 November 2016

notbadli bilaspur

  बिलासपुर में पुलिस की  विशेष टीम ने ईस्ट पार्क होटल के पास दबिश देकर 7 व्यापारियों को पकड़ लिया है। उनके पास से 21 लाख रुपए बरामद हुए हैं। पुराने नोटों के बदले में 20 से 30 प्रतिशत रुपए कमीशन में यहां बैंक मैनेजर से मिलीभगत कर नोटों की अदला-बदली चल रही थी। रायपुर से आईबी को सूचना मिली कि बिलासपुर में व्यापारी समेत अन्य पुराने नोट खपाने के लिए सक्रिय हैं। वहीं पुरानी करेंसी को बदलने 20 से 30 प्रतिशत रकम ले रहे हैं। इसमें एक बैंक मैनेजर हैं जो व्यापारियों को एजेंट बनाकर पूरा खेल कर रहे हैं। खबर मिलते ही आईबी की टीम सक्रिय हो गई। बुधवार शाम आईबी के अफसर ने मुखबिर के जरिए उन्हें फोन कराया तब बैंक मैनेजर व युवकों ने उन्हें ईस्ट पार्क होटल के पास बुलाया। इस पर पुलिस की विशेष टीम की मदद से युवकों की धरपकड़ की योजना बनाई गई। बैंक अफसर व युवकों से पुराने नोट बदलने के लिए सौदा तय किया गया और उन्हें नए नोटों के साथ यहां बुलाया गया। इस पर युवक ईस्ट पार्क होटल पहुंचे। यहां विशेष टीम के सदस्य पहले से ही तैयार थे। जैसे ही युवक बैग में नोटों के बंडल लेकर पहुंचे टीम ने उन्हें पकड़ लिया। स्विफ्ट कार सवार युवकों के पास 10 लाख 50 हजार रुपए के नोट थे। वहीं कार की डिक्की से 4 लाख रुपए जब्त किए गए हैं। टीम ने कार सवार पांच युवकों को पकड़ लिया। वहीं आईबी ने तत्काल दूसरे युवकों को भी ग्राहक बनकर बुला लिया था। जैसे ही दो युवक स्कूटी में सवार होकर पहुंचे टीम ने उन्हें भी पकड़ लिया। इस बीच वहां मौजूद बैंक मैनेजर को माजरा समझ में आ गया। लिहाजा वे अपने दलाल के साथ भाग निकले। पुलिस उनकी पतासाजी कर रही है। उनके पास से करीब 7 लाख रुपए जब्त किए गए हैं। पुलिस ने युवकों से मिले नोटों को धारा 102 के तहत जब्त कर लिया है। वहीं इस मामले की सूचना आयकर विभाग को देकर मामला सौंप दिया गया है। डीएसपी श्री बंजारे ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई थी। लिहाजा वे खुद ग्राहक बनकर उन्हें बुलाया और युवक नए नोटों के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों में जांजगीर-चांपा जिले के नैला निवासी रहमान खान, धनराज गट्टानी, बिलासपुर से अफरोज खान, दीपक मित्तल व मनोज अग्रवाल शामिल हैं। वहीं एक्टिवा सवार युवकों में संतोष क्षत्री व उसका भाई विकास क्षत्री शामिल हैं। दोनों भाई सिंधी कॉलोनी के रहने वाले हैं। सभी युवकों ने अपने आप को कारोबारी बताया है।  

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 MadhyaBharat  24 November 2016

मालगाड़ी पटरी से उतरी

कानपुर में बड़ा रेल हादसा हुआ तो इधर छत्तीसगढ़ में बड़ा हादसा टल गया। रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर एक मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतर गये। घटना आज सुबह की बताई जा रही है। जब मांढ़र-सिलयारी के बीच मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतर गये। घटना के बाद हावड़ा रूट की कई गाड़ी प्रभावित हुई है। हालांकि ट्रेनों के रूट डायवर्ट कर चलाने की कोशिश की जा रही है। वहीं लोकमान्य तिलक काफी देर तक तिल्दा स्टेशन पर खड़ी है। रेलवे के मुताबिक अप एंड मीडिल लाइन की कई गाड़ियां प्रभावित हो रही है। वहीं डाउन लिंक से ट्रेनों की आवजाही जारी है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गये हैं। इधर एक लोकल और एक मेमू ट्रेन को रद्द किया गया है। रेलवे के अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही परिचालन को व्यवस्थित कर लिया जायेगा।

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 MadhyaBharat  20 November 2016

