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रायगढ News


रायगढ़ elephant

रायगढ़ से छाल-हाटी की ओर जाने वाले मार्ग को 40 हाथियों के एक दल ने रोक दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक कोरबा के घने जंगल के निकलकर करीब हाथियों का दल मुख्य मार्ग पर आ गया है। वन विभाग के मुताबिक हाथियों के दल को मुख्य मार्ग से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। हाथियों के गतिविधियों पर वन विभाग के कर्मचारी नजर रख रहे हैं। गौरतलब है कि मुख्य मार्ग बाधित होने के कारण यहां यातायात पर भी असर पड़ा है। कई लोगों को अपने गंतव्य स्थल पर जाने में देरी हो रही है। जिस क्षेत्र में हाथियों का दल घूम रहा है वहां के ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया गया है।  

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 MadhyaBharat  16 May 2017

मुख्यमंत्री रमन सिंह

मुख्यमंत्री रमन सिंह आज रायगढ़ में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में हिस्‍सा लेने के लिए पहुंचे हैं। इस बैठक की अध्‍यक्षता प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष कर रहे हैं। मुख्‍यमंत्री रमन सिंह के पहुंचते ही यह साफ हो गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरमान के असर दिख रहा है क्‍योंकि वो जिस काफिले के साथ पहुंचे उसमें लालबत्‍ती की गाड़ी शामिल नहीं थी। इसके बाद बैठक शुरू होते ही मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने लालबत्ती में आए मंत्रियों को पहला झटका दिया। उन्‍होंने कहा कि जो भी मंत्री लालबत्‍ती में बैठक में हिस्‍सा लेने आए हैं वो जब वापस जाएं तो उसे यहीं छोड़ जाएं। इस बैठक में कई अहम फैसले लेने के संंकेत दिए जा रहे है। सरकार आगे किस प्रकार शराबबंदी जैसे मुद्दों से निपटेगी इसकी रूप रेखा पर भी विचार किया जा सकता है।  

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 MadhyaBharat  20 April 2017

अब शिक्षक बनाएंगे बच्चों के जन्म प्रमाण-पत्र

स्कूलों में पढ़ने वाले ऐसे बच्चे जिनका अब तक जन्म प्रमाणपत्र नहीं बना है, उनके लिए अच्छी खबर है। शिक्षा विभाग जल्द शासकीय व निजी स्कूलों में बर्थ सर्टिफिकेट बनाने की तैयारी कर रहा है। प्रत्येक स्कूल के एक शिक्षक को जन्म प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा।  इसके लिए अब सरकारी व निजी स्कूलों में बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र बनाने पर जोर दिया जाएगा। चूंकि ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव के वक्त बच्चों की पैदाइश घरों में पुराने तरीके से कराई जाती है। ऐसे में जागरूकता की कमी से बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र स्कूलों में आकर भी नहीं बन सका है। शासन के निर्देश पर जिला सांख्यिकी विभाग व शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम अब जन्म प्रमाणपत्र विहीन बच्चों को लक्ष्य कर उनका सर्टिफिकेट बनाने का अभियान शुरू करने जा रहा है। इसके तहत शासकीय व निजी सभी स्कूलों को टारगेट कर प्रमाणपत्र बनाने की कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि ज्यादातर निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश का आधार जन्म प्रमाणपत्र होता है। बावजूद इसके मुहिम से निजी स्कूलों को जोड़ते हुए शासकीय स्कूलों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इनमें स्कूल के शिक्षक प्रमाणपत्र बनाने आवेदन भरने में पालकों की मदद करेंगे। इस प्रक्रिया के शिक्षकों को पहले विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्राइमरी व मिडिल स्कूलों को फोकस करते हुए वहां के छूटे बच्चों को विशेष कैंप लगाकर पहले प्रमाणपत्र बनाया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2008 से जन्म-मृत्यु पंजीयन किया जा रहा है। इससे पहले के वर्षों में जन्म लेने बच्चों का रिकार्ड पंचायतों में नहीं है। जन्म प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया के लिए विशेष तौर पर विभाग ने स्कूलों में उपलब्ध रिकार्ड के आधार पर ऐसे बच्चों का सर्वे कराया है। जिसके जरिये बिना प्रमाणपत्र उन बच्चों का चिन्हांकन कर लिया गया है। शिक्षा विभाग द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की मदद से पहले हरेक ब्लॉक को कवर करते हुए जिलेभर के शासकीय मिडिल व प्राइमरी स्कूलों का सर्वे कराया जाएगा। विभाग का मानना है कि सरकारी व निजी स्कूलों में करीब 40 हजार बच्चे ऐसे हैं जिनका प्रमाणपत्र अब तक नहीं बना है। ऐसे में सर्टिफिकेट बनाने शिक्षा विभाग पहले प्रस्तावित करेगी। इसके बाद विशेष बच्चों का सर्टिफिकेट बनाने का काम प्रारंभ किया जाएगा। डीईओ, रायगढ़ आरएन हीराधर ने बताया वर्तमान में स्कूलों में जन्म प्रमाणपत्र को अनिवार्य किया गया है। ऐसे में विभाग द्वारा स्कूल के शिक्षकों को पहले ट्रेनिंग दी जाएगी, उसके बाद स्कूल स्तर पर ही प्रमाणपत्र बनाए जाएंगे। आदेश मिलने के उपरांत कार्य प्रारंभ किया जाएगा।  

