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दिवाली में सिर्फ दो घंटे फोड़ पाएंगे पटाखे.   दुनिया का सबसे लंबा पुल चीन में .   राफेल डील हमारे लिए बूस्टर डोज : वायुसेना चीफ.   नरेंद्र सिंह तोमर की तबीतय बिगड़ी, एम्स में भर्ती.   राम और रोटी के सहारे कांग्रेस .   डीजल-पेट्रोल के दाम में फिर लगी आग.   कमजोर विधायकों के भाजपा काटेगी टिकट.   डिजियाना की स्‍कार्पियो से 60 लाख रुपए जब्‍त.   पेड़ न्यूज़ के सबसे ज्यादा मामले बालाघाट में .   कुरीतियों को समाप्त करने में योगदान करें महिला स्व-सहायता समूह.   गरीबों के बकाया बिजली बिल के माफ हुए 5200 करोड़ :चौहान.   ग्रामीण महिलाओं से संवाद के प्रयास जरूरी : जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र.   साक्षर इलाकों के नामांकन-पत्र ज्यादा होते हैं खारिज.   गिर सकता है 20 फीसद सराफा कारोबार.   सुकमा मुठभेड़ में तीन नक्सली मरे ,नारायणपुर में तीन का समर्पण .   पखांजूर में शुरू होगा नया कृषि महाविद्यालय.   रमन सरकार नक्सलियों को लेकर उदार हुई .   दिग्विजय सिंह बोले -अजीत जोगी के कारण मप्र में हारे थे.  

देश की खबरें

ऑनलाइन बिक्री पर रोक देशभर में पटाखों के उत्पादन, उनको बेचने और स्टॉक पर पाबंदी की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि दिवाली पर लोग रात 8-10 बजे तक ही पटाखे चला सकेंगे। यह आदेश सभी धर्मों के त्यौहारों पर लागू होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी कहा है कि जो पटाखें चलाए जाएं वो कम धुएं और आवाज वाले हों ताकि प्रदूषण ना फैले। सर्वोच्च न्यायालय ने पटाखों की बिक्री पर से भी कुछ शर्तों के साथ रोक हटाई है। इसके तहत पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगा दी है। इससे पहले जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने कहा, हालांकि यह मामला सोमवार की सूची में शामिल था, लेकिन इस पर निर्णय 23 अक्टूबर को सुनाया जाएगा। शीर्ष कोर्ट ने 28 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि शीर्ष कोर्ट ने 2017 में दिल्ली-एनसीआर में दीपावली पर पटाखों की बिक्री पर पाबंदी लगा दी थी। दरअसल, वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर देशभर में पटाखों पर रोक लगाने की मांग की गई थी। पीठ ने इस मुद्दे पर याचिकाकर्ता, पटाखा निर्माता केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की दलीलों को सुनने के बाद कहा था कि पटाखों से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव और इसके व्यापार के बीच एक संतुलन रखना होगा। पीठ का कहना था कि जहां पटाखा निर्माताओं को अपने जीविकोपार्जन का मूल अधिकार प्राप्त है वहीं 130 करोड़ लोगों को भी अच्छे स्वास्थ्य का मूल अधिकार प्राप्त है। सुनवाई के दौरान पटाखा निर्माताओं ने दलील दी थी कि दीपावली के बाद बढ़ने वाले वायु प्रदूषण के लिए सिर्फ पटाखे जिम्मेदार नहीं हैं और सिर्फ इस वजह से पूरे उद्योग को बंद करने का आदेश देना न्यायसंगत नहीं होगा। सुनवाई के दौरान पीठ ने बच्चों में श्वसन संबंधी दिक्कतों के बढ़ने पर चिंता जताते हुए पटाखों पर पूरी तरह से या फिर आंशिक प्रतिबंध लगाने की बात कही थी।

Madhya Bharat Madhya Bharat 23 October 2018

देश की खबरें

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की तबीयत बुधवार सुबह अचानक बिगड़ गई। उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर आईसीयू में उनका इलाज कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि तोमर का शुगर लेवल अचानक बढ़ गया था। जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथ मौजूद लोग उन्हें तुरंत एम्स लेकर पहुंचे। नरेंद्र सिंह तोमर की तबीतय बिगड़ने की खबर मिलते ही उनके समर्थक एम्स अस्पताल पहुंचना शुरू हो गए हैं।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 3 October 2018

