सार्वजनिक कंपनियों को निजीकरण करने का विरोध
 Labor law changes

श्रम कानून में बदलाव से हुआ मजदूरों को नुक्सान

 

 सिंगरौली में  पांच ट्रेड यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सार्वजनिक उद्योग में निजीकरण करने का विरोध किया है   | यूनियन का कहना है की केंद्र सरकार ने अब  कोल इंडिया को भी निजी हाथों में सौंपने की तयारी कर रही है  | जिससे मजदूरों सहित सभी कर्मचारियों को भारी नुक्सान उठाना पड़ेगा | 

सिंगरौली में ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक कंपनी को निजी हाथों में देने का विरोध करते हुए धरना प्रदर्शन किया  .| धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है की सरकार ने बहोत सारी  सार्वजनिक कंपनियों को निजी हाथों में सौंप दिया है  |  या उनकी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश बढ़ा दिया है | जिससे कंपनियों के कर्मचारियों को काफी नुक्सान उठाना पड़ रहा है  |  सरकार द्वारा श्रम कानून में बदलाव से भी मजदूरों की स्थिति बिगड़ रही है  | अब उनको आठ घंटे के बजाय बारह घंटे कार्य करना पड़  रहा है | BMS के अध्यक्ष राजेश पटेल और  सचिव शैलेंद्र पाठक का कहना है की  केंद्र सरकार ने अभी तक रक्षा, रेलवे, अल्मुनियम, बॉक्साइट, एयर पोर्ट को निजी हांथो में सौप दिया है | अब कोल इंडिया कि तैयारी है  |  इस दौरान सभी पांचों यूनियन A.T.T.U.C.,   B.M.S.,   I.N.T.U.C.,   H.M.S.,   C.I.T.U.  के सदस्य और कर्मचारी मौजूद रहे  |