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बालाघाट News


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  पेड न्यूज को लेकर चुनाव आयोग अभी से काफी सतर्कता बरत रहा है। 2013 के विधानसभा चुनाव में सर्वाधिक 37 पेड न्यूज के मामले बालाघाट में सामने आए थे। कुल 486 शिकायतें हुई थीं, जिनमें 172 को सही पाते हुए खर्च उम्मीदवारों के खाते में जोड़ा गया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव ने सभी कलेक्टर और रिटर्निंग ऑफिसरों को पेड न्यूज के मामले में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव में 486 पेड न्यूज की शिकायतें सामने आई थीं। जिला स्तरीय समिति ने 237 मामलों को पेड न्यूज मानकर प्रकरण पंजीबद्ध कर उम्मीदवरों को नोटिस थमाए थे। 17 मामलों में उम्मीदवारों ने पेड न्यूज को स्वीकार करते हुए खर्च खाते में शामिल करने की सहमति दी थी। वहीं, अपील आदि प्रक्रिया के बाद 155 मामलों को भी पेड न्यूज माना गया और खर्च निर्वाचन व्यय में जोड़ा गया। बालाघाट के बाद उज्जैन में 30, नीमच 18, रीवा 14, खंडवा 13, ग्वालियर 11, इंदौर 8, छतरपुर और कटनी में 6-6 और सतना में चार प्रकरण पेड न्यूज के बने थे। सत्तारूढ़ होने के बावजूद चुनाव के दौरान शिकायत करने में कांग्रेस से आगे भाजपा है। चुनाव आयोग के राष्ट्रीय पोर्टल पर भाजपा ने 46 शिकायतें दर्ज कराई हैं तो कांग्रेस 15 तक ही पहुंच सकी। पोर्टल पर कुल 781 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 507 का निराकरण हो चुका है और 274 लंबित हैं। वहीं, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में शिकायत देने की बात की जाए तो कांग्रेस बहुत आगे है। यहां कांग्रेस ने आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक 27 शिकायतें दी हैं तो भाजपा की ओर से मात्र आठ शिकायत ही की गईं। आम आदमी और समाजवादी पार्टी की ओर से एक-एक शिकायत दर्ज कराई गई हैं। बाकी 10 शिकायतें अन्य व्यक्तियों की ओर से की गई हैं।    

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 MadhyaBharat  23 October 2018

महिला कृषक

महिला कृषकों के 1038 स्व-सहायता समूह गठित  मध्य प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये पिछले वर्ष महिला कृषकों के 1038 स्व-सहायता समूह गठित किये गये। इन समूहों में महिला कृषकों के 437 अंतर्जिला प्रशिक्षण भी आयोजित किये गये। इसके अलावा 1555 महिला कृषकों को कृषि की उन्नत तकनीक अपनाने के लिये प्रशिक्षण दिलवाया गया। इस योजना पर पिछले वर्ष 4.50 करोड़ की राशि व्यय की गयी। इस वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिये 6 करोड़ रुपये की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। मध्यप्रदेश में कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के मकसद से किसान कल्‍याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा योजना शुरू की गयी है। योजना का उद्देश्य प्रदेश में महिला कृषकों के जीवन-यापन स्तर में सुधार लाना है। महिला कृषकों को कृषि की कम लागत की तकनीक चुनने, उसे समझने और अपनाने के योग्य बनाना भी है।  

