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शाह ने कहा- दंगों के वक्त मेरे साथ विधानसभा में थी माया.   प्रद्युम्न की हत्या के बाद खुला रेयान स्कूल.   आतंकवाद से साथ मिलकर लड़ेंगे भारत-जापान:शिंजो आबे.   प्रद्युम्न मामले में जुवेनाइल एक्ट के तहत होगी कार्रवाई.   साक्षरता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया.   छत्तीसगढ़ को मिले चार राष्ट्रीय पुरस्कार.   मध्यप्रदेश के सभी गाँव और शहर खुले में शौच से मुक्त किये जाएंगे.   शिवराज ने ग्राम रतनपुर में किया श्रमदान.   डेंगू लार्वा मिलने पर होगा 500 रुपये का जुर्माना.   पदयात्रा में जनहित विकास कार्यों की शुरुआत.   लोगों से रू-ब-रू हुए मुख्यमंत्री चौहान.   फैलोज व्यवहारिक और सैद्धांतिक अनुभवों पर आधारित सुझाव दें.   मजदूरों को छत्तीसगढ़ में पांच रूपए में मिलेगा टिफिन.   अम्बुजा सीमेंट में पिस गए दो मजदूर.   एम्बुलेंस ये ले जाती है नदी पार .   भालू के हमले से दो की मौत.   जोगी की जाति के मामले में सुनवाई फिर टली.   5 ट्रेनें रद्द, दो-तीन दिन बनी रहेगी परेशानी.  

कोंडागावं News


adivasi cg

पिथौरा में विगत पांच साल से सामाजिक बहिष्कार की पीड़ा झेल रहे आदिवासियों ने अनुसूचित जनजाति आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने पुलिस थाना तुमगांव, पुलिस अधीक्षक महासमुंद में भी आवेदन देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। मामला सिरपुर क्षेत्र के ग्राम सुकुलबाय एवं मरौद का है। यहां के आदिवासी समाज के बसंत पिता पलटन गोंड़ (सुकुलबाय), मंशाराम पिता बिसौहा गोंड़, मिलन पिता आनंद गोंड़ व लखेश्वर पिता हुमन गोंड़ (सभी ग्राम मरौद) ने आवेदन में बताया है कि बिना किसी ठोस कारण से करीब पांच वर्षों पूर्व समाज व गांव से बहिष्कृत कर दिए जाने एवं हुक्का-पानी बंद कर देने से परिवार का जीना दूभर हो गया है, जिसके चलते अब पीड़ित परिवारों से समाज का कोई भी व्यक्ति रोटी-बेटी का लेन-देन नहीं कर रहे हैं। फलस्वरूप परिवार की जवान बेटी-बेटों का विवाह नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं परिवार के किसी शोक कार्यों में भी गांव व समाज की भागीदारी नहीं हो पा रही है। इस वजह से सभी पीड़ित मानसिक प्रताड़ना के साथ भयभीत हैं। इस मामले को सुलझाने की दिशा में सामाजिक संगठन भी कमजोर दिखाई दे रही है, जिसके कारण सभी पीड़ितों ने थक हार कर अब शासन-प्रशासन के पास अपनी फरयाद की है। पीड़ितों के मुताबिक आज से लगभग पांच वर्षों पूर्व सिरपुर क्षेत्र में स्थित आदिवासी समाज के प्रसिद्ध देव स्थल सिंघाध्रुवा से बोरिद निवासी एक व्यक्ति अचानक लापता हो गया। जिसका आज तक पता नहीं चल सका है। उक्त गुम इंसान के लापता होने का ठीकरा पीड़िता परिवारों पर फोड़ा गया और यहां के करीब आठ परिवारों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए सामाजिक एवं ग्राम स्तर पर दंडित करते हुए सामाजिक बहिष्कार के अलावा हुक्का पानी बंद करने का फरमान सुनाया। तब से अब तक पीड़ित आठ परिवारों में से बोरिद के तुलसीराम ध्रुव एवं बिसाहू ध्रुव, पासिद के प्रदीप ध्रुव, चुहरी के बिसहत ध्रुव को बाद में समाज में शामिल कर लिया गया। लेकिन इन पीड़ित परिवारों को आज तक न तो समाज में शामिल किया गया और न ही ग्रामवासियों ने उन्हें ग्राम में जीने का हक दिया, जिसके चलते अब सभी पीड़ित परिवार बहिष्कार की जिंदगी जीने मजबूर है। बहरहाल, सामाजिक बहिष्कार की पीड़ा झेल रहे पीड़ित चारों व्यक्तियों ने पुलिस थाना तुमगांव, पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर महासमुंद के अलावा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग को पत्र प्रेषित कर न्याय की फरियाद की है। विश्राम ध्रुव, अध्यक्ष ध्रुव गोंड़ समाज सिरपुर राज ने कहा मामला बहुत पुराना है। पूर्व के पदाधिकारियों द्वारा लिए गए इस निर्णय के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। सामाजिक एकता स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।  

