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पिछली सरकारों ने किसानों की नहीं की चिंता:मोदी .   उत्तर प्रदेश में पॉलीथिन पर प्रतिबंध.   चुनाव से पहले शुरू हो जाएगा अयोध्या में मंदिर निर्माणः शाह.   सीतारमण ने संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट को ख़ारिज किया .   स्पेशल ओलंपिक भारत में तनिष्क आनंद ने जीता रजत पदक .   सुप्रीम कोर्ट ने कहा -गरीबों का मुफ्त में इलाज करें निजी अस्पताल .   प्रदर्शनकारियों ने इंदौर में रोकी ट्रेन.   अनुराग को मैन ऑफ़ द मीडिया सम्मान .   टीवी चैनल हिन्दी खबर के दफ्तर का शुभारंभ.   प्रदेश में खदानों के लिये लागू है सिंगल विण्डो प्रणाली :मुख्यमंत्री .   बीमारियों से बचने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी:राज्यपाल.   नगरीय निकाय के चुनाव स्थगित, राज्य निर्वाचन आयोग का फैसला.   मुठभेड़ में दो बीएसएफ जवान शहीद, तीन घायल.   छत्तीसगढ़ में 47% OBC तय करते हैं चुनावी खेल.   दो साल से शिक्षक नहीं, गुस्साए ग्रामीणों ने जड़ा ताला.   अदालत ने पूछा- अफसर बताएं बिलासपुर में कब शुरू होगी हवाई सेवा.   छत्तीसगढ़ में अविश्वास प्रस्ताव ,अमित जोगी की अनुपस्थिति पर उठे सवाल.   मानसून सत्र के पहले दिन रिंकू खनूजा की मौत पर हुआ हंगामा.  

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narendr modi mirzapur

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज मिर्जापुर में उस बाण सागर परियोजना का लोकार्पण किया, जिसकी परिकल्पना 1956 में की गई थी। इसको मंजूरी मिली 1977 में तथा शिलान्यास 1978 में किया गया। इसके बाद चार दशक तक इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं गया। इस दौरान उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों की चिंता नहीं की। उन्होंने कहा कि 300 करोड़ की परियोजना को पूरा करने में 3200 करोड़ रुपए में पूरा करना पड़ा। उन्होंने कहा कुछ लोग किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते हैं। अधूरी सिंचाई परियोजानाओं को पूरा क्यों नहीं किया गया। मोदी ने कहा कि देशभर में दशकों से अटकी परियोजनाओं को पूरा किया जा रहा है। सपा और बसपा की सरकार में विकास का एजेंडा था ही नहीं कभी। कांग्रेस की पूर्व सरकार ने कभी यूपी में स्वास्थ्य सुविधा का ख्याल नहीं किया, मोदी के नेतृत्व में 8 नए मेडिकल कालेज खुलने जा रहा है, एम्स और कैंसर संस्थान मिल रहा है। यूपी में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा और विकास तेज हुआ है। बताते चलें कि केंद्रीय जल विद्युत शक्ति आयोग से 1977 में इस परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद 14 मई 1978 को ही इसका शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने किया। इसके बाद शासन-प्रशासन के दांव-पेंच के चलते अभी तक इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका था। मगर,अब इस परियोजना को मौजूदा केंद्र व प्रदेश की सरकार ने परवान चढ़ाया। परियोजना से उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार व मध्य प्रदेश के भी लाखों किसानों को लाभ मिलेगा। करीब 3148.91 करोड़ रुपए की लागत से तैयार बाणसागर परियोजना के रामबाण से प्रधानमंत्री विकास का पूरे देश को नया संदेश दिया। इसके साथ ही विंध्य की धरती से आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर हुंकार भरेंगे। मोदी ने कहा कि अभी हाल ही में एक खबर आई है। अगर यह निगेटिव होती, तो कई दिनों तक इस पर हो हल्ला होता। मगर, खबर पॉजिटिव थी, तो यह आई-गई हो गई। दो सालों में पांच करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर निकले हैं। इसके साथ ही आयुष्मान योजना का जिक्र भी पीएम ने किया, जिसके तहत पांच लाख रुपए के चिकित्सकीय बिल का भुगतान सरकार करेगी। स्वच्छ भारत पर मोदी ने कहा कि गांवों में शौचालय बनने से वहां के परिवारों की बीमारियों में कमी आई है। बाणसागर परियोजना का प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण होने के मद्देनजर अदवा बैराज को दुल्हन की तरह सजाया गया है। यह परियोजना हलिया विकास खंड में अदवा नदी के कैमूर पहाड़ की तलहटी में 3148.91 करोड़ की लागत से वर्ष 1977-78 में प्रारंभ की गई थी। विंध्य पर्वत एवं कैमूर श्रृखंलाओं की बाधाओं को पार करते हुए 25.600 किलोमीटर अदवा मेजा लिंक नहर का निर्माण किया गया। इसमें 150132 हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अदवा, मेजा, जरगो बांध को पानी से भरने की योजना बनाई गई है। सिंचाई सुविधा को देखते हुए बैराज में आठ गेट अदवा नदी में पानी छोड़ने के लिए बनाए गए हैं वहीं दूसरी ओर तीन गेट बाणसागर नहर में पानी गिराने के लिए बने हैं। बाणसागर से अदवा बैराज मध्य प्रदेश के शहडोल जिले देवलोन बाणसागर बांध से अदवा बैराज के लिए पानी छोड़ा गया है। इससे मीरजापुर में 75309 हेक्टेयर तथा इलाहाबाद में 74823 हेक्टेयर यानी कुल 150132 हेक्टेयर सिंचाई करने की योजना है। नहरों की कुल लंबाई 171.80 किमी और क्षमता 46.46 क्युसेक पानी की होगी। इससे 170000 किसानों का परिवार लाभान्वित होगा। बाणसागर परियोजना से मध्यप्रदेश में 1.54 लाख हेक्टेयर तथा उत्तर प्रदेश में 1.50 लाख हेक्टेयर तथा बिहार राज्य में 94 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। केंद्र तथा प्रदेश सरकार ने विंध्य क्षेत्र की इस महत्वांकाक्षी अंतरराज्यीय परियोजना को पूरा करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। अब अदवा बैराज डाक-बंगले सहित भवन तथा पुल सहित पूरी परियोजना भगवा में रंग गए हैं। ऐसे में अब बाणसागर परियोजना का लोकार्पण कर प्रधानमंत्री एक तीर से कई निशाने साधेंगे।  

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उत्तर प्रदेश में पॉलीथिन पर प्रतिबंध

उत्तर प्रदेश में रविवार 15 जुलाई से 50 माइक्रोन तक की पतली पॉलीथिन प्रतिबंधित कर दी गई है। पहले चरण में नगरीय निकाय क्षेत्रों यानी शहरों में इसमें प्रतिबंध लगाया गया है। पॉलीथिन के निर्माण, बिक्री, भंडारण व आयात-निर्यात पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रतिबंधित पॉलीथिन बनाने व बेचने पर जुर्माना व सजा का प्रावधान है। सरकार ने इसमें एक लाख रुपये तक का जुर्माना और छह माह तक की जेल भेजने के नियम बनाए हैं। प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार छापामारी अभियान चलाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन, नगरीय निकाय, पुलिस व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीमें बनेंगी। छापा मारने वाली टीम मौके पर ही जुर्माना भी वसूल सकेंगी। नगर विकास विभाग ने अधिनियम में जरूरी संशोधन के लिए अध्यादेश तैयार कर लिया है। इसे कैबिनेट बाई सर्कुलेशन से मंजूरी भी मिल गई है। अब राज्यपाल के हस्ताक्षर रह गए हैं। इस कारण इसके आदेश शनिवार को जारी नहीं हो सका। राज्यपाल द्वारा अध्यादेश को मंजूरी देते ही रविवार को आदेश जारी हो जाने की पूरी उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पॉलीथिन, प्लास्टिक व थर्मोकोल में चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध की घोषणा की है। उनकी घोषणा के अनुसार ही 15 जुलाई रविवार से 50 माइक्रोन तक की पॉलीथिन प्रतिबंधित की जा रही है। दूसरा चरण 15 अगस्त से शुरू होगा, इसमें प्लास्टिक व थर्मोकोल के कप-प्लेट व ग्लास प्रतिबंधित किए जाएंगे। इसके बाद दो अक्टूबर से सभी प्रकार के डिस्पोजेबल पॉलीबैग पर भी प्रतिबंध रहेगा। नगर विकास विभाग ने उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा-कचरा (उपयोग एवं निस्तारण का विनियमन)-2000 में संशोधन किया है। संशोधन के लिए विभाग ने अध्यादेश तैयार कर लिया है। इसकी धारा सात में यह जोड़ा गया है कि प्रदेश सरकार अधिसूचना के जरिए नॉन बॉयोडिग्रेडेबिल प्लास्टिक या इस तरह के मैटीरियल को प्रतिबंधित कर सकती है। इस संशोधन के बाद अब सरकार कभी भी अधिसूचना जारी कर पॉलीथिन, प्लास्टिक या फिर इससे जुड़े अन्य उत्पादों को प्रतिबंधित कर सकती है। इसके लिए उसे बार-बार अधिनियम में संशोधन नहीं करना पड़ेगा। केवल अधिसूचना के जरिए ही प्रतिबंध लगाया या फिर हटाया जा सकेगा। प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पॉलीथिन व प्लास्टिक पर प्रतिबंध की सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। कानूनी कार्रवाई के लिए अधिनियम में भी जरूरी संशोधन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसमें कुछ औपचारिकता शेष रह गई है।   

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amit shah

हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने  कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का काम लोकसभा चुनावों से पहले शुरू हो जाएगा। शाह की पार्टी की तेलंगाना राज्य समिति के साथ हुई बैठक के संबंध में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य पेराला शेखरजी ने शाह का हवाला देते हुए कहा कि इस संबंध में उठाए गए कदमों को देखें तो अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम लोकसभा चुनावों से पहले शुरू हो जाएगा। एक दिन की यात्रा पर हैदराबाद पहुंचे अमित शाह ने समय से पहले लोकसभा चुनाव कराए जाने की संभावनाओं से भी इन्कार किया है। शाह ने पार्टी नेताओं से राज्य में सरकार बनाने के लिए रणनीति तैयार करने को भी कहा। बता दें कि शुक्रवार को ही सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या केस पर सुनवाई के दौरान शिया वक्फ बोर्ड ने मुस्लिमों को मिली जमीन मंदिर के लिए दान देने की बात कही है।

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सीतारमण ने संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट को ख़ारिज किया

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि आतंकवाद प्रभावित राज्य में जमीनी हकीकत को दरकिनार किया गया है। सुरक्षा बलों के मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप को ठुकराते हुए उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने राज्य में आतंकवाद के पीड़ितों के लिए भारतीय सेना की सहायता को एकदम अनदेखा कर दिया है। इस बीच, विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट का संयुक्त राष्ट्र से कोई लेना-देना नहीं है। यह एक व्यक्ति की जारी की हुई रिपोर्ट है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और प्रदर्शनकारियों से निपटने में सबसे अधिक संयम बरतती है। सेना ने वहां कई स्कूल स्थापित किए हैं। उच्च शिक्षा के लिए लड़के और लड़कियों का प्रशिक्षण किया है। साथ ही उन्हें भारत के अन्य राज्यों में यात्रा करने का अवसर प्रदान किया है। वहीं, विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस रिपोर्ट का संयुक्त राष्ट्र से कोई लेना-देना ही नहीं है। यह एक व्यक्ति की जारी रिपोर्ट है और इसे उसी तरह से देखा जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इस हफ्ते की शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की स्थाई प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर पर 14 जून की एक रिपोर्ट का हवाला दिया था। यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त जैद राद अल हुसैन ने सुरक्षा परिषद में सशस्त्र संघर्ष और बच्चों के विषय पर चर्चा के दौरान पेश की थी। इस रिपोर्ट में अल हुसैन ने कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की मांग की गई थी।

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स्पेशल ओलंपिक भारत में तनिष्क आनंद ने जीता रजत पदक

  यूं तो बातें बहुत होती है मगर कुछ खास बच्चे एसा कर जाते है जो इन खास बच्चों को और खास बना देते हैं। एसा ही कुछ खास हुआ है भारत स्पेशल ओलम्पिक गांधी नगर में जहां तनिष्क आनंद जैसे ही 20 खिलाड़ीयों ने 9 गोल्ड, 9 सिल्वर और 5 कांस्य पदक जीतकर मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है। गुजरात के गांधीनगर में 5 से 9 जुलाई तक चली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश से 20 विशेष खिलाड़ियों ने भाग लिया था। जिसमें एमपी की टीम ने 9 गोल्ड सहित 23 पदक जीते हैं। भोपाल के तनिष्क आनंद ने टेबल टैनिस में रजत पदक जीता है। यह खेल आगामी साल में होने वाली अंतरराष्ट्रीय स्पेशल ओलम्पिक प्रतियोगिता आबूधावी में जाने का टिकट मानी जाते हैं और इन्ही खिलाड़ियों में से ही देश की टीम तैयार होती है। गांधी नगर में भोपाल का परचम लहराने के बाद मंगलवार को भोपाल लौटी टीम को रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत हुआ। इन खिलाड़ियों का स्वागत करने पहुंचे जनप्रतिनिधि, कोच, पूर्व खिलाड़ी और परिजन भाव विभोर थे। टीम मेनेजर एहताशाम उद्दीन, कोच प्रतिभा, इकराम, प्रभात, रामसेवक, संदीप, रुचिका एवं मीनाक्षी को टीम की उपलब्धि पर लोगों ने बधाई दी।  

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सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में रियायती दर पर जमीन पाने वाले सभी निजी अस्पतालों को निश्चित संख्या में गरीब रोगियों की चिकित्सा मुफ्त में करने को कहा है। अस्पतालों को अत्यंत सस्ती दर पर दी गई जमीन के लीज डीड में गरीबों को चिकित्सा मुहैया कराना शामिल है। निजी अस्पतालों के लिए सरकार द्वारा आवंटित जमीन पर 10 फीसद इन पेशेंट विभाग (आइपीडी) और 25 फीसद आउट पेशेंट विभाग (ओपीडी) में मुफ्त में चिकित्सा मुहैया कराना अनिवार्य है। जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अस्पतालों द्वारा विरोध करने पर लीज निरस्त किया जा सकता है। पीठ ने दिल्ली सरकार से आदेश के अनुपालन पर समय-समय पर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। पीठ ने कहा कि वह इस बात पर नजर रखेगी कि निजी अस्पताल गरीबों का मुफ्त में इलाज कर रहे हैं या नहीं।

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शोपियां में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़

सुरक्षाबलों को दक्षिण कश्मीर के शोपियां के कुमदलान में 5-6 आतंकियों के छिपे होने का शक है। सुरक्षाबलों ने आतंकियों को चारों तरफ से घेरा।  जम्मू-कश्मीर के शोपियां में मंगलवार की सुबह सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। इस मुठभेड़ में तीन आतंकियों के मारे जाने की खबर है, वहीं सुरक्षाबलों के दो जवान घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षाबलों को दो आतंकियों के शव मिले हैं। सुरक्षाबलों को दक्षिण कश्मीर के शोपियां के कुमदलान में 5-6 आतंकियों के छिपे होने का शक है। सुरक्षाबलों ने आतंकियों को चारों तरफ से घेर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह सेना की 34 आरआर के जवानों के साथ मिलकर सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के विशेष अभियान दल एसओजी के जवानों ने कुंडलन में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर एक तलाशी अभियान चलाया। गांव में तलाशी लेते हुए जवान जैसे ही आगे बढ़े, एक मकान में छिपे आतंकियों ने उन पर फायरिंग कर दी। आतंकियों ने जवानों पर पहले राइफल ग्रेनेड दागा और उसके बाद उन्होंने अपने स्वचालित हथियारों से फायरिंग की। जवानों ने भी अपनी पोजीशन ली और जवाबी फायर किया। इसके बाद वहां मुठभेड़ शुरू हो गई जिसमें एक जेसीओ समेत दो सैन्यकर्मी घायल हो गए। हालांकि मकान में छिपे आतंकियों की संख्या की तत्काल पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन संबधित अधिकारियों के मुताबिक, आतंकियों की संख्या पांच हो सकती है। संयुक्त सुरक्षा बलों की घेराबंदी और फायरिंग के बाद आतंकियों की ओर से भी फायरिंग की गई। जेसीओ समेत दो सैन्यकर्मी आतंकियों के साथ मुठभेड़ में गंभीर रुप से घायल हो गए। फिलहाल, दोनों का सेना के 92बेस अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। इस बीच, मुठभेड़स्थल पर जमा हुई आतंकियों की समर्थक भीड़ व पुलिस के बीच हिंसक झड़पें भी शुरू हो गई हैं। मुठभेड़ शुरू होते ही बड़ी संख्या में शरारती तत्व भड़काऊ नारेबाजी करते हुए मुठभेड़स्थल पर जमा हो गए। उन्होंने आतंकरोधी अभियान में रुकावट डालते हुए सुरक्षाबलों पर पथराव करते हुए घेराबंदी तोड़ने का प्रयास भी किया। इस पर वहां मौजूद पुलिस के जवानों ने उन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस और लाठियों का सहारा लिया। इसके बाद वहां हिंसक झड़पें भी शुरू हो गई। संबधित अधिकारियों के मुताबिक, पथराव के बावजूद सुरक्षाबलों ने आतंकियों को मार गिराने का अपना अभियान जारी रखा हुआ है।  

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मुम्बई स्टॉक एक्सचेंज

मुख्यमंत्री श्री चौहान मुम्बई स्टॉक एक्सचेंज में दर्ज करायेंगे इंदौर नगर निगम के बॉण्ड मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान 5 जुलाई को सुबह 9 बजे मुम्बई में स्टॉक एक्सचेंज में घंटा बजाकर इंदौर नगर निगम के बॉण्ड दर्ज करवाया । इंदौर नगर निगम ने शहरी विकास की गतिविधियों में नागरिकों की आर्थिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये अभी हाल ही में 28 जून को 170 करोड़ रुपये के बॉण्ड जारी किये हैं। इंदौर नगर निगम इस तरह के बॉण्ड जारी करने वाला राज्य का प्रथम और देश का तीसरा नगर निगम बन गया है। भारत सरकार की अमृत योजना के माध्यम से इंदौर शहर में नगर निगम ने जल-वितरण, सीवरेज और शहरी परिवहन सुविधाओं को विकसित करने के लिये बॉण्ड जारी किये हैं। इसमें भारत सरकार का 324.05 करोड़, राज्य सरकार का 486.18 करोड़ और नगर निगम का 162.08 करोड़ रुपये अंशदान निर्धारित किया गया है। निवेश आमंत्रित करने वरिष्ठ उद्योगपतियों से मिले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज अपने मुम्बई प्रवास के दौरान सीआईआई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। श्री चौहान ने इस दौरान प्रदेश में निवेश के संदर्भ में विभिन्न देशों के वाणिज्यिक दूतों और उद्योग जगत के वरिष्ठ उद्योगपतियों से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री मुख्य रूप से आस्ट्रेलिया, कनाडा, इण्डोनेशिया, जापान, सिंगापुर, कोरिया और रशिया के वाणिज्यिक दूतों से मिले और उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा के बारे में जानकारी दी। श्री चौहान ने बताया कि आज की तारीख में मध्यप्रदेश सभी क्षेत्रों में निवेश के लिये एक आदर्श राज्य बन चुका है। उन्होंने निवेशकों को आगामी 23-24 फरवरी, 2019 को मध्यप्रदेश की औद्योगिक नगरी इंदौर में आयोजित की जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मित्र देश के रूप में आने का न्यौता भी दिया। मुख्यमंत्री को सिंगापुर के वाणिज्यिक दूत श्री अजीत सिंह ने मध्यप्रदेश में निवेश के लिये किये जा रहे प्रयासों के लिये बधाई देते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा दी जा रही सुविधाएँ हमें आकर्षित करती हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि हम सिंगापुर से विशिष्ट क्षेत्र के विकास के लिये निवेशक लायेंगे। आस्ट्रेलिया के वाणिज्यिक दूत श्री टोनी उबर ने भी मुख्यमंत्री के प्रयासों को सराहा। ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीशन के श्री बेन ग्रीन ने भी मध्यप्रदेश में शिक्षा और बैंकिंग के क्षेत्र में निवेश के मामले में रुचि जताई। कनाडा के वाणिज्यिक दूत ने प्रदेश में जल-संचयन के क्षेत्र में रुचि दिखाई और मुख्यमंत्री का निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वे शीघ्र ही मध्यप्रदेश आयेंगे। इण्डोनेशिया के वाणिज्यिक दूत ने उनके देश में आगामी 24 से 28 अक्टूबर तक आयोजित ट्रेड एक्सपो में भारतीय प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने समस्त वाणिज्यिक दूतों को सीआईआई के कार्यक्रम में शामिल होने पर धन्यवाद दिया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उद्योग श्री मोहम्मद सुलेमान और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एस.के. मिश्रा भी मौजूद थे।  

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सुप्रीम कोर्ट

  सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी दिल्ली का झगड़ा सुलझता नजर नहीं आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आते ही केजरीवाल सरकार ने अफसरों के तबादलों की लंबी लिस्ट जारी कर दी थी। अब दिल्ली के सर्विसेज विभाग ने इस आदेश को मानने से इन्कार कर दिया है। इसके बाद गुरुवार सुबह केजरीवाल सरकार मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, यदि अफसर सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं मानेंगे तो अफरातफरी मचेगी। सिसोदिया ने अपील की कि केंद्र सरकार और उपराज्यपाल, सुप्रीम कोर्ट की वह बात मानें, जिसमें आपसी सामंजस्य के साथ काम करने की सलाह गई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के बुधवार को अधिकारों के विवाद में फैसला आते ही केजरीवाल सरकार ने कैबिनेट बैठक के बाद ट्रांसफर और पोस्टिंग का अधिकार मंत्रियों को दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के सर्विसेज विभाग ने केजरीवाल सरकार के आदेश को मानने से इन्कार कर दिया है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बुधवार की शाम को ही ट्रांसफर को लेकर आदेश दिए थे। सूत्रों के मुताबिक, सर्विसेज विभाग का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहीं भी अगस्त 2016 के उस नोटिफिकेशन को रद्द नहीं किया गया है, जिसमें ट्रांसफर पोस्टिंग का अधिकार उपराज्यपाल, मुख्य सचिव या सचिवों को दिया था। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अधिकारियों के ट्रांसफर अब मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री की इजाजत से होंगे। इस बीच, दिल्ली सरकार ने उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है, जो उसके निर्देशों में दिलचस्पी नहीं ले रहे थे। दिल्ली सरकार में काम कर रहे कई बड़े अधिकारियों के तबादले के आदेश गुरुवार तक जारी होने की संभावना है। उन्हें ऐसे विभागों में भेजा जा सकता है, जहां सीधे तौर पर सक्रिय भूमिका नहीं रहती है। इसमें उन अधिकारियों के नाम सबसे ऊपर हैं जो मुख्य सचिव के साथ मारपीट की घटना के बाद से अधिकारियों की ओर से विरोध में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। सूत्रों की मानें तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अपने हक में मानते हुए दिल्ली सरकार ने आईएएस और दानिक्स के 30 से 35 अधिकारियों की लिस्ट तैयार कर ली है। उनसे महत्वपूर्ण विभाग छीने जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली सरकार का दावा है कि अधिकारियों के तबादले का अधिकार उसके पास आ गया है, जबकि अभी तक ये तबादले उपराज्यपाल के निर्देश पर होते आ रहे हैं। वहीं, दिल्ली विधानसभा के पूर्व सचिव एसके शर्मा का कहना है कि अभी भी सेवाएं विभाग गृह मंत्रलय के पास है। जिस पर उपराज्यपाल ही तबादला व नियुक्तियों पर फैसला लेंगे। दिल्ली सरकार यदि इसमें कुछ कह रही है तो गलत है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी याद दिला दिया कि जनादेश का अर्थ यह नहीं कि वह अधिकार से बाहर जाकर या फिर संविधान से परे भी कुछ किया जा सकता है। काल्पनिक आदर्श के लिए कोई स्थान नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने याद दिलाया कि जनप्रतिनिधि पद ग्रहण करते वक्त संविधान की शपथ लेते हैं। ऐसे में उनसे यह अपेक्षा होती है कि वह संविधान की मर्यादा और उसकी व्याख्या का ध्यान रखें। वोटरों की अपेक्षाओं को नीतियों में बदलने, उसे कानून का स्वरूप देने का कर्तव्य है। लेकिन संविधान के बाहर जाकर नहीं। संविधान में किसी भी तरह के वैचारिक सिद्धांत या कल्पना के लिए स्थान नहीं है। वही किया जा सकता है जो संविधान के अनुसार व्यावहारिक हो। ध्यान रहे कि इसी क्रम में कोर्ट ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा से इन्कार कर दिया। पिछले दिनों में जिस तरह दिल्ली सरकार अनशन पर दिखी शायद उस पर भी कोर्ट ने असहमति जताई।  

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सीमा पर भारत-चीन के बीच शांति के लिए बनी सहमति

    सिलीगुड़ी में  चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां सुकना स्थित आर्मी त्रिशक्ति कोर में बुधवार को हुई बैठक में भारत-चीन सीमा पर शांति व भाईचारा कायम रखने पर सहमति बनी। इसके पूर्व सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) के सुकना स्थित त्रिशक्ति कोर में चीनी प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक ढंग से भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप एम बाली के नेतृत्व में उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने उम्मीद जताई कि यह वार्ता सीमा पर शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह वार्ता "विश्वास निर्माण" की पहल का हिस्सा है, जो कि विभिन्ना स्तरों पर सीनियर कमांडरों के बीच हो रही है। पिछली वार्ता पूर्वी कमान मुख्यालय कोलकाता में फरवरी, 2017 में हुई थी। चीनी सेना का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को कोलकाता के लिए रवाना होगा। चीनी सेना के प्रतिनिधिमंडल में लेफ्टिनेंट जनरल ल्यू ज्याओ भी शामिल हैं।

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लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार का महत्त्व :सुप्रीम कोर्ट

  दिल्ली में राज्य सरकार और केंद्र के बीच जारी अधिकारों की जंग पर सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने बुधवार को फैसला सुनाया। अपने फैसले में पांच जजों की बैंच ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की चुनी सरकार का महत्व है। इसलिए मंत्रिमंडल के पास फैसले लेने का अधिकार है। तीन जजों ने एकमत से कहा कि एलजी दिल्ली के प्रशासक हैं लेकिन वो कैबिनेट के साथ समन्वय के साथ काम करें। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जनता की जीत करार दिया है। सिसोदिया ने कहा कि यह एक लैंडमार्क फैसला है और अब सरकार को अपनी फाइले मंजूरी के लिए एलजी के पास नहीं भेजनी होंगी। कोर्ट ने कही यह अहम बातें राज्य में चुनी हुई सरकार है और एलजी उसके फैसले में बाधा नहीं डाल सकते। चुनी हुई सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य में अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि शक्तियों का समन्वय होना चाहिए। शक्ति एक जगह केंद्रित नहीं हो सकती। कोई भी सरकार जनता को उपलब्ध होनी चाहिए। हमारी संसदीय प्रणाली है और और केंद्र संसद के प्रति जवाबदेह है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्र और राज्य मिलकर काम करें। संघीय ढांचे में राज्यों को स्वतंत्रता है। कोर्ट ने कहा कि जनमत महत्वपूर्ण है और इसे तकनिकी मामलों में नहीं उलझाया जा सकता। एलजी दिल्ली के प्रशासक हैं क्योंकि और राज्यों के मुकाबले दिल्ली की स्थिति भिन्न है। अगर किसी मामले पर राज्य कैबिनेट से एलजी की राय मेल नहीं खाती है तो एलजी उसे खारिज करने की बजाय राष्ट्रपति को भेजे। कोर्ट ने कहा कि कैबिनेट को भी लिए गए फैसले के लिए एलजी की मंजूरी जरूरी नहीं है लेकिन उन्हे हर फैसला बाताया जाए। राज्य सरकार कोई भी फैसला अकेले लेकर उसे लागू कर दे यह ठीक नहीं है। संसद का बनाया कानून सर्वोच्च है, हालांकि, कुछ मामलों में राज्य सरकार कानून बना सकती है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने उप राज्यपाल को दिल्ली का प्रशासनिक मुखिया घोषित करने के हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अपीलीय याचिका में दिल्ली की चुनी हुई सरकार और उप राज्यपाल के अधिकार स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एके सीकरी, न्यायमूर्ति एमएम खानविल्कर, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश दिग्गज वकीलों की चार सप्ताह तक दलीलें सुनने के बाद गत छह दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रमण्यम, पी. चिदंबरम, राजीव धवन, इंद्रा जयसिंह और शेखर नाफड़े ने बहस की थी जबकि केन्द्र सरकार का पक्ष एडीशनल सालिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने रखा था। दिल्ली सरकार की दलील थी कि संविधान के तहत दिल्ली में चुनी हुई सरकार है और चुनी हुई सरकार की मंत्रिमंडल को न सिर्फ कानून बनाने बल्कि कार्यकारी आदेश के जरिये उन्हें लागू करने का भी अधिकार है। दिल्ली सरकार का आरोप था कि उप राज्यपाल चुनी हुई सरकार को कोई काम नहीं करने देते और हर एक फाइल व सरकार के प्रत्येक निर्णय को रोक लेते हैं। हालांकि दूसरी ओर केंद्र सरकार की दलील थी कि भले ही दिल्ली में चुनी हुई सरकार हो लेकिन दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है। दिल्ली विशेष अधिकारों के साथ केंद्र शासित प्रदेश है। दिल्ली के बारे में फैसले लेने और कार्यकारी आदेश जारी करने का अधिकार केंद्र सरकार को है। दिल्ली सरकार किसी तरह के विशेष कार्यकारी अधिकार का दावा नहीं कर सकती।

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  दिल्ली के बुराड़ी इलाके में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की मौत से इलाके के लोग सकते में हैं वहीं पुलिस भी फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। हालांकि, सोमवार को बचे हुए 6 शवों का भी पोस्टमार्टम हो गया और सूत्रों के हवाले से खबर है कि इसमें सभी की मौत फांसी से होने की बात सामने आई है। क्राइम ब्रांच के जेसीपी आलोक कुमार के अनुसार सभी 11 शवों का पोस्टमार्टम हो चुका है। इनमें से 6 शवों की रिपोर्ट के अनुसार उनकी मौत फांसी से हुई है। रिपोर्ट के अनुसार परिवार की वरिष्ठ सदस्य और मां नारायण देवी का गला घोंटने का शक था लेकिन उनकी मौत भी फांसी से ही हुई है। वहीं दूसरी तरफ फोरेंसिक जांच भी पूरी होने की सूचना है। दावा है कि इस रिपोर्ट में भी घर के अंदर किसी बाहरी शख्स के फिंगरप्रिंट नहीं मिले हैं। इसके बाद किसी अन्य द्वारा परिवार की हत्या के कयास कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं. जांच के दौरान घर में मिले एक रजिस्टर ने अहम खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार उन्हें घर से ऐसे कुछ नोट्स मिले हैं जो इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि सभी 11 लोगों की मौत तंत्र-मंत्र के चक्कर में हुई है। इसके बाद पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। पड़ोसियों ने भी बताया है कि यह परिवार काफी धार्मिक विचारों वाला था और रात की कीर्तन करने के बाद ही सोता था। इतना ही नहीं, यह भी पता चला है कि दुकान पर हर दिन बोर्ड पर घर की बहू सुविचार लिखती थीं। पुलिस की मानें तो भाटिया परिवार के घर से मिले सबूत इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि मृतकों का अध्यात्म की ओर ज्यादा झुकाव था। यही नहीं परिवार तांत्रिक विद्या पर भी विश्वास करता था, इसलिए माना जा रहा है कि मोक्ष की प्राप्ति के लिए अंधविश्वास में सभी ने स्वेच्छा से मौत को गले लगा लिया। पुलिस अधिकारी भी इस घटना को अध्यात्म से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि पुलिस की जांच अभी जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आनी बाकी है। इसके बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी। दरअसल मरने वाले सभी लोगों में नारायण देवी के छोटे बेटे ललित और पुत्रवधू टीना के हाथ खुले मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि ललित और टीना को छोड़कर सभी ने पहले कोई नशीला पदार्थ खाया होगा। उनके अचेत होने के बाद ललित और टीना ने सभी के मुंह पर पहले कपड़े व टेप लपेटे और बाद में उन्हें फंदे से लटका दिया। अंत में पति और पत्नी ने भी फांसी लगा ली। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घर से कुछ धार्मिक किताबें और हाथ से लिखी अध्यात्मिक बातें मिली हैं। जो इनके अंधविश्वास में जान देने की बात की ओर इशारा कर रहे हैं। भाटिया परिवार के पड़ोसी भी परिवार के धार्मिक रुझान से परिचित हैं। परिवार के सभी सदस्य नियमित पूजा-पाठ करते थे। वहीं, समय-समय पर भंडारे का आयोजन भी किया जाता था। नारायण देवी के छोटे बेटे ललित ने गत पांच वर्ष से मौन व्रत धारण कर रखा था। उनकी घर के भूतल पर ही लकड़ी व प्लाई की दुकान थी। जबकि बगल में बड़े भाई भुवनेश परचून की दुकान चलाते थे। इन दोनों दुकानों के बीच एक प्लाई का बोर्ड लगा था। उसपर अक्सर प्रियंका अन्यथा परिवार का कोई अन्य सदस्य रोजाना कोई-कोई न कोई आध्यामिक विचार अथवा श्लोक इत्यादि लिखता था। उनकी दुकान पर आने वाले लोग सहित इस गली से गुजरने वाले उसे बड़े ध्यान से पढ़ते थे। मालूम हो कि भाटिया परिवार में तीन बेटे व दो बेटियों में अब सबसे बड़े बेटे दिनेश और बेटी सुजाता भाटिया जीवित हैं। दिनेश परिवार के साथ राजस्थान के कोटा में रहते हैं। जबकि सुजाता अपने परिवार के साथ पानीपत रहती हैं। परिवार शनिवार की रात भाटिया परिवार रात 11.30 बजे तक जगा हुआ था। लोगों ने कुछ सदस्यों को तो गली में घूमता भी देखा था। भुवनेश की दुकान भी रात 11.30 तक खुली हुई थी। वे ग्राहकों को पहले की तरह सामान बेच रहे थे। लिहाजा लोगों को किसी अनहोनी होने की आशंका का आभास तक नहीं हुआ। पुलिस को आशंका है कि खाना खाने के बाद देर रात दो से तीन बजे के बीच सारी घटनाएं घटीं। एक ही परिवार के 11 सदस्यों की मौत के मामले की संजीदगी को देखते हुए, रविवार का दिन होने के बावजूद मेडिकल बोर्ड की निगरानी में रात में ही शवों का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के लिए दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल ने फारेंसिक विशेषज्ञ डॉक्टरों के दो मेडिकल बोर्ड गठित किए हैं। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी करवाई गई है। रविवार को छह शवों को पोस्टमार्टम किया गया, शेष पांच का सोमवार को होगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्राथमिक तौर पर डॉक्टरों ने मौत का कारण आत्महत्या बताया है। फांसी लगाने के कारण उन लोगों की मौत हुई। सभी शवों का पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद डॉक्टर अपनी फाइनल रिपोर्ट पुलिस को सौपेंगे। एक घर में ग्रिल से लटके हुए नौ शवों को लेकर सभी के दिमाग में पहला सवाल यही है कि यह कैसे संभव हुआ होगा। आखिर कैसे संभव है कि एक ही परिवार के 11 लोगों ने फांसी लगाकर खुदकशी कर ली। दिल्ली पुलिस की जांच टीम व फॉरेंसिक टीम की पूरी जांच इसी गुत्थी को सुलझाने पर टिकी है। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर शवों का हर एंगिल से न सिर्फ माप लिया, बल्कि फोटोग्राफी भी कराई। टीम ने जांच के दौरान बारीकी से देखा कि एक शव से दूसरे शव के बीच की दूरी कितनी थी? शवों के पैर जमीन से कितने ऊपर थे? हाथों को कैसे बांधा गया था? इतना ही नहीं, अगर घटना खुदकशी की है तो क्या एक साथ नौ लोग इस तरह से खुदकशी कर सकते हैं या नहीं? बरामदे में मिले 10 शवों में से दो के हाथ खुले मिले हैं, जबकि आठ के हाथ बंधे मिले। इस पहलू पर भी टीम जांच कर रही है। माप के साथ ही टीम ने अलग-अलग एंगिल से पूरे क्राइम सीन की फोटोग्राफी कराई, ताकि हर पहलू की जांच की जा सके।  

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जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के कारण झेलम नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य में बाढ़ से हालात पैदा हो गए हैं। प्रशासन ने इसे देखते हुए सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है वहीं स्थिति को देखते हुए राज्यपाल ने आपात बैठक कर हालात का जायजा लिया है। वहीं तवी नदी में पानी बढ़ने से यहां 6 लोग फंस गए जिन्हें स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम ने बचाया। जानकारी के अनुसार राज्य बाढ़ नियंत्रण अधिकारियों ने कहा है कि झेलम का जल स्तर मुंशी बाग के करीब खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इसे देखते हुए बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है। बता दें कि राज्य में दो दिनों से लगातार हो रही मुसलाधार बारिश के चलते सभी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं इसके कारण शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा भी रोकनी पड़ी थी। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अधिकारी अलर्ट हो गए हैं और बाढ़ के हालात से निपटने की तैयारियां कर ली गई हैं।  

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

  मगहर में पीएम मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। कबीर दास जी की जयंती पर कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को संत कबीर दास की परिनिर्वाण स्‍थली मगहर पहुंचे। यहां उन्होंने आयोजित एक कार्यक्रम को भी संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने इशारों में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि कबीर धूल से उठे और माथे का चंदन बन गए, उन्होंने समाज में जाति का भेद मिटाने के साथ उस समाज को जागृत किया। कबीर का पूरा जीवन सत्‍य की खोज में बीता है। वह फक्‍कड़ स्‍वभाव के थे, लेकिन दिल के साफ थे। बाहर से कठोर और भीतर से कोमल थे। वह अपने जन्‍म से नहीं कर्म से महान बन गए। संत कबीर के बाद संत रैदास आए। अंबेडकर आए। सभी ने अपने-अपने तरीके से समाज को रास्‍ता दिखाया। बाबा साहब अंबेडकर ने हमें जीने का अधिकार दिया। आज समाज में राजनीतिक लाभ लेने के लिए समाज में असंतोष पैदा कर रहे हैं। कुछ दलों को शांति और विकास नहीं, कलह और अशांति चाहिए, उनको लगता है जितना असंतोष और अशांति का वातावरण बनाएंगे उतना राजनीतिक लाभ होगा। पीएम ने कहा कि सच्चाई यह है कि ऐसे लोग जमीन से कट चुके हैं। उन्‍होंने कहा कि देश के राजनेताओं को गरीबों की चिंता नहीं रही। उन्हें बंगले का मोह है। करोड़ों के बंगले बनाने वालों ने गरीबों के लिए कुछ नहीं कहा। उन्‍होंने कभी गरीबों के लिए घर का निर्माण नहीं कराया। जब मोदी सरकार आई तो गरीबों के लिए छत का इंतजाम शुरू करा दिया। अभी दो दिन पहले ही देश में आपाल काल के 47 साल हुए। सत्‍ता की लालच ऐसा हो गया है कि आपात काल लाने वाले और उसका विरोध करने वाले कंधा से कंधा मिला लिए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन तलाक के मामले में भी इन राजनीतिक दलों को देखा है। आज मुस्लिम महिलाएं भी तीन तलाक के खिलाफ हैं। लेकिन राजनीतिक दलों के लोग मुस्लिम महिलाओं की भलाई की कोई चिंता नहीं है। कबीरदास ने कहा था कि शासक वही है जो जनता की पीड़ा को समझता हो और उसका निदान करता हो। पर अफसोस कुछ परिवार आज कबीरदास की बात को पूरी तरह नकारने में लगे हैं। वह भूल गए हैं कि आज हमारे साथ कबीर दास हैं। कबीर दास मनुष्‍य-मनुष्‍य के बीच भेद पैदा करने वालों के खिलाफ थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि कबीर के दर्शन को लोग नहीं समझ रहे हैं। हमारी सरकार गरीब, दलित, पीडि़त, वंचित लोगों के लिए काम कर रही है। लगभग पांच करोड़ लोगों का खाता खुलवाया। करीब एक करोड़ लोगों को सुरक्षा बीमा का कवच देकर और यूपी के गांवों में सवा करोड़ शौचालय बनवाया। हमने सुलभ स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं देने का वीणा उठाया है। कबीर श्रमयोगी थे। कबीर ने कहा था कि काल करे सो आज कर---उसी के तहत तेजी के साथ बन रही सड़कें एवं कार्य कबीर के विचारों का प्रतिबिंब है। भारत का पूर्वी भाग काे विकास से अलग कर दिया था। आज काम हो रहा है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि कबीर को समझने के लिए कोई भाषा नहीं गढ़ी। बोलचाल की भाषा का इस्‍तेमाल किया। बोलचाल की भाषा में ही उन्‍होंने जीवन दर्शन को बताया। उनके कई दोहों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि समय के साथ समाज में आने वाली आंतरिक बुराइयों को समाप्‍त करने के लिए ऋृषियों, मुनियों ने हमें मार्ग दिखाया। देश की चेतना को बचाने का कार्य संतों ने समय समय पर किया। उन्‍होंने बल्‍लभाचार्य, रामानुजाचार्य, रामानंद, तुलसी आदि कई संतों का नाम लेते हुए कहा कि उस दौर में भी तमाम विपत्तियों से गुजरते हुए समाज को नई दिशा दी। रामानंद ने तो समाज के सभी वर्गों को जोड़कर जाति-पाति और छुआछूत को समाप्‍त किया। पीएम आगे बोले कि, प्रधानमंत्री ने कहा कि कबीर व्‍यक्ति से अभिव्‍यक्ति बन गए। उन्‍होंने समाज की चेतना को जागृत करने का काम किया। उन्‍होंने कहा था कि यदि हृदय में राम है तो क्‍या काशी क्‍या मगहर। कबीर दास कहते थे कि हम काशी में प्रकट भये हैं, रामानंद चेताए। कबीर भारत की आत्‍मा और रससार कहे जा सकते हैं। उन्‍होंने जाति-पाति के भेद तोड़ा। पीएम ने कहा कि सैकड़ों वर्षों की गुलामी के कालखंड में अगर देश की आत्मा बची रही, तो वो ऐसे संतों की वजह से ही हुआ। इससे पहले अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम ने उपस्थित जनसमुदाय को भोजपुरी में प्रणाम किया और कहा कि इस पावन भूमि को प्रणाम करत बानी। यह हमार सौभाग्‍य है कि आज हम यहां आइल बानी। उन्‍होंने कहा कि आज मुझे भी तीर्थ स्‍थल पर आने का मौका मिला। मैने कबीर की मजार पर चादर चढ़ाई, फूल चढ़ाया। कबीर दास की गुफा भी देखी। ऐसा कहा जाता है कि यहां पर गुरु गोरखनाथ, संतकबीर दास और गुरु नानक ने एक साथ बैठकर आध्‍यत्मिक चर्चा की थी। उन्‍होंने कहा कि तीरथ गए तो एक फल...कहकर कहा कि यह भूमि पूण्‍य फल देने वाला है। करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से कबीर के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे पहले पीएम ने यहां कबीर की समाधि और मजार पर चादर चढ़ाकर शीश नवाया। इसके बाद उन्होंने यहा 24.9375 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली संतकबीर शोध अकादमी का शिलान्यास किया। क्षेत्र के विकास के लिए कई अन्य परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी। मजार पर चादर चढ़ाने के बाद प्रधानमंत्री उस गुफा में भी गए जहां कहा जाता है कि कबीर दास जी ध्यान किया करते थे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। कबीर निर्वाण स्थली पर आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कबीर की निर्वाण स्थली मगहर में प्रधानमंत्री का आगमन 2019 के आसन्न लोकसभा चुनावों के लिहाज से खास माना जा रहा है।  

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सर्जिकल स्ट्राइक

गुलाम कश्मीर में स्थित आतंकी शिविरों और लांचिंग पैड पर भारतीय सेना की बहुचर्चित सर्जिकल स्ट्राइक का बुधवार को एक और सुबूत सामने आया है। यह सुबूत एक वीडियो फुटेज के रूप में है। इस फुटेज में भारतीय जवान पाकिस्तान क्षेत्र में दाखिल होकर आतंकी ठिकानों पर हमला करते नजर आ रहे हैं। सर्जिकल स्ट्राइक का पाकिस्तान और आतंकी संगठनों ने हमेशा खंडन किया है, लेकिन 21 माह बाद अब वीडियो फुटेज के सामने आने के बाद एक बार फिर स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जवानों ने दुश्मन को उसके घर में घुसकर मजा चखाया था। भारतीय सेना की चार और नौवीं वाहिनी से संबंधित पैरा कमांडो दस्ते ने 28 और 29 सितंबर 2016 की दरमियानी रात को उत्तरी कश्मीर में एलओसी पार कर गुलाम कश्मीर के दो से तीन किलोमीटर अंदर के इलाके में जाकर आतंकियों के सात लांचिग पैड को तबाह किया था। इस कार्रवाई में कई आतंकी सरगना मारे गए थे। पाकिस्तानी सेना को भी इसमें नुकसान उठाना पड़ा था। भारतीय सेना ने यह कार्रवाई 18 सितंबर 2016 को उड़ी स्थित सैन्य ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए आतंकियों के आत्मघाती हमले का बदला लेने के लिए की थी। इस हमले में 20 सैन्यकर्मी शहीद हुए थे। गुलाम कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों पर हमले का खुलासा 29 सितंबर 2016   को तत्कालीन डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिह ने किया था। लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिह इस समय ऊधमपुर स्थित सेना की उत्तरी कमान प्रमुख हैं। संबंधित सूत्रों ने बताया कि इस अभियान में शामिल सेना की चार और 9वीं वाहिनी की घातक टीम और पैरा कमांडो दस्ते की हेलमेट पर लगे कैमरों ने लांचिग पैड पर हुई हर कार्रवाई को रिकार्ड किया था और यह वही फुटेज है। गुलाम कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा कार्रवाई करने से 10 दिन पहले लगातार इस अभियान की योजना पर काम हुआ। घातक दस्तों ने पूरे इलाके का खाका तैयार किया। सेना व अन्य खुफिया एजेंसियों ने अपने तंत्र द्वारा कुछ खास लांचिग पैड को चिह्नित किया। सेटलाइट की मदद भी ली गई और अमावस की रात आते ही भारतीय जवान पाकिस्तानी क्षेत्र में घुस गए। इस अभियान की पीएम नरेंद्र मोदी, तत्कालीन रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और तत्कालीन डीजीएमओ रणबीर सिह ने लगातार निगरानी की थी। अलबत्ता, श्रीनगर स्थित रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता समेत किसी भी अन्य सैन्य अधिकारी ने सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो की पुष्टि नहीं की है। सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) डीएस हुडा ने एक टीवी चैनल को बताया कि जब कोई इसपर सवाल उठाता है तो निराशा होती है। हम झूठ नहीं बोलते।' हुडा उत्तरी कमान के कमांडर रह चुके हैं।  

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देश के सबसे गंदे 10 शहरों में 8 बंगाल के

  स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत हाल ही में संपन्न स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले दस में से आठ शहर पश्चिम बंगाल के रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया है। इस सर्वेक्षण में एक लाख से ज्यादा आबादी वाले 485 शहरों की सूची जारी की गई है, जिसमें आखिरी स्थान पर राज्य का भद्रेश्वर शहर है। हुगली जिले का यह शहर कुल 4,000 अंकों में से महज 448.3 अंक ही हासिल कर पाया। जबकि पहले स्थान पर रहे मध्य प्रदेश के इंदौर शहर को 3,707.01 अंक मिले। इस सूची में अंतिम दस में पश्चिम बंगाल से बाहर के दो शहर हैं, जिसमें बिहार का सिमरी बख्तियारपुर 550.07 अंक के साथ 482वें और चांदबाली (586.71 अंक) 479वें स्थान पर रहा। बांकुरा 484वें, नॉर्थ बैरकपुर 483वें, चंपदानी 481वें, बंसबेरिया 480वें, खर्दाह, बैधबती तथा पानीहाटी क्रमशः 478वें, 477वें और 476वें स्थान पर है। दूसरी ओर, दस टॉप शहरों में इंदौर के अलावा भोपाल (3688.94 अंक), चंडीगढ़ (3649.38), नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) (3597.19), विजयवाड़ा (3580.2), तिरुपति (3575.8), ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (3546.5), मैसुर (3539.5), नवी मुंबई (3536.2) तथा पुणे (3471.34) का शुमार है। राज्यों की सूची में झारखंड पहला, महाराष्ट्र दूसरा तथा छत्तीसगढ़ ने तीसरा स्थान हासिल किया। यह सर्वेक्षण इस साल चार जनवरी से 10 मार्च के बीच कराया गया था। स्वच्छता की यह स्पर्धा 4,203 शहरी निकायों के बीच थी, जिसके तहत करीब 40 करोड़ नागरिक हैं।  

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सैशेल्स और भारत के बीच हुए 6 समझौते

  भारत दौरे पर आए राष्ट्रपति डैनी फॉरे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद दोनों के बीच हुई द्वीपक्षीय व्राता में दोनों देशों के बीच 6 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। समझौतों के बाद साझा बयान जारी करते हुए प्रधआनमंत्री ने कहा कि भारत और सैशेल्स बड़े रणनीतिक साझेदार हैं। हम लोकतंत्र की मूल भावना का सम्मान करते हैं और हिंद महासागर में सुरक्षा, शांति और स्थिरता के लिए एक ही जियो स्ट्रेटेजिक विजन रखते हैं। हमने सैशेल्स को रक्षा क्षैत्र के लिए 100 मिलियन डॉलर क्रेडिट पर दिए हैं। वहीं सैशेल्स के राष्ट्रपति ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत के पास विजनरी समझदारी है कि क्या जरूरी है। खासतौर पर सुरक्षा और हमारे दौर की चुनौतियों के बारे में जिनमें क्लाइमेट चेंज, बहुपक्षीय व्यापार और अनेकता की दूरियों को कम करना है। इससे पहले सुबह राष्ट्रपति फॉरे का औपचारिक स्वागत हुआ जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने उनका स्वागत किया। वहीं राष्ट्रपति फॉरे अपनी पत्नी के साथ दो दिन के गुजरात दौरे पर गए । शनिवार सुबह वे साबरमती आश्रम पहुंचे जहां उन्होंने गांधी जी का निवास ह्दयकुंज देखा और उनकी पत्नी ने चरखा काटा। इससे पहले उन्होंने भारतीय प्रबंध संस्थान का दौरा किया । सेशेल्स के राष्ट्रपति शुक्रवार शाम को ही अहमदाबाद पहुंच गए थे। शनिवार सुबह उन्होंने भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद का दौरा किया। यहां उन्होंने अपने पुराने मित्र संस्थान के निदेशक प्रो. एरोल डिसूजा से भेट की। इसके बाद वे सीधे साबरमती आश्रम पहुंचे जहां आश्रम के ट्रस्टी अमृत मोदी व कार्तिके साराभाई ने उन्हें आश्रम का भ्रमण कराया । राष्ट्रपति डैनी फॉरे ने गांधीजी का निवास ह्दय कुंज देखा उनकी पत्नी ने यहां चरखा भी काटा। आश्रम के ट्रस्टी अमृत मोदी व कार्तिके साराभाई ने राष्ट्रपति डैनी फॉरे को एक चरखा तथा गांधीजी की तीन पुस्तकें भेट की। उनमें गाँधीजी की आत्मकथा , अहमदाबाद में अहिंसा नामक पुस्तक है। इसके बाद वे गांधीनगर स्थित जीएफएसयू में अपने देश के 18 पुलिस अधिकारियों से बात की जो यहां प्रशिक्षण लेने आये है। राज्यपाल ओपी कोहली के साथ उन्होंने दोपहर का भोजन किया। इसके बाद करीब 2.30 बजे वे गोवा के लिए रवाना हो गये। सेशेल्स के राष्ट्रपति डेनी फॉरे सात दिन के भारत यात्रा पर है। पहले चहण में दो दिन के गुजरात और गोवा के दौरे के बाद वे नई दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री से मिलेंगे।  

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कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज

    कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज ने अपने बयान में कश्मीर की आजादी का समर्थन किया है जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। नई दिल्ली। कश्मीर को लेकर अक्सर विवादास्पद बयान आते रहते हैं और इस बार एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज ने विवादित बयान दे दिया है। सोज ने अपने बयान में कश्मीर की आजादी का समर्थन किया है जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। जानकारी के अनुसार कश्मीर को लेकर दिए एक बयान में सोज ने कहा है कि मुशर्रफ ने कहा था कि कश्मीरी पाकिस्तान में शामिल होना नहीं चाहते, उनकी पहली पसंद आजादी है। यह बयान तब भी सही था और आज भी। मैं भी आज यही कहूंगा लेकिन यह संभव नहीं है। कश्मीर को आजादी मिल जाएगी तो शांति भी होगी और लड़ाई भी नहीं होगी। सोज के इस बयान को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि एक केंद्रीय मंत्री के रूप में जब उनकी बेटी को जेकेएलएफ ने किडनैप किय था तो उन्हें कई लाभ मिले थे। इस तरह के लोगों की मदद करने का कोई फायदा नहीं। जो यहां रहना चाहता है वो लोकतंत्र को माने और अगर वो मुशर्रफ को पसंद करते हैं तो हम उन्हें एकतरफा यात्रा का टिकट दे देंगे।  

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  लखनऊ। एक हिंदू-मुस्लिम दंपती को लखनऊ के पासपोर्ट अधिकारी ने इसलिए पासपोर्ट जारी करने से इन्कार कर दिया कि हिंदू महिला ने शादी के बाद अपना सरनेम नहीं बदला था। अधिकारी ने महिला व उसके पति को प्रताड़ित किया, फेरे लेने व सरनेम बदलने की हिदायत दी। इस बर्ताव से दुखी महिला ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट कर रोष जताया। आखिरकार सुषमा के दखल से पासपोर्ट जारी कर दिया गया। अधिकारी का ट्रांसफर कर दिया गया।   अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मोहम्मद अनस सिद्दीकी और उनकी पत्नी तन्वी सेठ ने उनके साथ बुधवार को हुए दुर्व्यवहार की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट कर शिकायत करते हुए दखल देने का आग्रह किया था। दंपती ने 12 साल पहले शादी की थी। उनकी छह साल की बेटी भी है। सिद्दीकी ने बताया कि उनका आवेदन पासपोर्ट नवीनीकरण का और पत्नी तन्वी का नए पासपोर्ट का था।   गुरुवार को लखनऊ के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) पीयूष वर्मा ने बताया कि दंपती को पासपोर्ट जारी कर विदेश मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी गई है। विवादित अफसर विकास मिश्रा का तबादला कर दिया गया है। इस पर तन्वी सेठ ने सुषमा व विदेश मंत्रालय को तत्काल कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया।   'जिस तरह लखनऊ के रतन स्क्वेयर स्थित पासपोर्ट दफ्तर के अधिकारी विकास मिश्रा ने हमारे साथ बर्ताव किया, उससे मैं बहुत गुस्से में और आहत हूं। मैं आपसे इंसाफ पाने के भरोसे के साथ ट्वीट कर रही हूं। हमारे साथ इसलिए बुरा सुलूक हुआ क्योंकि, मैंने एक मुस्लिम से शादी की है और अपना नाम नहीं बदला है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि पासपोर्ट कार्यालय में भी मॉरल पुलिसिंग करने वाले लोग हैं। मेरा और पति मोहम्मद अनस सिद्दीकी का पासपोर्ट होल्ड कर दिया गया। शादी के 12 सालों में इतना अपमान कभी नहीं हुआ। शादी के बाद क्या नाम रखूं यह मेरी निजी पसंद है। अधिकारी ने बेहद शर्मनाक ढंग से और जोर-जोर से चिल्लाते हुए दुर्व्यवहार किया।'   तन्वी के पति मोहम्मद अनस सिद्दीकी ने पत्रकारों को बताया, 'पासपोर्ट अधिकारी ने पहले पत्नी का नाम पूछा और फिर कहा कि मुझे अपना धर्म बदल लेना चाहिए और फेरे लेना चाहिए। तभी पासपोर्ट बनेगा। मुझे नहीं पता कि उनसे मेरी कोई निजी रंजिश थी। अधिकारी हमारे नाम देखकर ही भड़क उठे थे।'   विवादित अफसर विकास मिश्रा ने अपनी सफाई में कहा 'मैंने तन्वी सेठ को पासपोर्ट आवेदन में नाम उनके निकाहनामे के मुताबिक नाम 'शाजिया अनस' करने को कहा था। यह नाम उनकी फाइल में भी होना चाहिए। हम यह जांच करते हैं कि किसी ने पासपोर्ट बनवाने के लिए अपना नाम तो नहीं बदल लिया है। लेकिन महिला ने अपना नाम निकाहनामे के अनुसार करने से इन्कार कर दिया। यदि वह हां करतीं तो मैं उन्हें 'ए' सेक्शन में भेजता और डेटा बदलने का काम होता। मैं एक धर्म निरपेक्ष व्यक्ति हूं। मैंने खुद अंतरजातीय विवाह किया है।'   आरपीओ वर्मा ने बताया कि पासपोर्ट नियम आसान बनाए गए हैं। अब विवाह प्रमाणपत्र पेश करना भी अनिवार्य नहीं है। धर्म का पासपोर्ट जारी करने से कोई संबंध नहीं है। हम हमारे स्टाफ को नए नियम के बारे में लगातार परामर्श दे रहे हैं।