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 MadhyaBharat  24 March 2017

मानव तस्करी

  रायगढ़ जिले के  कांपू से पुलिस ने 6 नाबालिग सहित 15 लोगों को बरामद किया है। इन्हें प्लेसमेंट एजेंसी चलाने वाला एक व्यक्ति मुंबई और गोवा ले जा रहा था। पुलिस के वहां पहुंचते ही वह फरार हो गया। जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोगों को नौकरी का लालच देकर बाहर ले जाया जा रहा है। मानव तस्करी का मामला सामने आते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची तो प्लेसमेंट एजेंसी वाला वहां से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस 6 नाबालिग सहित 15 लोगों को थाने लेकर पहुंची और उनसे उनके घर का पता और प्लेसमेंट एजेंसी वाले की जानकारी ली। यह पहली बार नहीं है जब नौकरी दिलाने के बहाने लोगों को इस तरह बड़े शहरों में ले जाया जा रहा हो। मानव तस्करी करने वालों के लिए छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाके इसके लिए सबसे आसान निशाना बन गए हैं।    

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 MadhyaBharat  21 March 2017

मरवाही विधायक अमित जोगी

  प्रसिद्द पंडवानी गायक पद्मश्री पूनाराम निषाद के निधन पर उनके परिजनों से मिलने गए मरवाही विधायक अमित जोगी ने उनके इलाज के दौरान हुई लापरवाही और अमानवीय व्यवहार की कड़ी निंदा की है। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त व छत्तीसगढ़ का नाम देश विदेश में रोशन करने वाले, पद्मश्री पूनाराम जी दर्द से करहा रहे थे और डॉक्टरों ने परिजनों से कहा कि "पेट दर्द है तो क्या इनका पेट फाड़ दें "? अमित जोगी ने कहा कि ये रव्वैया सरकार की छत्तीसगढ़ विरोधी मानसिकता का परिचायक है। जो बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर पर तो 8 मिनट के डेढ़ करोड़ लुटाती है लेकिन छत्तीसगढ़ के एक प्रख्यात लोक कलाकार के लिए एक फूटी कौड़ी की मदद करना तो दूर उल्टा उनके साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार किया जाता है जिससे वो इलाज और पैसे के आभाव में तड़प तड़प कर मर जाते हैं। अमित जोगी ने पूनाराम निषाद की मौत को सरकारी हत्या करार देते हुए उनके इलाज के दौरान हुई लापरवाही की न्यायिक जांच और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। अमित जोगी ने कहा कि पूनाराम जी के परिजन मदद मांगने बार बार मुख्यमंत्री कार्यालय जाते रहे, यहाँ तक कि वो मुख्यमंत्री से भी मिले लेकिन उन्होंने मदद करने से केवल इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि उनके पास आवेदन की प्रति नहीं आयी थी। परिजनों ने मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्री तक सब से गुहार लगाई लेकिन सभी ने टाल दिया। जोगी ने कहा कि स्थिति गंभीर होने के बावजूद पूनाराम जी को आईसीयू में रखने के बजाय आंबेडकर अस्पताल के जनरल वार्ड में बाथरूम के बगल में जगह दी गयी। भर्ती के बाद न उन्हें बेड दिया गया और न ही चादर दी गई। इसके चलते रातभर वे स्ट्रेचर पर ही पड़े रहे। दूसरे दिन भी इलाज शुरू नहीं किया गया। अंतत: तीसरे दिन पेट दर्द से कराहते उनके प्राण उखड़ गए। शव उठाने के लिए कोई वार्ड बॉय नहीं था। जोगी ने कहा कि ऐसी सरकार के रहने का क्या औचित्य जो अपने राज्य की कला और संस्कृति के गौरव के साथ ही असंवेदनशील और अमानवीय वयवहार करे।    अमित जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार रमन राज में तिरस्कृत और अपमान भरा जीवन जीने मजबूर हैं। राज्य सरकार बॉलीवुड कलाकारों को जो देना है दे लेकिन स्थानीय कलाकारों की अवमानना उचित नहीं है । *राज्योत्सव में जहाँ सोनू निगम और बड़े कलाकारों को करोड़ों दिए जाते हैं वहीँ छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों के साथ भेदभाव और अपमानजनक व्यवहार होता है। जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ विरोधी इस मानसिकता का अंत जल्द ही होगा। 2018 में जोगी सरकार बनते ही छत्तीसगढ़ की लोक कला, कलाकार और संस्कृति को सर्वोच्च स्थान और सम्मान पुनः मिलेगा।    