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 MadhyaBharat  13 June 2017

modi tiger

उमेश त्रिवेदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस पर नंदनवन में जंगल-सफारी के दौरान खुद को एक टायगर का फोटो लेने से नही रोक सके। वाइल्ड लाईफ फोटोग्राफी पर मोदी की यह आजमाइश दिन पर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय रही। सोशल मीडिया पर बाघ का फोटो खीचते साझा तस्वीर पर कई प्रतिक्रियाएं आई हैं। ट्वीटर-ट्रेड में उनके फॉलोअर्स व्दारा उन्हे ‘शेर के आगे उन्हे बब्बर शेर’ या ‘शेर का सवा शेर’ कहा जाने में कुछ भी अनपेक्षित नही हैं। लेकिन टायगर को फोटो खींचते हुए मोदी के फोटो की न्यूज-वेल्यु के साथ ही उसकी टाइमिंग भी गजब की है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमनसिंह ने ‘मोदी को बाघ को अपने कैमरे मे कैद करते हुए अपने कैमरे में कैद किया है।‘ तस्वीर में मोदी और बाघ आमने-सामने हैं। मोदी आश्वस्त लगते है कि टायगर उनकी मर्जी के मुताबिक पोज देकर उनकी हसरतो को पूरा करेगा। मोदी शेर से आंखे मिला रहे हैं या शेर मोदी पर गुर्रा रहा है, समझ पाना मुश्किल है। लेकिन दोनो की बॉडी लैंग्वेज में गरूर और गुर्राहट के भाव जरूर झलक रहे हैं। 800 एकड़ से ज्यादा इलाके में फैला जंगल सफारी छत्तीसगढ़ की प्रमुख परियोजना है।           मोदी की वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी की आकस्मिक घटना बाघ-संरक्षण के लिए प्रेरक प्रसंग हो सकती है, लेकिन सही अर्थो में मोदी और बाघ के इस साक्षात्कार से अलग बाघों की दुनिया मे झांकने भी जरूरी है। पिछले साल-डेढ़ साल से भोपाल के आसपास जंगलो में खासतौर से कलियासोत के जंगलो में बाघ के मूवमेंट की खबरें आ रही हैं। लोग इसलिए दहशतजदा हैं कि बाघ आदमखोर है।  लोग उसके पैरों के निशान से उसकी शिनाख्त करते हैं, ठिकाने ढूंढते है, गांव वाले बचने के उपाय करते हैं। कुछ दिन गांब के आसपास ठहरने के बाद बाघ फिर गुम हो जाता है। उसका गुम होना बताता है कि वो भी दहशतजदा है और अपने लिए सुरक्षित ठिकानों की तलाश में पहाड़-कंदराओं और जलस्रोतों के लिए भटक रहा है। प्रकृति का चक्र उलटके हुए शहर जंगल की ओर भाग रहे हैं और जंगल निगल रहे हैं। मीडिया कहता है कि आदमखोर बाघ शहरो की बस्तियों में आतंक का फैला रहे हैं, जबकि वस्तु-स्थिति यह है कि जंगलखोर इंसान वन्य प्राणियो के लिए आरक्षित जंगलो में अवैध घुसपैट करके आतंक फैला रहें हैं।  बाघ को केन्द्र मे रख कर हिन्दी-कवि केदारनाथ सिंह ने 21 श्रृखंलाओं में कविताएं लिखी हैं। जंगलो पर इंसानों के अवैध कब्जे को लेकर पैदा असंतुलन के बीच जंगल,जमीन और जानवर कंहा खड़े हैं, इसके दर्दे को महसूस करने के लिए यह कविता काफी है। केदारनाथ सिंह ने  कविता के दसवें खंड में बाघ के रोने का वर्णन कुछ यो किया है-- ‘’उस दिन बाघ / रोता रहा रात भर  / सबसे पहले एक लोमड़ी आई / और उसने पूछा / रोने का कारण / फिर खरगोश आया / भालू आया / सांप आया / तितली आई / सब आए / और सब पूछते रहे / रोने का कारण / पर बाघ हिला न डुला / बस रोता रहा / रात-भर''।  बाघ के लिए अपना दर्द किसके सामने बयान करे...मार्मिक शोक-गीत की तरह ये पंक्तियाँ कहती है कि –‘ इंसानो, कुछ समझ सको तो समझो, ये हैरानी-परेशानी बेवजह नही हैं, इसके वजूद में आप हैं...।' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक क्लिक के साथ यह आवाज भी लोगों तक, उनके ट्वीटर समर्थकों तक पहुंचना भी जरूरी है।[लेखक भोपाल से प्रकाशित सुबह सवेरे के प्रधान संपादक है।]