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NSG

  श्रीनगर। कश्मीर घाटी में आतंकरोधी अभियानों में आवश्यकता अनुरूप सक्रिय भूमिका निभाने के लिए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) का एक दस्ता घाटी पहुंच चुका है। यह दस्ता बीते एक पखवाड़े से श्रीनगर एयरपोर्ट के पास सीमा सुरक्षाबल के एक प्रशिक्षण केंद्र में पुलिस, सीआरपीएफ और बीएसएफ से चुने गए जवानों के साथ आतंकरोधी अभियानों के अभ्यास में जुटा हुआ है।    एनएसजी को जम्मू कश्मीर में आतंकरोधी अभियानों के लिए तैनात करने की योजना गत वर्ष बनी थी और इस प्रस्ताव पर औपचारिक मुहर गत मई माह के दौरान ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लगाई है। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि एनएसजी कमांडो का दस्ता पूरी तरह जम्मू कश्मीर पुलिस के अधीन रहेगा, क्योंकि आतंकरोधी अभियानों के संचालन की नोडल संस्था राज्य पुलिस ही है। स्थानीय हालात से अवगत होने और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के तौर तरीकों को समझने के बाद ही यह दस्ता सक्रिय रूप से आतंकरोधी अभियानों में शामिल होगा।   जम्मू कश्मीर में एनएसजी के कमांडो 1990 के दशक में भी आतंकरोधी अभियानों के लिए आ चुके हैं, लेकिन एनएसजी को राज्य में आतंकरोधी अभियानों के लिए स्थायी तौर पर पहली बार तैनात किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि एनएसजी कमांडो हाउस इंटरवेंशन और एंटी हाईजैकिग में विशेषज्ञ माने जाते हैं। इसलिए इन्हें श्रीनगर एयरपोर्ट के पास ही रख जा रहा है।   श्रीनगर में आए एनएसजी कमांडो अत्याधुनिक हैकलर, कोच एमपी-5 सब मशीनगन, स्नाइपर राइफलों और दिवार के आरपार देखने वाले राडार और सी-4 विस्फोट से लैस हैं।   एनएसजी कमांडो को हर आतंकरोधी अभियान का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा, बल्कि इन्हें विशेष परिस्थितियों में ही शामिल किया जाएगा। विशेषकर जब किसी बड़ी इमारत में आतंकी घुसे हों या आबादी वाले इलाके में कोई ऑपरेशन करना हो।   एनएसजी का गठन 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद हुआ था। गुजरात के अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकी हमले के अलावा मुंबई हमलों और पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के समय भी एनएसजी कमांडो की सेवाएं ली गई थीं। मौजूदा समय में एनएसजी में 7500 अधिकारी और जवान हैं।

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शहीद औरंगजेब

आतंकियों द्वारा अगवाकर मौत के घाट उतार दिए गए शहीद औरंगजेब का शव शनिवार को ईद के दिन उनके पैतृक गांव पहुंचा। पुंछ। जिस ईद को मनाने के लिए औरंगजेब छुट्टी लेकर घर के लिए निकला था वो ईद भी आई और औरंगजेब भी घर पहुंचा लेकिन जिंदा नहीं बल्कि कफन में लिपटा हुआ। आतंकियों द्वारा अगवाकर मौत के घाट उतार दिए गए शहीद औरंगजेब का शव शनिवार को ईद के दिन उनके पैतृक गांव पहुंचा। पार्थिव शरीर के गांव में पहुंचते ही पूरा गांव उमड़ पड़ा। हर कोई इस हीरो को अंतिम विदाई देना चाहता था। नम आंखों के साथ पिता बेटे के शव के आगे चलते रहे। दरअसल, शुक्रवार को खराब मौसम की वजह से औरंगजेब की पार्थिव देह उनके गांव नहीं पहुंच पाई थी। ईद के इस मुबारक मौके पर औरंगजेब के घर और गांव में मातम पसरा हुआ है। शहीद औरंगजेब के पिता ने कहा- 72 घंटों में हत्यारों को ढेर करो नहीं तो खुद उठा लूंगा बंदूक बेटे का शव देख पिता भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे ने अपना वादा निभाया है। वो देश के लिए शहीद होकर लौटा है। मैं राज्य और केंद्र सरकार से अपील करता हूं कि इन आतंकियों का खात्म करें। बता दें कि औरंगजेब को आतंकियों ने तब अगवा कर लिया था जब वो ईद की छुट्टी मनाने के लिए घर आ रहे थे। अगवा करने के बाद आतंकियों ने उनके साथ मारपीट करके हत्या कर दी। इसके बाद उनका शव पुलवामा के गुसो में मिला था। औरंगजेब की शहादत के बाद आतंकियों ने उनका एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें वो उससे पिछले दिनों घाटी में हुए एनकाउंटर्स की जानकारी ले रहे हैं।

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अटल बिहारी वाजपेयी AIIMS में भर्ती

देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को एम्स में भर्ती करवाया गया है। नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को एम्स में भर्ती करवाया गया है। वाजपेयी का स्वास्थ्य ठीक है और उन्हें रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। खबरों के अनुसार आज रात 8 बजे तक उन्हें डिस्चार्ज किया जा सकता है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री लंबे समय से अस्वस्थ्य हैं और समय-समय पर उनका रूटीन चेकअप होता रहता है। इस बार भी डॉक्टरों की सलाह पर ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी की आखिरी तस्वीर 2015 में तब सामने आई थी जब उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नावाजा गया था।  

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प्रणब मुखर्जी

प्रणब मुखर्जी के नागपुर स्थित संघ मुख्यालय जाने और कार्यक्रम में संबोधन देने को लेकर लगातार बयानबाजी जारी है। उनके इस कदम से जहां कांग्रेस में खलबली मची थी वहीं उनकी बेटी शर्मिष्ठा ने भी अपने पिता को ऐसा ना करने की नसीबत दी थी। इस सब के बावजूद प्रणब कार्यक्रम में शामिल हुए बल्कि संबोधन भी दिया। हालांकि, इसके बाद उनकी कुछ फर्जी तस्वीरें भी वायरल हुईं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब प्रणब के बेटे अभिजीत ने नाराजगी जताई है। इंडियन एक्सप्रेस के कॉलम दिल्ली कॉन्फिडेंशियल में छपी रिपोर्ट के अनुसार अभिजीत मुखर्जी के टीएमसी में शामिल होने की अफवाहें उड़ रही हैं। फिलहाल अभिजीत अपने पिता की सीट जंगीपुर से सांसद हैं। रिपोर्ट के अनुसार हालांकि, टीएमसी ने पहले भी अभिजीत को संपर्क किया था लेकिन तब उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि टीएमसी में जाना उनके पिता के लिए अपमानजनक होगा। लेकिन प्रणब के नागपुर जाने के बाद अब कहा जा रहा है कि अभिजीत फिर से टीएमसी के ऑफर पर विचार कर रहे हैं। दूसरी तरफ शिवसेना नेता संजय राउत ने दावा किया है कि संघ प्रणब मुखर्जी को 2019 के चुनाव में पीएम उम्मीदवार बना सकता है। हालांकि, शिवसेना के इस दावे को उनकी बेटी शर्मिष्ठा ने यह कहते हुए खारिज किया है कि उनके पिता अप सक्रिय राजनीति में नहीं लौटेंगे।

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amit shah

भाजपा के समर्थन के लिए संपर्क अभियान के तहत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात की। इस दौरान वहां सुखबीर बादल भी मौजूद थे। इस मुलाकात के साथ शाह ने पंजाब में भाजपा के विस्तार का रास्ता बनाने की ओर कदम बढ़ाएं वहीं दोनों दिग्गज नेताओं ने 2019 लोकसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा की। यह पहला बड़ा मौका है, जब दोनों दलों के नेताओं की आमने-सामने इस तरह मुलाकात हो रही है। शिरोमणि अकाली दल एनडीए का सबसे पुराना साथी है। 1998 में जब अटल बिहारी वाजपेयी सरकार बनाने को लेकर दूसरी पार्टियों का समर्थन जुटा रहे थे, तो प्रकाश सिंह बादल ने सबसे पहले बिना शर्त भाजपा को समर्थन दिया था। यही नहीं अकाली-भाजपा गठबंधन में अभी तक कोई खटास भी नहीं आई है। पंजाब में दोनों दलों ने मिलकर अभी तक तीन कार्यकाल पूरे किए हैं। 2014 में भी अकाली दल के पास सीटें कम होने के बावजूद नरेंद्र मोदी ने बीबी हरसिमरत कौर बादल को कैबिनेट में लेकर अपने गठजोड़ साथी पर विश्वास जताया। यह अलग बात है कि दोनों पार्टियों के प्रदेश स्तरीय नेतृत्व में खटपट लगी रहती है। अकाली दल पिछले चार साल से यह महसूस कर रहा है कि शीर्ष भाजपा नेतृत्व और केंद्र सरकार ने उन्हें वह सहयोग नहीं दिया, जिसकी उन्हें आस थी। अब कर्नाटक में सरकार बनाने में नाकाम रहने के बाद जिस तरह से अमित शाह पुराने सहयोगियों को मनाने की राह पर चल पड़े हैं, उससे अकाली दल की बांछें खिल गई हैं। शिरोमणि अकाली दल के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल के साथ मीटिंग कर अमित शाह भाजपा के सभी लोकसभा प्रभारियों व कोर ग्रुप के साथ बैठक करेंगे। इसमें पार्टी का प्रदेश नेतृत्व तीन की बजाय पांच सीटों की अकाली दल से मांग कर सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी श्री आनंदपुर साहिब और लुधियाना सीटें अकाली दल से लेना चाहती है। उनका कहना है कि दोनों ही सीटें हिदू प्रभाव वाली हैं। लुधियाना सीट वैसे भी अकाली दल पिछले दो बार से लगातार हार रहा है, ऐसे में यह सीट भाजपा को देकर एक बार नया प्रयोग किया जा सकता है। इस अभियान को अमित शाह चंडीगढ़ में भी बढ़ाएंगे। इस अभियान के तहत वह देशभर में बड़ी हस्तियों से मिल रहे हैं। चंडीगढ़ में वह पूर्व ओलंपियन बलबीर सिंह से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों के माध्यम से पार्टी नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाना चाहती है। इसके अलावा वह शहर के व्यापारियों व अन्य प्रतिष्ठित लोगों से मिलेंगे।   

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नमो ऐप

नमो ऐप के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों से बात करने की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्वास्थ्य योजनाओं के लाभार्थियों से बात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को फायदा हुआ है। पीएम ने इस बातचीत में उन लोगों के अनुभव भी पूछे जिन्हें भारतीय जनऔषिधि पारियोजना, किफायती कार्डियाक स्टेंट और घुटना प्रत्यारोपण का लाभ मिला है। बातचीत में लाभार्थियों ने भी खुलकर मोदी सरकार की योजनाओं की तारफी की। वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने अच्छी और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं जो गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंच सके इसके लिए अच्छे अस्पतालों का निर्माण और डॉक्टरों की सीटें बढ़ाने का काम किया है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवा उद्यमियों से बात की थी।स्टार्ट अप इंडिया के तहत अपना स्वरोजगार स्थापित करने वाले युवा उद्यमियों से उन्होंने कहा कि आज हमारा युवा रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बन रहा है। उन्होंने कहा, 'हम दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक हैं। वार्ता के मुख्य अंश प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना के तहत हमने सुनिश्चित किया है कि देश की जनता को दवाइयां कम से कम कीमतों में मिल सके ,किसी भी बीमारी में गरीब के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है दवाई, हमने यह सुनिश्चित किया है कि गरीबों को सस्ती दवाई मिल सकें। कटक से जन औषधि केंद्र के लाभार्थी मोहंती दास ने पीएम मोदी को बताया कि पहले उनका महीने में 3 हजार के करीब दवाई का खर्च था, जो अब सिर्फ 500 रुपये तक रह गया है।  ह्रदय रोगियों को सहूलियत देने के लिए हमारी सरकार ने स्टेंट के दामों में 80 से 90% तक की कमी की है। पहले जो स्टेंट 2 -2.5 लाख का मिलता था, अब वो ज़्यादा से ज़्यादा 25 हज़ार में मिलता है ,हर सफलता और समृद्धि का आधार स्वास्थ्य है और हमने विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा 'आयुष्मान भारत' योजना को लागू किया अलवर, राजस्थान से स्वास्थ्य योजना के तहत घुटना प्रत्यारोपण की लाभार्थी लक्ष्मी देवी ने बताया कि वो बहुत परेशान थीं, डॉक्टर्स करीब 4 लाख रुपये मांग रहे थे। फिर मोदी सरकार की योजना के बारे में सुना। आज उनकी जिंदगी खुशहाल है और बहुत सस्ते में उनका इलाज हो गया। स्वास्थ्य योजना के लाभार्थी विजय ने बताया कि डायलिसिस के लिए हर महीने 30-40 हजार रुपया ख़र्च करना पड़ता था लेकिन अब डायलिसिस योजना से इलाज एक दम फ़्री हो रहा है।

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 रसोई गैस

  महंगे पेट्रोल-डीजल की मार झेल रहे उपभोक्ताओं को अब रसोई गैस भी सताएगी। दरअसल, तेल एवं गैस कंपनियों की ओर से घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 52 रुपये बढ़ा दी गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर भी 82.50 रुपये महंगा हो गया है। नई दरें एक जून से प्रभावी होंगी। आज से देश के बड़े महानगरों में एलपीजी की कीमत इस प्रकार से तय हो गई है। दिल्ली में प्रति सिलिंडर एलपीजी 493.55 रुपए, कोलकाता में प्रति सिलिंडर एलपीजी 496.65, मुंबई में प्रति सिलिंडर एलपीजी 491.31 जबकि चेन्नई में प्रति सिलिंडर एलपीजी 481.84 रुपए की कीमत से उपलब्ध की जाएंगी।  14.2 किलो वाला गैर रियायती रसोई गैस सिलेंडर अब तक 734 रुपये में उपलब्ध होता था। एक जून से यह 786 रुपये में मिलेगा। इसकी कीमत 52 रुपये बढ़ गई है। इसी तरह से 19.2 किलो वाला कॉमर्शियल सिलेंडर अब 1,401 रुपये में मिलेगा। अब तक इसकी कीमत 1,318.50 रुपये थी। इसकी कीमत 82.50 रुपये बढ़ाई गई है। रसोई गैस सब्सिडी जून में प्रति सिलिंडर 288.28 रुपये मिलेगी। मई माह में यह राशि 240.72 रुपये थी। इसमें 47.56 रुपये की वृद्धि हुई है। हर महीने के अंत में तेल एवं गैस कंपनियां गैस कीमतों की समीक्षा करती हैं। इस वृद्धि से वैसे रसोई गैस उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ेगी जो बिना सब्सिडी सिलिंडर लेते हैं। इसके साथ ही कॉमर्शियल सिलेंडर का उपयोग करने वालों की भी मुसीबत बढ़ेगी। कॉमर्शियल सिलेंडर का उपयोग होटल, रेस्टोरेंट आदि में किया जाता है। मालूम हो कि मई माह में गैर रियायती और कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में मामूली स्तर पर कमी आई थी। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत अप्रैल में 735 रुपये थी जो एक रुपये की कमी के साथ मई माह में 734 रुपये हो गई थी। इसी तरह से कॉमर्शियल सिलेंडर जो अप्रैल माह में 1327 रुपये में उपलब्ध था वह मई महीने में 8.50 रुपये सस्ता होकर 1318.50 रुपये हो गया था।    

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छुट्टी पर किसान, शहरों में दूध-सब्जी की सप्लाई नहीं

  देश में पहली बार शुक्रवार से मध्यप्रदेश ,हरियाणा समेत अन्य राज्यों के किसान 10 दिन की छुट्टी पर  हैं। किसान एक से 10 जून तक शहरों में फल-सब्जियों और दूध की सप्लाई नहीं करेंगे। किसानों ने इन 10 दिनों में शहर की दुकानों, शोरूम और सुपर बाजार का रुख नहीं करने का भी अहम निर्णय लिया है। अगर शहरी लोगों को फल-दूध या सब्जी चाहिए तो उन्हें गांवों का रुख करना पड़ेगा। दाम भी किसान ही तय करेंगे। किसान यह सब केंद्र व राज्य सरकारों की नीतियों के विरोध में कर रहे हैं। राष्ट्रीय किसान महासंघ के प्रतिनिधियों ने एक से 10 जून तक शहरों में दूध व फल-सब्जियों की आपूर्ति नहीं होने देने की रणनीति बनाई है। राष्ट्रीय किसान महासंघ के वरिष्ठ सदस्य व भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी और प्रदेश प्रवक्ता राकेश कुमार ने बताया कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं करने व कर्ज माफी नहीं होने पर किसानों को यह कदम उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 62 किसान संगठनों ने इस दौरान गांवों से शहरों को खाद्य पदार्थो की सप्लाई नहीं होने देने की पूरी रणनीति बना ली है। गुरनाम चढूनी और राकेश कुमार ने साफ किया कि इस बंद में वह कोई रोड जाम नहीं करेंगे। किसान अपने घर और गांव में बैठकर शहर और सरकार को अपना दर्द समझाएंगे। आंदोलन के दौरान किसान आढ़तियों से भी पूरी तरह दूरी बनाकर रखेंगे। किसानों द्वारा एक दूसरे से उधार लेकर 10 दिन तक आर्थिक लेन-देन किया जाएगा।

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पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव हिंसा में 6 की मौत

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुए मतदान के बाद 11 बजे तक 26.28 प्रतिशत वोट पड़े थे। इस बीच कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद हुई हिंसा में अब तक 6 लोगों की मौत हो गई है वहीं 50 से ज्यादा घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार दक्षिण 24 परगना में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई वहीं वाम नेता की पत्नी की हत्या कर दी गई। इसके अलावा अलीपुरद्वार में कई लोग घायल हुए हैं जबकि उत्तर 25 परगना में एक क्रूड बम धमाके में 20 लोग घायल हुए हैं। इससे पहले राज्य के कूच बिहार में हुई झड़प में 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए वहीं कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार वो लोग मतदान करने के लिए गए थे लेकिन इस बीच टीएमसी के समर्थकों ने उ न पर हमला कर दिया। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। इसके अलावा मुर्शिदाबाद में बूथ कैप्चरिंग की घटना सामने आई है जबकि पनीहाटी में एक भाजपा कार्यकर्ता को चाकू मारकर घायल कर दिया गया है। राज्य चुनाव में हिंसा को लेकर भाजपा ने टीएमसी पर निशाना साधा है। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है। घटनाएं बताती हैं कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के राज में राजनीतिक हिंसा ने पूरे राज्य को चपेट में ले लिया है और यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। बता दें कि चुनाव के पहले राज्य में हुई हिंसा को देखते हुए सभी बूथों पर सशस्त्र बलों की तैनाती की गई है। अतिसंवेदनशील व संवेदनशील बूथों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इस बार पंचायत चुनाव में सत्ताधारी टीएमसी और विपक्षी भाजपा के बीच जोरदार लड़ाई देखने को मिल रही है। अगले साल होने आम चुनावों से पहले के प्रमुख चुनाव होने के कारण इस चुनाव की अहमियत काफी बढ़ गई है। राजनीतिक दल इसे लोकसभा चुनावों से पहले अपनी ताकत के परीक्षण के तौर पर देख रहे हैं। चुनावों की गणना 17 मई को होगी। अगर किसी कारणवश जरूरत पड़ी तो 16 मई को पुनर्मतदान हो सकते हैं। पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, 3,358 ग्राम पंचायतों की 48,650 में से 16,814 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। वहीं 31 पंचायत समितियों की 9,217 में से 3,059 सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया है। इसी तरह 20 जिला परिषदों की 825 में से 203 सीटों पर मुकाबला निर्विरोध रहा है। चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान हुई हिंसा को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, और वाम मोर्चा के नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। विपक्ष का आरोप है कि सत्तारूढ़ टीएमसी ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान हिंसा की, वहीं तृणमूल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि विपक्ष का कोई जनाधार नहीं है और वह चुनाव से बचने का प्रयास कर रहे थे। तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों पर हिंसा का आरोप लगाते हुए विपक्षी पार्टियों हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी गुहार लगाई थी। वहीं नामांकन दाखिल करने से रोके जाने के विपक्ष के आरोपों के चलते हाईकोर्ट ने उम्मीदवारों को वाट्सऐप और ईमेल के जरिये भी नामांकन भरने की इजाजत दी थी।

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लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं : मोदी

  कर्नाटक विधानसभा चुनाव के पहले पीएम नरेंद्र मोदी लगातार रैलियां और नमों ऐप के माध्यम से कार्यकर्ताओं से बात कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने सोमवार को भी ऐप के जरिए युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं से बात की। अपनी बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। पीएम बोले कि '1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हिंसा भड़की थी। ऐसा लगता है कि उसके बाद से ही यह हिंसा देश के राजनीतिक तंत्र का हिस्सा बन चुकी है। त्रिपुरा, केरल और कर्नाटक में हमारे कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। यह लोकतंत्र में अच्छा नहीं लगता, इस हिंसा को रोका जाना चाहिए।' प्रधानमंत्री ने कहा कि 'जब एक व्यक्ति अपने आप में भरोसा खो देता है और उसमें सच बोलने और मानने की क्षमता नहीं होती तो वो राजनीतिक हिंसा का रास्ता चुनता है। ' इससे पहले पीएम ने कहा, ‘कर्नाटक का चुनाव भाजपा के कार्यकर्ता नही बल्कि कर्नाटक की जनता लड़ रही है।‘ युवाओं की तारीफ करते हुए पीएम ने कहा कि कर्नाटक के युवाओं ने हर क्षेत्र में खुद को साबित किया है। बता दें कि 1 मई से ही उन्होंने कर्नाटक में चुनाव प्रचार की कमान अपने हाथ में ले रखी है और अब वे पार्टी कार्यकर्ताओं को भी नमो मंत्र दे रहे हैं। इसकी जानकारी पीएम ने खुद अपने ट्विटर हैंडल पर दी। उन्होंने लिखा, 'हमारे युवा कार्यकर्ता जोश से लबरेज हैं और केंद्र सरकार के बेहतर काम को लोगों तक पहुंचाने में काफी अहम भूमिका निभा रहे हैं। ये कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए काम कर रहे हैं और लगातार पार्टी की आगे पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं।' बता दें कि इससे पहले एक मई को पीएम मोदी ने भाजपा के किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं से भी नमो ऐप के जरिये संवाद किया था और उनका मनोबल बढ़ाने की कोशिश की थी। कर्नाटक चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी तमाम रैलियां कर रहे हैं। उन्होंने 1 मई से अपना चुनावी अभियान शुरू किया था पहले ही दिन धुआंधार तीन रैलियां की थी। वहीं, राज्य में पीएम की रैली में बढ़ते जनसैलाब के बाद उन्होंने रैलियों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। अब वे राज्य में 21 रैलियां करेंगे। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे भाजपा और कांग्रेस की आक्रमकता बढ़ती जा रही है। लगातार दोनों ही दल के शीर्ष नेता एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। गौरतलब है कि कर्नाटक में 12 मई को मतदान होगा, जबकि 15 मई को चुनाव के परिणाम घोषित किये जाएंगे।  

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सार्वजनिक स्थानों पर न पढ़ी जाए नमाज :खटटर

  दिल्ली से सटे गुरुग्राम में खुले में नमाज पढ़ने को लेकर उपजे विवाद के बाद हरियाणा सरकार ने बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर ने विदेश जाने से पहले दो टूक कह दिया कि निर्धारित स्थानों पर ही नमाज पढ़ी जानी चाहिए। सार्वजनिक स्थान इस कार्य के लिए निर्धारित नहीं होते। चंडीगढ़ में  पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद और ईदगाह होते हैं। इसके अलावा अपने निजी स्थान अथवा घर पर नमाज पढ़ी जा सकती है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़कर प्रदर्शन करना उचित नहीं है। यदि नमाज पढ़ने के लिए निर्धारित स्थान कम पड़ते हैं तो संबंधित संस्थाओं के माध्यम से इनका निर्माण कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर पूरी तरह से निगाह है और स्थिति को किसी सूरत में नहीं बिगड़ने दिया जाएगा।  

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yogi आंधी-तूफान

  यूपी में आए आंधी-तूफान से हुई तबाही और मौतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में सुविधाओं का भी जायजा लिया। इसके बाद वो तूफान प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। खेरागढ़ के बुरहरा में मंच से सीएम योगी आदित्यनाथ ने की राहत की घोषणा। आपदा प्रभावित खेरागढ़ क्षेत्र में नही होगी राजस्व और बिजली बिल की वसूली। तूफान में मकान के साथ जिन परिवारों का सामान भी नष्ट हो गया है, उनको बर्तन और राशन प्रशासन की ओर से दिया जाएगा। जिन परिवारों के पास कच्चा मकान था वह भी तूफान में ढह गया, उनको तत्काल एक एक आवास दिया जाएगा। सीएम ने मंच से संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार मृतकों को वापस तो नही ला सकती, लेकिन उनके परिजनों की मदद करके उनका दुख बांट सकती है। हम इसीलिए यहां आये है। बता दें कि राज्य में आंधी तूफान से मची तबाही के बाद कर्नाटक में प्रचार के लिए गए योगी ने दौरा बीच में छोड़कर लौट आए हैं। वैसे तो उन्हें शनिवार को वापस लौटना था लेकिन शुक्रवार को ही वापस लौट आए। रात में वह आगरा पहुंच गए। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि मुख्यमंत्री आज आगरा के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करेंगे। वह जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा भी करेंगे। आगरा के बाद मुख्यमंत्री कानपुर नगर का भी दौरा करेंगे। कानपुर नगर के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण के बाद वह वहां भी अधिकारियों के साथ राहत और पुनर्वास की समीक्षा करेंगे। आपदा प्रभावित जिलों के अधिकारियों को राहत कार्य प्रभावी रूप से संचालित करने, घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित कराने तथा पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश पूर्व में दिए जा चुके हैं।  

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कांग्रेस खेलती है सत्ता का खेल:मोदी

  कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए ज्यादा दिन नहीं बचे हैं और ऐसे में सियासी पारा चढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राज्य में चार रैलियां सबोधित करने पहुंचे। उन्होंने टुमकुर में अपनी पहली रैली को संबोधित किया और उनके निशाने पर एक बार फिर कांग्रेस थी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पिछले कई सालों से गरीब, गरीब चिल्लाती आ रही है लेकिन आजतक उनकी जिंदगी बेहतर करने के लिए कुछ नहीं किया। अब उन्होंने गरीब कहना बंद कर दिया क्योंकि लोगों ने एक गरीब परिवार के शख्स को पीएम बना दिया। पीएम ने कहा कि कांग्रेस गरीब-गरीब की माला जपकर राजनीति कर रही है। कांग्रेस को 50 साल काम करने का मौका मिला लेकिन उनके लिए कुछ नहीं किया। अगर इस दौरान कांग्रेस किसान के खेत तक पानी पहुंचाती तो जमीन सोना उगलती। कांग्रेस रोज एक नया झूठ बोलती है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इंदिरा गांधी के समय से कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए लोगों को मूर्ख बनाती आ रही है। वो पार्टी झूठी है और वोट के लिए वो फिर झूठ बोलेंगे। वो किसानों के बारे में नहीं सोचते और ना ही गरीबों के बारे में। लोग कांग्रेस से परेशान हो गए हैं।  

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फ्रीडम फाइटर केयूर भूषण का देहावसान

रायपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेेनानी और पूर्व सांसद केयूर भूषण का गुरुवार शाम निधन हो गया। केयूर भूषण पिछले कुछ दिनों से अस्‍वस्‍थ थे और उनका अस्पताल में उपचार किया जा रहा था। केयर भूषण दो बार रायपुर से सांसद रहे चुके थे। उनकी पृथक छत्तीसगढ़ के आंदोलन में भी महत्‍वपूर्ण भागीदारी रही। जानकारी के अनुसार उन्‍होंने 80 - 90 के दशक में रायपुर का लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया। वे दो बार कांग्रेस के टिकट पर रायपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़े।  

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

कर्नाटक चुनाव में धुआंधार प्रचार को जारी रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को बेल्लारी, कलबुर्गी और बेंगलुरु पहुंचे। यहां उन्होंने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। बेल्लारी में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कांग्रेस पर इतिहास को बर्बाद करने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री बोले कि कांग्रेस ने बल्लारी का इतिहास और लिजेसी को बर्बाद किया। शहर को बदनाम कर कांग्रेस ने यहा के लोगों का अपमान किया है। आपका उत्साह दिखाता है कि कांग्रेस कर्नाटक में हारने वाली है। प्रधानमंत्री आगे बोले कि राज्य में बढ़ते खनन माफिया को देखें, कांग्रेस सरकार ने राज्य में इसस निपटने के लिए कोई पॉलिसी नहीं बनाई। कर्नाटक में अब सिद्दा-रुपया सरकार है। इस सरकार ने राज्य को कर्ज में डूबो दिया है। भाजपा को इससे पहले जब राज्य की सेवा का मौका मिला तो हमने कई विकास कार्य किए। लेकिन दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि राज्य में पानी के इतने स्त्रोत होने के बावजूद सरकार ने किसानों तक पानी नहीं पहुंचाया। इससे पहले कलबुर्गी में प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां मौजूद भीड़ को देखकर लगता है कि कर्नाटक की जनता को मई की गर्मी मंजूर है लेकिन राज्य में कांग्रेस की सरकार नहीं। पीएम ने आगे कहा कि यह चुनाव कर्नाटक का भविष्य तय करेगा। यह महिलाओं की सुरक्षा और किसानों के विकास के लिए है ना कि सिर्फ विधायक चुनने के लिए। पीएम ने आगे कहा कि कांग्रेस सैनिकों और उनके त्याग का सम्मान नहीं करती। जब हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की तो कांग्रेस ने मुझसे पूछा की इसके सबूत कहां हैं। कर्नाटक की धरती वीरों की धरती है। लेकिन कांग्रेस ने फील्ड मार्श करिअप्पा और जनरल थिमैया के साथ कैसा व्यवहार किया? इतिहास इसका गवाह है। 1948 में पाकिस्तान को हराने के बाद उस समय के प्रधानमंत्री नेहरू और रक्षा मंत्री रक्षा मंत्री कृष्णा मेनन ने जनरल थीमय्या का अपमान किया। कांग्रेस चाहती थी कि हमारे सैनिक सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान बंदूकों की बजाय कैमरे लेकर जाते। प्रधानमंत्री आगे बोले कि कांग्रेस दलितों की बात करती है लेकिन वो धोखा दे रही है। पिछले चुनाव में उसने कहा था कि वो खड़गे को मुख्यमंत्री बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं किया। कांग्रेस इसी तरह से राजनीति करती है। राहुल गांधी के कैंडल मार्च पर तंज कसते हुए कहा कि मैं कांग्रेस के लोगों से पूछना चाहता हूं जिन्होंने दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला था कि तब उनकी कैंडल्स कहां थीं जब बिदार में एक दलित लड़की पर अत्याचार हुआ। इससे पहले प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल को याद करते हुए कहा कि उनका कलबुर्गी से गहरा रिश्ता रहा है। सरदार पटेल ही थे जिन्होंने इसे देश के साथ जोड़ा। लेकिन सरदार पटेल के लिए तिरस्कार कांग्रेस के स्वभाव में है। कांग्रेस शहीदों और देशभक्तों को भुलाना चाहती है।

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bus motihari

बिहार में गुरुवार को एक भीषणा हादसा हो गया। मुजफ्फरपुर से दिल्ली जा रही बस मोतिहारी के एनएच-28 पर कोटवा क्षेत्र में बंगरा के समीप मोगा होटल के पास अचानक पलट गई जिससे उसमें आग लग गई। बस में लगी आग से 27 लोगों की झुलसकर मौत हो गई है। बस का नंबर UP-75AT- 2312 है, जिसमें आग लगी है। इस दर्दनाक हादसे के एक घंटे के बाद फायरब्रिगेड की टीम पहुंची जिससे लोगों में आक्रोश है। बिहार के आपदा मंत्री दिनेश चंद्र यादव ने मोतिहारी बस हादसे में 27 यात्रियों की मौत की पुष्टि की है। घटना पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक और सीएम नीतीश कुमार ने दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख मुआवजा देने की घोषणा की है। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव प्रत्यय अमृत के मुताबिक 8 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। जानकारी के मुताबिक बैरिया से बस दिल्ली के लिए खुली थी और 32 लोगों ने बस से दिल्ली जाने के लिए अॉनलाइन बुकिंग कराई थी। साहिल बस सर्विस की ये बस थी और बस का मालिक संतोष कुमार है जो हादसे के बाद फरार है। तिरहुत आयुक्त ने कहा है कि मुजफ्फरपुर से दिल्ली के लिए अवैध परिचालन किया जा रहा था और इसपर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग से मांग की गई थी। जानकारी के मुताबिक बस में 32 लोग सवार थे जिसमें से पांच लोगों को ही बाहर निकाला जा सका है, जो बुरी तरह से घायल हैं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। घायलों में श्रृति कुमारी दरभंगा, संजीव कुमार समस्तीपुर, चिंटू चौधरी समस्तीपुर, राजदेव यादव मुजफ्फरपुर, रिंकू कुमारी व अमित कुमार बेगूसराय शामिल हैं।  

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rahul gandhi

  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में गुरुवार को आई खराबी को लेकर कांग्रेस ने छेड़छाड़ की आशंका जताई है वहीं ऑपरेटर की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिक्कत ऑटो पायलट मोड में थी। डीजीसीए ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि विमान के ऑटो पायलट मोड में कुछ दिक्कत आ गई थी जिसके बाद उसे मेन्यूअल मोड में डाला गया और विमान सुरक्षित रूप से लैंड हो गया। इसमें आगे कहा गया है कि ऑटो पायलट मोड के फेल होने की घटना आम है। घटना की जांच के लिए दो सदस्यों वाली कमेटी का गठन कर दिया गया है जो 2-3 हफ्ते में रिपोर्ट दे देगी। बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार करने हुबली पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में उड़ान के दौरान गुरुवार सुबह अचानक खराबी आ गई थी। इस कारण विमान की लैंडिंग इतनी खराब रही कि अंदर बैठे राहुल समेत चारों यात्रियों की जान पर बन आई थी। पार्टी ने "जानबूझकर की गई छेड़छाड़" की आशंका जताते हुए इस मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की थी। इस पर दिल्ली में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि वह मामले की जांच करेगा। कांग्रेस ने इस संबंध में गुरुवार को पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई। इसमें दो पायलटों को नामित किया गया है। कर्नाटक के पुलिस प्रमुख नीलमणि एन. राजू को दी गई शिकायत में कहा गया है कि दिल्ली से हुबली के लिए दो घंटे की उड़ान के दौरान विमान में कई "अस्पष्ट तकनीकी खामियां" सामने आईं। विमान में जबर्दस्त झटके लग रहे थे, जिसके बाद वह एक तरफ झुक गया और उसमें चरमराने की आवाज आने लगी। विमान का ऑटो पायलट सिस्टम भी काम नहीं कर रहा था। विमान तीसरी कोशिश में सुबह करीब 11.25 बजे हुबली एयरपोर्ट पर उतर पाया। इस दौरान वह बुरी तरह हिल रहा था। जबकि उस वक्त बाहर का मौसम बिल्कुल साफ था, धूप खिली हुई थी और हवा की रफ्तार भी सामान्य थी। इस दौरान चालक दल के सदस्य भी खासे सहम गए थे।

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 CJI के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव

  कांग्रेस समेत 7 विपक्षी दलों की सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग की कोशिशों को करारा झटका लगा है। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वैकेंया नायडू ने कांग्रेस के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। जानकारी के अनुसार उपराष्ट्रपति ने इसे तकनीकी आधार पर खारिज किया है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के इस प्रस्ताव में 71 सांसदों के हस्ताक्षर थे जिनमें से 7 सांसद रिटायर हो चुके हैं और इसी को आधार बनाते हुए उपराष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव को खारिज किया है। साथ ही उपराष्ट्रपति ने इस प्रस्ताव को राजनीति से प्रेरित भी बताया है। उन्होंने कहा है कि प्रस्ताव में चीफ जस्टिस पर लगाए गए सभी आरोपों को मैंने देखा और साथ ही उसमें लिखी अन्य बातें भी देखीं। प्रस्ताव में जो फैक्ट बताए गए हैं वो ऐसा केस नहीं बनाते जिससे इस बात को माना जा सकता की चीफ जस्टिस को इन बातों के आधार पर दुर्व्यवहार का दोषी माना जाए। उपराष्ट्रपति के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता नलीन कोहली ने कहा कि कांग्रेस की सारी बाते हवा में होती है। न्यायपालिका का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। इससे पहले उपराष्ट्रपति नायडू इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए अपना हैदराबाद का दौरा बीच में छोड़कर रविवार को ही दिल्ली लौट आए थे। रविवार की शाम जिनसे उनकी चर्चा हुई उनमें लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप, पूर्व विधि सचिव पीके मलहोत्रा, पूर्व विधायी सचिव संजय सिंह व राज्यसभा सचिवालय के अधिकारी शामिल थे। बताते हैं कि देर शाम सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सुदर्शन रेड्डी से भी उनकी मुलाकात हुई। सूत्रों का कहना है कि यह एक प्राथमिक चर्चा थी जिसमें यह देखा गया कि सबकुछ कानून सम्मत है या नहीं।  

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राजस्थान भाजपा

  दलित संगठनों की ओर से दो अप्रैल को किए गए भारत बंद में राजस्थान भाजपा के करीब 550 कार्यकर्ता भी शामिल थे। इनके खिलाफ राजस्थान के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हुए है और अब इन मुकदमों को वापस लिए जाने की कोशिश चल रही है। राजस्थान के कई जिलों में दो अप्रैल के भारत बंद के दौरान जमकर हिंसा हुई थी। अब सामने आ रहा है कि इन हिंसात्मक प्रदर्शनों में भाजपा के कार्यकर्ता भी शामिल थे और इस बात का खुलासा खुद राजस्थान भाजपा के एससी, एसटी मोर्चा की ओर से मंगाई गई लिस्ट से हुआ है। मोर्चा की ओर से सभी जिलों से लिस्ट मांगी गई थी और अब तक आई लिस्ट के अनुसार करीब 550 कार्यकर्ताओं के खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हुए है। अब यह लिस्ट प्रदेश नेतृत्व को दे कर इनके मुकदमे वापस कराने की कोशिश भी की जा रही है। इस बारे मे पार्टी का प्रदेश नेतृत्व जल्द ही कोई फैसला कर सकता है।

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राहुल गांधी

  अमेठी के दौरे पर गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने यहां मीडिया से बात करते हुए कहा कि पीएम मोदी संसद में खड़े होने से डरते हैं, अगर मुझे 15 मिनट का भाषण मिल जाए तो पीएम खड़े नहीं हो पाएंगे फिर चाहे वो राफेल का मामला हो या नीरव मोदी का। देश में कैश की किल्लत को लेकर कहा कि पीएम मोदी ने बैंकिस सिस्टम को ध्वस्त कर दिया है। नीरव मोदी 30 हजार करोड़ लेकर भाग गया और पीएम ने एक शब्द नहीं कहा। वहीं जब उन्होंने नोटबंदी की तो हमें लाइन में खड़े होने के लिए मजबूर होना पड़ा। हमसे छीना पैसा नीरव मोदी की जेब में डाल दिया। अमेठी जगेसरपुर में सामुदायिक मिलन केंद्र सहित एक दर्जन विकास कार्यो का लोकार्पण करने के बाद अपने सम्बोधन में राहुल गांदी पीएम मोदी पर बरसे और कहा कि मोदी के 56 इंची सीने में गरीबों व किसानों के लिये कोई जगह नहीं। मोदी सरकार पूंजीपतियों की मददगार है। युवाओं को रोजगार देने का वादा पूरा नहीं किया। मोदी जहां जाते हैं जाति धर्म के नाम पर लड़ाते है। हमारी लड़ाई उनकी लड़ाने वाली विचारधारा से है। हम उन्हें हराकर रहेंगे।  

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atm

  नोटबंदी के बाद अब एक बार फिर देश के कई राज्यों में एटीएम मशीनों से पैसे खत्म हो गए हैं। एक के बाद एक देश के 8-10 राज्यों में कैश का संकट सामने आया है जिसके बाद केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ने इससे निपटने का काम शुरू कर दिया है। पूरे मामले को लेकर वित्त मंत्री ने कहा है कि देश में कैश की कोई दिक्कत नहीं है। खबरों के अनुसार यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात और तेलंगाना समेत कई राज्यों में एटीएम मशीनों में कैश खत्म होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। कैश की किल्लत को लेकर वित्त विभाग के सचिव एससी गर्ग ने कहा कि हम रोजाना 500 रुपए के 500 करोड़ की लागत के नोट छाप रहे हैं। हमने इस छपाई को 5 गुना करने के लिए भी कदम उठाए हैं। अगले कुछ दिनों में हम 2500 करोड़ के 500 के नोट सप्लाय करने लगेंगे वहीं एक महीने में यह बढ़कर 7000-7500 करोड़ हो जाएगी। देश में कैश की कमी नहीं है। कैश की किल्लत को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन रजनीश कुमार सिन्हा के अनुसार यह एक अस्थायी समस्या है जो कि जियोग्राफिकल कारणों से है। इसका एक ही समाधान है कि कैश मैनेजमेंट सिस्टम का पालन हो। इसके साथ ही सिन्हा ने 2000 के नोट की कमी की बात भी स्वीकारी। इसे लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि हमने देश में करेंसी की समीक्षा की है और फिलहाल जरूरत से ज्यादा पैसा उपलब्ध है। नोटों की आचनक हुई कमी का कारण कुछ इलाकों में बढ़ी खपत है जिसे टैकल किया जा रहा है। वहीं कैश की किल्लत को लेकर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एसपी शुक्ला ने कहा है कि हमारे पर फिलहाल 1,25,000 करोड़ का कैश है। एक समस्या है कि कुछ राज्यों में कैश कम है वहीं कुछ में ज्यादा है। सरकार ने राज्य स्तर पर कमेटियां बनाईं हैं साथ ही रिजर्व बैंक ने भी कमेटी बनाई है ताकि यह नकदी एक राज्य से दूसरे राज्य भेजी जा सके। जानकारी के अनुसार राज्यों के कई शहरों में एटीएम मशीनें बंद हैं और लोगों को नकदी के लिए भटकना पड़ रहा है। ऐसे में उन्हें एक बार फिर से नोटबंदी का समय याद आने लगा है। हालांकि, यूपी में कैश की किल्लत को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक बुलाई है वहीं केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक भी सक्रिय हुए हैं। जानकारी के अनुसार रिजर्व बैंक ने इन राज्यों में नकदी की सप्लाय दुरुस्त करने के लिए कदम उठाए हैं और कहा जा रहा है कि जल्द हालात सामान्य हो जाएंगे।

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कठुआ रेप मर्डर केस:

  कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के मामले में पीड़ित परिवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा दी जाए। याचिका पर सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की तरफ से पैरवी करते हुए वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि निष्पक्ष ट्रायल के लिए माहौल सही नहीं है। माहौल का पूरी तरह से ध्रूवीकरण किया गया है। इंदिरा जयसिंह ने आगे कहा कि राज्य पुलिस ने अच्छा काम किया है और मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारियां ना सिर्फ सबूतों के दम पर हुई हैं बल्कि वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर भी हुई। कठुआ केस ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हालांकि, इस मामले की सुनवाई कोर्ट में शुरू हो चुकी है लेकिन न्याय के लिए पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बता दें कि पीड़ित परिवार इस मामले की सुनवाई चंडीगढ़ ट्रांसफर करवाना चाहता है। सुरक्षा कारणों के चलते वे इसकी मांग कर रहे हैं। पीड़िता का केस लड़ रही महिला वकील दीपिका राजावत ने मामले की जांच राज्य से बाहर करवाने की मांग की है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की भी बात कही है। दीपिका ने आशंका जताई है कि राज्य में मामले की सुनवाई से पीड़िता को न्याय नहीं मिल सकता। वहीं, बीते वक्त में आरोपियों के पक्ष की ओर से प्रदर्शन को लेकर भी पीड़ित पक्ष बेहद चितिंत है, इसलिए वे इस मामले की सुनवाई किसी दूसरे राज्य में करने की मांग कर रहे हैं। पीड़ित पक्ष की वकील दीपिका ने कहा,' आरोपियों को बचाने वाले लोग मुझे लगातार धमकियां दे रहे हैं। मेरी जान को खतरा है, मेरे साथ भी दुष्कर्म हो सकता है।  

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संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अलीपुर रोड स्थित डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक को देश को समर्पित किया। इस अवसर पर पीएम ने एक सभा को भी संबोधित किया। इस स्मारक की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी ने ही 21 मार्च 2016 को रखी थी। दो साल में इसका निर्माण पूरा कर लिया गया। उन्नाव व कठुआ रेप केस पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि पिछले दो दिनों की घटनाओं से पूरा देश शर्मसार है। गुनाहगारों को सख्त सजा दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। ज्ञात हो कि इन घटनाओं पर पूरे देश में रोष का माहौल है। पीएम मोदी ने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस को चुनौती देता हूं कि वह बाबा साहब के लिए किए गए एक भी काम के बारे में बताए। क्या उन्होंने बाबा साहब के सम्मान में कोई एक काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन से मेट्रो ट्रेन के माध्यम से 26 अलीपुर रोड तक की यात्रा की। लोक कल्याण मार्ग मेट्रो स्टेशन पर पहुंचते ही यात्रियों ने पीएम के साथ सेल्फी लेने का कोई मौका नहीं छोड़ा। मेट्रो में सफर के दौरान यात्रियों ने पीएम मोदी से बात भी की। बता दें कि केंद्रीय मंत्रीमंडल से इस्तीफा देने के बाद डॉ. अंबेडकर दिल्ली विधानसभा के नजदीक सिरोही के महाराज के इस घर में रहने लगे थे। जहां 6 दिसंबर 1956 को वह महापरिनिर्वाण को प्राप्त हुए थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2 दिसंबर 2003 को इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। करीब 200 करोड़ की लागत में बने इस स्मारक को पुस्तक का आकार दिया गया है, जो संविधान का प्रतीक है। इस इमारत में एक प्रदर्शनी स्थल, बुद्ध की प्रतिमा के साथ ध्यान केंद्र व डॉ. अंबेडकर की 12 फुट ऊंची प्रतिमा है। प्रवेश द्वार पर 11 मीटर का अशोक स्तंभ भी है। यह इमारत पर्यावरण हितैषी है। इसमें सीवेज शोधन संयंत्र, वर्षा जल सिंचाई प्रणाली व सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित है। संग्रहालय में मल्टी मीडिया तकनीक के माध्यम से अंबेडकर के जीवन और आधुनिक भारत को उनके योगदान की जानकारी मिलेगी। इस बारे में केंद्रीय मंत्री व चांदनी चौक के सांसद डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री दलितों को वोट बैंक नहीं समझते और चार साल के भीतर बाबा साहेब के नाम पर पांच तीर्थस्थल बना दिए।  

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 राहुल गांधी  उपवास

  दलितों के मुद्दे पर जारी सियासी संग्राम के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राजघाट पहुंचकर उपवास शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस पार्टी आज केंद्र सरकार के खिलाफ देश भर में उपवास और धरना कर रही है। राजघाट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उपवास कार्यक्रम में दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन समेत कई अन्य नेता भी शामिल हैं। गौरतलब है कि राहुल गांधी के उपवास से पहले ही विवाद हो चुका है। राहुल गांधी के राजघाट पहुंचने से पहले ही कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को मंच से हटा दिया  गया है। सूत्रों के अनुसार अजय माकन से बातचीत के बाद दोनों नेता वहां वापस गए। बता दें कि जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार 1984 में हुए सिख दंगों के आरोपी हैं। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उपवास पर भाजपा नेता ने निशान साधा है। नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि यह दलित हितों के लिए उपवास नहीं है, यह दलित हितों का उपहास है। बीजेपी नेता ने ट्वीट के जरिये राहुल के उपवास को 'कैमरे के लिए राजनीति ' करार दिया। साथ ही नरसिम्हा ने राहुल से पूछा, 'आप स्टंट की राजनीति और झूठ की राजनीति को कब रोकेंगे?' कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दलितों पर हो रहे कथित अत्याचार के खिलाफ आज महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर उपवास करेंगे। राहुल गांधी के साथ पार्टी के सभी आला नेता साथ होंगे। सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एक दिन का अनशन रखेंगे। देशभर में दलितों पर कथित अत्याचारों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी पूरे देश में उपवास रख रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद राजघाट पर उपवास पर बैठे हैं। लेकिन इस बीच एक फोटो सामने आई है। भाजपा नेता हरीश खुराना ने एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें कांग्रेस नेता अजय माकन, हारुन युसुफ, अरविंदर सिंह लवली छोले-भटूरे खा रहे हैं। आपको बता दें कि हरीश खुराना दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता मदन लाल खुराना के बेटे हैं। हरीश खुराना ने ट्वीट कर लिखा कि कांग्रेस के नेताओं ने लोगों को राजघाट पर अनशन के लिए बुलाया है। खुद एक रेस्तरां में बैठकर छोले भटूरे के मज़े ले रहे हैं। सही बेवकूफ बनाते हैं। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी हरीश खुराना के इस ट्वीट को रिट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि उपवास या उपहास। 3 घंटे भी बिना खाए नहीं रह पाए। एक पखवाड़े पहले एससी एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्ष ने इसका ठीकरा सरकार के सिर फोड़ा था। हालांकि सरकार की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असहमति जताते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की गई है लेकिन पिछले चुनावों में भाजपा के साथ बड़ी संख्या में जुड़े दलित समुदाय को अलग करने के प्रयास में जुट गई है। इसी क्रम में कांग्रेस पूरे देश में सोमवार को अनशन करेगी। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि यह उपवास सांप्रदायिक सदभाव को संरक्षित करने और जातिगत हिंसा के खिलाफ है। दिल्ली के कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने ट्वीट कर जानकारी दी कि राहुल गांधी ने भी उपवास में शामिल होने की स्वीकृति दी है। कांग्रेस सूत्रों की मानी जाए तो सोमवार के देशव्यापी अनशन के बाद भी छोटे छोटे स्तर पर दलित सम्मान और अधिकार को लेकर कार्यक्रम होते रहेंगे। वहीं इस माह के अंत में रामलीला मैदान में कांग्रेस की बड़ी रैली का ऐलान पहले ही हो चुका है। जबकि 29 अप्रैल को रामलीला ग्राउंड में विशाल रैली होगी। कर्नाटक चुनाव से पहले यह एक तरह से कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन होगा। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी का का उपवास भाजपा के उपवास से दो दिन पहले हो रहा है। भाजपा के सभी सांसद पीएम मोदी के निर्देश के बाद 12 अप्रैल को उपवास रखेंगे। दरअसल मोदी संसद नहीं चलने देने के लिए विपक्ष और खासतौर पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। शुक्रवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में पीएम ने बीजेपी सांसदों से कहा कि वे कांग्रेस की विभेदकारी नीतियों के खिलाफ 12 तारीख को उपवास रखें।

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 राहुल गांधी  उपवास

  दलितों के मुद्दे पर जारी सियासी संग्राम के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राजघाट पहुंचकर उपवास शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस पार्टी आज केंद्र सरकार के खिलाफ देश भर में उपवास और धरना कर रही है। राजघाट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उपवास कार्यक्रम में दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन समेत कई अन्य नेता भी शामिल हैं। गौरतलब है कि राहुल गांधी के उपवास से पहले ही विवाद हो चुका है। राहुल गांधी के राजघाट पहुंचने से पहले ही कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार को मंच से हटा दिया  गया है। सूत्रों के अनुसार अजय माकन से बातचीत के बाद दोनों नेता वहां वापस गए। बता दें कि जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार 1984 में हुए सिख दंगों के आरोपी हैं। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उपवास पर भाजपा नेता ने निशान साधा है। नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि यह दलित हितों के लिए उपवास नहीं है, यह दलित हितों का उपहास है। बीजेपी नेता ने ट्वीट के जरिये राहुल के उपवास को 'कैमरे के लिए राजनीति ' करार दिया। साथ ही नरसिम्हा ने राहुल से पूछा, 'आप स्टंट की राजनीति और झूठ की राजनीति को कब रोकेंगे?' कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दलितों पर हो रहे कथित अत्याचार के खिलाफ आज महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर उपवास करेंगे। राहुल गांधी के साथ पार्टी के सभी आला नेता साथ होंगे। सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एक दिन का अनशन रखेंगे। देशभर में दलितों पर कथित अत्याचारों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी पूरे देश में उपवास रख रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद राजघाट पर उपवास पर बैठे हैं। लेकिन इस बीच एक फोटो सामने आई है। भाजपा नेता हरीश खुराना ने एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें कांग्रेस नेता अजय माकन, हारुन युसुफ, अरविंदर सिंह लवली छोले-भटूरे खा रहे हैं। आपको बता दें कि हरीश खुराना दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता मदन लाल खुराना के बेटे हैं। हरीश खुराना ने ट्वीट कर लिखा कि कांग्रेस के नेताओं ने लोगों को राजघाट पर अनशन के लिए बुलाया है। खुद एक रेस्तरां में बैठकर छोले भटूरे के मज़े ले रहे हैं। सही बेवकूफ बनाते हैं। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी हरीश खुराना के इस ट्वीट को रिट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि उपवास या उपहास। 3 घंटे भी बिना खाए नहीं रह पाए। एक पखवाड़े पहले एससी एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्ष ने इसका ठीकरा सरकार के सिर फोड़ा था। हालांकि सरकार की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असहमति जताते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की गई है लेकिन पिछले चुनावों में भाजपा के साथ बड़ी संख्या में जुड़े दलित समुदाय को अलग करने के प्रयास में जुट गई है। इसी क्रम में कांग्रेस पूरे देश में सोमवार को अनशन करेगी। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि यह उपवास सांप्रदायिक सदभाव को संरक्षित करने और जातिगत हिंसा के खिलाफ है। दिल्ली के कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने ट्वीट कर जानकारी दी कि राहुल गांधी ने भी उपवास में शामिल होने की स्वीकृति दी है। कांग्रेस सूत्रों की मानी जाए तो सोमवार के देशव्यापी अनशन के बाद भी छोटे छोटे स्तर पर दलित सम्मान और अधिकार को लेकर कार्यक्रम होते रहेंगे। वहीं इस माह के अंत में रामलीला मैदान में कांग्रेस की बड़ी रैली का ऐलान पहले ही हो चुका है। जबकि 29 अप्रैल को रामलीला ग्राउंड में विशाल रैली होगी। कर्नाटक चुनाव से पहले यह एक तरह से कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन होगा। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी का का उपवास भाजपा के उपवास से दो दिन पहले हो रहा है। भाजपा के सभी सांसद पीएम मोदी के निर्देश के बाद 12 अप्रैल को उपवास रखेंगे। दरअसल मोदी संसद नहीं चलने देने के लिए विपक्ष और खासतौर पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। शुक्रवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक में पीएम ने बीजेपी सांसदों से कहा कि वे कांग्रेस की विभेदकारी नीतियों के खिलाफ 12 तारीख को उपवास रखें।

