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मध्यप्रदेश की खबरें

विदिशा, खंडवा और रतलाम मेडिकल कॉलेज को मान्यता

मध्यप्रदेश सरकार को आखिरकार इसी सत्र से तीन और मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र शुरू करने में कामयाबी मिल गई। विदिशा, खंडवा और रतलाम मेडिकल कॉलेज को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) से मान्यता मिल गई। इससे प्रदेश में एमबीबीएस की सीटों की संख्या 800 से बढ़कर 13 सौ हो जाएगी। इसी साल दतिया मेडिकल कॉलेज भी शुरू हुआ है। इसकी सूचना चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कैबिनेट को दी। केंद्र सरकार ने प्रदेश में सात मेडिकल कॉलेज बनाने को मंजूरी दी थी। एमसीआई ने छिंदवाड़ा, शिवपुरी और शहडोल को मान्यता देने के लिए दौरा ही नहीं किया। दतिया मेडिकल कॉलेज को न सिर्फ मान्यता मिल चुकी है, बल्कि इसके भवन का लोकार्पण भी हो गया है। वहीं, विदिशा, खंडवा और रतलाम मेडिकल कॉलेज का एमसीआई की टीम ने दो बार दौरा भी किया पर छुट-पुट खामियोें के चलते मान्यता नहीं दी। इसको लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने एमसीआई के सामने बार-बार प्रस्तुतिकरण दिया पर जब बात नहीं बनी तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के निर्देश पर एमसीआई की टीम फिर से दौरा करने पर सहमत हो गई और अंतत: प्रदेश के इन तीनों कॉलेजों को मान्यता देने की सिफारिश केंद्र सरकार से कर दी। जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री दिल्ली गए थे और प्रदेश के इन तीन मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने का विषय उठाया था। इन मेडिकल कॉलेजों में छात्रों को प्रवेश इसी सत्र से मिलेगा। नए मेडिकल कॉलेजों के खुलने से एमबीबीएस की सीटें 800 से बढ़कर 13 सौ हो जाएंगी।  

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bhopal aag

भोपाल शहर के एमपी नगर झोन 1 में स्थित बालाजी टॉवर की सबसे ऊपरी मंजिल में मंगलवार सुबह आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने कई दफ्तरों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने के बाद करीब एक दर्जन दमकल मौके पर पहुंच गई थी। आग को बुझाने की कोशिश चल रही है, लेकिन अभी उस पर काबू नहीं पाया जा सका। बारिश के बाद भी इमारत से आग की लपटे उठती रहीं। लोगों को डर है कि यह आग आस-पास न फैल जाए। सूचना मिलने के बाद इमारत में स्थित दफ्तरों के मालिक और कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए थे। इलाके में बिजली भी बंद कर दी गई है।  

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आयुक्त दीपाली रस्तोगी

  मध्यप्रदेश में अपने विचारों और कार्यशैली की वजह से पिछले कुछ दिनों से चर्चा में आईं आदिवासी कार्य विभाग की आयुक्त दीपाली रस्तोगी ने प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को विकास यात्राओं और सम्मेलन में खर्च को लेकर एक और आदेश जारी किया है। रस्तोगी ने आदेश में कहा है कि प्रदेश में निकल रही विकास यात्राओं और अन्य सम्मेलन के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत आवंटित बजट में से पैसा खर्च न किया जाए। उन्होंने कहा कि इन विकास यात्राओं के लिए अलग से राशि जारी की गई है। यदि अन्य योजनाओं का पैसा इन सम्मेलन के आयोजन में लगाया जाता है तो इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना जाएगा और संबंधित अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। रस्तोगी ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित बजट का उपयोग विकास यात्राओं के लिए किसी भी परिस्थिति में न किया जाए। दीपाली रस्तोगी ने यह आदेश पिछले महीने 23 जून को सभी कलेक्टर्स को दिया था। गौरतलब है कि इससे पहले दीपाली रस्तोगी ने आदेश दिया था कि धार्मिक राजनीतिक आयोजनों में आदिवासी बच्चों को भीड़ बढ़ाने के लिए शामिल न कराया जाए। उनका यह आदेश भी सियासी हल्कों में काफी चर्चित रहा था।  

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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने गैर भाजपाई महागठबंधन की कवायद तेज हो गई है। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गैर भाजपाई महागठबंधन की कवायद तेज हो गई है। आगामी 2 अगस्त को आधा दर्जन छोटे दलों के भोपाल में होने वाले सम्मेलन में शिरकत को लेकर कांग्रेस और बसपा ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन गठबंधन के सूत्रधार पूर्व जदयू अध्यक्ष शरद यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती की कांग्रेस दिग्गजों से अलग-अलग मुलाकातें हो चुकी हैं। महागठबंधन की स्क्रिप्ट तैयार करने में जुटे समाजवादी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस कर्नाटक के अनुभव के बाद ज्यादा सतर्कता से कदम आगे बढ़ा रही है। उसकी चिंता है कि चुनाव बाद गठबंधन की स्थिरता पूरी विश्वसनीयता के साथ बनी रहे। मप्र के अलावा छत्तीसगढ़ और राजस्थान के लिए भी सैद्धांतिक चर्चा हुई है, लेकिन अभी सीटों की कोई बात नहीं हुई। मायावती की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी के अलावा अशोक गेहलोत से भी चर्चा हुई है। उधर, शरद यादव की भी कांग्रेस के दिग्गजों से मुलाकात में इसी मुद्दे पर लंबी चर्चा हो चुकी है। जदयू के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव गोविंद यादव का कहना है कि छग में कांग्रेस के साथ गोंगपा के हीरासिंह मरकाम मंच साझा कर चुके हैं। भोपाल सम्मेलन में मरकाम और फूलसिंह बरैया सहित राष्ट्रीय समानता दल को मिलाकर छह क्षेत्रीय दल शामिल होंगे। कांग्रेस और बसपा से अभी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई है। इस सम्मेलन के बहाने गैर आदिवासी, गैर दलित और गैर कांग्रेसी हिन्दू वोटों पर फोकस किया जा रहा है। गठबंधन से जुड़े नेताओं का कहना है कि भाजपा के जनाधार में बड़ी संख्या ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य वर्ग से है। इनमें से एक हिस्सा कांग्रेस के पास भी है। इनके अलावा गैर कांग्रेसी हिन्दू में ज्यादातर कम आबादी वाले समाज और गरीब-ओबीसी वर्ग के लोग शामिल हैं। इस वर्ग को रिझाने के बाद ही महागठबंधन का उद्देश्य पूरा होगा।  

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डॉ. नरोत्तम मिश्र

  जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में  दैनिक 'बुंदेलखंड बुलेटिन' समाचार पत्र के मध्यप्रदेश संस्करण का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों का प्रमुख कार्य जनता की आवाज को सरकार तक तथा सरकार की आवाज को जनता तक पहुंचाना है। इस दिशा में बुंदेलखंड बुलेटिन समाचार पत्र खरा उतरेगा, ऐसी मैं कामना करता हूँ। उन्होने कहा कि दतिया में विकास की दशा और दिशा दोनों बदली है, चौतरफा विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मी बदलते हुए दतिया के साक्षी बनें। इस अवसर पर समाचार पत्र के सम्पादक श्री पुरूषोत्तम नारायण श्रीवास्तव, विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

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shivraj singh

शासकीय कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री का सम्मान एवं आभार एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शासकीय कर्मचारी प्रशासन का दिल, अंतर्रात्मा और दोनों हाथ हैं। सरकार द्वारा कर्मचारियों के हितों के लिये निरंतर कार्य किये गये हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को अपने परिवार की तरह ही समझा है। भविष्य में भी निरंतर कर्मचारियों के कल्याण के कार्य किये जायेंगे। शासकीय कर्मचारी और सरकार मिलकर प्रदेश को समृद्ध और विकसित बनायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान शनिवार को उज्जैन में प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों द्वारा सम्मान एवं आभार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के विभिन्न 45 संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का शासकीय कर्मचारियों को सातवाँ वेतनमान दिये जाने, केन्द्रीय कर्मचारियों के समान महँगाई भत्ता, अध्यापक संवर्ग को शिक्षा विभाग में सम्मिलित करने तथा सेवानिवृत्ति की उम्र 62 वर्ष किये जाने पर आभार व्यक्त किया है। मध्यप्रदेश शासकीय तृतीय वर्ग कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष श्री रमेशचन्द्र शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी वर्गों का समान रूप से ध्यान रखा है और उनके हितों की रक्षा की है। मुख्यमंत्री द्वारा आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिये भी कारगर कदम उठाये गये हैं

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प्रदर्शनकारियों ने इंदौर में रोकी ट्रेन

इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन स्टॉपेज की मांग को लेकर रविवार सुबह बड़ी संख्या में लोग रेल रोकने पहुंचे। इंदौर। इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन स्टॉपेज की मांग को लेकर रविवार सुबह बड़ी संख्या में लोग रेल रोकने पहुंचे। लोगों का कहना है कि यहां ट्रेन का स्टॉपेज बहुत कम समय के लिए होता है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी के साथ कई ट्रेनों का यहां स्टॉपेज है ही नहीं। इस दौरान लोगों ने ट्रेन रोक ली और इंजन पर चढ़ गए, इंदौर-भोपाल फास्ट पैसेंजर एक मिनट तक रुकी रही। इसके बाद पुलिस ने सभी को इंजन से नीचे उतार लिया। रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। स्टेशन के चारों ओर पु‍लिस का कड़ा पहरा है, इसके बाद भी लोग ट्रेन रोकने पर अड़े हुए हैं। इसे रोकने के लिए एडीएम और तहसीलदार भी मौके पर पहुंच गए हैं। रेल रोको आंदोलन करने वालों के साथ कांग्रेस नेता कमलेश खंडेलवाल भी मौजूद हैं।  

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अनुराग को मैन ऑफ़ द मीडिया सम्मान

  मध्यप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल  ने भोपाल में चर्चित पत्रकार अनुराग उपाध्याय को मैन ऑफ़ मीडिया के रूप में सम्मानित किया। जनपरिषद के 29 वे स्थापना दिवस समारोह में 2017-18  में पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए अनुराग उपाध्याय को यह सम्मान दिया गया।  पत्रकार अनुराग उपाध्याय ने इस साल एक सर्जरी के 14 घंटे बाद अस्पताल के बेड से अपने पॉपुलर हेडलाइन शो को होस्ट कर एक इतिहास रच दिया। अनुराग से पहले किसी भी ऐंकर ने अस्पताल के पलंग से शो होस्ट नहीं किया। अस्पताल से पहले दिन लोकमत समाचार के वरिष्ठ पत्रकार लेखक शिवाअनुराग पटेरिया ,दूसरे दिन दैनिक भास्कर के राहुल शर्मा और तीसरे दिन दैनिक जागरण के स्थानीय सम्पादक मृगेंद्र सिंह लाइव शो में अनुराग के साथ रहे। हेडलाइन शो और बेबाक़ बात अनुराग के फेमस शो हैं एक मेजर एक्सीडेन्ट के बाद अनुराग का पैर जांघ के पास से टूट गया ,बड़ी सर्जरी के बाद अनुराग ठीक हुए और काम पर लौटे लेकिन पैर में लगी रॉड ,प्लेटें,और नट से होने वाली तकलीफ से निजात पाने के लिये उन्होंने 20 जून 2018 को फिर सर्जरी करवाई ,इससे पहले सुबह 10:30 बजे अपना प्रोग्राम हेडलाइन शो लाइव प्रजेंट किया...शाम को ऑपरेशन के बाद 21 जून 2018 की सुबह 10:30 बजे अनुराग टीवी स्क्रीन पर अस्पताल के icu से हेडलाइन शो प्रस्तुत करते नज़र आए। टीवी  पत्रकारिता की इतिहास में ऐसा इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ ,एक पत्रकार के हौसले के सामने हर चुनौती बहुत छोटी नजर आई। अनुराग के हौंसले को जनपरिषद ने मैन ऑफ़ मीडिया के रूप में सम्मानित किया।  जनपरिषद के समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि समाज में ऐसे ढेरों लोग हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, लेकिन संस्थाएं उनको पूछती तक नहीं हैं। राज्यपाल का कहना था कि प्रदेश के जिलों, कस्बों और गांवों में कई ऐसी महिलाएं और युवा हैं, जो पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन, महिला सशक्तिकरण आदि पर उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। संस्थाओं का कर्तव्य है कि वे ऐसी प्रतिभाओं का खोजें और उनका सम्मान कर उनके कार्य को भी प्रोत्साहित करें। राज्यपाल आनंदी बेन ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सबसे अधिक काम करने की जरूरत है। पूरी दुनिया ग्लोबल वर्मिंग की समस्या से जूझ रही है।  इस मौके पर मध्यप्रदेश के  पूर्व डीजीपी डीपी खन्ना की किताब 'इतिहास पुनःपुनः' का विमोचन राज्यपाल सहित अन्य अतिथियों ने किया। इसके पूर्व समारोह के प्रारंभ में जनपरिषद के अध्यक्ष और पूर्व पुलिस महानिदेशक एनके त्रिपाठी ने अतिथियों को स्वागत किया। प्रतिवेदन संस्था के उपाध्यक्ष और होमगार्ड के महानिदेशक महान भारत सागर और मेजर जनरल (पूर्व) पीएन त्रिपाठी ने प्रस्तुत किया। समारोह में पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला, ब्यूरो ऑफ आउट रीच कम्यूनिकेशन (भारत सरकार) के डीजी अनिल सक्सेना का भी सम्मान किया गया।   

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टीवी चैनल हिन्दी खबर के दफ्तर का शुभारंभ

   जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज शाम यहां ई-7 अरेरा कालोनी में टी.वी. न्यूज चैनल हिन्दी खबर के कार्यालय का फीता काटकर शुभारंभ किया। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि टी.वी. चैनल के माध्यम से जन-जन तक कल्याणकारी योजनाएँ पहुँच रही हैं। जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने उम्मीद व्यक्त की कि यह टी.वी. चैनल जन भावनाओं के अनुरूप कार्य करते हुए लोकप्रिय हो। इस अवसर पर टी.वी. चैनल के प्रधान संपादक अतुल अग्रवाल ने जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। मुख्य अतिथि डॉ. मिश्र को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। कार्यक्रम में सांसद श्री आलोक संजर, चैनल के न्यूज डायरेक्टर श्री मनोज दुबे, सीईओ श्री मनीष अग्रवाल, ब्यूरो हेड मप्र श्री अनूप सक्सेना, जनप्रतिनिधि, पत्रकार और नागरिक उपस्थित थे।

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माइनिंग और मिनरल कॉनक्लेव

पिछले 4 सालों में खनिज उत्पादन में 6 और राजस्व में 23 प्रतिशत की वृद्धि - केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर  इंदौर में हुई चौथी राष्ट्रीय माइनिंग और मिनरल कॉनक्लेव : शामिल हुए 21 राज्यों के खनिज मंत्री मध्यप्रदेश खनिज उत्पादन में देश के 10 प्रमुख राज्य में से एक है। खदानों की नीलामी और दोहन को बढ़ावा देने से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा, लेकिन खदानों का दोहन करें, शोषण नहीं। खनिज का दोहन करते समय पर्यावरण और वन का विशेष ध्यान रखें। मध्यप्रदेश में खदानों के लिये सिंगल विण्डो प्रणाली लागू की गई है। खदान नीलामी में पारदर्शिता लाने के लिये ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में चतुर्थ राष्ट्रीय माइनिंग और मिनरल्स कॉन्क्लेव में कही। सम्मेलन में केन्द्रीय खनिज मंत्री सहित 21 राज्यों के खनिज मंत्री शामिल हुए। केन्द्रीय खनिज मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि देश के कुल क्षेत्रफल के एक चौथाई भाग में खनिज उपलब्ध हैं। खनिज दोहन से बहुसंख्य लोगों को रोजगार मिल सकता है। श्री तोमर ने बताया कि देश में पिछले 4 साल में 43 खनिज ब्लॉकों की नीलामी हुई है, जिससे भारत सरकार को आने वाले सालों में एक लाख 55 हजार करोड़ रुपये की आय होगी। श्री तोमर ने बताया कि खदानों के आसपास बसे ग्रामीणों और आदिवासियों के पुनर्वास के लिये 11 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। पिछले 4 साल में खनिज उत्पादन में 6 प्रतिशत और राजस्व में 23 प्रतिशत वृद्धि हुई है। लोहा, हीरा, सोना का दोहन बढ़ा है। केन्द्रीय खनिज राज्य मंत्री श्री हरिभाऊ चौधरी ने कहा कि पिछले 4 साल में नई नीतियों से खदानों की नीलामी में पारदर्शिता आयी है। उन्होंने कहा कि इंदौर कॉन्क्लेव में प्राप्त सुझावों को परीक्षण के बाद राष्ट्रीय-स्तर पर लागू किया जायेगा। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमिताभ कांत ने कहा कि खनिज उत्पादन मेक इन इण्डिया का अभिन्न अंग है। हमारे देश में इतना अधिक खनिज है, जो 600 साल तक खत्म नहीं होगा। केन्द्र सरकार खनिज के माध्यम से राष्ट्रीय आय में बढ़ोत्तरी की नीतियाँ बना रही है। अधिकांश उद्योग प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से खदानों पर निर्भर हैं। फेडरेशन ऑफ माइनिंग एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष श्री संजय पटनायक ने कहा कि खदान नीलामी में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। केन्द्रीय इस्पात सचिव डॉ. अरुणा शर्मा ने कहा कि आने वाले वर्षों में खनिज उत्पादन में 25 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना है। उन्होंने कहा कि मशीनीकरण से खनन उद्योग से प्रदूषण 90 प्रतिशत तक कम हुआ है। खनिज मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कॉन्क्लेव में शामिल विभिन्न राज्यों के खनिज मंत्रियों का आभार माना। प्रमुख सचिव खनिज श्री नीरज मण्डलोई ने कॉन्क्लेव की कार्यवाही का संचालन किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय खनिज मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने विशाल खनिज प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। खनिज पर आधारित कई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश खनिज निगम के अध्यक्ष श्री शिव चौबे, महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ सहित गणमान्य नागरिक और खनिज उत्पादन कम्पनियों के सीईओ और सीएमडी मौजूद थे।  

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आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल श्रीमती पटेल द्वारा सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र के नवीन भवन का लोकार्पण  एमपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज बैरसिया में सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र के नवीन भवन का लोकार्पण करते हुए कहा कि बीमारियों से बचने के प्रयास करना चाहिए। इसके लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। बाजार की बाहरी वस्तुओं का सेवन साफ-सफाई के पश्चात ही करें। उन्होंने कहा कि हम स्वच्छ रहें और आस-पास स्वच्छता बनायें रखें, तो निश्चित ही बीमारियों से बचा जा सकता है। सरकार का प्रयास गावों और पिछड़े क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि महिलाओं की जिम्मेदारी है कि वे साफ-सफाई परविशेष ध्यान दें। राज्यपाल ने कहा कि शौचालयों का न होना भी नई-नई बीमारियों के होने का सबसे बड़ा कारण है। श्रीमती पटेल ने कहा कि पानी बचाने के लिये हम सभी को संयुक्त प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए ड्रिप एरीगेशन बहुत आवश्यक है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं की तरह ही पानी बचाओ अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मैं राज्यपाल के रूप में नहीं, एक माता के रूप में सुझाव दे रही हूँ कि बेटियों की ओर ध्यान दीजिए, उन्हें पोषण आहार दीजिये, गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन करवाइये तथा समय पर टीकाकरण करवाइये। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ, पढ़ाई और पोषण आहार पर ध्यान देंगे, तो निश्चित ही हम स्वस्थ देश का निर्माण कर सकते हैं। सांसद श्री आलोक संजर ने कहा कि जन-प्रतिनिधियों का यह कर्तव्य है कि वे सेवाभाव से काम करें तभी हमको सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करें। स्थानीय विधायक श्री विष्णु खत्री ने कहा कि केन्द्र की आयुष्मान भारत योजना का लाभ सभी ग्रामीणों को मिल सके, इसके लिए निरंतर प्रयास किये जायेंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मनमोहन नागर, नगरपालिका अध्यक्ष श्री राजमल गुप्ता तथा ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।    

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नगरीय निकाय के चुनाव स्थगित, राज्य निर्वाचन आयोग का फैसला

 मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने 5 नगरीय निकाय के चुनाव को स्थगित कर दिया है। कलेक्टरों द्वारा वॉर्डों के आरक्षण में सही प्रक्रिया नहीं अपनाने और आरक्षित वॉर्डों की सूची राज्य शासन के गजट नोटिफिकेशन में प्रकाशित नहीं करने के चलते ये फैसला किया गया है। इस फैसले के बाद नगरपालिका परिषद अनूपपुर, नगर परिषद सांची (रायसेन), नगर परिषद भैंसदेही (बैतूल), नगर परिषद चुरहट (सीधी) और नगर परिषद नरवर (शिवपुरी) के चुनाव स्थगित हो गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के इस फैसले से सरकार को राहत मिली है। गौरतलब है कि सोमवार को ही आयोग ने इन 5 नगरीय निकायों के लिए निर्वाचन कार्यक्रम घोषित किया था। इसके तहत 3 अगस्त को मतदान और 7 अगस्त को मतगणना होना थी। लेकिन 9 जुलाई को नगरीय विकास व आवास विभाग ने शिवपुरी और रायसेन कलेक्टर को पत्र जारी कर उनके द्वारा किए गए आरक्षण में त्रुटियों की जानकारी दी। इसके अलावा नगरीय विकास विभाग ने आयोग को भी पत्र लिखकर जानकारी दी कि अनूपपुर, रायसेन, बैतूल, सीधी और शिवपुरी कलेक्टरों द्वारा किए गए वॉर्डों के आरक्षण की अधिसूचना का प्रकाशन राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित नहीं कराया गया। विभाग ने इस आधार पर निर्वाचन कार्यक्रम स्थगित करने का अनुरोध किया। मप्र नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 29 के तहत नगरीय निकायों के क्षेत्र विस्तार और वॉर्डों के आरक्षण का विषय शासन के अधिकार क्षेत्र का विषय है। आयोग ने नगरीय विकास विभाग के पत्र का परीक्षण किया और निष्कर्ष निकाला कि वॉर्डों का आरक्षण प्रक्रिया यदि सही तरीके से नहीं अपनाई गई तो निर्वाचन प्रक्रिया दूषित होने से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग ने मप्र नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 के नियम 23 और सहपठित नियम 11 (क) के अंतर्गत नगरपालिका परिषद अनूपपुर, नगर परिषद सांची (रायसेन), नगर परिषद भैंसदेही (बैतूल), नगर परिषद चुरहट (सीधी) और नगर परिषद नरवर (शिवपुरी) के चुनाव स्थगित करने का फैसला किया। इसके अलावा आयोग ने राज्य शासन को निर्देश दिए कि वॉर्डों के आरक्षण में सही प्रक्रिया अपनाकर उसकी अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित कर तत्काल आयोग को सूचित किया जाए जिससे इन स्थानों पर निर्वाचन की प्रक्रिया को नियमित किया जा सके।

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कांग्रेस घोषणा पत्र समिति मुद्दों पर करेगी चर्चा

 विधानसभा चुनाव  2018 में मध्यप्रदेश कांग्रेस के घोषणा पत्र के लिए बनी समिति ने प्रदेशभर में दौरे कर लिए हैं। सोमवार को पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ के साथ उनके निवास पर हुई बैठक में समिति के सामने आए मुद्दों पर चर्चा हुई। समिति की अगली बैठक 26 जुलाई को रखी गई है। बताया जाता है समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र सिंह और नरेंद्र नाहटा ने भोपाल-होशंगाबाद, मीनाक्षी नटराजन ने इंदौर, उज्जैन और महाकोशल में विवेक तन्खा ने दौरे कर अलग-अलग बैठकें कीं व लोगों से मुलाकात की है। इसमें दुष्कर्म, महिला सुरक्षा, किसान, कानून व्यवस्था, प्रदेश सरकार की आर्थिक स्थिति, सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों के आंदोलन, बेरोजगारी, उद्योगों की परेशानी आदि मुद्दे उभरकर सामने आए, जिन पर बैठक में चर्चा की गई। उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ बैठक : उधर, पीसीसी में कमलनाथ के साथ प्रदेश के उद्योगपतियों और व्यापारियों की बैठक भी हुई। इसमें फैसला लिया गया कि संभाग व जिलास्तर पर उद्योग-व्यापार प्रकोष्ठ बनाने के बाद संभागीय सम्मेलन होंगे। बैठक में बिजली की दरें, रियल एस्टेट, कलेक्टर गाइडलाइन, रजिस्ट्री शुल्क, दस्तावेज पंजीयन, भू-राजस्व संहिता उल्लंघन आदि समस्याओं को रखा गया।

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मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में एक साल में किसानों के खातों में विभिन्न योजनाओं में लगभग 35 हजार करोड़ रूपये की सहायता पहुँचाई गई है। राज्य सरकार ने नर्मदा के पानी को क्षिप्रा नदी में डालने के असंभव कार्य को संभव कर दिखाया है। आज नर्मदा मैया की कृपा से देवास को पीने का पानी सहजता से उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि देवास, उज्जैन, शाजापुर और आगर जिलों में सिंचाई के लिए नर्मदा-कालीसिंध पार्ट-1 व पार्ट-2 तथा नर्मदा मालवा-गंभीर पार्ट-01 और पार्ट-02 तथा नर्मदा मालवा-क्षिप्रा पार्ट-2 लिंक परियोजनाओं से सिंचाई की योजना तैयार की गई है। इसमें विभिन्न चरणों में लगभग 14 लाख 20 हजार एकड़ में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई की व्यवस्था होने से अगले पांच साल में इन जिलों में फसलों का पूरा पैटर्न ही बदल जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को देवास में ‘‘किसान महासम्मेलन’’ को संबोधित कर रहे थे। किसानों के 30 हजार बेटा-बेटियों के लिये ऋण की व्यवस्था श्री चौहान ने कहा कि किसानों को फसलों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए फसलों के निर्यात के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिये एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फुड प्रोसेसिंग इकाईयों की स्थापना को भी बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस साल किसानों के 30 हजार बेटा-बेटियों को इस योजना में ऋण दिलाने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री चौहान ने असंगठित श्रमिकों और गरीबों के लिए लागू की गई मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में मिलने वाले लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि अगले चार साल में हर गरीब के पास अपना पक्का मकान होगा। गरीबों, श्रमिकों के बेटा-बेटियों की उच्च शिक्षा की फीस सरकार भरेगी। उन्होंने बताया कि बिजली बिल माफी योजना में सभी गरीबों और श्रमिकों के बिजली बिल माफ करने के लिए कैम्प लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मासूम बेटी के साथ अगर कोई दुराचार करेगा तो उसे फांसी की सजा देने का प्रावधान किया गया है। सागर में एक बच्ची के साथ हुई दुराचार की घटना में आरोपी को फांसी की सजा हो गई है। श्री चौहान ने महा-सम्मेलन में जनसैलाब से बेटी बचाने, बेटियों का मान-सम्मान करने, पानी बचाने, नया मध्यप्रदेश बनाने और खेती को लाभ का धंधा बनाने का आह्वान किया। महा-सम्मेलन में तकनीकी कौशल विकास (स्वतंत्र प्रभार) स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, सांसद श्री मनोहर ऊंटवाल तथा विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पवार ने भी विचार रखे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 34 करोड़ 81 लाख लागत की 3 सड़कों का भूमि-पूजन किया। देवास जिले के लगभग एक लाख 6 हजार किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ-2017 के 552 करोड़ रुपए से अधिक की दावा राशि के भुगतान प्रमाण-पत्र वितरण कार्य की शुरूआत की। प्रतीक स्वरूप हितग्राहियों को बीमा दावा राशि के प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। महा-सम्मेलन में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में 2105 हितग्राहियों को 25 करोड़ 26 लाख के स्वीकृति पत्रों का वितरण किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री बिजली माफी योजना के पांच हितग्राहियों तथा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में दो महिलाओं को प्रतीक स्वरूप गैस कनेक्शन के प्रमाण-पत्र दिए गए। कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुरेंद्र पटवा, विधायक श्री आशीष शर्मा, श्री राजेंद्र वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह राजपूत, महापौर श्री सुभाष शर्मा, म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री रायसिंह सेंधव, मप्र खादी ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष श्री सुरेश आर्य सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

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बिजली बिल माफी योजना

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संबल योजना प्रदेश में गरीबों का संबल बन गयी है। यह जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। इस योजना के अंतर्गत गरीबों के लिये मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना और सरल बिजली बिल योजना वरदान सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 11 जुलाई को सभी जिलों में बिजली बिल माफी प्रमाण पत्र देने और नये हितग्राहियों का पंजीयन कराने के लिये जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। मुख्य कार्यक्रम रतलाम जिले के जावरा में आयोजित होगा। श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं जावरा से पूरे प्रदेश के हितग्राहियों को संबोधित करेंगे। उनका संबोधन दोपहर तीन बजे से सभी जिलों में सुना जा सकेगा। श्री चौहान आज अपने निवास से सभी संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 11 जुलाई के बाद बिजली बिल माफी और पंजीयन की प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद जहाँ-जहाँ ट्रांसफार्मर कटे हैं, वे सब एक साथ जोड़ दिये जायेंगे और एक दिन प्रकाश पर्व मनाया जायेगा। श्री चौहान ने जिला कलेक्टरों और जन-प्रतिनिधियों से कहा कि 11 जुलाई को जिलों में कार्यक्रमों का आयोजन करें और बिजली बिल माफ करने तथा पंजीयन कराने के संबंध में जो भी कठिनाईयां आती हैं, उनका तत्काल समाधान भी करें। श्री चौहान ने कहा कि 11 जुलाई को जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने के बाद स्थानीय जन-प्रतिनिधि सुविधानुसार विधानसभावार भी बिजली बिल माफी के कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। विद्युत सब स्टेशनों पर भी विद्युत अधोसंरचना और निर्माण से संबंधित कामों का लोकार्पण किया जायेगा। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि इस योजना को अपने-अपने जिलों में नेतृत्व प्रदान करें और प्रभावी तरीके से इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि गरीबों को योजना का ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके। स्थानीय कार्यक्रमों में सांसद, जन-प्रतिनिधि, नगरीय पंचायत के प्रतिनिधि शामिल हों और गरीब हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलवायें।इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ जन-प्रतिनिधियों का समन्वय आवश्यक है। इसके लिये पहले से प्लानिंग कर लें। बरसात को देखते हुए पर्याप्त इंतजाम रखें। श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना, बकाया बिजली बिल माफी योजना और सरल बिजली बिल योजना गरीबों के सिर से अनावश्यक आर्थिक बोझ उतारने वाली योजनायें हैं। ये गरीबी से लड़ने का सहारा देने वाली योजनाएं हैं। कोई भी पात्र गरीब परिवार इस योजना का लाभ लेने से वंचित नहीं रहना चाहिये। श्री चौहान ने कहा कि वे संबल योजना और बकाया बिजली बिल माफी योजना की निरंतर समीक्षा करेंगे और हर दिन कम से कम चार जिला कलेक्टरों से बात करेंगे। श्री चौहान ने बताया कि भवन संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीबद्ध श्रमिकों का भी स्वाभाविक रूप से संबल योजना में पंजीयन मान्य किया जायेगा। उन्होंने विद्युत वितरण कम्पनियों के फील्ड अमले की सराहना करते हुये कहा कि मैदानी अधिकारी पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, स्थानीय जन-प्रतिनिधि प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आई.सी.पी. केशरी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, श्री विवेक अग्रवाल एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

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आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल से मिले गुजरात राज्य से आये किसानों के दल  एमपी की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज राजभवन में गुजरात राज्य से आये किसानों के दल ने सौजन्य भेंट की और खेती के नये-नये तरीकों के बारे में अपने अनुभव साझा किये। श्रीमती पटेल ने किसानों को जैविक खेती के लिये प्रेरित करते हुए कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये यह सशक्त माध्यम है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिये महत्वपूर्ण योजनाएँ लागू की हैं। उन्होंने किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने का अनुरोध करते हुए कहा कि सरकार सहायता कर सकती है, मार्गदर्शन प्रदान कर सकती है, लेकिन योजनाओं का लाभ लेने के लिये किसानों को स्वयं आगे आना होगा। राज्यपाल ने मध्यप्रदेश में किसानों और सरकार के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि राज्य को विगत 5 वर्ष से निरंतर राष्ट्रीय स्तर पर कृषि कर्मण अवार्ड से विभूषित किया जा रहा है। राज्यपाल ने किसानों से कहा कि अपने बच्चों को खेती से जुड़े कुटीर उद्योग स्थापित करने के लिये प्रेरित करें। सरकार की मुद्रा बैंक योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस योजना में खेती से जुड़े कुटीर उद्योग स्थापित करने के लिये समुचित आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। श्रीमती पटेल ने किसानों को सलाह दी कि खेतों और बगीचों को जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिये आसपास बागड़ जरूर लगायें। श्रीमती पटेल ने कहा कि खेतों की उर्वरा शक्ति बनाये रखने के लिये जैविक खाद, पानी और अन्य आधुनिक संसाधनों का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने फलों की खेती को किसानों के लिये लाभदायक बताते हुए कहा कि सीताफल, अमरूद, चीकू जैसे फलों का उपयोग आइस्क्रीम तथा अन्य उत्पाद बनाने में किया जाता है। इसकी खेती से किसान एक निश्चित अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। राज्यपाल श्रीमती पटेल से मिलने आये किसान भोपाल स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। राज्यपाल से मुलाकात के समय आत्मा प्रोजेक्ट गाँधी नगर और राजभवन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

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umashankar gupta

राजस्व मंत्री  गुप्ता ने बाँटे संबल योजना के पंजीयन प्रमाण-पत्र  राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने वार्ड-32 में मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना (संबल) में असंगठित श्रमिकों को पंजीयन प्रमाण-पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि जल्‍द ही उन्हें स्मार्ट-कार्ड दिये जायेंगे। श्री गुप्ता ने कहा कि दलालों के चक्कर में नहीं पड़ें, सभी पात्र लोगों को संबल योजना के कार्ड दिये जायेंगे। श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार गरीबी हटाने के लिये कृत-संकल्पित है। प्रदेश में 6 करोड़ लोगों को एक रुपये किलो की दर से गेहूँ और चावल दिया जा रहा है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 28 लाख से अधिक कन्याओं को लाभान्वित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में कन्याओं के खाते में 25 हजार रुपये जमा करवाये जाते हैं। श्री गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2022 तक सभी आवासहीनों को मकान देने का लक्ष्य है। उज्जवला योजना में पूरे देश में अभी तक 4 करोड़ परिवारों को नि:शुल्क घरेलू गैस कनेक्शन दिये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि संबल योजना में पंजीकृत परिवार के बच्चों की पढ़ाई की पूरी फीस सरकार देगी। जैसे ही आप स्कूल में कार्ड दिखायेंगे, आपकी फीस माफ होगी और अस्पताल में कार्ड दिखायेंगे तो दवाइयाँ नि:शुल्क मिलेंगी। गर्भवती महिलाओं को 4000 रुपये और प्रसव के बाद 12 हजार रुपये दिये जायेंगे। इस मौके पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री का हरियाली महोत्सव पर प्रदेशवासियों के नाम संदेश  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मनुष्य का जीवन पर्यावरण में संतुलन पर निर्भर है। जीवन की हरियाली को बचाने के लिये पौधों को लगाना और उनकी रक्षा कर पेड़ बनाना आज की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री चौहान ने यह बातें हरियाली महोत्सव के तहत प्रदेशवासियों के नाम जारी अपने संदेश में कही हैं। श्री चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार ने गत वर्ष नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान जन-सहयोग से व्यापक स्तर पर पौध-रोपण किया गया। इस वर्ष भी 15 जुलाई से नर्मदा सहित अन्य नदियों के कैचमेंट एरिया में पौध-रोपण किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया है कि वानिकी विकास योजनाओं से जहाँ एक ओर हरियाली का विस्तार होगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नये अवसर भी निर्मित होंगे। श्री चौहान ने प्रदेश के प्रत्येक नागरिक से एक पौधा लगाने का संकल्प लेने की अपील की है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि हरियाली महोत्सव पौध-रोपण के साथ पौधों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने में अवश्य सफल होगा। प्रदेश में जन-सामान्य में हरियाली के संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने के लिये हरियाली महोत्सव मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हरियाली महोत्सव की सफलता के लिये प्रदेश के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।  

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मंत्रालय पार्क में हुआ सामूहिक वंदे-मातरम गायन

  सामान्य प्रशासन एवं नर्मदा घाटी विकास राज्यमंत्री श्री लाल सिंह आर्य की उपस्थिति में  आज राष्ट्रगीत वंदे-मातरम का सामूहिक गायन मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पुलिस बैंड ने मधुर धुनें प्रस्तुत की। वंदे-मातरम गायन में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्री जे.एन. कसोंटिया, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग श्री एस.एन. मिश्रा, प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उदयम विभाग श्री बी.एल. कांताराव, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी तथा प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री हरिरंजन राव सहित  मंत्रालय, सतपुड़ा एवं  विंध्याचल भवन के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।  

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आयुष्मान भारत  योजना 15 अगस्त से होगी लाँच

प्रदेश के लगभग साढ़े 5 करोड़ से अधिक सदस्यों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन की 'आयुष्मान भारत' योजना 15 अगस्त 2018 से लागू की जाएगी। योजना में सामाजिक, आर्थिक और जातीय जनगणना (एस.ई.सी.सी.) के आधार पर वंचित श्रेणी के 84 लाख परिवारों को शामिल किया गया है। इस योजना का लाभ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के परिवारों और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के पात्रता पर्ची वाले सभी परिवारों को भी दिया जायेगा। योजना में शामिल परिवारों को प्रति परिवार 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध करवाया जायेगा। योजना का लाभ शासकीय और निजी चिकित्सालयों के माध्यम से कैशलेस रूप में दिया जायेगा। इससे शासकीय अस्पतालों को उन्नत किया जा सकेगा और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की उपलब्धता भी बढ़ेगी। योजना के लागू होने पर प्रदेश के नागरिकों पर उपचार के आउट ऑफ पॉकेट खर्च में भी कमी आयेगी। प्रदेश में असंगठित श्रेणी के मजदूरों के लगभग 20 लाख परिवार है। पात्रता पर्ची वाले ऐसे परिवार जो एस.ई.सी.सी. के आधार पर वंचित श्रेणी में शामिल नहीं है, उनकी संख्या लगभग 34 लाख है। इस प्रकार लगभग एक करोड़ 37 लाख परिवारों के लगभग साढ़े 5 करोड़ से अधिक सदस्यों को इस योजना में स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध होगा। प्रति परिवार 1200 रुपये की दर से कुल 1648 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान है। एस.ई.सी.सी. के 84 लाख परिवारों के लिये 600 करोड़ रुपये की ग्रांट-इन-एड भारत सरकार के केन्द्रांश के रूप में प्राप्त होगी और 400 करोड़ राज्यांश देना होगा। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के परिवारों और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम में पात्रता पर्ची वाले परिवारों को योजना का लाभ देने पर लगभग 648 करोड़ का अतिरिक्त व्यय होगा, जो राज्य शासन वहन करेगा। योजना के क्रियान्वयन के संबंध में नेशनल हेल्थ एजेन्सी भारत सरकार के साथ एक एमओयू सम्पादित किया गया है। प्रदेश में तेलंगाना और कर्नाटक राज्य के समान इस योजना को राज्य स्तर पर एक ट्रस्ट/ सोसायटी का गठन कर संचालित किया जायेगा। सोसायटी गठन के लिये रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसायटी को ऑनलाइन आवेदन कर दिया गया है। योजना के क्रियान्वयन में सहयोग के लिये सेवा प्रदाता एजेन्सी की सेवाएँ खुली निविदा के माध्यम से ली जायेगी। भारत सरकार द्वारा 1350 चिकित्सा प्रोसिजर्स के पैकेज उपलब्ध करवाये गये हैं। इन प्रोसिजर्स को चार श्रेणी - सेकेण्डरी प्रोसिजर्स, सेकेण्डरी काम्पलेक्स, टर्सरी प्रोसिजर्स और सुपर स्पेशियलिटी में विभाजित किया गया है। सेकेण्डरी प्रोसिजर्स जिला अस्पताल के स्तर के लिये तथा सेकेण्डरी काम्पलेक्स प्रोसिजर्स चिकित्सा महाविद्यालयों के लिये आरक्षित रहेगी। शेष सभी प्रोसिजर्स निजी और शासकीय चिकित्सालयों के लिये खुली रहेगी। निजी अस्पतालों को योजना में इम्पैनल करने के लिये मापदंड निर्धारण की कार्यवाही की जा रही है। वर्तमान में राज्य बीमारी सहायता योजना में मान्य अस्पतालों को इस योजना में मान्यता दी जायेगी। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एस.ई.सी.सी. के वंचित श्रेणी परिवारों की सूचियों का सत्यापन कार्य भी स्वास्थ्य विभाग ने पूरा करा लिया है। सर्वे के दौरान परिवारों के संबंध में मोबाइल और राशन कार्ड नम्बर (समग्र परिवार आईडी) की जानकारी तथा परिवार के नये सदस्यों के नाम एकत्रित किये गये हैं। इसकी डॉटाएन्ट्री का कार्य विकासखंड स्तर पर किया जा रहा है।  

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जबलपुर में भेड़ाघाट के समीप विराट हॉस्पिस में कैंसर पीड़ित मरीजों की नि:स्वार्थ भाव से की जा रही सेवा को अनुकरणीय बताते हुए इस तरह के प्रकल्पों को गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी प्रारंभ करने की मंशा व्यक्त की है। श्री चौहान आज सुबह जबलपुर में वरिष्ठ पत्रकार श्री संजय सिन्हा के साथ ब्रह्मर्षि मिशन समिति द्वारा संचालित विराट हॉस्पिस पहुँचे थे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर विराट हॉस्पिस में इलाज और देख-रेख के लिए भर्ती सभी 24 कैंसर रोगियों से भेंट कर उनकी कुशल क्षेम जानी। मुख्यमंत्री ने कैंसर से जीवन की जंग लड़ रहे इन मरीजों का गुलाब का फूल भेंटकर हौसला भी बढ़ाया। विराट हॉस्पिस में कैंसर से पीड़ित मरीजों की सेवा से अभिभूत मुख्यमंत्री ने संस्थान की संचालक और ब्रह्मर्षि मिशन समिति की प्रमुख साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी से भेंट की और आशीर्वाद लिया। श्री चौहान ने गंभीर और असाध्य माने जाने वाले कैंसर रोगियों की यहां की जा रही सेवा के कार्य को अद्भुत एवं अतुलनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रकल्पों को प्रदेश के अन्य स्थानों पर प्रारंभ करने के लिए ब्रह्मर्षि मिशन समिति के सहयोग से एवं साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी के मार्गदर्शन में कार्य-योजना तैयार की जायेगी। मुख्यमंत्री को बताया गया कि पिछले पाँच वर्षों में करीब 900 से अधिक कैंसर रोगियों की इस संस्थान में सेवा की जा चुकी है। संस्थान में आने वाले अधिकांश ऐसे कैंसर रोगी गरीब परिवारों के होते हैं। इन मरीजों को संस्थान में नि:शुल्क इलाज के साथ आध्यात्मिक वातावरण भी उपलब्ध करवाया जाता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विराट हॉस्पिस के सेवा कार्यों को देखते हुए इसे शासन द्वारा प्रारंभ किये गये आनंदम विभाग की गतिविधियों से जोड़ने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने ब्रह्मर्षि मिशन समिति के सेवा के एक और प्रकल्प ग्वारीघाट में गरीब परिवारों के बच्चों के लिए संचालित शाला के मेधावी बच्चों से भी भेंट की। उन्होंने इन बच्चों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान करते हुए खूब मेहनत करने और आगे की पढ़ाई की चिंता सरकार पर छोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के इन बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च शासन उठाएगा। मुख्यमंत्री ने विराट हॉस्पिस में गुणवत्तापूर्ण विद्युत की आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर स्थापित करने तथा संस्थान तक पहुँच मार्ग के निर्माण के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। विराट हॉस्पिस आने पर साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी द्वारा मुख्यमंत्री का शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती प्रतिभा सिंह, समाजसेवी श्री नरेश ग्रोवर, श्री सांवलदास, श्री कमल ग्रोवर, वरिष्ठ पत्रकार श्री रवीन्द्र वाजपेई और नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अनिल तिवारी भी मौजूद थे । पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. रोहाणी की प्रतिमा पर माल्यार्पण : महिलाओं को सिलाई मशीनें वितरित मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने जबलपुर प्रवास के दूसरे दिन आज पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्री ईश्वरदास रोहाणी के जन्म दिवस पर सर्किट हाउस के समीप स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रृद्धा सुमन अर्पित किये। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में केंट विधानसभा क्षेत्र के मेधावी बच्चों का सम्मान किया तथा गरीब परिवारों की महिलाओं को सिलाई मशीनें एवं दिव्यांगों को ट्राइसिकल दी। कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री शरद जैन, समाजसेवी डॉ. जीतेन्द्र जामदार, विधायक श्री अशोक रोहाणी और श्री विजय रोहाणी मौजूद थे।

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बकाया बिजली बिल माफी स्कीम

सरल बिजली से 88 लाख और बकाया बिल माफी से 77 लाख हितग्राही लाभांन्वित होंगे  मध्यप्रदेश के लिये एक जुलाई 2018 ऐतिहासिक दिन साबित होने जा रहा है। इस दिन से मध्यप्रदेश सरकार लाखों पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिजली के मामले में बहुत बड़ी राहत देने जा रही है। कम आय वाले श्रमिक और बीपीएल उपभोक्ताओं को अब बिजली के बड़े बिल को लेकर चिंता नहीं करनी होगी। पंजीकृत श्रमिकों को प्रति माह बिजली बिल मात्र 200 रूपये का भुगतान करना होगा। इससे ज्यादा राशि का बिल आने पर उसकी पूर्ति राज्य शासन द्वारा सब्सिडी देकर की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल और मंशा के अनुरूप मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना-2018 में पंजीकृत श्रमिकों को बिजली बिलों में राहत देने के लिये एक जुलाई से व्यापक स्तर पर सरल बिजली बिल स्कीम एवं मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम को लागू किया जा रहा है। सरल बिजली बिल स्कीम का लाभ 88 लाख पंजीकृत श्रमिकों को मिलेगा। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम से 77 लाख पंजीकृत श्रमिक और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ता लाभांन्वित होंगे। सरल बिजली बिल स्कीम में शामिल होने के लिये कोई अंतिम तिथि नहीं होगी। वितरण केन्द्रों में हितग्राहियों को लाभ देने की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जहां मीटर स्थापित होंगे, वहां उनमें अंकित खपत के आधार पर बिल की राशि की गणना की जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों के अनमीटर्ड संयोजनों पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दरों से बिल की गणना की जायेगी। उपभोक्ता को केवल 200 रूपये प्रति माह देने होंगे, शेष राशि की सब्सिडी शासन द्वारा दी जायेगी। पात्रताधारी परिवारों को बिना कनेक्शन प्रभार लिये (नि:शुल्क) बिजली कनेक्शन की सुविधा दी जायेगी। राज्य शासन वार्षिक सब्सिडी के रूप में एक हजार करोड़ रूपये उपलब्ध करायेगा। हितग्राही के स्वयं उपभोक्ता होने पर स्कीम का लाभ मिलेगा। उपभोक्ता परिवार का सदस्य होने और साथ में निवास करने पर भी लाभ की पात्रता रहेगी। इसके लिये परिवार का सदस्य वही माना जायेगा, जो समग्र डाटाबेस में परिवार के रूप में दर्ज होगा। उपभोक्ता के चाहने पर 500 रूपये के स्टाम्प पर नामांतरण की सुविधा रहेगी। एयर कंडीशनर (ए.सी.), हीटर, एक हजार वॉट से अधिक के उपभोक्ता योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में स्कीम के तहत सुविधा केवल बल्ब, पंखा और टी.वी. चलाने पर ही मिलेगी। एक हजार वॉट में 4 बल्ब, 2 पंखे, एक टीवी और एक कूलर चल सकेंगे। हितग्राही को विद्युत वितरण कंपनी के केन्द्र या जोन या इसके लिये लगाये जा रहे केम्प में निर्धारित फार्म में आवेदन देना होगा। आवेदन में केवल श्रमिक पंजीयन नंबर ही देना होगा। स्कीम में शामिल होने के लिये कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। बिजली का बिल आवेदन का परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों का जुलाई का बिल जो अगस्त में आयेगा, उसमें अधिकतम 200 रूपये भुगतान करने का उल्लेख होगा। बिल में उपभोक्ता द्वारा दी जाने वाली राशि और शासन की सब्सिडी का भी उल्लेख होगा। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल उपभोक्ताओं को राहत पहुँचाने के लिये एक जुलाई से शुरू हो रही मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम में हितग्राहियों को लाभ दिलवाने की कार्रवाई भी वितरण केन्द्रों में लगातार जारी रहेगी। जून 2018 स्थिति में बिजली बिल की बकाया पूरी राशि माफ की जायेगी। इसमें मूल बकाया राशि एवं सरचार्ज भी शामिल रहेगा। शासन द्वारा इस योजना के लिये लगभग 1806 करोड़ रूपये की सब्सिडी दी जायेगी। योजना का लाभ 77 लाख पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल उपभोक्ताओं को मिलेगा। उपभोक्ता के पंजीकृत श्रमिक के सगे-सम्बधी होने और साथ में रहने पर ही लाभ मिलेगा। इस योजना में भी परिवार का सदस्य उन्हीं को माना जायेगा, जिनका नाम सम्रग डाटा बेस में परिवार के रूप में अंकित होगा। न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण तथा विद्युत अधिनियम की धारा 126, 135 एवं 138 में दर्ज प्रकरणों की स्थिति में भी लाभ दिया जायेगा। पिछली सामाधान योजना में लाभ ले चुके उपभोक्ता भी स्कीम का लाभ ले सकेंगे। हितग्राही को वितरण केन्द्र या जोन अथवा शिविरों में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन देना होगा। विद्युत कंपनियों द्वारा वितरण केन्द्रवार जुलाई में शिविर लगाये जायेगे। फार्म में उपभोक्ता को केवल श्रमिक पंजीयन अथवा बीपीएल कार्ड का नंबर देना होगा। आवेदन के परीक्षण के बाद हितग्राहियों को बिल माफी का प्रमाण-पत्र दिया जायेगा। 

