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बजट में महंगाई और बेरोजगारी को कम करने की कोई व्यवस्था नहीं-मुख्यमंत्री बघेल
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रायपुर।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को आए केंद्रीय बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने इसे निर्मम बजट बताते हुए कि इस बजट में युवाओं, किसानों, महिलाओं और आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है।यह बजट केवल चुनाव को देखकर बनाया गया है। इसमें किसी को कोई सहूलियत नहीं दी गई है। महंगाई और बेरोजगारी को कम करने की कोई व्यवस्था नहीं है। नए लोगों को कैसे रोजगार मिलेगा, इसमें कुछ नहीं है।

 

बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, यह निर्मला जी का निर्मम बजट कहा जा सकता है। न इसमें युवाओं के लिए कोई सुविधा है, न किसानों की आय दोगुना करने की बात है, न महिलाओं के लिए है और न ही ट्राइब्स के लिए है। न शेड्यूल ट्राइब्स के लिए कुछ है। यह बजट केवल चुनाव को देखकर बनाया गया है। इसमें किसी को कोई सहूलियत नहीं दी गई है। उन्होंने चीज चौंकाने वाला है। रेलवे के लिए दो लाख 35 हजार करोड़ रुपए बजट में रखे जाने को चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि क्या यह कर्मचारियों के लिए है? नई भर्ती के लिए है ? ऐसा तो नहीं है कि जैसे एयरपोर्ट को बेचने से पहले सैकड़ो-हजारों करोड़ रूपए उसके नवीनीकरण में लगाया और फिर निजी हाथों में बेच दिया। इसी प्रकार की सोच तो नहीं है कि केंद्र सरकार की कि रेलवे को भी चकाचक कर निजी क्षेत्र को बेच दिया जाए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, इस बजट से छत्तीसगढ़ को पूरी तरह से निराशा मिली है।

 

कर्नाटक के लिए घोषित अपर भद्रा पैकेज को मुख्यमंत्री ने चुनावी पैकेज बताया है। उन्होंने कहा, वे कर्नाटक लूज कर रहे हैं, इसलिए वहां के मतदाताओं को लुभाने के लिए सूखा राहत की घोषणा कर दी गई है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए भी हम लोग उम्मीद कर रहे थे कि अम्बिकापुर से चलने वाली ट्रेन मिलेगी, जगदलपुर के लिए भी ट्रेन की व्यवस्था होगी। लेकिन कोई व्यवस्था नहीं हुई। बजट में श्री अन्न की बात कही गई, कोदो-कुटकी, सांवा तक की बात कही गई, लेकिन इसकी एमएसपी भारत सरकार ने आज तक घोषित नहीं की।

 

प्राथमिकता में आम जनता का हित नहीं-प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा, मोदी सरकार की प्राथमिकता में आम जनता का हित है ही नहीं। 2014 के बाद पहली बार इनकम टैक्स का बेसिक एक्सेंप्शन लिमिट बढ़ाया गया वह भी केवल 50 हजार रुपए तक। महंगाई चार गुना बढ़ी है । ना 80-C की लिमिट बढ़ाया और ना ही मेडिकल इंश्योरेंस पर छूट की सीमा, ना हीं हाउस लोन पर भरे जाने वाले ब्याज पर छूट की सीमा बढ़ाई। बुजुर्गों और महिलाओं को जमा पर मिलने वाले ब्याज के साथ ही सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर लगातार कम हुई है,इस पर कोई बात नहीं है।

बजट आम जनता के लिए नहीं-राज्य के आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कि यह आम जनता के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल और महंगाई से राहत नहीं मिली है। केंद्रीय बजट में भूपेश सरकार की योजना की गूंज है। हमारे मिलेट्स मिशन को केंद्र सरकार ने अपनाया है। रेल को बेचने वाले हैं इसलिए बजट बढ़ाया है।

कृषि सेक्टर में आय दोगुनी जैसी बात नहीं-वहीं प्रदेश के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि कि छत्तीसगढ़ को लाभ नहीं मिलना राजनीति से प्रेरित हो सकता है। बजट में जनता के हित में खास प्रावधान नहीं है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में इजाफा नहीं हुआ है। कृषि सेक्टर में आय दोगुनी जैसी बात नहीं है।

MadhyaBharat 1 February 2023

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