यशोधरा राजे बोलीं -मैं किसी के खिलाफ नहीं ,मेरी कोई सुनता ही नहीं
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यशोधरा  ने शिवपुरी में  लोगों का दुखदर्द जाना

शिवपुरी की  विधायक और मध्यप्रदेश सरकार की खेल एवं युवक कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया शहर के वर्षा प्रभावित इलाकों का प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निरीक्षण करते हुए उस समय भावुक हो उठीं। जब  मूसलाधार वर्षा से प्रभावित हुए नागरिकों ने उन्हें अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि अचानक आई बाढ़ से उनका गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया। इस पर यशोधरा राजे ने कहा कि मैं कई दिनों से नाला सफाई और नाले तथा तालाबों के किनारे हुए अतिक्रमणों को हटाने का कह रही थी, लेकिन मेरी किसी ने नहीं सुनी। मैं इस अभियान में किसी के खिलाफ नहीं हूं बस चाहती हूं कि मुझे मेरा पुराना शहर लौटा दिया जाए। उनका मानना था कि यदि नालों की सफाई हो जाती और नाले तथा तालाबों के किनारे अतिक्रमण नहीं होते तो शहर को इतनी भीषण विपत्ति का सामना नहीं करना पड़ता। यशोधरा राजे के साथ वर्षा प्रभावित इलाकों का दौरा करने वालों में कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव, एसपी मो. युसुफ कुर्रेशी, एसडीएम रूपेश उपाध्याय सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी और भाजपा नेता शामिल थे। 

 

यशोधरा राजे सिंधिया ने  शिवपुरी पहुंचते ही उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ निरीक्षण करना शुरू कर दिया। सबसे पहले वह बैंक कॉलोनी में पहुंंचीं जहां उन्हें नागरिकों ने बताया कि किस तरह से वर्षा के रूप में आफत उनके घर में घुस आई। एक महिला ने रोते हुए बताया कि वर्षा के कारण उनके पुत्र का कम्प्यूटर सेट खराब हो गया वहीं कई महिलाओं ने घर के सामान को वर्षा के पानी से नुकसान पहुंचने की बात कही। खास बात यह रही कि इस जनसंपर्क ने यशोधरा राजे को कॉलोनियों की वास्तविक स्थिति से भी अवगत कराया। वार्ड क्रमांक 37 में स्थित इस क्षेत्र के नागरिकों ने बताया कि यहां स्ट्रीट लाइट कभी नहीं जलती है और कॉलोनी के एक मोहल्ले में तमाम प्रयास के बाद भी सड़क नहीं बनीं। इस पर यशोधरा राजे ने पूरी संवेदनशीलता के साथ उनकी बात सुनीं और उनकी पीड़ा के निदान की दृष्टि से तुरंत स्वास्थ्य अधिकारी गोविन्द भार्गव को निर्देश दिया कि एक घंटे के भीतर यहां स्ट्रीट लाइट लग जाना चाहिए। सड़क बनाने के विषय में उन्होंने अपने निज सचिव से कहा कि यदि नगर पालिका के पास फण्ड न हो तो मेरी विधायक निधि से सड़क का निर्माण कराया जाए। वार्ड में पानी भरे होने पर उन्होंने संज्ञान लेते हुए तुरंत सफाई का निर्देश दिया। इसके बाद यशोधरा राजे कमलागंज क्षेत्र में पहुंचीं जहां कल नाला ओवरफ्लो होने के कारण पानी दुकानों और घरों में घुस गया था। 

 

यशोधरा राजे ने दुकानों पर जाकर नुकसान का जायजा लिया और लोगों से कहा कि दुख की इस घड़ी में वह उनके साथ हैं तथा प्रशासन से मुआवजा तो नहीं, परंतु वह राहत अवश्य दिलाएंगी। कलेक्टर श्रीवास्तव ने कहा कि सर्वे का काम आज से ही शुरू कर दिया गया है। कमलागंज में नाले के किनारे अतिक्रमण और नाले में सीवेज का मलबा पड़े होने पर उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों से तुरंत मलबा साफ कराने का निर्देश दिया। इसके बाद यशोधरा राजे आदर्श नगर कॉलोनी में पहुंचीं जहां कल बरसात ने तबाही मचाई थी। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि नगर पालिका के पुराने नक्शे में झांसी तिराहा क्षेत्र में नाला बना हुआ था, लेकिन उस नाले की निकासी बंद होने पर बरसात का पानी कॉलोनी में जमा होता है। इस पर यशोधरा राजे ने एसडीएम रूपेश उपाध्याय को निर्देशित किया कि नाले की निकासी खोली जाए और यदि अतिक्रमण हों तो उसे हटाया जाए। इसके बाद यशोधरा राजे दीनदयालपुरम पहुंचीं जहां कॉलोनी में बरसात का पानी अभी भी जमा हुआ है तथा घर पानी में डूबे हैं। 

 

यहां के नागरिकों ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड ने तालाब में कॉलोनी का निर्माण किया है। इस कारण समस्या पैदा हो रही है और वर्तमान में जो पानी जमा हो रहा है वह अतिक्रमण के कारण है। यदि अतिक्रमण हटा दिया जाए तो तुरंत पानी निकल जाएगा। कॉलोनी निवासी राकेश शर्मा के सुझाव पर यशोधरा राजे ने प्रशासन को तुरंत यहां हिटैची भेजकर पानी निकालने का निर्देश दिया। इसके पश्चात यशोधरा राजे गौशाला क्षेत्र में पहुंचीं जहां बरसात का पानी यहां रह रहे गरीब लोगों की झोपड़ी में घुस आया था। कॉलोनी निवासियों ने बताया कि बाढ़ में पांच-छह लोग घिर गए थे जिन्हें पुलिसकर्मियों ने साहस का परिचय देते हुए बाहर निकाला। इस पर यशोधरा राजे ने पुलिस अधीक्षक मो. युसुफ कुर्रेशी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि कल विपत्ति का सामना करने में प्रशासन खासकर कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव, एसडीएम रूपेश उपाध्याय की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण रही जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।