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गरीब को उसका जायज़ हक़ मिले। इसके लिये सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये हैं। योजनाओं का क्रियान्वयन इस तड़प के साथ किया जाये कि कोई भी पात्र व्यक्ति इनके लाभ से वंचित नहीं रहे। क्रियान्वयन पंचायत स्तर तक प्रशासनिक कसावट के साथ हो। इसकी नियमित मॉनीटरिंग की जाये। लापरवाही के प्रकरणों में कठोर कार्रवाई की जाये। श्री चौहान ने अवैध खनन के प्रकरणों में वाहन नीलामी की कार्रवाई करने और महिलाओं पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिये प्रभावी रणनीति बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आगामी पर्वों और मौसम को दृष्टिगत रखते हुए अग्रिम कार्य-योजना बनायें। श्री चौहान आज मंत्रालय में संभागायुक्तों और पुलिस महानिरीक्षकों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह और पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी प्रयास है। योजना का लाभ हर जरूरतमंद को मिले, इसकेलिये सजगता और सक्रियता के साथ योजना की मॉनीटरिंग की जाये। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन कार्य की वे स्वयं प्रतिदिन समीक्षा करेंगे। योजना का सीएम डैशबोर्ड बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब की आवश्यकताओं को पूरा करना ही गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी तरीका है। संबल योजना का क्रियान्वयन व्यापक स्तर पर करने के लिये जरूरी है कि आम आदमी योजना को भलीभांति समझें। इसके लिये व्यापक स्तर पर सभी प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जाये। इसमें कोई कोर-कसर बाकी नहीं रहनी चाहिये। मुख्यमंत्री ने फ्लेट रेट विद्युत और बकाया बिल समाधान योजना की समीक्षा की। उन्होंने विद्युत कनेक्शन के नामांतरण कार्य के लिये स्टाम्प शुल्क की बाध्यता को समाप्त करवाने केलिये कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल निगरानी समिति के सदस्यों को योजना के एम्बेसडर के रूप में स्थापित किया जाये। विद्युत बिल पंजीयन शिविरों में और मास्टर ट्रेनर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में समिति सदस्यों को शामिल किया जाये। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले द्वितीय और अंतिम वर्ष के अध्ययनरत छात्रों की फीस भी सरकार भरवा रही है। इस संबंध में व्यापक स्तर पर छात्र-छात्राओं को जानकारी दी जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहाकि प्रशासनिक व्यवस्थाएं इतनी चुस्त और दुरूस्त हों कि गरीब और अनूसूचित जनजाति के सदस्य के साथ कोई छल नहीं कर सके। उन्होंने सरकार के कल्याणकारी कार्यों के लाभ उन तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने के लिये निर्देशित किया। उन्होंने वनाधिकार पट्टे, कुपोषण, बँटवारे, जाति प्रमाण पत्र, वनोपज संग्रहण और विक्रय, निजी भूमि पर पेड़ काटने के अधिकार से संबंधित समस्याओं का परीक्षण करने और प्रभावी समाधान के लिये संभागायुक्तों को व्यक्तिगत उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने के लिये निर्देशित किया। कहा कि वनाधिकार दावों के पुन: परीक्षण के कार्य को और अधिक गति से संचालित करें ताकि अगस्त माह तक सभी पात्रों को वनाधिकार पट्टे मिल जायें। चरण पादुका योजना के अंतर्गत सभी पात्र व्यक्तियों को सामग्री मिलना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रहने लायक भूमि के टुकड़े का अधिकार पत्र 15 अगस्त से पूर्व सभी पात्र परिवारों को मिल जाये। नगरीय क्षेत्र की भूमि पर लम्बे समय से बसे परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिये विशेष दृष्टि के साथ प्रयास हो। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी राजस्व न्यायालय मॉनीटरिंग सिस्टम की समीक्षा समय-समय पर करेंगे। साथ ही बटाईदार कानून एवं भू-राजस्व संहिता में किये जा रहे क्रांतिकारी बदलाव का प्रचार-प्रसार करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अगर किसी किसान को गेहूँ, चना और मसूर का किसी कारणवश उपार्जन पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सका है, उन प्रकरणों का परीक्षण स्वयं संभागायुक्त करें। उनके प्रतिवेदन के आधार पर छूट गये किसानों को दर्ज करने के लिये पोर्टल खुलवाया जायेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिये कि व्यवस्था से केवल वास्तविक किसान ही लाभान्वित हों। साथ ही, गेहूँ खरीदी की राशि का शीघ्र भुगतान भी सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंदसौर की घटना के अपराधियों को जल्द से जल्द दण्ड दिलाने के लिये सजगता के साथ प्रयासों की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आगामी समय में पर्वों को दृष्टिगत रखते हुए संवदेनशील कार्य प्रणाली के साथ व्यवस्थाएं की जायें। हर हाल में साम्प्रदायिक सौहार्द्र को सुनिश्चित किया जाये। प्राकृतिक आपदाओं की आशंका के दृष्टिगत अग्रिम कार्य-योजना बनाई जाये, जिसमें राहत और बचाव के समुचित प्रबंध हों। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के प्रकरणों में वाहन जप्त कर नीलामी की कार्रवाई की जानी चाहिये। इसी तरह असामाजिक तत्वों के विरूद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाये। मुख्यमंत्री ने विगत दिनों प्रदेश में की गई कार्रवाई के सकारात्मक परिणामों का उल्लेख भी किया। उन्होंने सायबर क्राईम और सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी की जरूरत बताई। मादक पदार्थों के व्यापार को रोकने के लिये विशेष प्रयास करने के लिये कहा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 14 जुलाई से प्रदेश में जन-आशीर्वाद यात्रा का आयोजन किया जायेगा। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री आम जन के साथ सीधा संवाद करेंगे। गरीब बस्तियों में जाकर रहवासियों के साथ चर्चा करेंगे। शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत से परिचित होंगे। क्रियान्वयन कार्य की समीक्षा के लिये राजस्व न्यायालय, छात्रावास, चिकित्सालय, विद्यालय और निर्माण कार्यों का भी आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान बताया गया कि फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2017 के दावों की राशि का शीघ्र वितरण किया जायेगा। इससे प्रदेश के 17 लाख 77 हजार 300 किसानों को 5260 करोड़ रूपये की राशि मिलेगी। यह देश में किसानों को मिलने वाली अभी तक की सर्वाधिक राशि है। बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि श्री पी.सी. मीना, अपर मुख्य सचिव वन श्री के.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री इकबाल सिंह बैस, श्रम, कृषि, ऊर्जा, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, अनुसूचित जनजाति कल्याण, राजस्व, नगरीय प्रशासन आदि विभागों के प्रमुख सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

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सुरक्षित मातृत्व अभियान में मध्यप्रदेश को मिलेगा अवार्ड

स्वास्थ्य मंत्री  रुस्तम सिंह को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री नड्डा ने लिखा पत्र मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मातृ मृत्यु दर कम करने पर पुरस्कृत किया जायेगा। इसके लिये केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रुस्तम सिंह को पत्र लिखकर 29 जून को होने वाली अवार्ड सेरेमनी के लिये आमंत्रित किया है। केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा ने मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंह को इसके लिये बधाई भी दी है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान देश में 3 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रसव के पहले देखभाल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये शुरू किया गया है। राज्य शासन द्वारा प्रदेश में मातृ मृत्यु दर को कम करने के प्रयास अब सार्थक परिणाम देने लगे हैं। भारत के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय द्वारा वर्ष 2014 से 2016 तक के विशेष बुलेटिन में मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु में 48 अंकों की अभूतपूर्व गिरावट दर्ज हुई है। प्रदेश में वर्ष 2011-13 में मातृ मृत्यु दर 221 थी, जो अब घटकर मात्र 173 रह गई है। प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में 22 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। संस्थागत प्रसव, ए.एन.एम., आँगनबाड़ी कार्यकर्ता, दस्तक अभियान आदि निरंतर जारी विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के परिणाम अब आने लगे हैं। आने वाले वर्षों में यह गिरावट और अधिक स्पष्ट होगी। स्वास्थ्य संस्था स्तर से लेकर समुदाय स्तर तक प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। लोगों को जागरूक किया गया है कि गर्भ का पता चलते ही शीघ्र स्वास्थ्य केन्द्र में गर्भधात्री महिला का पंजीयन करवायें। इससे प्रसव के पहले आवश्यक जाँचें, टीकाकरण, खून की कमी आदि का उपचार होने के साथ ही अन्य जटिलताओं पर काबू पाने में आसानी हुई है। मध्यप्रदेश में उच्च जोखिम प्रसव की संभावनाओं वाली महिलाओं का नियमित फॉलोअप करके उनका सुरक्षित प्रसव कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में खून की कमी वाली गर्भवती महिलाओं को आयरन टेबलेट्स और अत्यधिक खून की कमी होने पर आयरन के इंजेक्शन दिये जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को खून भी चढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित पर्यवेक्षण किया जा रहा है। स्वास्थ्य संस्थाओं में नर्सिंग सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से नर्सिंग मेंटर्स की तैनाती की गई है।

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उमाशंकर गुप्ता

भूमि के डायवर्सजन के लिये अब किसी को भी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के न्यायालय से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। अब भूमि स्वामी अपनी भूमि का विधि-सम्मत जैसा चाहे, डायवर्सन कर सकेगा। उसे केवल डायवर्सन के अनुसार भूमि उपयोग के लिये देय भू-राजस्व एवं प्रीमियम की राशि की स्वयं गणना कर राशि जमा करानी होगी और इसकी सूचना अनुविभागीय अधिकारी को देनी होगी। यह रसीद ही डायवर्सन का प्रमाण मानी जायेगी। अनुज्ञा लेने का प्रावधान अब समाप्त किया जा रहा है। एमपी के राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री  उमाशंकर गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि इस संबंध में विधानसभा में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक-2018 पारित किया जा चुका है। भू-राजस्व संहिता में अब तक हुए 58 संशोधन श्री गुप्ता ने बताया कि मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता-1959 में अब तक 58 संशोधन किये जा चुके हैं। इसके बाद भी जन-आकांक्षाओं की पूर्ति के लिये जरूरी संशोधनों के सुझाव के लिये भूमि सुधार आयोग गठित किया गया था। आयोग के सुझावों के आधार पर भू-राजस्व संहिता में संशोधन किये गये हैं। नामांतरण के बाद मिलेगी नि:शुल्क प्रति नामांतरण का आदेश होने के बाद अब सभी संबंधित पक्षों को आदेश और सभी भू-अभिलेखों में दर्ज हो जाने के बाद उसकी नि:शुल्क प्रति दी जायेगी। यह प्रावधान भी किया गया है कि भूमि स्वामी जितनी चाहे, उतनी भूमि स्वयं के लिये रखकर शेष भूमि बाँट सकेगा। निजी एजेंसी करेगी सीमांकन सीमांकन के मामले जल्दी निपटाने के लिये अब निजी प्राधिकृत एजेंसी की मदद ली जायेगी। प्रत्येक जिले के लिये एजेंसी पहले से तय की जायेगी। यदि तहसीलदार द्वारा सीमांकन आदेश के बाद पक्षकार संतुष्ट नहीं है, तो वह अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन कर सकेगा। अनुविभागीय अधिकारी द्वारा विशेषज्ञ कर्मचारियों की टीम से सीमांकन करवाया जायेगा। पहले यह मामले राजस्व मण्डल ग्वालियर में प्रस्तुत होते थे। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में राजस्व सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त से संबंधित रहे भू-राजस्व संहिता के अध्याय-7 एवं 8 को हटाकर एक अध्याय-7 भू-सर्वेक्षण के रूप में रखा जा रहा है। अब राजस्व सर्वेक्षण के स्थान पर भू-सर्वेक्षण की कार्यवाही कलेक्टर के नियंत्रण में करवाई जायेगी। अब पूरे जिले को भू-सर्वेक्षण के लिये अधिसूचित करने की जरूरत नहीं रहेगी। अब तहसील अथवा तहसील से भी छोटे क्षेत्र को भी अधिसूचित किया जा सकेगा। खसरे में छोटे-छोटे मकानों के प्लाट का भी इंद्राज हो सकेगा। पटवारी हल्के के स्थान पर होगा सेक्टर का नाम भू-अभिलेखों के संधारण तथा शहरी भूमि प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिये शहरी क्षेत्रों में अब पटवारी हल्के के स्थान पर सेक्टर का नाम दिया जायेगा। आयुक्त भू-अभिलेख को सेक्टर पुनर्गठन के अधिकार होंगे। भू-अभिलेख संधारण के मामलों में ऐसी भूमियाँ, जिनका कृषि भूमि में कृषि से भिन्न प्रयोजन के लिये डायवर्सन कर लिया जाता है, उन्हें नक्शों में ब्लाक के रूप में दर्शाया जायेगा। यदि अनेक भूखण्ड धारक हैं, तो उनके अलग-अलग भू-खण्ड दर्शाये जायेंगे। अतिक्रमण पर एक लाख का जुर्माना शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण के मामलों में अब अधिकतम एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। निजी भूमियों के मामले में 50 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान होगा। इसके साथ ही जिस भूमि पर अतिक्रमण होगा, उसे अतिक्रामक से 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष के मान से मुआवजा भी दिलाया जा सकेगा। अभी अतिक्रमित भूमि के मूल्य के 20 प्रतिशत तक अर्थदण्ड के प्रावधान थे। 

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डॉ. नरोत्तम मिश्र

   मध्यप्रदेश के जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र से आज एम.पी.वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। भेंट करने वालों में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष श्री राधावल्लभ शारदा, संगठन महासचिव श्री विकास बोन्द्रिया, रायसेन जिले के अध्यक्ष श्री जगदीश जोशी और अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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दूसरे प्रदेश भी लोकतंत्र सेनानी कानून बनायें : केन्द्रीय मंत्री श्री अनन्त कुमार  केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री  अनन्त कुमार ने कहा है कि मध्यप्रदेश की तरह दूसरे प्रदेशों में भी लोकतंत्र सेनानी कानून बनाया जाना चाहिए। पाठ्यक्रमों में स्वतंत्रता सेनानियों की तरह लोकतंत्र सेनानियों के बारे में भी अध्याय होना चाहिए। केन्द्रीय मंत्री श्री अनन्त कुमार भोपाल में  मुख्यमंत्री निवास में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन में कहा कि मध्यप्रदेश में आज विधानसभा में विधेयक पारित कर लोकतंत्र सेनानियों के लिये कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आपातकाल, लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है। केन्द्रीय मंत्री श्री अनन्त कुमार ने कहा कि लोकतंत्र का दमन करने वालों की जनता ने छुट्टी कर दी है। लोकतंत्र बचाने के लिये जो संघर्ष लोकतंत्र सेनानियों ने किया, उसे पूरे देश और दुनिया ने स्वीकारा है। लोकतंत्र सेनानी आजादी की दूसरी लड़ाई लड़े थे। स्वतंत्रता सेनानियों की तरह लोकतंत्र सेनानियों को भी सम्मान मिलना चाहिए। उनका संघर्ष प्रेरणा देने वाला है। मध्यप्रदेश ने लोकतंत्र सेनानियों के लिये काम कर पूरे देश के सामने मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिये सभी लोगों को हमेशा सचेत रहना होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आपातकाल में लोकतंत्र सेनानियों पर अमानुषिक अत्याचार हुए थे। कई परिवार तबाह हो गये थे। लोकतंत्र को कलंकित किया गया था। लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष के कारण लोकतंत्र पुनर्स्थापित हुआ था। लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान कर प्रदेश सरकार ने अपना कर्तव्य पूरा किया है। हमें संकल्प लेना चाहिए कि फिर लोकतंत्र को कलंकित नहीं होने देंगे। लोकतंत्र को जिनसे खतरा है, उनसे हमेशा सावधान रहेंगे। कार्यक्रम में सांसद श्री राकेश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा के लिये लोकतंत्र सेनानियों का योगदान हमेशा याद रहेगा। युवा पीढ़ी को यह हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। कार्यक्रम में स्वागत भाषण लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कैलाश सोनी ने दिया। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ की स्मारिका का विमोचन किया गया। साथ में महिला लोकतंत्र सेनानियों श्रीमती सविता वाजपेई, श्रीमती उमा शुक्ला, श्रीमती जयश्री बैनर्जी, श्रीमती कांता चोपड़ा और श्रीमती रामकली मिश्रा की पुत्री आरती इलैया का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में जनसम्पर्क एवं जल-संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, सांसद श्री आलोक संजर, श्री मेघराज जैन, श्री माखन सिंह, पूर्व मंत्री श्री सरताज सिंह सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी उपस्थित थे। सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक ने किया।  

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  मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत काफी हंंगामेदार रही। सरकार ने 11 हजार 190 करोड़ से ज्यादा का प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त मानदेय देने के लिए 130 करोड़ का प्रावधान किया गया। हालांकि हंगामे और विपक्ष के विरोध के चलते सत्र समय से पहले ही स्थगित करना पड़ा। विधानसभा के 5 दिनी मानसून सत्र में सरकार ने अनुपूरक बजट पेश किया। साल के अंत में विधानसभा चुनाव के पहले ये विधानसभा का अंतिम सत्र है। अनुपूरक बजट में सरकार ने प्याज और लहसुन की फसल पर प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया। इसके लिए सरकार ने बजट में 448 करोड़ों रुपए का प्रावधान किया गया। इसके अलावा मनरेगा के लिए सरकार ने 500 करोड़ और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत सचिव व्यवस्था के लिए 360 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। सरकार ने ये भी घोषणा की कि असंगठित मजदूरों के बेटे-बेटियों को शैक्षणिक शुल्क में छूट मिलेगी। इसके लिए सरकार ने 9 करोड़ रुपए, अध्यापक संवर्ग को 7वां वेतनमान का लाभ देने 299 करोड़, जनजातीय कार्य विभाग के अध्यापकों को 7वां वेतनमान के लिए 204 करोड़, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त विकास निगम नई दिल्ली की देनदारियों का भुगतान करने के लिए किसानों को सूखा फसल क्षति सहायता के लिए 150 करोड़, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट के लिए वेयर हाउस बनाने के लिए 15 करोड़ रुपए सहित इस पहले अनुपूरक बजट में कई विभागों के लिए वित्तीय प्रावधान किए गए।    

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मध्यप्रदेश के जनसम्पर्क आयुक्त  पी. नरहरि

मध्यप्रदेश के जनसम्पर्क आयुक्त  पी. नरहरि से आज संचालनालय में महाराष्ट्र राज्य के जनसम्पर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। दल का नेतृत्व महाराष्ट्र के संचालक जनसम्पर्क शिवाजी मानकर ने किया। आयुक्त जनसम्पर्क श्री नरहरि ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि मध्यप्रदेश में हाल ही में लागू मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना विश्व की अनुकरणीय योजना साबित हुई है। इस योजना से राज्य सरकार, समाज के सभी वर्गों के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के जीवन स्तर में व्यापक स्तर पर बदलाव लाने में सफल हुई है। श्री नरहरि ने बताया कि इस योजना में करीब पौने दो करोड़ से अधिक लोगों ने अभी तक पंजीयन करवाया है। यह योजना पंजीबद्ध हितग्राहियों को जन्म से अंतिम समय तक मददगार साबित हो रही है। सौजन्य भेंट के दौरान महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में संचालित जनसम्पर्क विभाग संबंधी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं के बारे में आपसी तौर पर विचार-विमर्श भी किया।

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वीरांगना रानी दुर्गावती

वीरांगना रानी दुर्गावती के 455वें बलिदान दिवस समारोह में मुख्यमंत्री  चौहान  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने  जबलपुर में वीरांगना रानी दुर्गावती के समाधि स्थल पर 455वें बलिदान दिवस पर आयोजित विशाल आदिवासी सम्मेलन में घोषणा की कि युवा पीढ़ी को बलिदान और स्वाभिमान की रक्षा के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से समाधि स्थल पर हर वर्ष रानी दुर्गावती के बलिदान-दिवस पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। वन भूमि पर वर्ष 2006 तक काबिज वनवासी आदिवासियों को वनाधिकार पट्टे देकर काबिज वनभूमि का मालिक बनाया जायेगा। सौभाग्य योजना के अंतर्गत दिसम्बर 2018 तक प्रत्येक आदिवासी परिवार के घर-घर तक बिजली पहुँचाई जायेगी। इन परिवारों को 200 रूपये प्रतिमाह फ्लेट रेट पर ही बिजली बिल का भुगतान करना होगा। संबल योजना में गरीब आदिवासी परिवारों को शामिल कर योजना के सभी लाभ दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती के समाधि स्थल के समीप 10 एकड़ शासकीय भूमि पर वीरांगना के नाम से भव्य स्मारक बनवाया जायेगा। उन्होंने मण्डला जिले के रामनगर में आदिवासी संग्रहालय बनवाने की घोषणा करते हुए कहा कि गरीब आदिवासी परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा दिया जायेगा और अगले चार वर्षों में उन्हें पट्टे की जमीन पर पक्के मकान बनवाकर दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समुदाय के विकास और समृद्धि के साथ-साथ उनके गौरवपूर्ण इतिहास, परम्परा, बलिदान और संस्कृति को अक्षुण्ण बनाये रखेगी। स्वाधीनता की लड़ाई में आदिवासी नायकों के अमूल्य योगदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने जहाँ एक ओर राज्य की स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा के लिये अपना बलिदान दिया, वहीं दूसरी ओर अपने 15 वर्ष के शासनकाल में प्रजा के लिये जनहितैषी कल्याणकारी कार्य करवाये, जिसके प्रमाण आज जबलपुर सहित अन्य स्थानों पर देखे जा सकते हैं। रानी दुर्गावती ने जल संरक्षण के लिये तालाबों का निर्माण करवाया और आम आदमी की सुविधा के लिये धर्मशालाएँ भी बनवाईं। रानी दुर्गावती के नाम पर होगा डूमना विमानतल का नामकरण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घोषणा की कि जबलपुर के डुमना विमानतल का नामकरण रानी दुर्गावती के नाम पर करने के लिये विधानसभा में राज्य शासन की ओर से प्रस्ताव पारित करवाकर केन्द्र शासन को भेजा जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह से आदिवासी महिला को जोड़कर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का पूरा प्रयास है कि आदिवासी के जीवन में समृद्धि और खुशहाली आये इसलिए राज्य सरकार के बजट का बड़ा हिस्सा आदिवासियों और गरीबों के कल्याण और विकास के लिये व्यय करने का निर्णय लिया गया है। बेटा-बेटी को खूब पढ़ायें आदिवासी परिवार मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आदिवासी समुदाय से अपील की कि बच्चों को आत्म-निर्भर और सशक्त बनाने के लिये खूब पढ़ाई-लिखाई करवायें। उनके बेटा-बेटी की पढ़ाई का खर्चा राज्य सरकार वहन करेगी। श्री सिंह ने बताया कि केन्द्र और राज्य सरकार देश और प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये तेजी से प्रयास कर रही है। उन्होंने आदिवासी परिवारों से कहा कि अपने बेटा-बेटियों को खूब पढ़ायें-लिखायें और समाज में आगे बढ़ने का मौका दें। समारोह में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री शंकरदयाल भारद्वाज द्वारा लिखित पुस्तक 'रानी दुर्गावती-एक बलिदान गाथा' का विमोचन किया। श्री चौहान ने लेखक श्री भारद्वाज को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित भी किया। सांसद श्री राकेश सिंह एवं श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी अपने विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री का तलवार-ढाल भेंट कर किया सम्मान मध्यप्रदेश जनजाति संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को बड़ी फूल माला पहनाई और तलवार तथा ढाल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद श्रीमती संपतिया उईके, विधायक श्री सुशील तिवारी, श्रीमती प्रतिभा सिंह एवं सुश्री नंदिनी मरावी, मनोनीत विधायक श्री एल.बी. लोबो, महापौर डॉ. स्वाति सदानंद गोडबोले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा पटेल, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त तथा विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री एस.के. मुद्दीन, जबलपुर कृषि उपज मंडी अध्यक्ष श्री राजाबाबू सोनकर, बड़ी संख्या में विशाल आदिवासी समुदाय मौजूद था।

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उमाशंकर गुप्ता

राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने छत्रपति नगर चूना भट्टी में नाली निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान से केंद्रीय राज्यमंत्री  हेगड़े ने की सौजन्य भेंट  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान से आज मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल उन्नयन और उद्यमिता श्री अनंत कुमार हेगड़े ने सौजन्य भेंट की। श्री चौहान ने केंद्रीय राज्य मंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री और केंद्रीय राज्य मंत्री ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

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बीपी सिंह बने रहेंगे MP के मुख्य सचिव

  केंद्र सरकार ने एमपी के मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह को छह माह की सेवावृद्धि दे दी। 1982 बैच के आईएएस अफसर सिंह अब 31 दिसंबर 2018 तक प्रदेश के प्रशासनिक मुखिया बने रहेंगे। वे 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे थे। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने 1 जुलाई से छह माह की सेवावृद्धि देने के आदेश शुक्रवार को जारी कर दिए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीपी सिंह को प्रशासनिक मुखिया बनाए रखने के लिए 7 अप्रैल 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में सिंह को छह माह की सेवावृद्धि देने की बात कही गई थी। प्रधानमंत्री की सहमति मिलने के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें 31 दिसंबर तक सेवावृद्धि दे दी। मुख्य सचिव ने गुरुवार को ही परख वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टरों से कहा था कि मैं अगस्त में संभागों के दौरे करूंगा। हालांकि, कुछ देर बाद यह भी कहा था कि मैं से मतलब बसंत प्रताप सिंह नहीं बल्कि मुख्य सचिव से है। 24 घंटे के भीतर उनकी बात सही साबित हो गई। अब बतौर मुख्य सचिव वे ही दौरे करेंगे।

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मनोज श्रीवास्तव बने अपर मुख्य सचिव

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए अपर मुख्य सचिव दीपक खांडेकर के कार्यमुक्त होते ही गुरुवार को सरकार ने 1987 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज श्रीवास्तव को अपर मुख्य सचिव पद पर पदोन्नत कर दिया। उन्हें मौजूदा विभागों के साथ प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। असंवर्गीय पद होने की वजह से पीईबी अध्यक्ष पद को राजस्व मंडल के अध्यक्ष के समकक्ष घोषित किया गया है। श्रीवास्तव की पदोन्न्ति से 1987 बैच का रास्ता खुल गया है। वहीं, अगस्त में 1984 बैच के अफसर कंचन जैन और बीआर नायडू सेवानिवृत्त हो रहे हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से कोई अफसर नहीं लौटा तो प्रमुख सचिव शिखा दुबे और एम. मोहन राव अपर मुख्य सचिव बन जाएंगे।  

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मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के किसानों की फसल निर्यात करने के लिये एपिडा (Agricultural and Processed Food Products Export Devlopment Authority) की तर्ज पर प्रदेश में बोर्ड का गठन किया जायेगा। श्री चौहान जबलपुर में कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य-स्तरीय किसान महा-सम्मेलन में बड़ी संख्या में मौजूद किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ग्रीष्मकालीन उड़द भी समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। उन्होंने उड़द उत्पादक किसानों से आग्रह किया कि कृषक समृद्धि योजना में अपना पंजीयन करायें, ताकि उन्हें भी योजना का समय लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खेती का विकास और किसान का कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खेतिहर परिवारों के बेटा-बेटी कृषि आधारित उद्योग-धंधे स्थापित करें। राज्य सरकार उन्हें 10 लाख से 2 करोड़ रूपये तक ऋण उपलब्ध करवाएगी। इस ऋण की गारंटी भी राज्य सरकार लेगी। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक हब और फुड चेन बनाई जायेगी। कच्चे माल के प्र-संस्करण की व्यवस्था की जायेगी। किसानों को कृषक समृद्धि योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों के बच्चों की शिक्षा संस्थानों की फीस भी राज्य सरकार भरेगी। आवश्यकतानुसार किसान परिवार के सदस्यों का प्रायवेट अस्पताल में ईलाज कराने की पूरी व्यवस्था की जायेगी। किसानों को बिजली बिलों की परेशानी से राहत देने के लिये जुलाई माह में बड़े पैमाने पर शिविर लगाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि किसान परिवार के बच्चों को भी शिक्षा विभाग की लेपटॉप योजना का लाभ दिया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि प्रदेश के बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें और नया मध्यप्रदेश गढ़ें। राज्य-स्तरीय किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एक जमाना था, जब प्रदेश के किसान बिजली, सिंचाई, बैंक के कर्ज और सड़क की बदहाली के कारण चैन से खेती नहीं कर पाते थे। उन्होंने कहा कि आज स्थिति बिल्कुल अलग है। आज प्रदेश में विद्युत उत्पादन 18 हजार 354 मेगावॉट तक पहुँच गया है। किसानों को भरपूर बिजली मुहैया कराई जा रही है। सिंचाई का रकबा 40 हजार हेक्टेयर हो गया है, किसानों के खेतों में पाईप लाईन से आवश्यकतानुसार भरपूर पानी पहुँचाया जा रहा है। किसान को अब बैंक ऋण पर भारी ब्याज नहीं देना पड़ता है। जीरो प्रतिशत ब्याज पर बैंक से ऋण लेकर किसान खेती कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण अंचल शहरों से जुड़ गये हैं। फसल बीमा योजना और सूखा राहत राशि की बड़े पैमाने पर व्यवस्था से किसान निश्चिंत होकर खेती को लाभ का धंधा बनाने में जुट गये हैं। रु. 394 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राज्य-स्तरीय किसान महा-सम्मेलन में लगभग 394 करोड़ रूपये लागत के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें 257 करोड़ की नर्मदा पेयजल योजना, 51 करोड़ का बेलखेड़ा विद्युत उपकेन्द्र, 34 करोड़ 8 लाख का गौरा बाजार विद्युत उपकेन्द्र, 20 करोड़ 38 लाख का मेडिकल यूनिवर्सिटी का प्रशासनिक भवन तथा 21 करोड़ 71 लाख की मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना शामिल है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत प्रदेश के 10 लाख 80 हजार 228 पंजीकृत किसानों के बैंक खातों में रबी वर्ष 2018-19 में उपार्जित गेहूँ की 265 रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कुल प्रोत्साहन राशि 2 हजार 245 करोड़ ऑनलाईन ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश के किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। खेती के क्षेत्र में नया इतिहास रचेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि प्रदेश में खेती से होने वाली आमदनी किसानों के लिये समृद्धि का सशक्त माध्यम बने। श्री चौहान ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में पंजीकृत किसानों को हित-लाभ वितरित किये। इसी के साथ किसानों की बेटियों को हायर सेकेण्डरी की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये सम्मानित भी किया। श्री चौहान ने इस मौके पर किसानों को सरकार के साथ नया मध्यप्रदेश गढ़ने, गाँव को स्वच्छ बनाने और बेटा-बेटी को बराबरी से पढ़ाने का संकल्प दिलाया। राज्य-स्तरीय किसान सम्मेलन में महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद, सांसद श्री राकेश सिंह, महापौर डॉ. स्वाति गोड़बोले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा पटेल, विधायक श्री अंचल सोनकर, श्री सुशील तिवारी, सुश्री प्रतिभा सिंह, सुश्री नंदिनी मरावी, श्री अशोक रोहाणी, श्री मोती कश्यप, श्री लारेन बी लोबो, जबलपुर प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. विनोद मिश्रा, महाकौशल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री प्रभात साहू, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री रणवीर सिंह रावत, अन्य किसान नेता, अन्य जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद थे।  

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रतलाम उज्जैन-जावरा टू लेन रोड़ पर यात्री बस और ट्राले में भीषण सड़क दुर्घटना के बाद आग लग गई। घटना में 6 लोगों की मौत हो गई जबकि 20 से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक रातड़िया बस सर्विस की एक यात्री बस इंदौर से मंदसौर के लिए निकली थी। इस यात्री बस की एक ट्राले में आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। दुर्घटना बड़ावदा और खाचरोद के बीच टू लेन रोड़ पर बड़ावदा के पास हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ही गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद ट्रक में आग लग गई। जिसमें ट्राले का ड्राइवर और क्लिनर जिंदा जल गए। इसके अलावा 4 अन्य लोगों की भी मौत हो गई। दुर्घटना में 20 से अधिक यात्री घायल हैं जिनमें से कई की हालत गंभीर है। घायलों को फिलहाल जावरा और रतलाम के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुष्ट जानकारी के मुताबिक जावरा अस्पताल में लाए गए घायलों में से केशव पिता दामोदर राव (45) निवासी मंदसौर, रातड़िया बस सर्विस का ड्राइवर जवाहरलाल पिता डालूराम उम्र (51) निवासी ग्राम रेवास देवड़ा मंदसौर और पायल पिता प्रकाश सकलेचा (22) निवासी बड़ावदा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीमों ने पहुंचकर मदद मुहैया कराई। वही ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मदद के लिए पहुंचे और घायलों को बस से बाहर निकाल अस्पताल तक पहुंचाया। हालांकि ग्रामीण आग की चपेट में आए लोगों को नहीं बचा सके। इधर घटना के बाद में केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत भी जावरा पहुंचे। वे जावरा के सरकारी अस्पताल पहुंचे और घायलों की हालचाल जाना।

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मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा तेन्दूपत्ता श्रमिकों को 23.21 लाख बोनस राशि वितरित  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 23 जून को राजगढ़ जिले की मोहनपुरा सिंचाई योजना का लोकार्पण करेंगे। श्री चौहान ने आज राजगढ़ जिला मुख्यालय में हुए अन्त्योदय सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोहनपुरा और कुंडालिया सिंचाई योजनाओं से राजगढ़ जिले में लगभग आठ लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से बांध से लगे क्षेत्रों की पेयजल समस्या भी समाप्त हो जायेगी। जनपदों में 13 जून को संबल योजना सम्मेलन श्री चौहान ने कहा कि 13 जून को प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। सम्मेलन में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के लाभ वितरित किये जायेंगे। योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने ने कहा कि कोई भी गरीब व्यक्ति इस योजना में शामिल होने के लिये सादे कागज पर आवेदन कर सकता है। ढाई एकड़ तक के किसानों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि संबल योजना में पात्र हितग्राहियों को आवासीय जमीन के पट्टे दिये जायेंगे। साथ ही उन्हें मकान बनाने के लिये सरकार राशि भी उपलब्ध करवाएगी। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में करीब साढ़े 37 लाख गरीब परिवार ऐसे हैं, जिनके पास रहने के लिये अच्छे घर नहीं हैं। ऐसे सभी परिवारों को चरणबद्व तरीके से आवास निर्माण के लिये आगामी चार साल में राशि उपलब्ध करवाई जायेगी। स्व-सहायता समूहों को मिला 3 करोड़ ऋण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में राजगढ़ जिले के 4436 तेन्दूपत्ता संग्राहकों की 23 लाख 21 हजार रुपये बोनस राशि उनके खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की। उन्होंने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका पहनाई और पानी की कुप्पी भेंट की। श्री चौहान ने 175 स्व-सहायता समूहों को रोजगार शुरू करने के लिये तीन करोड़ के बैंक ऋण वितरित किये। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राजगढ़ जिले में 171.09 करोड़ के 12 निर्माण कार्यो का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर सांसद श्री रोडमल नागर, विधायक सर्वश्री अमरसिंह यादव, हजारीलाल दांगी और कुवंर कोठार, अन्य जन-प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में असंगठित क्षेत्रों के श्रमिक, तेन्दूपत्ता संग्राहक और ग्रामीण उपस्थित थे।  

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शिवराज सिंह चौहान

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गाँवों, गरीबों और किसानों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना के तहत हर गरीब व्यक्ति को ''सम्बल'' देकर उसे समर्थ बनाया जायेगा। गरीबों और मेहनतकशों के विकास में सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। मुख्यमंत्री आज टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव (धसान) के समीप अंतौरा गांव में असंगठित श्रमिकों व तेन्दूपत्ता संग्राहकों के संयुक्त सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने विधायक की मांग पर बड़ागांव में अमर शहीद श्री नारायण दास खरे तथा श्री अमृत लाल फणींन्द्र की प्रतिमा लगाने और हर साल शहीद मेला आयोजित करवाने की घोषणा की। उन्होंने जिले के बड़ागांव, बल्देवगढ़, खरगापुर में महाविद्यालय खोलने और विकास कार्यों की सभी मांगों का परीक्षण कर उन्हें जल्द से जल्द पूरा करवाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने बानसुजारा समूह जल-प्रदाय योजना के लिये 272 करोड़ रूपयों की वित्तीय स्वीकृति शीघ्र दिलाने की घोषणा भी की। श्री चौहान ने असंगठित श्रमिकों को प्रतीकात्मक रूप से पंजीयन प्रमाण-पत्र एवं आवासीय पट्टे तथा चरण-पादुका योजना में 33 हजार 777 तेन्दूपत्ता एवं महुआ फूल संग्राहकों को जूते, चप्पल, साड़ियां व पानी की कुप्पी आदि सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहक श्रीमती मानकुंवर बाई एवं श्री धनीराम को अपने हाथों से चप्पल/जूते पहनाकर साड़ी और पानी की कुप्पी प्रदान कीं। उन्होंने युवा उद्यमी योजना के तहत श्री अंशुल दांगी को पोहा निर्माण इकाई के लिये 40 लाख का चैक प्रदान किया तथा अन्य हितग्राहियों को भी पात्रतानुसार हितलाभ वितरित किये। श्री चौहान ने 122 करोड 55 लाख 20 हजार रूपये की लागत वाले 13 विकास कार्यो का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी इस मौके पर किया। मुख्यंमत्री ने कहा कि सरकार हर गरीब एवं श्रमिक को उसकी पहचान स्थापित करने के लिये पंजीयन प्रमाण-पत्र के रूप में स्मार्ट कार्ड देगी। स्मार्ट कार्ड में उसकी संपूर्ण जानकारी होगी। स्मार्ट कार्डधारी व्यक्ति मुख्यमंत्री जन-कल्याणकारी योजना ''सम्बल'' का लाभ लेने के लिये पात्र होगा। योजना के तहत उसे 11 प्रकार की सुविधाओं/सहायता/बैंक लिंकेज का लाभ दिया जायेगा। गरीब बच्चों की कक्षा एक से पीएचडी तक की पढ़ाई की फीस अब सरकार भरेगी। उन्होंने कहा कि गरीब महिलाओं को स्व-रोजगार स्थापना के लिये बैंक लिंकेज दिया जायेगा। युवाओं को रोजगार देने के लिये सरकार जल्द ही नई भर्ती करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगले चार साल में 40 लाख गरीबों को पक्का मकान बनाकर देंगे। हर गरीब व्यक्ति को जमीन का पट्टा देकर उसका पक्का मकान बनाया जायेगा तथा उनका इलाज कराया जायेगा, मुख्यमंत्री अन्त्योदय आवास योजना के तहत हर साल 10 लाख मकान बनाकर दिये जायेंगे। जिस हितग्राही के नाम से मकान बनेगा, राशि भी उसी के बैंकखाते में जारी की जायेगी। श्री चौहान ने असंगठित श्रमिकों और तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना (संबल) की जानकारी देते हुए कहा कि सभी श्रेणी के मेहनतकश मजूदर, ढाई एकड़ से कम कृषि भूमि वाले काश्तकार, छोटे व्यापारी, आयकर न देने वाले तथा जो शासकीय सेवा में नहीं है, ये सभी इस योजना के दायरे में आयेंगे। मुख्यंमत्री ने कहा कि 200 रूपये फ्लेट रेट पर बिजली देने के लिये जुलाई एवं अगस्त में पंजीयन शिविर लगेंगे। गरीबों के बच्चों की फीस भरने का काम जुलाई से शुरू होगा। जन-कल्याण योजना में पंजीयन करा चुके असंगठित श्रमिकों के लिये 13 जून को प्रदेश के हर ब्लाक में कार्यक्रम आयोजित कर हितलाभ प्रदान किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने यह निर्णय लिया है कि गरीबों के बच्चों की स्कूल, कॉलेज से लेकर आई.आई.टी, आई.आई.एम., नीट, इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेज, लॉ कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की फीस सरकार भरेगी। हर गांव और वार्ड में 5 सदस्यीय समिति बनाने की मंशा व्यक्त की। समिति जिला प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से गठित होगी। इसमें 3 असंगठित श्रमिक और 2 सलाहकार भी होंगे। इस अवसर पर केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास तथा अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने मुख्यमंत्री से टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र में विभिन्न श्रेणी के विकास/निर्माण कार्यों को पूरा करने की मंजूरी देने और कुछ मामलों में भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने का अनुरोध किया। कार्यक्रम को विधायक श्री के.के. श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में लोक स्वास्थ्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी श्री रूस्तम सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पर्वतलाल अहिरवार,, विधायक सर्वश्री दिनेश कुमार अहिरवार, श्री अनिल जैन तथा श्रीमती रेखा यादव, श्रीमती अनीता सुनील नायक सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रमिक एवं तेंदूपत्ता संग्राहक तथा ग्रामीण उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

गरीबों को एक रूपये किलो गेहूँ, चावल और नमक देने वाला एकमात्र राज्य मध्यप्रदेश  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने  दमोह में असंगठित श्रमिक और तेन्दूपत्ता संग्राहक सम्मेलन में कहा कि प्रदेश में गरीब और मेहनतकश लोगों के विकास का महायज्ञ थमेगा नहीं। हमारी सरकार और प्रदेश का हर नागरिक मिल-जुलकर विकास के इस महायज्ञ को पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को एक रूपये किलो के भाव से गेहूँ, चावल और नमक उपलब्ध करवाने वाला हमारा प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी गरीब भूखा नहीं सोयेगा। हर गरीब व्यक्ति को आवासीय जमीन का पट्टा देकर पक्के मकान का मालिक बनाया जायेगा। हर गरीब का मुफ्त इलाज कराया जायेगा। गरीबों के बच्चों की पूरी पढ़ाई की फीस राज्य सरकार भरेगी। 13 जून को सभी विकासखण्ड में होंगे जन-कल्याण योजना कार्यक्रम मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि आगामी 13 जून को प्रदेश के सभी विकासखण्ड मुख्यालय में मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना के पंजीकृत हितग्राहियों के लिये कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम में हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के हित-लाभ चेक द्वारा प्रदान किये जायेंगे। श्री चौहान ने बताया कि इस योजना की निगरानी के लिये हर गाँव और हर वार्ड में पाँच सदस्यीय समिति बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से संग्राहकों को पहनाई चरण-पादुका मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में अपने हाथों से तेन्दूपत्ता संग्राहक तखत सिंह, करण सिंह और सुदामा को चरण पादुका पहनाई और पानी की कुप्पी भेंट की। इसी तरह महिला तेन्दूपत्ता संग्राहक लीला रैकवार, चम्पाबाई, गौरव बाई और बड़ी बहू को चरण पादुका पहनाई और साड़ी तथा पानी की कुप्पी भेंट की।उन्होंने विस्तार से योजना की जानकारी दी। रू. 140 करोड़ के कार्यों का भूमि-पूजन/लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में दमोह और सागर जिले में 140 करोड़ के विकास और निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के 40 हजार से अधिक हितग्राहियों को हित-लाभ वितरित किये। सम्मेलन में सागर और दमोह जिले के लगभग साढ़े 18 हजार तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुकाएँ, पानी की कुप्पी भेंट की गई। सम्मेलन में सांसद श्री प्रहलाद पटेल, वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, बुन्देलखण्ड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम के अध्यक्ष श्री नारायण कबीरपंथी, शहरी-ग्रामीण असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री सुल्तान सिंह शेखावत, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री महेश कोरी, दमोह और सागर जिले के विधायक, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में हितग्राही तथा नागरिक मौजूद थे।    

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किसान आंदोलन

किसान आंदोलन का असर धीरे-धीरे छोटे-बड़े शहरों की मंडियों में दिखने लगा है। अपनी पूर्व घोषणा के मुताबिक किसानों ने कहा था कि वे अपनी उपज मंडियों में नहीं भेजेंगे, ऐसे में मंडियों में शुक्रवार को सामान्य से कम ही भीड़ नजर आई। कई मंडियों में किसान अपनी उपज लेकर नहीं पहुंचे और व्यापारियों ने पुराना स्टॉक किया माल ही बेचा। भोपाल की भी प्रमुख मंडियों में लोगों तक पुराना माल ही पहुंच रहा है। हालांकि लोगों ने एक दिन पहले से सब्जी और अन्य जरुरी सामानों का स्टॉक करना शुरू कर दिया था लेकिन आज भी कई लोग जब मंडियों में पहुंचे तो उन्हें ताजा माल नहीं मिला। किसान सब्जी, अनाज और अपनी उपज लेकर मंडियों में नहीं पहुंचे। पुराना माल होने के कारण भी बिक्री ज्यादा नहीं हुई। इधर होशंगाबाद ,पिपरिया में भी सब्जी मंडी में माल नहीं आया और 2 दिन पुरानी सब्जियां बिकीं। सब्जी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष आमीन राइन के मुताबिक बिक्री में 30 फीसदी गिरावट आई है और सब्जियां रोड़ पर ही बिक रही हैं। मंडियों में ज्यादा किसान नहीं पहुंचे हैं। दूध की सप्लाई पर फिलहाल असर नहीं है। बाजार के जानकारों के मुताबिक हड़ताल का असर 3 जून से नजर आएगा। इधर इटारसी मंडी में पुलिस ने किसानों से संवाद किया। एसपी मंडी क्षेत्र का जायजा ले रहे हैं। वहीं पिपरिया में कुछ लोगों को रोकने का प्रयास हुआ है। जगह-जगह पुलिस बल तैनात है। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रात 3 बजे से लगाई गई है। वहीं विदिशा में किसानों के बंद आंदोलन का खासा असर दिखाई दे रहा है। विदिशा शहर के बाहरी इलाकों में बंद आंदोलन कर रहे किसान सुबह से ही जमा हो गए थे और शहर में आने वाले दूध बेचने वालों को वापस गांव लौटा रहे थे। इस दौरान किसानों और दूध बेचने वालों के बीच मामूली विवाद की स्थिति भी बनीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। हालांकि इस दौरान पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। बंद आंदोलन से विदिशा में दूध की सप्लाई प्रभावित हुई है और आज कई जगह दूध की सप्लाई नहीं हो पाई।  

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अदभुत अनोखा माण्डू

  मध्य प्रदेश का प्राचीनतम शहर माण्डू पर्यटन की दृष्टि से एशिया स्तर पर सर्वोत्तम माना जाता है। यह शहर न सिर्फ ऐतिहासिक है, अपितु यहां  के भवन वास्तुकला की दृष्टि से भी अद्भुत कहे जाते हैं। मालवा के पठार क्षेत्र में बसा माण्डू पूर्वी देशातंर रेखा से 75 डिग्री-25 डिग्री व उत्तरी अक्षांश से 22 डिग्री 15 डिग्री पर विध्यांचल के दक्षिण किनारे पर स्थित है। यह समुद्री तल से 633.7 मीटर ऊंचाई पर अपने आभा मण्डल  से पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। माण्डू की सबसे बड़ी पहचान यहां का दुर्ग है जो क्षेत्रफल की दृष्टिï से चित्तौड़ के दुर्ग से भी बड़ा है। इस दुर्ग की परिधि 23.3 किमी है जिसके अंदर का भाग टापू जैसा दिखाई पड़ता है। इसके चारों तरफ परकोटे बने हुए है। दुर्ग के पर्वतीय किनारे की तरफ 30 फीट ऊंचाई की दीवार बनी हुई है जो वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। छठी एवं सातवीं शताब्दी में महाराज हर्षवर्धन ने चीनी यात्री ह्यïेनसांग की सहायता से यहां संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। यह विश्वविद्यालय भवन अशर्फी महल के नाम से विख्यात है। यहां के कई भव्य भवन जहां जैन पंथ के आधिपत्य का एहसास कराते हैं, वहीं परमार एवं मुगल शासकों द्वारा यहां वास्तुकला की बेजोड़ कारीगरी का प्रदर्शन करती इमारतें बनवाई गई। माण्डू को अतीत में तीन सौ वर्षों तक राजधानी के रूप में विकसित होने का भी गौरव प्राप्त है। इस पर पहले परमार शासकों का और फिर लम्बे समय तक मुगल सुल्तानों का साम्राज्य रहा। यहां मौजूद विजय स्तम्भ अपने सात मंजिला स्वरूप में आज भी पर्यटकों का मन मोह लेता है। इसका निर्माण सन् 1436ई. में महमूद खिलजी द्वारा मेवाड़ के राणा के बन्दीगृह से मुक्त होने की खुशी में कराया गया था। बताया जाता है माण्डू शहर की उत्पत्ति पारस नाम के पत्थर से हुई थी, जिसके बारे में कहा जाता है कि एक बार चारा काट रहे मजदूर की द्राती (हंसिया) अचानक पारस रूपी पत्थर से टकराने पर सोने की हो गई थी। मजदूर ने यह पारस एक शिल्पी को दे दिया।  शिल्पी से माण्डू के राजा जयदेव सिंह के पास और राजा जयदेव सिंह के पास से राज पुरोहित के पास जाकर बाद में नर्मदा की भेंट चढ़ गया था। पठान वंश के अंतिम शासक बाज बहादुर के ध्रुपद गायिका रूपमती के प्रणय प्रसंगों की स्थली माण्डू में स्मारकों के अम्बार लगे हैं। यहां के 48 स्मारकों को शासकीय संरक्षण पुरातत्व विभाग द्वारा दिया गया है। इन स्मारकों में काकड़ा खोह (सन्त रविदास कुण्ड), सात कोठड़ी, आलमगीर दरवाजा, भंगी दरवाजा, दिल्ली दरवाजा, हाथी पोल दरवाजा, नाहर झरोखा, दिलावर खां की मस्जिद, हमाम घर, नाटक घर, शाही महल, जल महल, हिण्डोला महल, चम्पा बावड़ी, गदाशाह की दुकान, जहाज महल, तवेली महल, गदाशाह महल, होशंगशाह का मकबरा, जामा मस्जिद, अशर्फी महल, श्री दिगम्बर जैन मंदिर, श्रीराम मंदिर, श्रेताम्बर जैन तीर्थ, रूपमती मण्डम्, बाजबहादुर महल, दाई का महल, रेवा कुण्ड, मलिक मुगीथ मस्जिद, नीलकंठ मंदिर, दरियां खां का मकबरा, केनवान सराय, हाथी पगा महल, चिश्ती खां महल, बूढ़ी माण्डू, छप्पन महल, आल्हा उदल की सांग, सोनगढ़ दरवाजा, रामगोपाल दरवाजा, लवानी गुफा, लाल बंगला, मुन्ज सागर, भगवान्या दरवाजा आदि अनेक स्मारक भवन ऐसे हैं जो इतिहास की न सिर्फ धरोहर है अपितु पर्यटकों, इतिहासकारों तथा वास्तुकला प्रेमियों के लिए ज्ञान का भण्डार भी हैं। यही वह स्थली है जहां बांव वांन फल पाया जाता है। यह फल एक विशेष प्रकार की इमली है जिसके खाने से प्यास बुझ जाती है इसीलिए इस इमली का उपयोग रेगिस्तान में बहुतायत में किया जाता है। माण्डू की दिलावर खां की मस्जिद की विशेषता कुछ अलग ही है। यह मस्जिद लाल पत्थर से शिल्पकारों द्वारा हिंदू शैली में बनाई हुई है। इसके स्तम्भों में कमल, बेलबूटे, घण्टी चित्र तराशे हुए हैं। इस मस्जिद में महिलाओं का प्रवेश वर्जित माना गया है। जबकि ग्यासशाह खिलजी द्वारा काले पत्थर से बनवाया गया शाही महल पुरातन काल का वातानुकूलित महल है जिसको ठण्डा रखने के लिए दीवारों के बीच से पानी की पाइप लाइन ले जाई गई थी। श्रीगोपाल नारसन

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एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के रिजल्ट हुए जारी

  मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) द्वारा मप्र बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा 2018 के परिणाम सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जारी कर दिए। इसके बाद सीएम मेरिट में आए विद्यार्थियों को सम्मानित किया।हाईस्कूल का रिजल्ट 66.54 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल की तुलना में 16.68 प्रतिशत ज्यादा है। हायर सेकेंडरी का रिजल्ट 68.07 प्रतिशत रहा। 10वी में पहले स्थान पर दो विद्यार्थी रहे, शाजापुर के हर्षवर्धन परमार और विदिशा की अनामिका साध ने पहला स्थान प्राप्त किया। 10वीं के विद्यार्थी अपने नतीजे mp10.jagranjosh.com और 12वीं के विद्यार्थी mp12.jagranjosh.com पर देख सकते हैं। इसके अलावा छात्र-छात्राओं को www.mpbse.nic.in, www.mpresults.nic.in, mpbse.mponline.gov.in पर भी नतीजे देख सकते हैं। इस वर्ष करीब 20 लाख छात्र-छात्राओं ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं दी थीं। कक्षा 12वीं के 7, 69, 000 विद्यार्थी और 10वीं के 11, 48,00 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे। एमपी बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं 1 मार्च से 3 अप्रैल तक चली थीं। एमपी बोर्ड 10वीं की परीक्षाएं 5 मार्च से 31 मार्च तक हुई थीं।  

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साहित्यकार एवं कवि बालकवि बैरागी

  साहित्यकार एवं कवि बालकवि बैरागी को मनासा में अंतिम विदाई दी गई। शोक स्वरूप पूरा मनासा नगर बंद रहा। बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। बालकवि बैरागी साहित्‍य और कविता के सा‍थ राजनीति के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। वे राज्‍यसभा के सदस्‍य रहे। इस सरस्‍वती पुत्र को कई सम्‍मानों से नवाजा गया था। बैरागी का मनासा में भाटखेड़ी रोड पर कवि नगर पर निवास है। वहीं उन्होंने रविवार शाम 6 बजे अंतिम सांस ली थी। बैरागी जी की गिनती कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेताओं में होती थी। वे मध्‍यप्रदेश में अर्जुन सिंह सरकार में खाद्यमंत्री भी रहे। उन्हें मध्यप्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा कवि प्रदीप सम्मान भी प्रदान‍ किया गया। साहित्‍य और राजनीति से जुड़े रहने के कारण उनकी कविताओं में साहित्य और राजनीति की झलक देखने को मिलती है। गीत, दरद दीवानी, दो टूक, भावी रक्षक देश के, आओ बच्चों गाओ बच्चों बैरागी की प्रमुख रचनाएं हैं। मृदुभाषी और मस्‍तमौला स्‍वभाव तथा सौम्‍य व्‍यक्तित्‍व के धनी बालकवि बैरागी ने अंतरराष्ट्रीय कवि के रूप में नीमच जिले को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था। बताया जाता है कि नीमच में एक कार्यक्रम में शामिल होकर वे अपने घर मनासा पहुंचे थे। वहां कुछ समय आराम करने के लिए अपने कमरे में गए। शाम करीब 5:00 बजे जब उन्हें चाय के लिए उठाया गया तो उनके निधन की खबर लगी।  