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 MadhyaBharat  14 February 2017

hathi

रायगढ़ के बंगुरसिया सर्किल में 40 से अधिक हाथियों का जमावड़ा है। बताया जा रहा है कि बीती रात हाथी के दल ने किसानों के केला, आलू, प्याज के अलावा गोभी के फसल को नुकसान किया गया है। विभाग की माने तो दो दिन पहले ओडिशा के जंगल से 25 हाथी बंगुरसिया के जंगल की ओर आए है। वहीं पहले से 18 हाथी विचरण कर रहे है। ऐसे में अब वन विभाग नुकसानी का आंकलन करने में लगे हैं। शनिवार की रात को बंगुरसिया सर्किल में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाते हुए किसानों के फसल को बर्बाद किया है। बताया जा रहा है कि बंगुरसिया के जंगल में पहले से 18 हाथी विचरण कर रहे है। वहीं दो दिन पहले ओडिशा के जंगल से 25 हाथी का दल आकर डेरा जाम लिया है। इस हिसाब से बंगुरसिया सर्किल में 40 से अधिक हाथी का जमावड़ा है। बीती रात हाथियों ने बंगुरसिया के एक किसान के केले के पौधे को रौंदकर बर्बाद कर दिया है। उसके अलावा 7-8 किसानों के प्याज, गोभी सहित अन्य फसलों को नुकसान किया है। ग्रामीणों द्वारा मामले की जानकारी वन विभाग को देने के बाद दूसरे दिन शनिवार को वन विभाग की टीम नुकसानी का आंकलन कर उनको मुआवजा देने की बात कही जा रही है। इस संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि दिन भी हाथी जंगल की ओर रहते है। वहीं शाम होते ही हाथी का दल जंगल से निकलकर गांव की ओर आते है और किसानो के फसलों को नुकसार करते है। ग्रामीण अपने जानमाल के हानि को रोकने रात जागने को मजबूर होते है।  

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 MadhyaBharat  22 January 2017

tantr ilaj

रायगढ़ में  अब स्वास्थ्य विभाग बाबा और गुनिया का इस्तेमाल इलाज में करेगा । खासकर मानसिक रोगियों के लिए विभाग बाबाओं को ट्रेनिंग देगी कि उन्हें कैसे ठीक किया जा सकता है। दरअसल मानसिक संतुलन बिगड़ने पर ज्यादातर ग्रामीणों बाबाओं के पास पहले जाते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि ऐसे में बाबाओं द्वारा मानसिक रोगियों की न केवल पहचान कर पाएंगे बल्कि उन्हें उचित इलाज भी मुहैया कर सकेंगे। पर सवाल यह है कि बिना पढ़े लिखे बैगा और गुनिया विभाग की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाएंगे। इधर पुलिस लोगों में अंधविश्वास भगाने बाबाओं से दूर रहने की सलाह दे रही है तो विभाग को कैसे सफलता मिलेगी। इन दिनों मेंटल हेल्थ केयर की टीम जिले के बैगा, गुनिया व ओझा बाबाओं की खोजबीन में जुटी है। इसके पीछे विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि जब भी कोई व्यक्ति मानसिक तौर पर विकृत होता है तो परिजन सबसे पहले उन्हें ऐसे बाबाओं के पास लेकर जाते हैं। दरअसल ग्रामीण अंचलों में ओझा बाबाओं की मान्यता बहुत ज्यादा होती है। ग्रामीण चिकित्सकों की बजाए बाबाओं पर ज्यादा भरोसा करते हैं। गौरतलब है कि शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पिछले दो वर्ष से मानसिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू किया गया है। लेकिन यहां मरीजों की संख्या उम्मीद के मुताबिक कम है। बताया जाता है कि प्रतिदिन यहां सिर्फ इक्के-दुक्के ही पहुंचते हैं। ऐसे में विभाग मानसिक रोगियों की खोजबीन में अनाधिकृत बाबाओं की मदद लेना चाहता है। माना जाता है कि स्वास्थ्य विभाग चिन्हांकित बाबा मरीजों की पहचान करेंगे और आरंभिक उपचार पश्चात उन्हें स्वास्थ्य विभाग के हवाले करेंगे। स्वास्थ्य विभाग की मुश्किल इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि अब विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जाना है। यह तभी सफल माना जाएगा जब मरीजों की संख्या तय सीमा के करीब होगी। चूंकि अभियान राज्य सरकार के निर्देश पर चलाया जाना है। ऐसे में विभाग को यहां पहुंचे मरीजों के संख्या की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। लिहाजा स्वास्थ्य विभाग अब जिले के ओझा बाबाओं पर ज्यादा भरोसा कर रहा है। इसके लिए विभाग उन्हें एक दिवसीय ट्रेनिंग देकर प्रशिक्षित करेगा कि मानसिक रोगियों का किस तरह उपचार किया जाएगा। हालांकि ट्रेनिंग में बाबाओं को यही सिखाया जाएगा कि वह उनकी आरंभिक उपचार कैसे करें। आरंभिक प्रक्रिया के पश्चात उन्हें चिकित्सकों के पास भेजने की बात कही जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस तरह मरीज ढूंढने का अनोखा किस्सा यह पहला नहीं है। इससे पहले नवंबर माह में एक विशेष तरह की ट्रेनिंग में जिले के झोलाछाप चिकित्सकों को शामिल किया गया था। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो ट्रेनिंग में उन्हें यह सलाह दी गई है कि उनके पास यदि कोई टीबी का मरीज पहुंचेगा तो सबसे पहले उन्हें किस तरह उपचार करना है। आरंभिक उपचार के पश्चात उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों में भेजने के लिए उन्हें प्रशिक्षित किया गया है। हालांकि इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि प्रशिक्षित झोलाछाप डॉक्टरों ने अब तक कितने मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों में भेजे हैं। वहीँ जिला पुलिस जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों से अंधविश्वास दूर करने रोजाना नये प्रयोग कर रही है। इसके चलते पिछले दिनों महाराष्ट्र के नागपुर शहर से विशेषज्ञों की टीम यहां पहुंची थी। उनके द्वारा शहर के अलावा कापू के ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैंपेन चलाया गया। विशेषज्ञों ने इसके जरिये ग्रामीणों के सामने अनेक प्रयोग भी किया। समाज से अंधविश्वास दूर करने के लिए पुलिस ये भी मानती है कि अगर कभी भी कोई तांत्रिक किसी व्यक्ति को परेशान करता है तो वे उसके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं। बताया यह भी जाता है कि मेंटल हेल्थ केयर की टीम को हिंदु समाज के ओझा ढूंढने में परेशानी हो रही है। जबकि मुस्लिम समुदाय के तीस तांत्रिकों को विभाग ने चिन्हांकित कर लिया हैं। इसी तरह सिख और इसाई समाज के तांत्रिक भी अब तलक नहीं मिल पाए हैं। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. टीके टोण्डर ने बताया जिले में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया जाना है, जिसमें मानसिक रोगियों की खोजबीन की जानी है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तांत्रिक,ओझा, गुनिया जैसे बाबाओं की मदद ली जाएगी। दरअसल ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर मरीज उनके पास इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यदि उनके पास कोई मरीज ऐसी हालत में पहुंचता है तो वे स्वास्थ्य केंद्रों में भेजें। इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी।  