rice mill

हजारों मजदूर हो गए बेरोजगार  नई कस्टम मिलिंग नीति के विरोध में बिलासपुर जिले की 103 राइस मिलें बंद हैं। इसकी वजह से 35 हजार मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। इधर फेडरेशन ऑफ राइस मिल एसोसिएशन ने साफ किया है कि मांगें पूरी होने तक मिलें बंद रहेंगी। प्रदेश के राइस मिलरों ने राज्य शासन की वर्ष 2016-17 की कस्टम मिलिंग नीति के विरोध में 10 नवंबर से राइस मिलों को बंद कर दिया है। शुक्रवार को दूसरे दिन ही जिले में बंद का असर दिखाई दिया। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव मजदूरों पर पड़ा है। जिले की 103 राइस मिलों से 35 हजार मजदूरों की रोजी-रोटी चलती है। मिल बंद होने से ये मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। यदि हड़ताल लंबी चलती है तो मजदूर मुश्किल में आ जाएंगे। जिला राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष भोलाराम मित्तल ने बताया कि नई कस्टम मिलिंग नीति में प्रति बारदाने का मूल्य 32.52 रुपए तय है। इसकी वजह से मिलरों का खर्च बढ़ गया है। 13 रुपए के बारदाने के लिए मिलर्स को 20 रुपए अतिरिक्त देना पड़ रहा है। मिलर्स पिछले 15 साल से कस्टम मिलिंग की दर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। हर साल विद्युत शुल्क, परिवहन व्यय, मिल मशीनरी के रख-रखाव, वेतन और अन्य खर्चे बढ़ते जा रहे हैं। इसके बाद भी मिलिंग की दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। साथ ही अरवा की कस्टम मिलिंग के लिए पहले दो महीने तक मिलिंग चार्ज 40 रुपए से घटाकर 25 रुपए कर दिया गया है। जबकि पिछले साल मिलिंग चार्ज शुरू से 40 रुपए निर्धारित किया गया था। इसकी वजह से मिलरों को काफी घाटा हो रहा है। राइस मिल के बंद होने का असर अन्य उद्योग धंधों पर भी पड़ेगा। इसकी वजह से पावर प्लांट सबसे अधिक प्रभावित होंगे। पावर प्लांट में लगातार भूसे की आवश्यकता पड़ती है। राइस मिल से भूसे की सप्लाई होती है। इसी तरह सालवेंट प्लांट(काढ़ा का तेल), कनकी-खंडे का व्यापार, पोल्ट्री फार्म पर आने वाले कुछ दिनों में असर पड़ने लगेगा। मिलरों की अन्य मांग में परिवहन दर की विसंगति दूर करना शामिल है। राज्य शासन ने आश्वासन देने के बाद भी इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। मिलर्स को लोडिंग में होने वाला नुकसान अपने स्टॉक से पूरा करना पड़ता है। इसलिए मंडी शुल्क और वेट शुल्क में छूट देने की भी मांग रखी गई है।  

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 MadhyaBharat  13 November 2016

छत्तीसगढ़ ई-रिक्शा

छत्तीसगढ़ के शहरों में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए अब इलेक्ट्रिक रिक्शा चलेंगे। इसके लिए शीघ्र ही कार्ययोजना तैयार की जाएगी। मुख्य सचिव विवेक ढांड की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत गठित राज्यस्तरीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के लिए शहरों में ईलेक्ट्रिक रिक्शा प्रबंध किए जाने के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि शहरों में प्रदूषण के नियंत्रण के लिए यह एक अच्छी योजना होगी। इससे ऑटो चालकों को ई-रिक्शा के रूप में बेहतर वाहन संचालन के साथ-साथ नागरिकों को आवागमन के लिए अच्छी सुविधा उपलब्ध होगी। ढांड ने श्रम विभाग सहित नगरीय प्रशासन और परिवहन विभाग को आपसी समन्वय से ई-रिक्शा के संचालन के लिए शीघ्र कार्ययोजना बनाने कहा। उन्होंने योजना के तहत रिक्शा चालक हितग्राहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन की ओर से ई-रिक्शा में सब्सिडी (अनुदान) रखने के लिए भी निर्देशित किया। योजना का संचालन श्रम विभाग के माध्यम से किया जाएगा। मुख्य सचिव ने शहरों में वर्तमान में संचालित हो रहे डीजल ऑटो वाहनों की जगह ई-रिक्शा के संचालन के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहन देने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में लगभग सात साल या इससे अधिक अवधि वाले पुराने ऑटो के स्थान पर ई-ऑटो के संचालन के बारे में निर्णय लिया गया। इसके लिए परिवहन विभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक में प्रमुख सचिव अमन सिंह, आरपी मंडल व बीवीआर सुब्रमणयम, सचिव संजय शुक्ला, अरुण देव गौतम, विशेष सचिव डॉ. रोहित यादव व वीके छबलानी, श्रमायुक्त अविनाश चम्पावत, नगरीय प्रशासन संचालक निरंजनदास, रायपुर नगर निगम कमिश्नर रजत बंसल भी मौजूद थे।  

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 MadhyaBharat  10 November 2016

kfc bilaspur

थाना सिविल लाइन अंतर्गत बिलासपुर शहर के व्यवसायी से केएफसी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर किए गए 79 लाख रूपये की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी की गई है। पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।  गौरतलब है कि केएफसी (केंटयुकी फ्राइड चिकन फॉस्ट फूड रेस्टोरेंट) की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर शहर के दो व्यापारियों से 79 लाख 20 हजार रुपए की ठगी का खुलासा हुआ था। पुलिस ने मामले में अंतरराज्यीय ठग गिरोह के तीन सदस्यों को हिरासत में लिया था। तीनों दिल्ली के रहने वाले थे। शहर के मेसर्स प्राइड इंटरनेशनल फर्म के संचालक संजय यादव और भावेश पुजारा शहर में केएफसी की फ्रेंचाइजी खोलना चाहते थे। इसके चक्कर में दोनों अंतरराज्यीय ठग गिरोह के चंगुल में फंस गए। दिल्ली के इस गिरोह ने पहले से ही केएफसी के नाम पर ठगी करने की योजना कर रखी थी। ठगों ने कंपनी की तरह ही फर्जी ई-मेल एकाउंट बनाया था। संजय और भावेश ने 21 मई 2016 को केएफसी कंपनी के नाम से बनाए गए फर्जी ई-मेल एड्रेस पर मेल कर बिलासपुर में फ्रेंचाइजी खोलने की मंशा जाहिर की।

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 MadhyaBharat  12 October 2016