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हिमाचल प्रदेश

  हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिले के नूरपुर के नजदीकी गांव चेली में आज एक निजी स्कूल की बस गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 30  बच्‍चों की मौत हो गई, जबक‍ि कई अन्य घायल हो गए। इनमें से कुछ की हालत चिंताजनक है। हादसे में मारे गए अधिकतर बच्चे 5 से 10 साल तक की आयु के थे। इस बीच, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ट्वीट किया है, जिसके मुताबिक नूरपुर के मलकवाल में स्कूली बस के हादसे का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। इस हादसे का हम सभी को गहरा शोक है और मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता हूं। दुख की इस घड़ी में सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ है।सीएम ने हादसे की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने खाद्य व आपूर्ति मंत्री किशन कपूर को मौके पर जाने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, बजीर राम सिंह पठानिया मेमोरियल स्कूल की बस चेली गांव में 200 फुट गहरी खाई गिर गई। हादसे में घायल हुए बच्चों को नजदीकी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। जहां कुछ बच्चों की हालत गंभीर है व अन्य की हालत खतरे से बाहर है। यह गांव चंबा व कांगड़ा जिलों की सीमा के समीप है। 20 जुलाई, 2017 को हिमाचल प्रदेश के रामपुर में यात्रियों से भरी एक बस के खाई में गिरने से 28 की मौत, नौ लोग जख्‍मी।15, जून, 2017 को अमृतसर से आ रही एक पर्यटक बस धर्मशाला में धलीआरा के निकट खाई में गिरी, हादसे में 10 लोगों की मौत; 30 घायल।  

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asaram bapu

काले हिरण के शिकार के मामले में अभिनेता सलमान खान को शनिवार को सजा सुनाए जाने के महज दो दिनों के बाद ही जमानत मिल गई। इसके साथ ही जोधपुर जेल में लंबे समय से बंद चल रहे आसाराम के मामले में लोगों की निगाहें हैं। आसाराम बापू ने शनिवार को जोधपुर डीजे कोर्ट में तारीख पेशी पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सलमान खान जोधपुर जेल में उनके मेहमान रहे हैं। आसाराम बापू ने कहा कि जेल के अंदर बैरक में आते-जाते समय सलमान खान से मिले थे। उन्होंने कहा कि सलमान अच्छे इंसान है ईश्वर की लीला है कि उन्हें जमानत मिल गई। बताते चलें कि रेप के मामले में आरोपी आसाराम पर भी सुनवाई पूरी हो चुकी है। जोधपुर एससी-एसटी न्यायालय इस बारे में 25 अप्रैल को फैसला सुनाएगी। यह मामला उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में रहने वाली पीड़िता से जुड़ा हुआ है। बीते साल शाहजहांपुर की 16 वर्षीय लड़की ने आसाराम पर उनके जोधपुर आश्रम में बलात्कार किए जाने का आरोप लगाया था। दिल्ली के कमला मार्केट थाने में यह मामला दर्ज कराया गया था, जिसे बाद में जोधपुर स्थानांतरित कर दिया गया। 20 अगस्त 2013 को आसाराम के गुरुकुल में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उसने कहा था कि 15 अगस्त 2013 को आसाराम ने जोधपुर के निकट मणाई गांव में स्थित एक फार्म हाउस में उसका यौन उत्पीड़न किया। जोधपुर पुलिस 31 अगस्त 2013 को इंदौर से आसाराम को गिरफ्तार कर जोधपुर ले आई। उसके बाद से आसाराम जोधपुर जेल में ही बंद है। इस दौरान आसाराम की तरफ से उच्चतम व उच्च न्यायालय सहित जिला न्यायालय में 11 बार जमानत के लिए कोशिश की गई। राम जेठमलानी, सुब्रह्मण्यम स्वामी, सलमान खुर्शीद सहित देश के कई जाने-माने वकील आसाराम के लिए कोर्ट में पैरवी कर चुके हैं। हालांकि, आसाराम को अभी तक लेकिन सफलता नहीं मिली।  

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salman khan

  काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सलमान खान को बड़ी राहत देते हुए जोधपुर सेशंस कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। वह जोधपुर एयरपोर्ट से मुंबई भी पहुँच गए। उनकी रिहाई के ऑर्डर कोर्ट से जारी किए जाने के बाद शाम करीब 5.35 बजे जेल से रिहा कर दिया गया। जेल में ऑफिस बंद होने के चार मिनट पहले ही सलमान की रहाई का ऑर्डर लेकर शेरा पहुंच गए थे। अगर, थोड़ी और देर हो जाती, तो सलमान को सोमवार तक जेल में ही बिताने पड़ते। इस बीच एयरपोर्ट रोड को खाली करा लिया गया था। सलमान की कार के पीछे हजारों की तादात में लोग चल रहे थे। सलमान की एक झलक पाने के लिए लोगों का जुनून देखने लायक था। रास्ते में फूलों की बारिश भी सलमान की कार पर की गई। इससे पहले ही दोनों बहनें अलवीरा और अर्पिता एयरपोर्ट पहुंच चुकी थीं। यहां से उन्हें मुंबई ले जाने के लिए चार्टेड विमान पहले से तैयार रखा गया था। बताते चलें कि सलमान को 50 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी है। सलमान के परिवार के दो लोगों को जेल में जाने की इजाजत दी गई थी। इसके साथ ही सुरक्षा कारणों से कार को जेल परिसर तक ले जाने की इजाजत भी दी गई थी। बताते चलें कि इससे पहले जज साहब कोर्ट रूम में आए और उन्होंने पहले चारों तरफ देखा, छत की निहारा और कुछ देर चुप रहे। उन्हें इस तरह देख पूरे कोर्ट रूम में सन्नाटा पसर गया और इस बीच जज जोशी ने एक लाइन में कहा बेल ग्रांटेड। जज के फैसले के साथ ही कोर्ट रूम में बैठे सलमान के वकीलों के अलावा उनकी बहनों अर्पिता और अल्विरा के चेहरे पर राहत नजर आई। फैसले के बाद बाहर आए सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत ने मीडिया से कहा कि हमें न्याय मिला है। फिलहाल बेल बॉन्ड देने वाले जज मौजूद हैं और अगर वकील वक्त पर बेल बॉन्ड भर देते हैं तो रिलीज ऑर्डर सेंट्रल जेल भेजा जाएगा और सलमान आज ही जेल से बाहर आ सकते हैं। सलमान को जमानत मिलने की खबर बाहर आते ही उनके फैन्स खुशी से झूम उठे, सड़कों पर लोग खुशी मनाते दिखे और सेंट्रल जेल के बाहर भी भीड़ एकत्रित हो गई। सलमान पर यह फैसला पहले लंच के बाद आने वाला था लेकिन लंच खत्म होने के बाद जज रविंद्र जोशी ने संदेश भिजवाया कि अब वो 3 बजे फैसले सुनाएंगे। इससे पहले कोर्ट रूम में सलमान के वकील और सरकारी वकील ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं जिसके बाद जज जोशी ने लंच के बाद फैसला सुनाने की बात कही थी। इससे पहले सुबह 10.30 बजे कोर्ट लगने के साथ ही जज ने दोनों ही पक्षों को फिर से अपनी दलीलें रखने के लिए कहा। इस दौरान सलमान के वकीलों ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि उन्हें गलत फंसाया जा रहा है। सलमान हर पेशी पर आए हैं आर्म्स एक्ट मामले में भी उन्हें निर्दोष ठहराया गया था ऐसे में उनकी सजा सस्पेंड की जाए। वहीं सरकारी वकील ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मामला अन्य केसेस से अलग है और इसमें प्रत्यक्षदर्शी भी हैं ऐसे में सलमान को जमानत ना दी जाए क्योंकि वो देषी हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जज रविंद्र जोशी ने कुछ देर रूककर कहा कि उनका ट्रांसफर हो चुका है ऐसे में वो केस को लेकर कोई फैसला नहीं दे सकते लेकिन जमानत को लेकर फैसला लंच के बाद सुनाएंगे। जज के ट्रांसफर के बाद सस्पेंस बना हुआ था कि क्या जज रविंद्र जोशी ही सलमान पर फैसला देंगे या फिर किसी अन्य जज को केस ट्रांसफर करेंगे। इससे पहले जब जज रविंद्र जोशी कोर्ट स्थित अपने चैंबर में मौजूद थे, तब यहां उनसे मुलाकात करने के लिए सीजेएम कोर्ट के जज खत्री भी पहुंचे। जज खत्री ने ही सलमान को इस मामले में 5 साल की सजा सुनाई थी। मालूम हो. राजस्थान में शुक्रवार रात एक साथ 87 जजों के तबादले कर दिए। इनमें जोधपुर सेशन कोर्ट के जज रवींद्र कुमार जोशी भी हैं। उनकी जगह चंद्रशेखर शर्मा को सेशन जज बनाया गया है। गौरतलब है कि जज जोशी ने जमानत पर शुक्रवार को फैसला शनिवार तक के लिए सुरक्षित कर लिया था। न्यायिक सूत्रों के मुताबिक, जज शर्मा के कार्यभार संभालने तक जमानत याचिका पर सुनवाई संभव नहीं हो सकेगी। यानी सलमान खान को अभी कई और रातें जेल में काटनी पड़ सकती हैं। सलमान को जोधपुर के निकट कांकणी गांव में एक अक्टूबर, 1998 की रात दो काले हिरण की गोली मारकर हत्या करने के अपराध में गुरुवार को पांच साल जेल और दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई। यह घटना "हम साथ साथ हैं" फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थी। मामले में सलमान के साथी कलाकार सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे और एक स्थानीय व्यक्ति दुष्यंत सिंह भी आरोपित थे, जिन्हें "संदेह का लाभ" देते हुए बरी कर दिया गया है। जोधपुर सेंट्रल जेल में सलमान से मिलने को फिल्मी दुनिया से जुड़े लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में अभिनेत्री प्रीति जिंटा शुक्रवार दोपहर 12ः05 बजे जोधपुर एयरपोर्ट पर उतरकर सीधे सेंट्रल जेल पहुंचीं। सलमान की बहन अलवीरा और अर्पिंता भी जेल में सलमान से मिलने पहुंचीं। नियम के अनुसार जेल में बंद किसी भी कैदी से दिन में एक या फिर दो लोग ही जेल प्रशासन की अनुमति और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही मिल सकते हैं, लेकिन जेल प्रशासन ने ना तो प्रीति जिंटा की तलाशी ली और ना ही रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर कराए। प्रीति जिंटा को कोई न देख पाए, इसलिए उनकी कार के शीशों पर अखबार लगा दिया गया था। उनकी कार सीधे जेल के मुख्य द्वार तक पहुंची और वह बिना किसी जांच के अंदर चली गईं। बताया जाता है कि प्रीति के साथ पुलिस और जेल प्रशासन के दो अधिकारी भी थे। जोधपुर सेशन कोर्ट में सलमान की जमानत याचिका पर सुनवाई शनिवार तक के लिए टल जाने के बाद उनकी दोनों बहनें अलवीरा और अर्पिंता जेल पहुंचीं। जेल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक दोनों बहनों से मिलने के लिए सलमान खान को जेलर के कमरे में लाया गया। दोनों बहनों ने शुक्रवार को कोर्ट की कार्यवाही के बारे में उनको बताया और फिर आगामी रणनीति को लेकर उनसे चर्चा की। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह सलमान खान का बॉडीगॉर्ड शेरा और दो अन्य लोग भी जेल पहुंचे थे। फिल्म निर्माता साजिद नाडियावाला के भी जोधपुर पहुंचने की बात कही जा रही है। नियमों को दरकिनार कर इतने लोगों की सलमान खान से मुलाकात कराने को लेकर जेल डीआइजी विक्रम सिंह से जब सवाल किया गया तो वह कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए।  

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सर्व समाज

  दलित संगठनों की ओर से सोमवार को भारत बंद की हिंसा के विरोध में राजस्थान में आज कई जगह सर्व समाज की ओर से बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस बीच गंगापुरसिटी में कर्फ्यू जारी है और बाहरी लोगों को शहर से बाहर भेजा रहा है। प्रदेश के 12 जिलों में इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध भी जारी है। राजस्थान मे सोमवार को हुर्ह हिंसा के दौरान व्यापारियों को हुए नुकसान के विरोध में मंगलवार को चुरू, भरतपुर के भुसावर, करौली के हिण्डौन सहित कई स्थानों पर सर्व समाज और व्यापारियों की ओर से बाजार बंद रखे गए है। हिण्डौन में तो प्रदर्शन के दौरान पथराव और लाठीचार्च भी हुआ है। व्यापारियों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध है। जिन शहरों में बाजार बंद किए गए है, वहां व्यापारियों की मांग है कि नुकसान पहुंचाने वालों को चिन्हित कर सजा दिलाई जाए। इस बीच राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के गंगापुरसिटी में बीती रात लगाया गया कर्फ्यू जारी हैं। प्रशासन ने यहां पढाई के लिए बाहर से आ कर रह रहे युवकों को अपने घर लौटने के कहा है और बाहर से अन्य लोगों को भी यहां से बाहर भेजा जा रहा है। प्रशासन दलित संगठनों के नेताओं से बात कर शंति बहाल करने की कोशिश में जुटा है। उधर सोमवार को हुई हिंसा के बाद से शांति बनाए रखने के लिए राजस्थान के बाड़मेर, चूरू, अलवर, डूंगरपुर सहित 12 जिलों में इंटरनेट सवाओं पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है। इस बीच पुलिस ने तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने भी शुरू कर दिए है। जयपुर में विभिन्न थानों में सात मुकदमे दर्ज किए गए है। मीडिया संस्थानों स वीडियो फुटेज मांगी गई है और सडकों पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा कर उपद्रवियो की पहचान की जा रही है।  

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दलित हिंसा - राजनाथ

  एस-एसटी एक्ट के खिलाफ दलित समूहों के भारत बंद के दौरान हुई हिंसा में 14 लोगों की मौत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद में जानकारी दी। अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि देश में तरह-तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। एससी-एसटी एक्ट में कोई बदलाव नहीं हुआ है बल्कि हमने इस कानून में और अपराधों को शामिल कर इसे मजबूत बनाया है। गृह मंत्री ने कहा कि देश में आरक्षण को लेकर भी कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए। हमने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है जिस पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयरा हो चुकी है और आज दोपहर 2 बजे इस पर सुनवाई करेगी। गृह मंत्री ने संसद के माध्यम से देश के लोगों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अपवाहों पर ध्यान ना दें। जिस वक्त गृह मंत्री लोकसभा में बोल रहे थे तब विपक्षी सासंद लगातार हंगामा कर रहे थे। उनके इसी हंगामे के चलते स्पीकर ने सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी है।

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सिद्धारमैया सरकार

खबर मैसूर से । भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इन दिनों कर्नाटक दौरे पर हैं। राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा कर्नाटक जागृति यात्रा निकाल रही है। इस यात्रा में अमित शाह उन इलाकों में जा रहे हैं, जहां भाजपा की पकड़ मजबूत है। इसी दौरान वो मैसूर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मैसूर के कोटे श्री आन्जनेय स्वामी मंदिर में दर्शन किए। उस वक्त अनंत कुमार भी उनके साथ मौजूद थे। इससे पहले अमित शाह ने कहा कि, राज्य की सिद्धारमैया सरकार के खिलाफ जनता में काफी गुस्सा है। और चुनाव में जनता जवाब देगी। वहीं लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देने का दांव खेलने वाली सिद्धारमैया सरकार को भी अमित शाह ने घेरा। अमित शाह ने कहा कि," कांग्रेस येदियुरप्पा को सीएम बनते नहीं देखना चाहती है। इसलिए उसने लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा देने का दांव खेला है। कांग्रेस लिंगायत समुदाय के वोटों का धुव्रीकरण करना चाहती है। मगर जनता समझदार है और भाजपा चुनाव के बाद जनता से चर्चा करने के बाद फैसला लेगी।"  

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तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी

2019 के लोकसभा चुनाव के पूर्व एकजुट विपक्ष और महागठबंधन की संभावनाएं तलाशने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी सोमवार को अपने चार दिवसीय प्रवास पर दिल्ली पहुंच गईं। अपने इस प्रवास के बीच ममता दिल्ली में गैर भाजपा व गैर कांग्रेसी कई पार्टियों के नेताओं से मुलाकात करेंगी। ममता ने सबसे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार से उनके आवास पर मुलाकात की। इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री शिवसेना के सांसद संजय राउत से मिलीं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संसद में आरजेडी की सांसद मीसा भारती से भी मुलाकात की है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनसीपी शिवसेना और राजद के नेताओं के साथ बैठक के बाद कहा कि जब राजनीतिक लोग मिलते हैं तो निश्चित रूप से वे राजनीति पर चर्चा करेंगे, उसमें छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव निश्चित रूप से बहुत दिलचस्प होंगे। तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक ममता दिल्ली में जनता दल (यू) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव, आम आदमी पार्टी के प्रमुख व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत शिवसेना और तेलुगु देशम पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगी। सबसे खास बात यह कि विपक्ष के गठबंधन को एकजुट करने दिल्ली पहुंची ममता अपनी पुरानी सहयोगी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात नहीं करेंगी। हालांकि वह सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकती हैं। बताया जा रहा है कि ममता इस यात्रा के जब राजनीतिक लोग मिलते हैं तो निश्चित रूप से वे राजनीति पर चर्चा करेंगे, उसमें छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव निश्चित रूप से बहुत दिलचस्प होंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनसीपी शिवसेना और राजद के नेताओं के साथ बैठक के बाद कहा कि संसद में विपक्ष के कई सांसदों के साथ संवाद भी करेंगी। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ममता को उनसे मिलने आने का आमंत्रण भेजा था, जिसे ममता ने स्वीकार कर लिया है। माना जा रहा है कि ममता अन्य विपक्षी पार्टियों के साथ 2019 में एकजुट होकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं, जिसके लिए उन्होंने विपक्षी पार्टियों को साधने के लिए अपना प्रवास शुरू किया है। वरिष्ठ तृणमूल नेता का यह भी कहना है कि वह एक स्पष्ट एजेंडा लेकर दिल्ली गई हैं। ममता ने तय किया है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) का हिस्सा नहीं बनेंगी। कांग्रेस व लेफ्ट एक साथ हैं, ऐसे में यह ठीक नहीं होगा कि तृणमूल गठबंधन का हिस्सा बने। बता दें कि भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की दिशा में पूर्व में ममता ने तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव व राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल से मुलाकात की थी। साथ ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव व बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती का भी समर्थन किया था। ऐसे में ममता का दिल्ली दौरा लोकसभा चुनाव से पूर्व सियासी समझौतों की तमाम संभावनाओं की ओर इशारा कर रहा है।  

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मन की बात में फिट इंडिया

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मार्च 2018 की अंतिम रविवार यानी आज सुबह 11 बजे अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिये देश को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने देशवासियों को रामनवमी की बधाई दी। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैंने सोचा है कि इस बार हेल्थ को लेकर विस्तार से बात करूं। 'फिट इंडिया' की बात करूं। पीएम ने कहा कि मन की बातें मौसम के साथ बदलती हैं। पीएम मोदी ने मन की बात में अहमद अली की अदम्य इच्छा शक्ति अौर डॉ अजीत मोहन चौधरी की बन्धु भाव की कहानी सुनाए। उन्होंने कहा कि जब मुझे कानपुर के डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी की कहानी सुनने को मिली कि वो फुटपाथ पर जाकर ग़रीबों को देखते हैं और उन्हें मुफ़्त दवा भी देते हैं। तब इस देश के बन्धु-भाव को महसूस करने का अवसर मिलता है । जब मुझे आपके पत्रों में पढ़ने को मिलता है कि कैसे असम के करीमगंज के एक रिक्शा-चालक अहमद अली ने अपनी इच्छाशक्ति के बल पर ग़रीब बच्चों के लिए नौ स्कूल बनवाये हैं - तब इस देश की अदम्य इच्छाशक्ति के दर्शन होते हैं। जब उत्तरप्रदेश की एक महिला अनेकों संघर्ष के बावजूद 125 शौचालयों का निर्माण करती है और महिलाओं को उनके हक़ के लिए प्रेरित करती है - तब मातृ-शक्ति के दर्शन होते हैं। अनेक प्रेरणा-पुंज मेरे देश का परिचय करवाते हैं | आज पूरे विश्व में भारत की ओर देखने का नज़रिया बदला है। आज जब, भारत का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है तो इसके पीछे मां भारती के इन बेटे-बेटियों का पुरुषार्थ छुपा हुआ है।  आने वाले कुछ महीने किसान भाइयों और बहनों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। इसी कारण ढ़ेर सारे पत्र, कृषि को लेकर के आए हैं। महात्मा गांधी, शास्त्री जी, लोहिया जी, चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी देवीलाल जी सभी ने कृषि और किसान को देश की अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का एक अहम अंग माना है। इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। यह तय किया गया है कि अधिसूचित फसलों के लिए MSP, उनकी लागत का कम-से-कम डेढ़ गुणा घोषित किया जाएगा। इस वर्ष महात्मा गांधी की 150वीं जयंतीवर्ष के महोत्सव की शुरुआत होगी। यह एक ऐतिहासिक अवसर है। स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। विभाग और मंत्रालय, राज्य सरकारें साथ मिलकर स्वस्थ भारत के लिए काम कर रहे हैं। देश में स्वास्थ्य से जुड़ा हर काम जहां पहले सिर्फ स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी होती थी, वहीं अब सभी अपनी जिम्मेदारी समक्ष रहे हैं। देशभर में 3 हजार से अधिक जन-औषधि केंद्र खोले गए हैं जहां 800 से ज्यादा दवाइयां कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं और भी नए केंद्र खोले जा रहे हैं। सालों पहले बाबा साहब आंबेडकर ने भारत के औद्योगिकीकरण की बात कही थी। ये मन की बात का 42वां संस्करण है। गौरतलब है कि पीएम मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को मन की बात करते हैं। इसका प्रसारण रेडियो के अलावा दूरदर्शन, नरेंद्र मोदी ऐप पर होता है। इसके अलावा फोन पर मिसकॉल के जरिए इस सुविधा को अपने मोबाइल पर उपलब्ध कराया जा सकता है। पिछले माह की मन की बात में मोदी ने वैज्ञानिकों के योगदान पर बात की थी। इसके अलावा वह कई बार बच्चों को भी सलाह देते हैं। कार्यक्रम का पहला प्रसारण 3 अक्तूबर 2014 को किया गया। जनवरी 2015 में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी उनके साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया तथा भारत की जनता के पत्रों के उत्तर दिए। इसका मूल प्रसारण आकाशवाणी, दिल्‍ली से होगा और यह सभी आकाशवाणी केंद्रों, सभी आकाशवाणी एफएम चैनलों एफएम गोल्‍ड व एफएम रेनबो, स्‍थानीय रेडियो स्‍टेशनों, विविध भारती स्‍टेशनों और पांच सामुदायिक रेडियो स्‍टेशनों से रिले किया जाएगा। ‘मन की बात’ का क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण मुख्‍य आकाशवाणी केंद्रों से इसी दिन शाम आठ बजे किया जाएगा। संबंधित राज्यों में क्षेत्रीय भाषाओं में सभी आकाशवाणी केंद्रों और स्‍थानीय रेडियो स्‍टेशनों से भी इसे रिले किया जाएगा। इस महत्‍वपूर्ण प्रसारण का विशिष्‍ट पहलू यह है कि यह दूरदर्शन और अन्‍य निजी टीवी एवं समाचार चनलों द्वारा एक ही समय में प्रसारित किया जाता है। सभी डीटीएच ऑपरेटर भी इसको चलाते हैं। वैश्‍विक श्रोताओं के लिए इसका सीधा प्रसारण भी होता है जो कि मोबाइल ऐप, ऑल इंडिया रेडियो लाइव पर उपलब्ध होता है।

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दुमका कोषागार

  दुमका कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित चारा घोटाला मामले में लालू यादव के खिलाफ सजा का ऐलान हो चुका है। कोर्ट ने इस मामले में लालू को अब तक की सबसे बड़ी सजा सुनाते हुए आईपीसी और पीसी एक्ट के तहत 7-7 साल कैद का आदेश दिया है। कोर्ट ने इसके साथ ही कोर्ट ने लालू पर दोनों ही धाराओं 30-30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है और जुर्माना ना देने पर सजा एक साल बढ़ जाएगी। लालू की इस सजा को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है कि यह साथ में चलेगी या एक सजा पूरी होने पर दूसरी शुरू होगी। अगर दोनो सजाएं साथ चलती हैं तो लालू को 7 साल ही जेल में रहना होगा वहीं अगर सजा आदेश नहीं हुआ तो लालू को कुल 14 साल जेल में गुजारने होंगे। लालू प्रसाद और ओमप्रकाश दिवाकर को आइपीसी की धारा में सात वर्ष की सजा और 30 लाख रुपए जुर्माना। वही पीसी एक्ट की धारा में 7 वर्ष की सजा और 30 लाख जुर्माना लगाया गया है। ऐसे में इन दोनों को 14 वर्ष की सजा काटनी होगी। 60 लाख रूपये जुर्माना देना होगा। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने 19 दोषियों को सजा सुनाई अदालत ने सप्लायर को साढे तीन वर्ष की सजा और 15 लाख रुपए जुर्माना लगाया है। वही डॉक्टर व अधिकारी को पीसी एक्ट की धारा में साढे तीन वर्ष और आईपीसी की धारा में साढे तीन वर्ष कुल 7 वर्ष की सजा और जुर्माने के रुप में 15-15 लाख रुपए लगाया गया है। कुल जुर्माना 30 लाख रुपए होगा। अदालत ने कहा है कि IPC और पीसी एक्ट में सुनाई गई सजा अलग-अलग चलेगी। कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद लालू यादव के वकील ने कहा है कि इस फैसले के खिलाफ वो उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। इससे पहले गुरुवार को दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी हो गई। इसके बाद कोर्ट आज लालू यादव समेत अन्य दोषियों के खिलाफ सजा का ऐलान करेगी। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हुई। अंतिम दिन पांच दोषियों का मामला कोर्ट में था। अंत में अदालत ने बचाव पक्ष और सीबीआई की दलीलें सुनीं और तय किया कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद समेत 19 दोषियों को शनिवार को सजा सुनाई जाएगी। चारा घोटाला में यह चौथा मामला होगा जब लालू प्रसाद को सजा सुनाई जाएगी। सुनवाई के दौरान जज ने कई बिंदुओं पर मौखिक टिप्पणियां भी की। जज ने कहा कि ओपन जेल में क्यों नहीं चले जाते। इस पर अधिवक्ता ने कहा कि ओपन जेल में हार्ड कोर रखे जाते हैं। जज ने पूछा, किसने यह कहा। अधिवक्ताओं द्वारा अपने मुवक्किल की बीमारियों का हवाला देते हुए कम सजा की मांग पर जज ने कहा कि बीमारियां गरीबों को नहीं होतीं, सारी बीमारी बड़े लोगों को ही होती हैं। जज ने यह भी कहा कि समाज में जितने पढ़े-लिखे लोग हैं, वही धोखाधड़ी कर रहे हैं। कहा कि एक भी ऐसा उदाहरण बताएं जिसमें अनपढ़ लोगों ने धोखाधड़ी की हो। किसी ने कोई जवाब नहीं दिया तो जज ने कहा कि अनपढ़ क्लब बनाना चाहिए। वही लोग देश चलाएंगे और धोखाधड़ी भी रुकेगी। नेचुरल जस्टिस का पालन करेंगे तो अपराध नहीं होगा। जज ने वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर भी सवाल खड़ा किया। कहा कि लोगों में संवेदनशीलता खत्म हो रही है। सड़क पर दुर्घटना होती है और लोग हॉस्पिटल तक नहीं पहुंचाते हैं। यह कैसी शिक्षा पद्धति है, जिसमें मानवीय संवेदना खत्म हो गई है। लोगों में मानवीय संवेदना लानी होगी। सजा पर सुनवाई के दौरान इस मामले के एक दोषी आरके बगेरिया के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि वह लंबे समय से केस लड़े हैं। गरीबी के कारण दूसरे के यहां कर्मचारी थे। वहां इन्हें महज 1500 रुपये मिलता था। प्रतिदिन कमाने खाने वाले थे। इसलिए हुजूर कम से कम सजा दी जाए। गुड फेथ में बगेरिया से उसके मालिक ने हस्ताक्षर करा लिया और सीबीआइ ने फंसा दिया। इस पर जज ने कहा कि मालिक के कहने पर किसी का सिर काट लेंगे क्या? अदालत में शुक्रवार को पांच दोषियों के सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। इसमें राजा राम जोशी, राधा मोहन मंडल, सर्वेंदु कुमार दास, रघुनंदन प्रसाद व राजेंद्र कुमार बगेरिया शामिल थे। झारखंड हाई कोर्ट ने चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र की औपबंधिक जमानत की अवधि एक माह के लिए बढ़ा दी है। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की कोर्ट ने शुक्रवार को डॉ. मिश्र को इलाज के लिए चार सप्ताह के लिए औपबंधिक जमानत प्रदान की है। कोर्ट ने उन्हें 28 अप्रैल को सरेंडर करने का निर्देश दिया है। दरअसल जगन्नाथ मिश्र को मल्टीपल मायोलामा और हृदय संबंधित बीमारी है। जिसका इलाज गुड़गांव स्थित मेदांता में हो रहा है। इनको कीमोथेरेपी भी दी जा रही है। इसलिए औपबंधिक जमानत की अवधि बढ़ाने की मांग की गई थी। गौरतलब है कि आरसी 68ए/96 में जगन्नाथ मिश्र को सीबीआइ कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई है। जिसे उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव व झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। हालांकि दोनों का मामला हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था। गौरतलब है कि लालू प्रसाद ने चाईबासा कोषागार के मामले में मिली सजा को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। वहीं, सजल चक्रवर्ती ने भी अपनी उम्र का हवाला देते हुए जमानत दिए जाने की गुहार लगाई है। बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पूर्व मुख्य सचिव वीएस दूबे और सीबीआइ अधिकारी एके झा को राहत मिल गई है। जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की कोर्ट ने शुक्रवार को सीबीआइ कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसके तहत उक्त सभी को चारा घोटाले मामले में आरोपी बनाने के लिए समन जारी किया गया था। अब इस मामले की सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।  

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सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस

  राजस्थान के पोखरण में गुरुवार सुबह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का स्वदेशी सीकर के साथ सफल परीक्षण किया गया। यह सीकर डीआरडीओ और ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा मिलकर विकसित किया गया है। मिसाइल के इस परीक्षण के दौरान पोखरण में डीआरडीओ के अधिकारियों के अलावा भारतीय सेना और ब्रह्मोस के अधिकारी भी मौजूद थे। टेस्ट के दौरान सटीक हमला करने में माहिर इस हथियार ने पहले तय टार्गेट पर पिन पॉइंट निशाना लगाया। इससे पहले इस मिसाइल को पहली बार पिछले साल नवंबर में फायटर जेट सुखोई-30 एमकेआई से दागा गया था। भारत सरकार इस मिसाइल को सुखोई में लगाने के लिए काम शुरू कर चुकी है और अगले तीन सालों में कुल 40 सुखोई विमान ब्रह्मोस मिसाइल से लैस हो जाएंगे। माना जा रहा है कि सुखोई में ब्रह्मोस फिट होने से क्षेत्र में एयरफोर्स की ताकत काफी बढ़ जाएगी।

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शत्रुघ्न सिन्हा  ट्वीट कर कसा भाजपा नेताओं पर तंज

  उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में भाजपा की करारी हार से जहां विपक्षी दलों में जोश है वहीं भाजपा के भीतर इसे लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है। हार को लेकर भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट कर लिखा है कि अहंकार और अति आत्मविश्वास अच्छा नहीं होता। साथ ही उन्होंने आने वाले दिनों के लिए तैयार रहने के लिए भी कहा है। नतीजों के बाद शत्रुघ्न ने एक के बाद एक ट्वीट किए हैं। अपने पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि 'श्रीमान, यूपी-बिहार उपचुनाव नतीजे आपको और हमारे लोगों को अपनी सीट बेल्ट बांधने के लिए कहते हैं। टर्बुलेंट टाइम करीब है, उम्मीद और शुभकानाएं हैं कि हम जल्द इस मुश्किल परिस्थिति से निकलेंगे। जितनी जल्दी होगा उतना अच्छा। यह नतीजे हमारे राजनीतिक भविष्य की स्थिति की तरफ इशारा करते हैं। हम इन्हें हल्के में नहीं ले सकते।' अपने अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा है 'मैं लगातार कहता आ रहा हूं कि अहंकार और अति अत्मविश्वास लोकतांत्रिक राजनीति में बड़े किलर्स हैं, चाहें फिर वो ट्रंप, मित्रों या फिर विपक्षी दलों में हो।'

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फारुख अब्दुल्ला

  अपने बयानों के कारण विवादों में घिरे रहने वाले जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने इस बार कश्मीरी पंडितों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि कश्मीरी पंडित राज्य का हिस्सा हैं और एक दिन उनकी वापसी होगी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'कश्मीरी पंडित कश्मीर का अभिन्न हिस्सा हैं, उनके बिना राज्य अधूरा है। एक दिन ऐसा आएगा जब वे अपने असली घर की तरफ वापस आएंगे।' आपको बता दें कि पिछले हफ्ते ही फारूक अब्दुल्ला ने भारत के विभाजन को लेकर एक बार फिर से विवादित बयान दिया था। इतिहास के पन्नों को पलटते हुए उन्होंने कांग्रेस को भारत-पाक विभाजन का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दुनिया कहती है कि जिन्ना ने पाकिस्तान का गठन किया लेकिन यह सही नहीं है। पंडित जवाहर लाल नेहरू के कारण भारत का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ। जम्मू कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा था, 'अगर पाकिस्तान भारत से अच्छे संबंध चाहता है तो उसे आतंकवाद बंद करना होगा। शांति कायम रखने के लिए पाकिस्तान को अपना रूख बदलना होगा और आतंकवाद बंद करना होगा, यदि पाकिस्तान नहीं माना तो बुरा नतीजा होगा और जंग हो जाएगी।'  

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भाजपा ने की राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा

थावरचंद और धर्मेंद्र प्रधान एमपी से राज्यसभा जायेंगे  इस महीने राज्यसभा की 58 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए बसपा और सपा के बाद अब भाजपा ने भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। भाजपा ने अरुण जेटली, रविशंकर प्रसाद, धर्मेंद्र प्रधान और प्रकाश जावड़ेकर को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। अरुण जेटली जहां यूपी से राज्यसभा का चुनाव लड़ेंगे वहीं रविशंकर प्रसाद बिहार से मैदान में होंगे। धर्मेंद्र प्रधान और थावरचंद गेहलोत को भाजपा ने मध्य प्रदेश से मैदान में उतारने का फैसला किया है जबकि प्रकाश जावड़ेकर को महाराष्ट्र से उम्मीदवार तय किया है। गुजरात से मंनसुखभाई मांडविया और पुरषोत्तम रुपाला गुजरात से जबकि जेपी नड्डा को हिमाचल प्रदेश राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार बनाया है।  

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 रंगराजन

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने हैदराबाद में कहा है कि देश में गरीबी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुलझाने के लिए अगले दो दशकों तक आर्थिक विकास की रफ्तार आठ-नौ फीसद रहने की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने इस पर जोर दिया कि विकास की इस यात्रा में समाज के गरीब तबके को जोड़ना और उनका खयाल रखना चाहिए। यहां एक कार्यक्रम में रंगराजन ने दक्षिण कोरिया का उदाहरण देते हुए कहा कि तीन दशकों तक सात-आठ फीसद विकास दर रखकर उसने अपने यहां से गरीबी और दूसरी समस्याएं खत्म करने में सफलता हासिल की। अब वह बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं दे पाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि अपने देश में भी इन समस्याओं को जड़ से मिटाने के लिए दो दशकों तक आठ-नौ फीसद विकास दर रखनी होगी। हालांकि लगातार इतनी विकास दर बनाए रखना मुश्किल हो सकता है। उनके अनुसार औद्योगिक देशों में पहले विकास हुआ। इसके बाद सामाजिक सुरक्षा के प्रावधान मजबूत हुए। जिससे गरीबी और स्वास्थ्य जैसी समस्याएं दूर हो पाईं। रंगराजन ने कहा कि 21वीं सदी में ऐसा संभव नहीं है। अब विकास के साथ ही दूसरे बिंदुओं पर ध्यान देने की जरूरत है। विकास की यात्रा में ही गरीब और पिछड़े वर्गों को शामिल करना होगा और उनका खयाल रखना होगा। उन्होंने इस पर जोर दिया कि तेज विकास दर के साथ सामाजिक सुरक्षा के लिए ज्यादा पैसा खर्च किया जाना चाहिए। तेज विकास के दौर में ही राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार स्कीम जैसी योजनाएं चालू की गईं।  

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ने बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा पर चर्चा की। परीक्षा पर चर्चा की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज यहां पीएम नहीं हूं बल्कि आप मुझे अपना दोस्त समझें। आज मुझे 10 करोड़ छात्रों और उनके अभिभावकों से चर्चा का मौका मिला है। यह मेरी परीक्षा है। यह कोई पीएम का कार्यक्रम नहीं बल्कि बच्चों का कार्यक्रम है। पीएम इस दौरान बच्चों को बोर्ड परीक्षा में होने वाले तनाव से बचने के टिप्स भी देंगे। इस चर्चा का विषय है मेकिंग एग्जाम फनः चैट विद पीएम मोदी। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है जिसमें देश के कई स्कूलों से छात्र और शिक्षक शामिल हुए हैं। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए होने वाली इस चर्चा में देश भर के लाखों छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। चर्चा की शुरुआत सवाल-जवाब के साथ हुई आप भी देखें छात्रों के सवाल और पीएम के जवाब छात्रों ने सवाल पूछा कि पूरी तैयरी और अच्छी मेहनत के बाद भी पेपर हाथ में आने पर ऐसा लगता है सब भूल गए, साथ ही परीक्षा होने के बाद भी नतीजे आने तक तनाव रहता है इससे कैसे बचें इसका जवाब देते हुए पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद की बात दोहराते हुए कहा कि अगर आत्मविश्वास नहीं है तो सफल नहीं होंगे। आप 33 करोड़ देवी-देवताओं की पूजा करों लेकिन आत्मविश्वास नहीं है तो भगवान भी कुछ नहीं करेंगे। आत्मविश्वास किसी के कहने या भाषण देने से नहीं आता। हमें अपने आप को कसौटी पर परखते रहना चाहिए। यह हर कदम पर कोशिश करने से बढ़ता है। इसलिए निरंतर कोशिश होनी चाहिए कि मैं जहां हूं वहां से आगे जाने के लिए जो करना होगा मैं करूंगा। पीएन ने विंटर ओलंपिक में मेडल जीतने वाले एक खिलाड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि वो 11 महीने पहले घायल हो गया था लेकिन इतने कम समय में उसने मेडल जीता। उसने मेडल के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि थैंक्यू जिंदगी। मतलब यह है कि आत्मविश्वास हमारे प्रयासों से आता है। स्कूल जाते वक्त इस बात को निकाल दो कि कोई आपकी परीक्षा लेगा और अंक देगा। यह तय करके परीक्षा दो कि मैं अपना भविष्य तय करूगा कोई और नहीं। नोएडा की छात्रा ने सवाल पूछा कि पढ़ाई करते वक्त ध्यान भटकता है वही बीएचयू के छात्र ने पूछा कि अपने लक्ष्य से भटकने लगें तो क्या करें इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि ध्यान लगाना कोई विधा है लेकिन यह सच नहीं। आप दिन में कोई ना कोई ऐसा काम करता है तब उसका ध्यान पूरी तरह उस काम में लगा होता है। कॉन्स्ट्रेशन के लिए कोई अलग से गतिविधियों की जरूरत नहीं है, इसकी बजाय आप पता करें कि किन कामों में आपका ध्यान ज्यादा लगता है और क्यों। अगर आपने वो पता लगा लिया तो इसकी मदद से आप दूसरे कामों में भी अपना ध्यान लगा सकेंगे। जीवन में कई बातें होती हैं कि हमें हमेशा याद रहती है। इसका मतलब जिन चीजों में सिर्फ दिमाग नहीं दिल भी जुड़ जाता है वो जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं। इसमें योग मदद करता है। दिल्ली, मध्यप्रदेश की छात्राओं ने पूछा की पीयर प्रेशर ज्यादा हो गया है, दोस्तों के बीच प्रतियोगिता के चलते तनाव बढ़ जाता है इससे आत्मविश्वास कम होता है, क्या करें? खुद को ना जानना कई बार इस समस्या का कारण होता है। दूसरी बात जब आप प्रतिस्पर्धा में उतरते हैं तो तनाव का सामना करना पड़ता है। उसे देखकर आप अपनी तैयारी करते हैं, इसकी बजाय आप खुद को देखकर अपनी तैयारी करो। अपनी ताकत पहचानों की आपकी क्षमता तय करो। दूसरों की होड़ में ना रहें बल्कि खुद से प्रतियोगिता करें। खुद को पहले से बेहतर करने की कोशिश करें। जब आप अपने पहले प्रदर्शन से बेहतर करने लगेंगे तो खुद के अंदर ऐसी उर्जा पैदा होगी जो आपको और आगे ले जाएगी। पीएम ने यूक्रेन के खिलाड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि उसने 36 बार अपने रिकॉर्ड तोड़े, अगर वो दूसरों से प्रतियोगिता करता तो पीछे रह जाता। दिल्ली, लेह की छात्राओं ने सवाल किया कि माता पिता बच्चों पर ज्यादा से ज्यादा अंक लाने के लिए दबाव बनाते हैं। वो 90 प्रतिशत अंक लाने पर भी खुश नहीं होते। वो भूल जाते हैं कि हर किसी की अलग क्षमता है। साथ ही एक छात्र ने पूछा की सामाजिक दबाव को कैसे सहन करें। पीएम ने इसके जवाब में कहा कि मुझसे माता-पिता ने भी आप लोगों को समझाने के लिए कहा है। पहली बात यह कि माता-पिता अपने बच्चों के लिए अपनी जिंदगी खपा देते हैं। उनकी जिंदगी का सपना होता है अपने बच्चों को कुछ बनते देखने का। उनकी बातों पर शक नहीं करना चाहिए। पहले उन पर भरोसा पैदा करें कि वो हमारे लिए कुछ गलत नहीं सोचते। वहीं माता-पिता भी कभी-कभी अपने अधूरे सपनों का बोझ बच्चों पर डालते हैं। कई बार इच्छाओं के भूत होते हैं जो आपको जकड़ लेते हैं। इसके लिए अपने माता-पिता से बात करें। भारत के बच्चे जानते हैं कि अपना काम कैसे निकालना है। पीएम ने माता-पिता से कहा कि बच्चों को सोशल स्टेटस मत बनाइए। बच्चों पर अनावश्यक दबाव ना डालें। पीएन ने पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम का उदाहरण देकर कहा कि वो पायलट नहीं बन सके तो वैज्ञानिक बने। परिवार में खुला वातावरण रहे। छात्रों ने पूछा कि परीक्षा के दौरान खेलना चाहता हूं लेकिन ध्यान भटकने का डर रहता है पीएन ने इसके जवाब में कहा कि फोकस बनाने के लिए पहले डिफोकस होने सीखें। फोन का उपयोग कम कैसे करें। आपके दिमाग में पढ़ाई, एग्जाम और स्कूल ही हैं, इनसे बाहर निकलना जरूरी है। इसके लिए खेलना जरूरी है। पीएम ने पंच महाभूतों का जिक्र करते हुए कहा कि जब इंसान इनके संपर्क में आता है तो फ्रैश हो जाता है। आप फोकस करने के लिए डिफोकस करिए और वो करें जो आपका मन फ्रैश कर दे। दोस्तों से मिलो, गेम खेलो जो अच्छा लगता है वो करो। छात्रों ने परीक्षा के दौरान खुद को फिट और फ्रैश रखने के लिए योग की मदद पर सवाल किया। छात्रों ने पूछा कि योग हमें कैसे मदद करता है। कुछ आसन बताएं। आईक्यू और ईक्यू को कैसे बैलेंस करें पीएम ने इसके जवाब में कहा कि इमोशन प्रेरणा का सबसे बड़ा स्त्रोत है। जितनी संवेदना से जुड़ी चीजों से जुड़ते हैं उनका ईक्यू तेजी से बढ़ता है। इंसान का आईक्यू बचपन से उसमें होता लेकिन बड़े होने के साथ वो सामने आता है। पीएम ने योग टिप्स देते हुए कहा ताड़ासन से शरीर और मन जुड़ता है। कई देशों में हाइट बढ़ाने के लिए ताड़ासन जरूरी कर दिया गया है। इसके अलावा शवासन और योग निंद्रा आसन कर सकते हैं। नींद जरूरी लेकिन क्वांटिटि नहीं बल्कि क्वालिटि की नींद लें।

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kaveri

120 साल पुराने कावेरी जल विवाद पर बड़ा फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु को दिए जाने वाले पानी की मात्रा घटा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे घटाकर 177.27 क्यूसेक कर दिया है। इस फैसले के बाद अब कर्नाटक को मिलने वाली पानी की मात्रा बढ़ जाएगी और उसे अतिरिक्त 14 क्यूसेक पानी मिलेगा। इसके अलावा केरल और पुडुचेरी को मिलने वाले पानी की मात्रा तथावत रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पानी का यह बंटवारा कर्नाटक अपने बिलिगुंडलु डैम से तमिलनाडु के लिए 177.25 क्यूसेक पानी छोड़ेगा। कर्नाटक को अतिरिक्त 14.75 क्यूसेक पानी मिलेगा। कोर्ट ने कहा कि कर्नाटक को अतिरिक्त पानी देने का फैसला बेंगलुरु में रहने वाले लोगों की जरूरतों को देखते हुए लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के चलते राज्यों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बेंगलुरु में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। कावेरी विवाद पर यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कुछ ही महीनों में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने हैं। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा, एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ ने पिछले साल 20 सितंबर को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। यह विवाद करीब 120 साल पुराना है। कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण (सीडब्ल्यूडीटी) के 2007 में दिए गए आदेश को कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सीडब्ल्यूडीटी ने 2007 में इस विवाद पर सर्वसम्मति से फैसला दिया था। उसने तमिलनाडु में 192 टीएमसी (1000 मिलियन क्यूबिक) फीट पानी को कर्नाटक द्वारा मेटटूर बांध में छोड़ने के आदेश दिए थे, जबकि कर्नाटक को 270, केरल को 30 और केरल को सात टीएमसी फीट जल आवंटित किया था। सुप्रीम कोर्ट के शुक्रवार को आने वाले फैसले को लेकर बेंगलुरु में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पत्रकार वार्ता में बेंगलुरु पुलिस आयुक्त टी सुनील कुमार ने बताया कि 15,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा कर्नाटक स्टेट रिजर्व पुलिस और अन्य बलों को भी तैनात किया जाएगा। आयुक्त ने कहा, "संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जाएगी, जहां इसे लेकर पहले दंगे हो चुके हैं।"  

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राज्यपाल आनंदीबेन

  एमपी की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल ने आज मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में मध्यप्रदेश एवं गुजरात के सांसदों को चाय पर आमंत्रित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर, जहाजरानी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्री मनसुख मांडविया, महिला-बाल विकास और अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 14 लोकसभा एवं 6 राज्य सभा सांसद तथा गुजरात के 14 लोकसभा एवं 2 राज्यसभा सांसद मौजूद थे। श्री मनसुख मांडविया, श्री गणेश सिंह एवं डा. सत्यनारायण जटिया ने राज्यपाल को सांसदों का सत्कार करने के लिए विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

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सोनिया गांधी

  राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने के इतने दिनों बाद अब सोनिया गांधी का बयान आया है। उन्होंने कांग्रेस की संसदीय समिति की बैठक में ना सिर्फ केंद्र सरकार पर निशाना साधा बल्कि गुजरात और राजस्थान की तर्ज पर कर्नाटक में भी जीत की उम्मीद जताई। उन्होंने इस दौरान यह भी साफ किया कि राहुल गांधी पार्टी के साथ अब उनके भी बॉस हैं।

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गुवाहाटी में पीएम मोदी

  गुवाहाटी में पीएम मोदी ने शनिवार को गुवाहाटी में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन किया। इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समिट की टैगलाइन बड़ा संदेश देता है। एडवांटेज असम, आसियान के लिए भारत का एक्सप्रेस सिर्फ एक स्टेटमेंट नहीं बल्कि विजन है। जब नॉर्थ ईस्ट के लोग संतुलित रूप में तेज विकास देखेंगे तो भारत की विकास यात्रा को और रफ्तार मिलेगी। पीएम ने बजट का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने बजट में आयुष्मान भारत योजना पेश की है जो अपने तरह की है। जिन्होंने गरीबी देखी है और उसके दर्द से गुजरे हैं वो जानते हैं कि गरीबी में इलाज का खर्च कितना मुश्किल है। पीएम मोदी के साथ इस समिट में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे भी उपस्थित रहे। शनिवार 3 फरवरी से शुरु होने जा रहे दो दिवसीय इस कार्यक्रम में राज्य के निर्माण अवसरों की उपलब्धता को दिखाया जाएगा। इसके साथ ही विदेशी और घरेलू निवेशकों के लिए भू-रणनीतिक लाभ के बारे में भी बताया जाएगा। बता दें कि समिट का आयोजन असम सरकार और केंद्र सरकार के फिक्की के तत्वाधान में किया गया है। मोदी के संबोधन की ख़ास बातें  पिछले साढ़े तीन वर्ष में केंद्र सरकार की तरफ से और पिछले डेढ़ वर्ष में, असम सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों का परिणाम दिखाई देने लगा है। आज जितने व्यापक पैमाने पर ये आयोजन हो रहा है, वो कुछ वर्ष पहले तक कोई सोच भी नहीं सकता था। भारत के विकास की कहानी में और गति तभी आएगी जब देश के पूर्वोत्तर में रहने वाले लोगों का, इस पूरे क्षेत्र का संतुलित विकास भी तेज गति से हो। “देश में कुछ बदल नहीं सकता” कि सोच बदल गई है। लोगों में हताशा की जगह अब हौसला और आशा है। आज देश में दोगुनी रफ्तार से सड़कें बन रही हैं, दोगुनी रफ्तार से रेल लाइन का दोहरीकरण हो रहा है, लगभग दोगुनी रफ्तार से रेल लाइन का बिजलीकरण हो रहा है। सरकार ने बजट में ‘आयुष्मान भारत योजना’ का एलान किया है। अपनी तरह की दुनिया की ये सबसे बड़ी योजना है। साथियों, जो गरीबी में पला-बढ़ा है, जो गरीबी के कष्ट सहते हुए आगे बढ़ा है, उसे इस बात का हमेशा एहसास होता है कि गरीब के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है - बीमारी का इलाज। इस योजना के तहत, हर गरीब परिवार को चिह्नित अस्पतालों में साल में 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। इस योजना से करीब-करीब देश के 45 से 50 करोड़ लोगों को फायदा होगा।आसियान देश हों, बांग्लादेश-भूटान-नेपाल हों, हम सभी एक तरह से कृषि प्रधान देश हैं। किसानों की उन्नति, इस पूरे क्षेत्र के विकास को नई ऊँचाई पर पहुंचा सकती है। इसलिए हमारी सरकार देश के किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। पीएम मोदी ने कहा- कुछ हफ्तों पहले हमने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है और आज मैं उत्तर-पूर्व में हूँ तो इस फैसले का जरूर जिक्र करना चाहता हूँ। उन्होंने कहा- वैज्ञानिक तौर पर बांस, घास की श्रेणी में आता है। लेकिन करीब 90 साल पहले हमारे यहां कानून बनाने वालों ने इसे पेड़ का दर्जा दिया था। इसका नतीजा ये हुआ कि बांस चाहे कहीं भी उगे, उसे काटने के लिए, उसे ट्रांसपोर्ट करने के लिए, परमिट की जरूरत पड़ती थी, मंजूरी चाहिए होती थी। मुझे लगता है, पूरे देश में अगर किसी क्षेत्र के लोगों को सब से ज्यादा नुकसान इस कानून से हुआ तो उत्तर-पूर्व के लोगों का ही नुकसान हुआ। पीएम मोदी ने कहा- अब हम लगभग 1300 करोड़ की लागत राशि से ‘National Bamboo mission’ को रीस्ट्रक्चर कर रहे हैं। उत्तर-पूर्व के लोगों को, खासकर यहां के किसानों को बजट के द्वारा एक और फायदा मिलने जा रहा है।सरकार ने affordable Housing के क्षेत्र में भी ऐसे-ऐसे नीतिगत निर्णय लिए हैं, सुधार किए हैं, जो देश के हर गरीब को घर देने के सरकार के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिछले तीन वर्ष में इस सरकार में लगभग एक करोड़ घर बनाए गए हैं। हमने अभी बजट में ऐलान किया है कि इस वर्ष के साथ-साथ अगले वर्ष भी 51 लाख नए घर बनाए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा- इस वर्ष के बजट में सरकार ने मुद्रा योजना के द्वारा लोगों को स्वरोजगार के लिए 3 लाख करोड़ रुपए कर्ज देने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया, स्किल इंडिया मिशन के माध्यम से भी युवाओं को सशक्त करने का काम ये सरकार कर रही है।सरकार की ऐसी योजनाएं गरीबों को सशक्त कर रही हैं। लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान अगर किसी चीज से होता है, तो वो है भ्रष्टाचार, कालाधन.. दक्षिण एशियाई राष्ट्रों (आसियान) के लिए राज्य को भारत का एक्सप्रेसवे बनाना कार्यक्रम का उद्देश्य है। राज्य में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, जैविक खेती, बांस, हथकरघा, कपड़ा और हस्तशिल्प, अंतर्देशीय जल परिवहन, नदी विकास और रसद जैसे क्षेत्रों की पहचान की गई हैं। भारत के विकास के लिए यह जरुरी है कि उत्तर पूर्व राज्यों को विकसित किया जाए। और उत्तर पूर्वी राज्य से बिना संपर्क स्थापित किए इनका विकास नहीं किया जा सकता है। 'उड़ान' परियोजना के तहत गुवाहाटी, सिलचार और डिब्रूगढ़ को स्पाइस जेट के माध्यम से देश के अन्य भागों से जोड़ा गया है। हम बहुत जल्द ही लखीमपुर को जोरहट को भी इस दिशा में जोड़ेंगे। स्पाइस जेट के सीएमडी अजय सिंह ने कहा।  

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शिव मंत्रि-परिषद् में तीन नये मंत्री

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिलाई शपथ     मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद् में तीन नये सदस्य नियुक्त किये गये हैं। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने इन नये सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने श्री नारायण सिंह कुशवाह को मंत्री एवं श्री बालकृष्ण पाटीदार तथा श्री जालम सिंह पटेल को राज्य मंत्री के पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह ने शपथ ग्रहण समारोह की कार्यवाही का संचालन किया। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष श्री सीतासरन शर्मा, मंत्रि-परिषद् के सदस्य, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद श्री नन्दकुमार सिंह चौहान भी उपस्थित थे।  

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जेटली के बजट में सिर्फ किसान का ध्यान

   वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को संसद में बजट पेश कर दिया। यह केंद्र सरकार का अंतिम पूर्ण बजट था। अपने पिटारे से वित्त मंत्री ने जहां गांव, गरीब, किसान और महिलाओं को फायदे पहुंचाए वहीं नौकरीपेशा और आम आदमी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वित्त मंत्री ने बजट में स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा और कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्वास्थ्य क्षेत्र में दो बड़ी घोषणाएं की है। उन्होंने नेशनल हेल्थ स्कीम के अलावा स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्रों की घोषणा की। नेशनल हेल्थ स्कीम के तहत देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को अस्पतालों में इलाज के लिए 5 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे देश के 50 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे। वहीं यह विश्व का सबसे बड़ा सरकारी वित्त पोषित कार्यक्रम होगा। वहीं 1200 करोड़ रुपए से स्वास्थ्य एवं देखभाल केंद्र विकसित करने की कोशिश की गई है। वित्त मंत्री ने आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया जिससे नौकरीपेशा वर्ग को मायूसी हुई है। हालांकि, उन्होंने स्टैंडर्ड डिडक्शन को फिर से पेश किया गया है और इसके तहत लोगों को मेडिकल खर्चों पर 40 हजार रुपए तक का फायदा हो सकेगा। किसानों को समर्थन मूल्य का तोहफा देते हुए वित्त मंत्री ने खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1.5 गुना कर दिया है। साथ ही 2000 करोड़ रुपए की लागत से कृषि बाजार बनाने का भी प्रावधान भी किया है। कृषि प्रोसेसिंग सेक्टर को 1400 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसके अलावा 500 करोड़ की लागत से ऑपरेशन ग्रीन शुरू किया जाएगा। किसानों को कर्ज के लिए बजट में 11 लाख करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी किया गया है। युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इस साल देश में 70 लाख नए रोजगार पैदा करेगी। महिलाओं के लिए घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने आठ करोड़ गरीब महिलाओं को गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा ईपीएफ में महिलाओं का योगदान 12 से 8 प्रतिशत किया गया है। गांवों पर मेहरबान होते हुए वित्त मंत्री ने आधारभूत ढांचे को विकसित करने के लिए 2018-19 के बजट में सरकार ने 14 लाख करोड़ से ज्यादा का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में 2 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा है वहीं सौभाग्य योजना के तहत बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा 2022 तक हर गरीब को घर देने की योजना भी है। रेलवे को 1.48 लाख करोड़ देने का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पूरे देश की रेल लाइनें ब्रॉडगेज करने के अलावा 2018-19 में 36000 किलोमीटर ट्रैक बदला जाएगा। सभी ट्रेनों में सीसीटीवी और वाईफआई लगेंगे। मुंबई लोकल पर 1100 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे और 90 किलोमीटर पटरी का विस्तार होगा। 25000 से ज्यादा मुसाफिर वाले स्टेशनों पर एस्केलेटर लगेंगे। बेंगलुरू रेलवे नेटवर्क को 17 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। शिक्षा को लेकर घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश में 24 नए मेडिकल खोले जाएंगे वहीं आदिवासियों के लिए एकलव्य स्कूल खोले जाएंगे। प्री-नर्सरी से 12 वीं तक के लिए एक नीति बनेगी। अब तक प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए अलग-अलग नीति होती थी लेकिन अब इसे समग्र रूप से देखना चाहते हैं। केंद्र सरकार स्कूली टीचरों के लिए एकीकृत बीएड कार्यक्रम शुरू करेगी। 18 आईआईटी और एनआईआईटी की घोषणा की गई। कस्टम मंत्री ने बजट में कस्टम ड्यूटी बढ़ाने की घोषणा कर दी है। उन्होंने इसे 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया है जिसके चलते टीवी, मोबाइल के अलावा कई चीजें महंगी हो जाएंगी। साथ ही उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य पर लगने वाला सेस भी 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। लॉन्ग टर्म कैपिटल टैक्स की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि एक लाख रुपए से अधिक दीर्घकालिक पूंजी लाभों पर किसी सूचकांक के बिना 10 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाने का प्रस्ताव करता हूं। लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने 3974 करोड़ का प्रावधान किया है। उन्होंने कॉर्पोर्ट टैक्स को कम करते हुए 250 करोड़ के सालाना टर्नओवर वाले उद्योगों को 25 प्रतिशत के टैक्स के दायरे में रखा है। वरिष्ठ नागरिकों को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने बजट में बैंकों तथा डाकघरों में जमा राशि पर ब्याज में छूट की सीमा को 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया है। साथ ही 80 डी के तहत स्वास्थ्य बीमा या चिकित्सा व्यय के लिए कटौती की सीमा 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है। वित्त मंत्री ने बजट में राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख रुपए, उपराष्ट्रपति का 4.5 लाख रुपए और राज्यपाल का वेतन 3.5 लाक रुपए किए जाने की घोषणा की। सड़क और हवाई यातायात को लेकर घोषणा करते हुए कहा कि भारतमाला परियोजना के अंतर्गत 35 हजार किमी सड़कों के निर्माण को मंजूरी देने की बात कही। साथ ही हवाई अड्डों की क्षमता 5 गुना करने की बात भी कही।

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पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी

  जम्मू संभाग में अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लेकर नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी जारी है। पाकिस्तान कई चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहा है। इसमें एक जवान शहीद हुआ है साथ ही दो और लोगों की मौत हो गई जबकि एक दर्जन के करीब लोग घायल हो गए। इसे मिलाकर अब तक तीन जवानों सहित आठ की मौत हो चुकी है। पैंतीस के करीब लोग घायल हो गए हैं। वहीं अखनूर सेक्टर में भी सभी स्कूलों को बंद कर दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों से लोगों का पलायन जारी है। गोलाबारी में कई जानवर भी मारे गए हैं। पाकिस्तान ने पूरी रात गोलाबारी जार रखी। शनिवार की सुबह अरनिया सेक्टर में कुछ देर के लिए गोलाबारी जरूर थमी लेकिन जैसे ही कुछ लोगों ने गांवों का रुख किया। फिर से गोलाबारी शुरू हो गई। वहीं रामगढ़ सेक्टर में दो लोगों की मौत हो गई। सुबह करीब साढ़े नौ बजे कपूरपुर में पंद्रह साल के किशोर गारा राम निवासी कपूरपुर की मौत हो गई। इसी जगह पर दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं। इसी सेक्टर में दोपहर करीब बार बजे गार सिंह पुत्र खुशविंद्र सिंह की भी गोलाबारी में मौत हो गई। इसमें पांच अन्य लोग घायल भी हो गए। घायलों की पहचान अठारह वर्षीय शीतल, पांच वर्षीय जैमल सिंह, तीस वर्षीय सोनी देवी, चालीस वर्षीय मुंशी राम और बीस साल के विनोद कुमार के रूप में हुई है। पांचों घायल सुचेतगढ़ के रहने वाले हैं। वहीं अखनूर सेक्टर के कानाचक्क में एसएसबी का एक जवान लालू राम पुत्र सिया राम निवासी उत्तर प्रदेश घायल हो गया। कानाचक्क में ही पैंतीस वर्षीय बिल्लु पुत्र मनसा और राधा कृष्ण पुत्र बंसी दास भी घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अखनूर सेक्टर के परगवाल, गडखाल व अन्य क्षेत्रों को सुरक्षा के लिहाज से सील किया गया है। गोलाबारी को देखते हुए किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है। प्रशासन ने इस क्षेत्र में सभी स्कूलों को बंद कर दिया है। वहीं सीमावर्ती क्षेत्रों से लोगों का पलायन जारी है। अरनिया, सई खुर्द, पिंडी चाढ़का, त्रेवा, चक्क गोरिया, चंगिया, चानना, जबोबाल, चक्क् जंदराल, कोटली काजिया सहित कई गांवों से लोगों ने पलायन कर दिया है। इससे पहले शुक्रवार को पाकिस्तान द्वारा किए गए संघर्ष विराम उल्लंघन में 22 नागरिक घायल हो गए थे वहीं भारतीय सेना का एक जवान भी शहीद हुआ था। हालांकि, भारतीय सेना ने इसका करार जवाब दिया था और जवाबी कार्रवाई में सीमा पार भारी नुकसान की सूचना है। पाकिस्तान ने शुक्रवार को 50 से ज्यादा चौकियों व 100 से अधिक गांवों पर जमकर मोर्टार दागे। अंतरराष्ट्रीय सीमा से पुंछ में नियंत्रण रेखा तक 18 सेक्टरों में पाकिस्तान की ओर से की जा रही भारी गोलाबारी से युद्ध जैसे हालात बन गए। इलाके में तनाव का माहौल है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।    

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मध्यप्रदेश की नई राज्यपाल होंगी आनंदीबेन पटेल

  गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल को मध्य प्रदेश का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को उन्हें इस पद पर नियुक्त किया है। जिस दिन वह अपना प्रभार ग्रहण करेंगी उस दिन से उनकी नियुक्ति प्रभावी होगी। इस आशय की जानकारी राष्ट्रपति भवन ने एक ट्वीट में दी है। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से अगस्त 2016 तक 76 वर्षीया पटेल गुजरात की मुख्यमंत्री रही। उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। गुजरात विधानसभा चुनाव में नहीं उतरने के बाद से उन्हें मध्य प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का अनुमान लगाया जा रहा था। अभी गुजरात के राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली के पास ही मध्यप्रदेश के राज्यपाल का भी प्रभार है। आनंदीबेन पटेल मध्यप्रदेश की पूर्णकालिक राज्यपाल होंगी। सितंबर 2016 में रामनरेश यादव का कार्यकाल खत्म होने के बाद से राज्य में पूर्णकालिक राज्यपाल नहीं है। वे 22 मई 2014 से 7 अगस्त 2016 तक मुख्यमंत्री के पद रही। हाल ही के गुजरात विधानसभा चुनाव के समय जब आनंदी बेन ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था तभी से उन्हें मध्यप्रदेश का राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा चल रही थी। आनंदीबेन पटेल का जन्म 21 नवम्बर 1941 को हुआ। वे गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी। वे 1998 से गुजरात की विधायक रही। आनंदी बेन 1987 से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हैं और गुजरात सरकार में सड़क और भवन निर्माण, राजस्व, शहरी विकास और शहरी आवास, आपदा प्रबंधन और वित्त आदि महत्वपूर्ण विभागों की काबीना मंत्री का दायित्व निभा चुकी हैं। वे गुजरात की राजनीति में "लौह महिला" के रूप में जानी जाती हैं। आनंदीबेन को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार (1989),गुजरात में सबसे बेहतर शिक्षक के लिए राज्यपाल पुरस्कार (1988),पटेल जागृति मंडल मुम्बई द्वारा 'सरदार पटेल' पुरस्कार (1999),पटेल समुदाय द्वारा 'पाटीदार शिरोमणि' अलंकरण (2005),महिलाओं के उत्थान अभियान के लिए धरती विकास मंडल द्वारा विशेष सम्मान,महेसाणा जिला स्कूल खेल आयोजन में पहली रैंकिंग के लिए 'बीर वाला' पुरस्कार,श्री तपोधन ब्रह्म विकास मंडल द्वारा 'विद्या गौरव' पुरस्कार (2000),1994 में उन्होंने बिजिंग में चतुर्थ विश्व महिला सम्मेलन में भारत का नेतृत्व किया। नर्मदा नदी स्थित नवगाम जलाशय में डूबती हुई लड़की को बचाने हेतु वीरता पुरस्कार्।चारुमति योद्धा पुरस्कार, अहमदाबाद की विजेता ,अंबुभाई व्यायाम विद्यालय पुरस्कार (राजपिपला) की विजेता।     

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प्रवीण तोगड़िया

अहमदाबाद में  सोमवार को बेहोशी की हालत में मिले वीएचपी नेता प्रवीण तोगड़िया ने मंगलवार को होश में आने के बाद मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान तोगड़िया सोमवार की पूरी घटना को लेकर भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने इस दौरान अपने एनकाउंटर के अलावा अपनी आवाज दबाने की राजनीतिक साजिश का आरोप भी लगाया। उन्होंने मीडिया से कहा कि मैं सालों से हिंदू एकता, राम मंदिर व अन्य मुद्दे उठाता रहा हूं लेकिन पिछले कुछ समय से लगातार मेरी आवाज दबाने का प्रयास होता रहा। सोमवार को भी मेरे एनकाउंटर की खबर मिली जिसके बाद में दफ्तर से निकल गया। तोगड़िया ने पूरी घटना का सिलसिलेवार जिक्र करते हुए कहा कि मेरी आवाज दबाने के क्रम में सेंट्रल आईबी ने मेरे द्वारा तैयार किए गए डॉक्टरों को डराना शुरू किया जिसके बाद मैंने केंद्र सरकार को पत्र लिखा। लेकिन मेरे खिलाफ कई पुराने केस निकालकर डराने का काम शुरू हुआ। सोमवार को पुलिस गिरफ्तारी का काफिला लेकर आई। यह हिंदुओं और मेरी आवाज दबाने की कोशिश का एक हिस्सा है। तोगड़िया आगे बोले कि सोमवार को एक जनसभा को संबोधित करके लौटा और पुलिस को कहा कि 2.30 बजे आओ, लेकिन सुबह जब में पूजा कर रहा था तब एक व्यक्ति मेरे कमरे में आया और कहा कि मेरा एनकाउंटर करने पुलिस निकली है। लेकिन मैंने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस बीच मुझे फोन आया कि राजस्थान पुलिस के 16 थानों की पुलिस का काफिला निकला है। इसके बाद मैं उसी स्थिति मैं बाहर निकला और बाहर खड़े पुलिस वालों को बताकर ऑटो में कार्यकर्ताओं के साथ निकल गया। रास्ते में राजस्थान के मुख्यमंत्री का संपर्क करवाया जिन्होंने इस बात से इन्कार किया और कहा कि पुलिस नहीं गई है। इसके बाद मैं फोन बंद कर एक कार्यकर्ता के घर गया। वहां से मैंने राजस्थान में वकीलों और पुलिस से संपर्क किया। उन्हों ने सलाह दी कि आप गिरफ्तारी की बजाय राजस्थान आकर सरेंडर करें। इसके बाद मैं विमान से राजस्थान निकला लेकिन रास्ते में मुझे दिक्कत हुई जिसके बाद मुझे कुछ भी याद नहीं है। तोगड़िया बोले कि इस तरह के कई और मामले अलग-अलग राज्यों में निकाले जा रहे हैं और मुझे एक जेल से दूसरी जेल में ले जाने की साजिश है ताकि में हिंदुत्व की बात ना कर सकूं। तोगड़िया 11 घंटे लापता रहे और फिर देर रात अहमदाबाद के शाही बाग इलाके में बेहोशी की हालत में मिले। इसके बाद उन्हें नीय चंद्रमणि अस्पताल में भर्ती कराया गया। तोगड़िया का इस हालत में मिलने पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि उन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा हासिल है। तोगड़िया का इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार तोगड़िया को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। लो ब्लड शुगर के कारण वो बेहोश थे और उनका तुरंत इलाज शुरू किया गया। दरअसल पुलिस उन्हें वीएचपी दफ्तर में गिरफ्तार करने के लिए पहुंची थी लेकिन तोगड़िया वहां नहीं मिले जिसके बाद पुलिस खाली हाथ लौटी। पुलिस इस बात पर आश्चर्य जता रही है कि तोगड़िया वीएचपी कार्यालय से 15 किमी दूर कैसे पहुंचे।  

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राहुल  : आदित्‍यनाथ योगी

  गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरक्षनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में पहली बार आ रहे हैं। मै उनको सुझाव दूंगा कि वह देश-दुनिया की बातें छोड़ें और पहले अपने संसदीय क्षेत्र के विकास पर ध्यान दें। सकारात्मक राजनीति करें। संवाददाताओं से बातचीत में योगी बसपा सुप्रीमो मायावती को जन्मदिन की बधाई देना भी नहीं भूले। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को योगी ने नसीहत दी कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़ दें और अपने गुर्गों को लोगों की जान लेने के लिए खुले में विचरण न करने दें। जिस तरह से आजमगढ़ में निर्दोष ग्रामीणों को जहरीली शराब पिलाकर मारा गया है, हरदोई में उनके नेता जहरीली शराब बनाते हुए पकड़े गए हैं और लखनऊ के अंदर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है, यह ठीक नहीं है। आलू को लेकर हो रही सियासत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित के लिए हमारी सरकार ने ढेर सारा काम किया है। अब तक हमारी सरकार ने पिछले नौ महीनों में किसानों को लगभग 80 करोड़ रुपये दिए हैं। चाहे वो कर्जमाफी हो, धान क्रय केंद्र हो, गेहूं हो या गन्ना या फिर विभिन्न प्रकार की सब्सिडी देने की बात हो। अकेले उत्तर प्रदेश सरकार ने 80 हजार करोड़ की राशि किसानों में वितरित की है। आलू किसानों के लिए पिछली बार हम लोगों ने एक पॉलिसी तैयार की थी। इस बार फिर हम लोग तैयार हैं। आलू किसान अगर परेशान हैं तो इसके लिए सपा और बसपा जिम्मेदार हैं। उन्होंने अपने शासन के 15 वषोर् में किसानों के हित के लिए कुछ नहीं किया। हमने तो एक कमेटी फिर से गठित की है, जिससे किसानों के बारे में कोई ठोस कार्ययोजना बन सके।    

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पद्मावत देखने यूपी जाइए

  संजयलीला भंसाली ने भले ही विवादों में फंसी अपनी फिल्म 'पद्मावती' का नाम बदलकर 'पद्मावत' कर दिया हो, लेकिन विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। दीपिका पादूकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर इस फिल्म को मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात में बैन कर दिया गया है। हालांकि यूपी में यह फिल्म जरूर रिलीज हो सकती है। योगी आदित्यनाथ सरकार फिल्म पर बैन लगाने के मूड में नहीं है, क्योंकि सेंसर बोर्ड के निर्देश के बाद जरूरी बदलाव किए जा चुके हैं। हालांकि अभी यूपी सरकार की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है। मालूम हो, यह फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होना है। इस बीच, करणी सेना ने एक बार फिर इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। करणी सेना के राष्ट्रीय संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी ने मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने कहा है कि लाखों लोगों के बलिदान पर फिल्म के निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली को कालिख पोतने नहीं दिया जा सकता है। अगर यह फिल्म रिलीज हुई तो सिनेमा हाल के बाहर कर्फ्यू जैसे हालात होंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि यह विरोध प्रदर्शन होगा या कुछ और। मध्यप्रदेश में फिल्म रिलीज को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कर दिया है कि 'जो मैंने पहले कहा था उस पर आज भी कायम हूं।" उल्लेखनीय है कि सीएम हाउस में 20 नवंबर को आयोजित राजपूत समाज के एक कार्यक्रम में समाज के आक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मप्र के सिनेमाघरों में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की घोषणा की थी। राजस्थान में हाईकोर्ट की दखल राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता की कोर्ट ने 23 जनवरी से पहले कोर्ट के समक्ष फिल्म को प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट भंसाली और अन्य के खिलाफ हुए मुकदमों को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। संजय लीला भंसाली, रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण के खिलाफ आइपीसी की धारा-153 ए और 295- ए में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसे रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता के वकील निशांत बोड़ा ने कोर्ट में तर्क दिया कि न तो फिल्म प्रदर्शित हुई है और न ही इसका ट्रेलर रिलीज हुआ है। वहीं, मुंबई पुलिस चाहती है कि फिल्म "पद्मावत" की रिलीज 25 जनवरी को न हो। पुलिस ने महाराष्ट्र सरकार को भेजी रिपोर्ट में 25 जनवरी को संजय लीला भंसाली की इस फिल्म की रिलीज की मंजूरी न देने की पैरवी की है। इस रिपोर्ट पर अभी महाराष्ट्र सरकार को अंतिम फैसला लेना है।  

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CJI से मिले पीएम के प्रमुख सचिव

  सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा फ्रेस कॉन्फ्रेस कर न्यायपालिका की स्थिति को लेकर उठाए गए सवालों के बाद अब इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। खबरों के अनुसार पीएम मोदी के प्रमुख सचिव ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से उनके आवास पर मुलाकात की है वहीं बार एसोसिएशन ने भी बैठक बुलाई है। खबरों के अनुसार एसोसिएशन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर बैठक करेगा और इसके बाद मीडिया को संबोधित भी किया जा सकता है। वहीं चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा भी सुप्रीम कोर्ट के जजों से मुलाकात कर अपना पक्ष रख सकते हैं। माना जा रहा है कि आज की इन कवायदों के बाद विवाद सुलझ सकता है। जजों के मतभेद का मामला जल्‍द सुलझ जाएगा: अटॉर्नी जनरल अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने समाचार एजेंसी को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के जजों से जुड़ा मामला कल सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'आज की प्रेस कांफ्रेस को टाला जा सकता था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों के पास अपार अनुभव और जानकारी है। मुझे पूरा यकीन है की इस पूरे मसले को कल सुलझा लिया जाएगा।' बता दें कि एक अभूतपूर्व घटना में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआइ) दीपक मिश्रा के खिलाफ सार्वजनिक मोर्चा खोल दिया। आगाह किया कि संस्थान में सब कुछ ठीक नहीं है। स्थिति नहीं बदली तो संस्थान के साथ साथ लोकतंत्र भी खतरे में है। मीडिया के सामने आने के न्यायाधीशों के चौंकाने वाले फैसले ने न सिर्फ आंतरिक कलह को खोलकर सामने रख दिया है, बल्कि कानूनविदों को भी खेमे में बांट दिया।

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अच्छे बजट का अनुमान

  केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आयकर छूट सीमा को मौजूदा ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर सकती है और मौजूदा टैक्स स्लैबों में भी बदलाव होने की संभावना है। साथ ही कारपोरेट टैक्स की दरें घटाने की दिशा में कदम उठाकर सरकार उद्योगों को उपहार भी दे सकती है। मोदी सरकार का यह आखिरी पूर्ण बजट होगा। सूत्रों ने कहा कि प्रत्यक्ष कर व्यवस्था में सुधार सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर हैं। वित्त मंत्रालय एक समूह का गठन कर इस दिशा में पहले ही कदम उठा चुका है। इसका उद्देश्य आम लोगों खासकर मध्यम वर्ग और कारोबार जगत को राहत देना है। वित्त मंत्री अरुण जेटली एक फरवरी 2018 को आम बजट पेश करेंगे। सूत्रों ने कहा कि मध्यम वर्ग को कर राहत देने के जिन विकल्पों पर विचार हो रहा है उनमें सबसे प्रमुख आयकर की दरें कम करने के संबंध में है। सरकार कर की दरें कम कर टैक्स के बोझ से राहत दे सकती है। चालू वित्त वर्ष के आम बजट में भी पांच लाख रुपये से कम आय पर दस प्रतिशत टैक्स की दर को घटाकर पांच प्रतिशत करके किया गया था। हालांकि दूसरा विकल्प टैक्स से छूट की मौजूदा सीमा को बढ़ाकर राहत देने का है। फिलहाल ढाई लाख रुपये तक की सालाना आय करमुक्त है। इसे बढ़ाकर तीन लाख रुपये या इससे अधिक करने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। बहरहाल सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार आयकर स्लैब में भी बदलाव कर सकती है। दरअसल स्लैब में बदलाव के प्रस्ताव के पीछे दलील यह है कि बढ़ती महंगाई से राहत दिलाने के लिए यह जरूरी है। पांच से दस लाख रुपये के स्लैब में टैक्स की दर घटाकर 10 फीसद की जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि दस लाख रुपये से 20 लाख रुपये के बीच एक नया स्लैब बनाया जा सकता है। इसमें दर 20 फीसद होगी। इससे ऊपर के स्लैब में 30 फीसद टैक्स होगा। फिलहाल व्यक्तिगत आयकर की चार स्लैब हैं। पहली स्लैब ढाई लाख रुपये से कम है जिस पर शून्य आयकर है। दूसरी स्लैब ढाई से पांच लाख रुपये है जिस पर पांच प्रतिशत आयकर है। तीसरी स्लैब पांच से दस लाख रुपये है जिस पर 20 प्रतिशत टैक्स है और चौथी स्लैब दस लाख रुपये से अधिक की है जिस पर 30 प्रतिशत टैक्स है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने नवंबर में ही छह सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन प्रत्यक्ष करों में बदलाव पर विचार के लिए किया है। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि आयकर और कॉरपोरेट टैक्स के संबंध में जो भी बदलाव आगामी बजट में होंगे, वे प्रत्यक्ष कर प्रणाली में बदलाव की दिशा और दशा तय करेंगे। सूत्रों ने कहा कि वित्त मंत्री कारपोरेट रेट टैक्स में कटौती की पूर्व घोषणा पर भी इस बजट में अमल कर सकते हैं। दरअसल नोटबंदी और जीएसटी के प्रभाव के चलते उद्योग जगत की सुस्ती को दूर करने के लिए प्रोत्साहन की दरकार है। ऐसे में सरकार कारपोरेट टैक्स की वर्तमान दर 30 प्रतिशत को नीचे लाने की दिशा में कदम उठाकर इस संबंध में प्रयास कर सकती है। इससे उद्योग जगत को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि चालू वित्त वर्ष में जीएसटी के क्रियान्वयन के बाद सरकार के राजस्व में अपेक्षानुरूप वृद्धि नहीं हुई है, ऐसे में राजकोषीय घाटे को काबू रखने की जरूरत के बीच सरकार के हाथ बंधे होंगे।    

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चारा घोटाला : में लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा, 5 लाख जुर्माना

    रांची  में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू यादव अलावा राजेंद्र प्रसाद, सुनील सिन्हा, सुशील कुमार समेत 6 दोषियों को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने लालू पर 5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है जिसे ना भरने पर सजा 6 महीने के लिए बढ़ा दी जाएगी। कोर्ट ने लालू को यह सजा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई। खबरों के अनुसार कोर्ट ने घोटाले में सप्लायर्स को सात साल की सजा सुनाई है वहीं आईएएस और ट्रेजरी अधिकारियों को भी साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना लगया गया है। साढे़ तीन साल की सजा होने पर अब लालू यादव को हाईकोर्ट से ही जमानत मिल पाएगी। अगर सजा तीन साल से कम होती तो उन्हें तत्काल जमानत मिल जाती। इसके पहले शुक्रवार को अदालत ने लालू यादव और पूर्व सांसद डॉ.आरके राणा सहित पांच दोषियों के खिलाफ सजा के बिंदु पर सुनवाई शुक्रवार को पूरी हो गई। इसके पहले दोषी करार पांच अन्य की सुनवाई गुरुवार को पूरी हो चुकी है। अब बचे छह दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई शनिवार को होगी। इसके बाद अदालत इन्हें सजा सुनाएगी। सभी अभियुक्त बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में बंद हैं। दोषी करार जिन अभियुक्तों की ओर से शुक्रवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में सुनवाई हुई, उनमें लालू प्रसाद और राणा के अलावा फूलचंद सिंह, राजा राम जोशी व महेश प्रसाद शामिल हैं। कार्यवाही वीडियो कांफ्रेंसिंग ई-कोर्ट रूम से संचालित हुई। सुनवाई के दौरान महेश प्रसाद को छोड़ अन्य अभियुक्तों को बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। पेशी के दौरान लालू खामोश थे। कार्यवाही को गंभीरता से सुनने की कोशिश कर रहे थे। चेहरे का भाव सामान्य था। अभियुक्तों की ओर से उनके अधिवक्ता ने बहस की। स्वास्थ्य सहित अन्य व्यक्तिगत समस्या, ज्यादा उम्र, करीब 20 वर्षों से मुकदमा लड़ने को लेकर कम से कम सजा की अपील न्यायालय से की। वहीं सीबीआइ की ओर से वरीय विशेष लोक अभियोजक राकेश प्रसाद ने अधिक सजा की दलील दी। उन्होंने अपराध की प्रवृत्ति को देखते हुए कानून के प्रावधान के आधार पर अधिक से अधिक सजा देने की अपील न्यायालय से की। उल्लेखनीय है कि चारा घोटाले में 16 अभियुक्तों को अदालत ने 23 दिसंबर, 2016 को दोषी करार दिया था। इसके बाद सभी को न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल भेजा गया था। अदालत तीन जनवरी से सजा के बिंदु पर सुनवाई कर रही है। अभियुक्तों के नाम को अल्फाबेटिकल बांटकर सुनवाई हो रही है। यह मामला देवघर कोषागार से 89.04 लाख रुपये अवैध निकासी से संबंधित है।    

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टाइगर 300 करोड़ से चंद कदम दूर

 'टाइगर जिंदा है' का तीसरा शुक्रवार बढ़िया रहा। रिलीज के इतने दिन बाद भी अगर कोई फिल्म 3.72 करोड़ रुपए कमा पाती है तो बड़ी बात है। सलमान की इस फिल्म को सिनेमाघर में दो हफ्ते हो गए हैं। दूसरे हफ्ते में इसका धंधा पहले हफ्ते के मुकाबले लगभग 60 फीसद कम हुआ है। तीसरे हफ्ते की शुरुआत अच्छी मानी जा सकती है। अभी इसकी जेब में 295.27 करोड़ रुपए हैं। कहा जा रहा है कि संडे तक आसानी से ये फिल्म 300 करोड़ पार कर लेगी। सलमान की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म 'बजरंगी भाईजान' है, इसने 320 करोड़ रुपए भारत में कमाए थे। सलमान की 'सुल्तान' भी 300.45 करोड़ रुपए कमा चुकी है। यह फिल्म कमाई के मामले में 2017 की टॉप मूवी है। इसके आगे बस एक डब्ड फिल्म 'बाहुबली 2' है। इसने 'गोलमाल अगेन' की कमाई 205.67 करोड़ को पीछे किया है। लाइफ टाइम कलेक्शन की बात करें तो यह फिल्म 310 करोड़ का आंकड़ा आसानी से देख सकती है। आने वाले हफ्ते तक कोई खास फिल्म रिलीज नहीं होने वाली है इसलिए इसे कमाने का भरपूर मौका मिलने वाला है। अरसे बाद लोग अपने प्रिय सितारे को 'दबंग' अंदाज में यानी खूब मार-कूट करता हुआ देख रहे हैं। 2012 में आई 'एक था टाइगर' का ये सीक्वल है। इस बार इस फ्रेंचाइज में एक्शन को जोर है। बता दें कि इसके ट्रेलर को दो दिन तक लगभग सात लाख व्यूज हर घंटे मिले थे। इस बार सलमान खान का मिशन है आतंकियों के कब्जे से भारतीय नर्सों को आजाद कराना। साथ में कटरीना भी है। जनवरी में इस फिल्म शूटिंग शुरू हो गई थी। फिल्म के निर्देशक अली अब्बास जफर ने इसका काम उत्तरी अफ्रीका के मोरक्को शहर से शुरू किया था। 'एक था टाइगर' में निर्देशन का जिम्मा कबीर खान के पास था।  

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  देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने कहा है कि वह बचत खाते में मिनिमम बैलेंस की राशि और इस नियम के उल्लंघन पर लगने वाली पेनाल्टी में संशोधन करने के बारे में विचार कर रहा है। खाते में न्यूनतम मासिक औसत बैलेंस कम होने पर ग्राहकों पर जुर्माना लगाकर 1771 करोड़ रुपये की कमाई करने की चौतरफा आलोचना होने के कारण बैंक इस नियम में संशोधन करने को मजबूर हुआ है। भारतीय स्टेट बैंक के बचत खाताधारकों की संख्या करीब 40 करोड़ है। उसने अप्रैल 2017 में मिनिमम मासिक बैलेंस चार्ज पांच साल के बाद दुबारा लगाया था। बैंक ने शहरों की शाखाओं में बैंक खाते में 5000 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 रुपये न्यूनतम बैलेंस का नियम लागू किया था। खाते में राशि कम होने पर बैंक चार्ज लगाता है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस नियम को लागू करने से बैंक ने अप्रैल से नवंबर के बीच 1771.67 करोड़ रुपये की कमाई की जो उसके दूसरी तिमाही के शुद्ध मुनाफे से भी ज्यादा है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर (रिटेल व डिजिटल बैंकिंग) पी. के. गुप्ता ने संवाददाताओं को बताया कि मासिक औसत बैलेंस की समीक्षा हमारे लिए निरंतर प्रक्रिया है। अप्रैल में हमने इसे लागू किया था। इसके बाद अक्टूबर में इसमें कुछ कमी की गई थी। हम इसकी दुबारा समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहकों और आम लोगों से मिले फीडबैक के आधार पर बैंक न्यूनतम बैलेंस और उस पर लगने वाली पेनाल्टी की विस्तृत समीक्षा कर रहा है। जल्दी ही हम इसकी घोषणा करेंगे। इस समय शहरों में न्यूनतम बैलेंस 3000 रुपये है। बैलेंस कम होने पर पेनाल्टी 30 से 50 रुपये (कर अतिरिक्त) लगती है। अर्धशहरी क्षेत्रों के लिए 2000 रुपये और ग्र्रामीण क्षेत्र की शाखाओं के लिए 1000 रुपये न्यूनतम बैलेंस है और इस पर जुर्माना 20 से 40 रुपये के बीच लगता है। पहले उसने जुर्माना 50 से 100 रुपये से वसूला जा रहा था। अक्टूबर में बैलेंस और जुर्माने में कटौती की गई थी। न्यूनतम बैलेंस और इस पर जुर्माने का बचाव करते हुए बैंक ने कहा था कि उसे शहरों में 3000 रुपये मासिक बैलेंस रहने पर हर महीने सिर्फ छह रुपये और गांवों में 1000 रुपये बैलेंस रहने पर सिर्फ दो रुपये की आय होती है। यह राशि उसके द्वारा दी जा रही सेवाओं की लागत की तुलना में बहुत कम है।    

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तीन तलाक बिल पर राज्यसभा स्‍थगित, हंगामे में नहीं हो सकी चर्चा

  एक साथ तीन तलाक विधेयक पर सियासी घमासान गुरुवार को राज्यसभा में लगातार दूसरे दिन जारी रहा। विपक्ष बिल को प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) में भेजने पर अड़ा रहा, तो सरकार ने भी इस मांग के आगे झुकने से इन्कार कर दिया। इस सियासी रस्साकशी में बिल के शीत सत्र में पारित होने की अब कोई गुंजाइश नहीं दिख रही। सरकार ने विपक्ष पर फिर इसकी राह रोकने का आरोप लगाया है। राज्यसभा में नेता सदन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तत्काल तलाक बिल को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग को इसे लटकाने का प्रयास करार दिया। उनका कहना था कि विपक्ष ने प्रवर समिति के लिए जिन सांसदों को आगे किया है, वे वास्तव में इस बिल को खत्म करना चाहते हैं। इतना ही नहीं प्रवर समिति के लिए विपक्ष का संशोधन 24 घंटे पहले नहीं आया। नियम के हिसाब से यह वैध नहीं है। प्रवर समिति के लिए सुझाए सदस्यों के नाम पूरे सदन के स्वरूप का प्रतिनिधित्व नहीं करते। वित्त मंत्री ने कहा कि विपक्ष ने इसे लटकाना पहले से तय कर रखा है। इसीलिए सरकार इसे प्रवर समिति में भेजने को तैयार नहीं है। राज्यसभा में यह मसला दूसरे दिन तब आया जब अर्थव्यवस्था पर अल्पकालिक चर्चा के बाद जीएसटी बिल पर बहस शुरू हो रही थी। सपा के नरेश अग्रवाल समेत विपक्ष के तमाम सदस्यों ने उपसभापति पीजे कुरियन से विपक्ष के दोनों वैध संशोधनों पर मतविभाजन की मांग पर फैसला देने को कहा। विपक्ष का कहना था कि पहले इस मुद्दे का निपटारा हो, तब जीएसटी बिल लिया जाए। सरकार ने गुरुवार को एजेंडे में तत्काल तलाक को जीएसटी के बाद रखा था। नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने जेटली के आरोपों पर कहा कि यह गलत प्रचार फैलाया जा रहा कि कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष तत्काल तलाक बिल के खिलाफ है। हमारी आपत्ति केवल इस पर है कि एक साथ तीन तलाक पर पति जेल जाएगा, तब उस दौरान पत्नी का गुजारा कौन चलाएगा। इस बिल के जरिये सरकार ने मुस्लिम औरतों को खत्म करने का प्रबंध कर दिया है। इसलिए हमारा आग्रह है कि गुजारे की व्यवस्था कर दीजिए। हमें बिल पर कोई एतराज नहीं है। अपने-अपने तर्कों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई। इस दौरान सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति इरानी ने कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष पर मुस्लिम महिलाओं को हक से वंचित करने का आरोप लगाया। तो तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन ने कहा कि सरकार एक साथ तीन तलाक पर राजनीति कर रही है और हक दिलाने का दिखावा कर रही। उपसभापति ने कहा कि बेशक तृणमूल के सुखेंदु शेखर राय और कांग्रेस के आनंद शर्मा का प्रस्ताव वैध है। सभापति ने भी इसे स्वीकार कर लिया है। लेकिन, सरकार के एजेंडे में जीएसटी बिल पहले है। इसके बाद ही तत्काल तलाक का बिल लिया जाएगा। मगर शाम साढ़े पांचे बजे पूरी हुई चर्चा के बाद विपक्ष तत्काल तलाक को पहले लेने पर अड़ा रहा। इसी तकरार में सदन को करीब पौने छह बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।  

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 और स्मार्ट बनेगा आपका मोबाइल

  आपका चेहरा देखकर काम करना शुरू कर देता है। सुबह-शाम आपको याद दिलाता है कि सेहत सही रखने के लिए कितने कदम पैदल चलने की जरूरत है। कभी दवा की याद दिलाता है तो कभी आपकी एक आवाज सुनकर आपके सवालों के जवाब खोजता है। ये सब किसी दोस्त की नहीं बल्कि आपके स्मार्टफोन की उन खूबियों की झलक है, जिसकी नींव इस गुजरते साल में रखी गई है। इन खूबियों की इमारत नए साल में तैयार होगी। 2017 में स्मार्टफोन सिर्फ कॉल करने या ई-मेल चेक करने से कहीं आगे के सहयोगी बनकर सामने आए। इस दौरान स्मार्टफोन में डुअल कैमरा और मैराथन बैटरी लाइफ पर कंपनियों का फोकस रहा। दुनियाभर की अग्रणी स्मार्टफोन कंपनियों ने अच्छे से अच्छा कैमरा देने और देर तक चलने वाली बैटरी पर ध्यान जमाया। चीन के ओप्पो और वीवो जैसे ब्रांड अपने सेल्फी कैमरे को लेकर ही लोगों की पसंद में शुमार हुए। सैमसंग और ऐपल ने भी अपने मॉडल्स में एचडी और डुअल रियर कैमरा जैसे फीचर दिए। किसी समय छोटे फोन का क्रेज बदलकर पूरी तरह से बड़े डिस्प्ले वाले हल्के फोन की ओर हो गया। कंपनियां स्क्रीन-डिस्प्ले अनुपात भी सुधारने में लगी हैं। इसी के साथ उनकी कोशिश है कि फोन को इतनी खूबियों से लैस कर दिया जाए कि आपको किसी दोस्त की तरह इनकी जरूरत महसूस हो। लेनोवो इंडिया मोबाइल बिजनेस ग्रुप के कंपनी हेड सुधीन माथुर का कहना है कि विशेषताएं और कीमत केवल एक पहलू है। अब कंपनियां उपभोक्ता के अनुभव पर ध्यान दे रही हैं। कंपनियों का फोकस इस बात पर है कि फोन को लोग अपने साथी जैसा अनुभव करें। सॉफ्टवेयर में तरह-तरह के अपडेट की मदद से फोन को ज्यादा से ज्यादा मददगार बनाने की कोशिश हो रही है। 2018 स्मार्टफोन में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल का भी साल बनेगा। गूगल ने अपने एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर बोलकर सर्च करने की सुविधा दी है। तमाम स्मार्टफोन मैन्यूफैक्चर्स इस तकनीक को और उन्नत करने की दिशा में काम रहे हैं। आने वाले दिनों में आपका फोन आपको किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा भी अनुभव दे सकता है। विभिन्न ऐप की मदद से आपके कदमों की गिनती और दवा का शेड्यूल याद रखने जैसे काम भी स्मार्टफोन बखूबी करता दिखाई देगा। इन खूबियों की शुरुआती झलक 2017 में दिख चुकी है। नए साल में स्मार्टफोन में सबसे महत्वपूर्ण फीचर दिखेगा चेहरा पहचानने का। इस दिशा में फेस रिकॉग्निशन के नाम से शुरुआत दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग ने गैलेक्सी नोट-7 से की थी। इसमें पुतलियों की स्कैनिंग का तरीका अपनाया गया था। इसमें सबसे बड़ी समस्या थी कि फोन अनलॉक करने के लिए चेहरे को खास तरीके से कैमरे के सामने करना होता था। अब अमेरिकी कंपनी ऐपल ने इससे आगे बढ़ते हुए फेस आईडी की तकनीक पेश कर दी है। यह तकनीक पूरे चेहरे की स्कैनिंग करती है। इसमें फोन यूजर के पूरे चेहरे का बारीकी से नक्शा तैयार करता है। इससे यह तकनीक ज्यादा सुरक्षित और आसान बन जाती है। ऐपल के आइफोन एक्स में यह फीचर दिया गया है। नए साल में कंपनियां इस दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं।  

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 नितिन पटेल की नाराजगी दूर हुई, संभाला पदभार

गुजरात में भाजपा की सरकार बनने के बाद विभागों के बंटवारे को लेकर मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी और उप मुख्‍यमंत्री नितिन पटेल के बीच मतभेद की अटकलें थीं। मगर अब लगता है सब कुछ ठीक हो गया है। उन्‍होंने आज अपना पदभार संभाल लिया। बताया जा रहा है कि भाजपा राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह के फोन आने के बाद नितिन पटेल की नाराजगी दूर हुई है। अमित शाह ने उनकी मांगों पर विचार करने का आश्‍वासन दिया है। उनके फोन आने के कुछ देर बाद ही नितिन पटेल पदभार संभालने गांधीनगर पहुंचे। मीडिया से बात करते हुए नितिन पटेल ने कहा कि अमित शाह ने मुझ पर भरोसा जताया है, इसलिए मैंने पदभार संभाल लिया है। मैंने सुबह कैबिनेट की बैठक में मुख्‍यमंत्री रूपाणी के साथ हिस्सा भी लिया। नितिन पटेल ने स्‍पष्‍ट रूप से यह भी कहा, मैं कोई महत्वपूर्ण मंत्रालय नहीं चाहता था। मेरी बस यही इच्छा थी कि मैं जिन मंत्रालयों को पहले से देख रहा था, वो मुझे फिर से दे दिए जाए। मैंने 40 साल से भाजपा कार्यकर्ता के तौर पर काम किया है। मेरे योगदान को देखते हुए ही पार्टी ने मुझे उप मुख्‍यमंत्री बनाया है। मैं पार्टी छोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकता। हार्दिक पटेल के प्रस्ताव पर नितिन पटेल ने कहा, कांग्रेस कई मामलों में राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है। कांग्रेस की ओर से जो प्रस्ताव दिया गया है, मैं उस पर कभी विचार भी नहीं कर सकता हूं। गौरतलब है कि शनिवार को पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कहा था कि अगर नितिन पटेल अपने साथ 10 भाजपा कार्यकर्ताओं को साथ ला साकते हैं तो उन्‍हें कांग्रेस पार्टी में शामिल हो जाना चाहिए। इस प्रस्‍ताव को लेकर भाजपा ने हार्दिक पटेल को खूब खरी-खरी भी सुनाई है।  

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 टॉम हैंक्स की फिल्म

  हॉलीवुड मेगा स्टार टॉम हैंक्स और मेरिल स्ट्रीप की फिल्म 'द पोस्ट' भारत में 12 जनवरी को रिलीज की जाएगी। निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग फिल्म को दिसंबर में रिलीज करना चाहते थे लेकिन 'टाइगर जिंदा है' और 'पद्मावती' रिलीज होने वाली थी और वे इन फिल्मों ये टकराव नहीं चाहते थे। हालांकि विवादों के कारण पद्मावती रिलीज नहीं हो पाई थी। ये पहली बार है जब इस फिल्म में टॉम हैंक्स, मेरिल स्ट्रीप और स्टीवन स्पीलबर्ग एक दूसरे के साथ काम कर रहे हैं. 'द पोस्ट' साल 1971 में पेंटागन पेपर्स के नाम से अमेरिका में हुए बड़े खुलासे की सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है। अमेरिकी अखबार 'द वाशिंगटन पोस्ट' की संपादक कैथरीन ग्राहम ने अमेरिकी सरकार के 10 मिलियन डॉलर के घोटाले को सबके सामने ला दिया था और इसे रोकने के लिए सरकार ने उनके पेपर के वितरण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी सरकार से लोहा लेते हुए कैथरीन ने अपने साथी संपादक को इस खबर को छापने के लिए कहा था। फिल्म में कैथरीन का किरदार (मेरिल स्ट्रीप) और संपादक के किरदार में टॉम हैंक्स नजर आएंगे।फिल्म की रिलीज से पहले ही छह गोल्डन ग्लोब नामांकन मिल चुके थे।  

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कमला मिल्‍स अग्निकांड:दो दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत

मुंबई के  कमला मिल्‍स कम्‍पाउंड के अलग-अलग दो रेस्टोरेंट में लगी आग में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। ज्यादातर मरने वालों और जले हुए लोगों को मुंबई के केईएम मेमोरियल हॉस्पिटल में लाया गया था। कॉर्बन मोनो-अॉक्साइड बनी मौत की वजह- उस वक्त अस्पताल में मौजूद हॉस्पिटल के डीन डॉक्टर अविनाश सुपे का इस पर बयान आया है। डॉक्टर सुपे ने बताया कि कमला मिल्स कंपाउंड में चल रहे रेस्टोरेंट में लगी आग के बाद 12 जख्मी लोगों के अलावा 14 शव भी उनके अस्पताल में पहुंचे थे। इनके पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट से ये बात सामने आई कि ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने और कॉर्बन मोनो-ऑक्साइड की वजह से हुई। गुरुवार देर रात लगी कमला मिल्स कंपाउंड में आग- गौरतलब है कि बीती रात 12:30 बजे के करीब कमला मिल्स कंपाउंड के दो रेस्टोरेंट में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया। दमकल और वाटर टैंक को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दो घंटे से भी ज्यादा समय आग को बुझाने में लग गया। बताया जा रहा है कि जिस वक्त आग लगी, उस दौरान करीब 50 लोग रेस्टोरेंट में मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फणनवीस, कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी समेत कई राजनीति हस्तियों ने इस हादसे पर शोक जताया है।  

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कमला मिल्‍स अग्निकांड:दो दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत

मुंबई के  कमला मिल्‍स कम्‍पाउंड के अलग-अलग दो रेस्टोरेंट में लगी आग में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। ज्यादातर मरने वालों और जले हुए लोगों को मुंबई के केईएम मेमोरियल हॉस्पिटल में लाया गया था। कॉर्बन मोनो-अॉक्साइड बनी मौत की वजह- उस वक्त अस्पताल में मौजूद हॉस्पिटल के डीन डॉक्टर अविनाश सुपे का इस पर बयान आया है। डॉक्टर सुपे ने बताया कि कमला मिल्स कंपाउंड में चल रहे रेस्टोरेंट में लगी आग के बाद 12 जख्मी लोगों के अलावा 14 शव भी उनके अस्पताल में पहुंचे थे। इनके पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट से ये बात सामने आई कि ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने और कॉर्बन मोनो-ऑक्साइड की वजह से हुई। गुरुवार देर रात लगी कमला मिल्स कंपाउंड में आग- गौरतलब है कि बीती रात 12:30 बजे के करीब कमला मिल्स कंपाउंड के दो रेस्टोरेंट में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया। दमकल और वाटर टैंक को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दो घंटे से भी ज्यादा समय आग को बुझाने में लग गया। बताया जा रहा है कि जिस वक्त आग लगी, उस दौरान करीब 50 लोग रेस्टोरेंट में मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फणनवीस, कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी समेत कई राजनीति हस्तियों ने इस हादसे पर शोक जताया है।  

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तीन तलाक बिल लोकसभा में पास

  तीन तलाक का बिल लोकसभा से पारित हो गया है। यह बिल बिना किसी संशोधन के पारित किया गया। सारे संशोधन खारिज किए गए। लोकसभा से अब यह बिल राज्‍यसभा में जाएगा। शीतकालीन सत्र में गुरुवार को सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को राहत देने वाला तीन तलाक पर बिल लोकसभा में पेश कर दिया। बिल पेश होते ही विपक्ष के सासंदों ने इसका विरोध किया वहीं कांग्रेस ने इस बिल का समर्थन किया है लेकिन कुछ शर्तों के साथ। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम इस बिल का समर्थन करेंगे लेकिन इसमें कुछ मुद्दे हैं जिन्हें ठीक किया जाना है। हम बैठकर इस मुद्दे पर बात कर लेंगे। इस पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बिल का समर्थन करने के लिए कांग्रेस का धन्यवाद और उनकी जो भी बातें हैं वो सुनकर बिल में जरूरी हुआ तो सुधार किया जाएगा। इससे पहले बिल पेश होते ही विपक्ष का कहना था कि इस बिल में तीन तलाक पर सजा के चलते परिवार प्रभावित होंगे। वहीं दूसरी तरफ खबर है कि कांग्रेस संसद में इस बिल का समर्थन कर सकती है लेकिन वो भी बिल में आपराधिक मामला दर्ज करने की बात को उठाएगी। इससे पहले सदन में बिल आते ही लोकसभा सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसका विरोध किया। ओवैसी ने इस बिल को महिला विरोधी करार देते हुए कहा कि यह बिल मूलभूत अधिकारों का हनन करता है साथ ही इसमें कई कानूनी खामियां भी हैं। वही इससे पहले बिल पेश करते हुए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कि पीएम मोदी के रहते किसी मुस्लिम महिला के साथ अन्याय नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कानून बनाने को कहा था और उसी के आदेश का पालन हो रहा है। वहीं उन्होंने बिल का विरोध होने पर कहा कि जो लोग मानव अधिकारों की बात करते हैं वो बताएं की तीन तलाक की पीड़ित महिलाओं के मानव अधिकार नहीं है क्या। बता दें कि सदन में पेश हुए बिल के मुताबिक किसी भी तरीके से एक बार में दिया गया तीन तलाक अवैध तथा शून्य होगा और उसके लिए पति को तीन साल की सजा होगी। केंद्रीय कैबिनेट ने बिल को मंजूरी दे दी है। लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बिल का विरोध करते हुए उसे वापस लेने या रोकने की मांग की है। बोर्ड ने बिल को असंवैधानिक तथा महिला विरोधी करार दिया है। सत्तारूढ़ दल भाजपा ने लोकसभा में ट्रिपल तलाक का बिल पारित कराने के लिए अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। बिल पेश होने के पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने सभी विपक्षी दलों से गुरुवार को संसद में ध्वनि मत से तीन तलाक विधेयक पारित कराने की अपील की है। संसद भवन के बाहर पत्रकारों से चर्चा में अनंत कुमार ने कहा कि विधेयक गुरुवार को संसद में पेश किया जाना है। अब तक संसद की कार्यवाही में मनमोहन सिंह के खिलाफ पीएम मोदी की टिप्पणी को लेकर बाधा डाली जा रही थी।  

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समाजसेवी अन्ना हजारे

संभल में  समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि आगामी 23 मार्च से दिल्ली में होने वाला आंदोलन उनके जीवन का अंतिम आंदोलन होगा। सरकार को सभी मांगें पूरी करनी होंगी अन्यथा अनशन में बैठे-बैठे प्राण त्याग दूंगा। अनशन खत्म नहीं होगा। उन्होंने कांग्र्रेस व केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। नगर पालिका मैदान में किसान सम्मेलन में उन्होंने कहा कि भारत को आजाद हुए 70 वर्ष हो गए, लेकिन आज भी देश के हालात पहले जैसे हैं। सम्मेलन के बाद प्रेसवार्ता में कहा कि भाजपा कांग्रेस से ज्यादा खतरनाक है। इससे लोकतंत्र को खतरा है। केंद्र सरकार के अभी तक के कार्य समाज हित में नहीं हैं। किसानों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा और उद्योगपतियों को बढ़ाने के प्रयास में सरकार जुटी है, लेकिन अब सरकार के इस खेल को खत्म करना होगा। इसके लिए पूरा देश मेरे साथ 23 मार्च से दिल्ली के रामलीला मैदान में देश का दूसरा सबसे बड़ा आंदोलन करने जा रहा है।यह मेरे जीवन की अंतिम लड़ाई होगी। देश के किसानों को कर्ज मुक्त बनाने और लोकपाल बिल पारित कराने की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि कि जब पहले लोकपाल बिल के लिए देश में आंदोलन हुआ था तो पूरा देश खड़ा हो गया था। एक संगठन बन गया लेकिन इसके बाद में लोगों से मिल नहीं पाया। इससे हमारा संगठन कुछ कमजोर हो गया था। अब फिर से देश के 12 राज्यों में लोगों से मिल चुका हूं। अभी मेरे पास समय है। उससे पहले प्रत्येक राज्य में जाऊंगा। उन्होंने बताया कि 23 मार्च से प्रस्तावित आंदोलन में जो लोग दिल्ली जा सकते है, वे दिल्ली जाएंगे और जो नहीं जा सकते वे अपने-अपने जिले में जेल भरेंगे,उन्होंने कहा कि देश में पिछले 22 वर्ष में 12 लाख किसान आत्महत्या कर चुके है। इन आत्महत्याओं के लिए केंद्र सरकारें जिम्मेदार हैं।  

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bhopal night

   शनिवार रात के डेढ़ बज रहे हैं। सजावटी पिंक लाइट सजे न्यू मार्केट में खासी रौनक है। अमूमन इतनी रात में महिलाओं की सड़कों पर मौजूदगी नहीं होती है लेकिन आज नजारा दूसरा था। पुलिस, नगर निगम, जिला प्रशासन और न्यू मार्केट व्यापारी संघ की पहल पर शुरू हुई नाइट शापिंग के तहत शी कॉर्निवाल में देर रात तक महिलाओं ने शॉपिंग की और लजीज व्यंजनों का स्वाद चखा। उधर, पूरे शहर में पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की। हर 500 मीटर पर एक पुलिस कर्मी की तैनाती की गई। पुलिस बैंड और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की तरफ से रॉक बैंड में लोगों की पसंद के गाने गाकर लोगों के मन को बहलाया और रात दो बजे तक भीड़ को रोक रखा। हनुमान मंदिर और रोशनपुरा स्थित जय स्तंभ के पास विशेषतौर पर गराडू, ढोकले, दही बड़े और चाट सहित अन्य खान-पान के स्टॉल लगाए गए। शापिंग के साथ ही लकी ड्रॉ भी निकाले गए। महिलाओं ने क्रिसमस और नए साल के लिए जमकर खरीदारी की। स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्लेस मेकिंग प्रोजेक्ट के तहत मार्केट में शी कार्नीवल बनाया गया था। रात 11 बजे तक अधिकांश मोबाइल, कपड़े और ज्वेलरी की दुकानें सिमटने लगी थी। हालांकि खान-पान और जनरल स्टोर सहित महिलाओं का मार्केट देर रात तक खुला रहा। ऐसी थी सुरक्षा व्यवस्था - महिलामैत्री मोबाइल की 30 पुलिसकर्मी को पूरे मार्केट के चारों-कोने और जगह-जगह तैनात किया गया था। दो से तीन जगह अलाव की व्यवस्था की गई थी। टॉप एंड टाउन स्क्वायर पर स्पेशल डेस्क बनाई गई जहां महिला पुलिस मुस्तैद थी इसके अलावा शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई। परिवार के साथ आए अधिकारी - मार्केट खुलने के पहले ही दिन अधिकांश आईएएस, आईपीएस सहित अन्य अफसर अपने परिवार के साथ मार्केट पहुंचे। खास बात तो यह है कि भोपाल आने के बाद पहली बार कलेक्टर सुदाम पी खाडे भी अपने परिवार के साथ न्यू मार्केट पहुंचे। महिलओं ने कमिश्नर प्रियंका दास से पूछा की घर से आने और वापस जाने के लिए सुरक्षा की क्या व्यवस्था रहेगी। इसके जवाब में दास ने कहा कि अगली बार से महिलाओं और परिवार के लिए बस की व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टर सुदामा पी खाडे ने कहा कि  हम मुंबई या किसी बड़ी सिटी में जाते है वहां मार्केट रात में खुलते है। इसी तर्ज पर भोपाल में यह मार्केट दो बजे तक खोला जाएगा। इससे रात के समय न केवल घरों के बल्कि लोगों की सोच के दरवाजे भी खुलेंगे। महापौर आलोक शर्मा ने बताया कि इंदौर में अगर राजवाड़ा खुला रहता है तो हमारा न्यू मार्केट भी अब दो बजे तक खुलेगा। यहां महिलाएं आए इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। रात को इस मार्केट में आएं टिकिया और आईसक्रीम खाएं और खरीदी करें। संतोष कुमार सिंह, डीआईजी नेने कहा कि  कहा हम पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था कर रहे हैं। अगर कोई कमेंट करता है बर्दाश्त न करें सीधे पुलिस से संपर्क करें। हिमाचल के CM बनेंगे जयराम ठाकुर, बोले कांग्रेस मुक्त हुआ राज्य हिमाचल प्रदेश में 44 सीटें जीतने के बावजूद मुख्यमंत्री पद के लिए करीब एक सप्ताह से जारी ऊहापोह रविवार को समाप्त हो गई। विधयक दल की बैठक में जयराम ठाकुर को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का फैसला हुआ है।  

