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निवेश के लिये मध्यप्रदेश सबसे अधिक पसंदीदा राज्य
sushma swaraj

समिट में 5 लाख 62 हजार 847 करोड़ रूपये के 2630 इन्टेंशन टू इन्वेस्ट 

विदेश मंत्री  सुषमा स्वराज ने कहा है कि सतत प्रयासों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश आज निवेश के लिये सबसे अधिक पसंदीदा राज्य बन गया है। श्रीमती स्वराज  इंदौर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2016 के समापन समारोह को संबोधित कर रही थी। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने बताया कि इस समिट में 5 लाख 62 हजार 847 करोड़ रूपये के 2630 इन्टेंशन टू इन्वेस्ट मिले हैं। समिट में 42 देश के लगभग 4 हजार निवेशक ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि अगली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इंदौर में 16 और 17 फरवरी 2019 को होगी।

श्रीमती स्वराज ने कहा कि मध्यप्रदेश में बेहतर नेतृत्व और जन-केन्द्रित नीतियों से विकास हुआ है। प्रदेश की विकास दर लगातार 10 प्रतिशत से अधिक रही है। भारत को 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिये मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, क्लीन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टेण्डअप इंडिया और स्मार्ट सिटी जैसे कार्यक्रम शुरू किये गये हैं। विश्व बैंक ने भारत को सबसे अधिक खुली अर्थ-व्यवस्था बताया है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत को वर्ष 2016-17 के लिये विश्व की सबसे तेजी से विकसित हो रही अर्थ-व्यवस्था बताया है। जीएसटी को 23 राज्य ने पारित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद 55.5 मिलियन डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश आया है, जो पिछले वर्ष की तुलना मे 53 प्रतिशत अधिक है। विदेश मंत्रालय ने ई-वीजा योजना लागू की है। राज्यों में विदेशी पूँजी निवेश को बढ़ावा देने के लिये अलग से स्टेट डिवीजन बनाया है। मध्यप्रदेश में विदेशी पूँजी निवेश में केन्द्रीय विदेश मंत्रालय पूरी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि 25 मिलियन अप्रवासी भारतीय भारत के विकास में योगदान दे रहे हैं। उन्हें संवाद का मंच उपलब्ध कराने के लिये प्रवासी भारतीय दिवस 7 जनवरी 2017 को बैंगलुरु में आयोजित किया जायेगा।

मध्यप्रदेश बन गया है 'मुख्य प्रदेश' – श्री नायडू

केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री  वैंकैया नायडू ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को समर्पित, डायनामिक और अनुशासित मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ रहा है। श्री नायडू ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिये इस्तेमाल होने वाला बीमारू शब्द अब अतीत की बात हो गई। पिछले दस साल में मध्यप्रदेश, मुख्यप्रदेश बन गया है। उन्होंने कहा कि 18 हजार 900 मेगावाट बिजली उपलब्ध होना एक रिकार्ड है। अब सभी क्षेत्रों के लिये बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित है। कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश सबसे आगे है। कृषि क्षेत्र में प्रगति का नया कीर्तिमान बना है। श्री नायडू ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेशक के लिये अब आदर्श स्थल बन गया है। उन्होंने कहा कि शहरी अधोसंरचना अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुई है। इसमें मुख्यमंत्री का नेतृत्व सराहनीय है। 

श्री चौहान ने कहा कि निवेशकों के उत्साह और निवेश करने के सकारात्मक दृष्टिकोण को देखते हुए मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास अवश्यंभावी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश का विकास हो रहा है। मध्यपदेश इसमें प्रमुख भूमिका निभाने के लिये तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सबके लिये आवास की सोच को मध्यप्रदेश पूरा करेगा। उन्होंने प्रतिभावान विद्यार्थियों की पढाई की फीस सरकार द्वारा भरने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल सम्पन्न जनशक्ति तैयार कर रहे हैं। स्वस्थ मध्यप्रदेश बनाने के लिये संकल्पित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने 20 हजार करोड रूपये के निवेश के एमओयू किये हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान केवल भोपाल गैस त्रासदी से होती थी अब बेहतर निवेश परिवेश के लिये होती है। श्री चौहान ने कहा कि निवेश का यह कारवां बढ़ता रहेगा। निवेशकों का भरोसा टूटने नहीं देंगे। मुख्यमंत्री ने उद्योगों और निवेशकों के हित में कई घोषणाएँ की।

केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री श्री गेहलोत

केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री  थावरचंद गेहलोत ने कहा कि मध्यप्रदेश ने तेज गति से विकास किया है। मध्यप्रदेश में निवेश के लिये बेहतर वातावरण उपलब्ध है। निवेशक निर्यात बढ़ाने के लिये उत्पादक उद्योगों में निवेश करें। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के लिये आवश्यक उपकरण जैसे मोटराईज्ड ट्रायसायकल, कृत्रिम हाथ-पैर, श्रवण यंत्र अभी विदेशों से बुलाये जाते हैं। इन उपकरणों के निर्माण के उद्योग देश में ही शुरू किये गये हैं।

केन्द्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान

केन्द्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री  धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले दस वर्षों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। प्रदेश में 20 प्रतिशत से अधिक की कृषि विकास दर का प्रभाव अर्थ-व्यवस्था पर भी हुआ है। ग्रामीणों की क्रय शक्ति बढ़ी है, जिसका प्रमाण पेट्रोलियम उत्पादों की खपत बढ़ना है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से पेट्रोलियम उत्पादों पर करों से होने वाली आय में राज्यों को कोई नुकसान नहीं होगा। विश्व में हर वर्ष पेट्रोल की खपत दस प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। प्रदेश में पिछले दो वर्ष में 30 लाख घरेलू एलपीजी कनेक्शन बढ़े हैं। अगले दो वर्ष में 50 लाख घरेलू एलपीजी कनेक्शन बढ़ेंगे। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, ऑयल इंडिया, एनटीपीसी मिलकर प्रदेश में 500 मेगावॉट का सोलर पॉवर प्लांट स्थापित करेंगे। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा पेट्रो क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के लिये 1700 करोड़ रूपये निवेश किये जायेंगे। बीना में 500 करोड़ रूपये के निवेश से ग्रीन रिफायनरी स्थापित की जायेगी।

पर्यावरण मंत्रालय से उद्योगों को मिलेगी अविलम्ब स्वीकृति – श्री दवे

केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री  अनिल माधव दवे ने कहा कि जंगल को भी उद्योग की नजरिये से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की वन संपदा अद्भुत और विशाल है। यहाँ घास और बाँस ऐसी उपज है जिनका औद्योगिक मूल्य है। उन्होंने कहा कि उद्योग को अनुसंधान पर भी ध्यान देना चाहिये ताकि देशज परिस्थितियों के हिसाब से पेटेंट उपलब्ध हो सके। श्री दवे ने कहा कि वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय उद्योगों को 120 दिन में स्वीकृति दे रहा है। इससे भी कम दिनों में स्वीकृतियाँ देने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

 

MadhyaBharat 24 October 2016

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