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बस्तर News


बस्तर अलग राज्य बनाने की मांग

  अलग राज्य बनने के 17 साल बाद ही छत्तीसगढ़ में अलग बस्तर की मांग उठने लगी है। स्थानीय मुद्दों को लेकर पिछले कुछ दिनों से आंदोलन कर रहे सर्व आदिवासी समाज ने यह आवाज बुलंद की है। हालांकि अभी सीधे-सीधे अलग राज्य की मांग नहीं की गई है, लेकिन स्वर यही है। शासन-प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि आदिवासियों की उपेक्षा व शोषण जारी रहा। लंबित मांगें 6 महीने में पूरी नहीं हुईं तो पृथक बस्तर राज्य के लिए आंदोलन शुरू किया जाएगा। 6 सितंबर को आदिवासियों के बस्तर संभाग बंद के दौरान प्रशासन ने उन्हें चर्चा के लिए बुलाया था। मंगलवार की बैठक के बाद आदिवासियों ने 20 सितंबर का चक्काजाम प्रदर्शन स्थगित कर दिया। संभागायुक्त कार्यालय में चली मैराथन चर्चा में आदिवासी नेताओं के दो टूक से प्रशासन में हड़कंप है। पालनार कन्या आश्रम में आदिवासी छात्राओं से सुरक्षा बल के जवानों के छेड़छाड़, नगरनार स्टील प्लांट के विनिवेश, बंग समुदाय के लोगों को बाहर निकालने व आदिवासियों के विरुद्घ अत्याचार की घटनाओं को रोकने जैसी मांगों को लेकर सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी कमिश्नर दिलीप वासनीकर और आईजी विवेकानंद के बुलावे पर बैठक में शामिल हुए। कमिश्नर कार्यालय सभागार में दोपहर 1 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक चर्चा चली। इसमें बस्तर, कांकेर व दंतेवाड़ा जिले के कलेक्टर व एसपी के अलावा आदिवासी समाज के नेता प्रमुख रूप से मौजूद थे। समाज का नेतृत्व कर रहे पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरविंद नेताम व पूर्व सांसद सोहन पोटाई ने मीडिया से कहा कि बस्तर में आदिवासियों से जुड़े संवैधानिक अधिकारों को लागू करने में शासन-प्रशासन फेल रहा है। नेताम ने कहा कि पहली बार प्रशासन ने आदिवासी समाज के साथ संवाद स्थापित करने का प्रयास का वे स्वागत करते हैं। अब बारी समाज के उठाए विषयों पर कार्रवाई की है। पोटाई ने कहा कि 6 माह में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर अलग बस्तर राज्य की मांग ही अंतिम विकल्प होगा। नाराज है आदिवासी समाज पालनार घटना : 31 जुलाई को दंतेवाड़ा के पालनार कन्या आश्रम में रक्षाबंधन पर कार्यक्रम में आदिवासी छात्राओं से सुरक्षा बल के जवानों द्वारा छेड़छाड़ का आरोप है। मामले में 2 आरोपी जेल में हैं। परलकोट घटना : 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी समाज की रैली व सभा में पखांजूर में समुदाय विशेष के लोगों ने खलल डाला था। विनिवेश : नगरनार में निर्माणाधीन स्टील प्लांट के विनिवेश के केन्द्र सरकार के फैसले का समाज ने विरोध किया है। समाज का कहना है कि विनिवेश का फैसला बस्तर और आदिवासियों के साथ धोखा है। पांचवी अनुसूची और पेसा कानून का कड़ाई से पालन नहीं करने का आरोप भी मुख्य मुद्दा है। इसके अलावा कई छोटी-बड़ी मांगें समाज ने की है।  

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 MadhyaBharat  20 September 2017

अंबिकापुर

अंबिकापुर जिले के रामानुजनगर वन परिक्षेत्र के राजापुर पंडोपारा जंगल मे भालू ने 2 लोगों पर हमला कर उन्‍हें मार डाला है। इसके साथ ही एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसे जिला अस्पताल सूरजपुर में दाखिल कराया गया है। तीनों ग्रामीण जंगल मे लकड़ी लेने गए थे। अचानक एक भालू ने उन पर हमला कर दिया। काफी देर संघर्ष के बावजूद 2 ग्रामीण अपनी जान नहीं बचा सके। घटना से राजापुर में ग्रामीण भयभीत है। वन अधिकारी, कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और उनके शवों को पोस्‍टमार्टम के लिए भेजने की व्‍यवस्‍था की जा रही है। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत है और वो चाहते है कि वन विभाग की टीम उस भालू को पकड़ ले नहीं तो और लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है।

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 MadhyaBharat  10 September 2017

अंबिकापुर

अंबिकापुर के  मैनपाट के तराई में बसे लखनपुर ब्लॉक के पटकुरा गांव में हाथियों ने एक ग्रामीण की कुचल कर मार डाला। मिली जानकारी के मुताबिक रात करीब 11 बजे 17 हाथी गांव में घुसे और तबाही मचाने लगे। हाथियों ने एक ग्रामीण मंशाराम को भी कुचलकर मार डाला। स्थानीय लोगों के मुताबिक रात को जब हलचल हुई, तो मंशाराम रात को घर से बाहर निकला तो देखा कि उसके घर के पास जंगली हाथियों का डेरा जमा हुआ था। हाथियों को देखकर उसने भागने की कोशिश की, लेकिन घबराहट में मंशाराम खेत में गिर गया, इसी दौरान हाथियों ने उसे कुचलकर मार डाला। पटकुरा में सात ग्रामीणों का घर भी हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया है। दो दिन में हाथियों ने डाँड़केसरा और पटकुरा में 15 घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इसके अलावा ग्रामीणों का करीब 20 क्विंटल से अधिक अनाज भी खा गए हैं। गौरतलब है कि चार दिन पहले कापू रेंज से करीब 17 हाथी मैनपाट इलाके में घुसे थे।

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 MadhyaBharat  4 August 2017

पत्रकार सुधीर जैन हुए सम्मानित

श्रमजीवी पत्रकार संघ के रायपुर में संपन्न प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन में उत्कृष्ठ पत्रकारिता एवं बस्तर की समस्याओं को निरंतर उठाने के लिए मुख्य अतिथि प्रदेश के कबीना मंत्री प्रेमप्रकाश पांडे द्वारा बस्तर के वरिष्ठ पत्रकार सुधीर जैन को सम्मानित किया गया।  इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह सहित संघ के प्रदेशाध्यक्ष अरविंद अवस्थी भी विशेष रूप से उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि सुधीर जैन विगत 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में सेवारत हैं। इस दौरान लगभग ढाई दशक तक वे दैनिक नवभारत एवं दैनिक भास्कर से बतौर ब्यूरो प्रमुख जुड़े रहे। वर्तमान में वे पिछले एक दशक से हिंदुस्थान समाचार एवं राष्ट्रीय न्यूज सर्विस समाचार सेवा के ब्यूरो प्रमुख के पद पर सेवारत हैं।  

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 MadhyaBharat  1 August 2017

बस्तर में भारी बारिश

  बस्तर अंचल में बीते 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों सहित गृह मंत्रालय ने भी रहवासियों के लिए चेतावनी जारी की है। मिली जानकारी के मुताबिक बस्तर, जगदलपुर आदि इलाकों में मंगलवार से तेज बारिश हो रही है। यहां सभी नदी नाले उफान पर हैं और सैकड़ों गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा राहत व बचाव कार्य शुरू किए गए हैं, लेकिन तेज बारिश के कारण लोगों तक मदद पहुंचाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने स्कूल व कॉलेज की छुट्टी घोषित कर दी है। इधर रायपुर मौसम केंद्र के निदेशक डॉ. प्रकाश खरे ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के मध्य पश्चिमी भाग से ओडिशा के तटीय क्षेत्र तक निम्न दाब क्षेत्र बना हुआ था, वहां अब अवदाब विकसित हो गया है। इसके कारण प्रदेश के दक्षिणी भाग में भारी बारिश हो रही है। आने वाले दो दिनों में बिलासपुर और सरगुजा संभाग को छोड़ प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश होगी। वैज्ञानियों ने बुधवार को रायपुर, दुर्ग के ज्यादातर इलाके समेत प्रदेश के कई हिस्सों में भारी वर्षा की चेतावनी दी है।

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 MadhyaBharat  19 July 2017

जगदलपुर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल

  नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में 200 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल खुलेगा। इसके लिए नगरनार स्टील प्लांट के पास 23 एकड़ जमीन का चयन किया गया है। निर्माण की जिम्मेदारी एनएमडीसी को सौंपी गई है। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में हुई बस्तर प्राधिकरण की बैठक में 31 अगस्त तक टेंडर करने कहा गया। निर्माण नवंबर में शुरू होने की उम्मीद है। मंत्रालय में शनिवार को आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की 24वीं बैठक हुई। बताया गया कि पहले हुई बैठकों में 213 कार्य कराने का निर्णय हुआ था। इनमें से 91 प्रतिशत यानी 194 पूरे हो गए हैं। शहीद वीर नारायण सिंह स्वावलंबन योजना के तहत हितग्राहियों का चयन 3 माह में पूरा करने और बाकी 9 माह में दुकान निर्माण पूरा करने का फैसला हुआ। फ्लोराइड प्रभावित बैलाडीला और दल्लीराजहरा के 6 गांवों में सोलर पंप के जरिए पानी सप्लाई होगी। इसके लिए 62 करोड़ 37 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इससे 32 गांवों को साफ पानी मिलेगा। वहीं सभी मजरों-टोलों में पेयजल के लिए सोलर पंप लगाने अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में बताया गया कि 12 जिलों में अब तक 307 देवगुड़ी निर्माण के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपए मंजूर किए जाएंगे। प्राधिकरण क्षेत्र के आश्रम छात्रावालों में पेयजल, शौचालय और बिजली व्यवस्था की समीक्षा भी की गई। इन संस्थाओं में छोटे-मोटे मरम्मत कार्य जल्द कराने कहा गया। गौरतलब है कि इसके लिए 50 सीट वाले छात्रावास, आश्रम के अधीक्षक को 25 हजार और 100 सीट या उससे अधिक के आश्रम-छात्रावास अधीक्षक को 40 हजार रुपए सालाना दिए जाते हैं।  

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 MadhyaBharat  16 July 2017

नग्न लाश

अंबिकापुर शहर में एक 28 वर्षीय विवाहिता की बिना कपड़ों में फंदे से लटकी हुई लाश मिली है। विवाहिता का अपने पति से आए दिन झगड़ा होता था वो सास से अलग अपने बच्चे के साथ रहती थी। मृतका की बॉडी पर चोट के कई निशान हैं और गले में दो फंदे के निशान है। सास ने जब बहू को इस हाल में लटका देखा तो वो चिल्लाते हुए घर से बाहर भाग गई।  खटिकपारा निवासी 28 वर्षीय अर्चना तिर्की अपने पति रवि केरकेट्टा, सास तथा बेटे के साथ रहती थी। बाद में कुछ विवाद होने पर सास से अलग रहने लगी। बताया जा रहा है कि अर्चना की उसके पति रवि के साथ नहीं बनती थी। आए दिन दोनों में मारपीट होती रहती थी। इधर रवि पिछले 20 दिन से काम से बाहर गया था। गुरुवार की रात गर्मी के कारण अर्चना दरवाजा खुला रखकर अपने कमरे में सो रही थी। वहीं सास पास वाले मकान में सो रही थी। सुबह 5:30 बजे जब उसकी सास ने कमरे में जाकर देखा तो उसकी लाश पाइप के सहारे दुपट्टे से लटक रही थी। विवाहिता के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। उसके कपड़े वहीं बेड पर पड़े हुए थे। ये देख सास चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर पड़ोसी वहां पहुंचे और घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दे दी।मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की छोटी बहन का आरोप है कि उसके जीजा का किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध है। ऐसे में वो मृतका से आए दिन लड़ता रहता था। पुलिस के मुताबिक मृतका को दो बार फंदे से लटकाने की कोशिश की गई है। पहली कोशिश में फंदा टूट गया फिर दूसरी कोशिश में उसे लटकाया गया है।

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 MadhyaBharat  11 July 2017

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  सुरक्षा बलों द्वारा जवाबी कार्रवाई में मारे गए नक्सलियों से छत्तीसगढ़ में नक्सली बौखला गए हैं। शुक्रवार को नक्सलियों ने राजनांदगांव-पेंदोडी मार्ग पर पेड़ों को काटकर रख दिया और पोस्टर बैनर लगाए। मिली जानकारी के मुताबिक नक्सलियों ने मानपुर-कोहका मार्ग पर कोरकोटी के पास पेड़ों को काटकर मार्ग अवरूद्ध कर दिया और पोस्टर बैनर लगाकर मारे गए नक्सलियों के प्रति संवेदना जताई और बंद का आह्वान किया। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण यहां सड़क के दोनों ओर जाम की स्थिति निर्मित हो गई। जानकारी मिलने पर स्थानीय प्रशासन के अधिकारी व पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचे और कटे पेड़ों को हटाकर यातायात व्यवस्था दुरुस्त की और पोस्टर बैनर हटाए।

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 MadhyaBharat  30 June 2017

नक्सली मुठभेड़,तीन जवान शहीद

  छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शनिवार को नक्सलियों और पुलिस फोर्स के बीच हुई मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों की संख्‍या अब तीन हो गई है। शहीद जवानों में कांस्टेबल कट्टम राजकुमार, सहायक आरक्षक सुनम मनीष और राजेश कोरमा शामिल हैं। कट्टम राजकुमार सुकमा जिले के एर्राबोर के कोगड़ा गांव के रहने वाले हैं। जबकि सुनम मनीष सुकमा के ही दोरनापाल स्थित बोदिगुड़ा के रहने वाले हैं। वहीं राजेश कोरमा कांकेर जिले के रहने वाले है। घायल जवान का नाम मडकम चंद्रा है जो सुकमा के एर्राबोर स्थित तेतरी गांव के रहने वाले हैं। सुकमा एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि शनिवार सुबह पौने नौ बजे से शुरू हुई मुठभेड़ चार घंटे तक चली। जवानों ने कई नक्सलियों को मार गिराया, लेकिन उनके शव लेकर नक्सली भागने में सफल हो गए। तोंडामरका मुठभेड़ में पांच एसटीएफ जवानों के घायल होने की सूचना के बाद जगदलपुर से वायुसेना का हेलिकॉप्टर रवाना किया गया था। बारिश के बीच हेलिकॉप्टर घायल जवानों को लाने के लिए तोंडामरका के जंगलों में उतरा और घायलों को लेकर सुरक्षित रायपुर के लिए रवाना हुआ।  

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 MadhyaBharat  25 June 2017

गोंचा महापर्व

जगदलपुर में बीमार होने के कारण अनसर पर गए भगवान जगन्नाथ को प्रतिदिन पांच औषधियों का मिश्रण मुक्ति मंडप में दिया जा रहा है। वहीं भगवान को दवा तीखी न लगे इसलिए काजू किसमिस भी मिलाया जा रहा है। पिछले नौ दिनों से दवा ले रहे भगवान के लिए मंदिर के पुजारी अभी छह दिन और दवा कूटेंगे। बस्तर में गोंचा महापर्व की रस्में गत नौ जून से जारी है। चंदन यात्रा के बाद इस पर्व की दूसरी रस्म भगवान का 15 दिनों के लिए अनसर पर जाना होता है। इस रस्म को भगवान का बीमार होना कहा है। भगवान जगन्नाथ के साथ बलभद्र और सुभद्रा की काष्ठ प्रतिमाओं को मुक्ति मंडप में रखा जाता है। स्थानीय जगन्नाथ मंदिर के मुक्ति मंडप में इन देवताओं की 21 प्रतिमाओं को रखा गया है। जगन्नाथ मंदिर बड़े गुड़ी के पुजारी भूपेन्द्र जोशी ने बताया कि बीमार भगवान के लिए प्रतिदिन कुंठी आदा (सोंठ), भुईलिंम (चिरायता), कालीमिर्च, पिपली और अजवाईन को कूट कर दवा तैयार की जाती है। पांच औषधियों का यह मिश्रण काफी तीखा होता है, दवा भगवान को तीखी न लगे इसलिए भावनात्मक रूप इसमें काजू किसमिस भी कूट कर मिलाया जाता है। अनसर के दौरान भगवान की सेवा करने वाले कुरंदी के बृजलाल विश्वकर्मा की उपस्थिति में पिछले नौ दिनों से भगवान को यह दवा अर्पित की जा रही है। अगले छह दिनों तक यह प्रक्रिया और चलेगी। आगामी 24 जून को नेत्रोत्सव के दिन भगवान को स्वस्थ माना जाएगा वहीं 25 जून को बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ रथारूढ़ होकर नगर भ्रमण करेंगे। तत्पश्चात सात दिनों तक जनकपुरी में रहने के बाद तीन जुलाई की शाम मंदिर लौटेंगे।  