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प्रधानमंत्री पहुंचे विराट-अनुष्का की शादी के रिसेप्शन में

इस साल की सबसे चर्चित शादियों में से एक विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के विवाह के बाद का पहला रिसेप्शन आज दिल्ली के ताज डिप्लोमेटिक इंक्लेव में हो रहा है। इस मौके पर देश विदेश के कई विशेष मेहमानों के आने का सिलसिला भी शुरु हो गया है। पीएम मोदी ने भी इस अवसर पर पहुंचकर नवदंपती को आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर कई विशेष मेहमानों ने बी शिरकत की। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने बुधवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर प्रधानमंत्री मोदी को इस रिसेप्शन के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री ने नवदंपति को आशीर्वाद प्रदान किया। इस रिसेप्शन के इन्विटेशन कार्ड की थीम को पर्यावरण से जोड़ा गया है। इस आमंत्रण कार्ड के साथ पौधा भी अटैच है, मानो यह कपल अपने गेस्ट से वृक्षारोपण को बढ़ावा देने की बात कह रहा हो। यह पहला मौका नहीं है जब विराट और अनुष्का पर्यावरण संबंधी गतिविधि में शामिल हुए। टीम इंडिया जब इस वर्ष श्रीलंका दौरे पर गई थी तब इन्होंने दाम्बुला में वृक्षारोपण किया था। ज्ञात हो कि विराट और अनुष्का ने इटली के एक हैरिटेज रिसॉर्ट में 11 दिसंबर को शादी की। दोनों ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इटली में हुई शादी की तस्वीरें साझा कर इसकी जानकारी दी थी। इस शादी में केवल परिवार के करीबी लोगों के अलावा कुछ दोस्त भी शामिल हुए। दोनों ने हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शादी की।  

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तत्काल फांसी नहीं होगी कुलभूषण जाधव को

  इस्लामाबाद से खबर है कि पाकिस्तान ने इस बात को खारिज किया है कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मां और पत्नी से अंतिम मुलाकात करेंगे। उसने कहा कि जाधव को तुरंत फांसी का खतरा नहीं है। गौरतलब है कि जाधव की मां और पत्नी सोमवार को पाकिस्तान में उनसे मुलाकात करेंगी। पाक विदेश विभाग के प्रवक्ता मुहम्मद फैजल ने कहा कि पाकिस्तान ने पूरी तरह मानवीय आधार पर मां और पत्नी को जाधव से मिलने की इजाजत दी है। परिवार से मिलने के बाद जाधव को फांसी पर लटकाने के सवाल का वह जवाब दे रहे थे। फैजल ने आश्वस्त किया कि जाधव को तुरंत फांसी देने की बात नहीं है। उनकी दया याचिका अभी लंबित है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय में जाधव और उनके परिवार की मुलाकात होगी। पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग के एक राजनयिक को परिवार वालों से साथ जाने की इजाजत दी जाएगी। फैजल ने कहा कि पाकिस्तान जाधव की मां और पत्नी को मीडिया से बातचीत की इजाजत देने को तैयार है। इस बारे में भारत के फैसले का इंतजार है। 47 वर्षीय जाधव को पाक सैनिक अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप में अप्रैल में सजा सुनाई है।

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नायडू

    पीएम मोदी द्वारा मनमोहन सिंह को लेकर दिए बयान पर शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को भी विपक्ष ने हंगामा किया। विपक्ष लगातार नारेबाजी कर रहा है और पीएम मोदी से माफी की मांग पर अड़ा हुआ है। इस बीच विपक्ष के हंगामे को लेकर उपराष्ट्रपति वैकेंया नायडू ने कहा कि मनमोहन सिंह पर बयान पीएम मोदी ने सदन में नहीं दिया था और इसलिए यहां वो कोई माफी नहीं मांगेंगे। इसके बाद सदन की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।  

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 प्रद्युम्न हत्या

गुरुग्राम में रेयान इंटरनेशनल स्कूल के दूसरी क्लास के छात्र प्रद्युम्‍न की हत्या के मामले में बुधवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा है कि 16 साल के आरोपी छात्र पर बालिग की तरह केस चलेगा। यानी प्रद्युम्‍न की हत्या का आरोप अगर साबित होता है तो 16 साल के आरोपी को उम्र कैद से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने इस मामले में आरोपी छात्र को 22 नवंबर को कोर्ट में पेश करने को कहा है। इस मामले में सीबीआई और आरोपी छात्र के वकील की दलीलें सुनने के बाद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आठ दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया। इस मामले में प्रद्युम्‍न के पिता वरुण ठाकुर ने न्यायपालिका का स्वागत करते हुए कहा कि-' मुझे पता था कि इंसाफ की लड़ाई लंबी चलेगी, मगर हम जरुर अपने बेटे को न्याय दिलाने में कामयाब होंगे, ताकि आगे किसी बच्चे के साथ ऐसा न हो।' बता दें कि प्रद्युम्न हत्याकांड में मामले की जांच करने के बाद सीबीआई ने 7 नवंबर को स्कूल के ही 11वीं कक्षा के छात्र को हिरासत में लिया था।  

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ins klvari

  गुरुवार को भारतीय नौसेना में डीजल से चलने वाली पनडुब्बी आईएनएस कलवरी को शामिल कर लिया गया। पिछले 17 सालों में ये पहली भारतीय सबमरीन है, जिसे नौसेना में शामिल किया गया है। स्कार्पीन क्लास की इस पहली पनडुब्बी में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसी वजह से इसकी मारक क्षमता काफी बढ़ गई है और इसे दुनिया में बेहतर माना जा रहा है। इसे मझगांव डॉक लिमिटेड ने बनाया है। इस पनडुब्बी की खासियतें जानकार आप हैरान हो जाएंगे। इसे समंदर में भारत का 'नया शार्क' कहा जा रहा है। आईएनएस कलवरी डीजल-इलेक्ट्रिक मोटर के दम पर चलती है और जैसे समंदर में शार्क अपने शिकार को बिना खबर लगे दबोच लेते ही। वैसे ही समुद्र के अंदर गहरे जाने वाली ये पनडुब्बी बिना शोर किए दुश्मन को तबाह करने की ताकत रखती है। आईएनएस कलवरी की कुल लंबाई 67.5 मीटर है, वहीं उसकी ऊंचाई 12 मीटर से ज्यादा है। आईएनएस कलवरी को DCNS( French Naval Defence And Energy Company) ने मझगांव डॉक लिमिटेड के साथ मिलकर तैयार किया है। पानी की अंदर इसकी ताकत को देखते हुए ही इसे कलवरी नाम दिया गया है। जिसे मलयालम में टाइगर शार्क कहा जाता है। पानी के भीतर इसकी तेजी, हमला करने की क्षमता गजब की है। कलवरी का ध्येय वाक्य है 'हमेशा आगे', जो ये बताने के लिए काफी है, इसे किस सोच के साथ तैयार किया गया है। भारतीय नौसेना में शामिल होने वाली 6 स्कार्पीन क्लास पनडुब्बी में से ये पहली है। भारत की दूसरी पनडुब्बियों से आईएनएस कलवरी कम शोर करती है और ये उन्नत तकनीक से लैस है। कलवरी में इंफ्रारेड और कम रोशनी में काम करने वाले कैमरे लगे हैं, जो समुद्र की सतह पर दुश्मन के जहाज को पकड़ने में माहिर हैं | आईएनएस कलवरी में दुश्मन को खोजने और उस पर हमला करने वाला पेरीस्कोप लगा है।कलवरी में एंटी- शिप मिसाइल और लंबी दूरी तर मार करने वाले टॉरपीडो भी लगे हुए हैं।  

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करोड़ की लूट हुई तब मनमोहन को गुस्सा क्यों नहीं आया : अमित शाह

गुजरात विधानसभा के लिए वोटों की गिनती होना है। लेकिन बयानबाजी जारी है। ताजा घटनाक्रम में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को ट्वीट के जरिये पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर हमला बोला। शाह ने तंज कसते हुए सवाल किया, 'गुजरात चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पद की गरिमा का खयाल न रखने का आरोप लगाने वाले मनमोहन सिंह अपने कार्यकाल में इस गरिमा को क्यों भूल गए थे? उनके प्रधानमंत्री रहते हुए लाखों करोड़ रुपये के घोटाले होते रहे, तब उन्हें गुस्सा क्यों नहीं आया?' भाजपा अध्यक्ष ने कहा, 'आखिर उन्हें तब गुस्सा क्यों नहीं आया, जब सोनिया गांधी ने देश के एक राज्य के मुख्यमंत्री को 'मौत का सौदागर' कहा। आखिर वह भी तो संवैधानिक पद था। उन्हें तब गुस्सा क्यों नहीं आया, जब पीएम को 'नीच' कहा गया। मनमोहन सिंह जी से ऐसी राजनीतिक की अपेक्षा नहीं थी।'शाह ने कहा, 'वह पहले भी गुजरात में प्रचार कर चुके हैं, लेकिन ऐसे गुस्से में कभी नहीं दिखे। यह उनका स्वभाव नहीं है। शायद इस बार उनके ऊपर पार्टी का दबाव कुछ ज्यादा था।'

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 प्रधानमंत्री का निजी सचिव

गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग पर तगड़ा निशाना साधा। कांग्रेस के गुजरात प्रभारी अशोक गहलोत और प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस बात पर आपत्ति ली कि अहमदाबाद में अपना वोट देने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने किस तरह रैली की शक्ल में वहां मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए रवाना हुए। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे लगता है कि चुनाव आयोग मोदी के निजी सचिव की तरह काम कर रहा है। सुरजेवाला ने कहा, राहुल गांधी का इंटरव्यू दिखाने वाले चैनल पर एफआईआर दर्ज कर ली जाती है और मोदी फिक्की के कार्यक्रम को एक चुनावी रैली की तरह संबोधित करते हैं, इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एयरपोर्ट पर लोगों को संबोधित करते हैं और चुनाव आयोग कोई कार्रवाई नहीं करता है।

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शशि कपूर

    सोमवार को बॉलीवुड के जाने माने कलाकार शशि कपूर का लंबी बीमारी के बाद निधन होने के बाद मंगलवार को उनका अंतिम सस्कार किया गया। मुंबई के सांताक्रूज में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शशि कपूर को अंतिम विदाई दी जा रही है। शशि को अंतिम विदाई देने के लिए फिल्मी सितारों का जमावड़ा लगा हुआ है। मुंबई में फिलहाल चक्रवात ओखी के चलते बारिश हो रही है और ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए सभी सीधे सांताक्रूज पहुंच रहे हैं। मेगास्टार अमिताभ बच्चन भी बेटे अभिषेक के साथ वहां पहुंचे हैं। शशि कपूर के निधन की खबर सुनकर अमेरिका में रह रही उनकी बेटी संजना भी भारत पहुंच चुकी हैं। जैसे ही शशि के निधन की खबर आई तो उनके अंतिम दर्शन को बॉलीवुड से तमाम स्टार्स जुटने लगे। अमिताभ बच्चन अपने पूरे परिवार के साथ कपूर खानदान के इस शोक में शामिल रहे। अंतिम संस्कार के पहले शशि कपूर की पार्थिव देह उनके घर लाई गई जहां उनके अंतिम दर्शन के लिए भीड़ जुटने लगी।ऋषि कपूर अपने अंकल शशि कपूर के निधन की खबर सुनते ही दिल्ली में अपने फिल्म की शूटिंग छोड़कर मुंबई लौटे। शशि कपूर काफी समय से बीमार थे। करीबी सूत्रों के मुताबिक उन्हें कुछ समय से चेस्ट इन्फेक्शन हो गया था और सोमवार को सुबह अस्पताल में भर्ती किया गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान शाम को उनका निधन हो गया। परिजनों के अलावा फिल्म अभिनेत्री काजोल, रानी मुखर्जी, अभिनेता संजय कपूर आदि भी शशि कपूर के निधन की खबर सुनते ही उनके अंतिम दर्शन को पहुंचे!  

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ओखी अब गुजरात पहुंचा

दक्षिण भारत में कहर बरपा कर चक्रवात ओखी अब गुजरात पहुंचा है। चुनाव में राजनीतिक सरगर्मी पर चक्रवात ओखी ने पानी बरसा दिया है। इसके चलते भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की तीन रैलियां रद्द कर दी गईं हैं। यह रैलियां तटीय इलाकों राजुला, माहुआ और शिहोर में होने वाली थीं। ओखी की चेतावनी को देखते हुए गुजरात सरकार ने प्रदेश के तमाम बंदरगाहों पर रेड नंबर सिंग्लन लगा कर दिया गया है। वहीं समुद्र में मछली पकड़ कर रहे मच्छुआरों वापस आने की सूचना दे दी गई है। सरकार समुद्र किनारे वाले क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीम तैनात कर 24 घंटे कंन्ट्रोल रुम भी शुरु किया है। पिछले दो दिनों से गुजरात में ओखी तुफान का असर दिखने को मिल रहा है। प्रदेश में अंधिकांश के शहरो में तेज हवाओं के साथ समुद्री किनारे वाले क्षत्रों में बारिश भी हुई है। अहमदाबाद , राजकोट , सूरत, वडोदरा जैसे बड़े शहरों में दिन भर बादली माहौल रहा है। सरकार ने बताया कि दक्षिण भारत में तबाही मचाने के बाद ओखी तुफान गुजरात की ओर आगे बढ़ रहा है। अगले 48 घंटों में ओखी तुफान में गुजरात में 60 से 70 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। गुजरात सरकार ने कहा कि ओखी तुफान से निपटने के लिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर व अधिकारियों के साथ एक बैठक की गई है। इसमें सावधानी तमाम कदम उठाये गये है। बंदरगाह पर रेड नंबर सिंग्लन लगाने के साथ मच्छुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई। सूरत , राजकोट, कच्छ , जूनागढ़ सहित समुद्री किनारे वाले एनडीआरएफ के जवानों को स्टैंडबाय रखा गया है। यहां समुद्र में से मछुआरों के बोटों को सुरक्षित स्थल पर ले जाया गया है। वहीं सरकार 24 घंटे कन्ट्रोल रुम भी शुरु किया है। सूचना पाते ही समुद्र में मछली पकड़ रहे 300 बोट के साथ मच्छुआरे वापस आ गये है। जबकि जाफराबाद में 139 बोट अभी भी समुद्र में है। जिससे उनका संपर्क किया जा रहा है।

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पद्मावती- याचिका ख़ारिज

  देशभर में पद्मावती को लेकर विरोध प्रदर्शनजारी हैं और वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर दखल से इन्कार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म की रिलीज रोकने के लिए लगी याचिका पर सुनवाई करते हुए इस खारिज कर दिया है। अदालत ने इसके साथ ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों द्वारा फिल्म को लेकर दिए बयानों पर भी नाराजगी जताई है। कोर्ट में निर्माता की तरफ से कहा गया कि सेंसर बोर्ड के प्रमाणपत्र के बाद ही फिल्म रिलीज होगी। अदालत ने कहा कि बिना फिल्म देखे जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग आखिर कैसे इसे लेकर बयान दे सकते हैं। अदालत ने सभी जिम्मेदार लोगों से कहा कि वो फिल्म को लेकर बयानबाजी बंद करे क्योंकि इससे सेंसर बोर्ड के दिमाग में पक्षपात पैदा होगा। जब तक मामला सेंसर बोर्ड के पास लंबित हो तब तक ऐसे मामलों में टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।  आपको बता दें कि वकील मनोहर लाल शर्मा ने फिल्म पद्मावती की रिलीज पर रोक लगाने के लिए एक याचिका दायर की थी। गौरतलब है कि करणी सेना और राजपूत समुदाय 'पद्मावती' पर बैन की मांग लगातार कर रहे हैं। कुछ सींस को लेकर उन्हें आपत्ति है। राजपूत समुदाय के प्रतिनिधियों को लगता है कि उन दृश्यों की वजह से रानी पद्मावती की तौहीन हो जाएगी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भंसाली ने कुछ पत्रकारों को भी फिल्म दिखायी थी, जिसके बाद उन्होंने फिल्म के पक्ष में अपनी प्रतिक्रिया दी थी।  

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 इवांका  पीएम मोदी  मुलाकात

  हैदराबाद में मंगलवार से होने वाले वैश्विक उद्यमिता शिखर सम्मेलन (GES 2017) में हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप पहुंच चुकी हैं। सम्मेलन शुरू होने से पहले इवांका ने पीएम मोदी से मुलाकात की साथ ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिली। इसके बाद पीएम मोदी और इवांका ट्रंप दोनों की इस सम्मेलन को संबोधित किया । पीएम मोदी और सुषमा स्वराज से इस मुलाकात के दौरान इवांका के साथ आए अधिकारियों का दल भी मौजूद था। इससे पहले इवांका मंगलवार तड़के हैदराबाद पहुंची तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक एम महेंदर रेड्डी ने बताया कि इवांका मंगलवार तड़के शमशाबाद में राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचीं और 29 नवंबर की शाम लौट जाएंगी।  

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कोहरे का कहर

नई दिल्ली पिछले कुछ दिनों से गैस चैंबर में तब्दील है, आबोहवा साफ करने के लिए हेलिकॉप्टर से भी पानी का हवाई छिड़काव हो सकता है। दिल्ली सरकार के आग्रह के बाद शुक्रवार शाम पवन हंस हेलिकॉप्टर्स कंपनी ने इस पर सहमति दे दी है। शनिवार को सचिवालय में बैठक होगी। इसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। इस बीच उप्र में कोहरे का कहर जारी है। शुक्रवार को भी उत्तर प्रदेश में कोहरे के कारण हुईं दुर्घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई। कई अन्य घायल हो गए। ट्रेन और सड़क यातायात भी बाधित रहा। कई ट्रेनें निरस्त करनी पड़ी तो कई टे्रनें घंटों लेट रहीं। मेरठ में बाइक सवार तीन युवकों की नाले में गिरने से मौत हो गई। अमरोहा में हाईवे पर साइकिल सवार की हादसे में मौत हो गई। सुलतानपुर में दुर्घटना में एक निजी स्कूल के शिक्षक की मौत हो गई। श्रावस्ती में गिलौला-बहराइच बौद्ध परिपथ पर परेवपुर गांव के पास साइकिल सवार की मौत हो गई। वाराणसी में स्मॉग के कारण पीएम-10 की मात्रा शुक्रवार की शाम को 348 और पीएम-2.5 की मात्रा 345 थी। स्मॉग के कारण लोगों की तबीयत भी बिगड़ने लगी है।

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फूड इंडिया कार्यक्रम

खिचड़ी देश के हर तबके की पसंद है लेकिन अब यह सिर्फ भारत नहीं बल्कि पूरी दुनिया में पहुंचेगी। दिल्ली में आज से होने वाले फूड इंडिया कार्यक्रम में इस खिचड़ी का स्वाद दुनिया भी चखेगी। पीएम मोदी ने सुबह इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने फूड प्रोसेसिंग उद्योग और किसानो पर अपनी बात रखी। पीएम ने कहा कि हमारे देश का किसान जिसे हम अन्नदाता भी कहते हैं वो फूड प्रोसेसिंग का केंद्र है। ट्रेनों में रोजाना लाखों लोग खाना खाते हैं और यह यात्री फूड प्रोसेसिंग उद्योग के संभावित ग्राहक हो सकते हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत आज विश्व की सबसे तेज उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। पीएम ने अपने संबोधन में सहूलियत 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर विश्व बैंक की रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग में हुए शानदार सुधार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत जीएसटी और अन्य आर्थिक सुधारों की वजह से भारत के कारोबारी माहौल में सुगमता आई है। बता दें कि फेस्ट के लिए 800 किलो खिचड़ी तैयार की जाएगी। यह कदम विश्व रिकार्ड बनाने के लिए भी उठाया जाएगा। इसे ब्रांड इंडिया फूड के रूप में चुना गया है। 800 किलो खिचड़ी तैयार करने के लिए 1000 लीटर क्षमता और सात फीट गहराई की विशाल कड़ाही का प्रबंध किया गया है। इस फेस्ट में 70 देशों के प्रतिभागी हिस्सा लेने वाले हैं। पाक कला के मशहूर विशेषज्ञ संजीव कपूर को तीन दिवसीय ग्रेट इंडियन फूड स्ट्रीट का ब्रांड अंबेसडर बनाया गया है। वही खिचड़ी तैयार करेंगे। यह कार्यक्रम खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय और सीआइआइ संयुक्त रूप से आयोजित कर रहे हैं। अनेकता में एकता की प्रतीक है खिचड़ी खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कार्यक्रम के बारे में कहा, 'खिचड़ी भारत का मुख्य भोजन है। इसे स्वास्थ्यवर्द्धक भोजन माना जाता है। देश भर में यह गरीबों और अमीरों का पसंदीदा खाना भी है।' उन्होंने कहा कि खिचड़ी भारत की महान संस्कृति अनेकता में एकता को भी प्रदर्शित करती है। यही कारण है कि इसे ब्रांड इंडिया फूड के रूप में चुना गया है। तैयार होने के बाद करीब 60,000 अनाथ बच्चों को खिचड़ी परोसी जाएगी। इसके साथ ही कार्यक्रम में मौजूद अतिथि भी इसका स्वाद ले सकेंगे। इतना ही नहीं भारत में दूसरे देशों के राजदूतों को खिचड़ी के साथ पाक विधि भी भेजी जाएगी। ब्रांड इंडिया खिचड़ी को विदेशों में भारतीय दूतावास प्रचारित करेंगे। पाक विधि के साथ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले सामान की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि दुनिया भर में हर रेस्टोरेंट और रसोई में खिचड़ी तैयार होने लगेगी।  

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गुजरात में चुनाव

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त एके जोति ने संकेत दिया है कि दिसंबर में गुजरात चुनाव कराए जा सकते हैं। जनवरी के तीसरे सप्ताह में विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। उनका कहना है कि गुजरात के सभी 50 हजार बूथों पर वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल होगा। गोवा में ये आजमाई जा चुकी हैं। आयोग पहली बार इन चुनावों में महिलाओं के लिए मतदान केंद्र बनाने जा रहा है। चुनाव आयुक्त ने भाजपा, कांग्रेस सहित विविध राष्ट्रीय दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर चुनाव सुधार संबंधी सुझाव मांगे। कांग्रेस ने संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी लगाने व वीवीपैट के 10 फीसदी वोट गिनकर ही परिणाम घोषित करने की मांग रखी थी। जबकि भाजपा ने दिसंबर के प्रथम सप्ताह में बड़ी संख्या में विवाह समारोह होने के कारण 14 दिसंबर के बाद विधानसभा चुनाव कराने की मांग रखी।  

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सोशल मीडिया में जीएसटी

सोशल मीडिया में जीएसटी के रोलबैक को लेकर मचे शोर की तस्दीक करने के लिए सोचा, कि चलो देखें टीवी चैनल्स में क्या चल रहा है। पिछले एक महीने से राम रहीम की वही एनीमेटेड रहस्यमयी गुफा देखते देखते उकता सा गया था सो कई दिनों से चैनल्स खोलने की हिम्मत ही नहीं हुई। बहरहाल टीवी खोलते ही  चैनलों में  फिर वही बकवास चल रहा था, एक में किंमजोंग, दूसरे में रामरहीम की हनीप्रीत..हनीप्रीत। रात दस बजे का प्राइम टाइम इन्हीं के नाम था। कुछेक अँग्रजी चैनल जरूर इकोनामिस्टों को बैठाकर जीएसटी पर बहस चला रहे थे। अँग्रेजी समझने में वैसे भी दिमाग में अतिरिक्त जोर देना पड़ता है ऊपर से भभकती हुई लपटों वाले टीवी स्क्रीन से सिर्फ चीख और चिल्लाहट सिवाए कुछ भी सुनाई नहीं देता।  हमारा मीडिया भेड़ियाधसान है। जिधर एक भेड़ चली उधर ही सब निकल पड़ी। अर्नब ने जबसे ..नेशन वान्ट टु नो...की चिल्लपों शुरू की तब से सभी चैनल देशवासियों की जिग्यासा के स्वयंभू ठेकेदार बने हुए हैं। चैनलों ने भी एक दूसरे की देखा देखी एक अजीब सा तिलस्म रच रखा है। पढे लिखे एंकर भी उसीमें उलझे हैं,कई प्रिंट मीडिया से गए वे भी। जब वे अखबारों में तब अच्छी खासी विवेकसम्मत बातें लिख लिया करते थे। वही लोग जब किमजोंग की सनक और हनीप्रीत की रंगीन दुनिया को चटखारे के साथ परोसते हैं तो निरा जोकर लगते हैं। किमजोंग से पहले बगदादी का बुखार चढा़ था।.. बच के कहां जाएगा बगदादी.. जैसी पंच लाइनों के साथ सभी चैनल एकजुट होकर पिले थे फिर भी वो बचा हुआ है। इन दिनों किमजोंग के आगे बगदादी भूला हुआ है। उत्तर कोरिया के इस तानाशाह को लेकर जो फुटेज दिखाए जाते हैं,सभी चैनलों में लगभग एक से। तो क्या किमजोंग इन्हें यह उपलब्ध कराया है या अपने चैनलिया वीरबहादुर जान जोखिम में डालकर प्योंगयांग से शूट करके लाए हैं ? उत्तर कोरिया क्या तबाही मचाना चाहता है उसके पूरी कहानी और फुटेज की पटकथा कहीं और लिखी जाती है। किमजोंग सनकी है ये हम खुद नहीं चूंकि हमें  बार बार यही बताया जा रहा है इसलिए मान बैठे हैं कि सनकी ही होगा। क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि उत्तर कोरिया व किमजोंग को लेकर लगभग वही सब दोहराया जा रहा है जो कभी ईराक और सद्दाम को लेकर, लीबिया और गद्दाफी के साथ किया गया था। दरअसल यह किसी देश के खिलाफ युद्ध पूर्व प्रपोगंडा होता है ताकि उसपर हमले के लिए विश्व जनमत तैयार किया जा सके। दुनिया की नब्बे फीसदी सूचनाओं पर एसोशियेटड प्रेस आफ अमेरिका(एपी), रायटर ब्रिटेनऔर एएफपी फ्रांस का कब्जा है। ये तीनों मिलकर किसी भी देश या व्यक्ति की छवि को पलभर में नरकिस्तान और राक्षस गढ सकते हैं। शेष दुनिया की सभी मीडिया एजेंसियों से इनका अनुबंध होता है। इसी नियंत्रण को तोड़ने के लिए अरब में ..अलजजीरा.. पैदा हुआ था लेकिन अब उसे भी बधिया बना दिया गया। ताकतवर देशों के इस हेट मीडिया मिशन से क्यूबा के फिदेल कास्त्रो और लीबिया के ह्यूगोसावेज इसलिए बचे रहे क्योंकि ये गद्दाफी और सद्दाम की भाँति आत्ममुग्ध व स्वेच्छाचारी नहीं थे और देश की जनता की नब्ज इनके हाथ थी और दुनिया भर में अपने शुभचिंतक बना रखे थे। याद करिए 1982 में नई दिल्ली में हुए गुटनिरपेक्ष आंदोलन के सम्मेलन के अगले वर्ष यहीं तीसरी दुनिया के मीडिया का सम्मेलन हुआ था। इसे ..नामीडिया.. के नाम से जाना गया। इस सम्मेलन में ये बात किसी पंच लाइन की तरह उभरकर आई थी कि ...अमेरिका के एटमबम्ब से ज्यादा खतरनाक है एपी और रायटर। शायद यह किसी अखबार की  हेडलाइन ही थी। उस वक्त मैं पत्रकारिता का विद्यार्थी था सो इस वैश्विक मीडिया सम्मेलन की खबरों की क्लिपिंग सालों तक मेरे संदर्भ में रही है। सम्मेलन में दूसरी बड़़ी बात जो निकल कर आई थी वो ये थी कि सूचनाओं के अधिनायकवाद से कैसे मुक्त हुआ जाए? एक सहमति बनी थी कि तीसरी दुनिया की मीडिया एजेंसियों का परिसंघ बने जो गुटनिरपेक्ष देशों के हितों की रक्षा कर सके। दुर्भाग्य से 1984 में तीसरे विश्व की नेता इंदिरा जी इस दुनिया में रही नहीं। गुटनिर्पेक्ष आंदोलन बिखरने लगा, रही सही कसर 1989 में सोवियत विघटन ने पूरी कर दी। और तब से दुनिया एकध्रुवीय व्यवस्था के आधीन है, जिसका स्वयंभू  चौधरी अमेरिका है। अब अमेरिका जो चाहता है भारत जैसे देशों का मीडिया वही दिखाता है क्यों कि वैश्विक मामलों में हमारा मीडिया कंगाल है। वे हमारे मीडिया को एक प्रपोगंडा मशीन की भांँति उपयोग करते हैं, हो सकता है इसके लिये वे पैसा भी देते हों। इराक युद्ध कवर करने गए एक पत्रकार ने पोल खोली थी कि किस तरह विदेशी मीडिया को युद्ध क्षेत्र से सैकडों किलोमीटर दूर किसी शहर के आलीशान होटलों में ठहराया जाता था। शाम को एक सैन्य अधिकारी फुटेज और ब्रीफिंग थमा देता था। वही सब चैनल्स देश को दिखाते थे और अब भी वही कर रहे हैं। दरअसल अमेरिका का मुख्य धंधा हथियारों का है। सो यदि युद्ध नहीं हुए, युद्ध का भय नहीं बना तो उसका बाजार धड़ाम से गिरकर दीवालिया हो जाएगा। गौर करिए कि क्या ऐसा कोई भी दिन,महीना या हफ्ता गुजरा है जब दुनिया के किसी कोने में युद्ध न हो रहा हो। रही आतंकवादियों की बात तो पिछले दिनों यूएनओ में पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने यह कहकर आईना दिखा दिया कि कभी वो भी दिन थे जब ह्वाइट हाउस हाफिज सईद जैसे लोगों के लिए रेड कारपेट बिछाए रहता था। ये उस दौर की बात है जब अफगानिस्तान में सोवियत पालित सरकार थी और अमेरिका तालेबान और अलकायदा जैसे संगठनों को खड़ा करने की भूमिका में था। सो युद्ध के बाजार के लिए जरूरी है कि माहौल बना रहे, चाहे वह उत्तर कोरिया के किमजोंग के जरिए बने या आतंकवादी संगठनों के। जापान और दक्षिण कोरिया एशिया के ये दो सबसे बड़े सेठों में हैं,जब ये डरे रहेंगे तभी तक अमरीकी जंगीबाजार गुलजार रहेगा। इस फेर में गरीब भारत और पाकिस्तान भी फँसे हैं, जो शिक्षा और स्वास्थ के बजट मदों की कटौती करके रक्षा बजट बढाते जा रहे हैं। चैनलों के एंकर अब सेलिब्रिटी हैं जाहिर है मैं उनके मुकाबले जाहिल हूँ। वे इंडिया इंटरनेशनल, कांस्टीट्यूशन क्लब की बौद्धिक बैठकों गप्पे मारते हैं।लेकिन यही लोग जब डिजाइन सूट पर टाई बाँधे जोकरों जैसी हरकत करते हुए बेसिरपैर की वही-वही खबरें परोसते हैं तो इनकी नियति पर तरस आता है। अपना मीडिया या तो किसी वैश्विक ताकत की प्रपोगंडा मशीन है या फिर किसी की इज्जत की धज्जियाँ बिखेरने वाला परपीडक यंत्र। हनीप्रीत के साथ यही हो रहा है। अदालत से पहले ही सब ट्रायल में लगे हैं। अपने अपने तईं फैसला भी सुना रहे हैं। मीडिया एक महिला के इज्ज़त की चिंदियां बिखेर रहा है, हम देख रहे हैं। पूरा मीडिया उस डरी हुई लड़की के मुँह से कहवाना चाहता है कि ..कह.. तू अपने बाप की रखैल थी..। मुँह ढंके आयटमों से हनीप्रीत का रहस्य, रोमांच व प्रेमकथाएँ उगलवाई जा रही हैं। ये सब मीडियाकी फ्राडगीरी का हिस्सा है जो महज टीआरपी के लिए चल  रहा है। यदि हनीप्रीत अदालत से बरी होती है तो क्या उसके इज्जत की धज्जियों का शाल बुनकर ये चैनल वाले उसकी इज्जत लौटा पाएंगे ? ये निहायत गलत हो रहा है। महिला अधिकार की लड़ाई लड़ने वाली वो बाबकटें कहां हैं..? क्या उन्हें ये सब नहीं दिख रहा कि टीवी स्क्रीन पर एक पथ से भटकी हुई हिरण को शिकारी कुत्तों की तरह नोंचा जा रहा है। याद रखिये आज जो हम कर रहे हैं प्रकारान्तर में अपने भविष्य का ही इंतजाम कर रहे हैं।

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PM मोदी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की मौजूदगी में रावण दहन

  अधर्म पर धर्म व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस मौके पर रावण दहन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू के साथ दिल्ली के लालकिला मैदान पहुंचे। यहां श्री धार्मिक लीला कमेटी की ओर से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद का पुलता दहन किया गया । इससे पहले मोदी ने ट्विटर पर लिखा- 'विजयदशमी के पावन पर्व पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं।' गौरतलब है कि बीते साल दशहरा पर लखनऊ में होने की वजह से मोदी लालकिले के प्रोग्राम में शामिल नहीं हो पाए थे। रामलीला ग्राउंड पर आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के अलावा केद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, विजय गोयल, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी पहुंचे। रामलीला मैदान पहुंचे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री और अन्य अतिथियों ने परंपरा के अनुसार पूजा की। मान्यता है कि यहां देश के प्रधानमंत्री रावण दहन करते हैं। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी रामलीला मैदान पर नजर आए। वहीं पटना के गांधी मैदान में रावण दहन हो चुका है. इस दौरान रावण, मेघनाद और कुंभकरण का पुतला जला दिया गया है। राजधानी के दशहरा कमेटी द्वारा गांधी मैदान में आयोजित होने वाले लंकाधिपति रावण वध समारोह में जन सैलाब उमड़ पड़ा। इसके पहले गांधी मैदान में राम-लक्ष्‍मण की भव्‍य झांकी निकाली गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित अनेक गणमान्‍य लोग शामिल हुए। खास बात यह भी रही कि इस अवसर पर किन्‍नरों की टीम ने भी रंगारंग प्रस्‍तुतियां दीं।

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राज ठाकरे की चुनौती

मुंबई के एलफिंस्टन रोड स्टेशन से सटे फुट ओवरब्रिज पर मची भगदड़ में हुई मौतों के बाद सियासत भी तेज हो गई है। जहां राज्य और केंद्र की एनडीए सरकार हादसे के बाद जांच की बात कह रही है। वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने सरकार पर हमला बोला है। राज ठाकरे ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि जब तक मुंबई लोकल के ढांचे में सुधार नहीं किया जाएगा तब तक मुंबई में बुलेट ट्रेन की एक ईंट भी नहीं रखने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुंबई लोकल से जुड़े मुद्दों की लिस्ट रेलवे को 5 अक्टूबर को दी जाएगी और इसकी समय सीमा भी बताई जाएगी। उन्होंने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दुश्मनी के लिए हमें आतंकियों और पाकिस्तान की क्या जरूरत, जब हमारी रेलवे ही लोगों की जान लेने के लिए काफी है। राज ठाकने ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मुंबई में पहली बार बारिश नहीं हुई है और रेलवे कह रहा है कि इतनी बड़ी घटना बारिश की वजह से हुई है। 5 अक्टूबर को चर्चगेट से वेस्टर्न रेलवे के हेडक्वॉर्टर तक मार्च निकाला जाएगा और इन्फ्रास्टक्चर के बारे में सवाल भी पूछे जाएंगे। बता दें कि शुक्रवार की सुबह मुंबई के एलफिंस्टन ब्रिज पर मची भगदड़ की वजह से 22 लोगों की मौत हो गई थी। एक-दूसरे को कुचलते हुये लोग अपनी सलामती के लिए भागते रहे।एलफिंस्टन स्टेशन पर भगदड़ के लिए रेलवे ने सफाई दी कि बारिश की वजह से लोग ओवरब्रिज पर जरूरत से ज्यादा संख्या में आ गए और ब्रिज टूटने या शार्ट सर्किट की अफवाह से भगदड़ के हालात पैदा हो गए।

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bhu vivad

बीएचयू में छात्राओं की पिटाई के बाद गर्माए माहौल के कारण वाराणसी के सभी कॉलेज सोमवार को बंद हैं। विभिन्न संगठनों द्वारा लगातार धरना-प्रदर्शन के कारण बीएचयू के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है और उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्टूडेंट्स की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। कुछ विभाग में सेमेस्टर परीक्षाएं कैंसिल हो गई हैं। बीएचयू में हो रहे बवाल के कारण सेमेस्टर परीक्षाएं आगे के लिए टाल दी गई है। सोमवार से कुछ सब्जेक्ट की परीक्षाएं होनी थी लेकिन अवकाश कर दिए जाने के कारण परीक्षाएं लंबित कर दी गई। अब छात्र-छात्राओं को नई तारीख का इंतजार करना है। वहीं स्टूडेंट्स को रविवार को हॉस्टल छोड़ने का नोटिस दे दिया गया, जिसके चलते स्टूडेंट्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि बीएचयू में हो रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर विश्वविद्यालय में सोमवार से अवकाश घोषित कर दिया गया और अब नवरात्र की छुट्टी के बाद 6 अक्टूबर 2017 को विश्वविद्यालय खुलेगा। दूसरी तरफ, मामले को लेकर राजनीति भी गर्म हो चुकी है और इसी कड़ी में सोमवार को समाजवादी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता बीएचयू पहुंचे और वहां जमकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हालांकि कैंपस में भारी मात्रा में फोर्स तैनात है लेकिन माहौल को देखते हुए सभी को एलर्ट कर दिया गया है। कैंपस का सिंहद्वार फिलहाल बंद कर दिया गया है। वहीं इससे पहले बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी में अधिकारियों को हटाए जाने के बाद अब प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। बीएचयू के एक हजार छात्रों पर केस दर्ज किया गया है। जबकि स्थिति को संभालने में असफल मानते हुए सरकार ने लंका के स्टेशन ऑफिसर के अलावा भेलपुर के सीओ और शहर के एडिशनल मजिस्ट्रेट को हटा दिया है। शनिवार रात को पुलिस द्वारा धरना दे रही छात्राओं की पिटाई के बाद हालात बिगड़ गए थे। छात्रों ने जगह-जगह धरना प्रदर्शन किया वहीं आगजनी की भी कई घटनाएं सामने आईं। इस सब के चलते छात्राओं और उनके परिवार वालों में दहशत व्याप्त थी वहीं बहन-बेटियों पर हुए हमले पर छात्राओं का गुस्सा सातवें आसमान पर था। जलते बीएचयू की आंच महसूस करते हुए जिला प्रशासन ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है जबकि बीएचयू को पहले ही दो अक्टूबर तक बंद किया जा चुका है। रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में हनक बनाने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स गश्त करती रही इसके बावजूद छात्र वीसी हाउस के समीप और परिसर में जगह-जगह धरना-प्रदर्शन करते रहे। शाम को छात्रों के साथ सपा, कांग्रेस समेत अन्य छात्र संगठन भी खड़े हो गए। खास यह कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी लाठीचार्ज के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। लंका में दुर्गा प्रतिमा के आगे छात्रों का एक गुट धरने पर बैठ गया, जब डीएम और एसएसपी उन्हें मनाने पहुंचे तो उनके साथ बदसलूकी की गई। सपा की एक छात्र नेता ने अपने कुछ साथियों के साथ डीएम संग दुर्व्यवहार किया जिसपर सुरक्षाकर्मी भड़क उठे। जवानों ने लाठी भांजकर सड़क जाम कर रहे छात्र-छात्राओं को खदेड़ा। उधर, शनिवार रात को बमबारी, गोलीबारी, आगजनी, तोडफ़ोड़ के मामले में लंका पुलिस ने 1200 से अधिक अज्ञात छात्र-छात्राओं पर मुकदमा दर्ज किया है। वहीं बीएचयू आ रहे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को पुलिस ने गिलट बाजार इलाके में जाम लगाकर गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि 21 सितंबर की रात को दृश्य कला संकाय की छात्रा के साथ भारत कला भवन के पास हुई छेड़खानी की घटना से आक्रोशित छात्राएं उसी रात त्रिवेणी हास्टल से सड़क पर उतर आईं थीं। उसके बाद उनका प्रदर्शन जारी है। छात्राओं की मांग थी कि कुलपति धरना स्थल पर पहुंचकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाएं। इस प्रस्ताव को बीएचयू ही नहीं जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी वीसी के समक्ष रखा लेकिन वीसी ने उसे ठुकरा दिया। छात्राओं का कहना था कि वीसी के इसी अडिय़ल रवैये एवं जिद के कारण चंद मिनट में ही समाप्त हो जाने वाला आंदोलन जारी रहा। इसके कारण पीएम को ही अपना रास्ता बदलना पड़ा। उधर, दूसरे दिन शनिवार को भी धरना शांतिपूर्ण चल रहा था। इसी बीच कुलपति आवास से गुजर रही छात्राओं पर बीएचयू के सुरक्षा तंत्र ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई छात्राएं घायल हो गईं। इस घटना की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय के छात्र उग्र हो गए। पूरी रात पुलिस और छात्रों में गुरिल्ला युद्ध हुआ। इस दौरान पथराव के साथ ही आगजनी और तोडफ़ोड़ भी हुई। इस घटना में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए। वहीं जवाब में पुलिस ने हवाई फायरिंग भी की। उधर, पुलिस ने महिला महाविद्यालय में घुसकर छात्राओं पर बेरहमी से लाठियां बरसाईं।बीएचयू प्रशासन की अपने प्रति संवेदना में कमी देख रविवार को भी छात्र-छात्राओं में आक्रोश रहा। पूरे कैंपस सहित शाम को लंका क्षेत्र में भी तनाव का माहौल रहा। कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने बताया कि छेड़खानी की घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। एक शिक्षक होने के नाते इसकी मैं नैतिक जिम्मेदारी ले रहा हूं। बीएचयू ही नहीं कही भी ऐसी घटना अनुचित है। छात्राओं की सुरक्षा के लिए एक प्लान बना रहा हूं जिसमें छात्राओं को भी प्लानर के रूम में शामिल किया जाएगा। कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने बताया कि वह बीएचयू प्रकरण पर गंभीर शासन ने रिपोर्ट मांगी है। जांच जारी है। छात्राओं, पत्रकारों पर लाठीचार्ज उचित नहीं। पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा छात्राओं पर लाठीचार्ज किसके आदेश पर किया गया, यह भी जांच हो रही है। इस मामले को सुलझाने की दिशा में उचित कदम उठाने चाहिए थे।

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डॉन दाऊद इब्राहिम

  अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की हर हरकत पर मुंबई पुलिस की नजर रहती है, लेकिन हाल ही में हत्थे चढ़े उसके भाई इकबाल कास्कर ने जो खुलासा किया है, वो पुलिस के लिए चौंकाने वाला है। पूछताछ में इकबाल कास्कर ने बताया है कि दाऊद की बीवी मेहजबीन शेख पिछले साल मुंबई आई थी। वह अपने पिता से मिलने भारत आई थी। मालूम हो, इकबाल कास्कर अपने भाई दाऊद के राज खोलता जा रहा है। इससे पहले उसने बताया था कि दाऊद पाकिस्तान में ही है। इकबाल को ठाणे पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने इसी हफ्ते गिरफ्तार किया है। उसने अपने ताजा खुलासे में बताया है कि दाऊद की बीवी को लोग जुबीना जरिन के नाम से भी जानते हैं। वह 2016 में अपने पिता सलीम कश्मीरी से मिलने मुंबई आई थी। सलीम कश्मीर अपने परिवार के साथ मुंबई में ही रहते हैं। इस मुलाकात के बाद दाऊद की बीवी गुपचुप तरीके से भारत से बाहर चली गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इकबाल कास्कर ने दाऊद के चार पते बताए हैं। ये सभी पते कराची के हैं। दाऊद, अपने भाई अनीस इब्राहिम और सहयोगी छोटा शकील के साथ पाकिस्तान के इस शहर की पॉश कॉलोनी में रहता है। अनीस मुंबई में अपने परिवार को ईद या अन्य मौकों पर फोन करता रहता है। दाऊद ऐसा नहीं करता है, क्योंकि उसे डर है कि कहीं उसके कॉल भारतीय खुफिया एजेंसियों द्वारा ट्रेस न कर लिए जाएं। अधिकारियों के अनुसार, इकबाल कास्कर से दाऊद के स्वास्थ्य को लेकर कई सवाल पूछे गए हैं। उसने बताया है कि दाऊद सेहतमंद है और जैसा कि भारतीय मीडिया में खबरें दी गई हैं कि उसके कई अंग खराब हो चुके हैं, ऐसा नहीं है।  

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दिग्विजय सिंह

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी पत्नी अमृता के साथ 30 सितंबर से शुरू हो रही नर्मदा परिक्रमा के लिए रिहर्सल शुरू कर चुके हैं। दिल्ली के लोधी गार्डन में वे रोज 10 से 15 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं, ताकि परिक्रमा में चलने की आदत बनी रहे। अब तक गैर राजनीतिक बताई जा रही दिग्विजय सिंह की इस नर्मदा परिक्रमा का तीन-तीन दिन का कार्यक्रम तय किया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने 23 सितंबर को दिल्ली में इससे जुड़े साथियों की बैठक बुलाई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की नर्मदा यात्रा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विजयादशमी पर 30 सितंबर से नर्मदा परिक्रमा शुरू कर रहे हैं। वे अब तक इस परिक्रमा को पूरी तरह धार्मिक बता रहे हैं और किसी को आमंत्रण देकर बुलाने से इनकार करते हुए कह रहे हैं कि कोई अगर शामिल होता है तो मना भी नहीं करेंगे। वहीं दिग्विजय समर्थक कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी यह कह चुकी है कि जो भी इसमें शामिल होना चाहे, जा सकता है। इससे दशहरे के बाद प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल होने की संभावना है, क्योंकि जब दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा समाप्त होगी, तब तक मप्र विानसभा के 2018 में होने वाले चुनाव की सरगर्मी शुरू हो चुकी होगी। अभी तक जो कार्यक्रम सामने आया है, उसके अनुसार दिग्विजय 26 व 27 सितंबर को डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी की पूजा करके 28 सितंबर को जबलपुर में त्रिपुर सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल होंगे। अगले दिन 29 सितंबर को वे रात में झोतेश्वर पहुंचकर शंकराचार्य स्वरूपानंद महाराज का आशीर्वाद लेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। दिग्विजय 30 सितंबर को झोतेश्वर से बरमानघाट पहुंचकर सुबह 11 बजे अपनी नर्मदा परिक्रमा शुरू करेंगे। पहले दिन वे केवल तीन किलोमीटर चलेंगे और बरियाघाट में विश्राम करेंगे। नर्मदा परिक्रमा के लिए दिग्विजय सिंह ने मप्र सरकार से सुरक्षा, एंबुलेंस व चलित शौचालय की मांग की है। हालांकि दो सप्ताह पहले इसके लिए लिखे उनके पत्र का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा -नर्मदा परिक्रमा में मेरे साथ पूरे समय पत्नी रहेंगी। जयवर्द्धन सिंह दशहरे के एक दिन पहले झोतेश्वर में आएंगे, क्योंकि दशहरे पर उन्हें राघौगढ़ में रहना होगा। लक्ष्मण सिंह और जयवर्द्धन सिंह बीच-बीच में भी शामिल होते रहेंगे। परिक्रमा में पैदल चलने की आदत बनाने के लिए अभी से हम दोनों प्रैक्टिस कर रहे हैं।   

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 हिजबुल आतंकी आदिल को जिंदा दबोचा

सुरक्षाबलों ने कश्मीर घाटी में अपने आतंकरोधी अभियान को जारी रखते हुए बुधवार के बीजबेहाड़ा रेलवे स्टेशन से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी आदिल को पकड़ने के अलावा खाग-बडगाम में सर्च ऑपरेशन भी चलाया। इसी दौरान, सुरक्षाबलों ने ओमपोरा, बडगाम में एक जिंदा बम को निष्क्रिय कर एक बड़े हादसे को टाल दिया। मिली जानकारी के अनुसार, तीन लाख का इनामी हिज्बुल आतंकी आदिल अहमद बट बुधवार की सुबह अनंतनाग में अपने एक साथी से मिलने के बाद अपने एक ठिकाने की तरफ जा रहा था। वह बीजबेहाड़ा रेलवे स्टेशन पर आया था और उसी समय सुरक्षाबलों को उसकी भनक लग गई। सुरक्षाबलों ने सुनियोजित तरीके से रेलवे स्टेशन की घेराबंदी करते हुए विभिन्न जगहों पर विशेष दस्ते तैनात कर दिए और जैसे ही आदिल बट की निशानदेही हुई, सुरक्षाबलों ने उसे भागने का मौका दिए बगैर पकड़ लिया। जिला अनंतनाग में जबलीपोरा बीजबेहाड़ा के रहने वाले सी-श्रेणी के आतंकी आदिल की पुलिस को विभिन्न सुरक्षा चौकियों पर हमले और पंचायत प्रतिनिधियों व पुलिसकर्मियों के परिजनों के साथ मारपीट की विभिन्न वारदातों में तलाश थी। फिलहाल, उससे पूछताछ जारी है। इस बीच, जिला बडगाम के ओमपोरा में बुधवार की सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब लोगों ने जम्मू-कश्मीर बैंक के पास एक ग्रेनेड को देखा। सूचना मिलते ही पुलिस बम निरोधक दस्ते संग मौके पर पहुंची और उसने सड़क को आम आवाजाही के लिए बंद करते हुए लोगों को वहां से हटाया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने ग्रेनेड को अपने कब्जे में लेकर निष्क्रिय बना दिया। संबंधित अधिकारियों की मानें तो यह ग्रेनेड काफी पुराना था और वहां जमीन में दबा था जो आज किसी तरह बाहर निकल आया था। जिला बडगाम से मिली एक अन्य सूचना के मुताबिक पुलिस और सेना के संयुक्त टीम ने खाग में आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर घेराबंदी कर करीब तीन घंटे तक तलाशी ली, लेकिन आतंकियों का उन्हें कोई सुराग नहीं मिला।

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अमित शाह

गुजरात के नरोदा पाटिया दंगों के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सोमवार को गवाही देने अहमदाबाद की विशेष एसआईटी कोर्ट पहुंचे। अपनी गवाही में शाह ने कोर्ट को कहा कि कोडनानी नरोदा गांव में नहीं थीं, माया कोडनानी सुबह 8 बजे मेरे साथ विधानसभा में मौजूद थीं। मैं सुबह 9.30 से 9.45 के बीच सिविल अस्पताल में था और माया कोडनानी से वहीं मिला। इसके बाद जब अस्पताल से निकला तो लोगों ने घेर लिया था। मुझे और माया कोडनानी को पुलिस अपनी जीप में बैठाकर हमारी गाड़ियों तक लेकर गई थी। बता दें कि शाह, कोडनानी की अपील पर कोर्ट द्वारा जारी हुए समन के बाद गवाही देने के लिए पहुंचे हैं। गौरतलब है कि 2002 में गुजरात में हुए दंगों के दौरान नरोदा पाटिया में 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में माया कोडनानी पर आरोप लगा था कि उन्होंने मौके पर खड़े होकर दंगे भड़काने का काम किया। अपने बचाव में माया पहले कह चुकी हैं कि वो घटना के वक्त विधानसभा में अमित शाह के साथ थीं। मता दें कि माया तीन बार विधायक रह चुकी हैं और मोदी सरकार में मंत्री भी थीं।  

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रेयान स्कूल

गुरुग्राम में  रेयान स्कूल में हुई 7 साल के प्रद्युम्न की हत्या के 10 दिन बाद स्कूल सोमवार को फिर खुला। अगले तीन महीने तक स्कूल का मैनेजमेंट प्रशासन के हाथ में रहेगा। स्कूल खुलने को लेकर प्रद्युम्न के पिता ने विरोध जताते हुए कहा कि इससे हत्या के सूबत नष्ट होने का खतरा रहेगा। वहीं स्कूल खुलते ही बच्चे वक्त पर पहुंचे लेकिन उनमें और उनके माता-पिता में अजीब सा डर समा गया है। बच्चों की पढ़ाई का नुकसान ना हो इसके चलते माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल लेकर पहुंचे लेकिन उनके चेहरों पर डर साफ नजर आ रहा था। एक बच्चे के पिता ने कहा कि हमारे बच्चे जब तक स्कूल से घर नहीं आ जाएंगे हमें डर रहेगा। वहीं एक अन्य ने कहा कि स्कूल के स्टाफ का बैकग्राउंड चैक होना चाहिए साथ ही स्कूल में पढ़े-लिखे लोगों को नौकरी दी जानी चाहिए।  

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भारत-जापान:शिंजो आबे

  Pदो दिवसीय भारत दौरे पर आए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और पीएम मोदी के बीच गुरुवार को अहमदाबाद में सालान शिखर बैठक हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और परिवहन को लेकर कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। साथी ही मोदी-आबे ने पाकिस्तान को झटका देते हुए भारत में हुआ आतंकी हमलों के आरोपियों को सजा दिलाने की बात कही। दोनों ने कहा कि पाकिस्तान 2008 में हुए मुंबई हमलों और 2016 में हुए पठानकोट हमलों के दोषियों को सजा दे। इसके अलावा 5वां भारत-जापान शिखर सम्मेलन आतंकवाद के मुद्दे पर भी करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा जैश ए मुहम्मद, लश्कर ए तैयबा व अन्य आतंकी संगठनों के खिलाफ आपसी सहयोग को और मजबूत भी किया जाएगा। बैठक के बाद जारी हुए साझा बयान में पीएम मोदी ने बताया कि मेरे अनन्य मित्र शिंजो आबे का मुझे स्वागत करने का मौका मिला। हमने आज अहमदाबाद से मुंबई के बीच हाई स्पीड रेल नेटवर्क प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। पीएम ने कहा है कि हमले पहले से ही भारत आने वाले जापानियों को वीजा ऑन अराइवल की सुविधा दे रखी है और अब हम इंडिया पोस्ट और जापान पोस्ट की मदद से भारत में रहने वाले जापानी लोगों को एक और सुविधा देने जा रहे हैं। इसकी मदद से जापानी लोग सीधे उनके देश से अपनी पसंद का खाना मंगवा सकेंगे। पीएम ने आगे कहा कि मैं आज जिन समझौतों पर हस्ताक्षर हुए उनका दिल से स्वागत करता हूं। जापान ने भारत में 2016-17 में 4.7 मिलियन डॉलर का निवेश किया जो पिछले साल के मुकाबले 80 प्रतिशत ज्यादा है। चाहे वो फिर स्किल इंडिया हो, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस या फिर मेक इन इंडिया, भारत अब बदल रहा है। शिंजो आबे ने भारत को बुलेट ट्रेन की सौगात दी तो पाकिस्तान को खूब खरी खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को मुंबई और पठानकोट में हुए आतंकी हमले के गुनाहगारों को सजा देनी चाहिए। उन्होंने आतंक की आलोचना करते हुए पूरे विश्व में शांति की कामना भी की।

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रेयान इंटरनेशनल स्कूल की मान्‍यता

