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छत्तीसगढ़ के कण कण में बसे हैं भगवान राम

कौशल्या की जन्मभूमि में  होगा भव्य मंदिर का निर्माण

 

छत्तीसगढ़ में राजधानी रायपुर के पास भगवान् राम के ननिहाल  माता कौशल्या की जन्मभूमि चंदखुरी में शीघ्र ही भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा

| मुख्यमंत्री   भूपेश बघेल ने  परिवार के सदस्यों के साथ चंदखुरी पहुंचकर  माता कौशल्या के प्राचीन मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की | मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के  भव्य निर्माण  के दौरान मंदिर के मूलस्वरूप को यथावत रखा जाएगा  | 

छत्तीसगढ़ सरकार राम वन गमन पथ पर पड़ने वाले महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है |  इसकी शुरूआत चंदखुरी स्थित माता कौशल्या के मंदिर  से कर दी गई है |  यहाँ पूजा पाठ के लिए पहुंचे  मुख्यमंत्री   भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है | यहां कण-कण में भगवान राम बसे हुए है |  भगवान राम ने वनवास का बहुत सा समय यहां व्यतीत किए हैं |  छत्तीसगढ़ सरकार भगवान राम के वन गमन मार्ग को पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित कर रही है ताकि इन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिल सके |  बघेल ने कहा कि चंदखुरी में 15 करोड़ की लागत से सौन्दर्यीकरण का कार्य कराया जाएगा |   

गौरतलब है कि त्रेतायुगीन छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम दक्षिण  कौशल  एवं दण्डकारण्य के रूप में विख्यात था | प्रभु श्रीराम ने उत्तर भारत से छत्तीसगढ़ में प्रवेश के बाद विभिन्न स्थानों पर चौमासा व्यतीत करते हुए दक्षिण भारत में प्रवेश किया गया था |  छत्तीसगढ़ में कोरिया जिले की गवाई नदी से होकर सीतामढ़ी हरचौका नामक स्थान से प्रभु श्रीराम ने छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था |  इस दौरान उन्होंने 75 स्थलों का भ्रमण करते हुए सुकमा जिले के रामाराम से दक्षिण भारत में प्रवेश किया था  | उक्त स्थलों में से 51 स्थल ऐसे है, जहां प्रभु श्रीराम ने भ्रमण के दौरान रूक कर कुछ समय व्यतीत किया |  प्रथम चरण में इनमें से 9 स्थलों को विकसित किया जाएगा | 

 

MadhyaBharat 31 July 2020

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