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patidae anandi ben

उज्जैन में हुआ म.प्र पाटीदार समाज महिला संगठन का प्रांतीय आधिवेशन राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज उज्जैन में म.प्र पाटीदार समाज महिला संगठन के प्रान्तीय महाधिवेशन में कहा कि समाज में अच्छे काम कभी भी निरर्थक नहीं होते हैं। माताएं अपने स्वास्थ्य का खयाल रखें। अपनी बेटियों को पौष्टिक आहार दें एवं वर्ष में एक बार उनका हीमोग्लोबिन परीक्षण अवश्य करवायें, ताकि आने वाली पीढ़ी कुपोषण की शिकार नहीं हो। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हर परिवार में बेटा-बेटी के साथ एक-समान व्यवहार होना चाहिये। बेटों की तरह बेटियों को भी खूब पढ़ायें और बेटे के समान ही ध्यान भी रखें। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। माताएं अपने बच्चों को आठ वर्ष की आयु तक अच्छे संस्कार दें। विवाह समारोह में अनावश्यक धनराशि व्यय नहीं करें। बचत राशि से बेटे-बेटियों को पढ़ाई और काम-धंधे में लगायें ताकि परिवार और समाज का समुचित विकास हो सके। उन्होंने कहा कि समाज में घूंघट प्रथा बन्द होना चाहिये। महिलाएं अपने अधिकार को पहचानें। लड़कों के मुकाबले और लड़कियों की संख्या का अनुपात कम हो रहा है। श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीति से बचना चाहिये। वयस्क होने पर ही बालक-बालिका का विवाह सम्पन्न कराया जाना चाहिये। उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं अपने भतीजे की कम उम्र में होने वाली शादी को रूकवाया था। अच्छे काम में थोड़ी तकलीफ जरूर आती है, परन्तु अच्छे काम करते रहना चाहिये। समाज में सुख-समृद्धि के लिये सबको मिलकर, संकल्प लेकर अच्छे काम के लिये आगे बढ़ते रहना चाहिये। म.प्र.पाटीदार समाज महिला संगठन की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा पाटीदार ने कहा कि समाज में फैली कुप्रथाओं को दूर करने के लिये महाधिवेशन बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी अनेकों योजनाएं द्वारा महिलाओं सशक्तिकरण के लिये कार्य कर रहा है। सभी को इन योजनाओं का लाभ लेना चाहिये। कार्यक्रम में जिला पंचायत रतलाम की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती निर्मला शंकर पाटीदार, गुजरात प्रान्त की साबरमती अहमदाबाद की पूर्व विधायक श्रीमती गीताबेन पटेल तथा पूर्व प्रान्ताध्यक्ष और जिला पंचायत इन्दौर की अध्यक्ष सुश्री कविता पाटीदार ने भी विचार व्यक्त किये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने इस अवसर पर महिला संगठन द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'कल्याणी' का विमोचन किया गया। जिला पंचायत बुरहानपुर की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री पाटीदार, इन्दौर की समाजसेवी एवं शक्ति पम्प इंडिया की संचालिका श्रीमती इंदिरा पाटीदार, कृषि उपज मंडी भोपाल की अध्यक्ष श्रीमती श्यामा भागीरथ पाटीदार, बुरहानपुर की पूर्व महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, अहमदाबाद गुजरात के ओमिया कैम्पस की प्रोफेसर श्रीमती रूपलबेन पटेल, मां-बेटी सम्मेलन की प्रणेता श्रीमती जागृतिबेन पटेल, बदनावर की समाजसेवी श्रीमती श्यामगिरी पाटीदार और दूर-दराज से आये पाटीदार समाज के महिला-पुरूष उपस्थित थे।  

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पिछड़ा वर्ग महाकुंभ

मुख्यमंत्री ने सागर में हुए पिछड़ा वर्ग महाकुंभ में 15 विभूतियों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछड़ा वर्ग के लिये राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार से राष्ट्रीय आयोग गठित करने और उसे संवैधानिक दर्जा दिलाने का अनुरोध किया जायेगा। पिछड़ा वर्ग के युवाओं में प्रतिभा, क्षमता और योग्यता की कोई कमी नहीं है, इन्हें शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में सभी सुविधाएँ मुहैया करवाई जायेंगी। मुख्यमंत्री ने आज सागर के समीप ग्राम बामौरा में पिछड़ा वर्ग महाकुंभ को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने पिछड़ा वर्ग की 15 विभूतियों को म.प्र. रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015 प्रदान किये। साथ ही वर्ष 2017-18 म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा विभिन्न सेवाओं के लिये चयनित पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को सम्मानित किया। श्री चौहान ने शासन की विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री ने की पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिये महत्वपूर्ण घोषणाएँ अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिये इसी शिक्षा सत्र से विकासखण्ड स्तर पर छात्रावास खोले जायेंगे। छात्रावास के प्रारंभ होने तक किराये के भवन में छात्रावास संचालित किये जायेंगे। ·छात्रावास में विद्यार्थी को प्रवेश नहीं मिलने की स्थिति में अगर 2 विद्यार्थी मिलकर किराये के मकान में पढ़ाई करेंगे, तो मकान किराया सरकार देगी।  पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति के लिये अभिभावक की वार्षिक आय सीमा 75 हजार रूपये को बढ़ाकर 3 लाख रूपये सालाना किया जायेगा। अब एक वर्ष में अन्य पिछड़ा वर्ग के 50 विद्यार्थियों का विदेशी विश्वविद्यालय में चयन होने पर उनकी फीस राज्य सरकार भरेगी। अभी तक विद्यार्थियों की यह संख्या मात्र 10 तक सीमित थी।  पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के लिये कोचिंग दिलवायी जायेगी।  पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों से अब कांऊसिलिंग के समय आय प्रमाण-पत्र नहीं माँगा जायेगा। केवल फीस भरते समय आय प्रमाण-पत्र की जरूरत होगी। ·पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को दिया जा रहा अनुरक्षण भत्ता दोगुना किया जायेगा। यह वृद्धि मैट्रिक के बाद उच्च शिक्षा संस्थानों में चयन होने तक देय होगी।  कक्षा 12वीं में 70 प्रतिशत अंक लाने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्याथियों को मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना का लाभ दिया जायेगा। ऐसे विद्यार्थी का चयन किसी उच्च शिक्षा संस्थान में होता है, तो उसकी फीस सरकार देगी।  हर वर्ष पिछड़ा वर्ग के 2 लाख हितग्राहियों को शासन की विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं का लाभ दिया जायेगा।  नरयावली में महाविद्यालय और जरूआखेड़ा में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) खोले जायेंगे। अन्य पिछड़ा वर्ग को 5973 करोड़ की आर्थिक सहायता/अनुदान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिये 5973 करोड़ रूपये की राशि आर्थिक सहायता और अनुदान के रूप में खर्च की है। राज्य सरकार की यह कोशिश निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग स्व-रोजगार योजना में पिछले वित्त वर्ष में 111 करोड़ रूपये खर्च कर युवाओं को स्व-रोजगार से लगाया गया है। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि, समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदी, स्व-रोजगार योजनाओं और मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना की जानकारी देते हुए अपील की कि 7 मई को अपनी ग्राम पंचायत में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में जरूर शामिल हों। उन्होंने श्रमिक बंधुओं से आग्रह किया कि विशेष ग्राम सभाओं में जाकर अपने पंजीयन का सत्यापन करायें और मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना का भरपूर लाभ उठायें। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित विभूतियाँ मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा महाकुंभ में म.प्र. रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015 से श्रीमती कान्ति पटेल, श्रीमती आशा साहू, श्रीमती माया विश्वकर्मा, श्रीमती अलका सैनी, श्रीमती बबीता परमार, श्रीमती यमुना कछावा, श्रीमती प्रीति सेन, सुश्री राजकुमारी कुसुम महदेले (जबलपुर), श्री सूरज सिंह मारण, डॉ जे.के. यादव, श्री राजेश दोडके, डॉ. भगवान भाई पाटीदार, श्री काशीराम यादव और श्री महेन्द्र कटियार को सम्मानित किया। इन विभूतियों को पुरस्कार स्वरूप एक-एक लाख रूपये, स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र, शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। स्व. श्री नारायण सिंह डागोर का मरणोपरांत पुरस्कार उनकी धर्मपत्नी श्रीमती चन्द्रादेवी ने प्राप्त किया। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ललिता यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, गृह एवं परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, महापौर श्री अभय दर्रे, बुन्देलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डा. रामकृष्ण कुसमरिया, विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, श्रीमती पारूल साहू, श्री हरवंश राठौर, श्री प्रदीप लारिया, श्री महेश राय, श्री हर्ष यादव, म.प्र. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री राधेलाल बघेल, पिछड़ा वर्ग तथा वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री प्रदीप पटेल एवं अन्य स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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koli samaj

  भोपाल में मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कोली समाज का आव्हान किया है कि वह अपने बच्चों के लिये एक मार्गदर्शी टीम बनाये ताकि उन्हें उच्च शिक्षा के लिये परामर्श मिल सके। श्री चौहान ने कहा कि कोली समाज के सदस्यों में प्रतिभा, ऊर्जा और क्षमता की कमी नहीं है। उन्हें अवसर मिले, तो वे अभूतपूर्व कार्य कर सकते हैं। श्री चौहान ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा समाज के परामर्श और मार्गदर्शन के अनुसार लगायी जायेगी। मुख्यमंत्री आज यहाँ स्थानीय दशहरा मैदान में अखिल भारतीय कोली समाज के प्रांतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों को पहली कक्षा से लेकर पी.एच.डी. तक की शिक्षा में राज्य सरकार हर सम्भव सहयोग करेगी। विदेशी शैक्षणिक संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिये भी पूरी मदद दी जायेगी। श्री चौहान ने समाज के सदस्यों से कहा कि बेटियों की पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान दें, बेटियों का हमेशा सम्मान करें। इस अवसर पर अखिल भारतीय कोली समाज के अध्यक्ष श्री कुंवरजी भाई बावलिया, विधायक श्री कुंवर जी कोठार और बड़ी संख्या में कोली समाज के युवक-युवती उपस्थित थे।

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तेंदूपत्ता संग्राहक

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज झाबुआ जिले के ग्राम सुतरेटी में असंगठित श्रमिक एवं तेंदूपत्ता संग्राहक सम्मेलन में कहा कि प्रदेश में फसल काटने, गिट्टी तोड़ने और हम्माली करने वाले श्रमिकों तथा ढ़ाई एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को विभिन्न योजनाओं का भरपूर लाभ दिया जायेगा। राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी जरूरतमंदों और गरीबों को जन-कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कर रही है। श्री चौहान ने इस मौके पर नर्मदा-झाबुआ सिंचाई परियोजना के लिये 2050.70 करोड़ रूपये स्वीकृत करने की घोषणा की। सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हित-लाभ एवं वनाधिकार पट्टों का वितरण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि झाबुआ जिले में असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में पंजीकृत 3 लाख 66 हजार गरीबों को जमीन का मालिक बनाया जाएगा। प्रत्येक पट्टे पर प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनवाकर दिए जायेंगे। वर्ष 2022 तक सभी आदिवासियों को पक्के मकान बनवाकर दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गरीबों को मकान के लिए जमीन और बिजली प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल के आदर्शो पर चलकर गरीबों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश में विगत एक अप्रैल से पंजीकृत श्रमिकों को 200 रुपये प्रति माह की दर से घरेलू बिजली दी जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारत सरकार की आयुष्मान योजना का लाभ मध्यप्रदेश की जनता को भी दिलवाया जाएगा। साथ ही, गरीब बहनों को सम्मानजनक व्यवसाय के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए नागरिकों से अपील की कि 7 मई को विशेष ग्राम सभा में अवश्य भाग लें। सभा में असंगठित मजदूरों के पंजीयन की सूची पढ़ी जायेगी। उन्होंने श्रमिकों से आग्रह किया कि अगर सूची में नाम छूट गया हो, तो विशेष ग्राम सभा में ही अपना नाम जुड़वाएँ। सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्रमिकों, तेंदूपत्ता संग्राहकों एवं महुआ फूल बीनने वाले श्रमिकों को चरण पादुका, साड़ी और पानी की बॉटल का वितरण किया। विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित-लाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री ने आदिवासी बोली की नुक्कड़ नाटक पुस्तिका ''पोरियों नी हन्देहो'' का विमोचन किया और नागरिकों को बच्चों को पढ़ाने, जल-संरक्षण, गाँव को सुंदर और स्वच्छ बनाने, घर में शौचालय बनाने, पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगाने और वृक्ष बचाने का संकल्प दिलवाया। कार्यक्रम में विधायक श्री कलसिंह भाबर और श्री शांतिलाल बिलवाल तथा राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री महेश कोरी उपस्थित थे।  

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shivraj alirajpur

  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अलीराजपुर ने खुले में शौच मुक्ति के अभियान में प्रशंसनीय कार्य किया है। इस सम्मान को बनाये रखने का प्रयास जारी रखे। श्री चौहान अलीराजपुर में खुले में शौच से मुक्ति के उत्सव एवं असंगठित श्रमिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नर्मदा उद्वहन सिंचाई योजना से वर्ष 2020 सें क्षेत्र में भरपूर सिंचाई हो सकेगी। 52 करोड़ के विभिन्न निर्माण का हुआ शिलान्यास और लोकार्पण श्री चौहान ने 52 करोड़ 53 लाख 86 हजार रुपये लागत के 20 विभिन्न निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने खुले में शौच मुक्ति के लिये जिले के प्रयासों की पुस्तक का विमोचन भी किया। श्री चौहान ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनीता चौहान को खुले में शौच से मुक्ति का प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया। साथ ही ओडीएफ कार्य में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों सहित मैदानी स्टॉफ को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित-लाभ-पत्र भी बाँटे। मुख्यमंत्री श्री चौहान का पारम्परिक आदिवासी झुलड़ी और तीर-कमान भेंट कर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से गठित समूहों को मिलने वाले बैंक ऋण राशि की 3 प्रतिशत ब्याज राशि राज्य सरकार देगी। उन्होंने कहा कि होशंगाबाद जिले की महिलाओं द्वारा शुरू किया गया। मुर्गी-पालन और मुर्गी दाना कारखाना जैसा प्रयास अलीराजपुर में भी हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौभाग्य योजना का लाभ भी जिले के सभी लोगों को पहुँचाया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने असंगठित मजदूरों के पंजीकृत व्यक्तियों की सूची का ग्रामसभा में वाचन के लिये उचित प्रबंध करने को कहा। उन्होंने कहा कि महुआ फूल बीनने वालों को चप्पल-जूते और पानी की कुप्पी भी अब उपलब्ध करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने समारोह में नागरिकों को बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजने, ग्रामों को स्वच्छ रखने, पानी रोकने और पौध-रोपण करने का संकल्प दिलवाया। विधायक श्री नागर सिंह चौहान ने भी समारोह को संबोधित किया। यूनीसेफ की सुश्री मारिया ने कहा कि खुले में शौच मुक्ति के अभियान में अलीराजपुर जिले में सराहनीय काम हुआ है। व्यवहार परिवर्तन कर बड़े बदलाव में समुदाय ने बड़ा प्रयास किया है। श्रम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री बालकृष्ण पाटीदार और असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मण्डल अध्यक्ष श्री सुल्तान सिंह शेखावत भी उपस्थित थे।  

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शिवराज सिंह चौहान

खुशी के लिये नहीं, खुश होकर काम करने से मिलेगी खुशी - स्वामी सुखबोधानन्द भोपाल में वेद मर्मज्ञ एवं प्रखर आध्यात्मिक गुरू स्वामी सुखबोधानन्द ने कहा है कि खुशी के लिये काम करने से खुशी नहीं मिलेगी, बल्कि खुश होकर काम करने से खुशी मिलेगी। यंत्रवत जीवन और प्रतिक्रिया करने की प्रवृत्ति से मुक्ति पाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परेशानियों और समस्याओं को सकारात्मक दृष्टि से देखने पर वे भी गुरू बन जाती हैं। स्वामी सुखबोधानन्द ने आज यहां प्रशासन अकादमी में आनन्द विभाग के अंतर्गत राज्य आनन्द संस्थान द्वारा आयोजित 'आनन्द व्याख्यान' में यह विचार व्यक्त किये। मन की भीतर की स्थिति है आनन्द मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि सकारात्मक विचार ही सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार का दर्शन आनन्द को प्राप्त करने का मार्ग बताता है। साम्यवाद और पूंजीवाद ने भी आनन्द प्राप्ति का रास्ता दिखाया था, लेकिन कालांतर में सही साबित नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि आनन्द और सुख में भेद नहीं समझने के कारण ऐसा होता है। उन्होंने कहा कि आनन्द मन की भीतर की स्थिति है, जबकि सुख बाहरी परिस्थितियों से निर्मित होता है। श्री चौहान ने कहा कि केवल अधोसंरचनाएं खड़ी करने से आनन्द नहीं मिलता। अर्थपूर्ण जीवन जीना महत्वपूर्ण है। समृद्ध लोग भी दुखी रहते हैं और अभाव में रहने वाले भी खुश रहते हैं। इसलिये मनोदशा को सकारात्मक बनाने की कला सीखना होगा। प्रत्येक क्षण में है आनन्द स्वामी सुखबोधानंद ने आनन्द की चारित्रिक विशेषताओं और जीवन में उसकी उपस्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आनन्द को भविष्य में देखने की प्रवृत्ति और आदत बना लेने से निराशा और दुख ही हाथ आयेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान ही सब कुछ है, इसलिए आनन्द भी वर्तमान में ही उपस्थित है। यह मन के भीतर है। उन्होंने कहा कि जब सब दरवाजे बंद हो जाते हैं, तब ईश्वर नया द्वार खोल देता है। इसलिए प्रत्येक क्षण में आनन्द है। प्रत्येक पल में जीवन है। प्रत्येक पल ऊर्जावान है। वर्तमान में भूतकाल का हस्तक्षेप नहीं होने दें स्वामीजी ने कहा कि राग और द्वेष का रूपांतरण प्रेम में करने के लिए भक्ति की जरूरत पड़ती है। इसलिए भक्ति प्रमुख तत्व है। स्वामी ने कहा कि भविष्य माया है। सिर्फ वर्तमान ही सच है और वर्तमान में ही आनन्द व्याप्त है। उसकी अनुभूति करने की आवश्यकता है। आश्चर्य तत्व की प्रधानता होना चाहिए। उन्होने कहा कि वर्तमान में भूतकाल का हस्तक्षेप नहीं होने दें, इसके प्रति भी सचेत रहें। आनंद का दूसरा स्वरूप ऊर्जा है। आनन्द विभाग के मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान निरंतर नवाचार करने वाले मुख्यमंत्री हैं। आनन्द विभाग की स्थापना इसका उदाहरण है। उन्होंने बताया कि बहुत कम समय में आनन्द विभाग की गतिविधियों का प्रदेशव्यापी विस्तार हुआ है। पूरे देश में इसकी सराहना हो रही है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द विभाग श्री इकबाल सिंह बैंस और आनन्द क्लबों के सदस्य उपस्थित थे।  

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लाल सिंह आर्य

  राज्य मंत्री  लाल सिंह आर्य ने की अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की समीक्षा अनुसूचित-जाति कल्याण राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य ने कहा है कि छात्रावासों के विद्यार्थियों को सप्ताह में एक स्थान का भ्रमण अवश्य करवायें। उन्होंने कहा कि बच्चों को पास के औद्योगिक क्षेत्र, मेडिकल अथवा इंजीनियरिंग कॉलेज का भ्रमण अवश्य करवाया जाये। राज्य मंत्री श्री आर्य आज भोपाल में अनुसूचित-जाति कल्याण विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव श्री संजय बन्दोपाध्याय और आयुक्त श्री आनंद शर्मा उपस्थित थे। उत्कृष्ट काम करने वाले अधिकारी सम्मानित राज्य मंत्री श्री आर्य ने समग्र रूप से अच्छे काम करने वाले 5 विभागीय अधिकारियों को सम्मानित किया। उत्कृष्ट कार्य के लिये इंदौर की श्रीमती मोहिनी श्रीवास्तव, छिन्दवाड़ा की श्रीमती शिल्पा जैन, दमोह की सुश्री शिखा सोनी, सतना के श्री अभिषेक सिंह और सीहोर श्री हरजीत सिंह को प्रशस्ति-पत्र दिये। श्री आर्य ने कहा कि छात्रावासों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाये। पर्याप्त डस्टबिन का उपयोग किया जाये। पेयजल उपलब्धता की स्थिति से कलेक्टर, पीएचई अधिकारी अथवा विभाग प्रमुख को अवगत करायें। निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा स्वयं कर कलेक्टर को वस्तु-स्थिति से अवगत करवायें। जिन छात्रावासों में सी.सी. टी.व्ही. कैमरे लगे हैं, उन्हें चालू हालत में रखा जाये। सभी छात्रावासों में टी.व्ही. की उपलब्धता को जल्द पूरा किया जाये। उन्होंने संभागीय अधिकारियों को समय-समय पर जिला अधिकारियों की बैठक लेने को कहा। उन्होंने कहा कि बैठक के जरिये समस्या और सुझाव सामने आते हैं। राज्य मंत्री श्री आर्य ने निर्देश दिये कि छात्रावासों के लिये सामग्री का क्रय करने के बाद उसका उपयोग भी करें। बच्चों की संख्या और सामग्री की जानकारी मुख्यालय पर उपलब्ध रहे। आवश्यकता अनुसार गुणवत्तायुक्त सामग्री ली जाये और अग्रिम सामग्री का क्रय नहीं किया जाये। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह निर्माण एजेंसियों की बैठक की जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा कर विकास यात्रा के दौरान उनके शिलान्यास एवं लोकार्पण की तैयारी करें। साथ ही, निर्माण कार्यों की अद्यतन जानकारी 7 दिन के अंदर उपलब्ध करवायें। ज्ञानोदय के 23 विद्यार्थी जेईई में चयनित शासकीय ज्ञानोदय विद्यालयों में अध्ययनरत 58 में से 23 अनुसूचित-जाति के विद्यार्थियों का जेईई मेन्स में चयन हुआ है। इसमें भोपाल के 6, ग्वालियर, उज्जैन और शहडोल के 3-3, होशंगाबाद, सागर और मुरैना के 2-2 तथा इंदौर और जबलपुर से एक-एक विद्यार्थी का चयन हुआ है। श्री आर्य ने कहा कि सभी तरह के विभागीय टेण्डर मई माह में करवा लिये जायें। दी गई राशि को प्लान कर उपयोग करें। उपयोग नहीं होने पर राशि वापस दें, ताकि दूसरे जिले की आवश्यकता पूरी की जा सके और बजट लेप्स नहीं हो। उन्होंने छात्रावासों में प्रवेशोत्सव मनाने की तारीख तय करने के निर्देश भी दिये। साथ ही कहा कि इसके लिये प्रवेश समिति की बैठक कर ली जाये। पालकों को बुलवाकर मंत्रियों की उपस्थिति में प्रवेशोत्सव मनाया जायेगा। श्री आर्य ने कहा कि रिजल्ट के बाद दसवीं और बारहवीं कक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक से उत्तीर्ण अनुसूचित-जाति और अनुसूचित-जनजाति के छात्रों की सूची बनाकर भेजी जाये। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उनके लिये एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।  

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यूनाइटेड अरब अमीरात

   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से उनके निवास पर मुलाकात की। मुलाकात के दौरान यूनाइटेड अरब अमीरात का प्रतिनिधि-मंडल भी मौजूद था। बैठक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में बुलाई गयी थी, जिसमें मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्रियों को चर्चा के लिए बुलाया गया था। बैठक में यू.ए.ई. के साथ इन राज्यों में व्यापार की संभावनाओं पर विचार किया गया।  बैठक में मध्यप्रदेश द्वारा प्रजेन्‍टेशन के माध्यम से प्रदेश में उद्योग, कृषि और व्यापार की अपार संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही निर्यात की संभावनाओं को भी तलाशा गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश में पिछले कई वर्षों से कृषि उत्पादन दर 20 प्रतिशत से अधिक रही है। शरबती गेहूँ, दालों और मसालों का रिकार्ड उत्पादन हुआ है। उद्यानिकी के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने कीर्तिमान स्थापित किये हैं। श्री चौहान ने कहा कि यू.ए.ई. से हमारे देश के बेहतर संबंध रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में इस बैठक से नई कड़ी जुड़ेगी। मध्यप्रदेश में कृषि निर्यात प्रमोशन एजेंसी श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि निर्यात प्रमोशन एजेंसी बनाई है, जो प्रदेश के उत्पादों का अन्य देशों में निर्यात करने की संभावनाएँ तलाशेगी। इसके लिए राज्य सरकार ने एक टास्क फोर्स गठित की है, जिसमें राज्य सरकार और यू.ए.ई. के पाँच-पाँच सदस्य होंगे। यह फोर्स प्रदेश भर में कार्यशालाएँ आयोजित करेगा और निर्यात किये जाने वाले उत्पादों की संभावनाओं को तलाशेगा। इसके साथ ही यू.ए.ई. से एक कांट्रेक्ट फार्मिंग करारनामा किया गया है, जिसके तहत किसान अपने उत्पाद को मण्डी के बाहर भी सीधा विदेशों में निर्यात कर सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इंदौर के पास विशेष निर्यात जोन (एस.ई.जेड) खोलने का प्रस्ताव दिया है। जोन में विभिन्न प्रकार के करों में छूट दी जायेगी। राज्य सरकार द्वारा खाद्य प्र-संस्करण की नीति बनाकर केबिनेट से पारित करवाई गई है। नीति के जरिये किसान खाद्य प्र-संस्करण यूनिट खोल सकेंगे, अपने उत्पादों को निर्यात कर सकेंगे और मुनाफा कमा सकेंगे।  28 मई से 9 जून तक प्रदेश में किसान कार्यशालाएँ मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि आगामी 28 मई से 9 जून तक प्रदेश के विभिन्न अंचलों में किसानों की कार्यशाला आयोजित की जायेगी। कार्यशालाओं में किसानों को योजनाओं के बारे में जानकारी दी जायेगी, ताकि वे योजनाओं का भरपूर फायदा प्राप्त कर सकें।    

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महाकौशल में नर्मदा से नई राजनीति का आरम्भ

  महाकौशल और 1600 किमी की नर्मदा अब भाजपा और कांग्रेस के लिए गढ़ बन गई है। चुनाव से पूर्व महाकोशल में संगठन के 'कौशल' का दांव लग चुका है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा यात्रा की शुरुआत की थी। उन्होंने तकरीबन 1500 किमी की परिक्रमा की और नर्मदा को बचाने के लिए 6 करोड़ पौधे नर्मदा किनारे रोपे। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 6 माह 11 दिन नर्मदा परिक्रमा की। उन्होंने 110 विधानसभा क्षेत्रों की यात्रा की। इसके बाद नर्मदा से जुड़े मुद्दे राजनीति के मुद्दे बन गए। कितने पौधे रोपे गए और उसमें से कितने पौधे जीवित बचे, इन पर राजनीति शुरू हो गई। भाजपा और कांग्रेस ने संगठन की जवाबदारी महाकोशल के दो बड़े नेताओं को सौंप दी है। भाजपा ने महाकोशल क्षेत्र से राकेश सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है तो वहीं कांग्रेस ने भी एक सप्ताह के अंदर महाकोशल क्षेत्र के वरिष्ठ नेता कमलनाथ को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। इससे अब पूरे प्रदेश की राजनीति महाकोशल और नर्मदा से जुड़े मुद्दों पर टिक गई है। पिछले साल मंडला में एक कार्यक्रम में पहुंचे एक दर्जन विधायकों ने कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने आवाज उठाई थी। इसके बाद सालभर में करीब दस बार कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा चली, लेकिन कुछ नहीं हुआ। यहां तक कि विधायकों का एक प्रतिनिधि मंडल ने राहुल गांधी से मिलकर कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की मांग की, लेकिन उस वक्त राहुल गांधी ने कहा था कि अरुण यादव से मिलें। इससे सभी विधायक सकते में आ गए थे। महाकोशल क्षेत्र- जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, सिवनी, डिंडौरी। कुल सीट - 38 भाजपा - 24 कांग्रेस - 13 निर्दलीय - 1 नर्मदा से जुड़े मुद्दे भाजपा और कांग्रेस के लिए राजनीति का केन्द्र बन गए हैं। दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा के दौरान कमलनाथ दो बार उनकी परिक्रमा में शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और सांसद कमलनाथ के बीच गठजोड़ वहीं से शुरू हो गया था। नर्मदा परिक्रमा के समापन दिवस पर भी कमलनाथ पहुंचे। इसके बाद वे दोबारा शंकराचार्य स्वरूपानंद जी का आशीर्वाद लेने झोंतेश्वर आए। दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा के दौरान ही कमलनाथ को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने दिग्विजय सिंह का समर्थन मिल गया था। नर्मदा से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करना है, इसके संकेत भी उन्हें मिल गए थे। विधिक विमर्श कार्यक्रम में कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह से मंच से ही पूछा था कि नर्मदा किनारे कितने पौधे आपको दिखाई दिए जोकि सीएम ने लगाए थे, दिग्जिवय सिंह ने कहा कि उन्हें कोई पौधा रोपा हुआ दिखाई नहीं दिया। वहीं मुख्यमंत्री ने नर्मदा घोटाला उजागर करने वालों को राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया। महाकोशल में भाजपा की 24 सीटें हैं, लेकिन जो गुप्त रिपोर्ट भाजपा के पास पहुंची है उसके अनुसार भाजपा अधिकतर सीटें विधानसभा चुनाव में हार रही है। यह जानकारी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पास भी पहुंची है। इससे भाजपा ने महाकोशल क्षेत्र के ही नेता को प्रदेशाध्यक्ष बनाकर कुछ हद तक इस क्षेत्र का जनाधार खिसकने से रोकने की कोशिश की। भाजपा में प्रदेशाध्यक्ष महाकोशल का बनते ही कांग्रेस ने भी महाकोशल क्षेत्र के नेता कहे जाने वाले कमलनाथ पर अपना दांव चल दिया। कांग्रेस की महाकोशल में केवल 13 सीटें हैं।  

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बेटी का अपमान करने वाला समाज कभी तरक्की नहीं कर सकता - मुख्यमंत्री  किरार धाकड़ अ.भा. युवक-युवती परिचय सम्मेलन सम्पन्न लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि इन अपराधों पर कठोर नियंत्रण स्थापित नहीं किया गया, तो मनुष्य का मानवता पर से विश्वास उठ जायेगा। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिये जरूरी है कि कानून में कठोर दण्ड के प्रावधान के साथ ही सभी धर्म और समाज एकजुट होकर इस दिशा में ठोस प्रयास करें। लोकसभा अध्यक्ष आज किरार धाकड़ अखिल भारतीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन में बोल रही थीं। श्रीमती महाजन ने कहा कि समाज के उत्थान के लिये आवश्यक है कि स्त्री और पुरुष दोनों ही समान रूप से सशक्त हों। उन्होंने कहा कि समाज की कुरीतियों को समाज के द्वारा ही खत्म किया जा सकता है। सभी समाजों में एकता बहुत जरूरी है। बिखराव हमेशा असुरक्षा का भाव पैदा करता है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बेटी का अपमान करने वाला समाज कभी तरक्की नहीं कर सकता। किसी भी स्तर पर बेटी का अपमान सहन नहीं किया जायेगा। केन्द्र सरकार द्वारा दुराचारियों को मृत्यु दण्ड देने का अध्यादेश लागू करने के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति में प्रभावी सुधार अवश्य होगा। श्री चौहान ने कहा कि उनके जीवन का लक्ष्य ही मिशन महिला सशक्तिकरण है। इसलिये प्रदेश में राज्य सरकार ने बेटियों को घर और समाज के लिये वरदान के रूप में प्रतिष्ठापित करने का प्रयास किया है। श्री चौहान ने कहा कि कुरीतियों को समाप्त करने के लिये समाज को पूरी ताकत के साथ जन-जागृति के प्रयास करने होंगे। दहेज प्रथा समाप्त करने, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के लिये संकल्पित होकर काम करना होगा। दहेज नहीं लेने का संकल्प लें युवा : श्रीमती साधना सिंह अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती साधना सिंह ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि समाज संगठित रहने पर ही सशक्त हो सकता है। सम्मेलन के आयोजन की सराहना करते हुए उन्होंने समाज के युवाओं का आव्हान किया कि विवाह में दहेज नहीं लेने का संकल्प लें, सामूहिक विवाह की परम्परा को अपनायें, इससे समय और धन, दोनों की बचत होगी। श्रीमती साधना सिंह ने महासभा की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जायेगा। सिविल सर्विसेस के प्रतिभागियों की एक माह की कोचिंग की फीस की पूर्ति महासभा द्वारा की जायेगी। उन्होंने बताया कि महासभा द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन में 11 जोड़ों का नि:शुल्क विवाह करवाया जायेगा। किरार समाज की ओर से लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन का शॉल, श्रीफल और स्मृति-चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती साधना सिंह की पुस्तक 'हमारा समाज'' और श्री प्रदीप चौहान द्वारा सम्पादित परिचय स्मारिका और 'किरार दर्पण'' मासिक का विमोचन किया गया। प्रारंभ में कन्या-पूजन हुआ। सुश्री सुहासिनी जोशी ने मध्यप्रदेश गान की प्रस्तुति दी। शहीदों को मरणोपरांत सम्मान प्रदान किया गया। महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का अभिनंदन कर मेधावी विद्यार्थियों तथा अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। संचालन भोपाल नगर निगम के अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहान ने किया।  

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मुख्यमंत्री चौहान

     मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी समुदायों से अपील की है कि वे अपने-अपने समुदायों में युवाओं को कैरियर  और शिक्षा संबंधी परामर्श देने के लिये प्रकोष्ठ बनाएं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वरोजगार पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री आज यहां स्थानीय रवीन्द्र भवन में  मध्यप्रदेश साहू समाज द्वारा आयोजित राष्ट्रीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बेटियों के साथ दुराचार करने वालों को फांसी देने का कानून लागू करने के ऐतिहासिक फैसलों के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को साहू समाज की ओर से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। अगले कुछ सालों में देश का पूर्णत:  कायाकल्प हो जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि साहू समाज मिलकर नशामुक्ति और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान चलाए। समाज के सदस्य समाज कल्याण के किसी न किसी कार्य से जुड़ें।  साहू समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने साहू समाज की पत्रिका का विमोचन किया।

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भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बने राकेश

  जबलपुर से 3 बार के सांसद राकेश सिंह भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं। इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा के चुनाव उनकी पहली बड़ी परीक्षा होगी। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने पत्र जारी कर राकेश सिंह की अधिकृत नियुक्ति की घोषणा की। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के ठीक पहले प्रदेश संगठन की कमान राकेश सिंह को सौंप दी है। राकेश सिंह नंदकुमार सिंह चौहान का स्थान लेंगे। हालांकि पार्टी ने नंदकुमार सिंह चौहान को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर राकेश सिंह पर प्रदेश सरकार के लिए बन रहे एंटी इनकम्बंसी फेक्टर को खत्म करने की अहम जिम्मेदारी है। संगठन और सत्ता के बीच तालमेल बनाना भी राकेश सिंह के सामने बड़ी चुनौती है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे पहले ही राकेश सिंह के नाम की पुष्टि कर चुके थे लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से पत्र जारी कर राकेश सिंह के नाम की अधिकृत घोषणा की गई। प्रदेश अध्यक्ष के लिए कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह और राजेंद्र शुक्ला के नामों चर्चाएं थी, इतना ही नहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम भी प्रमुखता से उठा था। लेकिन तमाम अटकलों को बुधवार सुबह विराम लग गया। बताया जा रहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामलाल ने राकेश सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा। जिस पर पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों और संगठन प्रमुखों में चर्चा हुई और फिर सहमति बनी। राकेश सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा की मंशा लोधी वोट बैंक को साधने की भी है। महाकौशल से आने वाले राकेश सिंह 2004 से जबलपुर से सांसद हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र भाजपा के प्रभारी भी हैं। बताया जा रहा है कि केंद्र के कई बड़े नेताओं से अच्छे संबंधों का भी उन्हें फायदा मिला है। आपको बता दें कि राकेश सिंह जबलपुर से 3 बार के सांसद हैं और उनकी पहचान जुझारु और प्रभावशाली नेता के रुप में है। पार्टी के लिए वे अच्छे कैंपेनर की भूमिका भी निभाते रहे हैं। जबलपुर सांइस कालेज में प्रहलाद पटेल के अगुवाई में राकेश सिंह की छात्र राजनीति शुरू हुई। वे 2004 से जबलपुर सीट से सांसद हैं। राकेश सिंह को मजबूत संगठनात्मक कौशल रखने वाले नेता के रूप में जाना जाता है। वे महाराष्ट्र भाजपा के प्रभारी भी हैं और संसदीय समिति के सदस्य भी हैं। राकेश सिंह सीएम शिवराज सिंह चौहान, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं। राकेश सिंह जबलपुर से पिछले 3 बार से सांसद हैं ,पहली बार 2004 में कांग्रेस के विश्वनाथ दुबे को 97 हजार वोट से हराया ,2008 में रामेश्वर नीखरा को 1 ला 6 हजार वोट से हराया , 2014 में विवेक तन्खा को 2 लाख 8 हजार वोटों से परास्त किया ,घर में पत्नी माला सिंह के अलावा 2 बेटियां, माता और छोटा भाई ,मूलत: जबलपुर के रहने वाले हैं और खेती-किसानी के साथ टिम्बर का व्यवसाय है ,2001 से 2004 तक ग्रामीण जिला अध्यक्ष जबलपुर ,2010 में प्रदेश के महामंत्री।  इधर मंगलवार रात को इस्तीफे के बाद नंदकुमार सिंह चौहान के सरकारी बंगले के बाहर लगी नाम पट्टिका पर स्टीकर लगाकर प्रदेश अध्यक्ष पद को छिपा दिया गया है। सुबह बंगले पर तैनात कर्मचारी नाम पट्टिका पर स्टीकर लगाता दिखाई दिया। गौरतलब है कि नंदकुमार सिंह चौहान को बदले जाने को लेकर काफी दिनों से चर्चाएं थी। मंगलवार को भीकनगांव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात का खुलासा किया कि नंदकुमार सिंह चौहान अपने पद से हटना चाहते हैं क्योंकि वे अपने संसदीय क्षेत्र में समय देना चाहते हैं। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष की कवायद शुरू हो गई थी।  

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सीएम शिवराज सिंह चौहान भीकनगांव

  असं‍गठित श्रमिक सम्मेलन में सीएम शिवराज सिंह चौहान भीकनगांव पहुंचे। यहां मौजूद लोगों ने उन्होंने कहा कि अमीरी और गरीबी का फासला खत्म होना चाहिए। मजदूर जरूर हो पर मजबूर नहीं। उन्होंने कहा कि हमने सभी तबकों का ख्याल रखा है। कपास पर टैक्स एक प्रतिशत कम कर दिया गया है। गरीब बच्चों को भी मुस्कुराने का हक है। सीएम ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस प्रदेश को हिंसा की आग में झोंकना चाहती है, मध्यप्रदेश शांति का टापू है। कुछ बड़े लोग जाति के नाम पर झगड़ा करवाना चाहते हैं, सभी एकजुट रहें। कांग्रेस सरकार सिर्फ गरीब-गरीब करती थी, लेकिन गरीबों के लिए कुछ नहीं किया। सीएम ने कहा कि सभी को रहने के लिए जमीन का टुकड़ा चाहिए। प्रदेश में कोई भी गरीब बिना जमीन के टुकड़े के नहीं रहेगा। सब इस जमीन के हकदार हैं, इसका कानून हमने बना दिया। खरगोन जिले में एक लाख लोग आवास के मालिक होंगे। 2006 से हकदार लोगों को वन अधिकार पट्टे वितरित होंगे। सीएम ने कहा कि बिजली के पुराने बिल खुद की जेब से भर लूंगा, गरीबों को भारी भरकम बिल नहीं भरने देंगे। गर्भवती महिला को चार हजार रुपए दिए जाएंगे, जिससे उसे पौष्टिक भोजन मिले। सभी महिलाओं की अस्पताल में ही डिलेवरी हो। यह फायदा 2 डिलीवरी तक मिलेगा, जनता से पूछकर सीएम ने यह एलान किया। उन्होंने कहा कि एक करोड़ 92 लाख असंगठित श्रमिकों के पंजीयन हो चुके हैं। श्रमिक खुद फार्म भरेंगे और उसकी दी गई सभी जानकारियां सही मानी जाएंगी।  

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श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया

  एमपी की धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा की। श्रीमती सिंधिया ने मंदिरों के जीर्णोंद्धार के प्रस्तावों के प्राक्कलन तैयार करने की वर्तमान व्यवस्था, निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग एवं निर्माण स्थलों का भ्रमण, मंदिरों को शासन संधारित घोषित करने की नीति पर विस्तृत चर्चा की। इसके अतिरिक्त शासन संधारित मंदिरों की परिसम्पत्तियों (राज्य एवं राज्य के बाहर स्थित भूमि, भवन आदि) का डाटाबेस तैयार करने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री मनोज श्रीवास्तव तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

कृषि उत्पादों के निर्यात के लिये बनाई जायेगी राज्य स्तरीय संस्था  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों को उनके पसीने की पूरी कीमत दिलाने के लिये मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना लागू की गई है। इसमें समर्थन मूल्य पर अथवा उससे अधिक मूल्य पर गेहूँ बिकने पर 265 रूपये प्रति क्विंटल, चना, मसूर, सरसों पर 100 रूपये प्रति क्विंटल तथा लहसुन पर 800 रूपये प्रति क्विंटल किसान के खाते में डाले जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज शाजापुर में किसान महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में 10 लाख 21 हजार किसानों के बैंक खातों में 1669 करोड़ रूपये ऑनलाईन डाले गये। यह प्रोत्साहन राशि गेहूँ उपार्जन वर्ष 2016-17 और धान उपार्जन वर्ष 2017 पर 200 रूपये प्रति क्विंटल की दर से दी गयी। षड़यंत्रों से सावधान रहें किसान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के लिये खाद्य प्र-संस्करण और कृषि के विविधीकरण के लिये प्रोत्साहित किया जायेगा। कृषि उत्पाद के निर्यात के लिये इसी वर्ष राज्य स्तरीय संस्था बनाई जायेगी। उन्होंने कहा कि देश के संसाधनों पर किसानों का हक है। किसानों की समस्याओं के नाम पर राजनीति नहीं की जाना चाहिये। किसान इस तरह के षड़यंत्रों से सावधान रहे। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में नगदी की कमी पैदा की जा रही है, इससे राज्य सरकार निपटेगी। किसानों को कोई भी दिक्कत हो तो मुख्यमंत्री निवास पर स्थापित कंट्रोल रूम के फोन नम्बर-0755-2540500 पर फोन करें। श्री चौहान ने कहा कि खेती-किसानी में प्रदेश को आगे बढ़ाने में राज्य सरकार के साथ सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने प्रदेश को विकसित राज्यों में अग्रणी प्रदेश बनाने का संकल्प दोहराया। खसरे की नि:शुल्क कॉपी मिलने पर ही प्रकरण समाप्त होगा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा कृषक उद्यमी योजना शुरू की गई है, जिसमें किसानों के बेटे-बेटियों को उद्योग लगाने के लिये दो करोड़ रूपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जायेगा। इस ऋण की गारंटी राज्य सरकार लेगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रत्येक विकासखंड में 100-100 युवाओं को ऋण दिलाया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये चलाये गये विशेष अभियान में तीन माह में नामांतरण और बँटवारे के 14 लाख प्रकरण निपटाये गये हैं। अब नामांतरण के आदेश के बाद खसरा और नक्शे की नकल की कॉपी संबंधित किसान को नि:शुल्क दे दी जायेगी, तब ही प्रकरण समाप्त माना जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खराब ट्रांसफार्मर बदलने के लिये यदि किसान ट्रान्सफार्मर लाते हैं, तो विद्युत कंपनी द्वारा इसका किराया दिया जायेगा। बदलने के बाद ट्रांसफार्मर अगर तीन माह के भीतर जल जाता है, तो बिना बकाया राशि लिये उसे फिर बदल दिया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर कल्याण योजना में ढाई एकड़ तक की भूमि वाले किसानों को शामिल किया गया है। डिफाल्टर किसानों के लिये नई योजना बनाई गई है, जिसमें ब्याज राज्य सरकार भरेगी और मूलधन का आधा किसान द्वारा दिये जाने पर उसे शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष भावांतर भुगतान योजना में किसानों के खाते में दो हजार करोड़ रूपये की राशि डाली गयी है। जो किसानों ने भी नहीं सोचा, वह कर रही है सरकार मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को सुविधाएँ देने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी जायेगी। जो किसानों ने भी नहीं सोचा, वह भी सरकार कर रही है। उन्होंने जनता को याद दिलाते हुए कहा कि पूर्व की सरकार के समय किसानों को 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था, जिसे घटाकर शून्य प्रतिशत कर दिया गया है। खाद के अग्रिम भंडारण पर ब्याज राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। प्राकृतिक आपदा में दी जाने वाली राहत राशि पहले ढाई हजार रूपये प्रति हेक्टयर थी, जिसे बढ़ाकर 30 हजार रूपये प्रति हेक्टयर कर दिया गया है। एक वर्ष में किसानों को 18 हजार करोड़ रूपये की राहत दी गई है। प्याज के दाम गिरने पर राज्य सरकार द्वारा 800 रूपये प्रति क्विंटल के भाव पर प्याज खरीदी पर 650 करोड़ रूपये खर्च किये गये। सिंचाई की क्षमता प्रदेश में साढ़े सात लाख हेक्टयर से बढ़ाकर चालीस लाख हेक्टयर कर दी गयी है। सिंचाई के लिये बिजली की समुचित व्यवस्था की गई है। खेती को फायदे का धंधा बनाने के लिये राज्य सरकार द्वारा हर-संभव प्रयास किये जा रहे हैं। 307 करोड़ के विकास कार्यों का लोकर्पण एवं शिलान्यास मुख्यमंत्री  चौहान ने इस अवसर पर शाजापुर जिले में करीब 250 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 57 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। साथ ही विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले 5 वर्षों में पूरे प्रदेश में सिंचाई की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं का निम्नानुसार उल्लेख किया। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री श्री दीपक जोशी, विधायक श्री अरूण भीमावद, राज्य ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष श्री विजेन्द्र सिंह सिसोदिया, मार्कफेड के अध्यक्ष श्री रमाकांत भार्गव, सांसद श्री मनोहर ऊँटवाल, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।  

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गुरुकुल सम्मेलन 28 अप्रैल से, मोहन भागवत करेंगे उद्धाटन

  महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान उज्जैन में 28 से 30 अप्रैल तक तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विराट गुरुकुल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में देश-विदेश के गुरुकुल के तीन हजार प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। सम्मेलन के समापन पर सब की सहमति से 'गुरुकुल का घोषणा-पत्र" भी तैयार किया जाएगा। सम्मेलन का उद्धाटन आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत करेंगे। संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय गुरुकुल सम्मेलन की तैयारी नेपाल, म्यांमार और बेंगलुरु में आयोजित सम्मेलनों में की जा चुकी है। सम्मेलन में नेपाल, म्यांमार, इंडोनेशिया, मॉरीशस, त्रिनिनाद के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। साथ ही विभिन्न् विश्वविद्यालयों के 70-80 कुलपति, शिक्षा क्षेत्र के शोधार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता और उद्योगपति भी मौजूद रहेंगे। सम्मेलन में आधुनिक शिक्षा पद्धति में गुरुकुल शिक्षा पद्धति के तत्व शामिल करने के मुद्दे पर चर्चा होगी। सम्मेलन के उद्धाटन सत्र में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ. प्रकाश जावड़ेकर, राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्वामी संवित सोमगिरी, आचार्य गोविन्द देवगिरी, स्वामी राजकुमार दास भाग लेंगे। वहीं समापन सत्र में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी और अन्य संत उपस्थित होंगे। समापन भाषण सुरेश सोनी देंगे।

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 नंदकुमार का फैसला पार्टी करेगी

  बदलाव की चर्चा के बीच मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनके बारे में फैसला पार्टी करेगी। चौहान ने कहा कि उनके जीवन का फैसला वे खुद नहीं करते हैं, बल्कि पार्टी करती है, इसलिए संगठन जो फैसला करेगा, वे उसका पालन करेंगे। चौहान से पूछा गया था कि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष के बदलाव की लंबे समय से चर्चा चल रही है, क्या ये सही है। मीडिया के साथ बातचीत में चौहान ने बाबाओं को उपकृत किए जाने के सवाल पर कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। कांग्रेस के कार्यकाल में भी बाबाओं को मंत्री दर्जा देकर उपकृत किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि इन बाबाओं ने ही नर्मदा में पौधेे लगाने के दावे पर आरोप लगाए थे, इसलिए सरकार ने उन्हें ही जिम्मेदारी दे दी कि आप ही जांच करो और आप ही नर्मदा का संरक्षण करो। देवास सांसद मनोहर ऊंटवाल द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बारे में दिए गए आपत्तिजनक बयान पर चौहान ने कहा कि इस बारे में सांसद से बात की है। ऊंटवाल ने अपनी सफाई में कहा कि उनका आशय ये था कि दिग्विजय सिंह जादूगर टाइप के आदमी हैं। चुनाव से पहले वो कोई भी चौंकाने वाला फार्मूला ला सकते हैं। इसे उन्होंने आइटम कहा था। प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान दिनभर भोपाल में तो रहे, लेकिन पार्टी कार्यालय नहीं गए। उन्होंने आंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में बोर्ड आफिस में प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, फिर अपने बंगले चले गए।

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 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री द्वारा छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का शिलान्यास और समूह नल-जल योजना का लोकार्पण  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों के लिये बजट में 20 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यह राशि किसानों के बैंक खातों में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पहुँचाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी सीहोर जिले की नसरुल्लागंज तहसील के गोपालपुर में 516 करोड़ 11 लाख की लागत की छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना के शिलान्यास और किसान सम्मेलन में दी। श्री चौहान ने 21 करोड़ 69 लाख की लागत की समूह नल-जल योजना तथा 2 करोड़ की लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवन का भी लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की खेती से आय बढ़ाने के लिये ही प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जा रहा है। जहाँ नहरों के माध्यम से सिंचाई संभव नहीं है, वहाँ उद्वहन सिंचाई योजनाएँ बनाकर किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान की मेहनत का सम्मान करती है। इसलिये किसानों के हित संरक्षण के लिये हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में यह पहला मौका है, जब राज्य सरकार ने किसानों को पिछले वर्ष बेची गई गेहूँ की फसल के लिये 200 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया। आगामी 16 अप्रैल को शाजापुर में राज्य-स्तरीय समारोह में 10 लाख किसानों के खातों में 16 करोड़ की राशि जमा करवाई जायेगी। इसी दिन हर जिला मुख्यालय पर किसानों के खातों में प्रोत्साहन राशि जमा कराने का कार्य किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस बार भी किसानों को मण्डियों में गेहूँ बेचने पर 265 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि चना, मसूर और सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीदी पर भी किसान को समर्थन मूल्य के अलावा 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि मण्डी के बाहर गेहूँ और चने की बिक्री करने वाले किसानों को भी भावांतर योजना का लाभ दिया जायेगा। श्री चौहान ने बताया कि ऋण समाधान योजना में किसानों के कुल ऋण पर ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज का भुगतान राज्य सरकार करेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में अभी तक पौने दो करोड़ से अधिक श्रमिकों ने पंजीयन करवाया है। पंजीकृत श्रमिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ, घर बनाने के लिये जमीन का पट्टा और आर्थिक सहायता तथा 200 रुपये मासिक फ्लेट रेट पर बिजली भी उपलब्ध करवायी जायेगी। छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना से सीहोर जिले की नसरुल्लागंज तहसील और देवास जिले की खातेगाँव तहसील में 35 हजार 62 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के निर्माण के लिये 516 करोड़ 11 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। योजना के अंतर्गत नर्मदा नदी के तट पर 5 विभिन्न स्थान पर कुल 12.64 क्यूमेक्स जल का उद्वहन किया जायेगा। ग्राम चीचली, करोंदमाफी, पीपलनेरिया, छीपानेर तथा चौरसाखेड़ी के पास पम्पिंग स्टेशन बनाये जायेंगे। पम्पिंग स्टेशन से 6 राइजिंगमेन द्वारा नर्मदा जल खेतों तक पहुँचेगा। योजना की विशेषता यह है कि जल वितरण प्रणाली पाईप आधारित होगी। पाईप से जल प्रत्येक ढाई हेक्टेयर चक तक किसान को 20 मीटर दबाव पर उपलब्ध होगा। दाबयुक्त जल से किसान ड्रिप अथवा स्प्रिंकलर से सिंचाई कर सकेंगे। इस पद्धति से सिंचाई पर किसान को खेत समतल करने की आवश्यकता नहीं होगी। कम पानी से अधिक और उपयोगी सिंचाई का लाभ मिलेगा। यह योजना प्रधानमंत्री के 'पर ड्राप मोर क्राप'' अर्थात पानी की बूँद-बूँद का उपयोग कर न्यूनतम जल से अधिकतम सिंचाई करने पर आधारित है। जल वितरण प्रणाली पाईप आधारित होने से भूमि का स्थाई अर्जन नहीं होगा। पम्प हाउस के लिये केवल लगभग छ: हेक्टेयर भूमि के स्थाई अर्जन की आवश्यकता होगी।  