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 MadhyaBharat  18 June 2017

अंबिकापुर-गोंदिया ट्रेन

अंबिकापुर से गोंदिया के बीच आज ट्रेन का शुभारंभ किया गया है। इस दौरान टीएस सिंहेव का बैकुण्‍ठपुर रोड स्‍टेशन पर लोगों ने ट्रेन सुविधा के लिए उनका आभार व्‍यक्‍त किया। ट्रेन रवाना होने के पूर्व एसी और नान एसी चेयरकार वाली इस ट्रेन को देखने के लिए भारी संख्‍या में लोग स्‍टेशन पहुंचे। इस दौरान लोगों ने मिठाई भी बांटी और साथ में इस बात पर भी जोर दिया कि ट्रेन को नियमित किया जाए। लोगों के उत्‍साह ने पहले ही दिन इस ट्रेन को अच्‍छी संख्‍या में यात्री उपलब्‍ध करा दिए। लोगों में इसे लेकर काफी उत्‍साह देखा गया। इस दौरान स्‍टेशन पर कई कांग्रेसी नेताओं को भी देखा गया जो एक दूसरे को बधाई देते हुए नजर आए।  

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 MadhyaBharat  18 June 2017

जगदलपुर-सिलकझोड़ी

  जगदलपुर रेलखंड के बड़े आरापुर-डिलमिली के बीच 11 किलोमीटर लंबी दूसरी रेललाइन में बुधवार से नान इंटरलॉकिंग का काम शुरू हो गया। अधिकारियों ने संभावना जताई है कि 20 जून तक जगदलपुर से सिलकझोड़ी के बीच दूसरी लाइन पर ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। चार जून को कोलकाता से चीफ कमिश्नर रेलव सेफ्टी ने डिलमिली-आरापुर खंड में दूसरी लाइन की जांच की थी। उनकी रिपोर्ट आने के बाद नान इंटरलॉकिंग का काम शुरू किया गया है। विदित हो कि केके रेललाइन में किरंदुल-जगदलपुर के बीच 150 किलोमीटर में से जगदलपुर से सिलकझोड़ी के बीच 42 किलोमीटर तक दूसरी लाइन बिछाई जा चुकी है, जिसमें आरापुर-डिलमिली के बीच रेल पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाने के कारण मार्च में कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ने इस खंड की जांच नहीं की थी। अधिकारियों ने बताया कि नान इंटरलॉकिंग के बाद जगदलपुर से सिलकझोड़ी के बीच दूसरी लाइन पर रेल आवागमन शुरू हो जाएगा।

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 MadhyaBharat  15 June 2017

शिवराम कल्लुरी

बस्तर के पूर्व आईजी शिवराम कल्लुरी को जल्दी ही काम सौंपा जा सकता है. वे पिछले चार महीनों से पुलिस मुख्यालय में हैं और सरकार ने उन्हें अब तक कोई काम नहीं सौंपा था. वे पुलिस मुख्यालय में काम नहीं होने के कारण कम समय के लिये ही आ रहे थे. बस्तर से हटाये जाने के बाद वे बिना काम के ही पुलिस मुख्यालय में पदस्थ थे. खबर है कि संघ के कुछ नेताओं के दबाव के बाद भी सरकार ने उन्हें कोई जिम्मेवारी सौंपने से इंकार कर दिया था. अब चार महीने बाद उन्हें कोई काम सौंपने पर विचार किया जा रहा है. बस्तर में आई जी रहते हुये मानवाधिकार आयोग समेत कई सरकारी और गैर सरकारी संगठनों के निशाने पर रहे शिवराम प्रसाद ने स्वास्थ्यगत कारणों से अवकाश लिये था. लेकिन सरकार ने उन्हें लंबी छुट्टी पर भेज दिया था. इसके बाद वे यह कहते हुये वापस लौट आये थे कि वे अब स्वस्थ हैं. इन परिस्थितियों में कल्लुरी को बस्तर से हटा कर फरवरी में पुलिस मुख्यालय में पदस्थ कर दिया गया था. हालांकि यहां पदस्थ रहते हुये उन्होंने सोशल मीडिया में जो टिप्पणियां की, जिस तरीके से बिना सूचना के निजी आयोजनों में भाग लिया, उसे लेकर सरकार में भारी नाराज़गी दिखाई गई. इन मामलों में उन्हें नोटिस भी जारी किया गया. सरकार की नाराज़गी का ही सबब है कि शिवराम प्रसाद कल्लुरी को पिछले चार महीने से कोई काम नहीं दिया गया. इन चार महीनों में वे रायपुर और दिल्ली के एक-एक नक्सल विरोधी आयोजनों में शामिल हुये और सुर्खियां भी बटोरी. इन आयोजनों के अलावा मानवाधिकार आयोग और दूसरे संगठनों में भी कल्लुरी के नाम की चर्चा बनी रही.सोशल मीडिया में कल्लुरी के समर्थक लगातार उनकी बस्तर वापसी की भी मांग के साथ सक्रिय रहे हैं. खबर है कि अब कल्लुरी को सरकार कोई कार्यभार सौंपने पर विचार कर रही है. अगले सप्ताह तक सरकार किसी कार्यभार के साथ उनकी वापसी कर सकती है. हालांकि अभी कल्लुरी अवकाश पर हैं.

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 MadhyaBharat  3 June 2017

आईजी कल्लूरी

 पूर्व बस्तर आईजी कल्लूरी के बस्तर से विदा होने के बाद पुलिस मुख्यालय और crpf सहित केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारियों   के सामंजस्य के आभाव में लगातार नक्सल मोर्चे पर पुलिस को विफलता मिली है।crpf को सर्वाधिक नुकसान उठाना पड़ा है।कोबरा सहित उनके जवानों को सड़क निर्माण में तैनात किया गया था ।किन्तु उन्हें नक्सली लगातार  नुकसान पहुंचते रहे हैं।अब जाने किस मज़बूरी के चलते आलाकमान सड़क निर्माण में लगे ठेकेदारों को लाभ पहुँचने बस्तर में सर्वाधिक कामयाब drg को सड़क निर्माण सुरक्षा में तैनात किया जा रहा है।इन drg के जवानों पर वरंगटे में नक्सल विरोधी उच्च कोटि के प्रशिक्षण में करोड़ो खर्च किया गया था।अब ये जवान मुख्य मोर्चे से हटकर रोड निर्माण में तैनात है।जिससे नक्सल उन्मूलन अभियान प्रभावित हो रहा है।पुलिस मुख्यालय और आलाधिकारियों को बेहतर रणनीति बनाने की जरुरत है तभी नक्सलियों पर प्रभावी कार्यवाही हो सकेगी।अभी तो ऐसा लग रहा रोड बनाना केवल  छत्तीसगढ़ पुलिस का ठेका हो गया है जबकि हर कैम्प में लगभग 300 crpf,कोबरा के जवान आधुनिक हथियारों  से लैस  4 किलोमीटर के दूरी पर सुरक्षित कैम्प में  तैनात है जिसे देखकर  drg  के जवानों में आक्रोश पैदा होने लगा है । इसी कारण नक्सलियों को फिर बड़ी घटना को आजम  देने का मौका मिल सकता है अभी भी समय है बड़े अधिकारी इस समस्या को सुलझा ले वरना बाद में केवल आरोप एक दूसरे को लगाते रह जाएंगे।

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 MadhyaBharat  26 May 2017

bastar

बस्तर के जंगलों में ड्रोन कैमरे से लिया गया एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बड़ी संख्या में नक्सली मूवमेंट करते दिखाई दे रहे हैं। सुरक्षा बल बस्तर के जंगलों में नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि इस तस्वीर को पुलिस के ड्रोन कैमरे से लिए जाने की कोई भी अधिकारी पुष्टि नहीं कर रहा है। सोशल मीडिया में आए वीडियो की खुफिया विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि वीडियो के ओरिजनल सोर्स के बारे में जानकारी ली जा रही है। पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों ने बताया कि नक्सली अमूमन छोटे-छोटे दलों में ही जंगलों में घूमते हैं। किसी बड़े हमले से पहले ही वे किसी खास जगह पर एकत्र होते हैं। वीडियो में एकसाथ करीब 100 से अधिक नक्सली दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि ये वीडियो हाल ही में हुए किसी हमले से पहले का होगा। आईबी के डायरेक्टर राजीव जैन के दो दिवसीय दौरे के तत्काल बाद सोशल मीडिया में जारी वीडियो को लेकर हड़कंप है। पुलिस मुख्यालय के आला अधिकारियों की मानें तो अगले एक महीने में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी लड़ाई का प्लान तैयार किया गया है। ऐसे में ड्रोन से वीडियो और अन्य मुद्दे सिर्फ गुमराह करने की कोशिश है। इससे नक्सल आपरेशन के प्लान में कोई बदलाव नहीं आने वाला है। आईजी बस्तर विवेकानंद ने बताया कि वीडियो के बारे में कोई जानकारी नहीं है। छत्तीसगढ़ पुलिस की तरफ से ऐसा कोई वीडियो नहीं बनाया गया है।  

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 MadhyaBharat  23 May 2017

अंबिकापुर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह मंगलवार को अचानक अंबिकापुर के मैनपाट के पैगा इलाके में पहुंचे। मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने यहां लोक सुराज अभियान के तहत पैगा में ग्राम चौपाल भी लगाई और पैगा से परपतिया तक सड़क निर्माण कार्य करने के साथ-साथ पुलिया निर्माण कराने की घोषणा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्राम चौपाल में आए ग्रामीणों से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी पूछताछ की। चौपाल में महिलाओं समेत कई बच्चे भी मौजूद थे, जिनसे मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सवाल जवाब किए। रमन सिंह ने बताया कि बस्ती के पारा टोला इलाके में जल्द ही विद्युतीकरण का काम किया जाएगा। गौरतलब है कि पैगा और मैनपाल ही अंबिकापुर जिले में ऐसे दूरस्थ गांव हैं, जहां बीते वर्ष उल्टी दस्त के कारण कुछ ग्रामीणों की मौत हो गई थी।

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 MadhyaBharat  2 May 2017

वीरेन्द्र सिंह धनोवा

भारतीय वायुसेना प्रमुख वीरेन्द्र सिंह धनोवा ने बस्तर दौरे पर हवाईमार्ग से संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुंचे। उन्होंने बस्तर में कार्यरत वायु सेना के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढाया । करीब 1 घंटे श्री धनोवा ने डीआरडीओ रेस्ट हाउस मे अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। वन विभाग कंपाउंड स्थित वायु सेना के रेडियो हॉउस में जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी इस दौरान मौजूद थे। कलेक्टर बस्तर अमित कटारिया,आईजी विवेकानंद,डीआईजी सुन्दर राज पी, अपर कलेक्टर हीरालाल नायक आदि सहित अन्य अधिकारियो से चर्चा कर उन्होंने नक्सली अभियान की जानकारी ली।उन्होंने बोधघाट वायु सेना गरूण बटालियन में जवानों के साथ दोपहर का भोजन भी किया।  

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 MadhyaBharat  17 April 2017

छत्तीसगढ़ गोवध

जगदलपुर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा  राज्य में गोवध करने वालों को लटका देंगे । स्थानीय बस्तर हाईस्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में संबोधन देने के बाद जब मुख्यमंत्री जाने लगे तो उन्हें कुछ मीडियाकर्मियों ने रोक लिया। मीडियाकर्मियों ने डॉ. सिंह से पूछा कि उत्तरप्रदेश छत्तीसगढ़ के पीडीएस मॉडल को स्वीकार कर रहा है तो क्या छत्तीसगढ़ में भी गोवध पर प्रतिबंध लगेगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां ऐसी स्थिति नहीं है, क्या आपने कहीं ऐसा होते देखा है। आगे उन्होंने कहा कि यदि मामला सामने आया तो जो ऐसा करेगा उसे लटका दिया जाएगा। इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री केदार कश्यप व जगदलपुर विधायक संतोष बाफना भी मौजूद थे।  

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 MadhyaBharat  2 April 2017

bastar

बस्तर में अंधाधुंध शराब की खपत क्राइम का ग्राफ बढ़ने की अहम वजह मानी जा रही है। बीते तीन माह में ही नृशंस हत्या व दुष्कर्म जैसी घटनाएं सामने आई हैं। प्रदेश सरकार के आंशिक शराबबंदी के बावजूद रायपुर दुर्ग संभाग से अधिक राजस्व राशि बस्तर से वसूली जा रही है। फलस्वरूप यहां के ऐसे ग्रामीण इलाकों जहां पेयजल सुलभ नहीं है, वहां शराब की महंगी ब्रांड आसानी से मुहैया है। अंचल में देशी व अंग्रेजी शराब के बढ़ते चलन के चलते गंभीर अपराधों में तेजी आई है। वरिष्ठ थाना प्रभारियो के अनुसार कोड़ेनार, दरभा, लोहंडीगुड़ा व बास्तानार इलाके में शराब के नशे में हत्या व अन्य अपराधों में तेजी देखी जा रही है। मनोरोग विशेषज्ञ वी श्रीधर ने बताया कि शराब के सेवन से अल्कोहल रक्त में मिलकर मस्तिष्क तक पहुंचता है। इससे दीमागी कोशिकाओं में विपरीत प्रभाव पड़त है। इसलिए अधिक नशापान करने वाला व्यक्ति विवेकशून्य हो जाता है। तीन माह में हत्या व दुष्कर्म की आधा दर्जन घटनाएं अक्टूबर2016 में दुर्गा विसर्जन के दौरान मामूली विवाद के चलते अभिषेक नामक युवक की सरेआम चाकू मारकर हत्या कर दी। आरोपी नशे में धुत्त थे। इसी प्रकार नवम्बर माह में धरमपुरा निवासी महाविद्यालयीन छात्र की उसी के दोस्तों ने शराब सेवन के दौरान हुए मामूली विवाद में गला घोंटकर हत्या कर दी। साक्ष्य छुपाने शव दलपत सागर में फेंक दिया था। दिसम्बर 2016 मे पनारापारा निवासी ट्रक चालक ने अपनी नवब्याहता बीवी की शराब के नशे में गलाघोंटकर हत्या कर दी। हत्या की वजह चरित्र पर संदेह करना बताया गया। जनवरी 2017 में बस्तर जनपद के ग्राम भरनी में शराब के आदी राजमिस्त्री ने अपनी पत्नी समेत मासूम बच्ची की नृशंस हत्या कर दी। जनवरी में ही परपा थाना क्षेत्र के एर्राकोट तथा बोधघाट थाना क्षेत्र के करकापाल में युवतियों को अगवा कर सामूहिक अनाचार का मामला सामने आया। दोनों मामलों में आरोपी नशे में चूर थे। माह पुरवरी में आरक्षक दिलीप सेठिया ने अपनी प्रेमिका सहकर्मी की शराब के नशे में गोली मारकर हत्या कर दी। इस प्रकार उपरोक्त सभी मामलों में आरोपियों ने नशे की हालत में घटना को अंजाम दिया।  

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 MadhyaBharat  12 March 2017

women naxli

  अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर नक्सलियों ने कुछ एरिया कमेटियों की कमान महिला कमांडरों को दिए जाने का ऐलान किया है। बुधवार को सुकमा जिले के पुजारीकांकेर व कोत्तापल्ली के जंगल में नक्सलियों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया। इस दौरान रैली निकाली गई। महिला कमांडरों ने अपने भाषण में महिला सशक्तिकरण की वकालत की। साथ ही सीएनएम के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मिली जानकारी के अनुसार महिला दिवस के अवसर पर कोंटा-तेलंगाना सीमावर्ती जंगल में बड़ी संख्या में नक्सली एकत्र हुए। सभा का आयोजन किया गया जिसमें महिला कमांडरों द्वारा जनसंघर्ष में अधिक से अधिक महिलाओं की जोड़ने कहा गया। इस मौके पर दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी के शीर्ष नेताओं द्वारा महिला सशक्तिकरण की बात कहतें बड़े एरिया कमेटी की कमान महिला कमांडरों को देने का ऐलान किया गया। दिवस के अवसर पर नक्सलियों द्वारा रैली निकाली गई। सीएनएम चेतना नाट्य मंडली के सदस्यों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। साथ ही जोशीले जनगीत गाए गए। दिवस के अवसर पर केएएमएस क्रांतिकारी आदिवासी महिला संगठन की ओर से जगह-जगह पर्चें फेंके गए। पर्चो में सरकार को महिला विरोधी बताया गया है। यह भी उल्लेखित है कि एक ओर मोदी सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देती है। वहीं दूसरी ओर आदिवासी बेटियों पर अत्याचार करने के लिए सीआरपीएफ, कोबरा व डीआरजी जैसे बलों को तैनात करती है। डिवीजन कमेटी द्वारा बताया गया कि 2016-17 के मिशन में 110से अधिक महिलाओं पर अत्याचार किया गया है। इनमें से आठ महिलाओं को नक्सल मामले में फंसाया गया है। साथ ही आदिवासी महिलाओं के लिए संघर्षरत बुद्धिजीवी महिलाओं बेला भाटिया, मालिनी सुब्रमणियम, नंदिनी सुंदर व शालिनी गेरा पर दमन करने की बात कही है। एसपी सुकमा  अभिषेक मीणा नक्सलियों द्वारा रैली निकालने संबधी फोटो वाट्सएप ग्रुप में देखी गई है पर किसी प्रकार की अधिकृत सूचना नहीं मिली है। आशंका है कि पिछले वर्ष की तस्वीरें वायरल की गई हों। मामले का परीक्षण करवाया जा रहा है।   

