Since: 23-09-2009

Latest News :
उपराष्ट्रपति ने खारिज किया CJI के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव.   राजस्थान भाजपा के 500 से ज्यादा कार्यकर्ता शामिल थे भारत बंद में .   मैं 15 मिनट बोला तो पीएम संसद में खड़े नहीं हो पाएंगेः राहुल गांधी.   एटीएम खाली , सरकार बयान - नकदी की कोई कमी नहीं.   कठुआ रेप मर्डर केस: सुप्रीम कोर्ट का जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस.   PM मोदी बोले -उन्नाव-कठुआ रेप घटनाओं से पूरा देश शर्मशार .   लोकसभा अध्यक्ष बोलीं -महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को रोकने के लिये सभी समाज एकजुट हों .   सभी समुदाय युवाओं को कैरियर और शिक्षा संबंधी परामर्श दें :मुख्यमंत्री चौहान.   भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बने राकेश .   कई बड़े लोग जाति के नाम पर झगड़ा करवाना चाहते हैं : सीएम शिवराज.   सिंधिया ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा.   किसानों ने भी नहीं सोचा, वह भी सरकार ने किया और करेगी:शिवराज.   मारे गए 16 नक्सलियों में से 10 की पहचान हुई.   पोलावरम बांध से घट जाएगा छत्तीसगढ़ का क्षेत्रफल.   सिम्स से MBBS छात्रा तीन दिन से लापता.   ट्रेन की चपेट में आए चार हाथियों की मौत.   बस्तर में मोदी करेंगे सौगातों की बारिश.   फैकल्टी की कमी से जगदलपुर मेडिकल कॉलेज की मान्यता को खतरा.  

अशोकनगर News


अशोकनगर एसपी भदौरिया को हटाया, तिलक सिंह नए एसपी

  एमपी के अशोकनगर थाना परिसर में एएसआई सतीश चंद्र रघुवंशी द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में शासन ने पुलिस अधीक्षक डीएस भदौरिया को हटा दिया है। उनके स्थान पर छिंदवाड़ा छठवीं वाहिनी के सेनानी तिलक सिंह को अशोकनगर का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। शासन ने गुरुवार को भदौरिया सहित भारतीय पुलिस सेवा के पांच अधिकारियों की नई पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। नौवीं वाहिनी रीवा के एपी सिंह को आरएपीटीसी इंदौर, अनुराग शर्मा सहायक पुलिस महानिरीक्षक पीएचक्यू को 32वीं वाहिनी उज्जैन एवं एमएल सोलंकी 35वीं वाहिनी मंडला को पुलिस मुख्यालय पदस्थ किया गया है। इनके अलावा राज्य शासन ने भारतीय पुलिस सेवा के तीन अधिकारियों की पदस्थापना की है। इनमें सहायक पुलिस अधीक्षक ग्वालियर निवेदिता गुप्ता को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) ग्वालियर, सहायक पुलिस अधीक्षक जबलपुर अखिल पटेल को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) लांझी बालाघाट और सहायक पुलिस अधीक्षक ग्वालियर आशुतोष बागरी को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रतलाम भेजा गया है।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  29 December 2017

चंदेरी

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अशोकनगर जिले के चंदेरी में स्थानीय कार्यक्रम में शिरकत करने के साथ आम लोगों से मिले और उनकी समस्याएँ जानी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिये। श्री चौहान ने जन-प्रतिनिधियों और नागरिकों से उनकी माँगों और सुझावों पर भी चर्चा की। इस दौरान ग्वालियर संभाग के प्रशासनिक अधिकारियों ने हेलीपेड पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।  

MadhyaBharat

 MadhyaBharat  14 September 2017

स्वाईन फ्लू से 44 मौतें ,शिवराज ने सम्हाली कमान

अधिकृत अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयाँ उपलब्ध रहें मध्यप्रदेश में 44 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि स्वाईन फ्लू के उपचार के लिये अधिकृत अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में टेमी फ्लू दवाई उपलब्ध करवायी जाये। मुख्यमंत्री चौहान ने यह निर्देश मंत्रालय में स्वाईन फ्लू पर नियंत्रण के लिये गठित समन्वय समिति की बैठक में दिये। मुख्यमंत्री चौहान ने दवाइयों की उपलब्धता के संबंध में बैठक से ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.नड्डा से भी बात की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अन्टोनी डिसा सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अधिकृत अस्पतालों में स्वाईन फ्लू के इलाज के लिये आने वाले हर मरीज के लिये पुख्ता व्यवस्था हो। यदि मरीज में स्वाईन फ्लू के लक्षण दिखायी दें तो तत्काल उपचार प्रारंभ करें। स्वाईन फ्लू से निपटने के लिये निजी और शासकीय अस्पताल मिलकर एक टीम के रूप में काम करें। मानवीय दृष्टिकोण से काम करें और मिलकर स्थिति पर नियंत्रण रखें। मरीजों के सेम्पल के परिणाम सीधे संबंधित अस्पतालों को भेजे जायें। अस्पतालों में दवाइयों का निर्धारित मात्रा में भंडारण रहे। स्वाईन फ्लू के उपचार की प्रतिदिन समीक्षा की जाये। उपचार में लगे अस्पतालों के सपोर्टिंग स्टाफ को पी.पी.ए. किट और मास्क उपलब्ध करवाये जायें।बैठक में बताया गया कि स्वाईन फ्लू के उपचार के लिये अधिकृत अस्पतालों में टेमी फ्लू दवा पर्याप्त मात्रा में रखवायी जा रही है। सभी अधिकृत केंद्रों पर आने वाले मरीजों का परीक्षण किया जा रहा है। तेज धूप निकलने पर बीमारी का प्रभाव कम होता जायेगा। बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री प्रवीर कृष्ण, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री अजय तिर्की, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस सहित निजी चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat 