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भिंड कलेक्टर

मध्यप्रदेश के अटेर विधानसभा उपचुनाव के समय वोटर वेरीफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) के प्रदर्शन में हुई लापरवाही के चलते प्रदेश सरकार ने भिंड कलेक्टर इलैया राजा टी. को आरोप पत्र थमा दिया है। दरअसल, वीवीपैट के प्रदर्शन के दौरान, जितनी भी वोटर स्लिप निकली थीं, उनमें से ज्यादातर भाजपा के पक्ष में जाती हुई दिखाई दी थीं।इस मामले को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लेते रिपोर्ट तलब की थी। इसके आधार पर सरकार को कार्रवाई करने कहा था। सरकार ने कलेक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया है। इसके मद्देनजर सामान्य प्रशासन विभाग ने आरोप पत्र जारी किया है। 31 मार्च 2017 को अटेर विस उपचुनाव में वीवीपैट का उपयोग होने और लोगों को इसकी जानकारी देने को मशीन का प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद थे। प्रदर्शन के दौरान जितनी भी मतदाता पर्ची निकलीं, उसमें अधिकांश मत भाजपा को जाते हुए नजर आए। इसको लेकर मीडिया ने सवाल खड़े कर दिए। जिसे देखते हुए आयोग ने रिपोर्ट तलब कर ली थी। रिपोर्ट में बताया गया कि मशीनें उत्तर प्रदेश से आई थीं और उसमें पहले से मत दर्ज थे। नियमानुसार मशीनों को खाली करना था, पर इसमें लापरवाही बरती गई।  

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राजीवगांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

राजीवगांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्टार्टअप लीडरशिप कार्यशाला शुरू  राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्टार्टअप भारत सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य देश में स्टार्टअप्स और नये विचारों के लिए एक मजबूत परिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, ताकि देश का आर्थिक विकास हो एवं बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हों। यह पहल युवाओं को उद्योगपति और उद्यमी बनाने का अवसर प्रदान करने के लिए की गई है। उन्होंने ये बात राजीवगांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्टार्टअप लीडरशिप पर आयोजित कार्यशाला के उदघाटन समारोह में कही। इस अवसर पर राज्यपाल ने स्टार्टअप पॉलिसी एवं विश्वविद्यालय के न्यूज लेटर का विमोचन किया। राज्यपाल ने कहा कि स्टार्टअप का अर्थ देश के युवाओं को बैंकों के माध्यम से वित्त सहायता प्रदान करना है, जिससे उनकी शुरूआत बेहतर मजबूती के साथ हो और वे भारत में आर्थिक रोजगार सृजन कर सकें। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। केवल सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर ही हम भरोसा करें, यह संभव नहीं है। इसके लिए उद्योग जगत तथा अन्य कारोबारी संस्थाओं को विश्वविद्यालय से सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत अपनी मांग और आवश्यकताओं से विश्वविद्यालयों को परिचित कराये, जिससे विश्वविद्यालय ऐसे कार्यक्रम और ऐसे प्रशिक्षण आयोजित कर सकें, जिससे युवा सीधे ही उद्योगों के काम आ सकें। छात्रों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ नवीन उत्पाद एवं अभिनव प्रयोग पर भी ध्यान दिया जाये। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ बातें नहीं करते हैं, उन्होंने देश को विश्व स्तर पर पहुंचाया है। उनके द्वारा युवाओं के लिए चलाये जा रहे स्टार्टअप कार्यक्रम की आज सबसे ज्यादा उपयोगिता है। इस कार्य के लिए फंड की कमी नहीं आने दी जायेगी। प्रारंभ में 10 करोड़ रूपये से ज्यादा राशि दी जायेगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा नई दिल्ली के सदस्य सचिव डॉ. ए.पी. मित्तल ने कहा कि इस योजना का सही अर्थ यही है कि हम जॉब के पीछे न भागें, बल्कि हम में दूसरे को जॉब देने की क्षमता हो। राजीवगांधी प्रौद्यागिकी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री सुनील कुमार ने बताया कि 100 छात्रों को स्टार्टअप के तहत एक लाख रूपये अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने राज्यपाल के निर्देशानुसार बिशन खेड़ी गावं को गोद लिया गया है। इस अवसर पर टाटा कन्सलटेन्सी के प्रमुख श्री अभिताप तिवारी और प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंधोपाध्याय भी उपस्थित थे।  

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शिवराज सिंह चौहान

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार अनुभूति कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसमें विद्यार्थियों को गाँव ले जाया जायेगा। गाँव में आज भी मिलजुलकर जीने की कला और सहयोगी जीवन मिलता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास पर अनुभूति संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में गाँवों में रहकर आने वाले विद्यार्थियों ने अपने अनुभवों को साझा किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि गाँव का जीवन अद्भुत है। गाँव में सब एक परिवार के जैसे मिलकर रहते हैं। भारतीय परम्परा और संस्कृति आज भी गाँवों में मिलती है। गाँवों में आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाई जायें, पर गाँव के मूल प्राण सहज और सरल जीवन समाप्त नहीं होना चाहिये। बेटी के विवाह में आज भी पूरा गाँव व्यवस्थाओं में लग जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले दशक में प्रदेश के गाँवों में सड़क सुविधाएँ बढ़ाई गई हैं। आज प्रदेश के 95 प्रतिशत गाँव पक्की सड़कों से जुड़ गये हैं। दिसम्बर 2018 तक प्रदेश के सारे गाँव पक्की सड़कों से जुड़ जायेंगे। गाँव में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। नल-जल योजनाओं के माध्यम से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। गाँव में छोटे रोजगार बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत कार्यक्रम की मदद से गाँव में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। श्री चौहान ने इस मौके पर अनुभूति कार्यक्रम के फोल्डर का विमोचन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अनुभव पर आधारित डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया। श्री प्रफुल्ल अकांत ने कहा कि विद्यार्थी भविष्य के भारत की राष्ट्रशक्ति है। देश तेजी से प्रगति कर रहा है। इस बदलाव में विद्यार्थी मेधा भारतीय संस्कृति का अनुभव कर गाँवों के विकास एवं उन्नति में योगदान दे सकें, यह प्रयास अनुभूति प्रकल्प में किया गया है। विकासार्थ विद्यार्थी के राष्ट्रीय संयोजक श्री सचिन दवे ने अनुभूति प्रकल्प की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों ने 15 से 18 मार्च तक गाँव में प्रवास किया। गाँव के परिवेश से रू-ब-रू हुये। संस्कृति की संवेदनाओं से साक्षात्कार किया। निस्वार्थ, आत्मीय, सरल और संतोषी ग्रामीण जीवन दर्शन के अनुभवों को मुख्यमंत्री के साथ साझा करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में पत्रकारिता, इंजीनियरिंग, मेडिकल, पॉलीटेक्निक और मानविकी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने गाँव दर्शन के अनुभवों की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण संस्कृति की आत्मीय सामुदायिकता, परमार्थ और प्रदूषण मुक्त जीवनशैली के अनुभवों का ब्यौरा दिया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी श्री दीपक पालीवाल, डॉ. प्रज्ञेश अग्रवाल, श्री बंटी चौहान सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

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आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

  मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंगनबाड़ी  कार्यकर्ताओं का मानदेय 10 हजार रूपये और सहायिकाओं का मानदेय 5 हजार रूपये महीने करने की घोषणा की है। साथ ही सेवानिवृत्ति की आयु भी शासकीय कर्मचारियों के समान 62 वर्ष की जाएगी। उन्हें यात्रा भत्ता भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका से आग्रह किया कि वे आंगनवाड़ी का उत्कृष्ट प्रबंधन करें और कुपोषण मुक्त मध्यप्रदेश बनाने में पूरी मेहनत से काम करें। श्री चौहान आज यहां निवास पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए  पोषण अभियान पर उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में प्रदेश भर से आई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का आव्हान किया कि मध्यप्रदेश से कुपोषण की चुनौती को हमेशा के लिए समाप्त करने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि किसी भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका को बिना जांच किए नहीं हटाया जाएगा।  यदि आंगनवाड़ी सहायिका द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में चयन के लिए आवेदन किया जाता है तो उन्हें वरीयता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने दीनदयाल पोषण पुरस्कार की भी घोषणा की। रिटायरमेंट के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को  एक लाख रुपए और आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 75000 रूपये दिए जाएंगे।  यदि आकस्मिक रूप से उनकी मृत्यु हो जाती है तो उनके परिवार को दो लाख  की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही उनकी बहन या बेटी को कार्यकर्ता/ सहायिका के चयन में 10 अंक की वरीयता दी जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिये प्रत्येक परियोजना में तीन-तीन पुरस्कार दिये जायेंगे। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रथम पुरस्कार 7100 रूपये, द्वितीय पुरस्कार 5100 रूपये और तृतीय पुरस्कार 2100 रूपये के दिये जायेंगे। इसी प्रकार सहायिकाओं के लिये प्रथम पुरस्कार 5100 रूपये का, द्वितीय पुरस्कार 2100 और तृतीय पुरस्कार 1100 रूपये का दिया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली मजदूर बहनों के लिये गर्भावस्था के दौरान चार हजार रूपये और प्रसव के बाद 12 हजार रूपये दिये जायेंगे। इन बहनों का पंजीयन कराने और उनके खातों में धनराशि पहुँचाने की जिम्मेदारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जायेगी। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सेवा और विकास के क्षेत्र में पूरे देश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बहनें निचले स्तर पर बड़ी जिम्मेदारियाँ पूरी करती हैं। उन्होंने एनीमिया की कमी से लड़ने का अभियान सफलता पूर्वक पूरा किया। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं अन्य शासकीय सेवाओं के प्रदाय की जिम्मेदारी भी लगन के साथ पूरी की। निचले स्तर पर प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर आयुक्त महिला सशक्तिकरण श्रीमती जयश्री कियावत, आयुक्त आईसीडीएस श्री संदीप यादव और बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएँ उपस्थित थीं।

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 प्रजापति समाज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान में आज यहां प्रजापति समाज के राष्ट्रीय अधिवेशन में समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। समाज ने श्री चौहान का जनहितैषी योजनाओं के लिये पारंपरिक साफा पहनाकर अभिनंनदन किया। श्री चौहान ने कहा कि प्रजापति कुंभकार समाज परिश्रमी, ईमानदार और मददगार समाज है। कलाधर्मी प्रजापति समाज माटी को भी विभिन्न कलारूप देने की प्रतिभा रखता है। इसलिये इसमें प्रतिभाओं की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज ने बेटियों का सम्मान किया है और उन्हें आगे बढने में मदद की है। श्री चौहान ने कहा कि प्रतिभाओं की पढाई-लिखाई का पूरा खर्च सरकार उठायेगी। प्रजापति समाज के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष श्री मनोज प्रजापति द्वारा माँग-पत्र प्रस्तुत करने पर श्री चौहान ने कहा कि मांगों का परीक्षण कर समाज की बेहतरी के हर संभव कदम उठाये जायेंगे। इस अवसर पर सांसद श्री आलोक संजर, राज्य माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामदयाल प्रजापति और बड़ी संख्या में समाज के बन्धु उपस्थित थे।  

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मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना

मध्यप्रदेश में गेहूँ, चना, मसूर और सरसों की उत्पादकता को बढ़वा देने के लिये राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के क्रियान्वयन से फसल उत्पादकता में बढ़ोत्तरी होगी और 5 वर्ष में किसानों की आय दोगुनी किये जाने की दिशा में एक ठोस प्रयास होगा। प्रदेश में फसलों की उत्पादकता को बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय तिलहन मिशन के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों को क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों के बीच नवीन किस्मों के बीजों का प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से किसानों को फेयर एवरेज क्वालिटी (एफएक्यू) गुणवत्ता के उत्पादन को प्रोत्साहित करना भी है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में रबी 2017-18 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जित करने वाले किसानों को 265 रुपये प्रति क्विंटल की राशि पात्र किसानों के बैंक खातों में जमा की जायेगी। किसानों द्वारा 15 मार्च से 26 मई तक कृषि उपज मण्डी में गेहूँ बेचे जाने पर 265 रुपये प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। कृषि उत्पाद मण्डी में न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे अथवा न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर गेहूँ बेचा गया हो, दोनों ही स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का लाभ पंजीकृत किसान को दिया जायेगा। योजना में रबी 2017-18 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों उपार्जित कराने वाले किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि उनके बैंक खाते में जमा करवाई जायेगी। पंजीकृत किसानों द्वारा बोनी एवं उत्पादकता के आधार पर उत्पादन की पात्रता की सीमा तक 10 अप्रैल से लेकर 31 मई तक कृषि उपज मण्डी में विक्रय पर 100 रुपये प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। प्रदेश में गेहूँ का पंजीयन 'ई-उपार्जन'' पोर्टल पर तथा चना, मसूर एवं सरसों का पंजीयन भावांतर भुगतान योजना के पोर्टल पर किया गया है। जिलों में योजना के क्रियान्वयन के लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी में उप संचालक कृषि विकास एवं किसान कल्याण, सीईओ जिला पंचायत, अतिरिक्त कलेक्टर राजस्व, उप पंजीयक सहकारी संस्था, जिला खाद्य अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी केन्द्रीय सहकारी बैंक, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, मार्कफेड और जिला लीड बैंक अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह समिति लाभान्वित किसानों के बैंक खातों एवं योजना के क्रियान्वयन की निरंतर समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के संबंध में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा प्रदेश के जिला कलेक्टर्स को लगातार निर्देश दिये जा रहे हैं। जिला मुख्यालय पर 16 अप्रैल को जिला-स्तरीय किसान सम्मेलन और शाजापुर में राज्य-स्तरीय किसान महा-सम्मेलन होगा। इनकी व्यवस्थाओं के संबंध में भी कलेक्टर्स को निर्देश दिये गये हैं।  

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विश्व स्वास्थ दिवस पर राज्यपाल द्वारा नवीन वैक्सीन का शुभारम्भ  एमपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्वास्थ विभाग द्वारा अस्पतालों में डाक्टरों द्वारा लिखी जाने वाली दवाईयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाये। डाक्टर गरीबों तथा ग्रामीणों को वही दवायें लिखें, जो अस्पतालों में उपलब्ध हों। सरपंचों तथा जनप्रतिनियों की जिम्मेदारी है कि टीकाकरण अभियान में पूरा सहयोग दें। उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ पर विशेष ध्यान देने पर जोर देते हुए कहा कि जांच के दौरान अगर हीमोग्लोबिन कम निकले, तो उसका पोषण बढ़ा कर इलाज करें। राज्यपाल ने आज विश्व स्वास्थ दिवस पर स्वास्थ विभाग द्वारा आयोजित बच्चों को निमोनिया तथा दिमागी बुखार जैसी जानलेवा बीमारी से सुरक्षा प्रदान करने वाली नवीन वैक्सीन पीसीबी के शुभारम्भ समारोह को सम्बोधित कर रही थीं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में नवीन वैक्सीन पीसीबी(टीका) नि:शुल्क टीकाकरण लिए उपलब्ध रहेगा। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि डाक्टर गांवों में जाकर सरपंचों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर स्वास्थ सुविधायें उपलब्ध करायें और विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने डाक्टरों से कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सरकार को सहयोग प्रदान करें। आंगनबाड़ी और प्राथमिक शालाओं में बच्चों को वितरित होने वाले भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता और पानी की शुद्धता की भी जांच करें। गांव,शहर, स्कूल, आंगनबाड़ी तथा सार्वजनिक स्थलों पर सफाई अभियान में सभी वर्ग सहयोग करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए शौचालय बहुत आवश्यक है। देश में शौचालय बनाने का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। आने वाले 2-3 साल में हमारे देश में शत-प्रतिशत शौचालय का निर्माण हो जायेगा। स्वास्थ मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने कहा कि डाक्टरों के साथ-साथ सभी में सेवाभाव होना चाहिए। मध्यप्रदेश को स्वस्थ प्रदेश बनाने के लिए सभी मिलजुलकर कार्य करें। इस बात पर ध्यान दें कि हम ग्रामीणों, गरीबों और पिछड़े लोगों तक बेहतर स्वास्थ सुविधायें कैसे पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ सेवाओं में निरंतर सुधार हो रहा है और अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ रही हैं। स्वास्थ विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती गौरी सिंह ने समारोह में अतिथियों का स्वागत किया। राज्यपाल ने कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं और सरपचों को भी पुरस्कृत किया। इस अवसर पर आयुक्त स्वास्थ श्रीमती पल्लवी जैन, राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन के संचालक श्री एस.विश्वनाथन, यूनिसेफ के प्रतिनिधि माईकल जूमा और विश्व स्वास्थ संगठन के प्रतिनिधि डॉ.बी.पी. सुब्रामणयम उपस्थित थे।

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भारिया

भारिया परिवारों के पक्के आवास बनेंगे और भारिया भाषा शिक्षक नियुक्त किये जायेंगे  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के सभी भारिया परिवारों को बिना जमीन के नहीं रहने दिया जायेगा।  भारिया परिवार बरसों से जिस जमीन पर काबिज़ है, उन्हें उसका मालिकाना हक दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि वन भूमि पर वर्षों से काबिज भारिया परिवार को भी नहीं हटाया जायेगा। ऐसे परिवारों को भूमि का  पट्टा देने के लिये विशेष अभियान चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज छिन्दवाड़ा जिले के पातालकोट क्षेत्र के ग्राम रातेड़ में भारिया महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता अनुसूचित जाति कल्याण और जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने की।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम में जिन भारिया परिवारों को भूमि आवंटित की गई है, उनके खेतों में कुओं का निर्माण कराया जायेगा। साथ ही परिस्थिति अनुसार मोटर या डीजल पम्प उपलब्ध करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी भारिया परिवारों के आगामी 2 वर्षों में पक्के मकान बनाये जायेंगे। भारिया भाषा को संरक्षित करने के लिये 18 भारिया भाषायी शिक्षक नियुक्त किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि भारिया संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिये छिन्दवाड़ा में भारिया सांस्कृतिक केन्द्र स्थापित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने भारिया समाज के लोगों से कहा कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाकर उन्हें आगे बढ़ने के लिये प्रेरित और प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि आज का समय कम्प्यूटर का है और कम्प्यूटर रोजगार का जरिया है, इसलिये बच्चों को कम्प्यूटर में प्रशिक्षित किये जाने के लिये छिन्दवाडा में एक कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र खोला जायेगा। आई.टी.आई. में भी भारिया बच्चों को विभिन्न व्यवसाय का प्रशिक्षण देकर उनके कौशल को बढ़ाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह महासम्मेलन भारिया जनजाति की जिदंगी बदलने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सभी भारिया बस्तियों में दीपावली तक बिजली पहुँचा दी जायेगी। उन्होंने   भारिया बच्चों के लिये एकलव्य आवासीय विद्यालय खोलने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि भारिया परिवारों के बच्चों को पहली से लेकर पी.एच.डी. तक निःशुल्क शिक्षा दी जायेगी। उन्होंने भारिया युवाओं से कहा कि वे अपनी क्षमताओं का प्रकटीकरण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारिया आदिवासियों की एक स्वस्थ परम्परा है जिसे अक्षुण्ण रखने का प्रयास राज्य शासन द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाली भारिया बालिकाओं को एन.एम.ए. का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वास्थ्य सेवा के कार्य में लगाया जायेगा। भारिया बहुल क्षेत्र में भारिया आदिवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जायेगा तथा गंभीर रोग से पीड़ित होने पर निःशुल्क उपचार किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में अब असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीयन कर उन्हें विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने कहा कि अचार, चिरौंजी और महुआ खरीदी के लिये लघु वनोपज खरीदी केन्द्र खोले जायेंगे। महुआ 30 रूपये एवं अचार गुठली 150 रूपये प्रति किलो की दर पर खरीदी जायेगी। उन्होंने कहा कि पातालकोट क्षेत्र की भारिया बहनों के बैंक खाते में प्रतिमाह एक हजार रूपये जमा किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि पातालकोट क्षेत्र की सभी बस्तियों में नल-जल योजना की व्यवस्था की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 36 करोड 98 लाख 35 हजार रूपये के कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन कर 7 भारिया युवाओं को पुलिस में आरक्षक के पद पर सीधी भर्ती के नियुक्ति पत्र प्रदान किये। उन्होंने लाडली लक्ष्मी योजना के प्रमाण-पत्र के साथ ही उज्जवला गैस योजना के कनेक्शन भी वितरित किये। मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले नर्तक दल को 25 हजार की नगद प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की। सम्मेलन में भारिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला भारती, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कांता ठाकुर, विधायक सर्वश्री नत्थनशाह कवरेती, चौधरी चन्द्रभान सिंह, पं.रमेश दुबे एवं नानाभाऊ मोहोड, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री नरेन्द्र परमार, श्री उत्तम ठाकुर और श्री रमेश पोफली भी उपस्थित थे।    

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समाधान योजना में ऋण का ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज का सरकार करेगी भुगतान  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिला सशक्तिकरण के लिये महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की मार्केटिंग राज्य सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि स्कूली बच्चों की ड्रेस सिलने और आँगनवाड़ी केन्द्रों के पोषण-आहार बनाने का काम स्व-सहायता समूहों से करवाया जायेगा। श्री चौहान राजगढ़ जिले के जीरापुर में महिला सम्मेलन और अंत्योदय मेले को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने किसान-कल्याण एवं कृषि विकास की योजनाओं एवं निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि 10 अप्रैल से प्रदेश की मण्डियों में चना और मसूर की खरीदी शुरू की जायेगी। चना 4400 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीदा जायेगा और इस पर राज्य सरकार द्वारा 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि भी दी जायेगी। उन्होंने बताया कि मण्डी के बाहर गेहूँ, चने की बिक्री करने वाले किसानों को भी भावांतर योजना में लाभान्वित किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि समाधान योजना में किसानों के ऋण पर ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज का भुगतान राज्य सरकार करेगी। तीन लाख असंगठित श्रमिकों का पंजीयन मुख्यमंत्री ने असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में राजगढ़ जिले में अभी तक 3 लाख श्रमिकों के पंजीयन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस उपलब्धि के लिये जिला प्रशासन को बधाई देते हुए बताया कि असंगठित श्रमिक योजना का लाभ ढाई एकड़ तक के भूमिधारक किसानों को भी दिया जायेगा। योजना में पात्र आवासहीन लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना में भी लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राजगढ़ जिले में निर्माणाधीन मोहनपुरा और कुण्डलिया सिंचाई योजनाओं से 6 लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि इन बाँधों में भरने वाले पानी से समूह नल-जल योजनाओं से सभी गाँव में घर-घर पेयजल पहुँचाया जायेगा। 77 करोड़ से ज्यादा के निर्माण और विकास कार्य लोकार्पित मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में महिला सम्मेलन और अंत्योदय मेले में राजगढ़ जिले में 77 करोड़ से ज्‍यादा की राशि के 47 निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने मेले में शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र और हितलाभ वितरित किये तथा स्व-सहायता समूहों के स्टॉलों पर जाकर उनके उत्पादों की जानकारी ली। इस अवसर पर सांसद श्री रोडमल नागर, विधायक श्री हजारीलाल दांगी, श्री अमरसिंह यादव, श्री नारायण सिंह पवार, श्री कुँवर कोठार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गायत्री जसवंत गुर्जर, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा और अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।  

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मंत्री आर्य के बंगले पर पथराव,भिंड में एक और शव मिला

  एससी-एसटी एक्ट मामले में उपजे आक्रोश ने ग्वालियर-चंबल अंचल में 8 लोगों की जान ले ली। ग्वालियर, भिंड और मुरैना में मंगलवार को कर्फ्यू जारी है। मंगलवार सुबह भिंड के रौन थाना इलाके के राही का ट्यबवेल में एक शव बरामद हुआ है। मृतक का नाम दशरथ(50) बताया गया है। इसके साथ ही भिंड में उपद्रव में मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। गोहद में फिर हालात बिगड़ गए, कुछ लोगों ने मंत्री लाल सिंह आर्य के घर सहित कई जगह पथराव किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। सुबह से ही पुलिस ने अनाउसमेंट करवा दिया था कि कोई भी अपने घर से बाहर ना निकले। मुरैना में भी हालत सामन्य होते नजर नहीं आ रहे। जगह-जगह पर पुलिस बल तैनात है। यहां उपद्रवियों द्वारा उखाड़ी गई रेल पटरियों को ठीक कर दिया गया है। जिसके बाद से रेल परिवहन शुरू हो गया है। मुरैना के उत्तमपुरा में एक बार फिर विवाद के बाद फायरिंग हुई, सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। यहां इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। ग्वालियर में कलेक्टर ने सभी शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं, उनके अगले आदेश तक यह निरस्त ही रहेंगे।हिंसाग्रस्त इलाकों में 550 डीएसपी और सब इंस्पेक्टर सहित 3 हजार जवानों को तैनात किया गया है। भोपाल में पुलिस मुख्यालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सभी शिक्षण संस्थान दो दिन के लिए बंद रहेंगे। सोशल मीडिया पर मॉनिटरिंग की जा रही है। पुलिस ने करीब एक हजार लोगों के खिलाफ मालला दर्ज किया है। वीडियो और फोटो के जरिए हिंसा फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। हिंसा के बाद पुलिस ने मुरैना में कर्फ्यू के बाद रातभर फ्लैग मार्च किया। जिले में सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। कलेक्टर और एसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल अब भी इलाकों में घूम रहे हैं। मुरैना में उपद्रवियों ने रेल की पटरियां भी उखाड़ दी थीं, इससे कई ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं। झांसी आगरा पैसेंजर ग्वालियर तक ही चली, आगरा झांसी पैसेंजर को रद्द कर दिया गया। निजामुद्दीन से आने वाली गतिमान एक्सप्रेस को आगरा से ही वापस लौटा दिया गया। ताज एक्सप्रेस मंगलवार को रद्द रहेगी। ग्वालियर-चंबल अंचल में फैली हिंसा के बाद भोपाल में धारा 144 लागू की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी बड़े शहरों सहित उन इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जहां सोमवार को विवाद हुए थे।  

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मुख्यमंत्री चौहान ने की अपील  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि शांति और सदभाव बनाये रखें। अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। समाज के सभी वर्गों की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार इस जिम्मेदारी को पूरी सजगता से निभायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपील में कहा है कि कुछ लोगों ने प्रदेश की सामाजिक समरसता को बिगाड़ने की कोशिश की है। इससे कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनायें घटित हुई हैं। उन्होंने कहा है कि अपराधियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जायेगा।

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पुलिस प्रशिक्षण अकादमी

  पुलिस प्रशिक्षण अकादमी के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में पुलिस बल की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही है। इस वर्ष भी पुलिस बल में आठ हजार नये आरक्षक शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज भोपाल  पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर दीक्षांत परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पुलिस बल में आज से शामिल हो रहे अधिकारी अपनी संपूर्ण क्षमता से कानून-व्यवस्था की स्थिति को और अधिक बेहतर बनायें। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी देश-भक्ति और जनसेवा का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर मध्यप्रदेश को देश-दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनायेंगे। मध्यप्रदेश पुलिस के गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री चौहान ने नव-नियुक्त अधिकारियों से कहा कि पूरी प्रमाणिकता से जनता की सेवा करें। जनता के मन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करें। सज्जनों के साथ फूल से ज्यादा कोमल और दुष्टों के साथ वज्र से ज्यादा कठोर व्यवहार करें। प्रदेश को शांति का टापू बनाये रखने में अहम भूमिका निभायें। मुख्यमंत्री ने समारोह में प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को पुरस्कृत किया और 'पुलिस हित मेन्यूअल-2017' का विमोचन किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक श्री सुशोभन बैनर्जी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अकादमी में 832 पुलिस अधिकारियों को एक वर्ष का गहन प्रशिक्षण दिया गया है। प्रदेश की पुलिस अकादमी का चयन राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद द्वारा क्षेत्रीय उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में किया गया है। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित थे।

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बैगा सांस्कृतिक केन्द्र

 डिण्डौरी में बनेगा बैगा सांस्कृतिक केन्द्र : बैगा भाषा के शिक्षक नियुक्त किये जायेंगे  लालपुर (बुढ़ार) में आयोजित विशाल बैगा सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बैगा परिवार वर्षों से जिस जमीन पर काबिज हैं, उन्हे उसका मालिकाना हक दिया जायेगा। वन भूमि पर वर्षों से काबिज बैगा परिवारों को हटाया नहीं जायेगा। ऐसे परिवारों को भूमि का पट्टा देने के लिये विशेष अभियान चलाया जायेगा। वनाधिकार अधिनियम के तहत जिन बैगा परिवारों को भूमि आवंटित की गई है, उनके खेतों में कुओं का निःशुल्क निर्माण करवाया जायेगा, उन्हें डीजल पंप भी उपलब्ध करवाया जायेगा। प्रदेश के सभी बैगा परिवारों के लिये आगामी दो वर्षों में पक्के मकान बनाये जायेंगे। मुख्यमत्री ने कहा कि बैगा भाषा को संरक्षित करने के लिये बैगा भाषा के शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। बैगा संस्कृति को अक्षुण्य बनाये रखने के लिये डिण्डौरी में बैगा सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया जायेगा। श्री चौहान ने बैगा समाज के लोगों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, उन्हें आगे बढ़ने के लिये प्रेरित और प्रोत्साहित करें। उन्होने कहा कि गांवों को स्वच्छ बनायें, शराब जैसी बुराईयों से दूर रहें। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज शहडोल जिले के लालपुर में आयोजित राज्य स्तरीय बैगा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह सम्मेलन बैगा आदिवासियों की जिंदगी को बदलने का प्रयास है। उन्होने कहा कि बैगा समाज के लोग बहुत सरल, सौम्य और मेहनतकश होते हैं। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने बैगा आदिवासियों की जिंदगी को सँवारने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार बैगा आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिये प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश की सभी बैगा बस्तियों में दिसम्बर माह के अंत तक बिजली पहुँचाई जायेगी ताकि सभी बैगा परिवारों के घर रौशन हो सकें। उन्होने कहा कि बैगा युवाओं को आईटीआई में निःशुल्क प्रशिक्षण दिलवाकर उनके कौशल को तराशा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का समय कम्प्यूटर का समय है, अगर युवाओं को कम्प्यूटर का ज्ञान नहीं होगा, तो वे पिछड़े हुए माने जाते हैं। इस बात को दृष्टिगत रखते हुए बैगा युवाओं के लिये शहडोल और मण्डला जिले में दो बड़े कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। बैगा बहुल सभी विकासखण्डों में एकलव्य विद्यालय खोले जाएंगे। बैगा युवाओं की शिक्षा में प्रदेश सरकार किसी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न नहीं होने देगी। उन्होने कहा कि सभी बैगा परिवार के बच्चों को पहली कक्षा से पीएचडी तक निःशुल्क शिक्षा दी जायेगी। उन्होने बैगा युवाओं से अपील की कि वे अच्छी शिक्षा ग्रहण कर अपनी क्षमता बढ़ायें। श्री चौहान ने कहा कि बैगा समाज की कक्षा 12वीं में अध्ययनरत बालिकाओं को एनएम का प्रशिक्षण दिलवा कर उन्हें स्वास्थ सेवा के कार्य में लगाया जायेगा। बैगा बहुल क्षेत्रों में बैगा आदिवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जायेगा तथा गंभीर रोग से पीड़ित होने पर उनका निःशुल्क उपचार भी करवाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैगा समाज के लोग भी असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में पंजीयन करायें। उन्हें भी शासन की योजनाओं का भरपूर लाभ मिलेगा। श्री चौहान ने शहडोल और अनूपपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूह के कार्यों की सराहना करते हुए महिलाओं से अपील की कि स्व-सहायता समूह गठित कर आर्थिक क्रांति लायें। रु. 67.65 करोड़ के निर्माण कार्यों की सौगात : मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैगा सम्मेलन में 18 करोड़ 21 लाख 36 हजार रुपये लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। साथ ही 49 करोड़ 44 लाख 27 हजार रुपये लागत के निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी। इस अवसर पर बैगा समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का पारम्‍परिक बैगा पोषाक पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल, आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य, सांसद श्री ज्ञान सिंह, अध्यक्ष बैगा विकास प्राधिकरण श्री रामलाल बैगा, अध्यक्ष जिला पंचायत श्री नारेंद्र सिंह मरावी, अध्यक्ष जनजातीय आयोग श्री नरेंद्र मरावी, विधायक श्रीमती प्रमिला सिंह, श्री रामलाल रौतेल, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में बैगा समुदाय के लोग उपस्थित थे।  

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नारी शक्ति

"नारी शक्ति की ओर बढ़ाइये एक कदम'' वॉकथॉन में शामिल हुए मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार महिलाओं का अपमान सहन नहीं करेगी। समाज को भी महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं करना चाहिये। श्री चौहान ने सामाजिक संगठनों का आव्हान किया है कि महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिये राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिये 'जीरो टॉलरेंस'' सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री भोपाल के व्हीआईपी रोड पर जिला पुलिस बल द्वारा आयोजित वॉकथॉन फ्लेग ऑफ कार्यक्रम 'नारी शक्ति की ओर बढ़ाइये एक कदम'' को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान इस मौके पर 5 किलोमीटर की वॉकथॉन में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिये पुलिस के पास सर्वाधिकार सुरक्षित हैं। पुलिस को चाहिये कि गुंडों-बदमाशों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करे। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारों की अनदेखी करने वाले नर पिशाचों के कोई अधिकार नहीं होते। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने बलात्कारियों को मृत्यु-दण्ड दिये जाने का कानून बनाकर राष्ट्रपति को अनुमोदन के लिये भेजा है। श्री चौहान ने समाज के विभिन्न वर्गों से अपील की है कि बच्चों को बचपन से ही नारी का सम्मान करने के संस्कार दें। बच्चों में यह भाव पैदा करें कि महिलाओं का सम्मान ही पूरे समाज का सम्मान है। कैण्डल मार्च के प्रसंग और अमीर, शिक्षित तथा शहरी परिवारों में घटते लैंगिक अनुपात की जानकारी देते हुए उन्होंने समाज को इस दिशा में चिंतन करने और सार्थक पहल करने के लिये प्रेरित किया। श्री चौहान ने कहा कि सृष्टि चक्र के सुचारु संचालन के लिये बेटा और बेटी में भेदभाव को मिटाना नितांत आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नारी सम्मान सर्वोपरि है। राज्य सरकार ने बेटियों को आगे बढ़ाने के भरपूर प्रयास किये हैं। वन विभाग के अतिरिक्त अन्य शासकीय नौकरियों में 33 प्रतिशत और शिक्षक संवर्ग में 50 प्रतिशत आरक्षण भी दिया है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सम्मान को कायम रखने के लिये वॉकथॉन के आयोजन की सराहना की। जिला पुलिस बल द्वारा आयोजित वॉकथॉन फ्लेग ऑफ कार्यक्रम में 3, 5 और 7 किलोमीटर की श्रेणियों में हर उम्र और वर्ग के लगभग 15 हजार लोगों ने भाग लिया। पुलिस महानिरीक्षक श्री जयदीप प्रसाद ने इस कार्यक्रम के उद्देश्य से अवगत कराया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर, महापौर श्री आलोक शर्मा, सांसद श्री आलोक संजर, श्री बृजेश लूणावत, पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला, संभागायुक्त श्री अजातशत्रु, अपर पुलिस महानिदेशक श्रीमती अरूणा मोहन राव सहित शहर के गणमान्य लोग भी मौजूद थे।  

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डिफॉल्टर किसानों का 2600 करोड़ किया माफ

  मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि ऋण के डिफाल्टर किसानों का 2600 करोड़ रुपये ब्याज माफ करने का फैसला किया है। वहीं एक लाख की आबादी पर हर शहर में नई तहसील होगी। शिवराज कैबिनेट की आज हुई बैठक में ये अहम फैसले किए गए। कैबिनेट बैठक में हुए निर्णय की जानकारी देते हुए जनसम्पर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि एक लाख की आबादी पर अब शहर में तहसील बनेगी। तहसील के लिए 2 करोड़ की लागत का भवन और वाहन के लिए 5 लाख रुपए भी सरकार की तरफ दिए जाएंगे। कैबिनेट में किसान प्रोत्साहन सहायता योजना की जानकारी देने पहुंचे प्रमुख सचिव कृषि डॉक्टर राजेश राजोरा ने बताया कि सरकार ने सहकारी बैंकों के कृषि ऋण के डिफाल्टर किसानों का ब्याज माफ करने के लिए समाधान योजना को मंजूरी दी। इसके तहत डिफॉल्टर किसानों का ब्याज माफ किया जाएगा। सरकार के मुताबिक समाधान योजना के तहत किसाकों का करीब 2600 करोड़ रु. का ब्याज माफ होगा और 17 लाख 78 हजार किसानों को इस योजना का लाभा मिलेगा। वहीं किसान अब 2 किश्तों में मूलधन दे सकेंगे, हालांकि 15 जून तक उन्हें पहली किश्त चुकानी होगी। इतना ही नहीं सरकार ने हर किसान को न्यूनतम 5000 रु. का मुआवजा देने का भी फैसला किया है। सरकार ने चना, मसूर, सरसो पर 100 रुपये और गेंहू, धान पर 200 रुपये बोनस राशि देने का भी फैसला किया है। नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सरकार ने नायब तहसीलदार के 550 नए पदों को भी मंजूरी दी। इसके अलावा तृतीय श्रेणी के 191 और चतुर्थ श्रेणी के 191 पदों को भी कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई। सरकार ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक नायाब तहसीलदार और सभी जिलों में 11 नायब तहसीलदार के पद को भी मंजूरी दी। ये जिलों में अमला चुनाव संबंधी कार्य करेगा। सरकार ने राजस्व पुस्तक परिपत्र RBC 6 4 में भी संशोधन करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी। उन्होंने ये भी बताया कि सरकार ने तय किया है कि अब से विधवाओं के लिए कल्याणी शब्द का उपयोग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इतना ही नहीं विधवाओं के उत्थान के लिए सरकार ने उनके पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने का फैसला भी किया है। सरकार ने तय किया है कि विधवा महिला से शादी करने पर सरकार की तरफ से 2 लाख रूपये दिए जाएंगे।  

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  आगर-मालवा जिले के गुराड़िया सोयत में खोला जायेगा महाविद्यालय   एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज आगर-मालवा जिले के ग्राम गुराड़िया सोयत में माँ आशापुरा धाम में माता के दर्शन किये और अखिल भारतीय पालीवाल महाजन समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अखिल भारतीय पालीवाल महाजन समाज के कार्यक्रम में कहा कि वर्षा का जल सहेजने के लिये प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गुराड़िया सोयत में अगले शिक्षा सत्र से महाविद्यालय खोलने तथा बड़ौद के बीजानगरी में माँ हरसिद्धि मंदिर तक सड़क निर्माण के लिये 97 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में हर खेत तक पानी पहुँचाने का संकल्प पूरा करने के लिये मई माह से अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान में सभी तरह की छोटी-बड़ी जल-संरचनाओं का निर्माण करवाया जायेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिये 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। श्री चौहान ने सरकार द्वारा पानी सहेजने के काम में प्रदेशवासियों से भरपूर सहयोग का आव्हान किया। श्री चौहान ने इस अवसर पर राज्य सरकार की जन-हितकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि कृषि के विकास तथा किसानों के कल्याण के लिये राज्य सरकार निरंतर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चना, मसूर और सरसों 10 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर खरीदा जायेगा और इन फसलों के लिये राज्य सरकार किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस भी देगी। श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में सूखा राहत के लिये 1600 करोड़ और फसल बीमा के लिये 1700 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने किसानों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पालीवाल समाज में बेटियों के मान-सम्मान की रक्षा की परम्परा है। उन्होंने माँ आशापुरा के दर्शन के लिये आने वाले श्रद्धालुओं के लिये सामुदायिक भवन निर्माण में हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यहाँ सुलभ कॉम्पलेक्स के संचालन की व्यवस्था समाज को करना होगी। कार्यक्रम में पालीवाल समाज ने मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर भारतीय किसान संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री शिवकांत दीक्षित, सांसद श्री रोडमल नागर, विधायक सर्वश्री मुरलीधर पाटीदार, गोपाल परमार, हजारीलाल दांगी और दिलीप सकलेचा तथा पालीवाल समाज के अध्यक्ष श्री मदनलाल चौधरी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे।  

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कॉलोनी नियमितिकरण कार्य 7 अप्रैल से शुरू होगा  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश की कॉलोनियों को अवैध के कलंक से मुक्त किया जायेगा। कॉलोनियों के नियमितिकरण का कार्य 7 अप्रैल से शुरू होकर 15 अगस्त तक पूर्ण किया जायेगा। उन्होंने असंगठित मजदूर पंजीयन कार्य अभियान के रूप में करने के निर्देश भी दिये हैं। श्री चौहान आज आर.सी.व्ही.पी.नरोन्हा प्रशासन अकादमी में अवैध कॉलोनियों के नियमितिकरण संबंधी कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का आयोजन नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया गया था। गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण मुरारी मोघे मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आजीविका मिशन (शहरी) में प्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त होने का प्रमाण-पत्र मंत्री श्रीमती माया सिंह को सौंपा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था जनता के लिये है। नियम, कायदे और कानून सब जनहितकारी होने पर ही मान्य हैं। ऐसा नहीं होने पर, उन्हें बदला जायेगा। सरकार ने अवैध कॉलोनी के दर्द को समझ कर नियमित करने का कार्य किया है। विस्थापितों के पट्टे और मर्जर की समस्याओं का समाधान किया है। नियमितिकरण कार्य व्यवहारिक और रहवासियों के जीवन में खुशियों के रंग भरने के दृष्टिकोण के साथ उत्साह और उमंग से किया जाये। नियमितिकरण की प्रक्रिया में बाधा स्वीकार नहीं की जायेगी। जहाँ रास्ता नहीं होगा, वहाँ नियमों में परिवर्तन-परिवर्धन कर रास्ता निकाला जायेगा। उन्होंने नगरीय नियोजन में भविष्य में शहरों में आने वाली आबादी के लिये सुविधाजनक आवास की सुविधा की व्यवस्थाओं के प्रावधान रखने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास 'विकास का प्रकाश' हर गरीब तक पहुँचाने का है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनी नियमितिकरण की वे स्वयं नियमित मॉनीटरिंग करेंगे। अंसंगठित श्रमिक पंजीयन को अभियान का रूप दें: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री चौहान ने असंगठित मजदूरों के लिये बनायी गई, सबसे बड़ी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना सेवा का नया इतिहास रचने का अवसर है। योजना में पंजीयन का कार्य एक से 14 अप्रैल तक अभियान के रूप में किया जाये। सुनिश्चित किया जाये कि रहने के लिये भूमि का टुकड़ा अथवा आवास, नि:शुल्क उपचार, नि:शुल्क शिक्षा, पोषण आहार, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएँ मजदूरों को पंजीयन के साथ ही मिलें। असंगठित मजदूरों में किसान, जिनके पास एक हेक्टेयर से कम भूमि है, भी शामिल किए गए है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं पर गलत नजर रखने वालों के विरुद्ध ऐसी कड़ी कार्रवाई करें कि बदमाशों में भय का वातावरण व्याप्त हो जाये। उन्होंने कहा कि गुंडों, बदमाशों के अतिक्रमण सख्ती के साथ ध्वस्त किये जायें। यह भी ध्यान रखा जाये कि आम नागरिक सताये नहीं जायें। श्री चौहान ने स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर कार्य के लिये सभी नगरीय निकायों को बधाई दी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि नगर की सभी कॉलोनियों में विकास के कार्य समान रूप से हो सकें, इसलिये अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया बनायी गयी है। इससे करीब 4 हजार 500 अवैध कॉलोनियाँ नियमित हो जायेंगी। वैधानिक प्रक्रिया द्वारा अवैध कॉलोनियों को नियमित करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा। पूर्व में 31 दिसम्बर, 2012 की अवधि तक स्थापित अवैध कॉलोनियों का नियमितिकरण किया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2016 तक की कॉलोनियों के लिये कर दिया गया है। विकास व्यय में रहवासी अंशदान को घटाकर 20 प्रतिशत किया गया है। शेष राशि संबंधित निकाय द्वारा वहन की जायेगी। सांसद और विधायक निधि का भी उपयोग हो सकेगा। रहवासियों को बिजली, पानी, सीवेज जैसी जन सुविधाएँ सामान्य वैध कॉलोनियों की भांति सर्विस प्रभार पर मिलेंगी। मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह ने कहा कि अवैध कॉलोनियों को नियमित करने का प्रभावी प्रयास किया गया है। अवैध कॉलोनियों के मूल कारणों को चिन्हित कर, उनके समाधान के प्रयास हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों की सफलता और सार्थकता तभी है जब समस्त अवैध कालोनियाँ वैध हो जायें और कोई नई अवैध कालोनी नहीं बने। प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री विवेक अग्रवाल ने बताया कि कार्यशाला अवैध कॉलोनियों को नगर की मुख्य-धारा में शामिल करने के लिये नियमितिकरण की प्रक्रिया और नियमों की जानकारी देने के लिये की गई है। आवश्यकता होने पर वैधानिक प्रावधानों को सरल भी बनाया जायेगा। कार्यशाला में नियमितिकरण प्रक्रिया से संबंधित सवाल-जवाब, सामूहिक चर्चा और सुझाव के सत्र होंगे। उन्होंने बताया कि पहले कॉलोनियों को वैध किया जायेगा, बाद में शेष औपचारिकताएँ होगी। नियमितिकरण से करीब 25 लाख शहरी आबादी लाभान्वित होगी। उन्होंने बताया कि शहरी विकास योजना के संचालन में प्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है।  

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री  चौहान का किसानों को संबोधन  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ प्रदेश के किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिये प्रतिबद्ध है। श्री चौहान ने कहा कि 10 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर चना, मसूर और सरसों की खरीदी 257 मंडियों में होगी। इन फसलों के किसानों का भावांतर भुगतान योजना में हुआ पंजीयन न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिये लागू होगा। पंजीयन से छूट गये किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। फसलों की खरीदी दस अप्रैल से 31 मई तक की जायेगी। किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चना, मसूर और सरसों पर कृषि समृद्धि योजना में 100 रूपया प्रति क्विंटल अलग से दिया जायेगा। किसानों को सही मूल्य देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि खरीदी की व्यवस्था में बाधा डालने वाले तत्वों से सावधान रहें। इसमें सरकार का सहयोग करें। किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत होने पर कॉल सेंटर के नम्बर 0755 2540500 पर शिकायत करें। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होगी। श्री चौहान ने कहा कि किसानों के उत्पाद को निर्यात करने की जरूरत है। उन्होंने कृषि उत्पादन के रिकार्ड बनाने पर किसानों को बधाई देते हुए कहा कि कृषि उत्पाद का निर्यात करने के लिये एक एजेंसी बनाई जायेगी। यह एजेंसी किसानों का मार्गदर्शन करेगी। यह एजेंसी भारत सरकार से तालमेल करके वे सभी जरूरी व्यवस्थाएँ करेगी, जिससे विदेशों में भी फसलों का निर्यात हो सके। श्री चौहान ने बताया कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ देने के लिये मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना बनाई गई है। इसमें किसानों को अतिरिक्त लाभ दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि गेहूँ 1735 रूपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीदा जायेगा और सरकार 265 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त देगी। समर्थन मूल्य के बाहर गेहूँ बेचने पर भी किसान को यह लाभ मिलेगा। यदि अच्छी क्वालिटी का गेहूँ दो या ढाई हजार रूपये प्रति क्विंटल बिकता है तब भी उन्हें 265 रूपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। अच्छी गुणवत्ता का गेहूँ नहीं होने पर भी यह लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल बेचे गये धान और गेहूँ पर भी किसानों को 200 रूपया प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इस साल 16 अप्रैल को पिछले साल के गेहूँ और धान के लिये किसानों के खाते में 200 रूपये क्विंटल की दर से राशि समारोहपूर्वक जमा करा दी जायेगी। प्रदेश के किसानों के लिये 16 अप्रैल आनंद का दिन होगा। इस दिन नया इतिहास बनेगा। उन्होंने कहा कि इस साल बेचे जाने वाली गेहूँ की फसल की प्रोत्साहन राशि 265 रूपया प्रति क्विंटल की दर से 10 जून को किसानों के खाते में आ जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पहले किसानों को अपनी फसल के लिये ऊँट के मुँह में जीरा बराबर राहत मिलती थी। अब 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान पर सिंचित जमीन पर राहत राशि को दोगुना करके 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर की राहत मिल रही है। फसल बीमा योजना का लाभ भी अलग से मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों को मिलाकर किसानों को जितना नुकसान होगा, उसकी भरपाई हो जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिये सात हजार रूपया फ्लैट रेट पर बिजली दी जा रही है जिसके लिये सरकार 36 हजार रूपये प्रति वर्ष देती है। किसानों को समय से पहले खाद का उठाव करने पर ब्याज की राशि भी दी जा रही है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण लौटाने की तारीख 28 मार्च से बढ़ाकर 27 अप्रैल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि 1600 करोड़ रूपये सूखा राहत में और इतनी ही राशि फसल बीमा में देने का फैसला किया़ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को लाभ देने के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था और भावांतर भुगतान योजना उपलब्ध है। इन दोनों योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गेहूँ के साथ चना, सरसों और मसूर को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खदीदा जायेगा। भावांतर भुगतान योजना में ये फसलें नहीं रहेंगी। इस योजना में लहसुन और प्याज की खरीदी की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि लहसुन का बंपर उत्पादन होने से भाव गिर गये हैं। लहसुन के लिये 3200 रूपये प्रति क्विंटल दर निर्धारित की गई है। यदि प्याज का भाव 800 रूपया प्रति क्विंटल से कम आता है, तो प्याज की खरीदी भी की जायेगी। पिछले साल भी प्याज खरीदी गई थी। डोडा चूरा खरीदा जायेगा मुख्यमंत्री ने बताया कि मंदसौर, नीमच और रतलाम के अफीम उत्पादक किसानों से पारदर्शी व्यवस्था बनाकर डोडा चूरा खरीदा जायेगा और सरकार उसे जलायेगी।  किसान का नुकसान नहीं होने देंगे। 30 हजार नौजवानों को मिलेगा लोन श्री चौहान ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना में 1900 करोड की राशि खरीफ की फसलों के लिये किसानों को दी गई है। किसानों को ठीक दाम देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा कृषक उद्यमी योजना की चर्चा करते हुए कहा कि 30 हजार नौजवानों को इस वित्तीय वर्ष में फूड प्रोसेसिंग से जुडे रोजगार के लिये लोन उपलब्ध करवाये जायेंगे। सरकार लोन की गारंटी लेगी और 15 प्रतिशत सबसिडी देगी। सात साल तक 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जायेगा। इन युवा उद्यमियों को मूल्य संवर्धन के लिये परामर्श और प्रशिक्षण दिया जायेगा। बासमती के जीआई रजिस्ट्रेशन के लिये केन्द्र से चर्चा श्री चौहान ने कहा कि बासमती चावल के जीआई रजिस्ट्रेशन के लिये केन्द्रीय मंत्री श्री सुरेश प्रभु से चर्चा हुई है। प्रदेश से बासमती चावल का तीन हजार करोड का एक्सपोर्ट होता है। उन्होंने कहा कि बासमती चावल उत्पादक किसानों की लड़ाई सरकार लड़ रही है और संबंधित एजेसिंयों के समक्ष सभी तथ्यों को रखा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूँ पर 265 रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि देने से किसानों को 26 सौ करोड़ रूपये मिल रहे हैं। पिछले साल के 200 रूपये प्रति क्विंटल देने के फैसले से 1750 करोड़ रूपये किसानों को मिलेंगे। फसल बीमा योजना में 6000 करोड़ रूपये से ज्यादा के दावे हैं। सूखा राहत का पैसा भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रारंभ में किसानों को नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दी। उन्होंने प्रदेश को लगातार पाँचवीं बार कृषि कर्मण अवार्ड मिलने का श्रेय किसानों की अथक मेहनत को देते हुए उन्हें बधाई दी।

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जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र

  पाल समाज ने किया जनसम्पर्क मंत्री का स्वागत  एमपी के जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया जिले के ग्राम दुर्गापुर के पास बसे मजरा टोला में पहुंचकर नागरिकों से बातचीत की और उनकी समस्यायें सुनीं। डॉ. मिश्र ने आमजन की समस्याओं की त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए। जनसम्पर्क मंत्री मजरों में पहुँचने पर स्थानीय नागरिकों ने का स्वागत किया। इस अवसर पर मजरा टोला में स्कूल खोलने, गरीबी रेखा के राशन कार्ड बनवाने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कोचिंग सेंटर का शुभारंभ: जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग सेंटर शुभारंभ किया। इस दौरान बताया गया कि इस कोचिंग सेंटर से स्थानीय युवाओं को बाहर नही जाना पडेगा। दतिया में ही विभिन्न परीक्षाओं की कोचिंग मिल सकेगी। शोक संवेदना व्यक्त : जनसम्पर्क ने ग्राम सिंधवारी पहुँचकर श्री रज्जन पटेल के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने श्री रज्जन के परिजन को ढांढस बंधाया। मंत्री डॉ. मिश्र ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