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 MadhyaBharat  9 March 2017

naxli budri

  जगदलपुर के दरभा क्षेत्र में सक्रिय एलजीएस कमांडर बुदरी ने सीआरपीएफ 80 बटालियन के समक्ष सरेंडर कर दिया है। सीओ जेनी एनल ने बताया कि पांच साल से नक्सल संगठन में सक्रिय बुदरी काफी समय से संगठन छोड़ना चाह रही थी। हाल में ही उसे एलजीएस कमांडर बनाया गया था। वह दलम में एके-47 लेकर चलती थी। झीरम व मुरकीनार समेत अन्य बड़ी घटनाओं में वह शामिल थी। समर्पित नक्सली को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। उसे पुनर्वास योजना के तहत भी लाभान्वित किया जाएगा। बुधवार को सीआरपीएफ मुख्यालय में बुदरी को मीडिया के समक्ष पेश किया गया।

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 MadhyaBharat  2 March 2017

कब्र - मैं जिंदा हूं

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चौंकाने वाला मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने यहां जमीन के अंदर से हलचल होते हुए देखा तो जमीन से मिट्टी हटाई और कब्र के अन्दर से एक इंसान को ज़िंदा बाहर निकाला. इस शख्स को उसके ही रिश्तेदारों ने पिटाई के बाद मृत समझकर दफना दिया था. इस इंसान ने मौत से लड़कर कब्र से बाहर निकल कर दूसरी जिंदगी हासिल की. यहां बगीचा थाना क्षेत्र के भेड़िया जंगल इलाके में एक शख्स को उसी के रिश्तेदारों ने पहले तो जमकर पिटाई की. बाद में उसे मरा हुआ समझ कर गड्ढे में पाट दिया. आरोपियों के जाने के बाद जब उस व्यक्ति को होश आया तो मिट्टी हटाकर किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश की. ग्रामीणों ने जब उसे देखा तो कब्र से बाहर निकालकर बगीचा अस्पताल में दाखिल कराया. वहां से उस युवक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया.  पूरा मामला कुछ ऐसा है. बगीचा थाना क्षेत्र के ग्राम बम्बा भंडारपारा निवासी प्लाजूस मिंज की बहन के साथ विवेक का रिश्ता तय हुआ था. मंगलवार शाम विवेक अपने दूसरे दोस्त के साथ प्लाजूस मिंज के घर पहुंचा. वहां पहुंचकर उसने कहा कि उसे अपने दोस्त को कुछ दूर छोड़कर आना है. यह कहते हुए उसने प्लाजूस को भी साथ में ले लिया. गांव के एक परिचित का ऑटो लेकर तीनों भेड़िया के जंगल की ओर चले गए. जंगल पहुंचकर विवेक और उसके साथी ने इस वारदात को अंजाम दिया. माना जा रहा है कि पहले से ही दोनों के बीच पुरानी रंजिश थी. इस दौरान कथित रूप से दोनों ने प्लाजूस को जमकर पीटा. काफी देर तक पीटने के बाद उसे मरा हुआ समझकर दोनों ने प्लाजूस को गड्ढे में डाल मिट्टी से ढक दिया.दोनों के जाने के बाद होश में आते ही प्लाजूस ने गड्ढे से बाहर निकलने की कोशिश की, जिसे ग्रामीणों ने देखा और मदद करते हुए उसे बाहर निकाला. अस्पताल में उस युवक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.  

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 MadhyaBharat  26 February 2017

नक्सलियों का बंद

सीपीआई माओवादी प्रतिबंधित ने आगामी 27 फरवरी को देश व्यापी बंद का आह्वान किया है। पार्टी के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो के सचिव गणेश उईके ने जारी बयान में कहा है कि केंद्र के दमनकारी कार्यों के विरोध में 27 फरवरी को भारत बंद के क्रम में समूचा दंडकारण्य बंद की अपील करते हैं। बयान में कहा गया है कि रमन सरकार द्वारा किसानों के हित में किया दावा झूठा है। सरकार ने बस्तर अंचल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है। निर्दोष जनता पर दमनचक्र चलाया जा रहा है।सर्चिंग के नाम पर सुरक्षा बल ग्रामीणों पर अत्याचार कर रहे हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर हमले किए जा रहे हैं। बयान में मिशन 2016 के दौरान संभाग में 140 लोगों की हत्या करने का आरोप लगाया गया है।वहीं 40 महिलाओं के साथ दुष्कर्म की बात भी कही गई है। साथ ही बीजापुर जिले में हाल में कथित मुठभेड़ में मारे गए युवकों को निदोष बताया है। एक दिवसीय बंद को सफल बनाने आम जनता से अपील की गई है।

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 MadhyaBharat  17 February 2017

ig sundarraj p

जगदलपुर आईजी के रूप में पदभार संभालने के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान सुंदरराज पी ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता नक्सल उन्मूलन व बस्तर में शांति बहाली की होगी। इसके लिए प्रत्येक वर्ग का सहयोग लेने में संकोच नहीं है। वहीं कानून के बाहर किया गया किसी भी प्रकार का कृत्य बर्दास्त नहीं किया जाएगा। सुंदरराज ने कहा कि पूर्व में वे एसपी के रूप में यहां कार्य कर चुके हैं। इसलिए काफी हद तक हालात समझते हैं। हांलाकि पांच वर्षों में स्थितियां काफी कुछ बदली हैं। नक्सल उन्मूलन का अभियान बिना बाधा के जारी रहेगा। उन्हाेंने इसके लिए पुलिस व सुरक्षा बलों के प्रति आम जनता में विश्वास बना रहना बेहद जरूरी बताया। वहीं आम जनता के सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि बस्तर में तेजी से विकास हो रहा है। विकास और नक्सल विरोधी आपरेशन एक साथ जारी रहेंगे। उन्होंने जल्द ही सात जिलो के पुलिस अधीक्षकों की मीटिंग लेकर बेहतर समन्वय के साथ रणनीति बनाए जाने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी रूप अवैधानिक कृत्य किए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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 MadhyaBharat  5 February 2017

ambikapur

अंबिकापुर बिश्रामपुर मार्ग में सरगुजा संभाग की सबसे बड़ी सब्जी मंडी सिलफिली में सब्जी बिक्री में भारी गिरावट आ गई है। इससे प्रभावित किसानों ने फाइड प्रोसेसिंग प्लांट और कोल्ड स्टोरेज की मांग को लेकर हाइवे पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान उन्होंने टमाटर और फूलगोभी सहित सब्जियों को सड़क पर बिखेर दिया और उन पर लेटकर प्रदर्शन करते रहे। घंटों जाम के बाद भी कोई भी प्रशासनिक अधिकारी किसानों से मिलने नहीं पहुंचा। चक्काजाम से अंबिकापुर-कटनी नेशनल हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। किसानों ग कर रहे हैं कि कोल्ड स्टोरेज बनने से उनकी सब्जियां खराब नहीं होगी और न बिकने की स्थिति में उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।  

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 MadhyaBharat  2 February 2017

आयकर सेवा केंद्र अंबिकापुर

अंबिकापुर में छत्तीसगढ़ के मुख्य आयकर आयुक्त केसी घुमरिया ने कहा है कि विमुद्रीकरण के बाद छत्तीसगढ़ के जनधन खातों में भी व्यापक अनियमितताएं की गई है। यहां के सहकारी बैंक भी जांच के दायरे में हैं, सिर्फ रायपुर सहकारी बैंक में ही विमुद्रीकरण के बाद चार सौ करोड़ रुपए जमा कराए गए हैं। प्रदेश के दूसरे सहकारी बैंकों में भी बड़ी राशि जमा कराई गई होगी। आयकर सेवा केंद्र अंबिकापुर के उद्धाटन के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्य आयकर आयुक्त ने स्वीकार किया कि प्रदेश के जनधन खातों में भी बड़ी धनराशि जमा कराई गई है। अपनी संपत्ति व नगद राशि छिपाने की मंशा से लोगों ने दूसरों के बैंक खातों में रकम जमा कराई है, लेकिन यह रकम कितनी है, यह बताने की स्थिति में वे नहीं हैं । उन्होंने कहा वे यह भी नहीं बता सकते कि जनधन खातों में छत्तीसगढ़ में जमा रकम देश के अन्य राज्यों की तुलना में कौन से नंबर पर है। उन्होंने बताया कि विमुद्रीकरण के बाद खातों पर नजर रखने का काम विभाग की विजिलेंस शाखा कर रही थी लेकिन अब संयुक्त रूप से काम चल रहा है। सरकार द्वारा तैयार साफ्टवेयर के माध्यम से विस्तृत जांच की जा रही है। अघोषित आय व बेनामी संपत्ति के मामले में सर्वे व छापे की कार्रवाई भी चल रही है। अभी भी ऐसे लोगों के पास मौका है कि वे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में सहभागी बनकर निश्चिंत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय तौर पर कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग की दृष्टि से सरगुजांचल उत्पादक क्षेत्र है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में सरगुजांचल के कर दाताओं की ओर से बेहतर रिस्पोंस मिलेगा और सरकार की मंशानुरूप राशि भी जमा होगी।  

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 MadhyaBharat  1 February 2017

naxli chattisghar

    नारायणपुर में जन आक्रोश रैली के बाद सभास्थल पर पुलिस के आला अफसरों के सामने माड़ के 195 नक्सली सदस्य आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट आए। यह पहला मौका है जब जिले से इतनी बड़ी संख्या में जनताना सरकार और मिलिशिया के सदस्यों ने समर्पण किया है। एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि नक्सलियों के गढ़ से लोगों का सरकार पर विश्वास जताना बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। उन्होंने कहा कि माड़ के दूरस्थ अंचल के नक्सलियों का समर्पण पुलिस का मनोबल बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि कस्तुरमेटा, कलमानार, नेडनार, अचेली, मुरनार, निरामेटा,पिनका, कटुलनार, इरपानार, ताडोनार, एनमेटा, इकपाड़, ताडनार,मेटानार,पोकानार, नेलनार, कोडकानार, कोडिलियार, आकाबेड़ा, मोहंदी, ओकपाड़, करकानार, कोटेनार,गुमियाबेड़ा के 171 पुरुष एवं 24 महिला समेत 195 नक्सलियों ने समर्पण किया है।

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 MadhyaBharat  30 January 2017

bastar news

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान की तारीफ की है। छत्तीसगढ़ पुलिस और अर्धसैनिक बलों के आला अधिकारियों की लगभग एक घंटे चली बैठक में राजनाथ ने कहा कि वर्ष 2016 में पूरे साल पुलिस ने माओवादियों पर लीड की है। छत्तीसगढ़ पुलिस और अर्धसैनिक बल सामंजस्य के साथ बेहतर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने भी भरपूर मदद की और छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने दायित्वों को बेहतर ढंग से निभाया। केंद्रीय गृहमंत्री ने नक्सल मोर्चे पर निपटने के लिए 50 फोर्टिफाइड थाना खोलने, प्रभावित इलाकों में 35 नये मोबाइल टावर और 850 किलोमीटर नई सड़कों की मंजूरी की घोषणा की। मुख्यमंत्री निवास पर पत्रकारों से चर्चा में राजनाथ ने कहा कि प्रदेश में बस्तर बटालियन का गठन गौरव का विषय है। नक्सल मोर्चे के लिए आईटीबीपी की 5 बटालियन छत्तीसगढ़ को मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जवानों का विशेष प्रशिक्षण कराया गया है। प्रशिक्षण के बाद जवानों ने जिस जोश के साथ अभियान चलाया, यह गेम चेंजर रहा। उन्होंने बताया कि डीआरजी के 1655 जवानों को पांच बैच में वारंगटे मिजोरम में प्रशिक्षण दिया गया। 350 जवानों का प्रशिक्षण अभी चल रहा है। इससे जवानों में आत्मविश्वास बढ़ा है। राजनाथ ने कहा कि सुरक्षा बलों की निगरानी में रेल कनेक्टिविटी, रोड कनेक्टिविटी का बड़ा काम पूरा हुआ है। गृहमंत्री से जब बस्तर में जवानों द्वारा हुए आदिवासियों के साथ गैंगरेप मामले में सरकार को मिले एनएचआरसी की नोटिस को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि इस मामले में जांच चल रही है। वहीं बीएएसएफ के जवान के सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने के मामले में गृहमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव पर राजनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भी हमने चीफ मिनिस्टर प्रोजेक्ट नहीं किया था। सरकार बनने के बाद डॉ रमन सिंह को जिम्मा सौंपा था, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी चुनाव जीतने के बाद सीएम तय किया जाएगा।  

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 MadhyaBharat  17 January 2017

ambikapur

  अंबिकापुर में बागीचा-बतौली मार्ग पर केनापारा के पास शनिवार सुबह एक तेज रफ्तार कार पेड़ से टकरा गई। दुर्घटना में मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के मुताबिक कार में सवार सभी लोग बागीचा से विश्रामपुर लौट रहे थे। कार बहुत तेज रफ्तार में थी, इसी दौरान कार चालक उस पर से अपना नियंत्रण खो बैठा और वह सीधे सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने घायल को बाहर निकाला और पुलिस तथा एंबुलेंस को घटना की सूचना दी।  

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 MadhyaBharat  14 January 2017

मणप्पुरम गोल्ड  डकैती

अंबिकापुर में  मणप्पुरम गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में दिनदहाड़े पांच हथियारबंद बदमाशों ने बुधवार को कर्मचारी व ग्राहकों को बंधक बनाकर करीब तीन करोड़ स्र्पए से अधिक की डकैती की। इसमें 12.8 किलो सोना और लगभग एक लाख 30 हजार स्र्पए नगद शामिल है। जाते-जाते डकैतों ने कर्मचारियों को दफ्तर के सेफ रूम में बंद कर मुख्य प्रवेश द्वार में बाहर से ताला भी लगा दिया। पुलिस ने ताला तोड़कर कर्मचारियों व ग्राहकों को मुक्त कराया। डकैतों का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। आसपास की दुकानों की सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही पूरे शहर की नाकेबंदी कर पतासाजी शुरू कर दी गई है। डकैती की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसपी आरएस नायक, एडिशनल एसपी रामकृष्ण साहू, सीएसपी आरएन यादव को पूछताछ में पता चला कि बुधवार शाम लगभग चार बजे ग्राहक बनकर दो डकैत बैंक में आए थे। असिस्टेंट ब्रांच हेड से जानकारी लेकर दोनों बाहर चले गए। थोड़ी देर बाद उन्हीं में से एक डकैत पुन: ग्राहक बनकर आफिस के प्रवेश द्वार से पहुंचा। सोने का कारोबार होने के कारण दफ्तर का गेट अंदर से बंद रहता है। पूछताछ के बाद ही ग्राहकों को अंदर जाने दिया जाता है। ग्राहक देख जैसे ही कर्मचारी ने ताला खोला, वैसे ही चार और डकैत महिला कर्मचारी को धक्का देते हुए भीतर प्रवेश कर गए। उस दौरान चार ग्राहक भी मौजूद थे। डकैतों ने हथियारों के दम पर ग्राहकों और कर्मचारियों को बंध्ाक बना लिया। असिस्टेंट ब्रांच हेड के गले में हथियार के कुंदे से वार भी किया तथा मारपीट की। ग्राहकों को शुरू में दफ्तर के काउंटर के सामने नीचे बैठाया गया, फिर असिस्टेंट ब्रांच हेड को बलपूर्वक हथियारों के दम पर सेफ रूम में ले जाया गया,जहां तिजोरी में सोना और नगदी रखी थी। डकैतों ने अपने साथ लाए गए एयर बैग में करीब 12.8 किलो सोना और लगभग एक लाख 30 हजार स्र्पए नगद भर लिया। ग्राहकों और कर्मचारियों का मोबाइल छीनकर उनके सिम निकाल लिए। हथियारों के दम पर तीन डकैतों ने कर्मचारी और ग्राहकों को सेफ रूम में बंद करने का काम शुरू किया तथा दो डकैत सोना, नगदी लेकर पहले भाग गए। शेष तीन डकैत जाते-जाते सेफ रूम के दरवाजे को बाहर से बंद करने के अलावा मुख्य प्रवेश द्वार में भी बाहर से ताला लगा दिया था। असिस्टेंट ब्रांच हेड के पैंट की जेब में एक मोबाइल बचा था, जिसका सिम नहीं निकाला गया था । इसी मोबाइल से उन्होंने पुलिस को इस घटना की सूचना दी । शहर से बाहर निकलने वाले सारे रास्तों में घेराबंदी कर डकैतों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा

