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मुख्यमंत्री ने किया 24वीं अखिल भारतीय पुलिस वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता का शुभारंभ
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भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रयागराज में महाकुंभ चल रहा है और भोपाल में वॉटर स्पोर्ट्स का अर्धकुंभ आरंभ हो रहा है। पुलिस, नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए खेलों में भी अपनी छाप छोड़ रही है। पुलिस बल के अनेक जवानों ने विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा को साबित करते हुए देश का नाम रोशन किया है। राजा भोज द्वारा निर्मित भोपाल के ऐतिहासिक बड़े तालाब में अखिल भारतीय प्रतियोगिता का आयोजन, प्रदेश सहित राजधानी भोपाल के लिए गौरव का विषय है। इस आयोजन से वॉटर स्पोर्ट्स के प्रति लोगों का रुझान बढ़ेगा।
 
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में आयोजित 24वीं अखिल भारतीय पुलिस वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यहां बड़े तालाब स्थित आयोजन स्थल वॉटर स्पोर्ट्स सेंटर में आगमन पर पुलिस बैंड द्वारा अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री ने भोपाल आई विभिन्न राज्यों और पुलिस इकाइयों के टीम मैनेजरों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने तिरंगे गुब्बारों के प्रदर्शन और उन्हें मुक्त आकाश में छोड़कर प्रतियोगिता के शुभारंभ की घोषणा की।
 
मुख्यमंत्री के सम्मुख प्रतियोगी टीमों द्वारा मार्च-पास्ट तथा रो-पास्ट का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने स्मारिका का विमोचन भी किया। इस अवसर पर प्रतियोगिता में सहभागी टीमों को शपथ भी दिलाई गई। मुख्यमंत्री को पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना द्वारा अखिल भारतीय आयोजन का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। कार्यक्रम में पुलिस बैंड द्वारा लगातार देशभक्ति गीतों की धुनें प्रस्तुत की गईं। अपर मुख्य सचिव गृह जेएन कंसोटिया तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे।
 
उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि पुलिस, अर्द्धसैनिक बल, सेना इत्यादि में प्रवेश लेने वाले को जवान कहा जाता है। इस आशय से वे सेवाकाल तक जवान ही रहते हैं। वे उत्साह, उमंग और देश व देशवासियों के प्रति सेवा और समर्पण के भाव से कार्य करते रहें, यही कामना है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। खेल से मन, बुद्धि, आत्मा की शुचिता के संकल्प को भी साधा जा सकता है। उन्होंने विभिन्न राज्यों तथा केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बलों की टीमों का राज्य सरकार की ओर से स्वागत अभिनंदन करते हुए प्रतियोगिता में उनकी सफलता की कामना की।
 
उन्होंने कहा कि पौराणिक मान्यता के अनुसार पंचमहाभूतों में जल की विशेष महत्ता है। जीव की उत्पत्ति जल से होती है, अत: जीव सदैव जल की ओर विशेष रूप से आकर्षित होते हैं। इसी का परिणाम है कि मन की शांति के लिए व्यक्ति प्राय: जल स्रोतों के पास ही आते हैं। राजा भोज द्वारा निर्मित भोपाल का विशाल ताल अद्भुत है, साथ ही यह बांध निर्माण का विशिष्ट उदाहरण भी है। इसमें नदी की धारा को अवरुद्ध किए बिना चट्टानों से बनी रचना के माध्यम से पानी के संचय का प्रबंधन किया गया है।
 
मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 से 21 फरवरी तक चलने वाली वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में कयाकिंग, केनोइंग और रोइंग के महिला-पुरूष वर्ग की कुल 27 प्रतिस्पर्धाओं के माध्यम से 360 मेडल्स और ट्रॉफियों का निर्णय होगा। प्रतियोगिता में देश के राज्य पुलिस बलों और केन्द्रीय अर्द्ध सैनिक बलों की 22 टीमों के 557 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जिनमें से 123 महिलाएं हैं। इससे पहले पाँच बार मध्य प्रदेश पुलिस ने अखिल भारतीय पुलिस वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता का आयोजन किया, यह छठवीं अखिल भारतीय प्रतियोगिता है।
 
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि खेलों का वैश्विक स्तर पर लंबा इतिहास रहा है। प्राचीन भारतीय ग्रंथों में भी खेलों का उल्लेख मिलता है। राजा भोज द्वारा भोपाल में विकसित तालाब, वातावरण को शुद्ध करने और जल का स्त्रोत होने के साथ-साथ वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को आधार प्रदान कर रहे हैं। भोपाल का नाम देश में वॉटर स्पोर्ट्स राजधानी के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में राज्य शासन द्वारा इसके लिए आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जा रहा है।
 
उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय पुलिस वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता में अंडमान निकोबार, असम, बिहार, चंडीगढ़, जम्मू कश्मीर, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडीशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल, सीआरपीएफ, आइटीबीपी और सशस्त्र सीमा बल की टीमें भाग ले रही हैं।
MadhyaBharat 17 February 2025

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