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 MadhyaBharat  4 November 2016

amit jogi

रमन सिंह  सरकार में श्रम एवं खेल मंत्री भैयालाल राजवाड़े एवं उनके पुत्र के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग को लेकर आज बैकुंठपुर एसपी कार्यालय में सैंकड़ों महिलाओं के साथ मरवाही विधायक अमित जोगी ने प्रदर्शन किया। अमित जोगी ने कहा कि महिलाओं का लगातार अपमान, अभद्र भाषा, आपत्तिजनक टिप्पणी एवं अश्लील व्यवहार करने वाले श्रम नहीं बेशरम मंत्री हैं भैयालाल राजवाड़े। महिलाओं का अपमान करने वाले ऐसे लोगों जब जेल जाएंगे तभी शायद सही रास्ते में आएंगे।  मरवाही विधायक अमित जोगी ने कहा है कि भैयालाल रजवाड़े और उनके पुत्र महिलाओं को महज वस्तु समझते हैं। एक मंत्री और उनके पुत्र के ऐसे कृत्य के चलते महिला विरोधी सोच वाले लोगों को बढ़ावा मिल रहा है। ऐसे लोगों की इस ओछी मानसिकता के चलते ही राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध और अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। अमित जोगी इलाके की जिला पंचायद अध्यक्ष समेत सैकड़ों महिलाओं के साथ कोरिया जिला पुलिस अधीक्षक से मिलकर मंत्री भैयालाल रजवाड़े और उनके पुत्र की करतूतों का सिलेसिलेवार ब्यौरा दिया और दोनों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध करने की मांग की। इस दौरान एसपी कार्यालय में महिलाओं ने मंत्री भैयालाल को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। एसपी कार्यालय में ही अपनी चप्पलें छोड़ दी और एसपी से कहा "छत्तीसगढ़ की महिलाओं की तरफ से मंत्री जी को भेंट"।    मरवाही विधायक अपने ग्राम आवाज अभियान के तहत बैकुंठपुर में थे। उन्होंने कहा कि भैयालाल रजवाड़े के खिलाफ लगातार ऐसे करीब 4 मामले सामने आने के बाद भी मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा चुप्पी ओढ़े रहना व उनके खिलाफ कोई कारवाई न करने से तो प्रतीत होता है कि मंत्री भैयालाल रजवाड़े को अपनी बातों और हरकतों के लिए मुख्यमंत्री की शह हासिल है। मंत्री भैयालाल पर कार्यवाही न करना ये प्रमाणित करता है कि स्वयं मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ की महिलाओं के सम्मान की कोई चिंता नहीं है।   