रद्द नहीं होगी रेयान इंटरनेशनल स्कूल की मान्‍यता हरियाणा सरकार के शिक्षा मंत्री राम विलाश शर्मा ने साफ कर दिया है कि रेयान इंटरनेशनल स्कूल की मान्‍यता को रद्द नहीं किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि बच्‍चों के भविष्‍य को ध्‍यान में रखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। उन्‍होंने कहा कि स्‍कूल में 1200 बच्‍चे पढ़ते हैं, इसलिए यह कदम ठीक नहीं होगा। इसके साथ ही उन्‍होंने स्‍पष्‍ट कर दिया है कि मामले में जुवेनाइल एक्‍ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस बीच प्रद्युम्न की हत्या के आरोपी कंडक्टर अशोक के पिता ने स्कूल पर बेटे को फंसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा निर्दोष है। उसे फंसाया जा रहा है। वहीं कंडक्टर की बहन ने कहा कि मेरे भाई को पीटा गया है और उस पर गलत बयान देने के लिए दबाव डाला गया। स्कूल के प्रिंसिपल ने पुलिस को घूस दी है। इसके साथ ही खबर अा रही है कि अारोपी कंडक्टर के परिवार का गांव वालों ने बहिष्कार कर दिया है। उधर, रेयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रद्युम्न की हत्या की जांच के लिए पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) अशोक बक्शी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट सौंपेगी। जांच में स्कूल में सुरक्षा को लेकर बरती जा रही लापरवाही के बारे में पूरी जानकारी भी हासिल की जाएगी। दूसरी तरफ जिला प्रशासन की ओर ओर से पांच सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया है, जो अपने स्तर पर जांच करेगी। पुलिस सात दिन के अंदर चार्जशीट अदालत में पेश कर देगी। शनिवार को पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार एवं जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने कहा कि रेयान इंटरनेशनल स्कूल की घटना को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। घटना के कुछ ही घंटे के बाद न केवल आरोपी की पहचान की गई बल्कि उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया। स्कूल प्रबंधन की लापरवाही की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश सरकार भी इस घटना को लेकर चिंतित है। वहीं घटना के विरोध में लक्ष्मण विहार में लोगों ने कैंडल मार्च निकाल स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। बताया जाता है कि आरोपी अशोक ने हत्या करने के बाद कुछ मिनट के लिए कहीं छिप गया था। जैसे ही माली ने शोर मचाया तो वह सामने आ गया ताकि कोई उस पर शक न करे। उसने ही प्रद्युम्न को घटनास्थल से उठाकर अस्पताल में ले जाने में मदद की। इससे उसके हाथ एवं कपड़े में काफी खून लग गए थे। इस वजह से किसी को उसके ऊपर शक नहीं हुआ। जब मामला सामने आया तो स्कूल के तीन बच्चों ने पुलिस को बताया कि एक बस का सहायक बाथरूम में चाकू धो रहा था। इसी आधार पर सभी बसों के चालक व सहायक से पूछताछ की गई। सवालों के जाल में अशोक फंस गया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपराध कबूल कर लिया।

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साक्षरता दिवस

51वें अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर उपराष्ट्रपति ने किया पुरस्कृत  मध्यप्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। 51वें अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने वर्ष 2017 के लिए साक्षर भारत अवार्ड वितरित किये। इस अवसर पर केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर भी मौजूद थे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा वर्ष 2016-17 में साक्षर भारत योजना में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले राज्य, जिला और राज्य संसाधन केन्द्र के लिए मध्यप्रदेश को पुरस्कृत किया गया।  राज्यों की श्रेणी में मध्यप्रदेश के साक्षरता मिशन भोपाल को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर साक्षरता मिशन के संचालक श्री लोकेश कुमार जाटव, तत्कालीन अपर संचालक श्रीमती शीला दाहिमा और मिशन के संयोजक डॉ. राकेश दुबे ने पुरस्कार ग्रहण किया।  जिला लोक शिक्षा समिति की श्रेणी में जिला टीकमगढ़ को सम्मानित किया गया। टीकमगढ़ जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री पर्वतलाल अहिरवाल और जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी श्री आर.के. पस्तोर ने पुरस्कार ग्रहण किया। गैर सरकारी संगठनों के क्षेत्र में राज्य संसाधन केन्द्र इंदौर को पुरस्कृत किया गया। श्रीमती अंजलि अग्रवाल ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।  उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016-17 में मध्यप्रदेश में 24 लाख 61 हजार से अधिक प्रौढ़ निरक्षरों को प्रशिक्षण के बाद साक्षरता परीक्षाओं में सफलता प्राप्त हुई है। प्रदेश के 31 सांसद आदर्श ग्रामों में लगभग 24 हजार प्रौढ़ निरक्षर नवसाक्षर बनकर सामने आये।  

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वेंकैया नायडू

अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के दो नक्सल हिंसा प्रभावित जिलों-दंतेवाड़ा और जशपुर को राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार से सम्मानित किया। विज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में दो ग्राम पंचायतों-कर्माहा (जिला-सरगुजा) और टेमरी (जिला रायपुर) को भी अक्षर भारत राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा। समारोह में देश के विभिन्न् राज्यों को कुल ग्यारह राष्ट्रीय पुरस्कार दिए गए। इनमें से चार पुरस्कार छत्तीसगढ़ को मिले।दंतेवाड़ा के लिए सीईओ डॉ. गौरव सिंह, जशपुर के लिए सीईओ दीपक सोनी,कर्माहा का पुरस्कार सीईओ अनुराग पाण्डेय ने और टेमरी का पुरस्कार वहां की सरपंच तिजिया बंजारे ने ग्रहण किया। हर क्षेत्र में तरक्की कर रहा छत्तीसगढ़, इसलिए मिला सम्मान नक्सल हिंसा पीड़ित दंतेवाड़ा जिले में साक्षर भारत अभियान के तहत सर्वेक्षित 80 हजार 208 लोगों में से 78 हजार से ज्यादा लोग साक्षर हो चुके हैं। सीईओ डॉ. सिंह ने बताया कि दंतेवाड़ा जिला जेल के सभी 732 कैदी भी इस अभियान से जुड़कर पूर्ण साक्षर हो चुके हैं और दंतेवाड़ा जिला शत-प्रतिशत साक्षर जेल की श्रेणी में शामिल हो गया है। डिजिटल साक्षरता पर भी विशेष रूप से बल दिया जा रहा है। जशपुर सीईओ सोनी ने बताया कि मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन योजना के तहत नव साक्षरों को कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर रोजगार दिलाने और जिले में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने पर जशपुर जिले को राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार के लिए चुना गया है।

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टीसीएस

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री गुप्ता ने नोएडा में टीसीएस के अधिकारियों से की चर्चा  मध्यप्रदेश में संचालित विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में टीसीएस टेक्निकल सपोर्ट देगा। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने नोएडा, नई दिल्ली में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) के अधिकारियों के साथ मध्यप्रदेश में नागरिक केन्द्रित सेवाएँ उपलब्ध करवाने के संबंध में चर्चा की। इस दौरान प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री मोहम्मद सुलेमान भी उपस्थित थे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि कृषि, सामाजिक, स्वास्थ्य, परिवहन, बीमा आदि क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं का समुचित लाभ आम लोगों तक पहुँचाने के लिये टीसीएस टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराये। टीसीएस नोएडा के हेड श्री रोहित श्रीवास्तव ने मध्यप्रदेश सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये हरसंभव टेक्निकल सपोर्ट देंगे।  

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मोदी के नए नवरत्न

  केंद्र में नरेंद्र मोदी कैबिनेट का तीसरा और संभवत: आखिरी विस्तार हो रहा है। सुबह 10.30 बजे राष्ट्रपति भवन में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। नौ मंत्रियों को सरकार में शामिल किए जाने की संभावना है। इसमें शिव प्रताप शुक्ला, अश्विनी कुमार चौबे, वीरेंद्र कुमार, अनंत कुमार हेगड़े, राजकुमार सिंह, हरदीप सिंह पुरी, गजेंद्र सिंह शेखावत, सत्यपाल सिंह और अल्फोंस कन्ननथनम को सरकार में शामिल किया जा रहा है। माना जा रहा है कि तीन राज्य मंत्रियों का प्रमोशन किया जा सकता है। इनमें धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल का नाम शामिल है। इससे पहले सहयोगी दलों की सरकार में भागीदारी को लेकर शनिवार शाम तक असमंजस बना रहा। जदयू और शिवसेना ने स्पष्ट कर दिया कि शनिवार शाम तक उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पटना में कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में मुझे मीडिया से ही जानकारी मिली है। इस पर औपचारिक रूप से मेरी किसी से बात नहीं हुई है। शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी कहा कि मैंने इसके बारे में किसी से कुछ नहीं पूछा है। न तो हमें किसी का संदेश मिला है और न ही हमें सत्ता की लालच है। पिछले विस्तार में भी शिवसेना ने कैबिनेट मंत्री का पद नहीं दिए जाने को लेकर विरोध जताया था। हालांकि, उनका एक कैबिनेट मंत्री पहले से सरकार में शामिल है। जदयू से भी आरसीपी सिंह और संतोष कुशवाहा को सरकार में शामिल किए जाने की चर्चा चल रही थी। शुक्रवार की रात संघ प्रमुख मोहन भागवत से चर्चा के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को दिनभर वरिष्ठ पदाधिकारियों और कुछ मंत्रियों के साथ मशविरा किया। रात में उन्होंने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की। बताते हैं कि जिन्हें शामिल होना है, उन्हें शाम के बाद फोन जाने शुरू हुए।  नए मंत्रियों को सरकार में शामिल किए जाने के साथ ही तीन-चार मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते हैं। शुक्रवार को भी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी विचार-विमर्श में जुटे थे। शनिवार शाम गडकरी ने अलग से जाकर प्रधानमंत्री से मुलाकात की। संभावित मंत्रियों की लिस्ट -  शिव प्रताप शुक्ल : उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य। आठ वर्षों तक राज्य सरकार में मंत्री रहे हैं। आपातकाल के दौरान 19 महीने जेल में रहे। अश्विनी कुमार चौबे : बिहार के बक्सर से लोकसभा सदस्य। राज्य सरकार में आठ वर्षों तक मंत्री रहे। जेपी आंदोलन से राजनीति की शुरुआत। राजकुमार सिंह : 1975 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी। बिहार के आरा से लोकसभा में। केंद्रीय गृह सचिव और रक्षा उत्पादन सचिव रहे हैं। वीरेंद्र कुमार : मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सांसद। दलित नेता कुमार छह बार सांसद और कई संसदीय समितियों के सदस्य रहे हैं। अनंत कुमार हेगड़े : कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ से लोकसभा में। 28 साल की उम्र में पहली बार सांसद बनने के बाद यह पांचवीं पारी है। हरदीप सिंह पुरी : 1974 बैच के आईएफएस अधिकारी। संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों में भारत के राजदूत रहे। हिंदू कॉलेज, दिल्ली में पढ़ाई के समय जेपी आंदोलन में सक्रिय रहे हैं।  गजेंद्र सिंह शेखावत : जोधपुर, राजस्थान से लोकसभा सदस्य। टेक्नो-सैवी और प्रगतिशील किसान माने जाते हैं। बास्केट बॉल के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे हैं।  सत्यपाल सिंह : उत्तर प्रदेश के बागपत से अजीत सिंह को हराकर सांसद बने। 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह मुंबई, पुणे और नागपुर के पुलिस आयुक्त रह चुके हैं। अल्फोंस कन्ननथनम : 1979 बैच के आईएएस अफसर और केरल के भाजपा नेता। 1989 में उनके डीएम रहते कोट्टायम सौ फीसद साक्षरता वाला देश का पहला शहर बना था।  

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फोर्ब्स  एशिया

  फोर्ब्स ने एशिया के सबसे भ्रष्ट देशों की एक सूची जारी जो सोशल मीडिया पर बहस की वजह बनी हुई है। फोर्ब्स द्वारा जारी लिस्ट में एशिया के पांच सबसे ज्यादा भ्रष्ट देशों के नाम हैं। इसके रिपोर्ट के अनुसार घूसखोरी के मामले में भारत ने वियतनाम, पाकिस्तान और म्यांमार को भी इस मामले में पीछे छोड़ दिया है। इसको लेकर ही आप नेता व कवि कुमार विश्वास ने भी ट्वीट किया है और सरकार पर तंज कसा है। कुमार विश्वास ने लिखा है कि पहले ही कहा था कि नंबर वन बना दूंगा, बना दिया। कुमार विश्वास के इस तंजभरे ट्वीट पर बहुत से लोगो ने प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा है कि पीएम मोदी के कार्यकाल में हम किसी चीज में तो नंबर वन आए। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा है कि हां मोदी जी से पहले तो सारे अन्ना हजारे थे, कोई रिश्वत नहीं लेता था। एक अन्य यूजर ने ट्वीट किया है कि 2 साल बाकी हैं, सोमालिया की बराबरी में लाने के प्रयास चल रहे हैं। हालांकि जो स्टोरी फोर्ब्स ने शेयर की है वह मार्च 2017 की है। इसमें भारत को सबसे भ्रष्ट देश बताया गया है और पाकिस्तान इस लिस्ट में चौथे नंबर पर है। इस लिस्ट में पहले नंबर पर भारत, दूसरे पर वियतनाम, तीसरे पर थाईलैंड चौथे पर पाकिस्तान और पांचवें नंबर पर म्यांमार है। दूसरी तरफ, मैगजीन में छपे आर्टिकल में पीएम मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को लेकर प्रशंसा की गई है। इसमें लिखा है, हालांकि, पीएम मोदी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई ने अपने निशान बनाए हैं। 53 प्रतिशत लोग मानते हैं कि मोदी सही कर रहे हैं और इससे लोगों में अपने पास ताकत होने का अहसास आया है वहीं 63 प्रतिशत लोग मानते हैं साधारण लोग बदलाव ला सकते हैं। लिस्ट में वियतनाम भारत के बाद है जहां घूसखोरी की दर 65 प्रतिशत है जबकि पाकिस्तान 40 प्रतिशत के साथ चौथे नंबर पर है। 18 महीने चला ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल का सर्वे 16 देशों के 20,000 लोगों पर किया गया है। बर्लिन स्थित वाचडॉग ने भारत को पिछले साल 168 देशों में 76 वें स्थान पर रखा था। सर्वे के अनुसार भारत में सबसे ज्यादा घूस स्कूलों में (58%) और स्वास्थ्य सेवाओं में (59%) दी जाती है। हालांकि फोर्ब्स द्वारा अपनी पुरानी स्टोरी को आज फिर से ट्वीट करने पर सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ जहां नोटबंदी को लेकर सरकार पर सवाल उठ रहे हैं ऐसे में इस लिस्ट का दोबारा जारी होना भी चर्चा का विषय है।  

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सुप्रीम कोर्ट

क्षतिग्रस्त धार्मिक इमारतों पर गुजरात हाईकोर्ट का फैसला किया रद्द   गुजरात हाईकोर्ट द्वारा गोधरा दंगों के दौरान क्षतिग्रस्त हुई धार्मिक इमारतों के मामले में दिए गए फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने 2002 में सरकार को इन इमारतों की मरम्मत के लिए मुआवजा देने का आदेश दिया था। खबरों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश खारिज करते हुए राज्य सरकार की मुआवजा नीति को सही ठहराया है। कोर्ट ने सरकार की नीति स्वीकार की है, जिसमें मकान दुकान की मुआवजा नीति में उचित लगने पर क्षतिग्रस्त धार्मिक इमारत का भी मुआवजा हो सकता है। हाईकोर्ट ने धार्मिक इमारतों को हुए नुकसान के आकलन के लिए कमेटी बना दी थी। नुकसान की भरपाई सरकार को करनी थी। सरकार ने इसे सुप्रीम में चुनौती दी थी। गुजरात सरकार की सुप्रीम कोर्ट में दलील थी कि सरकार धर्मनिरपेक्ष होती है। ऐसे में सरकार किसी धार्मिक इमारत के निर्माण का खर्च नही उठा सकती।

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soniya gandhi

पटना नगर के गांधी मैदान में 27 अगस्त को होने वाली राजद की भाजपा भगाओ रैली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी एवं बसपा प्रमुख मायावती शिरकत नहीं करेंगी। कांग्रेस की ओर से गुलाम नबी आजाद और सीपी जोशी सोनिया का संदेश लेकर आएंगे। जबकि मायावती ने रैली में शामिल होने के लिए सतीश मिश्रा को नामित किया है। चारा घोटाले में गवाही के लिए रांची रवाना होने से पहले बुधवार को अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा कि उनकी बात सोनिया गांधी और मायावती से हुई है। उन्होंने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को रैली में भेजने पर सहमति दी है। लालू ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आना तय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे को लेकर लालू ने कहा कि बाढ़ खत्म हो गई है तो पीएम क्यों आ रहे हैं। पिछले साल तो नहीं आए थे। इसी साल क्यों बिहार की याद आई? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी को कठघरे में खड़ा करते हुए लालू ने सृजन घोटाले से संबंधित कई सवाल पूछे। उन्होंने सीएम को मौनी बाबा बताया और कहा कि जब 2013 में आर्थिक अपराध शाखा के संज्ञान में यह मामला आया था, उसकी जांच रिपोर्ट का क्या हुआ? जांच का आदेश देने वाले डीएम को तुरंत क्यों बदल दिया गया? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर खुद को बचाने के लिए साक्ष्यों को खत्म कराने का आरोप लगाते हुए राजद प्रमुख ने एसआइटी जांच पर सवाल खड़ा किया। बिना किसी अधिकारी का नाम लिए लालू ने कहा कि नीतीश ने घोटाले की जांच का जिम्मा अपने चहेते अफसर को सौंपा है। जांच की निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए उन्होंने कहा कि जांच करने वाला अफसर भागलपुर का एसएसपी रहते हुए सृजन के कार्यक्रमों में शरीक होता था। वह क्या जांच करेगा? लालू के मुताबिक महेश मंडल घोटाले की जांच के लिए सबसे बड़ा सुबूत था, जिसे नीतीश सरकार ने गायब कर दिया।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

 गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वच्छता अभियान की शुरुआत करने गोरखपुर पहुंचे। इसकी शुरुआत करने के बाद उन्होंने राहुल गांधी के दौरे पर हमला बोला। योगी ने कहा कि दिल्ली में बैठा युवराज स्वच्छता अभियान का महत्व नहीं जानेगा। गोरखपुर उनके लिए पिकनिक स्पॉट बने उसकी इजाजत नहीं देना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने राज्य की हालत के लिए पूर्व सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पिछले 12-15 सालों में सरकारों ने संस्थानों को अपने स्वार्थ भरे उद्देश्यों के लिए भ्रष्टाचार को संस्थागत बनाते हुए बर्बाद कर दिया। लोगों को सुविधाओं से वंचित किया गया। सपा और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह गोरखपुर को किसी लखनऊ के शहजादे या दिल्ली के युवराज का पिकनिक स्पॉट नहीं बनने देंगे। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सफाई के लिए सभी के अंदर प्रतिस्पर्धा की भावना बेहद जरूरी है। प्रतिस्पर्धा के माध्यम से हर व्यक्ति इस अभियान से जुड़ेगा और प्रदेश स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बन सकेगा। यह केवल भारतीय जनता पार्टी का नहीं बल्कि जन जन का अभियान है। उन्होंने कहा कि अब तक हम गंगा के किनारे 1627 गांव को खुले में शौचमुक्त कर चुके हैं। अब लक्ष्य है कि 30 दिसम्बर तक प्रदेश के 30 जिलों को ओडीएफ बनाया जाय। इंसेफ्लाइटिस की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महामारी में इलाज से ज्यादा महत्व बचाव का है और वह केवल सफाई से ही सम्भव है। जिसके लिये जन जन को लगना होगा।  

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जेडीयू ,एनडीए में शामिल होगी

  पटना में जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की शनिवार को हुई बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। पार्टी ने सर्वसम्मति से तय किया है कि वो एनडीए में शामिल होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के घर हुई पार्टी की बैठक में यह फैसला लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ पटना में शरद यादव समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं और नीतीश कुमार के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। माना जा रहा था कि जदयू की बैठक में इस बैठक में शरद यादव को लेकर कोई बड़ा फैसला हो सकता है लेकिन इसे लेकर कोई खबर नहीं आई। वहीं दूसरी तरफ शरद यादव भी पार्टी नेताओं की एक बैठक बुलाई है। इसके बाद यह दिलचस्प होगा कि जदयू का कौन सा नेता किस तरफ जाता है। बैठक से पहले शहर की सड़कों पर पोस्टर वार छिड़ती दिखी। नीतीश और शरद यादव दोनों के ही समर्थकों ने अपने-अपने होर्डिंग लगाकर खुद को असली जदयू बताया है।

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pakistani hindu

  पाकिस्तान में हिंदुओं पर होने वाले अत्याचारों को अब दुनिया मानने लगी है। अमेरिका ने एक ताजा रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान में हिंदुओं की धार्मिक आजादी खतरे मे है। अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन द्वारा जारी बयान में दावा किया गया है कि पाक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और उनकी धार्मिक आजादी को संरक्षण नहीं दिया जा रहा। फिर चाहे वो हिंदू हों, ईसाई या फिर सिख, जबरन धर्म परिवर्तन के डर में रहते हैं। अंतरराष्ट्रीय धर्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट 2016 जारी करते हुए टिलरसन बोले की पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों के अनुसार वहां कि सरकार द्वारा जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदम काफी नहीं हैं। पाकिस्तान में 12 से ज्यादा लोग ईशनिंदा कानून के चलते या तो उम्रकैद काट रहे हैं या फिर फांसी का इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि पाकिस्तान में अक्सर जबरन धर्म परिवर्तन करवाने के मामले सामने आते हैं। कई मामलों में हिंदू लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन करवाकर शादियां करवाईं जाती हैं    

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 वेमुला की मौत

खबर दिल्ली से। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला के आत्महत्या मामले में जांच आयोग की एक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें खुलासा किया गया है कि रोहित ने कॉलेज प्रशासन से तंग आकर अपनी जान नहीं दी थी, बल्कि निजी कारणों से परेशान होकर उसने आत्महत्या की थी। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, रिपोर्ट में कहा गया है कि रोहित व्यक्तिगत तौर पर परेशान था और कई वजहों से खुश नहीं था। रिपोर्ट के अनुसार, रोहित ने अपने सुसाइड नोट में किसी को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। सुसाइड नोट से साफ है कि उसकी अपनी खुद की कई समस्याएं थीं और वह अपनी जिंदगी से नाखुश था। सुसाइड नोट में कथित तौर पर रोहित ने यह भी लिखा है कि वह बचपन में अकेला रहता था और उसको सब नाकाबिल समझते थे। गौरतलब है कि यह रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने दी है, जिसमें इलाहबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस ए के रूपनवाल शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि तात्कालिक मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और भाजपा नेता बंडारू दत्तात्रेय का रोहित की मौत से कोई लेना-देना नहीं था। रोहित की आत्महत्या के बाद भाजपा नेताओं का नाम सामने आया था। कहा गया था कि भाजपा नेताओं के दबाव में आकर ही कॉलेज प्रशासन ने रोहित के खिलाफ कार्रवाई की थी, मगर रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर रोहित कॉलेज की कार्रवाई से दुखी होता तो सुसाइड नोट में इस बात का जरूर जिक्र करता। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रोहित दलित नहीं था। हालांकि रोहित की आत्‍महत्‍या के बाद प्रदर्शन कर रहे संगठनों की तरफ से उसको लगातार दलित बताया जाता रहा था। मगर रिपोर्ट के अनुसार, वह अति पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से था। उसके पिता वी. मणिकुमार बडेरा समुदाय से थे। हालांकि मां ने तर्क दिया कि वह माला समुदाय से है जो अनुसूचित जाति के तहत आता है। पति से तलाक के बाद वह वेमुला को लेकर अलग रहने लगी, मगर वह अपनी जाति के पक्ष में तथ्य प्रस्तुत नहीं कर पाई। रोहित ने 17 जनवरी, 2016 को हॉस्टल के कमरे में आत्‍महत्‍या कर ली थी। इससे पहले उसपर एबीवीपी के एक छात्र नेता को पीटने का आरोप लगा था। जिसके बाद नवंबर, 2015 में रोहित समेत पांच छात्रों को निष्कासित कर दिया गया था।  

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पीएम मोदी न्यू इंडिया

  देश आज अपना 71वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौथी बार तिरंगा फहराया और देश की जनता को संबोधित किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने लाल किला की प्राचीर से अपने भाषण में कहा, 'देश की आजादी और आन, बान, शान और गौरव के लिए बलिदान दिया। ऐसे सभी महानुभाओं और माताओं-बहनों को मैं लाल किले की प्राचीर से नमन करता हूं। कभी-कभी प्राकृतिक आपदाएं हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती बन जाती है। अच्‍छी वर्षा देश को फलने फूलने में बहुत ही योगदान देती है। लेकिन जलवायु परिवर्तन का नतीजा है कि कभी-कभी ये प्राकृतिक आपदा संकट भी मोल लेते हैं। पिछले दिनों देश के कई हिस्‍सों में प्राकृतिक आपदा का संकट आया। एक अस्‍पताल में मासूम बच्‍चों की जान गई। मैं यकीन दिलाता हूं कि ऐसे संकट के मौकों पर कुछ भी करने में हम कमी नहीं छोड़ेंगे।' भ्रष्‍टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा, 'काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। सरकार की योजनाओं में रफ्तार बढ़ी है। सरकार की किसी योजना में विलंब होता है तो सबसे अधिक नुकसान हमारे गरीब परिवारों को होता है। मैं सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा हर महीने लेता हूं। 9 महीने में मंगलयान पहुंच सकते हैं, लेकिन 42 साल से रेल का एक प्रॉजेक्ट लटका पड़ा था। एक ऐसा माहौल था कि केंद्र बड़ा भाई है और राज्य छोटा। लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा हूं और मैं जानता हूं कि राज्यों के विकास में मुख्यमंत्री का कितना योगदान रहता है। आज हम राज्यों को ताकत देकर बिजली के कारखानों के कारोबार में जो समस्याएं थीं उसका मिलकर समाधान किया।' जम्‍मू-कश्‍मीर पर पीएम मोदी ने कहा, 'आज भारत की साख विश्व में बढ़ रही है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आज हम अकेले नहीं हैं। दुनिया के कई देश सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं। विश्व के देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर का विकास, सामान्य नागरिक के सपनों को पूरा करना जम्मू-कश्मीर की सरकार के साथ इस देशवासियों का संकल्प है। कश्मीर के अंदर जो कुछ होता है, आक्षेप भी बहुत होते हैं। मैं साफ मानता हूं कि कश्मीर में जो कुछ हो रहा है मेरे दिमाग में साफ है कि न गाली से समस्या सुलझेगी न गोली से परिवर्तन होगा कश्मीरियों को गले लगाकर। आतंकवादियों को बार-बार हमने कहा है कि आप मुख्यधारा में आइए। आतंकियों के साथ कोई नर्मी नहीं बरती जाएगी। आतंकवादियों को बार-बार हमने कहा है कि आप मुख्यधारा में आइए। आतंकियों के साथ कोई नर्मी नहीं बरती जाएगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। अलगाववादी नए-नए पैंतरे आजमाते रहते हैं, लेकिन आतंकियों के साथ हम कोई नरमी नहीं बरतेंगे।' उन्‍होंने कहा, 'अभी पिछले सप्ताह ही क्विट इंडिया मूवमेंट के 70 साल पूरे हुए। यह वर्ष है जब चंपारण आंदोलन की शताब्दी मना रहे हैं। लोकमान्य तिलक जी ने सार्वजनिक गणेश उत्सव परंपरा को प्रारंभ किया था उसके भी इस साल 125 साल पूरे हो रहे हैं। आज आजादी का 70 और 2022 में आजादी का 75 साल मनाएंगे। 1942 से 47 के बीच देशवासियों ने अंग्रेजों के नाक में दम किया। अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाना पड़ा।' प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमें 2022 में आजादी के दीवानों के सपनों के अनुरूप भारत बनाने के लिए सवा सौ करोड़ देशवासियों के संकल्प और पुरुषार्थ से इस सपने को पूरा करना है। सामूहिकता की शक्ति बहुत बड़ी होती है। प्रभु श्रीकृष्ण एक लकड़ी लेकर खड़े हो गए और गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। श्रीराम को लंका जाना था वानर सेना उनके साथ खड़ी हो गई। हर कोई अपनी जगह से 2022 के लिए एक नई ऊर्जा, नए संकल्प के साथ परिवर्तन ला सकते हैं। न्यू इंडिया जो सुरक्षित हो, समृद्धशाली हो। सबको समान अवसर उपलब्ध हों।' लाल किले की प्राचीर से पीएम ने कहा, 'आजादी का जब आंदोलन चल रहा था तब एक शिक्षक स्कूल में पढ़ाता था, एक मजदूर मजदूरी करता था, लेकिन हृदय में यह भाव था कि जो भी काम कर रहा हूं आजादी के लिए कर रहा हूं। हम परिश्रम करते हैं, लेकिन मां भारती की भव्यता-दिव्यता के लिए राष्ट्रभक्ति से समर्पित हो काम करते हैं तो उसकी ताकत कई गुणा बढ़ जाती है। 2018 के 1 जनवरी को मैं सामान्य 1 जनवरी नहीं मानता हूं। 21वीं शताब्दी में जन्मे नौजवानों के लिए यह वर्ष महत्वपूर्ण है। 21वीं सदी का भाग्य ये नौजवान बनाएंगे जो अब 18 साल के होने जा रहे हैं। मैं इन सभी नौजवानों से कहना चाहूंगा कि आइए देश के निर्माण में अपनी भूमिका निभाइए।' उन्‍होंने कहा, 'कृष्ण ने अरुजन को कुरुक्षेत्र के युद्ध में कहा था कि मन का विश्वास पक्का हो तो सफलता जरूर मिलती है। मैं मानता हूं कि चलता है, ठीक है इसको छोड़ना होगा। अब तो आवाज यही उठे बदलता है, बदल रहा है, बदल सकता है। साधन हो संसाधन हो, लेकिन जब यह त्याग और तपस्या से जुड़ जाते हैं तो बहुत बड़ा परिवर्तन आता है। संकल्प सिद्धि से जुड़ जाता है। देश की रक्षा-सुरक्षा आम जनता के दिल में बहुत बड़ी बात है। बलिदान की पराकाष्ठा करने में हमारे वीर कभी पीछे नहीं रहे। यूनिफॉर्म में रहने वाले लोगों ने त्याग किया है। सर्जिकल स्ट्राइक हुई तो दुनिया को हमारा लोहा मानना पड़ा। सर्जिकल स्ट्राइक पर दुनिया ने माना देश का लोहा। भारत अपने आप में सामर्थ्यवान है और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को हम पस्त कर सकते हैं।' प्रधामंत्री ने कहा, 'मेरे प्यारे देशवासियों! आज ईमानदारी का उत्सव मनाया जा रहा है। बेईमानी के लिए सिर छुपाने की जगह नहीं मिल रही है। अब गरीबों को लूटकर अपनी तिजोरी भरने वाले चैन से नहीं सो सकते। अब गरीबों के मन में यह विश्वास पैदा हो रहा है कि यह देश ईमानदारों के लिए है। सेना के लिए सालों से लटके वन रैंक वन पेंशन को हमने लागू किया। GST जिस तरह से सफल हुआ उसके पीछे कोटि-कोटि लोगों का हाथ है। आज दोगुनी रफ्तार से सड़कें बन रही हैं, दोगुनी रफ्तार से रेल की पटरी बिछाई जा रही हैं। 14 हजार से ज्यादा गांवों को पहली बार बिजली मिली है। 29 करोड़ गरीबों के बैंक अकाउंट खुले हैं। युवाओं को रोजगार के लिए बैंक से लोन की स्वीकृति मिलती है। 2 करोड़ गरीब माताओं को लकड़ी के चूल्हे से मुक्ति मिलती है। वक्त बदल गया है। सरकार जो कहती है वही अब करने के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्‍होंने कहा, लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा हूं और मैं जानता हूं कि राज्यों के विकास में मुख्यमंत्री का कितना योगदान रहता है। आज हम राज्यों को ताकत देकर बिजली के कारखानों के कारोबार में जो समस्याएं थीं उसका मिलकर समाधान किया। आज सभी राज्य कंधे से कंधा मिलाकर केंद्र के साथ चल रहे हैं। न्यू इंडिया हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हमने लोकतंत्र को मतपत्र तक सीमित कर दिया है। न्यू इंडिया में हम लोगों से तंत्र चले, तंत्र से लोक नहीं उस दिशा में जाना चाहते हैं। स्वराज्य हम सबका दायित्व होना चाहिए। जब नोटबंदी की बात आई दुनिया को आश्चर्य हो रहा था। यहां तक लोग कह रहे थे कि अब मोदी गया। आज भ्रष्टाचार पर नकेल लगाने में हम एक के बाद एक कदम उठाने में सफल हो रहे हैं। लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था। प्राकृतिक आपदाओं के बीच में हमारे देश के किसान नई-नई सिद्धियों को हासिल कर रहा है। इस बार मेरे देश के किसानों ने दाल उत्पादन किया तो सरकार ने 16 लाख टन दाल खरीदकर किसानों को बढ़ावा दिया। इतने कम समय में सवा करोड़ किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ गई है। आने वाले समय में 50 योजनाएं किसानों के लिए जुड़ जाएंगी। करोड़ों की सब्जियां, फसल बर्बाद हो जाती हैं। हमने FDI को बढ़ावा दिया ताकि किसानों की फसल बर्बाद न हो।' सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्‍होंने कहा, 'हमारे देश में नेचर ऑफ जॉब में भी बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है। मानव संसाधन के विकास के लिए कई योजनाएं सरकार ने शुरू की। पिछले 3 साल में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के कारण करोड़ों युवाओं को स्वरोजगार की प्रेरणा मिली। पिछले 3 वर्षों में 6 नए IIM, 8 नए IIT का हमने निर्माण किया।' प्रधामंत्री ने कहा, 'भविष्य निर्माण में माताओं-बहनों का योगदान अहम होता है। मैं उन बहनों का अभिनंदन करना चाहता हूं कि जो बहनें तीन तलाक से पीड़ित थीं उन्होंने आंदोलन खड़ा किया। बुद्धिजीवियों को हिला दिया। इस आंदोलन को चलाने वाली बहनों का हृदय से अभिनंदन करता हूं। मुझे विश्वास है कि बहनों की इस लड़ाई में हिंदुस्तान इनकी पूरी मदद करेगा। कभी-कभी धैर्य के अभाव में कुछ लोग आस्था के नाम पर ऐसी चीजें कर देते हैं जिससे देश का ताना-बाना कमजोर होता है। आस्था के नाम पर हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। यह देश बुद्ध का है, गांधी का है। यहां आस्था के नाम पर हिंसा के रास्ते को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उस वक्त नारा था भारत छोड़ो और आज हमारा नारा है, 'भारत जोड़ो'। ट्रेन भी ट्रैक बदलती है तो ट्रेन की स्पीड कम हो जाती है। हम देश को नए ट्रैक पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हमने स्पीड कम नहीं होने दी। 21वीं सदी में भारत को बढ़ाने का सबसे ऊर्जावान क्षेत्र है हमारा पूर्वी भारत है। अथाह सामर्थ्य वाला क्षेत्र है। हमारा पूरा ध्यान बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश, असम, नॉर्थ ईस्ट वाले हमारे राज्य हैं।' उन्‍होंने कहा, 'सरकार बनने के बाद हमने पहला काम किया था एसआइटी बनाने का। हमने काला धन सरेंडर कराया है। जो काला धन छिपा था उसे हम मुख्यधारा में लाने में सफल रहे। नोटबंदी के बाद 3 लाख करोड़ रुपया बैंकिंग सिस्टम में आया। 1.75 लाख करोड़ की राशि शक के घेर में हैं। अब व्यवस्था के साथ उन्हें अपना जवाब देना है। नए करदाताओं की संख्या इस साल दोगुनी से भी ज्यादा हुई है। 18 लाख से ज्यादा ऐसे लोगों को पहचाना गया है जिनकी आय उनके हिसाब-किताब से ज्यादा है। एक लाख लोग ऐसे सामने आए हैं जिन्होंने कभी इनकम टैक्स का नाम भी नहीं सुना था, लेकिन आज उन्हें इनकम टैक्स जमा करना पड़ रहा है। नोटबंदी के बाद जब डेटा माइनिंग की गई तो 3 लाख ऐसी कंपनियां पाईं गईं जो सिर्फ हवाला का कारोबार करती थीं। उनमें से पौन 2 लाख कंपनियों पर ताले लटक गए। कुछ तो ऐसी शेल कंपनियां थीं जिनके एक ही पते पर कई-कई कंपनियां चलती थीं। हमने उन पर कार्रवाई की। जीएसटी के कारण हजारों करोड़ की बचत हुई है समय की भी बचत हुई है। चेकपोस्ट खत्म हुए। नोटबंदी के बाद बैंकों के पास धन आया है।' डिजिटल लेन-देन पर जोर देते हुए मोदी ने कहा, 'विश्व का सबसे बड़ा युवा वर्ग हमारे देश में हैं। क्या अब भी हम उसी पुरानी सोच में रहेंगे? आज जो कागज के नोट हैं वो समय के साथ डिजिटल में बदलने वाला है। पिछले साल की तुलना में डिजिटल लेन-देन में 34 फीसदी का बढ़ावा हुआ है। हिंदुस्तान की कुछ योजनाएं ऐसी हैं जिससे लोगों का पैसा बचने वाला है। सस्ती दवाई गरीब के लिए बहुत बड़ी राहत है। हम गरीब और मध्यमवर्ग के लिए एक से बढ़कर एक योजनाएं शुरू कर रहे हैं। हमने जिला स्तर तक डायलिसिस को पहुंचाया है। हम तेजस हवाई जहाज के द्वारा दुनिया के अंदर अपनी धमक पहुंचा रहे हैं। जीएमसटी से देश की कार्यक्षमता 30 फीसदी बढ़ी है। सही समय पर कोई कार्य पूरा न किया गया तो इच्छित परिणाम कभी नहीं मिलते। ऐसा हमारे शास्त्रों में कहा गया है।' उन्‍होंने कहा, 'सही समय पर कोई कार्य पूरा न किया गया तो इच्छित परिणाम कभी नहीं मिलते। ऐसा हमारे शास्त्रों में कहा गया है। न्यू इंडिया में हम सब मिलकर ऐसा देश बनाएंगे जहां महिलाओं को अपने सपने पूरे करने की आजादी होगी। हम ऐसा भारत बनाएंगे जहां भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से कोई समझौता नहीं होगा। इस विकास की दौड़ में हम सब मिलकर आगे बढ़ने का काम करेंगे। एक दिव्य और भव्य भारत के सपने को लेकर सभी देशवासी चलें। इसी विचार के साथ मैं आजादी के मतवालों को प्रणाम करता हूं। इसी विचार के साथ मैं सवा सौ करोड़ देशवासियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं। जय हिन्द! जय भारत।' मंच से पीएम मोदी ने वंदे मातरम का नारा लगाया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। लाल किले आने से पहले प्रधानमंत्री राजघाट पहुंचे, जहां पर उन्होंने बापू को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह करीब 7.20 बजे लालकिले के लौहारी गेट पहुंचे जहां पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली, रक्षा राज्य मंत्री सुभाषा भामरे और रक्षा सचिव संजय मित्रा ने उनकी अगवानी की। इसके बाद सेना की दिल्ली एरिया के जीओसी जनरल ऑफिसर कमांडिंग ले. जनरल एम.एम नरवाने पीएम को सैल्यूटिंग गार्ड्स की तरफ लेकर गए जहां पर सेना की जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फ्रेंट्री के जवान और दिल्ली पुलिस के जवान गार्ड्स ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद पीएम लाल किले की प्रचीर पर पहुंचे जहां पर तीनों सेना के अध्यक्ष और रक्षा मंत्री एक बार फिर से उनकी अगवानी के लिए खड़े थे। लालकिले की प्राचीर पर ले. कर्नल कंचल कुल्हारी ने पीएम मोदी को झंडा फहराने में सहायता की। इस दौरान कैप्टन मो. हसाब खान और ले. विनय पीएम के डायस के दोनों तरफ एडीसी के तौर पर तैनात थे। झंडा फरहाते ही 21 तोपों की सलामी दी गई। उसके बाद पीएम का भाषण शुरू हुआ।  

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गुजरात राज्यसभा चुनाव

अमित शाह की साख का सवाल बने गुजरात राज्यसभा चुनाव में आखिरकार उन्हें अहमद पटेल के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। लाख कोशिशों और कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग के बावजूद अहमद पटेल को जरूरी वोट मिल गए और देर रात वो पांचवीं बार राज्यसभा के लिए चुन लिए गए। मंगलवार को हुए चुनाव हाई वोल्टेज ड्रामे में बदल गए। कांग्रेस के दो बागियों द्वारा वोट भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिखाए जाने पर कांग्रेस ने बवाल मचा दिया। चुनाव आयोग ने कांग्रेस की शिकायत पर रात 11.30 बजे दोनों वोट रद्द करते हुए मतगणना का आदेश दिया गया, लेकिन रात 1.30 बजे तक गांधीनगर में मतगणना शुरू नहीं हो सकी। अमित शाह खुद मतगणना स्थल पर डटे रहे। भाजपा नेताओं की मांग है कि उनकी शिकायत पर भी चुनाव आयोग सुनवाई करे। वह वीडियो सीडी सार्वजनिक की जाए, जिसके आधार पर दो वोट रद्द किए गए हैं। 176 वोट पड़े, आयोग ने 2 रद्द किए 1 सीट जीतने के लिए चाहिए 44 कांग्रेस के पास थे 44 वोट, एक ने क्रॉस वोटिंग की, शेष रहे 43 जदयू के छोटू वसावा ने पटेल को वोट देने का दावा किया।  भाजपा 121 विधायकों, 7 बागियों व अन्य के बल पर अमित शाह व स्मृति ईरानी की तय जीत के अलावा तीसरे प्रत्याशी बलवंत सिंह राजपूत को भी जीताना चाहती थी। दो वोट रद्द होने से भाजपा का गणित गड़बड़ाया और अहमद पटेल का पलड़ा भारी हो गया। बवाल की यही जड़ मानी जा रही थी। 10 विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग कांग्रेस के सात बागियों के अलावा राकांपा के दो और जदयू के एकमात्र विधायक छोटू वसावा ने दूसरे दलों को वोट दिए। जबकि एक निर्दलीय सोमवार रात ही भाजपा में शामिल हो गए थे। कांग्रेस को नहीं दिया वोट : वाघेला मतदान के बाद वाघेला ने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया, इसलिए अपने अजीज मित्र अहमद पटेल को वोट देने का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस डूबती नाव है, अहमद पटेल चुनाव हारने वाले हैं इसलिए अपना वोट खराब नहीं करूंगा। राघवजी पटेल (58 वर्ष): कभी भाजपा, कभी कांग्रेस ये जामनगर ग्रामीण से निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचे हैं। ये लेउवा पाटीदार हैं, जिन्होंने 1978 से राजनीति शुरू कर दी थी। हालांकि अपना पहचा चुनाव सन् 2000 में जसदन तालुका पंचायत से लड़ा था। इसके बाद पांच बार विधायक रहे। इसमें दो बार भाजपा के टिकट से मिली जीत शामिल है। इन्होंने मंत्री नहीं बनाए जाने से खफा होकर भाजपा छोड़ दी थी। 2007 और 2012 में कांग्रेस के टिकट से विधायक रहे। अब इनका मानना है कि पाटीदार गुजरात की राजनीति को बदल सकता है। इन पर दो आपराधिक केस हैं। दोनों ही मामले कोर्ट मे लंबित हैं। पिछले हलफनामे के मुताबिक, इनकी कुल संपत्ति 4.66 करोड़ है। भोलाभाई गोहेल (42 वर्ष): फोन आया और हो गए लापता ये जसदन से विधायक हैं और कोली समाज से हैं। इन्होंने रूरल स्टडीज में डिग्री हासिल की है। भोलाभाई ने पिछले माह ऐलान किया था कि वे इस साल के आखिरी में होने वाले चुनाव नहीं लड़ेंगे। राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने कुछ विधायकों को बागी होने से बचाने के लिए राजकोट के नील सिटी क्लब में रखा था, लेकिन भोलाभाई वहां से निकल आए थे। बताते हैं कि तब उनके पास किसी का फोन आया था। इसकी भनक लगने के बाद कांग्रेस ने कहा था कि भोलाभाई लापता है और उसकी सूचना देने वाले को ईनाम दिया जाएगा। भोलाभाई पर कोई आपराधिक केस नहीं है। उनकी कुस संपत्ति 26.85 लाख है।  

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जस्टिस दीपक मिश्र

जस्टिस दीपक मिश्र देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। दीपक मिश्र मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जेएस खेहर की जगह लेंगे। जस्टिस खेहर का कार्यकाल 27 अगस्त को खत्म होगा। वे भारत के 45वें मुख्य न्यायाधीश होंगे। भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले वे ओडिशा की तीसरे जज होंगे। उनसे पहले ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले जस्टिस रंगनाथ मिश्रा और जीबी पटनायक भी इस पद को संभाल चुके हैं। जस्टिस दीपक मिश्रा को याकूब मेमन पर दिए गए फैसले पर काफी सुर्खियां मिली थीं। याकूब मेमन की फांसी पर रोक लगाने वाले याचिका को जस्टिस दीपक मिश्रा ने खारिज कर दिया था। वे पटना और दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं।

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 AK 47 बरामद

जम्मू-कश्मीर में पिछले दो दिनों से सेना और आतंकियों के बीच लगातार मुठभेड़ की खबरें आ रहीं हैं। ताजा मुठभेड़ शुक्रवार रात जम्मू-कश्मीर के सोपोर में हुई है जिसमें सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया है। इसमें एक जवान के घायल होने की भी सूचना है। यह मुठभेड़ सोपोर के अमरगढ़ में हुई है। आतंकियों के मारे जाने के बाद उनके शवों के पास से 3 AK 47 बरामद हुई है। मुठभेड़ के बाद बारामुला में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं हैं। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। जानकारी के अनुसार सुरक्षा बलों को ऐसी जानकारी मिली थी कि लश्कर के तीन आतंकी एक घर में घात लगाकर छिपे हुए हैं। उसके बाद रात से ही दोनों तरफ से गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ में जम्मू कश्मीर पुलिस के एक जवान के घायल होने की भी खबर आ रही है।

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ब्रॉडबैंड  दूरसंचार मंत्रालय

बिलासपुर में इंटरनेट की स्पीड को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय को निर्देश जारी कर जल्द से जल्द देशभर में ब्राडबैंड की स्पीड बढ़ाने का फरमान जारी किया है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि नेट की स्पीड बढ़ने से सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) भी बढ़ेगा। बिलासपुर निवासी 67 वर्षीय बुजुर्ग दिलीप भंडारी ने वकील पलाश तिवारी के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि देश में इंटरनेट की स्पीड काफी कम है। जबकि अन्य छोटे-छोटे देशों में काफी अधिक है। याचिका के अनुसार इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा अधिक रेट लेने के बाद भी कम स्पीड दी जा रही है। याचिकाकर्ता ने यूएसए का हवाला देते हुए कहा कि इसी रेट पर वहां नेट की स्पीड कम से कम 25 एमबीपीएस मिलती है। भारत में यही स्पीड 512 केबीपीएस हो जाती है। याचिका के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डिजिटल इंडिया को प्रोत्साहन देने लगातार युवा पीढ़ी से आह्वान किया जा रहा है। इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा इतनी कम स्पीड में नेट सेवा से काम चलने वाला नहीं है। याचिका के अनुसार वर्ष 2012 में नेशनल टेलीकॉम पॉलिसी लागू करते हुए दूरसंचार विभाग ने 1 जनवरी 2015 को न्यूनतम दो एमबीपीएस स्पीड करने की घोषणा की थी। इंटरनेट प्रदाता कंपनियों के लिए ट्राई ने कड़ी शर्तें लागू करते हुए कहा था कि नियमों का उल्लंघन करने पर नेट प्रोवाइडर कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वर्ष 2008 में ट्राइ ने दूरसंचार मंत्रालय के अलावा अन्य कंपनियों को पत्र लिखा था। निर्देश पर अमल न करने के कारण दूरसंचार नियामक आयोग ने वर्ष 2016 में दोबारा पत्र लिखा। याचिकाकर्ता ने ट्राई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इंटरनेट व ब्राडबैंड की स्पीड बढ़ेगी तो देश में जीडीपी दर में भी इजाफा होगा। याचिका के अनुसार तकरीबन दो फीसदी सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोतरी होगी । याचिकाकर्ता ने कहा है कि इंटरनेट प्रदाता कंपनियों द्वारा स्पीड न बढ़ाए जाने के कारण देशभर में तकरीबन 200 मिलियन लोग प्रभावित हो रहे हैं। खासकर युवाओं को ज्यादा नुकसान हो रहा है। हाईस्पीड नेट सर्विस मिलने पर रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे। याचिकाकर्ता ने बताया कि इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों द्वाा एक हजार रुपए में दो जीबी हाईस्पीड नेट सुविधा देने के बाद शेर यूजर्स पॉलिसी लागू कर देती है व नेट की स्पीड को कम कर देती है। विभाग का जवाब सुनकर हंसने लगे चीफ जस्टिस डिवीजन बेंच के समक्ष जवाब देते हुए केंद्रीय दूरसंचार विभाग के अफसरों ने कहा कि स्पीड बढ़ाना एक दिन का काम नहीं है। इसके लिए कम से कम वर्ष 2025 तक का समय चाहिए। विभागीय अफसरों की जवाब सुनकर चीफ जस्टिस हंसने लगे। उन्होंने दो टूक कहा कि हर हाल में जल्द से जल्द इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने की व्यवस्था करें। दूरसंचार मंत्रालय को निर्देश जारी करने के साथ ही चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन व जस्टिस शरद गुप्ता की डिवीजन बेंच ने याचिका को निराकृत कर दिया है।

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बाग हस्तशिल्प कला

विश्व में अपनी पहचान बना चुकी मध्यप्रदेश की बाग हस्तशिल्प कला ने एक बार फिर अमेरिका में लोगों का मन मोहा है। यह पहला मौका है कि भारत की ओर से धार जिले के बाग कस्बे की प्रसिद्ध हस्तशिल्प कला का अमेरिका में दूसरी बार प्रदर्शन किया गया है। हाल ही में अमेरिका के सेन्टा फे शहर में हुए अंतर्राष्ट्रीय फोकआर्ट मार्केट में भारत की ओर से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त मोहम्मद युसूफ खत्री ने परम्परा गत आदिवासी हस्त कला का परचम फहराया। इस प्रदर्शन-सह-बिक्री आयोजन में विश्‍व के 90 देशों ने भाग लिया। फोक आर्ट मार्केट की निदेशक साचिको उमी ने बाग प्रिंट की सराहना करते हुए कहा कि इसकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कलाकारों को आगे मौके दिये जाने चाहिये। मोहम्मद युसूफ खत्री ने अमेरिका की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक एवं परम्परागत परिधान डिजाइन किये थे। इनकी प्रदर्शनी में काफी लोकप्रियता रही। तीन दिवसीय प्रदर्शनी में श्री युसूफ के सिल्क स्कार्फ, स्टोल, टेबल रनर, बेम्बू मेट की काफी माँग रही। विभिन्न देशों में श्री युसूफ के बाग प्रिंट को मिली है सराहना मोहम्मद युसूफ खत्री वर्ष 2009 में भी अमेरिका के फोट आर्ट मार्केट में अपनी हस्तकला का यादगार प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बारर्सिलोना स्पेन में वर्ष 1991, हेनोवर जर्मनी के वर्ल्ड एक्सपो 2000, मार्टेनिक फ्रांस 2005, बारर्सिलोना स्पेन में वर्ल्ड एक्सपो 2005, बेहरीन में सुकल हिन्द फेस्टिवल 2006, बेल्जियम के ब्रुसेल्स में फेस्टिवल ऑफ इंडिया 2006, इटली के मिलान में मेकेफेयर 2009, कोलम्बिया के बगोटो शहर में आर्टिजनों हैण्डीक्राफ्ट फेयर 2009, मिनाल इटली फेयर 2010, अर्जेंटीना के ब्यूनिसआयर्स में भारत महोत्सव 2011 सहित देश के कई नगरों में अपनी कला का जीवंत प्रदर्शन कर चुके हैं।  

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पथराव राहुल गांधी

कई दिनों तक बाढ़ के पानी में डूबे रहने के बाद गुजरात के बनासकांठा की हालत खराब है। घरों में कीचड़ भरा है और लोग परेशान हैं। इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करने गए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को लोगों को गुस्से का शिकार होने पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बनासकांठा में लोगों से मिलने के बाद वो एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाए। जिसके बाद राहुल बोले की मैं इन काले झंडों से नहीं डरता। दावा है कि कुछ देर बाद इनकी कार पर पथराव भी किया गया। राहुल गांधी पिछले दिनों से बाढ़ प्रभावित असम और गुजरात के दौरे पर हैं। बनासकांठा में राहुल गांधी ने कहा कि मैं आपके बीच आना चाहता था और कहना चाहता था कि कांग्रेस पार्टी आपके साथ है।

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cbi मोनीश मल्होत्रा

नई दिल्ली में  नवगठित जीएसटी परिषद के एक अधीक्षक को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। वह कथित रूप से अपने एक करीबी के जरिये घूस लेता था। सीबीआइ द्वारा जीएसटी परिषद के किसी अधिकारी की गिरफ्तारी का यह पहला मामला हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि अधीक्षक मोनीश मल्होत्रा और कथित मध्यस्थ मानस पात्रा को सीबीआइ ने बुधवार शाम गिरफ्तार किया। दरअसल, एजेंसी को सूचना मिली थी कि पात्रा पिछले कुछ दिनों में इकट्ठा हुई रिश्वत की रकम को उसका विवरण लिखे कागज के साथ मल्होत्रा को उसके घर पर सौंपने वाला है। इस पर सीबीआइ टीम ने उसके परिसरों की तलाशी ली और मल्होत्रा व पात्रा को रिश्वत की रकम और कुछ दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार कर लिया। बताते हैं कि मोनीश मल्होत्रा इससे पहले केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग में तैनात था। प्राइवेट पार्टियों से वह निश्चित अंतराल पर रिश्वत लेकर बदले में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता था। सीबीआइ को यह भी जानकारी मिली कि मल्होत्रा की ओर से पात्रा प्राइवेट पार्टियों से संपर्क करता था और त्रैमासिक या मासिक आधार पर उनसे रिश्वत वसूल करता था। सीबीआइ द्वारा दर्ज एफआइआर के मुताबिक, घूस को छिपाने के लिए पात्रा पहले इस रकम को अपने एकाउंट में जमा कर लेता था। बाद में उस रकम को मल्होत्रा की पत्नी शोभना के एचडीएफसी बैंक एकाउंट और उसकी बेटी आयुषी के आइसीआइसीआइ बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर देता था।  

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सुषमा स्‍वराज राज्‍यसभा

  विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने राज्‍यसभा में कहा है कि आतंकवाद और बातचीत दोनों एक साथ नहीं हो सकते। बांग्‍लादेश के साथ रिश्‍ते अच्‍छे हैं, हमने पाक से भी शांति की बातें की थीं पर नतीजा नहीं निकला। उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी ने भारत को पूरी दुनिया में सम्‍मान दिलाया है। हमने 3 घंटे में मालदीव को पानी दिया। राजीव गांधी 17 साल तक नेपाल नहीं गए लेकिन मोदी गए। राहुल गांधी पर भी सुषमा ने निशाना साधते हुए कहा कि संकट के समय वे चीन के राजदूत से क्‍यों‍ मिले।सुषमा ने कहा कि विदेश नीति की चिंता की जन्मदाता हम नहीं बल्कि कांग्रेस है। विपक्ष बताए कि किस देश से हमारे संबंध खराब है। सुषमा ने कहा कि पीएम मोदी ने विदेश नीति से सम्मान दिलाया है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने सिर्फ निजी तौर पर नाम कमाया है।  