छत्तीसगढ़ PSC 2003

  सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक पीएससी 2003 मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के फैसले के लिखाफ सुप्रीम कोर्ट में राज्य के 40 से अधिक राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों ने याचिका लगाई थी। इसके पहले चीफ जस्टिस की एकलपीठ ने रिस्केलिंग कर फिर से मेरिट लिस्ट बनाने का आदेश दिया था। पीएससी 2003 में स्केलिंग और मानव विज्ञान पेपर के मूल्यांकन में गड़बड़ी को इसका आधार माना गया। पीएससी 2003 में 147 अधिकारियों का चयन हुआ था। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2003 में राज्य प्रशासनिक सेवा के डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य पदों के लिए परीक्षा लेकर चयन सूची जारी की थी। इसके खिलाफ परीक्षा में शामिल वर्षा डोंगरे, रविंद्र सिंह और चमन सिन्हा ने सूचना के अधिकार के तहत स्केलिंग, मैरिट सूची और मानव विज्ञान विषय की उत्तर पुस्तिका की जानकारी ली। इसमें गलत स्केलिंग कर नीचे के क्रम के उम्मीदवार को ऊपर करने, मानव विज्ञान विषय के दो पेपर को अलग-अलग नियम से जांचकर कुछ लोगों को अधिक नंबर देने का खुलासा हुआ। मामले की एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की गई। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर 2006 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 10 वर्ष से हाईकोर्ट में लंबित इस याचिका को जून के अंतिम सप्ताह में सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस दीपक गुप्ता की एकलपीठ में रखा गया। जिसमें चीफ जस्टिस ने अपना निर्णय पारित किया। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए पीएससी को मानव विज्ञान के दोनों पेपर के एक नियम बनाकर कोर्ट की निगरानी में जांच करने, इसके आधार पर रिस्केलिंग कर नई मैरिट सूची तैयार कर अभ्यार्थियों का साक्षात्कार लेकर चयन सूची जारी करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही चयनित होने वाले नए उम्मीदवार को 2003 से वरिष्ठता का लाभ देते और अपात्र होने वाले चयनित उम्मीदवार को बाहर करने का निर्देश दिया था।

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 MadhyaBharat  25 September 2016

raman singh nivesh

  छत्तीसगढ़ के सीएम डॉ. रमन सिंह ने आज दिल्ली में ग्लोबल इन्वेस्टर्स इंडिया फोरम 2016 में शिरकत की।  इस दौरान उन्होंने निवेशकों से छत्तीसगढ़ में निवेश की अपील की। रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में निवेशकों के लिए सुविधाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर का ज़िक्र करते हुए कहा कि 101 फीसदी सुरक्षित राज्य है छत्तीसगढ़। रमन सिंह ने कहा कि नक्सल समस्या कुछ इलाकों में है, यहां तक कि बस्तर में 40 हज़ार करोड़ का निवेश हुआ है, जगदलपुर तक रेल कनेक्टिविटी का काम चल रहा है। राज्य में निवेशकों के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस है। आप आएं, देखें और निवेश करें। सीएम ने ये भी कहा कि पूरे राज्य को 42 इंडस्ट्रियल सेक्टर में विभाजित किया गया है।

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 MadhyaBharat  22 September 2016

छत्तीसगढ़ तरक्की के रास्ते पर

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यक्रम में न्यायमूर्ति  टी.एस.ठाकुर  सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति  टी.एस.ठाकुर ने कहा है कि बाहर से लोग छत्तीसगढ़ को गरीब और पिछड़ा राज्य के रूप में देखते है, परंतु यहां आने के बाद चमचमाती सड़कें, ऊंची-ऊंची खूबसूरत बिल्डिंग और विकसित होते देशव्यापी संस्थानों को देख कर यह साबित होता है कि छत्तीसगढ़ आज तेजी से तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और इस तरक्की का श्रेय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को जाता है। श्री ठाकुर  राजधानी रायपुर के भारतीय प्रबंध संस्थान (आई.आई.एम.) के प्रेक्षागृह में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा ‘‘आदिवासियों के अधिकारों का संरक्षण और प्रवर्तन‘‘ विषय पर आयोजित देश की पहली कार्यशाला को संबोधित करते हुए उक्त आशय के विचार व्यक्त किए। न्यायमूर्ति श्री टी.एस.ठाकुर और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दीप प्रज्वलित कर इस एकदिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। न्यायमूर्ति  ठाकुर ने  कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) का मुख्य उद्देश्य है कि न्याय के लिए अमीर-गरीब का भेद नही होना चाहिए। पिछड़े, कमजोर और अशिक्षित लोगों को न केवल न्याय के लिए आवश्यक विधिक सहायता दी जाए बल्कि उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें उनके अधिकार भी दिलाया जाए। इसके लिए नालसा ने 2015 में 7 नियम भी बनाए है। जिसमें असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों, बच्चों, मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों, नशा पीड़ितों, तस्करी एवं वाणिज्यिक यौन शोषण पीड़ितों को विधिक सेवाएं मुहैया कराना तथा आदिवासियों के अधिकारों का संरक्षण एवं प्रवर्तन को शामिल किया गया है। श्री ठाकुर ने कहा कि देश में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक विभिन्न क्षेत्रों में आदिवासी निवासरत है। छत्तीसगढ़ की करीब 33 प्रतिशत आबादी जनजाति वर्ग की है। जनजातियों के संरक्षण व संवर्धन के लिए संविधान की 5 व 6 अनूसूची सहित विभिन्न कानून तथा केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। इस कार्यशाला का उद्देश्य है कि इन कानूनों और योजनाओं का लाभ जनजाति लोगों को मिले तथा जहां कमी है उसे दूर किया जाए। पिछड़े, कमजोर और गरीब लोगों को उनका अधिकार दिलाना सुशासन का ही हिस्सा है। विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पैरा लीगल वालिंटियर और पैनल लायर भी नियुक्त किए जा रहे है। श्री ठाकुर ने कहा कि जिस तरह छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों में स्थानीय लोगों की भर्ती की जा रही है उसी तरह पैरा लीगल वालिंटियर और पैनल लायर आदिवासी वर्ग से ही हो ताकि वो बेहतर तरीके से लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर सके। 