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 MadhyaBharat  15 January 2017

raigarh

    राजेन्द्र जायसवाल  रियल स्टेट के कारोबार मे साझेदार होनें के बावजूद अपने अन्य भागीदारों को धोखे में रखकर कुटरचना से 44 लोगों को गजानंदपूरम की जमीन अकेले बेचकर लगभग एक करोड 16 लाख रूपये हड़प लेने के मामले में रायगढ़ पुलिस ने भागीदार भाई आनंद अग्रवाल की लिखित शिकायत पर होटल संचालक अशोक अग्रवाल के खिलाफ धोखाधडी का अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक होटल अंश के संचालक अशोक अग्रवाल का होटल बिजनेस के साथ-साथ रियल स्टेट का भी कारोबार है और मेसर्स दादू बिल्डर्स एण्ड डेवलपर्स के नाम से अशोक के साथ-साथ उनके भाई आनंद अग्रवाल, आनंद की पत्नी श्रीमती निमा अग्रवाल तथा अशोक अग्रवाल की धर्मपत्नी श्रीमती सुधादेवी अग्रवाल फर्म के साझेदार है। इस फर्म के माध्यम से गत 27 अक्टूबर 2004 को एक साझेदारी विलेख निष्पादित किया गया था जिसके तहत फर्म द्वारा भवन निर्माण हाउसिंग प्रोजेक्ट व रियल स्टेट के कारोबार में फर्म को काम करना था।  इस फर्म के माध्यम से विलेख निष्पादित होनें के बाद बैकुण्ठपुर स्थित पटवारी हल्का नंबर 13 वार्ड नं 1 राजीव नगर में जमीन क्रय करके उसे डेवलप किया गया और गजानंद पुरम के नाम से उसे ग्राहकों को बेचने का निर्णय लिया गया था। साझेदारी विलेख के अनुसार कोई भी अकेलो भागीदार अन्य भागीदार के सहमति के बिना फर्म की संपत्ति का विक्रय, स्थानांतरण या बंधक रखने का कार्य नही कर सकता। इस बात का उल्लेख विलेख के कंडिका 13 में भी वर्णित था इसके बावजूद आरोपी अशोक अग्रवाल के द्वारा गजानंदपुरम कालोनी में विभिन्न साईज का लेआउट निकालकर अकेले ही 44 लोगों को उक्त फर्म की भूमि को बेच दिया गया और अवैध रूप से एक करोड 16 लाख 52 हजार 4 सौ रूपये हडप लिये गये। आरोपी के द्वारा विलेख को जानते समझते समय 44 कूट रचित विक्रय पत्र फर्म के नाम से तैयार किया गया और अकेले ही जमीन विक्रय से मिली राशि ग्राहकों से ले ली गई। इस मामले में फर्म के एक अन्य साझेदार आनंद अग्रवाल की ओर से कोतवाली थाने में लिखित शिकायत देते हुए आरोपी अशोक अग्रवाल के खिलाफ धारा 406, 420, 467, 468 व 471 के तहत अपराध पंजीबद्ध करने की मांग की गई थी। पुलिस ने इस मामले में सभी पहलुओं की जांच उपरांत आज आरोपी अशोक अग्रवाल के खिलाफ जमीन की गलत तरीके से खरीद बिक्री करने तथा साझेदारी विलेख का उल्लंघन करते हुए साझेदार को धोखा देने के मामले में धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। समाचा लिखे जाने तक इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी नही हो सकी थी।  