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 MadhyaBharat  8 July 2017

 शिवराज के कृषि मंत्री चोर

खबर बालाघाट से । मध्यप्रदेश शासन के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन व बालाघाट-सिवनी सांसद बोधसिंह भगत के बीच मतभेद अब हर मंचीय कार्यक्रम में खुलकर सामने आने लगे है। कुछ दिन पूर्व ही दिव्यांग सामूहिक विवाह के दौरान उत्कृष्ट मैदान में सांसद ने सम्मान न करने पर सिर्फ गौरीशंकर बिसेन के परिवार का ही राज नहीं है अभी सांसद भी यहां पर मौजूद है कहकर मंच से ही नाराजगी व्यक्त की थी।सांसद से जब मंत्री बिसेन बदतमीजी पर उतर आये तो शिवराज सरकार के मंत्री को सांसद ने चोर तक कहा।  सांसद बोधसिंह भगत और प्रदेश के केबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन के बीच चल रहे मतभेद, गुटबाजी बुधवार को एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर नजर आई। सार्वजनिक मंच पर ही सांसद और मंत्री के बीच हॉट-टॉक हो गई। अवसर था जिले के मलाजखंड मुख्यालय में आयोजित सबका साथ सबका विकास सम्मेलन का। सांसद बोधसिंह भगत जब समारोह को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने एक मामले का उल्लेख किया। जिस पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष राजकुमार रायजादा ने उसका खंडन किया। इसी बीच मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने भी सांसद बोधसिंह भगत से गलत बाद नहीं कहने की बात कही। इस दौरान सांसद-मंत्री के बीच तीखी नोक-झोंक हो गई। मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने जहां सांसद भगत को कहा कि बहुत देखे है ऐसे सांसद। वहीं इसके जवाब में सांसद ने भी मंत्री बिसेन को चोर मंत्री कह दिया। इसके बाद मंत्री गौरीशंकर बिसेन मंच छोड़कर चले गए। समारोह को जब मंत्री गौरीशंकर बिसेन संबोधित कर रहे थे, तभी एक भाजपा के कार्यकर्ता लखन बिसेन ने मलाजखंड को रोजगार नहीं दिए जाने की बात कही गई। जिसके बाद मंत्री बिसेन ने उस ग्रामीण को कार्यक्रम से बाहर किए जाने की बात कही। इसके बाद सांसद बोधसिंह भगत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में सबसे पहले उस भाजपा कार्यकर्ता का समर्थन किया, जिसमें उसने मलाजखंड के स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिलने की बात कही थी। इसके बाद सांसद भगत ने यशोदा सीड्स नामक कंपनी के बीज के बिक्री होने का जिक्र किया। जबकि इस कंपनी के बीज पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात कही। इसी बीच जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष राजकुमार रायजादा ने भी इस कंपनी के बीज को प्रतिबंधित कर दिए जाने की बात कही। लेकिन सांसद ने कहा कि बाजार में आज भी इस कंपनी के बीज विक्रय हो रहा है। इसी बात को लेकर मंत्री और सांसद के बीच नोक-झोंक शुरु हो गई। कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन व सांसद बोधसिंह भगत के बीच विवाद की स्थिति बढ़ती देख भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश रंगलानी, सुरजीतसिंह ठाकुर समेत अन्य भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता बीच-बचाव के लिए आए और मंत्री और सांसद को दूर-दूर कराकर मामले को शांत कराया। इसी बीच मंत्री कार्यक्रम छोड़कर चले गए। लेकिन मंच पर मंत्री व सांसद के बीच एक बार फिर से हुए विवाद से भाजपा के अंदर चल मतभेद खुलकर सामने आए हैं। कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा वे भारत सरकार के सांसद है, उन्हें सब कहने का अधिकार है। वो राज्य सरकार को कुछ भी बोल सकते है। रही बात कंपनी की तो अध्यक्ष राजकुमार रायजदा ने प्रतिबंध के कागज सौंपने की बात कहीं है। बालाघाट बीजेपी अध्यक्ष रमेश रंगलानी ने बताया कि मलाजखंड में आयोजित कार्यक्रम सबका साथ सबका विकास कार्यक्रम के दौरान सांसद व मंत्री के बीच हुई विवाद की स्थिति की जानकारी भोपाल स्तर पर भेज दी संगठन को भेज दी है। जांच के बाद निश्चित ही संगठन कार्रवाई करेगा।  सांसद बोध सिंह भगत ने कहा -बालाघाट जिले में यशोदा सीड्स कंपनी ने अमानक स्तर पर बीज की सप्लाई की थी, किसानों का बीज भी अंकुरित नहीं हो पाया था। पिछले साल इस कंपनी पर बैन लग गया था, लेकिन इस साल हटा दिया। इस मामले को लेकर मंच से किसानों को सावधान कराने का प्रयास किया था। इस बात पर कृषि मंत्री भड़क उठे और कार्यक्रम के दौरान हॉट-टॉक हो गई।

