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अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के बुरे हाल

कई कई दिनों तक पढ़ाई व्यवस्था रहती है चौपट

 

रीवा का अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय कई  कमियों का दंश झेल रहा है, लेकिन सरकार में इसकी खबर लेने वाला कोई नहीं है  | उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी भी यदा कदा रीवा आते हैं  | फीते काटते हैं उद्घाटन करते और चले जाते हैं | और अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं  | 

उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी कभी कभार रीवा दौरे पर आते हैं |  नए भवनों का लोकार्पण करते हैं  | शिक्षा  विभाग के  जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अच्छी सुखमय व्यवस्था पाकर  ख़ुशी ख़ुशी वापस  भोपाल लौट जाते हैं  | इस दौरान वह भूल जाते हैं कि जिन कार्यों के लिए कमलनाथ सरकार ने उन्हें चुना है उसका भी निर्वहन करना है  | अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा इन्ही कमियों का दंश झेल रहा है  | कोई इसकी खबर लेने वाला नहीं है , बच्चे और अभिभावक  शिकायत लेकर लाइन में खड़े रहते हैं मगर मंत्री जी को  समस्याएं सुनने की फुर्सत थी कहां मिलती हैं  |  पिछले   एक बार फिर   विश्वविद्यालय की  पढ़ाई व्यवस्था और प्रशासनिक कार्य व्यवस्था  ठप पड़ गई  | 

आये दिन कर्मचारी 2016 ,2017 के सातवें वेतनमान के एरियर्स भुगतान की मांग कर रहे हैं जिसकी स्वीकृत ही प्रशासन ने अवधेश प्रताप विश्वविद्यालय को नहीं दी है | कई बार कर्मचारी हड़ताल कर चुके हैं  | लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं हैं  |  यहां बच्चे महँगी फीस दे कर के प्रवेश लेते हैं   ताकि  उनको निमित रूप से पठन पाठन की व्यवस्था उपलब्ध होगी  | यहाँ कई कई दिनों तह  बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था भी बंद रहती है | 

अतिथि विद्वान जिनकी संख्या विश्वविद्यालय में सबसे ज्यादा है  | जिनका हड़ताल में भी योगदान नहीं है, वह भी मौका उठाकर के कक्षाओं में पढ़ाने नहीं  जाते हैं  |  प्रशासन के द्वारा आज तक कोई कठोर कार्यवाही नही किए जाने के कारण अतिथि विद्वानों के भी हौसलें बुलंद  हो गए हैं और विश्वविद्यालय की कुलपति पीयूष रंजन अग्रवाल, मीटिंग करने के अलावा समस्याओं का कोई निष्कर्ष नहीं निकाल पा रहे हैं  और हर बात पर राज्य सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं,| 

 

MadhyaBharat 28 January 2020

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