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 MadhyaBharat  5 January 2017

sp patr

    शालिनी गेरा द्वारा नक्सलियों के पैसे बदलवाने एवं नक्सलियों के समर्थन करने कि  खिलाफ बस्तर एसपी  को ग्रामीण ने   शिकायत की है।  बस्तर पुलिस अधीक्षक  आर एन दाश ने बताया के शालिनी गेरा के खिलाफ़ शिकायत मिला है कि परसों शालिनी गेरा एक लड़की निकिता के साथ गोयल धर्मशाला मॆ रुकी थी ।उसके साथ मॆ प्रियंका,एवं ऋषि भी आये थे !शिकायत आई है कि शालिनी गेरा शुकलु नाग के जरिये दंतेवाड़ा जिला मटेनार ग्राम मॆ स्कूल के बच्चों को बैठाकर बिना अनुमति के पंचायत को खुलवाकर मीटिंग लिये और नक्सलियों का समर्थन करने के लिये कहा उनके साथ मॆ  7JNU के छात्र छात्राएँ भी थी।   ये भी शिकायत मिली है कि ये लोग पालनार भी गये और वहां भी नक्सलियों का समर्थन मॆ बैठक लिये।  शिकायत मिली है के उसके बाद ये लोग पालनार से रेवाली के ओर घुसे और वहां से नक्सली कमांडर आयतु से मिलकर 10 लाख रुपये एक एक हजार के पुराने नोट लेकर वापस गोयल धर्मशाला आये।   दो काले काले मोटे लोग लाल रंग कि पल्सर मोटरसाइकल मॆ आके एक एक हजार के पुराने नोट देकर  30%कमीशन मॆ दो-दो के नये नोट लेकर चले गये।  ऐसी शिकायत मिली है ,तप्तीश के आधार पे कार्यवाही  की  जायेगी।     Attachments 

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 MadhyaBharat  28 December 2016

naxli

    बस्तर में  2016  नक्सली हिंसा व रक्तपात के निशान छोडता आया है लेकिन खत्म होने जा रहा वर्ष 2016 पुलिस के लिए उपलब्धि वाला वर्ष रहा है। बीते 359 दिनों में 134 नक्सली ढेर हुए। वहीं केवल 38 जवानों को ही शहादत देनी पड़ी है। मारे गए नक्सलियों में पीएलजीए के 14 हार्डकोर भी शामिल हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2014 के जून माह से नक्सलियों के विरूद्ध आक्रामक मिशन की शुरूआत के बाद तुलनात्मक रूप से नक्सलियों का नुकसान बढ़ा है। अपेक्षाकृत पुलिस की क्षति कम हुई है। वर्ष 2014 में मुठभेड़ के दौरान 16 नक्सलियों का शव बरामद हुआ था। वहीं वर्ष 2015 में 40 शव बरामद हुए थे। इसी प्रकार 24 जून 2016 तक की स्थिति में 134 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। हांलाकि मारे गए नक्सलियों की संख्या इससे अधिक भी हो सकती है। अधिकतर घटनाओं में नक्सली मारे गए साथियों के शव घसीट कर ले जाते हैं। बीते वर्ष जहां पुलिस के 43 जवान शहीद हुए थे। इस वर्ष 38 जवानों की शहादत हुई है। यह संख्या मारे गए नक्सलियों के तुलना में काफी कम है। डायरेक्ट एक्शन का रहा असर नक्सल मामलों के जानकारों की मानें तो मिशन 2016 में पुलिस ने पारम्परिक रणनीति में आमूल-चूल बदलाव किया। पहले जहां जंगल में सर्च आपरेशन के दौरान नक्सलयों द्वारा हमले के बाद सुरक्षा बल के जवान रक्षात्मक भूमिका में नजर आते थे पर गुरिल्ला ट्रेंड डीआरजी की तैनाती के बाद नक्सलियों के ठिकानों पर सीधे हमले किए गए। फलस्वरूप इसका रिजल्ट भी सामने आया। वहीं ओडिसा रिजर्व गार्ड, आंध्र ग्रेहाउंडस के साथ बेहतर समन्वय व ज्वाइंट आपरेशन को भी सफलता की अहम कड़ी माना जा रहा है। पहली बार 14 पीएलजीए कमांडो ढेर आमतौर पर मुठभेड़ के दोरान मिलिशिया व निचले काडर के नक्सली ही मारे जाते रहे हैं पर वर्ष 2016 में नक्सलियों की सैन्य शाखा पीएलजीए पीपूल्स लिबरेशन गोरिल्ला आर्मी के 14 सदस्य मुठभेड़ में ढेर किए गए। साथ ही उनके पांच नग आटोमेटिक वैपन इंसास व एसएलआर भी जब्त किए गए। "ङमुख मुठभेड़ों में सुकमा जिले के किस्टारम थाना क्षेत्र अंतर्गत पेसलपाड़ गांव के पास दो फरवरी की सुबह हुई मुठभेड़ है। इसमें पीएलजीए के आठ लड़ाके ढेर हुए थे। साथ ही एक एसएलआर व एक इंसास बरामद किया गया था। इसी "ङकार बीजापुर जिले के फरसेगढ़, कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा, नारायणपु जिले के धौड़ई क्षेत्र में हुए मुठभेड़ों में पुलिस द्वारा हार्डकोर कमांडो नक्सलियों को ढेर किया गया है। वहीं विस्फोटक आदि बरामद किए गए। आईजी बस्तर एसआरपी कल्लूरी मिशन 2016 के तहत सुरक्षा बल आक्रामक रूप से नक्सल विरोधी आपरेशंस चला रहे हैं। वहीं मिजोरम से गोरिल्लावार ट्रेनिंग लेकर लौटे डीआरजी के स्थानीय लड़ाकों की मदद से पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है।  

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 MadhyaBharat  25 December 2016

night helipad

  बस्तर के नक्सल इलाकों में नाइट लैंडिंग हेलिपैड बनाए जा रहे हैं। अंदरूनी इलाकों में करीब आधा दर्जन हेलिपैड को अपग्रेड कर वहां रात में हेलिकॉप्टर उतारने की तैयारी की जा रही है। हाल ही में वायुसेना के अफसरों ने बस्तर के कई हेलिपैड का निरीक्षण कर वहां नाइट लैेंडिंग की अनुमति दी है। नए हेलिपैड ऐसे इलाकों में हैं, जहां नक्सली हमला कर सकते हैं इसलिए यह काम बेहद गोपनीय ढंग से किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग और पुलिस हाउसिंग बोर्ड इस काम में लगे हुए हैं। टेंडर जारी हो चुके हैं और जल्द ही काम शुरू होने की संभावना है। नक्सल प्रभावित बस्तर में जगदलपुर, सुकमा, बीजापुर और कांकेर के जंगल वारफेयर स्कूल में नाइट लैंडिंग की सुविधा है। दंतेवाड़ा में आपात स्थितियों में पहले अस्थाई व्यवस्था कर नाइट लैंडिंग कराई जा चुकी है। कोंडागांव के मर्दापाल इलाके में कुछ महीने पहले नक्सल विस्फोट में घायल जवानों को कोंडागांव से एयर लिफ्ट करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में अस्थाई हेलिपैड बनाया गया। वहां बिजली विभाग ने बड़ी-बड़ी हैलोजन लाइट लगाकर रात आठ बजे वायुसेना के एमआई 17 हेलिकॉप्टर की नाइट लैंडिंग कराई थी। नारायणपुर में भी नाइट लैंडिंग की अस्थाई व्यवस्था है। इन तीनों हेलिपैड को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके अलावा नक्सलगढ़ के हेलिपैड अब नाइट लैंडिंग के लिए तैयार किए जा रहे हैं। बीजापुर जिले के दुर्गम नक्सल इलाके बासागुड़ा, कोंडागांव के मर्दापाल, सुकमा जिले के चिंतागुफा, चिंतलनार व भेज्जी, कांकेर के अंतागढ़ सहित आधा दर्जन ऐसे हेलिपैड हैं जहां दिन में वायुसेना के हेलिकॉप्टर उतरते हैं पर रात में कोई वारदात होने पर घायल जवानों को सुबह होने का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में कई बार घायल जवानों को जान भी गंवानी पड़ी है। वायुसेना के सीनियर पायलेट्स ने कुछ दिनों पहले बस्तर के अंदरूनी इलाकों में स्थित हेलिपैड का निरीक्षण कर वहां नाइट लैंडिंग की सुविधा जुटाने की जरूरत बताई है। स्पेशल डीजी नक्सल ऑपरेशन डीएम अवस्थी ने बताया बस्तर के नक्सल इलाकों में कुछ हेलिपैड को अपग्रेड कर नाइट लैंडिंग के लायक बनाया जा रहा है। सुरक्षा कारणों से यह नहीं बता सकता कि किन हेलिपैड को अपग्रेड किया जाएगा।  पुलिस विभाग के आला अफसरों ने बताया कि कम से कम 100 बाई 100 का हेलिपैड चाहिए जो एकदम समतल हो और आसपास कोई व्यवधान न हो। हेलिपैड में प्रकाश की भरपूर व्यवस्था होनी चाहिए, क्योंकि हवा से नीचे देखना उतना आसान नहीं होता। हेलिपैड में पेड़, खंभे आदि नहीं होने चाहिए। वायर ऊपर से बिलकुल नहीं दिखता इसलिए आसपास कोई भी वायर या बिजली का तार आदि नहीं होना चाहिए।  

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 MadhyaBharat  15 December 2016

नक्सली सचिव और शिक्षकों से मांग रहे हैं एक महीने का वेतन

जगदलपुर में  पांच सौ व एक हजार के नोटों पर प्रतिबंध का व्यापक असर नक्सलियों पर पड़ रहा है। सुकमा जिले के अंदरुनी इलाकों चिंतागुफा, भेज्जी व जगरगुंडा क्षेत्र में नक्सलियों ने ग्राम सचिव व शिक्षकों व शिक्षाकर्मियों को एक माह का वेतन संगठन को देने का फरमान जारी किया है। दहशत के चलते इसकी शिकायत भी नहीं की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुकमा जिले के चिंतागुफा, भेज्जी व जगरगुंडा क्षेत्र में पदस्थ ग्राम पंचायत सचिव तथा शिक्षकों व शिक्षाकर्मियों को नक्सलियों ने यह फरमान जारी किया है कि वे पार्टी को अपना एक महीने का वेतन चंदा के रूप में प्रदान करें। सहयोग नहीं करने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है। साथ ही कॉलेज छात्रों पर उनके परिजनों के खातों में नक्सलियों के पुराने नोट 25-25 हजार रुपए जमा करने का भी दबाव बनाया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि सप्ताह भर पहले नक्सलियों ने जगरगुंडा क्षेत्र के तीन ग्रामीणों व शासकीय कर्मचारियों को अगवा कर उनकी बेदम पिटाई की थी। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था। इस फरमान को नोटबंदी के चलते नक्सलियों की बौखलाहट के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है सुकमा जिले को कभी नक्सलियों का उप मुख्यालय माना जाता रहा है। बीते आठ नवंबर से बड़े नोट पर बंदिश के चलते नक्सलियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। रसद, दवाएं, कपड़े एवं रोजमर्रा से संबधित अन्य खर्चों के लिए उन्हें रुपयों की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। खुफिया सूत्रों के अनुसार नक्सलियों द्वारा भारी पैमाने पर तेंदूपत्ता ठेकेदार, निर्माण एजेसियों, पंचायतों व बोरवेल वाहनों से लेवी वसूली जाती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक संभाग में नक्सलियों का सालाना टर्न ओवर एक हजार करोड़ से अधिक बताया जाता है। मंदी से जूझ रहे नक्सली अब शासकीय कर्मचारियों से फौरी तौर पर जरूरतें पूरी करने के लिए उगाही करना चाह रहे हैं। नक्सल मामलों के जानकारों के अनुसार लेवी वसूली का 70 फीसदी हिस्सा केंद्रीय समिति को भेजा जाता है। वहीं स्पेशल जोनल कमेटी, एरिया कमेटी तथा सशस्त्र लड़ाकू कॉडर पीएललजीए के दस्तों द्वारा लाखों रुपए नगदी छिपाकर रखा जाता है। माह भर पहले मलकानगिरी में हुए मुठभेड़ में मारे गए नक्सल नेताओं से काफी मात्रा में नगद राशि बरामद हुई थी। चूंकि नक्सली अपना इलाका लगातार बदलते रहते हैं इसलिए वे जंगल में गाड़कर भी नकदी रखते हैं। बीजापुर व सुकमा जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में दो ग्रामीण नक्सलियों के लिए रकम परिवहन करते भी पकड़े गए थे। सुकमा के एसपी  आईके एलेसेला ने कहा 'नक्सलियों द्वारा कर्मचारियों से एक माह की सैलरी जमा करने का फरमान जारी करने तथा कॉलेज विद्यार्थियों से उनका धन बैंक खातों में जमा करने दबाव बनाने की सूचनाएं मिल रही हैं। इसकी तस्दीक करवाई जा रही है। हाल में ही नक्सलियों ने कुछ छात्रों को चेरला भी रकम जमा करवाने भेजा था।'  

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 MadhyaBharat  29 November 2016

 बच्चों से भरी स्कूल वैन में लगी आग

अंबिकापुर शहर से लगे दरिमा रोड कतकालो में एक स्कूल वैन में लगी आग लग गई। घटना के वक्त वैन में 13 बच्चे बैठे थे, आनन-फानन में बच्चों को बाहर निकाला गया। हादसे में सभी बच्चों के बस्ते जल गए। जानकारी के मुताबिक वैन कतकालो स्थित ग्रीन लौंड पब्लिक स्कूल की थी। सुबह नौ बजे जब चालक बच्चों को लेकर स्कूल जा रहा था इसी दौरान वैन में आग लग गई। ग्रामीणों की सूझबूझ से आग बुझा ली गई। घटना की सूचना मिलने पर दरिमा पुलिस भी मौके पर पहुंची। वैन में आग कैसे लगी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। घटना के वक्त सभी बच्चे घबरा गए थे और कुछ रोने लगे। उन्होंने कहा कि हमारें बस्ते जल रहे हैं, लेकिन जब तक आग बुझाई जाती तब तक उसकी कॉपी-किताबें जल चुकीं थी।  

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 MadhyaBharat  17 November 2016

naxli

छत्तीसगढ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई संक्षिप्त मुठभेड के बाद तीन महिलाओं सहित चार माओवादियों को गिरफ्तार किया गया तथा उनके पास से हथियार जब्त किये गये। बीजापुर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण इलेसेला ने पीटीआई भाषा से कहा कि फारसेगढ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत अशांत आदेर जंगलों में स्थानीय पुलिस की एक टीम से कल शाम आमना सामना होने के बाद वर्दी में मौजूद कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। खुफिया खबर पर कदम उठाते हुए, जिला पुलिस की टीम ने यहां से करीब 400 किलोमीटर दूर फारसेगढ क्षेत्र की ओर कूच किया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि जंगल में सुरक्षा बलों की उपस्थिति महसूस करने पर नक्सलियों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी की जिसका जवाब दिया गया। करीब आधे घंटे चली मुठभेड में नक्सली जंगल से फरार हो गये। उन्होंने कहा कि हालांकि चार नक्सलियों का पीछा करके उन्हें पुलिस ने पकड लिया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार होने वालों की पहचान महिला नक्सली कमांडर स्थानीय अभियान दल सोमी कदाती उर्फ वनीला, उनकी दो महिला सहयोगी पाइकी कारम, पूनम नान और एक अन्य मदावी बिच्चेम के रूप में हुई है। अधिकारी ने कहा कि उनके कब्जे से एक 12 बोर की राइफल, एक देसी पिस्तौल, कारतूस, दो डेटोनेटर और एक पेट्रोल बम जब्त किया गया।  

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 MadhyaBharat  17 November 2016

मारा गया नक्सली मिलिशिया कमांडर वेंजाम

जगदलपुर जिले में सोमवार की सुबह सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में एक वर्दीधारी नक्सली को मार गिराया है। मारे गए नक्सली की पहचान मिलिशिया कमांडर वेंजाम नंदा के रूप में की गई है। पुलिस के मुताबिक यह इस इलाके में सक्रिय था, सुरक्षा बलों को लंबे समय से इस माओवादी की तलाश थी। इसके खिलाफ नक्सल मामलों के 12 वारंट जारी हुए थे। यह अरलमपल्ली, मेदवाही, तोंगुडा व तोयापारा जनताना सरकार का अध्यक्ष था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला ने बताया कि पुलिस को अरलमपल्ली व मेदवाही के जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस पर रविवार की देर रात दोरनापाल थाना से जिला पुलिस व डीआरजी की संयुक्त टीम को ऑपरेशन पर भेजा गया था। सोमवार की तड़के टीम जब अरलमपल्ली के नजदीक जंगल में पहुंची तो नक्सलियों ने तबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की। करीब आधे घंटे की मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देख नक्सली मौक़े से भाग खड़े हुए।घटनास्थल की सर्चिंग पर एक वर्दीधारी नक्सली का शव बरामद किया गया हैं। मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने रोजमर्रा के सामानों के अलावा एक कंट्री मेड राइफल, 12 बोर की बंदूक, वायर बरामद किया हैं।⁠⁠⁠⁠  