"डिजिटल भारत के सपने को साकार करता मध्यप्रदेश

ईएमसी बनायेंगे मध्यप्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक मेन्युफेक्चरिंग में आत्म-निर्भर 'डिजिटल भारत'' के विजन को पूरा करने में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। भोपाल के पास बड़वई और जबलपुर के पास पूर्वा में स्थापित होने वाले देश के पहले दो इलेक्ट्रॉनिक मेन्युफेक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) मध्यप्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर मेन्युफेक्चरिंग के क्षेत्र में निवेश आकर्षित कर इसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में आत्म-निर्भर बनाने में सहायक होंगे। 'डिजिटल इंडिया'' के विजन को मूर्तरूप देने में ईएमसी को सातवें स्तम्भ के रूप घोषित किया गया है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक आयात को शून्य पर लाने का लक्ष्य है। इन दोनों ईएमसी से मध्यप्रदेश इलेक्ट्रॉनिक उद्योग का बड़ा केन्द्र बन जायेगा।योजना का प्रमुख उद्देश्य 'इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम्स डिजायन एण्ड मेन्युफेक्चरिंग (ईएसडीएम)' में निवेश को बढ़ाना है। ईएसडीएम सेक्टर में मोबाइल सेट सहित टेलीकॉम उपकरण, आप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी हार्डवेयर, बायोमेट्रिक/आइडेंटिटी डिवाइसेज, कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, ईएसडीएम उत्पादों के लिये पॉवर सप्लाय, मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर वेफरिंग, सोलर फोटोवॉल्टेइक्स, सेमीकंडक्टर चिप्स और कम्पोनेन्ट्स, ईएसडीएम उत्पादों के लिये एफएबी, एलईडी, एलसीडी, ऐवियोनिक्स, इलेक्ट्रो-मेकेनिकल कम्पोनेन्ट्स, नेनो-इलेक्ट्रॉनिक्स, ई-वेस्ट प्रोसेसिंग, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रोनिक्स मेन्युफेक्चरिंग सर्विसेज शामिल हैं1योजना में गतिविधियाँईएमसी योजना में अनेक गतिविधि के लिये सहायता दी जायेगी। इनमें आंतरिक सड़कों का निर्माण, स्ट्रीट लाइट, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, इलेक्ट्रिसिटी सब स्टेशन, बेकअप पॉवर प्लांट, वेयर-हाउसिंग, कर्मचारियों के लिये हॉस्टल और मेस, अस्पताल, शिक्षा सुविधाएँ, शॉपिंग मॉल, शोध एवं विकास सेवाएँ, प्रशिक्षण सुविधा, आई.टी. अधोसंरचना, टेलीकॉम, पेकेजिंग, टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन सुविधा, सुरक्षा, इलेक्ट्रिकल और मेकेनिकल सम्पत्तियाँ, टेक्स सपोर्ट, प्रदूषण नियंत्रण आदि शामिल हैं।मध्यप्रदेश में दी जाने वाली रियायतेंइलेक्ट्रानिक्स उद्योग को मध्यप्रदेश में अनेक प्रकार की रियायत और सुविधाएँ दी जा रही हैं। राज्य सरकार ने आई.टी. निवेश पॉलिसी 2014 लागू की है। इस नीति में सिंगल विण्डो क्लीयरेंस के माध्यम से सभी सुविधाएँ एक जगह दी जायेंगी। साथ ही ब्याज पर 5 प्रतिशत अनुदान, नई इकाइयों के लिये 25 प्रतिशत पूँजी निवेश अनुदान, आई.टी. इवेंट्स में शामिल होने के लिये स्टॉलों पर लगने वाले किराये का 50 प्रतिशत अनुदान, भूमि की कीमत पर 75 प्रतिशत छूट, वेट और सीएसटी रिफण्ड, स्टाम्प ड्यूटी में रियायतें, स्किल गेप ट्रेनिंग में लागत के 50 प्रतिशत तक की प्रतिपूर्ति, केप्टिव पॉवर जनरेशन और उपयोग के लिये अनुकूल नीति, एन्ट्री टेक्स का लाभ और विस्तार तथा आधुनिकीकरण के लिये सुविधाएँ दी गई हैं।

MadhyaBharat

 MadhyaBharat 

Video

Page Views

  • Last day : 2842
  • Last 7 days : 18353
  • Last 30 days : 71082
Advertisement
Advertisement
Advertisement
All Rights Reserved ©2018 MadhyaBharat News.