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 MadhyaBharat  15 June 2017

विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा

अंत्योदय मेले में 28 करोड़ की सहायता राशि का वितरण  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरकार विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के कल्याण में कोई कसर बाकी नहीं रखेगी। बैगा समाज के कल्याण के लिए हरसंभव मदद करेगी। बैगा दम्पत्ति परिवार नियोजन अपनाना चाहे, तो कलेक्टर की अनुमति के बगैर उनके नसबंदी आपरेशन नहीं किये जायेंगें। बैगा संस्कृति एवं परम्पराओं के संरक्षण के लिए बैगा ओलंपिक अगले वर्ष और भी व्यापक स्वरूप में किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान संत रविदास जयंती के अवसर पर बालाघाट जिले के बैहर में तीन दिवसीय बैगा ओलंपिक का शुभारंभ कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा बैहर में बैगा ओलंपिक के साथ ही तीन दिवसीय कृषि संगोष्ठी एवं स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया गया। किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रेखा बिसेन, सांसद श्री बोधसिंह भगत, विधायक श्री के.डी. देशमुख, डॉ. योगेन्द्र निर्मल, नागरिक एवं बड़ी संख्या में बैगा जनजाति के लोग उपस्थित थे। बैगा ओलंपिक में बालाघाट सहित मंडला, डिंडोरी, उमरिया, अनूपपुर, सिवनी, शहडोल, राजनांदगांव एवं नागालैंड के 6 सदस्यों का दल शामिल हुआ है। ध्वज फहरा कर किया शुभारंभ तीन दिनों के बैगा ओलंपिक के दौरान बैगा जनजाति के पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैहर खेल परिसर मैदान में ओलंपिक मशाल जलाकर बड़ादेव की पूजा कर और ध्वज फहरा कर बैगा ओलंपिक का शुभारंभ किया। उन्होंने बैगा खिलाड़ियों को शपथ दिलवायी कि वे अनुशासित रहकर खेल भावना के साथ अपना प्रदर्शन करेंगें। श्री चौहान ने बैगा युवाओं की त्रिटंगी दौड़ एवं महिलाओं की मटका दौड़ का शुभारंभ भी करवाया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ओलंपिक के लिए जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह बैगा संस्कृति का अद्भुत संगम है। बैगा संस्कृति निरंतर आगे बढ़े और उसकी परंपराएँ संरक्षित रहें इसके लिए बैगा संस्कृति के आधार पर बैहर में संग्रहालय की स्थापना की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने समाज के सभी वर्गों के लिए शिक्षा की बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध करवाई हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बैगा जनजाति के बच्चे भी खुशहाल जीवन जी सके, इसके लिए चतुर्थ श्रेणी के पदों पर बैगा जनजाति के पढ़े-लिखे युवाओं की सीधे भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही उन्हें आत्म-निर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 10 लाख से 2 करोड़ तक का ऋण दिया जायेगा। भूमिहीन को बनाया जायेगा जमीन का मालिक मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को जमीन का मालिक बनाया जायेगा। प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति के पास रहने लायक जमीन रहना चाहिए। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा जो भूमिहीन व्यक्ति को जमीन देने के लिए पट्टा देने या सरकारी जमीन पर प्लाट काट कर देने का कानून बना रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आवास बनाने के लिए गरीब व्यक्तियों को एक लाख 50 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जा रही है।  बैहर में अस्पताल खोलने की घोषणा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैहर की पेयजल समस्या के लिए 10 करोड़ की और मलाजखंड पेयजल योजना के लिए 21 करोड़ 14 लाख की योजना को मंजूरी देने की घोषणा की। उन्होंने नगर पालिका मलाजखंड में शामिल कर दिये गये ग्राम बोरीखेड़ा और एक अन्य ग्राम को नगर पालिका से वापस कर उन्हें फिर से ग्राम पंचायत बनाने की घोषणा की। नगर पालिका मलाजखंड के लिए डेढ़ करोड़ से मोक्ष धाम बनाने, बालाघाट में हॉकी के लिए एस्ट्रो टर्फ बनाने, बैहर में अपर कलेक्टर का पद विशेष रूप से स्वीकृत करने, सियारपाट के दोनों तालाब बनाने, बैहर में 100 बिस्तर का अस्पताल बनाने एवं बैहर के कॉलेज में एम.एस.सी. की कक्षा अगले शिक्षण सत्र से प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ओलंपिक में आये सभी नर्तक दलों को 5-5 हजार रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैहर में नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवान मनीष सिंह की प्रतिमा का अनावरण कर उनके परिवार को जमीन देने का आश्वासन दिया। बैहर में बैगा ओलंपिक एवं किसान सम्मेलन के साथ ही अंत्योदय मेले में 28 करोड़ की सहायता राशि का हितग्राहियों को वितरण किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया।  