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 MadhyaBharat  22 October 2016

केशकाल घाटी

    केशकाल एनएच 30 में हो रहे निमार्ण कार्य को लेकर अब जिला व पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। प्लान के तहत घाटी वाले मार्ग को करीब 13 दिनों तक रोक कर निर्माण कार्य में तेजी लाने की बात कही जा रही है। इसके लिए 16 अक्टूबर से 28 तक मार्ग पर आवागमन रोकने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान घाट में रोजाना सुबह 8 बजे शाम 5 बजे तक कार्य होगा। रायपुर की ओर से आने वाले भारी वाहन को माकड़ी ढाबे से भानुप्रतापपुर, नारायणपुर होते हुये सीधे कोण्डागांव की ओर निकाला जाएगा। इसी प्रकार जगदलपुर की ओर से रायपुर जाने वाली भारी वाहनों को कोण्डागांव नारायणपुर मोड़ के पास से डायवर्ट किया जाएगा जो सीधे नारायणपुर अंतागढ़ होते हुए माकड़ी ढावे के पास निकालेंगे। जगदलपुर से जाने वाली छोटे वाहनों को केशकाल, विश्रामपुरी रोड से सलना- सिहावा नगरी होकर धमतरी डायवर्ट किया जाएगा। वही यात्री बसों व सवारी गाड़ियों को केशकाल घाट के ऊपर व नीचे एक निर्धारित समय में एकल मार्ग में आने-जाने दिया जाएगा। इस दौरान कोण्डागांव जिले में नारायणपुर मोड़, थाना फरसगांव, थाना केशकाल, में जगह-जगह पुलिस द्वारा ओवरलोड व अनफिट वाहनों की कड़ाई से चेकिंग कर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।  

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 MadhyaBharat  14 October 2016

dantevada

कोंडागांव मुठभेड़ में 1 नक्सली ढेर, 1 गिरफ्तार छत्तीसगढ़ की कोंडागांव जिला पुलिस ने बीती रात हुयी मुठभेड़ में एक वर्दीधारी नक्सली को मार गिराया, जिसके कब्जे से एक लोडेड पिस्टल जब्त की गयी है। मौके से एक नक्सली को गिरफ्तार किया गया है। मृत नक्सली का शव बरामद कर लिया गया है। इधर दंतेवाड़ा जिले में हुयी मुठभेड़ में पुलिस के वीरता पूर्वक प्रदर्शन से नक्सली भाग खड़े हुए।   बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी एवं कोंडागांव एसपी संतोष सिंह ने बताया कि बयानार थाने से डीएफ एवं सीएएफ का संयुक्त बल गश्त सर्चिंग के लिए रवाना किया गया था। लौटते वक्त छेरी के जंगल में घात लगाए नक्सलियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस बल ने अविलंब मोर्चा संभालते हुए गोलीबारी की। लगभग एक घंटे तक हुयी गोलीबारी के बाद पुलिस के दबाव के चलते अंतत: नक्सलियों के हौसले पस्त हो गए और वे घने जंगल और अंधेरे का लाभ उठाकर भाग खड़े हुए। इस दफा नक्सलियों ने पुलिस पर अत्याधुनिक हथियारों से हमला किया, बावजूद अपने मंसूबे में नाकाम रहे।  अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल की सर्चिंग के दौरान एक वर्दीधारी नक्सली का शव बरामद किया गया है, जिसकी शिनाख्त की जा रही है। मौके से लोडेड पिस्टल समेत भारी मात्रा में विस्फोटक एवं दैनिक उपयोग की सामग्रियां जब्त की गयी हैं। वहीं मौके से भागते हुए एक नक्सली को घेराबंदी कर पकड़ा गया, जिसके पास 01 भरमार बंदूक मिला। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम रैनू कोर्राम उम्र 25 वर्ष निवासी कीलम जिला नारायणपुर का होना कबूला। इधर एक दंतेवाड़ा जिले में हुयी एक अन्य मुठभेड़ में पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सली मैदान छोड़कर जंगल में भाग गए। घटनास्थल से नक्सली सामान बरामद किया गया है।  बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी के निर्देशन में चलाए जा रहे एंटी नक्सल अभियान में विगत नौ माह में 104 नक्सलियों को मार गिराया गया है। यहीं नहीं इस दौरान पुलिस के बढ़ते दबाव के चलते करीब 500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।  

