निगम के पूर्व सभापति की गुंडों ने की पिटाई
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भिलाई के कैलाश नगर कुरुद स्थित प्रियदर्शिनी गृह निर्माण समिति की ईडब्ल्यूएस और ओपन लैंड की जमीन को कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बेचने की शिकायत पर जांच के लिए पहुंची राजस्व विभाग की टीम के सामने ही गुंडों ने शिकायतकर्ता निगम के पूर्व सभापति राजेन्द्र सिंह अरोरा  की पिटाई कर दी । बदमाश एक कार से मौके पर पहुंचे और अरोरा को गाली देते हुए लात और घूसों से पिटाई शुरू कर दी।
इसके बाद सभी बदमाश मौके से भाग ख डे हुए। गंभीर घायल अरोरा को छावनी चौक स्थित एसएस अस्पताल लाया गया। जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए स्पर्श अस्पताल रेफर कर दिया गया है। वर्तमान में उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में शिकायत के बाद 12 दिसंबर को राजस्व विभाग द्वारा गठित टीम मौके पर जमीन की नपाई के लिए पहुंची थी, लेकिन एक भूखंड की मालकिन राधा मित्तल ने अपने भूखंड पर स्टे ऑर्डर दिखा दिया। इस पर टीम वापस लौट गई थी। इसके बाद उक्त टीम और निगम के भवन अनुज्ञा शाखा के अधिकारी गुरुवार को फिर से जमीन की नपाई करने के लिए पहुंचे थे।
दोपहर करीब 1 बजे जांच टीम मौके पर पहुंची और नक्शे और राजस्व रिकॉर्ड का मिलान करने लगी। टीम जमीन का भौतिक सत्यापन शुरू करने ही वाली थी कि एक कार में चार व्यक्ति मौके पर पहुंचे। चारों ने मौके पर खड़े पूर्व सभापति राजेन्द्र सिंह अरोरा से गाली गलौज की और मारपीट शुरू कर दी।
मारपीट के दौरान अरोरा जमीन पर गिर पड़े तो चारों ने उन्हें लात और घूसों से पीटना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद एक हमलावर अरोरा को बालों से खींचता हुए दूसरी तरफ ले गया और फिर मारा। मारपीट के दौरान एमआईसी सदस्य डॉ. दिवाकर भारती और राजेन्द्र अरोरा के दोस्त राजा सैमुअल ने बीच बचाव की भी कोशिश की, लेकिन गुंडों ने एक न सुनी और अरोरा को पीटते रहे। मारपीट के बाद चारों गुंडे मौके से भाग गए।
गुंडों ने जब राजेन्द्र अरोरा से मारपीट शुरू की तो उस समय टीम में शामिल राजस्व निरीक्षक कोहका देवकुमार कुर्रे, त्रिभुवन वर्मा, तुकाराम डहरे, पटवारी सुशील धार्मिक, दुलारू राम लहरे और देवचरण टंडन सहित निगम के भवन अनुज्ञा शाखा के अधिकारी भी मौके पर उपस्थित थे, लेकिन किसी ने भी मारपीट को रोकने की कोशिश नहीं की।