Patrakar rajendra jaiswal

 rajendra jaiswal  22 December 2016

ऑनलाइन ब्लड बैंक

  रायगढ़ में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के ब्लड बैंक को दो माह पहले ऑनलाइन किया गया है। इसके जरिये ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता, सीपीडी बैग की जानकारी समेत अन्य प्रकार की सूचनाओं को अपडेट करने ऑनलाइन सिस्टम शुरू की गई। लेकिन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस नियम को सख्ती करने के बाद भी मरीजों की समस्या दूर नहीं हो रही। आए दिन यहां पहुंचने वाले मरीजों को चक्कर काटते हुए देखा जा सकता है। राज्य शासन के निर्देश पर जिले के सभी शासकीय और गैर शासकीय ब्लड बैंकों को दो माह पहले ऑनलाइन किया गया है। याने ब्लड बैंकों में अब मैनुअल एंट्री के अलावा ऑनलाइन एंट्री की जा रही हैं। दरअसल इस निर्णय को ब्लड बैंको में होने वाली दलाली पर रोक लगाने लिया गया है। पहले ब्लड बैंकों में मैनुअल एंट्री होती थी जिसमें पूरी जानकारी शासन के पास नहीं भेजी जाती थी। यहां पहुंचने वाले खून की यूनिट का बाहर से ही सौदा हो जाता था। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा ब्लड बैंकों की मनमानी पर लगाम कसने कड़ा नियम लागू किया गया है। लेकिन इसके बाद भी मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन एंट्री करने की फेर में अब ब्लड बैंक के बाहर खून संबंधी सूचना बोर्ड नहीं लगाये जाते। जिससे ग्रामीण क्षेत्र से आये मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। गौरतलब है कि ब्लड बैंक में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के मरीज पहुंचते हैं। उन्हें ऑनलाइन संबंधी जानकारी नहीं रहती। लिहाजा वे ब्लड बैंक के ईर्द गिर्द चक्कर काटते हुए देखे जा सकते हैं। वहीं ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता संबंधित जानकारी देने में यहां के कर्मचारी भी आनाकानी करते हैं। इस तरह ऑनलाइन एंट्री के बाद भी मरीजों की परेशानी में सुधार नहीं हुई बल्कि उनकी समस्या और बढ़ गई है। ऑनलाइन एंट्री के जरिये ब्लड बैंक में पहुंची सभी तरह की खून की सूचना को फीड करना होता है। ऐसे में यहां से ब्लैक करने वालों का काम पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। यही वजह है कि यहांअब खून के दलालों की सक्रियता भी कम हो गई है। हालांकि सूचना के अभाव में मरीजों को परेशान होते देखा जा रहा है।यदि आप भी ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता की जानकारी लेना चाहते हैं तो ब्लड बैंक डॉट एनएचपी डॉट जीओवी डॉट इन पर विजीट कर सकते हैं। यहां आपको रायगढ़ जिले के सभी पंजीकृत ब्लड बैंकों के बारे में जानकारी मिलने के साथ खून की उपलब्धता के बारे में भी सूचना मिल जाएगी।  

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 MadhyaBharat  25 November 2016

छत्तीसगढ़ में नोट मिलते ही लोग हुए खुश

  रायपुर में  बड़े नोट बंद होने के बाद गुरुवार सुबह से बैंकों और पोस्ट ऑफिस में इन्हें बदलने का काम शुरू हो गया। अपने पुराने नोट बदलवानें के लिए लोग बैंकों के खुलने से पहले ही बाहर लाइन लगाकर खड़े रहे। जैसे ही बैंक खुली और लोगों ने अपने नोट बदले तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस दौरान कई लोगों का कहना था कि सरकार के इस फैसलें से कुछ परेशानी तो हुई, लेकिन यह हमारे देशहित में है। भिलाई के वैशाली नगर- यूको बैंक, सेक्टर-1 में एसबीआई बैंक, चार हजार रुपए ही दिए जा रहे हैं। यहां दो हजार रुपए के नोट मिलने लगा है। जांजगीर में बैंकों के बाहर नोट बदलने के लिए लंबी भीड़ लगी है, लोग मशक्कत कर रहे हैं। अंबिकापुर में बैंक में अधिकारियों के पहुचते ही ग्राहकों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पुलिस व्यवस्था की गई है। बैंक के अंदर लोगों को पांच से दस की संख्या में प्रवेश दिया जा रहा है। इस व्यवस्था के संचालन से बैंक उपभोक्ताओं को दिक्कत का सामना भी करना पड़ रहा है। कोरबा, रायगढ़ और जशपुर में सहित प्रदेश के सभी नगरों में बैंकों में लोगों की भीड़ लगी है। सरकार ने पहले ही बता दिया है कि एक दिन में केवल 4000 रुपए के नोट ही बदले जाएंगे।बैंक जाने से पहले अपनी पासबुक और पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड या फिर वोटर आईडी कार्ड ले जाना ना भूलें।अगर कोई इससे ज्‍यादा रकम को बैंक में जमा करवाना चाहता है तो उसकी कोई सीमा नहीं है।आज से ही बैंक से आम जनता एक दिन में 10 हजार रुपए तक निकाल सकेगी।इसके अलावा बैंक में पुराने नोट देकर नए नोट लेने के लिए एक फॉर्म भरना होगा।बैंक में ज्‍यादा भीड़ होने पर पैसे जमा करने के लिए आप बैंक में लगी कैश डिपॉजीट मशीन का उपयोग कर सकते हैं।  

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 MadhyaBharat  10 November 2016