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 MadhyaBharat  4 October 2016

cg barish

    छत्तीसगढ़  की राजधानी रायपुर सहित कई शहरों में तेज बारिश से जन-जीनव अस्त-व्यस्त हो गया है। रायपुर में कई कॉलोनियों में पानी भर जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर कोरबा के मुडापार में भारी बारिश से 4 मकान गिर गए, इनमें रहने वाले 17 लोगों को सामुदायिक भवन में शरण दी गई है।   दुर्ग के नवीन स्कूल में बारिश का पानी भर गया। रायगढ़, जांजगीर और जशपुर जिले में भी बारिश हुई। बारिश की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी का सामना राजधानी वासियों को करना पड़ा। सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया।   छत्तीसगढ़  में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। खाड़ी के ऊपरी हवा में बना चक्रवात अब मजबूत होकर कम दबाव क्षेत्र में बदल गया है। मौसम विभाग ने आगामी चौबीस घंटों के दौरान भारी वर्षा की चेतावनी दी है।   छत्तीसगढ़ में रोज किसी न किसी सिस्टम से बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार अभी तक यहां औसत बारिश हो चुकी है, लेकिन खेतों को पानी की दरकार है। दो माह पहले यहां एकसाथ पानी गिरने के कारण पानी बेकार बह गया और खेती के काम नहीं आया। अब बियासी के बाद फसल को ज्यादा पानी की आवश्यकता है, जिसके लिहाज से बारिश की गति धीमी है। धान की फसल को पकने के लिए पानी की जरुरत है और खेतों का पानी सूख गया है। हालांकि अभी बारिश के लिए पूरा एक माह का समय है।   लालपुर केन्द्र के मौसम विज्ञानी जे के इंगले के अनुसार उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपरी हवा में बना चक्रवात अब कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित हो चुका है, जिसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ दो या तीन बार बौछारें पड़ने की संभावना है। मंगलवार को सबसे अधिक बारिश वाड्रफनगर में 8 सेमी दर्ज किया गया। वहीं रायपुर में दो सेमी बारिश हुई।  

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 MadhyaBharat  5 August 2016