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 MadhyaBharat  11 September 2016

psc-chattisgadh

हाईकोर्ट के निर्देश से कई लोगों को आया पसीना    छत्तीसगढ़ में पीएससी 2003 को लेकर दायर याचिका में हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है। उच्च प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक दर्जन से ज्यादा डीएसपी और पांच डिप्टी कलेक्टर प्रभावित होंगे। वहीं, 20 से ज्यादा उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाएगा।   बताया जा रहा है कि कुछ अधिकारियों का डिमोशन भी हो सकता है। पीएससी 2003 में 147 अधिकारियों का चयन हुआ था। सूत्रों की मानें तो क्लास टू चयनित 52 अधिकारियों में से 19 ऐसे हैं, जो इंटरव्यू की पात्रता भी नहीं रखते हैं। 31 अक्टूबर तक नए सिरे से मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी। जो मेरिट लिस्ट के आधार पर चयनित नहीं होंगे, उनको सेवा से बर्खास्त किया जाएगा।   पीएससी में गड़बड़ी की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो ने पहले ही राज्य शासन को दे दी थ्ाी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। एसीबी के तत्कालीन आईजी आनंद तिवारी ने सामान्य प्रशासन विभाग को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें वर्षा डोंगरे की शिकायत को सही बताया गया था। वर्षा को चयनित नहीं करने के लिए उसके कागजात में कांटछांट भी की गई। तिवारी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी लिखा था कि वर्षा से कम अंक पाने वाले को ऊंचे पदों पर नियुक्ति दी गई।   साल 2003 के पीएससी इम्तिहान को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने माना है कि चयन में भारी पैमाने पर गड़बड़ियां हुई है और पीएससी की मेरिट सूची में हेराफेरी हुई है। इसलिए दोबारा से मेरिट सूची बनाई जाये। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि परीक्षा में एंथ्रोप्लॉजी का पेपर दोबारा से जायेगा।  वहीं इंटरव्यू के सेलेक्शन से वंचित रहे उम्मीदवारों के लिए भी दोबारा से इंटरव्यू कॉल करने का निर्देश जारी किया गया है। खास बात ये कि पीएससी को इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए सिर्फ दो महीने का वक्त दिया  गया है। 21 अक्टूबर तक नई मेरिट सूची पीएससी को तैयार करनी होंगी ।    जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट के आदेश के बाद 56 उम्मीदवारों के पदों में फेरबदल होगा  । कई मौजूदा अफसर आज फैसले को सुनने के लिए हाईकोर्ट में मौजूद थे ,जो फैसले के बाद अपने आंसू को नहीं छुपा सके और रोते हुए हाईकोर्ट से निकले। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में ये भी बताया है कि जो नये मेरिट लिस्ट के आधार पर चयनित नहीं होंगे ,उन्हेें सेवा से बर्खास्त कर दिया जायेगा। मानव विज्ञान यानि एंथ्रोपलॉजी का एक यार्ड स्टिक आधार पर नये सिरे से उत्तर पुस्तिका की जांच की जायेगी और नई  मेरिट लिस्ट तैयार की  जायेगी । खास बात ये कि इस मामले की मुख्य याचिकाकर्ता वर्षा डोंगरे को 5 लाख रुपये और रविंद्र सिंह व चमन सिन्हा को 2-2 लाख रुपये भी पीएससी को देेने का आदेश दिया गया है। 31  अक्टूबर तक लोक सेवा आयोग को समस्त विषयों की  नये सिरे से सभी मुख्य परीक्षा में सम्मिलत हुए छात्रों की स्कॉलिंग कर नई  मेरिट लिस्ट बनेगी।    इस मामले पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि पीएससी पर हाईकोर्ट के फैसले की जानकारी मिली है। विधि सचिव और वरिष्ठ अधिकारी फैसले का अध्ययन कर रहे हैं। फैसले का विस्तृत अध्ययन करने के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।    वहीँ पीएससी के अध्यक्ष आरएस विश्वकर्मा का कहना है कोर्ट के निर्णय का पालन किया जाएगा। अभी आदेश की कॉपी नहीं मिली है। आदेश का पहले अध्ययन किया जाएगा, इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।   

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 MadhyaBharat  27 August 2016