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अरविंद पनगढ़िया का इस्तीफा

  देश के सबसे बड़े सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने इस्तीफा दे दिया है। पनगढ़िया ने अपने इस फैसले से पीएमओ को भी अवगत करा दिया है। हालांकि पीएम मोदी फिलहाल असम के बाढ़ग्रस्त इलाकों के दौरे पर हैं, इसलिए पनगढ़िया के इस्तीफे पर आखिरी फैसला नहीं हुआ है। 31 अगस्त पनगढ़िया का आखिरी कार्यकारी दिन होगा, इसके बाद वे एकेडमिक्स का रुख करेंगे। आपको बता दें देश की नीति और विकास प्रक्रिया को नई दिशा देने के लिए मोदी सरकार ने योजना आयोग को खत्म करके नीति आयोग की शुरुआत की थी। अरविंद पनगढ़िया नीति आयोग के पहले उपाध्यक्ष बने थे। पनगढ़िया भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं और कोलंबिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं। अरविंद पनगढ़िया कई पुस्तक भी लिख चुके हैं। उनकी पुस्तक इंडिया द इमरजिंग जाइंट 2008 में इकनॉमिस्ट की ओर से सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली पुस्तक में शामिल हो चुकी है। मार्च 2012 में उन्हें देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पदम विभूषण से नवाजा जा चुका है। अपनी बात तार्किक अंदाज में कहने वाले अर्थशास्त्री के रूप में पहचान बनाने वाले पनगढ़िया की सलाह पर ही सरकार ने एयर इंडिया को बेचने का निर्णय किया था। इससे पहले तमाम अर्थशास्त्री एयर इंडिया को लेकर इस तरह की इच्छा तो रखते थे लेकिन सरकार के सामने कहने की पहल किसी ने नहीं की। सूत्रों के अनुसार, पनगढ़िया वापस कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाना शुरू कर सकते हैं। बताया जाता है कि कोलंबिया यूनिवर्सिटी में कोई भी व्यक्ति रिटायर नहीं होता है। वह जीवनभर अपनी स्वास्थ्य क्षमता के अनुसार अध्यापन कार्य कर सकता है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी से अरविंद पनगढ़िया को दो बार पहले भी वापस लौटने के लिए नोटिस भेजा गया था।  

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तृणमूल कांग्रेस

  गुजरात में कांग्रेस और यूपी में समाजवादी पार्टी के नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद अब ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में फूट पड़ गई है। खबर है कि त्रिपुरा में टीएमसी के छह विधायक अगस्त में भाजपा में शामिल हो जाएंगे। ये वे विधायक हैं, जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में पार्टी सप्रीमो ममता बनर्जी का फैसला ठुकराते हुए एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को वोट दिया था। वैसे इन विधायकों के भाजपा में शामिल होने की अटकलें लंबे समय से चल रही हैं। इससे पहले भाजपा ने इन्हें 31 मई 2017 तक की डेडलाइन दी थी। अब प्रदेश के बडे़ टीएमसी नेता सुदीप रॉय बर्मन के हवाले से कहा गया है कि वे अपनी साथी विधायकों के साथ 6 या 7 अगस्त को भाजपा में शामिल हो जाएंगे। खबर तो यह भी है कि 1 अगस्त को ये विधायक दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करेंगे।  9 अगस्त को भाजपा ने अगरतला में बड़ी रैली बुलाई है। त्रिपुरा में अब तक वामदलों का राज रहा है और यहां अगले साल चुनाव होने हैं।  

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iim loksabha

  लोकसभा ने आईआईएम बिल को पास कर दिया है। इसी के साध देश के सभी 20 भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) अब सरकार की दखलंदाजी से मुक्त हो गए हैं। भारतीय प्रबंध संस्थान विधेयक 2017 ने इन संस्थानों को स्वायत्तता प्रदान कर दी है। आईआईएम अब निदेशकों, फेकल्टी सदस्यों की नियुक्ति करने के अलावा डिग्री और पीएचडी की उपाधि प्रदान कर सकेंगे। पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर सभी 20 आईआईएम बोर्ड ऑफ गनर्वर्स की नियुक्ति भी कर सकेंगे। बिल पास होने के बाद अब आईआईएम संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान घोषित कर दिया गया है और विजिटर का पद समाप्त कर दिया गया है। संस्थान अब यहां पढ़ाई करने वालों को डिप्लोमा की जगह डिग्री दे सकेंगे।आईआईएम के पास अब ज्यादा स्वायत्ता होगी। अब संस्थान का बोर्ड ही चेयरपर्सन और डायरेक्टर्स की नियुक्ति कर सकेगा। चेयरपर्सन की नियुक्ति बोर्ड द्वारा 4 साल के लिए जाएगी वहीं डायरेक्टर की नियुक्ति पांच साल के लिए होगी।अलग-अलग आईआईएम के बोर्ड के पास अब अपने संस्थान की समीक्षा की शक्तियां होंगी और यही बोर्ड हर संस्थान की सर्वोच्च बॉडी होगी। एक बार यह बिल एक्ट बन जाए उसके बाद आईआईएम को डायरेक्टर की नियुक्ति के लिए मानव संसाधन मंत्रालय की अनुमति की जरूरत नहीं पड़ेगी।  हर आईआईएम के खातों का ऑडिट अब कैग द्वारा किया जाएगा। 

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छत्तीसगढ़ टमाटर

  छत्तीसगढ़ में दाम बढ़ने के बाद उठाव कमजोर होने से टमाटर की थोक कीमत में जबरदस्त गिरावट आई है। रेट ज्यादा होते ही लोगों ने टमाटर लेना कम कर दिया है। रायपुर थोक मंडी में प्रति कैरेट 600 रुपए दाम गिर गया। गुरुवार को 1600 रुपए कैरेट (25 किलो) था, जो दूसरे दिन 1000 रुपए पर आ गया। थोक व्यापारियों ने 40 रुपए किलो पर टमाटर बेचा। व्यापारियों ने फुटकर मार्केट में भी कुछ दिनों में भाव गिरने की संभावना जताई है। थोक सब्जी व्यापारी संघ के अध्यक्ष टी श्रीनिवास रेड्डी का कहना है कि टमाटर की कीमत में अब गिरावट आनी शुरू हो गई है। आवक बढ़ने से दाम और घटेंगे। वर्तमान में तीन से चार ट्रक टमाटर की आवक है, लेकिन खपत आधी से भी कम है। पिछले दिनों टमाटर के दाम 100 रुपए किलो पहुंचते ही लोगों ने खरीदना कम कर दिया। कारोबारियों का कहना है इसी वजह से कीमत गिर रही है। सब्जी कारोबारियों का कहना है कि अगले हफ्ते से टमाटर की आवक नासिक समेत अन्य कई क्षेत्रों से होने वाली है। आवक बढ़ेगी तो निश्चित रूप से टमाटर की कीमत में और गिरावट आ जाएगी। इन दिनों घरों के साथ होटलों में टोमैटो सॉस के साथ जैम और इमली की खपत काफी बढ़ गई है। इनकी डिमांड में जबरदस्त तेजी आई है। इसके चलते किराना दुकानों में इन दिनों भरपूर स्टॉक रखा जा रहा है। स्टॉक खत्म होने से पहले ही ऑर्डर कर रहे हैं।  

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ram jethmalani

मानहानि मामले में केजरीवाल का केस छोड़ चुके मशहूर वकील राम जेठमलानी ने दावा किया है कि अरुण जेटली के खिलाफ अपशब्दों का उपयोग करने के लिए केजरीवाल ने ही कहा था। जेठमलानी के दावे के अनुसार केजरीवाल ने तो जेटली के खिलाफ और ज्यादा अपमानजनक शब्दों के उपयोग के लिए कहा था। बता दें कि पिछले दिनों राम जेठमलानी ने खुद को केजरीवाल के केस से अलग करते हुए फीस के 2 करोड़ मांगे थे। लेकिन केजरीवाल जब यह कहा कि वकील ने खुद ही अपमानजनक शब्दों का उपयोग गिया था तो जेठमलानी नाराज हो गए। इसके बाद अपने खत में जेठमलानी ने कहा कि अपनी अंतरआत्मा से पूछिए आपने कितनी बार जेटली के लिए अपमानजनक शब्दों का उपयोग करने के लिए कहा। बता दें कि इसी अपशब्द के उपयोग के बाद जेटली ने केजरीवाल पर एक और मानहानि का केस दर्ज करवाया था।  

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 नरोत्तम मिश्रा - सुप्रीम कोर्ट

चुनाव आयोग के फैसले पर लगी रोक नई दिल्ली से खबर है कि  सुप्रीम कोर्ट ने नरोत्तम मिश्रा को बड़ी राहत देते हुए चुनाव आयोग द्वारा उनके खिलाफ दिए गए फैसले पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट को इस मामले का दो सप्ताह में निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार सुबह हुई सुनवाई में नरोत्तम मिश्रा की ओर से वकील ने कहा था कि चुनाव आयोग ने एक कमेटी बनाकर अचानक यह फैसला दिया है। इसके बाद से नरोत्तम मिश्रा अपना मंत्री पद नहीं संभाल पा रहे हैं। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पेड न्यूज के एक मामले में नरोत्तम मिश्रा द्वारा जीते गए चुनाव को शून्य घोषित कर दिया था। इसके साथ ही मिश्रा के तीन साल तक चुनाव लड़ने पर बैन लगाया गया था  

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 नीतीश कुमार  बहुमत

  बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बहुमत साबित कर दिया। नीतीश के पक्ष में 131 वोट जबकि विरोध में 108 वोट पड़े। सुबह 11 बजे पेश होने वाला यह प्रस्ताव राजद के हंगामे के चलते 12 बजे के बाद पेश हो सका। प्रस्ताव पेश होने से पहले तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला। सदन में विश्वास प्रस्ताव रखने के बाद नीतीश ने सदन को संबोधित करते हुए तेजस्वी को जवाब दिया। पक्ष-विपक्ष के विवाद के बीच सदन में नीतीश कुमार ने विश्वासमत पर बोलते हुए कहा कि सदन की मर्यादा का पालन करना चाहिए। हम एक-एक बात का सबको जवाब देंगे। सत्ता सेवा के लिए होता है, मेवा के लिए नहीं। नीतीश ने कहा कि मैंने महागठबंधन धर्म का हमेशा पालन किया, लेकिन जब मेरे लिए मुश्किल आई तो इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस पर तंज कसते हुए नीतीश ने कहा कि पच्चीस सीट नहीं मिल रही थी कांग्रेस को हमने चालीस दिलाई।सत्ता धन अर्जित करने के लिए नही होता। मैंने जनता के लिए ये फैसला लिया है, वोट देने वाली जनता परेशान थी और यह सरकार बिहार की जनता के लिए काम करेगी। मुझे कोई सांप्रदायिकता का पाठ ना पढाए। आज जुम्मे का दिन है और मैं कोई हंगामा नहीं चाहता। बिहार विधानसभा के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही के भीतर भी राजद विधायक हंगामा किया और इसी बीच राजद की तरफ से तेजस्वी यादव को विरोधी दल का नेता मनोनीत किया गया । विधानसभा अध्यक्ष को प्रस्ताव दिया गया, जिसे उन्होंने मंजूर कर लिया । नेता विपक्ष बनते ही तेजस्वी यादव ने नीतीश के खिलाफ हमला बोला । उन्होंने कहा कि जनता ने महागठबंधन को पांच साल के लिए चुना था लेकिन हमारे साथ, बिहार की जनता के साथ धोखा देकर महागठबंधन को तोड़ दिया। नीतीश जी का ये कौन सा सिद्धांत है। आपको शर्म नहीं आती आज सुशील मोदी के बगल में बैठने में।नीतीश जी का इस्तीफा और भाजपा का तुरत समर्थन ये सब पूरी प्लानिंग की गई थी और नैतिकता की बात करते हैं, ये कौन सी नैतिकता है आपकी? कौन सी विचारधारा है इसे अब पूरी दुनिया जानना चाहती है। तेजस्वी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नीतीश कुमार जी रणछोड़ हो गए हैं, हे श्रीराम से जय श्रीराम कह पलटी मार गए। नीतीश के बगल में बैठे थे तो पता नहीं था इनका असली चेहरा अब नजर आया है। सुशील मोदी और नीतीश पर भी तो केस चल रहा है फिर इनदोनों ने शपथ कैसे ले ली? तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अाप तो इधर भी हैं और उधर भी, आपने समझा ही नहीं लालू यादव को अगर पुत्रमोह होता तो एेसा नहीं होता, लालू जी को पुत्रमोह नहीं भाई मोह था। आप एक बार बोल देते तो मैं इस्तीफा दे देता। तेजस्वी ने कविता सुनाकर नीतीश को पुुरानी बातें याद दिलाईं और कहा कि कहां गये वो पीएम मोदी के लिए बोले गए शब्द-बहती हवा सा था वो दाऊद को लाने वाला था वो...क्या सबकुछ भूल गए आप? तेजस्वी ने उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी से कहा कि आपको शर्म नहीं आती एेसी साजिश रच डाली। उन्होंने सुशील मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने मेरे और मेरे परिवार पर झूठे आरोप लगाए उसे माफ नहीं करूंगा। तेजस्वी के इन गंभीर आरोपों के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने तेजस्वी को भाषण खत्म करने का निर्देश दिया। भाजपा नेता नंदकिशोर यादव ने तेजस्वी के बयान का पलटवार करते हुए कहा कि अगर लालू को पुत्रमोह नहीं होता तो अब्दुल बारी सिद्दीकी उपमुख्यमंत्री होते। उन्होंने कहा कि तेजस्वी थे उपमुख्यमंत्री और फैसला लेते थे लालू। नंदकिशोर यादव ने कहा कि जो आरोप लगा रहे हैं वो सब हमारे भाई हैं और कई हमारे संपर्क में हैं। आरजेडी की बातों का मैं बुरा नहीं मानता। नंदकिशोर यादव ने नीतीश कुमार के लिए शायरी पढ़ी- नहीं गया मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता... राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने नंदकिशोर यादव को जवाब देते हुए कहा कि जब मैं सीएम बनूंगा तो आप मेरे साथ होंगे क्या? कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि नीतीश के महागठबंधन तोड़ने का दुख है और पार्टी बदलने वालों से क्या बात करें? नीतीश का पूरा खेल सुनियोजित था। पूरी सुनियोजित तरीके से नीतीश ने यह सब किया है। पहले उन्होंने कोविंद को समर्थन किया और फिर भोज में शामिल हुए। सदानंद सिंह के बाद उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने अपने संबोधन में राजद को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपकी वजह से ही मैं आज चार साल के बाद फिर से पक्ष की ओर बैठा हूं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी ने अगर इस्तीफा दे दिया होता तो मैं डिप्टी सीएम नहीं बन पाता। शुक्रगुजार हूं राजद और कांग्रेस का जिनकी वजह से मैं डिप्टी सीएम बना। सुशील मोदी ने कहा कि जनादेश बेनामी संपत्ति को बचाने के लिए नहीं था 26 साल में 26 बेनामी संपत्ति के मालिक बनने के लिए नहीं था। सुशील मोदी के बयान को सुनकर तेजस्वी यादव आक्रोशित हो गए और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। तेजस्वी ने कहा कि जब जांच चल रही है तो बेनामी संपत्ति कैसे बोल सकते हैं? आरजेडी विधायकों ने सुशील मोदी के बयान के बाद हंगामा शुरू कर दिया और कुर्सी पर खड़े होकर विरोध जताया। नीतीश पर आरोप लगाने के साथ ही एनडीए और जदयू के विधायक भी आक्रोशित हो गए और वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया । नीतीश कुमार के पहुंचते ही राजद विधायकों ने जमकर नारेबाजी की और नीतीश कुमार इस्तीफा दो, नीतीश कुमार वापस जाओ, के नारे लगाए। राजद के साथ कांग्रेस के विधायक भी हंगामे में शामिल है। सदन के बाहर और सदन के अंदर भी जबर्दस्त हंगामा जारी रहा। बिहार में गुरुवार को राजग की नई सरकार बन गई। अब नीतीश कुमार इस सरकार का बहुमत साबित करने के लिए विधानसभा पहुंच चुके हैं। वो 11 बजे सदन में फ्लोर टेस्ट से गुजरेंगे। आंकड़ों पर नजर डालें तो जदयू और एनडीए को मिलाकर कुल 132 विधायकों के समर्थन का दावा है जबकि बहुमत के लिए 122 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। इस पूरे मामले में खास बात यह है कि जदयू के नेता नाराज हैं और ऐसे में किसी विधायक ने बगावत नहीं की तो सरकार अपना बहुमत साबित कर देगी। वहीं दूसरी तरफ खबर है कि राज्य में महागठबंधन को दूसरा झटका लग सकता है और कांग्रेस के 18 विधायक पार्टी का दामन छोड़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो महज 27 विधायकों के साथ गठबंधन में शामिल कांग्रेस के पास सिर्फ 9 विधायक बचेंगे। गुरुवार को ही नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री और सुशील कुमार मोदी ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही शासन की बागडोर संभाल ली। केंद्र व बिहार में 21 साल बाद एक जैसी गठबंधन सरकार है। तब बिहार व केंद्र में संयुक्त मोर्चा की सरकार थी। राजग ने बीती रात राज्यपाल त्रिपाठी के समक्ष 132 विधायकों के समर्थन की सूची सौंपी थी। इसमें जदयू 71, भाजपा 53, आरएलएसपी 2, लोजपा 2, हम 1 व 3 निर्दलीय शामिल हैं। वहीं 243 सदस्यीय बिहार विस में राजद के 80, कांग्रेस के 27 व भाकपा माले के 3 सदस्य हैं। शुक्रवार सुबह होने वाले शक्ति परीक्षण में जदयू के 5 मुस्लिम व 11 यादव परिवारों पर खास नजर रहेगी। माना जा रहा है कि ये नीतीश के फैसले से असंतुष्ट हैं। केरल की जदयू इकाई ने नीतीश द्वारा भाजपा से हाथ मिलाने का विरोध करते हुए खुद को पार्टी से अलग कर लिया है। केरल इकाई के अध्यक्ष व सांसद वीरेंद्र कुमार ने यह जानकारी दी। बिहार में राजग के विस्तार के साथ ही केंद्र में भी जदयू राजग का हिस्सा होगा। अगले महीने नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार लगभग तय है। इसमें जदयू से शरद यादव व एक अन्य को मंत्री बनाया जा सकता है। सबसे बड़े दल के नाते राजद को सरकार बनाने का मौका नहीं देने के खिलाफ गुरुवार को पटना हाई कोर्ट में को दो अलग-अलग जनहित याचिका दायर की गईं। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ तय करेगी कि याचिका को सुना जाए या नहीं।

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 नीतीश बने फिर मुख्यमंत्री

बुधवार रात से बिहार में मचे सियासी घमासान के बाद नई सरकार का गठन हो गया है. पटना में नीतीश कुमार  ने छठी बार सीएम पद की शपथ ली है. उनके साथ बीजेपी के सीनियर नेता सुशील कुमार मोदी ने भी डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है. बता दें कि बिहार में भ्रष्टाचार के एक मामले में फंसे उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को लेकर हुए विवाद के बीच बुधवार (26 जुलाई) को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके साथ ही महागठबंधन की 20 महीने पुरानी सरकार गिर गई. देर रात में ही नीतीश कुमार ने बीजेपी विधायकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात की थी. राज्यपाल से मुलाकात के बाद सुशील कुमार मोदी ने संवाददाताओं को बताया कि गठबंधन को समर्थन करने वाले 132 विधायकों की एक सूची राज्यपाल को सौंपी गई. उन्होंने बताया कि राज्यपाल ने नीतीश को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है. इन विधायकों में जदयू के 71, भाजपा के 53, रालोसपा के दो, लोजपा के दो, हम के एक और तीन निर्दलीय शामिल हैं. उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे होगा. यह मुख्यमंत्री के तौर पर कुमार का छठा कार्यकाल होगा. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार (26 जुलाई) को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. बीते कई महीनों से महागठबंधन में चल रहे विवाद के बीच नीतीश ने राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को अपना इस्तीफा सौंप दिया. इसके साथ ही बिहार की 20 महीने पुरानी महागठबंधन की सरकार गिर गई. महागठबंधन में नीतीश की पार्टी जनता दल (युनाइटेड) के अलावा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस शामिल थीं. बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बुधवार (26 जुलाई) को कहा कि जितना संभव हो सका, उन्होंने गठबंधन धर्म का पालन करने की कोशिश की, लेकिन बीते घटनाक्रम में जो चीजें सामने आईं उसमें काम करना मुश्किल हो गया था. नीतीश ने कहा, "जब मुझे ऐसा लग गया कि वे कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं, तो ऐसी स्थिति में मैं जवाब नहीं दे सकता. मैं सरकार का नेतृत्व कर रहा हूं. लेकिन सरकार के अंदर के व्यक्ति के बारे में कुछ बातें कही जाती हैं और मैं उस पर कहने की स्थिति में नहीं हूं तो ऐसी स्थिति में इस सरकार को चलाने का, मेरे हिसाब से कोई आधार नहीं है." उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी सहित उनके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है. सीबीआई ने सात जुलाई को पटना सहित देशभर में 12 स्थानों पर छापेमारी की थी. यह मामला वर्ष 2004 का है, जब लालू प्रसाद देश के रेलमंत्री थे. आरोप है कि उन्होंने रेलवे के दो होटल को एक निजी कंपनी को लीज पर दिलाया और उसके एवज में उन्हें पटना में तीन एकड़ जमीन दी गई. इस घटनाक्रम के बाद उनके (तेजस्वी यादव के) इस्तीफे की मांग उठी थी, जिसे लेकर महागठबंधन में दरारें पैदा हो गई थीं. तेजस्वी ने इस्तीफा देने से मना कर दिया था, जिससे यह दरार चौड़ी होती गई और अंतत: नीतीश ने इस्तीफा दे दिया. लालू बोले-नीतीश कुमार भस्मासुर निकला लालू यादव ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा है कि हमने उन पर विश्वास किया लेकिन वह तो भस्मासुर निकला. उन्होंने कहा कि वह नीतीश को सपोर्ट नहीं देना चाहते थे लेकिन नीतीश उनके घर आए और उन्होंने उनसे समर्थन मांगा. लालू ने कहा कि नीतीश बहुत बड़े अवसरवादी हैं. उन्होंने सुशील मोदी को लगाया कि वो रोज मेरे खिलाफ आवाज उठाते रहें.  लालू ने कहा कि नीतीश बहुत बड़े अवसरवादी हैं. सुशील मोदी को लगाया कि वो रोज मेरे खिलाफ आवाज उठाते रहें. नीतीश कुमार फार्म हाउस में अमित शाह से मिलते रहे हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश ने यह ऑन रिकॉर्ड बोला था कि मैं मिट्टी में मिल जाऊंगा लेकिन बीजेपी के साथ नहीं जाऊंगा मगर आज वह उन्हीं के पास जा रही हैं. लालू ने कहा कि अगर हम चाहते तो विधानसभा चुनाव का नतीजा आने के बाद नीतीश को सीएम नहीं बनने देते क्योंकि हमारी पार्टी की सीटें ज्यादा थी लेकिन हमने ऐसा नहीं किया.मैंने नीतीश के माथे पर तिलक लगाया और कहा कि जाओ राज करो, मैंने कभी कभी नीतीश को नहीं परेशान किया. उन्होंने कहा कि नीतीश ने दो साल में कुछ काम नहीं. बिहार में शराब बंदी का नाटक किया जिसका नतीजा यह हुआ कि बिहार में शराब की होमडिलिवरी शुरू हो गई.हमारे गठबंधन को बीजेपी के खिलाफ जनमत मिला. हमें जनता ने बिहार से सांप्रदायिक ताकतों को दूर करने का जनमत मिला था लेकिन नीतीश कुमार आज सांप्रदायिक ताकतों से जाकर मिल गए।  राहुल ने कहा -नीतीश कुमार ने दिया धोखा बिहार में मचे सियासी घमासान पर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए इसका सारा ठीकरा नीतीश कुमार पर फोड़ दिया है. उन्होंने नीतीश कुमार पर सीधे हमले करते हुए कहा कि नीतीश ने हम सबको धोखा दिया है. उन्होंने कहा कि यह सब पिछले चार महीने से चल रहा था, नीतीश ने ऐसा स्वार्थ के चलते किया है. गौरतलब है कि बुधवार शाम को नीतीश कुमार ने विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस और आरजेडी के साथ  गठबंधन खत्म करने का फैसला लेते हुए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था और रात में बीजेपी के साथ सरकार बनाने का फैसला कर लिया था. भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी समस्या यही है कि स्वार्थ के लिए आदमी कुछ भी कर सकता  है. राहुल ने यह भी कहा कि नीतीश उनसे दिल्ली में  मिले थे लेकिन जब उनसे मिले तब तक वह मोदी से डील हो चुकी थी. नीतीश कुमार को सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने का जनमत मिला था लेकिन अब उन्होंने निजी हितों के लिए उनसे ही हाथ मिला लिया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहाकि 3-4 महीनों से हमें पता था कि ये प्लानिंग चल रही है. अपने स्वार्थ के लिए व्यक्ति कुछ भी कर जाता है. उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए व्यक्ति कुछ भी कर जाता है, कोई नियम, क्रेडेबिलिटी नहीं है. तेजस्वी ने भी साधा नीतीश पर निशाना : नीतीश कुमार के फैसले से बौखलाए तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी इसके खिलाफ राजभवन के बाहर धरना देगी. उन्होंने काह कि राजद, कांग्रेस सहित जितनी भी पार्टियां है जो कि भाजपा और संघ का विरोध करती है, विरोध प्रदर्शन करेंगे और जगह-जगह धरना देंगे. 27 जुलाई की आधी रात में ही तेजस्वी यादव राजद समर्थकों के साथ पैदल मार्च कर राजभवन पहुंचे और नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. नीतीश पर तीखा हमला करते हुए तेजस्वी ने कहा, इसी मोदी ने नीतीश को डीएनए वाली बात कही थी, गाली दी थी. अब ये गोडसे के वंशज के साथ सरकार बना रहे हैं. जेडीयू में भी उठे विरोध के सुर : बीजेपी के साथ सरकार बनाने के फैसले पर जेडीयू में भी विरोध की आवाजें उठने लगी हैं. जेडीयू के राज्यसभा सांसद अली अनवर ने कहा कि नीतीश कुमार अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर बीजेपी के साथ सरकार बना रहे हैं, लेकिन मेरी अंतरात्मा इस बात को नहीं मानती है. अगर मुझे अपनी बात कहने का मौका मिलेगा, तो मैं पार्टी के मंच पर अपनी बात जरूर रखूंगा.

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माउंट आबू

राजस्थान के जालौर, सिरोही और पाली जिले में बारिश के कहर से राहत नहीं मिल पा रही है। इस बीच बीती रात आबू रोड से माउंट आबू जाने वाले रास्ते पर एक बड़ी चट्टान गिर गई। इस चट्टान से आबू रोड से माउंट आबू जाने वाला रास्ता बंद हो गया। रास्ता बंद होने से करीब दो हजार लोग रास्ते में ही अटक गए है। स्थानीय प्रशसन चट्टान हटाने की कोशिश में लगा है। चट्टान इतनी बड़ी है कि इसे ब्लास्ट से ही हटाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस काम में पूरा एक दिन लग सकता है। इधर रास्ता रूकने से माउंट आबू में दूध की आपूर्ति नहीं हो पा रही है और वहां घूमने आए लोग भी परेशान हो रहे हैं। इस बीच राजस्थान में बारिश से पाली, जालौर, सिरोही के बाद अब बाडमेर, उदयपुर और राजसमंद में भी तेज बारिश से स्थितियां बिगड़ रही है। बाडमेर जैसे रेगिस्तानी जिले में बीते 36 घंटों के दौरान कई स्थनों पर 150 मिमी से ज्यादा बारिश हुई है। इससे खेतों और गांवों में पानी भर गया। जालौर जिले में भी स्थितियां लगतार खराब बनी हुई है। पाली जिले में अधिकतम नदी नाले उफान पर हैं, जिनमें डूबने से अभ तक तीन जनों की मौत हो चुकी है। मातरमाता पहाड़ी से टनल तक फोरलेन निर्माण के लिए काटी गई पहाड़ियों में पत्थर गिरने लगे हैं। इससे फोरलेन हाईवे बंद हो गया। उदयपुर जिले में भी लगातार बरसात का दौर जारी है। यहां कोटड़ा तहसील में सबसे ज्यादा 102 एमएम बरसात दर्ज की गई। फतहसागर झील को भरने वाले मदार बड़ा तालाब ओवरफ्लो हो गया। जिले में दो दर्जन से अधिक जलाशय भरने के बाद ओवरफ्लो चल रहे हैं। राजसमन्द में दशकों के बाद उफान पर आई गोमती के वेग में मंगलवार शाम पांच लोग फंस गए। इधर, भाणा-लवाणा में राजसमंद झील के बैकवॉटर में चार लोग फंस गए। इनमें से दो लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जबकि दो लोगों के बहने का खतरा मंडरा रहा है।

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 व्यापमं  खुदकुशी

मुरैना के महाराजपुर गांव में व्यापमं घोटाले के एक आरोपी प्रवीण यादव ने बुधवार सुबह अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। 2008 में उसका चिकित्सा शिक्षा के लिए चयन हुआ था और 2012 में उसे व्यापमं मामले में आरोपी बनाया गया था। परिजनों का कहना है कि आरोपी बनाए जाने के बाद से वह परेशान रहता था। एसआईटी द्वारा आरोपी बनाए जाने के बाद से वो जबलपुर हाईकोर्ट में पेशी पर जाता था। बार-बार बयान लेने के लिए बुलाए जाने पर वह तंग आ चुका था। उसके पास कोई रोजगार और धंधा भी नहीं था। परिजनों का कहना है कि प्रवीण शुरू से ही पढ़ने में तेज था, खुद की पढ़ाई के दम पर ही उसका व्यापमं में सिलेक्शन हुआ था, लेकिन बाद में उसे झूठा फंसाया गया। व्यापमं घोटाले से जुड़े एक और छात्र द्वारा खुदकुशी करने के बाद नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा‍ कि व्यापमं का भूत बार-बार बाहर आ जाता है। निर्दोष आत्महत्या कर रहे हैं और गुनाहगार बाहर घूम रहे हैं।

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रामनाथ कोविंद

 रामनाथ कोविंद भारत के 14वें राष्ट्रपति बन चुके हैं। चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने उन्हें शपथ ग्रहण करवाई। शपथ के बाद अपने पहले संबोधन में उन्होंने पद ग्रहण करते हुए कहा कि मैं देश के 125 करोड़ लोगों का आभार जताता हूं। मैं एक मिट्टी के घर में पला हूं और आज इस पथ पर बढ़ने वाला हूं जिस पर डॉ. राधाकृष्णन, डॉ. अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी जैसी विभूतियां चलीं हैं। हमें भरोसा है कि यह भारत की सदी है, हमें ऐसा भारत बनाना है जो आर्थिक नेतृत्व दे। राष्ट्र निर्माण का आधार है राष्ट्रीय गौरव। हमें गर्व है देश के प्रत्येक नागरिक पर, हमें गर्व है हर छोटे से छोटे काम पर जो हम करते हैं। आज पूरे विश्व में भारत का महत्व, विश्व समुदाय अंतरराष्ट्रीय समस्याओं के लिए हमारी ओर देख रहा है। विविधता ही हमारे देश की ताकत है। हम अलग हैं फिर भी एक हैं। इस देश के राष्ट्र निर्माता किसान, जवान, युवा पुलिस और वैज्ञानिक, शिक्षक हैं। हमें गांधी जी और दीनदयाल उपाध्याय के सपनों के भारत का निर्माण करना है। इससे पहले कोविंद, प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के बाद संसद भवन पहुंचे। उनके शपथ ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा राज्यसभा के सभापति, लोकसभा अध्यक्ष, मंत्रि परिषद के सदस्य, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राजनयिक मिशनों के प्रमुख, संसद सदस्यों के अलावा कोविंद के परिजन भी संसद के सेंट्रल हॉल में मौजूद रहे। शपथ के बाद रामनाथ कोविंद प्रणब मुखर्जी की कुर्सी पर बैठेंगे जबकि प्रणब दा कोविंद की कुर्सी पर। इसके बाद उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई। सेंट्रल हॉल में समारोह सम्पन्न होने पर राष्ट्रपति भवन के लिए प्रस्थान करेंगे, जहां प्रांगण में सेना के तीनों अंगों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ आनर दिया जाएगा और सेवा-निवृत हो रहे राष्ट्रपति को भी सौहार्दपूर्ण शिष्टाचार प्रदान किया जाएगा।  

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घाटकोपर में गिरी 4 मंजिला इमारत

  मुंबई के घाटकोपर इलाके में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां एक 4 मंजिला इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई। हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। अब तक मलबे से 9 लोगों को निकाला जा चुका है वहीं 12 लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार अब भी 30 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार हादसा सुबह करीब 10:45 के आसपास हुआ। घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल के अलावा राहत और बचाव दल के सदस्य मौके पर पहुंची और फंसे हुए लोगों को निकालना शुरू किया।  हादसे के बाद राज्य के गृह निर्माण मंत्री प्रकाश मेहता ने बयान देते हुए कहा है कि इलाके में इस तरह की कई इमारतें बनी हुई हैं। अगर इसमें कोई लापरवाही हुई है तो जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।  

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सुरेंद्र कोली और मोनिदर सिह पंधेर

खबर गाजियाबाद से । निठारी कांड के एक और मामले में विशेष सीबीआई कोर्ट ने सुरेंद्र कोली और मोनिदर सिह पंधेर को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने युवती का अपहरण करने के बाद दुष्कर्म व हत्या के मामले में दस साल चली सुनवाई के बाद सजा का ऐलान किया है। इससे पहले कोर्ट ने दोनों को दोषी मानते हुए सजा के 24 जुलाई का दिन तय किया था। सुरेंद्र कोली को निठारी कांड के आठवें मामले में दोषी करार दिया गया है, जबकि कोठी के मालिक मोनिदर सिह पंधेर पर दूसरे मामले में दोष सिद्ध हुआ है। एक मामले में 2009 में पंधेर व कोली को फांसी की सजा हुई थी, जिसमें पंधेर को हाई कोर्ट ने बरी कर दिया था। प्रदेश सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर रखी है। खुली अदालत में फैसला सुनाने के दौरान एक तरफ जहां सुरेंद्र कोली कटघरे में खड़ा होकर ध्यान से आदेश सुनता रहा, वहीं दूसरी तरफ दोषी करार दिए जाते ही मोनिदर सिह पंधेर फफक पड़ा। कोली ने अदालत से बाहर निकलते ही निर्णय को एकतरफा बताया। कहा कि उसे सुना नहीं गया। फैसले के दौरान पीड़ित या आरोपी किसी भी ओर से कोई करीबी मौजूद नहीं रहा। सीबीआइ के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि नोएडा के निठारी गांव में रह रही पश्चिम बंगाल के बहरामपुर निवासी 20 वर्षीय युवती सेक्टर 37 में एक कोठी में घरेलू सहायिका थी। वह रोजाना निठारी के डी-5 कोठी के सामने से गुजरती थी। पांच अक्टूबर 2006 को वह कोठी में काम करने गई थी। काम खत्म करने के बाद उसने दोपहर 1ः30 बजे वहीं सीरियल कुमकुम देखा और फिर घर के लिए रवाना हुई, लेकिन घर नहीं पहुंची। पिता ने नोएडा के थाना सेक्टर-20 में गुमशुदगी की तहरीर दी थी। पुलिस ने 30 दिसंबर 2006 को नोएडा के सेक्टर 20 थाने में हत्या का मामला दर्ज किया। दस जनवरी 2007 को केस सीबीआइ को ट्रांसफर किया गया। इस मामले में सीबीआई ने 11 जनवरी 2007 को पंधेर व कोली के खिलाफ युवती के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का मुकदमा दर्ज किया। जांच के बाद 11 अप्रैल 2007 को चार्जशीट पेश की। सवा दस साल के मुकदमे की कार्रवाई में विशेष लोक अभियोजक ने 46 गवाहों को पेश कर बयान दर्ज कराए। वहीं, बचाव पक्ष की तरफ से तीन गवाह पेश किए गए। खास बात यह है कि सुनवाई के दौरान सुरेंद्र कोली ने 56 दिन स्वयं बहस की। उसने अपनी पैरवी करने वाले कई अधिवक्ताओं को हटा दिया था। हवस शांत करने के लिए पानी की तरह पैसा बहाने वाला मोनिदर सिह पंधेर दूसरी बार अपनी करनी पर कोर्ट में रोता रहा, लेकिन जब पुलिस जेल ले जाने लगी तो शांत हो गया। वहीं सुरेंद्र कोली पहले की तरह ही मीडिया से बात करते हुए कोर्ट पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाता रहा। पंजाब के व्यवसायी मोनिदर सिह पंधेर ने एय्याशी के लिए नोएडा के निठारी में डी-5 कोठी में ठिकाना बना रखा था। आरोप है कि इस कोठी में 16 लोगों की हत्या की गई। इनमें आठ खून साबित हो चुके हैं। अदालत ने माना कि हत्याएं इसलिए की गई थीं कि कहीं दुष्कर्म के बाद पीड़िताएं मामले की जानकारी परिजनों को न दे दें। निठारी का नर पिशाच सुरेंद्र कोली उत्तराखंड के अल्‍मोड़ा के एक गांव का रहने वाला है।सन् 2000 में वह दिल्‍ली आया था।दिल्ली में कोली एक ब्रिगेडियर के घर पर खाना बनाने का काम करता था। बताते हैं कि वह काफी स्‍वादिष्‍ट खाना बनाता है। 2003 में मोनिंदर सिंह पंढेर के संपर्क में सुरेंद्र कोली आया। उसके कहने पर नोएडा सेक्टर-31 के डी-5 कोठी में काम करने लगा। 2004 में पंढेर का परिवार पंजाब चला गया। इसके बाद वह और कोली साथ में कोठी में रहने लगे थे। पंढेर की कोठी में अक्सर कॉलगर्ल आया करती थीं. इस दौरान वह कोठी के गेट पर नजर रखता था।इस दौरान कोली धीरे-धीरे नेक्रोफीलिया नामक मानसिक बीमारी से ग्रसित होता गया। बच्चों के प्रति आकर्षित होने लगा।आरोप है कि वह कोठी से गुजरने वाले बच्चों को पकड़ कर उनके साथ कुकर्म करता और फिर उनकी हत्या कर देता।

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प्रकाश जावडेकर

कोलकाता में  मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा है कि फेल नहीं करने की नीति के कारण देश के कई सरकारी स्कूल मध्योह्न भोजन के केंद्र बन गए हैं। पांचवीं व आठवीं कक्षा में फेल छात्रों को प्रमोट करने से रोकने के लिए केंद्र जल्द ही संसद में विधेयक लाएगा। जावडेकर ने शनिवार को इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की परिचर्चा में कहा कि बच्चों को पहली से आठवीं कक्षा तक नहीं रोके जाने की नीति से बच्चे ही सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। परीक्षा नहीं होने से देश के कई सरकारी स्कूल महज मिड डे मिल स्कूल बनकर रह गए हैं। बच्चे वहां सिर्फ दोपहर का भोजन करने जाते हैं और फिर घर लौट आते हैं। उन्होंने कहा कि इसे रोकने के लिए विधेयक लाया जाएगा। जावडेकर ने बताया कि प्रस्तावित बिल में राज्य सरकारों को पांचवीं एवं आठवीं के छात्रों के लिए मार्च में परीक्षा आयोजित करने का अधिकार दिया जाएगा। उसमें फेल होने वाले बच्चों को मई में अंतिम मौका दिया जाएगा। दोनों परीक्षाओं में फेल होने पर बच्चों को उसी कक्षा में रोक दिया जाएगा। जावडेकर के मुताबिक अब तक 25 राज्यों ने इस बिल पर सहमति जताई है। हमने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ बैठक कर संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगले साल से मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा में सभी भाषाओं के प्रश्न-पत्र एक समान होंगे। इस साल अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं के प्रश्न-पत्र एक समान नहीं थे। परीक्षार्थियों का कहना था कि अंग्रेजी का प्रश्न-पत्र क्षेत्रीय भाषाओं के प्रश्न-पत्र से आसान था। इसे लेकर पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों ने केंद्र से शिकायत की थी। जावडेकर ने कहा है कि कॉलेजों की मार्कशीट के साथ आधार कार्ड को जोड़ा जाएगा। मार्कशीट पर छात्रों की तस्वीर भी रहेगी।  

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दिल्ली मेट्रो हड़ताल

  दिल्ली में मेट्रो पर हड़ताल का साया मंडराने लगा है। आशंका जताई जा रही है कि कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर जा सकते हैं। अपनी मांगों को लेकर डीएमआरसी स्टाफ काउंसिल ने 24 जुलाई को पूरी तरह काम बंद रखने का ऐलान किया है। इसके बाद दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। दरअसल डीएमआरसी की ओर से तीन विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से नाराज डीएमआरसी के गैर कार्यपालक (नॉन एक्जीक्यूटिव) कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप शुक्रवार को काली पट्टी बांधकर काम किया। वे 23 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर ही काम करेंगे। इसमें एक कर्मचारी को बर्खास्त भी किया गया है। दिल्ली मेट्रो के स्टॉफ यूनियन ने कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस लेने व वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग की है। यूनियन ने 24 जुलाई से हड़ताल करने व मेट्रो का परिचालन ठप करने की चेतावनी दी है। यदि मेट्रो का परिचालन ठप हुआ तो दिल्ली-एनसीआर में परिवहन व्यवस्था चरमरा सकती है। इसलिए डीएमआरसी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। डीएमआरसी का कहना है कि मेट्रो का परिचालन सामान्य रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को आवागमन में असुविधा न होने पाए। स्टाफ यूनियन का कहना है कि विभागीय अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर मुख्य आरटीआइ पर्यवेक्षक विनोद शाह को नौकरी से निकाल दिया गया। अनिल कुमार मेहता व रवि भारद्वाज नामक दो कर्मचारियों को मेजर पेनाल्टी का नोटिस थमा दिया गया है। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों का वेतमान बढ़ाने के लिए 29 मई 2015 को मेट्रो प्रबंधन ने स्टाफ यूनियन के साथ समझौता किया है। उसका अब तक पालन नहीं किया गया। मेट्रो में तीसरा वेतन आयोग आने वाला है। कर्मचारियों से विचार-विमर्श करके ही तीसरे वेतन आयोग में वेतनमान तय किया जाना चाहिए। इस मामले पर डीएमआरसी का कहना है कि तीसरे वेतन आयोग को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। जल्द उसकी घोषणा हो सकती है। इसके बाद वेतन से जुड़े मामलों का निदान जल्द निकाल लिया जाएगा। जहां तक कर्मचारियों पर कार्रवाई का सवाल है तो वे कर्मचारी अपना व्यक्तिगत एजेंडा थोपना चाहते थे और दूसरे कर्मचारियों को भ्रमित कर रहे थे। डीएमआरसी ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं।  

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कश्मीर समस्या

कश्मीर समस्या सुलझाने के लिए चीन और अमेरिका की मदद लेने वाले फारुक अब्दुल्ला के बयान पर कड़ी प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं। राहुल गांधी और भाजपा के बाद अब जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अनंतनाग में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ने हस्तक्षेप किया तो कश्मीर भी सीरिया बन जाएगा। मुफ्ती ने कहा कि चीन और अपनेरिका अपने काम से काम रखें, हम सब जानते हैं कि उन देशों के क्या हाल हैं जहां इन्होंने हस्तक्षेप किया, फिर चाहे वो अफगानिस्तान हो, सीरिया हो या इरका हो। उन्होंने कहा कि सिर्फ दोनों पक्षों के बीच वार्ता से ही कश्मीर मुद्दे के समाधान में मदद मिल सकती है। मुफ्ती ने पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने लाहौर डेलिरेशन में कहा था कि भारत और पाकिस्तान दोनो बात करके कश्मीर मुद्दा सुलझाएं। मुफ्ती ने फारुक अब्दुल्ला से सवाल पूछा कि वो जानते हैं अफगानिस्तान और सीरिया के क्या हाल हुए हैं? शुक्रवार को फारुक अब्दुल्ला ने कहा था कि भारत को कश्मीर मुद्दा सुलझाने के लिए चीन और अमेरिकी की मदद लेनी चाहिए।  

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शंकर सिंह वाघेला

  अहमदाबाद में  गुजरात में कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला ने शुक्रवार को अपना शक्ति प्रदर्शन किया।विधानसभा चुनाव से पहले अपने जन्मदिन पर उन्होंने एक सामरोह का आयोजन किया जिसमें उन्होंने कहा कि बापू रिटायर होने वाला नहीं है, कांग्रेस ने मुझे निकाल दिया है। कयास लगाए जा रहे थे कि वाघेला शुक्रवार को संन्यास की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि उनके बेटे ने वाघेला के संन्यास से इन्कार करते हुए कहा है कि वो कभी रिटायर नहीं होंगे। गुजरात की राजनीति में बापू के नाम से मशहूर वाघेला का आज जन्मदिन है और इसी बहाने वो एक बड़ा कार्यक्रम करते हुए शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी कार्यक्रम के दौरान वाघेला बड़ा ऐलान कर सकते हैं। बता दें कि वाघेला लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। हालांकि कुछ समय पहले ही उन्होंने भाजपा में जाने की खबरों का खंडन किया था। हालांकि गुजरात में राष्ट्रपति चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर वाघेला को जिम्मेदार माना जा रहा है।  

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rahul gandhi

नई दिल्ली में कश्मीर मामले को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि केंद्र में पीएम मोदी की नीतियों के चलते कश्मीर जह रहा है। इस दौरान उन्होंने फारुक अब्दुल्ला के कश्मीर पर तीसरे पक्ष के दखल की बात भी नकारी। मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैं काफी समय से कह रहा हूं कि पीएम मोदी अौर एनडीए की नीतियों ने कश्मीर को जला दिया है। इसके साथ ही राहुल ने कहा कि जो कहा जा रहा है कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान से अौर चीन से बात होनी चाहिए, मैं बार बार कहता हूं कि कश्मीर भारत है अौर भारत कश्मीर है। यह भारत का अांतरिक मामला है इस मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष के दखल की कोई जरूरत नहीं है। बता दें कि इससे पहले फारुक अब्दुल्ला ने कहा था कि कश्मीर मुद्दा सुलझाने के लिए भारत को अमेरिकी और चीन की मदद लेनी चाहिए। यह दोनों देश मुद्दा सुलझाने के लिए हस्तक्षेप के लिए तैयार हैं।  

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जियो फोन

नई दिल्ली में रिलायंस जियो की सालाना बैठक में शुक्रवार को मुकेश अंबानी ने बड़ा धमाका करते हुए पहला 4जी फीचर फोन लॉन्च कर दिया। मुकेश अंबनी ने इस दौरान कंपनी के शेयर धारकों, कर्मचारियों और जियो यूजर्स को भी धन्यवाद दिया। इस फोन की सबसे बड़ी खास बात यह होगी कि इसे खरीदने के लिए यूजर्स को कोई कीमत नहीं देनी होगी, मतलब यह फोन पूरी तरह से फ्री में मिलेगा। हालांकि इसके लिए यूजर्स को कंपनी के पास तीन साल के लिए 1500 रुपए का सिक्युरिटी डिपॉजीट देना होगा जो फोन वापस करने पर रिफंड हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि 15 अगस्त से इस फोन का ट्रायल शुरू होगा और 24 अगस्त से यह फोन प्री बुकिंग के लिए उपलब्ध होगा। मुकेश अंबानी ने इस दौरान जियो फीचर फोन को इंडिया का इंटेलीजेंट फोन करार दिया। यह फीचर फोन मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही बनाया गया है। इस फोन को यूजर्स वॉइस कमांड के माध्यम से भी चला सकते हैं। इसके बाद मुकेश अंबानी ने कहा कि यह फोन देश के 50 करोड़ फीचर फोन यूज करने वालों की जरूरतों को पूरा करेगा। इस फीचर फोन के लिए टेरिफ प्लान्स की घोषणा करते हुए कहा कि इसमें वॉइस कॉलिंग हमेशा मुफ्त रहेगी। इसके अलावा अनलिमिटेड डेटा मिलेगा। यूजर्स को सिर्फ 153 रुपए में एक महीने तक अनलिमिटेड डेटा मिलेगा। जियो फोन यूजर्स को जियो धन धना धन ऑफर का फायदा भी कम कीमत पर मिलेगा। 309 रुपए में यूजर्स रोजाना 3-4 घंटे वीडियो देख पाएंगे। यह फोन किसी भी टीवी से जुड़ जाएगा। इसके लिए जियो ने एक फोन टीवी केबल बनाया है। इससे पहले अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की शेयरधारकों के साथ शुक्रवार को 40वीं एजीएम (एनुअल जनरल मीटिंग) शुरू हुई है। मुकेश अंबानी ने कंपनी पर भरोसा करने के लिए शेयर धारकों का शुक्रिया अदा किया। यह एजीएम मुंबई के बिड़ला मातोश्री सभागार में हो रही है। अंबानी ने इस बैठक में 1970 से लेकर अब तक के सफर की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने बताया कि साल 1970 में कंपनी का टर्नओवर 70 करोड़ था वो आज 3 लाख 30,000 करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं कंपनी की कुल एसेट्स भी 33 करोड़ से 7 लाख करोड़ हो गई। यह करीब 20,000 गुना का इजाफा है। मुकेश अंबानी ने कहा कि कंपनी बीते 40 सालों में सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। मुकेश अंबानी ने कहा कि कंपनी ने बीते 40 सालों में बड़ी ग्रोथ हासिल की। उन्होंने कहा कि कंपनी की ग्रोथ इस दौरान 4700 गुना बढ़ी। इस दौरान कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 10 करोड़ से 5 लाख करोड़ रुपए हो गया। यह करीब 50,000 गुना का इजाफा है। वहीं बीते 40 साल में कंपनी का नेट मुनाफा 10,000 गुना बढ़ा है। अंबानी ने बताया कि इस दौरान कंपनी की नेट आय 3.66 लाख करोड़ हो गई।  

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कंगना रनौत

कंगना रनौत अपनी नई फ़िल्म की शूटिंग के दौरान घायल हो गई हैं। खबर है कि उनके चेहरे पर काफी चोट आई है। वे पिछले कुछ दिनों से 'मणिकर्णिका' के शूट में व्यस्त हैं। इस फिल्म के लिए कंगना अपने को-एक्टर निहार पांडे के साथ शूटिंग कर रही थीं और उन्हें एक सीन में तलवारबाजी करना थी। इसी दौरान उनके सिर पर गलती से तलवार लग गई और उन्हें काफी चोट आई है। उन्हें तुरंत हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है और उन्हें 15 टांके भी लगे हैं। डॉक्टर ने हिदायत दी है कि अभी उन्हें कुछ दिनों के लिए आराम करने की जरूरत है। बता दें कि 'मणिकर्णिका' कंगना की ख़ास फ़िल्मों में से एक है। हाल ही में कंगना ने फ़िल्म की लांचिंग वाराणसी में की थी। फ़िल्म का निर्देशन कृष कर रहे हैं और फिलहाल फिल्म की अहम् दृश्यों की शूटिंग हैदराबाद में हो रही है। फ़िल्म अगले साल रिलीज होगी। इसी फ़िल्म की लाॅन्चिंग के दौरान कंगना ने यह भी घोषणा की थी कि वह फ़िलहाल किसी नए प्रोजेक्ट पर काम नहीं करेंगी, चूंकि वह एक्टिंग से ब्रेक लेकर अब निर्देशन में हाथ आजमाना चाहती हैं, तो इस लिहाज से भी यह कंगना की अहम फिल्मों में से एक है।

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मॉनसून सत्र

संसद के मॉनसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में गोरक्षकों द्वारा हिंसा का मामला सदन में उठा। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर देश में लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।वहीं भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जिसने इस तरह के अपराध किए हैं क्या उसने बोर्ड लगा रखा था कि मैं गोरक्षक हूं? कहा था क्या कि मैं गोरक्षा का ठेकेदार हूं? इससे पहले विपक्ष ने जहां भीड़ द्वारा हत्या को लेकर कानून की मांग की वहीं सरकार ने कहा कि कानून पहले से है, राज्य सरकारें सख्त कार्रवाई करें। लोकसभा में किसानों की आत्महत्या का मुद्दा भी गूंजा। विपक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद इस मुद्दे को उठाया। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर चुप है। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। पूरे हंगामे के दौरान पीएम मोदी सदन में मौजूद थे। कांग्रेस सांसदों ने इसके अलावा संसद के प्रांगण में बाढ़ ग्रस्त उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए विशेष पैकेज की मांग के साथ प्रदर्शन किया। इससे पहले मंगलवार को गोवध को लेकर कथित तौर पर पीट पीट कर मार डालने की हालिया घटनाओं, किसानों और अन्य मुद्दों को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई और स्थगित हो गई थी। इसके बाद बसपा प्रमुख मायावती ने भी राज्यसभा में नाराजगी जताते हुए इस्‍तीफा दे दिया था। बसपा प्रमुख ने सहारनपुर में दलित विरोधी हिंसा के मुद्दे पर आसन द्वारा उनको पूरी बात कहने की अनुमति नहीं दिये जाने के कुछ ही घंटों बाद राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस आज राज्यसभा में मायावती के इस्तीफे को लेकर सरकार को घेरेगी। राज्यसभा में आज दोपहर 2 बजे भीड़ द्वारा पीटकर मारे जाने के मामले और दलितों के उत्पीड़न के मामले पर चर्चा होगी। बुधवार को सत्र शुरू होने से पहले संसद में ही बीजेपी संसदीय दल की बैठक हुई। बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हाल ही में हुई पीएम मोदी कि विदेश यात्रा की तारीफ की, वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी पर अपनी बात रखी। सुषमा ने कहा कि हाल ही में जो पीएम की यात्राएं रही हैं, वह ऐतिहासिक थी। बीजेपी संसदीय दल की बैठक खत्म होने के बाद संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने बताया कि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बैठक में जीएसटी की तारीफ की और उससे होने वाले फायदों को गिनाया। अनंत कुमार ने कहा कि अभी तक 75 लाख जीएसटी से जुड़ गए हैं, आने वाले दिनों में 1 करोड़ लोग और भी जुड़ेंगे। GST के बाद इंस्पेक्टर राज पूरी तरह से खत्म होगा। उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि विपक्ष सदन चलने देगा, सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

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rastrpati matdan

  देश के 14वें राष्ट्रपति को चुनने के लिए मतदान हुआ । यह मतदान सुबह 10 बजे से शुरू हुआ जो शाम 5 बजे तक चला। मतदान के लिए पीएम मोदी सुबह संसद भवन पहुंचे और अपने मताधिकार का उपयोग किया। उनके अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरलीमनोहर जोशी, कांग्रेस  अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी व अन्य अन्य सभी राजनीतिक दलों के सांसद भी वोट डालने के लिए पहुंचे।रायसीना की इस रेस में मीरा कुमार के मुकाबले एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का पलड़ा आंकड़ों में भारी है। इसके अलावा सभी राज्यों की विधानसभाओं में भी मतदान हुआ । यूपी में भी सीएम योगी आदित्यनाथ ने मतदान किया। मतपत्र से होने वाले मतदान के बाद बैलेट बॉक्स हवाई जहाज से दिल्ली ले जाया जाएगा। यह बैलेट बॉक्स हवाई जहाज से दिल्ली जाने वाले भारत निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि अपनी बगल की सीट पर रखकर ले जाएंगे। इसके लिए बाकायदा सीट आरक्षित की जाती है। ऐसे चुने जाते हैं राष्ट्रपति देश में राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से इलेक्टोरल कॉलेज द्वारा किया जाता है। यह लोकसभा के 543 सदस्यों, राज्यसभा के चुने गए 233 सदस्यों और 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 4120 विधायकों से बनता है। वर्तमान चुनाव में वोटों का गणित 4120 राज्य विधानसभा के कुल विधायक 5,49,495 राज्य विधानसभाओं के वोटों की कुल वैल्यू संसद सदस्यों के प्रत्येक वोट की वैल्यू लोकसभा के कुल सदस्य (543)+राज्यसभा के कुल सदस्य (233)= 776 प्रत्येक वोट की वैल्यू बराबर 708 सभी 776 वोटों की वैल्यू=708 X 776 = 5,49,408 कुल इलेक्टोरल कॉलेज= विधायक (4120) + सांसद (776)= 4896 2017 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए 4896 इलेक्टोरल की कुल वैल्यू= 5,49,474+54,94,408= 10,98,903 कोटा निर्धारण इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की कुल वैल्यू को दो से विभाजित किया जाता है और जीत के लिए अपेक्षित कोटे को निर्धारित करने के लिए भागफल में एक जोड़ दिया जाता है। इस प्रकार यह कोटा 549452 होगा। वोट डालने वाले 1,581 जनप्रतिनिधि दागी  एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स एंड नेशनल इलेक्शन वॉच (एडीआर) ने 4,896 में से 4,852 विधायकों व सांसदों के हलफनामे के विश्लेषण से बताया है कि 1,581 ऐसे सांसद और विधायक राष्ट्रपति के लिए वोट करेंगे, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 4,852 सांसद व विधायकों में से 993 (20 फीसदी) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, 543 लोकसभा सदस्यों में से 184 (33 फीसदी), 231 राज्यसभा सदस्यों में से 44 सांसदों और सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेश 4,078 विधायकों में से 1353 (33 फीसदी) पर आपराधिक मुकदमा चल रहा है। इनका वोट 3,67,393 (34 फीसदी) है, जबकि कुल वोट 10,91,472 है। 4,852 सांसदों व विधायकों में से 3,460 (71 फीसदी) ने चुनाव लड़ते वक्त दी जानकारी में खुद को करोड़पति बताया है। भाजपा के 31 प्रतिशत विधायकों-सांसदों पर प्रकरण मतदाता में शामिल होने वाले भाजपा के 31 फीसदी, कांग्रेस के 26 फीसदी, तृणमूल कांग्रेस के 29 फीसदी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 49 फीसदी तथा भाकपा के 58 फीसदी विधायकों-सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। निर्वाचक मंडल में महिलाएं केवल नौ फीसदी हैं। 4,852 सांसदों व विधायकों में महिलाओं की संख्या केवल 451 है। निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए 33 पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। दो पर्यवेक्षक संसद में, जबकि एक-एक पर्यवेक्षक हर राज्य की विधानसभा में तैनात रहेगा। भले ही प्रधानमंत्री मोदी और सोनिया गांधी ने अलग-अलग उम्मीदवार खड़े किए हैं, लेकिन दोनों अपने मत का प्रयोग एक ही टेबल पर किया । राहुल गांधी भी अपना मत उसी टेबल पर डाला ।  आयोग ने पांच विधायकों को संसद में तथा पांच अन्य विधायकों को दूसरे राज्यों की विधानसभा में मतदान करने की इजाजत दी । 23 जुलाई को शाम सा़ढ़े पांच बजे संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दोनों सदनों के सांसद विदाई देंगे। 25 जुलाई की सुबह सेंट्रल हॉल में देश के प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर जनए राष्ट्रपति को शपथ दिलाएंगे।  