मध्यप्रदेश की खबरें

  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के टारगेट 'अब की बार 200 पार\" को पाने के लिए पार्टी पूरी ताकत लगा रही है। पार्टी ने सर्वे में कमजोर परफॉरमेंस वाले विधायकों को टिकट बदलने के संकेत दे दिए हैं। पिछले ड़ेढ़ साल के दौरान लगभग 67 विधायकों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष ने वन-टू-वन बातचीत की थी। उन सभी को पार्टी के प्रत्याशी केपक्ष में काम करने कहा गया है। सर्वे में बताया गया था कि 67 से अधिक विधायक ऐसे हैं जो अब चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं हैं। कई विधायकों के बारे में सर्वे रिपोर्ट में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने, मुलाकात नहीं करने सहित कई तरह की शिकायतें भी प्राप्त हुई थीं। सत्ता और संगठन पिछले डेढ़ साल से इन्हें कामकाज सुधारने की सलाह दे रहा था। बार-बार उनसे कहा गया था कि कार्यकर्ता नाराज रहेंगे तो आप किसके भरोसे चुनाव लड़ोगे। इसके बावजूद विधायक अपना परफॉरमेंस नहीं सुधार पाए। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जिन विधायकों के टिकट काटे जा रहे हैं, उन्हें उनके विधानसभा क्षेत्र की सर्वे रिपोर्ट से काफी पहले अवगत करा दिया गया था। रिपोर्ट में एक-एक वर्ग से लेकर वार्ड-मोहल्ले और गांव में विधायक के कामकाज और कार्यकर्ताओं के साथ उनके समन्वय सहित आम जनता की नजर में उनकी छवि का बिंदुवार उल्लेख किया गया है। गौरतलब है कि इस रिपोर्ट के आधार पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे के वक्त विधायकों के परफारमेंस पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इसमें बताया गया था कि लगभग 70 विधायक ऐसे हैं जो अब चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं हैं। कमजोर परफारमेंस वले इन विधायकों को लेकर पार्टी की कवायद काफी पहले से चल रही है। हर विधायक के साथ बातचीत में उनके विधानसभा क्षेत्र की सर्वे रिपोर्ट भी साथ रखी गई थी। विधायकों को बाकायदा बताया गया कि उनके इलाके में सरकार की ओर से कितने विकास कार्य करवाए गए हैं। उनके इलाके में कांग्रेस की स्थिति क्या है। दलित वोट बैंक विधायक से कितना नाराज है। अल्पसंख्यक वोटों में विधायक को लेकर किस तरह की नाराजी है। इस तरह हर एक पहलू से विधायकों को अवगत कराया गया था। उन्हें समय भी दिया गया था कि वे अपना परफारमेंस सुधार सकते हैं। विधायकों से कहा था कि कार्यकताओं के साथ समन्वय बढ़ाएं। सर्वे रिपोर्ट में कई विधायकों के बारे में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने, मुलाकात नहीं करने सहित कई तरह की शिकायतें भी प्राप्त हुई थीं। इसके बाद उन्हें सुधार करने का मौका भी दिया, फिर भी कोई खास बदलाव नहीं आया। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे  ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के कार्यों का समय-समय पर आकलन होता रहता है। सभी का परफॉरमेंस पार्टी और मुख्यमंत्री के समक्ष स्पष्ट है। पार्टी की राय भी स्पष्ट है कि सिर्फ जीतने वाले प्रत्याशी को ही टिकट दिया जाएगा ।   

Madhya Bharat Madhya Bharat 23 October 2018

मध्यप्रदेश की खबरें

नाबार्ड की राष्ट्र स्तरीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री मेले में शामिल हुईं राज्यपालएमपी की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि महिला स्व-सहायता समूह सामाजिक कुरीतियों और नशे जैसी बुराई को समाप्त करने में योगदान करें। श्रीमती पटेल मंगलवार को भोपाल में नाबार्ड द्वारा आयोजित स्व-सहायता समूहों, शिल्पकारों तथा कृषि उत्पादन संगठनों के उत्पादों की राष्ट्र-स्तरीय प्रदर्शनी- सह-बिक्री मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती पर अगर हम सब गांधी जी के जीवन से जुड़ी छोटी-छोटी बातों जैसे नशा न करना तथा सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प लें, तो यह गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रीमती पटेल ने कहा कि विश्व के सभी देश अपने राष्ट्र को पुरूष के रूप में मानते हैं। केवल हमारा देश है जो भारत माता के रूप में पूजा जाता है। इसलिए हमारे देश में महिलाओं का सदियों से सम्मान किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने चरखा चला कर हमें आजादी दिलाई, हजारों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने बिना भेदभाव किये देश के लिए प्राण न्यौछावर कर दिये और आज हम जातीवाद की समस्या से ही जूझ रहे हैं। श्रीमती पटेल ने कहा कि आज हमें सोचना पड़ेगा कि हमें देश के लिए क्या करना है। जब देश हित, देश प्रेम, गरीबों की सहायता, सभी को शिक्षा और सभी के विकास में सब मिलकर सहयोग करेंगे, तभी प्रधानमंत्री की सबका साथ-सबका विकास की सोच साकार रूप ले सकेगी। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने देश के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की सोच को बढ़ावा दिया। प्रधानमंत्री जी ने गांधी जी की मंशानुसार योजनाएं बनाकर अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुँचाने का प्रयास किया है। मेले में कृषि उत्पादन आयुक्त, श्री पी सी मीणा, प्रमुख सचिव कृषि श्री राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के सी गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक श्री योगेंद्र सिंह, महाप्रबंधक यूनियन बैंक आफ इंडिया श्री जे एस चौहान, तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, कृषक और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 3 October 2018

