Since: 23-09-2009

  Latest News :
ज्योतिरादित्य सिंधिया कोरोना से संक्रमित.   मालगाड़ी से कुचल कर 16 मजदूरों की मौत.   साद के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला.   कोरोना पर शिवपुरी की जिज्ञासा का गाना.   पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक में दिए संकेत.   तब्लीगी जमात के लोगों ने फेंकी पेशाब भरी बोतलें.   सरपंच और उसके बेटों की गुंडागर्दी.   महिला की जमीन पर दबंगों ने किया कब्ज़ा.   शिवराज :चुनाव में ही कांग्रेस को भगवान नजर आते हैं .   नरोत्तम मिश्रा :कांग्रेसी दिग्विजय को सभा में नहीं बुलाएंगे.   मंत्रियों को विभाग का वितरण बुध को.   17 साल लम्बे जमीनी विवाद ने ली जान.   मुनगा फली के पौधे रोपे गए.   केंद्र की मोदी सरकार का पुतला दहन.   सड़क हादसे में पति पत्नी की मौत.   सीएम बघेल से नहीं मिल पाया तो आग लगाई.   बस्तर के मोस्टवॉंटेड की सूचि.   आदिवासियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिती.  
अब नया रायपुर की बढ़ाई जाएगी आबादी
नया रायपुर

 

नया रायपुर को केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी बनाने के लिए चुन लिया है, लेकिन नया रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के लिए दोहरी चुनौती है। पहली तो स्मार्ट सिटी के लिए निर्धारित शर्त के अनुसार शहर की आबादी को एक लाख पहुंचाकर नगर निगम का दर्जा दिलाना है। प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि अभी नया रायपुर की आबादी 15 हजार है। एक साल में 85 हजार आबादी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। यह तब संभव होगा, जब लोगों को आवास के साथ चिकित्सा, शिक्षा, व्यापार और मनोरंजन की सुविधा मिले। इस दिशा में प्राधिकरण ने पहले ही काम शुरू कर दिया था, लेकिन अब इसमें तेजी लाई जाएगी। दूसरी चुनौती, नया रायपुर को स्मार्ट सिटी प्लान को पूरा करने की है, जिसके लिए प्राधिकरण के पास पांच साल का समय है।

नया रायपुर के मास्टर प्लान में किस सेक्टर का क्या उपयोग होगा, इसका ले-आउट के अनुसार काम चल रहा है। प्राधिकरण अब तक यहां आबादी बढ़ाने में कमजोर साबित हुआ है। हाउसिंग बोर्ड ने मकान तो बना दिए, लेकिन जनसुविधाएं नहीं दीं। रोजमर्रा की चीजें नहीं मिलतीं। इसी कारण लोगों ने केवल निवेश के लिए मकान खरीदकर छोड़ दिया है। प्राधिकरण को ऐसे लोगों को नया रायपुर में बसाने के लिए बिजली, पानी और सड़क के अलावा दूसरी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध करानी हैं। जब नया रायपुर को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल कर लिया गया, तब प्राधिकरण के अधिकारियों को यह बात समझ में आई है। लेकिन, इतना आसान नहंी है, क्योंकि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए दो-तीन बार टेंडर बुलाया जा चुका है। पुराने शहर के पांच मॉल में मल्टीप्लेक्स है, इसलिए नया रायपुर में फिल्म देखने वालों की भीड़ कम होगी। ऐसी स्थिति में मल्टीप्लेक्स कंपनियां दिलचस्पी नहीं ले रहीं। ऐसे ही रिटेल कॉम्प्लेक्स और सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट में अभी दुकान और ऑफिस लेने वाले नहीं मिल पा रहे हैं।

एनआरडीए सीईओ मुकेश बंसल ने कहा कि नया रायपुर क्षेत्र में कुछ हाउसिंग प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं और कुछ पर काम चल रहा रहा है। हाउसिंग प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि साथ में अन्य जनसुविधाओं को विकसित किया जाए। स्कूल तो चल रहे हैं, लेकिन अस्पताल, मॉल और मनोरंजन के क्षेत्र में भी काम हो रहा है, जिसमें तेजी लाई जाएगी। जिन्होंने हाउसिंग प्रोजेक्ट में निवेश किया है, वे नया रायपुर में आकर बसें, इसके लिए जनसुविधाओं का प्रचार-प्रचार किया जाएगा।

 

MadhyaBharat 19 July 2017

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2020 MadhyaBharat News.