amrkantk ex

    छत्तीसगढ़ में बिल्हा-दगौरी के बीच शनिवार सुबह भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। यह हादसा चॉबीदार भगवान दास की सूझबूझ व सजगता के कारण  टाला। गश्त के दौरान उन्होंने पटरियों पर गेप देखी।   कुछ देर के बाद यहां से अमरकंटक एक्सप्रेस गुजरने वाली थी। उन्होंने डेटोनेटर और लाल संकेत दिखाकर ट्रेन रोक दी। बारिश में पटरियों में पानी भरने और दरार जैसी दिक्कतें आने की आशंका रहती है। यही वजह है कि रेल प्रशासन द्वारा हर एक सेक्शन में मानसून पैट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है।   इसके तहत ट्रैकमैन ड्यूटी के दौरान अपने दायरे में पूरे समय पटरियों की जांच करता है। बिल्हा-दगौरी सेक्शन में स्टाफ प्रतिदिन पैट्रोलिंग करता है। चॉबीदार भगवान दास बिल्हा रेलवे स्टेशन से पैट्रोलिंग कर रहा था। इसी बीच उनकी नजर अपलाइन की ट्रैक फ्रैक्चर पर पड़ी।   ट्रैक एक इंच टूटी हुई थी। अगर इस ट्रैक से ट्रेन गुजरती तो हादसा होने की आशंका थी। भगवान दास ने ऐसे टाला हादसा थोड़ी देर बाद भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस वहां से गुजरने वाली थी। कटनी खंड पर ब्लॉक के कारण अमरकंटक एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से एक घंटे देर से चल रही थी।   यह ट्रेन सुबह 6.05 बजे बिलासपुर पहुंची। इसके बाद तय समय पर रवाना हो गई। इधर ट्रैकमैन ने दरार देखते ही दो डेटोनेटर (पटाखा) और लाल झंडी ली और बिल्हा की तरफ दौड़ने लगा। करीब एक किमी पीछे आकर उसने पटरी पर एक डेटोनेटर रखा। उसके बाद एक डेटोनेटर को आधे किमी में रखा। जैसे ही डेटोनेटर पर ट्रेन के पहिए पड़ते हैं पटखा की तरह फूटता है। इससे चालक को खतरे का अंदेशा हो जाता है।   ट्रैकमैन ने बड़ी ही सूझबूझ से अमरकंटक एक्सप्रेस के चालक को रेल फ्रैक्चर की सूचना दी। आधा किमी पीछे डेटोनेटर के अलावा वह लाल झंडी लेकर भी खड़ा था। जैसे ही ट्रेन पहुंची एक के बाद एक दो बार दोनों डेटानेटेर फटे। जिसे देखकर चालक ट्रेन को नियंत्रित करने लगा।   सामने चॉबीदार लाल झंडी के साथ दिखाई दिया। इससे चालक समझ गया आगे खतरा है और ट्रेन फ्रैक्चर से आधे किमी पहले रुक गई। इसके बाद ट्रैकमैन ने चालक को जानकारी दी। इसके अलावा कंट्रोल को सूचना दी गई। इसके बाद इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी व अन्य स्टाफ पहुंच गए।   इस दौरान सबसे पहले क्लेप लगाकर फ्रैक्चर को ठीक किया गया। इसके बाद 7.40 से ट्रेनों का परिचालन सुचारू हो गया। पायलेटिंग से गुजरीं ट्रेनें बिल्हा-दगौरी के बीच अप लाइन पर रेल फ्रैक्चर होने के कारण तत्काल में क्लेप लगाकर पटरी को ठीक तो कर लिया गया। लेकिन यह वैकल्पिक व्यवस्था थी।   यहां से ट्रेनें पायलेटिंग के जरिए गुजरीं। बाद में ब्लॉक लेकर फ्रैक्चर की वेल्डिंग की गई। दोपहर 3 बजे यह काम पूरा हुआ। इसके बाद ही ट्रेनें अपने निर्धारित स्पीड में यहां से गुजरीं। बेपटरी हो जाती ट्रेन इंजीनियरिंग विभाग के जानकारों की मानें तो पटरी का जितना हिस्सा टूटा हुआ था वह खतरनाक था। जैसे ही यहां से ट्रेन गुजरतीं वह बेपटरी हो जाती।  

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 MadhyaBharat  7 August 2016

chattisghar cine award

  नईदुनिया सिने अवाॅर्ड्स में रमन सिंह की घोषणा     रायपुर में नईदुनिया छत्तीसगढ़ सिने अवाॅर्ड्स में मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए फिल्म विकास निगम जल्द बनाने की घोषणा की।   शनिवार को एक निजी होटल में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के फिल्म कलाकार पैसों के लिए काम नहीं करते। वे अपनी कला साधना के लिए समर्पित रहते हैं। उनका यह जुनून अद्भुत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में छत्तीसगढ़ी सिनेमा उद्योग को बढ़ावा देने, यहां के प्रतिभावान कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में जल्द से जल्द फिल्म विकास निगम का गठन किया जाएगा। इसकी मांग हमारे फिल्मकार और कलाकार काफी समय से करते आ रहे हैं। समारोह में अलग-अलग श्रेणियों में छालीवुड के कलाकारों, संगीतकार और डायरेक्टरों का सम्मान भी किया गया।   मुख्यमंत्री ने आयोजन में छत्तीसगढ़ी फिल्म कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों को देखकर उनकी कला प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि डेढ़-दो घण्टे का समय कैसे बीत गया पता ही नहीं चला। उन्होंने कहा कि कलाकारों का प्रदर्शन देखकर ऐसा लगा कि ये छालीवुड नहीं, बल्कि बॉलीवुड है। छत्तीसगढ़ के सिने कलाकारों, गीतकारों, संगीतकारों और कोरियाग्राफरों में कमाल की प्रतिभा है। उन्होंने कहा कि नईदुनिया समूह ने जब उनको आमंत्रण दिया, उस समय सवाल किया था कि इतना समय किस लिए चाहिए। आज छत्तीसगढ़ी कलाकरों के कार्यक्रम देखने में इतना अच्छा लगा कि एक बार भी घड़ी नहीं देखी।   छुआछूत पर बनी थी पहली फिल्म मुख्यमंत्री ने मनु नायक का उल्लेख करते हुए कहा कि श्री नायक ने वर्ष 1965 में छुआछूत की सामाजिक बुराई के खिलाफ जन-जागरण के लिए कहि देबे संदेस का निर्माण किया था। इसके बाद वर्ष 1972 में दूसरी छत्तीसगढ़ी फिल्म घर द्वार और उसके लगभग तीस वर्ष बाद तीसरी छत्तीसगढ़ी फिल्म मोर छइंया भूइंया प्रदर्शित हुई। अब तक करीब 140 से 150 फिल्में बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरगुजा के रामगढ़ की पहाड़ियों में सीताबेंगरा और जोगीमाड़ा की प्राकृतिक गुफाओं को तीसरी शताब्दी की नाट्यशालाओं के रूप में चिन्हांकित किया गया है, जिसे संस्कृत भाषा के महाकवि कालिदास की रचना भूमि के रूप में भी जाना जाता है।   वरिष्ठ कलाकारों का सम्मान करना सबसे बेहतरीन क्षण डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सिने अवार्ड में सबसे बेहतरीन क्षण सिनेमा से जुड़े तीन वरिष्ठ कलाकारों का सम्मान करना है। इस अवसर पर राज्य की सांस्कृतिक विकास यात्रा में पंडित लोचन प्रसाद पाण्डेय, टिकेन्द्र टिकरिहा, हबीब तनवीर, तीजन बाई, सत्यदेव दुबे, मुकुटधर पाण्डेय, पूनाराम निषाद, गोविंद राम निर्मलकर, अनुज शर्मा और ममता चंद्राकर जैसे प्रतिभावान साहित्यकारों और कलाकारों के योगदान को विशेष रूप से याद किया। इस अवसर पर मुम्बई से आए प्रसिद्घ फिल्म कलाकार अमोल पालेकर, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री केदार कश्यप, कृषि और जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, वन मंत्री महेश गागड़ा, विधायक सत्यनारायण शर्मा सहित अनेक वरिष्ठजन उपस्थित थे