रायगढ़ में एम्बुलेंस नहीं

रायगढ़ जिले में फिर मानवता शर्मसार हुई। समय पर एंबुलेस नहीं मिलने से 3 किलोमीटर तक परिजन शव को ढोने मजबूर हुए। इस दौरान एक पिकअप चालक ने सहृदयता दिखाई और शव को घर तक छोड़ा।घरघोड़ा में रिक्शा में शव लेकर आने का मामला अभी थमा भी नहीं है कि तमनार में फिर मानवता शर्मसार हो गई। मिली जानकारी के अनुसार आमगांव पंचायत के जांजगीर निवासी सुखाउ भुईहर 52 वर्ष को बुधवार दोपहर बुखार और कमजोरी की शिकायत के बाद तमनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया था । इसकी गुरुवार दोपहर लगभग 11 बजे मौत हो गई। परिजनों के अनुसार इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर से एंबुलेंस के लिए निवेदन किया। जिस पर ड्यूटी डॉक्टर ने एंबुलेंस सेवा को फोन पर इसकी जानकारी दी। इसके बाद भी साढ़े चार घंटे तक एंबुलेंस के नहीं पहुंचने से मृतक सुखाउ के परिजन कंधे पर शव लेकर 4 किलोमीटर दूर गृह ग्राम की ओर चल दिए। वहीं तीन किलोमीटर का रास्ता तय करने के बाद एक पिकअप चालक ने सहृदयता दिखाई और शव को घर तक पहुंचाने में परिजनों की मदद की।  

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 MadhyaBharat  4 November 2016

अपनी सुरक्षा को लेकर एकजुट हों पत्रकार

सोनी को किशोरी मोहन त्रिपाठी सम्मान रायपुर के पत्रकार एवं पत्रिका के स्टेट ब्यूरो प्रमुख राजकुमार सोनी को किशोरी मोहन त्रिपाठी सम्मान से सम्मानित किया गया। रायगढ़ में सक्रिय पत्रकार संघ सहित देशभर के पत्रकार संगठनों की ओर से छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर आहुत की गई एक कार्यशाला में उन्हें यह सम्मान पर्यावरण के नोबल प्राइज विजेता रमेश अग्रवाल, देश के जाने-माने साहित्यकार गिरीश पंकज, वरिष्ठ पत्रकार शंकर पाण्डे, सुभाष त्रिपाठी,राधा वल्लभ शारदा, गुजरात की प्रसिद्ध पत्रकार शहनाज मलक ने प्रदान किया।  धारधार लेखनी और मानवीय सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिग की वजह से राजकुमार  सोनी को हाल के दिनों में ही पीयूसीएल की ओर से दिए जाने वाले देश के सबसे महत्वपूर्ण पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। श्री सोनी इससे पहले केपी नारायणन और उदयन शर्मा बाजपेयी बाजपेयी पुरस्कार भी हासिल कर चुके हैं। थिएटर में लंबे समय तक सक्रिय रहे श्री सोनी अखिल भारतीय स्तर के कई पुरस्कार जीत चुके हैं। पत्रकारिता में उल्लेखनीय कामों की वजह से उन्हें एक फैलोशिप भी मिल चुकी हैं। इडियन फेडरेशन अॉफ मीडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा ने कहा कि पिछले दो वर्षों से पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग  फेडरेशन द्वारा की जा रही है । इसके लिये उन्होने अभी तक सत्रह हजार किलोमीटर की यात्रा कर पत्रकारों की  एकता पर बल दिया है । पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग  राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक स्तर के सभी पत्रकार संगठनों एक साथ उठानी चाहिये । मध्य प्रदेश मे 2 अक्टूबर 2016  गॉधी जयंती पर इस संबंध मे एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया जा रहा है , छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर मे भी 21  एवं 22 अक्टूबर को दोदिवसीय राष्ट्रीय अधि़वेशन पत्रकारों की समुचित सुरक्षा पर आयोजित होगा । वरिष्ठ पत्रकार शंकर पाण्डेय व गिरीश पंकज ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग  को जायज ठहराते हुए अपने अपने अनुभव बाटे व इसे यथाशीघ्र क्रियाशील करने पर जोर डाला ।                      छत्तीसगढ़ सक्रिय पत्रकार संघ के बैनर तले स्व.पंडित किशोरी मोहन त्रिपाठी व् स्व.जयंत श्रीवास्तव के स्मृति में पत्रकार सम्मेलन एवम् सम्मान समारोह का आयोजन किया गया ।जंहा छत्तीसगढ़ के आधा दर्जन पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी सदस्यों के अलावा भारत के हर राज्यो के पत्रकारो ने शिरकत की  ।कार्यक्रम के मुख्य एवम् विशिष्ठ अतिथि  राधावल्लभ शारदा (राष्ट्रीय अध्यक) इंडियन फेडरेशन अॉफ मीडिया , शंकर पाण्डे वरिष्ठ पत्रकार , गिरीश पंकज वरिष्ठ पत्रकार एवम् साहित्यकार , सुभाष त्रिपाठी (संपादक,सांध्य दैनिक अ बयार) , राज गोस्वामी (प्रदेश महासचिव ,छत्तीसगढ़ सकिय पत्रकार संघ ) , रमेश अग्रवाल सामाजिक कार्यकर्ता (जनचेतना मंच) गंगेश कुमार द्विवेदी उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ सकिय पत्रकार संघ,प्रेम गुप्ता वरिष्ठ पत्रकार, शहनाज मलिक वरिष्ठ पत्रकार गुजरात अतिथी के रूप मे मौजूद रहे। जिसके पश्चात मंचासीन अतिथियों ने कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकार एवम् सामाजिक कार्यकर्ताओं से पत्रकारो पे हो रहे  प्रताड़ना एवम् उनकी समस्याओं पर अपने विचार साझा किये । साथ ही उत्कृष्ठ पत्रकारिता एवम् निस्वार्थ सामाजिक गतिविधियों में  हिस्सा लेने वाले सामजिक कार्यकर्ताओ का सम्मान किया गया । बस्तर मे पुलिसिया अत्याचार से प्रताड़ित समारू नाग की पत्नी को छत्तीसगढ़ सक्रीय पत्रकार संघ ने इक्कीस हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की  ।