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 राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

  राज्यपाल ने जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की   एमपी के राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन में जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि जनजातीय वर्ग के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सभी विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलायें। अभियान के दौरान सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित की जाये। उन्होंने कहा कि जब सभी विभाग इस अभियान से जुड़ेंगे, तभी हमारे प्रदेश से कुपोषण खत्म हो सकेगा। राज्यपाल ने कहा कि इसके लिए विशेष शिविर लगाये जायें, शिविरों में माता-पिता के सामने बच्चों-बच्चियों का स्वास्थ परिक्षण करवाया जाये और उन्हें बच्चों की कमजोरी दूर करने के उपाय तथा दवाओं के बारे में बताया जाये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि केन्द्र सरकार से प्राप्त राशि का सदुपयोग हो तथा उसका लाभ जनजातीय वर्ग के लोगों तक समय पर पहुंचे, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को अच्छी शिक्षा तथा संस्कार दें और उन्हे रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इन वर्गों के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभागीय अधिकारियों को औद्योगिक संस्थानों और कम्पनियों के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण दिलवाया जाये। इस वर्ग के छात्र-छात्राओं को अन्य विषयों के साथ विज्ञान विषय में भी रूचि लेने के लिये प्रेरित किया जाये। हर ब्लाक में कम से कम 20 प्रतिशत बच्चों को विज्ञान विषय में प्रवेश दिलाने के प्रयास किये जायें। छात्र-छात्राओं को विभिन्न ज्ञानवर्धक स्थलों का भ्रमण भी करवाया जाये । भ्रमण के बाद बच्चों से उनके अनुभव पर आधारित लेख लिखवाएं जाये। इससे बच्चों में आत्म-विश्वास बढ़ेगा। राज्यपाल ने ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा एक स्थान पर करवाई जाये। मेरिट के आधार पर शिक्षकों की पोस्टिंग करें। शिक्षकों को ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में रहने के लिए आवास भी उपलब्ध करवाये जायें। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग श्री एस. एन. मिश्रा ने राज्यपाल को विभाग की गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. एम मोहन राव और विभागायुक्त श्रीमती दीपाली रस्तोगी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

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  जनजातियों के आस्था और श्रद्धा स्थलों के विकास की योजना बनायें  मुख्यमंत्री ने आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में दिये निर्देश  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि वनाधिकार के लंबित पट्टों के वितरण के लिये सभी जिलों में अभियान चलायें। इसके तहत आगामी एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक लंबित पट्टों का परीक्षण करें तथा आगामी एक मई से 30 मई तक वितरण करें। जनजातियों के आस्था और श्रद्धा के स्थलों के विकास की योजना बनायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह निर्देश आज यहाँ सम्पन्न आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में दिये। बैठक में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सभी जिलों में लंबित वनाधिकार पट्टों के परीक्षण के लिये जनप्रतिनिधियों को शामिल कर कार्रवाई की जाये। जिन हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टे मिले हैं, उन्हें नक्शे उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाये। मुख्यमंत्री ने वनाधिकार के पट्टेधारियों को सामान्य किसानों की तरह उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के लिये समिति बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस समिति में अनुसूचित जाति एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री लालसिंह आर्य; खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे; वन विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अपर मुख्य सचिव और अनुसूचित जनजाति विकास तथा राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव रहेंगे। श्री चौहान ने कहा कि एकीकृत आदिवासी विकास परियोजनाओं के माध्यम से कम लागत के छोटे कार्य कराये जायें। परियोजना सलाहकार मंडल स्थानीय स्तर पर विकास की आवश्यकताएं तय करेगा। रोजगार के लिये अपना जिला छोड़कर जाने वाले जनजाति के परिवारों के बच्चों के लिये आश्रम-छात्रावास खोले जायें। बैकलॉग के पदों की पूर्ति के लिये विशेष अभियान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये है कि अनुसूचित जनजाति के बैकलॉग के पदों की पूर्ति के लिये विशेष अभियान चलाया जाये। जनजाति के लोगों के विरूद्ध चल रहे छोटे प्रकरण अभियान चलाकर वापस लिये जायें। आदिवासी क्षेत्रों के किलों और गढ़ों के रखरखाव के कार्य करें। यह सुनिश्चित करें कि आदिवासी महिला छात्रावासों में छात्रावास अधीक्षक महिला ही रहें। आवश्यकता हो तो इसके लिये नयी भर्ती करें। पेसा एक्ट (पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम 1996) और पांचवी अनुसूची की सही व्याख्या के लिये पाँच सदस्यीय कमेटी गठित की जायेगी। धारा 170 ख के प्रकरणों का तीन माह की समय सीमा में निराकरण के लिये विशेष अभियान चलायें। जनजाति क्षेत्रों में वृक्ष कटाई के नियमों में सरलीकरण करें। शहरी क्षेत्रों के आवारा पशुओं को आदिवासी क्षेत्रों में खेती के उपयोग के लिये देने के सुझाव को प्रयोग के तौर पर करें। बैठक में सदस्यों द्वारा कई सुझाव दिये गये। इन सुझावों में प्राकृतिक आपदा के दौरान वनाधिकार पट्टाधारियों को सामान्य किसानों की तरह मुआवजा दिये जाने, छोटे विकास कार्य आदिवासी परियोजना के माध्यम से कराने, जनपद स्तर पर आश्रम छात्रावास खोलने, आरक्षण के रोष्टर का पालन कराने, महुआ बोर्ड का गठन करने, एकलव्य विद्यालयों में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति करने, आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने, आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण के विरूद्ध प्रभावी कार्यक्रम चलाना शामिल है। बैठक में अनुसूचित जाति- जनजाति कल्याण मंत्री श्री लालसिंह आर्य, पशुपालन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री अंतरसिंह आर्य, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, सांसद श्री फग्गन सिह कुलस्ते, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र मरावी सहित परिषद के सदस्य विधायकगण शामिल हुए। इस मौके पर मुख्य सचिव श्री बी.पी, सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

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एलएन मेडिकल कॉलेज

  व्यापमं पीएमटी परीक्षा घोटाले के मामले में एलएन मेडिकल कॉलेज के चेयरमेन जयनारायण चौकसे को बुधवार दोपहर सीबीआई ने उनके घर से गिरफ्तार किया। जिसके बाद दोपहर में ही जिला कोर्ट की सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। जहां से उनको 23 मार्च तक के लिए उनको न्यायिक हिरासत में भेजने के निर्देश दिए । जानकारी के अनुसार पीएमटी 2012 में सीबीआई द्वारा जयनारायण चौकसे को आरोपित बनाया गया। 6 मार्च को इस प्रकरण में उनकी अग्रिम जमानत को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दी थी। जिसके बाद से उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। एलएन मेडिकल कॉलेज के चेयरमेन पर आरोप है कि उन्होंने संचाकल चिकित्सा शिक्षा( डीएमई) को मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया की गलत जानकारी भेजी थी। जिसमें छात्रों को प्रवेश नहीं किया गया था। इस मामले में सीबीआई ने उनकेा आरोपित बनाया था। वह काफी समय से अग्रिम जमानत पर चल रहे थे। अग्रिम जमानत के निरस्त होने के बाद सीबीआई उनकी तलाश में थी। बुधवार को सीबीआई ने उनके घर से गिरफ्तार किया गया। जहां उनको स्पेशल सीबीआई जज एसके उपाध्याय क कोर्ट में पेश किया । जहां से उनको जेल भेजा गया।  

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भावांतर भुगतान योजना में लहसुन

  पंजीयन की कार्यवाही होगी 20 जिलों में  प्रति हेक्टेयर एवं प्रति क्विंटल लागत मूल्य की गणना के लिये समिति गठित    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना में लहसुन उत्पादकों के पंजीयन का कार्य 15 मार्च से शुरू हो रहा है। पंजीयन का कार्य 31 मार्च तक होगा। पंजीयन के संबंध में प्रदेश के 20 जिलों के कलेक्टरों को प्रमुख सचिव किसान-कल्याण तथा कृषि विभाग डॉ. राजेश राजौरा ने पत्र लिखकर आवश्यक निर्देश दिये हैं। लहसुन उत्पादक किसानों का पंजीयन एक हजार हेक्टेयर से अधिक लहसुन बोनी के 20 जिलों की प्राथमिक कृषि साख समितियों तथा मंडी समितियों में भावांतर भुगतान योजना पोर्टल पर किया जायेगा। जिन 20 जिलों में पंजीयन का कार्य होगा, उनमें नीमच, रतलाम, उज्जैन, मन्दसौर, इन्दौर, सागर, छिन्दवाड़ा, शिवपुरी, शाजापुर, राजगढ़, छतरपुर, आगर-मालवा, गुना, धार, देवास, सीहोर, रीवा, सतना, भोपाल और जबलपुर शामिल हैं। कृषि लागत की गणना के लिये समिति का गठन राज्य शासन ने प्रदेश में खरीफ एवं रबी फसलों की कृषि एवं उद्यानिकी फसलों के प्रति हेक्टेयर एवं प्रति क्विंटल लागत मूल्य की गणना के लिए समिति का गठन भी किया है। समिति की पहली बैठक 15 मार्च को होगी। समिति के अध्यक्ष कुलपति, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर होंगे। समिति के सदस्य सचिव संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास होंगे। समिति के अन्य सदस्य आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था हैं। प्रधान वैज्ञानिक कृषि अर्थशास्त्र राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति के अन्य सदस्यों में श्री ओम ठाकुर (सिवनी), श्री नारायण सिंह पटेल (नरसिंहपुर) और श्री अश्विनी सिंह चौहान (उज्जैन) को शामिल किया गया है। समिति खरीफ एवं रबी फसलों की राज्य शासन द्वारा विर्निदिष्ठ की गई कृषि एवं उद्यानिकी फसलों की प्रति हेक्टेयर एवं प्रति क्विंटल मध्यप्रदेश की औसत लागत मूल्य की गणना कर राज्य शासन को गणना पत्रक अनुसार जानकारी 7 दिवस में प्रस्तुत करेगी।  

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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

राज्यपाल पटेल से गुजरात के किसान प्रतिनिधि मंडल की सौजन्य भेंट राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मध्यप्रदेश में क्रियान्वित आत्मा प्रोजेक्ट में भाग लेने आये मेहसाना (गुजरात) के 50 किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने आज राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल ने किसानों से कहा कि आत्मा प्रोजेक्ट से जो सीखा है, उसका स्वयं क्रियान्वयन करें और दूसरे किसान भाइयों को भी समझाएं। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि किसान अपनी आय बढ़ाने के लिये अब पशुपालन और अन्य कारोबार पर भी ध्यान केन्द्रित करें। कृषि पर आधारित उद्योगों को अपनायें। श्रीमती पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में पानी की कमी के बावजूद किसान खेती और इससे जुड़े कारोबार के जरिये अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। राज्यपाल ने किसानों से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री के 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' नारे पर अमल करें। प्रतिनिधि मंडल में शामिल किसान श्री जिगनेश चौधरी ने राज्यपाल को आत्मा प्रोजेक्ट के अध्ययन बारे में अपने अनुभव बताये। प्रतिनिधि मंडल ने जबलपुर, इंदौर और देवास का दौरा किया तथा वहां किसानों द्वारा खेती के साथ-साथ अन्य कारोबार अपनाकर आमदनी बढ़ाने के प्रयासों का अध्ययन किया।  

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मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

सहकारिता आंदोलन से जुड़े हजारों कार्यकर्ताओं ने माना मुख्यमंत्री का आभार मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सहकारिता गरीबी दूर करने का माध्यम है। मध्यप्रदेश सहकारिता के क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। सहकारिता आंदोलन को और तेज गति दी जायेगी। उन्होंने कहा कि विकास के नए क्षेत्रों में सहकारिता आंदोलन का हस्तक्षेप होगा। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश को बदल देंगे। सहकारी मार्केटिंग सोसायटी में भी अशासकीय प्रशासक नियुक्त करने पर विचार किया जायेगा। श्री चौहान आज यहाँ निवास प्रांगण में एकत्र हुए जिला सहकारी बैंकों के अध्यक्षों और सहकारिता आंदोलन के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये ये कार्यकर्ता श्री रमाकांत भार्गव को अपेक्स बैंक का अध्यक्ष नियुक्त करने पर श्री चौहान का आभार व्यक्त करने और उनका अभिनंदन करने बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री निवास पहुँचे थे। श्री चौहान ने कहा कि किसानों से 2000 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर गेंहूँ की खरीदी की जायेगी। किसानों की सारी समस्याओं का समाधान किया जायेगा। उन्होंने किसानों से कहा कि वे चिंता नहीं करें। उनकी हर समस्या का समाधान होगा। निकट भविष्य में मध्यप्रदेश सहकारिता में प्रथम स्थान पर होगा। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश में सहकारिता आंदोलन ने नये क्षेत्रों में प्रवेश किया है। भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र राजपूत, पूर्व विधायक श्री रमेश सक्सेना, सहकारिता प्रकोष्ठ के संयोजक श्री नेमिचंद जैन, देपालपुर विधायक श्री मनोज पटेल और बड़ी संख्या में सहकारिता आंदोलन से जुड़े लोग उपस्थित थे।   भाजपा प्रदेश मंत्री श्री रघुनाथ भाटी ने आभार माना।  

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मातृ-भाषा का कोई विकल्प नहीं

  उच्च शिक्षा मंत्री  पवैया ने किया हिन्दी भाषा कार्यशाला का शुभारंभ  उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि माँ, मातृभूमि और मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं हो सकता। श्री पवैया 'हिन्दी भाषा में तकनीकी, चिकित्सा एवं वैज्ञानिक लेखन, अनुवाद एवं प्रकाशन' विषयक दो दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यशाला अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के तत्वाधान में हुई। श्री पवैया ने कहा कि हिन्दी छोटी भाषा नहीं है, इसमें बहुता समायी है। कार्यशाला से निकलने वाले निष्कर्षों को आगे ले जाना होगा। निरंतर हर तीन माह में पुन: विचार-मंथन कर इसे आगे बढ़ाना होगा। भाषा का व्यक्ति पर बहुत प्रभाव पढ़ता है। भाषा के जरिये विचारधारा को प्रवाहित किया जा सकता है। राज-भाषा या मातृ-भाषा के जरिये जनमानस में परिवर्तन आता है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया ने कहा कि चिंतनीय विषय है कि आज पश्चिमी संस्कृति के सहारे आम आदमी जन्मदिन और शादी की वर्षगांठ मना कर खुशियां ढूंढ रहा है। समाज को बदलने के लिये किसी कानून अथवा डंडे की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने कहा कि शबरी के चार बेर खाकर भगवान श्री राम का पेट नहीं भरा; श्री राम ने सिर्फ समाज को बदलने और एक नई दिशा देने के लिये प्रतिकात्मक स्वरूप यह कार्य किया। श्री पवैया ने कहा कि दुनिया में सकल घरेलू अनुपात उन 20 देशों का ज्यादा है, जिन्होंने अपनी मातृभाषा को आजादी के बाद अपनाया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को विकल्प देने कि आवश्यकता है। साक्षात्कार में हिन्दी भाषा में जवाब देने वाले बच्चों का चयन भी होना चाहिए। उनको हिन्दी भाषी होने पर भी रोजगार के अवसर मिलना चाहिए। श्री पवैया ने कहा कि हिन्दी के लिए सकारात्मक पहल की जरूरत है। हिन्दी को हेय-दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। कार्यशाला में वैज्ञानिक तकनीकी शब्दावली आयोग नई दिल्ली के अध्यक्ष श्री अवनीश कुमार, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. नवीन चन्द्रा, हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज और कुलसचिव डॉ. एस.के. पारे उपस्थित थे।  

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कटारे दुष्कर्म

  कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे दुष्कर्म मामले की पीड़ित छात्रा के एसआईटी ने वाइस सैंपल लिए गए। दरअसल इस हाईप्रोफाइल मामले में जहां विधायक के खिलाफ दुष्कर्म और अपहरण,का केस दर्ज है। वहीं पीड़िता पर भी क्राइम ब्रांच में अड़ी बाजी का प्रकरण कायम है। इस दौरान दोनों पक्षों की तरफ से करीब एक दर्जन ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। उनकी सत्यता परखने के लिए पुलिस को वाइस सैंपल की जरूरत थी। एसआईटी प्रमुख एसपी(साउथ) राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि छात्रा के वाइस सैंपल गुरुवार को लिए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस दोनों तरफ से दर्ज प्रकरणों के साक्ष्य जुटा रही है।

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 लेनिन

  त्रिपुरा में रूसी क्रांति के नायक लेनिन की प्रतिमा गिराए जाने को लेकर देशभर में हिंसा भड़क रही है। चेन्नई में प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई। उसके बाद कलकत्ता में श्यामाप्रसाद मुखर्जी की मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। इसका असर मप्र में न हो इसके लिए पुलिस ने थानास्तर पर महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा के निर्देश जारी किए हैं। जानकारी के अनुसार माकपा ने बुधवार को भाजपा के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। माकपा ने शाहजहांनी पार्क में पोस्टर लगाकर इस प्रकार की हिंसा का विरोध किया। इसकी जानकारी लगने के बाद भोपाल पुलिस के आला अफसर भी सक्रिय हो गए। डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी ने एसपी नार्थ और एसपी साउथ को अपने-अपने इलाके में महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा करने के निर्देश दिए। जिन चौक- चौराहों पर महापुरुषों की प्रतिमाएं लगी हैं, उस थाना क्षेत्र के टीआई की सुरक्षा की जिम्मेदारी रहेगी।  

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सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग: चौहान

जनसंपर्क अधिकारियों की सोशल मीडिया प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्यमंत्री  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सोशल मीडिया का सकारात्मक  उपयोग व्यापक जनहित में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया अत्यधिक गतिशील मीडिया है। नकारात्मक घटनाओं और असत्य सूचनाओं के प्रसार को रोकने  के लिए सक्रिय, सचेत और सावधान रहकर तथ्यों को  तत्काल प्रकाश में लाना चाहिए। इससे समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिलेगी। श्री चौहान आज यहां जनसंपर्क अधिकारियों के लिये सोशल मीडिया पर प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि सोशल मीडिया में आम लोगों और सरकार के बीच संपर्क सेतु बनने की क्षमता है। लोगों को सरकार की प्रत्येक कल्याणकारी और विकास गतिविधियों की जानकारी होना जरूरी है। यह उनका अधिकार भी है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक गतिविधियों को लोगों तक पहुंचाना और उन्हें समाचारों की प्राथमिकता बनाना बड़ा काम है। इसे थोड़ी-सी विशेषज्ञता और प्रशिक्षण से आसान बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया का स्वभाव तेज गति से काम करने का है। इसलिये गलत सूचनाओं के प्रसार से भ्रम फैलता है। इससे निपटने के लिये समय पर सही तथ्यों को प्रस्तुत करना होगा। समाज के हित में जरूरी है कि समाज की सकारात्मक सोच बनाने वाले अच्छे और प्रेरणादायी समाचारों का तेजी से प्रसार हो। इसके लिये सक्रिय और सावधान रहते हुए दक्षता के साथ काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक कार्यों और सृजनात्मक विकास की रणनीतियों को मूल्य आधारित समाचार के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए। श्री चौहान ने अनूठी योजनाओं और नवाचारी प्रयासों की चर्चा करते हुये कहा कि इन्हें आम हितग्राहियों तक पहुंचाने और नागरिकों को सूचना सम्पन्न बनाने के लिये सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग करना समय की आवश्यकता है। सरकार की नवाचारी और परिणामोन्मुखी योजनाओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के सभी मंचों पर इनकी उपस्थिति होना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इनका लाभ मिले। साथ ही आम नागरिकों और संभावित हितग्राहियों के विचारों से भी सरकार अवगत हो सके, ताकि समय पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक सुधार किया जा सके। आयुक्त जनसंपर्क श्री पी.नरहरि ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि विभिन्न विभागों की गतिविधियों और नवाचारी योजनाओं की सोशल मीडिया में प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। जिन हितग्राहियों ने सरकार की योजनाओं से लाभ लेकर अपना जीवन बदल लिया है, उन्हें भी सोशल मीडिया में सक्रिय रहकर अन्य लोगों को प्रेरित करने का आग्रह किया गया है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री एस. के. मिश्रा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। अपर संचालक जनसंपर्क श्री सुरेश गुप्ता, अपर सचिव जनसंपर्क डॉ. एच.एल. चौधरी, कार्यकारी संचालक मध्यप्रदेश माध्यम श्री मंगला मिश्रा एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। संचालक जनसंपर्क श्री अनिल माथुर ने आभार व्यक्त किया।  

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एमपी में महिलाओं के विरुद्ध हिंसा रोकने शैफील्ड हैलम विश्वविद्यालय से हुआ एम.ओ.यू.

  भोपाल में महिलाओं के विरूद्ध हिंसा रोकने एवं सामुदायिक पुलिसिंग के क्षेत्र में कार्य योजना बनाने के लिये बुधवार को मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में मध्यप्रदेश पुलिस और शैफील्ड हैलम विश्वविदयालय (यूनाइटेड किंगडम) के साथ एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर हुए। शैफील्ड हैलम विश्वविदयालय का अध्ययन दल मध्यप्रदेश में महिलाओं के विरूद्ध हिंसा और अपराध रोकने के लिये वन स्टाप सेंटर स्थापित करने जैसे नवाचारी प्रयासों का अध्ययन करेगा और यूके के अनुभवों को साझा करेगा। यह अध्ययन दल मध्यप्रदेश पुलिस को प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि में और प्रभावी रूप से कार्य करने के लिये सुझाव देगा। इसके अलावा पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों का संरक्षण करने और उनकी सुरक्षा के लिये राज्य सरकार के प्रयासों का अध्ययन करेगा। साथ ही, नव-नियुक्त पुलिस अधिकारियों और फील्ड में पदस्थ पुलिस अधिकारियों के लिये प्रशिक्षण की रूपरेखा भी तैयार करेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में महिलाओं की पुलिस में भर्ती में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, ताकि वे स्वयं को सशक्त बनाने के साथ अपने अधिकारों की रक्षा भी कर सकें। अध्ययन दल ने विदिशा में स्थापित गुलमोहर महिला सुरक्षा केन्द्र की कार्य-प्रणाली के अध्ययन के साथ अनुसंधान काम की शुरूआत कर दी है। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, अपर मुख्य-सचिव गृह श्री के.के. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर. के. शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री आदर्श कटियार और चीफ सुपरिटेंडेंट (महिला सुरक्षा) यू.के. सुश्री कैरी स्मिथ उपस्थित थीं।    

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भाजपा नेता राजेंद्र नामदेव

  एसिड अटेक पीड़ित युवती से छेड़खानी मामले में आरोपी भाजपा के पूर्व नेता राजेंद्र नामदेव की अग्रिम जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश कुमुदनी पटेल ने शुक्रवार को आरोपी का अपराध गंभीर मानते हुए उसे जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया। पीड़ित युवती ने गुरुवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रकाश डामोर की अदालत में आवेदन देकर कहा था कि आरोपी उसे डरा धमकाकर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। गौरतलब है कि पीड़ित युवती पर वर्ष 2016 में अरेरा कॉलोनी क्षेत्र में उसके रिश्तेदार द्वारा एसिड अटैक किया गया था। उक्त घटना के बाद से ही पीड़ित युवती मध्यप्रदेश सिलाई कला बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष राजेन्द्र नामदेव के संपर्क में आई थी। गत रविवार को पीड़ित युवती ने आरोपी नामदेव के खिलाफ हबीबगंज थाने में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। आरोपी पर मामला दर्ज होने के बाद से ही उसे भाजपा की सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया गया। इन्डेक्स कॉलेज के दो डॉ. ने किया सरेंडर , कोर्ट ने भेजा जेल पीएमटी 2012 घोटाले मामले में आरोपी इन्डेक्स मेडिकल कॉलेज की एडमिशन कमेटी सदस्य डॉ. केके सक्सेना और डॉ. विपिन गोथवाल ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। व्यापमं मामलों के विशेष न्यायाधीश दिनेश प्रसाद मिश्रा ने आरोपी डॉक्टरों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।  

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भाजपा नेता राजेंद्र नामदेव

  एसिड अटेक पीड़ित युवती से छेड़खानी मामले में आरोपी भाजपा के पूर्व नेता राजेंद्र नामदेव की अग्रिम जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश कुमुदनी पटेल ने शुक्रवार को आरोपी का अपराध गंभीर मानते हुए उसे जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया। पीड़ित युवती ने गुरुवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रकाश डामोर की अदालत में आवेदन देकर कहा था कि आरोपी उसे डरा धमकाकर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। गौरतलब है कि पीड़ित युवती पर वर्ष 2016 में अरेरा कॉलोनी क्षेत्र में उसके रिश्तेदार द्वारा एसिड अटैक किया गया था। उक्त घटना के बाद से ही पीड़ित युवती मध्यप्रदेश सिलाई कला बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष राजेन्द्र नामदेव के संपर्क में आई थी। गत रविवार को पीड़ित युवती ने आरोपी नामदेव के खिलाफ हबीबगंज थाने में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। आरोपी पर मामला दर्ज होने के बाद से ही उसे भाजपा की सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया गया। इन्डेक्स कॉलेज के दो डॉ. ने किया सरेंडर , कोर्ट ने भेजा जेल पीएमटी 2012 घोटाले मामले में आरोपी इन्डेक्स मेडिकल कॉलेज की एडमिशन कमेटी सदस्य डॉ. केके सक्सेना और डॉ. विपिन गोथवाल ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। व्यापमं मामलों के विशेष न्यायाधीश दिनेश प्रसाद मिश्रा ने आरोपी डॉक्टरों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।  

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भाजपा नेता राजेंद्र नामदेव

  एसिड अटेक पीड़ित युवती से छेड़खानी मामले में आरोपी भाजपा के पूर्व नेता राजेंद्र नामदेव की अग्रिम जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश कुमुदनी पटेल ने शुक्रवार को आरोपी का अपराध गंभीर मानते हुए उसे जमानत का लाभ देने से इंकार कर दिया। पीड़ित युवती ने गुरुवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रकाश डामोर की अदालत में आवेदन देकर कहा था कि आरोपी उसे डरा धमकाकर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। गौरतलब है कि पीड़ित युवती पर वर्ष 2016 में अरेरा कॉलोनी क्षेत्र में उसके रिश्तेदार द्वारा एसिड अटैक किया गया था। उक्त घटना के बाद से ही पीड़ित युवती मध्यप्रदेश सिलाई कला बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष राजेन्द्र नामदेव के संपर्क में आई थी। गत रविवार को पीड़ित युवती ने आरोपी नामदेव के खिलाफ हबीबगंज थाने में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया था। आरोपी पर मामला दर्ज होने के बाद से ही उसे भाजपा की सदस्यता से भी निष्कासित कर दिया गया। इन्डेक्स कॉलेज के दो डॉ. ने किया सरेंडर , कोर्ट ने भेजा जेल पीएमटी 2012 घोटाले मामले में आरोपी इन्डेक्स मेडिकल कॉलेज की एडमिशन कमेटी सदस्य डॉ. केके सक्सेना और डॉ. विपिन गोथवाल ने शुक्रवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। व्यापमं मामलों के विशेष न्यायाधीश दिनेश प्रसाद मिश्रा ने आरोपी डॉक्टरों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।  

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mp-fasal nuksan

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां ओला-वृष्टि से फसल को हुए नुकसान की समीक्षा करते हुए नुकसान का आकलन पूरी पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिये हैं। श्री चौहान ने कहा है कि सर्वेक्षण दल में राजस्व के अलावा कृषि और पंचायत विभाग के मैदानी अमले, पंच-सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाये, ताकि आकलन में किसी भी किसान को कोई शिकायत नहीं रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि फसल के नुकसान का आकलन सार्वजनिक करने के लिये पंचायत भवनों की दीवारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सर्वेक्षण की रिपोर्ट चस्पा करवाई जाये। प्राप्त आपत्तियों का तत्काल निराकरण कर रिपोर्ट में सुधार किया जाये। श्री चौहान ने कहा है कि प्रभावित किसानों के नुकसान की भरपाई हर हालत में होना चाहिये। बैठक में बताया गया कि फसल को हुए नुकसान के प्रारंभिक आंकड़ों में बदलाव हुआ है। अब प्रभावित गांवों की संख्या 621 से बढ़कर 984 हो गई है। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव श्री बी. पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए पी श्रीवास्तव, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी सी मीना, प्रमुख सचिव कृषि श्री राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पांडे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस के मिश्रा, सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। ओलावृ‍ष्टि से फसल हानि का सर्वे सावधानीपूर्वक करें : मुख्य सचिव मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने आज परख वीडियो कांफ्रेंस में जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया कि प्रदेश में ओला वृष्टि की स्थिति और फसलों को हुई हानि का सर्वे सावधानीपूर्वक करें। सर्वे के लिये राजस्व, कृषि और पंचायत विभाग की टीम बनाई जाये जिसमें जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाये। प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पाण्डे ने कहा कि फसलों के नुकसान के सर्वे में पारदर्शिता रखी जाये। सर्वे की सूची ग्राम पंचायतों में भी चस्पा की जाये। उन्होने बताया कि लघु और सीमांत किसानों को अब 50 प्रतिशत से अधिक फसल हानि होने पर सिंचित फसल के लिये 30 हजार रूपये और असिंचित फसल के लिये 16 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत दी जाएगी। अन्य कृषक (2 हेक्टेयर से अधिक भूमि धारित वाले) को सिंचित के लिये 27 हजार और असिंचित के लिये 13 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि देने का प्रावधान किया गया है। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने परीक्षाओं के मददे्नजर परीक्षा केंद्र के आसपास धारा 144 लगाने , सेक्टर मजिस्ट्रेट की डयूटी लगाने एवं परीक्षा कंट्रोल रूम बनाने के लिए कलेक्टरों को निर्देश दिये। प्रमुख सचिव उर्जा श्री आई.सी.पी. केशरी ने बताया कि पेयजल और परीक्षा को ध्यान में रखते हुये बकाया वाले ट्रांसफार्मर समय सीमा में कार्यशील कर दिये जायेंगे। प्रदेश मे अक्टूबर 2018 तक शत-प्रतिशत विद्युत कनेक्शन देने के निर्देश भी वीडियो काफ्रेंस में दिये गये। बंद नल-जल प्रदाय योजनाओं के संधारण की समीक्षा के दौरान सागर, टीकमगढ और विदिशा जिलों में कार्य को गति देने के निर्देश दिये गये। भावांतर भुगतान योजना में रबी-2018 में पंजीयन के लिये की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान संचालक कृषि श्री मोहनलाल मीणा ने बताया कि पंजीयन 12 फरवरी से 12 मार्च तक होगा। मसूर, सरसों, प्याज और चना का पंजीयन किया जाना है । सॉइल हेल्थ कार्ड वितरण, मृदा परीक्षण तथा ई-नाम (नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती और धात्री महिलाओं के पंजीयन के लिये जिला कलेक्टरों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये गये। सिंगरौली, टीकमगढ, बड़वानी, छतरपुर और शिवपुरी जिलों में विशेष प्रयास की आवश्यकता बताई गई। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती गौरी सिंह ने भिण्ड जिला अस्पताल की तर्ज पर जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों के विकास कार्य के लिए विभाग द्वारा विशेषज्ञों की सेवायें ली जायेंगी। वीडियो काफ्रेंस में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्री जे.एन कन्सोटिया, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री प्रमोद अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उप‍स्थित थे।  

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तीन करोड़ से ज्यादा मोबाइल का आधार नहीं

  मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में तीन करोड़ से अधिक मोबाइल कनेक्शन अब तक आधार से लिंक नहीं हो पाए हैं। केन्द्र सरकार के निर्देश पर सभी मोबाइल कनेक्शन को आधार से जोड़ने की कवायद आठ महीने से चल रही है। दोनों राज्यों में बीएसएनएल सहित सभी निजी कंपनियों के लगभग 7 करोड़ 27 लाख ग्राहक हैं। इनमें से 35-40 फीसदी कनेक्शन अब तक 'बेआधार" हैं। 31 मार्च के बाद ऐसे कनेक्शन डीएक्टिवेट करने का अल्टीमेटम है। दोनों राज्यों में सरकारी और निजी दूरसंचारकंपनियों के तमाम प्रयासों के बावजूद तीन करोड़ से ज्यादा ग्राहक अब तक आधार से नहीं जुड़ पाए हैं। आधार से लिंक करने की मियांद पहले 6 फरवरी 2018 तक थी, जिसे बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया। साथ ही ग्राहकों को ईमेल और एसएमएस से भी मोबाइल कनेक्शन लिंक करने की सुविधा दे दी गई थी। अब तक कितने कनेक्शन ऑनलाइन लिंक हुए यह जानकारी सेंट्रल सर्वर से दूरसंचार महकमे के पास नहीं पहुंची है। बताया जाता है कि अब यह तारीख आगे बढ़ने की संभावना कम है। इसलिए जो कनेक्शन डीएक्टिवेट हो जाएंगे, उनके लिए क्या व्यवस्था रहेगी अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि यह सवाल अभी उठ रहा है कि दोनों राज्यों में आठ महीने में मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करने की यह स्थिति है तो डेढ़ महीने से भी कम समय में तीन करोड़ मोबाइल कनेक्शन कैसे जुड़ पाएंगे। दूरसंचार महकमे के आला अधिकारियों का कहना है कि अंतिम समय में ज्यादा लोग पहुंचते हैं इसलिए उम्मीद है कि मार्च में सवाधिक मोबाइलधारी आधार से जुड़ जाएंगे। सर्विस प्रोवाइडर के पास जाकर आधार से लिंक कराने की बाध्यता के बजाय ऑनलाइन सुविधा भी शुरू होने से ग्राहकों की परेशानी कम हो गई। दोनों राज्यों में नवंबर 2017 तक के आंकड़ों के अनुसार आइडिया के 2.58 करोड़ ग्राहक हैं। एयरटेल के 1.49 करोड़, जियो के 91लाख से अधिक, बीएसएनएल के 57.62 लाख, वोडाफोन के 64 लाख और टाटा डोकोमो के 33 लाख से अधिक ग्राहक बताए गए हैं। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था आसान है, लेकिन काफी उम्रदराज व अन्य ऐसे भी हैं जो नई तकनीक से दूर हैं। उन्हें मेनुअल ही आधार लिंक कराना पड़ रहा है। एसएमएस अथवा ईमेल के जरिए मोबाइल कनेक्शन को आधार से लिंक करने में खासतौर पर उन्हें ज्यादा दिक्कत होती है।  

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mp परिवहन

भोपाल समेत प्रदेश जिलों में संचालित यात्री बसों का किराया 40 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। गुरूवार को मंत्रालय में प्रमुख सचिव परिवहन मलय श्रीवास्तव और मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन, प्राइम रूट बस ऑनर्स, इंदौर संभाग बस एसोसिएशन सहित अन्य निजी बस संचालकों के बीच बैठक हुई। बस संचालकों ने डीजल के दाम व बसों के पार्ट्स बढ़ने के साथ ही साल 2015 से किराया नहीं बढ़ाए जाने का हवाला देते हुए बसों का किराया बढ़ाने की मांग रखी। प्रमुख सचिव ने एक महीने में किराया बढ़ाने पर विचार करने को कहा। इसके बाद बस एसोसिएशन ने किराया वृद्धि को लेकर 17 फरवरी को बस हड़ताल स्थगित कर दी। प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा ने बताया कि बैठक में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, ग्वालियर सहित अन्य जिलों से करीब 35 बस ऑपरेटर शामिल हुए। दोपहर 3 बजे बैठक शुरू हुई, जो शाम 4:30 बजे तक चली। परिवहन प्रमुख सचिव ने बसों का किराया बढ़ाने का आश्वासन दिया है। अभी 92 पैसे प्रतिकिलोमीटर के हिसाब से यात्रियों से किराया लिया जाता है। हमारी मांग है कि 1.28 पैसे तक किराया बढ़ाया जाए। जिस पर प्रमुख सचिव परिवहन ने एक महीने में किराया बढ़ाने पर सहमति जताई है। प्रमुख सचिव परिवहन मलय श्रीवास्तव ने बताया कि बस एसोसिएशन के साथ बैठक हुई है। उन्होंने साल 2015 से किराया रिवाइज नहीं करने का हवाला दिया। बस एसोसिएशन से ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है, जो आकड़ेवार महंगाई बताएं। इसके बाद किराया निर्धारण समिति की बैठक में बसों का किराया बढ़ाने का निर्णय लिया जाएगा।

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सरोजिनी नायडू कॉलेज

सरोजिनी नायडू कॉलेज के वार्षिकोत्सव में मुख्यमंत्री श्री चौहान  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जब बेटियाँ सशक्त होंगी, तभी प्रदेश सशक्त होगा और आगे बढ़ेगा। श्री चौहान ने बेटियों से कहा कि सरकार हमेशा उनकी रक्षा करने, उन्हें आगे बढ़ने में सहयोग देने के लिये तैयार है। बेटियों की तरक्की में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने बेटियों का आव्हान किया कि बड़ा लक्ष्य तय करें और आत्म-विश्वास के साथ कठिन परिश्रम करते हुए सफलता हासिल करें, सरकार हर कदम पर साथ देगी। उन्होंने कहा कि बेटियों के सहयोग से नये मध्यप्रदेश का निर्माण हो रहा है। श्री चौहान आज यहाँ स्थानीय सरोजिनी नायडू कन्या स्वशासी महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव 'अद्विता 2018' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बेटियों के हित में संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत स्थान आरक्षित हैं। पूरी प्रतिभा के साथ बेटियाँ शासन-प्रशासन चला रही हैं। उन्होंने बेटियों से कहा कि बड़ी सोच रखें, आत्म-विश्वास रखें, आगे बढ़ने का रोडमैप बनायें और पूरी एकाग्रता तथा दृढ़ निश्चय के साथ सफलता हासिल करें। देश का गौरव बढ़ायें और प्रदेश की शान बन जायें। उन्होंने कहा कि बेटियाँ कमजोर नहीं होतीं, इसलिए हमेशा सकारात्मक सोचें। नकारात्मक विचारों से दूर रहें। उन्होंने गीता के श्लोक के माध्यम से समझाया कि अहंकार से दूर रहें, उत्साह से भरपूर रहें। कठिन परिश्रम करें और हर परिस्थिति में निरपेक्ष रहें। शुभांगी का इलाज कराएगी सरकार मुख्यमंत्री श्री चौहान समारोह में हाथीपाँव की बीमारी से पीड़ित छात्रा शुभांगी जैन से मिले। शुभांगी से चलते नहीं बन रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुभांगी का पूरा इलाज सरकार द्वारा करवाया जायेगा। विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह ने कहा कि बेटियों की पढ़ाई के लिये राज्य सरकार ने अभूतपूर्व काम किये हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों में 70 प्रतिशत अंकों के साथ प्रवेश लेने पर शिक्षा का खर्च सरकार उठा रही है। प्राचार्या डॉ. मंजुला शर्मा ने प्रशासकीय प्रतिवेदन पढ़ा और महाविद्यालय की अकादमिक प्रगति की जानकारी दी। अतिथियों को स्मृति-चिन्ह भेंट किये गये। उच्च शिक्षा आयुक्त श्री नीरज मंडलोई भी में मौजूद थे।  

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ias अशोक शाह

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की पहल पर सामाजिक रूप से पिछड़े और शारीरिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को विकास की मुख्य-धारा से जोड़ने के प्रदेश सरकार के प्रयासों को राष्ट्रीय-स्तर पर भी सराहा गया है। प्रदेश को अनेक राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा भी गया है। सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के माध्यम से 55 लाख जरूरतमंदों को 513 करोड़ की सहायता राशि विभिन्न योजनाओं में दी गई है। आयुक्त सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण श्री अशोक शाह ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत वर्ष 2006 से अभी तक करीब 4 लाख 27 हजार गरीब जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिये 7 करोड़ 23 लाख रुपये से ज्यादा की राशि सहायता स्वरूप दी जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए वर्ष 2012 से मुख्यमंत्री विवाह योजना के तहत करीब 10 हजार 678 मुस्लिम कन्याओं के निकाह के लिये 19 लाख 54 हजार की सहायता राशि दी गई है। इसी क्रम में सरकार द्वारा शारीरिक रूप से नि:शक्त व्यक्तियों के जीवन में खुशहाली लाने के लिये नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है। योजना में करीब 10 हजार नि:शक्तजन को दो लाख रुपये के मान से लगभग 197 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना में लगभग 4 लाख 46 हजार खेतिहर मजदूरों को 192 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता राशि दी गई है। यह सहायता बच्चों की छात्रवृत्ति, विवाह सहायता आदि के रूप में दी गई है। सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से 36 लाख हितग्राहियों को 116 करोड़ रुपये की पेंशन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से उनके बैंक खातों में प्रतिमाह पहली तारीख को जमा करवाई जा रही है। पेंशन स्वीकृति प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। साथ ही नि:शक्तजन एवं विधवा पेंशन की स्वीकृति के अधिकार पंचायत सचिव को प्रदान कर दिये गये हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के प्रत्येक नि:शक्त व्यक्ति का डाटाबेस तैयार करने का विशेष कार्यक्रम तैयार किया गया है। यह प्रक्रिया फरवरी-2017 से प्रारंभ की गई। अभी तक एक लाख 67 हजार कार्ड पोर्टल के माध्यम से बनाये जा चुके हैं। इससे मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक यूनिक डिसएबिलिटी आई.डी. कार्ड जनरेट करने वाला राज्य बन गया है। राज्य सरकार के नि:शक्तजन कल्याण विभाग को उसकी कार्य-प्रणाली के लिये 'सर्वोत्तम नियोक्ता तथा प्लेसमेंट एजेंसी'' का वर्ष 2011-12 एवं वर्ष 2014-15 का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। वरिष्ठ नागरिकों की सेवाओं के लिये राष्ट्रीय 'वयोश्रेष्ठ सम्मान'' वर्ष 2013-14 में प्राप्त हुआ है। इसी प्रकार नेशनल ई-गवर्नेंस राष्ट्रीय पुरस्कार, वर्ष 2012-13 में स्पर्श पोर्टल, वर्ष 2015-16 में समग्र पोर्टल एवं वर्ष 2016-17 में स्टेट पेंशन पोर्टल के राष्ट्रीय पुरस्कार भी भारत सरकार द्वारा विभाग को दिये गये है  

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सीसीटीवी कैमरे

  कोचिंग केन्द्रों के आस-पास लगेंगे सीसीटीवी कैमरे  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां स्थानीय माडल स्कूल में प्रेरणा संवाद के बाद विद्यार्थियों द्वारा पूछे गये सवालों के जवाब दिये और उनकी शंकाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने लक्ष्य तय करने, समय का प्रबंधन करने, पढ़ाई के लिये दिनचर्या तय करने, स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और अच्छे नंबर लाने का तनाव दूर करने के तरीकों से संबंधित सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने एक शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों के मामा के रूप में सहजता के साथ विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिये और उनकी शंकाओं का समाधान किया। सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 11वीं कक्षा के छात्र श्री अंकित पटेल ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री बनने के लिये कोई लक्ष्य तय किया था। इस पर मुख्यमंत्री ने अपने गाँव में बचपन में खेती और मजदूरों का मेहनताना बढ़ाने के लिये किये आंदोलन की चर्चा की। उन्होंने कहा कि अन्याय को किसी भी रूप में सहना सही नहीं है। उन्होने कहा कि किसी भी काम के प्रति लगन और प्रतिबद्धता जरूरी है, यही काम आती है। डी.ए.वी. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टी.टी.नगर की कॉमर्स संकाय की 12वीं कक्षा की छात्रा सुश्री दिपांशी पांडे ने स्कूलों में विद्यार्थियों की विशेष रूप से बेटियों की सुरक्षा के संबंध में सवाल किये। मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी सभी उपायों को सुदृढ़ किया गया है। छात्रावासों में प्रवेश द्वार पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाये जा रहे हैं। छात्रावास आने-जाने वाले रास्तों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बेटियों की गरिमा को धूमिल करने वाले दरिदों को फाँसी की सजा देने के लिये बनाये गये कानूनी प्रावधान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाज को भी नैतिक आंदोलन चलाने की आवश्यकता है। इससे सुरक्षा के लिये एक स्वस्थ वातावरण बनेगा। सिर्फ कर्म पर ध्यान दें सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के 11वीं के छात्र श्री आनंद लोधी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि एक दिन में बहुत सारे काम करने के बावजूद उन्हें तनाव क्यों नहीं होता। इस पर मुख्यमंत्री ने गीता का श्लोक पढ़ते हुये बताया कि सिर्फ कर्म करने पर हमारा अधिकार है, परिणाम पर नहीं। इसलिये परिणाम पर ध्यान केन्द्रित करने के बजाय अपने कर्म पर ध्यान दें और यही दृष्टि जीवन में अपनायें तो तनाव नहीं होगा। दसवीं कक्षा की छात्रा सुश्री पूजा कानस ने मुख्यमंत्री से कहा कि हर स्कूल में खेल सुविधा और खेल के मैदान होना चाहिये। इस पर सहमति व्यक्त करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी जरूरी है। शासकीय विद्यालयों में खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेंगी। मन को स्वस्थ रखने के लिये खेलों से जुड़े रहना जरूरी है। मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल के श्री ऋतिक विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि यदि अच्छे नंबर नहीं आ पाये तो माता-पिता की क्या प्रतिक्रिया होना चाहिये। इस पर मुख्यमंत्री ने सभी अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को किसी भी प्रकार का तनाव नहीं दें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि माता-पिता केवल लाड़-प्यार के कारण बच्चों को डाँटते है ताकि वे सजग और चैतन्य रहें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि केवल मेहनत और अच्छे से अच्छे प्रदर्शन की कोशिश करें, अच्छे नंबर अवश्य आयेंगे। विद्या विहार हायर सेकेण्डरी स्कूल की 11वीं की छात्रा सुश्री प्रियंका ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे इंजीनियरिंग की शिक्षा लें, इसके लिये आईआईटी में सीट बढ़ाई जानी चाहिये। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसदिशा में कोशिश की जायेगी। सुभाष उत्कृष्ट हायर सेकेण्डरी स्कूल के 11वीं के छात्र श्री शिवालाल मंडलोई ने मुख्यमंत्री से पूछा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यवहारिक शिक्षा को शामिल करने के लिये कौन से सुधार किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के तीन उद्देश्य है ज्ञान देना, कौशल देना और नागरिक संस्कार देना। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में हम ज्ञान दे रहें हैं। अब कौशल देने पर भी ध्यान केन्द्रित किया गया है। भोपाल में 600 करोड़ रूपये की लागत से ग्लोबल स्किल संस्थान जुलाई से काम करना शुरू कर देगा। इसके अलावा उत्कृष्ट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोले जा रहे हैं। शिक्षा पद्धति को मूल्य आधारित बनाने के लिये कोशिश की जा रही है। स्कूल-कॉलेजों में कॅरियर परामर्श की व्यवस्था भी की जा रही है। डी.ए.वी हायर सेकेण्डरी स्कूल की 12वीं की छात्रा सुश्री मोनिका यादव ने सवाल किया कि शालाओं में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिये सरकार ध्यान दे रही है, लेकिन कोचिंग संस्थाओं के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था के लिये कौन से उपाय किये जा रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन शहरों में कोचिंग केन्द्र हैं, उनके आने-जाने वाले रास्तों पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाने और वहाँ पर लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जायेगी। इसके अलावा डॉयल-100 वाहनों को भी विशेष निर्देश इस संबंध में दिये गये हैं। जरूरी है समय प्रबंधन मे-फ्लावर स्कूल के 9वीं कक्षा के छात्र श्री अंकित ने पूछा कि व्यवहारिक ज्ञान देने के लिये कौन-कौन से प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार करते हुए पढ़ाई के तरीकों में बदलाव लाने पर विचार किया जा रहा है। मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा सुश्री गुंजन बघेल ने मुख्यमंत्री से समय प्रबंधन के संबंध में सवाल करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री के नाते वे स्वयं अपना समय प्रबंधन कैसे करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने सुबह साढ़े पाँच बजे से लेकर रात साढ़े ग्यारह बजे तक की दिनचर्या और कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से बताया। इसमें सुबह सैर करना, योग एवं प्राणायाम करना, प्रशासनिक कार्यों की तैयारी-बैठकें करना और प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद करना, लोगों-प्रतिनिधि मंडलों और विभिन्न संगठनों से मिलना, मंत्रालय में शासकीय कार्य का संपादन करना जैसे कार्यों को विस्तार से बच्चों को बताया। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार जिलों के दौरों के समय आम लोगों से जिले में सुशासन के स्तर और नये विकास कार्यक्रमों एवं योजनाओं की आवश्यकता के संबंध में जानकारी मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि एक मुख्यमंत्री और अभिभावक के रूप में वे अपने परिवार के लिये कैसे समय निकालते हैं और किस प्रकार सार्वजनिक और निजी जीवन में संतुलन बनाये रखते हैं।  

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शिवराज सिंह

  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रेरणा संवाद में विद्यार्थियों को बताये सफलता के सूत्र  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ माडल हायर सेकेण्डरी स्कूल में प्रेरणा संवाद कार्यक्रम में शालेय विद्यार्थियों से प्रेरक संवाद करते हुए उन्हें परीक्षाओं में सफल होने तथा उज्जवल भविष्य के लिये शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। माडल स्कूल में अपने छात्र जीवन के अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं में शानदार सफलता के लिये उन्हें महत्वपूर्ण सूत्र बताये। इस कार्यक्रम को दूरदर्शन और आकाशवाणी के माध्यम से सभी जिलों के विद्यार्थियों ने सुना। मुख्यमंत्री ने सफलता के अमूल्य मंत्र बताते हुये कहा कि सबसे जरूरी है - आत्मविश्वास क्योंकि आत्मविश्वास से शक्ति मिलती है और अपनी क्षमता पहचानने का ज्ञान बढ़ता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुये कहा कि हर विद्यार्थी में भरपूर क्षमता और प्रतिभा है। सिर्फ इसे पहचानकर आगे लाने की आवश्यकता है। उन्होंने तुलसीदास द्वारा रामायण की रचना करने और महाकवि कालिदास का उदाहरण देते हुये कहा कि इन दो महान व्यक्तियों में भरपूर क्षमता और प्रतिभा थी। जिसे उन्होंने स्वयं पहचाना और आज पूरी दुनिया उनका साहित्य पढ़ती है। मुख्यमंत्री ने अपनी कक्षा ग्यारवीं-डी का स्मरण करते हुए कहा कि 11वीं की परीक्षा के समय वे आपातकाल का विरोध करते हुये जेल चले गये थे, लेकिन आत्मविश्वास के साथ पूरी मेहनत करके परीक्षा दी और भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र तथा जीव विज्ञान में अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण हुये। उसके बाद दर्शन शास्त्र में स्नातकोत्तर में भी अच्छे नंबरों से पास हुये। श्री चौहान ने विद्यार्थियों से कहा कि आत्मविश्वास के साथ सबसे जरूरी है लक्ष्य तय करना। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय किये बिना काम करने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते। लक्ष्य हमेशा ऊँचा होना चाहिये। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय करने के साथ ही उसे प्राप्त करने का एक रोडमैप बनाना भी जरूरी है। अपने बनाये रोडमैप पर बिना किसी भटकाव के चलना आवश्यक शर्त है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में कभी-कभी मन भटकना स्वाभाविक है। इसलिये सचेत रहते हुए मन की एकाग्रता जरूरी है। उन्होंने अपने पढ़ाई के दिनों को याद करते हुये बताया कि कैसे परीक्षा के समय मन के भटकाव पर उन्होंने दृढ़ निश्चय के साथ काबू किया। श्री चौहान ने कहा कि लक्ष्य पर एकाग्रता से सफलता मिलती है। उन्होंने गुरू द्रोणाचार्य और शिष्य अर्जुन की कथा सुनाते हुये कहा कि अपने लक्ष्य पर एकाग्र होने और अपनी पूरी ऊर्जा का उपयोग करने से सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे हमेशा सकारात्मक सोच और ऊर्जा से भरे रहें। किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचारों से दूर रहें। खूब पढ़ें, आगे बढ़ें और प्रसन्नता के साथ सार्थक जीवन जीने का मार्ग तय करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे सभी उपाय किये हैं जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने और आगे बढ़ने में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आये। उन्होंने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का संदर्भ देते हुये कहा कि 70 प्रतिशत अंकों के साथ राष्ट्रीय स्तर के उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश लेने पर उच्च शिक्षा की पढ़ाई का खर्च सरकार भरेगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे 85 प्रतिशत नंबर लायें और प्रोत्साहन के रूप में सरकार से लेपटॉप भी प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के बच्चों में इतनी क्षमता और प्रतिभा है कि वे बड़े से बड़े पदों पर पहुंच सकते हैं। विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के सपने को पूरा करने के लिये सरकार हर जरूरी कदम उठायेगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि अपने बुजुर्गों, माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करें। उन्होंने अपने शिक्षक श्री रतनचंद्र जैन का उल्लेख करते हुये बताया कि कैसे उन्होंने पढ़ना, भाषण देने की कला एवं रामायण की चौपाई का व्याख्यान करना सिखाया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उत्साहपूर्वक प्रसन्नता के साथ पढ़ाई करें। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मॉडल स्कूल में स्थापित स्मार्ट क्लास रूम और ई-लायब्रेरी का अवलोकन किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री कुँवर विजय शाह, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी, माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री एस.आर. मोहंती, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी उपस्थित थे। एक क्लिक में 50 लाख विद्यार्थियों को मिली 344 करोड़ की राशि प्रेरणा संवाद के पहले मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये बनाये गये सूचना प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों का शुभारंभ किया। उन्होंने मिशन वन-क्लिक योजना के अंतर्गत 50 लाख विद्यार्थियों को 344 करोड़ रुपये की राशि एक क्लिक में उनके खातों में ट्रांसफर की। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 से शिक्षा विभाग द्वारा विभागों की 30 प्रकार की छात्रवृत्तियों का वितरण शिक्षा पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। इससे पहले यह राशि कोषालय से बिल द्वारा विद्यार्थियों को दी जाती थी। अब इन सभी छात्रवृत्तियों का भुगतान मिशन वन-क्लिक के माध्यम से बैंको द्वारा सीधे छात्रों के खाते में किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में एक करोड़ 60 लाख विद्यार्थियों को एक हजार 42 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई हैं। शाला सिद्धि अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 'शाला सिद्धि अभियान'' कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसमें 46 मानकों पर शालाओं का मूल्यांकन होगा। इनके आधार पर शालाओं का अकादमिक उन्नयन किया जायेगा। अच्छा कार्य कर रही शालाओं का प्रोत्साहन किया जायेगा और उन्हें शाला-सिद्धि पुरस्कार दिया जायेगा। उन्होने एम.पी. कैरियर मोबाइल एप का भी शुभारंभ किया। दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को उनके कैरियर संबंधी मार्गदर्शन के लिये 'एम.पी. कैरियर मोबाइल एप' तैयार किया गया है। इसके माध्यम से सभी विद्यार्थियों का अभिरुचि परीक्षण करके नये सत्र में अप्रैल माह में विद्यार्थियों को रिपोर्ट दी जायेगी तथा रिपोर्ट के आधार पर पालकों एवं विद्यार्थियों की काउंसिलिंग भी की जायेगी। इसी प्रकार विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान 'विमर्श पोर्टल' के माध्यम से किया जायेगा। इस पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थी महत्वपूर्ण विषयों पर वीडियो देख पायेंगे और मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकायें, पुराने प्रश्नपत्र तथा मॉडल उत्तर आदि जान सकेंगे। इस पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षक एवं स्कूलों को भी अकादमिक दृष्टि से सुदृढ़ बनाया जायेगा। वर्ष में दो बार स्कूल अपना स्व-मूल्यांकन भी इसके माध्यम से कर सकेंगे। 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणामों के विश्लेषण के लिये सी.एम. डेशबोर्ड का शुभारंभ किया गया। इससे शैक्षणिक गुणवत्ता के लिये कदम उठाये जायेंगे। उन्होने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिये। विद्यार्थियों से संवाद के बाद उन्होंने छठवीं और नवीं के विद्यार्थियों को नि:शुल्क सायकिलें प्रदान की। लोक शिक्षण आयुक्त श्री नीरज दुबे ने आभार व्यक्त किया।    