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 MadhyaBharat  10 February 2017

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    मध्यप्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने गोंड, गोवारी जाति के व्यक्तियों को जाति प्रमाण-पत्र जारी करने के प्रकरणों का परीक्षण कर निराकरण करने के निर्देश सभी जिला कलेक्टर को दिये हैं। इस संबंध में एक परिपत्र जारी किया गया है।   मध्यप्रदेश राज्य के लिए घोषित अनुसूचित जन-जाति की सूची के सरल क्रमांक 16 पर गोंड, गोवारी जाति अंकित है। सामान्य प्रशासन विभाग के 11 जुलाई 2005 के परिपत्र द्वारा अनुसूचित जाति, जन-जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के व्यक्तियों को जाति प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया संबंधी निर्देश जारी किये गये हैं। कलेक्टरों से कहा गया है कि निर्देशों के अनुरूप प्राप्त आवेदन-पत्रों की जाँच कर गोंड, गोवारी समुदाय के लोगों को जाति प्रमाण-पत्र जारी किये जाये। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जातियों की सूची में गोंड, गोवारी अलग-अलग हैं।   सामान्य प्रशासन विभाग ने 3 सितम्बर 2008 और 12 जनवरी 2012 तथा 11 जुलाई 2005 एवं 13 जनवरी 2014 के परिपत्रों में दिये निर्देशों का पालन करते हुए प्रकरणों का निराकरण करने को कहा है।

