Since: 23-09-2009

Latest News :
मालगाड़ी से कुचल कर 16 मजदूरों की मौत.   साद के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मामला.   कोरोना पर शिवपुरी की जिज्ञासा का गाना.   पीएम मोदी ने सर्वदलीय बैठक में दिए संकेत.   तब्लीगी जमात के लोगों ने फेंकी पेशाब भरी बोतलें.   14 अप्रैल से आगे जारी रह सकता है लॉकडाउन.   नरोत्तम:नाथ कभी जनता के बीच नहीं गए.   कोरोना में हो रहा सुधार 62 % हुआ रिकवरी रेट.   प्रवासी मजदूरों का जारी है पलायन.   सीएमओ की पत्नी को मारी गोली.   गुड्डू ने साधा फिर सिंधिया पर निशाना.   सनकी सरदार ने की करों में तोड़फोड़.   CAF जवानों में हुआ खूनी संघर्ष.   छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी का निधन.   8 लाख के इनामी नक्सली ने किया आत्मसर्मपण.   सर्चिंग के दौरान पुलिस-नक्सली मुठभेड़.   नक्सलियों का रिमोट बम किया गया निष्क्रिय.   900 किमी झारखण्ड पैदल जाने पर अड़े मजदूर.  
खान नदी पुनर्जीवन परियोजना दो चरण में पूरी होगी
खान नदी पुनर्जीवन परियोजना दो चरण में पूरी होगी
मुख्यमंत्री चौहान ने प्रस्तुत की 2719 करोड़ की परियोजनालोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने गंगा बेसिन में शामिल इंदौर की सरस्वती-चंद्रभागा (खान) नदियों के शुद्धिकरण के बारे में नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट दो भाग में तैयार करने पर चर्चा हुई। प्रथम भाग सिंहस्थ के पूर्व पूर्ण किया जा सकता है। दूसरे भाग में परियोजना को पूर्णत: लागू करने के बारे में कार्य होगा।मुख्यमंत्री चौहान ने राज्य सरकार की ओर से दोनों नदी को जीवंत करने की 2719 करोड़ रुपये की योजना रखी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में होने वाले सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल में स्नान करने का अवसर मिले, इसके लिये शासन कटिबद्ध है। दिसम्बर, 2015 तक पहले चरण का कार्य पूरा करने की बात भी श्री चौहान ने कही। मुख्यमंत्री ने कहाकि दो हिस्सों में यह कार्य-योजना पूरी हो सकेगी। पहले चरण में सीवरेज ट्रीटमेंट का कार्य होगा। दूसरे चरण में अगले पाँच साल की प्लानिंग की जायेगी।बैठक में, केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू, जल-संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्री उमा भारती, राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार, ग्रामीण विकास मंत्री श्री नितिन गडकरी तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय वरिष्ठ अधिकारियों सहित शामिल हुए।बैठक में जल प्रवाह में जल-मल की रोकथाम, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का पूर्ण क्षमता से संचालन, जल प्रवाह के किनारों पर बसी आबादी के विस्थापन, जल प्रवाह के शुद्ध जल का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करना आदि बिन्दु पर चर्चा हुई। इंदौर-उज्जैन को स्थाई रूप से बेहतर पर्यावरण और स्वच्छ जल की उपलब्धता और सिंहस्थ-2016 में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी चर्चा हुई।श्रीमती महाजन ने कहा कि प्रोजेक्ट को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लिया जाए। उन्होंने कहा कि गंगा बेसिन में आने वाली इंदौर की इन नदियों को स्वच्छ और जीवंत करने से क्षिप्रा सहित अन्य नदियाँ भी स्वच्छ रह सकेंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाकर प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन किया जाये।केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने सलाह दी कि धनराशि की व्यवस्था के लिये पीपीपी पद्धति का भी उपयोग किया जाये। उन्होंने कहा कि इंदौर के अधिकारी नागपुर जाकर वहाँ गंदे पानी का ट्रीटमेंट कर उद्योगों में उपयोग की जानकारी लें। साथ ही सुझाव दिया कि खान नदी का जल मार्ग के रूप में उपयोग करने की संभावना भी तलाशी जाना चाहिये। केन्द्रीय मंत्री श्री वैंकेया नायडू ने भी विविध पक्ष पर अपनी राय रखी।केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि तकनीकी सलाह के अनुसार उनका मंत्रालय गंगा बेसिन की इन नदियों के लिये कार्य करेगा। उन्होंने नदियों को पुनर्जीवित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी। केन्द्रीय मंत्री श्री जावड़ेकर ने भी सुझाव दिये। इंदौर के महापौर श्री मोघे ने निगम द्वारा किये जा रहे सीवरेज लाइन के कार्यों की जानकारी दी।बैठक में संभागायुक्त दुबे ने बताया कि नदी की लम्बाई 78 किलोमीटर है, जो नगरीय क्षेत्रों में 33 किलोमीटर है। स्थाई एवं अस्थाई अतिक्रमणें के कारण भी ये नदियाँ प्रदूषित हुई हैं। उन्होंने बताया कि नदी क्षेत्रों में 33 स्लम्स हैं। प्रोजेक्ट के लिये लगभग 10 हजार परिवार को विस्थापित करना होगा। नदी तक आने-जाने के रास्ते, फुटपाथ और हरित क्षेत्र विकसित करने होंगे। नर्मदा-शिप्रा लिंक से चार-पाँच साल तक पानी छोड़ना होगा और फिर यहाँ जल-ग्रहण क्षेत्र विकसित हो जाएगा। प्रोजेक्ट के लिए एसपीवी का गठन करना प्रस्तावित है। सीवरेज सहित छह उपयोजनाएँ बनाना होगी। कुल 6 माह में डीपीआर बनाई जाएगी।आईआईटी, कानपुर के प्रो. विनोद तारे ने दोनों नदी को बारहमासी बनाने संबंधी प्रेजेंटेशन दिया। तय हुआ कि प्रो. तारे और संभागायुक्त श्री दुबे नेशनल रिवर मिशन के अंतर्गत कार्य-योजना प्रस्तुत करेंगे। प्रथम चरण में इंदौर की सीवरेज प्रणाली को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक जोड़ा जाएगा। इसके बाद उपचारित जल को उज्जैन के पूर्व डायवर्ट कर उज्जैन के आगे कालियादेह महल के पश्चात जोड़ा जाएगा। इंदौर के प्रस्तावित कार्य वर्तमान में लगभग 400 करोड़ रुपये के होंगे, जिसके लिये केन्द्र की विभिन्न योजनाओं में राशि स्वीकृत की जायेगी। दूसरे चरण में किनारों की बसाहट का विस्थापन और रिवर फ्रंट डेवलपमेंट का कार्य किया जाएगा। दोनों चरण की योजना के लिए शीघ्र ही विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाकर स्वीकृति ली जाएगी।बैठक में मुख्य सचिव अंटोनी डिसा, कलेक्टर इंदौर और उज्जैन भी शामिल हुए।
MadhyaBharat

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 1899
  • Last 7 days : 11576
  • Last 30 days : 61845
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2020 MadhyaBharat News.