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 विधायक हेमंतकटारे  रेप  मामला

    छात्रा की मां की शिकायत पर विधायक के खिलाफ अपहरण और अड़ीबाजी का मामला भी दर्ज अटेर से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे को ब्लैकमेल करने के आरोप में जेल में बंद छात्रा की शिकायत पर विधायक कटारे के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया गया है। छात्रा की मां की शिकायत पर भी विधायक के खिलाफ अपहरण और अड़ीबाजी का मामला रजिस्टर्ड हो गया है। जेल से शिकायत के बाद दुष्कर्म का केस दर्ज होने का संभवतः यह पहला मामला है। 24 जनवरी को क्राइम ब्रांच ने विधायक कटारे की शिकायत पर एक 21 वर्षीय छात्रा को ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसके पास से अड़ी डालकर वसूले गए 5 लाख रुपए भी बरामद किए गए थे। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने आरोपी छात्रा को 25 जनवरी को कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया था। भोपाल व दिल्ली में किया दुष्कर्म सेंट्रल जेल में बंद छात्रा ने जेल से हस्त लिखित शिकायत डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी को भेजी थी। उसे जांच के लिए एएसपी धर्मवीरसिंह को दिया था। जांच के बाद गुरुवार रात विधायक कटारे के खिलाफ महिला थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया गया। छात्रा ने आरोप लगाया गया है कि कटारे ने उससे कई बार बलात्कार किया और बाद में उसे एक झूठे मामले में फंसा दिया। युवती ने शिकायत में बताया है कि एक एनजीओ के कार्यक्रम में कटारे से उसकी मुलाकात हुई थी। उन्होंने उसका नंबर लिया था और पहली बार उनके अरेरा कॉलोनी स्थित जिम में उससे दुष्कर्म किया था। इस दौरान कटारे ने उसके कुछ फोटो ले लिए थे। उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर बाद में कई बार उससे दुष्कर्म किया। एक बार वह उसे जबरदस्ती दिल्ली भी ले गए थे। वहां एक होटल में भी उसके साथ रेप किया था। इस मामले में एसपी (साउथ) राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि कटारे के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया है। इस मामले में छात्रा के कोर्ट में बयान दर्ज कराएंगे। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। छात्रा की मां ने 31 जनवरी को डीआईजी भोपाल को एक लिखित शिकायत की थी। उसमें आरोप लगाया था कि 27 जनवरी को दिन में विधायक हेमंत कटारे अपने तीन साथियों के साथ उसके घर पहुंचे थे। वह डरा-धमकाकर उसे जबरन अपने साथ ले गए थे। इस दौरान उनसे कुछ कागजातों पर साइन भी कराए गए थे। साथ ही धमकी देते हुए उनके पक्ष में एक वीडियो तैयार किया था। इसके बाद वे लोग उसे छोड़कर चले गए थे। इस मामले में थाना स्टेशन बजरिया में विधायक कटारे के खिलाफ अपहरण और अड़ीबाजी का केस दर्ज कर लिया गया है। डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी ने बताया छात्रा द्वारा जेल से भेजी गई लिखित शिकायत और छात्रा की मां के द्वारा की गई शिकायत की जांच के बाद विधायक हेमंत कटारे के खिलाफ अलग-अलग थानों में दुष्कर्म और अपहरण,अड़ीबाजी का केस दर्ज किया गया है।    

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बजट नए भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला वाला:शिवराज

  केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए साल 2018-19 के आम बजट को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला बताया। इसके अलावा प्रदेश के जनसम्पर्क मंंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र और नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह ने भी बजट को बहुत लाभकारी बताया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ट्वीट करते करते हुए जेटली के बजट 2018 पर अपनी प्रतिक्रिया दी। ट्वीट करते हुए उन्होंने बजट में महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों को लेकर किए गए प्रावधान को काफी अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में सभी वर्गों के लिए जो प्रावधान किए गए उनसे देश नए आर्थिक युग में प्रवेश करेगा।

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 डॉ. नरोत्तम मिश्र

   जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने संसद में पेश किए गए केन्द्रीय बजट को मध्यम और निर्धन वर्ग के लिए लाभकारी बताया है। डॉ.मिश्र ने कहा है कि केन्द्रीय बजट, सरकार की जनहितकारी नीतियों की वास्तविक अभिव्यक्ति है। इस बजट में अन्त्योदय पर विशेष ध्यान दिया गया है जो सरकार का प्रमुख लक्ष्य भी है। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा है कि केन्द्रीय बजट वर्ष-2018-19 के माध्यम से कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, जन-औषधि केन्द्रों को और कारगर बनाने, उज्जवला और सौभाग्य योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को अधिक सुविधाएं प्रदान करने, प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों को मकान उपलब्ध करवाने, मध्यम वर्ग के लिए भी आवास योजना में कम ब्याज दर की व्यवस्था, नया ग्रामीण बाजार बनाने के एलान और पासपोर्ट तैयार करने जैसे कार्यों को सीधे जनता के पक्ष में लागू करने की व्यवस्था की गई है। डॉ. मिश्र ने कहा है कि किसानों की आमदनी को आने वाले चार वर्ष में दोगुना करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं केन्द्र सरकार द्वारा की जा रही हैं। उन्होंने कहा है कि बजट में समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी, मेगा फूड पार्क निर्माण, किसानों के लिए पशुपालक कार्ड, बांस मिशन के माध्यम से नवीन गतिविधियों की शुरूआत, खेती के लिए कर्ज की बेहतर व्यवस्था और सब्जी उत्पादन के लिए आवश्यक वित्त व्यवस्था का ध्यान रखा गया है। यह बजट गांव के विकास की रफ्तार को तेज करने वाला बजट है। जनसम्पर्क मंत्री ने कल्याणकारी केन्द्रीय बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी है।  

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अन्तर्राष्ट्रीय कछुआ तस्कर मुर्गेसन एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार

मध्यप्रदेश एसटीएफ की बड़ी कामयाबी  मध्यप्रदेश वन विभाग की एसटीएफ टीम ने अन्तर्राष्ट्रीय कछुआ तस्कर मनिवन्नम मुर्गेसन को कल चैन्नई से गिरफ्तार कर आज सागर के विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने एसटीएफ को मुर्गेसन 5 दिन की रिमाण्ड पर सौंपा है।  एसटीएफ, वाईल्ड लाईफ क्राईम कंट्रोल ब्यूरो, यू.पी. एसटीएफ पुलिस और इन्टरपोल को मनिवन्नम मुर्गेसन की लम्बे समय से तलाश थी। दुर्लभ प्रजाति के कछुए की तस्करी में मुर्गेसन का नाम दुनिया में तीसरे नम्बर पर है। यह भारत में अवैध बाजार का सरगना माना जाता है। मुर्गेसन का नाम सबसे पहले आगरा के अजय चौहान से रेडक्राउन रूटेड कछुए की तस्करी संबंधी पूछ-ताछ के दौरान सामने आया था। पिछले दिनों कोलकता से एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किये गये मोहम्मद इरफान से की गई पूछ-ताछ के दौरान भी मुर्गेसन के नाम का खुलासा हुआ था। सिंगापुर में रहने वाले व्यापारी मुर्गेसन का अवैध व्यापार सिंगापुर सहित थाइलैंड, मलेशिया, मकाऊ, हांगकांग, चीन और मेडागास्कर में फैला हुआ है। मुर्गेसन की गिरफ्तारी अन्तर्राष्ट्रीय वन्य प्राणी तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने में काफी महत्वपूर्ण होगी।

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नगरीय निकाय चुनाव

  नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं के लिए हुए चुनाव में कुछ पर कांग्रेस तो कुछ पर भाजपा ने बाजी मारी। भाजपा ने सेंधवा, पीथमपुर, नगर पालिका परिषद और ओंकारेश्वर, पलसूद, पानसेमल, कुक्षी, डही और धामनोद नगर परिषद सीट पर कब्जा किया। वहीं कांग्रेस ने धार, राघौगढ़ व नगर पालिका परिषद और अंजड़, खेतिया, धरमपुरी, राजगढ़, सरदारपुर नगर परिषद पर जीत दर्ज की। अनूपपुर की जैतहरी नगर परिषद सीट पर निर्दलीय नवरत्नी शुक्ला विजयी हुए। अकोड़ा नगर परिषद (भिंड) - भरी कुर्सी ( अध्यक्ष संगीता यादव की वापसी) करनावद नगर परिषद (देवास) - खाली कुर्सी (अध्यक्ष कांताबाई पाटीदार को हटाया) खिलचीपुर नगर परिषद (राजगढ़) - खाली कुर्सी ( अध्यक्ष दीपक नागर को हटाया) सेंधवा नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बसंती बाई निर्विरोध जीती हैं। इसी के साथ कुल 24 वार्डों में से 11 वार्डों पर निर्विरोध चुनाव हुए। अब केवल 13 वार्डों के लिए मतगणना हुई जिसमें वार्ड 9 में भाजपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। वार्ड 11 में कांग्रेस के वली को जीत मिली। वार्ड 15 में भाजपा के इमरान ने जीत दर्ज की। वार्ड 24 में भाजपा के शकील और वार्ड 3 में कांग्रेस के प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। वार्ड 14 कांग्रेस इलमुद्दीन ने जीत दर्ज की। वार्ड 4, 22 और 18 बीजेपी जीती। अनूपपुर : जैतहरी नगर पंचायत चुनाव की मतगणना में निर्दलीय प्रत्याशी नवर्तनी शुक्ला ने जीत दर्ज की, उन्हें 2027 मत मिले। शुक्ला ने भाजपा की सुनीता जैन को 898 मतों से पराजित किया। सुनीता जैन को 1129 मत मिले, कांग्रेस की गीता सिंह 980 मत प्राप्त कर तीसरे नंबर पर रहीं। यहां भाजपा के 4, कांग्रेस के 6 और निर्दलीय 5 पार्षद जीते।ओंकारेश्वर नगर परिषद में भाजपा के अंतर सिंह 1622 मतों से जीते।15 वार्डों में 12 में भाजपा 3 में कांग्रेस जीते।  

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आईपीएस सर्विस मीट की रंगारंग सांस्कृतिक संध्या

मुख्यमंत्री  चौहान ने सांस्कृतिक संध्या के विजेताओं को किया सम्मानित  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान  आज यहां पुलिस ऑफिसर्स मेस के प्रांगण में आयोजित तीसरी आई.पी.एस. सर्विस मीट पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में शामिल हुए। उन्होंने प्रतिभागियों के आग्रह पर ' नदिया चले चले रे धारा ' गीत गाया। मुख्यमंत्री ने कहा पुलिस अधिकारियों में सांस्कृतिक प्रतिभा है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को प्रदेश पुलिस पर गर्व है। पुलिस महानिदेशक श्री आर.के.शुक्ला ने मुख्यमंत्री  और श्रीमती साधना सिंह चौहान का स्वागत किया। विभिन्न जोन से आये पुलिस अधिकारियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। विभिन्न अंचलों के लोकनृत्यों  की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र थी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जोन की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के विजेताओं को सम्मानित किया। इंदौर जोन प्रथम, भोपाल  दूसरे और  महाकौशल तीसरे स्थान पर रहा।  

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जनसेवा के लिये है पुलिस:शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पुलिस जनसेवा के लिये है। पुलिस की सेवा को नौकरी नहीं माना जा सकता। लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मिलना बहुत सौभाग्य की बात है। पुलिस का कर्तव्य किसी भी अन्य सेवा से अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि सामाजिक जटिलताओं का कुशलतापूर्वक सामना करते हुए आमजन का विश्वास जीतना होगा। अधिकारी धैर्य, उत्साह और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्य करें। मन, मस्तिष्क और शरीर को चुस्त-दुरूस्त रखने के लिये योग, व्यायाम और मनोरंजन की गतिविधियों में भी शामिल हों। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल में अवकाश की संकल्पना पर विचार करने की जरूरत बतायी। श्री चौहान आज विधानसभा सभागार में तृतीय आई.पी.एस. ऑफीसर्स मीट के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में आत्मीयता के भाव से सरकार चलाने का प्रयास किया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने अनेक ऐसे कार्य किये हैं, जिन पर गर्व किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समस्याएं आती रहती हैं, जरूरत उनके समाधान के निरंतर प्रयास की है। चुनौतियों का सामना विशेषज्ञता के साथ किया जाना चाहिये। पुलिस अधिकारियों के समूह बनाकर विषयवार होने वाले चिंतन के निष्कर्षों पर मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर रोडमैप का निर्माण करेंगे। पुलिस और जनता के मध्य दूरियों को कम करने के लिये सामुदायिक पुलिसिंग के प्रयोग किये गये हैं। इन्हें और अधिक विस्तारित करना होगा। श्री चौहान ने आईपीएस मीट के आयोजन की सराहना करते हुये कहा कि संगोष्ठी के विषय समसामयिक और सराहनीय हैं। आज पूरी दुनिया के सामने कट्टरवाद की चुनौती है। लोगों को अलग-अलग बाँटने की कोशिशें लोकतंत्र के लिये घातक हैं। इनका सामना करने के लिये जरूरी है कि उदारवादी दृष्टिकोण को प्रसारित किया जाये। भारतीय समाज और संस्कृति में एक ही चेतना की मान्यता है, जिसमें भेदभाव के लिये कोई स्थान नहीं है। सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिये ही एकात्म यात्रा का आयोजन किया गया है। संगोष्ठी का मंथन निश्चय ही इस दिशा में सार्थक पहल होगा। मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय पुलिस अधिकारी सेवा संघ के अध्यक्ष श्री संजय राणा को जन्मदिन की बधाई भी दी। विधानसभा अध्यक्ष श्री सीताशरण शर्मा ने कहा कि शासन का सबसे प्रमुख अंग सुरक्षा बल होते हैं। लोकतांत्रिक शासन प्रणाली जनहित की सबसे अच्छी प्रणाली है। उन्होंने मीट के आयोजन पहल की सराहना करते हुये कहा कि संगोष्ठी के विषयों पर विचार-विमर्श सुशासन के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इसके सकारात्मक परिणाम आयेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दुरूपयोग की समस्या पर भी विचार व्यक्त किये। पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला ने विषय प्रर्वतन किया। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा पुलिस का प्राथमिक दायित्व है। जन अपेक्षाओं को पूरा करने की चुनौती बहुत कठिन कार्य है। आर्थिक और तकनीकी परिवर्तन की चुनौतियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। जनता और पुलिस के मध्य दूरी को पाटने के प्रयास पुलिस द्वारा निरंतर किये जा रहे हैं। मीट के दौरान इन चुनौतियों का सामना करने के लिये कार्यशाला का आयोजन कर युवा और वरिष्ठ अधिकारियों के मध्य संवाद का प्रयास किया गया है। स्वागत उद्बोधन में आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री संजय राणा ने बताया कि संगोष्ठी का आयोजन कट्टरवाद का उदारीकरण : चुनौतियां और सोशल मीडिया के नए आयाम कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौतियां विषयों पर किया गया है। आभार प्रदर्शन अपर महानिदेशक पुलिस श्री व्ही.के. महेश्वरी ने किया। कार्यक्रम संचालन श्री राजेश मिश्रा ने किया।इस अवसर पर भारतीय पुलिस सेवा के वर्तमान और सेवानिवृत्त अधिकारी उपस्थित थे।  

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मुख्यमंत्री  चौहान से निवेशकों की मुलाकात

6250 करोड़ के पूँजी निवेश से बुदनी में मेगा इंडस्ट्रियल टेक्सटाईल हब   एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री निवास पर पाँच उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर प्रदेश में निवेश के प्रस्ताव दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान से ट्राइडेंट ग्रुप, सुजलान एनर्जी, मे. वेकमेट इंडिया लिमिटेड, मे. अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, मे. सनफार्मा लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुलाकात की। इस दौरान वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया और मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में उद्योग मित्र नीति लागू है। उन्होंने निवेशकों से चर्चा के दौरान निर्देश दिये कि प्रदेश में वस्त्र उद्योग को प्रोत्साहन देने की नीति बनायें। सोलर और विण्ड एनर्जी को बढ़ावा दिया जाये। उद्योगों से जुड़े मुद्दों पर निश्चित समय-सीमा में कार्रवाई करें। चर्चा के दौरान ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमेन श्री राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि ट्राइडेंट ग्रुप द्वारा 6250 करोड़ रूपये के पूँजी निवेश से बुदनी में मेगा इंडस्ट्रियल टेक्सटाईल हब बनाया जायेगा जिससे 16 हजार 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। सुजलान एनर्जी के चेयरमेन श्री तुलसी तांती ने बताया कि कम्पनी द्वारा 2 हजार मेगावॉट के सोलर-विण्ड हाइब्रीड पॉवर प्रोजेक्ट की स्थापना का प्रस्ताव है। मे. वेकमेट इंडिया लिमिटेड के सीएमडी श्री डी.सी.अग्रवाल ने विद्युत टैरिफ में छूट की मांग की। मे. अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के प्रतिनिधि श्री अतुल डागा ने बताया कि कम्पनी द्वारा प्रदेश के धार जिले में एक और सीमेंट प्लाण्ट की स्थापना की जा रही है, जिसमें तीन हजार करोड़ रूपये का निवेश संभावित है। मे. सन फार्मा लिमिटेड के प्रतिनिधि श्री मनीष संघवी ने बताया कि कंपनी द्वारा मालनपुर में 200 करोड़ रूपये से नया प्लांट शुरू किया जा रहा है। साथ ही 200 करोड़ रूपये की लागत का सोलर प्लांट भी स्थापित किया जायेगा। सन फार्मा द्वारा अगले तीन वर्ष में मंडला जिले को मलेरिया मुक्त जिला बनाने का पायलट प्रोजेक्ट भी क्रियान्वित किया जा रहा है। चर्चा में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव वाणिज्य एवं उद्योग श्री मो. सुलेमान, प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आई.पी.सी. केसरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल और श्री एस.के. मिश्रा तथा ट्राइफेक के प्रबंध संचालक श्री डी.पी. आहूजा उपस्थित थे।  

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 सपना चौधरी के शो में पथराव

  मुरैना में बिग बॉस फेम हरियाणा की डांसर सपना चौधरी के शो में जमकर हंगामा हुआ। एमएस रोड स्थित दुबे मैरिज गार्डन में सपना चौधरी को देखने के लिए आए लोगों को जब गार्डन में प्रवेश नहीं मिला तो उन्होंने पथराव कर दिया। पथराव में कुछ लोग चोटिल भी हुए। व्यवस्था में लगे चार थानों के एक सैकड़ा से अधिक पुलिस कर्मियों ने भीड़ पर डंडे चलाए। इस दौरान एमएस रोड़ पर दोपहर में दो घंटे तक ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ। कार्यक्रम मंगलवार को दोपहर 2 से 4 बजे के बीच तय था। सपना की लोकप्रियता के चलते समय से पहले ही गार्डन पर खासी भीड़ एकत्रित हो गई। जिससे अव्यवस्था होने लगी। तीन बजे के करीब एक सपना चौधरी मंच पर आईं तो भीड़ अनियंत्रित हो गई और गार्डन में जाने का प्रयास करने लगी। जब पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो भीड़ ने पथराव कर दिया। भीड़ को भगाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर डंडों खदेड़ना पड़ा। कार्यक्रम में स्थिति न बिगड़े इसलिए पुलिस ने करीब सवा 4 बजे सपना को रवाना करवा दिया। आयोजकों ने बताया कि शो में प्रवेश के लिए 500 और हजार स्र्पए के टिकट रखे गए थे। जिनके पास टिकट था वे तो आसानी से कार्यक्रम में पहुंच गए। गार्डन के गेट पर ऐसे लोगों ने हंगामा किया जो मुफ्त में प्रवेश पाना चाह रहे थे। दुबे गार्डन के सामने दो बजे से लेकर साढ़े चार बजे तक भीड़ की वजह से जाम लगा रहा। हालांकि पुलिस ने एक लेन को बंद करवा दिया था, लेकिन दूसरी लेन भी लोगों की भीड़ की वजह से बंद सी रही। ऐसे में वाहनों का जाम लगा रहा।  

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डॉ. नरोत्तम मिश्र

एमपी के जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र से आज निवास पर जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश, इंदौर शाखा के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। भेंट करने वालों में श्री ओमप्रकाश फरकिया, श्री चम्पालाल गुर्जर, श्री राजेन्द्र पुरोहित, श्री ओमप्रकाश जैन, श्री ओम बाबा, श्री संतोष वाजपेयी, श्री घनश्याम सोनी और श्री अशोक बड़गुजर आदि शामिल थे। डॉ. मिश्र से की सौजन्य भेंट  जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र से आज निवास पर मालवा श्रमजीवी पत्रकार संघ, रतलाम के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मालवा श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री लखन गेहलोत, जाट पत्रिका के संपादक श्री गजेन्द्र जाट, संस्कार टुडे के संपादक श्री गोपाल परमार आदि उपस्थित थे। डायरी, कैलेण्डर का विमोचन किया  डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज साप्ताहिक कृषक जगत भोपाल द्वारा प्रकाशित वर्ष 2018 की डायरी का विमोचन किया। इस अवसर पर समाचार पत्र के संपादक श्री सुनील गंगराड़े और संपादकीय सहयोगी श्री राजेश दुबे उपस्थित थे। जनसम्पर्क मंत्री ने निवास पर दैनिक लोकोत्तर, भोपाल द्वारा प्रकाशित वर्ष 2018 के टेबिल कैलेण्डर का भी विमोचन किया। विमोचन अवसर पर अखबार के संपादक श्री विवेक पटैरिया और प्रबंध संपादक श्री कैलाश वाजपेयी उपस्थित थे।  

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मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना

मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना भिण्ड जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के बृजेन्द्र, नरेन्द्र, शिवकुमार, सोनेलाल एवं सुरेन्द्र के लिए जीविकोपार्जन का सशक्त जरिया बन गई है। जिला मुख्यालय भिण्ड के बृजेन्द्र धानुक, नरेन्द्र जाटव निवासी रतनपुरा, शिवकुमार कोरी निवासी वार्ड क्र.11 रेखानगर भिण्ड, सोनेलाल खटीक निवासी इटावा रोड भिण्ड एवं सुरेन्द्र जाटव निवासी भीमनगर भिण्ड कुछ दिन पहले तक रोजगार के लिये इधर-उधर भटर रहे थे। तभी उन्हें अखबारों से जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में अंत्यावसायी कार्यालय से ऑटो रिक्शा, ऑटो लोडिंग और ई-रिक्शा व्यवसाय के लिए ऋण मिल सकता है। तब उन्होंने जिला अन्त्यावसायी कार्यालय में अपने ऋण आवेदन प्रस्तुत किए। बृजेन्द्र और नरेन्द्र ने ऑटो रिक्शा, शिवकुमार ने लोडिंग ऑटो और सोनेलाल एवं सुरेन्द्र ने ई-रिक्शा व्यवसाय के लिए जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति से ऋण स्वीकृत कराए। बृजेन्द्र एवं नरेन्द्र को ऑटो रिक्शा के लिये क्रम्राश: 2 लाख 73 हजार 750 रूपए के स्वीकृत ऋण में अनुदान राशि 82,125 रूपये की अनुदान राशि मिली। शिवकुमार को लोडिंग ऑटो के लिए 2 लाख 64 हजार स्वीकृत ऋण में 79 हजार 200 रूपए की अनुदान सुविधा और सोनेलाल तथा सुरेन्द्र को ई-रिक्शा के लिए क्रम्राश: 1 लाख 70 हजार 900 रूपए के स्वीकृत ऋण में 51 हजार 270 की अनुदान राशि की छूट उपलब्ध कराई गई। कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी ने सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री श्री लाल सिंह आर्य की उपस्थिति में अभी 12 जनवरी को बृजेन्द्र, नरेन्द्र, शिवकुमार, सोनेलाल एवं सुरेन्द्र को क्रम्राश: ऑटो रिक्शा, लोडिंग ऑटो एवं ई-रिक्शा की चाबी सौंपी।

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नई बाघिन बच्चों के साथ भोपाल पहुंची

दो शावकों के साथ एक बाघिन राजधानी भोपाल से सटे केरवा के जंगल तक पहुंच गई है। इसके चलते जंगल में पहले से घूम रहे बाघों के साथ उसकी भिड़ंत का खतरा बढ़ गया है। यह बाघिन नई है जो दिसंबर 2017 के आखिरी में कठौतिया के जंगल में देखी गई थी। जिसे रातापानी की तरफ से आना बताया जा रहा है। फिलहाल वन विभाग ई-सर्विलांस टॉवर की मदद से दोनों शावक और बाघिन पर नजर रखें हुए हैं। वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बाघिन को उसके शावकों के साथ केरवा-कलियासोत के जंगल में घूमते देखा गई है। उसके साथ घूम रहे दोनों शावकों की उम्र 2 से 6 महीने की बताई जा रही है। सूत्रों की माने तो यही बाघिन दिसंबर 2017 के आखिरी सप्ताह में कठौतिया के जंगल में शावकों के साथ देखी गई थी लेकिन कठौतिया के जंगल में पहले से बाघिन टी-21 अपने शावकों के साथ ढेरा डाल हुई थी। इसके कारण दो शावकों के साथ पहुंची बाघिन जंगल छोड़कर केरवा-कलियासोत के जंगल में पहुंच गई। बीते एक साल से केरवा-कलियासोत के जंगल में बाघिन टी-123 और बाघ टी-121 घूम रहे हैं। एक महीने पहले सबसे उम्रदराज बाघ टी-1 भी आ चुका है। ऐसे में नई बाघिन व उसके दोनों शावकों को पहले से घूम रहे बाघों से खतरा भी हो सकता है। वन्यप्राणी विशेषज्ञ आरके दीक्षित का कहना है जब भी बाघिन के साथ शावक होते हैं तो उसे दूसरे बाघों से खतरा हो सकता है। वन विभाग को इसकी कड़ी मॉनीटरिंग करनी चाहिए।   

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भोपाल कांग्रेस

भोपाल कांग्रेस ने अध्यापकों और दिव्यांगों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए सोमवार को अपने दो नेताओं अशोक गायकवाड़ और मुजाहिद सिद्दीकी का मुंडन करा दिया। साथ ही रोशनपुरा चौराहे से राजभवन तक पैदल मार्च भी किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की संख्या से ज्यादा मीडियाकर्मी व पुलिसकर्मियों की संख्या नजर आई। जिला कांग्रेस ने अध्यापकों व दिव्यांगों की मांगों के समर्थन में रोशनपुरा चौराहा से राजभवन तक पैदल मार्च किया। प्रदर्शन में जिला कांग्रेस के शहर अध्यक्ष पीसी शर्मा, कैलाश मिश्रा, विभा पटेल, आभा सिंह, योगेंद्र सिंह चौहान गुड्डू आदि मार्च करते हुए राजभवन पहुंचे। यहां निकास द्वार तक पहुंचने के लिए उन्हें पुलिस से धक्का-मुक्की करनी पड़ी। बाद में कार्यकर्ताओं ने प्रवेश द्वार की तरफ दौड़ लगा दी, इस पर पुलिसकर्मी के हाथ-पैर फूल गए। काफी जद्दोजहद के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रवेश द्वार के बाहर की धरना दिया। आखिर में उन्होंने अध्यापकों व दिव्यांगों की मांगों का समर्थन करते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें उनकी मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की गई।  

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पुरातत्ववेत्ता विष्णु श्रीधर वाकणकर

  मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव संस्कृति  मनोज श्रीवास्तव एवं जनसम्पर्क आयुक्त पी. नरहरि ने स्वराज भवन में प्रख्यात कला गुरु और पुरातत्ववेत्ता पद्मश्री विष्णु श्रीधर वाकणकर पर केन्द्रित दस्तावेजी पुस्तक 'मालवा की कला-विभूति- पद्मश्री विष्णु श्रीधर वाकणकर'' का संयुक्त रूप से लोकार्पण किया। अटल बिहारी हिन्दी विश्वविद्यालय के आचार्य श्री रामदेव भारद्वाज ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। वरिष्ठ साहित्कार श्री कैलाशचन्द्र पंत कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थे। पुस्तक में डॉ. वाकणकर के व्यक्तित्व और कृतित्व के प्राय: सभी पक्षों का समावेश है। वरिष्ठ पुरातत्व वेत्ता पं. नारायण व्यास ने आभार व्यक्त किया। समारोह में कला, साहित्य और पुरातत्व विषय के जानकार विशिष्टजन के साथ-साथ डॉ. वाकणकर की वरिष्ठ शिष्या डॉ. पुष्पा चौरसिया (उज्जैन) भी मौजूद थीं।  

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सूर्य नमस्कार

स्वामी विवेकानंद के जन्म दिन पर पूरे प्रदेश में हुआ सामूहिक सूर्य नमस्कार   स्वामी विवेकानंद जयंती पर आज पूरे प्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया। सभी जिलों में उत्साहपूर्वक स्कूली बच्चों, गणमान्य नागरिकों और सभी सम्‍प्रदायों के लोगों ने सामूहिक सूर्य नमस्कार में भाग लेकर सूर्य की आराधना की। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी भोपाल में लाल परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में भाग लिया । यह सामूहिक सूर्य नमस्कार का ग्यारहवां आयोजन है। उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानन्द के जन्म दिन को प्रदेश में युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सभी शिक्षण संस्थाओं में स्वामी जी के व्यक्तित्व और उनके वेदांत दर्शन की व्याख्याओं पर आधारित शैक्षणिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती को पूरे प्रदेश में युवा उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होने कहा कि स्वामी विवेकानंद का साहित्य सकारात्मक कार्य करने की ऊर्जा और प्रेरणा देता है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का संदर्भ देते हुए श्री चौहान ने कहा कि स्वामीजी के विचार प्रेरणा के अनन्य स्त्रोत हैं। श्री चौहान ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है। समाज में अच्छे काम करने के लिये तन और मन का स्वस्थ होना जरूरी है। उन्होने कहा कि भारत के ऋषियों-मुनियों ने अपने वर्षों के संचित ज्ञान से योग का सबसे सरल व्यायाम सूर्य नमस्कार का आविष्कार कर हमें सौंपा है। उन्होने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे सूर्य नमस्कार को सिर्फ एक दिन नहीं बल्कि हर दिन करें। इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। उन्होने कहा कि विश्व के सभी देशों ने योग की शक्ति और महत्व को स्वीकार किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल से पूरे विश्व में 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है। पिछले साल 172 देशों ने विश्व योग दिवस पर योग करने का संकल्प लिया। योग करें, स्वस्थ रहें, खूब पढ़े श्री चौहान ने विद्यार्थियों से कहा कि दसवीं, ग्यारहवीं, बारहवीं की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। खूब मन लगाकर पढ़ें और अच्छे नम्बर लाकर राष्ट्रीय शैक्षणिक संस्थानों में जायें। पढ़ाई का खर्चा सरकार उठायेगी। श्री चौहान ने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे खूब योग करें और खूब पढ़ाई करें, स्वस्थ रहें, अपने माता पिता का आदर करें, शिक्षकों का आदर करें। उन्होने योग विज्ञान के अनुसार स्वस्थ रहने के तरीकों को साझा करते हुए कहा कि जितना जरूरी और हितकारी हो, उतना भोजन करें। भूख से थोड़ा कम भोजन करें और मौसम के अनुसार फल, सब्जी को भोजन में शामिल करें। पिज्जा बर्गर से दूर रहें। मुख्यमंत्री ने देवी सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर फूल चढ़ाए। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी, सांसद श्री आलोक संजर, मेयर श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री सुरेन्द्र नाथ सिंह और गणमान्य नागरिकों ने सामूहिक सूर्य नमस्कार में भाग लिया।  

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पर्यटन विभाग में प्रचार-प्रसार के लिए 300 करोड़ स्वीकृत

  मंत्रि-परिषद के निर्णय  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री तेंदूपत्ता संग्राहक कल्याण दुर्घटना सहायता योजना का अनुमोदन किया गया। मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक तीन वर्ष के लिए 12 करोड़ 45 लाख रूपये के व्यय को सैद्वांतिक सहमति दी। मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय पेंशन योजना के अंतर्गत राज्य के कर्मचारियों को मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान तथा पेंशन धन से प्रत्याहरण का लाभ प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।इसके अंतर्गत राज्य शासन के अधीन सिविल सेवा एवं सिविल पदों पर 1 जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त शासकीय सेवकों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1976 के नियम 44 के प्रावधानों के अधीन मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति उपादान स्वीकृत किया जा सकेगा।साथ ही भारत सरकार पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण की अधिसूचना 11 मई 2015 के प्रावधानों में वर्णित परिस्थितियों, शर्तो और सीमा में संचित पेंशन धन राशि से आहरण की सुविधा तथा सेवानिवृत्ति के 3 माह पूर्व अंशदान कटौत्रा बंद किया जायेगा। मंत्रि-परिषद ने बुरहानपुर, अनूपपुर, अशोकनगर, आगर-मालवा जिला मुख्यालयों में मलेरिया अधिकारी के नवीन कार्यालयों तथा उनमें 84 पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की। मंत्रि-परिषद ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन 41 जिला मुख्यालयों पर छात्रावास की स्थापना तथा उनमें विद्यार्थियों को नि:शुल्क भोजन और आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराने हेतु इस वर्ष 52 करोड़ 42 लाख रुपए तथा आगामी तीन वर्षों के लिए 384 करोड़ 64 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की। सर्व-शिक्षा अभियान के अंतर्गत अपूर्ण शाला भवनों को पूर्ण करने के लिए वर्ष 2017-18 से 2018-19 तक 9 करोड़ 72 लाख 97 हजार रूपये के व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई।   मंत्रि-परिषद ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित ''विद्यार्थी कल्याण सहायता योजना'' को वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक संचालन की निरंतरता को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रि-परिषद ने पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों को अम्ब्रेला स्कीम में शामिल करते हुए पर्यटन क्षेत्र में प्रचार-प्रसार के लिए आगामी तीन वर्षों हेतु 300 करोड़ रुपए निर्धारित किये।   मंत्रि-परिषद ने राज्य में स्थापित उद्यमों द्वारा उत्पादित उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए उम्मों के अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक 18 करोड 33 लाख रुपए के व्यय को अनुमोदन प्रदान किया।   मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा क्रियान्वित की जा रही समूह जल प्रदाय योजनाओं के कार्यों के ॠण के लिए राज्य की अंशपूंजी में निवेश की योजना को वर्तमान केंद्रीय वित्त आयोग के कार्यकाल 31 मार्च 2020 तक निरंतर रखने को अनुमोदन प्रदान किया।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम को वर्तमान केन्द्रीय वित्त आयोग के कार्यकाल दिनांक 31 मार्च 2020 तक निरंतर रखने को मंजूरी भी दी गई। इसी क्रम में मंत्रि-परिषद ने शहडोल जिले की 106 करोड़ 43 लाख रुपए लागत की सतही जल स्त्रोत (सोन नदी ) आधारित बाण सागर समूह जल प्रदाय योजना को प्रशासकीय अनुमोदन प्रदान किया।इससे विकासखंड ब्यौहारी के 61 ग्रामों में घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश की 9 समूह जल-प्रदाय योजनाओं क्रमश: सतना-बाणसागर (भदनपुर-परसमनिया), दमोह-पटेरा जिला दमोह, कुण्डलिया, मोहनपुरा, पहाड़गढ़ जिला राजगढ़, कंदेला जिला रीवा, पायली जिला जबलपुर, नरसिंहपुर एवं सिवनी, गढ़ाकोटा जिला सागर तथा पवई बांध जिला पन्ना के क्रियान्वयन के लिए नेशनल डेव्लपमेंट बैंक से वित्त पोषण प्राप्त करने के प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया गया।इस परियोजना की कुल लागत 45 करोड़ 12 लाख रुपए है।इन योजनाओं को आगामी चार वर्षों में पूर्ण किया जाना है।इससे 3 हजार 467 ग्रामों में घर-घर नल कनेक्शन से पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। मंत्रि-परिषद ने मत्स्य बीज मांग की सतत पूर्ति के लिए संचालित योजना को वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक आगामी तीन वर्ष के लिए 36 करोड़ 44 लाख 80 हजार रुपए के वित्तीय प्रावधान को स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर पर नि:शुल्क पुस्तकों के लिए 1500 रुपए प्रति विद्यार्थी तथा नि:शुल्क स्टेश्नरी के लिए 500 रुपए प्रति विद्यार्थी की दर से प्रदाय करने के लिए तीन वर्ष में 76 करोड़ 93 लाख 55 हजार रुपए के व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद ने ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण को कन्वेंशन एंड एग्जिविशन सेंटर निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2019-20 के मध्य 4 करोड़ रुपए के अनुमानित व्यय को अनुमोदन प्रदान किया। साथ ही खेल और युवा कल्याण विभाग की खेल अकादमियों की अधोसंरचना के लिए वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक रुपए 236 करोड़ 56 लाख 92 हजार रुपए की अनुमति प्रदान की।साथ ही स्टेडियम एवं खेल अधोसंरचना के लिए आगामी तीन वर्ष में 163 करोड 1 लाख 75 हजार रुपए के व्यय की स्वीकृति भी प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत स्वशासी महाविद्यालयों में शैक्षणिक संवर्ग के लिए आदर्श सेवा नियम 2018 को अनुमोदित किया। बैठक में कपास पर दी जा रही एक प्रतिशत मंडी फीस में छूट को 8 जनवरी 2018 से आगामी एक वर्ष तक के लिए बढ़ाने का निर्णय भी लिया।  

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मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान

  वाजिब मूल्य और नगद भुगतान व्यवस्था से किसानों को मिली राहत   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों की खुशहाली के लिए समय-समय पर कई योजनाएँ प्रांरभ की हैं। इन योजनाओं से मौसम के प्रभाव (जैसे अल्प वर्षा, अति वर्षा, ओला वृष्टि) बिचौलियों के दबाव, धनाभाव में स्थानीय साहूकारों के चँगुल में फँसे किसानों को राहत और सुरक्षा कवच जैसा एहसास हुआ है। मध्यप्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार ने 16 अक्टूबर 2017 से भावांतर भुगतान योजना लागू की है। योजना में किसानों का ऑनलाइन पंजीयन एक सितम्बर से प्रारंभ किया गया। योजना में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द तथा तूअर कृषि उपज शामिल की गयीं है। योजना से किसानों को पहुँच रहे लाभ और सफलता को देखते हुए हरियाणा सहित अन्य राज्य इसे अपना रहे हैं। ऐसे होती है भावांतर की गणना प्रदेश के किसानों को देय राशि की गणना में प्रावधान किया गया है कि यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम किन्तु राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से अधिक हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्य के अंतर की राशि किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। यदि किसान द्वारा मण्डी समिति परिसर में विक्रय की गयी अधिसूचित फसल की विक्रय दर राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से कम हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि ही किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अपील पर एक ही दिन (12 अक्टूबर) में साढ़े 6 लाख से अधिक किसानों ने योजना में अपना पंजीयन कराया। राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर पंजीयन करवाने की तिथि में शिथिलता की ताकि अधिकाधिक किसान योजना के लाभार्थी हो सकें। आज की स्थिति में योजना में 23 लाख किसान पंजीबद्ध हैं। भावांतर भुगतान योजना भावांतर भुगतान योजना में राज्य शासन ने एक और किसान हितैषी निर्णय लेते हुए एक नवम्बर से 30 नवम्बर के दौरान बेची गई अधिसूचित फसलों के लिये नवीन औसत मॉडल दरें घोषित की और सभी कलेक्टर को नवीन दरों के अनुसार पंजीकृत किसानों से अधिसूचित मंडियों में खरीदी गई अधिसूचित फसलों के लिये भावांतर राशि के भुगतान के निर्देश दिये। इस अवधि के लिये तालिकानुसार दरें प्रभावी होंगी। राज्य शासन ने भावांतर भुगतान योजना में मण्डी प्रांगण के बाहर घोष क्रय-विक्रय कराने के लिए जिला कलेक्टर को अधिकृत किया। ऐसे स्थान, जो कृषि उपज मण्डी/उप मण्डी के लिए अधिसूचित प्रांगण नहीं हैं वहाँ पर संबंधित जिला कलेक्टर योजना की जिला-स्तरीय समिति से सत्यापन कराने के बाद विशेष प्रांगण घोषित कर सकते हैं। व्यापक कृषक हित में कृषक उपज मण्डी के प्रांगण के रूप में उपयोग करने की आवश्यकता वाले स्थानों को ही विशेष प्रांगण घोषित किया जा सकेगा। विशेष मण्डी प्रांगण घोषित करने के लिए आवश्यक होगा कि प्रांगण में न्यूनतम 5 क्रियाशील व्यापारी हों, जिनके नाम पर लायसेंस क्रमांक हो। साथ ही प्रांगण में न्यूनतम एक मण्डी निरीक्षक, चार सहायक उप निरीक्षक कार्यरत हो तथा प्रांगण में पारदर्शी घोष विक्रय, डिजिटल तौल एवं भुगतान की उचित व्यवस्था हो। कृषकों के भुगतान पर किसी भी प्रकार की कटौती जैसे तुलाई/हम्माली एवं अन्य कमीशन आदि नहीं की जा रही है। ऐसे विशेष प्रांगणों को उसकी संबंधित मूल मण्डी/उप मण्डी के अधिसूचित प्रांगण के अंतर्गत ही माना जाएगा। ऐसे विशेष प्रांगणों में होने वाली कृषि विपणन आवक, क्रय-विक्रय तथा मण्डी फीस से प्राप्त आय को बाहरी प्रांगण/साप्ताहिक हाट-बाजार के रूप में उल्लेख कर मूल मण्डी में दर्ज कर पोर्टल में गणना में लिया जाएगा। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में है भुगतान समिति भावांतर राशि किसानों के खाते में जमा करने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। इसमें कृषि, सहकारिता, नागरिक आपूर्ति, लीड बैंक, जिला सूचना अधिकारी एवं मंडी सचिव को शामिल किया गया है। यह समिति प्राप्त राशि को बैंक अकाउन्ट में रखकर भावांतर योजना की राशि का किसान के खाते में सीधे डिजिटल भुगतान कर रही है। योजना में शामिल होकर लाभ लेने के लिए प्रदेश के 23 लाख किसानों ने अपना पंजीयन करवाया। अधिसूचित 257 मंडियों में अब तक 7 लाख किसानों ने अपनी कृषि उपज का विक्रय किया। इन किसानों को करीब 903 करोड़ की राशि का भुगतान उनके बैंक खातों के माध्यम से किया जा चुका है। दो लाख तक के भुगतान में आयकर नियम बाधक नहीं प्रारंभ में किसानों को अपनी उपज विक्रय से नकद राशि का भुगतान प्राप्त न होना, योजना के क्रियान्वयन में बड़ी कठिनाई साबित हो रहा था। राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना की जानकारी देते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री से भुगतान में व्याप्त शंकाओं के समाधान का आग्रह किया। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने अनाज व्यापारियों की शंकाओं का समाधान करते हुए स्पष्ट किया है कि आयकर नियमों के अंतर्गत अनाज व्यापारी किसान से उसकी उपज की खरीदी के विरुद्ध 2 लाख रुपये तक का भुगतान नगद कर सकते हैं। भुगतान की इस कार्यवाही में आयकर नियम बाधक नहीं होंगे। किसानों को परिवहन व्यय और गोदाम भण्डारण अनुदान भी भावांतर भुगतान योजना के लिए गठित उप समिति ने किसानों से प्रत्यक्ष सम्पर्क और योजना की संचालन प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न आवश्यकताओं को देखते हुए इस अवधि में परिवहन व्यय, गोदाम भण्डारण अनुदान राशि और नवीन दरें जैसे निर्णय भी लिए। किसानों को अपनी कृषि उपज के भण्डारण के लिए 9 रूपये 90 पैसे प्रति क्विंटल, प्रतिमाह का अनुदान दिया जा रहा है। प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों को खरीफ-2017 के लिये चिन्हित 8 जिन्सों को बेचने के लिये अगर खेत से 15 किलोमीटर या इससे अधिक दूरी पर स्थित कृषि उपज मण्डी/उप मण्डी तक फसल ले जाना पड़ेगा तो उसे प्रति किलोमीटर के आधार पर परिवहन व्यय मिलेगा। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा इस आशय के विस्तृत निर्देश जारी किये गये हैं। परिवहन दर का निर्धारण जिला कलेक्टर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी तथा जिला स्तर की मण्डी के सचिव की समिति करती है। परिवहन व्यय की राशि का भुगतान मण्डी निधि से किया जाता है।। मध्यप्रदेश में 'भावांतर' योजना के अंतर्गत पंजीकृत लाखों किसान अपनी फसल का वाजिब मूल्य पाने के लिए निश्चिंत हैं। उन्हें अब यह भय नहीं है कि व्यापारी ओने-पोने दाम में उनकी फसल खरीदकर मेहनत का मोल प्राप्त नहीं होने देगा।  

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उज्जैन में तीन दिवसीय शैव महोत्सव

भगवान शिव ही भारत के आदि देव हैं शुद्ध भाव से हर-हर महादेव कहने से शिव की उपासना पूरी होती है : शंकराचार्य श्री दिव्यानन्द तीर्थ  उज्जैन में तीन दिवसीय शैव महोत्सव का शुभारंभ  भानपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी श्री दिव्यानन्द तीर्थ ने कहा है कि भगवान शिव भारत के आदि देव हैं। शुद्धभाव से हर-हर महादेव कहने से ही शिव की उपासना पूर्ण होती है। महाकाल की नगरी में आयोजित शैव महोत्सव प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय है। यह विश्व को एक नई दिशा प्रदान करेगा। शंकराचार्य स्वामी दिव्यानन्द तीर्थ तीन दिवसीय शैव महोत्सव का शुभारंभ कर रहे थे। स्वामी दिव्यानन्द तीर्थ ने कहा कि भारत जैसा कोई दूसरा देश नहीं है, जहाँ के लोगों को गीता का अमृत उपदेश मिला। इसके पूर्व भानपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी श्री दिव्यानन्द तीर्थ, डॉ.मोहनराव भागवत, मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान, आचार्य महामण्डलेश्वर विश्वात्मानन्द, महामण्डलेश्वर विशोकानन्दजी, महामण्डलेश्वर श्री भवानीनन्दन यतिजी, महामण्डलेश्वर सबिदानन्दजी, महामण्डलेश्वर ब्रम्हयोगानन्दजी एवं महामण्डलेश्वर पुण्यानन्दजी महाराज ने दीप जला कर महोत्सव का शुभारंभ किया। महोत्सव आयोजन की स्वागत समिति के अध्यक्ष एवं केन्द्रीय सिंहस्थ समिति के अध्यक्ष श्री माखनसिंह भी मौजूद थे। हमारी संस्कृति के पदचिन्ह दुनिया में मिलते हैं : डॉ. मोहन भागवत उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि हमारी संस्कृति के पदचिन्ह दुनियाभर में मिलते हैं। विष पीकर अमर होने वाला देश भारत ही हो सकता है। हमारा कर्त्तव्य बनता है कि दुनिया को राह दिखाने का काम करें। शिव का पहला नाम रूद्र है, रूद्र का अर्थ है शक्ति। बिना शक्ति के शिव होने का कोई मतलब नहीं है। दुनिया की सारी दुष्ट शक्तियों को भस्म करने वाले रूद्र ही शिव हैं। हम लोगों को शक्ति की उपासना करना पड़ेगी। शारीरिक ताकत ही सबकुछ नहीं होती, उसके साथ आन्तरिक ताकत भी होना आवश्यक है। हमको भौतिक बल से साथ आध्यात्मिक बल-सम्पन्न संवेदनशील समाज बनाना पड़ेगा। दक्षिण में शिव की भभूति लगाकर बिना स्नान के भी चल सकता है। मन में कोई विकार नहीं है तो शिव का प्रतीक भस्म लगाने से तन और मन पवित्र हो जाता है। शिव भगवान अत्यन्त शातिपूर्वक बर्फीले टीले पर बैठकर आराधना पूरी करते हैं और वहीं से दुनिया को देखते हैं। शिव के समान आन्तरिक एवं बाह्य पवित्रता का वरण करने वाले को ही रूद्र की शक्ति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और व्यक्तिगत चरित्र शिव के समान होना चाहिये। शांति के लिए युद्ध नहीं करना पड़ता है। इसके लिये सम्पूर्ण स्वार्थ का त्याग करना होता है। हम लोगों का दायित्व है कि हम शिव को समझें। सम्राट विक्रमादित्य ने 2100 वर्ष पूर्व शैव महोत्सव प्रारंभ किया था। आज से आयोजित शैव महोत्सव आम जन में शिवत्व की प्रेरणा जगाएगा। डॉ. भागवत ने कहा कि भगवान राम ने उत्तर से दक्षिण को, भगवान कृष्ण ने पूर्व से पश्चिम को जोड़ने का काम किया किन्तु भगवान शिव सम्पूर्ण भारत के कण-कण में विद्यमान है। हिमालय के दोनों ओर सागर तट तक फैली हुई भूमि में शिव का पूजन किया जाता है। सम्पूर्ण दुनिया को जीवन जीने की कला सिखाने वाली भारतीय संस्कृति विश्वव्यापी है। उन्होंने कहा कि कई वर्षो पूर्व जब वे केन्या गए थे तब वहां उन्होंने भगवान शिव के स्वयंभू लिंग के दर्शन किए। इसी तरह तंजानिया और केन्या के बीच फैले विक्टोरिया सरोवर के किनारे भी शिव के दर्शन हुए। विश्व को शान्ति मार्ग भारत ही दिखायेगा – चौहान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दुनिया के विकसित देशों में जब सभ्यता का विकास ही नहीं हुआ था, तब हमारे भारत में वेदों की ऋचाएँ रच ली गई थीं। विश्व को शान्ति का मार्ग भारत ही दिखायेगा। उन्होंने कहा कि भगवान शिव भारत ही नहीं सृष्टि के कण-कण में विराजित हैं। शैव महोत्सव की प्राचीन परम्परा जारी रहना चाहिये। उज्जैन से प्रारम्भ हुआ शैव महोत्सव द्वादश ज्योतिर्लिंगों तक जायेगा। थोड़ी-सी पूजा में प्रसन्न होने वाले भगवान शंकर ही हैं। उनका श्रृंगार भस्म से हो जाता है और भोग में भांग व धतूरा चलता है। श्री चौहान ने कहा कि भगवान शंकर ऐसे व्यक्तियों को स्वीकार करते हैं, जिनको दुनिया ठुकरा देती है। समुद्र मंथन में निकले विष को धारण करने वाले देव नीलकंठ कहलाये। सबको साथ लेकर चलने वाले, सबको प्रेम करने वाले एकमात्र भगवान शंकर हैं। भगवान शंकर सामाजिक समरसता का सन्देश देने वाले हैं। शैव महोत्सव सामाजिक समरसता का सन्देश देने का कार्य करेगा। दुनिया को अगर बचाना है तो भारतीय संस्कृति को बचाना होगा। एकात्म यात्रा हो या शैव महोत्सव, दोनों का सन्देश यही है कि सारे भेद मिटाते हुए समाज को जोड़ा जाये। विश्व में आज जिस तरह का टकराव सामने आ रहा है, इस समस्या को दूर करने का उपाय भारतीय संस्कृति करेगी। सभी सुख से रहें और सभी निरोगी रहें, हमारी संस्कृति की यही मूल भावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनसे जब अमेरिका में प्रश्न पूछा गया कि 'भारत देश का विचार क्या है? तो उन्होंने जवाब दिया 'सत्यमेव जयते' एवं 'वसुधैव कुटुम्बकम' देश का विचार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का काम विकास करना तो है ही लोगों की जिन्दगी भी बनाना आवश्यक है, इसलिये नर्मदा सेवा, एकात्म यात्रा एवं शैव महोत्सव जैसे आयोजन करना आवश्यक है। डाक टिकिट का विमोचन भारतीय डाकतार विभाग द्वारा शैव महोत्सव-2018 विषय पर डाक टिकिट जारी किया गया। डाक टिकिट का विमोचन अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर भारतीय डाकतार विभाग के श्री राकेश कुमार, सुश्री प्रीति अग्रवाल एवं श्री बीएस तोमर मौजूद थे। डाकतार विभाग द्वारा विशेष कवर, जिसमें महाकाल शिखर का चित्र है, भी जारी किया गया। द्वादश ज्योतिर्लिंग पर विशेष 12 पोस्टकार्ड भी जारी किये गये एवं सम्राट विक्रमादित्य द्वारा आयोजित प्रथम शैव उत्सव की स्मृति के रूप में प्राप्त हुई मुद्रा, जिसमें ब्राह्मी लिपि में शैव महोत्सव का विवरण अंकित है, के डाक टिकिट का भी विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। श्री मुले को महाकालेश्वर वेद अलंकरण सम्मान वर्ष 2017 के लिये महाकालेश्वर वेद अलंकरण महाराष्ट्र के वेदमूर्ति श्री दुर्गादास अम्बादास मुले को दिया गया। अलंकरण में श्री मुले को डॉ.मोहन भागवत एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एक लाख रूपये का चेक, रजत पत्र एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति के सदस्य श्री विभाष उपाध्याय ने श्री मुले का प्रशस्ति-वाचन करते हुए बताया कि महाराष्ट्र में जन्मे श्री मुले को पूर्व में आदर्श वैदिक धनपाठी एवं अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इन्होंने 1200 से अधिक विद्यार्थियों को अपनी संस्था में विद्याध्यन कराया है। इनके द्वारा 1985 से अनवरत वेद पाठशाला एवं वेद विद्या का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री माखनसिंह चौहान, श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के सदस्य श्री विभाष उपाध्याय, श्री प्रदीप पुजारी, श्री जगदीश शुक्ला एवं प्रशासक श्री अवधेश शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक डॉ.मोहन यादव, यूडीए अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, श्री श्याम बंसल, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद थे। संचालन श्री मयंक शुक्ला ने किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महोत्सव में आये स्थानीय साधु-सन्तों एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग से आये अतिथियों का स्वागत पुष्पहार एवं श्रीफल भेंट कर किया।  