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 MadhyaBharat  23 June 2016

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    प्रदीप भाटिया बालाघाट पुलिस ने 30 हजार के इनामी  नक्सली लखन को दबिश देकर पकड़ा लिया है ,यह नक्सली पिछले दस साल से पुलिस की आँखों में धूल झोंक रहा है।    चैकी सुलसुली थाना लांजी अन्तर्गत ग्राम धीरी -मुरूम के जंगल में 10 वर्ष पूर्व दिनांक 21.02.2006 को 10 सशस्त्र नक्सलियों द्वारा बाॅस परिवहन में लगे 02 ट्रक जिनमें बाॅस भरा हुआ था को आग लगा दी जिससे करीब 30 लाख रूपये का नुकसान शासन को हुआ। उक्त घटना पर से थाना लांजी में अज्ञात नक्सलियों विरूद्ध अपराध क्रमांक 31/06 धारा 147, 148, 149, 435, 506 ताहि का पंजीबद्ध कर विवेचना की गई।   विवेचना के दौरान घटनास्थल निरीक्षण एवं फरियादी व साक्षियों से पूछताछ करने एवं मुखबिरों से पतारसी करने पर उक्त घटना में लखन उर्फ मोहन की संलिप्तता पाई गई। जिसकी पतारसी करने पर ज्ञात हुआ कि यह गोंदिया गढचिरोली तरफ सक्रिय है। जिसकी पुलिस को काफी समय से तलाश थी। वर्तमान में जिला बालाघाट में चलाये जा रहे सक्रिय नक्सल विरोधी अभियान के तहत सभी मुखबिरो पुलिस के जवानों को नक्सलियों की पतारसी हेतु लगाया गया एवं पूर्व के 02 माह से लगातार जंगल सर्चिंग की जा रही थी और जंगल में भ्रमण करने वाले शासकीय कर्मचारियों एवं प्रायवेट व्यक्तियों से लगातार नक्सलियों की गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की जा रही थी और जिला बालाघाट की सीमा से लगे जिला गोंदिया, राजनांदगाॅव के पुलिस अधिकारियों एवं मुखबिरो से लगातार सूचना का आदान प्रदान किया जा रहा था। जिसके सार्थक परिणाम भी पुलिस को मिलना प्रारम्भ हुये है।  इसी नक्सल विरोधी अभियान के अन्तर्गत सूचना प्राप्त हुई कि फरार नक्सली लखन उर्फ मोहन पिता माखन कुम्हरे निवासी राजडोंगरी जिला गोंदिया का जो करीब 10 वर्षो से फरार होकर जिला गोंदिया, गढचिरोली (महाराष्ट्र) के क्षेत्रों में होने की पूर्व से सूचनाएं थी। जो अपने परिजनों से मिलने ग्राम देवरी जिला गोंदिया आने वाला है कि सूचना तस्दीक की गई। सूचना पुख्ता पाये जाने से फरार नक्सली को पकड़ने हेतु थाना लांजी से उपनिरीक्षक विकास खीची के नेतृत्व में पुलिस टीम रवाना की गई। जिन्होने प्राप्त सूचना को विकसित किया और जैसे ही नक्सली लखन उर्फ मोहन अपने परिजनो से मिलने आया तभी पुलिस पार्टी ने सावधानीपूर्वक एवं सजगता से उसे उसके निवास स्थान ग्राम देवरी जिला गोंदिया महाराष्ट्र से दिनांक 23.05.2016 को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।  उक्त गिरफ्तार नक्सली के विरूद्ध जिला बालाघाट में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, आगजनी के 05 अपराध पंजीबद्ध है। छत्तीसगढ एवं महाराष्ट्र राज्य के जिलो से भी गिरफ्तार आरोपी पर पंजीबद्ध अपराधों के विषय में जानकारी ली जा रही है। गिरफ्तार आरोपी लखन उर्फ मोहन पिता माखन उर्फ बिरजु कुम्हरे उम्र 50 वर्ष निवासी राजडोंगरी जिला गोंदिया पर पुलिस महानिरीक्षक बालाघाट जोन बालाघाट द्वारा पूर्व से 30 हजार रूपये का ईनाम घोषित था। उपरोक्त आरोपी लखन उर्फ मोहन को गिरफ्तार करने में निरीक्षक राजेश पटेल, उनि0 विकास खीची, आर0 परम वरकड़े, आर0 चंचलेश यादव, आर0 दिनेश ठाकरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।   