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 MadhyaBharat  24 July 2016

chattisghar film

    नईदुनिया ने शुरू की अनोखी पहल        नईदुनिया का छत्तीसगढ़ी फिल्मों पर आधारित ये श्रृंखला छॉलीवुड के लोगों को सूचीबद्ध करने का प्रयास नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ी फिल्मों के 51 वर्षों के सफर की कुछ प्रसंगों का उल्लेख मात्र है। मध्यप्रदेश से जब छत्तीसगढ़ अलग हुआ तब यहां के सभी विभागों की संरचना मध्यप्रदेश के जैसी ही रही। मध्यप्रदेश में फिल्म विकास निगम है, पर छत्तीसगढ़ में 16 वर्षों में भी फिल्म विकास निगम की स्थापना नहीं हो सकी।   छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनने के कुछ दिनों बाद ही अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ी फिल्मों को टैक्स फ्री कर दिया था। हालांकि इसका ज्यादा फायदा नहीं मिला छत्तीसगढ़ी फिल्मों को, क्योंकि कुछ दिनों बाद ही 50 रुपए तक के टिकट पर सभी फिल्मों को टैक्स फ्री कर दिया गया। परेश बागबाहरा की अध्यक्षता में फिल्म विकास समिति का गठन किया गया था। दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ी फिल्म फेस्टिवल और वर्ष 2002 में छत्तीसगढ़ी फिल्म सम्मान समारोह के अलावा कोई और महत्वपूर्ण कार्य इस समिति के खाते में नहीं है। यह अब अस्तित्व में नहीं है। तब से अब तक छत्तीसगढ़ी फिल्मों को लेकर सरकार से कुछ सकारात्मक पहल का इंतजार है।   छत्तीसगढ़ी फिल्म बिरादरी के सभी लोगों की एक स्वर में मांग है फिल्म विकास निगम की, ताकि फिल्मों के विकास के लिए समर्पित एक संस्था मिल सके। फिल्म विकास निगम बना देने मात्र से छत्तीसगढ़ी फिल्मों का विकास हो, ये जरूरी नहीं है। शासन-प्रशासन को और पूरे छॉलीवुड को सकारात्मक सोच के साथ प्रयास करने होंगे, एक-दूसरे को सहयोग करना होगा। तभी एक बेहतर वातावरण छत्तीसगढ़ी फिल्मों के पक्ष में बन पाएगा। फिल्मों को अनुदान की व्यवस्था हो या फिल्म फेस्टिवल के आयोजन का, यह सभी फिल्म विकास निगम के गठन से सुगम हो जाएगा। विश्व सिनेमा तक पहुंच बनाने का एक अच्छा माध्यम बन सकता है फिल्म फेस्टिवल। अब रायपुर सहित कुछ अन्य शहरों में भी फिल्म सोसाइटी का गठन कर फिल्मों के प्रदर्शन की फिर से शुरुआत हो चुकी है।   छत्तीसगढ़ी फिल्मों को अभी तक कोई अनुदान का प्रावधान नहीं है, जैसा कि देश के बहुत से राज्यों में है। एक निश्चित राशि सब्सिडी के रूप में फिल्म निर्माता को प्राप्त होने पर वह लगातार बेहतर फिल्म निर्माण के लिए प्रेरित होगा। बहुआयामी कला केंद्र के लिए सरकार की प्रतिबद्धता तो दिखाई देती है, लेकिन अभी तक कुछ भी सही गति के साथ मूर्त रूप लेता नजर नहीं आ रहा है। नई राजधानी में फिल्म सिटी प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक वो भी कागजों से बाहर नहीं निकल पा रही है। छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक सौन्दर्य उसकी पहचान है। अगर सकारात्मक प्रयास किए जाएं तो बाहर से भी फिल्म निर्माता यहां आकर फिल्मों की शूटिंग कर सकते हैं। वैसे कुछ भोजपुरी और हिंदी फिल्मों की शूटिंग अब छत्तीसगढ़ में होने लगी है।   नए सिनेमाघरों के निर्माण के लिए सरकार अब तक कोई कदम उठाती नजर नहीं आ रही है। दक्षिण भारत की तरह यहां भी छोटी-छोटी टॉकिजों के लिए पहल किए जाने की आवश्यकता है। सिंगल स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स के साथ ऐसी नीति बने जो छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लिए हितकर हो, जैसा कि महाराष्ट्र जैसे विभिन्ना राज्यों में है। वितरकों और छबिगृह संचालकों को छत्तीसगढ़ी फिल्मों के प्रति व्यवसायिक के साथ ही साथ भावनात्मक रूप से जुड़कर काम करना होगा।   छत्तीसगढ़ में दूरदर्शन का 24 घंटे प्रसारण की शुरुआत निकट भविष्य में छत्तीसगढ़ी फिल्मों के लिए एक अच्छी खबर साबित होगी। छत्तीसगढ़ी में मनोरंजन चैनल की सुगबुगाहट भी शुरू हो चुकी है। वहीं कुछ एफएम रेडियो चैनलों ने भी छत्तीसगढ़ी फिल्मों के गानों का प्रसारण कुछ वर्षों से समय-समय पर शुरू कर दिया है। विगत कुछ वर्षों में सिनेमा स्क्रीन की संख्या में इजाफा हुआ है। व्यवसायिक सफलता के साथ ही फिल्मों की गुणवत्ता और उसके स्तर में वृद्धि स्वाभविक प्रक्रिया है।  