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आनंदपाल

  राजस्थान के गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर की सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर हुई सभा में हिंसा करने के मामले में प्रशासन ने 17 हजार लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए है। आनंदपाल के गांव सांवराद में कर्फ्यू जारी है और इसे 18 जुलाई तक जारी रखने की बात कही जा रही है। इस बीच शनिवार को राजपूत समाज की जयपुर में बैठक होगी। इस बैठक में आगे की रणनीति तैयार की जा सकती है। सांवराद गांव में गुरूवार को हुई श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपद्रव करने के आरोप में पुलिस ने 11 राजपूत नेताओं सहित 12 हजार से अधिक लोगों पर केस दर्ज किया हैं। जबकि जीआरपी ने रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पांच हजार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। जिन राजपूत नेताओं पर केस दर्ज किया गया है उनमें सुखदेव गोगामेड़ी, वकील एपी सिंह, हनुमान खांगटा, महिपाल सिंह, योगेन्द्र कटार, दुर्ग सिंह चैहान, रणजीत मांगला, रणजीत सिंह गेडिया, रणवीर सिंह गुढा और हतेन्द्र सिंह सम्मलित है। सभी पर पुलिसवालों पर हमला करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, महिला अफसर से छेड़छाड़ जैस गंभीर आरोप है। सभी पर 22 धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए है। सांवराद में हुई सभा में हिंसा के दौरान गोलाबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रुप से घायल हो गए थे। घायलों में 20 से अधिक पुलिसकर्मी थे।

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केजीएमयू में भीषण आग

लखनऊ में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय [केजीएमयू] के ट्रामा सेंटर में  सा़ढे सात बजे भीषण आग लग गई। उस वक्त ट्रॉमा सेंटर में चार सौ से ज्यादा मरीज भर्ती थे। आग लगने का कारण एसी में शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। दूसरे फ्लोर पर स्थित एडवांस ट्रामा लाइफ सपोर्ट [एटीएलएस] वार्ड में अचानक लगी आग देखते ही देखते विकराल हो गई और तीसरे फ्लोर पर मेडिसिन स्टोर में भी पहुंच गई। घटना में हेमंत कुमार के अलावा लखनऊ के वसीम और अरविंद कुमार समेत 6 की मौत हो गई। तीनों की हालत गंभीर थी और एक अस्पताल से दूसरे में शिफ्ट करते वक्त जान गई। कई मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि जलने से किसी भी व्यक्ति मौत नहीं हुई है। चारों ओर धुंआ और भीषण आग की लपटों के बीच डाक्टर जिन मरीजों का ऑपरेशन कर रहे थे वे जान बचाने के लिए बीच में ही ऑपरेशन छोड़कर भाग गए। किसी तरह तीमारदारों ने स्ट्रेचर पर लादकर अपने मरीजों को नीचे उतारा। ट्रॉमा सेंटर के बाहर सड़क पर स्ट्रेचर पर मरीजों की कतारें लग गईं। इसके बाद मरीजों को लारी कार्डियोलॉजी, शताब्दी अस्पताल के फेज एक व फेज दो, केजीएमयू के गांधी वार्ड में शिफ्ट किया जाने लगा। जब यहां पर मरीज फुल हो गए तो सिविल व बलरामपुर अस्पताल भी भेजा जाने लगा। करीब चार सौ से अधिक मरीज शिफ्ट किए गए। आग पर दमकल की आधा दर्जन गाड़ियां काबू पाने में नाकाम साबित हो रहीं थी। कर्मचारियों ने किसी तरह खि़डकियों के शीशे तोड़कर धुंए को बाहर निकाला। देर रात तक आग बुझाने में दस दमकल, 45 दमकलकर्मी, एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म कई थानों का पुलिसबल जुटा था। ट्रॉमा सेंटर में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जो मरीज फंसे थे उन्हें बाहर निकाला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच तीन दिन के भीतर मंडलायुक्त लखनऊ से करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।   

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मोहन भागवत

संसद के मानसून सत्र शुरू होने से पहले एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जिससे संसद में हंगामा तय है. पता चला है कि कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए की सरकार अपने अंतिम दिनों में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को आतंकवादियों की सूची में डालना चाहती थी. 'चैनल टाइम्स नाउ' के पास मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक यूपीए सरकार अपने अंतिम दिनों में आरएसएस चीफ मोहन भागवत को आतंकवादियों की सूची में डालना चाहती थी. इसमें बताया गया कि भागवत को 'हिंदू आतंकवाद' के जाल में फंसाने के लिए कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार के मंत्री कोशिश में जुटे थे. अजमेर और मालेगांव ब्लास्टके बाद यूपीए सरकार ने 'हिंदू आतंकवाद' थ्योरी दी थी. इसी के तहत सरकार मोहन भागवत को फंसाना चाहती थी. इसके लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के बड़े अधिकारियों पर दबाव डाला जा रहा था. जांच अधिकारी और कुछ आला ऑफिसर अजमेर और कई अन्य बम विस्फोट मामले में तथाकथित भूमिका के लिए भागवत से पूछताछ करना चाहते थे. ये अधिकारी यूपीए के मंत्रियों के आदेश पर काम कर रहे थे, जिसमें तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे भी शामिल थे. ये अधिकारी भागवत को पूछताछ के लिए हिरासत में लेना चाहते थे. करंट अफेयर मैगजीन कारवां में फरवरी 2014 में संदिग्ध आतंकी स्वामी असीमानंद का इंटरव्यू छपा था. उस समय वो पंचकुला जेल में थे.  इस इंटरव्यू में कथित तौर पर भागवत को हमले के लिए मुख्य प्रेरक बताया. इसके बाद यूपीए ने एनआईए पर दबाव बनाना शुरू किया, लेकिन जांच एजेंसी के मुखिया शरद यादव ने इससे इनकार कर दिया. वह इंटरव्यू के टेप की फ़रेंसिक जांच करना चाहते थे. जब चीजें आगे नहीं बढ़ीं तो एनआईए ने केस को बंद कर दिया. रिपोर्ट के बारे में टाइम्स नाउ से बात करते हुए, केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, "सरकार को इस पत्राचार को सार्वजनिक करने पर एक नजर रखना होगा, लेकिन मैं मानता हूं कि इस खुलासे के बाद, यह पूरी तरह सार्वजनिक क्षेत्र में आना चाहिए.  

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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती

अमरनाथ यात्रियों पर अनंतनाग में हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। मुलाकात के बाहर आई सीएम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कश्मीर में हम लॉ एंड ऑर्डर की लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं। हम विदेशी ताकतों से लड़ रहे हैं और इसमे चीन भी शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के हालात बिगाड़ने में बाहर की ताकतें शामिल हैं। जब तक सभी राजनीतिक दल और पूरा मुल्क साथ नहीं देता तब तक ये जंग हम नहीं जीत सकते। हमला कर मुल्क की फिजा बिगाड़ने की कोशिश की गई लेकिन देश की और लोगों की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने संयम रखा। धारा 370 और जीएसटी को लेकर कहा कि इसके बीच जीएसटी लागू करना बड़ी बात थी। धारा 370 देश के हमारी भावनाओं से जुड़ी हुई है।  

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मंत्री नरोत्तम मिश्रा

दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ मध्यप्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया है। मिश्रा को वर्ष 2008 के दौरान पेड न्यूज (पैसा देकर वोट डालना) का दोषी पाते हुए उन्हें तीन साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। जिसके बाद वह आगामी राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने से भी वंचित हो गए थे। राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने की अनुमति के लिए मिश्रा ने जल्द से जल्द उनकी याचिका पर सुनवाई करने की मांग की थी। न्यायमूर्ति इंद्रमीत कौर की पीठ ने सभी तथ्यों का अध्यन करने के बाद याचिका को निराधार पाया। साथ ही तीन साल तक चुनाव लड़ने से प्रतिबंध के आदेश को भी हाई कोर्ट ने बरकरार रखा है। बृहस्पतिवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया थ्ाा। नरोत्तम मिश्रा की तरफ से कहा गया कि चुनाव आयोग ने अपनी जांच पूरी करने में काफी देरी की है। बहुत पहले उन्हें अयोग्य घोषित करने को लेकर निर्णय ले लेना चाहिए था। दलील दी गई कि उस समय छपी खबरें, संपादकीय व अग्रलेख उनके कहने पर नहीं छापे गए थे। वहीं, शिकायतकर्ता कांग्रेस नेता राजेंद्र भाटी की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि निश्चित तौर पर इस मामले की जांच पूरी करने में चुनाव आयोग ने जरूरत से ज्यादा समय लिया, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त लोगों पर बिना कार्रवाई करे ही उन्हें छोड़ दिया जाए। चुनाव आयोग द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने पेड न्यूज के आरोप सही पाए हैं। राष्ट्रपति के चुनाव 17 जुलाई को होने हैं। चुनाव आयोग के 13 जून के तीन साल प्रतिबंधित के फैसले को मिश्रा ने पहले मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने इसपर तत्काल सुनवाई से इंकार किया तो मिश्रा ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट के कहने पर दिल्‍ली हाई कोर्ट ने इस मामले पर तत्काल सुनवाई की। इस मामले में नरोत्‍तम मिश्रा ने कहा कि न्‍यायपालिका का वे पूरा सम्‍मान करते हैं। हम कानून विशेषज्ञों से राय लेकर सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे ताकि हमें न्‍याय मिल सके। उन्‍होंने अनेक सवालों के जवाब में कहा कि वे न्‍यायालयीन मामलों पर कोई टिप्‍पणी नहीं करेंगे। इस मामले में याचिकाकर्ता राजेंद्र भारती ने कहा कि लोकतंत्र में जो हमारे सिद्धांत और मूल्‍य हैं इस फैसले से उन्‍हें मजबूती मिली है। राज्‍यपाल को तत्‍काल प्रभाव वे मंत्री को बर्खास्‍त कर निर्वाचन आयोग के फैसले का सम्‍मान करना चाहिये।  

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असम में बाढ़

असम में बाढ़ से स्थिति और भयावह हो गई है। राज्य के 24 जिले बाढ़ की चपेट में है। अभी तक 44 लोगों की जान जा चुकी है। करीब 17.2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ का असर इंसानों के साथ-साथ जानवरों पर पड़ रहा है। गैंडों के लिए मशहूर काजीरंगा नैशनल पार्क आधा डूब चुका है। पार्क के जानवरों को बाढ़ से बचाने की कोशिश जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर के विभिन्न हिस्से में बाढ़ की स्थिति पर पीड़ा का इजहार किया है। उन्होंने इससे निपटने के लिए केंद्र से सभी तरह की सहायता देने का वादा किया है। साथ ही गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू से बचाव एवं राहत कार्यों के पर्यवेक्षण और सभी जरूरी मदद उपलब्ध कराने को कहा है। प्रधानमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को लेकर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बातचीत की है। इसके अलावा उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये राज्यों के शीर्ष अधिकारियों के साथ हर महीने होने वाली 'प्रगति' बैठक में भी पूर्वाेत्तर बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, 'पूर्वोत्तर के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ प्रभावित लोगों की पीड़ा को साझा करता हूं। असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने बुधवार को बाढ़ग्रस्त माजुली जिले का दौरा किया और राहत शिविरों का जायजा लिया। भीषण बाढ़ के चलते 1,760 हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो गई है और सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। सोनोवाल ने काजीरंगा अभयारण्य का भी दौरा किया और अधिकारियों को पशुओं पर नजर रखने का निर्देश दिया, ताकि वे शिकारियों का निशाना न बनें। उन्होंने कहा कि नगांव, गोलाघाट, कार्बी आंगलोंग, सोनितपुर जिलों का प्रशासन बाढ़ के हालात के बारे में रोज वन मंत्री को रिपोर्ट करेगा और पशुओं की सुरक्षा के उपाय करेगा। पूर्वोत्तर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियानों का आकलन करने के लिए केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय केंद्रीय दल जाएगा। इस घड़ी में पूरा देश पूर्वोत्तर के लोगों के साथ है। रिजिजू के नेतृत्व में उच्चस्तरीय केंद्रीय दल राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेने के लिए गुरुवार से तीन दिनों तक असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर का दौरा करेगा। दल में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथारिटी, नीति आयोग और एनडीआरएफ के सदस्य शामिल हैं।  

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रामनाथ कोविंद

राष्ट्रपति पद के लिए राजग के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद 15 जुलाई को मुंबई आ रहे हैं। एक दिन के दौरे में वह राजग के सभी घटक दलों से सामूहिक मुलाकात करेंगे, लेकिन शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री जाने का उनका कोई कार्यक्रम नहीं है। रामनाथ कोविंद मुंबई आने के बाद विमानतल से सीधे दक्षिण मुंबई स्थित गरवारे क्लब जाएंगे। वहां राजग के सभी घटक दलों के प्रतिनिधियों के साथ उनकी मुलाकात होनी है। इस प्रतिनिधिमंडल में शिवसेना के प्रतिनिधि रहेंगे या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। न ही शिवसेना की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया दी गई है। लेकिन, कोविंद के कार्यक्रम की सूची में उद्धव ठाकरे के बांद्रा स्थित निवास मातोश्री जाने का कोई उल्लेख नहीं है। कोविंद का मातोश्री न जाना पिछले दो बार से राष्ट्रपति उम्मीदवारों के मातोश्री जाने की परंपरा को विराम देगा। पिछले राष्ट्रपति चुनाव में संप्रग उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने मातोश्री जाकर शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे से मुलाकात की थी। शिवसेना तब भी राजग का हिस्सा थी। तब भाजपा से उसके रिश्ते भी इतने खराब नहीं थे। इसके बावजूद शिवसेना ने प्रणब दा के राजनीतिक अनुभव एवं बालासाहब ठाकरे से उनके निजी संबंधों को अहमियत देते हुए उन्हें समर्थन देने का फैसला लिया था। इसी प्रकार उससे पहले 2007 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में भी शिवसेना ने राजग में रहते हुए ही संप्रग उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल का समर्थन किया था। प्रतिभा पाटिल का समर्थन शिवसेना ने उनके महाराष्ट्रियन होने के कारण किया था। इस बार के राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना ने पहले तो रामनाथ कोविंद के नाम पर नाखुशी जाहिर की थी. लेकिन उद्धव ठाकरे ने पार्टी नेताओं से विचार-विमर्श कर दो दिन बाद राजग उम्मीदवार का साथ देने की घोषणा की। कोविंद का नाम घोषित होने से पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मातोश्री जाकर उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर चुके हैं। कोविंद का नाम घोषित होने के बाद भी शाह फोन पर उद्धव ठाकरे से संपर्क कर समर्थन मांग चुके हैं। माना जा रहा है कि इसीलिए अब रामनाथ कोविंद शनिवार को अपनी मुंबई यात्रा के दौरान मातोश्री जाना जरूरी नहीं समझ रहे हैं।

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पेड न्यूज  नरोत्तम मिश्रा

दिल्ली हाईकोर्ट देगा 17 से पहले फैसला  पेड न्यूज मामले में चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य करार दिए जाने के मामले में मप्र सरकार के मंत्री नरोत्तम मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अब इस मामले को सुनवाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट भेज दिया है और 17 जुलाई तक याचिका पर फैसला देने के निर्देश दिए हैं। पहले इसी मामले में मप्र हाईकोर्ट ने भी सुनवाई से इनकार करते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट भेज दिया था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इसे दिल्ली हाईकोर्ट में भेज दिया है। ऐसे में बार-बार सुनवाई लंबित होने के नरोत्तम मिश्रा के लिए एक झटका माना जा रहा है। गौरतलब है कि मप्र हाईकोर्ट इस संबंध में जल्द सुनवाई की याचिका को यह कह कर टाल दिया था इस संबंध में एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी लगी हुई है इसलिए दोनों याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई के लिए याचिका लगाई है। मिश्रा ने अपनी याचिका में कहा है कि 17 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव है और उन्हें वोटिंग करनी है, इसलिए हाइकोर्ट को जल्द सुनवाई के निर्देश दिए जाएं। साथ ही यह भी कहा कि जब तक सुनवाई चले, तब तक चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने मंगलवार को मामले की सुनवाई टाल दी थी। मिली जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट बुधवार को इस संबंध में सुनवाई कर सकता है। गौरतलब है कि मंत्री नरोत्तम मिश्रा को चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित करार दिया था। मिश्रा पर 2008 चुनाव के दौरान पेड न्यूज के आरोप लगाए गए थे। चुनाव आयोग ने उनके तीन साल के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है।    

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सुप्रीम कोर्ट नरोत्तम मिश्रा

चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य करार दिए जाने के मामले में मप्र सरकार के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख किया है। गौरतलब है कि मप्र हाईकोर्ट इस संबंध में जल्द सुनवाई की याचिका को यह कह कर टाल दिया था इस संबंध में एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में भी लगी हुई है इसलिए दोनों याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई के लिए याचिका लगाई है। मिश्रा ने अपनी याचिका में कहा है कि 17 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव है और उन्हें वोटिंग करनी है, इसलिए हाइकोर्ट को जल्द सुनवाई के निर्देश दिए जाएं। साथ ही यह भी कहा कि जब तक सुनवाई चले, तब तक चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने मंगलवार को मामले की सुनवाई टाल दी थी। मिली जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट बुधवार को इस संबंध में सुनवाई कर सकता है। गौरतलब है कि मंत्री नरोत्तम मिश्रा को चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित करार दिया था। मिश्रा पर 2008 चुनाव के दौरान पेड न्यूज के आरोप लगाए गए थे। चुनाव आयोग ने उनके तीन साल के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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योगी बजट

लखनऊ में 19 मार्च को बनी योगी सरकार ने मंगलवार को करीब 3 महीने बाद मंगलवार को 3.84 लाख करोड़ का बजट पेश क‍िया। इसमें 55,781 करोड़ रुपए की नई योजनाएं हैं। व‍ित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने बजट पेश करते हुए कहा, ''गरीबी को खत्म करना हमारा लक्ष्य है। गरीबों, बेरोजगारों, किसानों के लिए हमारा बजट है। सरकार जल्द ही टेक्सटाइल पॉलिसी लेकर आएगी। बजट में शहर और ग्रामीण दोनों वर्गों का ध्यान रखा गया है। राज्य में गरीबी को खत्म करना हमारी प्राथमिकता है। किसान उत्पादों पर टैक्स की दर जीरो रखी गई है। बुंदेलखंड को दिल्ली से एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए केंद्र से अनुरोध क‍िया गया है। राजमार्गों को नेशनल हाईवे घोषित करने का प्रस्ताव है।'' बता दें, अख‍िलेश सरकार ने 2016-17 में 3 लाख 46 हजार 935 करोड़ का बजट पेश क‍िया था। इस ह‍िसाब से इस बार बजट में 11% की ग्रोथ हुई है। राजेश अग्रवाल ने कहा, ''55,781 करोड़ रुपए की नई योजनाओं को बजट में शामिल किया गया है। 2017-18 में दीन दयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के लिए 300 करोड़ का बजट रखा गया है। यूपी में अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को स्कॉलरश‍िप के लिए 791 करोड़ 83 लाख का बजट है। यूपी में 1.50 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की योजना है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लिए 3 हजार करोड़, मलिन बस्ती विकास योजना के लिए 385 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। चीनी उद्योगाें को बढ़ावा देने के ल‍िए 273 करोड़ का बजट है।मेट्राे रेल पर‍ियाेजनाओं के ल‍िए 288 करोड़, सब्ज‍ियों के उत्पादन-प्रबंधन के ल‍िए 25 करोड़, ड‍िस्ट्र‍िक्ट हेडक्वार्टर्स को फोरलेन से जोड़ने के ल‍िए 71 करोड़ का प्रस्ताव है। कानपुर, वाराणसी, आगरा, गोरखपुर में मेट्रो का प्रस्ताव है।  पूर्वांचल की व‍िशेष योजनाओं के ल‍िए 300 करोड़, बुंदेलखंड की व‍िशेष योजनाओं के ल‍िए 200 करोड़ का प्रस्ताव है। शहीदों के नाम पर स्कूल खोले जाएंगे। 24 जनवरी को यूपी द‍िवस के रूप में मनाया जाएगा। जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया जाएगा। कानपुर, फैजाबाद, मेरठ, बांदा, इलाहाबाद में फसलों पर शोध होगा। आलू किसानों से एक लाख मीट्र‍िक टन आलू खरीदने का हमारा लक्ष्य है।'' इससे पहले सीएम योगी आद‍ित्यनाथ ने सदन में बोलते हुए कहा, ''अमरनाथ यात्रा पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। यात्रियों पर कायराना हमला हुआ है। आतंक पर लड़ाई किसी एक राज्य की नहीं है। राज्य में सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। यूपी में कांवड़ यात्रा को लेकर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। कांवड़ यात्रियों से मैं सहयोग की अपील करता हूं। वे अपने साथ आईडी कार्ड जरूर रखें, ताकि उन्हें क‍िसी तरह की कोई द‍िक्कत न हो।'' इससे पहले अखिलेश सरकार ने 2016-17 के लिए 3 लाख 46 हजार 935 करोड़ का बजट पेश किया था। योगी सरकार तीन महीने तक अंतरिम बजट पर सरकार चला रही थी। हालांकि, इन तीन महीनों में कोई नई योजना शुरू नहीं की गई। इस तरह अखिलेश सरकार के मुकाबले इस बार 11% बड़ा बजट है।  

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गोपालकृष्ण गांधी उम्मीदवार

नई दिल्ली से खबर है कि उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार तय करने के लिए कांग्रेस और बाकी बड़ी अपोजिशन पार्टियों ने मंगलवार को मीटिंग की। सूत्रों के मुताबिक मीटिंग में गोपालकृष्ण गांधी का नाम विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर तय किया गया। गोपालकृष्ण महात्मा गांधी के पोते हैं। वहीं, बीजेपी की ओर से कैंडिडेट 13 या 14 जुलाई को तय किए जाने की उम्मीद है। 18 पार्टियों ने सर्वसम्मति से तय किया गाँधी का नाम ।  अपोजिशन की मीटिंग पार्लियामेंट लाइब्रेरी बिल्डिंग में हुई। जिसमें कांग्रेस, जेडीयू समेत 18 पार्टियां शामिल हुईं। सभी पार्टियों ने सर्वसम्मति से गांधी का नाम तय किया। मीटिंग की शुरुआत में अमरनाथ यात्रा पर हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले लोगों के लिए मौन रखा गया। राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद जबकि विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार हैं। राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग 17 जुलाई को होगी। मीरा कुमार और रामनाथ कोविंद नॉमिनेशन कर चुके हैं। गोपालकृष्ण महात्मा गांधी के पोते हैं। वे रिटायर्ड आईएएस अफसर और डिप्लोमैट भी रहे हैं। गोपालकृष्ण 2004 से 2009 तक वेस्ट बंगाल के 22वें गवर्नर भी थे। उपराष्ट्रपति उम्मीदवार तय करने के लिए हुई अपोजिशन की मीटिंग में नीतीश कुमार शामिल नहीं हुए। उनकी पार्टी की ओर से इसमें सीनियर लीडर शरद यादव मौजूद रहे।जेडीयू ने एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का सपोर्ट करने का एलान किया है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मनमोहन सिंह, टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, सीपीआईएम के सीताराम येचुरी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला, जेडीएस के देवगौड़ा, सपा के नरेश अग्रवाल, बीएसपी के सतीश चंद्र मिश्रा और आरएलडी के अजीत सिंह। इनके अलावा आरजेडी के जय प्रकाश यादव, जेएमएम के हेमंत सोरेन, सीपीआई के डी राजा के साथ ही सीएमके, एनसीपी और केरल कांग्रेस के रिप्रेजेंटेटिव्स भी शामिल हुए। अपोजीशन पार्टियों की मीटिंग में लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती के ठिकानों पर पड़े सीबीआई छापों, जीएसटी, नोटबंदी, किसानों की आत्महत्या के अलावा संसद के मानसून सत्र के एजेंडे पर भी चर्चा की गई।संसद का मानसून सत्र 17 जुलाई से शुरू होगा। इस दौरान अपोजीशन मीसा भारती और उनके पति के ठिकानों पर पड़े सीबीआई और ईडी के छापों पर विरोध दर्ज करा सकता है।  

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मानसून सत्र ग्रैच्युटी बिल

  20 लाख तक की ग्रैच्युटी तक टैक्स में छूट से जुड़ा विधेयक संसद के मानसून सत्र में पेश हो सकता है। संसद का मानसून सत्र 17 जुलाई से शुरू हो रहा है। अगर यह बिल पास हुआ तो टैक्स फ्री ग्रैच्युटी की सीमा बढ़ जाएगी। अब तक यह सीमा 10 लाख रुपए हैं। ग्रैच्युटी भुगतान कानून में संशोधन के आशय वाला यह बिल में केंद्र को कार्यकारी आदेश के जरिये कर्मचारियों के आय स्तर में वृद्धि के आधार पर कर मुक्त ग्रैच्युटी की सीमा बढ़ाकर देगा। हालांकि मसौदा विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी मिलना बाकी है। ग्रैच्युटी भुगतान संशोधन विधेयक की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर दत्तात्रेय ने कहा, ‘यह हमारे एजेंडे में है। यह इस सत्र (मानसून) में आ सकता है। इसे जल्द ही मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा।’ कानून में संशोधन के बाद संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी 20 लाख तक की टैक्स फ्री ग्रैच्युटी के हकदार होंगे। प्रस्तावित संशोधन के तहत अधिकतम राशि की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की गई है। इससे पहले फरवरी में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने श्रम मंत्रालय के साथ त्रिपक्षीय बैठक इस प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। हालांकि यूनियनों ने ग्रैच्युटी भुगतान के लिये न्यूनतम पांच साल की सेवा और न्यूनतम 10 कर्मचारी होने की शर्त को हटाने की मांग की है। फिलहाल कर्मचारी को ग्रैच्युटी राशि के लिए न्यूनतम पांच साल की सेवा एक ही संस्थान में करना अनिवार्य है। साथ ही कानून उन प्रतिष्ठानों पर लागू होता है, जहां कर्मचारियों की संख्या 10 से कम नहीं हो। श्रम संगठनों ने मांग की है कि अधिकतम राशि के संदर्भ में यह संशोधित प्रावधान एक जनवरी, 2016 से लागू हो, जैसा केंद्र सरकार के कर्मियों के मामले में किया गया है। त्रिपक्षीय बैठक में यूनियनों ने यह भी मांग रखी कि ग्रैच्युटी के तहत प्रत्येक पूरे हुए सेवा वर्ष के लिए 15 दिन के बजाय 30 दिन का वेतन दिया जाए।

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सुषमा स्वराज

पाकिस्तानी महिला द्वारा कैंसर के इलाज के लिए भारतीय वीजा मांगे जाने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर उनके प्रति सहानुभूति जताई है। वहीं उन्होंने कुलभूषण जाधव की मां को वीजा देने की अपील पर सरताज अजीज की प्रतिक्रिया ना मिलने पर एक के बाद एक 9 ट्वीट किए हैं। उन्होंने मेडिकल वीजा को लेकर लिखा है कि उन्हें इस मामले में सरताज अजीज की तरफ से कोई सिफारिश नहीं मिली है। विदेश मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘भारत में इलाज के लिए मेडिकल वीजा चाहने वाले पाकिस्‍तानी नागरिकों के प्रति मेरी सहानुभूति है। मुझे यकीन है कि सरताज अजीज भी अपने देश के नागरिकों के लिए विचार कर रहे होंगे। उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा है पाकिस्‍तानी नागरिकों के लिए मेडिकल वीजा पर मंजूरी देने के लिए हमें उनके सिफारिश की जरूरत होगी। मुझे इसमें कोई वजह नहीं दिखाई देता की वे इसके लिए किसी तरह का संकोच करेंगे। वहीं कुलभूषण जाधव की मां को वीजा ना दिए जाने के लेकर उन्होंने लिखा है कि हमारे पास भी भारतीय नागरिक अवंतिका जाधव का वीजा आवेदन लंबित है जो पाकिस्‍तान में अपने बेटे से मिलने जाना चाहतीं हैं जिन्‍हें मृत्‍युदंड दिया गया है। उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा है अवंतिका जाधव ने व्‍यक्‍तिगत तौर पर सरताज अजीज को पाकिस्‍तान के लिए उनके वीजा आवेदन पर मंजूरी देने को कहा है। हालांकि अजीज ने इस मामले में किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही इस संबंध में मेरे पत्र पर ही उनका कोई जवाब आया है।

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सुषमा स्वराज

पाकिस्तानी महिला द्वारा कैंसर के इलाज के लिए भारतीय वीजा मांगे जाने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर उनके प्रति सहानुभूति जताई है। वहीं उन्होंने कुलभूषण जाधव की मां को वीजा देने की अपील पर सरताज अजीज की प्रतिक्रिया ना मिलने पर एक के बाद एक 9 ट्वीट किए हैं। उन्होंने मेडिकल वीजा को लेकर लिखा है कि उन्हें इस मामले में सरताज अजीज की तरफ से कोई सिफारिश नहीं मिली है। विदेश मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा है, ‘भारत में इलाज के लिए मेडिकल वीजा चाहने वाले पाकिस्‍तानी नागरिकों के प्रति मेरी सहानुभूति है। मुझे यकीन है कि सरताज अजीज भी अपने देश के नागरिकों के लिए विचार कर रहे होंगे। उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा है पाकिस्‍तानी नागरिकों के लिए मेडिकल वीजा पर मंजूरी देने के लिए हमें उनके सिफारिश की जरूरत होगी। मुझे इसमें कोई वजह नहीं दिखाई देता की वे इसके लिए किसी तरह का संकोच करेंगे। वहीं कुलभूषण जाधव की मां को वीजा ना दिए जाने के लेकर उन्होंने लिखा है कि हमारे पास भी भारतीय नागरिक अवंतिका जाधव का वीजा आवेदन लंबित है जो पाकिस्‍तान में अपने बेटे से मिलने जाना चाहतीं हैं जिन्‍हें मृत्‍युदंड दिया गया है। उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा है अवंतिका जाधव ने व्‍यक्‍तिगत तौर पर सरताज अजीज को पाकिस्‍तान के लिए उनके वीजा आवेदन पर मंजूरी देने को कहा है। हालांकि अजीज ने इस मामले में किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही इस संबंध में मेरे पत्र पर ही उनका कोई जवाब आया है।

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poonch loc

पाकिस्तानी ने संघर्ष विराम का उल्लंघन कर जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा से सटी अग्रिम चौकियों एवं बस्तियों को निशाना बनाया, जिसमें सेना के एक जवान और उसकी पत्नी की मौत हो गई तथा उनकी तीन बेटियां घायल हो गई। हालांकि भारतीय सेना द्वारा दिए गए करारे जवाब में पाकिस्तान को भी बड़ा नुकसान हुआ है। खुफिया एजेंसियों ने बताया कि कुल 7 पाकिस्तानी सैनिक और नागरिक मारे गए हैं, जबकि 16 घायल हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि भारत के प्रतिशोध में पांच पाकिस्तानी नागरिक मारे गए और एक दर्जन से ज्यादा नागरिक घायल हो गए और दो पाकिस्तानी सेना सैनिकों की मौत हो गई और सात पाकिस्तानी सैनिक घायल हुए हैं। हमारी सेना की तरफ से उनकी पोस्ट पर हमला किया और क्षतिग्रस्त भी किया। सूत्रों ने बताया कि सीमा पर एक पाकिस्तानी पोस्ट को भी क्षतिग्रस्त किया गया, जिसमें दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और सात घायल हो गए जिसमें तीन गंभीर हैं। जो भी पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और घायल हुए हैं, वो नियंत्रण रेखा पर तैनात 24 फ्रंटियर फोर्स यूनिट से हैं। पाकिस्तानी सेना ने संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए एलओसी से सटी भारतीय सैन्य चौकियों पर छोटे एवं स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी एवं मोर्टार दागे। भारतीय सैनिकों ने इसका माकूल जवाब दिया।पाकिस्तानी सैनिकों ने स्थानीय गांवों को निशाना बनाकर भारी गोलीबारी और गोलाबारी की थी। पाकिस्तान की ओर से जून महीने में संघर्षविराम उल्लंघन की 23 घटनाएं, पाकिस्तान के विशेष दस्ते का एक हमला और घुसपैठ की कोशिशों की दो घटनाएं हुई हैं, जिनमें तीन जवान शहीद होने के साथ चार लोगों की मौत हो गई थी और 12 अन्य घायल हो गए थे।

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narendr modi

हैम्बर्ग में शुरू हुए जी-20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने शुक्रवार को विश्व नेताओं के सामने आतंकवाद, इसकी पनाहगहों और फंडिंग के खिलाफ एक बार फिर हुंकार भरी। पीएम मोदी ने विश्व नेताओं के सामने इसे खत्म करने का 10 सूत्री प्लान पेश किया। इसके बाद सभी सदस्य देशों के नेताओं ने साझा बयान में दुनियाभर में हुए आतंकी हमलों की निंदा करने के साथ ही इसके खात्में का संकल्प लिया। सभी नेताओं ने बयान में कहा कि आतंकवाद विश्व के लिए खतरा है और इसके खिलाफ लड़ने के साथ ही आंतक की पनाहगाहों को नष्ट किया जाना चाहिए। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंक और इसका समर्थन करने वालों पर कड़ा प्रहार करते हुए इससे निपटने के लिए 10 सूत्री प्लान समाने रखा। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में दाएश, अलकायदा, दक्षिण एशिया में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क और नाइजीरिया में बोको हरम आज के वक्त में आतंकवाद के कुछ नाम हैं। लेकिन इन सब की मूलभूत विचारधार केवत नफरत और नरसंहार है। यह साइबर स्पेस का उपयोग युवा पीढ़ी को भ्रमित कर अपने संगठनों में भर्ती के लिए कर रहे हैं। मोदी ने आतंकवाद को सबसे बड़ी चुनौती करार देते हुए जर्मन चांसलर एंजेला मार्केल की तारफ की। मोदी प्लान  आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ निवारक कार्रवाई अनिवार्य है। ऐसे देशों के अधिकारियों का जी-20 सम्मेलन में प्रवेश पर प्रतिबंध जरूरी। संदिग्ध आतंकवादियों की राष्ट्रीय सूची का जी-20 देशों के बीच आदान-प्रदान और नामांकित आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ साझी कार्रवाई अनिवार्य आतंकवादियों से संबंधित प्रभावकारी सहयोग के लिए कानूनी प्रक्रिया जैसे कि प्रत्यर्पण को सरल और ज्यादा तेज करना।  अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन को शीघ्र अपनाया जाना। यूनाइटेड नेशन सिक्यॉरिटी काउंसिल रेजॉल्यूशन तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना। डी रेडिकलाइजेशन के खिलाफ कार्यक्रमों पर जी-20 द्वारा साझा प्रयास और सबसे अच्छी प्रयासों का लेन-देन।  एफएटीएफ (फाइनैशल ऐक्शन टास्क फोर्स) तथा अन्य प्रक्रियाओं द्वारा आतंकियों को फंडिंग करने वाले सोर्स और माध्यमों पर प्रभावशाली प्रतिबंध। एफएटीएफ की तरह ही हथियारों पर रोक के लिए वेपंज ऐंड एक्प्लोसिव ऐक्शन टास्क फोर्स (WEATF) का गठन, ताकि आतंकवादियों तक पहुंचने वाले हथियारों के स्रोतों को बंद किया जा सके। जी-20 देशों के बीच आतंकवादी गतिविधियों पर केंद्रित साइबर सिक्यॉरिटी क्षेत्र में ठोस सहयोग। जी-20 में नैशनल सिक्यॉरिटी अडवाइजर ऑन काउंटर टेररिज्म के एक तंत्र का गठन।  

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केशरीनाथ त्रिपाठी

बंगाल में राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी और मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के टकराव के बीच पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी के खिलाफ कांग्रेस के मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी की नाराजी ने देश में राजभवनों की भूमिकाओं को एक मर्तबा फिर विवादों के घेरे में ले लिया है। कोलकाता और पुडुचेरी के राज भवनों के ताजा विवादों की ’राजनीतिक-एल्फाबेट’ में वही पुराने ककहरे ’पी फॉर पोलिटिक्स’ और ’पी फॉर पार्टी’ की आवाजें साफ सुनाई पड़ रही हैं। केशरीनाथ त्रिपाठी और किरण बेदी के राजनीतिक-कृत्यों की कहानी नई नहीं है, लेकिन 9 अप्रैल 2017 को दिल्ली में सम्पन्न अंतर्राज्यीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में राज्यपाल की भूमिका से जुड़े सवालों और सुझावों ने इसे गौरतलब बना दिया है।  स्थायी समिति की बैठक में सभी गैर भाजपा शासित राज्यों की ओर से सुझाव दिया गया था कि राज्यपालों की नियुक्ति में सिर्फ उन्हीं नामों पर विचार किया जाना चाहिए, जो किसी भी राजनीतिक विवाद से परे हों। स्थायी समिति सरकार द्वारा केन्द्र और राज्यों के रिश्तों की समीक्षा के लिए गठित पंछी-आयोग की रिपोर्ट पर विचार कर रही है। पंछी आयोग का गठन 2005 में हुआ था और 2010 में इसकी रिपोर्ट पेश हुई थी। सात खंडों की रिपोर्ट के दूसरे खंड में राज्यपालों की भूमिका का ब्योरा है। पिछले कुछ माहों में अरुणाचल से गोवा तक, राज्यपालों से जुड़ी घटनाओं को लेकर विपक्ष का रुख आक्रामक रहा है। इनके हवाले से आन्ध्र के वित्त मंत्री वाय.कृष्णनुडु ने कहा कि गैर-भाजपाई राज्यों द्वारा व्यक्त विचार के मुताबिक राज्यपाल को निष्पक्ष और राजनीति से ऊपर होना चाहिए। बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी और पुडुचेरी की उप-राज्यपाल किरण बेदी की भूमिकाओं को राजनीतिक रूप से निरापद और निष्पक्ष मानना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी के खिलाफ त्रिपाठी के तेवरों में बंगाल विधानसभा के चुनाव अंगड़ाई लेते स्पष्ट दिख रहे हैं, जबकि किरण बेदी ने संवैधानिक परम्पराओं को दरकिनार करते हुए भाजपा के पदाधिकारियों और समर्थकों को विधानसभा में नॉमीनेट कर दिया। सामान्य परम्परा है कि उप-राज्यपाल निर्वाचित सरकारों के मुख्यमंत्रियों से परामर्श करने के बाद ही इस प्रकार की नामजदगी करते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि किरण बेदी ने नामजदगी को रहस्य के काले परदों के पीछे छिपा कर रखा था कि कानों-कान किसी को खबर नहीं हो। उप राज्यपाल ने नामजद विधायकों के शपथ-विधि समारोह की खबर न तो कैबिनेट को लगने दी, ना ही स्पीकर को इसका पता चलने दिया। किरण बेदी ने भाजपा हायकमान के इशारे पर चुनाव में हारे हुए लोगों को भी नामजद कर दिया है। कांग्रेस ने उप राज्यपाल की नॉमीनेशन्स को मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती भी दी है। किरण बेदी की कार्रवाई के खिलाफ सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी दल अन्ना द्रमुक ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित करते हुए राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि उन्हें वापस बुलाया जाए। इस मामले मे किरण बेदी ने सिर्फ इतना कहा है कि उन्होंने यह कार्रवाई ’यूनियन टेरीटरीज एक्ट’ के तहत प्रदत्त अधिकारों के दायरे में की है।  किरण बेदी की तर्ज पर केशरीनाथ त्रिपाठी के पास भी बचाव में यह दलील है कि कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर वो मुख्यमंत्री से जवाब-तलब कर सकते हैं। त्रिपाठी मानते हैं कि ममता बैनर्जी को इस बात को गोपनीय रखना था। ममता इस बातचीत में राज्यपाल के रवैये को अपमानजनक मान रही हैं। फेसबुक के संदेश पर भड़के दंगों के संदर्भ में भाजपा और विश्व हिन्दू परिषद ने राज्यपाल से शिकायत की थी। इसके बाद राज्यपाल ने लगभग आठ मिनट तक फोन पर तलब करते हुए ममता से पूछा था कि दंगाग्रस्त इलाकों में अर्द्ध सैनिक बलों को अभी तक क्यों तैनात नहीं किया है। इस बातचीत से उद्वेलित ममता बैनर्जी ने प्रेस कांफ्रेंस करके खुद को अपमानित किए जाने का आरोप लगाया था। ममता का कहना था कि दंगे के पीछे आरएसएस और भाजपा का हाथ है। भाजपा बंगाल में सधे कदमों से आगे बढ़ रही है। बांग्लादेशी-घुसपैठ से पैदा असंतुलन की जमीन पर वह हिन्दुत्व रोपना चाहती है। ये घटनाएं हिन्दुत्व के लिए ’केटेलिटिक-एजेण्ट’ का काम करती हैं। राज्यपालों का दुरुपयोग लगभग सभी केन्द्र सरकारों ने किया है। राजभवनों की नियुक्तियां राजनीतिक होती हैं। इसलिए गलतफहमी नहीं पालना चाहिए कि राज्यपाल राजभवन के रामघाटों पर खारे पानी के झरनों में गंगा-स्नान करेंगे।  ममता बैनर्जी और नारायणसामी की यह अपेक्षा बेमानी है कि त्रिपाठी उनके लिए हनुमान चालीसा पढ़ेंगे और किरण बेदी खिचड़ी पकाएंगी...। राजभवन भी राजनीति का ही अड्डा होते हैं...।  

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य नवाचार सम्मेलन

इंदौर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य नवाचार सम्मेलन का दूसरा दिन इंदौर में चल रहे तीन-दिवसीय राष्ट्रीय स्वास्थ्य सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न राज्यों ने अपने-अपने नवाचार साझा किये। प्रतिनिधियों ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य, संचारी-असंचारी रोग नियंत्रण, अस्पताल प्रबंधन, शहरी स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य तकनीकी, सामुदायिक स्वास्थ्य प्रक्रियाओं, अधोसंरचना विकास तथा स्वास्थ्य सेवा गुणवत्ता पर आधारित नवाचारों पर प्रस्तुतिकरण दिया। पहुँचविहीन क्षेत्रों में पद-स्थापना आकर्षक बनी छत्तीसगढ़ शासन ने दुर्गम तथा पहुँचविहीन क्षेत्रों में चिकित्सकों और विशेषज्ञों की पद-स्थापना आकर्षक बनाने के नवाचार साझा किये। वहाँ स्वास्थ्य संस्थाओं में चिकित्सकों के लिये सुविधायुक्त आवास उपलब्ध करवाने के साथ उनके परिवारों को भी आवश्यक सुविधाएँ दी जा रही हैं। चिकित्सकों के वेतन प्रावधानों को लचीला एवं आकर्षक बनाया गया है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों की संख्या बढ़ी है। विशेषज्ञ चिकित्सक कमी पूर्ति के लिये डिप्लोमा कोर्स तमिलनाडु में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिये एक नया प्रयोग किया गया है। इसमें राज्य शासन जिला चिकित्सालयों में विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार कर एमबीबीएस चिकित्सकों को जिला अस्पताल में प्रशिक्षित कर डीएनबी कोर्स करवा रहा है। यह डिप्लोमा स्नातकोत्तर डिग्री के समकक्ष है। इससे मेडिकल कॉलेजों में पी.जी. सीट बढ़ाये बिना ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की पूर्ति हो सकेगी। तमिलनाडु में इस डिप्लोमा के लिये 100 सीट निर्धारित की गयी हैं। प्रसूति बाद मृत्यु से बचाने तकनीकी महाराष्ट्र के विशेषज्ञों ने प्रसव के बाद महिलाओं में होने वाले अत्यधिक रक्त-स्त्राव से होने वाली मृत्यु रोकने के लिये किये गये प्रयासों पर प्रस्तुतिकरण दिया। महाराष्ट्र के वर्धा मेडिकल कॉलेज की टीम ने यूटीराइन बैलून टेम्पोनेड तकनीक विकसित की है, जिससे कम कीमत पर अधिक रक्त-स्त्राव से होने वाली मौतों से महिलाओं को बचाया जा सकेगा। विशेष सचिव दर्जा ओडीसा की टीम ने बेहतर नीतिगत निर्णय लेने के लिये पब्लिक हेल्थ केडर के अधिकारियों को राज्य शासन में विशेष सचिव का दर्जा दिये जाने संबंधित नवाचार पर प्रस्तुतिकरण दिया। मध्यप्रदेश के नवाचारों को मिली सराहना सम्मेलन में मध्यप्रदेश के नवाचारों के प्रस्तुतिकरण को भी सराहना मिली। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रत्येक जिला अस्पताल में स्थापित किये गये विशेष स्क्रीनिंग, परामर्श तथा चिकित्सा इकाई (मन कक्ष) की सराहना की गयी। गर्भवती महिलाओं में डायबिटीज की जाँच के लिये होशंगाबाद जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किये गये नवाचार का भी प्रस्तुतिकरण किया गया। शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं के भवनों के व्यवस्थित तथा दूरगामी आवश्यकताओं के अनुरूप निर्माण कार्य को व्यवस्थित बनाने के लिये शासन द्वारा अस्पताल प्लानर नियुक्त कर निर्माण कार्य की योजना तथा गुणवत्ता सुधार के नामांतरण को भी विशेष सराहना प्राप्त हुई। अंग प्रत्यारोपण के लिये विशेष प्राधिकरण तमिलनाडु शासन द्वारा अंग प्रत्यारोपण के लिये एक विशेष प्राधिकरण स्थापित किया गया है। यह नवाचार अंग प्रत्यारोपण प्रक्रिया को सरल, सुगम और सुचारु बनाने में सहायक होगा। इंदौर संभागायुक्त ने इंदौर में प्रत्यारोपण के लिये मानव अंगों के परिवहन के लिये तैयार किये गये ग्रीन कॉरिडोर के अनुभव को साझा किया। केन्द्रीय संयुक्त सचिव श्री मनोज झालानी की अध्यक्षता में आरंभ इस सत्र में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती गौरी सिंह, आयुक्त श्रीमती पल्लवी जैन गोविल, मिशन संचालक डॉ. संजय गोयल, श्री व्ही. किरण गोपाल और इंदौर संभागायुक्त श्री संजय दुबे भी उपस्थित थे।  

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ndma

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जारी की एडवाइजरी  राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी राज्यों को शहरी बाढ़ की तीव्रता कम करने पर तत्काल ध्यान देने की सलाह दी है। प्राधिकरण ने अधिकतम बाढ़ स्तर को चिन्हांकित करने और हर शहर में शहरी बाढ़ की प्रबंधन सेल स्थापित करने की सलाह दी है। इस संबंध में प्राधिकरण ने एक एडवाइजरी जारी की है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा शहरी बाढ़ को नियंत्रित करने के लिये शहर के परिदृश्य के अनुसार मानक संचालन प्रक्रिया को स्थापित करने को कहा है। हितधारकों को वर्षाकाल के पूर्व कार्यशाला आयोजित कर समन्वय स्थापित करने, नालों की साफ-सफाई, मैपिंग, स्वामित्व की सूची तथा जल निकायों की स्थिति की जानकारी तैयार करने की सलाह दी है। प्रबंधन ने शहर के उपयुक्त बाढ़ के स्थान पर पोर्टेबल वाटर पम्पस स्थापित करने के साथ ही नोडल अधिकारी द्वारा नगर निगम आयुक्त को आँधी-तूफान तथा भारी बारिश की चेतावनी से पूर्व में तथा समय-समय पर अवगत करवाने को कहा है। प्राधिकरण के अनुसार इससे समय पर अलर्ट जारी किया जाकर रोकथाम संबंधी उपाय किए जा सकेंगे। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जलाशयों से पानी छोड़ने के लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की समिति गठित करने की भी सलाह दी है।

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केंद्र सरकार और चुनाव आयोग

देश के 21 वें मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर गुजरात काडर के पूर्व आयएएस अधिकारी अचल कुमार जोती की नियुक्ति के साथ ही चुनाव आय़ोग की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़े दो बड़े सवाल पंख पसार कर राजनीतिक-फलक पर उड़ने लगे हैं। पहला सवाल ईवीएम में वीवीपीएटी प्रणाली जोड़ कर मतदाताओं को पावती उपलब्ध कराने से संबंधित है, जबकि दूसरा मुद्दा चुनाव-आयुक्तों की नियुक्ति-प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसके नियम सुनिश्चित नही हैं। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि केन्द्र सरकार चुनाव आयोग में नियुक्ति के लिए कोई कानून नहीं लाती है, तो सुप्रीम कोर्ट इसमें हस्तक्षेप करेगा। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका विचाराधीन है, जिसमें चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए नेता,प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश का एक संवैधानिक पैनल गठित करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट भी समय-सीमा में इनका निपटारा चाहती है। मोदी-सरकार ने इन मुद्दों को हाशिए पर ही पटक रखा है। फिलवक्त अचल कुमार दूसरे नम्बर के चुनाव आयुक्त हैं। वरिष्ठता के नाते वो मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं।  डॉ. नसीम जैदी के स्थान पर जोती की नियुक्ति को लेकर लोगों के कान यूं ही नहीं खड़े हुए हैं। नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री काल में जोती गुजरात के मुख्य सचिव थे। मोदी ने उन्हें 8 मई 2015 को चुनाव आयोग का सदस्य बनाया था। गुजरात से उनकी पुरानी नातेदारी और मोदी-सरकार से उनके रागात्मक-रिश्ते कतिपय आशंकाओं को गहरा रहे हैं। राजनीतिक हलके महसूस कर रहे है कि जोती वीवीपीएटी प्रणाली और नियुक्तियों की प्रक्रियाओं को मोदी-सरकार की मंशाओं के अनुरूप ढीला छोड़ सकते हैं। जोती मात्र 6 माह बाद जनवरी 2018 में रिटायर हो जाएंगे, लेकिन 6 महीनों की यह बाधा-दौड़ प्रशासकीय प्रक्रियाओं को लंबा खींच सकती है।  गुजरात के ही पूर्व आयपीएस अधिकारी संजीव भट्ट ने ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी है कि जोती के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद भारत में स्वतंत्र और स्वच्छ चुनाव को अलविदा कह देना चाहिए। भट्ट की प्रतिक्रियाओं को इसलिए अनसुना नहीं करना चाहिए कि वो मोदी और अचल कुमार जोती की जुगलबंदी से भलीभांति वाकिफ हैं। गुजरात में दंगों के समय संजीव भट्ट की भूमिका से तत्कालीन मोदी-सरकार नाखुश थी। इसलिए उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।  गुजरात विधानसभा के अलावा 2019 के लोकसभा और महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव का सिलसिला भी तेजी पकड़ रहा है। पिछले दिनों  मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी ने मोदी-सरकार को आगाह किया था वो पेपर ट्रेल मशीनों की समयबध्द खरीद के लिए तुरंत धन जारी करे, ताकि 2019 के लोकसभा निर्वाचन में इनका उपयोग हो सके। मौजूदा राजनीतिक माहौल में ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों का हवाला देते हुए जैदी ने कहा था कि चुनाव मशीनरी की विश्वसनीयता के लिए वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) मशीनों की प्रणाली का उपयोग जरूरी हो गया है। उप्र चुनाव के बाद देश के 16 प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनाव में पारदर्शिता लाने की गरज से मत-पत्र से मतदान की चुनाव प्रणाली अपनाने का आग्रह किया था।  जैदी के अनुसार 2019 के लोकसभा निर्वाचन में देश के सभी मतदान केन्द्रों को पेपर ट्रेल प्रणाली से जोड़ने के लिए 16 लाख वीवीपीएटी मशीनों की जरूरत होगी। फरवरी 2017 तक आर्डर नहीं देने के कारण सितम्बर 2018 तक ये मशीनें उपलब्ध नहीं हो सकेंगी। डॉ. जैदी ने मार्च 2017 में भी कानून मंत्री से धन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। वीवीपीएटी के निर्माण के लिए न्यूनतम 30 माह की अवधि जरूरी है। उनका कहना है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल के मद्देनजर वीवीपीएटी मशीनें खरीदने में देर नहीं की जाना चाहिए। क्योंकि चुनाव आयोग भविष्य में ईवीएम के साथ वीवीपीएटी मुहैया कराने के लिए प्रतिबध्द है। ताकि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाई जा सके, मतदाता की निष्ठा को सुरक्षित रखा जा सके और मतदान प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बढ़ाया जा सके। चुनाव आयोग जून 2014 के बाद वीवीपीएटी के बारे में 11 मर्तबा केन्द्र सरकार को पत्र लिख चुका है। सात अप्रैल को सरकार ने लोकसभा में बताया था कि यह प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी अलग से पत्र लिखा जा चुका है। वीवीपीएटी पर 3174 करोड़ रुपए की लागत आने वाली है। इस मसले पर चुनाव आयोग की मामूली सी सुस्ती भी लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए आत्मघाती सिध्द होगी।  

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पश्चिम बंगाल में हिंसा

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में फेसबुक पोस्ट को लेकर शुरू हिंसा के बाद इलाके में धारा 144 लागू है, साथ ही इंटरनेट सेवाएं भी बंद हैं। इसके अलावा बसीरहट और बदुरिया में भी धारा 144 लागू है। इस बीच राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर ममता बनर्जी से फोन पर हुई बातचीत की जानकारी दी है। राजभवन के सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्होंने मंगलवार दोपहर को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को फोन किया था। साथ ही उन्होंने इस दौरान हुई बातचीत का पूरा ब्योरा भी पत्र में दिया है। इससे पहले टीएमसी ने भी राष्ट्रपति को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि राज्यपाल ने ममता बनर्जी का अपमान करते हुए उन्हें धमकी दी थी। इस सब के बीच ममता बनर्जी ने भाजपा पर हिंसा भड़काने का आरोप मढ़ दिया है साथ ही शांति सेना बनाने का ऐलान भी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वो सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर रहे हैं और यही भाजपा का ट्रेंड है। पार्टी का यह मॉडर्न डिजाइन है,