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 MadhyaBharat  1 June 2016

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   10 जनमिलिशिया सदस्य एवं 01 रेंज कमेटी सदस्य    विजय पचौरी  शासन की पुनर्वास एवं आत्म समर्पण नीति से प्रभावित, पुलिस द्वारा चलाये गये नक्सल विरोधी अभियान से दबाव में आकर व जनजागरण अभियान से प्रेरित होकर, समाज की मुख्य धारा में शामिल होने की इच्छा तथा आंध्रप्रदेश के बड़े नक्सली लीडरों की प्रताडऩा एवं भेदभाव से प्रताडि़त होकर 11 नक्सलियों ने कोंडागांव जिला पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पित सभी माओवादी छत्तीसगढ़ के मूल निवासी हैं, जो थाना मर्दापाल एवं बयानार क्षेत्र में सक्रिय थे। समर्पणकर्ताओं में 10 जनमिलिशिया सदस्य एवं 01 रेंज कमेटी सदस्य हैं। बस्तर आईजी एसआरपी कल्लूरी एवं कोंडागांव एसपी जेएस वट्टी ने बताया कि बस्तर रेंज में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत् बयानार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। केन्द्रीय व राज्य सुरक्षा बलों  द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान से नक्सली संगठन पर भारी दबाव बना हुआ है, वहीं सरकार की आकर्षक पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर समाज की मुख्यधारा में जुडऩे हेतु कुल 11 (10 पुरूष एवं 01 महिला) नक्सलियों रमलू सोरी, रामजी नेता, मधनसिंग सलाम, मिटकूराम उर्फ  झिटकू राम सलाम, दशरथ नेताम, ंिसगलू सोरी, गुदराम कोर्राम, कोहड़ी राम, रामू सलाम, जोलमा कोर्राम एवं रामजी सलाम उर्फ  मंदेर उर्फ  नवीन ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पित सभी नक्सली ग्राम बयानार, राजबेड़ा, एवं छोटे उसरी के जनमिलिशिया सदस्य हंै, जिनके विरूद्ध थाना मर्दापाल, बयानार में विभिन्न गंभीर प्रकृति के नक्सली अपराधों के तहत् आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने पुलिस को बताया कि आंध्र के नक्सली संगठनों द्वारा बस्तर की महिला नक्सलियों के साथ किये जा रहे लैंगिंक शोषण व अत्याचार से त्रस्त होकर हमने परिवारिक एवं सामाजिक जीवन से वंचित होने के कारण आत्मसमर्पण किया है और निकट भविष्य में अन्य नक्सली सदस्य आत्मसर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ सकते हैं।                               

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 MadhyaBharat  12 May 2016

प्रधानमंत्री जन-धन योजना में मप्र के लोगों की ज्यादा रूचि नहीं

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन-धन योजना में मप्र के लोगों ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई। योजना के तहत खोले गए कुल बैंक खातों में से 60 प्रतिशत से अधिक खातों में कोई ट्रांजेक्शन (लेन-देन) नहीं हुआ। खाते जब से खुले हैं तब से खाली पड़े हैं। लोगों की ‘उपेक्षा’ ने बैंकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। योजना के तहत प्रत्येक खाताधारक को एक लाख के बीमा सुरक्षा दी गई है जिसके लिए खाता खुलने के 45 दिनों के भीतर कम से कम एक बार ट्रांजेक्शन होना जरूरी है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के पहले चरण में मप्र में कुल एक करोड़ 20 लाख लोगों के बैंक खाते खुले हैं। यह खाते मार्च 2015 तक खोले गए थे। इस हिसाब से करीब 70 लाख लोगों ने अब तक अपने खातों की सुध नहीं ली है। हाल ही में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में इस मामले पर विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने चिंता जताई है। बैंक अधिकारियों का कहना कि योजना को लेकर आम लोगों में जागरुकता बढ़ाने की जरूरत है।प्रधानमंत्री जन-धन योजना दूसरे चरण में 9 मई को लांच की गई प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना में 16 जून तक प्रदेश में 73 लाख 81 हजार लोगों का ही बीमा हो पाया। इससे पहले 9 जून तक यह आंकड़ा केवल 24 लाख 38 हजार था।