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 MadhyaBharat  23 July 2016

bilaspur high court

    बिलासपुर हाईकोर्ट भवन निर्माण में गड़बड़ी और मामले की जांच कराने के लिए बार-बार याचिका दाखिल करने वाले पर हाईकोर्ट ने 25 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। इससे पहले भी कोर्ट ने उसके ऊपर 50 हजार जुर्माना लगाया था।   टिकरापारा निवासी उमेश जायसवाल ने हाईकोर्ट भवन निर्माण में करोड़ों रुपए का घोटाला होने की बात कहते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में निर्माण कार्य में मापदंड का पालन नहीं होने, निम्न स्तर के सामान का उपयोग करने की बात कही। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिका को निरस्त किया था। इसके बाद उसने डीबी में अपील की। डीबी ने पूर्व में याचिकाकर्ता पर 50 हजार जुर्माना लगाते हुए याचिका को खारिज किया था।   याचिका खारिज होने पर उसने द्वितीय अपील प्रस्तुत की। याचिकाकर्ता मामले में बहस करने खुद उपस्थित हुआ। कोर्ट ने मामले को कोर्ट का सयम बर्बाद करने वाला मानते हुए पूर्व में लगाए गए 50 हजार जुर्माना के अलावा 25 हजार रुपए और जुर्माना लगाया है। कोर्ट के इस आदेश से याचिकाकर्ता को 75 हजार रुपए जुर्माना भरना होगा।

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 MadhyaBharat  15 July 2016

IG pawan dev

          लोरमी की महिला आरक्षक द्वारा आईजी पवन देव पर लगाए गए आरोप की जांच के लिए प्रमुख सचिव रेणु पिल्ले की अध्यक्षता में गठित समिति ने मामले की सुनवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को पीड़ित कांस्टेबल समिति के सामने पेश हुई और आरोप दोहराया और के समर्थन में साक्ष्य सौंपे।   पीड़िता अपनी वकील निरूपमा बाजपेयी के साथ मंत्रालय पहुंची। उसने इस मामले की जांच के गठित चार सदस्यीय समिति के सामने बंद कमरे में अपना बयान दर्ज कराया। बाद में मीडिया से बातचीत में कांस्टेबल ने कहा मुझ पर किसी तरह का दबाव नहीं है, न मैं दबाव में आने वाली हूं। मैंने आईजी के खिलाफ जो आरोप लगाए थे उसी आधार पर बयान दिया है। मैं आखिरी तक इस मामले को लेकर लड़ूंगी। उसने यह भी संकेत दिया कि वह इस मामले को लेकर कोर्ट जा सकती है। पता चला है कि महिला आरक्षक ने कमेटी के सामने खुलकर अपना आरोप दोहराया और उसके समर्थन में फोन काल रिकार्डिंग व अन्य सबूत सौंपे। सूत्रों ने बताया कि पीड़िता का बयान लेने के बाद अब कमेटी आईजी पवन देव को बयान के लिए बुलाएगी। ज्ञात हो कि लोरमी में पदस्थ एक महिला आरक्षक ने 30 जून को बिलासपुर के तत्कालीन आईजी पवन देव पर आरोप लगाया था कि वे उसे रात में फोन कर परेशान कर रहे हैं। महिला ने अपने आरापों के पक्ष में बातचीत की रिकार्डिंग भी पेश की थी। मामला सामने आने के बाद पवन देव ने इसकी जांच के लिए एक चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। छत्तीसगढ़ शासन की प्रमुख सचिव रेणु पिल्ले को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।   बिलासपुर के वकील ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका- आईजी पवन देव की मुसीबत बढ़ाने वाला एक और मामला सामने आया है। मंगलवार को ही बिलासपुर के एक अधिवक्ता पवन श्रीवास्तव ने पवन देव के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका की ग्राह्यता पर शुक्रवार को सुनवाई होने की संभावना है। बिलासपुर हाईकोर्ट के वकील रहे पंकज श्रीवास्तव ने 7 मार्च 2014 को आत्महत्या कर ली थी। पंकज की पत्नी नीतू पर आरोप था कि वह पंकज को प्रताड़ित कर रही। लेकिन नीतू ने आईजी को आवेदन देकर परिवार पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगा दिया। आईजी के निर्देश पर पंकज की मौत के बाद परिवार पर दहेज प्रकरण दर्ज कर लिया गया। पंकज के भाई पवन श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पंकज प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच व आत्महत्या के लिए बाध्य करने वाले पर कार्रवाई की मांग की है।

