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शिक्षकों को मुख्यमंत्री कमलनाथ की नसीहत

शिक्षक समाज सेवक की तरह काम करें

 

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिक्षकों को नसीहत देते हुए कहा शिक्षक अपने दायित्व को सरकारी नौकरी के रूप में नहीं बल्कि एक समाज सेवक की भूमिका के रूप में निभाएं  |  सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्घ है कि मध्य प्रदेश शिक्षा की गुणवत्ता में अग्रणी राज्य बने   | हम स्वास्थ्य से ज्यादा शिक्षा को प्राथमिकता देंगे  | इसके लिए हमें कड़े कदम उठाना पड़े तो उठाएंगे  | 

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भोपाल में आयोजित स्टीम कान्क्लेव 2019 के शुभारंभ समारोह के दौरान स्टीम शिक्षा पद्घति की सराहना करते हुए कहा कि इससे हम अपने बच्चों का संपूर्ण विकास कर पाएंगे  |  वे रुचि के साथ पढ़ाई करें इससे उनका एक अलग तरीके से विकास होगा और वे आज के बदलाव से जुड़ सकेंगे  | मिंटो हॉल में साइंस, टेक्नालॉजी, इंजीनियरिंग, आर्ट्स व मैथ्स  शिक्षा पद्घति पर आयोजित दो दिवसीय कान्क्लेव हुआ  | जहाँ  मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विश्व में हर क्षेत्र में परिवर्तन हुआ है  |  उससे शिक्षा भी अछूती नहीं है |  परिवर्तन के इस दौर में हमारे शिक्षकों का अपग्रेड होना जरूरी है नहीं तो हम अपनी भावी पीढ़ी को आज के और आने वाले समय के अनुकूल शिक्षित नहीं कर पाएंगे  |  मुख्यमंत्री ने कहा कि ध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और उसकी गुणवत्ता में आमूल-चूल परिवर्तन की आवश्यकता है  . | 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बड़े परिवर्तन हुए हैं  |  इससे एक बड़ा गैप भी आया था  |  किसी भी क्षेत्र में बदलाव हुआ है तो उसकी आलोचना होती है  |  21वीं सदी के भारत की कल्पना करते हुए जब स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी कंप्यूटर पर चर्चा करते थे तो लोग उन्हें कंप्यूटर मानुष बोलते थे |  तब उनका विरोध यह कहकर हुआ कि इससे बेरोजगारी बढ़ेगी  | इसके बावजूद हमने रेलवे की सेवाएं ऑनलाइन की और आज हम देख रहे हैं कि आईटी के क्षेत्र में पिछले 10 सालों में जो क्रांति हुई है उससे न केवल बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिला है बल्कि विश्व में हमारे देश के लोग आईटी के क्षेत्र में छाए हुए हैं  | 

MadhyaBharat 31 October 2019

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