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 MadhyaBharat  14 November 2016

nandini sundar

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नंदिनी सुंदर व अन्य के खिलाफ दर्ज हत्या के मामले को लेकर केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाई। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि कोई (केंद्र और राज्य सरकार)भी नक्सल समस्या के शांतिपूर्ण समाधान खोजने को लेकर गंभीर नहीं है। कोर्ट ने इस दौरान केंद्र व छत्तीसगढ़ सरकार के कहा कि वह जीवन के व्यवहारिक पक्ष को समझे और नक्सल समस्या के शांतिपूर्ण समाधान खोजने की दिशा में प्रयास करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम बी लोकुर और जस्टिस आदर्श गोयल की पीठ के रुख को देख छत्तीसगढ़ सरकार ने 15 नवंबर तक नंदिनी सुंदर और अन्य के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई न करने का भरोसा दिया। वहीं कोर्ट ने कहा कि वह किसी पर कोई आरोप नहीं लगा रहे है, लेकिन हमें जीवन के व्यवहारिक पक्ष को देखते हुए नक्सल समस्या के शांतिपूर्ण हल की दिशा में काम करना चाहिए। बता दें कि सात नवंबर को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एक ग्रामीण आदिवासी की हत्या हो गई थी।जिसमें पुलिस ने दिल्ली विवि के प्रोफेसर नंदिनी सुंदर,जेएनयू विवि की प्रोफेसर अर्चना प्रसाद और अन्य कई लोगों को आरोपी बनाया था। इस दौरान कोर्ट में नंदिनी सुंदर और अन्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक देसाई ने अपना पक्ष रखा। साथ ही सरकार की कार्रवाई का विरोध किया।  

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 MadhyaBharat  12 November 2016

naxli jagdlpur

 जगदलपुर में   दरभा  के ग्राम नामा में शुक्रवार की रात सौ से अधिक संख्या में पहुंचे वर्दीधारी हथियारबंद नक्सलियों ने टंगिया ग्रुप के लीडर सामनाथ बघेल की धारदार हथियारों से नृशंस हत्या कर दी। इस घटना से उत्तेजित ग्रामीण शनिवार को फोर्स के साथ जंगल में घुस गए। उन्होंने तीन संदेहियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। एक दिन पहले ही सामनाथ को पुत्ररत्न की प्राप्ति हुई थी, जिससे उसके घर में खुशी का माहौल था। इस घटना से खुशियां मातम में बदल गईं।सामनाथ को श्रध्दांजलि देने वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारी भी पहुंचे। मिली जानकारी के अनुसार त्योहार के चलते बीते कुछ दिन से टंगिया ग्रुप के कई सदस्य रिश्तेदारी में गए हैं। इस बीच गांव में गश्त भी बंद है। नक्सलियों ने इसका फायदा उठाया और शुक्रवार रात करीब नौ बजे नामा में आ धमके। उन्होंने सामनाथ के घर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा नहीं खोलने पर नक्सलियों ने उसे तोड़ दिया और भीतर घुसकर सामनाथ को घसीटते हुए बाहर निकाला। इसके बाद धारदार हथियारों से उसकी हत्या कर भाग गए। घटना की सूचना मिलने पर शनिवार को दरभा से सीआरपीएफ, डीआरजी समेत एसटीएफ के जवान काफी संख्या में मौके पर पहुंचे। इस बीच अपने लीडर की हत्या से उत्तेजित ग्रामीण भी फोर्स के साथ जंगल में घुस गए। ग्राम कुमाकोलेंग के सरहदी नदी के पार, पहाड़ी एवं जंगल में देर शाम तक सर्चिंग चलती रही। इस दौरान ग्रामीणों ने तीन नक्सल संदेहियों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि तीनों के तार सामनाथ की हत्या से जुड़े हैं। इस वारदात के बाद भी आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों के युवाओं ने किसी भी हालत में रात्रि गश्त जारी रखने का संकल्प लिया है। उल्लेखनीय है कि नामा गांव से तीन किलोमीटर आगे स्थित ग्राम कुमाकोलेंग में नक्सल दहशत के चलते नब्बे फीसदी ग्रामीण गांव छोड़ रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। सुकमा जिले के तोंगपाल थाना से 19 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कुमाकोलेंग एवं नामा के युवकों ने मिलकर एक साल पहले टंगिया ग्रुप का गठन किया था। इसके सदस्य रात्रि में टंगिया लेकर गांव में गश्त करते थे। इसके चलते नक्सल सक्रियता कम हो गई थी। सामनाथ ग्रुप के संस्थापक सदस्यों में एक था।  

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 MadhyaBharat  11 November 2016

modi-ig kalluri

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी की मुलाकात सुर्ख़ियों में है  । कल्लूरी ने राज्योत्सव स्थल पर मोदी का स्वागत किया। इस अवसर पर जब मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को कल्लूरी का परिचय दिया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा इन्हें तो मैं पहले से जानता हूं। जब चुनाव प्रचार पर सरगुजा आता था तो यही मुझे रिसीव किया करते थे। कल्लूरी ने इस पर कहा कि सर अगले चुनाव से पहले नक्सलवाद खत्म हो जाएगा। इस पर पीएम ने कहा-गुड। मोदी की कल्लूरी से हुई यह मुलाकात सोशल मीडिया पर छाई हुई है। कल्लूरी समर्थक इसे बड़ी उपलब्धि मान रहे तो विरोधी कह रहे पीएम ने पद की गरिमा तार-तार कर दी है। जानकारी के मुताबिक पहले पीएम से आईजी कल्लूरी की मुलाकात तय नहीं थी। 31 अक्टूबर की रात सरकार के रणनीतिकारों ने तय किया कि चूंकि पहली बार बस्तर में नक्सली बैकफुट पर हैं इसलिए आईजी से पीएम की मुलाकात कराना चाहिए। ताड़मेटला कांड में सीबीआई की चार्जशीट के बाद से कल्लूरी विपक्ष के निशाने पर हैं। ऐसे में सरकार ने तय किया कि इस बहाने यह संदेश दिया जाए कि सरकार कल्लूरी के साथ खड़ी है। इसके बाद स्वागत करने वालों की सूची पीएमओ भेजी गई। वहां से सूची फाइनल होने में रात 11 बज गए। 11.30 बजे प्रमुख सचिव गृह बीवीआर सुब्रमण्यम ने कल्लूरी को फोन किया और तत्काल रवाना होने को कहा। कल्लूरी रात 12 बजे रवाना हुए और सुबह तय समय पर राज्योत्सव स्थल पर पहुंच गए। उन्हें स्वागत करने वालों की कतार में सबसे पहले रखा गया था। पीएम मोदी जैसे ही बीएमडब्ल्यू कार से नीचे उतरे सबसे पहले कल्लूरी का ही उनसे परिचय कराया गया। इससे यह भी साफ हो गया है कि फिलहाल कल्लूरी को हटाने के मूड में सरकार नहीं है। पीएम से हाथ मिलाते कल्लूरी की तस्वीर सोशल मीडिया में छाई रही। पक्ष में जगदलपुर से कल्लूरी समर्थक किशोर पारख ने फेसबुक पर लिखा बस्तर से नक्सलियों का सफाया तय। केंद्र और राज्य दोनों प्रतिबद्ध हैं  हैं। दिल्ली के पत्रकार राहुल पंडित और बस्तर के आदिवासी पत्रकार मंगल कुंजाम ने भी तस्वीर शेयर की है और जो तथ्य हैं उसे रखा है, न आलोचना न प्रशंसा।  

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 MadhyaBharat  3 November 2016

naksli bastar

बस्तर में 15 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। 8 नक्सली दरभा और 7 मारडूम के बताए गए हैं। इनमें कुख्यात जनताना सरकार अध्यक्ष सन्ना और डॉक्टरी टीम प्रभारी जगत ने भी सरेंडर किया है। इसके बाद कांग्रेर वैली एरिया कमेटी का नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। आत्मसमर्पण के दौरान बस्तर आईजी और एसपी बस्तर भी मौजूद थे। उधर कांकेर के हुर्रा पिंजोड़ी में जवान गोली लगने से घायल हो गया। पहले जवान के नक्सली मुठभेड़ में घायल होने की बात कही जा रही थी। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने नक्सली वारदात से इनकार कर दिया। जानकारी के मुताबिक जवानों के बीच आपसी विवाद के बाद गुरुवार शाम को गोली चली थी। इसी दौरान सीएएफ का जवान रविंद्र जाट घायल हो गया। उसे इलाज के लिए रायपुर में भर्ती किया गया है। आला अधिकारियों ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी मिलने के बाद अधिकारी घटना स्थल आमाबेड़ा थाना पहुंचे थे।  

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 MadhyaBharat  21 October 2016

jagdalpur

जगदलपुर के केके  रेल लाइन के कोरापुर सेक्शन के जात्री-मालीगुडा स्टेशन के बीच मालगाड़ी के 9 डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना शुक्रवार सुबह 9 बजे की बताई जा रही है।  ट्रेन आयरन ओल भरकर विशाखापट्टनम जा रही थी। दुर्घटना के बाद केके रेल लाइन पर आवागमन बंद हो गया है। सामलेश्वरी हीराखंड ट्रेन रद्द कर दी गई है। मौके पर दुर्घटना राहत ट्रेन भेजी गई है और रेलवे के अधिकारी भी वहां के लिए रवाना हुए हैं। घटना से सबसे ज्यादा परेशानी ट्रेन यात्रियों को हुई। विशाखापट्टनम-किरंदुल पैसेंजर को कोरपाट के पास रद्द कर दिया गया है। इसके बाद यहीं से ट्रेन को विशाखापट्टनम के लिए वापस रवाना किया जाएगा। किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर को रद्द कर दिया गया है। यह किरंदुल से जगदलपुर पहुंचेगी।  

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 MadhyaBharat  21 October 2016

jogi bastar sankalp

बस्तर संकल्प में जोगी ने रखा नब्ज पर हाथ अपनी नई पार्टी गठन के बाद पहली बार बस्तर प्रवास पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री व छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (छजकां) के संस्थापक अध्यक्ष अजीत जोगी ने   भानुप्रतापपुर में विशाल जनसमूह को संबोधित किया। छत्तीसगढ़ में बस्तर के राजनितिक महत्व को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जोगी ने कहा कि इस बार  छत्तीसगढ़ का अगला उपमुख्यमंत्री बस्तर संभाग से होगा।   आगामी विधानसभा चुनाव में बस्तर संभाग की 12 सीटों पर छजकां का परचम लहराने जोगी ने बस्तर के लिए नारी, नौकरी और नदी का नारा दिया। उन्होंने इस अवसर पर अपनी पार्टी का बस्तर संकल्प भी जनता के सामने रखा। उन्होंने रमन सरकार पर आरोप लगाया कि वह केवल वादे करती है। धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। जोगी ने कहा कि अगर उनकी पाटी की बस्तर में सरकार बनी तो यहां पांच हजार करोड़ रूपए का निवेश कर दंतेश्वरी महिला बैंक खोला जाएगा। इसके अलावा बस्तर के युवाओं को रोजगार में पहली प्राथमिकता दी जाएगी। जोगी की इस रैली में उनके पुत्र  अमित जोगी के अलावा कांग्रेस  विधायक सियाराम कौशिक,विधायक राजेंद्र कुमार राय विशेष रूप से उपस्थित थे। जोगी द्वारा पेश बस्तर संकल्प में बस्तर में एनआईटी स्तर के इंजीनियरिंग कालेज खोलने, हर ब्लाक में महिलाओं के लिए अलग से अस्पताल खोले जाने,गैस कनेक्शन पर सौ फीसदी सब्सिडी दिए जाने जैसे मुद्दे शामिल हैं। संकल्प में बस्तर से गुजरने वाली नदियों का पहला अधिकार बस्तर अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों को देने की बात भी कही गई है।  

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 MadhyaBharat  15 October 2016

मावली देवी

धार्मिक सहिष्णुता और सभी धर्मों के प्रति समादर का भाव रखने वाली सदियों पुरानी रस्म का नाम है मावली परघाव। मावली देवी हैं और उनके स्वागत को परघाव कहते हैं। सोमवार की रात जगदलपुर शहर में देवी के स्वागत में लोगों का सैलाब उमड़ेगा। गीदम रोड स्थित जिया डेरा से नवमीं की शाम मांई की डोली रवाना होती है और सिंह ड्योढ़ी तक जगह-जगह लोग इसका स्वागत करते हैं। इस दौरान जमकर आतिशबाजी होती है और उत्साह का माहौल बन जाता है। चालुक्य राजाओं की कुल देवी थीं मावली मां दरअसल देवी मावली कर्नाटक राज्य के मलवल्य गांव की देवी हैं, जो छिंदक नागवंशीय राजाओं व्दारा उनके बस्तर के शासनकाल में आई थीं। छिंदक नागवंशीय राजाओं ने नौंवीं से चौदहवीं शताब्दी तक बस्तर में शासन किया। इसके बाद चालुक्य राजा अन्नमदेव ने जब बस्तर में अपना नया राज्य स्थापित किया, तब उन्होंने देवी मावली को भी अपनी कुलदेवी के रूप में मान्यता दी। मावली देवी का यथोचित सम्मान तथा स्वागत करने के लिए मावली परघाव रस्म शुरू की गई। इतिहासकार बताते हैं कि अष्टमी के दिन दंतेवाड़ा से आई मावली देवी की डोली का स्वागत करने राजा, राजगुरु और पुजारी नंगे पांव राजमहल से कुटरु बाड़ा तक आते थे। उनकी अगवानी और पूजा-अर्चना के बाद देवी की डोली को कंधों पर उठाकर राजमहल स्थित देवी दंतेश्वरी के मंदिर में लाकर रखा जाता है। दशहरे के समापन पर इनकी ससम्मान विदाई होती है। बस्तर दशहरा के विधानों में समय और परिस्थिति के अनुसार बदलाव होते रहे हैं। पहले बस्तर के तमाम देवी-देवता मावली देवी के स्वागत को जाते थे। आम जनता को उनकी डोली का स्पर्श और फूल अर्पित कर उनसे आशीर्वाद पाने की छूट थी। अब आम लोग तो क्या प्रमुख देवी-देवताओं की सवारी को भी स्वागत के लिए जाने में पुलिस की सख्ती झेलनी पड़ती है। बावजूद किसी तरह लोग अपनी इच्छा पूरी करके ही मानते हैं। इन सबके बीच हर साल यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए यह सब अजूबे जैसा है और वे इस रस्म को निहारते थकते नहीं हैं।   

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 MadhyaBharat  10 October 2016

बस्तर में विश्व प्रसिद्ध दशहरा

बस्तर में विश्व प्रसिद्ध दशहरा का रथ खींचने किलेपाल परगना के 34 गांवों में उत्साह तथा स्फूर्ति का माहौल रहता है। बस्तर दशहरा में रथ खींचने का अधिकार केवल किलेपाल के माडिय़ा लोगों को है। इनकी सामाजिक व्यवस्था इतनी मजबूत है कि उसकी अवहेलना करना किसी भी सदस्य के लिए संभव नहीं होता है। रथ खींचने के लिए जाति का कोई बंधन नहीं है। माडिय़ा मुरिया, कलार हो या धाकड़ हर गांव से परिवार के एक सदस्य को रथ खींचने जगदलपुर आना पड़ता है। रथ खींचने न जाने पर गांव के मांझी मुखिया उस परिवार पर जुर्माना लगाते हैं, जो कि उस परिवार के आर्थिक स्थिति के अनुसार तय होता है। मूल भावना यह है कि सदियों की समृद्ध परंपरा और रस्मों रिवाज टूटने न पाये और युवा आधुनिक सभ्यता के फेर में पड़ कर इससे विमुख न हो जायें। बस्तर दशहरा में किलेपाल परगना से दो से ढाई हजार ग्रामीण रथ खींचने पहुंचते हैं, इसके लिए पहले घर-घर से चांवल नगदी तथा रथ खींचने के लिए सियाड़ी के पेड़ से बनी रस्सी एकत्रित की जाती थी। राजशाही जमाने में मां दंतेश्वरी की डोली को बैलगाड़ी से दंतेवाड़ा से जगदलपुर के लिए निकाला जाता था तथा रास्ते के सभी गांव में इसकी पूजा होती थी। ग्रामीण मांई जी के पीछे अपने साजो सामान के साथ चलते थे। कोया कुटमा समाज के संरक्षक ने बताया कि प्रशासनिक व्यवस्था में इसका स्वरूप बदल गया है। मां दंतेश्वरी की डोली अब वाहन में दंतेवाड़ा से जगदलपुर तक का सफर तय करती है, वहीं किलेपाल से ग्रामीणों को लाने प्रशासन द्वारा 15 से 20 वाहनों को भेज दिया जाता है।  मांझी मेटा हिड़मा, ग्रामीण बक्सुराम के अनुसार रथ खींचने वाले ग्रामीण वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था से असंतुष्ट है। इस कार्य के लिए हर साल लाखों रूपए बजट के बावजूद जगदलपुर में उनके लिए ठहरने, प्रसाधन, पेयजल व खानपान की उचित व्यवस्था नहीं रहती, वहीं रथ खींचने के दौरान बाहरी व्यक्तियों द्वारा रस्सी खींचने का प्रयास किया जाता है, जिससे विघ्न उत्पन्न होता है और आस्था पर भी ठेस पहुंचती है। इस दौरान किसी ग्रामीण के घायल होने पर मुआवजा देने की बात तो कही जाती है, पर कोई निराकरण ग्रामीणों के पक्ष में नहीं होता है। इस कारण रथ खींचने के प्रति लोगों में रूचि कम होती जा रही है। 