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 MadhyaBharat  13 July 2016

ram singh paikra

    रायपुर सहित छत्तीसगढ़ में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं पर राज्य के गृहमंत्री रामसेवक पैकरा खुद दबाव में आ गए हैं। गुरुवार को पत्रकारों से चर्चा में कहा कि मैंने पुलिस अधिकारियों को पहले ही सख्त हिदायत दे रखी है, फिर भी अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने बदलाव की जरूरत बताई और यहां तक कह दिया कि इस दिशा में ठोस निर्णय जल्द ही लेंगे।   उधर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) को बैठे-बैठाए मुद्दा मिल गया जो उन्होंने तत्काल लपकते हुए गृहमंत्री को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की। कांग्रेस हुई हमलावर, रायपुर बंद की चेतावनी: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि राजधानी में ही एक माह के भीतर चार हत्याएं हुई हैं, लेकिन अपराधी नहीं पकड़े गए। अगर 24 घंटे में हत्यारे पकड़े नहीं जाते हैं तो शनिवार को कांग्रेस राजधानी बंद कराएगी।   भूपेश ने कहा कि 11 जून को पूर्व विधायक शिव डहरिया की माता की हत्या के बाद पूर्व उपमहापौर गजराज पगरिया के पुत्र पर गोलीबारी, सूदखोर ने आकाश तिवारी नामक युवक की गोली मार कर जान ले ली। सराफा कारोबारी पंकज बोथरा को गोली मारकर लूटा गया। गृहमंत्री कहते हैं कि पुलिस में बदलाव की जरूरत है, आखिर उनको बदलाव से कौन रोक रहा है? कौन उनको काम करने नहीं दे रहा है? कब करेंगे बदलाव? क्या मुहूर्त निकालेंगे? या और कानून व्यवस्था बिगड़ने का इंतजार है? वहीं छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) के प्रमुख अजीत जोगी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को अपराध का गढ़ बना दिया गया है। अपराधी दिनदहाड़े बेखौफ होकर हत्या, लूट, बलात्कार जैसे अपराध कर रहे हैं।

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 MadhyaBharat  1 July 2016

bilaspur

    बिलासपुर में  मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर प्रदेश में आयोजित विकास पर्व में शामिल होने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह बिलासपुर पहुंचे। उनके साथ रक्षा राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह भी पहुंचे। गृहमंत्री सबसे पहले हाई स्कूल संकरी तखतपुर में हितग्राही सम्मेलन में शामिल हुए।   केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथसिंह ने कहा कि जनता से झूठ बोलकर राजनीति करने की हमारी आदत नहीं है। हम केंद्र सरकार के दो वर्ष के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड देने आया हूं। आपने हम पर भरोसा किया है तो हम उसे टूटने नहीं देंगे। अंतरराष्ट्रीय जगत में देश का मानक और सम्मान दोनों बढ़ा है।   पाकिस्तान की चर्चा करते हुए कहा कि अब मनमानी बर्दाश्त नहीं करेंगे। गोली का जवाब गोली से देंगे। हमने सेना को कहा दिया है कि गोली गिनने की जरूरत नहीं है। नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील की। इसके बाद वे कार्यकर्ता सम्मेलन सिम्स आडिटोरियम बिलासपुर और होटल मेरियट में प्रबुद्ध सम्मेलन में शामिल हुए।

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 MadhyaBharat  18 June 2016

girl

  बस हो गया, मै अपनी जिंदगी से ऊब चुकी हूं। किसी की कोई गलती नहीं, यह मै इसलिए कर रही हूं क्योकि मै जीना नहीं चाहती। वही पढाई, वही डांट खाना इसलिए मुझे नहीं जीना, हो सके तो मेरा मोबाइल मेरा ही रहने देना, किसी चीज को अपना बोलती हूं तो अच्छा लगता है। यह आखिरी बाते लिख कर 14 साल की छोटी सी उम्र में वो बच्ची फांसी के फंदे पर लटक गई। खेलने की उम्र में जिंदगी से इस तरह ऊब गई थी वो मासूम कि उसने इस जिंदगी को ही खत्म कर दिया। बिलासपुर के टिकरापारा के शंति अपार्टमेंट में रहने वाले नागपुर में पदस्थ रेलवे कर्मचारी रामटेके परिवार के साथ रहते है। परिवार में पत्नी रोनिता रामटेके, मां और दो पुत्रियां रिभानी उर्फ रिया (14) और अंशिका रामटेके (10) है। रिया 10वीं कक्षा की छात्रा थी। सोमवार रात जब परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे तो रिया ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार को बेटी का शव पंखे पर लटका देख मां रोनिता की चीख निकल गई। चीख सुनकर आशिका और दादी भी वहां पहुंची जहां रिया का शव लटका था। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को फंदे से उतार पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके से पुलिस को सुसाइड नोट बरामद हुआ है। सुसाइड नोट में रिया ने जिंदगी से उब कर और पढाई व डाट से तंग आकर आत्महत्या करने की बात कही है। रिया ने अपने सुसाइड नोट में अपने परिवार, दोस्तो और खास दोस्तो में से किसी को भी अपनी आत्महत्या के लिए दोषी नहीं ठहराया है। पुलिस के मुताबिक रिया की मौत से बदहवास मां और दादी फिलहाल कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। शुरूआती जांच में पढाई और डाट से तंग आकर आत्महत्या की बात सामने आ रहीं है, मामले की जांच की जा रही है।

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 MadhyaBharat  8 June 2016

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