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राकेश पाठक

  वरिष्ठ पत्रकार व कवि डॉ राकेश पाठक को "कर्मवीर" के 'प्रधान संपादक' का दायित्व सौंपा गया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दादा माखनलाल चतुर्वेदी सन 1920 में प्रारम्भ "कर्मवीर" के संस्थापक संपादक थे। वर्तमान में पद्मश्री विजयदत्त श्रीधर के पास 'कर्मवीर' का सर्वाधिकार है। श्रीधर जी ने 'कर्मवीर' का दायित्व डॉ पाठक को सौंपा है। पहले चरण में "कर्मवीर" न्यूज़ पोर्टल/ वेबसाइट के रूप में अगले कुछ दिनों में प्रारम्भ होगा। 'कर्मवीर' पत्रिका का प्रकाशन विवेक श्रीधर के संपादन में नियमित हो रहा है। अगले चरण में 'कर्मवीर' अख़बार के रूप में पुनः प्रकाशित होगा। उल्लेखनीय है कि डॉ राकेश पाठक नईदुनिया, नवभारत, नवप्रभात,प्रदेशटुडे जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में वर्षों तक संपादक रहे हैं। इसके अलावा न्यूज़ पोर्टल "डेटलाइन इंडिया" के 'प्रधान संपादक' रहे। 'सांध्य समाचार' से पत्रकारिता शुरू करने वाले डॉ पाठक ने स्वदेश, सांध्यवार्ता, आचरण, लोकगाथा आदि अखबारों में भी काम किया। उनकी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकीं हैं। हाल ही में डॉ पाठक को उनके कविता संग्रह "बसंत के पहले दिन से पहले" के लिए राष्ट्रीय स्तर का "हेमंत स्मृति कविता सम्मान" देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा अनेक सम्मान और पुरस्कार उन्हें मिल चुके हैं।

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फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. कॉन्क्लेव

  अप्रवासीय भारतीयों की समस्याओं के समाधान के लिये  एनआरआई सेल का गठन होगा :  चौहान    फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. कॉन्क्लेव का समापन “इंदौर घोषणा पत्र’’ के साथ करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के अप्रवासी भारतीयों की समस्याओं के समाधान के लिये एनआरआई सेल का गठन करेगी, जो सिंगल विन्डो के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. से प्रदेश के ब्रान्ड एम्बेसेडर के रूप में काम करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि जो लोग देश और विदेश में उल्लेखनीय कार्य कर प्रदेश को गौरवान्वित करेंगे, उन्हें मध्यप्रदेश सरकार प्रति वर्ष “मध्यप्रदेश रत्न’’ का अवार्ड प्रदान करेगी।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उनकी 2015 में की गई अमेरिका यात्रा के बाद फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. कान्क्लेव आयोजित करने का विचार आया था। इसी कड़ी में इस कान्क्लेव का आयोजन किया गया है। यह प्रक्रिया आगे भी जारी रखी जायेगी। अगले वर्ष 2019 में जनवरी माह की 4 एवं 5 तारीख को कान्कलेव आयोजन पुन: किये जाने की घोषणा भी की। श्री चौहान ने कहा कि इस समिट में आये 23 देशों के मित्रों द्वारा जो सुझाव और प्रस्ताव दिये गये है, उन्हें एकजाई करने का काम किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. से सुझाव आमंत्रित करने के लिये एक पोर्टल भी बनाया जायेगा, जिसमे “टेलेंट-कूल्स’’ भी बनाया जायेगा, जिसके माध्यम से विषय विशेषज्ञ अपने सुझाव दे सकेंगे, जिनका परीक्षण कर सरकार उन पर अमल करेगी। मुख्यमंत्री ने प्रति माह मध्यप्रदेश की गतिविधियों से फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. को अवगत कराने के लिये एक न्यूज लेटर जारी करने तथा सभी प्रदेश के एन.आर.आई का डाटाबेस तैयार करने की बात भी कही।   मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य देशों में फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. चेप्टर गठित किये जायेंगे। उन्होंने चेप्टर के माध्यम से उन देशों में विभिन्न कार्यक्रम के आयोजन करने की सलाह भी दी और कहा कि अगर आप लोग हमें आमंत्रित करेगे तो वह स्वयं या प्रदेश के प्रतिनिधि उसमें अवश्य भागीदारी दर्ज करायेंगे। मुख्यमंत्री ने  फ्रेण्ड्स ऑफ एम.पी. के सदस्यों से उनके देशों में एक नवम्बर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने तथा 2 जुलाई को पर्यावरण संरक्षण के लिये पौधरोपण करने की सलाह भी दी।  कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने अपनी बात  ‘एहसान मेरे दिल पर तुम्हारा है दोस्तों ये दिल तुम्हारे प्यार का मारा है दोस्तों’’ गीत सुनाकर की। इस अवसर पर प्रदेश के उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग, महापौर इंदौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, प्रमुख सचिव उद्योग श्री मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस.के. मिश्रा, आयुक्त जनसम्पर्क श्री पी.नरहरि सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण उपस्थित थे।   

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मध्यप्रदेश में आनंद मंत्रालय

  मुख्यमंत्री श्री चौहान फ्रेन्ड्स ऑफ एमपी कॉन्क्लेव के सत्र में     एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हमारी सरकार ने प्रदेश में विकास के साथ-साथ लोगों में खुशी की भावना को मजबूत करने के लिये आनंद मंत्रालय का गठन कर विशेष पहल की है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बढ़ते तनाव के बीच में लोगों के चेहरे पर खुशी देखना बड़ी चुनौती के समान है। श्री चौहान ने कहा कि 14 जनवरी से 20 जनवरी तक प्रदेश में प्रत्येक पंचायत स्तर पर आनंद उत्सव मनाया जायेगा। इस उत्सव में सभी वर्ग व सभी उम्र के व्यक्तियों को शामिल किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज इंदौर में फ्रेन्ड्स ऑफ एमपी कॉन्क्लेव के दूसरे दिन “मध्यप्रदेश विजन वर्ष 2022’’ के सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। सत्र में कॉन्क्लेव में आये विदेशों में बसे मध्यप्रदेशवासियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछले साल प्रदेश में व्यापक जनभागीदारी से नर्मदा सेवा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा मध्यप्रदेश की जीवन रेखा कही जाने वाली नर्मदा नदी के संरक्षण के लिये आयोजित की गई। पिछले वर्ष नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर करीब सात करोड़ पौधारोपण किया गया। पौधारोपण में फलदार पौधों का चयन किया गया, जो आगे चलकर किसानों की आय बढ़ाने में काफी मददगार साबित होगा। नर्मदा सेवा यात्रा मध्यप्रदेश सरकार की पर्यावरण संरक्षण की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। सत्र के प्रारंभ में प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री विवेक अग्रवाल ने वर्ष 2022 के लिये तैयार किया गया विजन डाक्यूमेंट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था में प्रदेश की कृषि का 30 प्रतिशत योगदान है। महिला साक्षरता की दर में वर्ष 2005-06 के बाद 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय पिछले 11 वर्षों में 200 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। पर्यटन के मामले में भी प्रदेश में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है। स्वच्छ मध्यप्रदेश के संबंध में जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्ष 2022 तक प्रदेश में समग्र रूप से सूखे और गीले कचरे का पूरी तरह से प्रबंधन कर लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि जबलपुर में कचरे से बिजली उत्पन्न करने का स्मार्ट यूनिट लगाया जा चुका है।  प्रमुख सचिव ने बताया कि इंदौर-भोपाल और चंबल एक्सप्रेस-वे सड़क का कार्य किया गया है। प्रदेश में किसानों को आर्थिक रूप से सुरक्षा देने के लिये भावान्तर भुगतान योजना को प्रदेश में सबसे पहले लागू किया गया है। कृषि उपकरणों को किसानों तक पहुंचाने के लिये पीपी मोड पर हायर सेंटर शुरू किये गये हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के शहरों को झुग्गी मुक्त बनाने के लिये ठोस योजना बनाकर काम शुरू कर दिया गया है। प्रदेश की सात स्मार्ट सिटी में आने वाले वर्षों में करीब 21 हजार करोड़ का निवेश किया जायेगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत किया जा रहा है। स्किल डवलपमेंट के लिये युवा सशक्तिकरण मिशन शुरू कर दिया गया है। उन्होंने सिंचाई, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तैयार की गई कार्ययोजना की भी जानकारी दी।  सत्र में लंदन के डिप्टी मेयर श्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि समग्र विकास के लिये उन लोगों का विशेष रूप से ध्यान रखना होगा जो अभी भी विकास की पहुंच से दूर हैं। प्रदेश में सही मायनों में विकास के लिये युवाओं और महिलाओं के हितों का ध्यान रखना होगा। सत्र में विदेश में बसे प्रदेशवासी सर्वश्री सी.पी. गुरनानी, सत्येन्द्र सिंह रेखी, जी.एस. सरीन ने भी विचार रखे। सत्र का संचालन प्रमुख सचिव पर्यटन श्री हरिरंजन राव ने किया। उन्होंने कहा कि फ्रेन्ड्स ऑफ एमपी कॉन्क्लेव में आये प्रत्येक सुझाव पर गंभीरतापूर्ण विचार कर विकास को गति को देने के लिये कार्यवाही की जायेगी।  

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शिवराज सिंह चौहान

  शिवराज सिंह चौहान  वर्ष 2017 बीत गया। हमने कई नवाचारी प्रयासों और ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ 2017 को यादगार बना दिया। आज मध्य प्रदेश किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। प्रदेश के नागरिकों में अद्भुत क्षमता, प्रतिभा और प्रदेश के लिए कुछ कर गुजरने की दक्षता है। वर्ष 2017की उपलब्धियां इस बात को मुखरता से रेखांकित करती हैं कि प्रदेश के नागरिकों में भरपूर आत्मविश्वास और संकल्प शक्ति है। नागरिकों की रचनात्मक ऊर्जा और सकारात्मक सोच के साथ ही मध्यप्रदेश ने विकास के नए कीर्तिमान बनाए हैं और 2018 में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। सरकार के साथ-साथ नागरिकों की भी जिम्मेदारी थी कि वे विकास में पूरे मनोयोग से अपना योगदान दें। इस जिम्मेदारी को नागरिकों ने अच्छी तरह निभाया है। इसलिए मध्य प्रदेश का कायाकल्प करने का श्रेय सरकार की अपेक्षा नागरिकों को ज्यादा है। नागरिकों के सहयोग और समर्थन के बिना हर काम अधूरा रहता है। मैं नागरिकों को विशेषज्ञ मानता हूं और उनके विवेक का मैंने हमेशा सम्मान किया है। यह सर्वमान्य तथ्य है कि विकास निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। एक मुद्दा हल होता है तो दूसरे मुद्दे खड़े हो जाते हैं और फिर उनके समाधान के प्रयासों की श्रृंखला शुरू हो जाती है। सरकार के लिए बिना थके और बिना रुके काम करना अनिवार्य हो जाता है। ऐसे में सिर्फ लोगों के विश्वास की शक्ति ही संबल बढ़ाती है। हम सब नई ऊर्जा, नई आशाओं और अपेक्षाओं के साथ 2018 में प्रवेश कर रहे हैं। जहां एक ओर 2017 में ढेरों उपलब्धियां रही, वहीं कुछ नई चुनौतियां भी सामने आईं जो हमारे संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने टिक नहीं पाईं। हमारे प्रयासों में किसी प्रकार की कोताही नहीं रहना चाहिए। लोकशक्ति और लोक-विश्वास की अभिव्यक्ति हमने नर्मदा सेवा यात्रा में देखी। नर्मदा मैया जीवनदायी नदी है। हमारी आस्था में उन्हें मां का दर्जा मिला है। नर्मदा का जीवन ही हमारा जीवन है, इसका बोध होते ही लाखों लोग नर्मदा सेवा यात्रा से जुड़ गए और यह विश्व का सबसे बड़ा नदी बचाओ अभियान बन गया। आज हर तरफ चर्चा है कि जैसा मध्य प्रदेश के लोगों ने अपनी नर्मदा मैया के प्रति आस्था और समर्पण दिखाया, वैसा अन्यत्र संभव क्यों नहीं ? आज कई राज्यों के लिए यह प्रेरणा स्रोत बन गया है। सरकार और समाज के साथ- साथ मिलकर काम करने का यह सबसे अच्छा उदाहरण है। पिछले साल कई चुनौतीपूर्ण क्षण आए जो समुदाय के सहयोग से समाप्त हो गए हैं। कई चुनौतियों का स्थाई समाधान हो गया। भावांतर भुगतान योजना इसका अच्छा उदाहरण है। अब किसानों को फसलों के दाम गिरने पर भी नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। ऐसे ही हमारे प्रतिभाशाली बच्चों की चिंता हमेशा के लिए समाप्त हो गई है कि उच्च स्तर की पढ़ाई का खर्चा कौन उठाएगा? अब बच्चों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें सिर्फ पढ़ना है, अच्छे नंबर लाना है। बाकी चिंता करने के लिए सरकार है। परीक्षा को शुरू होने में अब कुछ ही समय रह गया है। मैं बच्चों से कहना चाहूंगा कि खूब पढ़े और अच्छे नम्बर लाकर अपने माता-पिता को 2018 का सर्वश्रेष्ठ उपहार दें। वर्ष 2017 में युवाओं की अपेक्षाएं पूरा करने के लिये युवा सशक्तिकरण मिशन की शुरुआत हुई थी। नये साल में इसके परिणाम मिलेंगे। इसी प्रकार महिलाओं के स्व-सहायता समूह के रूप में नारी शक्ति का उदय हुआ है। नये साल में यह एक सशक्त आर्थिक आंदोलन बन जायेगा। ऐसे ही लोक-विश्वास की अभिव्यक्ति देने वाली हमारी 'एकात्म यात्रा' उज्जैन से शुरू हुई और 22 जनवरी को ओंकारेश्वर में समाप्त होगी। एकात्म यात्रा से भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक एकात्मकता के ध्वजवाहक आदि शंकराचार्य की स्मृति जनमानस में ताजा हो रही है। ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा की स्थापना होगी। यह मध्य प्रदेश की आदरांजली है, ऐसे महाअवतारी पुरुष को जिसने भारत के अखंड स्वरूप को गढ़ा। यह सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने वाली यात्रा है। मैं समझता हूं कि विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक प्रगति भी जरूरी है। इससे शासन, प्रशासन के प्रति नजरिया बदलता है। भ्रष्टाचार के तौर तरीकों से ध्यान हटता है। ईमानदार प्रयासों और परिणामों के प्रति रुझान बढ़ता है और जनमानस में स्वस्थ मानसिकता का विकास होता है। इसलिए मैंने कुछ प्रयास जैसे तीर्थ दर्शन योजना, नर्मदा सेवा और एकात्म यात्रा इस दिशा में शुरु किए हैं जो विकास के दृष्टिकोण के साथ-साथ आध्यात्मिक पूंजी को समृद्ध करने वाले हैं। सरकार, समाज और अध्यात्म का एकीकरण भी सुशासन का जरूरी आयाम है। नए साल की शुरुआत में एक और बात का स्मरण कराना चाहूंगा। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का तेजी से कायाकल्प हो रहा है। नए संकल्पों के साथ नया भारत उभर रहा है। हम संकल्प लें कि मध्य प्रदेश के संवेदनशील नागरिक के रूप में हमारा भी सर्वश्रेष्ठ योगदान होगा। अपनी पूरी क्षमता और प्रतिभा के साथ नया भारत बनाने में सहयोग करें। नए भारत में नया मध्य प्रदेश बनाना हमारा मिशन है। सभी नागरिकों को नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं, सब सुखी हों, सबका मंगल हो, नए साल में सब स्वस्थ रहें, यही ईश्वर से प्रार्थना है।(लेखक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं)  

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शिवराज ने कहा -सबका साथ - सबका विकास

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीं नव-वर्ष की शुभकामनाएँ  एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों को नव-वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी हैं। श्री चौहान ने कामना की है कि नया वर्ष सबके जीवन में सुख-समृद्धि, रिद्धि-सिद्धि लाये। सबके घर-आँगन खुशियों से भर जायें।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सन्देश में कहा है कि मध्यप्रदेश और  देश के विकास में सभी वर्ग अपनी सक्रिय भागदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने नागरिकों का आव्हान किया है कि नव-वर्ष में अपनी नागरिकता के कर्तव्यों के पालन का संकल्प लें। संकल्पित हों कि नये वर्ष में  केवल अपने लिये नहीं, बल्कि अपने देश, प्रदेश और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ दायित्वों का निर्वहन करेंगे। श्री चौहान ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि 'सबका साथ - सबका विकास' के मूल-मंत्र के साथ , नई ऊर्जा और उत्साह के साथ निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे। 

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अशोकनगर एसपी भदौरिया को हटाया, तिलक सिंह नए एसपी

  एमपी के अशोकनगर थाना परिसर में एएसआई सतीश चंद्र रघुवंशी द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में शासन ने पुलिस अधीक्षक डीएस भदौरिया को हटा दिया है। उनके स्थान पर छिंदवाड़ा छठवीं वाहिनी के सेनानी तिलक सिंह को अशोकनगर का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। शासन ने गुरुवार को भदौरिया सहित भारतीय पुलिस सेवा के पांच अधिकारियों की नई पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। नौवीं वाहिनी रीवा के एपी सिंह को आरएपीटीसी इंदौर, अनुराग शर्मा सहायक पुलिस महानिरीक्षक पीएचक्यू को 32वीं वाहिनी उज्जैन एवं एमएल सोलंकी 35वीं वाहिनी मंडला को पुलिस मुख्यालय पदस्थ किया गया है। इनके अलावा राज्य शासन ने भारतीय पुलिस सेवा के तीन अधिकारियों की पदस्थापना की है। इनमें सहायक पुलिस अधीक्षक ग्वालियर निवेदिता गुप्ता को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) ग्वालियर, सहायक पुलिस अधीक्षक जबलपुर अखिल पटेल को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) लांझी बालाघाट और सहायक पुलिस अधीक्षक ग्वालियर आशुतोष बागरी को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रतलाम भेजा गया है।

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एकात्म यात्रा

केरल के श्रंगेरी मठ में "एकात्म यात्रा" कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चौहान  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पूरे विश्व में आदि शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन का प्रचार-प्रसार करने के लिये प्रदेश के ओंकारेश्वर में आदि गुरु शंकराचार्य सांस्कृतिक एकता न्यास की स्थापना की जायेगी। न्याय के जरिये अद्वैत दर्शन पर शोध और अध्ययन का काम होगा। वे आज केरल में श्रंगेरी मठ में 'एकात्म यात्रा' की श्रंखला में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शंकर संदेश वाहिनी को ध्वज दिखाकर रवाना किया। यह वाहिनी कालिडी, श्रंगेरी, काँची, द्वारका, जोशीमठ, हरिद्वार, वाराणसी से होते हुए 22 जनवरी को ओंकारेश्वर पहुँचेगी। श्री चौहान ने कहा कि अद्वैत दर्शन में विश्व की सभी समस्याओं का समाधान करने की क्षमता है। यह युग की धारा बदल देने वाला दर्शन है। आतंकवाद  और वैमनस्यता जैसी बुराइयों को समाप्त कर देगा। उन्होंने कहा कि अद्वैत दर्शन का ज्ञान होने पर ही पता चलता है कि इस जगत के सभी जीवों, अवयवों में एक ही चेतना का वास है। इसलिये सभी एक ही चेतना से आपस में जुडे हैं। इसी दर्शन के कारण भारत में प्रकृति की आराधना होती है। नदियों को पूजा जाता है। उन्हें परम चेतना से अलग नहीं मानते। उन्होंने कहा कि अद्वैत दर्शन आम लोगों के बीच जाना चाहिये। केवल मंदिरों, मठों और विद्वानों तक सीमित नहीं रहना चाहिये। इसका विस्तार ही कल्याणकारी है। आदि शंकराचार्य ने भारत की सांस्कृतिक एकता को स्थापित किया और मानवता को शांति और धर्म की राह दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य की जन्म-भूमि केरल है लेकिन उनकी ज्ञान-भूमि मध्यप्रदेश है। इसलिये चार एकात्म यात्राएँ ओंकारेश्वर, रीवा, अमरकंटक और उज्जैन से निकाली गई हैं। जिन स्थानों से ये एकात्म यात्राएँ गुजरेंगी उस स्थान से धातु कलश में वहाँ की मिट्टी इकट्ठी की जा रही है। आदिगुरू की प्रतिमा की स्थापना के समय नींव में इसका उपयोग किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को जीव, जगत और जगदीश की एकात्मकता को आत्मसात करने और एकात्मकता के माध्यम से बेहतर समाज, राष्ट्र और विश्व निर्माण करने में योगदान देने का संकल्प दिलाया।

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रानी कमलापति

मुख्यमंत्री द्वारा बीसवीं राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ    मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि रानी कमलापति की विशाल प्रतिमा भोपाल में स्थापित की जाएगी। आजादी के आंदोलन में वनवासियों के संघर्ष और बलिदान का स्मरण करते हुये कहा कि आजादी की लड़ाई में वनवासी समाज ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शहीदों की स्मृति से प्रेरणा लेने के लिए प्रदेश सरकार ने वनवासी वीरों के स्मारकों का निर्माण करवाया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज कमला देवी पब्लिक स्कूल भोपाल में आयोजित बीसवीं राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने इस अवसर पर बिरसा भगवान, वीर टंट्या भील, भीमा नायक, रघुनाथ शाह, शंकर शाह, रानी दुर्गावती और कमलापति के संघर्ष और बलिदान का स्मरण किया। उन्होंने वनवासी कल्याण परिषद के संस्थापकों का स्मरण करते हुए देश में 3 हजार से अधिक खेल केंद्रों के संचालन, शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में परिषद की भूमिका की सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रारंभ में ध्वजारोहण कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया और स्मारिका अरण्याजंली का विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खिलाड़ियों का आव्हान किया कि खेल भावना के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। साथ ही आश व्यक्त की कि ओलंपिक खेलों में तीरंदाजी का स्वर्ण पदक भारत के खिलाड़ियों को शीघ्र ही मिलेगा। श्री चौहान ने कहा कि तीरंदाजी के प्रशिक्षण की उत्कृष्टतम सुविधा उपलब्ध कराने और महाकौशल के जनजातीय तीरंदाजों को प्रतिभा निखारने का अवसर देने के लिए जबलपुर में तीरंदाजी एकेडमी की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रतियोगिता में आए सभी खिलाड़ी राज्य के मेहमान हैं। इन खिलाड़ियों को समय की उपलब्धतानुसार भोपाल और आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण करवाया जाये। खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन की मध्यप्रदेश तीरंदाजी एकेडमी के कोच समीक्षा करेंगे। प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का एकेडमी में चयन किया जाएगा। उन्होंने खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की अपेक्षा करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश की तीरंदाजी एकेडमी उत्कृष्टतम है। एकेडमी में मध्यप्रदेश के 80 प्रतिशत और देश के अन्य क्षेत्रों के 20 प्रतिशत खिलाड़ियों को तीरंदाजी प्रशिक्षण की सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने प्रतियोगिता के आयोजन के लिए वनवासी कल्याण परिषद को बधाई देते हुए कहा कि खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसमें परिषद के सहयोग की भी अपेक्षा है। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री कृपा प्रसाद सिंह ने कहा कि नए भारत के निर्माण में वनवासी समुदाय का योगदान प्रमुख है। नवीन भारत के निर्माण में जिस तरह मध्यप्रदेश की सरकार प्रयास कर रही है, उसी तरह का कार्य वनवासी अंचल में परिषद द्वारा खेल के क्षेत्र में किया जा रहा है। नवीन भारत का जो सपना स्वामी विवेकानंद ने देखा था, उसे ही साकार करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतियोगिता के शुभारंभ की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में तीरंदाजी का महत्वपूर्ण स्थान है, इसलिये तीरंदाज तेल में देखकर मछली की आँख भेदने को ही अपना लक्ष्य बनाएं। तीरंदाजी के ओलंपियन खिलाड़ी  श्री मंगल सिंह ने अपने अनुभवों से खिलाड़ियों को  निरंतर प्रयास के लिए  प्रेरित किया।  खिलाड़ी को हार कर बैठना नहीं चाहिए।  गलतियों से सबक लेकर  निरंतर मेहनत करनी चाहिए।  उन्होंने बताया कि  मात्र  8 महीने के प्रशिक्षण में वर्ष 1998 की  एशियन गेम्स प्रतियोगिता में उनका चयन हो गया था। उस समय वह प्रतियोगिता के सबसे युवा खिलाड़ी थे किन्तु अगले 7 वर्षों तक उनका भारतीय टीम में  चयन भी नहीं हो सका। लेकिन निरंतर  प्रयास करते रहे। उन्होंने बताया कि आज  दुनिया की विभिन्न प्रतियोगिताओं के पदक उनके पास हैं। तीरंदाजी के विश्व कीर्तिमान की बराबरी करने के साथ ही  विश्व कप प्रतियोगिता के 4 स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि भी उनके खाते में है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अतुल जोग ने बताया की 33 टीमें प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं। इनमें आधुनिक खो-खो के 223 और तीरंदाजी के 316 खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें 89 महिला खिलाड़ी हैं। उन्होंने बताया कि  भोपाल शहर में  300 से अधिक तीरंदाजों की उपस्थिति का  नया कीर्तिमान  बना है  जिसे गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कर लिया गया है ।स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री संजय शाह ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि वनवासी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। प्रारंभ में खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में शामिल होने की शपथ दिलाई गई। खिलाड़ियों द्वारा मार्च पास्ट का आयोजन किया गया। सुश्री अनमोल सक्सेना ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और खिलाड़ी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता का आयोजन 28 से 31 दिसंबर तक भोपाल में किया जा रहा है। प्रतियोगिता का आयोजन वनवासी कल्याण परिषद मध्यप्रदेश द्वारा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के तत्वाधान में किया गया है। इस प्रतियोगिता में अंडमान निकोबार, आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, आसाम, बिहार, छत्तीसगढ़, दादर नागर हवेली, दक्षिण बंगाल, दक्षिण आसाम, देवगिरी, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जशपुर नगर, झारखंड, कर्नाटक, कोंकण, महाकौशल, मणिपुर, उड़ीसा, पश्चिम महाराष्ट्र, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर बंगाल, उत्तरप्रदेश, विदर्भ और मध्य भारत की टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता का आयोजन कमला देवी पब्लिक स्कूल, करोंद, भोपाल में किया गया है।

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कोलकता के मीठे पान की बेमिसाल खेती

हरदा जिले के टिमरनी विकास खंड के गांव छिरपुरा के बंसत वर्मा अपने पॉली हाउस में पान की बेमिसाल पैदावर से बहुत खुश हैं। उन्हें पंरपरागत खेती से अलग हटकर किया गया यह प्रयोग अच्छा मुनाफा दे रहा है।  खेती में नए प्रयोग और अच्छा मुनाफा कमाने बंसत ने उद्यानिकी विभाग की योजना के अन्तर्गत पॉली हाउस बनाकर पान की खेती की शुरूआत की। इस खेती में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह है कि एक बार पान की बेल लगाने के बाद सालों तक इससे पत्ते ले सकते हैं। बार-बार बीज (बेल) लगाने की आवश्यकता नहीं होती। पंरपरागत खेती से हटकर यह प्रयोग हरदा जिले में पहली बार हुआ है कि जब किसी किसान ने पॉली हाउस बनाकर पान की खेती शुरू की है। बंसत वर्मा ने 9.37 लाख रुपये से अपना पाली हाउस बनवाया और वहाँ कोलकता की सुप्रसिद्ध सोफिया पान की प्रजाति को पहली बार लगाया। यह संरक्षित खेती है। पॉली हाउस बनाने से पान की फसल तेज गर्मी, पाले और बरसात की वहज से नष्ट नहीं होती। एक बार रोपाई करने के बाद 20 साल तक रोपाई की जरूरत नहीं पड़ती। बसंत वर्मा ने एक हजार वर्ग मीटर के पॉली हाउस में कोलकाता से पान की 10 हजार बीज (बेल) लाकर लगाई। इससे एक साल में चार लाख पान के पत्तों का उत्पादन हुआ। बंसत ने पूर्ण जैविक विधि से पान के पत्ते पैदा किये। इसमें जीवामृत और सरसों की खली, दूध, मठा, नीम तेल का उपयोग किया। इससे लागत में भी भारी कमी आई। सिंचाई के लिए ड्रिप एण्ड फागर लगवाए। इस पान का पत्ता एक रूपये से दो रूपए तक मूल्य में भोपाल, इंदौर, इटारसी, और खण्डवा में बिकता है। बंसत वर्मा की सफलता से प्रभावित होकर इंदौर और भोपाल में भी किसानों ने चार एकड़ के पॉली हाउस बनवाकर इस पान की प्रजति की पैदावर लेना शुरू कर दिया है।

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भावांतर भुगतान योजना

रमेशचन्द्र ने भावांतर भुगतान योजना की सराहना की  एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से आज नीति आयोग के सदस्य श्री रमेशचंद्र ने भेंट की। इस दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश शासन की भावांतर भुगतान योजना की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नीति आयोग के सदस्य से प्रदेश में चल रही अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी चर्चा की। साथ ही, किसान हितैषी भावांतर भुगतान योजना की जानकारी दी। इस मौके पर श्री रमेशचंद्र ने योजना की सराहना करते हुये कहा कि संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर वे इसका समग्र अध्ययन करेंगे। इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीना, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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 अटल बिहारी वाजपेयी को दी जन्म-दिन की बधाई

मुख्यमंत्री  ने क्रिसमस पर दी बधाई मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्रिसमस के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामना दी हैं। मुख्यमंत्री ने संदेश में कहा है कि‍आधुनिक समाज में नैतिक मूल्यों, विश्व शांति और मानव जीवन की गरिमा की स्थापना के लिये प्रभु ईसा मसीह के पवित्र वचनों की सार्वभौमिक प्रासंगिकता है।  मुख्यमंत्री ने कहा है कि क्रिसमस का त्यौहार भाईचारे की भावना और खुशि‍यों को बांटने का उत्सव है। यीशु मसीह के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला यह त्‍यौहार उनके बलि‍दान, सेवा,त्‍याग, प्रेम और करूणा जैसे आदर्शो का अनुसरण करने का संदेश देता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने क्रिसमस के अवसर पर प्रदेशवासियों की खुशहाली और प्रदेश की तरक्की की कामना की है।   मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनके जन्म-दिन 25 दिसम्बर पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने श्री वाजपेयी के सुदीर्घ जीवन की मंगल-कामना की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि श्री वाजपेयी देश के एक आदर्श राजनेता हैं। वे सुशासन के प्रतीक हैं। उनके जन्म-दिन को मध्यप्रदेश में सुशासन दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य शासन जिम्मेदार और प्रभावी सुशासन देने के लिए संकल्पबद्ध है।

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भोपाल गैंगरेप : चारों आरोपियों को मरते दम तक कैद

    भोपाल में  31 अक्टूबर को हुए छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म  के चारों दोषियों को शनिवार की दोपहर मरते दम तक कैद और 80 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। विशेष न्यायाीश फास्ट ट्रैक कोर्ट सविता दुबे ने यह फैसला सुनाया। मामले की गंभीरता और आरोपियों पर लगाई गई धाराओं को देखते हुए सरकारी वकील रीना वर्मा और पीएन सिंह ने कोर्ट से आरोपियों को कड़ी सजा देने की अपील की थी। इस मामले में करीब 28 गवाहों के बयान दर्ज हुए। चार्जशीट दाखिल होने के 38 दिन में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। सजा के एलान के करीब दस मिनट पहले शक्तिकांड के दोषी गोलू उर्फ बिहारी (25), अमर उर्फ घुंटू (25), राजेश उर्फ चेतराम (50) और रमेश उर्फ राजू को कोर्ट में लाया गया। जहां सरकारी वकील और बचाव पक्ष की वकील इंदु अवस्थी मौजूद थीं। जज ने आरोपियों को मरते दम तक कैद और 80 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इसमें से 60 हजार स्र्पए शक्ति को प्रतिकार राशि के रूप में दिए जाएंगे। बाकी 20 हजार सरकारी खजाने में जमा होंगे। इससे पहले शक्ति को शासन की ओर से तीन लाख स्र्पए की प्रतिकार राशि अदा की जा चुकी है। कोर्ट ने कमेंट किया कि शक्तिकांड में शक्ति ने साहस पूर्वक समस्त परिस्थितियों का सामना किया है। शुरुआत से ही शक्ति को पुलिस द्वारा रिपोर्ट तक दर्ज करने का सहयोग नहीं था। पुलिस के उदासीन रवैये के कारण शक्ति और उसके माता-पिता ने साहस दिखाया और आरोपियों के खिलाफ पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए विवश किया। कोर्ट ने पुलिस को आड़े हाथों लेते हुए तल्ख लहजे में कहा कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं। जहां महिलाएं पीड़ित होती है वहां कुल का नाश होता है। बचाव पक्ष के वकीलों ने आरोपियों के लिए उदारता पूर्वक रवैया अपनाकर सजा सुनाए जाने का निवेदन किया था। जिस पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि इस प्रकार के घटनाक्रम से कई बार लोग सामने आकर भी उल्लेख नहीं कर पाते। कम उम्र में यौन हादसों से बच्चियां जीवनभर किसी पर भरोसा नहीं करतीं। दुष्कर्म कोई साधारण अपराध नहीं। पीड़िता की मां ने आरोपियों को सुनाई गई सजा पर संतोष जताते हुए कहा कि उनकी बेटी ने अपने आप को संभाल कर आगे बढ़ना शुरू किया है। उस रात जो हुआ उसे वह भुलाने की कोशिश कर रही है। हम उसे समझा रहे हैं कि वह इस घटनाक्रम को एक हादसा मानकर भूल जाए और आगे बढ़े। वह अब इस मामले की कभी बात भी नहीं करती है। फैसले में भी उसकी कोई दिलचस्पी नहीं थी। घटना के बाद वह अपने रूटीन की तरफ लौट रही है। उसने पढ़ना-लिखना शुरू कर दिया है। घटना ने उसे तोड़कर रख दिया था। फैक्ट फाइल -31 अक्टूबर को शक्तिकांड हुआ -1 नवबंर को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई -15 नवबंर को जीआरपी हबीबगंज पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया -16 नवबंर को मामला जिला न्यायाीश शैलेंद्र शुक्ला के पास पहुंचा -16 नवबंर को ही न्यायाीश सविता दुबे की कोर्ट में मामले को भेजा गया। -20 दिसंबर को मामला ट्रायल प्रोग्राम में पेश किया गया। -21 दिसंबर से लगातार सुनवाई शुरू हुई। -28 गवाहों के बयान दर्ज हुए। -200 पेज का चालान पेश हुआ, 60 कागजी दस्तावेज को रिकॉर्ड में मिलाया गया।  

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सुदाम पी खाडे

कोलार गेस्ट हाउस में  राजस्व अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें एसडीएम ने मुद्दा उठाया कि अब भी कुछ पटवारी ऐसे है जिन्होंने पुराने नक्शे की सीट जमा नहीं कराई है। इससे राजस्व रिकार्ड अपडेट नहीं हो रहा। इस पर कलेक्टर सुदाम पी खाडे ने नाराजगी जाहिर करते हुए ऐसे पटवारियों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दे दिए। बैठक में सभी सर्किलों के एसडीएम और तहसीलदार मौजूद थे। कलेक्टर ने पांच घंटे तक राजस्व अधिकारियों की क्लास ली। कलेक्टर ने कहा राजस्व प्रकरणों को तब तक समाप्त नहीं किया जाए जब तक अपडेट खसरे का प्रिंटआउट प्रकरण की फाइल में न लगाया जाए। उन्होंने कहा कि एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट से नामांतरण और बंटवारा के जो आदेश हो रहे हैं, वह आरसीएमएस साफ्टवेयर में तो दर्ज हो जाता है लेकिन, इस आदेश के आधार पर राजस्व रिकार्ड (खसरा) अपडेट नहीं किया जाता। आए दिन इस तरह की शिकायतें लोग करते रहते हैं। वहीं राजस्व कोर्ट की जांच में भी ऐसे ढेरों मामले सामने आए हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। आदेश को आरसीएमएस में दर्ज करने साथ-साथ खसरे में परिवर्तन हुआ है या नहीं एसडीएम और तहसीलदार इसकी भी जांच करें। जैसे ही खसरा नंबर बदलेगा उसका प्रिंटआउट निकालकर आदेश के साथ चस्पा करना होगा। इसके बाद इसे भी आरसीएमस में ऑनलाइन करना होगा। कलेक्टर ने डायवर्सन वसूली की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी तहसील और सर्किलों में डायवर्सन और वसूली के लक्ष्य दोबारा तय किए। सभी को नए टारगेट देते हुए कहा कि 31 मार्च तक यह लक्ष्य पूरा करें। हुजूर तहसील और गोविंदपुरा सर्किल को जहां 47-47 करोड़ का वहीं टीटी नगर 45 करोड़, एमपी नगर को 33 करोड़, बैरागढ़ सर्किल को 8 करोड़ और बैरसिया को 2 करोड़ का डायवर्सन वसूली का नया लक्ष्य दिया गया। आवासहीनों को जल्द से जल्द दें पट्टे, तय समय सीमा में बांटे कोई देरी न करें कलेक्टर सुदाम पी खाडे ने बैठक में आवासहीनों को तय समयसीमा में पट्टे वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएस भी इस संबंध में नाराजगी जाहिर कर चुके हैं इसलिए कोई भी देरी न करें। बैठक में हुजूर तहसील के पटवारी रमेश शर्मा व एक अन्य महिला पटवारी भारती महावर को लक्ष्य से ज्यादा वसूली करने पर कलेक्टर ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। रमेश शर्मा को 60 लाख रुपए का टारगेट दिया गया था जबकि उन्होंने एक करोड़ 20 लाख रुपए की वसूली कर ली है।    

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केरवा पेयजल योजना

  केरवा पेयजल योजना का काम दिन-रात चला। कोलार में बंजारी दशहरा मैदान और पैलेस आर्चार्ड की 20-20 लाख लीटर क्षमता की टंकियों को जोड़ने वाली पाइप लाइन में वॉल्व फिटिंग का काम पूरा हो गया। शनिवार दोपहर 3 बजे तक बंजारी दशहरा मैदान की टंकी से पानी सप्लाई शुरू करने के लिए तीन वॉल्व लगा दिए गए। वहीं पैलेस आर्चार्ड की टंकी से कॉलोनियों में पानी वितरण करने के लिए वॉल्व फिट करने का काम पूरा हो गया। इधर, केरवा डेम पर नगर निगम के 5 अफसरों की टीम समेत निर्माणाधीन एजेंसी नीति इंफ्रा के कर्मचारी व ठेकेदार काम पूरा कराने में जुटे रहे। शाम 6 बजे तक इंटकवेल से केरवा पहाड़ी पर बने वाटर फिल्टर प्लांट तक पानी चढ़ाने के लिए जरूरी वोल्टेज के हिसाब से बिजली सप्लाई करने के लिए 750 केवीए की डीपी रखी गई। इसका विधायक व ननि कमिश्नर ने लोकार्पण किया। इसके बाद पूरी रात केरवा डेम पर अधूरे कार्यों को पूरा करने का काम चलता रहा। रविवार को बिजली की सप्लाई समेत अन्य छोटे-छोटे अधूरे कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। केरवा डेम पर बनाए गए इंटकवेल में जमा पानी को दो पंपों से केरवा पहाड़ी पर बिछाई गई 150 मीटर लंबी ग्रेवटी लाइन के माध्यम से फिल्टर प्लांट तक पानी जाएगा। यहां पर पानी फिल्टर होगा। इसके बाद प्लांट के पीछे से केरवा नहर के किनारे-किनारे मप्र हाउसिंग बोर्ड के गौरव नगर के प्रोजेक्ट होते हुए बैरागढ़ चीचली के रास्ते कुल 7 किमी पानी की मेन लाइन तक पानी आएगा। फिर कोलार मेन रोड पर बिछाई गई पाइप लाइन तक पानी पहुंचेगा। मेन लाइन से बंजारी दशहरा मैदान पर बनी टंकी भरी जाएगी। ऐसे ही पैलेसे आर्चार्ड टंकी तक पानी आएगा। दोनों टंकियों से कॉलोनियों में बिछाई गई लाइन के माध्यम और फिर बल्क कनेक्शन से 25 दिसंबर तक वार्ड-80 और 82 के 500 से ज्यादा घरों तक पानी सप्लाई होने लगेगा। केरवा पेयजल योजना का काम पूरा कराने शनिवार को क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा और नगर निगम कमिश्नर ने केरवा डेम पर डेरा डाल लिया। दोपहर 4 बजे केरवा पहुंचकर इंटकवेल से लेकर वाटर फिल्टर प्लांट के अधूरे कार्यों को रविवार तक पूरा कराने के लिए ननि अधिकारियों को निर्देश दिए। विधायक-कमिश्नर चार घंटे से ज्यादा समय रुके और दो पंप तक बिजली सप्लाई शुरू कराने काम खड़े होकर कराया। 25 दिसंबर सोमवार को क्षेत्रीय विधायक बंजारी दशहरा मैदान पर पैलेस आर्चार्ड की टंकी से पानी की सप्लाई शुरू कर केरवा पेयजल योजना का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद लगातार तीन दिन तक टेस्टिंग के रूप में पानी सप्लाई किया जाएगा। लोकार्पण से पहले कोई टेस्टिंग नहीं होगी। नगर निगम प्रशासन तीन दिन तक पानी का इस्तेमाल नहीं करने की अपील करेगा। तीन दिन के बाद लोग पानी का उपयोग कर सकेंगे।    

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सहरिया परिवार जिस भूमि पर रह रहे हैं, उसी भूमि के मालिक होंगे

सहरिया जनजाति की बस्‍ती में अचानक पहुंचे मुख्‍यमंत्री चौहान  मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र के प्रवास के दौरान ग्राम रन्‍नौद की सहरिया जनजाति की बस्‍ती में अचानक पहुँचे। मुख्यमंत्री बस्ती में सहरिया परिवारों से मिले और उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री से मिलकर पुलकित हुई गिरजाबाई गिरजाबाई को मिलेगी 25 हजार रूपये की आर्थिक सहायता और बच्चे को पाँच सौ रूपये मासिक गिरजा बाई ने कभी सोचा भी नहीं था कि मुख्यमंत्री उसे मिलेंगे और बिना बताये ही उसकी समस्या को जानकर उसका समाधान भी कर देंगे। उसको कतई उम्मीद भी नहीं थी कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान कभी उसके पास आयेंगे और उसके बच्चे को दुलार भी करेंगे। शिवपुरी जिले के रन्नौद से कार द्वारा हेलीपेड के लिये लौटते समय मुख्यमंत्री श्री चौहान की नजर एक छोटे बच्चे को गोद में लिये एक ग्रामीण महिला पर पड़ी। उन्होंने तत्काल गाड़ी रूकवायी। वे उस ग्रामीण महिला के पास जा पहुँचे तथा उसके बच्चे को लाड़-प्यार किया। श्री चौहान को महिला की हालत देखकर उसकी परिस्थिति को भाँपने में देर नहीं लगी। उन्होंने मौके पर ही महिला को 25 हजार रूपये की एक मुश्त आर्थिक सहायता तथा बच्चे के पोषण के लिये प्रति माह पाँच सौ रूपये की विशेष आर्थिक सहायता देने के लिये कलेक्टर को निर्देशित किया। गाम डगपीपरी की गिरजाबाई पति स्वर्गीय श्री हरप्रसाद जाटव गुरूवार को श्री चौहान से मिलकर खुशी से फूली नहीं समायी। मुख्यमंत्री से मिले भाई-बहन के स्नेह से उसके अपने मायके की याद ताजा हो गयी। वह अपने घर परिवार को यह बताते नहीं अघाती कि प्रदेश के मुख्यमंत्री उसके भाई हैं, जिन्होंने बहन की चिंता कर उसकी समस्या का निदान किया जिसे वह जीवन भर नहीं भूलेगी। मुख्यमंत्री की सहजता देखकर वहाँ मौजूद लोग भी अचंभित हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सहरिया परिवारों से कहा कि वे जिस जमीन पर रह रहे हैं, उन्हें पट्टा देकर उसी जमीन का मालिक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को इस बावत तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सहरिया परिवारों की जमीन पर अगर अन्य लोगों ने कब्जा किया हुआ है, तो ऐसे कब्जे तत्काल हटवायें। मुख्यमंत्री ने सहरिया जनजाति के परिवारों को बताया कि उन्हें साग-भाजी और दूध खरीदने के लिये प्रति माह एक हजार रूपये की राशि परिवार की महिला सदस्‍य के बैंक खाते में जमा करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सहरिया जनजाति के परिवारों को एक रूपये प्रति किलो गेहूँ, चावल और नमक भी प्रदाय किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने सहरिया परिवारों से आग्रह किया कि अपने बच्‍चों को पढ़ने-लिखने के लिये स्कूल भेजें। इसके लिये राज्‍य सरकार सभी तरह की सहायता उपलब्‍ध करवाएगी। इस दौरान उन्‍होंने सहरिया बस्‍ती में हैण्‍डपंप लगाने के निर्देश भी दिये।  

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अनुसूचित जनजाति को दस रूपये किलो मूल्य पर दालें

  कुपोषण दूर करने कराहल एवं खालवा विकासखण्ड से शुरू होगी योजना    मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिये जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के लोगों को दलहनों का वितरण किया जायेगा। यह कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में श्योपुर जिले के कराहल एवं खण्डवा जिले के खालवा विकासखण्ड से शुरू किया जाएगा। इसके अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को एक किलो दाल मात्र दस रूपये में उपलब्ध करायी जायेगी। इस अभिनव कार्यक्रम से दोनों विकासखण्ड के लगभग 75 हजार परिवारों के साढ़े तीन लाख लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दलहन वितरण का यह महत्वाकांक्षी निर्णय आज यहाँ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया। उन्होंने अधिकारियों को दलहन वितरण की व्यवस्था करने और जनजातीय वर्ग के लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि जनसमुदाय की राय से ही तय किया जायेगा कि उन्हें दाल या खड़ी दाल के रूप में दलहनें उपलब्ध करायी जाये। श्री चौहान ने कहा कि जनजातीय लोगों को दलहन उपलब्ध कराने से उनके भोजन में दाल शामिल होगी जिससे उन्हें प्रोटीन की समुचित मात्रा मिलेगी। इससे कुपोषण दूर करने में मदद मिलेगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, एपीसी श्री पी.सी. मीणा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव और प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता उपस्थित थे।    