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 MadhyaBharat  19 September 2016

chakrdhar samaroh

    चक्रधर समारोह के चयन समिति की अध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  चंदन संजय त्रिपाठी एवं अपर कलेक्टर  प्रियंका ऋषि महोबिया की विशेष मौजूदगी में आज यहां कलेक्टोरेट सभाकक्ष में 32 वें चक्रधर समारोह के गरिमामय आयोजन के लिए कलाकारों के चयन समिति की बैठक आयोजित की गई।      बैठक में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चक्र के कार्यक्रमों पर सहमति बनी। चक्रधर समारोह का शुभारंभ 5 सितम्बर एवं समापन 14 सितम्बर को होगा। जिसमें प्रथम दिन 5 सितम्बर को शुभारंभ अवसर पर गणेश वंदना विभाष पाठक एवं ईशान दुबे द्वारा किया जाएगा। श्री यशुदास द्वारा शास्त्रीय गायन किया जाएगा। 6 सितम्बर को प्रथम चक्र में सुश्री बासंती वैष्णव रायगढ़ घराना, द्वितीय चक्र में सुचित्रा हारमोनकर द्वारा कथक एवं तृतीय चक्र में मोहम्मद अमान (क्लासिकल सिंगर) (हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन) तथा चतुर्थ चक्र में नृत्यथि (भरतनाट्यम/कुचीपुड़ी) की प्रस्तुति होगी।    7 सितम्बर को प्रथम चक्र में सुश्री आंचल पांडे द्वारा कथक, द्वितीय चक्र में अनुराधा पाल द्वारा स्त्री शक्ति तबला, तृतीय चक्र में सुश्री विधालाल एवं अभिमन्यु का कथक एवं चतुर्थ चक्र में पद्मश्री श्रीमती ममता चन्द्राकर द्वारा छत्तीसगढ़ लोक गायन, 8 सितम्बर को प्रथम चक्र में सुश्री दीप्ति मिश्रा का ओडिसी, द्वितीय चक्र में सुश्री प्राची होता तथा चतुर्थ चक्र में निजामी बंधु द्वारा कव्वाली, 9 सितम्बर को प्रथम चक्र में स्मृति मोहंती एवं तब्बू परवीन द्वारा ओडिसी, द्वितीय चक्र में शुद्धशील चटर्जी द्वारा संतुर एवं तृतीय चक्र में नाटक-राम की शक्ति पूजा, 10 सितम्बर को द्वितीय चक्र में अंकिता राउत एवं ग्रुप द्वारा ओडिसी, तृतीय चक्र में तपस्विनी नव साधना नितिशा नंदा एवं ग्रुप तथा चतुर्थ चक्र में भूपेन्द्र एवं मिताली का गजल, 11 सितम्बर को प्रथम चक्र में सुरभि गुरू का गायन, द्वितीय चक्र में श्री कार्तिक अय्यर का वायलिन फ्यूजन, तृतीय चक्र में शर्मिला शर्मा का कथक एवं चतुर्थ चक्र में मामे खां (राजस्थानी)लोक गीत एवं लोक नृत्य, 12 सितम्बर को प्रथम चक्र में सुश्री चित्रांशी पणिकर का कथक, द्वितीय चक्र में कालीनाथ मिश्रा का तबला एवं तृतीय चक्र में कवि सम्मेलन की प्रस्तुति होगी। इसी तरह 13 सितम्बर को द्वितीय चक्र में संदीप मलिक कोलकाता का कथक, तृतीय चक्र में सुलेमान का बांसुरी वादन एवं चतुर्थ चक्र में नितिन दुबे की प्रस्तुति होगी। चक्रधर समारोह के अंतिम दिवस 14 सितम्बर को समापन कार्यक्रम में यास्मिन सिंह का कथक एवं ऋचा शर्मा का सूफी संगीत की प्रस्तुति होगी।      इस अवसर पर सुश्री उर्वशी देवी सिंह, कुमार देवेन्द्र प्रताप सिंह, पं. सुनील वैष्णव, तन्मय दास गुप्ता, देवेश शर्मा, वासंती वैष्णव, जवाहर नायक, प्राचार्य राजेश डेनियल, प्रो.अम्बिका वर्मा, गिरीश कुर्रे, डिप्टी कलेक्टर श्री बी.आर.ठाकुर, नटवर सिंघानिया, मीडिया प्रतिनिधि युगल तिवारी, अविनाश पाठक उपस्थित थे।