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 MadhyaBharat  7 October 2016

bastar dashahra

जगदलपुर के  भंगाराम चौक स्थित काछनगुड़ी में दशहरा पर्व की महत्वपूर्ण रस्म काछन गादी विधि- विधान से मनाई गई। काछनदेवी ने कांटों के झूले में सवार होकर बस्तर दशहरा मनाने की अनुमति दी। इससे पहले राजमहल से आतिशबाजी के साथ काछन मंदिर के लिए शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान राज परिवार,दशहरा समिति,मांझी-मुखिया,चालकी, नाइक-पाइक व बड़ी संख्या में श्रद्घालु मौजूद रहे। गोलबाजार में रैला देवी की पूजा अर्चना भी की गई एवं निर्विघ्न पर्व संपन्न होने की अनुमति मांगी गई। शुक्रवार की शाम बालिका अन्नू दास पर काछन देवी सवार हुई जिसे परंपरानुसार भैरम भक्त देवी का आव्हान करवाया गया। इसके बाद काछन देवी को कांटों के झूले में झुलाया गया। काछन देवी के जय घोष के मध्य राजपरिवार के कमलचंद्र भंजदेव ने बस्तर दशहरा मनाने की अनुमति मांगी। इस दौरान देवी ने स्वीकृतिसूचक प्रसाद देकर दशहरा मनाने का आशीर्वाद दिया। भंगाराम चौक में देर शाम मेला जैसा माहौल रहा।  

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 MadhyaBharat  1 October 2016

नक्सली उन्मूलन अभियान ने तोड़ा रिकार्ड

साल भर में मारे गए 94 नक्सली  छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में इस साल हुयी मुठभेड़ों में अब तक 94 नक्सली मारे जा चुके हैं। यह संख्या पूरे देश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मारे गये नक्सलियों की संख्या से कई गुना अधिक है। बस्तर जिले में भी इससे पहले कभी भी इतनी अधिक संख्या में नक्सलियों के मारे जाने का कोई आंकड़ा नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर भी बस्तर की इस सफलता ने पुराने तमाम रिकार्ड तोड़ते हुए अपना श्रेष्ठ स्थान बनाया है। वहीँ  जगदलपुर जिले में  पुलिस ने दो वर्दीधारी नक्सलियों को ढेर करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। मौके से मृत नक्सलियों के शव समेत भारी मात्रा में हथियार एवं विस्फोटक सामग्री बरामद की गयी है।  बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी एवं एसपी आनएन दाश ने कहा कि वर्ष 2016 अभी बाकी है और नक्सलियों को नेस्तानाबूत करने के अभियान में मिल रही सफलता में यह आंकड़ा औैर बढऩा निश्चित है। उन्होंने बताया की डीआरजी बल के जवान  विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर नक्सली उन्मूलन के लिए आ रहे हैं। जिनके नक्सलियों के सफाए के लिए उतरने से लक्ष्य को जल्द ही प्राप्त कर लिया जायेगा। अधिकारियों ने कहा कि बारिश का मौसम हो या कोई भी जटिल परिस्थिति, नक्सलियों के विरूद्ध लगातार अभियान जारी है। बारिश के बाद नदी-नालों में पानी कम होने से निश्चित तौर पर नक्सली अभियान में तेजी लायी जाएगी। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के विरूद्ध लगातार मिल रही सफलताओं से नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों का मनोबल बढ़ा है, जिससे आने वाले दिनों में और भी अधिक सार्थक परिणाम देखने को मिलेंगे। जिस तरह से अभियान आगे बढ़ रहा है, उससे यह तय है कि नक्सलियों का शीघ्र ही सफाया हो जायेगा। बस्तर जिले के बुरगुम मुठभेड़ में 2 नक्सलियों को मार गिराने में सफल हुए डीआरजी एवं सीएएफ के जांबाजों को आईजी बस्तर एसआरपी कल्लूरी एवं एसपी आरएन दाश ने एक लाख रूपए का नक़द पुरस्कार देकर हौसला अफजाई की। उन्होंने कहा कि पराक्रमी जवानों का मनोबल बढ़ाने आगे भी इस तरह के पुरस्कार एवं एवार्ड दिए जाते रहेंगे।  मुठभेड़ में दो वर्दीधारी नक्सली ढेर बस्तर एसपी आरएन दाश ने बताया कि सूचना मिली थी कि शीर्ष नक्सली लीडर को लेकर नक्सलियों का एक ग्रुप इंद्रावती नदी पार कर बास्तानार घाट की ओर कूच कर रहा है। फौरन बुरगुम थाने से डीआरजी, डीएफ व सीएएफ की संयुक्त टुकड़ी रवाना की गयी। ग्राम सांंगुएल के पास पहुंचते ही जंगल में घात लगाए नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस बल ने भी गोलियां दागीं। लगभग एक घंटे की मुठभेड़ बाद अंतत: नक्सलियों के हौसले पस्त हो गए और वे घने जंगल व पहाड़ी की आड़ लेेकर भाग गए।  घटनास्थल की सर्चिंग के दौरान दो पुरूष नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं, जिनकी शिनाख्त की जा रही है। मौके से एक 12 बोर बंदूक, 1 एसबीएमएल राइफल समेत भारी मात्रा में एक्सप्लोसिव, डेटोनेटर, पाइप बम, कोडेक्स वायर, पि_ू, मैग्जीन पाउच, बैटरी, बिजली के तार जब्त किए गए हैं।  श्री दाश ने बताया कि मारे गये नक्सली बारसूर एरिया कमेटी के सदस्य हो सकते हैं। इसी नक्सली गु्रप ने एक अक्टूबर 2015 को बुरगुम साप्ताहिक बाजार में पुलिस के सिपाही मनारु बेंजाम की हत्या की थी।उल्लेखनीय है कि आईजी एसआरपी कल्लूरी के निर्देशन में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस लगातार दबाव बनाए हुए है। रणनीति में बदलाव करते हुए इस बार नक्सल ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।   

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 MadhyaBharat  26 September 2016

nakslvad

बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी ने आज यहां कहा कि नक्सलवाद का पावर पाईंट दिल्ली में है, जहां से इसका फेसबुक और वाट्सप से संचालन हो रहा है। पहले नक्सलवाद के विरूद्ध रैली होने से नक्सलियों द्वारा बारूदी सुरंग लगाकर रैली में जाने वालों को रोका जाता था और उन्हेें आने नहीं देते थे, लेकिन आज समूचे बस्तर संभाग से एक लाख लोगों की भीड़ स्वस्फूर्त निर्भयापूर्वक निकलकर रैली तक पहुंची, जिनकी सुरक्षा की पूरी व्यवस्था पुलिस ने कर रखी थी। अग्रि की ललकार रैली में आईजी  कल्लूरी ने कहा कि युवा व्यापारी संजीत सिंह राठौर की हत्या नक्सलियों ने उसके परिवार के सामने यातना देकर कर दी थी, जिसे कुछ राष्ट्रीय पत्रिका में सहीं ठहराने का प्रयास करते हुए लिखा गया था, कि शोषित वर्ग ने शोषक वर्ग की हत्या की है। इस समाचार से स्थानीय जनमानस उद्वेलित हुआ और इसका अहिंसक तरीके से विरोध करने का निर्णय ललकार रैली के माध्यम से लिया गया। तत्पश्चात सभी ने अग्रि संस्था के मंच से लड़ाई लडऩे की ठानी, जिसमें सभी समाज ने खुलकर साथ दिया। 2017 में बस्तर होगा नक्सल मुक्त : मिश्रा अग्रि संस्था के राष्ट्रीय संयोजक आनंद मोहन मिश्रा ने रैली को ऐतिहासिक होने का दावा करते हुए कहा कि जनता ने नक्सलवाद को पूरी तरह नकार दिया है। सामुदायिक पुलिसिंग के प्रभाव से नक्सलियों का समर्पण होने से नक्सलवाद के विरूद्ध बड़ी सफलता मिली है। रैली के माध्यम से सरकार को यह जनादेश दिया गया है कि नक्सली मामले में बनने वाली कोई भी नीति बस्तर की जनता को विश्वास में लेकर बनायी जाये। उन्होंने कहा कि अग्रि संगठन का गांव-गांव तक विस्तार हो चुका है। बस्तर संभाग के जिला मुख्यालय में भी रैली का आयोजन किया जाएगा। 2017 के अंत तक बस्तर नक्सल मुक्त संभाग होगा। नाम कमाकर मरेंगे :बलिराम दरभा के आदिवासी नेता बलिराम कश्यप ने कहा कि आज की रैली हमारे दिल में भड़क रही ज्वाला की भड़ास है, जो रैली के माध्यम से स्पष्ट दिखायी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि राजधानी में बैठे नक्सली समर्थक एनजीओ एवं राजनीतिज्ञों को चेताया कि दिल्ली में बैठकर नेतागिरी करने के बजाए जीरम घाट में रहकर देखो तब सच्चाई का पता लग जाएगा। नक्सली एक को मारेंगे तो हमारे जैसे सौ खड़े हो जाएंगे मरना तो सबको एक दिन है नाम कमाकर जान देंगे। थमने वाला नहीं नक्सल विरोधी अभियान :मुधकर पूर्व सलवाजुड़ूम नेता मधुकर राव ने कहा कि आज की रैली की सफलता नक्सलवाद के खात्मे का संदेश है। इसके पूर्व नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए स्वस्फूर्त सलवाजुड़ूम आंदोलन को कुचलने के लिए नाना प्रकार के हथकंडे अपनाए गए, ङ्क्षकंतु जांबाज जवानों एवं बस्तरवासियों ने झुकने की बजाए मरना मंजूर किया। बस्तर में सक्रिय नक्सली दिल्ली में बैठे नेताओं को अवैध वसूली कर भिजवाते हैं, इसीलिए दिल्ली कतिपय लोग इनका पोषण करते हैं, ऐसे लोग समाज सेवा का नकाब पहने हुए हैं। ईंट से ईंट बजा देंगे: फारूख नक्सली विरोधी नेता फारूक अली ने कहा कि ललकार रैली का मकसद केवल भीड़ दिखाना नहीं है, बल्कि आज की बेइंतहा उपस्थिति दशकों से नक्सलवाद का दंश झेल रहे लोगों द्वारा ललकारने का आगाज है। हम यहां दर्द बांटने आए हैं और पुलिस व सरकार के साथ मिलकर नक्सलियों के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर ईंट से ईंट बजा देंगे। 

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 MadhyaBharat  19 September 2016

srp kalluri

 बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी ने कहा कि रेल सेवा देश की सार्वभौमिकता का प्रतीक चिन्ह ही है और देश की एकता, अखंडता व सार्वभौमिकता से खिलवाड़ करने वाले माओवादियों से अब सख्ती से निपटा जाएगा, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जावेगी। उन्होंने बस्तर के समस्त पुुलिस अधीक्षकों एवं अधीनस्थों से आव्हान किया कि वे रेल सम्पत्ति की सुरक्षा के मसले को गंभीरता से लें। संवादाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि नक्सली रेल पटरियों की चार नट खोलकर सरकार को चार करोड़ के घाटे में उतार देते हैं। पिछले दो माह में नक्सली करतूतों की वजह से 30 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। यह सारा नुकसान सरकार को भुगतना पड़ता है, अंतत: यह जनता की जेब ही खाली करवाता है। एक माह में तीन करोड़ का रेलवे का नुकसान पहुंचाने वाले माओवादियों को यह मालूम होना चाहिए कि विकास की वे झूठी बात करते हैं, इतनी राशि में स्कूल, हास्पिटल का निर्माण किया जा सकता था, जिसका फायदा जनता को ही होता। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि वे नक्सलियों से सवाल करें कि जनता का पैसा बर्बाद कर नक्सली आखिर क्या साबित करना चाहते हैं? आईजी ने कहा कि जिस तरह से माओवादी रेलवे को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जवाबी कार्रवाई के लिए मैं अपने आईपीएस आधिकारियों से भी नाराज हूं। मैं चाहता हूं कि वे अपनी काबिलियत के अनुसार काम करें और माओवादियों को मुंह तोड़ जवाब दें। उन्होंने कहा कि रेलवे से मेरा परिवारिक संबंध रहा है, मेरे पिता रेलवे बुकिंग क्लर्क थे, इसीलिए रेलवे को जब नुकसान होता है तो मुझे बेहद तकलीफ होती है। पहले पुलिस रेलवे के कामकाज में दखलंदाजी नहीं कर करती थी, किंतु अब हम इसकी सुरक्षा के लिए बढ़चढ़ कर हिस्सा लेंगे। बस्तर में नक्सली जिस तेजी से दिन ब दिन रेलवे पर हमले तेज कर रहे हैं उसी हिसाब से हम उनका डट कर मुकाबला करेंगे। 

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 MadhyaBharat  12 September 2016

naksli samarpan

बस्तर में 500 से ज्यादा नक्सली कर चुके सरेंडर छत्तीसगढ़ की नारायणपुर जिला पुलिस के समक्ष  एक लाख के इनामी नक्सली सहित कुल 38 नक्सलियों समर्पण किया।  आन्ध्रप्रदेश के नक्सली कमांडरों द्वारा छत्तीसगढ़ एवं महाराष्ट्र के आदिवासी नक्सली सदस्यों के साथ बरते जा रहे भेदभाव से त्रस्त होकर, पुलिस द्वारा लगातार दबाव बनाये जाने  और परिवारिक जीवन यापन करने के उदे्श्य तथा शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन 38 नक्सलवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। साल भर के अंदर 500 से अधिक नक्सलियों ने नक्सलवाद का दामन छोड़ दिया है। बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी ने बताया कि समर्पितों में सात महिला नक्सली हैं। इनमें से एक नक्सली एक लाख रुपए का इनामी है। सभी नक्सली एड़का जनताना सरकार के सदस्य है। यह नक्सली किसकोड़ो और धौड़ाई क्षेत्र में सक्रिय थे। बीते साल भर में बस्तर के जंगलों में बढ़ते पुलिस के दबाव को इसकी सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। अंदरूनी इलाकों में कैम्प की तैनाती से नक्सली गतिविधियां कम हुई है। वहीं आमने-सामने की मुठभेड़ से भी नक्सलियों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा हाल में पुनर्वास नीति के चलते कई नक्सलियों को बेहतर पर्यावाास मिला है। इसका फायदा भी नक्सली उठाना चाह रहे हैं। 

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 MadhyaBharat  10 September 2016

tiffin bam

बीजापुर के  बासागुड़ा थाना क्षेत्र के पुतकेल के जंगल से सुरक्षाबलों ने तीन माओवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इन तीनों को लंबे समय से तलाश थी। वहीँ जगदलपुर जिले के दलदली गांव में मिला टिफिन बम मिला है।  जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ 168 बटालियन और जिला पुलिस के जवानों की टीम संयुक्त रूप से गश्त पर निकली थी। इस दौरान पुतकेल के जंगल में छिपे तीन माओवादियों को दबोच लिया। तीनों से पूछताछ की जा रही है, माना जा रहा है कि इनके पास से माओवादी गतिविधियों का बड़ा खुलासा हो सकता है। जगदलपुर जिले के दलदली गांव में मिला टिफिन बम :विशेष सर्च अभियान में तोंगपाल थाने से 15 किमी.पूर्व में दलदली गांव के पास एक टिफिन बम बरादम हुआ जिसे बम डिस्पोजल स्क्वाड की मदद से नष्ट किया गया। 227 बटालियन की टीम ने कुछ अन्य सामान भी बरामद किया है, जिसमें एक डेटोनेटर, 1 किग्रा कंटेनर स्प्लिनतेर के साथ एक इम्प्रोवाइज्ड मैकेनिज्म। 50 मीटर कोर्टेक्स वायर, 1 सेट टूल बॉक्स, लेखन सामग्री, नक्सली साहित्, 3 नग पेंसिल बैटरी, 1 सेट यूनिफार्म व एक खाकी यूनिफार्म, 4 नग प्लास्टिक बैग और दैनिक उपयोग की सामग्री भी शामिल है।  

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 MadhyaBharat  8 September 2016

r n dash ips

  छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले मेें चांदामेटा पहाड़ी के पहुंचविहीन इलाके में स्थित बाडऩपाल के 20 नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ शासन की आकर्षक पुनर्वास नीति एवं नक्सली लीडरों के सौतेलेपन व प्रताडऩा से त्रस्त होकर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।   बस्तर एसपी आरएन दाश   ने बताया कि बाडऩपाल गांव के निकट मुठभेड़ के दौरान दो नक्सली मारे गये थे, इसके उपरांत उस क्षेत्र में लगातार सर्चिंग कर पुलिस ने अपना दबाव बढ़ा दिया था। फलस्वरूप उस गांव के लगभग 100 ग्रामीणों ने 20 नक्सलियों हिड़मा, गुड्डूराम, देवचंद, पांडू, बामन, मंगलूू, सन्ना, कुमारी सोमड़ी, हड़मा, सन्नाराम, सोमारू, पूरनसिंह, कुकाराम, मंगलूराम, संतुराम, गुड्डी कोर्रामी, कुमारी चंद्रो, हरीश कुमार, कुमारी नंदे मड़कामी एवं कुमारी सुखवती को पुलिस के सुपुर्द किया है।   उन्होंने कहा कि धूर नक्सल प्रभावित इस गांव के नक्सलियों ने पहली बार आत्मसमर्पण किया है, जिन्हें वहां के ग्रामीण स्वयं लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि उक्त सभी समर्र्पित नक्सली झीरम-दरभा सड़क में हुई वारदातों में शामिल रहे हैं। समर्पित नक्सलियों को कलेक्टर बस्तर द्वारा तात्कालिक सहायता के रूप में 10-10 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।  