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सतपुडा की रानी : पचमढ़ी

सतपुडा की रानी : पचमढ़ी म.प्र. के होशंगाबाद जिले में स्थित पचमढ़ी १०६७ मीटर ऊँचाई पर स्तिथ | यहाँ का तापमान सर्दियों में ४.५ डिग्री से. तथा गर्मियों में अधिकतम ३५ डिग्री से. होता हैं | यह मध्यप्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन हैं | यहाँ की विशेषता हैं कि आप यहाँ वर्ष भर किसी भी मौसम में जा सकता हैं | सतपुडा श्रेणियों के बीच स्थित होने के कारण और अपने सुन्दर स्थलों के कारण इसे सतपुडा कि रानी भी कहा जाता हैं | यहाँ घने जंगल, मदमाते जलप्रपात और पवित्र निर्मल तालाब हैं | यहाँ की गुफाएँ पुरातात्त्विक महत्त्व की हैं क्योंकि यहाँ गुफाओं में शैलचित्र भी मिले हैं | यहाँ की प्राक्रतिक संपदा को पचमढ़ी राष्ट्रिय उधान के रूप में संजोया गया हैं | यहाँ गौर, तेंदुआ, भालू, भैंसा तथा अन्य जंगली जानवर सहज ही देखने को मिल जाते हैं | इस क्षेत्र में घूमने के लिए आप पचमढ़ी से जीप या स्कूटर ले जा सकते हैं | जटाशंकर एक पवित्र गुफा हैं जो पंचमढ़ी कसबे से १.५ किमी दुरी पर हैं | यहाँ तक पहुचने के लिए आपको कुछ दूर तक पैदल चलने का आनंद उठाना पड़ेगा | मंदिर में शिवलिंग प्राक्रतिक रूप से बना हुआ हैं |यहाँ एक ही चट्टान पर बनी हनुमानजी की मूर्ति भी एक मंदिर में स्थित हैं | पास ही में हार्पर की गुफा भी हैं | पांडव गुफा महाभारत काल की मानी जाने वाली पॉँच गुफाएँ यहाँ हैं जिनमें द्रौपदी कोठरी और भीम कोठरी प्रमुख हैं | पुरातत्वविद मानते हैं कि ये गुफाएँ गुप्तकाल कि हैं जिन्हें बौद्ध भिक्षुओं ने बनवाया था | अप्सरा विहार से आधा किमी. कि दूरी पर स्थित हैं | ३५० फुट कि ऊँचाई से गिरता इसका जल एकदम दूधिया चाँदी कि तरह दिखाई पड़ता हैं | राजेन्द्र गिरी इस पहाडी का नाम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के नाम पर रखा गया हैं | डॉ. राजेन्द्र प्रसाद यहाँ आकर रुके थे | उनके लिए यहाँ रविशंकर भवन बनवाया गया था | इस भवन के चारों ओर प्रक्रति की असीम सुन्दरता बिखरी पड़ी हैं | हांडी खोह यह खाई है जो ३०० फिट गहरी है | यह घने जंगलों से ढँकी हैं और यहाँ कल-कल बहते पानी की आवाज़ सुनना बहुत ही सुकूनदायक लगता है | वनों के घनेपण के कारण जल दिखाई नहीं देता | पौराणिक सन्दर्भ कहते हैं कि भगवन शिव ने यहाँ एक बड़े राक्षस रूपी सर्प को चट्टान के निचे दबाकर रखा था | स्थानीय लोग इसे अंधी खोह भी कहते हैं जो अपने नाम को समर्थक करती हैं | यहाँ बने रेलिंग प्लेटफार्म पर से आप घटी का नज़ारा ले सकते हैं | प्रियेदार्शिनी प्वाइंट इस बिंदु पर से सूर्यास्त का द्रश्य बहुत ही लुभावना लगता हैं | तीन पहाडी शिखर बायीं तरफ चौरादेव, बीच में महादेव तथा दायीं और दायीं और धूपगढ़ दिखाई देते हैं | धूपगढ़ यहाँ कि सबसे ऊँची चोटी हैं | यह जमुना प्रताप के नाम से भी जाना जाता हैं | यह नगर से ३ किमी. कि दूरी पर स्थित हैं | मित्रों व् रिश्तेदारों के साथ पिकनिक मनाने के लिए यह एक आदर्श जगह हैं | अन्य आकर्षण यहाँ महादेव, चौरागढ़ का मंदिर, रिछागढ़, सुन्दर कुंड, इरन ताल, धूपगढ़, सतपुडा राष्ट्रिय उधान हैं | सतपुडा राष्ट्रिय उधान १९८१ में बनाया गया जिसका क्षेत्रफल ५२४ वर्ग किमी. हैं | यह प्राक्रतिक सौन्दर्य से भरपूर हैं यहाँ दिन या रात में रुकने के लिए आपको उधान के निदेशक से अनुमति लेना पड़ती हैं | इसके अलावा यहाँ कैथोलिक चर्च और क्राइस्ट चर्च भी हैं |

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