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 MadhyaBharat  18 August 2016

chattisgadh

       छत्तीसगढ़ में  जंगली जानवरों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा। अंबिकापुर में एक वन भैंसे ने महिला पर हमला कर दिया, तो रायगढ़ और जशपुर में हाथियों ने मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचाया।   अंबिकापुर के प्रतापपुर नाके के पास एक वनभैंसा घुस आया, उसने एक महिला को हमला कर घायल कर दिया और एक मवेशी को मारा दिया। वनभैंसे के डर से परिवार घर में कैद हो गया। घटना के बाद से इलाके के लोगों में दहशत फैल गई है।   उधर रायगढ़ के बरमकेला से सटे ग्राम चांटीपाली में हाथियों ने उत्पात मचाया और वहां एक घर को तोडकर अंदर घुस गए और अनाज को भी खा लिया। घर के अंदर से एक व्यक्ति अपनी जान बचाकर भाग निकला। जशपुर में कांसाबेल के बढ़नी झरिया में हाथियों ने एक घर को ध्वस्त कर दिया।  

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 MadhyaBharat  16 August 2016

amit jogi mahanadi

  महानदी जल बंटवारे का मामला    रायगढ़ में  महानदी के जल बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ़ आ रहे ओड़िशा के बीजेडी नेताओं प्रतिनिधि मंडल का विरोध करने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) नेता अमित जोगी अपने कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए। शहर के टीवी टॉवर मेडिकल कॉलेज मार्ग पर उन्होंने काले झंड़े लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और वापस जाओ के नारे लगाए। इस दौरान पुलिस ने अमित जोगी समेत सभी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। उधर शहर में जगह-जगह छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।   अमित जोगी ने सोमवार को कहा था कि ओड़िशा का प्रतिनिधि मंडल बीजू जनता दल के प्रसन्ना आचार्य के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आ रहा है। यह नेता और प्रतिनिधि मंडल में शामिल नेता वे हैं जिन्होंने पिछले 15 दिनों से ओड़िशा में छत्तीसगढ़ की परियोजनाओं के खिलाफ जमकर आंदोलन और प्रदर्शन किया।   4 अगस्त को ट्रेन रोक कर छत्तीसगढ़ के खिलाफ प्रदर्शन किया। ऐसे लोगों को राज्य सरकार राज्य अतिथि का दर्जा देकर स्वागत कर रही है और अपने प्रोजेक्ट दिखा रही है। जोगी ने बताया कि केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों राज्यों की संयुक्त टीम बन गई है। ओड़िशा के जनप्रतिनिधि अपनी बात संयुक्त टीम के सामने रखें, छत्तीसगढ़ का प्रोजेक्ट देखने आने की क्या जरूरत है।  

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 MadhyaBharat  9 August 2016

elephant

      रायगढ़ के  टारपाली के जंगल में दिन बिताने के बाद अब रात को भटकर कोरियादादर काजू बाड़ी एरिया में हाथियों ने डेरा जमा लिया है। बताया जा रहा है कि शनिवार रात हाथी कोरियादादर के करीब आग गया था। ऐसे में देर रात को डीपापारावासी जान बचाकर गांव की ओर भागकर अपनी जान बचाया। वहीं गांव के करीब हाथी आने से लोग दहशत में है। शहर के करीब बसे गांव के आसपास इन दिनों हाथियों ने अपना डेरा जमा लिया है। बीते एक सप्ताह से हाथी का दल एक से दूसरे गांव की ओर पलायन कर रहे है। पहले जुर्डा गांव में डेरा जमाने के बाद टारपाली उसके बाद अब कोरियादादर के जंगल में डेरा जमा लिया है।बताया जा रहा है कि बीती रात 9 हाथी का दल टारपाली के जंगल से निकलकर शाम को सड़क पार कर बोईरदादर जंगल की ओर पलायन कर रहे थे। लेकिन देर रात को वापस कोरियादादर की ओर पलायन कर गए। जहां वह काजूबाडी से कुछ ही दूर पर स्थित डीपापारा में देर रात करीब 2 बजे वहां के कुछ वाशिदों के हाथी की भनक पड़ने पर जान बचाकर गांव की ओर पलायन कर अपनी जान बचाई। वहीं सुबह होते ही वह कोसाबाड़ी के पीछे डेरा जमा लिया है। ऐसे में वन विभाग के कर्मचारी हाथियों पर नजर रखे हुए है कि वो कही गांव की ओर पलायन ना कर सके। वहीं वन कर्मचारी उन हाथियों के झुण्ड को जंगल की ओर भगाने की कोशिश कर रहे है। बताया जा रहा है कि नौ हाथियों का दल कोरियादादर व टारपाली क्षेत्र में भ्रमण कर रहे है।वहीं उस क्षेत्र की माने तो कुछ और हाथी का दल ओडिशा की ओर से जामगांव के जंगल की ओर से आने की जानकारी मिली है। वन विभाग के कर्मचारी का कहना है कि जब तक उनके उस क्षेत्र में होने की पुष्टि ना हो तबतक उनके होने की बात को सही नहीं कहा जा सकता है। इलाके के रेंजर छेदीलाल मारूतकर ने बताया कि कोरियादादर के जंगल में हाथियों ने डेरा जमाया हुआ है। वनकर्मियों को क्षेत्र में नजर रखने को कहा गया है। ताकि हाथी गांव की ओर पलायन ना कर सके।  

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 MadhyaBharat  6 June 2016

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