तीन जगह जन्मे अमित जोगी ,अदालत ने भेजा सरकार को नोटिस
amit jogi

 

मरवाही विधायक अमित जोगी का जन्म अलग-अलग दस्तावेज में अमेरिका, इंदौर व जोगीसार सारबहरा में बताए जाने और फर्जी जाति प्रमाण पत्र को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य शासन व राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग समेत अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष समीरा पैकरा समेत मरवाही क्षेत्र के 200 आदिवासियों ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी व मरवाही विधायक अमित जोगी की जाति की सीबीआई जांच कराने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि अजीत जोगी ने 1967 में पेंड्रा तहसीलदार कार्यालय से कंवर आदिवासी होने का प्रमाण पत्र बनवाया था। जबकि उस समय पेंड्रा में तहसीलदार, नायब तहसीलदार का कार्यालय ही नहीं था।

इसी प्रकार अमित जोगी ने तीन अलग-अलग स्थान में जन्म होने का प्रमाण पत्र दिया है। भारतीय नागरिकता लेने अमेरिका, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए इंदौर और जाति प्रमाण पत्र के लिए पेंड्रा क्षेत्र के जोगीसार सारबहरा में जन्म बताया गया। सभी में जन्म तिथि भी अलग-अलग है।

इसी प्रकार अमित जोगी ने अपनी चचेरी बहन नेहा जोगी का वंशावली के आधार पर पेंड्रा एसडीएम कार्यालय से जाति प्रमाण पत्र बनवाया है। नेहा जोगी ने 2008 में एसडीएम कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन दिया था। एसडीएम ने उसके आवेदन को खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने 2012 में फिर से आवेदन दिया।

इस बार उनको कंवर आदिवासी का प्रमाण पत्र दिया गया। इसके बाद अमित जोगी ने नेहा कंवर को बहन बताते हुए जाति प्रमाण पत्र बनाने आवेदन दिया। इसी आधार पर उनका भी जाति प्रमाण पत्र बनाया गया। याचिका में पूरे मामले की सीबीआई या उच्च स्तरीय जांच समिति से जांच कराने की मांग की गई है।

याचिका में मंगलवार को जस्टिस आरसीएस सामंत के कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार, राज्य शासन, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग, अमित जोगी, अजीत जोगी, पेंड्रा थाना, कलेक्टर बिलासपुर, एसडीएम पेंड्रा सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।