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 MadhyaBharat  26 August 2016

naksli maut

सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच सुकमा के पोंगा भेज्जी के जंगल में हुई मुठभेड़ में एक वर्दीधारी नक्सली मारा गया। उसके पास से एक पिस्तौल और एक भरमार बंदूक बरामद की गई है। जिला पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त रुप से यह कार्रवाई की। जानकारी के मुताबिक जवान सर्चिंग के लिए निकले थे इस दौरान जंगल में नक्सलियों ने उन पर फायरिंग कर दी।   जवानों ने भी जवाबी फायर किए जिसके बाद वहां मौजूद कुछ नक्सली भाग निकले और एक नक्सली की लाश बरामद हुई है। मारा गया नक्सली गोरिल्ला स्कॉड का सदस्य बताया गया है। उधर कांकेर के कोयलीबेड़ा में एक नक्सली ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।  

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 MadhyaBharat  24 August 2016

naksli shadi

  आरक्षक बनाये जायेंगे ,जमीन भी मिलेगी    दरभा में शादी रचाने वाले तीन नक्सलियों व एक गोपनीय सैनिक ने अधिकारियों से अपनी शादी पर उपहार में पक्की नौकरी मांगी है । इस पर आईजी ने कहा कि नव दंपत्तियों को आरक्षक के पद पर रखा जाएगा वहीं ऐसे लोगों को शासन की नीति के अनुरूप आवास और कृषि हेतु जमीनें भी दी जाएगी।   दरभा के हाईस्कूल मैेदान में  कांदानार निवासी गोपनीय सैनिक मानसाय ने बेंगपाल निवासी कटेकल्याण एलओएस की सदस्य पदमनी नाग से विवाह रचाया। वहीं झीरम निवासी तथा कांगेर घाटी एरिया कमेटी सदस्य रहे बुधराम और मुंदेनार की बाल संघम सदस्य रही लक्षमति दांपत्य जीवन में बंधे। मानसाय ने बताया कि वह गोपनीय सैनिक है लेकिन अस्थाई है। घर में दो भाई और चार बहनें हैं। इधर बुधराम ने कहा कि समर्पण के पहले वह लक्षमति से शादी कर सुखी जीवन व्यतीत करना चाहता था लेकिन कांगेर वेली एरिया कमेटी के कमांडर सोनाधर की धमकी के चलते वह ऐसा नहीं कर पाया था। उसे उम्मीद है कि समर्पण के बाद वह पुलिस में सेवाएं देना चाहता है।     कटेकल्याण एलओएस सदस्य पदमनी नाग ने बताया कि वह बेंगपाल की निवासी है तथा कन्या आश्रम कलेपाल में रहते हुए उसने पांचवी तक शिक्षा प्राप्त की है। घर में तीन बहनें हैं। वह 2011 से नक्सलियों के साथ है। उसकी भी ईच्छा है कि वह सिपाही बनकर नक्सलियों से लोहा ले। इधर ग्रामीणों से चावल एकत्र कर नक्सलियों तक पहुंचाती रही मुंदेनार की लक्षमती का कहना है कि तीन भाई व तीन बहनों में सबसे बड़ी है। उसके जैसे छोटी उम्र के लोगों का नक्सली शोषण कर रहे हैं। इसलिए वह भी पुलिस बल में शामिल होकर शोषण के खिलाफ लड़ना चाहती है। इसके लिए वह आरक्षक की नौकरी चाहती है।   बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी ने कहा कि गोपनीय सैनिकों को फिलहाल 10 हजार रुपए मानदेय दिया जा रहा है। इन्हें तथा समर्पित नक्सलियों को आरक्षक बनाया जाएगा। वहीं पुनर्वास नीति के तहत आवास और कृषि हेतु जमीन भी मुहैया करवाई जाएगी। इस घोषणा से समर्पित नक्सली खुश हैं।कमिश्नर बस्तर दिलीप वासनीकर ने बताया  शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समर्पित नक्सलियों को भी मिल रहा है। बस्तर में विकास के साथ शांति बहाल होती जा रही है। हम समाज के मुख्य धारा में लौटने वाले युवकों का स्वागत करते हैं।'   कलेक्टर बस्तर अमित कटारिया ने बताया  'शासन की पुनर्वास नीति और लोगों को कौशल विकास योजना के तहत समर्पित नक्सलियों के हाथों को रोजगार के लिए दक्ष करने का प्रयास किया जा रहा था। कौशल विकास योजना के तहत समर्पित नक्सलियों के अभिरूचि के अनुसार प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें नयी जिंदगी शुरू करने में मदद की जा रही है।'     पूर्व नक्सली प्रेमी जोड़ों की हुई शादी इससे पहले झीरम कांड से देश-दुनिया में सुर्खियों में आए दरभा में दो पूर्व नक्सली प्रेमी जोड़ियों की शादी कड़ी सुरक्षा इंतजाम समेत गाजे-बाजे के साथ हुई। इस मौके पर दरभा जनपद के विभिन्न् गांवों के दो हजार से अधिक ग्रामीण शरीक हुए। बस्तर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर एवं एसपी ने बारात में शामिल होकर जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। मंगलवार  पूर्व नक्सली बुधराम व मानसाय तथा उनकी दुल्हन लक्षमति एवं पदमनी को ग्रामीण महिलाओं व पुरुषों द्वारा सजाया-संवारा गया। इस बीच गांव में उत्सव का नजारा दिखा।  बारात तहसील कार्यालय के सामने से रवाना हुई। खुली जीप में दोनों दूल्हे सवार हुए, जिन्हें देखने सड़क के आजू-बाजू भीड़ नजर आई। लोग अपने मोबाइल से दूल्हों की तस्वीरें लेते नजर आए।   इस दौरान पारंपरिक मुंडा बाजा व बैंड की धुन पर ग्रामीण युवकों ने नृत्य किया। कमिश्नर बस्तर दिलीप वासनीकर,आईजी एसआरपी कल्लूरी, कलेक्टर अमित कटारिया व एसपी आरएन दाश भी बारात में शामिल हुए। आतिशबाजी के साथ बारात दुर्गा मंदिर पहुंची। यहां बस्तरिया मोहरी की धुन पर हल्दी व अन्य वैवाहिक रस्में धुरवा एवं कोया समाज की परंपरानुसार पूरी की गई।   विवाह उपरांत हाईस्कूल मैदान में दोनों युगल जोड़ों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाया। इस दौरान अधिकारियों ने नवदांपत्य जोड़ों को उपहार समेत आशीर्वाद प्रदान किया। परिणय सूत्र में बंधने वाले दोनों प्रेमी युगल नक्सली संगठन में एलओएस सदस्य के रूप में रहे हैं। विवाह समारोह के दौरान सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई थी। दरभा के दोनों ओर एंटी लैंड माइंस व्हीकल समेत काफी संख्या में जवान तैनात किए गए थे।   ऐहतियातन दोनों ओर से आने वाले वाहनों की सघन जांच भी की गई। शादी में दरभा ब्लाक के छिंदावाड़ा, छिंदगुर, कामानार, कांदानार, कोलेंग, मुंदेनार समेत अन्य गांवों से काफी संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे। इस दौरान आईजी बस्तर एसआरपी कल्लूरी ने मीडिया को बताया कि समाज के मुख्यधारा में लौटे नक्सल दंपती को नौकरी व आवास प्रदान किया जाएगा। इसके पूर्व बीते वर्ष समर्पित नक्सली कोसी एवं लक्ष्मण की संभाग मुख्यालय में ऐतिहासिक शादी रचाई गई थी।  

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 MadhyaBharat  10 August 2016

bastar dussehra

75 दिन चलेगा दशहरा उत्सव    विश्व प्रसिद्घ 75 दिवसीय बस्तर दशहरा का पाटजात्रा के साथ शुभारंभ हो गया। इसके लिए परंपरानुसार बिलोरी जंगल से साल लकड़ी का गोला मंगवाया गया। काष्ठ पूजा के बाद इसमें सात मांगुर मछलियों की बलि दी गई और लाई-चना अर्पित किया गया। इस लकड़ी से ही रथ बनाने में प्रयुक्त औजारों का बेंठ आदि बनाया जाएगा।   छत्तीसगढ़ का बस्तर दशहरा दुनिया में सबसे लंबे अवधि तक मनाया जाने वाला पर्व है। सहकार और समरसता की भावना के साथ 75 दिवसीय पर्व की शुरुआत हरेली अमावस्या से क्वांर माह तक चलता है। इसमें सभी वर्ग, समुदाय और जाति-जनजातियों का योगदान महत्वपूर्ण होता है। प्रत्येक बस्तरिया का माईजी के प्रति अगाध प्रेम व आस्था पर्व में झलकता है।   पर्व की शुरुआत हरेली अमावस्या को माचकोट जंगल से लाई गई लकड़ी (ठुरलू खोटला) पर पाटजात्रा रस्म के साथ होती है। इसके बाद बिरिंगपाल गांव के ग्रामीण सीरासार भवन में सरई पेड़ की टहनी को स्थापित कर डेरीगड़ाई रस्म पूरी करने के साथ विशाल रथ निर्माण के लिए जंगलों से लकड़ी शहर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरु हो जाती है। झारउमरगांव व बेड़ाउमरगांव के डेढ़-दो सौ ग्रामीण रथ निर्माण की जिम्मेदारी निभाते दस दिनों में पारंपरिक औजारों से विशाल रथ तैयार करते हैं। इसमें लगने वाले कील और लोहे की पट्टियां भी पारंपरिक रुप से स्थानीय लोहार सीरासार भवन में तैयार करता है।   पितृमोक्ष अमावस्या पर काछनगादी पूजा   रथ निर्माण के बाद पितृमोक्ष अमावस्या के दिने काछनगादी पूजा विधान होती है। इसमें मिरगान जाति की बालिका को काछनदेवी की सवारी आती है जो बेल कांटों से तैयार झूले पर बैठकर रथ परिचालन व पर्व की अनुमति देती है। इसके दूसरे दिन ग्राम आमाबाल के हलबा समुदाय का एक युवक सीरासार में 9 दिनों की निराहार योग साधना में बैठकर लोक कल्याण की कामना करता है।   यह आदिवासियों में योग साधना की सहज ज्ञान और माईजी के प्रति आस्था को प्रकट करता है। इस दौरान प्रतिदिन शाम को माईजी के छत्र को विराजित कर दंतेश्वरी मंदिर, सीरासार चौक, जयस्तंभ चौक व मिताली चौक होते रथ परिक्रमा की जाती है। रथ में माईजी के छत्र को चढ़ाने और उतारने के दौरान बकायदा सशस्त्र सलामी दी जाती है। रथ परिचालन में आधुनिक तकनीक और यंत्रों का उपयोग नहीं होता। पेड़ों की छाल से तैयार रस्सी से ग्रामीण रथ खींचते हैं। इस रस्सी को लाने की जिम्मेदारी पोटानार क्षेत्र के ग्रामीणों पर है।   जनजातिय प्रजातांत्रिक व्यवस्था का उदाहरण   बस्तर दशहरा में संभाग के अलावा धमतरी और महासमुंद-रायपुर जिले के देवी-देवताओं को भी आमंत्रित किया जाता है। यह पर्व में सहकार के साथ एकता का भी प्रतीक है। वहीं पर्व के अंतिम पड़ाव में मुरिया दरबार लगता है। जहां मांझी-मुखिया और ग्रामीणों की समस्याएं सुना और निराकरण किया जाता है। मुरिया दरबार जनजातिय परिवेश में भी प्रजातांत्रिक व्यवस्था का सबसे अच्छा उदाहरण है।   मुरिया दरबार में पहले समस्याओं का समाधान राजपरिवार करता था अब यह जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारी निभाते हैं। इसके बाद सभी परगना और गांव के देवी-देवताओं के लाट, बैरक, डोली की विदाई कुटुंबजात्रा के साथ ससम्मान की जाती है। दंतेवाड़ा के दंतेश्वरी माई की डोली व छत्र को दूसरे दिन नजराने व सम्मान के साथ विदा किया जाता है।   काछनदेवी और दशहरा   बस्तर दशहरा में काछन पूजा अनिवार्य रस्म है। पर्व व रथपरिचालन की अनुमति काछनदेवी देती है। जानकारों के मुताबिक 1725 ईस्वी में काछनगुड़ी क्षेत्र में माहरा समुदाय के लोग रहते थे। तब यहां हिंसक पशुओं का आतंक था और इनसे सुरक्षा के लिए कबीले का मुखिया जगतू माहरा तात्कालिक नरेश दलपत देव से भेंटकर जंगली पशुओं से अभयदान मांगा। शिकार प्रेमी राजा इस इलाके में पहुंचे लोगों को राहत दी वहीं यहां की आबोहवा से प्रभावित होकर बस्तर की बजाए जगतुगुड़ा को राजधानी बनाया। इससे माहरा कबिला जहां राजभक्त हो गया वहीं राजा ने कबिले की ईष्टदेवी काछनदेवी से अश्विन अमावस्या पर आशीर्वाद व अनुमति लेकर दशहरा उत्सव प्रारंभ किया। तब से यह प्रथा चली आ रही है।   गड्ढे में 9 दिनों की साधना   बस्तर दशहरा निर्विघ्न संपन्न कराने सहित अंचल की सुख-समृद्धि की कामना के साथ 9 दिनों की साधना में ग्राम बड़ेआमाबाल के योग पुरुष रहता है। मान्यताओं के अनुसार बरसों पहले आमाबाल परगना की हलबा जाति का कोई युवक निर्विघ्न दशहरा मनाने और लोगों को शुभकामना देने के लिए राजमहल के समीप योग साधना में बैठ गया था। तब से यह प्रथा चली आ रही है। जिसे राजपरिवार व प्रशासन की ओर से सम्मान स्वरूप भेंट दिया जाता है। वहीं 9 दिनों तक परिवार के सदस्यों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है। हलबा समाज के सदस्य बताते हैं कि समुदाय के सदस्य वर्ष 1414 से दशहरा की सपᆬलता और लोगों की सुख-समृद्धि की कामना के लिए जोगी बनता आ रहा है।   बस्तर दशहरा के विशेष आकर्षण की एक झलक   मावली परघाव   पर्व में शामिल होने दंतेवाड़ा से माईजी के छत्र-डोली अश्विन नवमी को शहर पहुंचती है। जियाडेरा में विश्राम के बाद शाम को कुटरुबाड़ा के समक्ष भव्यता के साथ स्वागत किया जाता है। आस्था और भक्तिभाव से पूर्ण इस दृश्य को देखने स्थानीय के साथ विदेशी पर्यटक भी घंटों इंतजार करते हैं।   नवरात्र के चलते पर्व के दौरान दंतेश्वरी मंदिर, राममंदिर, सिहड्योढ़ी कुछ स्थान विशेष पर बकरे की जगह रखिया कुम्हड़ा की बलि दी जाती है।   पर्व के दौरान हर रस्म में बकरा, मछली व अन्य पशु-पक्षियों की बलि दी जाती है। लेकिन अश्विन अष्टमी को निशाजात्रा रस्म में दर्जनों बकरों की बलि आधी रात को दी जाती है। इसमें पुजारी, भक्तों के साथ राजपरिवार सदस्यों की मौजूदगी होती है। रस्म में देवी-देवताओं को चढ़ाने वाले 16 कांवड़ भोग प्रसाद को तोकापाल के राजपुरोहित तैयार करते हैं। जिसे दंतेश्वरी मंदिर के समीप से जात्रा स्थल तक कावड़ में पहुंचाया जाता है। निशाजात्रा का दशहरा के दौरान विशेष महत्व है। इस परंपरा को कैमरे में कैद करने विदेशी पर्यटकों में भी उत्साह होता है।   दशहरा के मौके पर पूरे भारत में जहां रावण वध किया जाता है वहीं बस्तर में यह परंपरा नहीं है। दशहरा के मौके पर पूर्व कलेक्टर प्रवीरकृष्ण ने लालबाग मैदान पर रावण वध कार्यक्रम की शुरुआत करवाई थी, लेकिन यह एक ही बार हुआ। बस्तर के ग्रामीण अंचलों में रावण वध नहीं किया जाता है। अपितु बाहर से शासकीय कर्मचारियों किरंदुल-बचेली व उत्तर बस्तर के कुछ हिस्सों में रावध दहन कार्यक्रम का आयोजन करते हैं।संभाग में दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में करीब चार दशक से रावण वध का आयोजन किया जा रहा है।  