छतीसगढ़ की खबरें

छत्तीसगढ़ में  विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने की होड़ लगी हुई है। पहले चरण की 18 सीटों के लिए इस बार ज्यादा ही उम्मीदवार रुचि दिखा रहे हैं। नामांकनपत्र भरने के लिए एक प्रक्रिया होती है, जिसमें सभी जानकारी सही देनी होती है। लिखने में त्रुटि होने या गलत जानकारी देने से नामांकनपत्र खारिज हो जाता है। ऐसी स्थिति में उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाता। बीते दो विधानसभा चुनावों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि जिन इलाकों को पढ़ा-लिखा माना जाता है, वहीं के नामांकनपत्र ज्यादा खारिज किए गए हैं। इसके विपरीत जंगल इलाके की विधानसभा सीटों पर भरे गए ज्यादातर नामांकनपत्र ही पाए गए हैं। नामांकनपत्र सही तरीके से भरने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारी हर जिले में राजनीतिक दलों की मीटिंग लेते हैं। इसके बाद भी बड़े शहरों के उम्मीदवार इसमें गलती कर रहे हैं। हर दल अपने वकील सदस्यों की मदद इसमें लेते हैं। बस्तर की कोंटा और बीजापुर विधानसभा सीटों को दुर्गम इलाका माना जाता है। वहां शिक्षा के साधन भी मजबूत नहीं हैं। इसके बाद भी चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार सही तरीके से नामांकन भरते हैं। कोंटा में पिछले चुनाव में छह और 2008 के चुनाव में चार पर्चे भरे गए। इनमें से किसी का रद नहीं हुआ। इसी तरह बीजापुर में बीते चुनाव में सात प्रत्याशियों में से केवल एक का पर्चा रद हुआ। 2008 में यहां से दस पर्चे भरे गए और एक ही रद हुआ। जगदलपुर और बस्तर सबसे कमजोर बस्तर संभाग में जगदलपुर और बस्तर सीट के उम्मीदवार इस काम सबसे कमजोर दिख रहे हैं। बीते चुनाव में जगदलपुर में 38 में से 18 पर्चे निरस्त कर दिए गए थे। बस्तर सीट का भी यही हाल रहा, वहां बीते चुनाव में 18 में से 11 पर्चे गलत पाए गए। पिछले चुनाव में चित्रकोट सीट से भी यह संयोग जुड़ा हुआ है। वहां 22 में से 14 रद हुए। अहिवारा सीट के लिए बीते चुनाव में 29 नामांकन भरे गए थे, मगर इसमें 15 रद हो गए। भिलाई नगर सीट पर 2008 में 18 में से छह और पिछले चुनाव में 23 में से चार खारिज कर दिए गए थे। वैशालीनगर सीट के 2013 के चुनाव में 25 में से पांच और 2008 में 22 में से तीन रद हुए। दुर्ग ग्रामीण में खारिज पर्चे की संख्या तीन तक ही रही है। गुंडरदेही में पिछले चुनाव में 23 में से सात और संजारी बालोद में 15 में से पांच नामांकन बीते चुनाव में खारिज किए गए।  

Madhya Bharat Madhya Bharat 23 October 2018

छतीसगढ़ की खबरें

अटल विकास यात्रा के तहत मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह शनिवार को पखांजूर पहुंचे। उन्होने यहां श्यामप्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करते हुए पखांजूर में आगामी सत्र से कृषि महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा की। डॉ रमन ने यहां अलग-अलग विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन व नई योजनाओं की आधारशिला रखते हुए लगभग 189 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। कहा कि नीली क्रांति में पखांजूर पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। यहां का मछली पालन उद्योग दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बन रहा है। यहां जिस तरह से तलाबों का विकास और मछली उत्पादन का विकास हुआ है, वह अपने आप में दूसरों के लिए मॉडल है। यहां लोगों में मछली पालन के द्वारा आत्मनिर्भरता आई है। लोगों की वार्षिक आय बढ़ी है। पूरा पखांजूर इलाका विकास की दृष्टि से आगे बढ़ रहा है। विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास के साथ ही डॉ रमन ने यहां नवनिर्मित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण भी किया प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद जो माहौल तैयार हुआ वह पूरी तरह विकास का समर्थन करता है। प्रदेश में गांवों से लेकर शहरों तक विकास हो रहा है। पहले न यहां सड़कें थीं, न बिजली थी। छत्तीसगढ़ में सरकार की ओर से विद्युत उत्पादन, वितरण, पारेषण, संधारण में लगातार बेहतर काम हुआ है। फ्लैट रेट पर 12 लाख लोगों को अब बिजली देने की व्यवस्था सरकार ने की है। एक पावर स्टेट के रूप में छत्तीसगढ़ ने देश भर में अपनी पहचान बनाई है।

Madhya Bharat Madhya Bharat 29 September 2018

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