kondagoun

    फर्जी सेलटैक्स अधिकारी बनकर करते थे लूटपाट       फर्जी सेल टेक्स अधिकारी बनकर ट्रक चालकों से साढ़े 3 लाख ठगी करने वाले अंर्तराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कोंडागांव पुलिस ने उड़ीसा प्रांत के दो आरोपियों को 2 लाख रूपए नगद समेत गिरफ्तार कर लिया है।   कोंडागांव एसपी संतोष सिंह ने बताया कि आवेदक भरत ठक्कर निवासी जैपुर उडि़सा ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि 19 जून 16 को उसकी ट्रक क्रमांक सीजी 04 जी 5954 का ड्रायवर गुप्तो डडसेना ट्रक से जयपुर उड़ीसा से रायपुर के लिए काजू लेकर निकला था। मध्य रात्रि थाना केशकाल से 03-04 किमी पहले मेनरोड पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा स्वयं को सेल टेक्स अधिकारी बताकर ट्रक को रोका गया, फिर धोखेबाजी से साढ़े 3 लाख रूपये ले लिये साथ ही ट्रक ड्राईवर से 8 हजार रूपये भी लूट लिए।   इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना केशकाल को धारा 120 (बी), 170, 342, 392, 420 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध करने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही एएसपी श्रीमति दीपमाला कश्यप के नेतृत्व में क्राईम ब्रांच व थाना केशकाल की 02 विशेष टीमें बनाई गईं। दोनों टीमों द्वारा धनपुंजी, कोटपाड, चांदली एवं उड़ीसा बोर्डर से जुड़े क्षेत्रों में कई दिनों तक गहन पतासाजी एवं सम्भावित स्थानों पर छापामार कार्रवाई कर अंतत: आरोपी संजय गुप्ता को हिरासत में लिया गया। संजय गुप्ता से पूछताछ पर उसने बताया गया की उसने पवन और अन्य साथियों के साथ मिलकर नकली सेल टेक्स अधिकारी बनकर फिल्मी स्टाईल में उक्त घटना को अंजाम दिया है। संजय गुप्ता की निशान देही पर कोटपाड़ से उसके सहयोगी पवन कुमार गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया गया।     दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ पर उन्होंने बताया की उड़ीसा छत्तीसगढ़ बोर्डर पर ये लोग अपने साथियों के साथ निगाह रखते हैं और बोर्डर से इस तरह की गाडिय़ॉं गुजरने पर अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी सेलटेक्स आधिकारी बनकर गाडिय़ों को रोक कर पैसे उगाही करते थे। 19 जून 2016 को भी उन्होंने उक्त ट्रक का पीछा कर रोका और ड्राईवर से गाड़ी व सामान के कागजात की मांग की फिर ट्रक ड्राईवर का फोन ले लिया और उसके पास जितने पैसे थे उसे लूट लिया, और ड्राईवर के मोबाईल से ही ट्रक मालिकों को सेल टेक्स अधिकारी बनकर फोन लगाते रहे। फोन पर उन्होंने आईजी बस्तर और एसपी कोण्डागांव को रूपये देने है कहकर धमकाया।   आरोपियों ने पहले तो 10 लाख की मांग की और कहा की रूपये देने पर रसीद सहित गाड़ी को छोड़ देंगे और यदि रसीद नहीं चाहिये तो 4 लाख देने होंगे। आखिरकार साढ़े 3 लाख देने की बात पर सहमति हुई। इस दौरान आरोपियों द्वारा ट्रक ड्राईवर को बंधक बना कर रखा गया था, जिसे रूपए लेने के बाद ही छोड़ा गया।   श्री सिंह ने बताया कि आरोपी संजय गुप्ता के विरूद्ध थाना नगरनार जगदलपुर में छेडखानी और मारपीट के कई अपराध पंजीबद्ध है, संजय गुप्ता और पवन कुमार धवन अपराधिक किस्म के व्यक्ति हैं, इनके अपराधिक प्रकरणों के बारे में उड़ीसा एवं सरहदी जिलों के थानों में पतासाजी की जा रही है। दोनों आरोपियों द्वारा ट्रक मालिक से ठगी किये गये 2 लाख रूपये भी जप्त किए गए हैं। अन्य आरोपियों और शेष रूपयों की पतासाजी की जा रही है। ट्रक मालिक द्वारा यह भी बताया गया कि उनके द्वारा रूपये हरजीत सिंग पप्पू के माध्यम से जगदलपुर में दिये गये थे, जिसकी प्रकरण में संलिप्तता के संबंध में जांच की जा रही है।    उक्त कार्यवाही में एएसपी श्रीमति दीपमाला कश्यप, एसआई जितेन्द्र वर्मा, कृष्णा साहू, प्रहलाद यादव, सुरेश ध्रुव, जितेन्द्र विजयवार, एएसआई राजकुमार कोमरा, प्रआर ओमप्रकाश नरेटी, उमेश वर्मा एवं थाना केशकाल प्रभारी नवीन बोरकर एवं टीम की सराहनीय भूमिका रही। उन्होंने बताया कि इस कार्यवाही में सम्मिलित पूरी टीम को नगद ईनाम व प्रशंसा पत्र से पुरस्कृत किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में काजू वाहनों से वसूली के संबंध में केशकाल टीआई समेत 5 पुलिस कर्मियों को निलंबित किया गया है।       Attachments area          

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 MadhyaBharat  9 July 2016

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