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मिठाई कलाकंद बनी ब्रांड

     इंदौर के पास पहाड़ियों से घिरे कालाकुंड गांव की महिलाओं ने मजबूरी में शुरु किये गये रोजगार को अपनी मेहनत से शहरों तक पहुंचाकर ब्रांड बना दिया। आज इंदौर के पास का यह गांव अपनी खूबसूरती से ज्यादा वहाँ के कलाकंद की वजह से प्रसिद्ध हो चुका है। यहां कलाकंद बनाने से लेकर बेचने तक की सारी कमान महिलाओं के हाथ में है। कम आबादी वाले इस गांव में पहुंचने के लिये एक ही साधन है मीटर गेज ट्रेन। ट्रेन से कालाकुंड पहुंचते ही यहां छोटे से स्टेशन पर गाड़ी रुकते ही प्लेटफॉर्म पर दो-तीन हाथ ठेलों में लोग पलास के पत्तों के ऊपर सफेद रंग की खाने की चीज बेचते दिख जाते हैं। यही हैं यहां के गिने-चुने रोजगार में से एक कालाकुंड का प्रसिद्ध कलाकंद।  कालाकुंड में आजीविका के नाम पर अगर कुछ है तो लकड़ी काटकर बेचना और कुछ दुधारु पशु। दूध बाहर भेजने के लिये ट्रेन पर ही निर्भर रहना पड़ता था। परेशानी देख गांव के पशुपालक परिवारों ने दूध का कलाकंद बनाकर स्टेशन पर बेचना शुरु किया। चुनिंदा ट्रेन गुजरने की वजह से ये रोजगार भी सिर्फ पेट भरने तक ही सीमित रहा।  मगर पिछले दो साल में जो हुआ वो चौंकाने वाला था। गले तक घूँघट करके झाड़ू-बुहारी और घर का चूल्हा चौका करने वाली गांव की कुछ महिलाओं ने अपने पुरूषों के पुश्तैनी व्यवसाय की कमान को अपने हाथों में ले लिया। दस महिलाओं का समूह बनाया और इसे संगठित व्यवसाय की शक्ल दे दी। गांव की महिलाओं ने कालाकुंड के कलाकंद को एक ब्रांड बनाया। अच्छी पैकेजिंग शुरू की, पलास के पत्तों की जगह अब सुंदर बॉक्स ने ले ली। महिला समूह ने अब ये बॉक्स बंद कलाकंद इंदौर-खंडवा रोड के कुछ खास ढाबों और होटलों पर बिक्री के लिये रखा। परिणाम यह हुआ कि महिला समूह जितना भी कलाकंद बनाता है, वह सब हाथों हाथ बिक जाता है। महिलाओं को ये राह दिखाई इलाके में जल संग्रहण का काम कर रही एक संस्था नागरथ चेरीटेबल ट्रस्ट ने। ट्रस्ट के प्रोजेक्ट प्रभारी सुरेश एमजी ने जब कलाकंद का स्वाद चखा तो महिलाओं को सलाह दी कि वे अपने इस हुनर को बड़े व्यवसाय में तब्दील करें। ट्रस्ट की मदद से जब महिलाओं का व्यवसाय चलने लगा और डिमांड बढने लगी तो इंदौर जिला प्रशासन ने महिलाओं की मदद के लिये इस व्यवसाय को आगे बढाने की रुपरेखा तैयार की। समूह को तत्काल डेढ़ लाख रुपये का लोन दिया गया। लोन की रकम हाथ आते ही मानों समूह की उडान को पंख लग गये। कलाकंद बनाने के लिये बड़े बर्तन, रसोई गैस आ गई। पैकेजिंग मटेरियल में सुधार होने लगा। विज्ञापन और प्रचार के लिये बड़े-बड़े होर्डिंग लग गये। अब महिलाएं आसपास के इलाके से भी अच्छी गुणवत्ता का दूध खरीदने लगी। जिला प्रशासन ने महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिये गाय एवं भैंस दी। इससे वो खुद दूध का उत्पादन करने लगी। अब पहाडों के बीच छोटे से स्टेशन पर बिकने वाला कलाकंद हाईवे पर आ चुका है। महिलाओं की बढ़ती रुचि को देखते हुऐ जिला प्रशासन ने हाईवे पर दो साल में एक के बाद एक तीन स्टोर खोल दिये। जहां बस रुकवाकर यात्री कलाकंद खरीदते हैं। हाल ही में इंदौर के दो प्रसिद्ध पुराने 'खजराना गणेश'' और 'रणजीत हनुमान'' मंदिर पर कलाकंद स्टोर्स खोले जा चुके हैं। समूह की अध्यक्षा प्रवीणा दुबे और सचिव लीलाबाई ने बताया, हमें तो एक समय यकीन करना ही मुश्किल हो रहा था कि गांव का कलाकंद चौरल के मुख्य मार्ग की दुकान पर बिक रहा है। मगर आज जब इंदौर जाकर हमारे स्टोर पर लोगों को कलाकंद खरीदते हुए देखते हैं, तो खुशी की कोई सीमा नहीं रहती।समूह के स्वादिष्ट मिठाई की माँग देखते हुऐ अभी और उत्पादन बढ़ाने की तैयारी चल रही है। एक क्विंटल मिठाई हर दिन बनकर यहां से अलग-अलग स्टोर्स पर बेची जा रही है। डिमांड लगातार बनी हुई है। आज इलाके की पहचान दूर-दूर तक होने लगी है।

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उज्जैन में एकात्म यात्रा

उज्जैन में एकात्म यात्रा का शुभारम्भ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ओंकारेश्वर वेदान्त दर्शन के अदभुत केन्द्र के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर में आदिशंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित कर उनके योगदान को चिरस्मरणीय बनाया जायेगा। समाज ठीक दिशा में चले, इसलिये सन्तों के नेतृत्व में आदिशंकराचार्य के अद्वैतवाद का प्रचार-प्रसार किया जायेगा। आज सनातन धर्म बचा है तो वह शंकराचार्य की देन है। वे न होते तो भारत का यह स्वरूप ही न होता। उन्होंने उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम को जोड़ा। सांस्कृतिक रूप से देश को एक किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह बात आज उज्जैन में एकात्म यात्रा का शुभारंभ करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक अदभुत बात है कि बद्रीनाथ मन्दिर में केरल के नंबुरिपाद ब्राह्मण पुजारी हैं। द्वादश ज्योतिर्लिंग की कल्पना भी शंकराचार्यजी ने की। दुनिया के सामने आज जितने संकट हैं, उन सबका समाधान अद्वैत वेदान्त में है। शंकराचार्य सर्वज्ञ थे। ओंकारेश्वर में गुरू से ज्ञान प्राप्त कर वे भारत भ्रमण पर निकल गये और स्थान-स्थान पर शास्त्रार्थ कर अपनी विद्वता स्थापित की। वे सभी रूढ़ियों को समाप्त करने वाले सन्यासी थे। ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के दर्शन के माध्यम से सारी दुनिया को एक ही परिवार के रूप में मानना, प्राणियों को भी अपने समान दर्जा देना उनकी विशेषता थी। आदि शंकराचार्य ने कहा कि धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो। प्राणियों में सद्भावना हो। उन्होंने विश्व कल्याण का आव्हान किया और कहा कि एक ही चेतना सभी में है। कोई भी छोटा-बड़ा नहीं है। पशु, पक्षी, पेड़, पौधों सभी को उन्होंने एक समान माना। मुख्यमंत्री ने कहा कि एकात्म यात्रा में अद्वैत वेदान्त का प्रचार-प्रसार तो होगा ही, माता, बहनों, बेटियों का सम्मान करने की शिक्षा भी दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने बच्चियों के साथ दुराचार करने वालों को मृत्युदण्ड देने का प्रावधान किया है। एकात्म यात्रा के माध्यम से पर्यावरण बचाने, भेदभाव मिटाने का सन्देश भी दिया जायेगा। इसके पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, स्वामी परमात्मानन्द सरस्वती, स्वामी विश्वेरानन्द, सन्त रामेश्वरदासजी, स्वामी अतुलेश्वरानन्द सरस्वती एवं अन्य गणमान्य सन्तों द्वारा आदिशंकराचार्य के चित्र के संमुख दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इसके बाद पादुका पूजन किया एवं एकात्म यात्रा का ध्वज यात्रा के लिये सौंपा गया। कार्यक्रम में सभी सन्तों की ओर से स्वामी परमात्मानन्द एवं स्वामी विश्वेरानन्द द्वारा मुख्यमंत्री को रूद्राक्ष की माला पहनाकर आशीर्वाद दिया गया। आचार्य परिषद के सचिव सन्त परमात्मानन्द सरस्वतीजी ने कहा कि भारतीय संस्कृति वेद पर आधारित है और निरन्तर है। विश्व में कई संस्कृतियां खड़ी हुईं और नष्ट हो गईं, लेकिन भारतीय संस्कृति आज भी जीवित है। हमें इस संस्कृति का संवर्धन कर इसकी रक्षा करना होगी। हिन्दू धर्म ऐसा धर्म और संस्कृति है, जो सर्वग्राही है। द्वैत होने पर भी अद्वैत का दर्शन कराने वाली हमारी संस्कृति है। शंकराचार्य ने हमारे पारम्परिक व सामाजिक मूल्य को समृद्ध किया। मातृ देवो भव:, अतिथि देवो भव: के सिद्धान्त का पालन करते हुए शंकराचार्य ने सन्यास लेने के बाद भी परम्पराओं को तोड़ते हुए अपनी मां का अन्तिम संस्कार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एकात्म यात्रा के माध्यम से आन्तरिक विकास करने का बीज स्थापित कर दिया है। सन्त विश्वेश्वरानन्दजी ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने अदभुत कार्य किया। वे सैकड़ों वर्ष पूर्व दक्षिण में जन्मे और ओंकारेश्वर में आकर उन्होंने सन्यास ग्रहण किया। तत्कालीन समय में हमारा देश विभक्त हो रहा था, उसको जोड़ने का काम उन्होंने किया। आदिशंकराचार्य की देन हमारे देश के तीर्थ हैं। जब हम बद्रीनाथ और रामेश्वरम जाते हैं तो उन्हें स्मरण करते हैं। सभी तीर्थों की पृष्ठभूमि में कोई है तो वह आचार्य शंकर हैं। उन्होंने देश की तीन बार पदयात्रा की। शास्त्रार्थ करके वैदिक धर्म की पुनर्स्थापना करने में उनका महती योगदान है। वे हमारे धर्म, संस्कृति के आधार स्तंभ हैं। चारों दिशाओं में स्थापित चारों मठों की सुरक्षा करने का दायित्व हमारा है। बत्तीस वर्ष की आयु में उन्होंने शरीर त्याग दिया। शंकराचार्य ने समाज को एक किया और समरसता प्रदान की है। एकात्म यात्रा के उज्जैन प्रखण्ड के प्रभारी श्री राघवेन्द्र गौतम ने बताया कि ओंकारेश्वर में 108 फीट ऊंची शंकराचार्य जी की मूर्ति की स्थापना होगी और इसके लिये धातु संग्रहण करने के लिये एकात्म यात्रा निकाली जा रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मौजूद सभी सन्तगणों का पुष्पहारों से नमन कर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आदिशंकराचार्य के जीवन पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता देव परमार, आध्या द्विवेदी एवं सिद्धार्थ वर्मा को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार वितरित किया। इमली चौराहा अब शंकराचार्य चौराहा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घोषणा की कि उज्जैन के इमली चौराहे का नामकरण अब शंकराचार्य चौराहा किया जायेगा। साथ ही यहां शंकराचार्य की आदमकद प्रतिमा भी स्थापित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने ध्वज थामा कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एकात्म यात्रा का ध्वज थामा। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह ने मंगल कलश थामा। कार्यक्रम के अध्यक्ष स्वामी विश्वेश्वरानन्दजी ने शंकराचार्यजी की चरण पादुकाएं थामी तथा भगवान आदि शंकराचार्य की एकात्म यात्रा का नेतृत्व किया। कार्यक्रम में सन्त श्री रामेश्वरदास, श्री अतुलेश्वरानन्द सरस्वती, श्री रामेश्वरदास तराना, श्री उमेशनाथजी महाराज, श्री रंगनाथजी महाराज, ब्रह्मकुमारी उषा दीदी, श्री दिग्विजयदास, श्री विष्णुदास, श्री कृष्णदास महाराज, श्री शेषानन्दजी महाराज, श्री राधेबाबा, श्री राघवदास महाराज, नित्यऋषि, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान, ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, महापौर श्रीमती मीना जोनवाल, विधायक डॉ.मोहन यादव, श्री दिलीपसिंह शेखावत, श्री बहादुरसिंह चौहान, श्री मुकेश पण्ड्या, मेला प्राधिकरण अध्यक्ष श्री विजय दुबे, यूडीए अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, मप्र पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक, एकात्म यात्रा ग्रामीण प्रभारी श्री किशोर मेहता उपस्थित थे।  

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ravi jain

  सागर में मोती नगर वार्ड निवासी रवि जैन को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना ने सफल उद्यमी बना दिया है। इनके सामान्य परिवार का गुजारा फोटो फ्रेमिंग के परिवारिक व्यवसाय से ही अभी तक चलता रहा है। अब रवि उन्नत तकनीक से फोटो फ्रेमिंग करते हैं। इससे अच्छी आमदनी होने लगी है, परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है, बाजार में रवि की साख भी बढ़ी है।  रवि कुछ समय पहले तक अपने इस परिवारिक व्यवसाय को उन्नत तकनीक एवं नए उपकरणों की सहायता से आगे बढ़ाकर जिला एवं प्रदेश स्तर तक पहुँचाना चाहते थे। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह यह सब कर पाएँ। इसी दौरान उन्हें अखबार एवं रेड़ियो के माध्यम से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के बारे पता चला। योजना की सम्पूर्ण जानकारी लेकर रवि ने तुरन्त इस योजना में पंजीयन करवाकर बैंक को ऋण के लिये आवेदन दिया। रवि जैन को व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए बैंक ने 99 लाख 37 हजार का रूपये का ऋण मिला। इसके साथ-साथ उन्हें सरकार द्वारा मार्जिन मनी की सहायता एवं ब्याज में अनुदान भी मिला। रवि जैन ने योजना में मिली सहायता से नए उपकरण खरीदे और उन्नत तकनीक का प्रयोग कर अपने व्यवसाय का विस्तार किया। आज रवि का कारोबार राज्य स्तरीय हो गया है। कारोबार इतना बढ़ गया है कि अन्य 5 लोगों को भी नियमित रोजगार पर रख लिया है। अब रवि अन्य लोगों को भी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लाभ लेने के लिये प्रेरित कर रहे हैं।  

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रामकिशन बरार ग्वालियर

हितेन्द्र भदौरिया रामकिशन बरार ग्वालियर शहर की ढ़लाननुमा बस्ती गोल पहाड़िया क्षेत्र में एक कच्ची पाटौर में अपने परिवार के साथ रहते थे। इस क्षेत्र में बरसात के मौसम में पाटौरों के धसकने की दुर्घटनायें हो चुकी थीं। तेज बारिश में जब बिजली कड़कती तो रामकिशन दम्पत्ति अपने बच्चों को सीने से लगा लेते थे। हाथ ठेला श्रमिक रामकिशन के लिये खुद का मकान तो एक सपना था। रोज सुबह 5 बजे रामकिशन अपना हाथ ठेला लेकर लक्ष्मीगंज सब्जीमंडी पहुँच जाते थे। दिन भर हाड़-तोड़ मेहनत कर कारोबारियों का माल इधर से उधर पहुँचाते थे। इससे जो मजदूरी मिलती उसी से परिवार का गुजारा चलता था। रामकिशन ने एक दिन टीवी पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के भाषण में सुना कि सरकार हर जरूरतमंद को मकान मालिक बनायेगी। यहीं से उनके मन में एक उम्मीद की किरण जागी।  रामकिशन ने नगर निगम कार्यालय पहुँचकर आवास के लिये आवेदन भर दिया। एकीकृत शहरी आवास एवं गंदी बस्ती विकास योजना के तहत उनका नाम पक्के आवास के लिये चयनित हुआ। इस योजना के तहत नगर निगम ने गेंडे वाली सड़क, बकरा मंडी में एक सर्वसुविधायुक्त मल्टी का निर्माण कराया। इसी मल्टी में रामकिशन को भी एक पक्का फ्लैट मिल गया। जब रामकिशन को मकान की चाबी मिली तो पूरे परिवार में खुशियाँ छा गईं। इस फ्लैट में एक बैडरूम, ड्राइंग रूम, शौचालय और रसोई सहित सभी बुनियादी सुविधायें उपलब्ध हैं। रामकिशन के बच्चों ने घर को सुंदर-सुंदर तस्वीरों से सजा लिया है। उनके बच्चे नजदीक के सरकारी स्कूल में पढ़ने जाते हैं। पाटौर का जितना किराया देते थे, उससे भी कम किस्त मकान के लिये उन्हें अदा करनी पड़ रही है। घर की चिंता दूर हुई तो रामकिशन अब दूने उत्साह के साथ काम करते हैं। जाहिर है उनकी आमदनी भी बढ़ गई है। देर शाम जब वो घर लौटते हैं तो कुछ फल और मिठाई भी लेते आते हैं। परिवार के साथ जब अपने पक्के घर में एक साथ भोजन करने बैठते हैं तो सारी थकान दूर हो जाती है। रामकिशन दम्पत्ति प्रदेश सरकार को दुआयें देते नहीं थकती।

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नर्मदा-पार्वती लिंक

एमपी के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में भोपाल में सम्पन्न नर्मदा नियंत्रण मंडल की बैठक में 7 हजार 546 करोड़ रूपये लागत की नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना को स्वीकृति दी गई। मालवा अंचल के लिये नर्मदा-क्षिप्रा लिंक परियोजना, नर्मदा-गंभीर लिंक परियोजना और नर्मदा-कालीसिंध परियोजना के बाद यह चौथी महत्वाकांक्षी परियोजना है। इससे 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि सिंचाई परियोजनाओं के कार्य समय-सीमा में पूरे किये जायें। बैठक में बताया गयाकि नर्मदा क्षिप्रा लिंक परियोजना निर्मित हो चुकी है। इससे देवास और उज्जैन की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हुआ है। पचास हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता की नर्मदा गंभीर लिंक परियोजना का निर्माण कार्य जारी है। नर्मदा पार्वती लिंक परियोजना का निर्माण चार चरणों में पूरा होगा। प्रत्येक चरण में पचास हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। इस परियोजना से सीहोर और शाजापुर जिले के 369 गांवों के किसान लाभान्वित होंगे। इस परियोजना के लिये इंदिरा सागर जलाशय से 1.08 मिलियन एकड़ फीट जल का उदवहन किया जायेगा। परियोजना में सिंचाई जल का वितरण भूमिगत पाइप लाइनों के माध्यम से किया जायेगा। प्रत्येक किसान को ढाई हेक्टेयर चक तक 20 मीटर दबाव से जल उपलब्ध होगा। इस प्रणाली से पानी मिलने पर किसान को खेत समतल करने की आवश्यकता नहीं होगी। दबावयुक्त जल से किसान स्प्रिंकलर तथा ड्रिप प्रणाली से कम जल से अधिक सिंचाई कर सकेगा। परियोजना के लिये केवल 8 हेक्टेयर भूमि का अर्जन किया जायेगा। बैठक में जल संसाधन एवं जनसंपर्क मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा, कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री राकेश साहनी और मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह भी उपस्थित थे। नर्मदा परिक्रमा पथ पर बनेंगे 92 यात्री निवास बैठक में नर्मदा परिक्रमा पथ के 16 जिलों में आने वाले 1100 किलोमीटर लम्बे मार्ग पर 92 नर्मदा यात्री निवास निर्माण का अनुमोदन किया गया। इन पर 41 करोड़ 40 लाख रूपये व्यय होंगे। बैठक में समूह उदवहन माइक्रो सिंचाई परियोजना अम्बा रोडिया, बलकवाड़ा, चौड़ी जामनिया और सिमरोल अम्बाचंदन को स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं की कुल लागत 312 करोड़ 24 लाख रूपये है। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी.श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी विकास श्री रजनीश वैश्य, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन श्री आर.एस.जुलानिया, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एस.के.मिश्रा सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।  

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मध्यप्रदेश के 28 खिलाड़ी शिखर सम्मान से अलंकृत

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एकलव्य पुरस्कार विजेताओं को शासकीय नौकरी देने, अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को बिना परीक्षा के पुलिस में उपनिरीक्षक, आरक्षक के पद पर नियुक्ति देने और अन्य शासकीय विभागों में भी ऐसी व्यवस्था करने की घोषणा की है। श्री चौहान आज भोपाल में मध्यप्रदेश शिखर खेल अलंकरण समारोह 2017 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह, विधायक, गणमान्य नागरिक, खेल प्रेमी और खिलाड़ी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिन्दगी खेल के बिना अधूरी है। राजनीति में खेल आ जाये तो चमत्कार होता है, लेकिन खेलों में राजनीति नहीं आनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जिस विजन के साथ राष्ट्र निर्माण का कार्य हो रहा है, उसमें 2020 के ओलंपिक में भारत पदकों का रिकार्ड बनायेगा। खेलों में देश में नया इतिहास रचा जा रहा है। मध्यप्रदेश भी इसमें अग्रणी रहेगा। मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन में यह दिख रहा है। भारत की महिला हॉकी टीम में आधे खिलाड़ी मध्यप्रदेश की हॉकी अकादमियों के हैं। अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के 80 खिलाड़ियों ने प्रतिभागिता की, जिनमें से 46 ने पदक प्राप्त किये। उन्होंने पालकों से कहा कि बच्चों को खेलने-कूदने और मस्ती करने का अवसर भी दें। जो बच्चे पढ़ना चाहते हैं और जो खेलना चाहते हैं, दोनों के साथ प्रदेश की सरकार है। मेधावी बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस राज्य सरकार द्वारा भरवाये जाने की योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि खेलने वाले बच्चों को भी पीछे नहीं रहने दिया जायेगा। बच्चे राज्य का भविष्य हैं, उनकी हर आवश्यकता को पूरा किया जाएगा। केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि कानून बनाकर केन्द्रीय सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिये निर्धारित पदों के आरक्षण की व्यवस्था की जायेगी। खिलाड़ियों के लिये आरक्षित पद पर उम्मीदवार नहीं मिलने पर रिक्त पद अगले वर्ष की रिक्तियों में जोड़ दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि खेलों से संबंधित मोबाइल एप्लीकेशन भी तैयार किया जा रहा है जिसमें खेल मैदानों, अन्य सुविधाओं और प्रशिक्षकों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। श्री राठौर ने कहा कि भारत सरकार खेलों इंडिया के विजन पर कार्य कर रही है। देश में पहली बार अंडर-17 की खेल प्रतियोगिताओं का विशाल टूर्नामेंट 31 जनवरी से 8 फरवरी 2018 तक आयोजित किया जायेगा। इस टूर्नामेंट में विभिन्न विद्यालयों, फेडरेशनों और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीमें भाग लेंगी। खिलाड़ियों को समर्थन और संसाधन उपलब्ध कराने के लिये प्रथम चरण की स्पांसरशिप भी केन्द्र सरकार द्वारा दी जायेगी। हर वर्ष देश भर से एक हजार खिलाड़ियों को पांच लाख रुपये प्रति वर्ष के मान से आठ वर्ष की स्पांसरशिप दी जायेगी। विद्यालयों में आगामी ग्रीष्मावकाश से पूर्व आठ से चौदह वर्ष की उम्र की खेल प्रतिभाओं की खोज का कार्य भी किया जायेगा। उनकी शारीरिक क्षमताओं और दक्षताओं के आधार पर उनको उपयुक्त खेल का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसी तरह खेल प्रतिभाओं को खोजने वाले प्रशिक्षकों को भी उचित प्रोत्साहन और सम्मान दिये जाने की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि पदक विजेता खिलाड़ी के प्रशिक्षक के लिये निर्धारित प्रोत्साहन राशि का बीस प्रतिशत हिस्सा प्रारंभिक कोच को मिले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया अभियान में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के प्रयास किये जा रहे है। अच्छा इंजीनियर, अच्छा डॉक्टर और अच्छा नागरिक बनाने के लिये खेल आवश्यक हैं। टीम के लिये खेलने, गिर कर उठने और हार कर जीतने की शिक्षा खेल मैदान में ही मिलती है। ऐसे गुरुओं के सम्मान और गुरु-शिष्य की संस्कृति को पुनर्स्थापित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। श्री राठौड़ ने मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश राज्य में ही उनकी विद्यालयीन और सैनिक शिक्षा संपन्न हुई है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि दिल और दिमाग में जीत हासिल करने का जज्बा ही जीत को पक्का करता है। पैरा ओलम्पियन खिलाड़ियों के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने चुनौतियों का सामना संकल्प और कठोर परिश्रम से किया और सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने आज दो सौ करोड़ का बजट खेलों को उपलब्ध कराया है। इस अवसर पर रियो पैरा ओलम्पिक के पदक विजेताओं सुश्री दीपा मलिक को चालीस लाख रुपये, श्री देवेन्द्र झांझरिया को पचास लाख रुपये, मरियप्पन थंगावेलू को पचास लाख रुपये और वरुण सिंह भाटी को पच्चीस लाख रुपये तथा रियो ओलम्पिक-2016 में महिला कुश्ती में कांस्य पदक विजेता सुश्री साक्षी मलिक को पच्चीस लाख रुपये की सम्मान निधि से सम्मानित किया गया। भारतीय महिला हॉकी दल में मध्यप्रदेश राज्य महिला हॉकी अकादमी की सुश्री अनुराधा देवी, पी. सुशीला चानू, रेणुका यादव तथा एल. फैली को 5-5 लाख रुपये की सम्मान निधि दी गई। वर्ष 2017 के लिये एकलव्य, विक्रम एवं विभिन्न खेल पुरस्कारों के लिए प्रदेश के कुल 28 खिलाड़ियों को शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया।

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भावांतर योजना

भावांतर योजना में  पाँच कृषि उपज की नवीन दरें घोषित अधिसूचित मंडियों में पंजीकृत किसानों द्वारा अधिसूचित फसलों के विक्रय पर नवीन दरों से मिलेगी राशि  भावांतर भुगतान योजना अन्तर्गत मध्यप्रदेश शासन ने किसान हितैषी निर्णय लेते हुए एक नवम्बर से 30 नवम्बर के दौरान बेची गई अधिसूचित फसलों के लिए नवीन औसत मॉडल दरें घोषित की है। शासन ने सभी कलेक्टरों को नवीन दरों के अनुसार पंजीकृत किसानों से अधिसूचित मंडियों में खरीदी गई अधिसूचित फसलों के लिए भावांतर राशि के भुगतान के निर्देश दिये हैं। निर्देशानुसार सोयाबीन, उड़द, मक्का, मूंग एवं मूंगफली की नवीन औसत मॉडल दरें घोषित की गई है। रामतिल एवं तिल की औसत मॉडल दरें पूर्वानुसार यथावत रखी गई हैं। प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा ने बताया है कि इस अवधि के लिए योजना की नियत प्रक्रिया एवं प्रावधानों के अनुसार गठित की गई उप समिति की अनुशंसा के क्रम में एक से 30 नवम्बर 2017 के लिये सोयाबीन की औसत मॉडल दर 2640 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द की 3070 रुपये प्रति क्विंटल, मक्का की 1110 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग की 4120 रुपये प्रति क्विंटल और मूंगफली की 3570 रुपये प्रति क्विंटल रहेगी। नवीन दरों के अनुरूप भावांतर की राशि का भुगतान किये जाने के निर्देश दिये गये है। रामतिल एवं तिल की औसत मॉडल दरें न्यूनतम समर्थन मूल्य से उक्त अवधि में अधिक रहने के कारण इन दोनों कृषि उपज पर भावांतर उक्त अवधि में देय नहीं होगा। मध्यप्रदेश शासन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा आज जारी आदेशानुसार भावांतर भुगतान योजना में ऐसे समस्त पंजीकृत किसान जिनके द्वारा अधिसूचित फसलों (सोयाबीन, उड़द, मक्का, मूंग एवं मूंगफली) का विक्रय अधिसूचित मंडियों में एक से 30 नवम्बर 2017 की अवधि में किया गया है, उन्हें योजना के प्रावधानों एवं पात्रता के अनुसार भावांतर राशि का भुगतान किये जाने के लिये सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है। जिला स्तरीय समिति परीक्षण के बाद कृषकों को एसएमएस भेजेगी नवीन औसत मॉडल दरों के अनुसार कृषकों को भावांतर राशि कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण के बाद पात्रतानुसार पंजीकृत किसानों के खातों में जमा करवाई जायेगी। अधिसूचित मंडी प्रांगण में कृषि उपज का विक्रय करने वाले पंजीकृत किसानों को प्रावधानों के अनुसार गणना कर उन्हें दी जाने वाली भावांतर राशि की जानकारी उनके मोबाइल पर एसएमएस द्वारा भेजी जाएगी।

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भावांतर भुगतान योजना

      भावांतर भुगतान योजना के बारे में शुरू में जितनी भी अफवाहें फैलाई गई, वो सब बेअसर साबित हुई हैं। किसानों को कृषि उपज मंडियों में उनकी फसल की वाजिब कीमत के साथ-साथ समर्थन मूल्य और मॉडल रेट के अन्तर की राशि राज्य सरकार की ओर से भावांतर राशि के स्वरूप में सीधे बैंक खातों में प्राप्त हो रही हैं। किसान अब अफवाहों से सावधान हो गये हैं और अपनी उपज को गल्ला किसानों की दुकानों की बजाय सीधे कृषि मंडियों में लाकर सरकारी महकमें की देखरेख में बेच रहे हैं।  भावांतर भुगतान योजना के पहले चरण में 16 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच गुना जिले की कृषि उपज मंडियों में 3644 किसानों ने अपनी फसल बेंची। इन्हें व्यापारी द्वारा फसल का नगद भुगतान मंडी में ही मिला और भावांतर राशि कुल 4 करोड़, 62 लाख 54 हजार 510 रुपये बैंक खातों के माध्यम से मिली। इस योजना के अन्तर्गत नरसिंहपुर जिले में उक्तावधि में 2457 किसानों ने कृषि मंडियों में जाकर अपनी फसल बेची। इन्हें भी मंडियों में फसल का वाजिब दाम मिला। साथ ही 3 करोड़ 69 लाख रुपये भावांतर राशि बैंक खातों में भी मिली। गुना जिले के ग्राम मोड़का के किसान इन्द्रजीत चौहान को उनकी उड़द की फसल मंडी में बेचने पर अच्छी कीमत तुरंत मिली। साथ ही 1,12,879 रुपये भावांतर राशि बैंक खाते में मिली। इन्हें नहीं पता था कि बैंक खाते में पहुंची राशि किस कारण मिली है। इन्होंने बैंक जाकर पूछा तब मालूम हुआ कि यह मंडी में बेची गई फसल की भावांतर राशि है जो राज्य सरकार ने दी है। किसान इन्द्रजीत ने भावांतर राशि से अगली फसल की तैयारी शुरू कर दी है। गुना जिले के ही बृजमोहन यादव को 1,17,792 रुपये, अर्चना बाई को 1,12,368 रुपये, चन्द्रभान सिंह को 84,672 रुपये और कैलाशनारायण नागर को 94,968 रुपये भावांतर राशि मिली है। ये किसान इस राशि का इस्तेमाल अपने घरेलू खर्चों की प्रतिपूर्ति और अगली फसल की तैयारी में कर रहे हैं। भावांतर भुगतान योजना से ग्राम बढ़ैयाखेड़ा जिला नरसिंहपुर के किसान नरेन्द्र कुमार लोधी को 17.40 क्विंटल उड़द गोटेगांव मंडी में बेचने पर समर्थन मूल्य नगद मिला और भावांतर राशि 41,760 रुपये अलग से मिली। नरेन्द्र ने 2776 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से मंडी में अपनी उड़द बेची थी। नरेन्द्र की तरह ही प्यारेलाल लोधी को उड़द की फसल मंडी में बेचने पर तत्काल समर्थन मूल्य तो मिला ही, साथ ही भावांतर भुगतान योजना के अन्तर्गत 15,120 रुपये और ग्राम कन्हारपानी के कृषक डब्बूलाल लोधी को 71,160 रुपये भावांतर राशि मिली है। ये सभी किसान अब भावांतर भुगतान योजना के फायदे अच्छी तरह समझने लगे हैं।

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kuposhan

भोपाल गैंगरेप सहित प्रदेश के अन्य स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ हो रही लगातार घटनाओं के मामले उठाते हुए विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आज विधानसभा में कांग्रेस के रामनिवास रावत, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित कई विधायकों ने भोपाल के शक्ति कांड का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर एक बार फिर अपनी ही सरकार के लिए परेशानी लेकर आए। गौर ने कुपोषण के मुद्दे पर सरकार पर सवाल उठाए। महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध को लेकर विपक्ष ने स्थगन भी लगाया। कांग्रेस विधायकों ने सदन में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा ने आश्वस्त किया कि वे विषय का परीक्षण कर अपना फैसला सुनाएंगे। विपक्ष के हमले पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि सरकार दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध करने वालों के लिए फांसी की सजा का कानून ला रही है। इसके अलावा जबलपुर से विधायक तरुण भनोत सहित कई विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से अफसरशाही की शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि अधिकारी उनके पत्रों का जवाब नहीं देते। प्रश्न काल में उठे इस विषय पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने भी विधायकों का पक्ष लेते हुए मंत्रियों को ताकीद किया कि वे इस बात को सुनिश्चित करें कि विधायकों द्वारा लिखे जाने वाले पत्रों के जवाब समय पर दिए जाएं और जो लोग इन दिशा निर्देशों का पालन नहीं करते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इधर कुपोषण के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने विपक्ष के सुर में सुर मिलाते हुए अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए। गौर ने कहा प्रदेश में कुपोषण क्यों नहीं रुक रहा है और इसके लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। इसके जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि कुपोषण के स्तर में कमी आई है लेकिन कोई भी यह पूरी तरह दावे से नहीं कह सकता है कि समस्या से निजात पा लिया गया है।

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संत कबीर

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि संत कबीर ने अन्याय और आडम्बर से मुक्त समानता पर आधारित समाज का ताना-बाना बुना था। उनकी शिक्षा समाज के लिये संजीवनी है। वे गहरे अर्थों में निर्बल लोगों के पक्षधर थे। वे संत से बड़े समाज सुधारक थे। राष्ट्रपति श्री कोविंद आज यहाँ लाल परेड मैदान पर सदगुरू कबीर महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कहा है कि संत कबीर ने अंधविश्वास और पाखण्ड पर कठोर प्रहार किया था। संविधान में न्याय, समानता और बंधुत्व के आदर्श कबीर से प्रेरित है। संत कबीर मानव प्रेम के पक्षधर थे। संत कबीर की वाणी का उल्लेख गुरू नानक ने गुरू ग्रंथ साहिब में किया है। संत कबीर की शिक्षा समानता और समरसता की है। साहस के साथ अंध विश्वास को समाप्त करना ही निर्भीकता है। कबीर ने अपने जीवन में इसका उदाहरण प्रस्तुत किया था। उन्होंने आव्हान किया कि मानवता से प्रेम करने के आदर्श पर चलकर देहदान करें। मानव अंगों के दान से कई लोगों को जीवन मिल सकता है। समावेशी और संवेदनशील सोच पर आधारित विकास राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कहा कि संत कबीर के जीवन का मुख्य संदेश सबको समानता के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में राज्य सरकार इसी दिशा में समावेशी विकास के लिये कार्य कर रही है। आर्थिक विकास में सफलतम प्रदेश मध्यप्रदेश में सबको विकास के अवसर उपलब्ध कराये गये हैं। प्रदेश की जीडीपी एक लाख करोड़ रूपये से बढ़ कर पाँच लाख करोड़ रूपये तक पहुँच गयी है। यह विकास समावेशी और संवेदनशील सोच पर आधारित है। इसी सोच से लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजना बनी है। कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास को ध्यान में रखकर योजनाएँ क्रियान्वित की जा रही हैं। संत कबीर का मध्यप्रदेश से गहरा नाता रहा है। प्रदेश के बाँधवगढ़ में उन्होंने लम्बा प्रवास किया था। वहाँ पर कबीर गुफा तीर्थ-स्थल है। मध्यप्रदेश की हर हिस्से की अपनी गौरव गाथा है। यहाँ साँची में बौद्ध स्तूप तथा अमरकंटक में प्रथम जैन तीर्थंकर श्री ऋषभदेव का मंदिर है। उज्जैन और ओंकारेश्वर में ज्योर्तिलिंग हैं। उज्जैन का सिंहस्थ कुंभ प्रसिद्ध है। मध्यप्रदेश की धरती ने संगीत सम्राट तानसेन, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकरदयाल शर्मा, पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी, नानाजी देशमुख, सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर और बाबा साहेब अंबेडकर जैसे अनगिनत रत्न पैदा किये है। कबीर एक निर्भीक संत थे राज्यपाल श्री ओ.पी. कोहली ने कहा है कि भारत धर्म प्रधान देश है। जिसमें साधु-संतों को समाज में आदर मिलता है। कबीर एक निर्भीक संत थे, जिन्होंने किताबी ज्ञान से परे हटकर अनुभवों के आधार पर सत्य का दर्शन करवाया। उन्होंने पाखण्डों का घोर विरोध किया और आँखिन देखी पर बल दिया। कबीर की वाणी कल्याणकारी और जीवन अनुभवों को सुदृढ़ करने वाली है। संत कबीर लोक कवि थे, जिन्होंने लोक जागरण किया। पुरानी रूढ़ियों को तोड़कर प्रगति के पथ पर बढ़ाने वाली विचारधारा के संत थे। उन्होंने समाज में समानता की भावना को बढ़ाने का काम किया। सामाजिक समरसता का संदेश मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संत कबीर का दर्शन आज भी प्रासंगिक है। उनका यह दर्शन पूरे जीवन को बदल सकता है। साथ ही भौतिकता के अग्नि में दग्ध विश्व को शाश्वत शांति का दिग्दर्शन कराने में सक्षम हैं। संत कबीर ने समानता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया है। संत कबीर ने जाँत-पाँत को महत्व न देते हुए ज्ञान और प्रेम को महत्व दिया है। उन्होंने रूढ़ियों और पाखण्डों का विरोध किया। श्री चौहान ने संत कबीर के दोहे और साखियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान उसी तरह हर घट में रहते हैं जिस तरह मेहंदी के पत्तों में लाल रंग छिपा रहता है। यदि कहीं भगवान हैं तो गरीबों में हैं। गरीब की सेवा ही भगवान की पूजा है। उसी के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार गरीबों के कल्याण का कार्य कर रही है। श्री चौहान ने कहा है कि गरीबों के रोटी-कपड़ा और मकान तथा उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और दवाई के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। मध्यप्रदेश एक मात्र राज्य है जहाँ हर आवासहीन को भूखण्ड प्रदाय का कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सभी गरीबों को चार वर्ष में पक्के मकान मुहैया करवाये जायेंगे। अनुसूचित जाति, जनजाति सहित सभी गरीबों को एक रूपये किलो गेहूँ और चावल मुहैया करवाया जा रहा है। पैसों के अभाव में कोई विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रहे इसके लिये मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी सहायता योजना शुरू की गई है। शहरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रहने के कमरे का किराया तथा विदेश अध्ययन के लिये छात्रवृत्ति भी उपलब्ध करवायी जा रही है। हर वर्ष डेढ़ लाख युवाओं को स्व-रोजगार के लिये मदद मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानोदय, श्रमोदय, एकलव्य, विद्यालयों का जाल बिछाया जायेगा। मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति-जनजाति के ड़ेढ़ लाख युवाओं को हर वर्ष रोजगार के लिये ऋण-अनुदान सहायता तथा पाँच वर्ष तक पाँच प्रतिशत ब्याज अनुदान मुहैया करवाया जायेगा। एक लाख बच्चों को स्व-रोजगार के लिये मदद दी जायेगी। तीन वर्षों में तीन लाख युवाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जायेगा। संत कबीर के दर्शन पर शोध के लिये दो विश्वविद्यालय में कबीर सृजन पीठ की स्थापना की जायेगी। आत्मा का गान करने वाली कबीर भजन मंडलियों को एकतारा के लिये सहायता दी जायेगी। प्रदेश में स्थित कबीर चौराहों, मठों का पुनउद्धार किया जायेगा। हर वर्ष कबीर महाकुंभ का आयोजन किया जायेगा तथा कबीर के विचारों को आगे बढ़ाने वाले स्वैच्छिक संगठनों को सहायता दी जायेगी। कबीर की जन्म-स्थली को मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में शामिल किया जायेगा। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सामाजिक समरसता का संदेश देने का काम राज्य सरकार ने किया है। प्रदेश में गरीब, शोषित और पीड़ितों के कल्याण के लिये कई योजनाएँ बनाई गईं हैं। संत श्री असंगनाथ जी ने कहा कि कबीर ने कहा था कि अपने मन को निर्मल बना लो तो भगवान आपको ढूँढेगा। विचार करना आ जाये तो हर दु:ख दूर हो जायेगा। जो लोगों को जोड़ता है वहीं जीतता है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान की गई व्यवस्थाओं की पूरे देश में सराहना हुई है। स्वागत भाषण मध्यप्रदेश हस्तशिल्प विकास निगम के अध्यक्ष श्री नारायण प्रसाद कबीरपंथी ने दिया। कबीर सम्मान कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कबीर सम्मान से तीन शब्द-शिल्पियों सर्वश्री रेवाप्रसाद द्विवेदी (बनारस), सुश्री प्रतिभा सत्पथी (भुवनेश्वर) और श्री के. शिवा रेड्डी (हैदराबाद) को सम्मानित किया। इन्हें पुरस्कारस्वरूप तीन लाख रूपये और सम्मान-पट्टिका भेंट की गयी। उन्होंने 'मध्यप्रदेश में कबीर' ग्रंथ का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द को गोंड चित्रकला की कृति भेंट की। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह ने देश की प्रथम महिला श्रीमती सविता कोविन्द को मध्यप्रदेश की मशहूर चंदेरी साड़ी भेंट की। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक श्री प्रहलाद टिपाणिया और साथियों ने भजन प्रस्तुत किये। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, सांसद एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री नंदकुमार सिंह चौहान, संस्कृति राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा, सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग, सांसद सर्वश्री सत्यनारायण जटिया और चिंतामन मालवीय, श्री नारायण केशरी सहित बड़ी संख्या में कबीर पंथ के संत और अनुयायी तथा जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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चित्रकूट में  हथियार जमा

सतना जिले के 61-चित्रकूट विधानसभा उप चुनाव को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए अब तक बिना लायसेंस के 2 हथियार जब्त तथा 1108 लायसेंसी हथियार जमा किये जा चुके है। सीआरपीसी की विभिन्न घाराओं के तहत 891 मामलों में 315 व्यक्तियों को बांउड ओवर किया गया है। गैर-जमानती 127 वारंट की तामीली करवाई जा चुकी है। तामीली के 54 वारंट लंबित है। क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से 11 पुलिस नाके स्थापित किये गये है। क्षेत्र में 50 वल्नरेबल क्षेत्र तथा कर गड़बड़ी फैलाने की आंशका वाले 60 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है। निर्वाचन क्षेत्र में सम्पति विरूपण कानून के तहत अब तक 438 दीवार लेखन को हटाया जा चुका है। इसी तरह 565 पोस्टर और 307 बैनर जब्त किये जा चुके है। क्षेत्र हमें आबकारी विभाग का उड़नदस्ता और पुलिस की टीमें लगातार मश्त कर रही है। सतना जिले में आदर्श आचरण संहिता का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है। आचार संहिता के उल्लधन की अब 4 शिकायतें प्राप्त हुई है।  

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भावांतर योजना

निगरानी के लिये 25 जिलों में वरिष्ठ अधिकारी तैनात  मध्यप्रदेश में भावांतर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों को खरीफ-2017 के लिये चिन्हित 8 जिन्सों को बेचने के लिये अगर खेत से 15 किलोमीटर या इससे अधिक दूरी पर स्थित कृषि उपज मण्‍डी/उप मण्‍डी तक फसल ले जाना पड़ेगा तो उसे प्रति किलोमीटर के आधार पर परिवहन व्यय मिलेगा। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा आज इस आशय के विस्तृत निर्देश जारी कर दिये गये हैं। परिवहन दर का निर्धारण जिला कलेक्टर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी तथा जिला स्तर की मण्‍डी के सचिव की समिति करेगी। परिवहन व्यय की राशि का भुगतान मण्‍डी निधि से किया जायेगा। परिवहन व्यय के लिये चयनित जिन्सों में सोयाबीन, मक्का, तिल, रामतिल, मूंगफली, मूंग, उड़द और तुअर शामिल हैं। परिवहन व्यय भुगतान की शर्तें और प्रावधान भी तय कर दिये गये हैं। शर्तों और प्रावधानों में प्रदेश के अधिसूचित आदिवासी क्षेत्र के जिलों में जिला प्रशासन एग्रीकेटर के तौर पर ट्रेक्टर-ट्राली/वाहन को अधिकृत करेंगे। अधिसूचित आदिवासी जिलों की सूची सभी संबंधितों को भेजी गई है। गैर आदिवासी क्षेत्रों के जिलों में कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा खुलवाये गये कस्टम हायरिंग सेन्टर के उपलब्ध ट्रेक्टर-ट्राली/वाहन से परिवहन का भुगतान किया जायेगा। कस्टम हायरिंग सेंटर की जिलेवार जानकारी कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय की वेबसाइट www.mpdag.org पर उपलब्ध है। परिवहन की गई फसल के मण्‍डी के दस्तावेजों के आधार पर विक्रय का सत्यापन करने के बाद संबंधित जिला कलेक्टर की समिति द्वारा निर्धारित की गई प्रति किलोमीटर परिवहन दर से निकटतम मंडी प्रांगण की दूरी का जहाँ फसल बेची गई है, परिवहनकर्ता को व्यय का भुगतान किया जायेगा। योजना की शर्तों में जिले की अन्य निकटवर्ती मण्‍डी में विक्रय किये जाने पर जिले की समिति द्वारा तय दर पर भुगतान किया जायेगा। एक बार में एक से अधिक किसानों के उत्पाद का एक ट्रेक्टर-ट्राली में सम्मिलित रूप से परिवहन किये जाने की स्थिति में परिवहनकर्ता को अधिसूचित क्षेत्र और गैर-धिसूचित क्षेत्र के जिलों के लिये लागू शर्तों के तहत परिवहन व्यय का भुगतान होगा। परिवहन व्यय का भुगतान मण्‍डी समिति द्वारा परिवहनकर्ता के खाते में डिजिटल पेमेंट के माध्यम से जमा कराया जायेगा।दो नवंबर तक प्रदेश के एक लाख 12 हजार से अधिक किसानों ने अपनी 32 लाख क्विंटल उपज का विक्रय अधिसूचित मंडियों में किया है। मुख्य सचिव ने ली बैठक भावांतर भुगतान योजना अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 25 जिलों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की डयूटी लगाई गई है। ये अधिकारी उक्त जिलों का भ्रमण कर वहाँ की मंडियों की व्यवस्था तथा योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। ये अधिकारी समीक्षा में पाई गई कमियों को जिला प्रशासन के माध्यम से दूर करवायेंगे। संबंधित अधिकारियों की बैठक मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह द्वारा आज ली गई। बैठक में नामांकित अधिकारियों को योजना के बारे में और निरीक्षण प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई।  

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उद्योग संवर्द्धन नीति

मंत्रि-परिषद के निर्णय  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को  हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद उद्योग संवर्द्धन नीति 2014 में संशोधन की मंजूरी दी गई। प्रदेश में वृहद निवेश प्रस्तावों को आकर्षित करने के लिए कर आधारित सुविधाओं के स्थान पर पूँजी निवेश, रोजगार सृजन एवं निर्यात संवर्द्धन को आधार बनाकर लागत पूँजी अनुदान की योजना 'निवेश प्रोत्साहन सहायता' के नाम से लाई गई है। इस सुविधा अंतर्गत 10 से 40 प्रतिशत तक लागत पूँजी अनुदान दिया जायेगा, जो छोटे निवेशकों को अधिकतम 40 प्रतिशत होगा। जबकि बड़े निवेशकों को 10 प्रतिशत के स्लेब में रखा गया है। वृहद रोजगार सृजन करने वाले एवं निर्यातोन्मुखी उद्योगों को निवेश प्रोत्साहन सहायता अंतर्गत अतिरिक्त सुविधा दी जायेगी। लोक निर्माण विभाग के 4633 अस्थाई पद स्थायी मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग के 4633 अस्थाई पदों को विभाग की आवश्यकता और निरंतरता को देखते हुए स्थायी करने का निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद ने कुण्डालिया वृहद सिंचाई परियोजना के विस्थापितों को विशेष पुर्नवास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। परियोजना राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील में निर्माणाधीन है। इस विशेष पैकेज से 81 करोड 9 लाख का अतिरिक्त लाभ 5994 विस्थापित परिवारों को प्राप्त होगा। राज्य विधि आयोग का पुनर्गठन मंत्रि-परिषद ने राज्य विधि आयोग को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। राज्य में विधि आयोग का पुनर्गठन कर उसके सुचारु संचालन के लिए 30 पद के सृजन की मंजूरी दी गई। मंत्रि-परिषद ने राज्य आनंद संस्थान की पद संरचना तथा कार्यपालन समिति की संरचना में परिवर्तन तथा संशोधन की मंजूरी दी। संस्थान के लिए अतिरिक्त 8 पद के सृजन की अनुमति दी गई। संस्थान की सामान्य सभा को कार्यपालन समिति की संरचना में बदलाव का अधिकार भी दिया गया। संस्था की उपविधियों में सभी आवश्यक संशोधन करने के लिए आवश्यक अधिकार सामान्य सभा को देने का निर्णय भी किया गया। मंत्रि-परिषद ने महाप्रबंधक परियोजना एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन का प्रस्ताव 2x660 मेगावाट की विद्युत परियोजना के लिए रेलवे पथ निर्माण के लिए तहसील सनावद जिला खरगोन के 21 ग्रामों की कुल 23.180 हेक्टेयर शासकीय भूमि वर्ष 2017-18 की कलेक्टर गाइड लाइन अनुसार प्रीमियम तथा उस पर 7.5 प्रतिशत भू -भाटक लेकर आवंटित करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने उच्च शिक्षा विभाग की प्रचलित योजना 'पुरस्कार एवं प्रोत्साहन योजना' को तीन वर्ष में अनुमानित व्यय भार 875 लाख की स्वीकृति एवं योजना को निरंतर रखने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने विमुक्त, घुमक्कड़ एव अर्द्ध घुमक्कड़ जनजाति के उत्थान के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज सेवक को पुरस्कार योजना नियम 2014 का नामकरण 'संत श्री सेवालाल महाराज' करने की मंजूरी दी।    

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मुख्यमंत्री शिवराज  दशहरा पूजा

मुख्यमंत्री चौहान ने दी सबको शुभकामनाएं  मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में आज निवास पर दशहरा की पूजा अर्चना की। श्री चौहान एवं उनकी धर्म पत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान ने वाहनों की पूजा की। उन्होंने सभी को विजयादशमी की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्री चौहान ने कहा कि यह पर्व आसुरी शक्तियों का विनाश करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेश की समृद्धि और नागरिकों की खुशहाली की मंगल कामना की। इस अवसर पर समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं सुरक्षा कर्मी उपस्थित थे। म.प्र. को भ्रष्टाचार मुक्त, गरीबी मुक्त, गंदगी मुक्त प्रदेश बनाने का आव्हान  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी नागरिक बंधुओं और श्रद्धालुओं को विजयादशमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि विजयादशमी समृद्धशाली भारतीय संस्कृति का प्रतीक पर्व है। जनमानस के आराध्य भगवान श्रीराम ने अहंकार के प्रतीक रावण का वध कर लंका विजय की थी। यह अपने अंदर की बुराईयों का दहन करने का अवसर है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विजयादशमी के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश को गंदगी मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, आतंकवाद मुक्त और गरीबी मुक्त प्रदेश बनाने का आव्हान किया है। श्री चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश का कायाकल्प शक्तिशाली, समृद्धशाली और पूर्ण रूप से विकसित प्रदेश के रूप में हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहे, नागरिकों का जीवन समृद्धि और खुशहाली से भरपूर रहे, यही ईश्वर से प्रार्थना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी को दीपोत्सव की भी अग्रिम बधाईयाँ दी।  

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जग्गी वासुदेव

  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने  विदिशा में आयोजित नदी अभियान कार्यक्रम में कहा कि नदियां मानव जीवन का आधार हैं। इसलिये नदियों को बचाने के लिए आमजनों को भी साथ आना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को हम प्रचुर मात्रा में जल और अच्छा पर्यावरण विरासत में दें, इसके लिए सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव के अभियान में सबको बढ़-चढ़कर भाग लेना होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विदिशावासियों से अपील की कि नर्मदा सेवा यात्रा की तर्ज पर बेतवा को बचाने के लिए सेवा यात्रा जरूर निकालें। बेतवा बरसाती नदी बनकर ना रह जाए। इसके लिए नदी के दोनो तरफ एक-एक किलोमीटर तक फलदार पौधे लगाए जाएंगे। श्री चौहान ने कहा कि निजी भूमिधारक कृषक भी इस काम में अपनी सहभागिता निभाएं। किसानों द्वारा अपनी निजी भूमि पर पौधे लगाने के लिये उन्हें पचास प्रतिशत अनुदान पर शासन पौधे मुहैया कराएगा और शुरू के तीन वर्षो तक संबंधित किसानों को राज्य सरकार द्वारा मुआवजा राशि भी दी जाएगी। नदी अभियान के संवाहक सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने नदी अभियान को धरातल पर अवतरित करने के कार्यो में सबसे ज्यादा मदद की है। उन्होंने पौधो पर अनुदान देने की घोषणा को मील का पत्थर बताते हुए आग्रह किया कि अधिक से अधिक पौधे रोपे जाएं और उन्हें जीवित रखा जाए। फलदार पौधे लगाने एवं औषधीय खेती करने से जहां किसानों को अधिक मुनाफा होगा, वही पर्यावरण बेहतर बनेगा और नदियों में जल की प्रचुर मात्रा बनी रहेगी। सदगुरू ने लोगों से नदी अभियान से जुड़ने की अपील की। सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री बाढ वाले गणेश मंदिर के समीप बने बेतवा नदी के तट पर पहुंचकर नदी की पूजा-अर्चना की। सदगुरू ने बेतवा नदी के साथ सेल्फी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान ने सदगुरू श्री जग्गी वासुदेव को स्मृति चिन्ह के रूप में सांची का स्तूप भेंट किया। श्री बाढ वाले गणेश मंदिर प्रागंण में हुए नदी अभियान कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक श्री कल्याण सिंह ठाकुर, नगरपालिका अध्यक्ष श्री मुकेश टण्डन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोरण सिंह दांगी स