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 MadhyaBharat  2 August 2016

naksli bum

    बस्तर में आत्मसमर्पित नक्सली रमेश के खुलासे पर बस्तर पुलिस के बम निरोधक दस्ते ने "वर्ष 2008" में लगाए गए इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस को आठ साल बाद बरामद किया है।   नारायणपुर में आत्म समर्पण करने वाले नक्सली रमेश ने पुलिस को बताया कि नेशनल हाइवे 63, जगदलपुर-दंतेवाड़ा मार्ग पर स्टील कंडेनर में लगभग 40 किलो का आईईडी बम लगा रखा है।   बास्तानार चौक के पास पुल के नीचे नक्सलियों ने आईईडी लगाया था। समय रहते अगर ये विस्फोटक नहीं मिलते तो ताबाही की बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था। समर्पित माओवादी के पास से पुलिस को नक्सल संगठन के संबंध में कई अहम जानकारियां मिली है जो पुलिस के लिए मददगार साबित होंगी।

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 MadhyaBharat  31 July 2016

south bastar

      एस. करीमुद्दीन दक्षिण बस्तर के आदिवासी इन दिनों भारी खुश हैं।  इन इलाकों में इनके दिलों से नक्सली खौफ दूर हो चुका है। जगदलपुर नर्सिंग कॉलेज में पढने वाली दक्षिण बस्तर की छात्रों का कहना है की अब हम बीजापुर के दूरदराज इलाकों में बेखौफ जा सकते हैं और आज स्थिति बहुत बदल चुकी है।     नर्सिंग कॉलेज की एक छात्रा बासागुड़ा निवासी अनीता जिसके बड़े भाई की हत्या नक्सलियों ने कर दी थी, वह कहती है की अब हम बासागुड़ा रात और दिन में कभी भी आ-जा सकते हैं, क्यूंकि उन इलाकों में अब नक्सलियों का दहशत अब दूर हो चूका है।  अनिता ने बताया की अंदरूनी इलाकों की लड़कियां दसवी-बारहवीं पास करने के उपरांत जगदलपुर में नर्सिंग ट्रेनिंग एवं अन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं हैं, जबकि एक वर्ष पहले इस इलाके में सामूहिक रूप से चलना भी मुश्किल था और अत्यधिक गाँव खाली हो चुके थे परन्तु अब वे गाँव धीरे-धीरे बस रहे हैं. अब सड़कों पर बेखौफ कभी भी सफ़र किया जा सकता है।    अनीता की बात सुनकर एक बड़ी ख़ुशी हुई, जिस इलाके में प्रशासन की पहुँच नहीं थी, आज वहां आम आदमी और प्रशासन भी बेधड़क पहुँच रहा है, क्यूंकि हम इस इलाके से अच्छे से वाकिफ हैं और हम सब के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. इस काम को अंजाम देने वाले जवानों को हम प्रणाम करते हैं, ताकि आज सामान्य स्थिति बन गयी।   

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 MadhyaBharat  16 July 2016

naksali

  मौके से  नक्सली सामान बरामद   छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में आज सुबह पुलिस व नक्सलियों के मध्य हुयी मुठभेड़ में पुलिस ने दो नक्सलियों के मारे जाने व  कुछ के घायल होने का दावा किया है। घटनास्थल से भारी मात्रा में नक्सली सामान और हथियार बरामद किए गए हैं।   बस्तर एसपी राजेंद्र नारायण दास ने बताया कि मारडूम थाना क्षेत्र में बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की खबर के बाद डीआरजी एवं एसटीएफ का संयुक्त बल गश्त सर्चिंग के लिए रवाना किया गया था। ग्राम अलेर एवं गरदा के मध्य जंगल में घात लगाए नक्सलियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में फौरन मोर्चा संभालते हुए पुलिस बल ने भी गोलीबारी की। लगभग एक-डेढ़ घंटे तक हुयी मुठभेड़ बाद अंतत: नक्सलियों के पैर उखड़ गए और वे नदी पार कर जंगल की ओर भागने लगे।   श्री दास ने बताया कि मुठभेड़ स्थल पर मौजूद परिस्थितिजन्य साक्ष्य, खून के धब्बे एवं घसीटे जाने के निशान से यह साबित होता है कि कम से कम दो नक्सली मारे गए हैं और कई लहुलूहान हुए हैं, बरसात एवं घने जंगल की आड़ लेकर साथियों के शव नक्सली अपने साथ ले जाने में कामयाब रहे। उन्होंने बताया कि इंद्रावती नदी पार से नाव के जरिए मारडूम इलाके में आकर नक्सली आतंक फैलाते हैं, उनका रसद भी नाव से ही ढोया जाता है। इसीलिए नदी किनारे खड़ी नक्सलियों की दर्जन भर नाव को पानी में डूबो दिया गया।    उन्होंने बताया कि घटनास्थल से बैनर, पोस्टर, दवाईयां, गोला-बारूद, डेटोनेटर, बिजली के तार, बैटरी, दैनिक उपयोग की सामग्रियां तथा नक्सली साहित्य का जखीरा बरामद किया गया है।     Attachments area          

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 MadhyaBharat  14 July 2016

kanger

      जगदलपुर यहां से 35 किमी दूर कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की खूबसूरती इन दिनों देखते ही बन रही है। 200 किमी क्षेत्र में फैले इस राष्ट्रीय उद्यान के भीतर बारिश के कारण लोग नहीं जा पा रहे हैं।   लिहाजा कोटमसर, कैलाश व दंडक गुफा का पाताल लोक नहीं देख पा रहे हैं, लेकिन कांगेर का भाल यानी तीरथगढ़ फाल और बादलों से ढंकी घाटी का नजारा ही लोगों को मोहित कर रहा है।   घाटी के ऊपर बादल की चादर छाई हुई है। ऐसा लगता है प्रकृति की इस गोद में आश्रय पाने खुद आसमान धरती पर उतर आया हो। लोग इस अनूठे दृष्य को देखकर रोमांचित हो रहे हैं। कोई इसकी तुलना मसूरी से कर रहा है तो कोई कश्मीर से। कांगेर घाटी की खूबसूरती को कुदरत ने बहुत ही सलीके से सजाया है और इसलिए लिए लोग भी यहां खिंचे चले आ रहे हैं।

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 MadhyaBharat  12 July 2016

women naxali

      जगदलपुर में  एक लाख की ईनामी महिला नक्सली समेत 8 महिला एवं 2 पुरूष नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। वे आन्ध्रप्रदेश के नक्सली कमांडरों द्वारा छत्तीसगढ़ के आदिवासी सदस्यों के साथ बरते जा रहे भेदभाव परेशान हो गए थे। पुलिस द्वारा लगातार दबाव बनाये जाने, परिवारिक जीवन यापन करने के उदे्श्य तथा पूर्व समर्पित महिला नक्सलियों के साथ शारीरिक शोषण का खुलासा होने पर आत्मसमर्पण कर दिया।   बस्तर एएसपी विजय पांडेय ने बताया कि एलजीएस सदस्य महिला असंती कश्यप, केएएमएस सदस्य मनीषा मरकाम, रेखा मड़कामी, सोनादयी यादव, कु. आयते मड़कामी, जब्बो पोडिय़ामी, हिड़मे पोडिय़ामी, सनको पोडिय़ामी तथा दो पुरूष नक्सली भीमा मड़कामी व हड़मा मड़कामी ने आज बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी, कलेक्टर अमिट कटारिया एवं एसपी आरएन दाश के समक्ष सरेंडर किया है।   उन्होंने बताया कि समर्पित नक्सली विभिन्न नक्सली वारदातों में संलिप्त रहे हैं। समर्पित नक्सलियों को दस-दस हजार की सहायता राशि के साथ ही शासन की पुनर्वास नीति के तहत सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।   बीजापुर में 6 माओवादियों को किया गिरफ्तार :दो महीने पहले हुए सरपंच पति यालम नारायण के हत्याकांड में शामिल 6 माओवादियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। भोलापटनम थाना क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों से इनकी गिरफ्तारी हुई है।

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 MadhyaBharat  27 June 2016

naksali

    रायपुर में पुलिस रिकॉर्ड बताता है  इस साल जनवरी से लेकर अप्रैल तक यानि सिर्फ चार महीने के अंदर ही रिकॉर्ड 76 नक्सली मारे गए हैं जबकि पिछले साल 2015 में इसकी संख्या सिर्फ 15 थी। साल 2016 के पहले चार महीनों के भीतर ही 665 माओवादी गिरफ्तार हुए हैं, जबकि 639 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। पिछले साल ठीक इसी दौरान 435 नक्सली गिरफ्तार हुए थे और 134 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था।   साल 2015 में माओवादियों की तरफ से 1,088 की गई हिंसा में 226 लोगों की जान चली गई थी। मरनेवाले इन 226 लोगों में से 168 आम लोग और 58 सुरक्षाकर्मी शामिल थे। वहीं पिछली बार 89 लोग मारे गए और 1,668 गिरफ्तार किए गए जबकि, 570 कैडर्स ने अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।   साल 2013 की तुलना में साल 2015 में सेना और आम आदमी के मरने वालों में करीब 42 फीसदी का इजाफा हुआ है। संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के सात राज्यों के करीब 35 जिलों में चल रही हिंसावादी नक्सली गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की गई।

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 MadhyaBharat  23 June 2016

bastar

    ओडिशा सीमावर्ती होने के चलते बस्तर के रास्ते लंबे समय से गांजा की तस्करी की जा रही है। लेकिन हाल में बिहार में शराबबंदी होने के बाद वहां के तस्करों के द्वारा ओडिशा से गांजा की तस्करी कर वहां खपाया जा रहा है। कुल तस्करी का 80 फीसदी गांजा बिहार में खपत किया जा रहा है। बीते पांच माह में बिहार निवासी 19 आरोपियों के गांजा तस्करी करते पकड़े जाने व 300 किलो गांजा जब्त होने से इसकी पुष्टि होती है।   नारकोटिक्स एक्ट के तहत प्रतिबंधित नशीली दवाओं की श्रेणी में सूचीबद्घ मारीजुआना (गांजा) की खेती ओडिसा में व्यापक पैमाने पर की जाती है। देश के विभिन्न राज्यों में इसकी तस्करी की जाती रही है। मलकानगिरी की ओर से सुकमा, तोंगपाल, दरभा तथा जैपुर की ओर से चांदली -धनपुंजी मार्ग से जगदलपुर होते हुए अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गांजे की तस्करी करते रहे हैं।   दो साल पहले सीएनबी सेंट्रल नारकोटिक्स ब्यूरो की प्वाइंट पर स्थानीय पुलिस ने कोंडागांव दो ट्रक गांजा बरामद कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बिहार में नितिश सरकार द्वारा शराब पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद ओडिशा का गांजा तस्करों के द्वारा बड़े पैमाने पर बिहार में खपाया जा रहा है।   ओडिसा में प्रति क्विंटल एक लाख रूपए की कीमत पर गांजा की खरीद होती है। वहीं बिहार ले जाकर इसे पांच से छह लाख रूपए प्रति क्विंटल की दर में खपाया जाता है। पुलिस गिरफ्त में आए गांजा तस्करों के अनुसार बिहार में शराबबंदी के चलते नशेड़ियों में गांजा का चलन काफी अधिक बढ़ गया है। इससे उनका मुनाफा भी बढ़ा है। लिहाजा तस्करों का फेरा ओडिसा की ओर बार-बार लग रहा है।   गांजा तस्कर पुलिस को गच्चा देने के लिए महंगी लग्जरी कारों का इस्तेमाल करते हैं। इनके द्वारा महंगी व लक्जीरियस वाहनों में गांजा तस्करी की जाती है ताकि पुलिस को संदेह न हो। मार्च माह में बिहार रामपुर निवासी आरोपी नंद किशोर को नगरनार पुलिस ने धनपुंजी के पास फोर्ड फीगो में गांजा तस्करी करते पकड़ा था। वर्तमान में बस्तर चौकी, बोधघाट व नगरनार में होंडा की एक करोड कीमत की कार जब्त खड़ी हैं। साल भर पहले दरभा थाने में होंडासिटी सवार गांजा तस्करों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग भी की थी। बाद में कार में गांजा छोड़ जंगल की ओर भाग खड़े हुए थे।   स्थानीय कोचिए कावड़ में गांजा लादकर अंदरूनी मार्गों से तस्करी करते हैं। कोचिए शहर के गांजा विक्रेताओं को हर माह गांजा पहुंचाते हैं। यहां 20 से 100 रूपए की पुड़ियों में इसे बेचा जाता है। पुलिस से बचने कोचिए ओडिशा प्रांत के लचनागुड़ा, गुप्तेश्वर, बंसुली, मांचाहांडी, मूरताहांडी व बोरगांव होते हुए पैदल मार्ग से बस्तर पहुंचते हैं।   गांजा का सेवन करने वालों के मुताबिक इसकी वेराइटी के अनुसार कीमत होती है। गांजा को चिलाबती, रसोबती व भूसा के नाम से जाना जाता है। सबसे अधिक नशीली व लट्ठदार गांजा चिलाबति कहा जाता है। इससे दोयम दजे को रसोबती व चूरा को भूसा कहा जाता है। चिलाबति गांजे की कीमत स्थानीय स्तर पर दो हजार रूपए किलो तक होती है।   बस्तर के एडिशनल एसपी विजय पांडे का कहना है ओडिशा की ओर से अवैध गांजा तस्करी करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। मुखबिस से लगातार मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में कार्रवाई भी की जाती है।      

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 MadhyaBharat  22 June 2016

rocket launcher

       नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के कोंडागांव में स्थित आईटीबीपी (इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) कैंप पर बीती रात 100 से ज्यादा नक्सलियों ने हमला कर दिया। उन्होंने कैंप पर रॉकेट लॉन्चर भी दागे। तीन घंटे तक दोनों ओर से फायरिंग चलने के बाद नक्सली भाग निकले। मुठभेड़ में कोई हताहत नहीं हुआ है।    नक्सलियों ने यह हमला तीन ओर से किया। कैंप से मिली जानकारी के नक्सलियों ने कैंप को निशाना बनाते हुए तीन दिशाओं से फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। रात 12.40 बजे से सुबह तीन बजे तक दोनों ओर से फायरिंग चलती रही। इस बीच नक्सलियों की ओर से चार रॉकेट लॉन्चर कैंप में दागे गए। दोनों ओर से 600 राउंड गोलियां चलीं। आईटीबीपी के अधिकारियों ने बताया कि जवानों ने बहादुरी से हमले का जवाब देते हुए नक्सलियों को भागने पर मजबूर कर दिया।

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 MadhyaBharat  9 June 2016

sp jagdalpur

    जेएनयू व डीयू के कुलपतियों को जगदलपुर एसपी राजेंद्र नारायण दास ने पत्र लिखकर प्रोफेसर नंदिनी सुंदर व अर्चना प्रसाद के खिलाफ चल रही पुलिस जांच की जानकारी दी है। एसपी का यह पत्र सोशल मीडिया में रविवार सुबह से वायरल हो रहा है। इसके बाद जेएनयू और डीयू के प्रोफेसरों ने एसपी के अधिकार पर भी सवाल उठा दिए और कहा कि उन्हें इसका अधिकार नहीं, ये दो राज्यों के बीच का मामला है। दोनों कुलपतियों को भेजे पत्र में भाषा व तथ्य एक समान हैं। प्रोफेसरों के नाम, विभाग और पद बदले गए हैं।   जेएनयू प्रोफेसर अर्चना प्रसाद ने कहा कि पत्र की कॉपी सोशल मीडिया के जरिए मिली है। एसपी दास सीधे डीयू और जेएनयू के कुलपति को पत्र कैसे लिख सकते हैं। लगता है वे खुद को बस्तर का राजा मान बैठे हैं। यह दो राज्यों का मामला है, उन्हें सरकार की ओर से पत्र भिजवाना चाहिए। ड्राइवर उनके साथ बस्तर गया था उसे पुलिस लगातार परेशान कर रही है। यह हमें डराने के लिए किया जा रहा है लेकिन हम क्या डरने वाले हैं। जल्द ही राजनीतिक दलों को लेकर दोबारा बस्तर जाएंगे।   एसपी ने पत्र में लिखा है कि जेएनयू में कार्यरत प्रोफेसर अर्चना प्रसाद के खिलाफ 17 मई को दरभा थाने में कुमाकोलेंग, नामा और सौतनार के ग्रामीणों ने शिकायत की है। थाना इंचार्ज शिकायत की जांच कानून के अनुसार कर रहे हैं। इसी बीच ग्रामीणों ने दो बार तहसीलदार व कलेक्टर को इस बारे में ज्ञापन भी सौंपा है। इन दस्तावेजों की फोटो कॉपी पत्र के साथ भेजी गई है। ऐसा ही पत्र डीयू में नंदिनी सुंदर के खिलाफ भेजा गया है।   ग्रामीणों की शिकायत, प्रोफेसर का इंकार : 14 मई को डीयू और जेएनयू के प्रोफेसरों के दल ने दरभा के कुमाकोलेंग का दौरा किया था। 17 मई को दरभा थाने में कथित रूप से ग्रामीणों ने दल पर आरोप लगाया कि उन्होंने गांव में बैठक लेकर धमकी दी कि वे नक्सलियों का साथ दें, वरना उनके घरों को आग लगा दी जाएगी। प्रोफेसरों और ग्रामीणों ने इससे इंकार किया है। इसी मुद्दे पर ग्रामीणों ने दरभा में प्रदर्शन भी किया, जिसे पुलिस प्रायोजित बता रही है।     Attachments area          

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 MadhyaBharat  30 May 2016

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